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हाईवे स्टंट का अंजाम: थार और कार में करतब दिखाने वाले युवकों को ACP ने चालान नहीं, बल्कि बीच सड़क पर पुशअप्स कराया
24 Sep, 2025 03:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झज्जर: बहादुरगढ़ के रोहद टोल प्लाजा के पास नेशनल हाइवे पर स्टंटबाजी कर रहे युवाओं को स्टंट करना भारी पड़ गया। एसीपी दिनेश सांगवान ने युवाओं को अनोखी सजा दी है। युवाओं का चालान काटने की बजाय उन्हें जमकर फटकार लगाई और उनसे पुशअप्स भी लगवाए। युवाओं से पुशअप्स लगवाने का वीडियो शोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है।
गाड़ियों से कर रहे थे स्टंटबाजी
एसीपी दिनेश कुमार ने बताया कि रोहतक के रहने वाले कुछ युवक थार और वरना कार में बैठकर स्टंटबाजी कर रहे थे। मामला कल देर शाम है। दौरान गश्त पर निकले एसीपी आसौदा दिनेश सांगवान ने उन्हें रोक लिया। एसीपी ने युवाओं को कड़ी फटकार लगाई और सड़क सुरक्षा का महत्व समझाते हुए हाइवे पर ही पुशअप्स करवाई। उन्होंने युवाओं को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और स्टंटबाजी से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। एसीपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह की हरकतें न केवल उनकी जान के लिए खतरनाक हैं बल्कि सड़क पर अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा ऐसा करते पकड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसीपी दिनेश कुमार अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर
हम आपको बता दें कि एसीपी दिनेश कुमार अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर है। वे लगातार 10 साल तक बॉक्सिंग के नेशनल चैम्पियन रहे हैं। इतना ही नहीं 2010 में उन्होंने कामल्वेल्थ गेम्स में गोल्ड मैडल हासिल किया था। वे पिछले काफी समय से बहादुरगढ़ में बतौर एसीपी तैनात हैं। उन्होंने इंस्पेक्टर रहते हुए भी बहादुरगढ़ में बतौर ट्रैफिक एसएचओ सेवाएं दी थी। एसीपी दिनेश कुमार समय समय पर पटाखा बुलेट मोटरसाइकिल और ट्रैफिक नियमों का उलंघन करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलते रहते हैं और युवाओं को अनोखे तरीके से सबक सिखाते रहते है।
वंदे भारत ट्रेन के सामने बाइक सवार की अचानक एंट्री, यात्रियों ने अनुभव किया खतरनाक पल
24 Sep, 2025 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत : दिल्ली-पानीपत रेलवे लाइन पर अगवानपुर फाटक के पास बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बन्द फाटक पार करते समय एक बाइक वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ गई ओर ट्रेन के अगले हिस्से में फंस गई। जिसके बाद करीब 30 मिनट ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची ओर बाइक को ट्रेन के अगले हिस्से से निकाल ट्रेन को रवाना किया। बता दें कि गन्नौर रेलवे स्टेशन के नजदीक अगवानपुर फाटक लंबे समय से बंद है और यहां आरओबी का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बावजूद दोपहिया चालक जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते हैं। लापरवाही के चलते यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कड़ी निगरानी और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार करीब 6 बजे एक युवक बाइक पर बंद फाटक पार करने का प्रयास कर रहा था। जब वह लाइन पर पहुंचा तो इस दौरान दिल्ली की ओर से तेज रफ्तार से आ रही वंदे भारत ट्रेन को नजदीक देख उसने छलांग लगाई और किसी तरह अपनी जान बचा ली। बाइक इंजन के अगले हिस्से में फस गई। इस बीच वंदे भारत ट्रेन के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए। इसके बावजूद ट्रेन बाइक को लगभग 500 मीटर तक घसीटते हुए ले गई, जिससे बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद ट्रेन स्टेशन पर रुक गई और वह करीब 30 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। इस दौरान यात्रियों में भी हड़कंप की स्थिति बनी रही।
बाइक को कब्जे में लिया
सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस और सोनीपत से तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेन के अगले हिस्से में फंसी बाइक को बाहर निकाला और तकनीकी खामी को दूर किया गया। इसके बाद ट्रेन को अंबाला की ओर रवाना किया गया। गनीमत रही कि बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना के बाद बाइक चालक मौके से फरार हो गया। जीआरपी ने क्षतिग्रस्त बाइक अपने कब्जे में ले ली है। इस संबंध में जीआरपी चौकी इंचार्ज नरेश कुमारी ने बताया कि जीआरपी ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर बाइक चालक का पता लगा कर जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पशुपालक चिंतित: हिसार में 20 गायों की मौत, हलवा और पूड़ी के कारण होने की संभावना पर वैज्ञानिक कर रहे जांच
24 Sep, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार: हरियाणा के हिसार में पिछले तीन दिनों में 20 से अधिक गायें मृत पाई गईं। ये खुली छोड़ दी गई गायें थीं और इनकी मौत का कारण लोगों द्वारा दी जाने वाली पूड़ी, हलवा जैसी खाद्य सामग्री के अत्यधिक सेवन से उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को माना जा रहा है। 'गौ सेवा हेल्पलाइन समिति', हिसार के संस्थापक निदेशक सीता राम सिंघल ने बताया कि त्योहारों के दौरान कई लोग यह सोचकर गायों को ऐसे खाद्य पदार्थ खिलाते हैं कि वे पुण्य का काम कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में ये गायों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होते हैं।
सिंघल का एनजीओ पिछले कई वर्षों से ऐसी गायों की देखभाल कर रहा है जिन्हें खुला छोड़ दिया जाता है। साथ ही यह एनजीओ बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों का पशु चिकित्सकों से इलाज भी कराता है। सिंघल ने बताया कि हिसार शहर में खुली छोड़ दी गईं गायों में से औसतन प्रतिदिन केवल एक या दो गायों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि इसमें जानवर की मृत्यु या तो प्राकृतिक कारणों से हुई होगी, या वह बीमार थीं या उनकी मृत्यु किसी दुर्घटना के कारण हुई होगी। उन्होंने बताया कि हालांकि, पिछले तीन दिनों में शहर के विभिन्न हिस्सों में 20 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है।
हलवा और पूरी जैसी चीजें खाने से हुई मौत
उनकी मौत संभवतः हलवा और पूड़ी जैसी चीजें खाने से हुई हैं, जिससे उनमें ‘एसिडोसिस’ जैसी जटिलताएं उत्पन्न हो जाती हैं और अंततः उनकी मौत हो जाती है। गायों की मौत महावीर कॉलोनी, पीएलए क्षेत्र, सेक्टर 14, मिर्जापुर रोड, शांति नगर क्षेत्र, मिल गेट क्षेत्र और अन्य स्थानों पर हुई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोच सकते हैं कि सिर्फ एक पूड़ी या थोड़ा सा हलवा खिलाने से गाय को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन वे यह नहीं जानते कि जानवर पहले ही अधिक खा चुका होगा क्योंकि अन्य लोगों ने भी ऐसी गायों को ये चीजें खिलाई होंगी।
जानलेवा साबित होता अधिक मात्रा में तला हुआ खाना
सिंघल ने कहा कि जब गायें अधिक मात्रा में तला हुआ खाना खा लेती हैं, तो कुछ समय बाद ये पच नहीं पाता और उनके लिए जानलेवा साबित होता है। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. नीलेश सिंधु ने कहा, 'पूड़ी और हलवा जैसे तले हुए खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन पशुओं में जटिलताएं उत्पन्न करता है... समय पर उपचार न मिलने पर उनकी मृत्यु हो जाती है।' उन्होंने सलाह दी कि पशुओं को उनका मूल आहार - हरा चारा और भूसा - ही खिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी और हलवा जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ खिलाने से बचें, क्योंकि ये पशुओं के लिए हानिकारक हैं।
हरियाणा पुलिस ने 9 साल के मासूम पर अत्याचार करने वाले मौलवी को दबोचा, मामला उजागर होते ही इलाके में खलबली
24 Sep, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत: हरियाणा के पानीपत जिले की एक मस्जिद में 9 साल के बच्चे को मौलवी ने बुरी तरह पीटा। मौलवी ने बच्चे के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और लगातार 4 घंटे तक डंडे बरसाता रहा। बच्चे का कसूर सिर्फ इतना था कि वह एक दिन तालीम लेने के लिए मस्जिद नहीं आया था। बच्चा जब घर नहीं लौटा तो मां व मामा उसे ढूंढते हुए मस्जिद पहुंचे। वहां अन्य बच्चों से पूछा, लेकिन किसी को उसका पता नहीं था। परिवार वाले मौलवी के कार्यालय में गए। बच्चे को बांधकर एक तरफ गिराया हुआ था। बच्चे के शरीर पर काफी चोट के निशान थे। मौलवी मस्जिद से भाग चुका था। इसके बाद बच्चे को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। पिता मोहम्मद अंसारी ने बताया कि वह जमींदार के पास ट्रैक्टर चलाने का काम करता है। सोमवार शाम को उसके पास घर से फोन आया। जिन्होंने बताया कि बच्चे की हालत ज्यादा खराब है, उसे मस्जिद में इमाम ने डंडों से खूब पीटा है। सूचना मिलने के बाद वह तुरंत घर पहुंचा। इसके बाद वे बच्चे की हालत को देखते हुए तुरंत सिविल अस्पताल लाए।
तालीन लेने नहीं आया तो भड़का
9 साल के बेटे ने परिवार वालों को बताया कि वह रविवार को तालीम लेने मस्जिद नहीं गया था। जैसे ही वह सोमवार दोपहर 3 बजे मस्जिद पहुंचा, तो वहां मौजूद मौलवी ने उसे ये कहते हुए पीटना शुरू कर दिया कि वह कल क्यों नहीं आया था। बच्चे ने परिवार वालों को बताया कि इमाम ने उसे तब से लेकर शाम 7 बजे तक रस्सी से हाथ-पैर बांधे रखे। इसके बाद वह उसे लगातार डंडों से पीटता रहा। उसके शरीर के कई हिस्सों पर उसने डंडे मारे।
यूपी में पढ़ता था बच्चा, 10 दिन पहले गांव लाए
पिता ने बताया कि बच्चा यहां से पहले उत्तर प्रदेश में पढ़ता था। उसे 10 दिन पहले ही गांव से यहां लाए हैं। यहां वह पसीन गांव स्थित मस्जिद में तालीम के लिए जा रहा था। वह रोजाना दोपहर 3 बजे जाता था और शाम 5 बजे घर लौट आता था, लेकिन सोमवार को वह निर्धारित समय पर वापस नहीं आया। मोहम्मद ने बताया कि शाम करीब 7 बजे काम से लौटी मां ने जब उसे घर पर नहीं देखा, तो वह उसकी तलाश में निकल पड़ी। वह सबसे पहले मस्जिद ही पहुंची। जहां पहुंच कर देखा कि वहां कोई भी बच्चा नहीं था, लेकिन वहां मौजूद लोगों से बच्चे के बारे में पूछा गया, तो किसी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
बच्चे को ले जाया गया अस्पताल
इसके बाद उन्होंने वहां मौलवी को ढूंढना चाहा, लेकिन वह भी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि ढूंढते-ढूंढते उसकी पत्नी मौलवी आलीशान के कार्यालय में गई। जहां देखा कि बच्चा फर्श पर हाथ-पैर बंधे हुए पड़ा था। उसका रो-रोककर बुरा हाल था। मां को देखते ही उसने कहा कि मेरे हाथ-पैर खोल दो। इसके बाद रस्सियां खोली गईं। फिर तुरंत उसे अस्पताल ले गए।
पीओके हमारा होगा वाले राजनाथ के बयान का रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने किया समर्थन
24 Sep, 2025 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किए गए पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) पर दिए गए हालिया बयान ने दक्षिण एशिया के राजनीतिक मानचित्र पर नई हलचल पैदा कर दी है। राजनाथ सिंह ने कहा था कि पीओके अपने आप भारत का होगा और इस पर वहां कुछ जगहों पर मांगें उठने लगी हैं, इसी बयान का रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान नामक बलूच गुट ने खुले तौर पर स्वागत और समर्थन किया है।
मोरक्को में प्रवासी भारतीयों से बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि पीओके में आवाजें उठ रही हैं और समय के साथ यह इलाका फिर से भारत के संपर्क में आ सकता है। इस बयान को पाकिस्तान में कई अलगाववादी और क्षेत्रीय नेताओं ने उत्साह से लिया है। बलूच नेताओं ने सोशल मीडिया पर यह संदेश भेजा कि वे भारत के इस रुख़ का स्वागत करते हैं और इसे तहे दिल से समर्थन देते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के एक प्रमुख नेता मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, कि उनका संगठन राजनाथ सिंह के कथन से प्रेरित है और वे भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। बयान में यह भी कहा गया कि पीओके का भारत में फिर से एकीकरण न केवल ऐतिहासिक रूप से उचित है बल्कि इससे स्थानीय लोगों की दशकों से चली आ रही पीड़ा और पाकिस्तान के दमनकारी शासन को चुनौती मिल सकती है। इस बयान में यह भी दावा किया गया है कि यदि पीओके का पुन: एकीकरण होता है तो इससे सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान के छद्म युद्धों के नेटवर्क पर भी प्रभाव पड़ेगा। बलूच नेताओं ने भारतीय सरकार की प्रशंसा की और अनुच्छेद 370 के निरसन का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे निर्णय अन्य राष्ट्रों को प्रेरित कर सकते हैं।
इस्लामाबाद की बढ़ी चिंता
राजनाथ सिंह के बयान और बलूच समर्थन ने पाकिस्तान की राजधानी में चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान में यह कहा जा रहा है कि ऐसे बयानों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकते हैं, जबकि भारत ने सार्वजनिक तौर पर बलूचों को कभी मंजूरी या सैन्य मदद का स्वीकृति नहीं दी है, पर बलूच नेताओं के खुलकर समर्थन से द्विपक्षीय रिश्तों में ज्वलंत राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि बलूचिस्तान सहित पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में लंबे समय से अलगाववादी रुझान और लोक-असंतोष मौजूद हैं; आर्थिक दबाव और सुरक्षा कार्रवाई भी स्थानीय संवेदनशीलताओं को बढ़ा देती हैं। ऐसे संवेदनशील संदर्भ में किसी बड़े नेता के बयान का असल प्रभाव जमीन पर निर्भर करेगा, सार्वजनिक समर्थन, स्थानीय राजनीतिक गतिशीलता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया मिलकर दिशा तय करेंगे।
अमरुल्लाह सालेह की चेतावनी: पाकिस्तान के टुकड़े होना हो गया शुरू
24 Sep, 2025 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में हालिया बमबारी इस बात की शुरुआत है कि पाकिस्तान अब बिखरने की ओर बढ़ रहा है।
पूर्व उपराष्ट्रपति सालेह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि अगर पाकिस्तानी वायुसेना ने पंजाब में 23 नागरिकों को मार डाला होता तो क्या होता? खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाकों में नागरिकों पर बम गिराए गए, जिनमें 30 लोग मारे गए। यह पाकिस्तान के टूटने की शुरुआत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान का उर्दू और अंग्रेजी मीडिया इस घटना पर चुप है और कबाइली इलाकों की उपेक्षा करता रहा है। सालेह ने टीटीपी और अफगान तालिबान को पाकिस्तान की पैदाइश का जहर बताया। उन्होंने कहा, कि पाकिस्तानी सेना के पास इस जहर की काट है, लेकिन वह एफ-16 विमानों से नागरिकों पर बम गिराना नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, कि उन्हें अफगान लोगों से 2020 में आतंकवाद की प्रशंसा में दिए गए बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। सालेह की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान आतंरिक अस्थिरता, आतंकवादी हमलों और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
खैबर खख्तूनख्वा में बमबारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार तड़के पाकिस्तानी वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी में एक गांव पर बमबारी की। इसमें लगभग 30 लोग मारे गए। पाकिस्तान ने दावा किया कि हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के बम बनाने वाले ठिकाने पर किया गया। इसके लिए चीन निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल हुआ। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि निशाना आम नागरिकों के घर बने। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी उसके सैनिकों और नागरिकों पर लगातार हमले कर रहा है और अफगान तालिबान उसे संरक्षण दे रहा है।
ट्रंप प्रशासन के एच-1बी वीजा आदेश में डॉक्टरों और मेडिकल रेजिडेंट्स को मिल सकती हैं राहत
24 Sep, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से पेश किए गए एच-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) की नई फीस ने आईटी और मेडिकल सेक्टर में भूचाल ला दिया है। इस बीच अमेरिका से भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए कुछ हद तक राहत वाली खबर आई है। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि डॉक्टरों और मेडिकल रेजिडेंट्स को भारी-भरकम फीस से छूट दी जा सकती है। व्हाइट हाउस प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा, ‘प्रोक्लेमेशन में संभावित छूट का प्रावधान है, इसमें डॉक्टर और मेडिकल रेजिडेंट्स शामिल हो सकते हैं। दरअसल, इस फीस को लेकर अमेरिकी मेडिकल संगठनों ने चेतावनी दी थी कि इससे विदेशी डॉक्टरों का आना रुक जाएगा, खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में जहां मरीज पहले से ही डॉक्टरों की कमी झेल रहे हैं।
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष बॉबी मुक्कामला ने फैसले को भयावक बताकर कहा कि ‘यह फैसला मरीजों की जिंदगी पर सीधा असर डाल सकता है। ट्रंप प्रशासन ने बीते हफ्ते एच-1बी वीजा की फीस को कई गुना बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके पीछे दलील दी गई कि केवल असाधारण स्किल वाले प्रोफेशनल्स को ही अब वीजा मिलना चाहिए, ताकि कंपनियां सस्ते विदेशी कर्मचारियों को रखकर अमेरिकी कर्मचारियों को बाहर न करें। अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने इस ‘जरूरी सुधार’ बताकर कहा कि पहले वीजा पॉलिसी से औसत से कम वेतन पाने वाले कर्मचारी अमेरिका में बस जाते थे और सरकारी मदद पर निर्भर हो जाते थे।
लेकिन फैसले का सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, 71 प्रतिशत एच-1बी वीजा धारक भारतीय हैं। इसमें से ज्यादातर आईटी सेक्टर में काम करते हैं और बड़ी कंपनियां जैसे इंफोसिस, विप्रो, कॉग्निजेंट और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) इसी वीजा प्रोग्राम के ज़रिए अपने इंजीनियर्स अमेरिका भेजती हैं। अब नए नियमों के बाद, कंपनियों को हर तीन साल (वीजा अवधि) पर एक कर्मचारी के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। यह भारत की 250 अरब डॉलर की आईटी इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही यह खबर आई, अमेरिका में लिस्टेड भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर 2 से 5 प्रतिशत तक गिर गए। आईटी विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह नियम सख्ती से लागू हुआ, तब भारतीय टैलेंट की अमेरिका में मौजूदगी पर गहरा असर पड़ेगा। वहीं, ट्रंप का कहना है कि इस फीस से अमेरिका को 100 अरब डॉलर से ज्यादा की आमदनी होगी, जो राष्ट्रीय कर्ज कम करने और टैक्स घटाने में मदद करेगी।
बढ़ता तापमान पूरी दुनिया के लिए बना खतरा
24 Sep, 2025 08:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बार्सिलोना । यूरोप में 2024 की गर्मी ने बहुत तबाही मचाई। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक गर्मी से जुड़ी वजहों से 62700 से ज्यादा लोग मर गए। यह रिपोर्ट सोमवार को नेचर मेडिसिन जर्नल में छपी। इसमें महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ (आईएसग्लोबल) के शोधकर्ताओं ने 32 यूरोपीय देशों से रोजाना मौतों का डेटा लिया। 2022 से 2024 की गर्मियों में कुल 181,000 से ज्यादा मौतें गर्मी से हुईं।
1 जून से 30 सितंबर 2024 तक मौतों की दर पिछले साल से 23 प्रतिशत बढ़ गई। लेकिन कुल मौतें 2022 की 67900 से थोड़ी कम रहीं। स्टडी के मुख्य लेखक टोमास जानोस ने कहा कि यह आंकड़ा हमें बता रहा है कि हमें अपनी आबादी को गर्मी से बचाने की तैयारी शुरू करनी चाहिए। यूरोपीय संघ की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार, 2024 की गर्मी यूरोप की अब तक की सबसे गर्म गर्मी थी। अनुमानित मौतों में से दो-तिहाई दक्षिणी यूरोप में हुईं। इटली में सबसे ज्यादा मौतें रहीं, क्योंकि वहां बुजुर्गों की आबादी सबसे बड़ी है। तीनों गर्मियों में तापमान बहुत ऊंचा रहा।
2025 में भी खतरा जारी
हालांकि स्टडी 2025 को शामिल नहीं करती, लेकिन इटली की इमरजेंसी मेडिसिन सोसाइटी ने कहा कि इस साल चरम तापमान पर कुछ इलाकों में इमरजेंसी रूम में आने वालों की संख्या 20त्न तक बढ़ गई। इससे पता चलता है कि बुजुर्गों के लिए गर्मी का खतरा अभी भी बना हुआ है। सिम्यू (इटली की इमरजेंसी मेडिसिन सोसाइटी) के अध्यक्ष एलेसांद्रो रिकार्डी ने रॉयटर्स को बताया कि वे मरीज जो पहले से कमजोर थे और कई बीमारियों से जूझ रहे थे, उन्हें ज्यादा अस्पताल की जरूरत पड़ी। इससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ा, जैसे फ्लू के मौसम में होता है।
गर्मी से बचाव के उपाय
यूरोपीय हेल्थ अथॉरिटी अब हीटवेव (लंबी गर्मी) की चेतावनी देती हैं। लेकिन देशों के हिसाब से हीटवेव की परिभाषा अलग-अलग है। जानोस ने कहा कि कुछ जगहों पर 24 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी मौतों का असर दिखता है, खासकर कमजोर लोगों पर। यूरोपीय एनवायरनमेंट एजेंसी के अधिकारी जेरार्डो सांचेज ने कहा कि गर्मी से मौतों के आंकड़ों को देखते हुए हमें लंबे समय के निवेश की जरूरत है। इमारतों को बेहतर बनाएं। कूलिंग सिस्टम को सबके लिए उपलब्ध कराएं। वे डब्ल्यूएचओ की हीट हेल्थ गाइडलाइंस को अपडेट करने वाली टीम का हिस्सा हैं। सांचेज का मानना है कि गर्मी से बचाव एक जरूरी दवा जैसा होना चाहिए। यह रिपोर्ट दिखाती है कि जलवायु परिवर्तन से गर्मी का खतरा बढ़ रहा है। यूरोप को अब ज्यादा मजबूत प्लान बनाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी मौतें कम हों।
पीओके हमारा होगा वाले राजनाथ के बयान का रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने किया समर्थन
23 Sep, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किए गए पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) पर दिए गए हालिया बयान ने दक्षिण एशिया के राजनीतिक मानचित्र पर नई हलचल पैदा कर दी है। राजनाथ सिंह ने कहा था कि पीओके अपने आप भारत का होगा और इस पर वहां कुछ जगहों पर मांगें उठने लगी हैं, इसी बयान का रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान नामक बलूच गुट ने खुले तौर पर स्वागत और समर्थन किया है।
मोरक्को में प्रवासी भारतीयों से बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि पीओके में आवाजें उठ रही हैं और समय के साथ यह इलाका फिर से भारत के संपर्क में आ सकता है। इस बयान को पाकिस्तान में कई अलगाववादी और क्षेत्रीय नेताओं ने उत्साह से लिया है। बलूच नेताओं ने सोशल मीडिया पर यह संदेश भेजा कि वे भारत के इस रुख़ का स्वागत करते हैं और इसे तहे दिल से समर्थन देते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के एक प्रमुख नेता मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, कि उनका संगठन राजनाथ सिंह के कथन से प्रेरित है और वे भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। बयान में यह भी कहा गया कि पीओके का भारत में फिर से एकीकरण न केवल ऐतिहासिक रूप से उचित है बल्कि इससे स्थानीय लोगों की दशकों से चली आ रही पीड़ा और पाकिस्तान के दमनकारी शासन को चुनौती मिल सकती है। इस बयान में यह भी दावा किया गया है कि यदि पीओके का पुन: एकीकरण होता है तो इससे सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान के छद्म युद्धों के नेटवर्क पर भी प्रभाव पड़ेगा। बलूच नेताओं ने भारतीय सरकार की प्रशंसा की और अनुच्छेद 370 के निरसन का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे निर्णय अन्य राष्ट्रों को प्रेरित कर सकते हैं।
इस्लामाबाद की बढ़ी चिंता
राजनाथ सिंह के बयान और बलूच समर्थन ने पाकिस्तान की राजधानी में चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान में यह कहा जा रहा है कि ऐसे बयानों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकते हैं, जबकि भारत ने सार्वजनिक तौर पर बलूचों को कभी मंजूरी या सैन्य मदद का स्वीकृति नहीं दी है, पर बलूच नेताओं के खुलकर समर्थन से द्विपक्षीय रिश्तों में ज्वलंत राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि बलूचिस्तान सहित पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में लंबे समय से अलगाववादी रुझान और लोक-असंतोष मौजूद हैं; आर्थिक दबाव और सुरक्षा कार्रवाई भी स्थानीय संवेदनशीलताओं को बढ़ा देती हैं। ऐसे संवेदनशील संदर्भ में किसी बड़े नेता के बयान का असल प्रभाव जमीन पर निर्भर करेगा, सार्वजनिक समर्थन, स्थानीय राजनीतिक गतिशीलता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया मिलकर दिशा तय करेंगे।
उठने लगी तबाही की लहरें, बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा गति से दौड़ रहा है सुपर टाइफून तूफान
23 Sep, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । फिलिपींस, ताइवान और चीन में सुपर टायफून ‘रागासा’ का खतरा मंडरा रहा है। सोमवार दोपहर, तूफान फिलिपींस के कगायन प्रांत के पनुइतान द्वीप से टकराया। इसकी वजह से कई जगहों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई और अपायाओ प्रांत में पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
अब यह तूफान बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा गति से ताइवान और हांग कांग की तरफ बढ़ रहा है। ऊंची लहरें भी उठती नजर आ रही हैं। तूफान ताइवान और हांगकांग के दक्षिणी हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। ताइवान के तैतुंग और पिंगतुंग काउंटी में स्कूल और दफ्तर बंद कर दिए गए। कई द्वीपों के लिए उड़ानें और फेरी सेवाएं भी रद्द की गईं। चीन के दक्षिण-पूर्वी प्रांत फुजियान और गुआंगदोंग में बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। शेन्जेन शहर से करीब 4 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने की योजना है। मंगलवार रात से शेन्जेन हवाई अड्डे पर उड़ानें रोक दी जाएंगी। हांगकांग में मंगलवार शाम 6 बजे के बाद हवाई सेवाओं पर असर पड़ेगा और 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने की संभावना है।
सोमवार को आए इस भीषण तूफान ने हजारों लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचने के लिए मजबूर कर दिया। स्कूल, दफ्तर और हवाई सेवाएं बंद कर दी गईं, जबकि तटीय इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट जारी किया गया है। फिलिपींस मौसम एजेंसी के मुताबिक, रागासा की रफ्तार 215 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जबकि झोंकों की रफ्तार 295 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही। इतना तेज तूफान फिलिपींस में ‘सुपर टायफून’ की श्रेणी में रखा जाता है।राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने राजधानी मनीला समेत उत्तरी लूजोन के 29 प्रांतों में सरकारी कामकाज और कक्षाएं निलंबित कर दीं। अब तक 8,200 से अधिक लोगों को कगायन से सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 1,200 से ज्यादा लोग इमरजेंसी शेल्टर में पहुंचे। फिलिपींस में घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं और मछली पकड़ने वाली नौकाओं व फेरी सेवाओं को समुद्र में उतरने से रोक दिया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि अगले 24 घंटे में 3 मीटर से ज्यादा ऊंची लहरें आ सकती हैं, जो तटीय गांवों के लिए तबाही साबित होंगी। वहीं, मकाऊ और हांगकांग में सभी स्कूल दो दिन तक बंद रहेंगे। यह तूफान इस साल फिलिपींस में आने वाला 14वां बड़ा मौसमीय संकट है। चीन के मौसम विभाग का अनुमान है कि रागासा गुआंगदोंग प्रांत में एक से ज्यादा बार लैंडफॉल कर सकता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे जरूरी सामान जमा कर लें, खिड़कियां-दरवाजे मजबूत करें और अंडरग्राउंड इलाकों को खाली कर दें। तूफान के असर से अगले दो दिनों तक फिलिपींस, ताइवान, हांगकांग और चीन के कई तटीय शहरों में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है।
अब ट्रंप ने प्रेग्नेंट महिलाओं को ऐसी कौन सी सलाह दी.....जिस पर हो गया विवाद
23 Sep, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेग्नेंट महिलाओं को ऐसी सलाह दे डाली है इस लेकर विवाद हो गया है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से कहा है कि वे एसिटिमिनोफेन (टाइलेनॉल या फिर पेरासिटामोल) का सीमित ही इस्तेमाल करें नहीं तब इससे बच्चों में ऑटिजम का खतरा बढ़ सकता है। बता दें कि ऑटिजम एक तरह के व्यावहारिक विकार को कहा जाता है। इसमें बच्चें खुद को लेकर सीमित हो जाते हैं और वे दूसरों से संपर्क नहीं रखना चाहते। वहीं इस समस्या का कोई इलाज भी नहीं है।
अमेरिका के स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर के नेतृत्व में कई महीनों तक शोध हुआ। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अगर महिलाएं ज्यादा पेरासिटीमॉल का इस्तेमाल करती हैं, तब बच्चों में ऑटिजम का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिकों ने उनके दावे का खंडन कर रहे है।
बता दें कि डॉक्टर बुखार, दर्द या फिर अन्य छोटी-मोटी दिक्कतों में प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामॉल को ही सबसे सुरक्षित मानते हैं। वहीं ट्रंप का कहना है कि पेरासिटामॉल या फिर टाइलेनॉल लेना ठीक नहीं है। ट्रंप ने कहा कि महिलाओं को हल्के-फुल्के बुखार में टाइलेनॉल नहीं लेना चाहिए।
ट्रंप ने अमेरिका में आम तौर पर दिए जाने वाली वैक्सीन के शेड्यूल में भी बदलाव की बात कही है। उन्होंने कहा कि समझ से बाहर है कि हर बच्चे को हेपैटाइटिस बी का टीका क्यों लग रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को 12 साल का होने देना चाहिए। ज्यादातर जानकारों का कहना है कि मां से बच्चे में ट्रांसफर होने वाली बीमारियों, लिवर इन्फेक्शन या फिर कैंसर को रोकने के लिए जन्म के एक दिन के बाद ही बच्चों को वैक्सीन लगाई जाती है।
ट्रंप ने कहा कि वैक्सीन शॉट्स में मौजूद तत्व भी ऑटिजम को बढ़ावा दे कते हैं। हालांकि इसके चिकित्सकीय प्रमाण नहीं हैं। ट्रंप ने कहा कि एफडीए जल्द ही डॉक्टरों को गर्भावस्था के दौरान टाइलेनॉल को कम करने के लिए नोटिस भेजेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑटिजम अनुवांशिक या फिर पर्यावरणीय कारकों से होता है। ऐसे में इसे पेरासिटामॉल से जोड़ना उचित नहीं है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप कोरोना महामारी के दौरान भी बिन सिर पैर के बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि कीटाणुनाशनक इंजेक्शन देने से भी कोरोना पर काबू किया जा सकता है।
हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 23 से 25 सितंबर तक रहेगा बंद
23 Sep, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हांगकांग । हांगकांग में आने वाले सुपर टाइफून साओला के कारण हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 36 घंटे के लिए सभी यात्री उड़ानों के लिए बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने इसकी जानकारी दी। हवाई अड्डा 23 शाम 8 बजे से 25 सितंबर सुबह 8 बजे तक बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने प्रभावित यात्रियों से संपर्क करने का भी वादा किया है। हांगकांग की वेधशाला ने बताया कि मौसम में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। मंगलवार को दोपहर में न्यूनतम स्तर का टाइफून सिग्नल जारी किया गया, जिसे शाम 8 से 10 बजे के बीच दूसरे उच्चतम स्तर तक बढ़ाया जाएगा। मंगलवार से तेज हवाएँ और तूफानी हालत शहर में पहुंच सकती हैं।
समुद्र से आने वाली हवाएँ उच्च इलाकों में हरिकेन जैसी ताकत तक पहुँच सकती हैं। लोग आवश्यक सामान का स्टॉक कर रहे हैं; सुपरमार्केट में लंबी कतारें लग रही हैं, दूध जैसे जरूरी सामान तेजी से बिक रहे हैं। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों को अपने एयरलाइन से उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। उड़ानों की निलंबन केवल सुरक्षा के लिए है ताकि यात्री और एयरपोर्ट स्टाफ सुरक्षित रहें। आपातकालीन सेवाएँ हाई अलर्ट पर हैं। तूफान के दौरान स्कूल और व्यवसाय बंद रहने की संभावना है। तूफान के गुजरने के बाद ही हवाई अड्डा सामान्य संचालन फिर से शुरू करेगा।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अधिकारिक चैनलों और एयरलाइन अपडेट्स से नियमित जानकारी लेते रहें।
बार-बार टच कर महिला मरीज को परेशान किया, हरियाणा प्राइवेट अस्पताल में ICU की घटना ने मचाया हड़कंप
23 Sep, 2025 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैथल: हरियाणा के कैथल जिले के एक प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में एक महिला मरीज के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। इस घटना के तुरंत बाद अस्पताल में हंगामा मच गया और पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, राजौंद निवासी एक व्यक्ति अपनी पत्नी को इलाज के लिए सिग्नस अस्पताल लाया था। महिला का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया था। पीड़िता ने सुबह अपने पति को बताया कि रात के समय अस्पताल का एक कर्मचारी आशीष उसके साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ कर रहा था। इसके बाद परिवार वालों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई भी की। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा और आरोपी कर्मचारी को हिरासत में लिया गया। परिजनों ने बताया कि महिला की डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत हो गई थी और वह अस्पताल में इलाज करा रही थी। थाना सिविल लाइन्स के एसएचओ ने कहा कि पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है और मामला दर्ज कर लिया जाएगा। डीएसपी गुरविंदर सिंह भी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार, अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया।
क्या बोला अस्पताल प्रशासन
सिग्नस अस्पताल के जनरल मैनेजर सुरेंद्र केंदल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल किसी भी दोषी कर्मचारी का समर्थन नहीं करेगा और जांच में दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इससे पहले गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भी आईसीयू में एयर होस्टेस के साथ इसी तरह छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। उस मामले में भी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
हरियाणा पुलिस ने दिखाई धाकड़ चाल, टांग प्लास्टर में और हाथों में चेन वाले बदमाश से कराई रंगदारी का राज़ उजागर
23 Sep, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले में पुलिस का अनोखा और सख्त स्टाइल देखने को मिला। 13 सितंबर को साढ़ौरा में एक घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले बदमाश को पुलिस द्वारा टांग पर चोट लगने के बावजूद चेन से बांधकर सीधे मौके पर निशानदेही के लिए लाया गया। आरोपी की टांग पर पलास्टर था, जिससे वह खड़ा भी नहीं हो पा रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे चेन में बांधकर बैठे बैठे ही गलियों में चलवाया। आरोपी बदमाश ने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस घर पर वह बाइक पर सवार होकर दहशत फैलाने आया था, वहां पुलिस उसे इस तरह लाएगी।
सख्ती और कड़ा संदेश जरूरी: पुलिस
कुछ लोगों को यह हरियाणा पुलिस का रवैया असामान्य लग सकता है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि विदेशों में बैठे गैंगस्टर नौजवानों को विदेश भेजने का लालच देकर अपराध की दुनिया में खींच रहे हैं। ऐसे में यह कार्रवाई उन नौजवानों के लिए सीधा सबक है, जो अपराध की चमक-दमक में फंसने की सोच रहे हैं। बहरहाल यमुनानगर पुलिस की यह अनोखी कार्रवाई दिखाती है कि कानून से कोई बच नहीं सकता, और अपराध की दुनिया में कदम रखने वालों के लिए सख्ती और संदेश दोनों जरूरी हैं।
बदमाश ने क्या बताया
पकड़े गए बदमाश का नाम साहिल है। साहिल ने बताया कि वेंकट गर्ग ने उससे संपर्क किया था। 6 महीने से हम एक दूसरे के संपर्क में थे। साढोरा थाने के जांच अधिकारी अरुण ने बताया कि आजकल युवा विदेश जाने के नाम पर और थोड़े से पैसे के लिए विदेश में बैठे गैंगस्टर की चंगुल में फंस जाते हैं और फायरिंग की घटना को अंजाम देते हैं।
वृंदावन से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर पर थार चढ़ाने का सनसनीखेज मामला, हरियाणा पुलिस के SSP ड्राइवर की करतूत
23 Sep, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: एक बार फिर शहर में रोडरेज की घटना में एक की जान चली गई। आरोप है कि थार सवार प्रॉपर्टी डीलर को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना रविवार देर रात की है। प्रॉपर्टी डीलर अपने साथियों के साथ बाइक से वृंदावन घूमकर घर लौट रहे थे। सेक्टर-12 टाउन पार्क के पास थार उनकी बाइक से टकरा गई। इसी बात को विरोध करने पर उनके ऊपर कार चढ़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने जानबूझकर प्रॉपर्टी डीलर को कुचला है। परिजनों की शिकायत पर थाना सेंट्रल पुलिस ने अज्ञात थार चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। जांच में पता चला है कि थार फरीदाबाद सराय के एसएसपी राजेश कुमार लोहान के नाम पर रजिस्टर्ड है। उनका ड्राइवर इसे चला रहा था।
सेक्टर 11/12 डिवाइडिंग रोड से शुरू हुआ विवाद
प्रॉपर्टी डीलर मनोज कुमार नंगला एंक्लेव पार्ट दो में रहते थे। उनके छोटे भाई विक्की कुमार डबुआ सब्जी मंडी में आढ़त का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह तीन भाई हैं। बीच का भाई कुमार अपने दोस्तों के साथ 21 सितंबर शनिवार को वृंदावन मंदिर घूमने के लिए गए थे। उनके साथ दोस्त भी थे। वापसी में रात अधिक होने के कारण वह अपने दोस्त प्रवेश की बाईपास रोड के पास सेक्टर-9 में दुकान पर रुक गए।
बाइक में टक्कर मारकर दी गाली
विक्की ने बताया कि रात करीब एक बजे भाई का दोस्त नवदीप और अमन बाइक से खाना लेने धर्मा ढाबा जा रहे थे। सेक्टर 13 कट के पास पहुंचे तो पीछे से तेज रफ्तार थार ने उनकी बाइक की ओर कट मारा, जिससे कुछ दूर जाकर साइड में उन्होंने बाइख रोकी। इसके बाद नवदीप और अमन बाइक लेकर बढ़े तो आरोपी गाली देने लगे।
कार में तीन चार लोगे थे सवार
पीड़ित परिवार ने बताया कि मनोज के साथी नवदीप और अपनी बाइक लेकर चुपचाप चल पड़े। थार गाड़ी वाले ने भी अपनी गाड़ी को धीरे-धीरे आगे बढ़ा लिया। गाड़ी के अंदर 3 से 4 लोग सवार थे। उनमें से एक ने कहा कि ये अब भी हमारी तरफ देख रहा है। मार इमसें सीधी टक्कर। भाई के दोस्तों ने बाइक को लेकर निकलना चाहा तो थार चालक उनकी बाइक में साइड से टक्कर मार रहा था। वो सेक्टर 12 की तरफ मुड़े और कुछ देर वहीं खड़े रहे। इतनी देर में नवदीप और अमन के साथ गए भाई मनोज और उनके साथी भी पहुंच गए। उन्होंने गाड़ी रोककर नवदीप और अमन से रुकने का कारण पूछा तो उन्होंने सारी बातें बताई। दोस्तो की बातें सुनकर मनोज और अन्य दोस्त गाड़ी लेकर टाउन पार्क की तरफ गए। पीछे से नवदीप और अमन भी बाइक लेकर पहुंच गए।
जानबूझकर मारी टक्कर
पीड़ित ने बताया कि जब वहां पहुंचे तो थार का चालक अपनी गाड़ी से स्टंटबाजी कर रह था। जैसे ही मनोज और उसके साथी अपनी गाड़ी से उतरे तो थार चालक ने जानबूझकर सीधी टक्कर मार दी। आरोप है कि टक्कर मारकर गाड़ी मनोज के ऊपर से चढ़ाते हुए भाग गए। गंभीर अवस्था में उनके दोस्तों ने तत्कार सेक्टर 16 के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर सेंट्रल थाना पुलिस ने थार चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी थार चालक की तलाश की जा रही है।
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