महाराष्ट्र
छात्राओं पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, ठाणे के स्कूल की शर्मनाक हरकत का खुलासा
11 Jul, 2025 06:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/ठाणे: मुंबई से सटे ठाणे के एक प्राइवेट स्कूल में पीरियड्स के दौरान लड़कियों के साथ स्कूल ऐसी बदसलूकी की, जिसे जानकर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर भी हैरान रह गई। छात्राओं के पैरेंट्स का कहना है कि स्कूल में न सिर्फ लड़कियों के कपड़े उतारे गए बल्कि दीवार पल लगे खून के धब्बे से मिलान के लिए उनका फिंगरप्रिंट भी लिया गया। रूपाली चाकणकर ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को छात्राओं की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल, चार टीचर, दो ट्रस्टी और एक अटेंडेंट सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस केस में गिरफ्तार पांच लोगों को कोर्ट ने 15 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस मामले मे सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
पैरेंट्स में भारी नाराजगी
पीरियड्स चेक करने के लिए स्कूल में छात्राओं के कपड़े उतारने पर उनके पैरेंट्स नाराज है। उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि टायलेट में पानी की व्यवस्था नहीं है। इस कारण किसी लड़की ने हाथ में लगे खून को दीवार में लगा दिया होगा। इससे नाराज टीचरों ने टॉयलेट की दीवार पर लगे खून के धब्बों की तस्वीरें लीं। फिर इन तस्वीरों को स्क्रीन पर दिखाया गया और लड़कियों से जवाब मांगा गया। उन्होंने पीरियड्स वाली छात्राओं के फिंगरप्रिंट भी लिए ताकि उन्हें दीवार पर लगे निशानों से मिलाया जा सके।
लड़कियों को टॉर्चर करने का आरोप
पैरेंटस का कहना है कि स्कूल में पानी की कमी के साथ-साथ बार-बार बिजली भी कटती है। जब माता-पिता इन समस्याओं को उठाते हैं, तो प्रिंसिपल उनसे मिलने से इनकार कर देती हैं। एक छात्रा की मां ने बताया कि उनकी बेटी ने एहतियात के तौर पर सैनिटरी पैड पहना था क्योंकि उसकी पीरियड आने वाली थी। उसे भी उन लड़कियों के साथ खड़ा किया, जिन्हें पीरियड्स नहीं हो रहे थे। एक-एक करके अटेंडेंट ने टॉयलेट में उनकी जांच की। जब उसे पैड पहने हुए पाया गया, तो उस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया गया। फिर उन्हों स्कूल बुलाया गया और उन्होंने शिकायत की कि मेरी बेटी झूठ बोल रही है।
शिक्षा विभाग को मिली खामियां
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने भी जांच में पाया कि स्कूल ने सखी सावित्री कमेटी का गठन नहीं किया है। यह कमेटी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। स्कूल में इंटरनल कंप्लेन कमेटी भी नहीं है। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कहा कि यह नियमों का गंभीर उल्लंघन हैं। शिक्षा विभाग को स्कूल की मान्यता रद्द करने पर विचार करना चाहिए। इससे पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को कोई शैक्षणिक नुकसान न हो। चाकणकर ने कहा कि ये लड़कियां एक संवेदनशील उम्र में हैं, जहां शिक्षकों को सहानुभूति दिखानी चाहिए। इसके बजाय स्कूल ने स्थिति को सबसे अनुचित तरीके से संभाला
गुरुपूर्णिमा पर 'मातोश्री' में गूंजेगा 'जय बालासाहेब', शिवसैनिकों का उमड़ा जनसैलाब
10 Jul, 2025 07:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मराठी मानुष में आत्मसम्मान और स्वाभिमान की भावना जगाने वाले हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे को आज, 10 जुलाई को गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर ‘मातोश्री’ निवास पर भावभीनी मानवंदना अर्पित की जाएगी। इस अवसर पर मुंबई सहित महाराष्ट्र के कोने-कोने से हजारों की संख्या में निष्ठावान शिवसैनिकों का जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर कार्यकर्ताओं की ओर से दी गई भावनाओं को स्वीकार करेंगे।
बालासाहेब ठाकरे ने अपने तेजस्वी विचारों और स्पष्ट नेतृत्व के बल पर मराठी जनमानस के जीवन में नई चेतना का संचार किया। आज भी उनके विचार और सिद्धांत शिवसैनिकों के प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। गुरुपूर्णिमा के दिन शिवसैनिक अपने इस मार्गदर्शक नेता को नमन करने हर वर्ष ‘मातोश्री’ पहुंचते हैं। इस वर्ष भी शिवसैनिकों के जत्थे सुबह से ही ‘मातोश्री’ पहुंचना शुरू कर देंगे। जगह-जगह पोस्टर, बैनर और नारों के माध्यम से श्रद्धा भाव प्रकट किया जा रहा है।
शिवतीर्थ पर भी होगी विशेष सजावट और वंदन
इसके अलावा शिवसेनाप्रमुख के स्मृति स्थल ‘शिवतीर्थ’ पर भी शिवसैनिकों द्वारा वंदन अर्पित किया जाएगा। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर स्मृतिस्थल परिसर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है।
कार्यक्रम को देखते हुए मुंबई पुलिस और शिवसेना की ओर से सुरक्षा व व्यवस्थाओं के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे संजय गायकवाड, अब दक्षिण भारतीयों पर साधा निशाना
10 Jul, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई की कैंटीन में कर्मचारी को पीटने के बाद शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने एक बयान दिया है। गायकवाड़ ने कहा है कि दक्षिण भारतीयों को खाने के ठेके नहीं दिए जाने चाहिए क्योंकि वे डांस बार और लेडीज बार चलाते हैं। उन्हें अच्छा खाना परोसना नहीं आता। गायकवाड़ ने खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं होने पर मुंबई में एक कैंटीन कर्मचारी को पीटा था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद गायकवाड़ ने कोई अफसोस व्यक्त नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि वह एक विधायक होने के साथ फाइटर भी हैं। इसके बाद एकनाथ शिंदे की अगगुवाई वाली शिवसेना विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। अब संजय गायकवाड़ ने फिर विवादित बयान दिया है। गायकवाड़ महाराष्ट्र के बुलढाणा से विधायक हैं। गायकवाड़ आकाशवाणी की कैंटीन में मारपीट की थी।
बिगाड़ते हैं महाराष्ट्र की संस्कृति
विधायक संजय गायकवाड़ ने इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए कहा, "शेट्टी नाम के ठेकेदार को ठेका क्यों दिया गया? इसे किसी मराठी व्यक्ति को दिया जाए। वे जानते हैं कि हम क्या खाते हैं और हमें अच्छी क्वालिटी का खाना देंगे। दक्षिण भारतीय डांस बार, लेडीज बार चलाते हैं और महाराष्ट्र की संस्कृति को खराब करते हैं। उन्होंने हमारे बच्चों को भ्रष्ट कर दिया है। वे अच्छा खाना कैसे परोसेंगे? संजय गायकवाड़ ने यह बयान ऐसे वक्त पर दिया है जब कैंटीन कर्मचारी को पीटने के मामले पर सीएम फडणवीस ने नाराजगी व्यक्त की थी और विधानसभा के अध्यक्ष को एक्शन लेने के लिए कहा था। इतना ही नहीं एकनाथ शिंदे भी गायकवाड़ के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की थी।
ठेकेदार पर लाइसेंस निलंबित
कैंटीन की घटना के बाद संजय गायकवाड़ सुर्खियों में हैं। इससे पहले उन्होंने राहुल गांधी के एक बयान पर नाराज होगा उनकी जीभ काटने वाले को ईनाम देने का ऐलान किया था। इससे पहले उनके ऊपर अपनी गाड़ी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों से धुलवाने के आरोप लगे थे, हालांकि कैंटीन विवाद के बाद मैनेजर और लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) कैंटीन चलाने वाले ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित कर दिया। विभाग ने यह कार्रवाई वहां पर परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता की जांच के बाद की है। टीएम ने पाया कि खाना अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में पकाया जा रहा था।
राजनीतिक ताप बढ़ा: ठाकरे-पवार समर्थकों की मौजूदगी से गरमाया MNS का मोर्चा
9 Jul, 2025 08:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने मंगलवार (8 जुलाई) को ठाणे जिले के मीरा रोड में मोर्चा निकाला. मीरा रोड में ही पिछले दिनों एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने मराठी नहीं बोलने पर दुकानदार की पिटाई कर दी थी. इसके विरोध में स्थानीय व्यपारियों ने रैली निकाली. अब इसके विरोध में आज रैली का आयोजन मराठी एकीकरण समिति की अगुवाई में MNS और अन्य मराठी समर्थक समूहों ने किया. एमएनएस के मोर्चे में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के कार्यकर्ता भी शामिल हुए. इस दौरान जमकर हंगामा हुआ. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने कानून-व्यवस्था के संभावित खतरे का हवाला देते हुए विरोध मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
कार्यकर्ताओं ने मंत्री को भगाया
इस बीच दोपहर में विरोध स्थल पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के मंत्री प्रताप सरनाईक को गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और भगा दिया. झंडे और मराठी नारे लिखी सफेद टोपी पहने मीरा रोड और उससे सटे भयंदर की सड़कों पर चले. इससे पहले MNS के कई पदाधिकारियों को आधी रात से हिरासत में लिया गया. महिलाओं को पुलिस की वैन में भरे जाने की तस्वीरें दिखाई गईं, जबकि वे पुलिस की मनमानी के खिलाफ नारे लगा रही थीं. कई कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए एक बैंक्वेट हॉल के अंदर हिरासत में लिया गया.
क्या बोले सीएम?
विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि रैली के लिए अनुमति दे दी गई थी, लेकिन मनसे ने एक खास मार्ग पर जोर दिया, जिससे कानून-व्यवस्था की चुनौती पैदा हो गई. अगर वे उचित मार्ग के लिए अनुमति मांगते हैं, तो हम अनुमति देते.
प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?
मराठी मुद्दे के लिए बढ़ते समर्थन को देखते हुए शिवसेना के मंत्री प्रताप सरनाईक ने पुलिस की आलोचना की. उन्होंने कहा, ''पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से गलत थी. सरकार ने मराठी हितों के समर्थन में शांतिपूर्ण मोर्चा को दबाने के लिए ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है. वह इस मामले पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करेंगे.''उन्होंने कहा कि पुलिस का इस तरह का रवैया अनुचित है और अगर मराठी भाषी लोगों ने शांतिपूर्ण मार्च के लिए अनुमति मांगी थी, तो पुलिस को उन्हें इसकी अनुमति देनी चाहिए थी. इससे पहले उन्होंने कहा था, ''मराठी एकीकरण समिति और कई अन्य संगठनों ने रैली के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई. मैं जा रहा हूँ - अगर पुलिस की हिम्मत है, तो मुझे गिरफ्तार कर ले.
महाराष्ट्र: नंदुरबार में अवैध चर्च निर्माण पर मचा बवाल, जांच के आदेश जारी
9 Jul, 2025 08:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में अवैध चर्च निर्माण और जनजातीय समुदाय के धर्मांतरण के गंभीर मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए. विधानसभा में विधायक गोपीचंद पडलकर और अनुप अग्रवाल द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि सरकार आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
नंदुरबार जिला अनुसूचित क्षेत्र घोषित
नंदुरबार जिला भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र के रूप में घोषित है. इसका उद्देश्य भील और पावरा जनजातियों के हितों की रक्षा करना है. हालांकि, विधायक गोपीचंद पडलकर ने विधानसभा में कहा कि विशेष रूप से नवापुर तहसील में ईसाई मिशनरियों और धर्मांतरित व्यक्तियों द्वारा आदिवासी और गैर-आदिवासी लोगों को प्रलोभन और लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इससे उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान खतरे में पड़ रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव और सरकारी जमीनों पर 150 से अधिक अवैध चर्च बिना ग्राम पंचायत या गृह विभाग की अनुमति के बनाए गए हैं.
बिना अनुमति बने चर्चों को हटाया जाएगा- मंत्री
इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा, “नंदुरबार जिले में अवैध चर्च निर्माण पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. 5 मई 2011 और 7 मई 2018 के सरकारी आदेशों के अनुसार बिना अनुमति बने चर्चों को हटाया जाएगा.”
धर्मांतरण के खिलाफ कानूनों का अध्ययन किया जाएगा- मंत्री
इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा की जाएगी. धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानूनों का अध्ययन किया जाएगा. एक उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और सभी अवैध धार्मिक संरचनाओं का सर्वेक्षण छह महीने के भीतर पूरा किया जाएगा. बवनकुले ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और नियमों के अनुसार की जाएगी. इसके साथ ही धर्मांतरण के मामलों का गहन अध्ययन किया जाएगा ताकि सख्त कानून लागू करने पर विचार किया जा सके.
सरकार ठोस कदम उठाएगी, कुछ समय लगेगा- मंत्री
विधायक सुधीर मुनगंटीवार और संजय कुटे ने विधायक पडलकर द्वारा उठाए गए मुद्दे का समर्थन किया. बावनकुले ने विधानसभा में सभी प्रश्नों का सकारात्मक जवाब देते हुए सरकार की सख्त रुख को स्पष्ट किया. उन्होंने आश्वासन दिया, “सरकार इन सभी चार मुद्दों पर ठोस कदम उठाएगी, हालांकि इसमें कुछ समय लगेगा.”
बिहार बंद पर भड़के संजय निरुपम, कहा- 'देश से ज्यादा बांग्लादेशी मुसलमानों की फिक्र'
9 Jul, 2025 08:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 'बिहार बंद' को लेकर कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के लोग चुनाव आयोग की पूरी प्रक्रिया को खंडित करना चाह रहे हैं. इससे स्थापित होता है कि उनको विश्वास हो गया है कि हिंदुस्तान के लोगों के वोट से वो चुनाव नहीं जीत सकते. इसलिए उनको बांग्लादेशी मुसलमानों का वोट चाहिए.
कांग्रेस पर भड़के संजय निरुपम
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि बांग्लादेशी मुसलमानों का वोट लेकर अगर कांग्रेस पार्टी जीतने का ख्वाब देख रही है तो बिल्कुल देखे. लेकिन बांग्लादेशियों को हिंदुस्तान में वोटिंग का अधिकार नहीं मिलना चाहिए, ये हमारी भूमिका स्पष्ट है.
चुनाव आयोग पर संजय निरुपम ने क्या कहा?
शिवसेना नेता ने दावा किया कि बिहार में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठिये के तौर पर आ गए थे. वहां पर अवैध तरीके से रह रहे हैं. उन्होंने गलत तरीके से मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज करा रखे हैं. ऐसा एक अनुमान है कि लगभग डेढ़ से दो करोड़ बांग्लादेशी बिहार में वोटर बनकर रह रहे हैं जो कि सरासर गलत है. शिवसेना नेता ने कहा कि इसलिए चुनाव आयोग ने चुनाव से पहले इलेक्टोरल रोल को रिवाइज करने का या उसको दुरुस्त करने का एक प्रोग्राम शुरू कर रखा है.
बिहार बंद की क्या है वजह?
बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में महागठबंधन ने बुधवार (9 जुलाई) को राज्यव्यापी बंद बुलाया. विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के सड़कों पर उतरने से राज्य के कई हिस्सों में रेल और सड़क यातायात बुधवार को बाधित हो गया.
संजय गायकवाड़ पर क्या कहा?
वहीं पार्टी के ही नेता संजय गायकवाड़ की मारपीट के वीडियो पर संजय निरुपम ने कहा कि किसी भी गरीब-कमजोर के साथ हम मारा मारी के पक्ष में नहीं हैं. इसमें कौन जिम्मेदार है निश्चित तौर पर इसका पता लगाया जाना चाहिए.
निशिकांत दुबे के बयान से जताई असहमति
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के पटकर मारेंगे वाले बयान पर उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान नहीं आने चाहिए. ये एक सभ्य समाज का संवाद नहीं हो सकता. इस बयान से हम कतई सहमत नहीं हैं.
उद्धव ठाकरे के समर्थन में लगे पोस्टर हटे, शिंदे गुट ने किया विरोध प्रदर्शन
8 Jul, 2025 08:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंबई\ठाणे: ठाणे में सोमवार को शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे का एक व्यंग्य चित्र वाला बैनर लगाया। इससे इलाके में तनाव फैल गया। यह बैनर टेंभी नाका पर लगाया गया था। ठाकरे बंधुओं के 'हिंदी शक्ति' पर 'विजय रैली' करने के बाद शिवसेना ( एकनाथ शिंदे गुट) आक्रामक हो गई। ठाणे महानगर पालिका के अतिक्रमण विरोधी दस्ते और पुलिस ने मिलकर इस बैनर को हटाया। इस दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इससे टेंभी नाका पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। वाहन चालक और आम नागरिक परेशान हो गए।
क्या है विवाद?
दरअसल, 5 जुलाई को ठाकरे बंधुओं ने मुंबई में एक साथ आकर मराठी मुद्दे पर एकता दिखाई थी। इस रैली में उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा था। इससे शिवसेना के कार्यकर्ता नाराज हो गए थे। इसलिए शिंदे के इलाके ठाणे के टेंभी नाका पर उद्धव ठाकरे का व्यंग्य चित्र वाला बैनर लगाया गया। बैनर पर लिखा था, 'मराठी माणसाची एकजूट अशीच राहू द्या'। इसका मतलब है, मराठी लोगों की एकता ऐसी ही बनी रहे। बैनर में यह संदेश भी दिया गया कि उद्धव ठाकरे मुंबई पालिका के खजाने और महापौर के पद को ललचाई नजरों से देख रहे हैं'
शिवसेना का हंगामा
टेंभी नाका शिवसेना शाखा के प्रमुख निखिल बुडजडे और युवा सेना के नितिन लांडगे, ऋषिकेश माने, जितेश गुप्ता ने यह बैनर लगाया था। पुलिस और ठाणे पालिका की टीम तुरंत बैनर हटाने के लिए पहुंची। शिवसेना और युवा सेना के कार्यकर्ता भी टेंभी नाका पर जमा हो गए। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर बैनर को हटाने नहीं देंगे। इससे वहां पर बहुत हंगामा हुआ। शिवसेना के ठाणे विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख हेमंत पवार भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बैनर हटाने का विरोध किया।
टेंभी नाका इलाके में ट्रैफिक जाम
इस वजह से टेंभी नाका इलाके में बहुत ज्यादा ट्रैफिक जाम हो गया। बुडजडे ने कहा कि उन्होंने आम लोगों के सामने सच्चाई लाने के लिए बैनर लगाया था। इससे विरोधियों को परेशानी हो रही है। बैनर पर राज ठाकरे का कोई जिक्र नहीं था। इससे कई लोग हैरान थे। युवा सेना के ठाणे लोकसभा अध्यक्ष नितिन लांडगे ने कहा कि राज ठाकरे हमेशा से मराठी लोगों के लिए लड़ते रहे हैं। लेकिन उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे को चुनाव के समय ही मराठी लोगों की याद आती है।
'देवाभाऊ' कोई ताना नहीं
ठाणे के कैडबरी जंक्शन पर ठाकरे की रैली के बाद 'धन्यवाद देवाभाऊ, ठाकरे भाऊ साथ आए... विवाद खत्म, विश्वास बढ़ा, महाराष्ट्र का नया उदय' का बैनर लगाया गया। मनसे के ठाणे शाखा अध्यक्ष संतोष निकम और उप शाखा अध्यक्ष अक्षय आंबेरकर ने इस बैनर को लेकर बीजेपी और मुख्यमंत्री फडणवीस पर कटाक्ष किया।
टीएमटी, स्कूल बसें जाम में फंसीं
इस तरह की घटना शहर के मध्य स्थित टेंभी नाका में दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय हुई। इससे बड़ा ट्रैफिक जाम हो गया। इस जाम में ठाणे रेलवे स्टेशन से निकलने वाली टीएमटी बसें और एसटी कॉर्पोरेशन की बसें फंस गईं। इस क्षेत्र में स्कूल बसें और रिक्शा भी फंस गए। इससे जांभली नाका, चराई, सिविल अस्पताल क्षेत्र और कोर्ट नाका क्षेत्र में जाम लग गया। इससे आम लोग प्रभावित हुए।
उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने दिया करारा जवाब, फडणवीस भी उतरे मैदान में
8 Jul, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बयान को लेकर सियासत गर्मा गई है। झारखंड से बीजेपी के सांसद ने एक्स पर लिखा था कि हिंदी भाषी लोगों को मुम्बई में मारने वाले यदि हिम्मत है तो महाराष्ट्र में उर्दू भाषियों को मार कर दिखाओ । अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है? कौन कुत्ता कौन शेर खुद ही फ़ैसला कर लो। उन्होंने कहा कि था कि पटक पटक के मारेंगे। उनके इस बयान पर शरद पवार की पार्टी के नेता राेहित पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। शिवसेना यूबीटी के प्रमुख और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने निशिकांत दुबे की तुलना लकड़बग्घे से की थी। उन्होंने कहा था कि राज्य की जनता सच्चाई जानती है। ऐसे नेताओं के बयान पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उद्धव ठाकरे और संजय राउत के कड़े पलटवार के बाद अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।
मीरा रोड की घटना पर रगड़ा था नमक
मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में मराठी न बोलने पर मनसे कार्यकर्ताओं ने एक दुकानदार मालिक की पिट को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ठाकरे बंधुओं पर निशाना साधा था। निशिकांत ठाकुर ने नमक रगड़ते हुए कहा था कि राज ठाकरे अगर बहुत बड़े बॉस हैं, तो वे महाराष्ट्र से बाहर आने की हिम्मत दिखाएं, हम हिंदी का विरोध करने वालों को पटक-पटक कर मारेंगे। उन्होंने यह बयान गुवाहाटी में दिया था। वे यहीं पर नहीं रुके थे। दुबे ने कहा था कि महाराष्ट्र के लोग हमारे पैसे से जी रहे हैं। वहां टाटा, बिड़ला या रिलायंस की कोई यूनिट नहीं है, टाटा ने पहली फैक्ट्री बिहार में बनाई, सेमी कंडक्टर के भी सभी कारखाने गुजरात में हैं। ज्यादातर माइंस झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के पास हैं। ऐसे में महाराष्ट्र के पास क्या है? इसके बावजूद मुंबई में हिंदी भाषियों का शोषण किया जा रहा है।
फडणवीस भी दुबे के बयान पर बोले
अब निशिकांत दुबे के बयानों पर महाराष्ट्र में सियासत गर्मा गई है। इस बयान पर अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पहली बात ऐसी है कि निशिकांत दुबे का बयान यदि आप सुनेंगे तो उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के संदर्भ में बोला है, सभी मराठी लोगों के बारे में नहीं। मेरे विचार से इस तरीके का बयान देना योग्य नहीं है, क्योंकि उसका जो मतलब निकलता है वह लोगों के मन में भ्रम पैदा करता है। मैं फिर से कहूंगा कि मराठी मानुष का ऐतिहासिक योगदान इस महाराष्ट्र के निर्माण में है। जब आक्रमणकारियों ने भारत की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया था, तब भारत की संस्कृति को जिंदा रखने का काम छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज ने किया और इसके बाद मराठाओं ने भारत की संस्कृति को जिंदा रखने के लिए आक्रांताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
संजय राउत ने किया पलटवार
राज्यसभा सांसद और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी संजय राउत ने दावा किया महाराष्ट्र में हिंदीभाषी लोगों पर कभी हमले नहीं हुए। संजय राउत ने कहा कि दुबे को सही करना देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजीत पवार की जिम्मेदारी है, वरना फडणवीस और पूरे कैबिनेट इस्तीफा दे दे। इस दौरान ही संजय राउत एनसीपी चीफ और डिप्टी सीएम अजित पवार की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय राउत हिंदी-मराठी विवाद पर बोल रहे थे। इस दौरान निशिकांत दुबे को लेकर उन्होंने कहा, ‘कौन है दुबे, फालतू आदमी है। मैं यहां (महाराष्ट्र) के हिंदीभाषी नेताओं से अपील करता हूं कि वे दुबे द्वारा दिए गए बयान की निंदा करें। तभी मैं कहूंगा कि आप महाराष्ट्र से हैं।
निशिकांत दुबे के हमले जारी
झारखंड के गोड्डा से लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स लिखा है कि हिम्मत है तो मुंबई के माहिम में ठाकरे बंधु गैर मराठी भाषी को मार कर दिखाएं ,कभी तमिल भाषी को,कभी कन्नड़ भाषी,कभी गुजराती और अब राजस्थान के लोगों को थाने में पीटकर अपनी चौधराहट दिखा रहे हो या मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में अपनी होने वाली हार का जश्न मना रहे हो। एक अन्य पोस्ट में निशिकांत दुबे ने लिखा है भाषा के नाम पर ड्रामा करना चाहते हैं। समय डरने का नहीं डराने नहीं का है, मराठी, गुजराती, तेलुगु, कन्नड़, तमिल, बंगाली, मलयालम, भोजपुरी, हिंदी पर हमें गर्व है। महाराष्ट्रीयन स्वतंत्रता सेनानी देश के सभी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की तरह आदर्श हैं लेकिन ठाकरे बंधु तुम्हारी गुंडागर्दी का समय खत्म हो चुका है। हम शिवशाही स्थापित कर तुम्हारी पार्टी का सही इलाज करेंगे। मुंबई आर्थिक राजधानी पूरे भारत के खून पसीने से बनी है। दुबे ने यह भी दावा किया है कि मेरा विरोध ठाकरे की गुंडागर्दी से है।
मंदिर के बाहर मची चीख-पुकार, बेकाबू कार ने कई श्रद्धालुओं को कुचला
4 Jul, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक तेज रफ्तार कार ने मंदिर के बाहर खड़े श्रद्धालुओं को रौंद दिया। इस दौरान कई श्रद्धालु कार की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद मंदिर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद सभी घायल श्रद्धालुओं को पास के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके बाद का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा छत्रपति संभाजीनगर के सिडको इलाके में स्थित कला मंदिर के प्रवेश द्वार पर हुआ है। बताया जा रहा है कि भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर जाने के लिए प्रवेश द्वार पर खड़े थे। तभी अचानक एक तेज रफ्तार कार वहां आई और मंदिर के प्रवेश द्वार पर खड़े श्रद्धालुओं को रौंद गई। इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसके अलावा कार की टक्कर से मंदिर की सीढ़ियां और रेलिंग टूट गई। ये सारी घटना मंदिर के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसकी फुटेज सामने आई है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
डिवाइडर से टकराई थी कार
मंगलवार को भी छत्रपति संभाजीनगर में भीषण सड़क हादसा हुआ था। यहां एक कार अचानक डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 2 लोग गंभीर रूप से घायल थे। ये हादसा छत्रपति भाजीनगर-जलगांव हाईवे के पास स्थित फुलम्बरी तहसील के बिल्दा गांव में हुआ था।
बर्थडे पार्टी के बहाने घर से बुलाया, दोस्तों ने की युवक की हत्या
4 Jul, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के धुले के एक गांव में एक युवक की उसके ही दोस्तों ने हत्या कर दी. पहले वह युवक को उसके घर से बर्थडे पार्टी में जाने का बहाना करके बाहर ले गए और फिर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. काफी देर तक जब युवक घर नहीं लौटा तो उसके घर वालों ने युवक की तलाश शुरू की. लेकिन युवक कहीं नहीं मिला. इसके बाद 3 जुलाई को उसका शव सड़ी-गली हालत में मिला.
दरअसल,ये मामला मोरदाद गांव से सामने आया है. जहां कन्नड़ घाट में जगदीश ठाकरे नाम के एक युवक का शव मिला. शव पूरी तरह से सड़ चुका था. यहां तक की शव की पहचान कर पाना भी मुश्किल था. लेकिन जगदीश ठाकरे की पहचान उसके हाथ पर बने टैटू के वजह से हो पाई. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और जगदीश के तीन दोस्तों को हिरासत में लिया.
बर्थडे पार्टी में जाने का बहाना कर ले गए दोस्त
बताया जा रहा है कि 29 जून को जगदीश अपने घर पर बैठकर खाना खा रहा था. तभी उसके दोस्त आए. उसे अपने साथ बर्थडे पार्टी में चलने के लिए कहने लगे तो जगदीश ने खाना भी छोड़ दिया. वह घर पर कहकर गया कि खाना आकर खा लेगा और अपने दोस्तों के साथ चला गया. लेकिन उसे ये नहीं पता था कि वह दोबारा कभी घर ही नहीं लौटेगा. बहाने से ले जाकर उसके दोस्तों ने जगदीश की गोली मारकर हत्या कर दी.
पुलिस ने मृत की तीन दोस्तों को हिरासत में लिया
जब काफी समय तक जगदीश घर नहीं लौटा तो उसके परिजनों ने धुले पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. जगदीश की हत्या करने के बाद उसके दोस्तों ने उसके शव को एक गड्ढे में फेंक दिया था, जो 3 जुलाई को मिला. तब तक जगदीश का शव पूरी तरह से सड़ चुका था. इस घटना में जलगांव लोकल क्राइम ब्रांच पुलिस ने जगदीश ठाकरे के तीन दोस्तों को हिरासत में ले लिया. जगदीश ठाकरे के परिवार ने मांग की है कि इस घटना के पीछे जो भी मास्टरमाइंड है. उसे गिरफ्तार किया जाए. हालांकि जगदीश के दोस्तों ने उसकी हत्या क्यों की. इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
कुरियर डिलीवरी बना बहाना, पेन मांगने के बाद दरवाजा बंद कर किया दुष्कर्म
3 Jul, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में एक ऐसी शर्मनाक घटना घटी जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। एक अज्ञात शख्स ने कुरियर डिलीवरी एजेंट बनकर एक 22 साल की युवती के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। यह शर्मनाक हरकत बुधवार शाम करीब 7:30 बजे कोंढवा इलाके की एक हाउसिंग सोसाइटी में हुई।
इंसान के वेश में हैवान शख्स ने ना सिर्फ इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया, बल्कि युवती के फोन में एक सेल्फी और धमकी भरा मैसेज भी छोड़ा, जिसमें उसने कहा कि अगर उसने किसी को बताया तो उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता एक निजी कंपनी में काम करती है और उस वक्त अपने अपार्टमेंट में अकेली थी, क्योंकि उसका भाई शहर से बाहर गया हुआ था। आरोपी ने कुरियर डिलीवरी का बहाना बनाकर घर में प्रवेश किया और हस्ताक्षर के लिए पेन मांगने के बहाने दरवाजा बंद कर लिया।
बेहोशी के लिए स्प्रे के इस्तेमाल की आशंका
पुलिस उपायुक्त (जोन 5) राजकुमार शिंदे ने बताया कि जैसे ही युवती पेन लाने के लिए मुड़ी, आरोपी ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद पीड़िता को कुछ भी याद नहीं, क्योंकि वह करीब 8:30 बजे होश में आई। पुलिस को शक है कि आरोपी ने युवती को बेहोश करने के लिए किसी तरह का स्प्रे या पदार्थ इस्तेमाल किया होगा, जिसकी जांच की जा रही है।
पीड़िता ने होश में आने के बाद अपने रिश्तेदारों को सूचना दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को खबर की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और पाया कि आरोपी ने पीड़िता के फोन में एक मैसेज छोड़ा था, जिसमें उसने धमकी दी कि उसने उसकी तस्वीरें ले ली हैं और अगर उसने इस घटना का जिक्र किसी से किया तो वह तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल देगा।
सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी का चेहरा
पुलिस ने बताया कि इलाके के एक सीसीटीवी कैमरे में आरोपी का चेहरा कैद हुआ है, जिसके आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार), 77 और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में हर संभव कोशिश की जा रही है ताकि इस हैवान को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
'पहले ही अंक में बंद हो गई मैगजीन', शरद पवार ने सुनाया पुराना किस्सा
3 Jul, 2025 11:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को अपनी जिंदगी का एक दिलचस्प वाकिया बयान किया। उन्होंने खुलासा किया कि वह और शिवसेना के फाउंडर बाल ठाकरे कभी पत्रकारिता के मैदान में उतरे थे। दोनों ने मिलकर एक मासिक मैगजीन शुरू करने का सपना देखा था, मगर यह प्रयोग कामयाबी की मंजिल तक न पहुंच सका।
पवार ने यह बयान अखिल भारतीय मराठी पत्रकार परिषद के एक कार्यक्रम में दिया। इस इवेंट में पत्रकारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर उनका यह प्रयोग कामयाब हो जाता तो शायद आज वह खुद भी इस मंच पर सम्मान के हकदार होते।
मैगजीन शुरू करते ही हुआ बंद
शरद पवार ने बताया कि उन्होंने और बालासाहेब ठाकरे ने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक मासिक मैगजीन शुरू की थी। हर शख्स ने इसके लिए 5,000 रुपये का हिस्सा लगाया था। उनका इरादा था कि यह मैगजीन अंग्रेजी की मशहूर पत्रिका 'टाइम' की तरह होगी। पहला अंक छापा गया, जिसके बारे में उन्हें उम्मीद थी कि यह इतना शानदार होगा कि हर जगह इसकी चर्चा होगी। मगर हकीकत में वह अंक इसके बाद कभी नजर ही नहीं आया। पवार ने मजाकिया लहजे में कहा, "वह अंक इतना 'मशहूर' हुआ कि फिर कभी दिखाई ही नहीं दिया।"
उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता का पेशा लोकतंत्र में बेहद मुश्किल और जिम्मेदारी भरा है। उन्होंने सम्मान पाने वाले पत्रकारों से कहा कि वह अपनी लेखनी से लोकतंत्र को और मजबूत करें।
मधुकर भावे को मिला बालशास्त्री जंभेकर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार मधुकर भावे को 'बालशास्त्री जंभेकर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से नवाजा गया, जबकि भरत जाधव को 'विशेष सम्मान' दिया गया। इसके अलावा माहेश म्हात्रे, अभिजीत करांडे, अमेय तिरोडकर, पांडुरंग पाटिल, सर्वोत्तम गवास्कर, दिनेश केलुस्कर, सीमा मराठे, बालासाहेब पाटिल, शर्मिला कलगुटकर और भरत निगडे जैसे पत्रकारों को भी अलग-अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ी: 15,000 बसें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ट्रैफिक बना मुसीबत
1 Jul, 2025 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महायुति सरकार के राज में अब बच्चों की सवारी स्कूली बसें भी ट्रैफिक लूट की शिकार हो गई हैं। ट्रैफिक विभाग इन्हें रोजाना एक करोड़ रुपए के बेजा चालान भेज रहा है। जानकारी के अनुसार, मुंबई में हर 5 में से 3 स्कूली बसें गडकरी के विभाग की इस लूट की शिकार हो रही हैं। इसके खिलाफ कल से 15000 बसें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जानेवाली हैं। ऐसे में निश्चित रूप से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
मुंबई में ट्रैफिक पुलिस की दबंगई इस कदर बढ़ गई है कि वह मनमाने तरीके से वाहनों के चालान काट रही है। इनके टारगेट पर सबसे ज्यादा स्कूल व निजी बसें हैं, जिन पर गलती न होते हुए भी कार्रवाई की जा रही है। बस संगठनों का कहना है कि इन बसों के रोजाना करीब एक करोड़ रुपए के ई-चालान काटे जा रहे हैं। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी बिना किसी गलती के ही इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं। इसके खिलाफ बस संगठन बगावत पर उतर गए हैं और उन्होंने कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाते हुए बसों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। महायुति सरकार के कार्यकाल में मुंबई ट्रैफिक पुलिस की मनमानी और दबंगई ने स्कूल व निजी बस मालिकों की कमर तोड़ दी है।
रोजाना 60 प्रतिशत बसें शिकार
हर दिन इनके ऊपर ई-चालान के जरिए करोड़ों की वसूली की जा रही है, जिस पर अब राज्यभर के बस संगठन खुलकर विरोध में उतर आए हैं। बता दें कि मुंबई में करीब 8000 स्कूल और 7000 निजी व लक्जरी बसें चल रही हैं। इनमें से 60 फीसदी बसों पर ट्रैफिक पुलिस रोजाना कार्रवाई कर रही है। बस मालिकों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फोटो सबूत और कभी-कभी पुरानी तस्वीरें दोबारा इस्तेमाल करके चालान काट रही है।
एक दिन में तीन चालान
महाराष्ट्र स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस बसों पर पहला चालान 500 रुपए, दूसरा 1500 रुपए, तीसरा 2500 रुपए और अब चौथा चालान 3000 रुपए का काट रही है। उन्होंने कहा कि एक ही बस पर दिन में तीन-तीन बार चालान काटे गए हैं। ट्रैफिक विभाग को दैनिक टारगेट दिए जाते हैं, जिस पर कमीशन तय हैं।
कल से निजी बसों पर ‘ब्रेक’!
ट्रैफिक विभाग स्कूली व निजी बसों को मनमाने तरीके से ई-चालान भेज रहा है। इसके तहत रोजाना करीब एक करोड़ रुपए के चालान भेजे जा रहे हैं। अब इस मनमानी के खिलाफ महाराष्ट्र स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन ने अनिल गर्ग के नेतृत्व में कल दो जुलाई २०२५ से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि अब व्यवसाय चलाना असंभव हो गया है। गर्ग ने कहा कि यह विरोध कानून के खिलाफ नहीं, बल्कि शोषण और अन्याय के खिलाफ है। गर्ग का कहना है कि हम छात्रों की सुरक्षा और न्यायसंगत व्यवहार की मांग करते हैं। सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा है, ताकि छात्रों की आवाजाही बाधित न हो। गर्ग ने कहा कि हमारी मांगे हैं कि स्कूल के पास ड्यूटी पर खड़ी बसों के सभी लंबित चालान माफ किए जाएं। स्कूल पिकअप-ड्रॉप जोन निर्धारित होने तक ई-चालान पर रोक लगे। सरकार, आरटीओ, ट्रैफिक पुलिस और बस संगठनों की संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्यभर के निजी बस और ट्रक मालिकों ने समर्थन दिया है। यदि सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो संपूर्ण परिवहन सेवा ठप हो सकती है।
Maharashtra : फडणवीस की मौजूदगी में भरा नामांकन, रिजिजू भी रहे मौजूद
30 Jun, 2025 09:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Maharashtra : रवींद्र चव्हाण मुंबई के पड़ोसी जिले ठाणे की कल्याण-डोंबीवली महानगरपालिका में पहली बार 2007 में सभासद चुने गए थे। उन्हीं तभी महापालिका में स्थायी समिति का अध्यक्ष बना दिया गया था। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन विधायक हरीश्चंद्र पाटिल का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवारी दी गई और वह जीतकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे।
भाजपा विधायक रवींद्र चव्हाण का महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनना लगभग तय हो गया है। सोमवार को संगठन चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में चव्हाण ने अपना नामांकन भर दिया। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरनेवाले वह अकेले प्रत्याशी हैं। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू आ चुके हैं। उनकी उपस्थिति में रवींद्र चव्हाण ने अपना नामांकन भर दिया है। वह इससे पहले मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता के रूप में भाजपा में काम शुरू किया। फिर महानगरपालिका में सभासद बने। उसके बाद विधायक और मंत्री बने। आज प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हमने उनका नामांकन दाखिल कर दिया है।
कब होगी नए अध्यक्ष की घोषणा?
इसके बाद फडणवीस ने कहा कि इससे पहले अध्यक्ष रहे चंद्रशेखर बावनकुले ने अच्छा काम किया। उनके द्वारा संगठन को दी गई मजबूती के कारण ही हम विधानसभा चुनाव में अच्छी सफलता हासिल कर पाए। विधानसभा चुनाव के बाद से ही रवींद्र चव्हाण कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम करते आ रहे हैं। मंगलवार शाम को अध्यक्ष के रूप में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
कौन हैं रवींद्र चव्हाण?
बता दें कि रवींद्र चव्हाण मुंबई के पड़ोसी जिले ठाणे की कल्याण-डोंबीवली महानगरपालिका में पहली बार 2007 में सभासद चुने गए थे। उन्हीं तभी महापालिका में स्थायी समिति का अध्यक्ष बना दिया गया था। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन विधायक हरीश्चंद्र पाटिल का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवारी दी गई, और वह जीतकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे। तबसे वह लगातार विधायक चुने जा रहे हैं। 2014 में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार में वह राज्यमंत्री बने। 2021 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बनी शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में वह सार्वजनिक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे। अब पूरे महाराष्ट्र में एक साथ होने जा रहे स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा रही है।
अमित शाह ने दिया ये लक्ष्य
बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश भाजपा को ‘इस बार महायुति सरकार, 2029 में पूर्ण बहुमत की सरकार’ का लक्ष्य दिया था। जाहिर है, भाजपा को इस लक्ष्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब रवींद्र चव्हाण की होगी।
नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ ने दिव्यांगों को किया नोटबुक व छतरी का वितरण
30 Jun, 2025 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। दिव्यांगजनों के हितार्थ काम करने वाली संस्था नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ द्वारा अंधेरी स्थित कार्यालय प्रांगण संस्था अध्यक्ष टी. एन. दुबे के संयोजन में में २०० जरूरतमंद दिव्यांगजनों को मुफ्त में नोटबुक तथा छतरी वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक मुरजी पटेल (काका) और सम्माननीय अतिथि आर.टी.आई. विशेषज्ञ अनिल गलगली, शिवसेना उपविभाग प्रमुख जोगेश्वरी-पूर्व विधानसभा कैलाश पाठक, पूर्व नगरसेवक सुरेंद्र दुबे, मुंबई बीजेपी प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, आनंद पाठक, शैलेश लालन (एस.आर.यु.सी.सी., पश्चिम रेलवे), एड. अशोक मिश्रा, कामगार नेता विकास तिवारी, प्रमोद श्यामचरण पांडेय (युवा समाजसेवी), उत्तम पांडेय आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से प्रभाकर शुक्ला, प्रशांत चारी, विनयकुमार दुबे, गुरुजस यादव, पवनकुमार दुबे, पद्माकर सिंह व राजेश शर्मा आदि
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