महाराष्ट्र
महाराष्ट्र राजनीति में शिंदे की यात्रा को लेकर उठे सवाल
20 May, 2026 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा अपने निजी जेट (Private Jet) को छोड़कर एयर इंडिया के साधारण कमर्शियल विमान से दिल्ली की यात्रा करने पर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष ने शिंदे के इस कदम पर तीखा हमला बोला है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस पर तंज कसते हुए दावा किया कि आम जनता की फ्लाइट से सफर करने का यह पूरा घटनाक्रम महज एक दिखावा हो सकता है।
पूरी फ्लाइट बुक करने का लगाया आरोप
संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की इस यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि संभव है कि वह साधारण दिखने वाली फ्लाइट असल में पूरी तरह इन्हीं लोगों के लिए बुक की गई हो। राउत ने बयान दिया, “इन लोगों ने आम पैसेंजर फ्लाइट को ही चार्टर्ड प्लेन में तब्दील कर दिया होगा। इनके पास असीमित पैसा है, ये कुछ भी कर सकते हैं। हो सकता है कि पूरी फ्लाइट के यात्री भी इन्हीं के खेमे के हों। ये लोग बिना चार्टर प्लेन के सफर कर ही नहीं सकते। अगर उस विमान में 200 या 390 सीटों की क्षमता है, तो मुमकिन है कि सारी टिकटें इन्होंने खुद ही खरीद ली हों।”
पीएम मोदी की सादगी वाली अपील का दिया हवाला
दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस यात्रा के पीछे की वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील को बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने देश में ईंधन और ऊर्जा की बचत करने का आग्रह किया था, जिसे ध्यान में रखते हुए एकनाथ शिंदे ने प्राइवेट जेट के बजाय आम यात्री विमान से दिल्ली जाने का फैसला किया। वह दोपहर 4 बजे की नियमित फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे, जहाँ उन्हें स्वच्छ भारत मिशन को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना था।
सरकारी खर्च और काफिला कम करने का पुराना रिकॉर्ड
एकनाथ शिंदे के समर्थकों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा कोई कदम उठाया है। वह पहले भी कई मौकों पर सरकारी खजाने और ईंधन की बर्बादी को रोकने की बात कह चुके हैं। इससे पहले भी उन्होंने कुछ दौरों पर वीआईपी हेलिकॉप्टर और अपने बड़े सुरक्षा काफिले (काफिले की गाड़ियों) की संख्या को सीमित किया था। अब एयर इंडिया के विमान से दिल्ली जाने को भी उनकी इसी किफायती और सादगीपूर्ण कार्यशैली का हिस्सा बताया जा रहा है।
दिखावा बनाम सादगी: आमने-सामने सरकार और विपक्ष
उपमुख्यमंत्री के इस कदम ने महाराष्ट्र की राजनीति में 'सादगी बनाम दिखावे' की नई बहस को जन्म दे दिया है। जहाँ एक ओर सत्तापक्ष और शिंदे के समर्थक इसे प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान और राष्ट्रहित में ईंधन बचाने की एक बेहतरीन पहल बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इसे केवल मीडिया का ध्यान खींचने और पब्लिसिटी बटोरने का एक राजनीतिक स्टंट करार दे रहे हैं।
महाराष्ट्र से बड़ा बयान, पवार ने मोदी की उपलब्धियों को किया उजागर
20 May, 2026 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक प्रयासों की सराहना करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही वैचारिक और राजनीतिक रूप से हमारी सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भिन्न हो, लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि वह बतौर प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख और सम्मान को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। पुणे में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ राजनेता ने कहा कि जब बात राष्ट्रहित की हो, तो सभी को अपने मतभेद भुलाकर एक सुर में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।
नेहरू, इंदिरा और मनमोहन सिंह के नेतृत्व को किया याद
अपने संबोधन के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह जैसे महान नेताओं ने हमेशा देश के भविष्य और उसकी वैश्विक प्रतिष्ठा को सर्वोपरि रखा। पवार ने कहा कि जब भी देश के स्वाभिमान की बात आती है, तो राजनीति को बीच में नहीं लाना चाहिए। आज प्रधानमंत्री मोदी भी विदेशी धरती पर भारत के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने का वही दायित्व निभा रहे हैं।
इंदिरा गांधी की दृढ़ता का सुनाया ऐतिहासिक किस्सा
शरद पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा सोवियत संघ (रूस) की यात्रा का एक बेहद दिलचस्प और प्रेरक संस्मरण भी साझा किया। पूर्व राजनयिक आई.के. गुजराल के हवाले से उन्होंने बताया कि जब इंदिरा गांधी को लगा कि विदेशी अधिकारियों द्वारा भारत के प्रधानमंत्री को उचित प्रोटोकॉल या सम्मान नहीं दिया जा रहा है, तो उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाया था। इंदिरा गांधी ने स्पष्ट शब्दों में सोवियत अधिकारियों से कहा था कि वह देश के 40 करोड़ नागरिकों का प्रतिनिधित्व करती हैं और भारतीयों के आत्मसम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता या उपेक्षा उन्हें कतई स्वीकार नहीं है।
18 साल की उम्र के शुरुआती राजनीतिक सफर और पंडित नेहरू से मुलाकात का जिक्र
'लक्ष्मणराव गुट्टे रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन' के मंच से बोलते हुए ८५ वर्षीय नेता भावुक भी हुए। उन्होंने वर्ष 1958 के अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे वह बारामती से पढ़ाई के लिए पुणे आए और युवा आंदोलन से जुड़कर महाराष्ट्र व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। उन्होंने दिल्ली के तीन मूर्ति हाउस में पंडित जवाहरलाल नेहरू से हुई अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि वे युवाओं और किसानों के कई सवाल लेकर गए थे, लेकिन नेहरू जी के प्रभावशाली व्यक्तित्व को देखकर वे सब कुछ भूल गए।
पुराने सहयोगियों से राष्ट्र निर्माण में सामूहिक योगदान की अपील
कार्यक्रम में कई ऐसे पुराने नेता और पदाधिकारी मौजूद थे जो कभी युवा कांग्रेस का हिस्सा थे और आज अलग-अलग राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं। शरद पवार ने अलग-अलग विचारधाराओं में जाने के बावजूद सामाजिक प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए सभी की सराहना की। उन्होंने अपने पुराने साथियों से अपील की कि दल भले ही बदल गए हों, लेकिन जब भी समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए मिलकर काम करने का अवसर मिले, तो सभी को एक साझा उद्देश्य के साथ देश की तरक्की में अपना योगदान देना चाहिए।
नॉर्वे में पत्रकारिता के सवाल पर राउत ने कसा मोदी पर तंज
20 May, 2026 09:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा को लेकर उन पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नॉर्वे की यात्रा के दौरान एक पत्रकार के सवाल का जवाब न देने पर कटाक्ष करते हुए राउत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को अपना पद छोड़ने या छूटने से पहले कम से कम एक बार तो प्रेस कॉन्फ्रेंस का सामना जरूर करना चाहिए।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर फिल्म बनाने की मांग
प्रधानमंत्री पर निशाना साधने के साथ ही संजय राउत ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम और वहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के तरीके पर भी हैरानी जताई। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह से तोड़-जोड़ कर बंगाल में सत्ता हासिल की गई है और वहाँ सरकार का गठन हुआ है, उस पूरे घटनाक्रम पर तो एक पूरी फिल्म बननी चाहिए।
ममता बनर्जी का बचाव: 'यह उनकी नहीं, लोकतंत्र की हार है'
इससे पहले भी संजय राउत ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की पराजय नहीं हुई है, बल्कि यह सीधे तौर पर देश के लोकतंत्र की हार है। राउत ने विपक्षी दलों और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव परिणामों को देखकर जो लोग खुशियाँ मना रहे हैं, वे पूरी तरह से गलतफहमी में हैं।
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल और इस्तीफे का विरोध
संजय राउत ने ममता बनर्जी द्वारा चुनाव प्रणाली पर उठाए गए सवालों को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का यह आरोप गंभीर है कि कई जगहों पर बूथों पर धांधली की गई, मतदाता सूची से जानबूझकर नाम हटाए गए और कई विधानसभा क्षेत्रों में भारी अनियमितताएं बरती गईं। इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने के फैसले का समर्थन करते हुए इसे उनके संघर्ष और आंदोलन का ही एक हिस्सा बताया।
'सड़क से सत्ता तक' लड़ने वाली नेत्री हैं ममता
संजय राउत ने ममता बनर्जी के राजनीतिक तेवरों की तारीफ करते हुए कहा कि वह कभी भी गलत के आगे झुकने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए भी ममता बनर्जी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों (सीबीआई और ईडी) के कथित दुरुपयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ी है। राउत के अनुसार, ममता बनर्जी हार मानने वाली नेता नहीं हैं; वह हमेशा से सड़क से लेकर सत्ता तक आंदोलन की राजनीति करती आई हैं और जनता के हक के लिए उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रेम जाल में फंसी नाबालिग, रिश्तेदार ने किया शर्मनाक कांड
19 May, 2026 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भंडारा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और घिनौनी वारदात सामने आई है। यहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर पहले "लव ट्रैप" (प्रेम जाल) में फंसाया गया और फिर उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। संवेदनशीलता की सारी हदें पार करते हुए आरोपी ने इस घिनौने कृत्य का अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी ने अपने साथी की मदद से उस वीडियो को पीड़िता के ही परिवार वालों के मोबाइल फोन पर भेजकर उसे वायरल कर दिया। इस शर्मनाक घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और माता-पिता के बीच गहरी चिंता का माहौल है।
रिश्तेदारी का उठाया फायदा, पड़ोसी जिले से दबोचे गए दोनों आरोपी
भंडारा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पड़ोसी जिले गोंदिया से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि पीड़िता और मुख्य आरोपी दोनों एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और आपस में दूर के रिश्तेदार हैं। इसी पारिवारिक संबंध और जान-पहचान का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी ने लड़की को अपने जाल में फंसाया और बाद में डरा-धमकाकर गलत काम करने पर मजबूर किया।
केस दर्ज कर पुलिस ने इन दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान भंडारा पुलिस ने सार्वजनिक कर दी है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
अहमद रज़ा अखिल शेख (उम्र 20 वर्ष, निवासी गोंदिया): यह इस मामले का मुख्य आरोपी है, जिसने नाबालिग को हवस का शिकार बनाया और पूरी वारदात का वीडियो रिकॉर्ड किया।
साहिल अब्दुल शकील शेख (उम्र 27 वर्ष, निवासी गोंदिया): इस सह-आरोपी ने अश्लील वीडियो को पीड़िता के रिश्तेदारों के मोबाइल पर भेजने और उसे सोशल मीडिया पर फैलाकर वायरल करने में मुख्य आरोपी की मदद की।
POCSO, BNS और IT एक्ट के तहत मुकदमा, साइबर सेल की ली जा रही मदद
नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को देखते हुए भंडारा पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता ($BNS$), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण ($POCSO$) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी ($IT$) अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती व कठोर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की साइबर सेल टीम अब इस बिंदु की बारीकी से जांच कर रही है कि इन अश्लील वीडियो को परिजनों के अलावा इंटरनेट पर और किन-किन लोगों या ग्रुप्स में साझा किया गया है, ताकि डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
पीड़िता को सदमे से उबारने के लिए की जाएगी काउंसलिंग
इस खौफनाक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली घटना के बाद नाबालिग पीड़िता गहरे सदमे (ट्रॉमा) में है। चूंकि यह अपराध किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि एक जानने वाले रिश्तेदार ने ही किया है, इसलिए पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़िता की मदद के लिए कदम उठाए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीड़िता को इस मानसिक आघात से बाहर निकालने और सामान्य स्थिति में लाने के लिए महिला विशेषज्ञों द्वारा उचित काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने गिरिबाला सिंह पर साधा निशाना, ट्विशा शर्मा केस में विवाद
19 May, 2026 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। राजधानी के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर शिवसेना (UBT) की वरिष्ठ महिला नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मोर्चा खोल दिया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने पीड़िता की सास और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) न्यायाधीश गिरिबाला सिंह द्वारा दिए गए हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि 'औरत ही औरत की सबसे बड़ी दुश्मन होती है' वाले मुहावरे को कोई शक्ल देनी हो, तो वह चेहरा इस महिला (गिरिबाला सिंह) का ही होगा।
'कानून की समझ का हो रहा गलत इस्तेमाल, जो दुनिया में नहीं उसे किया जा रहा बदनाम'
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी पोस्ट में गिरिबाला सिंह के अतीत का हवाला देते हुए लिखा कि चूंकि वह खुद एक पूर्व न्यायाधीश रही हैं, इसलिए वे यह बहुत अच्छी तरह जानती हैं कि कानूनी दांव-पेंचों को अपने पक्ष में कैसे मोड़ा जाता है। शिवसेना नेता ने आरोप लगाया कि एक ऐसी लाचार महिला को दोषी ठहराना और बदनाम करना बेहद आसान है, जो आज अपना पक्ष रखने या अपनी सफाई देने के लिए इस दुनिया में जीवित ही नहीं है। उन्होंने इस पूरे कृत्य को बेहद असंवेदनशील करार दिया।
सास गिरिबाला सिंह ने बयानों में किए थे कई चौंकाने वाले दावे
इस पूरे विवाद की जड़ वह इंटरव्यू है जो ट्विशा शर्मा की मौत के बाद उनकी सास गिरिबाला सिंह ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान दिया था। अपने बयान में पूर्व जज ने दावा किया था कि ट्विशा ने गर्भपात यानी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी ($MTP$) की प्रक्रिया शुरू तो कर दी थी, लेकिन बाद में उसने इसे बीच में ही रोकने की इच्छा जताई थी, जो कि चिकित्सकीय रूप से मुमकिन नहीं था। उन्होंने यह भी दलील दी थी कि उनका परिवार इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ट्विशा के साथ खड़ा था। इसके अलावा उन्होंने ट्विशा के पति और उसके मायके वालों को लेकर भी कई बातें कही थीं, जिसने इस विवाद को और हवा दे दी।
चरित्र हनन की कोशिश का आरोप, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
प्रियंका चतुर्वेदी ने इन्हीं दावों को कटघरे में खड़ा करते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका साफ तौर पर कहना है कि जो बेटी अब इस दुनिया से जा चुकी है, उसके व्यक्तिगत फैसलों और चरित्र पर इस तरह सरेआम उंगली उठाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आशंका जताई कि पूर्व जज होने के नाते अपनी रसूख का इस्तेमाल कर मुख्य मामले की निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
मामला कोर्ट में विचाराधीन, पुलिस खंगाल रही हर पहलू
यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला इस समय कोर्ट के विचाराधीन है और स्थानीय पुलिस हर एक बिंदु को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है। दूसरी तरफ, इस बयानबाजी के सामने आने के बाद से ही इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आम लोगों के बीच बहस काफी तेज हो गई है।
महाराष्ट्र में दुःखद खबर, वर्षा गायकवाड़ के भाई तुषार गायकवाड़ का निधन
19 May, 2026 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। मुंबई उत्तर-मध्य सीट से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ के भाई और पार्टी के वरिष्ठ दिवंगत नेता एकनाथ गायकवाड़ के सुपुत्र तुषार गायकवाड़ का आकस्मिक निधन हो गया है। तुषार गायकवाड़ खुद भी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। गायकवाड़ परिवार के इस चिराग के असमय चले जाने से पूरे परिवार सहित राज्य के राजनीतिक गलियारों और समर्थकों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है।
मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं, विस्तृत विवरण का इंतजार
तुषार गायकवाड़ का निधन किन परिस्थितियों में और किस वजह से हुआ है, इसको लेकर अभी तक आधिकारिक रूप से कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। उनके स्वास्थ्य को लेकर या आकस्मिक मृत्यु के कारणों पर विस्तृत विवरण मिलना अभी बाकी है। पार्टी सूत्रों और परिजनों के मुताबिक, जल्द ही इस दुखद घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। उनके असमय प्रस्थान से स्थानीय कार्यकर्ताओं और उनके करीबियों में भारी मायूसी का माहौल है।
गांधी परिवार का वफादार और महाराष्ट्र की सियासत का मजबूत स्तंभ रहा है गायकवाड़ परिवार
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो गायकवाड़ परिवार का महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई की कांग्रेस राजनीति में एक बेहद प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक नाम रहा है। तुषार के पिता, दिवंगत एकनाथ गायकवाड़ कांग्रेस के उन जमीनी और कट्टर नेताओं में गिने जाते थे, जिन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में संगठन और गांधी परिवार के प्रति अटूट वफादारी निभाई। मुंबई के दलित बहुल और पिछड़े क्षेत्रों में इस परिवार का अच्छा-खासा जनाधार और मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। गौरतलब है कि साल 2021 में कोरोना महामारी की चपेट में आने के कारण एकनाथ गायकवाड़ का निधन हो गया था, और अब उनके बेटे के जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सांसद बहन वर्षा गायकवाड़ की मजबूती थे तुषार, संगठन को लगा बड़ा झटका
तुषार गायकवाड़ की बहन वर्षा गायकवाड़ इस समय सक्रिय राजनीति का एक बड़ा चेहरा हैं। वह मुंबई की प्रतिष्ठित धारावी विधानसभा सीट से लगातार विधायक चुनी जाती रही हैं और महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। वर्तमान में वह संसद सदस्य (सांसद) के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। हालांकि तुषार गायकवाड़ ने खुद कभी कोई बड़ा चुनावी पद नहीं संभाला, लेकिन वे पृष्ठभूमि में रहकर अपनी बहन वर्षा गायकवाड़ और कांग्रेस संगठन के लिए एक मजबूत स्तंभ की तरह काम करते थे।
स्थानीय स्तर पर अपूरणीय क्षति, कार्यकर्ताओं की आंखें नम
भले ही तुषार मुख्यधारा की चुनावी राजनीति की चकाचौंध से दूर रहे, लेकिन स्थानीय स्तर पर पार्टी के कैडर को एकजुट रखने और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुलझाने में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती थी। जमीनी कार्यकर्ताओं से उनका सीधा और आत्मीय जुड़ाव था। यही वजह है कि उनके निधन की खबर को मुंबई कांग्रेस और स्थानीय संगठन के लिए एक बहुत बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। मामले से जुड़ी आगे की जानकारियों और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की प्रतीक्षा की जा रही है।
PM Modi को स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान, राउत बोले कुछ ऐसा…
18 May, 2026 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोथेनबर्ग (स्वीडन): भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को स्वीडन के बेहद प्रतिष्ठित और सर्वोच्च सम्मान 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार' (डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस) से नवाजा गया है। यह किसी भी राष्ट्राध्यक्ष को दिया जाने वाला स्वीडन का सबसे बड़ा पुरस्कार है। वैश्विक मंच पर पीएम मोदी को मिलने वाला यह 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। जहाँ एक तरफ इस उपलब्धि पर देश-विदेश से बधाइयां मिल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत में इस पर राजनीति और बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
18वीं शताब्दी का ऐतिहासिक सम्मान और विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
स्वीडन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार' की शुरुआत साल 1748 में हुई थी। यह ऐतिहासिक सम्मान स्वीडन के हितों और आपसी संबंधों को बढ़ावा देने वाले व्यक्तिगत प्रयासों के लिए दिया जाता है। गोथेनबर्ग में आयोजित एक भव्य और विशेष समारोह के दौरान स्वीडन की क्राउन प्रिंसेज विक्टोरिया ने पीएम मोदी को इस पदक से सम्मानित किया। इस मौके पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह पुरस्कार दोनों देशों की गहरी दोस्ती का प्रतीक है और यह पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा भारत-स्वीडन संबंधों को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान का सम्मान है।
पीएम मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों को समर्पित किया पुरस्कार
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने लिखा, "रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार से सम्मानित होना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का है। इसके साथ ही यह स्वीडन के उन तमाम दोस्तों का भी सम्मान है जिन्होंने हमारे द्विपक्षीय रिश्तों को एक मजबूत आधार दिया है। मैं कामना करता हूँ कि दोनों देशों की यह अटूट मित्रता भविष्य में और फले-फूले।"
विपक्ष का तंज: "अवॉर्ड पाने में सेंचुरी पूरी कर लेंगे पीएम"
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान के मिलते ही देश के भीतर राजनीतिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पर तंज कसा। संजय राउत ने कहा, "वह (पीएम मोदी) जिस भी देश में कदम रखते हैं, वहाँ का सबसे बड़ा पुरस्कार उन्हें मिल जाता है। इस रफ्तार से तो वह अवॉर्ड्स का शतक भी पूरा कर लेंगे, लेकिन इस अवॉर्ड का देश के लिए क्या फायदा? वह विपक्ष को विदेश दौरों पर न जाने की नसीहत देते हैं, जबकि खुद लगातार अलग-अलग देशों की यात्राएं कर रहे हैं।"
पुणे की चौंकाने वाली घटना: शक के चलते पत्नी पर जानलेवा हमला
18 May, 2026 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे (उरुली कांचन इलाका) से घरेलू हिंसा और क्रूरता का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक पति ने अपनी 24 वर्षीय पत्नी के चरित्र पर झूठा शक करते हुए उस पर तेजाब से हमला कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी पीड़ित महिला को आरोपी ने इलाज कराने के बजाय 15 दिनों तक घर में ही बंधक बनाकर रखा। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है।
शराब के नशे में अवैध संबंध का आरोप और हमला
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 20 अप्रैल की है। आरोपी पति अत्यधिक शराब पीकर घर लौटा था। उसने अपनी पत्नी के काम पर जाने को लेकर आपत्ति जताई और उसके चरित्र पर कीचड़ उछालते हुए नाजायज संबंध होने का आरोप लगाया। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ बर्बरता से मारपीट शुरू कर दी। हैवानियत की हदें पार करते हुए उसने घर में रखा एसिड (तेजाब) लाकर पत्नी के गुप्तांग पर डाल दिया।
मदद के लिए चीखती रही पीड़िता, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी
तेजाब के हमले से महिला असहनीय दर्द से तड़प उठी और उसने जान बचाने के लिए घर से भागने का प्रयास किया। लेकिन आरोपी पति ने मुख्य दरवाजा बंद कर दिया और उसकी दोबारा बेरहमी से पिटाई की। महिला की चीख-पुकार सुनकर जब पड़ोस में रहने वाली एक रिश्तेदार वहाँ पहुँची, तो आरोपी ने उसे भी डराया और पीड़ित महिला को जान से मारने की धमकी देता हुआ वहाँ से भाग निकला।
15 दिनों की कैद के बाद बेटियों संग मायके पहुँची पीड़ित
घायल महिला को तड़पता छोड़ने के बाद भी उस पर जुल्म कम नहीं हुआ। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय घर के भीतर ही कैद करके रखा गया। करीब 15 दिनों तक इस नरक को झेलने के बाद, शनिवार (9 तारीख) को महिला को भागने का मौका मिला। जब पति काम पर गया हुआ था, तब पीड़िता अपनी दो मासूम बेटियों को लेकर किसी तरह अपने मायके सुरक्षित पहुँची और आपबीती सुनाई।
अस्पताल में भर्ती और पुलिसिया कार्रवाई
परिजनों ने बिना वक्त गंवाए पीड़िता को उरुली कांचन पुलिस स्टेशन पहुँचाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत महिला को इलाज के लिए ससून अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की देखरेख में इलाज होने और स्थिति में थोड़ा सुधार आने के बाद, शुक्रवार (15 तारीख) को पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: तारीखों का ऐलान, राजनीति में हलचल
18 May, 2026 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य की विधान परिषद (Local Authorities' Constituencies) की रिक्त पड़ी 16 सीटों पर चुनाव कराने की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही संबंधित इलाकों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस चुनाव को लेकर रणनीतियों और बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, क्योंकि सभी दल इसे अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने के बड़े मौके के रूप में देख रहे हैं।
नामांकन से लेकर नतीजों तक: यह रहेगा पूरा चुनावी कार्यक्रम
चुनाव आयोग द्वारा जारी टाइमलाइन के अनुसार, इन 16 सीटों के लिए चुनावी अधिसूचना 25 मई, 2026 (सोमवार) को जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नामांकन की आखिरी तारीख: 1 जून, 2026
समीक्षा (स्क्रूटनी): 2 जून, 2026
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 4 जून, 2026
मतदान की तारीख: 18 जून, 2026 (सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक)
मतगणना (नतीजे): 22 जून, 2026
चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति: 25 जून, 2026 तक पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।
इन 16 जिलों/क्षेत्रों में सजने जा रहा है चुनावी मैदान
विधान परिषद की जिन 16 सीटों पर मतदान होना है, उनमें महाराष्ट्र के प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में सोलापुर, अहमदनगर, ठाणे, जलगांव, सांगली-सतारा, नांदेड़, यवतमाल, पुणे, भंडारा-गोंदिया, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, नासिक, वर्धा-चंद्रपुर-गडचिरोली, अमरावती, उस्मानाबाद-लातूर-बीड़, परभणी-हिंगोली और औरंगाबाद-जालना शामिल हैं। इसके अलावा, चंद्रशेखर बावनकुले के विधानसभा में चुने जाने के बाद रिक्त हुई नागपुर सीट पर भी इसी शेड्यूल के तहत उपचुनाव कराया जाएगा।
क्यों टल रहे थे चुनाव? आयोग के कड़े नियमों के बाद मिली हरी झंडी
इन सीटों पर पूर्व सदस्यों का कार्यकाल काफी समय पहले खत्म हो चुका था, लेकिन तकनीकी कारणों से चुनाव नहीं हो पा रहे थे। दरअसल, चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव तभी संभव हैं जब वहां कम से कम 75% स्थानीय निकाय (जैसे नगर पालिका, जिला परिषद आदि) सक्रिय हों और 75% मतदाता उपलब्ध हों। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में यह कोरम पूरा नहीं था। अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी से हरी झंडी और सभी मानक पूरे होने की रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग ने चुनाव कराने का फैसला लिया है।
महायुति बनाम महाविकास अघाड़ी: प्रतिष्ठा की लड़ाई और खास समीकरण
चूंकि यह चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं बल्कि नगर निगमों, जिला परिषदों और नगर परिषदों के चुने हुए प्रतिनिधियों (पार्षदों/सदस्यों) द्वारा वोट डालकर लड़ा जाता है, इसलिए इसे 'लोकल बॉडीज इलेक्शन' भी कहते हैं। राज्य की सत्ताधारी महायुति (भाजपा, शिवसेना-शिंदे, एनसीपी-अजीत पवार) और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, एनसीपी-शरद पवार) के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि स्थानीय स्तर पर जोड़-तोड़, क्रॉस वोटिंग और गुप्त समीकरण इन सीटों के नतीजों को तय करेंगे, जो भविष्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।
परिवार के साथ हुए हादसे का दुख, पिता ने उसी स्थान पर आत्महत्या की
16 May, 2026 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोल्हापुर। महाराष्ट्र के कोल्हापुर से एक बेहद भावुक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बेबस पिता ने अपनी जिंदगी का अंत उसी स्थान पर कर दिया जहाँ ढाई साल पहले एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनका पूरा परिवार खत्म हो गया था। अपनी आंखों के सामने पत्नी और दो मासूम बच्चों को खोने वाले इस शख्स के इस आत्मघाती कदम के बाद से पूरे इलाके में गहरा सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ गई है।
अपनों को खोने का असहनीय दर्द और हादसे की वो खौफनाक याद
मृतक की पहचान 58 वर्षीय विराट विट्ठललाल गौतम के रूप में हुई है, जो पिछले काफी समय से अकेलेपन और मानसिक अवसाद से जूझ रहे थे। दरअसल, 23 नवंबर 2023 को कोल्हापुर के पुईखड़ी घाट के पास एक निजी बस की चपेट में आने से उनकी 43 वर्षीय पत्नी नीलू, 17 साल की बेटी रिद्धिमा और 13 साल के बेटे सार्थक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। उस भीषण सड़क हादसे में विराट तो शारीरिक रूप से बच गए थे, लेकिन अपने पूरे हंसते-खेलते परिवार को अचानक खो देने का गहरा सदमा उन्हें भीतर ही भीतर पूरी तरह खोखला कर रहा था।
उसी पुण्यभूमि पर दी श्रद्धांजलि और फिर चुन लिया मौत का रास्ता
शुक्रवार की सुबह कुछ राहगीरों को पुईखड़ी घाट के सुनसान इलाके में एक व्यक्ति का काफी पुराना शव पड़े होने की जानकारी मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस को मृतक की जेब से मिले पहचान पत्रों के जरिए उनकी शिनाख्त विराट गौतम के रूप में करने में सफलता मिली। शुरुआती जांच और कड़ियों को जोड़ने पर यह दुखद सच सामने आया कि विराट विशेष रूप से उसी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने सबसे पहले अपनी पत्नी और बच्चों को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर वहीं पर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
सोशल मीडिया पर आखिरी खत और अधूरी दुनिया का छलका दर्द
अपनी सांसों को हमेशा के लिए रोकने से ठीक पहले विराट ने सोशल मीडिया पर एक बेहद दर्दनाक और भावुक संदेश साझा किया था, जिसमें उनका बरसों का संजोया दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने अपने आखिरी पोस्ट में लिखा था कि वह अब इस दुनिया को और अपने शरीर को त्याग रहे हैं क्योंकि अपनी पत्नी और बच्चों के बिना उनकी इस जिंदगी का कोई मोल या अस्तित्व नहीं रह गया था। उन्होंने अत्यंत व्यथित मन से लिखा था कि उनकी दुनिया तो उसी पल पूरी तरह उजड़ गई थी जब उनका परिवार उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गया था और उसके बाद के ढाई साल उन्होंने सिर्फ और सिर्फ असहनीय मानसिक पीड़ा में काटे हैं।
रिश्तों में दरार घातक बनी, बेटे ने पत्नी की मौजूदगी में माता-पिता की हत्या की
16 May, 2026 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धुले। महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर शहर से पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ की महावीर सोसायटी में एक कलयुगी बेटे ने मामूली बात पर उपजे पारिवारिक विवाद के बाद अपने ही सगे माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे रिहायशी इलाके में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल बना हुआ है।
शादी की खुशियों के बीच उपजा विवाद और पत्नी के सामने अपमान का गुस्सा
मृतक बुजुर्ग दंपति अपनी बेटी की शादी संपन्न कराने के बाद शुक्रवार की दोपहर को ही बेहद खुशी-खुशी अपने घर वापस लौटे थे। पूरे घर में अभी विवाह उत्सव की चहल-पहल और उल्लास का माहौल बना ही हुआ था कि इसी बीच किसी घरेलू बात को लेकर आपस में कहासुनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान माता-पिता ने अपने बेटे चंदन इंदाराम महतो को उसकी पत्नी के सामने कुछ कड़े और अपमानजनक शब्द कह दिए थे, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सका और उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
मूसल से सिर पर किए ताबड़तोड़ वार और मौके पर ही थम गईं सांसें
पत्नी के सामने हुए इस तीखे अपमान से तिलमिलाए चंदन महतो ने अपना आपा खो दिया और घर में रखा एक भारी मूसल उठा लिया। उसने तैश में आकर सबसे पहले अपनी मां रांजुदेवी महतो के सिर पर मूसल से जोरदार हमला किया और जब पिता इंदाराम महतो बीच-बचाव करने आए, तो उसने उन पर भी एक के बाद एक कई जानलेवा वार कर दिए। हमला इतना भीषण और सटीक था कि दोनों बुजुर्ग खून से लथपथ होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े और अत्यधिक चोट लगने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
भागते हुए आरोपी को पड़ोसियों ने दबोचा और पुलिस ने लिया हिरासत में
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से रफूचक्कर होने की फिराक में था, लेकिन घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार को सुनकर आस-पड़ोस के लोग तुरंत वहां इकट्ठा हो गए। पड़ोसियों ने तत्परता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए भाग रहे चंदन को मौके पर ही दबोच लिया और तुरंत शिरपुर थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया, जबकि चश्मदीदों के अनुसार गिरफ्तारी के वक्त भी आरोपी के चेहरे पर अपने माता-पिता को खोने का कोई मलाल या पछतावा नहीं दिख रहा था।
NCP में सब कुछ ठीक नहीं, शरद पवार ने की अंतिम समय की चर्चा
16 May, 2026 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की सत्ताधारी राजनीति के केंद्र में मौजूद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर मचे आंतरिक घमासान और कलह ने अब एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ ले लिया है। जब से सुनेत्रा पवार ने दल की कमान अपने हाथों में ली है, तभी से सांगठनिक फेरबदल और वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी को लेकर सुगबुगाहट का दौर चरम पर पहुंच गया है। राज्य के राजनीतिक गलियारों में यह कयास बेहद तेजी से लगाए जा रहे हैं कि पार्टी के दो सबसे कद्दावर और अनुभवी चेहरों, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को सोची-समझी रणनीति के तहत मुख्यधारा से अलग कर हाशिए पर धकेला जा रहा है, जिसने पार्टी के भीतर एक बड़े असंतोष और बगावत की पृष्ठभूमि तैयार कर दी है।
सांगठनिक सूची से बड़े चेहरों की विदाई और आंतरिक मतभेद हुए उजागर
पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान को उस समय और हवा मिल गई जब राकांपा के नवनियुक्त पदाधिकारियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक की गई। इस सूची में प्रफुल्ल पटेल जैसे राष्ट्रीय कद के नेता का नाम न होना और प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे सुनील तटकरे को भी कोई बड़ी जिम्मेदारी न मिलना राजनीतिक पंडितों को हैरान कर रहा है। इन दोनों ही वरिष्ठ नेताओं और नए नेतृत्व के बीच कड़वाहट इस कदर बढ़ चुकी है कि पार्टी के भीतर अब अनुशासन और एकता के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।
पुराने खेमे की ओर झुकाव और शरद पवार के आवास पर गुप्त मुलाकातों का दौर
पार्टी में खुद को किनारे किए जाने से आहत दोनों ही दिग्गज नेताओं ने अब अपने राजनीतिक वजूद को बचाने के लिए पुरानी कड़वाहटों को भुलाकर राकांपा के संस्थापक शरद पवार के मुंबई स्थित 'सिल्वर ओक' आवास का रुख कर लिया है। बेहद पुख्ता राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, एक तय रणनीति के तहत पहले प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार से एकांत में लंबी बातचीत की और ठीक उसी दिन कुछ ही घंटों के अंतराल पर सुनील तटकरे भी अचानक पवार के घर जा पहुंचे। प्रफुल्ल पटेल द्वारा वर्तमान उठापटक पर सार्वजनिक रूप से साधी गई चुप्पी और उसके तुरंत बाद शरद पवार के दरबार में इस हाजिरी ने महायुति गठबंधन और राकांपा के दोनों धड़ों के बीच किसी बड़ी अंडरकरंट राजनीति की ओर इशारा कर दिया है।
गुवाहाटी से वापसी के सफर ने बयां की गठबंधन के भीतर की नई सियासी तस्वीर
नेताओं के बीच की यह आपसी दूरी केवल बंद कमरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि हाल ही में हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह के दौरान असम के गुवाहाटी में भी खुलकर सामने आ गई। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे तीनों ही नेता वहां पहुंचे हुए थे, लेकिन दिल्ली और राज्य की राजनीति में भूचाल तब आया जब समारोह की समाप्ति के बाद सुनेत्रा पवार ने अपनी ही पार्टी के इन दोनों वरिष्ठ सहयोगियों के साथ वापस लौटने के बजाय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विशेष विमान से यात्रा करना बेहतर समझा, जिसने पार्टी के भीतर अविश्वास की खाई को जगजाहिर कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी में विलय की अटकलें और रोहित पवार का बड़ा दावा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शरद पवार गुट के युवा नेता रोहित पवार के एक बेहद सनसनीखेज बयान ने सूबे के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह बड़ा दावा किया है कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे अपनी उपेक्षा से तंग आकर बहुत जल्द अपने वफादार विधायकों के एक बड़े समूह के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में राकांपा के ये दोनों खेमे अपनी साख बचाने के लिए क्या नया दांव खेलते हैं, क्योंकि इस शह और मात के खेल पर पूरे महाराष्ट्र की जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
मुंब्रा मर्डर मिस्ट्री: प्रेम संबंध ने दी जानलेवा मोड़, पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
15 May, 2026 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे: महाराष्ट्र के मुंब्रा क्षेत्र में घटित हुई एक जघन्य और सनसनीखेज हत्या की वारदात ने पूरे प्रशासनिक अमले और स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। अवैध संबंधों, आर्थिक लेनदेन के विवाद और धोखे की बुनियाद पर रची गई यह खौफनाक साजिश शुरुआत में एक सामान्य गुमशुदगी का मामला प्रतीत हो रही थी, लेकिन गहन तकनीकी तफ्तीश के बाद यह एक जटिल मर्डर मिस्ट्री के रूप में सामने आई। मुंब्रा थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है और घटना में संलिप्त मुख्य महिला सहित चार आरोपियों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट और तकनीकी सुरागों से खुला राज
मृतक अरबाज के अचानक लापता होने के बाद जब परिजनों को काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सेल की मदद ली और लापता युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और संदिग्ध मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। इन तमाम वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को अरबाज की अंतिम लोकेशन वर्सोवा इलाके में मिली, जिसके बाद जांच की सुई एक विवाहित महिला की तरफ घूम गई और पूरी साजिश की कड़ियां एक-एक कर जुड़ती चली गईं।
अवैध संबंधों के जाल में बुलाकर खूनी वारदात को अंजाम
पुलिसिया तफ्तीश में यह बात पुख्ता तौर पर सामने आई कि अरबाज का मेहजबीन शेख नामक एक विवाहित महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। हिरासत में लिए जाने के बाद शुरुआत में तो महिला ने अधिकारियों को गुमराह करने और मनगढ़ंत कहानियां सुनाने का प्रयास किया, परंतु जब पुलिस ने उसके सामने लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड के अकाट्य प्रमाण रखे, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मुख्य आरोपी महिला ने अपने पति हसन शेख, भाई तारिक शेख और एक करीबी मित्र मोज्जम पठान के साथ मिलकर अरबाज को वर्सोवा बुलाया था जहाँ पहले उससे मोटी रकम ऐंठने की कोशिश की गई और इनकार करने पर उसे बंधक बनाकर प्लास्टिक के पाइपों से इस कदर पीटा गया कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
साक्ष्य मिटाने के लिए ड्रम में बंद कर बहाया शव
क्रूरतापूर्वक हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद कानून के शिकंजे से बचने के लिए आरोपियों ने सबूतों को नष्ट करने की एक सोची-समझी योजना तैयार की। उन्होंने मृतक के शव को छिपाने के उद्देश्य से उसे एक हरे रंग के बड़े प्लास्टिक ड्रम में ठूंस दिया और फिर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर उसे एक सुनसान इलाके में स्थित गहरे नाले में फेंक दिया। आरोपियों को पूरा विश्वास था कि शव के इस तरह डिस्पोजल किए जाने के बाद पुलिस कभी भी उन तक नहीं पहुंच पाएगी और यह मामला हमेशा के लिए फाइलों में दफन हो जाएगा।
कानून का शिकंजा और धाराओं के तहत अगली कार्रवाई
अपराधियों की तमाम चालाकियों के बावजूद मुंब्रा पुलिस की सूझबूझ और सटीक सर्विलांस के आगे उनकी यह साजिश नाकाम साबित हुई। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए न केवल वारदात में इस्तेमाल किए गए साक्ष्यों को बरामद किया है बल्कि चारों नामजद आरोपियों मेहजबीन, हसन, तारिक और मोज्जम को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब इन सभी के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश रचने और साक्ष्यों को छुपाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर अदालत में सख्त चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर रहा है।
शादी की खुशियाँ हुईं मातम में बदल, हाईवे हादसे में मासूम समेत 2 की जान गई
15 May, 2026 01:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अकोला: महाराष्ट्र के अकोला जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोरगांव मंजू के समीप गुरुवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई, जिसमें एक मासूम बच्चे और एक बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण टक्कर में चार महिलाओं सहित छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब सड़क किनारे खड़े एक भारी कंटेनर से तेज रफ्तार ईको कार पीछे से जा टकराई, जिससे कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार लोग मलबे के भीतर ही फंस गए।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं और मची चीख-पुकार
हादसे का शिकार हुआ कुरैशी परिवार माना क्षेत्र में आयोजित एक विवाह समारोह में सम्मिलित होकर देर रात अपने घर वापस लौट रहा था। स्वजनों की खुशियां उस समय अचानक चीख-पुकार में बदल गईं जब उनकी गाड़ी हाईवे पर खड़े एक वाहन की चपेट में आ गई। रात के सन्नाटे में हुई इस भीषण भिड़ंत की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत बचाव के लिए दौड़े और पुलिस प्रशासन को इस अनहोनी की सूचना दी।
मासूम और बुजुर्ग की मौत से पसरा सन्नाटा
इस दर्दनाक हादसे में सात वर्षीय बालक शेख अर्शियान और पैंसठ वर्षीय बुजुर्ग अब्दुल कारूस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विशेषकर एक अबोध बच्चे की असमय मौत से पूरे इलाके में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। दुर्घटना में घायल हुए अन्य छह लोगों में से दो की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल नजदीकी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है जहाँ चिकित्सकों की टीम उनकी जान बचाने का निरंतर प्रयास कर रही है।
डीजल खत्म होने से खड़ी गाड़ी बनी काल और जांच शुरू
प्रारंभिक जांच और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राजमार्ग पर खड़े उस कंटेनर का ईंधन समाप्त हो गया था, जिसके कारण चालक ने उसे सड़क के किनारे ही खड़ा कर दिया था। रात का घना अंधेरा होने और कार की गति अत्यधिक तेज होने की वजह से कार चालक समय रहते वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाया और यह भयानक टक्कर हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुँची बोरगांव मंजू थाना पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त गाड़ियों को बीच सड़क से हटवाया और बंद पड़े यातायात को सुचारू रूप से बहाल करवाया।
राजमार्गों पर सुरक्षा और गति सीमा को लेकर उठे सवाल
इस भीषण दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात के समय होने वाले सफर की सुरक्षा और खराब वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की तकनीकी और कानूनी पहलुओं से जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खड़े कंटेनर द्वारा सुरक्षा संकेतकों का उपयोग किया गया था या नहीं। प्रशासन ने वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे रात के समय गति सीमा का विशेष ध्यान रखें ताकि ऐसी अप्रत्याशित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
पति बना कातिल, पत्नी के सामने प्रेमी को मौत के घाट उतारा
15 May, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी के गोरेगांव इलाके से वैवाहिक और सामाजिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह होने के चलते एक व्यक्ति ने अपनी ही जीवनसंगिनी के सामने उसके कथित प्रेमी की चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज और वीभत्स हत्याकांड के बाद पूरे रिहायशी इलाके में डर और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
शक की बुनियाद पर रची गई खूनी साजिश और पुराना विवाद
पुलिस प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान अड़तालीस वर्षीय भीमराज ओमप्रकाश शर्मा के रूप में की गई है। आरोपी को लंबे समय से यह गहरा संशय था कि उसकी पत्नी के विकास भुसारे नामक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध चल रहे हैं और इसी अविश्वास के कारण दोनों परिवारों के बीच अक्सर हिंसक झड़पें और विवाद होते रहते थे। इस रंजिश के चलते पूर्व में मृतक ने आरोपी की पत्नी के खिलाफ छेड़छाड़ से जुड़ी एक कानूनी शिकायत भी दर्ज कराई थी, परंतु इसके बाद भी भीमराज के मन में बैठा हुआ शक का बीज खत्म नहीं हुआ और उसने विकास को अपने रास्ते से हटाने की एक खौफनाक योजना तैयार कर ली।
मदिरापान के दौरान उपजा आक्रोश और सरेआम कत्ल
इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत विकास को अपने निवास स्थान पर आमंत्रित किया था। रात के समय आरोपी, उसकी पत्नी और विकास तीनों ने एक ही कमरे में बैठकर देर तक मदिरापान किया, लेकिन नशे की स्थिति में पुरानी बातें सामने आते ही सामान्य बातचीत अचानक उग्र बहस में तब्दील हो गई। शराब के अत्यधिक नशे में भीमराज का आत्मनियंत्रण पूरी तरह खो गया और उसने चिल्लाते हुए विकास को अपने घर दोबारा न आने की चेतावनी दी। देखते ही देखते यह मौखिक विवाद हाथापाई में बदल गया और आरोपी ने रसोई से धारदार चाकू निकालकर अपनी पत्नी की आंखों के सामने ही विकास के गले पर प्राणघातक वार कर दिया, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसने मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया।
घने जंगलों में चला सर्च ऑपरेशन और महज तीन घंटे में गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद कानून के डंडे से बचने के लिए हत्यारा भीमराज आरे कॉलोनी के बेहद घने और सुनसान जंगलों की तरफ भाग निकला। घटना की भयावहता को देखते हुए आरे थाना पुलिस की विशेष टीमों ने बिना वक्त गंवाए आधुनिक हथियारों और टॉर्च की रोशनी के सहारे रात के सन्नाटे में ही जंगल के भीतर एक बड़ा कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और सटीक घेराबंदी का ही नतीजा रहा कि वारदात के महज तीन घंटे के भीतर ही हत्यारे को जंगल के भीतर छिपे हुए अवस्था में दबोच लिया गया, जिसने प्रारंभिक पूछताछ में ही अपना गुनाह पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।
अदालती कार्रवाई की तैयारी और विधिक औपचारिकताएं
जघन्य हत्याकांड के इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से हत्या में प्रयुक्त खून से सना हुआ चाकू और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। आरे पुलिस स्टेशन की टीम अब इस मामले में चश्मदीद गवाह यानी आरोपी की पत्नी के विस्तृत बयान दर्ज कर रही है ताकि न्यायालय के समक्ष एक मजबूत केस डायरी पेश की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है जिससे इस प्रकार के जघन्य कृत्यों को अंजाम देने वाले अपराधियों को समाज में एक सख्त संदेश दिया जा सके।
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