राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आयोजन 14 से 22 दिसंबर तक
बिलासपुर । राघवेंद्र राव सभा भवन में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आज शुभारंभ हुआ। 14 से 22 दिसंबर तक आयोजित पुस्तक मेले में विभिन्न विषयों की किताबों का संग्रहण है। मेले में इलेक्ट्रॉनिक भागवत गीता और रामायण आकर्षण का केंद्र हैं।
कर्मचारी संघ द्वारा राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आयोजन
राघवेंद्र राव सभा भवन में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आयोजन किया गया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष चंद्र शेखर तिवारी ने पुस्तक मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अपने सामाजिक सरोकारों के तहत संघ द्वारा पुस्तक मेले का आयोजन किया गया है, जहां कम दरों पर अच्छी और दुर्लभ किताबें लोगो को मिलेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय , अंतरराष्ट्री स्तर के लेखकों की पुस्तकें मेले में है जिसका लाभ पुस्तक प्रेमी ले सकते हैं।पुस्तक मेले में पहुंचे प्रतियोगी परीक्षा के छात्र संजू पाटले ने कहा कि मेले में अच्छी किताबों का संग्रहण जिसे पढऩे, देखने और खरीदने लोगों को आना चाहिए, हिंदी में अच्छी किताबें यहां उपलब्ध है। पुस्तक प्रेमी भूपेश तिवारी ने कहा कि मेले में गुणवत्ता पूर्ण किताबें कम कीमत पर उपलब्ध है, जिसका लाभ शहरवासियों को लेना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक किताबों के जरिए ऑडियो माध्यम में भी किताबों को सुना जा सकता है। जो दृष्टि बाधितों के लिए यह बेहद उपयोगी है। पुस्तक मेले के शुभारंभ अवसर पर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के बी पी सोनी जिला संयोजक, देवेन्द्र पटेल प्रांतीय संरक्षक , चन्द्रशेखर पाण्डेय जिलाध्यक्ष,आर पी शर्मा, पी आर कौशिक जिला संरक्षक, देवेन्द्र ठाकुर सचिव ,कौशल कौशिक, महिला प्रकोष्ठ सेडॉ पूनम सिंह,डाक विभाग से श्रीमती सुनीता द्विवेदी व संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

प्रदेश में गौवंश संरक्षण के लिए बजट और नीतियों में बड़े बदलाव : मंत्री पटेल
संघर्ष से सुकून तक: नल-जल योजना से बदली राधाबाई की जिंदगी
गरियाबंद: प्रकृति, आस्था और रोमांच का जीवंत अनुभव
“किशोरी से मातृत्व तक" महिलाओं के हर चरण में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा शक्ति केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना और प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
इतिहास रचा पीएम मोदी ने, सबसे लंबी अवधि तक सत्ता में बने
प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी
हथियार छोड़ शिक्षा की राह पर बढ़ रहे पुनर्वासित युवा, उल्लास महापरीक्षा में 28 युवा हुए शामिल
भोपाल में प्रस्तावित सेना दिवस आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध परंपरा, शौर्य और बलिदान से जोड़ने का होगा महत्वपूर्ण अवसर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
