महाराष्ट्र
कुरियर डिलीवरी बना बहाना, पेन मांगने के बाद दरवाजा बंद कर किया दुष्कर्म
3 Jul, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में एक ऐसी शर्मनाक घटना घटी जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। एक अज्ञात शख्स ने कुरियर डिलीवरी एजेंट बनकर एक 22 साल की युवती के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। यह शर्मनाक हरकत बुधवार शाम करीब 7:30 बजे कोंढवा इलाके की एक हाउसिंग सोसाइटी में हुई।
इंसान के वेश में हैवान शख्स ने ना सिर्फ इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया, बल्कि युवती के फोन में एक सेल्फी और धमकी भरा मैसेज भी छोड़ा, जिसमें उसने कहा कि अगर उसने किसी को बताया तो उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता एक निजी कंपनी में काम करती है और उस वक्त अपने अपार्टमेंट में अकेली थी, क्योंकि उसका भाई शहर से बाहर गया हुआ था। आरोपी ने कुरियर डिलीवरी का बहाना बनाकर घर में प्रवेश किया और हस्ताक्षर के लिए पेन मांगने के बहाने दरवाजा बंद कर लिया।
बेहोशी के लिए स्प्रे के इस्तेमाल की आशंका
पुलिस उपायुक्त (जोन 5) राजकुमार शिंदे ने बताया कि जैसे ही युवती पेन लाने के लिए मुड़ी, आरोपी ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद पीड़िता को कुछ भी याद नहीं, क्योंकि वह करीब 8:30 बजे होश में आई। पुलिस को शक है कि आरोपी ने युवती को बेहोश करने के लिए किसी तरह का स्प्रे या पदार्थ इस्तेमाल किया होगा, जिसकी जांच की जा रही है।
पीड़िता ने होश में आने के बाद अपने रिश्तेदारों को सूचना दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को खबर की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और पाया कि आरोपी ने पीड़िता के फोन में एक मैसेज छोड़ा था, जिसमें उसने धमकी दी कि उसने उसकी तस्वीरें ले ली हैं और अगर उसने इस घटना का जिक्र किसी से किया तो वह तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल देगा।
सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी का चेहरा
पुलिस ने बताया कि इलाके के एक सीसीटीवी कैमरे में आरोपी का चेहरा कैद हुआ है, जिसके आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार), 77 और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में हर संभव कोशिश की जा रही है ताकि इस हैवान को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
'पहले ही अंक में बंद हो गई मैगजीन', शरद पवार ने सुनाया पुराना किस्सा
3 Jul, 2025 11:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को अपनी जिंदगी का एक दिलचस्प वाकिया बयान किया। उन्होंने खुलासा किया कि वह और शिवसेना के फाउंडर बाल ठाकरे कभी पत्रकारिता के मैदान में उतरे थे। दोनों ने मिलकर एक मासिक मैगजीन शुरू करने का सपना देखा था, मगर यह प्रयोग कामयाबी की मंजिल तक न पहुंच सका।
पवार ने यह बयान अखिल भारतीय मराठी पत्रकार परिषद के एक कार्यक्रम में दिया। इस इवेंट में पत्रकारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर उनका यह प्रयोग कामयाब हो जाता तो शायद आज वह खुद भी इस मंच पर सम्मान के हकदार होते।
मैगजीन शुरू करते ही हुआ बंद
शरद पवार ने बताया कि उन्होंने और बालासाहेब ठाकरे ने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक मासिक मैगजीन शुरू की थी। हर शख्स ने इसके लिए 5,000 रुपये का हिस्सा लगाया था। उनका इरादा था कि यह मैगजीन अंग्रेजी की मशहूर पत्रिका 'टाइम' की तरह होगी। पहला अंक छापा गया, जिसके बारे में उन्हें उम्मीद थी कि यह इतना शानदार होगा कि हर जगह इसकी चर्चा होगी। मगर हकीकत में वह अंक इसके बाद कभी नजर ही नहीं आया। पवार ने मजाकिया लहजे में कहा, "वह अंक इतना 'मशहूर' हुआ कि फिर कभी दिखाई ही नहीं दिया।"
उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता का पेशा लोकतंत्र में बेहद मुश्किल और जिम्मेदारी भरा है। उन्होंने सम्मान पाने वाले पत्रकारों से कहा कि वह अपनी लेखनी से लोकतंत्र को और मजबूत करें।
मधुकर भावे को मिला बालशास्त्री जंभेकर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार मधुकर भावे को 'बालशास्त्री जंभेकर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से नवाजा गया, जबकि भरत जाधव को 'विशेष सम्मान' दिया गया। इसके अलावा माहेश म्हात्रे, अभिजीत करांडे, अमेय तिरोडकर, पांडुरंग पाटिल, सर्वोत्तम गवास्कर, दिनेश केलुस्कर, सीमा मराठे, बालासाहेब पाटिल, शर्मिला कलगुटकर और भरत निगडे जैसे पत्रकारों को भी अलग-अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ी: 15,000 बसें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ट्रैफिक बना मुसीबत
1 Jul, 2025 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महायुति सरकार के राज में अब बच्चों की सवारी स्कूली बसें भी ट्रैफिक लूट की शिकार हो गई हैं। ट्रैफिक विभाग इन्हें रोजाना एक करोड़ रुपए के बेजा चालान भेज रहा है। जानकारी के अनुसार, मुंबई में हर 5 में से 3 स्कूली बसें गडकरी के विभाग की इस लूट की शिकार हो रही हैं। इसके खिलाफ कल से 15000 बसें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जानेवाली हैं। ऐसे में निश्चित रूप से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
मुंबई में ट्रैफिक पुलिस की दबंगई इस कदर बढ़ गई है कि वह मनमाने तरीके से वाहनों के चालान काट रही है। इनके टारगेट पर सबसे ज्यादा स्कूल व निजी बसें हैं, जिन पर गलती न होते हुए भी कार्रवाई की जा रही है। बस संगठनों का कहना है कि इन बसों के रोजाना करीब एक करोड़ रुपए के ई-चालान काटे जा रहे हैं। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी बिना किसी गलती के ही इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं। इसके खिलाफ बस संगठन बगावत पर उतर गए हैं और उन्होंने कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाते हुए बसों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। महायुति सरकार के कार्यकाल में मुंबई ट्रैफिक पुलिस की मनमानी और दबंगई ने स्कूल व निजी बस मालिकों की कमर तोड़ दी है।
रोजाना 60 प्रतिशत बसें शिकार
हर दिन इनके ऊपर ई-चालान के जरिए करोड़ों की वसूली की जा रही है, जिस पर अब राज्यभर के बस संगठन खुलकर विरोध में उतर आए हैं। बता दें कि मुंबई में करीब 8000 स्कूल और 7000 निजी व लक्जरी बसें चल रही हैं। इनमें से 60 फीसदी बसों पर ट्रैफिक पुलिस रोजाना कार्रवाई कर रही है। बस मालिकों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फोटो सबूत और कभी-कभी पुरानी तस्वीरें दोबारा इस्तेमाल करके चालान काट रही है।
एक दिन में तीन चालान
महाराष्ट्र स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस बसों पर पहला चालान 500 रुपए, दूसरा 1500 रुपए, तीसरा 2500 रुपए और अब चौथा चालान 3000 रुपए का काट रही है। उन्होंने कहा कि एक ही बस पर दिन में तीन-तीन बार चालान काटे गए हैं। ट्रैफिक विभाग को दैनिक टारगेट दिए जाते हैं, जिस पर कमीशन तय हैं।
कल से निजी बसों पर ‘ब्रेक’!
ट्रैफिक विभाग स्कूली व निजी बसों को मनमाने तरीके से ई-चालान भेज रहा है। इसके तहत रोजाना करीब एक करोड़ रुपए के चालान भेजे जा रहे हैं। अब इस मनमानी के खिलाफ महाराष्ट्र स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन ने अनिल गर्ग के नेतृत्व में कल दो जुलाई २०२५ से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि अब व्यवसाय चलाना असंभव हो गया है। गर्ग ने कहा कि यह विरोध कानून के खिलाफ नहीं, बल्कि शोषण और अन्याय के खिलाफ है। गर्ग का कहना है कि हम छात्रों की सुरक्षा और न्यायसंगत व्यवहार की मांग करते हैं। सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा है, ताकि छात्रों की आवाजाही बाधित न हो। गर्ग ने कहा कि हमारी मांगे हैं कि स्कूल के पास ड्यूटी पर खड़ी बसों के सभी लंबित चालान माफ किए जाएं। स्कूल पिकअप-ड्रॉप जोन निर्धारित होने तक ई-चालान पर रोक लगे। सरकार, आरटीओ, ट्रैफिक पुलिस और बस संगठनों की संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्यभर के निजी बस और ट्रक मालिकों ने समर्थन दिया है। यदि सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो संपूर्ण परिवहन सेवा ठप हो सकती है।
Maharashtra : फडणवीस की मौजूदगी में भरा नामांकन, रिजिजू भी रहे मौजूद
30 Jun, 2025 09:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Maharashtra : रवींद्र चव्हाण मुंबई के पड़ोसी जिले ठाणे की कल्याण-डोंबीवली महानगरपालिका में पहली बार 2007 में सभासद चुने गए थे। उन्हीं तभी महापालिका में स्थायी समिति का अध्यक्ष बना दिया गया था। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन विधायक हरीश्चंद्र पाटिल का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवारी दी गई और वह जीतकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे।
भाजपा विधायक रवींद्र चव्हाण का महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनना लगभग तय हो गया है। सोमवार को संगठन चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में चव्हाण ने अपना नामांकन भर दिया। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरनेवाले वह अकेले प्रत्याशी हैं। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू आ चुके हैं। उनकी उपस्थिति में रवींद्र चव्हाण ने अपना नामांकन भर दिया है। वह इससे पहले मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता के रूप में भाजपा में काम शुरू किया। फिर महानगरपालिका में सभासद बने। उसके बाद विधायक और मंत्री बने। आज प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हमने उनका नामांकन दाखिल कर दिया है।
कब होगी नए अध्यक्ष की घोषणा?
इसके बाद फडणवीस ने कहा कि इससे पहले अध्यक्ष रहे चंद्रशेखर बावनकुले ने अच्छा काम किया। उनके द्वारा संगठन को दी गई मजबूती के कारण ही हम विधानसभा चुनाव में अच्छी सफलता हासिल कर पाए। विधानसभा चुनाव के बाद से ही रवींद्र चव्हाण कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम करते आ रहे हैं। मंगलवार शाम को अध्यक्ष के रूप में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
कौन हैं रवींद्र चव्हाण?
बता दें कि रवींद्र चव्हाण मुंबई के पड़ोसी जिले ठाणे की कल्याण-डोंबीवली महानगरपालिका में पहली बार 2007 में सभासद चुने गए थे। उन्हीं तभी महापालिका में स्थायी समिति का अध्यक्ष बना दिया गया था। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन विधायक हरीश्चंद्र पाटिल का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवारी दी गई, और वह जीतकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे। तबसे वह लगातार विधायक चुने जा रहे हैं। 2014 में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार में वह राज्यमंत्री बने। 2021 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बनी शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में वह सार्वजनिक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे। अब पूरे महाराष्ट्र में एक साथ होने जा रहे स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा रही है।
अमित शाह ने दिया ये लक्ष्य
बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश भाजपा को ‘इस बार महायुति सरकार, 2029 में पूर्ण बहुमत की सरकार’ का लक्ष्य दिया था। जाहिर है, भाजपा को इस लक्ष्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब रवींद्र चव्हाण की होगी।
नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ ने दिव्यांगों को किया नोटबुक व छतरी का वितरण
30 Jun, 2025 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। दिव्यांगजनों के हितार्थ काम करने वाली संस्था नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ द्वारा अंधेरी स्थित कार्यालय प्रांगण संस्था अध्यक्ष टी. एन. दुबे के संयोजन में में २०० जरूरतमंद दिव्यांगजनों को मुफ्त में नोटबुक तथा छतरी वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक मुरजी पटेल (काका) और सम्माननीय अतिथि आर.टी.आई. विशेषज्ञ अनिल गलगली, शिवसेना उपविभाग प्रमुख जोगेश्वरी-पूर्व विधानसभा कैलाश पाठक, पूर्व नगरसेवक सुरेंद्र दुबे, मुंबई बीजेपी प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, आनंद पाठक, शैलेश लालन (एस.आर.यु.सी.सी., पश्चिम रेलवे), एड. अशोक मिश्रा, कामगार नेता विकास तिवारी, प्रमोद श्यामचरण पांडेय (युवा समाजसेवी), उत्तम पांडेय आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से प्रभाकर शुक्ला, प्रशांत चारी, विनयकुमार दुबे, गुरुजस यादव, पवनकुमार दुबे, पद्माकर सिंह व राजेश शर्मा आदि
नारायण राणे, हत्यारे और कातिल हैं! …शिंदे गुट के गोगावले के बयान से महायुति में हड़कंप
30 Jun, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महायुति सरकार के शिंदे गुट और भाजपा के बीच इन दिनों अंदरूनी लड़ाई काफी तेज हो गई है। मौका मिलते ही दोनों दलों के मंत्री एक-दूसरे को गिराने और नीचा दिखाने की पूरी कोशिश करते हैं। इस मामले में दोनों में कोई कम नहीं है। ऐसा ही काम शिंदे गुट के मंत्री भरत गोगावले ने भाजपा नेता नारायण राणे को लेकर किया है। उन्होंने नारायण राणे को हत्यारा और कातिल तक बता दिया। इससे दोनों गुटों में कड़वाहट बढ़ने के आसार हैं। वैसे तो गोगावले अक्सर अपने विवादित बयानों के चलते चर्चा में रहते हैं। कल रविवार को भी पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को लेकर उन्होंने एक बयान दिया, जिसके बाद महायुति में हड़कंप मच गया। गोगावले ने कहा कि नारायण राणे ने कत्ल किया है, कई हत्याएं की हैं। खूब संघर्ष किया है, तब जाकर आज वे यहां तक पहुंचे हैं। आश्चर्य तो यह है कि जिस मंच से गोगावले बोल रहे थे, उसी मंच पर नारायण राणे के बेटे नीलेश राणे भी बैठे थे। बेटे के सामने बाप की गजब की इस तारीफ को सुनकर लोग हैरान हैं।
स्थानीय सांसद की बेइज्जती
गोगावले की तल्ख टिप्पणी सुनकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि नारायण राणे उसी क्षेत्र से सांसद हैं। यानी स्थानीय सांसद के क्षेत्र में इस तरह उसकी बखिया उधेड़ी जा रही थी।
झगड़ा करने की जरूरत नहीं
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को लेकर भरत गोगावले की टिप्पणी बेहद तल्ख थी। वहां नीलेश राणे भी मौजूद थे। नीलेश कहीं रिएक्ट न करें इसलिए गोगावले ने उनकी ओर मुखातिब होते हुए कहा कि झगड़ा करने की जरूरत नहीं है, सब मिलजुल कर ही चलता है। हमें भी मिलजुल कर चलना पड़ेगा।
शिंदे गुट और भाजपा के बीच जारी है नूरा कुश्ती!
गोगावले ने सरेआम कर दी नारायण राणे की बेइज्जती
महायुति में भाजपा और शिंदे गुट भले ही मिलकर सरकार चला रहे हैं, पर दोनों के बीच हमेशा कड़वाहट देखने को मिलती है। एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए उनके बीच नूरा कुश्ती जारी है। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से शिंदे गुट के भरत गोगावले ने भाजपा नेता नारायण राणे पर बड़ा ही ओछा हमला किया। हैरानी की बात है कि उस वक्त नारायण राणे के बेटे नीलेश राणे भी वहीं मंच पर मौजूद थे। गोगावले ने इस दौरान नारायण राणे को हत्यारा व कातिल तक बता दिया। मिली जानकारी के अनुसार, एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को लेकर भरत गोगावले ने यह बेहद विवादास्पद टिप्पणी की है। गोगावले ने नीलेश राणे को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि झगड़ा करने की जरूरत नहीं है, सब मिलजुल कर ही चलता है। हमें भी मिलजुल कर चलना पड़ेगा। यह हमारी सलाह है। गोगावले ने कहा कि नारायण राणे इतनी ऊंचाई पर यूं ही नहीं पहुंचे। उन्होंने बहुत कुछ सहा है, मारपीट की है, हत्या की है, मर्डर किया है। अब इसमें अलग से कुछ बताने की जरूरत नहीं है, उनके संघर्ष की कहानी सभी को पता है।
विवादों से पुराना नाता
शिंदे गुट के नेता और मंत्री भरत गोगावले इससे पहले भी विवादों में रहे हैं। रायगड जिले के पालक मंत्री पद को पाने के लिए वे अब भी प्रयासरत हैं। इस पद के लिए उन्होंने अघोरी पूजा भी की थी, ऐसा आरोप पहले ही लग चुका है। उनके घर में अघोरी पूजा किए जाने का वीडियो भी वायरल हो गया था, जिससे राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई थी। यह विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि गोगावले ने नारायण राणे के बारे में ऐसा बयान देकर एक नया बवंडर खड़ा कर दिया है।
झुंझुनू में रिश्वत लेते दो पटवारी गिरफ्तार
30 Jun, 2025 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झुंझुनू। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को झुंझुनू जिले में दो पटवारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनमें पटवार हलका बड़बर के पटवारी सुरेंद्र सिंह को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। जबकि पटवार हलका गादली के पटवारी धर्मपाल सिंह को पूर्व में 7 हजार रुपए रिश्वत लेने और शेष राशि सुरेंद्र सिंह को देने की पुष्टि होने पर गिरफ्तार किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो झुंझुनू इकाई ने यह कार्रवाई की है।
झुंझुनू एसीबी चौकी को एक शिकायत मिली थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने अपनी पैतृक जमीन का सीमा ज्ञान करवाने के लिए तहसीलदार बुहाना को ऑनलाइन आवेदन किया था। हलका पटवारी धर्मपाल सिंह ने सीमा ज्ञान के लिए 18 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता से 7 हजार रुपए भी ले भी लिए थे। 18 जून 2025 को रिश्वत मांग सत्यापन के दौरान धर्मपाल सिंह ने 7 हजार रुपए लेने की बात स्वीकार की और शेष रिश्वत राशि अपने साथी सुरेंद्र सिंह पटवारी को देने के लिए कहा। इसके बाद 25 जून 2025 को शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह पटवारी से मिला जिसने 8 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
सोमवार को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई का आयोजन किया और सुरेंद्र सिंह पटवारी को 8000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत के लेनदेन के समय सुरेंद्र सिंह और धर्मपाल सिंह दोनों सुरेंद्र सिंह के निजी कार्यालय में बैठे थे। जहां से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान पटवारी सुरेंद्र सिंह के पास से 8 हजार रुपए बरामद किए।
एसीबी झुंझुनू के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इस्माइल खान के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक सुरेशचंद और उनकी टीम ने इस ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों धर्मपाल सिंह और सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। एसीबी इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच करेगी।
भाजपा धारावी को बना रही है जमीन घोटाले का अड्डा!..अडानी का विरोध तो करेंगे ही
28 Jun, 2025 02:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। धारावी दुनिया का सबसे बड़ा जमीन घोटाला बन सकता है, जिसे हम भाजपा को नहीं करने देंगे। साथ ही अडानी का तो विरोध करेंगे ही, इस तरह की चेतावनी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने सरकार को दी है। धारावी के मेघवाडी इलाके के सभी स्थानीय निवासियों ने कल आदित्य ठाकरे से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात कही। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मेघवाडी के सभी स्थानीय लोग मुझसे मिलने आए थे। इन लोगों ने अडानी ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार पर भरोसा करके सर्वेक्षण करवाया, लेकिन पहले ही लिस्ट में 80 फीसदी लोगों को अयोग्य ठहरा दिया गया। मेघवाडी में यह समाज करीब 150 साल से रह रहा है। यह पूरा क्षेत्र झोपड़पट्टी नहीं है, फिर भी सर्वे किया गया और 80 फीसदी लोगों को अयोग्य ठहराकर अब इन्हें देवनार के कचरे के ढेर पर भेजने की योजना बनाई गई है। अडानी का हम विरोध करेंगे ही करेंगे। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई कोई सौदेबाजी की चीज नहीं है। मुंबई और धारावी के लिए हम लड़ते रहेंगे और किसी बिल्डर की झोली में इसे जाने नहीं देंगे।
एफएसआई के लिए प्रॉपर्टी में दिखा रहे शौचालय
आदित्य ठाकरे ने कहा कि धारावी पुनर्विकास योजना में दो मांगें जरूरी हैं, पहली पात्रता की कट-ऑफ २०२२ तक रखी जाए और दूसरी अन्य एसआरए प्रोजेक्ट में लोगों को घर दिया जाता है, वैसे ही धारावी के लोगों को भी वहीं मकान दिए जाएं। अब हमारे कानों में आ रहा है कि एफएसआई 1.33 हासिल करने के लिए अडानी शौचालयों का भी सर्वे कर रहे हैं और उन्हें प्रॉपर्टी में गिन रहे हैं। यानी सार्वजनिक शौचालय, बेंच, खंभे, सब कुछ दिखाकर एफएसआई लेनी की कोशिश की जा रही है।
ये सरकार चला रहे हैं या कॉमेडी शो?
महायुति सरकार द्वारा पहली कक्षा से हिंदी अनिवार्य किए जाने के पैâसले पर पूरे राज्य में विरोध हो रहा है। राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि पहली से तीसरी तक हिंदी का मौखिक शिक्षण दिया जाएगा। इस पर आदित्य ठाकरे ने एक्स पर किए गए पोस्ट से कटाक्ष करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री खुद पहले स्कूल में जाकर बैठें और ऐसे पाठ पढ़ें। पहले ही पहली के बच्चों पर तीन भाषाएं जबरन थोपी जा रही हैं, उसमें भी बिना किताब मौखिक अभ्यास। ये सरकार चला रहे हैं या कोई कॉमेडी शो? क्या बोल रहे हैं, क्या तय कर रहे हैं, पहले खुद सुनें और इन्हीं को पहली में भेजो। वहां भी ‘फेल’ हो जाएंगे।
शक्ति कानून शक्तिहीन!..भगवान भरोसे महिलाओं की सुरक्षा
28 Jun, 2025 02:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र से आए दिन महिलाओं और बच्चियों के साथ अत्याचार की खबरें आती रहती हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए शक्ति कानून तैयार किया था। इसमें दोषी को फांसी पर लटकाए जाने का भी प्रावधान था, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महायुति सरकार इस कानून को जल्दी लागू करने के पक्ष में नहीं नजर आ रही है। इसे देखते हुए यह स्पष्ट होता जा रहा है कि ईडी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है, क्योंकि इस कानून पर कछुए की गति से काम चल रहा है। यही कारण है कि लंबे इंतजार के बाद अब जाकर सरकार ने विधेयक में संशोधन के लिए समिति गठित की है। इस समिति को दो महीनों में रिपोर्ट पेश करने लिए कहा गया है।
छह महीने बाद समीक्षा के लिए गठित हुई समिति
पुणे के स्वारगेट एसटी बस डिपो में महिला के साथ विधेयक में संशोधन के लिए समिति गठित की है। इस समिति को दो महीनों में रिपोर्ट पेश करने लिए कहा गया है।छह महीने बाद समीक्षा के लिए गठित हुई समितिहुए बलात्कार का मामला पूरे देश में गूंजा था। इसे लेकर विपक्षी दलों के साथ ही जनता में पैâले आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि शक्ति विधेयक में मौजूदा कई कानूनी प्रावधानों को फिर से तैयार किया गया था। केंद्रीय गृह विभाग ने कुछ आपत्तियां भेजी थीं, जिनमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के पैâसलों का भी उल्लंघन किया गया है। राज्य को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। इसमें कुछ बदलाव करने की जरूरत थी, लेकिन इससे पहले कि हम बदलाव कर पाते, केंद्र ने नए कानून ला दिए। इन कानूनों में हमारे विधेयक में दिए गए ज्यादातर प्रावधानों को समाहित कर दिया गया है इसलिए अब हम विधेयक की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर इसे जरूरी संशोधनों के साथ वापस लाएंगे।
तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार ने वर्ष २०२१ में महाराष्ट्र विधानसभा ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए सख्त कार्रवाई करने के लिए पारित किया था। यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए लंबित है। हालांकि, मौजूदा महायुति सरकार द्वारा विधेयक लाने में देरी के लिए विपक्ष कई बार आलोचना कर चुका है। विपक्ष मांग कर चुका है कि राज्य सरकार इस पर तुरंत कार्रवाई करे। राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख तक कह चुके हैं कि विधेयक को लाने में बहुत देरी हो चुकी है। सरकार को इसके लिए राष्ट्रपति की मंजूरी लेने के लिए काम करना चाहिए। पुणे बलात्कार मामले के छह महीने के बाद महायुति सरकार ने शक्ति विधेयक को लेकर छह सदस्यीय समिति गठित की है। छह सदस्यीय समिति गठित करने का विचार राज्य सरकार द्वारा किया गया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। इस समिति की कार्य सीमा और जिम्मेदारियां दी गई हैं कि शक्ति फौजदारी कानून का तुलनात्मक अध्ययन करना है।
100 यूनिट पर ₹58 की छूट! मुंबई में बिजली राहत योजना बनी मज़ाक
28 Jun, 2025 02:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महायुति सरकार ने महाराष्ट्र के करोड़ों उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 10 फीसदी की कटौती का झुनझुना पकड़ाया है। बिजली विभाग अगले महीने से एक से 100 यूनिट तक बिजली की खपत करनेवाले उपभोक्ताओं के बिल में केवल 58 रुपए की कमी करने जा रहा है। इसके साथ ही 300 और 500 यूनिट तक विद्युत इस्तेमाल करनेवाले ग्राहकों को क्रमश: 34 रुपए व आठ रुपए की रियायत मिलेगी। जानकारों का मानना है कि यह ईडी सरकार का महज छलावा है, ताकि इसकी मदद से मनपा और स्थानीय निकाय चुनावों में आसानी से जीत हासिल की जा सके। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में महावितरण कंपनी के कुल 3.40 करोड़ बिजली उपभोक्ता है। इनमें से 2.37 करोड़ घरेलू बिजली उपभोक्ता है, जबकि 45 लाख कृषि और 30 से 35 लाख कॉमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ता हैं। इन सभी बिजली उपभोक्ताओं को गुरुवार को सूबे के मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार घरेलू बिजली दरों में ऐतिहासिक कटौती करने जा रही है। उन्होंने कहा था कि अब हर साल बिजली दरें घटेंगी और पहले ही वर्ष में यह बिजली दर 10 फीसदी कम हो जाएंगी। इसी के साथ ही आगामी पांच वर्षों में कुल 26 प्रतिशत बिजली की दरें कम की जाएंगी। इस कटौती का लाभ राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाला है। यह कटौती चरणबद्ध तरीके से होगी।
ज्यादा बिल वालों को कोई राहत नहीं
अंबादास दानवे ने कहा कि जिनका बिल ज्यादा आता है, उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। उल्टा, उनके लिए तो बिजली और महंगी हो गई है। अगर राहत देनी ही है तो सभी को समान रूप से मिलनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी यह हाथ की सफाई ज्यादा दिनों तक छुप नहीं सकती है।
इस तरह है कटौती का स्ट्रक्चर
सरकार शून्य से 100 यूनिट तक बिजली उपभोक्ताओं के बिलों में 0.58 फीसदी की कटौती करेगी। इसी तरह101 से 300 यूनिट तक 0.34 पैसे, 301 से 500 यूनिट तक 0.08 पैसा और 500 से ज्यादा यूनिट इस्तेमाल करनेवाले बिजली उपभोक्ताओं के बिल में 0.22 फीसदी कटौती की जाएगी। दूसरी तरफ बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 10 फीसदी में सारे महाराष्ट्र के कंज्यूमर आ जाते हैं। 500 से ज्यादा भी बिजली की खपत है तो भी उन्हें पहले 100 यूनिट का लाभ मिलेगा।
उपभोक्ता वर्तमान दर नई दर
बीपीएल 1.74 1.48
1 से 100 यूनिट 6.32 5.74
101 से 300 यूनिट 12.23 12.57
301 से 500 यूनिट 16.77 16.85
500 यूनिट से ऊपर 18.93 19.15
वडाला में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का नागरिकों ने किया विरोध
27 Jun, 2025 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई के वडाला इलाके में एक निर्माण परियोजना के लिए की जा रही पेड़ों की कटाई का स्थानीय निवासियों ने विरोध किया है। इलाके के एक रिहायशी परिसर में 48 पुराने और घने पेड़ों को काटा गया, जिससे वहां हर साल आने वाले सैकड़ों पक्षियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो गया है।
रिपोर्ट की मानें तो स्थानीय लोगों का कहना है कि ये पेड़ न केवल हरियाली और छांव के स्रोत थे, बल्कि हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी और स्थानीय पक्षी, विशेषकर बगुले (एग्रेट्स), इन पेड़ों पर आते थे। पेड़ वâटने के कारण उनका बसेरा खत्म हो गया है और अब बहुत कम पक्षी ही दिखाई दे रहे हैं। निवासियों ने मनपा को पत्र लिखकर मांग की है कि पेड़ काटने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए और यह जांच की जाए कि क्या विकासकर्ता को सही प्रक्रिया के तहत अनुमति दी गई थी। साथ ही उन्होंने अपील की है कि जो पेड़ अब भी बचे हैं, उन्हें बचाया जाए।
वहीं मनपा की ओर से जवाब मिला है कि सभी पेड़ निर्धारित अनुमति के अनुसार ही काटे जा रहे हैं और शिकायत के बाद अधिकारियों ने स्थल का दोबारा निरीक्षण किया है। मनपा के अनुसार, हर पेड़ की उम्र, प्रजाति और संख्या का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि वृक्ष प्राधिकरण की ओर से 1937 नए पेड़ लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक नए पौधे लगाने की कोई शुरुआत नहीं हुई है। उन्होंने इस पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा की जा सके।
प्रोजेक्ट पड़ताल : सांताक्रुज-चेबूर लिंक रोड के खुलने का इंतजार बरकरार
27 Jun, 2025 06:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सांताक्रुज। एमएमआरडीए का कहना है कि सांताक्रुज- चेंबूर लिंक रोड (एससीएलआर) का काम पूर्ण हो गया है और इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन अभी भी इस ब्रिज का कुछ काम अधूरा है, जिसमें लिपाई-पुताई, साइन लगाना तथा अन्य काम बाकी है। एमएमआरडीए ने 2016 में इस विस्तार परियोजना पर काम शुरू किया था, जिसकी प्रारंभिक समयसीमा 2019 तय की गई थी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। फ्लाईओवर की डिजाइन में बदलाव करते हुए एक हिस्से को केबल-स्टे ब्रिज में परिवर्तित किया गया, भूमि अधिग्रहण की दिक्कतें सामने आईं और फिर 2020 की महामारी ने परियोजना को कई बार रोक दिया।
मात्र सिविल कार्य हुआ पूरा
मिली जानकारी के मुताबिक, सिविल कार्य अब पूरी तरह से पूर्ण हो चुका है, जबकि साइनज इंस्टॉलेशन, केबल-स्टे स्पैन के नीचे से अस्थाई सहारे हटाने, पेंटिंग व फिनिशिंग व स्ट्रीट लाइटिंग का कार्य प्रगति पर है। एससीएलआर दक्षिण एशिया का पहला केबल-स्टे ब्रिज है, जिसमें 100 मीटर का तीव्र क्षैतिज वक्र हॉरिजॉन्टल कर्व है। इसमें 215 मीटर लंबा स्पैन है, जिसमें ऑर्थोट्रॉपिक स्टील डेक है, जो जमीन से 25 मीटर ऊपर है और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के ऊपर से गुजरता है। इसकी चौड़ाई 10.5 मीटर से 17.2 मीटर तक है-यह दो लेन का वैâरिजवे है। वाई आकार के पायलन के कारण बीच में कोई सहारा नहीं है, जिससे मेट्रो लाइन 3 और नीचे की यूटिलिटीज की सुरक्षा होती है।
वाहन चालकों को हो रही परेशानी
जहां एससीएलआर और इसके विभिन्न चरण पहले ही खुल चुके हैं, वहीं अंतिम चरण जो सीधे वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ेगा, अभी तक अधूरा था। फिलहाल, जो वाहन चालक चेंबूर या बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) से पश्चिमी उपनगरों की ओर जा रहे होते हैं, उन्हें एससीएलआर से हंस भुंग्रा मार्ग–पश्चिम एक्सप्रेस हाईवे के सिग्नल पर बाहर निकलना पड़ता है। वाकोला जंक्शन के ट्रैफिक सिग्नल को पार करना होता है और फिर आगे बढ़ना होता है। 2025 में जब एमएमआरडीए ने इस फ्लाईओवर विस्तार को पूरा करना चाहा तो चुनावों के कारण कार्य रुक गया। इसके चलते मुंबई ट्रैफिक पुलिस से ट्रैफिक ब्लॉकों की अनुमति मिलने में भी देरी हुई, जो अंतत: दिसंबर में मिली। इन कारणों से परियोजना की लागत भी 450 करोड़ से बढ़कर 650 करोड़ रुपए हो गई।’
खार रोड स्टेशन के बगल में झुग्गियों का डेरा
27 Jun, 2025 05:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। पश्चिम रेलवे के खार रोड स्टेशन के 3 नंबर प्लेटफॉर्म के बगल में रेलवे ट्रैक के बीच अतिक्रमण का मामला सामने आया है। यहां दर्जनों झुग्गियों का डेरा है। प्रशासन के नाक के नीचे यह अवैध कब्जा है, लेकिन उन्हें इस मामले की सुध नहीं है। कई दिनों से लोग यहां झुग्गी बनाकर रह रहे हैं।
खार रोड स्टेशन पर खड़े एक महिला यात्री ने बताया कि रात के वक्त प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर अकेली महिला का ट्रेन से उतरना सुरक्षित नहीं लगता है। इस बस्ती में रात को कुछ पुरूष शराब पीते नजर आते हैं, जो वाकई चिंता का विषय है। झुग्गी के बगल में बांद्रा कारशेड मौजूद है, जहां सुरक्षा व्यवस्था चौकन्नी होनी चाहिए, लेकिन हैरानी की बात है कि प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद ली हैं। रेलवे और राज्य प्रशासन जहां बांद्रा-पश्चिम में बहुमंजिला झुग्गियों के बढ़ते विस्तार और प्रवेश/निकास की दयनीय स्थिति को लेकर अक्षम साबित हो रहे हैं, वहीं निकट भविष्य में यह नई कॉलोनी खार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए एक समस्या साबित होगी।
रेलवे प्रशासन को पता ही नहीं
वहीं रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि भूमि स्पष्ट रूप से और बिना किसी संदेह के रेलवे की संपत्ति है। अगर अतिक्रमण इस स्तर तक पहुंच गया है तो हमें नहीं पता कि आरपीएफ क्या कर रही है। यह स्टेशन पर यात्रियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। एक बार जब पूरी कॉलोनी बस जाएगी और निवासी कानूनी दर्जा मांगने लगेंगे तो इस भूमि को पुन: प्राप्त करना बहुत कठिन हो जाएगा। रेलवे को जोन चिह्नित कर प्रत्येक जोन में आरपीएफ कर्मियों को तैनात करना चाहिए। रेलवे को यह भूमि अपने उपयोग के लिए रखनी चाहिए और इसे इस तरह लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए। इस मामले में पश्चिम रेलवे के अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नही हो सका।
बमकांड के आरोपी को लगता है डर! अंडा सेल में चाहता है ‘घर’
26 Jun, 2025 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कपूरथला। कपूरथला के ढिलवां टोल प्लाजा पर कार सवार बदमाशों ने फायरिंग की है। टोल प्लाजा पर बिना नंबर की क्रेटा कार में आए चार युवकों ने टोल देने से मना कर दिया। इस पर टोल कर्मियों से विवाद के बाद आरोपियों ने फायरिंग कर दी। घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची ढिलवां थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ दलविंदरबीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा के नाइट शिफ्ट इंचार्ज की शिकायत पर अज्ञात कार सवार चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस के अनुसार टोल प्लाजा कर्मी जुगराज सिंह निवासी गांव धणीए के बांगर थाना अलीवाल गुरदासपुर ने पुलिस को शिकायत में बताया कि बुधवार रात लगभग साढ़े 12 बजे वह टोल प्लाजा पर ड्यूटी पर तैनात था। तभी सफेद क्रेटा कार टोल प्लाजा पर आई। कार पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी, जालंधर की तरफ से आई क्रेटा कार टोल प्लाजा के गेट नंबर-3 पर आई। टोल प्लाजा कर्मचारी ने गाड़ी को रोक कर चालक से पर्ची कटवाने के लिए कहा। तभी कार चालक ने गाड़ी भगाने की कोशिश की। कर्मचारी ने कार के आगे बैरिकेड्स लगा दिए तो कार चालक ने गाड़ी रोक दी। उक्त कार में चार लोग सवार थे जिनमें कार चालक पगड़ीधारी था। तभी चारों युवक गाड़ी से बाहर निकले। जिनमें से एक युवक ने टोल प्लाजा की तरफ तीन से चार फायर किए और कार भगाकर ब्यास की तरफ चले गए। एसएचओ दलविंदरबीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा के नाइट शिफ्ट इंचार्ज के बयानों पर थाना ढिलवां में अज्ञात कार सवारों के खिलाफ विभिन धाराओं तहत केस दर्ज किया है। टोल प्लाजा से मिली सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान के लिए कार्रवाई की जा रही है।
‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ का दूसरा पाप …ये शक्तिपीठ माफ नहीं करेंगे
26 Jun, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। क्या मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने तथाकथित ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ के लिए अन्नदाताओं की आजीविका का साधन कृषि भूमि को साम-दाम-दंड-भेद का उपयोग कर छीनने और उन्हें हमेशा के लिए विस्थापित करने का पैâसला किया है? मुंबई में ‘धारावी’ परियोजना के नाम पर अडानी को पूरी मुंबई में जमीन के खास भूखंड दिए जा रहे हैं और ड्रीम प्रोजेक्ट के नाम पर किसानों की खेती योग्य जमीनों को निगला जा रहा है। फडणवीस वैâबिनेट ने शक्तिपीठ राजमार्ग को पुनर्जीवित करके हजारों किसानों की जिंदगी जोखिम में डाल दी है। मंगलवार को हुई वैâबिनेट की बैठक में इस राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण को दी गई मंजूरी और इसके लिए २०,००० करोड़ रुपए का प्रावधान का मतलब यही है। विधानसभा चुनाव से पहले, महायुति सरकार शक्तिपीठ राजमार्ग के किसानों के विरोध के आगे झुक गई थी। उन्होंने इस परियोजना को रद्द करने की घोषणा की थी। लेकिन बाद में वोटों की हेराफेरी और चोरी-चपाटी के जरिए राज्य में पूर्ण सत्ता हासिल करने के बाद फडणवीस की आसुरी महत्वाकांक्षाएं फिर से भड़क उठी हैं। इस सरकार ने पहले किसानों की कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया और अब रद्द की गई शक्तिपीठ हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ कर किसानों
के जख्मों पर नमक
डाल रही है। क्या कहें, यह भी मुख्यमंत्री का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ है और उन्हें इसे पूरा भी करना है। इसके लिए किसानों और उनकी आनेवाली पीढ़ियां भले ही विस्थापित हो जाएं, लेकिन ‘समृद्धि’ की तरह ‘शक्तिपीठ’ हाईवे पर भी मुख्यमंत्री का नाम चमकना चाहिए! यह सही है कि विकास का रास्ता ‘सड़कों’ से होकर जाता है, लेकिन अगर ये सड़कें कृषि भूमि पर बुलडोजर बन जाएं तो विकास वैâसे हो सकता है? अन्नदाताओं की कब्रें उनके ही खेतों में बनानेवाले मार्ग से राज्य का क्या भला होगा? शक्तिपीठ हाईवे से भी भ्रष्ट ठेकेदारों और सरकार में बैठे उनके संरक्षकों को ही लाभ होगा। जब पहले से ही समानांतर फोर लेन हाईवे मौजूद है, तो सरकार जबरन नागपुर से गोवा तक शक्तिपीठ हाईवे क्यों बनवा रही है? फडणवीस सरकार की इस राक्षसी महत्वाकांक्षा के लिए हजारों किसान, उनकी उपजाऊ और खेती की जमीनें नष्ट हो जाएंगी, साथ ही इससे पश्चिमी घाट की संवेदनशील जैव विविधता भी खतरे में पड़ जाएगी। यह राजमार्ग सोलापुर के पास नेहरू मालढोक अभयारण्य के अस्तित्व के लिए भी खतरा पैदा करेगा, जो लुप्तप्राय पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवास स्थान है। आपके कहे अनुसार यह राजमार्ग ‘ग्रीनफील्ड’ आदि होगा, लेकिन इसके लिए ७,५०० हेक्टेयर
हरे-भरे खेत उजाड़
होने जा रहे हैं। महाराष्ट्र में पहले से ही साढ़े तीन लाख हेक्टेयर कृषि भूमि का उपयोग गैर-कृषि कार्यों के लिए किया जा रहा है। इसमें शक्तिपीठ हाईवे के लिए साढ़े सात हजार हेक्टेयर और जुड़ जाएंगे। राज्य के १२ जिलों और ३९ तालुकाओं की हजारों हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि और उस पर पलनेवाले हजारों किसान परिवार ‘बर्बाद’ हो जाएंगे और आप उस पर ‘तेज विकास’ करने का ढोल पीटेंगे। सड़कों और राजमार्गों के निर्माण पर आपत्ति करने का कोई कारण नहीं है, लेकिन क्या ‘शक्तिपीठ हाईवे’ आज महाराष्ट्र की तत्काल जरूरत है? सरकार का खजाना ठन-ठन गोपाल बन गया है। हुक्मरानों पर ‘लाडली बहन’ जैसी ‘भारी बोझ’ वाली योजनाओं के लिए अन्य महकमों की निधि पर हाथ मारने की नौबत आ पहुंची है। तो सरकार किस आधार पर इस राजमार्ग के मुआवजे के लिए किसानों को २०,००० करोड़ रुपए का ‘प्रलोभन’ दिखा रही है? क्या यह ‘फडणवीसी’ चाल है कि इन पैसों में से कुछ पैसों का दुरुपयोग आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में किया जाए? समृद्धि महामार्ग आपका पिछला ड्रीम प्रोजेक्ट है! यह नया-नवेला हाईवे इस समय गड्ढों से समृद्ध है। इस पाप का प्रायश्चित करने के बजाय आप हजारों किसानों और उनकी उपजाऊ भूमि के जीवन को बर्बाद करनेवाले एक और ड्रीम प्रोजेक्ट शक्तिपीठ महामार्ग का पाप क्यों कर रहे हैं? याद रखें कि महाराष्ट्र के आराध्य देवता ये ‘शक्तिपीठ’ आपको माफ नहीं करेंगे!
कैबिनेट मीटिंग में विभागों के कामकाज की होगी समीक्षा
राशिफल 21 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
लाल आतंक से विकास की ओर बढ़ता दारेली
सीएचसी पलारी के लैब में जांच सुचारू रूप से संचालित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की भेंट
