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दुनिया एकजुट होकर रोके आतंक का नेटवर्क - हरिश
18 Sep, 2025 04:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वैश्विक समुदाय से अपील की है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा और जैश-ए-मोहम्मद को अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी भी आतंकी गतिविधि के लिए न करने दिया जाए।
भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथानेनी हरिश ने बुधवार को अफगानिस्तान पर हुई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि इन संगठनों और उनके सहयोगियों को रोकने के लिए दुनिया को एकजुट होना होगा।
आतंक पर सख्ती की जरूरत
हरिश ने कहा कि इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा समेत संयुक्त राष्ट्र सूचीबद्ध आतंकी संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल न करें, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर अप्रत्यक्ष रूप से इशारा किया। भारत का कहना है कि अफगानिस्तान में स्थिरता के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक सहमति जरूरी है।
भारत की सक्रिय भूमिका
भारत ने अफगानिस्तान की शांति प्रक्रिया में लगातार भागीदारी की है। दोहा में संयुक्त राष्ट्र की बैठकों से लेकर अन्य मंचों तक भारत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से दो बार बातचीत की है। भारत ने अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले की अफगानिस्तान द्वारा निंदा किए जाने का स्वागत भी किया था।
मानवीय मदद में आगे भारत
अफगानिस्तान में हालिया भूकंप के बाद भारत ने त्वरित मदद भेजी। इसमें 1,000 परिवारों के लिए तंबू, 15 टन खाद्य सामग्री, दवाइयां, कंबल और जनरेटर समेत 21 टन राहत सामग्री शामिल रही। इसके अलावा और सहायता भी जल्द पहुंचाई जाएगी।
तालिबान के 2021 में काबुल पर कब्जे के बाद से भारत अब तक 50,000 टन गेहूं, 330 टन दवाइयां और टीके, 40,000 लीटर कीटनाशक और अन्य आवश्यक सामग्री अफगानिस्तान भेज चुका है। महिलाओं और नशा मुक्ति कार्यक्रमों के लिए भी भारत ने संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर विशेष सहयोग दिया है।
विकास और स्थिरता पर जोर
हरिश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान के हर प्रांत में 500 से ज्यादा विकास परियोजनाएं पूरी कर चुका है। भारत चाहता है कि अफगानिस्तान गरीबी, बीमारी और भुखमरी से बाहर निकलकर शांति और तरक्की की राह पर आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि भारत सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है ताकि अफगानिस्तान में स्थिरता और खुशहाली कायम हो सके।
क्या अपनी ही सरकार के लिए परेशानी बढ़ा रहे अनिल विज? हरियाणा में एक्स बायो से हटाया ‘मंत्री’ शब्द
18 Sep, 2025 04:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला: अपने तीखे बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले हरियाणा के मंत्री अनिल विज एक बार फिर अपनी ही सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। एक बार फिर वो अपनी ही सरकार से नाराज नजर आ रहे हैं। इस बार उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा किया है जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि वो अपनी ही सरकार से नाराज चल रह हैं। दरअसल विज ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर अपनी बायो बदल दी। उन्होंने अपने नाम से 'मंत्री' शब्द हटा दिया। विज ने अपनी बायो को 'अनिल विज मंत्री हरियाणा, भारत' से बदलकर 'अनिल विज अंबाला कैंट हरियाणा, भारत' कर दिया है।
अनिल विज ने दी ये दलील
हालांकि, वह हरियाणा में पार्टी नेतृत्व से अपनी नाखुशी के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से बचते हैं। इस बार भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया है। उनका कहना है कि उन्होंने एक्स खाते से 'मंत्री' हटा दिया था क्योंकि वह मंत्री के रूप में लोकप्रियता नहीं चाहते थे। मैं एक मंत्री के रूप में अपने दर्शकों और अनुयायियों को बढ़ाना नहीं चाहता। जब मेरे पास मंत्री का टैग नहीं था, तब एक्स पर मेरे अनुयायी तेजी से बढ़ रहे थे। विज अब खुद एक टैग है। मुझे अब किसी टैग की आवश्यकता नहीं है।
पहले फेसबुक से हटाया था मंत्री शब्द
बता दें कि विज ने लगभग एक साल पहले अपने फेसबुक अकाउंट से मंत्री का टैग हटा दिया था। इससे पहले, विज ने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा था और कुछ पार्टी नेताओं पर अंबाला छावनी में एक समानांतर बीजेपी चलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपनी भड़ास निकालने के लिए अपने एक्स अकाउंट का सहारा लिया था। उन्होंने एक्स र लिखा था कि अंबाला छावनी में, कुछ लोग ऊपर वालों के आशीर्वाद से एक समानांतर भाजपा चला रहे हैं, हमें क्या करना चाहिए। हालांकि, बाद में उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पिछले साल भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपना बायो एडिट किया था और 'मोदी का परिवार' टैगलाइन हटा दी थी। बाद में उन्होंने फिर से टैगलाइन जोड़ी, लेकिन उसे हटा दिया गया। उन्हें एक सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्टीकरण देना पड़ा था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे बीजेपी के कट्टर भक्त हैं।
हरियाणा: बहू का इश्क और ससुर की हत्या का संगीन मामला, प्रेमी ने निभाया मुख्य भूमिका, ड्रामा भी रचा गया
18 Sep, 2025 03:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले के थाना रादौर क्षेत्र में 65 वर्षीय ओमप्रकाश की हत्या का राज़ पुलिस ने खोल दिया है। अपराध शाखा-1 ने मृतक की बहू ललिता और उसके प्रेमी करतार सिंह को गिरफ्तार कर वारदात की गुत्थी सुलझा दी। डीएसपी रजत गुलिया ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ललिता और करतार सिंह के बीच पिछले तीन साल से अवैध संबंध थे। ससुर ओमप्रकाश को इस रिश्ते की भनक लग चुकी थी। बदनामी के डर से दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और 12 सितंबर को गला रेतकर कत्ल कर दिया।
फिर रोकर किया ड्रामा
वारदात के बाद ललिता ने पूरे परिवार और मोहल्ले के सामने रो-रोकर खुद को बेगुनाह दिखाने का नाटक किया। लेकिन अपराध शाखा की टीम ने गहन पूछताछ में उसका सच उगलवा लिया। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान हत्या की साजिश और अन्य सुराग सामने आने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि बहू ललिता और प्रेमी करतार ने ससुर ओमप्रकाश को मारने के बाद शव को चारपाई पर ही रहने दिया। इसके बाद उसने सबसे ज्यादा दुखी होने का नाटक किया। उसने गांव के ही अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। हालांकि, पूछताछ में उसने राज उगल दिया।
क्या बोले डीएसपी
डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि इस मामले में सीआईए-1 की टीम ने तत्परता से कार्य करते हुए आरोपी ललित और उसके प्रेमी करतार को गिरफ्तार कर लिया गया है और रिमांड पर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है, ताकि हत्या की साजिश और घटनाक्रम से जुड़े सभी राज खोले जा सकें।
गाजा पर इजरायल ने एक दिन के अंदर 150 से ज्यादा हमले किए....4 लाख लोग पलायन कर चुके
18 Sep, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेलअवीव । इजरायल की ओर से गाजा पर लगातार हमले जारी हैं। मंगलवार और बुधवार की रात को इजरायल ने कुल 50 हमले गाजा पर किए हैं। साथ ही बीते एक दिन के अंदर इजरायल ने गाजा पर 150 से ज्यादा हमले किए हैं। हालात इसतरह के हैं कि गाजा से कुछ दिनों के अंदर ही 4 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। गाजा की आबादी 10 लाख के करीब थी और वहां से करीब 4 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। स्पष्ट है कि करीब 40 फीसदी आबादी गाजा से जा चुकी है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज की ओर से कहा गया कि बीते दो दिनों के अंदर ही 150 ठिकानों पर गाजा में हमले किए गए हैं।
बीती रात में ही 12 लोगों की इजरायली हमलों से मौत हो गई है। इजरायली सेना का कहना है कि उन्होंने अपने हमलों में सुरंगों को टारगेट किया है। वहीं कई इमारतों को भी निशाना बनाया है। इजरायल का कहना है कि इन इमारतों में हमास के आतंकी छिपे हुए थे। इजरायली सेना ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल लगातार आतंकियों को खत्म कर रहे हैं। अब तक आतंकी संगठन हमास के कई ढांचों को ध्वस्त किया जा चुका है। गाजा को हमास का शक्ति केंद्र माना जाता है। इसके बाद इजरायल का कहना है कि हमास को खत्म करने के लिए गाजा को टारगेट करना होगा।
इससे पहले बीते सप्ताह इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में हमला किया था। इस हमले के बाद से मुसलमान देशों में गुस्सा है। मंगलवार को दोहा में 60 मुसलमान देशों की मीटिंग थी, जिसमें इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ। इस मीटिंग में आने वाले देशों में पाकिस्तान, सऊदी अरब, ईरान, तुर्की और बहरीन जैसे मुस्लिम देश शामिल थे। इस दौरान मौजूद नेताओं ने कहा कि इजरायल के खिलाफ एकजुट होना होगा। इतना ही नहीं पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों ने इस्लामिक नाटो की स्थापना की भी बात की। हालांकि किसी चीज पर सहमति नहीं बनी है बल्कि एक निंदा प्रस्ताव ही पारित किया जा सका।
ट्रंप ब्रिटेन की राजकीय यात्रा पर पहुंचे.....सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई
18 Sep, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्रिटेन की राजकीय यात्रा पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, उनकी यात्रा से पहले ही सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। दरअसल, विंडसर कैसल के पास ड्रोन उड़ाने के आरोप में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। संदिग्धों को ट्रंप की राजकीय यात्रा के लिए लागू हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया है।
ट्रंप की यात्रा से पहले विंडसर कैसल के पास ड्रोन उड़ाने की घटना मंगलवार को हुई है। इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने बताया है कि ट्रंप के आगमन से पहले लागू कड़ी सुरक्षा योजना के तहत 37 साल के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को विंडसर कैसल के पास में एक बड़े क्षेत्र में लागू अस्थायी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ड्रोन उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को देर रात किंग चार्ल्स विंडसर कैसल में मौजूद थे।
बता दें कि ये उनकी दूसरी राजकीय यात्रा है। ट्रंप के दौरे में शाही शान-शौकत, व्यापार वार्ता और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति को लेकर कई अहम चीजें देखने को मिल सकती हैं। ट्रंप ने कहा है कि ब्रिटेन के साथ उनके संबंध बहुत अच्छे हैं।
अपना बिजनेस बेचेगी टिकटॉक
18 Sep, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका में टिकटॉक पर बैन लगाने की डेडलाइन अब 16 दिसंबर कर दी गई है। यह डेडलाइन 17 सितंबर को खत्म हो रही थी, लेकिन इससे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे 3 महीने बढ़ाने का ऐलान कर दिया। यह चौथी बार है जब ट्रम्प ने बैन की डेडलाइन बढ़ाई है। ट्रम्प के इस ऐलान से एक दिन पहले ही अमेरिका और चीन के बीच मैड्रिड में एप से जुड़ी दिक्कतों को सुलझाने के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति बनने की बात सामने आई थी। इसकी जानकारी चीन के सीनियर ट्रेड नेगोशिएटर ली चेंगगांग ने दी थी।
रूसी ड्रोन को मारने निकला एफ-16 ने अपने ही देश के एक मकान को उड़ाया
18 Sep, 2025 08:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वारसॉ। पोलैंड में रूसी ड्रोन को मारने निकले अमेरिकी मूल के एफ-16 फाइटर जेट ने अपने ही देश में एक मकान को उड़ा दिया, जिसके बाद अमेरिकी फाइटर जेट के ऑपरेशन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवरोकी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जानना चाहा है कि क्या पिछले हफ्ते रूसी ड्रोन हमले के दौरान उनके एक एफ-16 लड़ाकू विमान से दागी गई मिसाइल ने एक घर को नष्ट कर दिया था? राष्ट्रपति ने उस वक्त जांच के आदेश दिए हैं, जब पोलिश मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूसी ड्रोन पर दागी गई एक एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल अपने टारगेट से भटक गई और एक घर पर जा गिरी।
पोलैंड के राष्ट्रपति ने इसके लिए रूस को ही जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि रूस इसलिए जिम्मेदार है, क्योंकि ड्रोन उसने भेजे थे। पोलैंड ने रूसी ड्रोन को मारने के लिए एफ-16 के साथ एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट को भी मिशन पर भेजा था। इस घटना के बाद पोलैंड मीडिया ने दावा किया कि एफ-16 से दागी गई एक मिसाइल तकनीकी गड़बड़ी की वजह से लक्ष्य से भटक गई और एक घर पर जा गिरी। हालांकि मिसाइल का फ्यूज काम नहीं कर पाया, जिससे धमाका नहीं हुआ, लेकिन तेज रफ्तार भारी भरकम मिसाइल के गिरने से पूरा घर तबाह हो गया।
इस घटना को लेकर एक्स पर कहा गया है कि उम्मीद है कि सरकार वेरी शहर में हुई घटना पर तुरंत स्पष्टीकरण देगी। इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए सभी उपकरणों और संस्थानों का इस्तेमाल करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। बता दें रूसी ड्रोन हमले की घटना सार्वजनिक होने के कुछ ही समय बाद, पोलिश अधिकारियों ने विविरी में एक घर की तस्वीरें दिखाईं, जो लगभग 19 ड्रोन हमलों से नष्ट हो गया था। मिसाइल के फेल होने को लेकर लेफ्टिनेंट कर्नल मैसीज कोरोवज ने बताया कि नष्ट हुए घर की तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कोई विस्फोट या धमका नहीं हुआ था। एआईएम-120 मिसाइल में 40 पाउंड का विस्फोटक था और विस्फोट से भारी नुकसान हो सकता था। यह पहली बार नहीं है जब इस मिसाइल की टेक्नोलॉजी पर सवाल उठे हों।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोई भी हथियार 100 फीसदी परफेक्ट नहीं होता। तकनीकी गड़बड़ी, गाइडेंस सिस्टम की नाकामी या ऑपरेशनल प्रेशर के दौरान ऐसी घटनाएं होना संभव है, लेकिन इस घटना से पोलैंड एयरफोर्स और नाटो की सुरक्षा तैयारियों और उनके हथियारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हरियाणा में क्रिकेट मैच के दौरान गेंदबाज की अकस्मात मौत, बॉलिंग करते समय पिच पर गिरकर हार्ट अटैक से हुआ निधन
17 Sep, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक: क्रिकेट मैच के दौरान बॉलिंग करते समय हार्ट फेल होने से एक निजी कंपनी के 50 वर्षीय कर्मचारी की मौत हो गई। यह कर्मचारी बॉल डालने के बाद अचानक ही मैदान पर बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे नजदीक अस्पताल में भी ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। सोमवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रास्ते में हो गई मौत
जानकारी के अनुसार, सुभाष नगर निवासी संदीप सिक्का एक निजी कंपनी में काम करते थे। वह अकसर ही हर रविवार को साथियों के साथ क्रिकेट मैच खेलने के लिए जाते थे। रविवार शाम को स्थानीय जींद रोड स्थित एमएस सरस्वती स्कूल के मैदान पर क्रिकेट मैच खेल रहे थे। शाम करीब पौने 6 बजे वे ओवर की तीसरी बॉल डालने के बाद अचानक ही मैदान पर बेहोश होकर गिर पड़े। जिसके बाद मैदान पर मौजूद बाकी साथियों ने तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें कार के जरिए सनसिटी सेक्टर-35 स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। फिर परिजनों को सूचित किया गया।
क्या बोले विशेषज्ञ
संदीप सिक्का की मौत से परिवार में हा-हाकार मच गया। वे अपनी सक्रिय जीवनशैली और क्रिकेट के प्रति जुनून के लिए जाने जाते थे। इस घटना ने स्थानीय समुदाय और क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार सुबह संदीप सिक्का का शीला बाईपास स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हृदय रोग विशेषज्ञ डा. आदित्य बतरा का कहना है कि क्रिकेट खेलते समय अचानक हार्ट फेल होना या अचानक हृदय संबंधी मौत कई कारणों से हो सकती है। जिसमें आनुवंशिक हृदय रोग और व्यायाम के दौरान हृदय पर पड़ने वाला अत्यधिक दबाव शामिल है। इसके अलावा, असंतुलित जीवनशैली, बढ़ता तनाव, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल भी जोखिम बढ़ा सकते हैं। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, डॉक्टर की सलाह और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है.
हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना का बड़ा फायदा, महिलाओं के खाते में 1 नवंबर से आएगी सरकारी राशि
17 Sep, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में 1 नवंबर से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने 2100 रुपये जमा किए जाएंगे। इस बात की पुष्टि प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने की है। बेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री 25 सितंबर को इस योजना का मोबाइल एप लॉन्च करेंगे। लॉन्चिंग के मौके पर जिलों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे भी आसानी से अपना पंजीकरण करा सकेंगी। एक मोबाइल फोन से 20 से 25 महिलाएं रजिस्ट्रेशन कर पाएंगी। इसके लिए अब उन्हें किसी सीएसआर सेंटर तक बार-बार जाने की जरूरत नहीं होगी। कृष्ण बेदी ने बताया कि इस योजना पर सरकार का सालाना खर्च लगभग 4,062 करोड़ रुपये आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो महिलाएं पिछले 15 वर्षों से हरियाणा में रह रही हैं, उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा। इससे हजारों परिवारों की महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक मदद मिलेगी।
मंत्री ने बताया- सरकार क्यों लागू कर रही ये योजना
मंत्री ने कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक परिवार के पुरुष सदस्यों पर आर्थिक रूप से निर्भर रहना पड़ता था। सरकार चाहती है कि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनें। यही वजह है कि लाडो लक्ष्मी योजना को लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए अन्य योजनाएं भी चला रही है, जिनसे वे अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। बेदी ने उम्मीद जताई कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज में उनकी स्थिति को भी मजबूत करेगी।
हरियाणा के यात्रियों को मिलेगा नया रेल रूट, अमृतसर से निकलने वाली भारत गौरव ट्रेन 5 जिलों में रुकेगी
17 Sep, 2025 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला: रेलवे ने धार्मिक पर्यटन में दिलचस्पी रखने वाले यात्रियों के लिए 25 अक्तूबर से ‘भारत गौरव ट्रेन’ शुरू करने का फैसला किया है। 9 दिन की इस विशेष यात्रा में चार प्रमुख ज्योतिर्लिंग मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर, द्वारका का नागेश्वर और गिर-सोमनाथ का सोमनाथ मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा यात्री द्वारकाधीश मंदिर और गुजरात के केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी दर्शन कर सकेंगे। यात्रा की शुरुआत अमृतसर से होगी और जालंधर, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, दिल्ली कैंट और रेवाड़ी से यात्री ट्रेन में सवार हो पाएंगे।
रेलवे ने दी ये जानकारी
अंबाला में रेलवे प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि ‘ भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन ’ पैकेज में कुल 762 यात्री यात्रा कर सकेंगे। यात्रियों को इकोनॉमी, स्टैंडर्ड और कम्फर्ट श्रेणियों में जगह दी जाएगी। किराया 19,555 रुपये से 39,410 रुपये प्रति यात्री रखा गया है। पैकेज में शाकाहारी भोजन, आवास, ट्रांसफर, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, बीमा और सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, स्मारकों का एंट्री शुल्क, व्यक्तिगत खर्च और टिप्स इसमें शामिल नहीं होंगे।
यात्रा में क्या क्या
आईआरसीटीसी ने इस यात्रा को “वन-स्टॉप स्पिरिचुअल और कल्चरल टूरिज्म पैकेज” के रूप में प्रचारित किया है। इस पैकेज में यात्रियों को चार प्राचीन ज्योतिर्लिंग मंदिरों के साथ-साथ आधुनिक भारत के राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक शामिल है। आईआरसीटीसी का अनुमान है कि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के श्रद्धालुओं में इस पैकेज की भारी मांग रहेगी, क्योंकि एक ही यात्रा में चार पवित्र ज्योतिर्लिंग और एक राष्ट्रीय धरोहर का दर्शन संभव होगा।
जानें मिलेंगी क्या सुविधाएं
भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। ट्रेन में एसी कोच, आरामदायक सीटें, स्वच्छ शौचालय और हर कोच में अटेंडेंट उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों के लिए अनुभवी टूर गाइड भी रहेंगे, जो दर्शनीय स्थलों और मंदिरों के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जानकारी देंगे। यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा मेडिकल टीम और बेसिक प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी रहेगी।
क्यों इस्लामिक नाटो’ संगठन में शामिल होने के लिए आतुर दिख रहा पाकिस्तान
17 Sep, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दोहा । कतर के दोहा में इजरायली हमले के बाद मुस्लिम देश एकजुट हैं। वहीं नाटो की तरह मुस्लिम देशों का एक सैन्य ऑर्गनाइजेशन बनाने की बात कर रहे हैं। मिस्र ने इसका प्रस्ताव भी दिया है, इस पर पाकिस्तान बढ़ चढ़कर बातें कर रहा है। सवाल ये है कि क्या अरब और मुस्लिम देश मिलकर एक ‘इस्लामिक नाटो’ जैसा सैन्य गठबंधन बना सकते हैं? क्या पाकिस्तान गठबंधन में शामिल होने की हिम्मत कर पाएगा?
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने ‘इस्लामिक सैन्य गठबंधन’ बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, मुस्लिम देशों को मिलकर अपनी रक्षा के लिए एक ज्वाइंट फोर्स बनानी चाहिए। मिस्र चाहता है कि सेंट्रल ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (बगदाद पैक्ट) की तरह एक कोएलिशन बनाया जाए, जिसमें सारे मुस्लिम मुल्क शामिल हों। पाकिस्तान जो दुनिया का एकमात्र मुस्लिम मुल्क है, वह बढ़ चढ़कर ‘अरब नाटो’ बनाने की वकालत कर रहा है। पाकिस्तान ने कहा, किसी भी मुल्क को इस्लामी देशों पर हमला करने और लोगों की हत्या करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
इतिहास गवाह है कि अरब और मुस्लिम देशों के बीच इसतरह के गठबंधन पहले भी बने हैं, लेकिन वे ज्यादा दिन नहीं टिके। उदाहरण के तौर पर, 1955 से 1979 तक सेंट्रल ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन रहा, जिसमें पाकिस्तान, इराक, ईरान, तुर्की और ब्रिटेन शामिल थे लेकिन ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद यह बिखर गया। हाल के वर्षों में सऊदी अरब ने ‘इस्लामिक मिलिट्री काउंटर टेररिज्म कोएलिशन’ बनाया, जिसमें पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष राहील शरीफ को कमांडर बनाया गया, लेकिन यह भी ज्यादा प्रभावी नहीं साबित हुआ।
बवाल और भी
पाकिस्तान पहले से ही इसतरह गठबंधनों में रुचि दिखाता रहा है। सऊदी के नेतृत्व वाले इस्लामिक मिलिट्री अलायंस में शरीफ की नियुक्ति इसका उदाहरण है। हाल की रिपोर्ट्स से संकेत मिलते हैं कि पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र मिलकर एक ‘मुस्लिम फोर्स’ का प्रस्ताव दे रहे हैं, जहां एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान के लिए यह गठबंधन आर्थिक और सैन्य फायदे का स्रोत हो सकता है, खासकर जब वह आर्थिक संकट से जूझ रहा है। लेकिन क्या पाकिस्तान की आर्थिक निर्भरता पर अमेरिका और सऊदी अरब का प्रभाव इस रोक सकता है?
बात दें कि पाकिस्तान खुद की रक्षा नहीं कर सकता लेकिन मुस्लिम वर्ल्ड का लीडर बनने का सपना देखता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्तान की जुर्रत होगी, क्योंकि वह खुद को मुस्लिम दुनिया का लीडर प्रोजेक्ट करना चाहता है। पाकिस्तान ‘इस्लामिक नाटो’ का सुझाव दे रहा है और इजराइल को सजा देने की बात कर रहा है।
अगर पाकिस्तान गठबंधन में शामिल होता हैं, भारत के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। पाकिस्तान पहले से ही चीन के साथ मिलकर भारत को घेरने की कोशिश में लगा हुआ है। अगर मुस्लिम नाटो में पाकिस्तान शामिल होता है, तब यह गठबंधन कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दे सकता है, जिससे भारत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा। भारत के करीबी दोस्त जैसे यूएई और कतर भी इसमें शामिल हो सकते हैं, जो भारत-पाकिस्तान संबंधों को प्रभावित करेगा।
जल रहा है गाजा, अब ज्यादा वक्त नहीं...... 3 लाख फिलिस्तीनियों ने छोड़ी पट्टी
17 Sep, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेलअवीव । इजरायल की सेना गाजा पट्टी में लगातार हवाई हमले कर रही है। इन हमलों के कारण गाजा सिटी के करीब 3.5 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि गाजा जल रहा है, जो एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की ओर इशारा करता है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि उनका देश हमास के नेताओं को कहीं नहीं छोड़ेगा, चाहे वे कहीं भी छुपे हों। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायल का दौरा कर कहा है कि युद्धविराम के लिए समय बहुत कम बचा है। हमास के मामले में अमेरिका लगातार इजरायल की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है। हमास का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान इजरायल को खुला समर्थन दे रहा है, जिससे नेतन्याहू समझौता करने से बच रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि कतर इस संघर्ष में मध्यस्थता कर सकता है, लेकिन नेतन्याहू के बयान से पता चलता है कि इजरायल और अमेरिका के बीच कतर की भूमिका को लेकर मतभेद हैं। हमास ने फिर कहा हैं कि इजरायली हमलों से बंधकों की जान को खतरा है। उन्होंने इस पूरे संघर्ष के लिए अमेरिका और इजरायल दोनों को जिम्मेदार ठहराया है।
3,50,000 फिलिस्तीनियों ने छोड़ा गाजा
इजरायली डिफेंस फोर्स के मुताबिक अब तक गाजा सिटी से साढ़े तीन लाख फिलिस्तीनियों को हटाकर पट्टी के दूसरे इलाकों में शिफ्ट किया गया है। इसतरह हजारों गाजावासियों के इजरायली धमाकों के बीच रातोंरात इलाके को छोड़ देने की खबरें हैं। इजरायल की ओर से गाजा सिटी पर कब्जा करने की कार्रवाई से पहले ही लोगों को कहा गया था कि वे दक्षिण में बने इजरायली मानवीय सहायता शिविरों में शइप्ट हो जाएं क्योंकि हमले तेज़ होने वाले हैं।
वहीं अमेरिका अब भी खाड़ी देश कतर को गाजा के युद्ध में मध्यस्थता के लिए कह रहा है। विदेश मंत्री रुबियो ने इजरायल में ही ये बात कही कि अगर कोई देश मध्यस्थता कर सकता है, तब वहां कतर ही है। इससे पहले कतर में मौजूद हमास लीडर्स पर इजरायल ने राजधानी दोहा में हमले किए थे, जिसके बाद कतर और इजरायल के बीच विवाद हो गया था।
6 पार्टियों के टॉप लीडर्स को हटाने की मांग
17 Sep, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कहा- पुराने चेहरे बर्दाश्त नहीं करेंगे; एक सप्ताह से गायब नेताओं ने अब तक पद नहीं छोड़ा
काठमांडू। नेपाल में हुए जेन-जी आंदोलन का असर सभी प्रमुख दलों पर पड़ा है। इनके भीतर नेतृत्व परिवर्तन और पार्टी के पुनर्गठन की आवाज तेज हो गई है। जो नेता अब तक अपनी ही पार्टी में बदलाव की धीमी आवाज उठा रहे थे, वे अब खुलकर कह रहे हैं कि मौजूदा नेतृत्व बदलना होगा। नेपाल में पिछले एक सप्ताह में सरकार ही नहीं गिरी, संसद भी भंग हो गई और देश में गैर-दलीय अंतरिम सरकार बनानी पड़ी। लोगों को उम्मीद थी कि पुराने नेता हालात की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देंगे और नई पीढ़ी को रास्ता देंगे। लेकिन एक हफ्ता बीतने के बाद भी किसी बड़े नेता ने पद नहीं छोड़ा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगले साल फरवरी में होने वाले चुनाव से पहले कई दल अपने शीर्ष नेतृत्व में बदलाव करने को मजबूर होंगे। हालिया विरोध ने यह साफ कर दिया है कि जनता अब पुराने चेहरों को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। इस बीच, युवाओं के दबाव में छह अहम दलों के 16 वरिष्ठ नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि भाई-भतीजावाद खत्म करना होगा और नई पीढ़ी को आगे लाने का माहौल बनाना जरूरी है। नेताओं ने यह भी स्वीकार किया कि लंबे समय तक कुछ चेहरों का सत्ता पर कब्जा ही मौजूदा राजनीतिक संकट की जड़ है।
देउबा इलाज करा रहे, खडक़ा पार्टी चला रहे
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेरबहादुर देउबा, जो 5 बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं, छठी बार कार्यकारी अध्यक्ष बनने का इंतजार कर रहे थे। इतना ही कांग्रेस-रूरु गठबंधन के समझौते के हिसाब से अगले साल पीएम बनने की बारी उनकी थी लेकिन लेकिन जेन-जी आंदोलन ने गठबंधन सरकार ही गिरा दी। देउबा की उम्र अब अस्सी साल से ऊपर हो चुकी है। वे दशकों से नेपाली कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं, यह वही पार्टी है जो लोकतंत्र आने से पहले ही स्थापित हो गई थी। 24 जुलाई को जब प्रदर्शनकारी उनके घर बुधनीलकांठा पहुंचे, तो उन्होंने और उनकी पत्नी आरजू राणा को पीटा और घर से बाहर निकाल दिया। उनका घर जल गया और वे अपनी आंखों के सामने सबकुछ नष्ट होता देख रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से दोनों को बचाया और सुरक्षित जगह ले गए। यह बेहद अजीब था कि जिसने पचास साल से ज्यादा समय तक लोकतंत्र के लिए संघर्ष किया, उसे अपने ही घर से इस हालत में भागना पड़ा। इस बीच नेपाली कांग्रेस महासचिव गगन थापा ने एक वीडियो मैसेज में कहा कि मौजूदा नेतृत्व पार्टी को जनता से नहीं जोड़ सकता। कांग्रेस के नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल ने तो साफ कहा है कि पार्टी नेतृत्व तत्काल इस्तीफा दे और छह महीने में आम अधिवेशन बुलाकर नई लीडरशिप चुनी जाए। फिलहाल देउबा प्रदर्शनकारियों के हमले में घायल होने के बाद अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। बताया गया है कि उन्होंने पार्टी की जिम्मेदारी उपाध्यक्ष पूर्णबहादुर खडक़ा को सौंप दी है।
बोट पर हमला, 3 की मौत
17 Sep, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी सेना ने एक बार फिर वेनेजुएला के ड्रग तस्करों की बोट पर हमला किया। इस हमले में 3 लोग मारे गए। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। उन्होंने इन तस्करों को नार्को टेररिस्ट यानी ड्रग कार्टेल से जुड़े आतंकवादी बताया। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मेरे आदेश पर अमेरिकी सेना ने ड्रग तस्करी करने वाले कार्टेल और नार्को टेररिस्ट पर स्ट्राइक की। ये लोग वेनेजुएला से नशीले पदार्थ अमेरिका की ओर ले जा रहे थे। उन्होंने कहा कि ड्रग कार्टेल अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और हितों के लिए बड़ा खतरा हैं। ट्रम्प ने यह भी बताया कि इस हमले में अमेरिकी बलों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
भारत ने नहीं माना था अमरीकी प्रस्ताव, पाक के कुबूलनामे से खुली ट्रंप के दावे की पोल
17 Sep, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले दावे पर पाकिस्तान का बड़ा बयान आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने खुद स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धविराम का प्रस्ताव अमरीका के माध्यम से आया था, लेकिन भारत सहमत नहीं हुआ। एक कार्यक्रम के दौरान इशाक डार ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत कभी भी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के लिए सहमत नहीं हुआ था। डार ने खुलासा किया कि जब पाकिस्तान ने अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के बारे में पूछा, तो रुबियो ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत हमेशा से कहता रहा है कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है। इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत से बातचीत के लिए कई बार पहल की है। उन्होंने दावा किया कि 10 मई को सुबह 8:17 बजे अमरीकी विदेश मंत्री रुबियो ने उन्हें बताया था कि बहुत जल्द भारत और पाकिस्तान के बीच एक स्वतंत्र स्थान पर वार्ता होगी, लेकिन बाद में 25 जुलाई को जब उनकी वाशिंगटन में रुबियो से मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि भारत ने इसे केवल द्विपक्षीय मामला बताते हुए तीसरे पक्ष की किसी भी भूमिका से इनकार कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन भारत हमेशा से कहता रहा है कि यह द्विपक्षीय मामला है। डार ने कहा कि हम तीसरे पक्ष की भागीदारी से नहीं हिचकिचाते, लेकिन भारत बार-बार कहता है कि यह द्विपक्षीय मुद्दा है। जब सीजफ़ायर का प्रस्ताव रुबियो के जरिए आया था तो हमें भरोसा दिया गया था कि भारत से बातचीत होगी, लेकिन बाद में कहा गया कि भारत ने इनकार कर दिया।
विदेश मंत्री डार बोले, बातचीत ही आगे बढऩे का रास्ता
डार ने कहा कि हमें द्विपक्षीय बातचीत से भी कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बातचीत व्यापक होनी चाहिए। इसमें आतंकवाद, व्यापार, अर्थव्यवस्था, जम्मू-कश्मीर, उन सभी विषयों पर बातचीत होनी चाहिए जिन पर हम दोनों चर्चा कर रहे हैं। हम किसी चीज की भीख नहीं मांग रहे हैं। अगर कोई देश बातचीत चाहता है, तो हमें खुशी होगी, हम स्वागत करते हैं। हम एक शांतिप्रिय देश हैं। हमारा मानना है कि बातचीत ही आगे बढऩे का रास्ता है, लेकिन जाहिर है कि बातचीत के लिए दो लोगों की इच्छा की जरूरत होती है, इसलिए जब तक भारत बातचीत नहीं करना चाहता, तब तक ऐसा नहीं होगा।
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