महाराष्ट्र
सांगली में एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार
4 Feb, 2025 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एमडी ड्रग्स: महाराष्ट्र के सांगली जिले में एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. इस फैक्ट्री को चलाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सोमवार (27 जनवरी) देर रात सांगली पुलिस ने वीटा शहर के पास कार्वे एमआईडीसी इलाके में स्थित एक कंपनी पर छापा मारा और एक बड़े ड्रग निर्माण रैकेट का पर्दाफाश किया. पुलिस अधीक्षक संदीप घुगे के मुताबिक इस फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद मामले की जांच स्थानीय अपराध जांच को सौंपी गई. पकड़े गए तीन आरोपियों से गहन पूछताछ किया गया, फिर तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि इन 6 आरोपियों की मुलाकात मुंबई की आर्थर रोड जेल में हुई थी.
पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस ने बताया कि जमानत पर रिहा होने के बाद इन 6 आरोपियों ने एक साथ मिलकर एमडी ड्रग्स फैक्ट्री शुरू करने का प्लान बनाया. पकड़े आरोपियों में मुंबई से दो लोगों के साथ-साथ वलवा तालुका से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
आरोपियों की हुई पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान जितेंद्र परमार, अब्दुल रज्जाक शेख और सरदार उत्तम पाटिल के रूप में हुई है. राहुदीप बोरिचा सुलेमान शेख बलराज अमर कटारी से हुई, जो सांगली के वीटा के पास कर्वे में बंद एक फैक्ट्री में एमडी ड्रग्स बना रहे थे. इन आरोपियों के पास से बनाई गई 29 करोड़ रुपये कीमत की 14 किलो 500 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और पता लगा रही है कि यह ड्रग्स रैकेट कितना बड़ा है और यह ड्रग्स की सप्लाई कहां-कहां करते थे.
गोधरा नरसंहार के फरार दोषी सलीम जर्दा चोरी के मामले में पुणे में पकड़ाया
3 Feb, 2025 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र : गोधरा ट्रेन नरसंहार मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले फरार दोषी सलीम जर्दा को महाराष्ट्र के पुणे जिले में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. सलीम जर्दा 17 सितंबर 2024 को सात दिन की पैरोल पर गुजरात की जेल से बाहर आया था और इसके बाद वह फरार हो गया था. पुलिस ने बताया कि पहले भी आठ बार पैरोल का उल्लंघन कर चुके जर्दा को चोरी के एक मामले में 22 जनवरी को पुणे ग्रामीण पुलिस ने गिरफ्तार किया गया. उसे नासिक में दर्ज चोरी के एक मामले में वहां की पुलिस को सौंप दिया गया है. पुलिस ने बताया कि जर्दा गोधरा ट्रेन नरसंहार मामले में दोषी ठहराए गए 31 लोगों में से एक है. आलेफाटा पुलिस थाने के निरीक्षक दिनेश तायडे ने कहा कि हमने 22 जनवरी को सलीम जर्दा और उसके गिरोह के सदस्यों को चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया. वे पुणे के ग्रामीण इलाकों में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे. जांच में पता चला कि वह गोधरा ट्रेन नरसंहार मामले का दोषी भी है.
2002 में हुआ था गोधरा कांड
बता दें गुजरात के गोधरा में 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 डिब्बे में आगजनी की गई थी, जिसमें 59 लोगों की जान चली गई और इसके बाद राज्य में दंगे शुरू हो गए थे. दिनेश तायडे ने बताया कि 2002 के गोधरा ट्रेन नरसंहार मामले में 31 लोगों को दोषी ठहराया गया था. उनमें से 11 को शुरुआत में मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि 20 को आजीवन कारावास की सजा मिली थी.
सलीम जर्दा को मिली है मौत की सजा
उन्होंने कहा, सलीम जर्दा उन 11 लोगों में शामिल था जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन गुजरात हाई कोर्ट ने बाद में उनकी सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था. अधिकारी ने बताया कि जर्दा और उसके गिरोह के सदस्यों को पुणे में सात जनवरी को एक ट्रक से 2.49 लाख रुपये से अधिक कीमत के 40 टायर चोरी करने के आरोप में पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था.
14.4 लाख की कीमत का सामान बरामद
पुणे के मंचर और नासिक के सिन्नर इलाके में इसी तरह की चोरियों में भी आरोपियों की संलिप्ता पाई गई है. अधिकारी ने बताया कि एक ट्रक और चोरी का सामान बरामद किया गया है जिनकी कीमत 14.4 लाख रुपये है. दिनेश तायडे ने कहा कि जर्दा और उसके साथी पुणे और आस-पास के जिलों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे. पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक पंकज देशमुख ने बताया कि सिन्नर पुलिस थाने में दर्ज चोरी के मामले में आरोपी को नासिक ग्रामीण पुलिस को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि हम मंचर पुलिस थाने में दर्ज चोरी के मामले में फिर से उसकी हिरासत की मांग करेंगे.
सीतारमण द्वारा पेश बजट पर 'सामना' में तीखा संपादकीय, बीजेपी को घेरा
3 Feb, 2025 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवसेना- यूबीटी ने अपने मुखपत्र 'सामना' में बजट को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है. 'सामना' के संपादकीय में लिखा गया है कि निर्मला सीतारमण नामक महिला द्वारा पेश किए गए बजट पर भक्तों की तालियां अभी भी बज रही हैं. वह इस कदर खुश हैं कि मानो आम जनता और मध्यम वर्ग के घरों पर सोने के खपरैल चढ़ने वाले हैं. 12 लाख मिलने तक टैक्स में छूट मिलने से बीजेपी भक्त खुशी से उछल रहे हैं. देश में कितने लोग इनकम टैक्स भरते हैं? करीब साढ़े तीन करोड़ लोग. इनमें से दो करोड़ की आय सात लाख से कम है यानी उन्हें पहले ही छूट मिल चुकी है. डेढ़ करोड़ में से अधिकतम 80-85 लाख वेतन भोगी या नौकरी पेशा होंगे. उसमें 50 लाख लोगों की सैलरी करीब 12 लाख है तो फिर बचे कितने 60 लाख के करीब लोग, इसका मतलब है कि नई टैक्स प्रणाली से सिर्फ 60 लाख लोगों को फायदा होगा, लेकिन ढोल ऐसे पीटे जा रहे हैं कि 45 करोड़ लोगों को फायदा होगा.
'चुनाव की वजह से बिहार पर योजनाओं की बारिश'
मुखपत्र में कहा गया कि वहीं जब मोदी की कृपा से पकौड़े तल रहे शिक्षित बेरोजगारों को इससे कोई लाभ नहीं है तो ये ढिढोरा क्यों पीटा जा रहा है? बजट कोई असाधारण वगैरह नहीं है. यह एक साधारण कूवत की महिला द्वारा साधारण बुद्धि की सरकार के लिए तैयार किया गया राजनीतिक बजट है. दिल्ली में विधानसभा चुनाव है. उनके लिए मोदी-शाह पहले ही मुफ्त की रेवड़ियां बांट चुके हैं. बिहार में भी चुनाव सिर पर है, ऐसे में बिहार पर पैसों और योजनाओं की बारिश हुई है. 'सामना' में आगे कहा गया कि हमेशा की तरह यह बजट भी चुनावी है. यह कोई देश के लिए नहीं है. कहा जा रहा है कि यह बजट मध्यम वर्ग के लिए है. यह सरासर झूठ है. मोदी सरकार ने पहले महिला केंद्रित बजट पेश किया था, लेकिन आज भी देश की अधिकतर महिलाएं मुफ्त राशन के लिए लाइन में खड़ी हैं और यदि गोवा, महाराष्ट्र, झारखंड, मध्य प्रदेश जैसे राज्य की 'लाडली बहनों' को हजार-पंद्रह सौ प्रतिमाह का लालच दिखाकर खुश किया जा रहा है तो क्या इसे महिला वर्ग का विकास कहा जाए.
पीएम मोदी पर बोला हमला
मुखपत्र में कहा गया कि मोदी ने किसान-उन्मुख बजट पेश करने का पराक्रम किया था, लेकिन जब से मोदी आए हैं, किसान कृषि उपज के न्यूनतम मूल्य के लिए भूख हड़ताल और आंदोलन पर हैं और आज भी पंजाब-हरियाणा में किसान भूख हड़ताल पर बैठे हैं. मोदी रोजगारोन्मुखी बजट लाए. मोदी हर साल दो करोड़ नौकरियां देने वाले थे, लेकिन सच्चाई तो यह है कि मोदी राज में नौकरियों का अकाल पड़ा है. बाजार में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर बेचे जा रहे हैं. राज्यों में बेरोजगार सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और मोदी की पुलिस बेरोजगारों पर लाठीचार्ज कर रही है. आगे कहा गया कि मोदी का मंत्र है कि नौकरी नहीं है तो पकौड़े तलो. अब मोदी ने मध्यम वर्ग आदि को दिलासा देने के लिए जलेबी दार बजट पेश किया है इसलिए मध्यम वर्ग को सावधान रहना चाहिए. ये लोग शहद लगी छुरी से गला काटने में माहिर हैं. ऐसा लगता है कि इस बजट में बिहार के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, लेकिन बिहार के नेताओं को यह दावा स्वीकार नहीं है. आज भी बिहार के अधिकतर लोग मजदूरी के लिए बाहरी राज्यों में जाते हैं. बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी ने प्रचार में सार्वजनिक रूप से कहा कि दिल्ली के बिहारियों को भगा दो. यह बिहार में रोजगार की गंभीर समस्या का नतीजा है.
गुजरात के साथ स्पेशल व्यवहार
'सामना' में कहा गया कि विकास और पैसे के मामले में अन्य राज्यों को वैसा व्यवहार नहीं मिल रहा है जो मौजूदा वक्त में गुजरात को मिल रहा है. जहां तक बिहार की बात है तो मोदी के समर्थन के बाद से बिहार को एक साल में 60 हजार करोड़ का आर्थिक पैकेज मिला, लेकिन विकास पर 60 करोड़ भी खर्च नहीं हुए तो इन 60 हजार करोड़ का क्या हुआ? ये पैसा कहां गया? देश की 500 सबसे बड़ी कंपनियों का मुनाफा 25 फीसद बढ़ा, लेकिन नौकरियां केवल 1.5 फीसद बढ़ीं. यह इस बात का संकेत नहीं है कि कोई अर्थव्यवस्था मजबूत है. जब से ट्रंप अमेरिका की सत्ता में वापस आए हैं, तब से वह भारत को वित्तीय संकट में डालने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप प्रशासन अमेरिका से 1.7 लाख भारतीयों को वापस लाने पर अड़ा हुआ है और भारतीय अर्थव्यवस्था में संकट की आशंका है. देश में काला धन और नकली नोट बड़े पैमाने पर है. बजट में उसका कोई समाधान नहीं है, लेकिन 12 लाख की आयकर छूट की घोषणा कर यह सरकार लोकप्रिय होने की कोशिश कर रही है.
शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने ‘वर्षा’ बंगले को लेकर उठाए सवाल
3 Feb, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संजय राउत:शिवसेना-यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हमेशा से अंधश्रद्धा के खिलाफ रहा है और हम एक प्रोग्रेसिव स्टेट रहे हैं, लेकिन अचानक राजनीति में अंधविश्वास आ गया है. जब से एकनाथ शिंदे सीएम बने, उसके बाद हमने कई कहानियां सुनीं, कामाख्या मंदिर में जाना, उसको काटना, इसको काटना, लेकिन 'वर्षा' बंगले की तो बात ही अलग है. देवेंद्र फडणवीस जब सीएम बन गए तो उनका औपचारिक निवास स्थान वर्षा है. उसमें रहना लोगों का सपना होता है और उन्हें वहां जाने से डर लग रहा है. संजय राउत ने कहा, "केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस बात की जांच करनी चाहिए कि मुख्यमंत्री वर्षा में जाने से क्यों डरते हैं? एक फिल्म आई थी दो गज जमीन के नीचे. दो फीट जमीन के अंदर क्या है, जांच करना चाहिए? राम गोपाल वर्मा को वहां जाकर फिल्म बनानी चाहिए. हम भी सुनते हैं, क्या कर सकते हैं
बजट को लेकर BJP पर साधा निशाना
वहीं वक्फ बिल और जेपीसी मीटिंग को लेकर उन्होंने कहा कि क्या हटाया है और क्या रखा है, थोड़ी देर में पता चल जाएगा. इसके अलावा बजट को लेकर संजय राउत ने कहा कि 12 लाख रुपये का फायदा लेने के लिए उतनी इनकम भी तो होनी चाहिए. कांग्रेस लंबे समय से सरकार में रही है, मैं ऐसे नेताओं के नाम दे सकता हूं, जिन्होंने बेहतरीन बजट दिए. आप ढोल मत बजाएं, कल कुंभ जाएं और दिन भर नहाएं. टीवी पर भी दिखना है.
दिल्ली चुनाव पर क्या बोले संजय राउत
इसके साथ ही दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी को लगता है कि वह 5 तारीख को कुंभ में डुबकी लगाएंगे और दिल्ली की जनता उस आधार पर वोट देगी. अगर लोग इसी आधार पर वोट देंगे तो देश का लोकतंत्र खतरे में है. मुझे लगता है कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने 10 साल अच्छा काम किया है तो उस आधार पर आप को वोट मिलना चाहिए और सत्ता में आना चाहिए. सुरेश गोपी के हिंदी को लेकर दिए बयान पर संजय राउत ने कहा कि मैंने उनका बयान सुना, हम सब चाहते हैं अल्पसंख्यक समुदाय आगे बढ़े, उच्च जाति पर बात नहीं करूंगा, जाति के आधार पर किसी को मंत्रालय देना सही नहीं, कोई भी विकास कर सकता है.
शिवसेना ने किया पलटवार
संजय राउत के बयान पर शिवसेना शिंदे गुट के नेता कृष्णा हेगड़े ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा. "संजय राउत उस राज्य के लिए ऐसी बात कर रहें है, जहां अंधश्रद्धा को लेकर कानून भी है. ऐसे पढ़ें लिखे राज्य में इस तरह की बेतुकी बात सही नहीं है. संजय बड़े नेता हैं वो इस तरह की बातें करके अपना महत्व और खत्म कर रहे है. कहीं ना कहीं अब उन्हें रुकने की जरूरत है.
नागपुर में 14 साल से अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
30 Jan, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र एटीएस लोकल पुलिस की मदद से प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर रही है. साथ ही कानूनी प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द उनके देश डिपोर्ट किया जा सके. सूत्रों ने बताया कि नागपुर में पिछले 14 साल से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को नागपुर एटीएस और यशोधरानगर पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन कर गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों के नाम अब्दुल हामिद खान (33 साल) और मोहम्मद सलीम अब्दुल हामिद, (30 साल) है. पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि दोनों आरोपी भाई हैं और फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर यशोधरा नगर थाना क्षेत्र के कांजी हाउस इलाके में रह रहे थे.
बांग्लादेश में है आरोपियों का परिवार
जांच के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके माता-पिता और उनकी एक बहन बांग्लादेश में रहती है और यहां नौकरी कर वह कुछ पैसे बांग्लादेश भी भेजा करते थे. पुलिस ने दोनों भाईयों के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. एक अधिकारी ने बताया कि हम इस मामले में जांच कर रहे हैं कि गिरफ्तार आरोपियों को भारत आने में किसी एजेंट ने मदद की थी.
पुलिस इस एंगल से भी कर रही है जांच
इसके साथ ही आरोपियों के पास से जो भारतीय दस्तावेज मिले हैं, उसे बनवाने में उन्हें किसने मदद की. पुलिस ने बताया कि अगर ये लोग गिरफ्तार आरोपियों के लिए दस्तावेज बना सकते हैं, तो देश में कई और ऐसे बांग्लादेशी हो सकते हैं जिनके लिए इन्होंने आधार कार्ड बनाया होगा या कोई और भारतीय दस्तावेज बनाए होंगे.
इलेन बैरेगु सिंड्रोम: महाराष्ट्र में अब तक 127 मामलों की पुष्टि, दो मौतें
30 Jan, 2025 03:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Guillain Barre Syndrome: महाराष्ट्र में ‘गुइलेन बैरे सिंड्रोम’ के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इन मामले के कारण आम लोगों के साथ ही प्रशासन भी परेशान है.बुधवार को एक महिला की मौत ‘गुइलेन-बैरे सिंड्रोम’ (जीबीएस) से होने का संदेह है. जबकि गुइलेन बैरे सिंड्रोम के 16 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इस बीमारी के कारण अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे की 56 वर्षीय महिला की सरकारी ससून जनरल अस्पताल में जीबीएस के कारण मौत हो गई. इसके अलावा उस महिला पहले से कई अन्य बीमारियां भी थीं. स्वास्थ्य विभाग की मानें तो बीमारी के अब तक कुल 127 मामले सामने आ चुके हैं. इसके अलावा एक और मरीज की बीमारी से मौत होने का संदेह है.
20 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 72 लोगों में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है. जिनका इलाज किया जा रहा है, इसके अलावा कई लोग गंभीर बीमार हैं. जिनमें से 20 मरीजों को वेंटिलेटर सर्पोर्ट पर रखा गया है. अब तक मल के 121 नमूने राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) को भेजे गए हैं, और उन सभी का ‘एंटेरिक वायरस पैनल’के लिए परीक्षण किया गया. विज्ञप्ति में कहा गया है कि 21 नमूनों में नोरोवायरस की पुष्टि हुई जबकि मल के पांच नमूनों में कैम्पिलोबैक्टर की पुष्टि हुई. कुल रक्त के 200 नमूने एनआईवी भेजे गए हैं. किसी भी नमूने में जीका, डेंगू, चिकनगुनिया की पुष्टि नहीं हुई है.
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) एक दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी है. यह आमतौर पर किसी संक्रमण के बाद होने वाली बीमारी है. यह कैम्पिलोबैक्टर के कारण होने वाले गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण के बाद होता है. इसमें तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम, सेप्सिस, निमोनिया, समेत कई अन्य तरह की समस्या हो सकती है.इस बीमारी का सटीक कारण अब तक पता नहीं चल पाया है.गुइलेन-बैरी सिंड्रोम एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही नसों पर हमला करती है. इससे कमजोरी, सुन्नता या पक्षाघात हो सकता है. इस स्थिति से पीड़ित अधिकांश लोगों को अस्पताल में इलाज की आवश्यकता होती है.
शिवसेना सांसद संजय राउत का यूपी सरकार पर हमला, कुंभ मेले में भक्तों की सुविधाओं की कमी का आरोप
29 Jan, 2025 02:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने महाकुंभ में हुई भगदड़ को लेकर यूपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ कुंभ मेले के मार्केटिंग पर ध्यान दे रही थी, लेकिन भक्तों की सुविधाओं के लिए सही व्यवस्था नहीं की गई. गृह मंत्री और रक्षा मंत्री जब स्नान के लिए गए, तो पूरा इलाका सील कर दिया गया, जिससे आम श्रद्धालुओं को परेशानी हुई. यूपी के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को पार्टी के प्रचार के बजाय भक्तों की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए था. उन्होंने कहा, "10 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत के बाद ही सरकार ने आपात बैठकें बुलाईं, लेकिन इससे कुछ फर्क नहीं पड़ा. सड़क पर सोने के बाद भक्तों को स्नान करना पड़ा, यह कैसा प्रबंधन है? 1954 में पंडित नेहरू ने खुद कुंभ मेले की व्यवस्थाओं की जांच की थी, लेकिन आज के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उस तरह सक्रिय नहीं दिख रहे.
अखिलेश के कार्यकाल का कुंभ मेला सबसे बेहतर था
संजय राउत ने कहा, "अखिलेश यादव के कार्यकाल का कुंभ मेला सबसे बेहतर था, ऐसा श्रद्धालु खुद कहते हैं. अगर दूसरे दलों को भी आयोजन में शामिल किया जाता, तो हालात इतने खराब नहीं होते. सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का बजट रखा, लेकिन यह राशि जमीन पर नजर नहीं आ रही. कोरोना काल में हमारी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले अब यह बताएं कि कुंभ के 10,000 करोड़ रुपये कहां गए? उन्होंने कहा, "10 हजार करोड़ रुपये व्यवस्था पर खर्च किए गए थे, आखिर यह पैसे कहां गए? बीजेपी कुंभ की मार्केंटिंग का फायदा उठाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है. अब दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए. प्रयागराज में हुई मौत यह प्रशासन द्वारा की गई हत्या है. करोड़ों लोगों को कुंभ में लाकर बीजेपी अपना प्रचार कर रही है, लेकिन इतने लोगों के लिए क्या आपके पास व्यवस्था है?
संजय राउत ने अखिलेश यादव के कार्यकाल की याद दिलाई
संजय राउत ने कहा, "लोग सड़क पर बैठे हैं, महिलाओं की हालत देखिए. लोग अभी भी अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान जो व्यवस्था हुई थी उसको याद करते हैं. आज तीन करोड़ आए, आज चार करोड़ आए, आज 15 करोड़ आए, यह आंकड़े आप बताते हैं लेकिन व्यवस्था क्या है? जब रक्षा मंत्री आए तब एक दिन तक घाट बंद था, जब गृह मंत्री आए तब पूरा प्रयागराज बंद था, जब केंद्रीय मंत्री आते हैं तब पूरा घाट बंद रहता है. इन सब से व्यवस्था पर असर पड़ता है, भीड़ बढ़ जाती है तब ऐसी घटनाएं होती हैं.
फडणवीस पर कसा तंज
देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली दौरे पर तंज कसते हुए संजय राउत ने कहा, "फडणवीस महाराष्ट्र छोड़कर हमेशा दौरे पर रहते हैं. उन्हें समझना चाहिए कि महाराष्ट्र की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है. वे बीजेपी के स्टार प्रचारक हैं, लेकिन महाराष्ट्र में पार्टी की जीत का श्रेय उन्हें दिया जा रहा है. अगर बीजेपी को महाराष्ट्र का फॉर्मूला दूसरे राज्यों में इस्तेमाल करना है, तो प्रचार किए बिना भी पार्टी चुनाव जीत सकती है.
गणेश नाईक को सम्मान मिलना चाहिए
गणेश नाईक और एकनाथ शिंदे की तुलना करते हुए संजय ने कहा, "गणेश नाईक और एकनाथ शिंदे से वरिष्ठ और अधिक अनुभवी नेता हैं. नाईक को मंत्री के रूप में उचित सम्मान मिलना चाहिए. शिंदे को नवी मुंबई जाकर गणेश नाईक से मिलकर चर्चा करनी चाहिए. गणेश नाईक का राजनीतिक सफर बड़ा है, वे शिवसेना में भी थे. भविष्य में जब शिंदे भी 2-3 पार्टियां बदलेंगे, तब उनकी तुलना नाईक से की जाएगी.
धनंजय मुंडे को लेकर क्या कहा
संजय ने आगे कहा कि शिंदे को मंत्री पद से हटाया भी जाए, तब भी वे चिपके रहेंगे क्योंकि उन पर ईडी और सीबीआई की जांच की तलवार लटक रही है. वे कभी नहीं कहेंगे कि वे नाराज हैं. वहीं धनंजय मुंडे के दिल्ली दौरे पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मुंडे को अपना पद बचाने के लिए दिल्ली जाना पड़ा. उनके पार्टी अध्यक्ष मुंबई और बारामती में हैं, फिर भी मंत्री को दिल्ली जाकर सफाई देनी पड़ रही है. यह महाराष्ट्र की राजनीति की स्थिति को दर्शाता है.
महाराष्ट्र सरकार ने अटल सेतु पर टोल दर बढ़ाने पर एक साल तक लगाई रोक
29 Jan, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार (28 जनवरी) को एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए दक्षिण मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ने वाले भारत के सबसे लंबे समुद्री पुल अटल सेतु पर टोल दर को अगले एक साल तक बढ़ाने पर रोक लगाने की घोषणा की है. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया कि अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु के टोल टैक्स को 250 रुपये की दर पर एक और साल तक जारी रखा जाएगा. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि कैबिनेट की बैठक में अटल सेतु की टोल दरों की सालाना समीक्षा करने और 31 दिसंबर 2025 तक समान रियायती टोल दरों को जारी रखने का फैसला लिया गया. इस नए फैसले के कारण कार और एसयूवी जैसे चार पहिया वाहनों के लिए न्यूनतम टोल टैक्स 250 रुपये ही रहेगी.
पिछले साल पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन
बता दें कि अटल सेतु की कुल लंबाई 21.8 किलोमीटर है. इसका 16.5 किलोमीटर का भाग समुद्र और 5.5 किलोमीटर का भाग जमीन पर है. 6 लेन वाले इस ब्रिज का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साल पहले 12 जनवरी 2024 को उद्घाटन किया था. यह पुल महाराष्ट्र में एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना के पूरा होने का प्रतीक है.
21,200 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल
पुल दक्षिण मुंबई के सेवरी से शुरू होता है और एलीफेंटा द्वीप के उत्तर में ठाणे क्रीक को पार करता है और न्हावा शेवा के पास चिर्ले गांव में समाप्त होता है. इस पुल को 21,200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, जिसमें से 15,000 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में हैं. गौरतलब है कि हाल ही में अटल सेतु पुल के जरिए मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्रा करना काफी किफायती हो गया है, क्योंकि नवी मुंबई नगर परिवहन (एनएमएमटी) ने किराए में 50% से ज्यादा की कटौती की है.
अटल सेतु ने दक्षिण मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्रा समय में सुधार किया
यह पुल क्षेत्र में यात्रा समय को कम करने और कनेक्टिविटी में सुधार लाने में एक अहम भूमिका निभाता है. पिछले साल जनवरी से अगस्त तक लगभग 50 लाख वाहन इस पुल से गुजरे. इनमें बसें, निजी कारें और व्यावसायिक वाहन शामिल हैं. इस पुल ने पूरे क्षेत्र खासकर दक्षिण मुंबई और तेजी से विकसित हो रहे नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को नई कनेक्टीविटी दी है.
बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान ने पुलिस को दिए अपने बयान में एक मुंबई नेता का जिक्र किया है
28 Jan, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Baba Siddiqu: महाराष्ट्र के पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है. जिसमें आरोपी हत्या करने के पीछे की वजह बताई है. वहीं दूसरी ओर बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने मुंबई पुलिस को दिए अपने बयान में एक डायरी का खुलासा किया है. जिसमें बिल्डर और नेताओं के नाम लिखे होने की बात कही है. जीशान ने अपने बयान में कहीं भी बिश्नोई गैंग का कोई जिक्र तक नहीं किया है. जबकि पुलिस ने इस मामले में 4500 पन्नों की चार्जशीट दायर की है, जिसमें 26 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी बताया गया है.
बाबा सिद्दीकी के साथ डेवलपर्स और नेताओं का संपर्क
जीशान सिद्दीकी ने पुलिस को बताया कि उनके पिता बाबा सिद्दीकी के साथ कई डेवलपर्स और नेताओं का नियमित संपर्क था. इसलिए उनके पिता को अपनी चीजें डायरी में लिखने की आदत थी. हत्या के दिन 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के ही एक नेता का नाम अपनी डायरी में लिखा था.
कई डेवलपर्स के संपर्क में थे पिता- जीशान
इसके अलावा, जीशान ने दावा किया कि उनके पिता के साथ कई डेवलपर्स का संपर्क था, जो पुनर्विकास परियोजनाओं से जुड़े हुए थे. जीशान ने बताया कि एसआरए पुनर्विकास परियोजना के संबंध में एक बैठक के दौरान एक बिल्डर ने उनके पिता के बारे में अपशब्द कहे थे. साथ ही मामले में एनसीपी नेता जीशान ने पुलिस से अनुरोध किया कि इन सभी मामलों की पूरी जांच की जाए.
बाबा सिद्दीकी 2 दिन बाद लेने वाले थे शपथ- जीशान
जीशान ने बताया कि मेरे पिता 2 दिन बाद विधान परिषद के विधायक के रूप में शपथ लेने वाले थे. लेकिन इससे पहले 12 अक्टूबर को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और उनकी हत्या के कुछ दिनों बाद 15 अक्टूबर 2024 विधान परिषद के लिए नामांकित नेताओं को शपथ दिलाई गई थी.
जीशान के बयान कहीं भी बिश्नोई गैंग का नाम नहीं
जीशान सिद्दीकी ने पुलिस के सामने जो बयान दिया है, उसके मुताबिक सिद्दीकी ने बिश्नोई गैंग का जिक्र तक नहीं किया है. जबकि हत्या के बाद सबसे पहले बिश्नोई गैंग ने ही जिम्मेदारी ली थी. वहीं दूसरी ओर पुलिस भी अनमोल बिश्नोई के एंगल से जांच कर रही है. जीशान की तरफ से बिश्नोई गैंग या उसके किसी भी सदस्य का नाम न लेना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है. इसके अलावा एक बयान में जीशान ने खुद कहा कि अनमोल या लॉरेंस बिश्नोई से उनकी या उनके परिवार की जब कोई दुश्मनी ही नही थी तो वो उन्हें क्यों टारगेट करेंगे.
पुणे में इस बीमारी से मचा हाहाकार, चलना-बोलना और सांस लेना हुआ मुश्किल…
27 Jan, 2025 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के वेस्टर्न रीजन पुणे में एक रहस्यमयी बीमारी ने सबको डरा रखा है. ये बीमारी पिछले एक सप्ताह से पुणेकर में फैली हुई है. इस रहस्यमयी बीमारी का नाम गुलियेन-बैरे सिंड्रोम यानी GBS बताया जा रहा है. पुणे में अब तक इस बीमारी से 70 से ज्यादा लोग अस्पताल हैं भर्ती हैं, जिसमे 15 से ज्यादा मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख गया है.
इस गंभीर बीमारी को लेकर पुणे महानगर पालिका ने एडवायसरी जारी की है. मनपा कमिश्नर राजेन्द्र भोंसले ने पुणे के कमला नेहरू अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का इलाज मुफ्त में करवाने का निर्णय लिया है. महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के किसी भी निजी अस्पताल में इलाज करवाने वाले मरीजों को 2 लाख तक सरकारी मेडिकल इंश्योरेंस देने का भी ऐलान किया है.
70 से ज्यादा लोग बीमार
पुणे में इस बीमारी के कारण 70 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की खबर है, जिनमें से 12 से ज्यादा लोग वेंटिलेटर पर हैं. मामला गंभीर है क्योंकि मरीज पुणे के आसपास के हलकों से भी पुणे इलाज करवाने आ रहे हैं. संदेह जताया जा रहा है कि इसका संबंध कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया से है, जो पानी या खाने के जरिए फैल सकता है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का कहना है कि ये एक दुर्लभ लेकिन गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी की स्थिति है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से पेरिफेरल नर्वस सिस्टम पर अचानक हमला करने लगता है. इसकी चपेट में आने से मरीज की मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती है. शरीर में झुनझुनी पकड़ लेती है और यहां तक कि लकवे जैसी स्थिति हो सकती है. उनका कहना है किये बीमारी पेट के संक्रमण से शुरू होकर पूरे नर्वस सिस्टम पर अपना कब्जा कर लेती है.
गुलियेन-बैरे सिंड्रोम के कारण
बताया जाता है कि ये बीमारी कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया है. यह एक सामान्य कारण है, जो आमतौर पर खाने या पीने के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है. यह फूड पॉइजनिंग और डायरिया के मामलों में देखा जाता है. इसी तरह हैजा, कालरा जैसी संक्रमण की बीमारियों में भी यही लक्षण देखे जाते हैं. बेसिकली ये एक वायरल संक्रमण है, जैसे फ्लू, जीका वायरस, एपस्टीन-बार वायरस या साइटोमेगालोवायरस जैसे वायरस भी इस बीमारी को ट्रिगर कर सकते हैं. ऐसा भी बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में टीकाकरण या सर्जरी के बाद यह स्थिति विकसित हो सकती है.
ये हैं लक्षण, इलाज और बचाव
इस संक्रमण के मुख्य लक्षणपैरों और हाथों में झुनझुनी या सुन्नता,मांसपेशियों में कमजोरी जो पैरों से शुरू होकर शरीर के ऊपरी हिस्सों तक पहुंचती है. चलने, बोलने, चबाने और सांस लेने में कठिनाई. गंभीर मामलों में सांस लेने के लिए वेंटिलेटर की आवश्यकता शामिल हैं.इस संक्रमण में अब तक जो कारगर इलाज सामने आया है, उनमें मरीज का प्लाज्मा फेरिसिस करवाना, इसमें ब्लड प्लाज्मा को बदला जाना, इम्यूनोग्लोबुलिन थेरेपी (IVIG), और फिजियोथेरेपी शामिल हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट ने इस बीमारी से बचने के लिए उपाय बताए हैं, जिनमें साफ और शुद्ध पानी पीना, अच्छी तरह से पका हुआ भोजन, हाइजीन का ध्यान रखना और संक्रमण से बचने के उपाय अपनाना. साथ हीअगर आपको या किसी को भी उपरोक्त लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
मुंबई के स्कूल को ईमेल से मिली बम विस्फोट की धमकी
27 Jan, 2025 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के पश्चिमी उपनगर स्थित एक निजी स्कूल और जूनियर कॉलेज को सोमवार को परिसर में बम होने की सूचना ई-मेल से मिली थी, लेकिन बाद में पता चला कि यह एक अफवाह थी। इस घटना की जानकारी पुलिस ने दी।
एक अधिकारी ने बताया कि कांदिवली स्थित एक स्कूल के प्रशासन को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें भेजने वाले ने खुद को अफजल गिरोह का सदस्य बताते हुए कहा कि स्कूल परिसर में बम है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस ने बम का पता लगाने और उसे नष्ट करने वाले दस्ते तथा डॉग स्क्वॉड (बीडीडीएस) के साथ मिलकर कांदिवली एजुकेशन सोसाइटी (केईएस) स्कूल और जूनियर कॉलेज में गहन तलाशी ली, लेकिन उन्हें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। बाद में उन्होंने इस मेल को फर्जी करार दिया। अधिकारी ने बताया कि 23 जनवरी को जोगेश्वरी-ओशिवारा इलाके के एक स्कूल में भी ऐसी ही घटना हुई थी।
उन्होंने बताया कि स्कूल को भी इसी तरह का एक ईमेल प्राप्त हुआ था, जिसमें भेजने वाले ने दावा किया था कि अफजल गिरोह के सदस्यों ने परिसर में विस्फोटक लगा रखे हैं। उन्होंने बताया कि यह धमकी भी एक धोखा साबित हुई थी।
23 जनवरी को भी मिली थी एक स्कूल को बम की धमकी
यह घटना शहर के एक अन्य स्कूल को इसी तरह की झूठी धमकी मिलने के ठीक तीन दिन बाद हुई है। 23 जनवरी को अंधेरी के जोगेश्वरी-ओशिवारा इलाके में रयान ग्लोबल स्कूल को भी ऐसी ही धमकी मिली थी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने कार्रवाई शुरू कर दी थी।
उसी दिन, दिल्ली के कई स्कूलों को भी प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक समूह, सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) की ओर से इसी तरह की धमकियां मिलीं।
ईमेल में, एसएफजे ने कथित तौर पर कहा कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संविधान के विरोध में तिरंगा फहराने से रोकने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है।
ईमेल में गणतंत्र दिवस मनाने के खिलाफ चेतावनी दी गई थी, जिसमें "हिंसा और राज्य की ओर से प्रतिशोध का उच्च जोखिम" होने की धमकी दी गई थी।
मेल में लोगों को गणतंत्र दिवस के किसी भी कार्यक्रम में छात्रों या कर्मचारियों को न भेजने की भी चेतावनी दी गई थी।
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर नकेल, महाराष्ट्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई
25 Jan, 2025 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में छापेमारी कर देश में अवैध रूप से रहने के आरोप में पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया कि कल्याण और डोंबिवली शहरों में ये छापे मारे गये थे. पुलिस उपायुक्त (जोन 3-कल्याण) अतुल जेंडे ने बताया कि चार महिलाओं और एक पुरूष को गिरफ्तार किया गया है जो इन इलाकों में छोटे-मोटे काम करते थे. उन्होंने बताया कि आरोपी गांधीनगर की एक झुग्गी कॉलोनी और कल्याण रेलवे स्टेशन के पास रह रहे थे.
जेंडे ने बताया कि ये लोग भारत में प्रवेश करने और यहां रहने के पक्ष में कोई सबूत नहीं दिखा पाये. इसके बाद उनपर विदेशी नागरिक अधिनियम, भारतीय पासपोर्ट अधिनियम और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है.
मुंबई के कल्याण उल्हासनगर समेत महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में रह रहे अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की धर पकड़ तेज हो गई है. मुंबई व उपनगर तथा ठाणे जिले के तमाम क्षेत्रों में बड़ी तादाद में बांग्लादेशी नागरिकों ने अपना अड्डा बना रखा है. वहीं कुछ लोगों ज्यादा पैसों की लालच में इन्हें संरक्षण देने का काम भी करते हैं. परिमंडल 3 के अंतर्गत आने वाले मानपाड़ा पुलिस स्टेशन व महात्मा फुले पुलिस की हद से कुल पांच बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया जिनमें, तीन महिलाएं भी शामिल हैं.
फेरी, जूस की दुकान लगाने वालों में बांग्लादेशी
चोरी छुपे बांग्लादेश की सीमा से घूसखोरी के जरिए यह भारत में प्रवेश करते हैं और यहां पर जुगाड़ के माध्यम से वैध कागजात बनाने में भी सफल हो जाते हैं. मुंबई, कल्याण उल्हासनगर में ज्यादातर चिकन सेंटर, फेरीवाले व जूस की दुकानों में इनकी बहुतायत संख्या है, ऐसा लोगों का कहना है. ठाणे के पुलिस आयुक्त के आदेश पर परिमंडल 3 में इनकी धर पकड़ तेज कर दी गई है. इसके तहत एक अलग टीम के माध्यम से इनको खोजने का काम किया जा रहा है.
इसी कार्रवाई के तहत टाटा पॉवर के देशमुख होम्स के नजदीक स्थित गांधीनगर झोपड़पट्टी क्षेत्र से मानपाड़ा पुलिस ने चार बांग्लादेशी तथा कल्याण पश्चिम में रेलवे की हद से एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास भारत मे रहने का कोई भी वैध प्रमाणपत्र नहीं है. पकड़े गए लोगों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं. नागरिकों की मांग है कि इन्हें संरक्षण देकर अपने घरों में ठहराने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो तभी इन पर अंकुश लग सकेगा अन्यथा आने वाले दिनों में यह भारत के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित होंगे.
जनता को महंगाई का झटका; महाराष्ट्र में बढ़ा ऑटो-टैक्सी का किराया, पब्लिक ट्रांसपोर्ट हुआ महंगा
24 Jan, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में आम लोगों को बड़ा झटका लगा है। फडणवीस सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट महंगा कर दिया है। बस, ऑटो-टैक्सी तीनों के किराये में बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
बस यात्रियों की जेब पर भारी असर पड़ने वाला है। राज्य सरकार ने आज से राज्य परिवहन के वाहनों का बढ़ा किराया लागू करने की बात कही है।
15 फीसद किराया बढ़ा
MSRTC की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, 15 फीसद किराया वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। किराया वृद्धि आज मध्य रात्रि से लागू होगी। पिछले तीन वर्षों से चुनाव के कारण किराये में कोई वृद्धि नहीं हुई है। इसलिए, कॉर्पोरेशन ने तीन वर्षों के लिए प्रति वर्ष 5 प्रतिशत की दर से 15 प्रतिशत की वृद्धि की है। किराया वृद्धि के कारण राज्य के लोगों के लिए एसटी यात्रा 60 से 80 रुपये महंगी हो जाएगी।
ऑटो-टैक्सी का किराया बढ़ा
मुंबई में टैक्सी का किराया 4 रुपये प्रति किमी और ऑटो रिक्शा का किराया 3 रुपये प्रति किमी बढ़ जाएगा। इसी तरह टैक्सी का किराया 28 से बढ़कर 32 हो जाएगा, जबकि रिक्शा का किराया 23 से बढ़कर 26 हो जाएगा।
20 वर्षीय रेप पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में मिले सर्जिकल ब्लेड और पत्थर, हैरान रह गई पुलिस
24 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी में 20 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपी ऑटो-रिक्शा ड्राइवर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। युवती मंगलवार देर रात रेलवे स्टेशन पर मिली थी। युवती की प्राइवेट पार्ट में प्लास्टिक में लिपटे पत्थर और सर्जिकल ब्लेड मिले थे।
भले ही पुलिस ने ऑटो रिक्शा ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है, लेकिन पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ से पता चलता है कि इस कहानी में और भी कुछ है; पुलिस का मानना है कि युवती ने खुद ही अपने शरीर में ये वस्तुएं डाली थीं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि युवती अपने परिवार के साथ मुंबई महानगर क्षेत्र के अंतर्गत नालासोपारा में रहती है। दुष्कर्म के बाद उसने अपने माता-पिता की डांट और पिटाई से बचने के लिए अपने शरीर में पत्थर और ब्लेड घुसा लिया था।
पुलिस के अनुसार युवती और ऑटो-रिक्शा चालक एक साथ अर्नाला बीच पर गए थे, जो उसके घर से करीब 12 किलोमीटर दूर है। उन्होंने वहां रात बिताने की योजना बनाई थी। चूंकि उनके पास वैध पहचान पत्र नहीं था, इसलिए उन्हें होटल में कमरा नहीं मिल सका और इसलिए उन्हें समुद्र तट पर रात बितानी पड़ी। पुलिस का मानना है कि तभी लड़की के साथ ऑटो ड्राइवर ने यौन उत्पीड़न किया।
पुलिस ने जानकारी दी कि युवती किसी तरह नालासोपारा रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में सफल रही, लेकिन घर लौटने के डर से घबराकर, रात बाहर बिताने और दुष्कर्म की घटना से डरकर एक सर्जिकल चाकू खरीदा और उसे अपनी प्राइवेट पार्ट में डाल लिया। जब उसे दर्द महसूस हुआ और रक्तस्राव हुआ उसने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
युवती ने पुलिस के सामने दावा कि था कि वह एक अनाथ है और अपने चाचा की देखरेख में वाराणसी में रहती है, और दोनों रविवार को मुंबई आए थे। उसके पिता ने पुलिस को बताया कि इससे पहले भी उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुए दुष्कर्म के दो मामले निर्मल नगर और शिवाजी नगर मे दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस का यह भी मानना है कि महिला को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हैं।
मुंबई के स्कूल को मिली बम से उड़ाने की धमकी
23 Jan, 2025 05:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई के जोगेश्वरी-ओशिवारा क्षेत्र में एक स्कूल को बम की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। इस घटना के तुरंत बाद स्कूल की सुरक्षा बढ़ा दी गई। इसके साथ ही स्थानीय कानून प्रवर्तन और विस्फोटक जांच कर्मियों को स्कूल परिसर की जांच करने के लिए भेजा गया है। इस मामले की जानकारी मुंबई पुलिस के हवाले से सामने आई है।
ईमेल मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम स्कूल पहुंची है। घटनास्थल पर जांच शुरू हो गई है। अधिकारी धमकी की पुष्टि करने के लिए काम कर रहे हैं।
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