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अमेरिका के हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी, दूरसंचार दिक्कतों से सैकड़ों उड़ानें प्रभावित
20 Sep, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिका के डलास क्षेत्र के दो हवाई अड्डों पर पहुंचे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। यहां पर 1800 से अधिक उड़ानों में देरी ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी। वहीं, सैकड़ों उड़ानों को रद किया गया है।
दरअसल, दूरसंचार में व्यवधान के कारण संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने उड़ानों को रोक दिया। इसके वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री हवाई अड्डे पर बैठे अगले अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।
टेलिकॉम कंपनी की सर्विस में आई परेशानी
संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने बताया कि स्थानीय टेलीफोन कंपनी के उपकरण में कथित समस्या के कारण यातायात धीमा हो रहा है, जिसमें FAA उपकरण शामिल नहीं हैं। एजेंसी का कहना है कि FAA कारण का पता लगाने के लिए टेलीफोन कंपनी के साथ काम कर रहा है।
कब तक सेवाएं रहेंगी ठप?
FAA ने बताया कि डलास फोर्ट वर्थ के लिए उड़ानें रात 11 बजे पूर्वी समय तक और डलास लव फील्ड के लिए कम से कम रात 8:45 बजे तक रोक दी गई है।
फ्लाइटअवेयर ने कहा कि एयरलाइनों ने डलास में अपनी 20% उड़ानें रद कर दी हैं। अमेरिकन एयरलाइंस ने 200 से अधिक उड़ानें रद कर दीं और 500 से अधिकत विलंबित हुईं।
‘अमेरिका फर्स्ट’ के तहत H-1B वीजा हुआ महंगा, भारतीयों के लिए बढ़ी मुश्किलें
20 Sep, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
व्हाइट हाउस में वापसी के बाद से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चौकाने वाले फैसले ले रहे हैं. अब उन्होंने H-1B वीजा को लेकर नया आदेश दिया है, जिसकी वजह से अमेरिका में नौकरी पाने का सपना देखने वाले हजारों लोगों पर असर पड़ सकता है. आव्रजन और अमेरिकी वीजा को लेकर चल रही परेशानियों के बीच, ट्रंप ने H-1B वीजा की फीस एक लाख डॉलर यानी लगभग 90 हजार कर दी है.
व्हाइट हाउस की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक इस नए प्रस्ताव के तहत कंपनियों की ओर से H-1B वीजा आवेदकों को बुलाने के लिए दिए जाने वाली फीस बढ़कर 1 लाख डॉलर हो जाएगी.
ट्रंप अपने चुनाव प्रचार से ही अमेरिका फर्स्ट की नीति पर काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि अमेरिका की नौकरियां पहले अमेरिकियों को मिलने चाहिए, साथ ही वह मानते हैं कि विदेशी प्रवासी अमेरिकियों की नौकरियां खा रहे हैं. जिसके लिए वह लगातार इम्मिग्रेशन के नियमों को सख्त कर रहे हैं.
क्यों बढ़ाई ट्रंप ने H-1B वीजा फीस?
शुक्रवार को ओवल ऑफिस में इस नए नियम का ऐलान करते हुए ट्रंप प्रशासन ने कहा कि यह सुनिश्चित करेगा कि कंपनियों की ओर से लाए गए वर्कर्स ज्यादा स्किल हों और अमेरिकी कर्मचारियों द्वारा उनकी जगह न ली जा सके.
ट्रंप ने इस नियम पर साइन करते हुए कहा, “कंपनियों को वर्कर्स की ज़रूरत है, हमें बेहतरीन वर्कर्स की ज़रूरत है. यह नियम सुनिश्चित करेगा कि अमेरिका को अब अच्छे कर्मचारी मिलेंगे.”
भारतीयों को होगा सबसे ज्यादा नुकसान
एच-1बी वीजा अमेरिका में एंट्री के लिए सबसे ज्यादा मांग वाले वीज़ा में से एक है. हजारों भारतीय इस वर्क वीजा के जरिए अमेरिका में प्रवेश करते हैं, जिसे अमेरिकी कंपनियां, खासकर IT क्षेत्र के लिए स्पॉन्सर किया जाता है.
पहले कितनी फीस देने पड़ती थी?
H-1B वीजा के लिए पहले करीब 6.1 लाख रुपये दिए जाते थे, जिसे अब 90 लाख तक बढ़ा दिया गया है. व्हाइट हाउस के मुताबिक ये प्रतिबंध अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कंपनियों के पास ज्यादा कुशल कर्मचारियों को अमेरिका लाने के लिए एक रास्ता हो.
क्या होता है H-1B वीजा?
H-1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वर्क वीजा है, जो अमेरिका में कुशल विदेशी पेशेवरों को अस्थायी रूप से काम करने की परमिशन देता है. यह मुख्य रूप से उन नौकरियों के लिए है, जिनमें विशेषज्ञता (specialty occupation) की जरूरत होती है, जैसे कि IT, इंजीनियरिंग, मेडिसिन, या फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में.
तीन नाबालिगों ने रची इजराइली दूतावास पर हमले की साजिश, पुलिस ने पकड़ा
19 Sep, 2025 11:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेल्जियम। फ्रांस के तीन नाबालिग लड़कों ने बेल्जियम स्थित इजराइली दूतावास पर हमले की खतरनाक साजिश की लेकिन वे पकड़े गए। तीनों लड़कों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की शुरुआत हुई। उन्होंने दूतावास के एंट्री गेट पर टीएटीपी विस्फोटक से भरी गाड़ी को उड़ाने की प्लानिंग की थी। प्लान के तहत इसके बाद वह असॉल्ट राइफल और अन्य हथियार लेकर दूतावास की बिल्डिंग में घुसने का प्लान था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन लड़कों की प्लान में पहले दूतावास के एंट्री गेट पर ब्लास्ट करना और फिर अंदर जाकर गोलीबारी करना शामिल था। इन तीनों नाबालिगों को हमले की प्लानिंग के लिए अगस्त 2023 में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय उनकी उम्र 14 से 16 साल थी। इनमें से एक फ्रांस में जन्मा फ्रेंच-अल्जीरियाई है, जबकि बाकी दो का जन्म रूस के चेचन्या में हुआ था और वह कम उम्र में फ्रांस आ गए थे।
तीनों का मुकदमा पेरिस की किशोर अदालत में बंद कमरे में चल रहा है और इसके शुक्रवार तक खत्म होने की उम्मीद है। इन किशोरों पर आतंकी हमले की तैयारी के इरादे से आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों को इन तीनों के बारे में तब जानकारी मिली जब उनमें से एक लड़के ने अपने क्लासमेट्स के सामने आतंकवाद से जुड़े हिंसक इस्लामिक गीत गाना शुरू कर दिया। इससे उसका संदिग्ध व्यवहार सामने आया और जांच शुरू हुई। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि तीनों लड़कों के फोन में टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए कई जिहादी नेटवर्क से जुड़े लिंक मौजूद थे। समूह का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा किशोर 2022 में टिकटॉक पर रूस के दागेस्तान क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट से जुड़े कट्टरपंथियों के संपर्क में आया था और वहीं से उसकी सोच कट्टरपंथी हुई थी। हालांकि, बाकी दोनों नाबालिगों के भी नॉर्थ कॉकसस क्षेत्र के इस्लामिक नेटवर्क से संबंध पाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इन लड़कों ने हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एल्युमिनियम का इस्तेमाल करके घर पर ही बम बना लिए और उसकी टेस्टिंग भी की। इसमें से एक लड़के की बहन ने उसे बम बनाने का तरीका बताया था। इसी साल की शुरुआत में अदालत ने लड़की को इस मामले में पांच साल की सजा सुनाई है। बम की टेस्टिंग करने के कुछ दिनों बाद, एक लड़के ने अपना चेहरा ढककर एक वीडियो बनाया था। इसमें उसने कहा था कि सुन लो पश्चिमी देशों, हम तुम्हें चेतावनी देते हैं... हम तुम्हारे घर वापस आ रहे हैं ताकि तुम्हें मार सकें, जैसे तुमने हमारे सीरिया की महिलाओं और बच्चों को मारा है।
किशोरों ने सूप में की पेशाब, कोर्ट ने लगाया पैरेंट्स पर 2.71 करोड़ का जुर्माना
19 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शंघाई। चीन की एक अदालत ने दो किशोरों के माता-पिता को दो कैटरिंग कंपनियों को 2.2 मिलियन युआन यानी 2.71 करोड़ रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। दरअसल, वू और तांग उपनाम वाले दो नाबालिग किशोरों ने मशहूर हांडिलाओ हॉटपॉट रेस्टोरेन्ट में घुसकर वहां उबल रहे सूप में पेशाब कर दी थी और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था।
यह घटना इस साल 24 फरवरी की बताई जा रही है, जब वू और तांग ने नशे में धुत हो हांडिलाओ हॉटपॉट रेस्टोरेन्ट में घुसकर पारंपरिक चीनी हॉटपॉट शैली में मांस और सब्ज़ियां पकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सूप में जानबूझकर पेशाब कर उसे दूषित कर दिया। हालांकि इस बात की तब तक किसी को भनक नहीं लगी, जब तक इस हरकत का वीडियो वायरल नहीं हुआ था। इस वीडियो के सामने आने के बाद रेस्टोरेंट को अपने करीब 4000 ग्राहकों को भारी भरकम मुआवजा चुकाना पड़ा।
24 फरवरी से 8 मार्च के बीच रेस्टोरेंट में आए ग्राहकों को दूषित भोजन देने के एवज में रेस्टोरेंट ने ये मुआवजा दिया। इसमें बिल की पूरी राशि समेत दस गुना जुर्माना भी शामिल था। रेस्टोरेंट ने इस घटना के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया और सभी बर्तनों को नष्ट करने, उसे बदलने, और उसके बाद पूरी तरह से सफाई और कीटाणुशोधन करने का खर्च समेत लौटाए गए कुल मुआवजे समेत करीब 23 मिलियन युआन की क्षतिपूर्ति की मांग की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि किशोरों ने अपने अपमानजनक कृत्यों, टेबलवेयर को दूषित करने और जनता को असुविधा पहुंचाने के ज़रिए कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। अदालत ने कहा कि किशोरों के माता-पिता ने उन्हें उचित संस्कार नहीं दिए। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 2.71 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया।
मंत्री के मंच के पास पहुंचा बेकाबू सांड, सुरक्षा कर्मियों ने भागकर बचाई जान
19 Sep, 2025 05:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल: हरियाणा के पलवल में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की सभा में बेसहारा सांड घुसने की वीडियो वायरल हो रही है। घटना 17 सिंतबर को गांव फिरोजपुर की है। जहां ग्रामीणों का धरना समाप्त कराने पहुंचे मंत्री सभा के बाद मीडिया से बातचीत करने के लिए खड़े हुए थे। तभी बेसहारा सांड मंत्री की टोली की तरफ तेजी से आया। लोगों ने 'मंत्री जी-हटिये-हटिये, बचिये-बचिये', चिल्लाना शुरू किया।
मंत्री जी घबराकर कार की तरफ भागे
सांड के एकदम आने से मंत्री घबरा गए और मीडिया को छोड़ तुरंत अपनी गाड़ी की तरफ लपके। उसके बाद बिना बात किए ही धरना स्थल से निकल गए। इससे पहले मंत्री के संबोधन के दौरान बिजली गुल हो गई, जिसके बांद मंत्री मे बिना माइक के ही लोगों से संवाद किया। बता दें कि गांव फिरोजपुर में नगर परिषद ने 6 साल पहले डंपिंग यार्ड बनाया था। अब कचरे से ग्रामीण परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सारा दिन बेसहारा पशु यहां घूमते रहते हैं, जिससे सड़क हादसे भी होते हैं। बदबू से जीना दुश्वार है और बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वह यहां से इसको हटाने के लिए धरना दे चुके हैं। तब कुछ समय के यहां कूड़ा डालना बंद कर दिया गया था।
ग्रामीणों का धरना खत्म करवाने आए थे मंत्री जी
दरअसल ग्रामीण 6 दिनों से यहां पर धरना दे रहे थे। हरियाणा सरकार में खेल मंत्री गौरव गौतम ग्रामीणों का धरना खत्म कराने के लिए पहुंचे थे। खेल मंत्री जब लोगों को संबोधित कर रहे थे तो उस समय भी ग्रामीणों और उनके बीच में खींचतान का माहौल बनता हुआ दिखाई दिया। मंत्री के संबोधन के दौरान बिजली चली गई, जिसके बाद मंत्री को बिना माइक के ही ग्रामीणों से बात करनी पड़ी।
नेपाल में जेन-ज़ी आंदोलन के कारण करीब 21 अरब का रिकॉर्ड बीमा क्लेम दर्ज हुआ
19 Sep, 2025 05:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। नेपाल में हाल ही में हुए जेन-जी आंदोलन के कारण करीब 21 अरब नेपाली रुपए का रिकॉर्ड बीमा क्लेम दर्ज हुआ है। यह जानकारी नेपाल इंश्योरेंस अथॉरिटी (एनआईए) द्वारा जारी किए गए आँकड़ों से मिली है, जो बीमा क्षेत्र का नियामक है। 16 सितंबर तक नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को कुल 1,984 क्लेम मिले, जिनकी राशि 20.7 अरब नेपाली रुपए है। यह राशि 2015 के भूकंप (16.5 अरब एनपीआर) और 2020 की कोविड-19 महामारी (16 अरब एनपीआर) के दौरान किए गए क्लेम से भी ज़्यादा है, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा बीमा क्लेम बनाती है।
भारतीय ओरिएंटल इंश्योरेंस की शाखा, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, को सबसे ज़्यादा 5.14 अरब नेपाली रुपए के क्लेम मिले हैं। इसमें से ज़्यादातर क्लेम होटल हिल्टन काठमांडू से हैं, जिसे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ था। सिद्धार्थ प्रीमियर इंश्योरेंस, शिखर इंश्योरेंस, आईजीआई प्रूडेंशियल इंश्योरेंस और सागरमाथा लुम्बिनी भी उन शीर्ष पाँच कंपनियों में शामिल हैं, जिन्हें सबसे ज़्यादा क्लेम मिले हैं।
नेपाल इंडस्ट्रीज कॉन्फेडरेशन (सीएनआई) के अनुसार, कुछ प्रमुख व्यावसायिक कंपनियों ने अकेले ही 60 अरब नेपाली रुपए से अधिक के नुकसान की जानकारी दी है। चूँकि नुकसान का आकलन अभी भी जारी है, इसलिए बीमा क्लेम की कुल राशि में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
हरियाणा की महिला SDO का निजी संघर्ष, पति के अवैध काम और अफेयर के बीच लिया अहम फैसला
19 Sep, 2025 05:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: पति-पत्नी के रिश्तों में जब इतनी कड़वाहट आ जाए कि वे एक दूसरे की शक्ल तक देखना न चाहें तो मामला महिला आयोग या कोर्ट तक पहुंच जाता है। सेक्टर-12 लघु सचिवालय के सभागार में गुरुवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई हुई। इस दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जो हैरान करने वाले थे। किसी ने अपने पति पर अवैध तरीके से सेक्सुअल मेडिसन की सप्लाई करने का आरोप लगाया तो बोला की पत्नी उसकी प्रॉपर्टी पर करना चाहती है। आयोग की चेयरमैन रेणु भाटिया ने फरीदाबाद, पलवल, भिवानी, कुरुक्षेत्र आदि जिलों की कुल 40 से अधिक शिकायतें सुनीं। इनमें ज्यादातर घरेलु हिंसा के केस रहे।
पति का एक है एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर
हरियाणा सरकार में एसडीओ ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उनका पति सेक्सुअल मेडिसन का अवैध कारोबार करता है। वो खुद को आईटी कर्मी बताता है। उसका एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर भी है। ऐसे में इनके साथ रहना संभव नहीं हैं। पिछले पांच साल से वह घर का खर्च खुद चला रही है। उधर पति ने भी पत्नी पर भी पूर्व प्रेमी के संपर्क में रहने का आरोप लगाया है
नाना नानी ने बेटियों को बना रखा है बंधक
पलवल की रहने वाली एक महिला ने आयोग के सामने अपने मायके वालों पर ही गंभीर आरोप लगाए। महिला ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बड़ी बेटियों को गुड़गांव मायके भेजा था। लेकिन अब उसके मां बाप और भाई बेटियों को बंधक बना रखा है। बेटियां शादी करने लायक हो गई हैं लेकिन उनकी शादियां नहीं होने दे रहे हैं। इस आयोग की चेयरमैन ने हैरानी जताते हुए कहा कि उनके सामने ऐसा पहला मामला आया है जहां नाना नानी और मामा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। आयेाग ने गुड़गांव पुलिस के जरिए बेटियों को बुलाकर पूछताछ करने और उसके बाद फैसला सुनाने की बात कही।
शिक्षिका बहू बोली, सास ससुर ने घर से निकाला
दिल्ली के एक केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाने वाली शिक्षिका ने अपने सास ससुर पर आरोप लगाया कि उनके पति की मौत के बाद दोनों ने उसे घर से निकाल दिया और गहने आदि सामान हड़प लिए। पति की मौत कोबिड काल में हो गई थी। उधर सास और ससुर ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्रवधू बेटे के पीएफ आदि के पैसे हड़प लिए हैं। बच्चों से मिलने तक नहीं देती। वह हर तरीके से प्रताड़ित करती रहती है। इस पर आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि दादा दादी से बच्चों को मिलने से नहीं रोका जा सकता। आयेाग ने कहा कि एक संडे गुड़गांव में और एक संडे भिवान में दादा दादी बच्चों से मिलेंगे। इसके लिए आयेाग की ओर से अधिकारी लगाए जाएंगे।
एचआर पति का आरोप जमीन कब्जाना चाहती है पत्नी
एक एचआर पति ने पत्नी पर आरोप लगाया कि उनकी शादी 17 साल पहले हुई थी। साल 2011 में बेटी पैदा हुई तो वह घर में विवाद करने लगी। उसके नाम 300 वर्ग गज का प्लाट तक करा दिया। लेकिन पत्नी और उसका पूरा परिवार उनकी पूरी प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है। पति ने बताया कि उनके मां बाप अब इस दुनिया में नहीं है। इन सबके बावजूद वह पत्नी को अपनाना चाहता है। पत्नी ने आरोप लगाया कि पति ने साजिश के तहत उनके पिता को जान से मारने की कोशिश की थी। इस मामले में राजीनामा करने के लिए पांच बीघा जमीन उनके नाम किया था। इस पर आयोग ने नाराजगी जताई और कहा कि पति का संपत्ति पर पत्नी का ही अधिकार होता है। ऐसे में समझौते का दबाव बनाकर पत्नी का अपने नाम जमीन कराना न्यायसंगत नहीं है। दोनों पक्षों को शपथ पत्र देना होगा कि उनकी संपत्ति पर अधिकार बेटे बेटियों को होगा। आयेाग ने शपथ पत्र देने के बाद फैसला करने का निर्णय लिया।
हरियाणा के स्किल ट्रेनिंग सेंटर में 400 छात्रों के नाम पर लोन घोटाले से हिला पूरा क्षेत्र
19 Sep, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: सेक्टर-31 स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी में चल रहे एक स्किल ट्रेनिंग सेंटर के प्रबंधन पर मुंबई की एक फाइनैंस कंपनी कसे एजुकेशन लोन के नाम पर चार करोड़ से अधिक राशि ठगने का आरोप लगा है। सेंटर ने अपने यहां पढ़ने वाले दिल्ली-एनसीआर के 400 से अधिक छात्रों के नाम पर यह लोन लिया। उनसे यह कहकर एग्रीमेंट भी साइन कराया गया कि इस राशि से उन्हें स्किल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। लेकिन जब छात्रों के पास फाइनैंस कंपनी के नोटिस आने लगे तो उन्होंने सेंटर से ऐतराज जताया। इसके बाद सेंटर ने कंपनी को बैंक गारंटी दी, लेकिन जांच में कागजात फर्जी पाए गए। फाइनैंस कंपनी प्रबंधन ने डीसीपी सेंट्रल से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद केस दर्ज कर लिया गया। फिलहाल मामले में जांच जारी
कंपनी के साथ किए गए समझौते का पालन नहीं हुआ
ट्रेनिंग सेंटर ने साल 2020 में फाइनैंस कंपनी से व्यावसायिक समझौते के लिए संपर्क किया था। लेकिन सेंटर प्रबंधन ने कंपनी के साथ किए गए समझौते का पालन नहीं किया। अंधेरी ईस्ट मुंबई स्थित फाइनैंस कंपनी के एडवोकेट ध्रुव राजपाल की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया है कि सेक्टर-31 स्थित स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी में एक रिसोर्स कंसलटेंट संस्था है। रौनक राठौर नामक व्यक्ति खुद को इस संस्था का मालिक बताया। पुलिस को दी शिकायत में फाइनैंस कंपनी के एडवोकेट ने बताया कि उक्त संस्था के मालिक रौनक राठौर ने छात्रों की फीस के लिए एजुकेशन लोन देने की मांग की।
फीस के लिए मांगा सहयोग
कंपनी का आरोप है कि संस्था ने 400 से अधिक छात्रों की लिस्ट उन्हें उपलब्ध करवाई थी। कंपनी ने कई चरणों में चार करोड़ 35 लाख रुपये से अधिकर राशि का लोन ले लिया। लेकिन कंपनी और संस्था के बीचे हुए समझौते का पालन नहीं किया। कंपनी का आरोप है कि संस्थान ने समय पर एजुकेशन लोन की अदायगी नहीं की। कंपनी के एक अधिकारी श्याम झा ने बताया की संस्थान को लोन लेने के बाद दो साथ में उसकी अदायगी करनी थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
छात्रों को भेजा नोटिस तो खुली पोल
शिकायतकर्ता ने बताया कि जब संस्थान ने एजुकेशन लोन की अदायगी निर्धारित समय और शर्तों के अनुसार नहीं की तो संस्थान के छात्रों को नोटिस भेजे जाने लगे। छात्रों ने संस्थान से ऐतराज ताया और कहां कि उन्हें तो कोई ऐसी ट्रेनिंग दी ही नहीं गई। इसके बाद संस्थान ने बैंक में दिसंबर 2021 में 30 फीसदी की गारंती दे दी। संस्थान ने दक्षिण भारतीय बैंक से 40 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कराई थी। आरोप है कि एक दो किश्त जमा करने के बाद संस्थान ने बकाया जमा करने से इनकार कर दिया। संदेह होने पर जम कंपनी ने बैंक को पत्र लिखकर बैंक गारंटी का सत्यापन कराया तो पता चला कि सब फर्जी है। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।
अमेरिका में 8 महीने बाद ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत कटौती
19 Sep, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में 0.25 की कटौती की है। इससे ये अब 4.00 से 4.25 प्रतिशत के बीच आ गई है। दिसंबर 2024 के बाद फेड ने दरों को घटाया है। फेड ने यह कदम मुख्य रूप से लेबर मार्केट में नरमी के कारण उठाया है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने इस कटौती के पक्ष में 11-1 से वोट किया। फेड रिजर्व ने कहा कि हाल के संकेत बताते हैं कि इस साल आर्थिक गतिविधियों की वृद्धि धीमी हुई है। रोजगार के लिए डाउन साइड रिस्क बढ़ गए हैं, जिसके चलते नीति में बदलाव किया गया।
पिछले साल फेड ने लगातार तीन बार- दिसंबर में 0.25 प्रतिशत, नवंबर में 0.50 प्रतिशत और सितंबर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। तब से रेट्स 4.25 प्रतिशत से 4.50 प्रतिशत के बीच थे। सितंबर 2024 की कटौती करीब 4 साल बाद की गई थी। फेड ने मार्च 2020 के बाद सितंबर 2024 में इंटरेस्ट रेट्स घटाए थे। महंगाई कंट्रोल करने के लिए सेंट्रल बैंक ने मार्च 2022 से जुलाई 2023 के बीच 11 बार ब्याज दरों में इजाफा किया था। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह कटौती अमेरिकी शेयर बाजारों के लिए सकारात्मक है, क्योंकि इससे उधार लेना सस्ता हो जाएगा और कंपनियां ज्यादा निवेश कर सकेंगी। भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए भी यह अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि अमेरिकी दरों में कमी से विदेशी निवेश बढ़ सकता है।
लेबर मार्केट कमजोर दिखा तो घटाई दरें
महंगाई को नियंत्रित करने के लिए पिछले कई महीनों से दरों को घटाया नहीं गया था। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जॉब ग्रोथ धीमी पडऩे लगी। अब जब लेबर मार्केट कमजोर दिख रहा है, तो अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए फेड रिजर्व को छूट की जरूरत महसूस हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी हाल ही में फेड पर दबाव डाला था कि दरों में और ज्यादा कमी की जानी चाहिए ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले। हालांकि, फेड स्वतंत्र संस्था है और राजनीतिक दबावों से प्रभावित नहीं होती, लेकिन ऐसे बयान बाजार की चिंताओं को बढ़ाते हैं।
महंगाई को काबू करने का मजबूत हथियार है पॉलिसी रेट
सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट नाम का एक मजबूत हथियार है, जिससे वो महंगाई पर लगाम लगा सकता है। जब महंगाई बहुत बढ़ जाती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ा देता है ताकि बाजार में पैसों का बहाव कम हो जाए। जब पॉलिसी रेट बढ़ता है, तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से कर्ज लेना महंगा पड़ता है। नतीजा ये कि बैंक अपने ग्राहकों को भी महंगे लोन देते हैं। इससे बाजार में पैसे कम घूमते हैं, सामान की मांग घटती है और महंगाई नीचे आती है। वहीं, जब अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर में होती है और उसे उबारने की जरूरत पड़ती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और वो ग्राहकों को भी सस्ते लोन देते हैं। इस तरह बाजार में पैसे का बहाव बढ़ता है और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलती है।
उत्तरी अफ्रीकी देश लीबिया के तट पर डूबी नाव
19 Sep, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काहिरा। लीबिया के तट के पास एक नाव हादसे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। यह नाव सूडान के शरणार्थियों को लेकर ग्रीस जा रही थी। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने गुरुवार को जानकारी दी कि नाव में अचानक आग लग गई और वह डूब गई। यह हादसा लीबिया के पूर्वी तट पर तोब्रुक शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर समुद्र में हुआ। आईओएम के मुताबिक, इस नाव में कुल 75 शरणार्थी सवार थे। अब तक 24 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि बाकी लापता हैं। लीबिया रेड क्रेसेंट ने बताया कि उसे तोब्रुक के अधिकारियों से आपातकालीन कॉल मिली थी। इसके बाद बचावकर्मी कम्बोट बीच (तट से 60 किलोमीटर पश्चिम) और काबेस क्षेत्र (तट से 90 किलोमीटर पूर्व) से शव बरामद कर रहे हैं। हालांकि यह साफ नहीं है कि मिले शव उसी डूबी हुई नाव के यात्रियों के हैं या नहीं।
लीबिया- प्रवासियों के लिए खतरनाक रास्ता
लीबिया लंबे समय से युद्ध और गरीबी से भाग रहे अफ्रीका और मध्य पूर्व के लोगों के लिए यूरोप जाने का प्रमुख रास्ता रहा है। यहां से प्रवासी समुद्र के रास्ते इटली या ग्रीस पहुंचने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह यात्रा बेहद खतरनाक होती है। नावें अक्सर ओवरलोड होती हैं और खराब मौसम या तकनीकी खराबी के कारण डूब जाती हैं। इस महीने की शुरुआत में लीबिया के तट के पास एक नाव पलट गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और 22 लोग लापता हो गए थे। उस समय नाव में 32 प्रवासी सवार थे, जिनमें से नौ लोगों को बचा लिया गया था। दिसंबर 2024 में भी पश्चिमी लीबिया के तट पर एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 61 प्रवासी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, डूब गए थे।
बोइंग-हनीवेल कंपनियों पर केस
19 Sep, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मारे गए 4 यात्रियों के परिवारों ने अब अमेरिका में विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग और उसके पुर्जे बनाने वाली कंपनी हनीवेल के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवारों का आरोप है कि दोनों कंपनियों की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। यह मुकदमा टेक्सास की लैनियर लॉ फर्म के जरिए दायर किया गया है। इसमें कहा गया है कि विमान में लगे ईंधन स्विच में खराबी थी और यही हादसा की वजह बना। परिवारों का आरोप है कि बोइंग और हनीवेल इन खतरों के बारे में पहले से जानते थे, लेकिन उन्होंने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरकर लंदन के गैटविक हवाई अड्डा जा रहा था।। टेकऑफ के कुछ ही देर बाद यह एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गया था। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें 60 विदेशी यात्री शामिल थे।
डोनाल्ड ट्रंप ने एंटीफा को प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित किया
19 Sep, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एंटीफा को एक प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित किया। यह घोषणा उनके करीबी सहयोगी और दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या के कुछ दिनों बाद की गई।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “मुझे अपने सभी अमेरिकी देशभक्तों को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं एक बीमार, खतरनाक, कट्टरपंथी वामपंथी संगठन, एंटीफा को एक प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित कर रहा हूं। मैं यह भी दृढ़ता से अनुशंसा करता हूं कि एंटीफा को वित्तपोषित करने वालों की उच्चतम कानूनी मानकों और प्रक्रियाओं के अनुसार गहन जांच की जाए। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद!” ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका प्रशासन इस चरित्र-चित्रण के लिए किन मानदंडों का उपयोग करेगा और वामपंथी झुकाव वाले आंदोलन को निशाना बनाने के लिए वे क्या कदम उठाएंगे। ऐसा प्रतीत होता है कि एंटीफा का कोई केंद्रीकृत ढांचा या कोई निश्चित नेतृत्व नहीं है।
पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश में बढ़ती राजनीतिक हिंसा के लिए बार-बार इस संगठन को दोषी ठहराया, जिसमें रूढ़िवादी टिप्पणीकार चार्ली किर्क की हत्या भी शामिल है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “मैं आपको कुछ ऐसा बताऊंगा जिससे मैं मुश्किल में पड़ सकता हूं, लेकिन मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है। दक्षिणपंथी कट्टरपंथी अक्सर इसलिए कट्टरपंथी होते हैं क्योंकि वे अपराध नहीं देखना चाहते। वामपंथी कट्टरपंथी ही समस्या हैं, और वे क्रूर हैं, वे भयानक हैं और वे राजनीतिक रूप से चतुर हैं।”
टोक्यो फाइनल में नीरज चोपड़ा आठवें नंबर पर, भारतीय फैंस रहे निराश
18 Sep, 2025 05:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट और भारतीय जैवलिन थ्रो स्टार नीरज चोपड़ा का एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में प्रदर्शन निराशाजनक रहा। टोक्यो के नेशनल स्टेडियम में आयोजित इस फाइनल में नीरज कोई मेडल नहीं जीत पाए और खिताब डिफेंड करने से चूक गए। उन्होंने कुल 84.03 मीटर लंबा थ्रो फेंका और 12 एथलीटों में आठवें नंबर पर रहे।
नीरज चोपड़ा के फाइनल थ्रो का विवरण:
पहला प्रयास: 83.65 मीटर
दूसरा प्रयास: 84.03 मीटर
तीसरा प्रयास: फाउल
चौथा प्रयास: 82.86 मीटर
पांचवां प्रयास: फाउल
छठा प्रयास: एलेमिनेट होने के कारण नहीं मिला
नीरज और अरशद नदीम दोनों फ्लॉप
ओलंपिक मेडलिस्ट पाकिस्तान के अरशद नदीम का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। उन्होंने केवल 82.73 मीटर का बेस्ट थ्रो किया और चौथे अटैम्प के बाद एलिमिनेट हो गए। नीरज पांचवे अटैम्प के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए। इस तरह, ओलंपिक के दोनों हीरो वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में फेल साबित हुए।
डायमंड लीग में भी रहा कमजोर प्रदर्शन
इससे पहले ज्यूरिख डायमंड लीग में नीरज का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 85.01 मीटर का थ्रो किया और केवल दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.51 मीटर का थ्रो फेंककर डायमंड लीग का खिताब अपने नाम किया।
दिशा पटानी केस में गाजियाबाद एनकाउंटर को लेकर उठे सवाल, वसीम अकबर कौन हैं और क्या है उनका यूपी लिंक
18 Sep, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ : बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित घर के बाहर फायरिंग की गई। आरोपी रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह के दो सक्रिय सदस्य बुधवार को एनकाउंटर में ढेर कर दिए गए। हरियाणा एसटीएफ के एसपी आईपीएस वकीम अकरम ने मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों की गोली लगने से मौत की पुष्टि की और बताया कि विशेष प्रकोष्ठ का एक जवान भी घायल हुआ है। दिशा पटानी के घर पर फायरिंग करने वाले शूटरों की पहचान रोहतक निवासी रवींद्र और सोनीपत के गोहाना रोड स्थित इंडियन कॉलोनी निवासी अरुण के रूप में हुई। हरियाणा एसटीएफ एसपी ने रवींद्र और अरुण दोनों रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह के सक्रिय सदस्य थे। रवींद्र का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कई मामलों में शामिल रहा था।
एसपी वसीम अकबर ने बताया कैसे हुआ एनकाउंटर
एसपी ने बताया कि संदिग्धों के सोनीपत में होने की सूचना मिली थी। उनकी लोकेशन पर संदिग्धों की तलाश जारी थी। गाजियाबाद में उन्हें ट्रेस किया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में शूटर्स को गोली लगी। आईपीएस वसीम अकरम ने बताया कि रवींद्र पर हरियाणा में 6 केस दर्ज हैं। उसके ऊपर सबसे बड़ा केस 2024 में रवि जाटव को भगाने का प्रयास का है। इस दौरान एक पुलिसवाले की मौत हो गई थी। उस घटना में रवींद्र शामिल था। तब से वह फरार था।
2013 बैच के आईपीएस अफसर हैं वसीम
वसीम अकबर हरियाणा कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वह झज्जर में एसपी भी रह चुके हैं। अभी वह हरियाणा एसपी एसटीएफ के पद पर तैनात हैं। इसके अलावा उसके बाद एसपी एसीबी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वसीम अकबर उत्तर प्रदेश के जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व छात्र हैं।
तीन बार में बने आईपीएस
वसीम अकरम ने यूपीएससी एग्जाम तीन बार पास किया। सबसे पहले उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की थी, लेकिन तब उन्हें 966 रैंक के मिली थी और उन्हें आरक्षित सूची में डाल दिया गया था। उन्होंने हार नहीं मानी दूसरी बार एग्जाम दिया और उन्हें 568 रैंक मिली थी। उसके बाद उन्हें ओडिशा में तैनाती मिली थी। हालांकि उन्होंने निराश होने की बजाए फिर यूपीएससी एग्जाम दिया और तीसरी बार में मेन एग्जाम और इंटरव्यू के बाद उन्हें 183 रैंक मिली है।
दूसरी बार भी यूपीएससी क्रैक किया लेकिन...
वसीम अकरम ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 568वीं रैंक के बाद उन्होंने जॉइनिंग कर ली थी। उन्हें ओडिशा के कटक में तैनाती मिली। हालांकि उन्होंने तीसरी बार एग्जाम में बैठने का फैसला किया और अल्लाह का शुक्र है, उन्हें183वीं रैंक मिली।
यूपी के मुरादाबाद के रहने वाले
वसीम अकबर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से बी.टेक किया है। वह एक किसान परिवार से आते हैं। हालांकि उनके पिता ने उनकी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने गांव में ही सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। उसके बाद मुरादाबाद शहर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और फिर दिल्ली आ गए। यहां उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और सफलता हासिल की।
दुनिया एकजुट होकर रोके आतंक का नेटवर्क - हरिश
18 Sep, 2025 04:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वैश्विक समुदाय से अपील की है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा और जैश-ए-मोहम्मद को अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी भी आतंकी गतिविधि के लिए न करने दिया जाए।
भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथानेनी हरिश ने बुधवार को अफगानिस्तान पर हुई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि इन संगठनों और उनके सहयोगियों को रोकने के लिए दुनिया को एकजुट होना होगा।
आतंक पर सख्ती की जरूरत
हरिश ने कहा कि इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा समेत संयुक्त राष्ट्र सूचीबद्ध आतंकी संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल न करें, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर अप्रत्यक्ष रूप से इशारा किया। भारत का कहना है कि अफगानिस्तान में स्थिरता के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक सहमति जरूरी है।
भारत की सक्रिय भूमिका
भारत ने अफगानिस्तान की शांति प्रक्रिया में लगातार भागीदारी की है। दोहा में संयुक्त राष्ट्र की बैठकों से लेकर अन्य मंचों तक भारत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से दो बार बातचीत की है। भारत ने अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले की अफगानिस्तान द्वारा निंदा किए जाने का स्वागत भी किया था।
मानवीय मदद में आगे भारत
अफगानिस्तान में हालिया भूकंप के बाद भारत ने त्वरित मदद भेजी। इसमें 1,000 परिवारों के लिए तंबू, 15 टन खाद्य सामग्री, दवाइयां, कंबल और जनरेटर समेत 21 टन राहत सामग्री शामिल रही। इसके अलावा और सहायता भी जल्द पहुंचाई जाएगी।
तालिबान के 2021 में काबुल पर कब्जे के बाद से भारत अब तक 50,000 टन गेहूं, 330 टन दवाइयां और टीके, 40,000 लीटर कीटनाशक और अन्य आवश्यक सामग्री अफगानिस्तान भेज चुका है। महिलाओं और नशा मुक्ति कार्यक्रमों के लिए भी भारत ने संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर विशेष सहयोग दिया है।
विकास और स्थिरता पर जोर
हरिश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान के हर प्रांत में 500 से ज्यादा विकास परियोजनाएं पूरी कर चुका है। भारत चाहता है कि अफगानिस्तान गरीबी, बीमारी और भुखमरी से बाहर निकलकर शांति और तरक्की की राह पर आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि भारत सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है ताकि अफगानिस्तान में स्थिरता और खुशहाली कायम हो सके।
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