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5 मेडल जीतने वाले मरीन कमांडो ने चर्च जलाया
30 Sep, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मिशिगन। अमेरिकी राज्य मिशिगन के ग्रैंड ब्लैंक शहर में रविवार को चर्च में गोलीबारी करने वाले शख्स की पहचान 40 साल थॉमस जैकब सैनफोर्ड के रूप में हुई। सैनफोर्ड ने 2004 से 2008 तक मरीन कमांडो में काम किया था। उसे 5 मेडल भी मिले थे।
अल-जजीरा के मुताबिक, सैनफोर्ड के बेटे को एक रेयर डिजीज थी, जिसके चलते उसने नौकरी छोड़ी थी। सैनफोर्ड ने फायरिंग के बाद में चर्च को आग लगा दी थी। इसमें, 2 लोगों की मौत गोली लगने से हुई, जबकि 3 लोगों की मौत इलाज के दौरान हुई। हमले में 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। सैनफोर्ड ने असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया था। उसने चर्च पर हमला क्यों किया इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। पुलिस के साथ मुठभेड़ में सैनफोर्ड भी मारा गया।
भारत और भूटान के बीच चलेगी ट्रेन, 4 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
30 Sep, 2025 08:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और भूटान के बीच ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। पहला प्रोजोक्ट कोकराझार-गेलफू रेल लाइन है, जो असम के कोकराझार और चिरांग जिलों को भूटान के सारपांग जिले से जोड़ेगी। यह 69 किलोमीटर लंबी लाइन भूटान से पहली रेल कनेक्टिविटी होगी। इसमें 6 स्टेशन, 2 वायडक्ट, 2 महत्वपूर्ण पुल, 29 बड़े और 65 छोटे पुल, 2 गुड्स शेड, 1 रोड ओवर ब्रिज तथा 39 रेल अंडर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 3,456 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इसे पूरा करने में 4 साल लगेंगे।
दूसरा प्रोजेक्ट बनारहाट-सामत्से रेल लाइन है, जो पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले से भूटान के सामत्से तक 20 किलोमीटर लंबी होगी। इस पर 577 करोड़ रुपए की लागत आएगी और तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इसमें 2 स्टेशन, 1 बड़ा और 24 छोटे पुल, 1 रोड ओवरब्रिज तथा 37 रोड अंडरब्रिज शामिल हैं।
अब वीजा सिस्टम में सुधार करेंगे दक्षिण कोरिया और अमेरिका
29 Sep, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सियोल। दक्षिण कोरिया और अमेरिका साथ मिलकर कोरियाई कामगारों के लिए वीजा प्रणाली में सुधार के लिए इस हफ्ते एक कार्य समूह का गठन करेंगे। सूत्रों के मुताबिक सियोल के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी विदेश विभाग इस कार्य समूह का नेतृत्व करेंगे। माना जा रहा है कि अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग और वाणिज्य विभाग भी इस समूह में भाग ले सकते हैं। ऐसे समय में जब कोरियाई कंपनियां अमेरिका में बड़ी विनिर्माण परियोजनाएं चला रही हैं, दोनों देशों के बीच दक्षिण कोरियाई श्रमिकों के लिए अमेरिकी वीजा प्रणाली को बेहतर बनाने पर चर्चा होने की व्यापक संभावना है।
हाल ही में अमेरिका के जॉर्जिया में हुंडई प्लांट पर इमिग्रेशन एनफोर्समेंट ऑपरेशन के तहत छापेमारी की थी। छापेमारी के बाद करीब 475 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 300 दक्षिण कोरिया के रहने वाले हैं। जॉर्जिया में हुंडई प्लांट पर सितंबर की शुरुआत में हुई इस छापेमारी के बाद दक्षिण कोरियाई कामगारों को वीजा नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के आरोप में एक हफ्ते तक हिरासत में रखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, राजनयिक बातचीत के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बता दें, हिरासत में लिए गए कई लोग बी1 वीजा पर अमेरिका आए थे, जो व्यावसायिक उद्देश्यों, जैसे बैठकों में भाग लेने या अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने, या अल्पकालिक प्रवास के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल ऑथराइजेशन (ईएसटीए) वीजा छूट कार्यक्रम के तहत जारी किया गया था। दोनों देशों के बीच बी1 वीजा को हल्के तरीके से लागू करने पर चर्चा होने की संभावना है। अगर बी1 वीजा के तहत व्यावसायिक उद्देश्यों का दायरा स्पष्ट हो जाता है, तो अमेरिका मौजूदा वीजा प्रणाली में बदलाव किए बिना दक्षिण कोरियाई व्यापारियों की कठिनाइयों का तुरंत समाधान कर सकता है।
निवेश करने वालों के लिए बनेगी डेस्क
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका में निवेश करने वाले कोरियाई लोगों के लिए अमेरिका स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास में एक अलग वीजा डेस्क स्थापित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। चर्चा यह भी थी कि इन सभी लोगों को इन सभी श्रमिकों को वापस कोरिया भेज दिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया जाहिर की थी। प्रतिभाशाली लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका आने को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि आपके निवेश का स्वागत है, और हम विश्वस्तरीय उत्पाद बनाने के लिए अपने बेहद कुशल और तकनीकी रूप से प्रतिभाशाली लोगों को कानूनी तौर पर लाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और हम इसे आपके लिए शीघ्र और कानूनी रूप से संभव बना देंगे।
ट्रंप के सलाहकार ने दी चेतावनी कहा- अमेरिका से व्यापार करना है तो तरीके से पेश आना होगा
29 Sep, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका किसी भी देश पर मनमाना टैरिफ और प्रतिबंध लगाने में देरी नहीं कर रहा है। लेकिन बड़ी बात ये है इसके बाद भी दुनिया के अधिकांश देश उसे ज्यादा भाव देने को तैयार नहीं है। इससे खिसियाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार अब दुनिया को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि यदि अमेरिका के साथ व्यापार करना है तो राष्ट्रपति ट्रंप का न केवल सम्मान करना पड़ेगा बल्कि उनके साथ बहुत तरीके से पेश आना पड़ेगा। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने भारत समेत कई बड़े साझेदार देशों को खुलकर चेतावनी दी कि अगर वे अमेरिकी कंज्यूमर मार्केट तक पहुंच बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें अमेरिका के साथ सही तरीके से पेश आना होगा। लटनिक ने एक इंटरव्यू में कहा, स्विटजरलैंड, ब्राजील, भारत… ये वो देश हैं जिन्हें अमेरिका के प्रति सही तरीके से प्रतिक्रिया करनी होगी। अगर आप अमेरिका में अपना माल बेचना चाहते हैं, तो आपको राष्ट्रपति के साथ तालमेल बनाकर खेलना होगा।
लटनिक ने दोहराया कि वॉशिंगटन का लक्ष्य संतुलित व्यापार है और जब तक यह हासिल नहीं होता, तब तक दबाव जारी रहेगा। उन्होंने कहा, ये राष्ट्रपति की नीति है। आप मान लीजिए या फिर अमेरिका जैसे सबसे बड़े उपभोक्ता बाज़ार में कारोबार करना आपके लिए मुश्किल हो जाएगा। इंटरव्यू में लटनिक ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के टैरिफ से अमेरिका में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। उनके अनुसार, 80,000 नौकरियां खोने की रिपोर्ट गलत है। असल में टैरिफ से लाखों नई नौकरियां बनेंगी। अमेरिका में 6.9 मिलियन ऐसे लोग हैं जिन्हें हाथ से काम करना पसंद है। अब उन्हें एडवांस टेक्निकल ट्रेनिंग मिलेगी। लटनिक ने दावा किया कि अमेरिका अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने वाला है और इससे अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। भारतीय पेशेवरों के लिए बड़ी चिंता एच-1बी वीजा नीति है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में इसका शुल्क बढ़ाकर 100,000 डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) सालाना कर दिया है। लटनिक ने कहा, यह लॉटरी ठीक करने का समय है। हमें सिर्फ सबसे उच्च-स्तरीय, उच्च-शिक्षित और उच्च-भुगतान पाने वाले पेशेवर चाहिए – जैसे डॉक्टर, प्रोफेसर और टॉप इंजीनियर्स। सस्ते टेक कंसल्टेंट्स या प्रशिक्षुओं के लिए अब जगह नहीं है। यह फैसला भारत की आईटी कंपनियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उनकी भारी निर्भरता भारतीय इंजीनियरों को अमेरिका भेजने पर रहती है। इंटरव्यू में लटनिक ने ट्रंप और एलन मस्क के रिश्तों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ट्रंप दिल के बहुत अच्छे इंसान हैं और भले ही वे मस्क को माफ कर दें, लेकिन भूलेंगे नहीं। ट्रंप और मस्क के बीच हाल ही में तब विवाद बढ़ा था जब टेस्ला प्रमुख ने ट्रंप के नए बिग ब्यूटीफुल बिल को गंदा और खतरनाक कहकर इसकी आलोचना की थी।
सऊदी अरब से डिफेंस डील के चंद रोज बाद ही पाकिस्तानी जहाज पर इजरायल का हमला
29 Sep, 2025 11:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
24 पाकिस्तानियों सहित 27 को बचाया गया
इजरायल और सऊदी अरब ने हाल ही में डिफेंस डील की थी, जिसके मुताबिक दोनों में किसी भी देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। इस डील के बाद पाकिस्तान ने सऊदी को न्यूक्लियर हथियार देने तक की बात कह डाली। इन सब बयानों से पाकिस्तान ने बेवजह इजरायल से अपनी दुश्मनी को बढ़ा दिया। अब खबर है कि इजरायल ने पाकिस्तान के एक जहाज पर हमला कर दिया। जहाज लाल सागर में था, तभी यह हमला हुआ। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पुष्टि की है कि एक पाकिस्तानी चालक दल वाला एलपीजी टैंकर इजरायली हमले का शिकार हुआ।
उन्होंने कहा कि जहाज हूती विद्रोहियों की गिरफ्त से भी सुरक्षित बाहर निकल आया है। इस जहाज पर कुल 27 सदस्य सवार थे, जिनमें से 24 पाकिस्तानी, 2 श्रीलंकाई और 1 नेपाली नागरिक शामिल थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 17 सितंबर 2025 को यह जहाज रास अल-ईसा पोर्ट पर खड़ा था, जो वर्तमान में हूतियों के नियंत्रण में है। इसी दौरान इजरायल के एक ड्रोन ने टैंकर को निशाना बनाया। हमले में जहाज के एलपीजी टैंकों में से जोरदार विस्फोट हुआ, लेकिन चालक दल ने आग पर काबू पा लिया और सभी की जान बच गई।
हूती विद्रोहियों ने भी बनाया था बंधक
पाकिस्तानी न्यूज आउटलेट ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक हमले के तुरंत बाद हूती विद्रोहियों की नौकाएं मौके पर पहुंचीं और जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया। चालक दल को कई दिनों तक जहाज पर ही बंधक बनाकर रखा गया। स्थिति बेहद गंभीर थी और उम्मीद धीरे-धीरे कम हो रही थी। मोहसिन नकवी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए दिन-रात प्रयास किए। उन्होंने ओमान में पाकिस्तानी राजदूत नवीद बुखारी, सऊदी अरब और सुरक्षा एजेंसियों की टीमों का आभार जताया। इससे साफ है कि क्राइसिस से निपटने में पाकिस्तान ने सऊदी की मदद की होगी। नकवी ने लिखा, ‘टैंकर और उसका चालक दल अब सुरक्षित है और यमनी जलक्षेत्र से बाहर निकल चुका है।’
इंस्टाग्राम पर लाइव दिखाई 3 लड़कियों की हत्या
29 Sep, 2025 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ब्यूनस आयर्स । अर्जेंटीना में ड्रग गैंग ने तीन लड़कियों की बेरहमी से हत्या कर दी और इस पूरी वारदात को इंस्टाग्राम पर लाइव दिखाया। घटना 19 सितंबर की है। अब घटना के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। हत्या से पहले गैंग के गुर्गों ने लड़कियों को बुरी तरह पीटा, उनकी उंगलियां काटीं, नाखून उखाड़े, इसके बाद गला घोंटकर मार डाला।
पुलिस के मुताबिक, तीनों को पार्टी में बुलाने के बहाने वैन में ले जाया गया और गैंग के ‘नियम तोडऩे’ की सजा के तौर पर मार दिया गया। वीडियो में गैंग लीडर को यह कहते सुना गया कि जो मेरे ड्रग्स चुराएगा, उसका यही हाल होगा। मृतक लड़कियों में दो चचेरी बहनें मोरेना वेर्दी और ब्रेंडा डेल कास्टिलो (20-20 साल) और 15 साल की लारा गुटिएरेज थीं।
रेस्टोरेंट पर फायरिंग, 3 की मौत
29 Sep, 2025 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में एक नाव से रेस्टोरेंट पर अंधाधुंध फायरिंग की गई, इस गोलीबारी में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हो गए। हमलावर फायरिंग के बाद मौके से फरार हो गया। ये घटना साउथपोर्ट यॉट बेसिन इलाके में स्थित अमेरिकन फिश कंपनी रेस्तरां और पब में हुई। पुलिस ने कहा कि फायरिंग में 7 लोगों को गोली लगी है, जिनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत के बारे में जानकारी शेयर नहीं की गई है। वहीं, साउथपोर्ट के सिटी मैनेजर नोहा साल्डो ने बताया कि नाव सीधे रेस्तरां के पास आई और वहां मौजूद भीड़ पर गोलियां बरसा दीं। इसके बाद नाव तेजी से वहां से निकल गई।
नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली समेत 5 लोगों के काठमांडू छोड़ने पर रोक
29 Sep, 2025 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू । नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली समेत 5 लोगों के काठमांडू छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। इनमें पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक, गृह सचिव गोकर्ण मणि दुवाडी, आंतरिक खुफिया विभाग के प्रमुख हुत राज थापा, काठमांडू के तत्कालीन जिलाधिकारी छवि रिजाल शामिल हैं। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले न्यायिक आयोग ने लिया है। यह आयोग जेन-जी आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी की जांच कर रहा है।
इसके अलावा आयोग ने इन नेताओं के पासपोर्ट निलंबित करने और कड़ी निगरानी रखने का भी आदेश दिया है। आयोग ने साफ किया कि बिना आयोग की अनुमति के कोई भी व्यक्ति काठमांडू से बाहर नहीं जा सकता।
पाकिस्तान में भी नवरात्र की धूम, बड़े-बड़े सजे पंडाल, नजर आ रहा भाईचारा
28 Sep, 2025 08:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करांची। त्यौहार लोगों को मिलते हैं प्यार और भाईचारे का प्रतीक होते हैं चाहे है दिवाली-ईद या अन्य त्यौहार हो। ऐसा ही नजारा हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में देखने को मिला। वहां ईद ही नहीं हिंदू त्यौहार भी लोगा मिलजुलकर धूम से मनाते हैं। देशों में आपसी तनाव हो सकता है लेकिन लोग बिना भेदभाव के एक दूसरे को गले लगाते हैं। इस समय पाकिस्तान में नवरात्र की धूम का वीडियो वायरल हो रहा है जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं और खुश हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक ताजा वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पाकिस्तान में नवरात्रि पर बड़े-बड़े डांडिया और गरबा पंडाल लगे दिखाए गए हैं और लोग गरबा खेलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में हर तरफ रंग, रौनक और उत्सव की धूम दिखाई दे रही है, जैसे पूरा शहर जश्न में डूबा हुआ हो। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पाकिस्तान में अलग अलग जगहों पर नवरात्रि पर पंडाल लगाए गए हैं। इनपंडालों में रंग-बिरंगे बल्बों, झिलमिलाती लाइट्स और पारंपरिक सजावट की गई हैं यहां भाईचारे की मिसाल भी पेश की जा रही है। लोगों के चेहरों पर ना कोई तनाव न विवाद नजर आ रहा है। खुशी में सब झूम रहे हैं।
वीडिया में दिख रहा है कि हर तरफ लोग गरबा और डांडिया खेलते नजर आ रहे हैं। पुरुष और महिलाएं पारंपरिक पोशाकों में नाच रहे हैं, हाथों में डांडिया लिए और कदम ताल से ताल मिलाते हुए वातावरण को जीवंत बना रहे हैं। वीडियो में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को भी शामिल देखकर यह पता चलता है कि नवरात्रि का उत्सव हर उम्र के लोगों को जोड़ता है। कुछ लोग झूले और छोटे स्टेज पर भी डांडिया करते हुए नजर आते हैं, जबकि बाकी लोग बड़े पंडाल के बीच रचनात्मक नृत्य करते हैं। यह नजारा देखने वालों को ऐसा महसूस कराता है कि जैसे भारत की किसी बड़ी नगरी में नवरात्र का जश्न चल रहा हो।
बता दें ये वीडियो पाकिस्तान के रहने वाले एक यूजर ने शेयर किया है जो कि पाकिस्तानी हिंदू है। वीडियो के शेयर होने के बाद से अब तक इसे लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है। ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा...ये सब देखकर काफी खुशी हुई, पाकिस्तान में भी इस तरह के उत्सव होते हैं। एक और यूजर ने लिखा...खुश रहो और आजादी से अपनी हर खुशी मनाओ। तो वहीं एक और यूजर ने लिखा...पाकिस्तान में भी हिंदू त्यौहार मनाए जाते हैं, देखकर खुशी हुई।
अमेरिका में एक तूफान से बचने की तैयारी हो रही थी तभी दूसरे ने दी दस्तक
28 Sep, 2025 06:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी प्रशासन हरिकेन हम्बर्टो तूफान से बचने की तैयारी में ही था कि एक दूसरे तबाही ने दस्तक दे दी है। बड़ी बात है कि ये हम्बर्टो के ही रास्ते में ये नया तूफान अमेरिका के दक्षिण पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। अटलांटिक महासागर में हरिकेन हम्बर्टो विकराल रूप ले लिया है। इसे तूफान का दुर्लभ श्रेणी 5 बताया जा रहा है, जिसमें तूफान 225 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेता है और अपने रास्ते में आने वाले किसी भी चीज को तबाह कर देता है।
अमेरिका के राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने बताया कि शनिवार को सुबह से ही क्यूबा और बहामास के बीच 35 मील यानी कि 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार तूफानी हवाए चल रही हैं, जिसकी वजह से ही नौवें तूफान का ट्रॉपिकल प्रेशर बना। मौसम विभाग ने बताया कि इस तूफान के आज रात या रविवार तड़के ट्रॉपिकल तूफान इमेल्डा और सोमवार देर रात या मंगलवार तक श्रेणी 1 के तूफान में बदलने की संभावना है।
अमेरिकी मौसम विभाग ने इस वीकेंड (अमेरिकी समयानुसार) बहामास के लिए तूफान की चेतावनी जारी है। वहीं, अमेरिका के फ्लोरिडा के पूर्वी तट पर पाम बीच और मार्टिन काउंटी लाइन से उत्तर की ओर फ्लैग्लर और वोलुसिया काउंटी लाइन तक आने वाले इस तूफान को ट्रैक करना शुरू कर दिया गया है। मौसम विभाग ने अनुमान के अनुसार, सोमवार को इस तूफान के दस्तक देने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि इस तूफान के दस्तक देते ही तेज रफ्तार की हवाएं तबाही मचा सकती है। तूफान की मॉनिटरिंग कर रहे है विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस वीकेंड पर ये तूफान बहामास से होकर गुजरेगा। अगले हफ्ते की शुरुआत यानी कि सोमवार तक दक्षिण-पूर्वी तट पर दस्तक दे सकता है। हालांकि, राहत वाली खबर ये है कि तूफान दक्षिण कैरोलिना तट के पास पहुंते-पहुंचते धीमा पड़ जाएगा, लैंडफॉल करने से ही पहले वापसी करने लगेगा। हालांकि, इसके बावजूद खतरे का संकेत है। निगरानी टीम ने बताया कि भविष्य में इमेल्डा तूफान जमीन पर नहीं भी पहुंचे, तो भी भारी बारिश और तटीय इलाकों में बाढ़ आने की पूरी संभावना है।
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पुराना मोर्टार शेल फटा, चार किशोरों की मौत, 2 घायल
28 Sep, 2025 05:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक पुराने मोर्टार शेल के फटने से कम से कम चार किशोरों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना अफगानिस्तान की सीमा से लगे बाजौर जिले के मामोंड तहसील के लघाराई गांव में हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीड़ित अनजाने में उपकरण के फटने से पहले उसके संपर्क में आ गए थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले दो किशोर 18 साल थे और अन्य दो की उम्र 15 और 13 साल थी। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टरों से आपातकालीन चिकित्सा के लिए पेशावर ले जाया गया। सुरक्षाकर्मियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और संभावित शेल का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने के लिए तलाशी अभियान शुरु किया है।
बांग्लादेश में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, लोगों ने किया प्रदर्शन, धारा 144 लागू
28 Sep, 2025 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश के खगराचारी जिले में आठवीं कक्षा की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के खिलाफ शनिवार को जनजातीय समुदायों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद अधिकारियों ने लोगों की आवाजाही पर बैन लगा दिया और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर चकमा जनजाति के लोग थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और पेड़ के तनों व ईंटों से सड़क पर अवरोधक खड़े कर जिले के प्रवेश व आंतरिक मार्गों पर यातायात रोक दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने और जन-धन के नुकसान की आशंका को देखते हुए शनिवार दोपहर दो बजे से खगराचारी और आसपास के इलाकों में धारा 144 लागू लगा दी गई। आदेश के तहत पांच से ज्यादा लोगों के जमा होने, रैली या जुलूस पर बैन लगा दिया गया। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के लेफ्टिनेंट कर्नल ने बताया कि सात प्लाटून यानी करीब 250 जवान तैनात किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि शयन शील नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और कोर्ट ने उसे पांच दिन के रिमांड पर भेजा है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
अमेरिका के टैरिफ फैसले से BRICS चिंतित, ग्लोबल इकोनॉमी पर मंडराया संकट
27 Sep, 2025 10:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी टैरिफ और व्यापार पर लग रहे प्रतिबंधों पर ब्रिक्स देशों ने चिंता जाहिर की है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से अलग हुई ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा गया कि अमेरिकी टैरिफ जैसी नीतियों से वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो सकती है। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक विकास और व्यापार प्रभावित होने का खतरा बढ़ रहा है।
ब्रिक्स देशों की बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की। बैठक के बाद जारी की गई संयुक्त विज्ञप्ति में कहा गया कि टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों में बढ़ोतरी से वैश्विक व्यापार में और कमी आने, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा उत्पन्न होने और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक-व्यापारिक गतिविधियों में अनिश्चितता उत्पन्न होने का खतरा है। इससे आर्थिक असमानता बढ़ सकती हैं। साथ ही वैश्विक आर्थिक विकास की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
ब्रिक्स देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात ने एकतरफा टैरिफ पर गंभीर चिंता व्यक्त की। सभी ने कहा कि यह वैश्विक व्यापार संगठन के नियमों के खिलाफ हैं। ऐसी चीजें ठीक नहीं हैं। इससे वैश्विक दक्षिण के हाशिए पर जाने का भी खतरा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि बढ़ते संरक्षणवाद, टैरिफ अस्थिरता और गैर-टैरिफ बाधाओं के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। ब्रिक्स को बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की रक्षा करनी चाहिए। जब बहुपक्षीय व्यवस्था दबाव में है, तब ब्रिक्स को मजबूती से खड़ा रहना होगा। एक अशांत दुनिया में ब्रिक्स को शांति, संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन का संदेश देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों विशेषकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए अपने सामूहिक आह्वान को और मजबूत करना चाहिए। ब्रिक्स सहयोग के अगले चरण की रूपरेखा प्रौद्योगिकी और नवाचार पर आधारित होगी। ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप, नवाचार और मजबूत विकास साझेदारी के माध्यम से सतत विकास पर केंद्रित होगी।
ब्रिक्स मंत्रियों ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए अपना पूर्ण समर्थन भी व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि वे 2026 में भारत में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की अलग बैठक की भी प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मंत्रियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
बयान में कहा गया कि उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। आतंकी गतिविधियों और उनके समर्थन में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। सभी ने आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता सुनिश्चित करने तथा आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मानदंडों को अस्वीकार करने का आग्रह किया।
ईरानी सुरक्षा प्रमुख का हल्ला बोल – "साजिशों का जवाब सिर्फ एकजुटता से"
27 Sep, 2025 10:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी ने शनिवार को क्षेत्रीय देशों से अपील की कि वे अपने मतभेदों को भुलाकर इस्राइल की साजिशों का सामना करने में एकजुट हों। यह बयान उन्होंने लेबनान में हिजबुल्ला नेता हसन नसरल्लाह की हत्या की सालगिरह के अवसर पर दिया।
लारीजानी ने कहा कि आज की परिस्थिति में, इस्राइल की साजिशों के बीच, क्षेत्रीय देशों को न केवल आपसी मतभेद भुलाकर सहयोग करना चाहिए, बल्कि साझा खतरों के खिलाफ एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने हिजबुल्ला नेता नाइम कासेम द्वारा सऊदी अरब से नए रिश्तों की पहल का स्वागत किया और इसे सही दिशा में कदम बताया।
हिजबुल्ला और ईरान का समर्थन
पिछले चार दशकों से ईरान हिजबुल्ला का मुख्य समर्थक रहा है। उसने हथियार और वित्तीय सहायता प्रदान की, जिससे यह क्षेत्र का सबसे ताकतवर मिलिटेंट समूह बन गया। हालाँकि, इस्राइल के साथ 14 महीने की लड़ाई में हिजबुल्ला को भारी नुकसान हुआ और कई प्रमुख कमांडर मारे गए।
इस्राइल के हालिया हमले
इस्राइल ने जून में ईरान पर हवाई हमले किए, जिसमें कई प्रमुख सैन्य कमांडर मारे गए और बैलिस्टिक मिसाइलों के गोदाम को नष्ट किया गया। इस हमले ने ईरान की वायु रक्षा को भी कमजोर किया। इस महीने इस्राइल ने कतर में हमास के राजनीतिक नेतृत्व के मुख्यालय पर भी हमला किया।
हिजबुल्ला और सऊदी अरब का दृष्टिकोण
लारीजानी ने कहा कि सऊदी अरब और हिजबुल्ला का साझा दुश्मन इस्राइल है। उन्होंने चेताया कि यदि इस्राइल नए हमले करता है, तो ईरान कड़ा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि ईरान सभी संभावित परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार है।
सुरक्षा और सामरिक संदेश
लारीजानी का संदेश स्पष्ट था कि ईरान क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों को तात्कालिक सुरक्षा हितों से ऊपर रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके बयान ने क्षेत्रीय सुरक्षा और इस्राइल -विरोधी रणनीति में ईरान की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया।
राष्ट्रपति पेट्रो का अमेरिकी वीजा रद्द, वजह बना डोनाल्ड ट्रंप पर दिया गया बयान
27 Sep, 2025 10:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका और कोलंबिया के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मुखर हो रहे हैं। इसे लेकर अब अमेरिका ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का वीजा रद्द कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि लापरवाह और भड़काऊ बयान देने पर पेट्रो के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
हाल ही में कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने न्यूयॉर्क में एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। यहां उन्होंने अमेरिकी सैनिकों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेशों को नहीं मानने के लिए कहा था। इसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हम पेट्रो के लापरवाह और भड़काऊ कार्यों के कारण उनका वीजा रद्द कर रहे हैं।
पेट्रो संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने आए थे। शुक्रवार को गाजा युद्ध के विरोध में न्यूयॉर्क में ही एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि मैं अमेरिकी सेना के सभी सैनिकों से आग्रह करता हूं कि वे अपनी राइफलें मानवता के विरुद्ध न तानें और ट्रंप के आदेशों की अवहेलना करें। अमेरिकी की कार्रवाई के बाद पेट्रो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुझे सजा की परवाह नहीं है, क्योंकि वह भी एक यूरोपीय नागरिक हैं। दुनिया भर में मानवता स्वतंत्र होनी चाहिए।
ट्रंप के खिलाफ आपराधिक जांच की मांग की
इससे पहले कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में भाषण देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक जांच की मांग की थी। पेट्रो ने यह मांग इस महीने कैरेबियाई सागर में नावों पर हुए अमेरिकी हमलों के बाद उठाई, जिनमें कई लोगों की मौत हुई थी। बता दें कि अमेरिका ने इन हमलों को लेकर दावा किया था कि उसके निशाने पर मादक पदार्थ ले जा रहे तस्कर गिरोह थे और नावों के जरिए तस्करी ही हो रही थी।
कैसे बढ़ा तनाव एक नजर
बता दें कि अमेरिका-कोलंबिया के बीच ये तनाव तब बढ़ा, जब कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने घोषणा की कि वे कोलंबियाई निर्वासितों को ले कर आ रहे अमेरिकी वायु सेना के विमानों को देश में उतरने की अनुमति नहीं देंगे। पेट्रो ने कहा कि कोलंबिया केवल तभी इन उड़ानों को स्वीकार करेगा जब अमेरिका उन निर्वासितों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के लिए प्रोटोकॉल स्थापित करेगा।
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