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भारत से डीजल खरीद पर रोक लगाएगा यूक्रेन, 1 अक्टूबर से लागू होगा फैसला
16 Sep, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/ कीव : रूस के साथ चल रही जंग के बीच यूक्रेन अब भारत से आने वाले डीजल पर रोक लगाएगा. यह रोक 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी. इसकी जानकारी यूक्रेन की एनर्जी कंसल्टेंसी एनकॉर ने सोमवार को यह जानकारी दी. एनकॉर का कहना है रूस से भारत काफी अधिक कच्चा तेल खरीदता है. इस वजह से यूक्रेन को यह कदम उठाना पड़ रहा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एनकॉर का कहना है कि भारत, रूस से बहुत ज्यादा कच्चा तेल खरीदता है इस वजह से यूक्रेन को यह कदम उठाना पड़ रहा है.
एनकॉर ने कहा कि रूस ड्रोन और मिसाइल से लगातार यूक्रेनी तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है. एनकॉर का कहना है कि यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों ने आदेश दिया है कि भारत से आने वाले डीजल के हर कंसाइनमेंट की जांच होगी. यह जांच लैब में होगी ताकि पता चल सके कि उसमें रूसी तेल तो नहीं मिला है.
यूक्रेन ने अगस्त में भारत से 119000 टन डीजल खरीदा
एनकॉर ने बताया कि यूक्रेन ने अगस्त में भारत से 119,000 टन डीजल खरीदा था. यह यूक्रेन के कुल डीजल आयात का 18 फीसदी था. एक अन्य कंसल्टेंसी ए-95 ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि इस साल गर्मी के महीने में यूक्रेन की एक बड़ी तेल रिफाइनरी खराब हो गई थी, जिस कारण व्यापारियों को भारत से डीजल खरीदकर इसकी भरपाई करनी पड़ी. साथ ही यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने भी भारत से कुछ डीजल खरीदा था, क्योंकि वह सोवियत के पुराने मानकों को पूरा करता है.
रूसी तेल भारत क्यों खरीद रहा ?
भारत को रूस सस्ता कच्चा तेल दे रहा है. वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन ड्रोन हमलों से रूस के तेल रिफाइनरी को निशाना बना रहा है. रूस अपने तेल को सस्ती कीमत पर बेचना चाहता है. भारत ने रूस के इस संकट को एक अवसर में बदल दिया है. रूस और मध्य पूर्व के तेल की कीमतों में काफी अंतर है. इस कारण से भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियां रूसी तेल खरीदने में रुचि ले रही हैं. रूसी तेल खरीदने को लेकर ही अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है.
अमेरिका में टिकटॉक को बचाने के लिए हुई लास्ट मिनट डील, अब जिनपिंग से बात करेंगे ट्रंप
16 Sep, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टिकटॉक को बचाना चाहते हैं. टिकटॉक युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है जिसका फायदा चुनाव में भी मिला. यूरोप में अमेरिका और चीन के बीच बड़ी व्यापार बैठक हुई जिसमें इस डील को लेकर भी वार्ता हुई.
बता दें कि कांग्रेस ने पिछले साल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताकर टिकटॉक के खिलाफ कड़े कदम उठाए थे. इसपर बैन लगाने या अमेरिकी खरीददार के हाथों बेचने के लिए कानून पारित किया था. इसकी समय सीमा 17 सितंबर को समाप्त हो रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और चीन के बीच यूरोप में एक प्रमुख व्यापार बैठक बहुत अच्छी रही. उन्होंने टिकटॉक के संबंध में चीन के साथ एक समझौते का भी संकेत दिया.
ट्रंप ने कहा कि वह शुक्रवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात करेंगे और दोनों देशों के बीच संबंध बहुत मजबूत बने हुए हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ट्रुथ सोशल पर कहा, 'यूरोप में अमेरिका और चीन के बीच बड़ी व्यापार बैठक बहुत अच्छी रही! यह जल्द ही समाप्त हो जाएगी. एक 'खास' कंपनी पर भी समझौता हुआ है जिसे हमारे देश के युवा बचाना चाहते थे. वे बहुत खुश होंगे! मैं शुक्रवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात करूँगा. यह रिश्ता अभी भी बहुत मजबूत है!
इससे पहले दिन में ट्रंप ने अमेरिका में टिकटॉक के भविष्य पर भी बात की थी और कहा था कि चीन अंततः ऐप के भविष्य को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता जारी है.
चर्चाओं को व्यापक आर्थिक और तकनीकी वार्ता से जोड़ते हुए उन्होंने वाशिंगटन लौटने से पहले न्यू जर्सी में संवाददाताओं से कहा, 'हो सकता है न हो. हम अभी टिकटॉक पर बातचीत कर रहे हैं. हम इसे खत्म होने दे सकते हैं, या हम इसे खत्म कर सकते हैं, मुझे नहीं पता. यह चीन पर निर्भर करता है. इससे बहुत फर्क नहीं पड़ता. मैं इसे बच्चों के लिए करना चाहूंगा. उन्हें यह पसंद है.'
उन्होंने आगे कहा, 'मेरा मतलब है, स्वार्थी तौर पर कहूँ तो मैंने टिकटॉक के साथ बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और मुझे युवाओं का वोट मिला. मुझे ऐसे नंबर मिले, जिनके आस-पास भी रिपब्लिकन पार्टी में कोई नहीं पहुँच पाया, कोई भी नहीं.'
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार ट्रंप के पास 17 सितंबर तक का समय है कि वे टिकटॉक को उसके चीनी मालिक बाइटडांस से अलग करने के लिए कानून को लागू करें या विलंबित करें, अन्यथा अमेरिका में प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा. राष्ट्रपति पहले ही तीन बार इस कानून को लागू करने में देरी कर चुके हैं.
द न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार कांग्रेस ने पिछले साल द्विदलीय विधेयक पारित करके देश में टिकटॉक पर तब तक प्रतिबंध लगा दिया था जब तक कि उसे कोई गैर-चीनी मालिक न मिल जाए. ऐसा इसलिए क्योंकि इस सोशल मीडिया ऐप के चीन से संबंध अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गए थे.
चीन के साथ बातचीत अधिक जटिल रही है. ट्रंप ने अप्रैल में चीनी आयात पर 145 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिससे व्यापार लगभग ठप्प हो गया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया. चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया. पिछले शनिवार को चीन ने घोषणा की कि वह अमेरिका में बने कुछ माइक्रोचिप्स के निर्यात की जांच शुरू कर रहा है. एक दिन पहले अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कहा था कि वह चीनी चिप कंपनियों को व्यापार काली सूची में डाल रहा है. इन कदमों से बातचीत पर और दबाव पड़ने की उम्मीद है.
दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं टैरिफ में और कटौती और अमेरिकी निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण रेयर अर्थ मिनरल्स और चुम्बकों के निर्यात पर चीन के प्रतिबंधों की स्थिति पर चर्चा कर रही हैं. ट्रंप प्रशासन इस बात से भी चिंतित है कि चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद बंद कर दी है, जिससे सोयाबीन किसानों की आजीविका खतरे में पड़ गई है.
बेसेंट ने चीन की अत्यधिक औद्योगिक क्षमता की आलोचना की है और उसकी अर्थव्यवस्था को असंतुलित बताया है. उन्होंने अपने चीनी समकक्षों से रूस और ईरान से तेल की खरीद पर अंकुश लगाने का आग्रह किया है. ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले महीने दक्षिण कोरिया में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग मंच पर मिल सकते हैं. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि वह शी जिनपिंग के निमंत्रण पर किसी समय चीन की यात्रा कर सकते हैं.
नेपाली पीएम कार्की ने कैबिनेट में भ्रष्टाचार विरोधी छवि वालों को दी प्राथमिकता
16 Sep, 2025 09:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली नेपाल की अंतरिम सरकार में ओमप्रकाश अर्याल को गृह मंत्री, रामेश्वर खनाल को वित्त मंत्री, कुलमान घीसिंग को ऊर्जा मंत्री और बालानंद शर्मा को रक्षा मंत्री बनाया गया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल ने जेन-जेड समूहों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने के बाद सुशीला कार्की को देश का नेतृत्व सौंपने की घोषणा की। बता दें राष्ट्रपति पौडेल ने प्रदर्शनकारियों की मांग को स्वीकार करते हुए वर्तमान संसद को भंग कर दिया। मार्च 2026 तक नए चुनाव कराने के वादे के साथ सुशीला कार्की ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला है।
पीएम सुशीला कार्की ने अपनी कैबिनेट में भ्रष्टाचार विरोधी छवि वाले और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी है। सूत्रों के मुताबिक ये नियुक्तियां जेन-जेड प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों जैसे- पारदर्शिता, सुशासन और युवा प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर की जा रही हैं।
ओमप्रकाश अर्याल को गृह मंत्री बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के चर्चित वकील अर्याल सुशीला कार्की के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं। उन्होंने पिछली सरकारों के खिलाफ 50 से अधिक जनहित याचिकाएं दायर की हैं, जो मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, पुलिस सुधार और नागरिक अधिकारों से जुड़ी थीं। उनकी नियुक्ति से कानून-व्यवस्था मजबूत करने की उम्मीद है, खासकर प्रदर्शनों के बाद की अस्थिरता को देखते हुए।
रामेश्वर खनाल को वित्त मंत्री पद दिया है। पूर्व वित्त सचिव खनाल आर्थिक सुधारों के प्रबल पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कई बार बजट सुधार, कर प्रणाली में पारदर्शिता और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। नेपाल के आर्थिक संकट- जैसे विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और महंगाई को संभालने के लिए उनकी विशेषज्ञता अहम हो सकती है।
कुलमान घीसिंग को ऊर्जा मंत्री बनाया है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व महानिदेशक घीसिंग ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए मशहूर हैं। उनके नेतृत्व में लोडशेडिंग समाप्त हुई और जलविद्युत परियोजनाओं को गति मिली। विशेष रूप से, नेपाल-भारत के बीच ऊर्जा समझौते में उनकी अहम भूमिका रही, जिसके तहत अगले 10 सालों में 10,000 मेगावाट बिजली व्यापार का समझौता संभव हुआ। यह नियुक्ति भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने में भी सहायक हो सकती है।
बालानंद शर्मा रक्षा मंत्री बनाए गए हैं। नेपाली सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल बालानंद शर्मा ने माओवादी लड़ाकों के नेपाली सेना में समायोजन में अहम भूमिका निभाई थी। 2006 के शांति समझौते के बाद यह प्रक्रिया संवेदनशील रही। बालानंद शर्मा की सैन्य पृष्ठभूमि नेपाल की रक्षा नीतियों को स्थिरता प्रदान करेगी।
पारस खड़का को युवा तथा खेलकूद मंत्री बनाया है। क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान पारस खड़का युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं। उनकी नियुक्ति जेन-जेड आंदोलन की भावना को प्रतिबिंबित करती है, जो युवा सशक्तिकरण पर जोर देता है।
असीम मान सिंह बस्नेत को फिजिकल इंफ्रा एवं यातायात मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नेपाल में शेयर राइडिंग ऐप पठाओ के फाउंडर बस्नेत उद्यमिता के प्रतीक हैं। उनकी तकनीकी समझ से नेपाल की सड़कों, पुलों और बुनियादी ढांचे में आधुनिकीकरण की संभावना है, जो नेपाल की कनेक्टिविटी चुनौतियों को हल करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के मंत्रिमंडल का विस्तार
16 Sep, 2025 08:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। नेपाल में प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया। मंत्री के रूप में रामेश्वर खनाल, ओमप्रकाश अर्याल और कुलमान घीसिंग को शपथ दिलाई गई। खनाल वित्त मंत्री, अर्याल गृह मंत्री और कुलमान घीसिंग ऊर्जा मंत्री बने। अर्याल के पास कानून मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी रहेगी। घीसिंग के पास भी ऊर्जा के अलावा भौतिक पूर्वाधार, यातायात व शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी है। खनाल आर्थिक सुधार सुझाव आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह पूर्व सचिव भी रह चुके हैं। अर्याल पेशे से वकील हैं। घीसिंग नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व कार्यकारी निदेशक हैं। ओली सरकार में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। उनका नाम पीएम पद को लेकर भी चर्चा में था।
इससे पहले राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शुक्रवार देर रात कार्की को अंतरिम सरकार का मुखिया नियुक्त किया और उन्होंने रविवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। मंत्रिमंडल विस्तार पहले रविवार को होने वाला था। उनके व्यस्त कार्यक्रम के कारण इसे स्थगित कर दिया। पूर्व मुख्य न्यायाधीश कार्की के पास 5 मार्च तक नए चुनाव कराने और प्रधानमंत्री के लिए पद खाली करने का समय है, जिसका चुनाव संसद द्वारा किया जाएगा।
बलूचिस्तान के मंड में आईईडी विस्फोट...पाकिस्तानी सेना के 5 जवानों की मौत
15 Sep, 2025 08:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर । बलूचिस्तान के मंड में एक आईईडी विस्फोट का मामला सामने आया है। घटना में पाकिस्तानी सेना के 5 जवानों के मारे जाने की सूचना है। यह धमाका मंड के शंड इलाके में एक वाहन को निशाना बनाकर किया गया है।
हमले में मारे गए सैनिकों की पहचान कैप्टन वकार काकर, नायक जुनैद, नायक इस्मत, लांस नायक खान मुहम्मद और सिपाही जहूर के रूप में हुई है। आईईडी विस्फोट ने पाकिस्तानी सेना के वाहन को निशाना बनाया। इस हमले में कुल 5 जवान मारे गए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। इसके पहले मई में बलूचिस्तान में एक वाहन पर आईईडी की चपेट में आने से 12 पाकिस्तानी सेना के जवान की मौत हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान की आज़ादी के लिए लड़ रहे अलगाववादी समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली थी।
धमाके में सेना के एक वाहन में सवार 12 सैनिक मारे गए, जिसमें स्पेशल कैंपेन कमांडर तारिक इमरान और सूबेदार उमर फारूक भी शामिल थे। विस्फोट में वाहन भी पूरी तरह खत्म हो गया था। सेना ने कहा था कि इलाके में मौजूद किसी भी आतंकवादी को खत्म करने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
नेपाली पीएम कार्की ने कैबिनेट में भ्रष्टाचार विरोधी छवि वालों को दी प्राथमिकता
15 Sep, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली नेपाल की अंतरिम सरकार में ओमप्रकाश अर्याल को गृह मंत्री, रामेश्वर खनाल को वित्त मंत्री, कुलमान घीसिंग को ऊर्जा मंत्री और बालानंद शर्मा को रक्षा मंत्री बनाया गया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल ने जेन-जेड समूहों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने के बाद सुशीला कार्की को देश का नेतृत्व सौंपने की घोषणा की। बता दें राष्ट्रपति पौडेल ने प्रदर्शनकारियों की मांग को स्वीकार करते हुए वर्तमान संसद को भंग कर दिया। मार्च 2026 तक नए चुनाव कराने के वादे के साथ सुशीला कार्की ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला है।
पीएम सुशीला कार्की ने अपनी कैबिनेट में भ्रष्टाचार विरोधी छवि वाले और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी है। सूत्रों के मुताबिक ये नियुक्तियां जेन-जेड प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों जैसे- पारदर्शिता, सुशासन और युवा प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर की जा रही हैं।
ओमप्रकाश अर्याल को गृह मंत्री बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के चर्चित वकील अर्याल सुशीला कार्की के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं। उन्होंने पिछली सरकारों के खिलाफ 50 से अधिक जनहित याचिकाएं दायर की हैं, जो मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, पुलिस सुधार और नागरिक अधिकारों से जुड़ी थीं। उनकी नियुक्ति से कानून-व्यवस्था मजबूत करने की उम्मीद है, खासकर प्रदर्शनों के बाद की अस्थिरता को देखते हुए।
रामेश्वर खनाल को वित्त मंत्री पद दिया है। पूर्व वित्त सचिव खनाल आर्थिक सुधारों के प्रबल पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कई बार बजट सुधार, कर प्रणाली में पारदर्शिता और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। नेपाल के आर्थिक संकट- जैसे विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और महंगाई को संभालने के लिए उनकी विशेषज्ञता अहम हो सकती है।
कुलमान घीसिंग को ऊर्जा मंत्री बनाया है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व महानिदेशक घीसिंग ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए मशहूर हैं। उनके नेतृत्व में लोडशेडिंग समाप्त हुई और जलविद्युत परियोजनाओं को गति मिली। विशेष रूप से, नेपाल-भारत के बीच ऊर्जा समझौते में उनकी अहम भूमिका रही, जिसके तहत अगले 10 सालों में 10,000 मेगावाट बिजली व्यापार का समझौता संभव हुआ। यह नियुक्ति भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने में भी सहायक हो सकती है।
बालानंद शर्मा रक्षा मंत्री बनाए गए हैं। नेपाली सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल बालानंद शर्मा ने माओवादी लड़ाकों के नेपाली सेना में समायोजन में अहम भूमिका निभाई थी। 2006 के शांति समझौते के बाद यह प्रक्रिया संवेदनशील रही। बालानंद शर्मा की सैन्य पृष्ठभूमि नेपाल की रक्षा नीतियों को स्थिरता प्रदान करेगी।
पारस खड़का को युवा तथा खेलकूद मंत्री बनाया है। क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान पारस खड़का युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं। उनकी नियुक्ति जेन-जेड आंदोलन की भावना को प्रतिबिंबित करती है, जो युवा सशक्तिकरण पर जोर देता है।
असीम मान सिंह बस्नेत को फिजिकल इंफ्रा एवं यातायात मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नेपाल में शेयर राइडिंग ऐप पठाओ के फाउंडर बस्नेत उद्यमिता के प्रतीक हैं। उनकी तकनीकी समझ से नेपाल की सड़कों, पुलों और बुनियादी ढांचे में आधुनिकीकरण की संभावना है, जो नेपाल की कनेक्टिविटी चुनौतियों को हल करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
पोलैंड ने नाटो सैनिकों को तैनात करने की मंजूरी दी......बढ़ेगा रुस और यूरोपियन देशों के बीच तनाव
15 Sep, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को । पोलैंड और रोमानिया के हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन की घुसपैठ के बाद यूरोप में रूस-यूक्रेन युद्ध के फैलने का खतरा बढ़ गया है। घटनाक्रम के बाद, पोलैंड ने अपनी जमीन पर नाटो सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया है। यह कदम रूस के साथ बढ़ते तनाव का संकेत है। पिछले हफ्ते, पोलैंड और रोमानिया दोनों ने अपने हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन देखे जाने की बात कही। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एक ड्रोन उनकी सीमा में घुस आया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस घुसपैठ को युद्ध का स्पष्ट विस्तार बताया।
ड्रोन घुसपैठ के बाद, पोलैंड ने नाटो के अनुच्छेद 4 को लागू किया। यह अनुच्छेद तब लागू होता है जब कोई सदस्य देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता, या सुरक्षा को खतरे में देखता है। पोलैंड ने सीमा के पास अपने हेलिकॉप्टर और लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। साथ ही, ऑपरेशन ईस्टर्न सेंट्री के तहत पोलिश क्षेत्र में नाटो सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी गई है। वहीं रूस ने इन ड्रोन घुसपैठ से साफ इंकार कहा है कि ये ड्रोन यूक्रेन द्वारा छोड़े गए थे।
नाटो का अनुच्छेद 4 क्या है?
नाटो का अनुच्छेद 4 एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। इसके तहत जब किसी सदस्य देश को अपनी सुरक्षा पर खतरा महसूस होता है, तो वह अन्य सदस्य देशों के साथ परामर्श कर सकता है। यह अनुच्छेद सामूहिक रक्षा की बात करता है, लेकिन अनुच्छेद 5 से अलग है, जिसमें किसी भी सदस्य पर हमले को सभी सदस्यों पर हमला माना जाता है। पोलैंड का अनुच्छेद 4 को लागू करना दिखाता है कि वह इस घटना को गंभीरता से ले रहा है।
यह पहली बार है जब रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद नाटो ने रूसी गतिविधियों पर इतनी आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। यह घटना यूरोप में एक बड़े संघर्ष की आशंका को बढ़ाती है।
ISI और पाक सेना की निगरानी में मरकज तैयबा का नया मुख्यालय तैयार करने की कवायद
15 Sep, 2025 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
5 फरवरी 2026 तक नया LeT मुख्यालय तैयार करने का लक्ष्य, कश्मीर एकजुटता दिवस पर उद्घाटन योजना
नई दिल्ली। पहलगाम हमले के बाद भारत की कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' में तबाह हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मुरीदके स्थित मुख्यालय को पाकिस्तान फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। खुफिया इनपुट के अनुसार पाकिस्तानी संस्थानों से होने वाली फंडिंग के सहारे मरकज़ तैयबा का रेनोवेशन तेज गति से चल रहा है।
मुख्य बातें
• खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक मुरीदके स्थित मरकज़ तैयबा के कुछ हिस्सों को पुनर्निर्मित करने के लिए सरकारी और सैन्य स्रोतों से फंडिंग की जा रही है।
• 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत मरकज़ पर एयरस्ट्राइक कर भारी नुकसान पहुंचाया था; उस हमले में मुख्यालय का करीब 70% भाग मलबे में तब्दील हो गया था।
• रिपोर्टों में कहा गया है कि पुनर्निर्माण की शुरुआती फंडिंग लगभग 4 करोड़ पाकिस्तानी रुपये बताई जा रही है और कुल व्यय का अनुमान करीब 15 करोड़ रुपये लगाया गया है। कहा जा रहा है कि यह पैसा बाढ़ राहत कोष से निकाला गया।
• नए मुख्यालय को प्रशिक्षण, ब्रेनवॉशिंग और आतंकी गतिविधियों के केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बताई जा रही है और पुनर्निर्माण 5 फरवरी 2026 (कश्मीर एकजुटता दिवस) से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
• भारतीय सुरक्षा व नीति विशेषज्ञों ने इस कदम को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने की बात की जा रही है।
रिपोर्ट का संदर्भ और सुरक्षा संकट
खुफिया इनपुट के अनुसार, मरकज़ तैयबा की बहाली के पीछे संगठन के वरिष्ठ कमांडर और स्थानीय समर्थन की भूमिका बताई जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे केंद्र फिर सक्रिय हुए तो वे न केवल प्रशिक्षण और रिक्रूटमेंट के केंद्र बनेंगे बल्कि क्षेत्रीय आतंकवाद की पुनरुत्थान क्षमता भी बढ़ सकती है। पूर्व आर्मी चीफ्स ने सतर्क रहने और आवश्यक खुफिया-सैन्य तैयारियों को बढ़ाने की सलाह दी है।
भारत की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय अपील
सरकारी स्तर पर इससे जुड़े मामलों पर टिप्पणी सीमित रही है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी उकसावे पर भारत का जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रहेगा। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने व पाकिस्तान पर दबाव बनाने का अनुरोध भी किया है।
ऑपरेशन सिंदूर ने मरकज़ तैयबा को बड़ा क्षति पहुंचाई थी, लेकिन खुफिया सूचनाएँ संकेत देती हैं कि उसके अवशेषों को पुनर्जीवित करने का प्रयास जारी है। सुरक्षा संस्थाएँ और नीति निर्माताओं के लिए यह चुनौती बनी हुई है — ज़रूरत है सतर्कता, अंतर-एजेंसी समन्वय और वैश्विक स्तर पर संवाद बढ़ाने की, ताकि क्षेत्रीय संवेदनशीलता और सुरक्षा परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए स्थितियों का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।
नेपाल की नई PM सुशीला कार्की ने संभाला कार्यभार, किया यह बड़ा ऐलान
14 Sep, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। नेपाल की नव नियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने रविवार को पदभार ग्रहण कर लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय एवं मंत्रिपरिषद का भवन हाल ही में आगजनी की घटना में क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण गृह मंत्रालय भवन में यह पदभार ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार को सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। कांतिपुर समाचार पत्र ने बताया है कि सुशीला कार्की ने सिंहदरबार स्थित कार्यालय में औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले लांचोर पुघेर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री कार्की ने ”जेन-जी आंदोलन” के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया। मुख्य सचिव एकनारायण आर्याल ने बताया कि घायलों के लिए निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की गई है।
इक्वाडोर में पब्लिक पर सरेआम चलींं ताबड़तोड़ गोलियां, 7 लोगों की मौत
14 Sep, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर के सैंटो डोमिंगो डे लॉस त्साचिलास स्थित एक पूल हॉल में पब्लिक पर जमकर गोलियां चली हैं। बताया जा रहा है कि सैनिकों के वेश में बंदूकधारियों ने गोलीबारी की, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने लोकल न्यूज आउटलेट 'प्रिमिसियास' के हवाले से बताया कि हमलावर स्थानीय समयनुसार रात लगभग 10:30 बजे अचानक एक वाहन से आए और नुएवो अमानेसर इलाके में स्थित पूल हॉल में लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
सैंटो डोमिंगो डे लॉस त्साचिलास प्रांत के पूल हॉल में महीने भर के अंदर सामूहिक गोलीबारी की यह दूसरी है। पुलिस ने बताया कि 17 अगस्त को भी इसी तरह के एक हमले में सात लोग मारे गए थे।
मारे गए लोगों का आपराधिक इतिहास
पुलिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गोलीबारी में मारे गए लोगों में से एक और घायल हुए दो लोगों का गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है। स्थानीय मीडिया ने घटना के संबंध में कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं।
तस्वीर में हमलावर काले कपड़े पहने, बनियान और टोपी पहने लोगों पर गोलियां चलाते दिखाई दे रहे हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि हमलावरों ने जिस गाड़ी से आकर हमला किया, वह शहर के दूसरे हिस्से में जली हुई मिली।
पहली छमाही में 4,619 हत्याएं दर्ज
ताजा आंकड़ों के अनुसार, इक्वाडोर में 2025 की पहली छमाही में 4,619 हत्याएं दर्ज की गईं हैं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 47 प्रतिशत की वृद्धि है। इतिहास में यह छह महीने में सबसे अधिक संख्या है।
वहीं, इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने जनवरी 2024 में हिंसा बढ़ने के कारण 'आंतरिक सशस्त्र संघर्ष' की स्थिति घोषित कर दी है। जिसके बाद से देश में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है।
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की सरेआम हुई थी हत्या
बता दें कि इक्वाडोर अपराध के लिए काफी चर्चा में रहता है। साल 2023 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फर्नांडो विलाविसेंशियो की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
यह घटना राजधानी क्विटो में एक रैली के दौरान हुई थी, जब विलाविसेंशियो अपने समर्थकों से बात कर रहे थे। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
नेपाल की सत्ता संभालते ही ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू कर दिया सुशीला कार्की ने
14 Sep, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्व पीएम केपी ओली के खिलाफ एफआईआर
काठमांडू। सुशीला कार्की को नेपाल की सत्ता संभाले हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और उन्होंने ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के ख़िलाफ़ 8 सितंबर को हुई पुलिस दमन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई है। ओली के खिलाफ जघन्य अपराध के आरोप में जांच की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है।
जन-जेड के आक्रोश को देखते हुए 9 सितंबर को केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। जुलाई 2024 में उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और एक साल दो महीने के बाद ही गद्दी छोडऩी पड़ी।
आज कर सकती हैं कैबिनेट का विस्तार
नेपाल में अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की रविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं। सुशीला कार्की शनिवार को पूरे दिन जन-जेड प्रतिनिधियों और विभिन्न अन्य राजनीतिक और सामाजिक दलों के साथ विचार-विमर्श में व्यस्त रहीं। उनके इस व्यापक संवाद का उद्देश्य आगामी कैबिनेट विस्तार के लिए सहयोग और समर्थन जुटाना बताया जा रहा है। कार्की के निकट सूत्रों के अनुसार, सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नए सदस्यों के नामों पर कल तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि नामों के ऐलान के साथ उसी दिन नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी हो जाएगा। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस कैबिनेट विस्तार में विभिन्न क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे सरकार की स्थिरता और जनसमर्थन में ग्रोथ होने की उम्मीद है।
दो नाव पलटने से 193 लोगों की मौत, कई लापता
14 Sep, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांगो। अफ्रीकी कांगो के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र इक्वेटर प्रांत में इस हफ्ते दो अलग-अलग नाव दुर्घटनाओं में कम से कम 193 लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं। पहली दुर्घटना बुधवार को बासांकुसु इलाके में हुई, जहां एक मोटर से चलने वाली नाव पलट गई। इस हादसे में 86 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस हादसे की वजह गलत लोडिंग और रात में नौवहन बताया गया है। कितने लोग लापता हैं, इसकी सटीक जानकारी नहीं।
वहीं, दूसरी दुर्घटना गुरुवार शाम को लुकोलेला इलाके के मलंगे गांव के पास कांगो नदी पर हुई। यहां एक व्हेलबोट में आग लग गई और वह पलट गई। इसमें करीब 500 यात्री सवार थे। कांगो सरकार के मुताबिक, इस हादसे में 209 लोगों को बचाया गया, लेकिन कम से कम 107 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने कहा कि यह दोनों हादसे इक्वेटर प्रांत से लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर हुए है। हादसों की वजह अब तक सामने नहीं आए हैं।
कामचटका में 7.4 तीव्रता का भूकंप
14 Sep, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस के कामचटका में शनिवार को 7.4 तीव्रता का भूकंप आया है। भूकंप के बाद यहां सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। यह भूकंप 39.5 किलोमीटर की गहराई पर आया। पहले भूकंप की तीव्रता 7.5 बताई थी, लेकिन बाद में इसे 7.4 कर दिया। पैसिफिक सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में रूस के तटों पर खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इससे पहले 30 जुलाई को यहां 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जो दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप आया था। कामचटका में बीते तीन महिनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 3 भूकंप दर्ज किए गए हैं।
सुशीला कार्की से कुछ तो सीखें मोहम्मद यूनुस....जो चुनाव करने के वादे को टालने में लगे
13 Sep, 2025 08:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के दो पड़ोसी देश, बांग्लादेश और नेपाल, वर्तमान में अंतरिम सरकारों के अधीन हैं, लेकिन दोनों की नीयत और कार्यप्रणाली में बड़ा अंतर है। नेपाल में हाल ही में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद केपी ओली की सरकार गिर गई। इसके बाद पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। उन्होंने पद संभालते ही 21 मार्च 2026 को आम चुनाव कराने की सिफारिश की, जिससे साफ होता है कि उनकी प्राथमिकता लोकतंत्र की बहाली है।
वहीं दूसरी ओर, बांग्लादेश में हालात बिलकुल अलग हैं। अगस्त 2024 में आरक्षण विरोधी आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से, मोहम्मद यूनुस एक साल से मुख्य सलाहकार के पद पर बने हुए हैं। विपक्षी दल और छात्र बार-बार चुनाव की मांग कर रहे हैं, लेकिन यूनुस लगातार वादों को टाल रहे हैं।
नेपाल में जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया था कि वे एक अंतरिम सरकार चाहते हैं जो जल्द से जल्द चुनाव कराए। केवल एक सप्ताह में सब कुछ सामान्य हो गया और चुनाव की तारीख भी तय हो गई। नेपाल के युवा देश को फिर से खड़ा करने में लगे हैं।
वहीं बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन बाद में कट्टरपंथियों के हाथों में चला गया। यूनुस की अंतरिम सरकार पर आरोप हैं कि उन्होंने सत्ता में आते ही कई विवादास्पद कदम उठाए, जैसे हिंदुओं पर हमलों को अनदेखा करना, आतंकवादियों को जेल से छुड़ाना और कट्टरपंथी संगठनों से प्रतिबंध हटाना। इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान से अपनी नजदीकियां बढ़ाईं, जबकि नेपाल की तरह यहां चुनाव कराने की नीयत भी साफ नहीं दिखती।
यूनुस और सुशीला कार्की: दो अलग-अलग दृष्टिकोण
नेपाल में, सुशीला कार्की ने सत्ता के लालच से दूर रहकर लोकतंत्र की बहाली को प्राथमिकता दी। उनका त्वरित निर्णय चुनाव कराने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके विपरीत, बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस ने सत्ता से चिपके रहने का आरोप झेल रहे हैं। वे बार-बार चुनाव की तारीख टाल रहे हैं, जिससे उनकी नीयत पर सवाल उठ रहे हैं। अगर उनकी नीयत साफ होती, तब चुनाव अब तक हो जाते।
अब फोन बंद रहेगा…’ – हरियाणा के दो युवकों ने भेजा आखिरी संदेश, रूस द्वारा जबरन यूक्रेन युद्ध में शामिल किए जाने का आरोप
13 Sep, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद: हरियाणा के फतेहाबाद जिले के कुम्हरिया गांव के दो युवक रूस-यूक्रेन युद्ध की आग में धकेल दिए गए हैं। इनमें से एक युवक अंकित जांगरा ने गुरुवार रात अपने भाई रघुबीर को एक वॉइस नोट भेजा। इसमें उसने बताया कि शुक्रवार सुबह 5 बजे उसे युद्ध क्षेत्र में भेजा जा रहा है और उसके बाद उसका फोन भी बंद हो जाएगा। यह संदेश टेलीग्राम के जरिए भेजा गया, क्योंकि कुछ दिन पहले ही रूसी सेना ने उनका व्हाट्सएप अकाउंट डिलीट कर दिया था। रघुबीर ने बताया कि भाई ने कहा कि अब वह हमसे संपर्क नहीं कर पाएगा। उसके बाद हमारी कोई खबर नहीं मिलेगी।
रूसी भाषा का कोर्स करने गया था अंकित
रघुबीर ने बताया कि उसका भाई अंकित रूस में रूसी भाषा का कोर्स करने गया था और वहां केएफसी में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान एक महिला ने उसे सुरक्षा गार्ड की नौकरी का झांसा दिया। उसी दौरान जबरन समझौता करवाकर उसे सेना में धकेल दिया गया। रघुबीर ने हाल ही में दिल्ली में विदेश मंत्रालय का रुख किया था, जहां अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि युवाओं को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अंकित के परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब है। घर गिरवी रखकर उन्होंने 4.75 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उनके पास कोई ज़मीन नहीं है। पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं और रघुबीर खुद मज़दूरी करता है। रघुबीर का कहना है किअब घर में केवल मैं, मां और पिता बचे हैं। मेरा भाई धोखे से फंस गया और हमें नहीं पता कि वह लौटकर आएगा भी या नहीं।
फेसबुक के माध्यम से संदेश भेजा
दूसरे युवक, विजय पूनिय ने बुधवार रात अपने दोस्त रमेश कुमार को फेसबुक के माध्यम से संदेश भेजा। इसमें उसने लिखा कि रूसी सेना ने उनके व्हाट्सएप पर वीडियो शेयर करने की जानकारी पाकर अकाउंट डिलीट करवा दिए और उन्हें मजबूर किया गया कि वे किसी से संपर्क न रखें। बता दें कि इस सप्ताह कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें अंकित और विजय समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के अन्य युवाओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें झूठे वादों के साथ रूस बुलाया गया। उन्हें नौकरी का लालच देकर वहां ले जाया गया और बाद में जबरन रूसी सेना में शामिल कर लिया गया। युवाओं का कहना है कि उन्हें धमकाकर रूसी भाषा में कागज़ों पर हस्ताक्षर कराए गए और सेना की वर्दी पहनाई गई। इसके बाद उन्हें 10 दिन का हथियार चलाने का प्रशिक्षण देकर युद्ध में भेजने की तैयारी की गई। कांग्रेस महासचिव और सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा ने भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
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