महाराष्ट्र
शरद पवार और फडणवीस की मुलाकातों से सियासी अटकलें तेज, महाराष्ट्र में बढ़ी हलचल
15 Jul, 2026 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर भारी उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं, जिसने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार-SP) के प्रमुख शरद पवार के अगले सियासी कदम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। दरअसल, मंगलवार देर रात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों ही धड़ों के दिग्गज नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अलग-अलग मुलाकातें की हैं। इन गोपनीय बैठकों के बाद राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या शरद पवार का गुट आगामी दिनों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का रुख कर सकता है या राज्य में कोई बिल्कुल नया राजनीतिक समीकरण आकार लेने जा रहा है।
विधेयक पर समर्थन और सुप्रिया सुले की घोषणा की संभावना
सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी संसद में आगामी परिसीमन (Delimitation) विधेयक के मुद्दे पर केंद्र सरकार यानी एनडीए का समर्थन कर सकती है। इस संभावित राजनीतिक कदम को लेकर राजनीतिक हल्कों में दावा किया जा रहा है कि शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले आज दोपहर तक पार्टी के इस आधिकारिक रुख की घोषणा कर सकती हैं। इन अटकलों को बल तब मिला जब राकांपा (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने मुंबई स्थित पवार के आवास 'सिल्वर ओक' पर चर्चा करने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की, जबकि दूसरी ओर अजित पवार गुट के सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने भी मुख्यमंत्री से अलग बैठक की।
पार्टी के भीतर आंतरिक संकट और फंड की चुनौती
जुलाई 2023 में अजित पवार की बगावत के बाद से ही शरद पवार गुट अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी के 10 विधायकों में से लगभग आधे विधायक सत्ताधारी एनडीए गठबंधन में शामिल होने के पक्ष में हैं। इन विधायकों का मानना है कि विपक्ष में रहने के कारण उन्हें अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए आवश्यक फंड और प्रशासनिक मंजूरियां मिलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका राजनीतिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि, इन तमाम आंतरिक दबावों के बीच शरद पवार ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और न ही किसी बैठक की आधिकारिक जानकारी साझा की गई है।
संसद में संख्या बल का गणित और छोटे दलों की महत्ता
भले ही महाराष्ट्र विधानसभा में शरद पवार गुट के पास केवल 10 विधायक और लोकसभा में 8 सांसद हैं, लेकिन मौजूदा राष्ट्रीय परिदृश्य में केंद्र सरकार के लिए यह संख्या बल बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार आगामी सत्रों में परिसीमन जैसे देशव्यापी और दूरगामी प्रभाव वाले महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए अपना समर्थन आधार मजबूत करना चाहती है। यही वजह है कि राष्ट्रीय स्तर पर छोटे और क्षेत्रीय दलों का सहयोग हासिल करने की कोशिशें तेज हो गई हैं, जिसमें शरद पवार गुट की भूमिका अहम मानी जा रही है।
अजित पवार गुट में बेचैनी और सांगठनिक विवाद
शरद पवार गुट की ओर से एनडीए के साथ जाने या फिर कांग्रेस में विलय जैसे विभिन्न विकल्पों पर चल रही खुली चर्चाओं ने अजित पवार गुट के भीतर भी तगड़ी बेचैनी पैदा कर दी है। सत्ताधारी गठबंधन में शामिल इस धड़े को डर है कि अगर शरद पवार गुट कोई नया कदम उठाता है तो उनका सियासी महत्व कम हो सकता है। इसी बीच, संगठन के स्तर पर भी खींचतान सामने आई है जहां पूर्व राकांपा राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के चुनाव को चुनौती देते हुए एक कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए गए हैं।
2.3 करोड़ लीटर नकली दूध का कारोबार, महाराष्ट्र में मचा हड़कंप
14 Jul, 2026 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े आपराधिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यहां पिछले काफी समय से धड़ल्ले से चल रहे नकली और मिलावटी दूध के काले कारोबार का पर्दाफाश करते हुए जांच एजेंसियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रसायनों के दम पर तैयार किए जा रहे इस सफेद जहर को असली दूध के पैकेटों में मिलाकर धड़ल्ले से राज्य के कोने-कोने में परोसा जा रहा था।
केमिकल और डिटर्जेंट से तैयार हो रहा था घातक दूध
जांच में यह बेहद खौफनाक सच सामने आया है कि इस सिंडिकेट द्वारा शुद्ध दूध में मिलाए जाने वाले इस कृत्रिम दूध को तैयार करने के लिए वाशिंग पाउडर यानी डिटर्जेंट और अन्य जानलेवा रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिलावटखोरों का यह नेटवर्क इतना बड़ा था कि वे पिछले कुछ ही महीनों के भीतर बाजार में करीब २.३ करोड़ लीटर से अधिक मिलावटी दूध आम जनता तक पहुंचा चुके हैं।
मिलावटखोरों का बेहद शातिराना और सुनियोजित तरीका
एफडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस गिरोह के काम करने के अनोखे और बेहद शातिराना तरीके का पर्दाफाश किया है। आरोपी सीधे नकली दूध को बाजार में उतारने के बजाय उसे असली दूध में इस अनुपात में मिलाते थे कि सामान्य तौर पर कोई इसकी पहचान न कर सके। वे हर १०० लीटर शुद्ध दूध के टैंक में लगभग १० लीटर केमिकल से बना नकली दूध मिला देते थे, जिससे दूध की कुल मात्रा भी बढ़ जाती थी और उसकी सघनता भी बनी रहती थी।
प्रमुख डेयरियों के नेटवर्क से सीधे घरों तक पहुंच रही थी मिलावट
इस रासायनिक रूप से तैयार और मिश्रित किए गए दूध को आम ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए आरोपियों ने एक व्यवस्थित वितरण प्रणाली विकसित कर रखी थी। इस मिलावटी दूध को सामान्य और शुद्ध दूध बताकर विभिन्न नामी डेयरियों, स्थानीय दूध वितरकों और खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से सीधे आम उपभोक्ताओं के घरों तक खपा दिया जाता था, जिससे छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की सेहत पर गंभीर संकट खड़ा हो रहा था।
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और सघन अभियान
इस बड़े खुलासे के बाद एफडीए और स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मिलावटखोरी के इस गिरोह से जुड़े मुख्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जब्त किए गए दूध के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इन मिलावटखोरों के खिलाफ मकोका और अन्य सख्त धाराओं के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नासिक में दबंगों का कहर, छेड़छाड़ का विरोध करने पर परिवार पर हमला; 9 गिरफ्तार
14 Jul, 2026 02:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले से महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां राह चलते एक महिला के साथ कुछ मनचलों ने सरेराह छेड़खानी और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। जब बहादुर पीड़ित महिला और उसके परिवार ने इस बदसलूकी का डटकर विरोध किया, तो आरोपियों ने रंजिश में उनका पीछा करना शुरू कर दिया। दबंगों ने करीब 15 किलोमीटर तक पीड़ित परिवार को दौड़ाया और अंततः घेरकर उन पर जानलेवा हमला बोल दिया।
छेड़खानी के विरोध पर 15 किलोमीटर तक खूनी पीछा
इस दिल दहला देने वाली घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित परिवार जब सफर पर था, तभी कुछ असमाजिक तत्वों ने महिला पर फब्तियां कसीं और उसके साथ दुर्व्यवहार किया। महिला के विरोध करने पर आरोपी आगबबूला हो गए और गाड़ियों से परिवार के पीछे लग गए। कई किलोमीटर तक दहशत का माहौल बनाए रखने के बाद आरोपियों ने परिवार को रोक लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।
तकनीकी साक्ष्यों और वीडियो फुटेज से खुली आरोपियों की पोल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और तफ्तीश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया। जिले के एसपी धोंडोपंत स्वामी ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने मुख्य रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों, सोशल मीडिया पर आए वीडियो रिव्यू और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से बारीकी से जांच-पड़ताल की। इस वैज्ञानिक और तकनीकी तफ्तीश के बाद पुलिस हमलावरों की सटीक पहचान करने में कामयाब रही।
पुलिसिया कार्रवाई में अब तक 9 आरोपी सलाखों के पीछे
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शुरुआत में पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिक रिपोर्ट (एफआईआर) में 6 से 7 संदिग्धों के नामों का उल्लेख किया गया था। लेकिन पुलिस ने जब जांच का दायरा बढ़ाया, तो इस खौफनाक साजिश की कई और परतें खुलीं। इसके बाद पुलिस ने न सिर्फ मुख्य हमलावरों को, बल्कि वारदात के बाद उन्हें शरण देने वाले और उनका साथ देने वाले मददगारों को भी केस में नामजद किया। मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने अब तक कुल 9 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
इस सनसनीखेज वारदात के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है, जिसे देखते हुए पुलिस बेहद सख्त रुख अपना रही है। पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाया जा सके। एसपी ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में कोर्ट में मजबूत पैरवी की जाएगी ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके और भविष्य में कोई भी महिलाओं के साथ ऐसी हैवानियत करने की हिम्मत न कर सके।
फुट ओवर ब्रिज पर लगा बैनर गिरा, स्कूटी सवार घायल; अवैध होर्डिंग्स हटाने के आदेश
14 Jul, 2026 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक तीन हाट नाका क्षेत्र में एक बड़ा और भयावह हादसा होते-होते टल गया। यहाँ मुख्य सड़क के ऊपर बने एक फुट ओवर ब्रिज पर लगा एक विशालकाय और भारी-भरकम विज्ञापन बैनर अचानक उखड़कर सीधे चलती सड़क पर आ गिरा। इस अप्रत्याशित घटना के दौरान सड़क पर काफी चहल-पहल थी और एक दुपहिया वाहन इसकी चपेट में आ गया। गनीमत यह रही कि उस समय वहां से गुजर रहे बाइक सवार और उसके पीछे बैठे सह-यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वे एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए।
व्यस्त चौराहे पर बैनर गिरने से मची अफरा-तफरी
यह घटना सुबह के उस समय घटित हुई जब सड़क पर वाहनों का दबाव अपने चरम पर था। जैसे ही लोहे के भारी फ्रेम के साथ लगा यह विशाल बैनर भरभराकर नीचे गिरा, वैसे ही व्यस्त मार्ग पर कुछ समय के लिए पूरी तरह से अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। अचानक हुए इस हादसे से पीछे चल रहे अन्य वाहन चालकों में गहरा डर और दहशत फैल गई, जिसके चलते कई लोगों ने दुर्घटना से बचने के लिए अपने वाहनों के ब्रेक बेहद आपातकालीन स्थिति में लगाए।
चश्मदीदों ने बयां किया सुबह के ट्रैफिक के समय का खौफनाक मंजर
घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों के अनुसार, सुबह के समय जब यातायात सुचारु रूप से चल रहा था, तभी फुट ओवर ब्रिज पर लगा लोहे का मजबूत ढांचा और बैनर के भारी हिस्से अचानक चरमराकर नीचे आने लगे। चश्मदीदों ने बताया कि यदि यह बैनर कुछ सेकंड पहले या बाद में गिरता, तो इसकी चपेट में कई अन्य वाहन भी आ सकते थे। बैनर के गिरते ही स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए मलबे को रास्ते से हटाने का प्रयास शुरू किया।
दुपहिया वाहन सवारों को आईं केवल मामूली चोटें
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि सीधे बैनर की चपेट में आने के बावजूद दुपहिया वाहन पर सवार दोनों नागरिकों की किस्मत अच्छी थी। भारी फ्रेम के सीधे सिर पर न गिरने के कारण उन्हें कोई जानलेवा या गंभीर चोट नहीं आई है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों ने दोनों घायलों को संभाला और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को पूरी तरह से खतरे से बाहर बताया और उन्हें मामूली खरोंचें आने की पुष्टि की।
शहरी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और होर्डिंग्स के नियमों पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर शहर के भीतर सार्वजनिक स्थानों और फुट ओवर ब्रिजों पर बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के लगाए जाने वाले बड़े-बड़े होर्डिंग्स और विज्ञापनों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त करते हुए मांग की है कि मानसून और तेज हवाओं के इस मौसम में शहर के सभी प्रमुख ढांचों का तुरंत सुरक्षा ऑडिट किया जाए। लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए अवैध और कमजोर होर्डिंग्स लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ऑटो ड्राइवर से प्यार के बाद पति का कत्ल, जंगल में फेंके शव के टुकड़े
14 Jul, 2026 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक दिल दहला देने वाला और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया सामने आया है, जहां लगभग एक साल पहले हुई ५० वर्षीय एक व्यक्ति की रहस्यमयी गुमशुदगी का पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। बीते एक साल से जिस मामले को साधारण गुमशुदगी समझा जा रहा था, वह वास्तव में एक सोची-समझी क्रूर हत्या की वारदात निकली। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। इस खौफनाक हत्याकांड के उजागर होने के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है और लोग हैरान हैं।
अवैध संबंधों के चलते रची गई थी रोंगटे खड़े करने वाली साजिश
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि इस पूरे हत्याकांड की मुख्य वजह मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी के बीच चल रहे अवैध प्रेम संबंध थे। दोनों अपने इस रिश्ते के बीच में आ रहे पति को हमेशा के लिए रास्ते से हटाना चाहते थे। इसी खौफनाक इरादे के साथ करीब एक साल पहले दोनों ने मिलकर घर के भीतर ही ५० वर्षीय व्यक्ति की बेहद बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद उन्होंने कानून की नजरों से बचने के लिए एक ऐसी साजिश रची जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।
सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े कर जंगल में फेंका
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों के सिर पर खून सवार था और उन्होंने अपराध के साक्ष्य छुपाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। दोनों ने मिलकर मृतक के शव के कई टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग प्लास्टिक के थैलों में पैक किया। इसके बाद लोकलाज और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वे उन टुकड़ों को शहर से दूर एक घने जंगल में ले गए और अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया, ताकि जंगली जानवर उन्हें खा जाएं और शव की पहचान कभी न हो सके। इसके बाद आरोपी महिला समाज के सामने ऐसे रहने लगी जैसे उसे कुछ मालूम ही न हो।
भाई के बढ़ते संदेह और लगातार पैरवी से खुला खौफनाक राज
इस पूरे सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब मृतक का सगा भाई अपने भाई के अचानक गायब होने और उसकी पत्नी के बदले हुए व्यवहार को लेकर लगातार संदेह जता रहा था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब भाई का कोई सुराग नहीं मिला और उसकी पत्नी ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराने में रुचि नहीं दिखाई, तो भाई को गहरी साजिश की बू आई। इसके बाद भाई ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई और मामले की नए सिरे से गहन जांच करने की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने संदिग्धों पर निगरानी रखनी शुरू की।
कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने उगला राज और हुए गिरफ्तार
भाई की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में दोनों लगातार पुलिस को गुमराह करने और झूठी कहानियां गढ़ने का प्रयास करते रहे, लेकिन जब पुलिस ने उनके मोबाइल की लोकेशन और घटना के वक्त के कॉल रिकॉर्ड्स उनके सामने रखे, तो दोनों का हौसला टूट गया। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी बयां कर दी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उद्धव ठाकरे ने BJP को घेरा, राहुल गांधी के समर्थन में दिया बड़ा बयान
13 Jul, 2026 02:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों को अब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे का बड़ा समर्थन मिला है। सोमवार को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों के सुर में सुर मिलाते हुए देश के तमाम राजनीतिक दलों से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र हितों और समाज से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को अपने व्यक्तिगत मतभेदों और राजनीतिक लाभ-हानि से ऊपर उठकर इस जन आंदोलन को मजबूती देनी चाहिए।
सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की भावुक अपील और राहुल गांधी से समर्थन की मांग
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे देश के जाने-माने शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन उपवास समाप्त करने की भावुक अपील करते हुए कहा कि उनका जीवन और देश के प्रति उनका योगदान बेहद अनमोल है, इसलिए उन्हें अपने स्वास्थ्य की रक्षा करनी चाहिए। इसके साथ ही ठाकरे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस बड़े आंदोलन को उनका भी पूरा और सक्रिय समर्थन मिलना चाहिए।
नीट परीक्षा विवाद के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चौबीस दिनों से जारी है महाधरना
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों और अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शनकारियों का महाधरना पिछले 24 दिनों से लगातार जारी है। आंदोलनकारी युवाओं और छात्र संगठनों की मुख्य मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें। इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने यह मांग भी प्रमुखता से उठाई है कि मई महीने में आयोजित हुई नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के सदमे के कारण जिन लाचार छात्रों ने हताशा में आकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया, उनके पीड़ित परिवारों को सरकार की तरफ से एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
बीस जुलाई को संसद मार्च की घोषणा और आंदोलनकारी वांगचुक की गिरती सेहत
यह बड़ा विरोध प्रदर्शन बीते 20 जून से लगातार संचालित किया जा रहा है, जिसमें 28 जून को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे और तभी से वे अन्न-जल त्याग कर भूख हड़ताल पर हैं। लगातार जारी अनशन के कारण वांगचुक की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों के मुताबिक उनका ब्लड प्रेशर लगातार गिर रहा है तथा उनका वजन भी करीब आठ किलोग्राम तक कम हो चुका है। इस बीच आंदोलनकारी संगठनों ने आगामी 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दिल्ली की सड़कों पर उतरकर संसद भवन तक एक विशाल और ऐतिहासिक मार्च निकालने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को जायज ठहराते हुए शिवसेना का राष्ट्रव्यापी समर्थन
उद्धव ठाकरे ने आंदोलनकारियों की आवाज को बुलंद करते हुए साफ कहा कि देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पद छोड़ने की मांग करना पूरी तरह से तर्कसंगत और न्यायोचित है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि 20 जुलाई को जब दिल्ली में संसद मार्च निकाला जाएगा, तो उसी दिन उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) पूरे महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरकर इस आंदोलन के समर्थन में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन दर्ज कराएगी। इसके अलावा आगामी मानसून सत्र के दौरान शिवसेना के सभी सांसद संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को पूरी प्रखरता से उठाएंगे, जबकि आगामी 18 जुलाई को वे स्वयं नागपुर जाकर अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े 'राम रक्षा' आंदोलन में शामिल होंगे।
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट का ₹37 लाख मुआवजे का बड़ा फैसला
13 Jul, 2026 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने वर्ष 2003 में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई एक बच्ची के पिता को लेकर बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सुनाया है। दुर्घटना की शिकार होने के बाद वह मासूम बच्ची करीब सोलह वर्षों तक कोमा में यानी पूरी तरह अचेत अवस्था में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही और आखिरकार साल 2019 में उसने दम तोड़ दिया था। इस लंबी और पीड़ादायक अवधि के दौरान परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, जिसे ध्यान में रखते हुए अदालत ने अब एक बड़ा कदम उठाया है।
कोमा में रही बेटी की मौत पर अदालत ने लगाया तगड़ा जुर्माना
सोलह साल तक अचेत अवस्था में रहने वाली अपनी बेटी की असामयिक मौत के बाद पीड़ित पिता ने उचित और ज्यादा मुआवजे की मांग को लेकर कानूनी लड़ाई जारी रखी थी। पिता की इस जायज मांग को पूरी तरह सही और तार्किक मानते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने संबंधित इंश्योरेंस कंपनी पर तगड़ा जुर्माना लगाया है। अदालत ने बीमा कंपनी के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिया है कि वह पीड़ित पिता को छह फीसदी वार्षिक ब्याज दर के साथ कुल सैंतीस लाख रुपये का बढ़ा हुआ मुआवजा तुरंत जारी करे ताकि पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सके।
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पीड़ित परिवार को मिला बड़ा न्याय
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि इतने लंबे समय तक किसी अपने को अचेत अवस्था में देखना और उसकी देखभाल करना किसी भी परिवार के लिए बेहद कष्टकारी होता है। इंश्योरेंस कंपनी द्वारा शुरुआती दौर में तय किया गया मुआवजा इस भीषण त्रासदी और इलाज में हुए भारी-भरकम खर्च के मुकाबले बेहद कम था। पिता ने हार न मानते हुए अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जहां वर्षों की लंबी प्रतीक्षा और कानूनी दलीलों के बाद आखिरकार उच्च न्यायालय ने उनके पक्ष में यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है।
बीमा कंपनी को ब्याज सहित पूरी राशि भुगतान करने का आदेश
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि हादसे के समय से लेकर अब तक के समय को देखते हुए मुआवजे की राशि में की गई यह वृद्धि पूरी तरह न्यायसंगत है। इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया गया है कि वह मुआवजे की मूल राशि के साथ-साथ तय की गई छह प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर को जोड़कर पूरी रकम का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित करे। इस फैसले से साफ हो गया है कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में बीमा कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती हैं और उन्हें पीड़ितों के नुकसान की उचित भरपाई करनी ही होगी।
नितेश राणे ने आमिर खान की शादी को लेकर साधा निशाना, बयान पर शुरू हुई बहस
13 Jul, 2026 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इस विवाह को लेकर एक बेहद विवादित बयान दिया है। उन्होंने आमिर खान के इस कदम को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद से मनोरंजन जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई है। आमिर ने हाल ही में मुंबई में एक निजी समारोह के दौरान अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की है, जिस पर अब अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
निजी फैसलों को लेकर मंत्री का हिंदू समाज से बड़ा आह्वान
अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि जब मशहूर हस्तियां अपनी निजी जिंदगी में इस तरह के फैसले लेती हैं, तो पूरे हिंदू समाज को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया कि क्या इस तरह के मामलों को एक विशेष ट्रेंड के उदाहरण के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे ऐसे कलाकारों और सेलिब्रिटीज़ का समर्थन करने या उन्हें बड़ा बनाने से पहले उनके व्यक्तिगत निर्णयों और सामाजिक प्रभाव को अच्छी तरह से समझें।
फिल्मों के बहिष्कार और हस्तियों को लेकर सोचने की अपील
मंत्री ने अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हिंदू समाज के युवाओं को यह तय करना चाहिए कि उन्हें ऐसे कलाकारों की फिल्में देखनी चाहिए या नहीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो लोग इन कलाकारों को अपना आदर्श या सेलिब्रिटी मानते हैं, उन्हें अपने विचारों पर फिर से गौर करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, दर्शकों को किसी भी अभिनेता को लोकप्रिय बनाने से पहले एक स्पष्ट और सोच-समझकर राय बनानी चाहिए ताकि समाज में एक सही संदेश जा सके।
बांद्रा स्थित आवास पर बेहद सादगी से संपन्न हुआ विवाह
गौरतलब है कि अभिनेता आमिर ने इसी महीने की पांच तारीख को अपनी तीसरी शादी रचाई है। मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित पाली हिल आवास पर आयोजित एक बेहद निजी और पारिवारिक समारोह में उन्होंने वेलनेस और ब्यूटी प्रोफेशनल गौरी स्प्रैट के साथ सात फेरे लिए। दोनों शादी के बंधन में बंधने से पहले करीब एक साल तक एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अपने इस रिश्ते को शादी का नाम देने का फैसला किया।
अभिनेता के पिछले वैवाहिक रिश्तों का ऐसा रहा है सफर
यह अभिनेता आमिर का तीसरा विवाह है। इससे पहले उन्होंने अपना पहला विवाह रीना दत्ता के साथ किया था। इसके बाद उन्होंने मशहूर फिल्ममेकर किरण राव से दूसरी शादी की थी, लेकिन कुछ समय बाद दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया था। किरण राव से अलग होने के बाद अब उन्होंने गौरी के साथ अपनी नई पारिवारिक पारी की शुरुआत की है, जो अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा का एक बड़ा विषय बन चुकी है।
ठाणे में बड़ा हादसा: मलबे में दबकर मासूम की मौत, प्रशासन ने जांच के दिए आदेश
11 Jul, 2026 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मानपाड़ा इलाके के तहत आने वाले आजाद नगर की मद्रास चॉल में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन पहली मंजिल का स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस घटना के दौरान वहाँ नीचे मौजूद एक महिला और दो मासूम बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे ने अपनी जान गंवा दी है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
मलबे से रेस्क्यू और अस्पताल में इलाज
हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। बचाव दल ने स्थानीय निवासियों की मदद से मलबे को हटाकर उसमें दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला और बिना वक्त गंवाए नजदीकी अस्पताल भेजा। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि 10 साल के मासूम जयकुमार जायसवाल ने सिविल अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई 30 वर्षीय उर्मिला जायसवाल और 8 वर्षीय विनीत कुमार जायसवाल का अस्पताल में उपचार चल रहा है, जहाँ डॉक्टर्स उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पुरानी संरचना और प्रशासनिक छानबीन
शुरुआती तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक, यह मद्रास चॉल तकरीबन 25 से 30 साल पुरानी बताई जा रही है। चॉल के जिस हिस्से में नया निर्माण कार्य किया जा रहा था, वही हिस्सा अचानक ढह गया। इस घटना के फौरन बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और यह जांच शुरू कर दी है कि क्या निर्माण कार्य के समय सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। फिलहाल, मौके पर राहत और बचाव का काम पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है।
इलाके में खौफ और सुरक्षा पर सवाल
इस भीषण हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों में काफी डर और रोष देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि पुरानी इमारतों या ढांचों में जब भी कोई नया निर्माण हो, तो सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने चाहिए। फायर ब्रिगेड के डिप्टी कमिश्नर दिनेश तायडे ने मीडिया को बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब विभाग हादसे की असली वजहों का पता लगाने के लिए गहराई से तफ्तीश कर रहा है।
नेताओं का दौरा और सख्त कार्रवाई का भरोसा
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर मुमकिन सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन का साफ कहना है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, मुंबई-पुणे मार्ग पर बढ़ी बस सेवा
11 Jul, 2026 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र के कर्जत-लोनावला रेल खंड पर मूसलाधार बारिश और अचानक हुए भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसके चलते लगभग 30 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। रेल सेवा अचानक ठप हो जाने से हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने मोर्चा संभाल लिया है। यात्रियों की सहूलियत के लिए परिवहन निगम ने मुंबई और पुणे के बीच आज से ही प्रतिदिन 200 अतिरिक्त बस फेरे शुरू करने का एक बहुत बड़ा फैसला लिया है।
नियमित ई-शिवनेरी के साथ चलेंगी अतिरिक्त बसें
इस आपातकालीन योजना के अंतर्गत मुंबई और पुणे के बीच रोजाना चलने वाली 312 अत्याधुनिक ई-शिवनेरी बसों के सामान्य फेरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इन वातानुकूलित बसों के अलावा ही 200 अतिरिक्त साधारण बसें चलाई जा रही हैं, ताकि रेल यातायात बंद होने से फंसे आम यात्रियों को तुरंत और किफायती यात्रा का विकल्प मिल सके। प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि अचानक बढ़े यात्री भार को आसानी से संभाला जा सके और स्टेशनों पर भीड़ जमा न हो।
परिवहन विभाग की मुस्तैदी और डिपो को सख्त निर्देश
परिवहन विभाग ने राज्य के सभी संबंधित बस डिपो और टर्मिनलों को अत्यंत सतर्क रहने के स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को साफ कहा गया है कि यदि बस अड्डों पर मुसाफिरों की संख्या में और इजाफा होता है, तो बिना किसी देरी के तुरंत और भी अधिक बसें सड़कों पर उतारी जाएं। इस संकट काल में यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बिना किसी बाधा के उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए पूरा एसटी प्रशासन जमीनी स्तर पर पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रहा है।
परिवहन मंत्री का आश्वासन और बसों की संख्या बढ़ाने का वादा
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने खुद इस विशेष और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था की पुष्टि की है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि जब तक इस रूट पर रेल सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं हो जातीं, तब तक जनता को हर संभव परिवहन सुविधा देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि यदि आने वाले दिनों में आवश्यकता महसूस हुई, तो बसों की इस संख्या को और भी ज्यादा बढ़ा दिया जाएगा।
लाखों नौकरीपेशा और दैनिक यात्रियों को मिली बड़ी राहत
मुंबई और पुणे दो ऐसे प्रमुख शहर हैं जिनके बीच रोजाना लाखों की संख्या में नौकरीपेशा, व्यापारी और आम लोग ट्रेनों के जरिए सफर करते हैं। रेलवे ट्रैक बाधित होने से इन सभी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था, लेकिन एसटी महामंडल द्वारा समय रहते लिए गए इस त्वरित और जनहितैषी फैसले ने कामकाजी वर्ग को एक बेहद बड़ी राहत दी है, जिससे अब दोनों शहरों के बीच आवाजाही सुचारू रूप से चल सकेगी।
'ऑपरेशन टाइगर-3' से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई, शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं 10 MLA
11 Jul, 2026 10:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर भारी उथल-पुथल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा कथित तौर पर 'ऑपरेशन टाइगर-3' का खाका तैयार किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे राज्य की राजनीति में नया मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है। इस रणनीति के तहत सत्ताधारी गुट अपने आधार को और मजबूत करने की कोशिश में जुटा है।
महाराष्ट्र सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर-3' की दस्तक
इस नए अभियान की चर्चाओं ने राज्य के राजनीतिक तापमान को अचानक बढ़ा दिया है। शिंदे गुट द्वारा इस गुप्त मुहिम को अंजाम देने की खबरें जैसे ही गलियारों में तैरने लगीं, वैसे ही विपक्षी खेमे में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष अपने विरोधियों को पछाड़कर अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
विपक्षी दलों को लग सकता है एक और बड़ा झटका
सूत्रों के अनुसार, इस आगामी मुहिम का सीधा असर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पर पड़ सकता है। दावा किया जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए इन दोनों ही प्रमुख विपक्षी दलों के कुछ और बड़े चेहरों को अपने पाले में लाने की तैयारी है, जो विपक्षी गठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
पहले भी देखने को मिले हैं बड़े दलबदल
महाराष्ट्र की राजनीति में इस तरह के बड़े उलटफेर पहले भी देखे जा चुके हैं। हालिया दिनों में ठाकरे गुट के कई कद्दावर नेताओं और जमीनी पदाधिकारियों ने पाला बदलकर शिंदे गुट का दामन थामा है। इन पुराने घटनाक्रमों ने पहले ही राज्य की राजनीतिक दिशा को काफी हद तक बदल दिया था और अब इस नए अभियान से इस सिलसिले के और आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
दस विधायकों के संपर्क में होने का दावा
शिंदे गुट के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि ठाकरे खेमे के लगभग 10 विधायक पिछले कुछ समय से उनके वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। इन विधायकों के साथ कई दौर की गुप्त और रणनीतिक बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए सहमति बनाने के प्रयास किए गए हैं। दावा यह भी है कि इन गोपनीय मुलाकातों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और जल्द ही इस पर बड़ा फैसला देखने को मिल सकता है।
महाराष्ट्र में ATS का बड़ा ऑपरेशन, संदिग्धों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ रेड
10 Jul, 2026 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई:महाराष्ट्र में सुरक्षा और खुफिया तंत्र को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जहां देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का भंडाफोड़ हुआ है. राज्य की आतंकवाद निरोधी शाखा (एटीएस) ने शुक्रवार तड़के सीमा पार बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक व्यापक अभियान छेड़ा. खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद राज्य के कई संवेदी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है, वहीं खुफिया एजेंसियां पकड़े गए सूत्रों से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ा जा सके.
आतंकवाद निरोधी दस्ते का बड़ा एक्शन, कई जिलों में एक साथ तलाशी अभियान
राज्य की एटीएस टीम ने शुक्रवार को मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों सहित ठाणे, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, नवी मुंबई, मीरा रोड और भयंदर में एक साथ सुनियोजित तरीके से दबिश दी. इसके अलावा सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजीनगर जैसे सुदूर जिलों में भी संदिग्ध ठिकानों को घेरकर सघन तलाशी ली गई. जांच एजेंसी के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई पड़ोसी मुल्क में बैठे खुफिया एजेंसी के मुख्य हैंडलर शहजाद भट्टी के साथ डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए सीधे संपर्क में रहने वाले संदिग्धों की पहचान करने और उनके मंसूबों को नाकाम करने के लिए की गई है.
देश की राजधानी को दहलाने की थी साजिश, प्रमुख ठिकानों की हुई थी रेकी
इस पूरे मामले के तार देश की राजधानी दिल्ली और पंजाब में पकड़े गए संदिग्ध मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं, जहां दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया था. जांच में यह बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सीमा पार बैठे आकाओं के इशारे पर राजधानी दिल्ली के बेहद संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे न्यू पुलिस लाइंस, आनंद विहार बस टर्मिनल, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और व्यस्त बाजारों को पेट्रोल बमों से निशाना बनाने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी. संदिग्धों के मोबाइल उपकरणों से इन महत्वपूर्ण स्थानों के गोपनीय वीडियो फुटेज भी मिले हैं, जिन्हें एक प्रतिबंधित संचार ऐप के जरिए विदेशी हैंडलर को भेजा गया था.
सामग्री की डिलीवरी और पेट्रोल बम बरामद, बड़े हमले की चल रही थी तैयारी
सुरक्षा एजेंसियों को तकनीकी विश्लेषण और सोशल मीडिया चैट्स की पड़ताल से पता चला है कि विदेशी हैंडलर भट्टी इस मॉड्यूल के स्थानीय सदस्यों को लगातार घातक सामग्री की डिलीवरी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जमा करने के कोडवर्ड में निर्देश दे रहा था. जांच अधिकारियों का मानना है कि इस सामग्री का सीधा संबंध उन पेट्रोल बमों से था, जिन्हें हमलों के लिए तैयार किया जा रहा था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजघाट के समीप विजय घाट इलाके के पीछे छिपाकर रखे गए पेट्रोल बमों की खेप को पहले ही अपने कब्जे में ले लिया था, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया.
भूमिकाओं का वर्गीकरण और हवाला नेटवर्क, ड्रोन से हथियार गिराने का खुलासा
पकड़े गए आरोपियों के बीच काम का बेहद पेशेवर तरीके से बंटवारा किया गया था, जिसमें मुख्य आरोपी दानिश उर्फ चांद मियां को दिल्ली में रेकी करने और हमलों की साजिश रचने की जिम्मेदारी दी गई थी और इसके बदले उसे एक निश्चित रकम देने का लालच दिया गया था. वहीं उसके अन्य साथियों में सलमान को हमले की वीडियो रिकॉर्डिंग करने, तैयब को हथियारों का सौदा करने, जुबैर और अली फजल को पंजाब सीमा से हथियारों की खेप आगे पहुंचाने का काम सौंपा गया था. इसके अलावा मलकीत सिंह नाम के आरोपी ने सीमा पार से ड्रोन के जरिए.
TCS केस: आरोपी निदा खान को जमानत, अदालत ने श्रीकृष्ण जन्म का किया उल्लेख
10 Jul, 2026 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासिक:महाराष्ट्र के कानूनी गलियारों से एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक न्यायिक फैसला सामने आया है, जहां जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक हाई-प्रोफाइल मामले की आरोपी महिला को मानवीय आधार पर बड़ी राहत दी है. दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की पूर्व एसोसिएट के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत ने कानून की मर्यादा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखा. इस अदालती फैसले ने न केवल न्यायिक विवेक की एक नई मिसाल पेश की है, बल्कि देश की कानूनी व्यवस्था में मातृत्व और नवजात के अधिकारों को लेकर एक नई बहस को भी जन्म दे दिया है.
मातृत्व की गरिमा और पौराणिक संदर्भों के आधार पर मिली बड़ी राहत
गंभीर आरोपों का सामना कर रही पांच महीने की गर्भवती पूर्व महिला कर्मचारी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने ७५ हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के सक्षम जमानतदार की शर्तों पर रिहा करने का निर्देश दिया. अदालत ने जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए बेहद गंभीर और दार्शनिक टिप्पणी की कि किसी भी महिला के लिए बंदी गृह की सलाखों के पीछे संतान को जन्म देना अत्यंत पीड़ादायक और सामाजिक रूप से कलंकित करने वाला होता है. न्यायाधीश ने इस विकट परिस्थिति की तुलना करने के लिए द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के कारागार में हुए जन्म के ऐतिहासिक प्रसंग का भी उल्लेख किया और स्पष्ट किया कि एक अजन्मे शिशु के उज्जवल भविष्य और हितों की रक्षा के लिए अदालत अपने विशेषाधिकारों का उपयोग कर आरोपी को यह सशर्त राहत प्रदान कर रही है.
गिरफ्तारी के बाद चली लंबी कानूनी जद्दोजहद और दोनों पक्षों की दलीलें
धर्मांतरण और उत्पीड़न जैसे संगीन मामलों में नामजद होने के बाद आरोपी महिला काफी समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रही थी, जिसे बाद में जांच दल ने छत्रपति संभाजीनगर के एक परिसर से ढूंढ निकाला था. अदालत के समक्ष चली लंबी बहस में आरोपी के कानूनी सलाहकार ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल पूरी तरह बेकसूर है और कॉरपोरेट विवाद के चलते उसे इस साजिश में घसीटा गया है, साथ ही मामले की शुरुआती जांच और चार्जशीट की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. इसके विपरीत, अभियोजन पक्ष और सरकारी वकीलों ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पीड़ित महिलाओं पर वैचारिक दबाव बनाने और प्रताड़ित करने के पर्याप्त डिजिटल व मौखिक साक्ष्य मिले हैं, इसलिए उसे जेल में ही रखा जाना चाहिए.
आईटी कंपनी के भीतर कथित शोषण और अनुसूचित जाति एक्ट के तहत जांच तेज
देवलाली कैंप पुलिस प्रशासन इस समय टीसीएस की स्थानीय इकाई में काम करने वाली महिला कर्मियों के साथ हुए दुर्व्यवहार, जबरन वैचारिक परिवर्तन के प्रयासों, छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े कुल नौ अलग-अलग संवेदनशील मुकदमों की गहराई से तफ्तीश कर रहा है. इस पूरे मामले को इसलिए भी बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि मुख्य शिकायतकर्ता महिला समाज के अनुसूचित जाति वर्ग से संबंध रखती है, जिसके कारण पुलिस ने इस केस में सामान्य धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी एससी-एसटी एक्ट की कड़ी धाराएं भी जोड़ी हैं.
धार्मिक दबाव और बुर्का पहनाने के आरोपों की सच्चाई अब अदालत तय करेगी
जांच एजेंसियों द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत की गई शुरुआती केस डायरी के मुताबिक, आरोपी महिला पर यह गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उसने कंपनी की कनिष्ठ सहकर्मियों को जबरन एक विशेष संप्रदाय के धार्मिक ग्रंथ और पोशाकें उपलब्ध कराई थीं. इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया है कि पीड़िता के स्मार्टफोन में जबरन कुछ विशेष प्रकार के एप्लीकेशन डाउनलोड करवाए गए और उसे घर पर जाकर एक विशिष्ट पद्धति से उपासना करने व हिजाब पहनने के लिए मानसिक रूप से बाध्य किया गया. हालांकि, इन सभी आरोपों की जमीनी हकीकत और साक्ष्यों की प्रमाणिकता का अंतिम फैसला आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की गवाहियों और अदालत की अंतिम सुनवाई के बाद ही साफ हो सकेगा.
अगर शरद पवार NDA में गए तो विपक्ष को झटका? लोकसभा के आंकड़ों से समझें पूरा गणित
10 Jul, 2026 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई:महाराष्ट्र के सियासी हलकों में बुधवार को उस समय अचानक हलचल तेज हो गई जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार विधान भवन परिसर पहुंचे. वहां उन्होंने राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से वन-टू-वन मुलाकात की, जिसके बाद सूबे की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. इस औचक बैठक के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म है और महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है. गठबंधन के प्रमुख घटक दलों ने इस कदम पर अपनी गहरी आपत्ति दर्ज कराई है, जिससे आगामी चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता पर एक बड़ा संकट मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है.
गठबंधन सहयोगियों का फूटा गुस्सा, साख पर उठाए गंभीर सवाल
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के तुरंत बाद महाविकास अघाड़ी के खेमे में असंतोष की लहर दौड़ गई है. शिवसेना (यूबीटी) के शीर्ष नेतृत्व ने इस बैठक को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने सीधे तौर पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य की सत्ता पर काबिज नेताओं को इस तरह राजनीतिक मान्यता देना जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने जैसा है. उनका तर्क है कि जिस नेतृत्व ने पूर्ववर्ती सरकार को गिराने का काम किया, उनके आधिकारिक कक्ष में जाकर चर्चा करने से वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक विश्वसनीयता पर आंच आती है. विपक्षी खेमे के भीतर यह सवाल पुरजोर तरीके से उठाया जा रहा है कि बैठक के लिए किसी तटस्थ स्थान के बजाय उपमुख्यमंत्री के दफ्तर को ही क्यों चुना गया.
कांग्रेस ने भी जताई असहमति, मुलाकात टालने की दी सलाह
इस राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी सधी हुई लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है. सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता ने कहा कि वर्तमान नाजुक राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस बैठक को आसानी से टाला जा सकता था. हालांकि उन्होंने शरद पवार के लंबे तजुर्बे और कद का सम्मान करते हुए यह भी माना कि वरिष्ठता के नाते कई बार अन्य नेता उनसे मशविरा करने आते हैं, लेकिन मौजूदा माहौल में इस तरह के संवाद से गठबंधन के सहयोगियों के बीच संशय पैदा होना स्वाभाविक है. कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार, इस कदम से विशेष रूप से ठाकरे गुट के भीतर भारी असुरक्षा और नाराजगी की भावना पैदा हुई है, जो गठबंधन के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है.
सांसदों के दल-बदल की अटकलें तेज, पुराना इतिहास बना चर्चा का विषय
इस बैठक के बाद से सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या शरद पवार की पार्टी के भीतर भी कोई नया समीकरण आकार ले रहा है. वर्तमान में संसद के भीतर दोनों गठबंधनों का गणित बेहद दिलचस्प मोड़ पर है, जहां हाल के दिनों में कई जनप्रतिनिधियों के इधर से उधर होने की खबरें आती रही हैं. राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा देश के अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और दिल्ली के पुराने उदाहरणों का हवाला दिया जा रहा है, जहां प्रमुख क्षेत्रीय दलों के सांसदों ने समय-समय पर पाला बदला है. इसी पृष्ठभूमि में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि एनसीपी के मौजूदा सांसदों के रुख को लेकर भी आने वाले दिनों में स्थिति बदल सकती है.
काली थार बनी खौफ का कारण, लापरवाही से ड्राइविंग पर पुलिस सख्त
9 Jul, 2026 05:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महानगर से सटे मीरा रोड इलाके में बुधवार की रात एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने सड़क पर जमकर कोहराम मचाया। यहां एक महिंद्रा थार रॉक्स के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए राह चलती कई बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस पूरी घटना के कई रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें कार की रफ्तार और चालक की लापरवाही साफ देखी जा सकती है। इस हादसे के बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ लापरवाही और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
तेज रफ्तार थार का सड़क पर कोहराम
बुधवार रात मीरा रोड की एक व्यस्त सड़क पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हरियाणा के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक महिंद्रा थार रॉक्स एसयूवी बेहद तेज रफ्तार में वहां से गुजरी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो चुका था या फिर वह जानबूझकर सड़क पर स्टंट जैसी ड्राइविंग कर रहा था। इस दौरान उसने रास्ते में आने वाले कई दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे सड़क पर चीख-पुकार मच गई।
संकरी जगह से निकलने की कोशिश में हादसा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि यह हरियाणा नंबर की एसयूवी एक बेहद संकरी जगह से जबरन निकलने का प्रयास कर रही थी। कार के ठीक बगल में एक टू-व्हीलर सवार जा रहा था, जिसके लिए कार चालक ने बेहद कम जगह छोड़ी। इसी आपाधापी में थार सवार ने आगे चल रही एक मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिस पर दो लोग सवार थे।
बाइक सवारों के गिरने से मची अफरा-तफरी
थार की सीधी टक्कर लगते ही मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्ति अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर बेहद खतरनाक तरीके से गिर पड़े। गनीमत यह रही कि पीछे से आ रहे अन्य वाहनों ने समय रहते ब्रेक लगा लिए, जिससे एक बड़ा और जानलेवा हादसा होने से टल गया। इस टक्कर के बाद भी कार चालक रुकने के बजाय अपने वाहन की रफ्तार बढ़ाते हुए मौके से तेजी से फरार हो गया, जिसे देख आसपास के लोग आक्रोशित हो गए।
अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। पुलिस ने वायरल वीडियो और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। गाड़ी के हरियाणा नंबर के आधार पर उसके मालिक और उसे चला रहे अज्ञात ड्राइवर की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राशिफल 21 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
गुरु पूर्णिमा पर प्रदेश में मनाया जाएगा महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
वन प्रधान क्षेत्रों में आजीविका सशक्तिकरण की नई पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले सीजी पॉवर के एमडी कौल
टैलेंट सर्च में एथलेटिक्स का दमदार आगाज़: 400 से अधिक खिलाड़ियों ने दिखाई रफ्तार और हुनर
आयुष्मान भारत योजना में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय सम्मान
'यजमान' टिप्पणी के बाद नरम पड़े कांग्रेस MLA, बोले- यदि किसी की भावनाएं आहत हुईं तो खेद है
लोकमान्य तिलक पुरस्कार के लिए चुने गए NSA अजीत डोभाल, 1 अगस्त को होगा सम्मान समारोह
यूके को मिला नया पीएम, एंडी बर्नहैम ने संभाली कमान; स्टार्मर की विदाई
