महाराष्ट्र
झुंझुनू में रेलवे ट्रैक के पास मिले दो लोगों के शव
26 Jun, 2025 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झुंझुनू। झुंझुनू में रेलवे अंडरपास के करीब दो लोगों के शव मिले हैं। एक का शव ट्रैक से करीब 15 फीट तो दूसरे का 7 फीट दूर पड़ा मिला। राहगीरों की सूचना पर पुलिस एफएसएल और एमओवी टीम के साथ पहुंच कर मौके से सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने अंदेशा जताया है कि ट्रेन से उतरते वक्त या ट्रैक क्रॉस करते वक्त दोनों हादसे का शिकार हुए हैं। वहीं हत्या का अंदेशा जताते हुए मौके से सबूत भी जुटाए गए हैं। मामला आज सुबह झुंझुनू कोतवाली थाने के पूरा की ढाणी के पास रेलवे अंडरपास के करीब का है।
थानाधिकारी मांगीलाल ने बताया कि सुबह दो युवकों के ट्रैक के किनारे पड़े होने की सूचना मिली थी। दोनों के शरीर पर चोटों के निशान भी थे। मौके पर झुंझुनू सीओ सिटी वीरेंद्र शर्मा के साथ एफएसएल और एमओवी टीम भी घटनास्थल पर पहुंची थी। मृतकों की पहचान गुढ़ा मोड़ निवासी इलियास (28) और बाकरा रोड निवासी सदाम (29) के रूप में हुई है। दोनों आपस में दोस्त हैं।
थानाधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। वहीं आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। टीम ने मृतकों के मोबाइल, कपड़ों और शवों से सबूत जुटाएं हैं। अब तक की जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों युवक किस ट्रेन में थे और कहां जा रहे थे या लौट रहे थे। न तो रेलवे से कोई स्पष्ट जानकारी मिल पाई है और न ही मृतकों के पास से ऐसा कोई टिकट या दस्तावेज मिला है, जिससे यह साफ हो सके कि वे किस ट्रेन में यात्रा कर रहे थे।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दी है। परिजनों के आने के बाद उनकी ओर से कुछ और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि युवक कब और कहां से निकले थे, उनके साथ कोई और था या नहीं। साथ ही, कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से पहले की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक तौर पर यह मामला ट्रेन से गिरने का प्रतीत हो रहा है। लेकिन अन्य पहलुओं को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है। इलाके में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और रेलवे से ट्रेन मूवमेंट की जानकारी भी जुटाई जा रही है। दोनों शवों को बीडीके अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत का कारण पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।
कुंभ के फंड को डसेगा फडणवीस का ‘फन’!
25 Jun, 2025 02:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। नासिक कुंभ के फंड को लेकर भी लूट का प्लान बन गया है। इसके तहत सारे नेताओं को दरकिनार करके फडणवीस ने अपने खासमखास व करीबी भाजपा नेता व मंत्री गिरीश महाजन को सौंपी गई है। ऐसे में जाहिर सी बात है कि वहां क्या होनेवाला है।
कुंभ मेले पर ‘गंदी राजनीति’ …जनप्रतिनिधियों की नहीं पूछ …15 विधायकों, 3 सांसदों में भारी नाराजगी
-सीएम के करीबी महाजन के हाथ कमान
एक वर्ष बाद नासिक में होनेवाले कुंभ मेले के आयोजन और उसके लिए इस्तेमाल होने वाले फंड को लेकर राजनीति गरमा गई है। भाजपा एक तरफ तो शिंदे गुट और अजीत पवार गुट एक तरफ हो गए हैं। नासिक कुंभ के आयोजन और प्रयोजन की पूरी कमान सीएम फडणवीस के करीबी भाजपा नेता व मंत्री गिरीश महाजन को सौंपी गई है।
सूत्रों के अनुसार, यही वजह है कि कुंभ मेले में फंड के मामले में महायुति में भारी नाराजगी है। इतना ही नहीं, भाजपा के स्थानीय नेता भी नाराज बताए जा रहे हैं। ऐसे में आगामी दिनों में भाजपा के लिए यह मुसीबत बन सकता है।
नासिक कुंभ मेले की तैयारी से संबंधित बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी आवश्यक है। इसके बावजूद विरोधी पक्ष के तीनों सांसदों और यहां तक कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों को भी इन बैठकों में बुलाया नहीं जा रहा। सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक खुलकर कुछ बोल नहीं पा रहे, लेकिन विपक्ष के सांसद भास्कर भगरे और राजाभाऊ वाजे ने कई बार इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि इन बैठकों और कुंभ मेले की योजना से महाविकास आघाड़ी के सांसदों और विधायकों के साथ-साथ सत्ताधारी दल के कुछ विधायकों को भी जानबूझकर दूर रखा जा रहा है। महायुति सरकार में विरोधी दल के नेताओं के साथ सौतेला व्यवहार तो हो ही रहा है, पर सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों को भी इन बैठकों के लिए कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया जा रहा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के दिंडोरी लोकसभा सांसद भास्कर भगरे ने संसद में यह मुद्दा उठाया था कि सिंहस्थ कुंभ मेला की बैठकों में महाविकास आघाड़ी के सांसदों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। अपने क्षेत्र में कौन-कौन से काम कुंभ मेले के अंतर्गत हो रहे हैं, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी भी नहीं दी जा रही, ऐसी शिकायत उन्होंने की थी। नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे ने भी इस संबंध में अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की थी। सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों ने भी इस मुद्दे पर शिकायतें की थीं, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ।
संवेदनहीन महायुति सरकार … कपड़े की डोली में पहुंचाया गर्भवती महिला को अस्पताल!
25 Jun, 2025 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महायुति सरकार के राज में महाराष्ट्र में संवेदनहीनता चरम पर पहुंच गई है। स्मार्ट सिटी और नया भारत बनाने की बात करनेवाली सरकार करोड़ों रुपए की रोड और हाईवे तो बना रही है, लेकिन उसे असली भारत (गांवों) की चिंता नहीं है। आलम यह है कि कई गांवों में सड़कें न होने के कारण आज भी मरीजों को कंधों पर टांगकर या कपड़े की डोली में डालकर अस्पताल पहुंचाया जाता है। ठीक ऐसा ही दिल दहला देनेवाला एक मामला भिवंडी, शाहपुर तालुका के चाफेवाड़ी में सामने आया है। यहां सड़क के अभाव में एक गर्भवती महिला को कपड़े की डोली में लिटाकर अस्पताल ले जाना पड़ा, इसे लेकर प्रशासन और महायुति सरकार की हर जगह निंदा हो रही है।
बता दें कि शाहपुर तालुका के नडगांव ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले चाफेवाड़ी गांव में सड़क के अभाव के कारण ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार २३ जून दोपहर लगभग डेढ़ बजे गर्भवती महिला संगीता मुकने को अस्पताल ले जाना था, जहां पर अच्छी और बड़ी सड़क न होने के कारण परिवार को डोली का सहारा लेना पड़ा।
सड़क न होने से नहीं पहुंचा एंबुलेंस
गांव से एंबुलेंस तक पहुंचने के लिए एक किलोमीटर दूर खेत से होकर जाने वाला रास्ता बंद था इसलिए महिला को चाफेवाड़ी-डोंगरीवाड़ी के वर्तमान में उपयोग किए जा रहे दो किलोमीटर लंबे और दुर्गम रास्ते से कपड़े की डोली में डालकर ले जाया गया। हालांकि, एंबुलेंस गांव के पास गायदंड रोड तक पहुंच गई थी, लेकिन पक्की सड़क न होने के कारण महिला को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई।
प्रशासन की लापरवाही दर्शाती मार्मिक घटना
गर्भावस्था में सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण संगीता मुकने को दौरे पड़ने लगे, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी को साबित करती है। स्थानीय नागरिकों ने राज्य सरकार और प्रशासन से पक्की सड़क और बुनियादी सुविधाओं के लिए बार-बार अनुरोध किया है, लेकिन अब तक उनकी इस मूलभत मांग को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
समुद्री सुरक्षा रामभरोसे! … पेट्रोलिंग बोट हो चुकी है भंगार …घोडबंदर, वर्सोवा
25 Jun, 2025 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों के बाद शहर और आस पास की तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई गश्ती नौकाएं (पेट्रोलिंग बोट) खरीदी गई थीं। इसमें स्पीड बोट, उभयचर (एम्फीबिया) और सीलेग बोट का समावेश था। उस वक्त की ठाणे ग्रामीण पुलिस दल को घोडबंदर, वर्सोवा और उत्तन के तटीय सुरक्षा हेतु सरकार ने जिला प्रशसन के माध्यम से दो पेट्रोलिंग स्पीड बोट मुहैया करवाए थे। लेकिन खराब रखरखाव सहित अन्य तकनीकी कारणों से ये दोनों बोट्स कथित तौर पर पिछले कई महीनों से बेकार पड़ी हैं। ऐसे में साफ है कि महामुंबई की समुद्री सुरक्षा रामभरोसे है।
तटीय सुरक्षा से जुड़ा यह महत्वपूर्ण मुद्दा तब सामने आया, जब गत सोमवार की दोपहर करीब 12.30 बजे घोडबंदर रोड स्थित वर्सोवा ब्रिज पर हुई दुर्घटना में एक केमिकल से भरा टैंकर लोहे की रेलिंग को तोड़कर समुद्र में जा गिरा और पूरी तरह से डूब गया।
26/11 के हमले से भी सरकार ने कुछ नहीं सीखा!
महामुंबई की तटीय सुरक्षा बदहाल
26 नवंबर 2008 को समुद्री रूट से ही 10 पाकिस्तानी आतंकी मुंबई में दाखिल हुए थे। उस हमले में 166 आम नागरिक और 18 पुलिस वालों ने अपनी जान गंवाई थी।
26/11 के मुंबई आतंकी हमलों से सरकार ने कुछ भी नहीं सीखा। महामुबई की समुद्र सुरक्षा राम भरोसे है। सुरक्षा के लिए खरीदी गईं समुद्री बोट भंगार बन चुकी हैं। हाल ही में घोडबंदर पर हुए एक हादसे से इस बात का खुलासा हुआ है।
गत सोमवार को एक टैंकर वर्सोवा ब्र्रिज से नीचे खाड़ी में गिर गया। ड्यूटी पर तैनात काशीगांव थाना से जुड़े पुलिसकर्मियों ने टैंकर चालक को बचाने के उद्देश्य से वर्सोवा जेटी के कोस्टल गार्ड से जब संपर्क किया तो पता चला कि उनके पास पेट्रोलिंग बोट उपलब्ध नहीं है। मजबूरन पुलिसकर्मियों ने एक निजी बोट की सहायता से टैंकर चालक को बचाने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। दुर्भाग्य से वे चालक की जान नहीं बचा सके और उसके शव को बरामद कर बाहर निकाला। लेकिन इस घटना से साफ हो गया कि हमारे समुद्री तटों की सुरक्षा रामभरोसे छोड़ दी गई है। इस घटना से इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि सरकार ने 26/11 से कुछ भी नहीं सीखा है।
घुसे थे 10 आतंकवादी
26 नवंबर 2008 में समुद्री रूट से ही 10 पाकिस्तानी आतंकी मुंबई में दाखिल हुए थे। उस हमले मे166 आम लोग और 18 पुलिस वालों ने अपनी जान गंवाई थी। यही नहीं, कई लोग इस हमले में घायल हुए थे। उक्त हमले में करोड़ों रुपए की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था। ज्ञात हो कि राज्य के720 किलोमीटर तटीय क्षेत्र में से 27 किलोमीटर ठाणे जिले के अधीन इलाकों में आता है।
'एग्जाम में फेल क्यों हुई', पिता ने डंडे से पीट-पीटकर ले ली बेटी की जान
24 Jun, 2025 06:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के सांगली जिले के आटपाडी में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां नेलकरंजी गांव में एक पिता ने अपनी 17 वर्षीय बेटी की बेरहमी से पिटाई कर उसकी जान ले ली. आरोपी धोंडीराम भोसले पेशे से एक शिक्षक है और उसने यह जघन्य अपराध केवल इसलिए किया, क्योंकि उसकी बेटी कॉलेज की परीक्षा में फेल हो गई थी.
धोंडीराम की पत्नी की ओर से पुलिस में शिकायत की गई है. यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 21 जून की रात की है. बेटी के परीक्षा में असफल होने की खबर मिलते ही धोंडीराम गुस्से से आगबबूला हो गया. उसने एक लकड़ी की छड़ी से अपनी बेटी को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया. पिटाई के दौरान वह लगातार कहता रहा कि वह उसे जान से मार देगा. मां ने किसी तरह बीच-बचाव करने की कोशिश की और घायल बेटी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
आरोपी पुलिस हिरासत में
पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा BNS 103(1) और किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को आटपाडी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 23 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
क्या बोले अधिकारी?
मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक विनय बहिर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लड़की के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसे बर्बरता से पीटा गया था. इस घटना के बाद सांगली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गए. इस घटना से गांव में सन्नाटा पसरा है.
नीट मॉक टेस्ट में बेटी के फेल होने से आरोपी टीचर को इंसल्ट महसूस हो रहा था, यहीं वजह रहा कि उसने शुक्रवार की रात बेटी की बेरहमी से पिटाई कर दी और उसका मौत हो गई. साधना के सिर पर जोरदार चोट लगी थी और उसका पूरा शरीर जख्मी हो गया था. उसे सांगली के उषाकल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई. उसने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 92.60% अंक प्राप्त किए थे. हालांकि, हाल ही में NEET अभ्यास परीक्षा में उसका प्रदर्शन उम्मीदों से कम रहा
महाराष्ट्र में बारिश का 'रेड अलर्ट': नदियां खतरे के निशान पर, तीन जिलों में हाई अलर्ट जारी
24 Jun, 2025 06:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार हो रही है और बारिश ने यहां जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. नदियों और तालाबों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन को अलर्ट जारी करना पड़ा है. नासिक, पालघर और पंढरपुर जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.
नासिक जिले में बीते कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गंगापुर बांध पूरी तरह लबालब हो गया है. 23 जून की सुबह से पाटबंधारे विभाग ने नासिक शहर के कादवा नदी में 6,240 क्यूसेक्स की रफ्तार से पानी छोड़ा है. इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों और सभी सरकारी एजेंसियों को सतर्क रहने की अपील की है. प्रशासन ने खासतौर से नदी किनारे बसे लोगों को चेतावनी दी है कि वे नदी के बहाव से दूर रहें और अपने जरूरी सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी सरकारी तंत्रों को अलर्ट पर रखा गया है.
पालघर में उफनती नदियां
नासिक जिले के बाद पालघर जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण सूर्या, वैतरणा और पिंजाल जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं. इससे कई तालाब और नाले भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जिले के दहानू, बोइसर, वाडा, जव्हार, मोखाडा, वसई-विरार और नालासोपारा क्षेत्रों में 4-5 दिनों से रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है. स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की ओर से ‘अरेंज अलर्ट’ घोषित किया है और नदी किनारे बसे लोगों का विस्थापन भी शुरू कर दिया गया है.
पंढरपुर भीमा नदी उफान पर
सोलापुर जिले के पंढरपुर में स्थित भीमा नदी उजनी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण उफान पर है. 6 जुलाई को आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर लाखों श्रद्धालु विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसी को देखते हुए प्रशासन ने वारकऱियों और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है. प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और कहा है कि कोई भी व्यक्ति अफवाहों पर ध्यान न दे, लेकिन सावधानी जरूर बरते. किसी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें.
मानवता पर धब्बा: कैंसर से जूझ रही दादी को उसके पोते ने ही कूड़े में फेंक दिया
23 Jun, 2025 07:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से मानवता झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पोते ने अपनी 60 साल की बीमार दादी को कूड़े में फेंक दिया. घटना की जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बुजुर्ग महिला से पूछताछ की तो उन्होंने इस बात का खुलासा किया. पुलिस ने बुजुर्ग महिला की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल आरोपी पोता और उसके परिवार के सदस्य इस समय फरार चल रहे हैं.
मुंबई के आरे इलाके में एक बूढ़ी महिला कूड़े के ढेर में कुछ लोगों को पड़ी हुई मिली. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने बुजुर्ग महिला से पूछताछ में बुजुर्ग महिला ने हैरान करने वाला खुलासा किया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है. बुजुर्ग महिला ने बताया कि मेरा नाम यशोदा गायकवाड़ है. मुझे स्किन कैंसर है इसलिए मेरा ही पोता मुझे कूड़े के ढेर में फेंककर चला गया था.
बीमार दादी को पोते ने कूड़े के ढेर में फेंका
बुजुर्ग महिला ने बताया कि पोते के पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे इसलिए उसने मुझे कूड़े में फेंक दिया था. इस पूरे मामले में हैरान करने वाली बात यह भी है कि जब पुलिस पीड़ित बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए दो अलग-अलग अस्पतालों में पहुंची तो उन्होंने इलाज के लिए मना कर दिया. इसके बाद पुलिस के अनुरोध पर महिला का इलाज कूपर अस्पताल में शुरू हो गया है. पुलिस ने जब बुजुर्ग महिला से पूछताछ की तो उसने पुलिस को मलाड में एक घर का पता दिया.
आरोपी पोते की तलाश में जुटी पुलिस
जब पुलिस ने उस पते पर जाकर तलाशी ली तो पता चला कि वहां ताला लगा हुआ है. फिलहाल पुलिस पोते और उसके परिवार की तलाश कर रही है. हालांकि, अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. इस घटना ने मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया है. इस घटना ने रिश्तों में विश्वास को तार-तार कर दिया है और यह दिखा दिया है कि इंसानियत किस हद तक गिर सकती है.
तोते का MRI, डॉक्टरों को लगा झटका! रिपोर्ट में सामने आई ऐसी बीमारी कि देखकर सब रह गए दंग
23 Jun, 2025 06:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के मुंबई में एक तोते का MRI (Magnetic Resonance Imaging)टेस्ट किया गया. इस टेस्ट के जरिए डॉक्टरों ने तोते को न्यूरोलॉजिकल बीमारी होने का पता लगाया. उसका एक्यूपंक्चर से इलाज किया जा रहा है. ये मामला मुंबई के चेंबूर से सामने आया है, जहां एक बीमार तोता कार वॉशर के नीचे गिर गया. कार के ड्राइवर ने जब इसे देखा तो वह तुरंत तोते को इलाज के लिए पशु चिकित्सक के पास ले गया.
जब तोते को अस्पताल ले जाया गया और इलाज शुरू किया गया तो चिकित्सकों ने पुष्टि की कि उसे अटैक्सिया है और यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है. दरअसल, कार वॉशर के नीचे गिरा तोता पूरी तरह हिलता-डुलता नजर आ रहा था. कार ड्राइवर ने बताया कि गर्दन टेढ़ी होने की वजह से वह पानी भी नहीं पी पा रहा था और खाना भी नहीं खा पा रहा था. इसलिए उसे तुरंत पशु चिकित्सकों को दिखाया गया, जहां डॉक्टर दीपा कत्याल ने तोते का इलाज किया.
इंसानों की मशीन से तोते का MRI
तोते के ईकेजी समेत तमाम तरह के टेस्ट किए गए. इन टेस्ट के आधार पर पता लगा कि तोते के शरीर में कंपन अटैक्सिया की ओर इशारा कर रहा है,जो न्यूरोलॉजिकल समस्या हो सकती है. इसके बाद तोते की बीमारी के बारे में और ज्यादा गहराई से पता लगाने के लिए उसका एमआरआई टेस्ट किया गया. तोते के दिमाग और रीढ़ की हड्डी को स्कैन किया गया. तोते का टेस्ट भी उसी मशीन से किया गया, जिसका इस्तेमाल इंसानों का टेस्ट करने के लिए किया जाता है. तोते को एमआरआई मशीन में ले जाने से पहले उसे बेहोश कर दिया गया था.
तोते को हर दिन दी जा रही ‘फोटोथेरेपी’
स्कैन में घायल तोते की मांसपेशियों और नसों के बीच समन्वय की कमी पाई गई, तोते की टेलबोन भी चोटिल थी. यह भी पाया गया कि रीढ़ की हड्डी में जहां नसें चोटिल थीं, वहां सूजन थी. तोते का तुरंत इलाज शुरू किया गया. दर्द कम करने के लिए उसे दवाई दी गईं और फोटोथेरेपी और एक्यूपंक्चर दिया गया. डॉक्टर कत्याल ने कहा कि एक्यूपंक्चर नसों को मजबूत करने में मदद करता है. तोते को हर दिन ‘फोटोथेरेपी’ भी दी जा रही है. यह दर्द को कम करने का एक मॉडर्न मेथड है. यह ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है. सूजन को कम करता है. डॉक्टरों ने बताया कि यह घाव को जल्दी कम करने और नई सेल्स को बनाने में मदद करता है.
उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान: मनसे से गठबंधन पर कहा- जनता जो चाहेगी, वही होगा
20 Jun, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) से अपनी पार्टी के गठबंधन पर सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि जैसा राज्य चाहेगा, वैसा होगा। वह गुरुवार को शिवसेना (अविभाजित) के 59वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों के साथ आने की चर्चाएं तेज
शिवसेना से उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बगावत करने के बाद से दोनों शिवसेनाएं एक ही दिन अपना-अपना स्थापना दिवस मनाती हैं। गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) की ओर से यह समारोह मुंबई के षड्मुखानंद सभागार में मनाया गया।
पिछले कुछ सप्ताह से उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों के एक साथ आने की चर्चाएं चल रही हैं। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता भी एकीकरण की इस संभावना को लेकर उत्साहित हैं।
देवेंद्र फडणवीस पर उद्धव ठाकरे ने कसा तंज
इसी संदर्भ में सकारात्मक संकेत देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जैसा राज्य के लोग चाहेंगे, वैसा ही होगा। कुछ दिनों पहले एक पांच सितारा होटल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राज ठाकरे से हुई मुलाकात पर तंज कसते हुए उद्धव ने कहा कि एक 'नौकर' एक 'मालिक' को बता रहा है कि गठबंधन नहीं होना चाहिए। उनका आशय राज ठाकरे को उनकी पार्टी का मालिक एवं देवेंद्र फडणवीस को उनकी पार्टी का एक कनिष्ठ नेता बताने से था।
पीएम सहित अन्य भाजपा नेताओं पर भी साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने इस अवसर का उपयोग भाजपा और केंद्र सरकार पर प्रहार करने के लिए भी किया। कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक फोन आते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमारी सेना के हाथ बांध दिए। मोदी देश के नहीं, भाजपा के प्रधानमंत्री हैं।
अमित शाह पर भी तंज कसते हुए कहा कि देश को गृह मंत्री की जरूरत है, अमित शाह जैसे घर फोड़ने वाले की नहीं। देश को रक्षा मंत्री की जरूरत है। देवेंद्र फडणवीस और राजनाथ सिंह जैसे भ्रष्ट लोगों को संरक्षण देने वालों की नहीं
आज घोटालेबाज नेताओं के साथ फडणवीस के फोटो छपते हैं
भाजपा के साथ आए अशोक चव्हाण, अजीत पवार एवं छगन भुजबल जैसे नेताओं की ओर इशारा करते हुए उद्धव ने कहा कि आज घोटालेबाज नेताओं के साथ फडणवीस के फोटो छपते हैं। जिन पर वह कभी आरोप लगाते थे, आज उन्हीं के पांव धोकर वह पानी पी रहे हैं।
टिकट कटने से नाराज जयश्री ने अपनाया नया रास्ता
18 Jun, 2025 07:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के सांगली में कांग्रेस को लगा झटका, जयश्री पाटिल भाजपा में हुईं शामिल
महाराष्ट्र के सांगली में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. वसंतदादा पाटिल परिवार से जुड़ी और कांग्रेस के दिग्गज नेता मदन पाटिल की पत्नी जयश्री पाटिल बुधवार को भाजपा में शामिल हो गईं. विधानसभा चुनाव में बागी रहीं जयश्री पाटिल के भाजपा में शामिल होने से सांगली की राजनीति में भाजपा को मजबूती मिली है. महाराष्ट्र के सांगली में वसंतदादा पाटिल परिवार का एक बड़ा समूह आखिरकार भाजपा में शामिल हो गया है. विधानसभा चुनाव में बागी होकर सांगली जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की उपाध्यक्ष जयश्री पाटिल भाजपा में शामिल हो गईं. इससे सांगली की राजनीति में भाजपा को मजबूती मिली है और कांग्रेस के गढ़ रहे दादा परिवार से एक बड़ा समूह पार्टी में शामिल हो गया है. जयश्री पाटिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय मदन पाटिल की पत्नी हैं. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इससे पहले जयश्री पाटिल से उनके निवास पर मुलाकात की थी. उसके बाद जयश्री पाटिल बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले और अन्य नेताओं की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुईं.
विधानसभा में टिकट नहीं मिलने से थीं नाराज
जयश्री पाटिल को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था. उन्होंने बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा था. इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था. इसके बाद उन्होंने अलग राजनीतिक राह अपनाने का फैसला किया. कुछ दिन पहले उन्होंने कार्यकर्ताओं की राय मांगी थी. उन्हें भाजपा और एनसीपी से ऑफर मिले थे. आखिरकार उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया. सांगली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने अब तक 16 चुनाव जीते हैं. इनमें से पांच चुनाव वसंतदादा पाटिल की मदद से जीते. 1980 में इंदिरा गांधी के आग्रह पर वसंतदादा पाटिल ने खुद चुनाव लड़ा था. उसके बाद वसंतदादा पाटिल के परिवार के सदस्यों ने लगातार दस चुनाव लड़े और जीते. वसंतदादा पाटिल के साथ-साथ शालिनीताई पाटिल, प्रकाश बापू पाटिल, मदन पाटिल, प्रतीक पाटिल और विशाल पाटिल अब तक लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं.
सांगली चुनाव में वसंतदादा परिवार का दबदबा
2009 में प्रतीक पाटिल के जीतने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री बनाया गया. हालांकि, 2014 के चुनाव में प्रतीक पाटिल हार गए. उसके बाद 2019 में विशाल पाटिल को कांग्रेस ने लोकसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया. सांगली सीट शेतकरी संगठन के लिए छोड़ दी गई. विशाल पाटिल ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा. हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन से सीट नहीं मिली. इस वजह से विशाल पाटिल ने बगावत कर दी और निर्दलीय सांसद चुने गए.
महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल: उद्धव और राज ठाकरे एक मंच पर, कल मुंबई में बड़ा शक्ति प्रदर्शन!
17 Jun, 2025 11:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से पहले सियासी समीकरण बहुत तेजी से बदल रहे हैं. शिवसेना यूबीटी और मनसे के साथ आने की चर्चा भी सियासी गलियारों में जमकर चल रही है. गठबंधन को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. अब दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक साथ नजर आने वाले हैं. कल यानी बुधवार को मुंबई में मनसे और ठाकरे गुट की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. आइए जानते हैं कि यह विरोध प्रदर्शन किस बात के खिलाफ होगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार, इंडिगो के अधीन आने वाली कंपनी के खिलाफ मनसे और ठाकरे समूह विरोध प्रदर्शन करेंगे. यह विरोध प्रदर्शन कल सुबह 11 बजे मुंबई में क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के कार्यालय के सामने किया जाएगा. यह विरोध प्रदर्शन भारतीय कामगार सेना के अध्यक्ष और ठाकरे समूह के सांसद अरविंद सावंत के साथ-साथ मनसे वर्ली विभाग के अध्यक्ष की मौजूदगी में किया जाएगा.
कार्यकर्ता चाहते हैं कि दोनों नेता एक साथ आएं
जहां एक तरफ ठाकरे गुट और मनसे के एक साथ आने की चर्चाएं हैं, वहीं मनसे और शिवसेना ठाकरे गुट का यह आंदोलन सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने वाला है. इससे पहले दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने राज और उद्धव ठाकरे के एक साथ आने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद अब कार्यकर्ता एक साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
ठाकरे बंधुओं के गठबंधन की चर्चा क्यों शुरू हुई?
फिल्म अभिनेता महेश मांजरेकर ने राज ठाकरे का इंटरव्यू लिया था. इस इंटरव्यू में राज से मनसे-शिवसेना गठबंधन के बारे में पूछा गया था. इसका जवाब देते हुए राज ने कहा था, ‘मुझे साथ आना मुश्किल नहीं लगता. हमारे विवाद और झगड़े महाराष्ट्र के मराठी लोगों के अस्तित्व के लिए बहुत छोटे हैं.’ इसके बाद से ही इस गठबंधन की चर्चा शुरू हो गई थी.
इसके बाद उद्धव ठाकरे ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे छोटे-मोटे विवादों को किनारे रखने के लिए तैयार हैं और महाराष्ट्र की जनता जो चाहेगी, वही होगा. इसके चलते इस गठबंधन की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया. इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के कार्यक्रमों में कुछ बैठकें भी हुईं. हालांकि, गठबंधन पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
उद्धव ने शाखा प्रमुखों से कहा, "पैसे के लालच में मत आना, मुंबई के लिए एकजुट रहो
16 Jun, 2025 08:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवसेना प्रमुख (यूबीटी) उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनाव को लेकर तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने शाखा प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे आगामी बीएमसी चुनाव के मद्देनजर अपने-अपने वार्ड में कम से कम 300 घरों तक जाकर मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करें और शिवसेना की नीतियों व कामों की जानकारी दें. सभी शाखा प्रमुखों को तत्काल प्रभाव से बूथ स्तर की संरचना को मज़बूत करने, स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और हर क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के लिए कहा गया है.
कार्यकर्ताओं को यह भी कहा गया है कि वे जनता के बीच जाकर यह स्पष्ट रूप से बताएं कि जब मुंबई महानगरपालिका में शिवसेना का शासन था, तब शहर में विकास के कार्य हुए, लेकिन वर्तमान सरकार ने व्यवस्थाएं बिगाड़ दी हैं. बीएमसी के चुनाव सात वर्षों बाद हो रहे हैं, इसलिए उद्धव ठाकरे ने सभी पदाधिकारियों से अपील की है कि वे पूरी ताकत झोंक कर चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करें और एक बार फिर से महानगरपालिका पर भगवा झंडा फहराएं.
जमीनी स्तर पर कामकाज करें कार्यकर्ता
शाखा प्रमुखों, उनके उपप्रमुखों, वार्ड प्रमुखों, विधानसभा संयोजकों और नगरप्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में बूथ और वार्ड स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ तत्काल आंतरिक बैठकें आयोजित करें और जमीनी स्तर पर कामकाज की शुरुआत करें. सभी क्षेत्रों में मतदाता सूची की बारीकी से जांच, सत्यापन और अपडेटिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश भी बैठक में दिए गए, ताकि मतदान के दिन कोई गड़बड़ी न हो.
पड़ोसी शाखाओं और अलग-अलग पदाधिकारियों को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर एक टीम के रूप में कार्य करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे पार्टी का प्रभाव क्षेत्र में और अधिक मज़बूत हो सके. जिन शाखाओं की निगरानी डिप्टी मेयर स्तर के नेताओं को सौंपी गई है, उन्हें नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और अपने क्षेत्र में समूह प्रमुखों के जरिए प्रतिदिन जनसंपर्क अभियान चलाने को कहा गया है.
उद्धव ठाकरे ने बैठक में यह भी याद दिलाया कि शिवसेना के शासनकाल में मुंबई में पानी की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सफाई और परिवहन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुए थे, और कोस्टल रोड जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स भी शिवसेना के नेतृत्व में मुंबईकरों को मिले.
क्षमता से अधिक भीड़ और जर्जर पुल बना काल: पुणे हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
16 Jun, 2025 08:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे जिले के मावल इलाके में कुंदमाला के पास इंद्रायणी नदी पर बना पुल टूटने से बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. यह भी बताया गया है कि इस हादसे में करीब 30 लोग बह गए. हादसे के तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन, राहत और बचाव टीम ने रेस्क्यू शुरू कर दिया. हादसे में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटनास्थल पर कई एंबुलेंस अभी भी मौजूद हैं. इंद्रायणी नदी पर बने इस पुल के ढहने की वजह सामने आई है. इस हादसे पर सीएम देवेंद्र फण्नवीस और डिप्टी सीएम अजीत पवार ने दुख जाता है.
इंद्रायणी नदी पर पुल ढहने की घटना पर पुणे जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने कहा कि हमने 4 शव बरामद किए हैं. बचाव अभियान में 250 लोग काम कर रहे हैं. उनका रिस्पांस टाइम काफी अच्छा था, जिसकी वजह से ज्यादा से ज्यादा लोगों को तुरंत बचाया जा सका. हम तब तक ऑपरेशन जारी रखेंगे जब तक हम पूरे इलाके को कवर नहीं कर लेते और यह सुनिश्चित नहीं कर लेते कि कहीं कोई शव या व्यक्ति फंसा हुआ तो नहीं है. उन्होंने कहा कि नदी से मलबा हटाने का काम जारी है. मौके पर कई जेसीबी मशीन को लगाया गया है.
रेस्क्यू में लगी 250 लोगों की टीम
डीएम जितेंद्र डूडी ने कहा कि घटना दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर हुई और हमें 3 बजकर 30 मिनट पर सूचना मिली. सूचना मिले के कुछ ही देर में करीब 250 लोगों की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई. उन्होंने कहा कि आगे चलकर हम एक टीम बनाकर घटना की जांच करेंगे और अगर प्रशासन दोषी पाया गया तो मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो. हम पर्यटन को बढ़ाना चाहते हैं लेकिन ऐसी घटनाएं मानसून के महीनों में होती हैं और इसलिए मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए हमारी टीमों की सलाह का पालन करें.
लोगों ने क्या कहा?
इंद्रायणी नदी पर बना पुल टूटने से हुए हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. हादसे के बाद रेस्क्यू कर 38 लोगों को बचाया गया है. वहीं 6 लोगों की हालत गंभीर बनी है. इस हादसे की वजह भी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, पुल की हालत जर्जर होने से इसे दो-तीन महीने पहले ही बंद कर दिया गया था, लेकिन पर्यटकों की संख्या बढ़ने और किसी तरह के सुरक्षा इंतजाम न होने से ये हादसा हुआ. लोगों ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाय है. लोगों ने कहा कि पुल बंद कर दिया गया था, लेकिन पुल पर लोगों को चढ़ने से रोकने के लिए यहां कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था.
हादसे में बचे पर्यटक ने बताई पूरी घटना
हादसे में बचे एक पर्यटक ने अब हादसे को लेकर कहा कि मात्र तीन सेकंड में ही सबकुछ हो गया. इस हादसे में गणेश पवार नाम के व्यक्ति की जान बच गई है. उन्होंने पुल के ढहने के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि इस हादसे में उनकी बाइक बह गई. उन्होंने कहा कि पुल पर सेल्फी लेने की वजह से अचानक लोगों की संख्या बढ़ने से हादसा हुआ.
सिर्फ तीन सेकेंड में हुआ हादसा
गणेश पवार ने कहा कि दुर्घटना सिर्फ दो से तीन सेकंड में हुई. पुल गिरते समय मैंने एक जगह पकड़ ली थी. इसलिए सौभाग्य से मैं बच गया. हमें हर दिन इस पुल से आना-जाना पड़ता है. यह पुल जर्जर हो चुका था. यह पुल पूरी तरह से मुड़ा हुआ था. हादसे में बह गए लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं. इलाके में एंबुलेंस मौजूद हैं. अभी भी कई लोग लापता हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य कर रही है.
सीएम-डिप्टी सीएम ने जताया दुख
सीएम ने इस हादसे पर कहा कि पुल के ढहने की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई है. मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. हम उनके परिवारों के दुख में शामिल हैं. मैं इस घटना के संबंध में संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित तहसीलदार के लगातार संपर्क में हूं. एनडीआरएफ को मौके पर तैनात किया गया है. राहत कार्य तुरंत तेज कर दिया गया है. अब तक 6 लोगों को बचाया गया है.
वहीं पीएम मोदी ने हादसे को लेकर सीएम फडणवीस से फोन पर बात कर हादसे की जानकारी ली.सीएम ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. साथ उन्होंने कहा कि सरकार घायलों का इलजा कराएगी.
डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कुंदमाला-मावल पुल के ढहने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और पूरी जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों, प्रशासन और एनडीआरएफ के सहयोग से बचाव अभियान तुरंत शुरू हो गया. प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि पुल की हालत खराब थी. सरकार घायलों को चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करेगी और इस संकट के समय प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है.
प्लेन क्रैश में परिजनों को खोने वाले मनीष कामदार बोले- 'फ्लाइट पर चढ़ाने के लिए लिए गए पैसे', जांच की मांग
14 Jun, 2025 06:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद का विमान हादसा एक ऐसा दर्द दे गया, जो कभी न भूलने वाला है. इस हादसे में किसी ने अपने माता-पिता को खो दिया तो किसी ने अपने बेटे-बेटी को खो दिया. सभी शव पूरी तरह से जल चुके हैं. DNA सैंपल से इनकी पहचान हो रही है. हॉस्पिटल आए परिवारीजनों का एक ही दुख है कि वह अंतिम बार अपनों का चेहरा नहीं देख पाए. हादसे में कुल 241 लोगों की मौत हुई है. केवल एक भारतीय मूल के ब्रिटिश यात्री विश्वास कुमार रमेश की जान बच पाई है. सिविल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दर्दनाक हादसे ने दर्जनों परिवारों को उजाड़ दिया. इसी हादसे में नागपुर निवासी मनीष कामदार ने अपनी बेटी, उसकी सास और डेढ़ साल के नाती को खो दिया. अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में रोते-बिलखते मनीष ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयां किया और इमिग्रेशन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए.
एक महीने पहले समधी की मौत, अब बेटी-सास और नाती
मनीष ने कहा कि विमान हादसे में मेरी बेटी यशा कामदार, उसकी सास रक्षा मोड़ा और नाती रुद्र मोड़ा तीनों नहीं रहे. उनका कहना है कि ये तीनों यूके जा रहे थे, जहां 22 जून को उनके समधी की प्रार्थना सभा होनी थी. अभी एक महीने पहले उनके समधी का निधन हो गया था. वह कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. मनीष ने बताया कि उनकी बेटी यशा की शादी यूके में हुई थी. उसका परिवार कुछ समय के लिए भारत आया था.
TV पर देखी फ्लाइट के क्रैश होने की खबर
मनीष ने बताया कि जब उन्होंने टीवी पर फ्लाइट क्रैश की खबर देखी तो उन्हें इसकी जानकारी. मनीष ने बताया कि वह टीवी पर न्यूज चैनल लगाकर बैठे थे. तभी खबर आई कि एयर इंडिया का AI-171 क्रैश हो गया. उसी के बाद पहले तो मैं एयरपोर्ट गया, फिर वहां से अस्पताल आया.
इमिग्रेशन अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
मनीष का सबसे गंभीर आरोप इमिग्रेशन अधिकारियों पर है. उनका कहना है कि उनके नाती के पास ब्रिटिश पासपोर्ट था और उसे ‘एग्जिट क्लियरेंस’ नहीं मिल पा रहा था. उन्होंने हमें कहा कि आपने एंट्री नहीं की, इसलिए एग्जिट नहीं देंगे. फिर एक लाख रुपए यानी करीब 1000 पाउंड लिए और लास्ट मोमेंट पर उन्हें फ्लाइट में चढ़ाया गया. मनीष का दर्द यह था कि अगर इमिग्रेशन ने पैसे लेकर जबरदस्ती फ्लाइट में नहीं बैठाया होता तो शायद उनकी बेटी, सास और उसका बच्चा आज जिंदा होते.
मनीष का यह कहना है कि तीनों को अंतिम क्षणों में जबरन फ्लाइट में चढ़ाया गया. अगर रोका गया होता तो शायद ये त्रासदी टल सकती थी. लिस्ट में भी आखिरी बोर्डिंग इन्हीं तीनों की थी. वहीं मनीष ने कहा कि अस्पताल में शवों की पहचान भी नहीं करवाई जा रही है. हमने कहा कि चेहरा दिखाओ, लेकिन जवाब मिला कि डीएनए टेस्ट के बाद ही दिखाएंगे. अभी तक शव परिजनों को नहीं सौंपे गए हैं. मनीष के बेटे ने डीएनए सैंपल दे दिया है.
32 साल की बेटी का चेहरा तक नहीं देख पाए
मनीष ने कहा कि वह अपनी 32 साल की बेटी का चेहरा नहीं देख पाए, डेढ़ साल के बच्चे की शक्ल नहीं देख पाए. क्या कहें, कैसे कहें? मनीष की इन बातों ने वहां मौजूद सभी को भावुक कर दिया.मनीष ने यह भी कहा कि इमिग्रेशन में जो करप्शन हुआ, उसने उनकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी. वे चाहते हैं कि इस मामले की जांच हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो. यह हादसा केवल एक तकनीकी त्रासदी नहीं, बल्कि दर्जनों मानवीय कहानियों का सिलसिला है. कुछ टूटे सपनों का, कुछ अधूरे रिश्तों का और कुछ ऐसे दर्द का, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है.
महाविकास अघाड़ी में दरार के संकेत? शरद पवार की NCP बोली - 'BJP के सिवा सब चलेगा', निकाय चुनाव से पहले नई हलचल
14 Jun, 2025 06:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में अगले कुछ महीनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सियासत अभी से गरमा गई है. राजनीतिक दल अभी से सियासी समीकरण सेट करने में जुट गए हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निकाय चुनाव में एनसीपी शरद पवार गुट बीजेपी को छोड़कर किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकता है. इतना ही नहीं, एनसीपी अजित पवार गुट भी राष्ट्रवादी शरद चंद्र पवार पार्टी के लिए गठबंधन का विकल्प हो सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक,महायुति और महाविकास अघाड़ी के घटक दलों ने अब स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. क्या स्थानीय निकाय चुनाव गठबंधन के तौर पर लड़े जाएंगे या फिर अपने दम पर लड़े जाएंगे? इस उत्सुकता के बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनसीपी शरद पवार गुट स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को छोड़कर किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकता है. इतना ही नहीं गठबंधन के लिए पार्टी के पास एनसीपी अजित पवार गुट का भी विकल्प रहेगा. गठबंधन को लेकर सभी अधिकार स्थानीय स्तर के नेताओं को सौंपे जाएंगे.
महाविकास अघाड़ी के घटक दल क्या करेंगे?
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि महाविकास अघाड़ी के घटक दल स्थानीय निकाय चुनावों के लिए एक साथ आने के लिए बहुत उत्सुक नहीं हैं, स्थानीय निकाय चुनावों के लिए महाविकास अघाड़ी में एक साथ आने के बारे में अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है. ऐसी स्थिति में, महाविकास अघाड़ी के घटक दल क्या निर्णय लेंगे? क्या वे महाविकास अघाड़ी का हिस्सा बनकर यह चुनाव लड़ेंगे? कई सवाल उठ रहे हैं.
स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर महाराष्ट्र के सियासी दल क्या कदम उठाएंगे, आने वाले दिनों में स्थिति साफ हो सकती है. सवाल यह भी उठ रहे हैं कि अगर एनसीपी शरद पवार गुट बीजेपी को छोड़कर किसी भी दल के साथ गठबंधन करता है तो फिर महाविकास अघाड़ी को क्या होगा? दूसरी ओर अगर एनसीपी अजित पवार गुट एनसीपी शरद पवार गुट से हाथ मिलता है तो फिर महायुति गठबंधन का क्या होगा?
विधानसभा चुनाव में महायुति का रहा है दमदार प्रदर्शन
महायुति में भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (Eknath Shinde गुट), और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं. 2024 विधानसभा चुनावों में इस गठबंधन ने 234 सीटों पर जीत हासिल की और 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत प्राप्त किया. इस गठबंधन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार शामिल हैं. फिलहाल राज्य में महायुति की सरकार चल रही है.
महाविकास अघाड़ी MVA में शिवसेना (UBT), कांग्रेस और शरद पवार गुट की NCP शामिल हैं. हालांकि इस गठबंधन ने 2024 लोकसभा चुनावों में 48 में 30 सीटें जीतीं, लेकिन विधानसभा चुनावों में यह गठबंधन 50 सीटों के भीतर सिमट गया, जिससे इसे विधानसभा में विपक्षी दल का दर्जा नहीं मिला.
चुनाव ऐलान के बाद बदल सकते हैं सियासी समीकरण
हालिया घटनाओं से संकेत मिलते हैं कि आगामी बीएमसी चुनावों के मद्देनजर गठबंधन समीकरणों में बदलाव हो सकते हैं. राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा है. इसके अलावा, राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि MNS और BJP के बीच भी समीकरण बदल सकते हैं.
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