महाराष्ट्र
वडाला में हादसा: संतुलन बिगड़ा और गई जान, लिफ्ट निर्माण क्षेत्र में लापरवाही!
14 Jul, 2025 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई में फिर सुरक्षा चूक , निर्माणाधीन लिफ्ट ने छीनी एक और जान
मुंबई (वडाला): मुंबई के वडाला इलाके में एक चौंकाने वाला और दुखद हादसा सामने आया है। यहां 55 वर्षीय प्रकाश शिंदे नामक व्यक्ति की लिफ्ट शाफ्ट में गिरने से मौत हो गई। हादसे के समय वह शौच के लिए गए थे, लेकिन फ्लैट का वॉशरूम व्यस्त होने के कारण उन्होंने निर्माणाधीन लिफ्ट क्षेत्र की ओर रुख किया। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह सीधे 18वीं मंजिल से नीचे गिर पड़े।
घटना का विवरण:
प्रकाश शिंदे कुछ दिनों से वडाला स्थित अपनी बहन के घर रुके हुए थे और डायरिया से पीड़ित थे। रविवार को जब वह शौच के लिए गए, तब फ्लैट का वॉशरूम किसी अन्य सदस्य के उपयोग में था। मजबूरन वह बिल्डिंग के उस हिस्से की ओर गए, जहां लिफ्ट का निर्माण कार्य चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, शौच के बाद उठते समय संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे लिफ्ट शाफ्ट में गिर गए।
बचाव और अस्पताल में मौत की पुष्टि:
घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। शिंदे को बाहर निकालकर तुरंत केईएम अस्पताल, परेल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच जारी:
आरएके मार्ग पुलिस स्टेशन में दुर्घटनावश मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है। परिजनों ने किसी साजिश से इनकार किया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि निर्माणाधीन लिफ्ट क्षेत्र तक पीड़ित कैसे पहुंचा और क्या सुरक्षा में लापरवाही हुई थी। जांच हर कोण से की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल:
यह हादसा एक बार फिर अधूरे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना यह भी दर्शाती है कि भवनों में अस्थायी तौर पर असुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंच किस हद तक खतरनाक हो सकती है।
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-7 की शानदार कार्रवाई , महिला तस्कर से मिली कड़ी ने खोला 252 करोड़ के रैकेट का राज
12 Jul, 2025 12:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई : मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-7 ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई से भारत में मेफेड्रॉन (एमडी) का रैकेट संचालित कर रहे मुख्य आरोपी मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पण के जरिए गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मामले में अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक महिला आरोपी भी शामिल है।
पहली गिरफ्तारी से फैक्ट्री तक की कड़ियाँ
गुप्त सूचना के आधार पर 16 फरवरी 2024 को पुलिस ने कुर्ला के सायाजी पगारे चाल के पास परवीन बानो गुलाम शेख नामक महिला को गिरफ्तार किया। उसके पास से 641 ग्राम मेफेड्रॉन, ₹12.20 लाख नकद, और ₹1.50 लाख के सोने की बरामदगी हुई। इस कड़ी से जांच साजिद मोहम्मद आसिफ शेख उर्फ 'डॅब्ज़' तक पहुँची। उसके मीरारोड स्थित आवास से 3 किलो एमडी और ₹3.68 लाख नकद बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि आरोपी दुबई में मौजूद फरार अपराधियों के संपर्क में रहते हुए सांगली जिले के कवठे महाकाल क्षेत्र में ड्रग फैक्ट्री चला रहे थे।
245 करोड़ की ड्रग फैक्ट्री पर छापा
25 मार्च 2024 को सांगली स्थित फैक्ट्री पर छापा मारते हुए पुलिस ने 122.5 किलो मेफेड्रॉन (कीमत करीब ₹245 करोड़) और ड्रग बनाने का कच्चा माल जब्त किया। इस दौरान 6 और आरोपी गिरफ्तार किए गए।
अब तक 256 करोड़ की संपत्ति जब्त
अब तक की कार्रवाई में मुंबई पुलिस ने: 126 किलो से ज्यादा मेफेड्रॉन (₹252 करोड़) ,₹3.62 करोड़ नकद , सोना, गाड़ियाँ, और अन्य संपत्तियाँ मिलाकर कुल ₹256.49 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की है। जांच में यह भी सामने आया है कि हवाला और अंगड़िया नेटवर्क के जरिए ड्रग्स का लेन-देन किया जाता था।
मुस्तफा पर रेड कॉर्नर नोटिस, UAE से लाया गया भारत
मुख्य आरोपी मुस्तफा कुब्बावाला के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। 13 जून 2025 को मुंबई पुलिस ने एक अन्य फरार आरोपी ताहेर सलीम डोला को भी गिरफ्तार किया था।
अब मुस्तफा को UAE से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है और उसे भी इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े और भी खुलासों की उम्मीद है। मामले की जांच जारी है।
कपिल शर्मा का पहला इंटरनेशनल रेस्तरां 'कैप्स' बना आतंकी निशाना
12 Jul, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग, गिन्नी चतरथ बाल-बाल बचीं; खालिस्तानी आतंकी ने ली जिम्मेदारी
मुंबई। देश के मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन कपिल शर्मा की पत्नी गिन्नी चतरथ कनाडा में हुई फायरिंग की घटना में बाल-बाल बच गईं। यह हमला कपिल के नए रेस्तरां ‘कैप्स’ (CAPS) पर हुआ, जिसका हाल ही में उद्घाटन हुआ था। इस मौके पर गिन्नी भी मौजूद थीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि घटना के समय वह वहां नहीं थीं। जानकारों का कहना है कि अगर गिन्नी उस वक्त कैफे में मौजूद होतीं, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
कपिल शर्मा का पहला इंटरनेशनल प्रोजेक्ट
ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में स्थित ‘कैप्स’ कपिल शर्मा का पहला अंतरराष्ट्रीय कैफे प्रोजेक्ट है। इस फायरिंग की जिम्मेदारी खालिस्तानी आतंकी हरजीत सिंह लड्डी ने ली है। वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) संगठन से जुड़ा है और एनआईए द्वारा वांछित आतंकवादी है। उस पर ₹10 लाख का इनाम भी घोषित है।
टीम कपिल शर्मा का बयान
हमले के बाद टीम कपिल शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा, "हमें इस घटना से गहरा आघात पहुंचा है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हिंसा के माध्यम से हमें चुप नहीं कराया जा सकता। हम मजबूती से खड़े रहेंगे।"
हमले के पीछे धार्मिक टिप्पणी का विवाद?
बताया जा रहा है कि यह हमला संभवतः ‘द कपिल शर्मा शो’ के एक पुराने एपिसोड में निहंग सिखों की पारंपरिक पोशाक पर की गई एक हल्की टिप्पणी को लेकर हुआ। निहंग सिख सिख धर्म के योद्धा माने जाते हैं, और आरोप है कि यह टिप्पणी उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। इस संदर्भ में जारी बयान में कहा गया है कि, "कॉमेडी के नाम पर किसी भी धर्म या आध्यात्मिक प्रतीकों का मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए।"
भारतीय हस्तियां लगातार निशाने पर
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय हस्तियों को कनाडा से धमकी मिली हो। इससे पहले पंजाबी गायक सिद्धू मूसावाला को भी कनाडा स्थित गैंगस्टरों ने धमकी दी थी। रंगदारी न देने पर उनकी हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड का आदेश भी कनाडा से ही आया था। कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी पन्नू और लड्डी जैसे लोग कई बार बॉलीवुड, पंजाबी और टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों को निशाना बना चुके हैं। अब कपिल शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
कपिल शर्मा की लोकप्रियता
बता दें, कपिल शर्मा का शो ‘द कपिल शर्मा शो’ भारत के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी टॉक शोज में से एक है। अपनी चुटीली बुद्धिमत्ता और हास्य से भरपूर स्किट्स के जरिए कपिल दर्शकों को लंबे समय से हंसाते आ रहे हैं।
ट्रैक से उतरी मालगाड़ी, लोनावला-कर्जत सेक्शन में ट्रेन सेवाएं प्रभावित
11 Jul, 2025 08:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के लोनावला और कर्जत के बीच स्थित मंकी हिल स्टेशन के पास घाट सेक्शन में शनिवार को एक मालगाड़ी के ब्रेक वैन की ट्रॉली पटरी से उतर गई, जिससे इस रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। हालांकि, मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।
सेंट्रल रेलवे के अनुसार, यह दुर्घटना किमी 118/25 पर दक्षिण-पूर्व घाट सेक्शन में हुई, जहां मालगाड़ी का एक हिस्सा पटरी से उतर गया। इसके चलते डाउन और मिडल लाइन पर ट्रेनों की गति बाधित हुई है। रेलवे प्रशासन ने घटना पर खेद जताते हुए बताया कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए माफ़ी चाहते हैं और मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि पुणे की ओर जाने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए रेलवे की टीमें मौके पर पहुंचकर बहाली का कार्य कर रही हैं।
पैसों वाले बैग पर मचा हड़कंप, सामाजिक न्याय मंत्री ने दिया बयान
11 Jul, 2025 07:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: आयकर विभाग ने सामाजिक न्याय मंत्री और एकनाथ शिंदे गुट के नेता संजय शिरसाट को नोटिस भेजा है। शिरसाट ने संभाजीनगर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इस बारे में सीधा खुलासा किया। चुनाव के दौरान हलफनामे में घोषित संपत्ति में भारी अंतर पाए जाने के बाद आयकर विभाग ने इस पर स्पष्टीकरण मांगा है। छत्रपति संभाजीनगर स्थित विट्स होटल मामले में मंत्री संजय शिरसाट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिरसाट को आयकर विभाग से सीधा नोटिस मिला है, जो शिंदे गुट के लिए बड़ा झटका है। उधर, संजय राउत ने सोशल मीडिया पर संजय शिरसाट का एक चौंकाने वाला वीडियो शेयर किया है।
वीडियो में क्या?
संजय राउत की ओर से शेयर किए गए वीडियो में संजय शिरसाट के बैग में नोटों का एक बंडल देखा जा सकता है। इसे लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। शिरसाट बेडरूम में बैठे नजर आ रहे हैं। उनके बगल में एक बैग पड़ा हुआ है और इस बैग में नोटों का एक बंडल दिखाई दे रहा है। इस दौरान वह फोन पर बात भी कर रहे हैं। संजय राउत की ओर से शेयर किए गए इस वायरल वीडियो के बाद काफी हलचल मच गई।
संजय शिरसाट ने वीडियो पर क्या कहा?
वायरल वीडियो के बाद संजय शिरसाट ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। संजय शिरसाट ने कहा कि संजय राउत ने आज भी भौंकने का काम किया है। सुबह उठते हैं तो एकनाथ शिंदे, दोपहर में उठते हैं तो एकनाथ शिंदे, सभा होती है तो एकनाथ शिंदे। संजय राउत ने आज अपने मन की सारी भड़ास निकाल ही दी। शिरसाट ने आगे कहा कि मुझे लगता है, क्या हमें उसके हाथ-पैर बांधकर अस्पताल ले जाना चाहिए? क्या ऐसी स्थिति पैदा हो गई है? मुझे लगता है आपको ऐसे बेवकूफ इंसान पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।
संजय राउत पर बड़ा हमला
आगे बोलते हुए संजय शिरसाट ने कहा कि उसका काम ही बड़बड़ाना है। वीडियो में दिख रहा घर मेरा है और मैं अपने बेडरूम में बैठा हूं। मेरा प्यारा कुत्ता उसके बगल में है और एक और बैग है। इसका मतलब है कि मैं किसी सफर से आया हूं और अपने बेड पर बैठा हूं। अरे मूर्खों, अगर इतना बड़ा पैसों का बैग रखना है, तो क्या अलमारियां खाली हैं? अगर उस बैग में नोट होते, तो क्या वे उसे अलमारियों में नहीं रखते... उन्हें पैसों के अलावा कुछ नहीं दिख रहा।
'शिवसेना प्रमुख ने हमें नेता नहीं, कार्यकर्ता बनकर रहना सिखाया है
शिरसाट ने कहा कि अब उन्हें कपड़े रखने के लिए बैग की नहीं, पैसों की जरूरत है। अगर मैं कहीं से आकर अपने बेडरूम में बैग रख दूं, तो खबर बन जाती है। मेरा घर मातोश्री 2 नहीं है। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से पूछिए। अगर किसी ने यह वीडियो बनाया है, तो मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है। शिरसाट ने यह भी कहा कि शिवसेना प्रमुख ने हमें नेता नहीं, बल्कि कार्यकर्ता बनकर रहना सिखाया है, यही हमारी भूमिका है।
मैं उचित जवाब दूंगा, कुछ गलत नहीं किया-शिरसाट
संवाददाताओं ने शिरसाट से सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित उस वीडियो के बारे में पूछा, जिसमें वह आयकर नोटिस के बारे में बात करते सुनाई दे रहे हैं। जवाब में शिवसेना नेता ने कहा कि कुछ लोगों ने आयकर विभाग में मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसके आधार पर मुझे नोटिस जारी किया गया है। मुझे बुधवार को जवाब देना था, लेकिन मैंने अतिरिक्त समय मांगा। मैं उचित जवाब दूंगा। कुछ भी गलत नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह नोटिस दो चुनावों के बीच उनकी घोषित संपत्ति में हुई वृद्धि के संबंध में था। शिरसाट ने कहा कि लोग सोचते हैं कि नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। ऐसा नहीं है। मैं नोटिस का जवाब कानूनी तौर पर दूंगा।
छात्राओं पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, ठाणे के स्कूल की शर्मनाक हरकत का खुलासा
11 Jul, 2025 06:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई/ठाणे: मुंबई से सटे ठाणे के एक प्राइवेट स्कूल में पीरियड्स के दौरान लड़कियों के साथ स्कूल ऐसी बदसलूकी की, जिसे जानकर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर भी हैरान रह गई। छात्राओं के पैरेंट्स का कहना है कि स्कूल में न सिर्फ लड़कियों के कपड़े उतारे गए बल्कि दीवार पल लगे खून के धब्बे से मिलान के लिए उनका फिंगरप्रिंट भी लिया गया। रूपाली चाकणकर ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को छात्राओं की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल, चार टीचर, दो ट्रस्टी और एक अटेंडेंट सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस केस में गिरफ्तार पांच लोगों को कोर्ट ने 15 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस मामले मे सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
पैरेंट्स में भारी नाराजगी
पीरियड्स चेक करने के लिए स्कूल में छात्राओं के कपड़े उतारने पर उनके पैरेंट्स नाराज है। उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि टायलेट में पानी की व्यवस्था नहीं है। इस कारण किसी लड़की ने हाथ में लगे खून को दीवार में लगा दिया होगा। इससे नाराज टीचरों ने टॉयलेट की दीवार पर लगे खून के धब्बों की तस्वीरें लीं। फिर इन तस्वीरों को स्क्रीन पर दिखाया गया और लड़कियों से जवाब मांगा गया। उन्होंने पीरियड्स वाली छात्राओं के फिंगरप्रिंट भी लिए ताकि उन्हें दीवार पर लगे निशानों से मिलाया जा सके।
लड़कियों को टॉर्चर करने का आरोप
पैरेंटस का कहना है कि स्कूल में पानी की कमी के साथ-साथ बार-बार बिजली भी कटती है। जब माता-पिता इन समस्याओं को उठाते हैं, तो प्रिंसिपल उनसे मिलने से इनकार कर देती हैं। एक छात्रा की मां ने बताया कि उनकी बेटी ने एहतियात के तौर पर सैनिटरी पैड पहना था क्योंकि उसकी पीरियड आने वाली थी। उसे भी उन लड़कियों के साथ खड़ा किया, जिन्हें पीरियड्स नहीं हो रहे थे। एक-एक करके अटेंडेंट ने टॉयलेट में उनकी जांच की। जब उसे पैड पहने हुए पाया गया, तो उस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया गया। फिर उन्हों स्कूल बुलाया गया और उन्होंने शिकायत की कि मेरी बेटी झूठ बोल रही है।
शिक्षा विभाग को मिली खामियां
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने भी जांच में पाया कि स्कूल ने सखी सावित्री कमेटी का गठन नहीं किया है। यह कमेटी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। स्कूल में इंटरनल कंप्लेन कमेटी भी नहीं है। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कहा कि यह नियमों का गंभीर उल्लंघन हैं। शिक्षा विभाग को स्कूल की मान्यता रद्द करने पर विचार करना चाहिए। इससे पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को कोई शैक्षणिक नुकसान न हो। चाकणकर ने कहा कि ये लड़कियां एक संवेदनशील उम्र में हैं, जहां शिक्षकों को सहानुभूति दिखानी चाहिए। इसके बजाय स्कूल ने स्थिति को सबसे अनुचित तरीके से संभाला
गुरुपूर्णिमा पर 'मातोश्री' में गूंजेगा 'जय बालासाहेब', शिवसैनिकों का उमड़ा जनसैलाब
10 Jul, 2025 07:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मराठी मानुष में आत्मसम्मान और स्वाभिमान की भावना जगाने वाले हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे को आज, 10 जुलाई को गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर ‘मातोश्री’ निवास पर भावभीनी मानवंदना अर्पित की जाएगी। इस अवसर पर मुंबई सहित महाराष्ट्र के कोने-कोने से हजारों की संख्या में निष्ठावान शिवसैनिकों का जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर कार्यकर्ताओं की ओर से दी गई भावनाओं को स्वीकार करेंगे।
बालासाहेब ठाकरे ने अपने तेजस्वी विचारों और स्पष्ट नेतृत्व के बल पर मराठी जनमानस के जीवन में नई चेतना का संचार किया। आज भी उनके विचार और सिद्धांत शिवसैनिकों के प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। गुरुपूर्णिमा के दिन शिवसैनिक अपने इस मार्गदर्शक नेता को नमन करने हर वर्ष ‘मातोश्री’ पहुंचते हैं। इस वर्ष भी शिवसैनिकों के जत्थे सुबह से ही ‘मातोश्री’ पहुंचना शुरू कर देंगे। जगह-जगह पोस्टर, बैनर और नारों के माध्यम से श्रद्धा भाव प्रकट किया जा रहा है।
शिवतीर्थ पर भी होगी विशेष सजावट और वंदन
इसके अलावा शिवसेनाप्रमुख के स्मृति स्थल ‘शिवतीर्थ’ पर भी शिवसैनिकों द्वारा वंदन अर्पित किया जाएगा। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर स्मृतिस्थल परिसर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है।
कार्यक्रम को देखते हुए मुंबई पुलिस और शिवसेना की ओर से सुरक्षा व व्यवस्थाओं के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे संजय गायकवाड, अब दक्षिण भारतीयों पर साधा निशाना
10 Jul, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: मुंबई की कैंटीन में कर्मचारी को पीटने के बाद शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने एक बयान दिया है। गायकवाड़ ने कहा है कि दक्षिण भारतीयों को खाने के ठेके नहीं दिए जाने चाहिए क्योंकि वे डांस बार और लेडीज बार चलाते हैं। उन्हें अच्छा खाना परोसना नहीं आता। गायकवाड़ ने खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं होने पर मुंबई में एक कैंटीन कर्मचारी को पीटा था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद गायकवाड़ ने कोई अफसोस व्यक्त नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि वह एक विधायक होने के साथ फाइटर भी हैं। इसके बाद एकनाथ शिंदे की अगगुवाई वाली शिवसेना विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। अब संजय गायकवाड़ ने फिर विवादित बयान दिया है। गायकवाड़ महाराष्ट्र के बुलढाणा से विधायक हैं। गायकवाड़ आकाशवाणी की कैंटीन में मारपीट की थी।
बिगाड़ते हैं महाराष्ट्र की संस्कृति
विधायक संजय गायकवाड़ ने इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए कहा, "शेट्टी नाम के ठेकेदार को ठेका क्यों दिया गया? इसे किसी मराठी व्यक्ति को दिया जाए। वे जानते हैं कि हम क्या खाते हैं और हमें अच्छी क्वालिटी का खाना देंगे। दक्षिण भारतीय डांस बार, लेडीज बार चलाते हैं और महाराष्ट्र की संस्कृति को खराब करते हैं। उन्होंने हमारे बच्चों को भ्रष्ट कर दिया है। वे अच्छा खाना कैसे परोसेंगे? संजय गायकवाड़ ने यह बयान ऐसे वक्त पर दिया है जब कैंटीन कर्मचारी को पीटने के मामले पर सीएम फडणवीस ने नाराजगी व्यक्त की थी और विधानसभा के अध्यक्ष को एक्शन लेने के लिए कहा था। इतना ही नहीं एकनाथ शिंदे भी गायकवाड़ के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की थी।
ठेकेदार पर लाइसेंस निलंबित
कैंटीन की घटना के बाद संजय गायकवाड़ सुर्खियों में हैं। इससे पहले उन्होंने राहुल गांधी के एक बयान पर नाराज होगा उनकी जीभ काटने वाले को ईनाम देने का ऐलान किया था। इससे पहले उनके ऊपर अपनी गाड़ी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों से धुलवाने के आरोप लगे थे, हालांकि कैंटीन विवाद के बाद मैनेजर और लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) कैंटीन चलाने वाले ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित कर दिया। विभाग ने यह कार्रवाई वहां पर परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता की जांच के बाद की है। टीएम ने पाया कि खाना अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में पकाया जा रहा था।
राजनीतिक ताप बढ़ा: ठाकरे-पवार समर्थकों की मौजूदगी से गरमाया MNS का मोर्चा
9 Jul, 2025 08:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने मंगलवार (8 जुलाई) को ठाणे जिले के मीरा रोड में मोर्चा निकाला. मीरा रोड में ही पिछले दिनों एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने मराठी नहीं बोलने पर दुकानदार की पिटाई कर दी थी. इसके विरोध में स्थानीय व्यपारियों ने रैली निकाली. अब इसके विरोध में आज रैली का आयोजन मराठी एकीकरण समिति की अगुवाई में MNS और अन्य मराठी समर्थक समूहों ने किया. एमएनएस के मोर्चे में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के कार्यकर्ता भी शामिल हुए. इस दौरान जमकर हंगामा हुआ. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने कानून-व्यवस्था के संभावित खतरे का हवाला देते हुए विरोध मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
कार्यकर्ताओं ने मंत्री को भगाया
इस बीच दोपहर में विरोध स्थल पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के मंत्री प्रताप सरनाईक को गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और भगा दिया. झंडे और मराठी नारे लिखी सफेद टोपी पहने मीरा रोड और उससे सटे भयंदर की सड़कों पर चले. इससे पहले MNS के कई पदाधिकारियों को आधी रात से हिरासत में लिया गया. महिलाओं को पुलिस की वैन में भरे जाने की तस्वीरें दिखाई गईं, जबकि वे पुलिस की मनमानी के खिलाफ नारे लगा रही थीं. कई कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए एक बैंक्वेट हॉल के अंदर हिरासत में लिया गया.
क्या बोले सीएम?
विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि रैली के लिए अनुमति दे दी गई थी, लेकिन मनसे ने एक खास मार्ग पर जोर दिया, जिससे कानून-व्यवस्था की चुनौती पैदा हो गई. अगर वे उचित मार्ग के लिए अनुमति मांगते हैं, तो हम अनुमति देते.
प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?
मराठी मुद्दे के लिए बढ़ते समर्थन को देखते हुए शिवसेना के मंत्री प्रताप सरनाईक ने पुलिस की आलोचना की. उन्होंने कहा, ''पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से गलत थी. सरकार ने मराठी हितों के समर्थन में शांतिपूर्ण मोर्चा को दबाने के लिए ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है. वह इस मामले पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करेंगे.''उन्होंने कहा कि पुलिस का इस तरह का रवैया अनुचित है और अगर मराठी भाषी लोगों ने शांतिपूर्ण मार्च के लिए अनुमति मांगी थी, तो पुलिस को उन्हें इसकी अनुमति देनी चाहिए थी. इससे पहले उन्होंने कहा था, ''मराठी एकीकरण समिति और कई अन्य संगठनों ने रैली के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई. मैं जा रहा हूँ - अगर पुलिस की हिम्मत है, तो मुझे गिरफ्तार कर ले.
महाराष्ट्र: नंदुरबार में अवैध चर्च निर्माण पर मचा बवाल, जांच के आदेश जारी
9 Jul, 2025 08:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में अवैध चर्च निर्माण और जनजातीय समुदाय के धर्मांतरण के गंभीर मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए. विधानसभा में विधायक गोपीचंद पडलकर और अनुप अग्रवाल द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि सरकार आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
नंदुरबार जिला अनुसूचित क्षेत्र घोषित
नंदुरबार जिला भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र के रूप में घोषित है. इसका उद्देश्य भील और पावरा जनजातियों के हितों की रक्षा करना है. हालांकि, विधायक गोपीचंद पडलकर ने विधानसभा में कहा कि विशेष रूप से नवापुर तहसील में ईसाई मिशनरियों और धर्मांतरित व्यक्तियों द्वारा आदिवासी और गैर-आदिवासी लोगों को प्रलोभन और लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इससे उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान खतरे में पड़ रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव और सरकारी जमीनों पर 150 से अधिक अवैध चर्च बिना ग्राम पंचायत या गृह विभाग की अनुमति के बनाए गए हैं.
बिना अनुमति बने चर्चों को हटाया जाएगा- मंत्री
इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा, “नंदुरबार जिले में अवैध चर्च निर्माण पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. 5 मई 2011 और 7 मई 2018 के सरकारी आदेशों के अनुसार बिना अनुमति बने चर्चों को हटाया जाएगा.”
धर्मांतरण के खिलाफ कानूनों का अध्ययन किया जाएगा- मंत्री
इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा की जाएगी. धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानूनों का अध्ययन किया जाएगा. एक उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और सभी अवैध धार्मिक संरचनाओं का सर्वेक्षण छह महीने के भीतर पूरा किया जाएगा. बवनकुले ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और नियमों के अनुसार की जाएगी. इसके साथ ही धर्मांतरण के मामलों का गहन अध्ययन किया जाएगा ताकि सख्त कानून लागू करने पर विचार किया जा सके.
सरकार ठोस कदम उठाएगी, कुछ समय लगेगा- मंत्री
विधायक सुधीर मुनगंटीवार और संजय कुटे ने विधायक पडलकर द्वारा उठाए गए मुद्दे का समर्थन किया. बावनकुले ने विधानसभा में सभी प्रश्नों का सकारात्मक जवाब देते हुए सरकार की सख्त रुख को स्पष्ट किया. उन्होंने आश्वासन दिया, “सरकार इन सभी चार मुद्दों पर ठोस कदम उठाएगी, हालांकि इसमें कुछ समय लगेगा.”
बिहार बंद पर भड़के संजय निरुपम, कहा- 'देश से ज्यादा बांग्लादेशी मुसलमानों की फिक्र'
9 Jul, 2025 08:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 'बिहार बंद' को लेकर कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के लोग चुनाव आयोग की पूरी प्रक्रिया को खंडित करना चाह रहे हैं. इससे स्थापित होता है कि उनको विश्वास हो गया है कि हिंदुस्तान के लोगों के वोट से वो चुनाव नहीं जीत सकते. इसलिए उनको बांग्लादेशी मुसलमानों का वोट चाहिए.
कांग्रेस पर भड़के संजय निरुपम
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि बांग्लादेशी मुसलमानों का वोट लेकर अगर कांग्रेस पार्टी जीतने का ख्वाब देख रही है तो बिल्कुल देखे. लेकिन बांग्लादेशियों को हिंदुस्तान में वोटिंग का अधिकार नहीं मिलना चाहिए, ये हमारी भूमिका स्पष्ट है.
चुनाव आयोग पर संजय निरुपम ने क्या कहा?
शिवसेना नेता ने दावा किया कि बिहार में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठिये के तौर पर आ गए थे. वहां पर अवैध तरीके से रह रहे हैं. उन्होंने गलत तरीके से मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज करा रखे हैं. ऐसा एक अनुमान है कि लगभग डेढ़ से दो करोड़ बांग्लादेशी बिहार में वोटर बनकर रह रहे हैं जो कि सरासर गलत है. शिवसेना नेता ने कहा कि इसलिए चुनाव आयोग ने चुनाव से पहले इलेक्टोरल रोल को रिवाइज करने का या उसको दुरुस्त करने का एक प्रोग्राम शुरू कर रखा है.
बिहार बंद की क्या है वजह?
बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में महागठबंधन ने बुधवार (9 जुलाई) को राज्यव्यापी बंद बुलाया. विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के सड़कों पर उतरने से राज्य के कई हिस्सों में रेल और सड़क यातायात बुधवार को बाधित हो गया.
संजय गायकवाड़ पर क्या कहा?
वहीं पार्टी के ही नेता संजय गायकवाड़ की मारपीट के वीडियो पर संजय निरुपम ने कहा कि किसी भी गरीब-कमजोर के साथ हम मारा मारी के पक्ष में नहीं हैं. इसमें कौन जिम्मेदार है निश्चित तौर पर इसका पता लगाया जाना चाहिए.
निशिकांत दुबे के बयान से जताई असहमति
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के पटकर मारेंगे वाले बयान पर उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान नहीं आने चाहिए. ये एक सभ्य समाज का संवाद नहीं हो सकता. इस बयान से हम कतई सहमत नहीं हैं.
उद्धव ठाकरे के समर्थन में लगे पोस्टर हटे, शिंदे गुट ने किया विरोध प्रदर्शन
8 Jul, 2025 08:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंबई\ठाणे: ठाणे में सोमवार को शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे का एक व्यंग्य चित्र वाला बैनर लगाया। इससे इलाके में तनाव फैल गया। यह बैनर टेंभी नाका पर लगाया गया था। ठाकरे बंधुओं के 'हिंदी शक्ति' पर 'विजय रैली' करने के बाद शिवसेना ( एकनाथ शिंदे गुट) आक्रामक हो गई। ठाणे महानगर पालिका के अतिक्रमण विरोधी दस्ते और पुलिस ने मिलकर इस बैनर को हटाया। इस दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इससे टेंभी नाका पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। वाहन चालक और आम नागरिक परेशान हो गए।
क्या है विवाद?
दरअसल, 5 जुलाई को ठाकरे बंधुओं ने मुंबई में एक साथ आकर मराठी मुद्दे पर एकता दिखाई थी। इस रैली में उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा था। इससे शिवसेना के कार्यकर्ता नाराज हो गए थे। इसलिए शिंदे के इलाके ठाणे के टेंभी नाका पर उद्धव ठाकरे का व्यंग्य चित्र वाला बैनर लगाया गया। बैनर पर लिखा था, 'मराठी माणसाची एकजूट अशीच राहू द्या'। इसका मतलब है, मराठी लोगों की एकता ऐसी ही बनी रहे। बैनर में यह संदेश भी दिया गया कि उद्धव ठाकरे मुंबई पालिका के खजाने और महापौर के पद को ललचाई नजरों से देख रहे हैं'
शिवसेना का हंगामा
टेंभी नाका शिवसेना शाखा के प्रमुख निखिल बुडजडे और युवा सेना के नितिन लांडगे, ऋषिकेश माने, जितेश गुप्ता ने यह बैनर लगाया था। पुलिस और ठाणे पालिका की टीम तुरंत बैनर हटाने के लिए पहुंची। शिवसेना और युवा सेना के कार्यकर्ता भी टेंभी नाका पर जमा हो गए। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर बैनर को हटाने नहीं देंगे। इससे वहां पर बहुत हंगामा हुआ। शिवसेना के ठाणे विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख हेमंत पवार भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बैनर हटाने का विरोध किया।
टेंभी नाका इलाके में ट्रैफिक जाम
इस वजह से टेंभी नाका इलाके में बहुत ज्यादा ट्रैफिक जाम हो गया। बुडजडे ने कहा कि उन्होंने आम लोगों के सामने सच्चाई लाने के लिए बैनर लगाया था। इससे विरोधियों को परेशानी हो रही है। बैनर पर राज ठाकरे का कोई जिक्र नहीं था। इससे कई लोग हैरान थे। युवा सेना के ठाणे लोकसभा अध्यक्ष नितिन लांडगे ने कहा कि राज ठाकरे हमेशा से मराठी लोगों के लिए लड़ते रहे हैं। लेकिन उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे को चुनाव के समय ही मराठी लोगों की याद आती है।
'देवाभाऊ' कोई ताना नहीं
ठाणे के कैडबरी जंक्शन पर ठाकरे की रैली के बाद 'धन्यवाद देवाभाऊ, ठाकरे भाऊ साथ आए... विवाद खत्म, विश्वास बढ़ा, महाराष्ट्र का नया उदय' का बैनर लगाया गया। मनसे के ठाणे शाखा अध्यक्ष संतोष निकम और उप शाखा अध्यक्ष अक्षय आंबेरकर ने इस बैनर को लेकर बीजेपी और मुख्यमंत्री फडणवीस पर कटाक्ष किया।
टीएमटी, स्कूल बसें जाम में फंसीं
इस तरह की घटना शहर के मध्य स्थित टेंभी नाका में दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय हुई। इससे बड़ा ट्रैफिक जाम हो गया। इस जाम में ठाणे रेलवे स्टेशन से निकलने वाली टीएमटी बसें और एसटी कॉर्पोरेशन की बसें फंस गईं। इस क्षेत्र में स्कूल बसें और रिक्शा भी फंस गए। इससे जांभली नाका, चराई, सिविल अस्पताल क्षेत्र और कोर्ट नाका क्षेत्र में जाम लग गया। इससे आम लोग प्रभावित हुए।
उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने दिया करारा जवाब, फडणवीस भी उतरे मैदान में
8 Jul, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बयान को लेकर सियासत गर्मा गई है। झारखंड से बीजेपी के सांसद ने एक्स पर लिखा था कि हिंदी भाषी लोगों को मुम्बई में मारने वाले यदि हिम्मत है तो महाराष्ट्र में उर्दू भाषियों को मार कर दिखाओ । अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है? कौन कुत्ता कौन शेर खुद ही फ़ैसला कर लो। उन्होंने कहा कि था कि पटक पटक के मारेंगे। उनके इस बयान पर शरद पवार की पार्टी के नेता राेहित पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। शिवसेना यूबीटी के प्रमुख और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने निशिकांत दुबे की तुलना लकड़बग्घे से की थी। उन्होंने कहा था कि राज्य की जनता सच्चाई जानती है। ऐसे नेताओं के बयान पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उद्धव ठाकरे और संजय राउत के कड़े पलटवार के बाद अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।
मीरा रोड की घटना पर रगड़ा था नमक
मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में मराठी न बोलने पर मनसे कार्यकर्ताओं ने एक दुकानदार मालिक की पिट को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ठाकरे बंधुओं पर निशाना साधा था। निशिकांत ठाकुर ने नमक रगड़ते हुए कहा था कि राज ठाकरे अगर बहुत बड़े बॉस हैं, तो वे महाराष्ट्र से बाहर आने की हिम्मत दिखाएं, हम हिंदी का विरोध करने वालों को पटक-पटक कर मारेंगे। उन्होंने यह बयान गुवाहाटी में दिया था। वे यहीं पर नहीं रुके थे। दुबे ने कहा था कि महाराष्ट्र के लोग हमारे पैसे से जी रहे हैं। वहां टाटा, बिड़ला या रिलायंस की कोई यूनिट नहीं है, टाटा ने पहली फैक्ट्री बिहार में बनाई, सेमी कंडक्टर के भी सभी कारखाने गुजरात में हैं। ज्यादातर माइंस झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के पास हैं। ऐसे में महाराष्ट्र के पास क्या है? इसके बावजूद मुंबई में हिंदी भाषियों का शोषण किया जा रहा है।
फडणवीस भी दुबे के बयान पर बोले
अब निशिकांत दुबे के बयानों पर महाराष्ट्र में सियासत गर्मा गई है। इस बयान पर अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पहली बात ऐसी है कि निशिकांत दुबे का बयान यदि आप सुनेंगे तो उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के संदर्भ में बोला है, सभी मराठी लोगों के बारे में नहीं। मेरे विचार से इस तरीके का बयान देना योग्य नहीं है, क्योंकि उसका जो मतलब निकलता है वह लोगों के मन में भ्रम पैदा करता है। मैं फिर से कहूंगा कि मराठी मानुष का ऐतिहासिक योगदान इस महाराष्ट्र के निर्माण में है। जब आक्रमणकारियों ने भारत की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया था, तब भारत की संस्कृति को जिंदा रखने का काम छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज ने किया और इसके बाद मराठाओं ने भारत की संस्कृति को जिंदा रखने के लिए आक्रांताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
संजय राउत ने किया पलटवार
राज्यसभा सांसद और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी संजय राउत ने दावा किया महाराष्ट्र में हिंदीभाषी लोगों पर कभी हमले नहीं हुए। संजय राउत ने कहा कि दुबे को सही करना देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजीत पवार की जिम्मेदारी है, वरना फडणवीस और पूरे कैबिनेट इस्तीफा दे दे। इस दौरान ही संजय राउत एनसीपी चीफ और डिप्टी सीएम अजित पवार की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय राउत हिंदी-मराठी विवाद पर बोल रहे थे। इस दौरान निशिकांत दुबे को लेकर उन्होंने कहा, ‘कौन है दुबे, फालतू आदमी है। मैं यहां (महाराष्ट्र) के हिंदीभाषी नेताओं से अपील करता हूं कि वे दुबे द्वारा दिए गए बयान की निंदा करें। तभी मैं कहूंगा कि आप महाराष्ट्र से हैं।
निशिकांत दुबे के हमले जारी
झारखंड के गोड्डा से लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स लिखा है कि हिम्मत है तो मुंबई के माहिम में ठाकरे बंधु गैर मराठी भाषी को मार कर दिखाएं ,कभी तमिल भाषी को,कभी कन्नड़ भाषी,कभी गुजराती और अब राजस्थान के लोगों को थाने में पीटकर अपनी चौधराहट दिखा रहे हो या मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में अपनी होने वाली हार का जश्न मना रहे हो। एक अन्य पोस्ट में निशिकांत दुबे ने लिखा है भाषा के नाम पर ड्रामा करना चाहते हैं। समय डरने का नहीं डराने नहीं का है, मराठी, गुजराती, तेलुगु, कन्नड़, तमिल, बंगाली, मलयालम, भोजपुरी, हिंदी पर हमें गर्व है। महाराष्ट्रीयन स्वतंत्रता सेनानी देश के सभी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की तरह आदर्श हैं लेकिन ठाकरे बंधु तुम्हारी गुंडागर्दी का समय खत्म हो चुका है। हम शिवशाही स्थापित कर तुम्हारी पार्टी का सही इलाज करेंगे। मुंबई आर्थिक राजधानी पूरे भारत के खून पसीने से बनी है। दुबे ने यह भी दावा किया है कि मेरा विरोध ठाकरे की गुंडागर्दी से है।
मंदिर के बाहर मची चीख-पुकार, बेकाबू कार ने कई श्रद्धालुओं को कुचला
4 Jul, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक तेज रफ्तार कार ने मंदिर के बाहर खड़े श्रद्धालुओं को रौंद दिया। इस दौरान कई श्रद्धालु कार की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद मंदिर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद सभी घायल श्रद्धालुओं को पास के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके बाद का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा छत्रपति संभाजीनगर के सिडको इलाके में स्थित कला मंदिर के प्रवेश द्वार पर हुआ है। बताया जा रहा है कि भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर जाने के लिए प्रवेश द्वार पर खड़े थे। तभी अचानक एक तेज रफ्तार कार वहां आई और मंदिर के प्रवेश द्वार पर खड़े श्रद्धालुओं को रौंद गई। इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसके अलावा कार की टक्कर से मंदिर की सीढ़ियां और रेलिंग टूट गई। ये सारी घटना मंदिर के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसकी फुटेज सामने आई है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
डिवाइडर से टकराई थी कार
मंगलवार को भी छत्रपति संभाजीनगर में भीषण सड़क हादसा हुआ था। यहां एक कार अचानक डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 2 लोग गंभीर रूप से घायल थे। ये हादसा छत्रपति भाजीनगर-जलगांव हाईवे के पास स्थित फुलम्बरी तहसील के बिल्दा गांव में हुआ था।
बर्थडे पार्टी के बहाने घर से बुलाया, दोस्तों ने की युवक की हत्या
4 Jul, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के धुले के एक गांव में एक युवक की उसके ही दोस्तों ने हत्या कर दी. पहले वह युवक को उसके घर से बर्थडे पार्टी में जाने का बहाना करके बाहर ले गए और फिर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. काफी देर तक जब युवक घर नहीं लौटा तो उसके घर वालों ने युवक की तलाश शुरू की. लेकिन युवक कहीं नहीं मिला. इसके बाद 3 जुलाई को उसका शव सड़ी-गली हालत में मिला.
दरअसल,ये मामला मोरदाद गांव से सामने आया है. जहां कन्नड़ घाट में जगदीश ठाकरे नाम के एक युवक का शव मिला. शव पूरी तरह से सड़ चुका था. यहां तक की शव की पहचान कर पाना भी मुश्किल था. लेकिन जगदीश ठाकरे की पहचान उसके हाथ पर बने टैटू के वजह से हो पाई. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और जगदीश के तीन दोस्तों को हिरासत में लिया.
बर्थडे पार्टी में जाने का बहाना कर ले गए दोस्त
बताया जा रहा है कि 29 जून को जगदीश अपने घर पर बैठकर खाना खा रहा था. तभी उसके दोस्त आए. उसे अपने साथ बर्थडे पार्टी में चलने के लिए कहने लगे तो जगदीश ने खाना भी छोड़ दिया. वह घर पर कहकर गया कि खाना आकर खा लेगा और अपने दोस्तों के साथ चला गया. लेकिन उसे ये नहीं पता था कि वह दोबारा कभी घर ही नहीं लौटेगा. बहाने से ले जाकर उसके दोस्तों ने जगदीश की गोली मारकर हत्या कर दी.
पुलिस ने मृत की तीन दोस्तों को हिरासत में लिया
जब काफी समय तक जगदीश घर नहीं लौटा तो उसके परिजनों ने धुले पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. जगदीश की हत्या करने के बाद उसके दोस्तों ने उसके शव को एक गड्ढे में फेंक दिया था, जो 3 जुलाई को मिला. तब तक जगदीश का शव पूरी तरह से सड़ चुका था. इस घटना में जलगांव लोकल क्राइम ब्रांच पुलिस ने जगदीश ठाकरे के तीन दोस्तों को हिरासत में ले लिया. जगदीश ठाकरे के परिवार ने मांग की है कि इस घटना के पीछे जो भी मास्टरमाइंड है. उसे गिरफ्तार किया जाए. हालांकि जगदीश के दोस्तों ने उसकी हत्या क्यों की. इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
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