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ट्रंप के आदेश के बाद भी नहीं माने नेतन्याहू! गाजा पर इजरायल की ताबड़तोड़ बमबारी
5 Oct, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू (Netanyahu) को बमबारी (Bombing) रोकने का आदेश दिया था और कहा था कि हमास (Hamas) शांति के लिए तैयार है. इसके अलावा बंधकों को रिहा करने और युद्ध समाप्त करने की अमेरिकी योजना की कुछ अन्य शर्तों को स्वीकार करने पर भी सहमत है. हालांकि, इस आदेश के बावजूद इजरायल रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच गाजा (Gaza) के अधिकारियों ने बताया कि इजरायल ने शनिवार (4 अक्टूबर 2025) को गाजा पर हमला किया. इजरायली गोलाबारी में गाजा पट्टी में छह लोगों की मौत हो गई. चिकित्साकर्मियों और स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि एक हमले में गाजा शहर के एक घर में चार लोग मारे गए, जबकि दूसरे हमले में दक्षिण में खान यूनिस में दो अन्य लोग मारे गए.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिन पहले अपनी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना प्रस्तुत की थी, जिसमें हमास को रविवार (5 अक्टूबर 2025) तक इसे स्वीकार करने या गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी. ट्रंप का दावा है कि यह योजना बंधकों की रिहाई और युद्ध समाप्ति के लिए एक व्यावहारिक रास्ता खोल सकती है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इजरायल को गाजा पर बमबारी तुरंत रोकनी चाहिए ताकि हम बंधकों को सुरक्षित और जल्दी से बाहर निकाल सकें. यह सिर्फ गाजा के बारे में नहीं है. यह मध्य पूर्व में लंबे समय से चाही जा रही स्थायी शांति के बारे में है. ट्रंप ने खुद को गाजा में शांति लाने में सक्षम एकमात्र व्यक्ति बताया है और कहा कि वे इस दो साल पुराने युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनीतिक पूंजी लगा रहे हैं.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने घोषणा की कि सरकार ट्रंप की गाजा योजना के पहले चरण को तत्काल लागू करने की तैयारी कर रही है. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को गाजा में आक्रामक गतिविधियां कम करने के निर्देश दिए हैं. इजरायल के सैन्य प्रमुख ने भी कहा कि सेना को पहले चरण के कार्यान्वयन के लिए तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या यह युद्धविराम की दिशा में कदम है या नहीं.
इंदौर एयरपोर्ट पर कम हुई यात्रियों की संख्या, ठंड आते ही फिर बढ़ेगा पर्यटन
5 Oct, 2025 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर। इंदौर के विमानन उद्योग (Aviation industry in Indore) के लिए सितंबर का महीना बेहद निराशाजनक साबित हुआ है। इस महीने में न केवल यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई, बल्कि उड़ानों की संख्या भी काफी कम हो गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 इंदौर के लिए इस साल का सबसे कम यात्री और उड़ानों वाला महीना बन गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ठंड का मौसम आते ही फिर से पर्यटन बढ़ेगा और यात्रियों की संख्या में इजाफा देखा जाएगा।
इस कारण कम हुई यात्रियों की संख्या
1. जुलाई में स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद यात्री संख्या कम हुई।
2. अगस्त और सितंबर में कई शहरों के लिए उड़ानें बंद होने का प्रभाव पड़ा।
3. देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने भी यात्रियों की संख्या को प्रभावित किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर माह में इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से कुल 2,393 उड़ानों का संचालन हुआ, जिनमें 3 लाख 35 हजार 933 यात्रियों ने सफर किया। इसकी तुलना में, अगस्त महीने में 2,500 उड़ानें संचालित हुई थीं और 3 लाख 61 हजार 30 यात्रियों ने यात्रा की थी। इस प्रकार, केवल एक महीने में 107 उड़ानें और 25,097 यात्री कम हो गए। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो यात्रियों की संख्या में 7% और उड़ानों की संख्या में 4.3% की गिरावट आई है।
ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया के अनुसार, इस साल की शुरुआत जनवरी में 3.77 लाख यात्रियों के साथ बहुत अच्छी रही थी। लेकिन जुलाई में स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद से पर्यटन में कमी आने लगी। इसके अलावा, अगस्त और सितंबर में कई शहरों के लिए उड़ानों का बंद होना और देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने भी यात्रियों की संख्या को प्रभावित किया।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है। अक्टूबर से त्योहारी सीजन और नई उड़ानों के शुरू होने के साथ ही यात्रियों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। साल की शुरुआत में जहां रोजाना औसतन 12 हजार से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे, वहीं अब यह आंकड़ा 11 हजार के करीब आ गया है। इसी तरह, दैनिक उड़ानों की संख्या भी 90 से घटकर 80 से कम हो गई है।
H-1B वीजा के लिए 88 लाख रुपये देने का मामला, शुल्क के खिलाफ अमेरिका में उठाया गया बड़ा कदम
5 Oct, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिएटल। अमेरिका (America) में एच-1बी वीजा (H-1B Visa) आवेदनों पर लागू किए गए 1,00,000 अमेरिकी डॉलर यानि 88 लाख रुपये के शुल्क (Charge) के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, धार्मिक समूहों, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और अन्य व्यक्तियों के एक समूह ने शुक्रवार को इस फैसले के खिलाफ संघीय अदालत (Federal Court) में मुकदमा दायर किया है। इस समूह ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) के प्रशासन की यह योजना नियोक्ताओं, श्रमिकों और संघीय एजेंसियों के लिए अराजकता पैदा कर रही है।
ट्रंप प्रशासन ने नए एच-1बी वीजा के लिए 1,00,000 डॉलर का एकमुश्त शुल्क लागू करने का निर्णय लिया है, जिसे लेकर यह मुकदमा दायर किया गया है। मुकदमे में यह कहा गया है कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र और शिक्षा क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और शिक्षकों की भर्ती की जाती है, जो देश में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। इस वीजा योजना को लेकर दायर इस मुकदमे में यह भी कहा गया है कि यह अमेरिका में नवोन्मेष और आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है और नियोक्ताओं को विशेष क्षेत्रों में नौकरी के रिक्त स्थानों को भरने का अवसर प्रदान करता है।
मुकदमे में अदालत से यह अनुरोध किया गया है कि इस नए शुल्क पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि इन क्षेत्रों में आवश्यक कर्मियों की भर्ती में किसी प्रकार की अड़चन उत्पन्न न हो। समूह का कहना है कि यह शुल्क न केवल रोजगार अवसरों को प्रभावित करेगा, बल्कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं की गुणवत्ता को भी कमजोर करेगा। यह मामला अमेरिका की एक संघीय अदालत में सैन फ्रांसिस्को में दायर किया गया है, और इसे लेकर कई पक्षों में चिंता जताई जा रही है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों और समाज पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
गोल्ड होल्डिंग्स में टॉप पर US, भारत नौवें पायदान पर, जानें RBI की तिजोरी में कितना सोना?
5 Oct, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयार्क। सोने की कीमतों में इस साल तेज उछाल (Gold prices sharp rise) आया है। साल 2025 में अब तक गोल्ड प्राइसेज करीब 48 पर्सेंट तक बढ़े हैं। ग्लोबल मार्केट (Global Market.) में सोने की कीमतें 3896 डॉलर के लेवल तक जा पहुंचीं। दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों (Central banks) की तरफ से की जाने वाली खरीद, भूराजनीतिक चिंताओं और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं से सोने के दाम को रफ्तार मिली है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक सेफ्टी, लिक्विडिटी और रिटर्न की वजह से गोल्ड सेंट्रल बैंक रिजर्व्स का अहम हिस्सा है। WGC के मुताबिक, सेंट्रल बैंक गोल्ड के बड़े होल्डर्स हैं।
टॉप पर रहा अमेरिका
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2025 में दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की ऑफिशियल गोल्ड होल्डिंग्स 36,359 टन रही। देशों की लिस्ट (अगस्त 2025 में) में अमेरिका टॉप पर रहा। अमेरिका के पास 8133.5 टन सोना है। वहीं, दूसरे नंबर पर जर्मनी है। जर्मनी के सेंट्रल बैंक का गोल्ड रिजर्व 3350.3 टन का है। आईएमएफ की गोल्ड होल्डिंग 2814 टन, इटली की 2451.8 टन और फ्रांस की होल्डिंग 2437 टन रही। यह बात बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में कही गई है।
नौवें पायदान पर भारत
भारत लिस्ट में नौवें नंबर पर रहा। अगस्त 2025 में इसका गोल्ड रिजर्व 888 टन रहा। वहीं, जापान 846 टन के गोल्ड रिजर्व के साथ 10वें नंबर पर रहा। यह बात वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने अपने एक नोट में कही है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने कहा है कि साल 2025 में अब तक भारत ने 3.8 टन गोल्ड खरीदा है। भारत ने जनवरी में 2.8 टन, मार्च में 0.6 टन और जून में 0.4 टन गोल्ड रिजर्व में जोड़ा है। WGC ने कहा है कि सेंट्रल बैंकों ने अगस्त में ग्लोबल गोल्ड रिजर्व में 15 टन गोल्ड जोड़ा है। नेशनल बैंक ऑफ कजाकिस्तान ने 8 टन गोल्ड जोड़ा है और इसकी गोल्ड होल्डिंग्स अब 316 टन पहुंच गई है। साल 2024 के आखिर से यह 32 टन ज्यादा है। बुल्गारियन नेशनल बैंक का गोल्ड रिजर्व 2 टन बढ़ा है, इसका गोल्ड रिजर्व बढ़कर 43 टन पहुंच गया है। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने 2 टन गोल्ड खरीदा है, इसकी टोटल गोल्ड होल्डिंग्स अब 2300 टन को पार कर गई है।
बजट कटौती के खिलाफ फ्रांस में ट्रेड यूनियनों की हड़ताल, हजारों लोग सड़कों पर उतरे
4 Oct, 2025 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेरिस। अगले साल के बजट में भारी कटौती की योजनाओं के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की हड़ताल में गुरुवार को 85 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। उन्होंने मार्च निकाला। इसमें शिक्षक और स्वास्थ्य कर्मचारी समेत अन्य लोग भी शामिल हुए। इसके कारण एफिल टावर बंद करना पड़ा। ये राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम सेबेस्टियन लेकोर्नू पर दबाव बनाए हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेड यूनियन नेता सार्वजनिक सेवाओं पर ज्यादा खर्च, सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि को वापस लेने और अमीरों पर ज्यादा कर लगाने की मांग कर रहे हैं। इनमें फ्रांस के सबसे बड़े संघ, सीएफडीटी और कट्टरपंथी सीजीटी के नेता शामिल हैं। सीजीटी की महासचिव सोफी बिनेट ने बताया कि पिछले बजट प्रस्ताव में श्रमिकों से संबंधित सभी कटौती को हमेशा के लिए खत्म करना होगा।
बजट में कटौती के चलते घटा था पद पिछले पीएम फ्रांस्वा बायरू को 44 अरब यूरो के बजट में कटौती की योजना के चलते संसद ने पद से हटा दिया था। हालांकि, गुरुवार को सड़कों पर उतरने वाले लोगों की संख्या पिछले दिनों हुए प्रदर्शनों की तुलना में कम थी। लड़ाई जारी रखनी होगी नैनटेस में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए डोमिनिक मेनियर ने कहा कि हमें लड़ाई जारी रखनी होगी, भले ही हममें से ज्यादा लोग न हों। हर बार हमें एक दिन का नुकसान होता है, लेकिन लोकतंत्र आमतौर पर इसी तरह आगे बढ़ता है।
टैरिफ-टैरिफ करने वाले ट्रंप की पुतिन ने खोलकर रख दी पोल
4 Oct, 2025 10:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के साथ जारी व्यापार तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ संबंधी फैसलों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि तमाम प्रतिबंधों और शुल्कों के बावजूद अमेरिका रूस से यूरेनियम खरीद रहा है और इससे रूस को बड़ा मुनाफा होगा। पुतिन ने वल्दाई डिस्कशन क्लब के प्लेनरी सेशन में कहा कि रूस, अमेरिका को यूरेनियम सप्लाई करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है और 2025 में इससे लगभग 1.2 अरब डॉलर कमाई की उम्मीद है। अमेरिका के न्यूक्लियर फ्यूल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा एक अमेरिकी-यूरोपीय कंपनी सप्लाई करती है, जबकि रूस की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत है। पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद करता है, तो उसे 9 से 10 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा। पुतिन ने कहा कि भारत जैसे देश में लोग अपने नेताओं के फैसलों पर नजर रखते हैं और वे कभी नहीं चाहेंगे कि उनका देश किसी के सामने झुके। पुतिन ने यह भी कहा कि रूसी तेल के बिना दुनिया की भी अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा और यदि इसकी आपूर्ति बंद हो जाती है तो तेल की कीमतें प्रति बैरल 100 डॉलर से भी ऊपर बढ़ सकती हैं।
पुतिन ने मोदी का दोस्त बताते हुए कहा कि वह उनके साथ भरोसे के साथ बातचीत कर सकते हैं। रूसी राष्ट्रपति ने दिसंबर की शुरुआत में होने वाली अपनी भारत यात्रा को लेकर खुशी जताई। उन्होंने अपनी सरकार को यह भी निर्देश दिया कि भारत के बड़े पैमाने पर कच्चे तेल खरीदने की वजह से जो व्यापार असंतुलन बना है, उसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पुतिन ने कहा कि भारत चाहे तो व्यापार असंतुलन को ठीक करने के लिए रूस से और ज्यादा कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है। अपने भाषण में पुतिन ने अमेरिका पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देशों पर रूसी ऊर्जा न खरीदने का दबाव डालता है, जबकि खुद यूरेनियम के लिए रूस पर निर्भर है। पुतिन ने कहा कि रूस, अमेरिका को यूरेनियम देना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमसे यह इसलिए खरीदता है क्योंकि इसमें उसका फायदा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में रूस ने अमेरिका को यूरेनियम बेचकर करीब 800 मिलियन डॉलर कमाए थे। पुतिन ने बताया कि 2025 की पहली छमाही में ही यह आंकड़ा 800 मिलियन डॉलर पार कर गया है और पूरे साल की कमाई लगभग 1.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते कई देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। लेकिन तमाम प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिका रूस से यूरेनियम खरीद रहा है। अब पुतिन ने अमेरिका के इसी डबल स्टैंडर्ड पर तंज कसा है।
अमेरिका का डबल स्टैंडर्ड
ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और अगस्त के आखिर में इसे दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया। उनका तर्क था कि यह फैसला भारत को रूस से तेल खरीदने की सजा देने के लिए है, क्योंकि वॉशिंगटन का दावा है कि रूस का तेल राजस्व यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में मदद कर रहा है। जबकि हकीकत यह है कि रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार भारत नहीं, बल्कि चीन है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों से बार-बार कहा है कि वे रूस से तेल और गैस खरीदना बंद करें। लेकिन विडंबना यह है कि अमेरिका खुद रूस से केमिकल्स, यूरेनियम और फर्टिलाइजर्स खरीदता आ रहा है।
रूस से क्या-क्या खरीद रहे पश्चिमी देश
बता दें कि भारत ने अगस्त में ही पश्चिमी देशों के रूस के साथ जारी व्यापार की डिटेल्स सामने रखी थीं, जब ट्रंप और उनके सहयोगियों ने आरोप लगाया था कि नई दिल्ली रूस-यूक्रेन युद्ध से मुनाफा कमा रहा है। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि पिछले साल यूरोपीय संघ का रूस के साथ 68 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। इसके अलावा, अमेरिका ने अपनी न्यूक्लियर इंडस्ट्री के लिए रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पैलेडियम भी आयात किया था।
अब मोरक्को में जेन-जी का गुस्सा भडक़ा
4 Oct, 2025 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रबात। उत्तरी अफ्रीकी देश मोरक्को में स्वास्थ्य और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर भडक़ा जेन-जी आंदोलन हिंसक हो गया। राजधानी रबात में प्रदर्शनकारियों ने बैंक फूंक दी। कई दुकानों-गाडिय़ों में तोडफ़ोड़ की। आगादिर शहर में पुलिस की गोली से 3 युवाओं की मौत हो गई। वहीं एक हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए। 354 लोग घायल हुए हैं, जिनमें अधिकतर सुरक्षाकर्मी हैं। मंत्रालय के मुताबिक, लगभग 70 प्रतिशत प्रदर्शनकारी नाबालिग थे।
मोरक्को की सरकार 2030 फीफा वल्र्ड कप और अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के लिए 10 अरब डॉलर (करीब 8.8 लाख करोड़ रुपए) खर्च कर रही है। जबकि देश में सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की भारी कमी है।
प्रदर्शनकारियों का कोई नेता नहीं
युवाओं के नेतृत्व वाले इस विरोध आंदोलन को त्रद्गठ्र्ठं 212 कहा जा रहा है। 212 मोरक्को के इंटरनेशनल टेलीफोन डायलिंग कोड है। विदेश से मोरक्को में किसी को कॉल करने पर नंबर के पहले +212 लगाते हैं। नेपाल की तरह भी मोरक्को में भी विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं का कोई लीडर नहीं है। लोग सोशल मीडिया के जरिए से रैली कर रहे हैं। मोरक्को में बेरोजगारी दर 12.8 प्रतिशत है, जिसमें युवा बेरोजग़ारी 35.8 प्रतिशत और स्नातकों में 19 प्रतिशत तक पहुंच गई है। मोरक्को में 1430 लोगों पर एक डॉक्टर है, जो दुनिया के औसत (590) से ढाई गुना कम है। आगादिर के हसन-2 हॉस्पिटल में 8 महिलाओं मौत हो गई। इसे ‘डेथ हॉस्पिटल’ कहा जा रहा है।
जापान में बन सकती हैं पहली महिला पीएम
4 Oct, 2025 08:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो। जापान में पीएम शिगेरू इशिबा ने 7 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी पार्टी में 4 अक्टूबर को पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव है। जापान में बहुमत वाली पार्टी का अध्यक्ष ही पीएम बनता है। ऐसे में यह चुनाव जो भी जीतेगा उसे संसद में वोटिंग के बाद पीएम बनाया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष पद बनने की रेस में पांच उम्मीदवार हैं। लेकिन मुकाबला दो उम्मीदवारों के बीच ही है।
एक सर्वे के मुताबिक, पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री साने ताकाइची 34.4 प्रतिशत वोट के साथ सबसे आगे हैं। दूसरे नंबर पर कृषि मंत्री शिंजिरो कोइजुमी हैं, जिन्हें 29.3 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है। अगर ताकाइची यह चुनाव जीतती हैं तो वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनेंगी। वहीं, कोइजुमी चुनाव जीतते हैं तो वे देश के सबसे युवा (45 साल) पीएम बनेंगे।
कनाडा : भारतीय फिल्मों को बनाया जा रहा निशाना? थिएटर में पेट्रोल छिड़क लगाई आग…
3 Oct, 2025 08:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओटावा. कनाडा (Canada) में अब भारतीय फिल्मों (Indian films) को निशाना बनाया जा रहा है। दरअसल कनाडा के ओंटारियो के ओकविले में एक फिल्म थिएटर (Theatre) में आगजनी करने की घटना सामने आई है। वहीं एक अन्य घटना में फिल्म थिएटर के दरवाजे पर गोलियां चलाई गईं। गनीमत रही कि दोनों हादसों में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। गौरतलब बात ये है कि जिन थिएटर पर हमले किए गए, उनमें भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग हो रही थी। ऐसे में आशंका है कि कनाडा में भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग को प्रभावित करने के लिए ये लक्षित हमले किए जा रहे हैं। इन घटनाओं के पीछे खालिस्तानियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।
पहले आगजनी हुई फिर गोलीबारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओकविले के थिएटर में आगजनी बीती 25 सितंबर को की गई, जब दो नकाबपोश लोगों ने थिएटर के मुख्य गेट पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी, जिससे थिएटर को काफी नुकसान हुआ। यह घटना देर रात हुई, जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। हमले के वक्त थिएटर में कोई नहीं था, जिससे कोई घायल नहीं हुआ। इसके एक हफ्ते बाद 2 अक्तूबर को एक संदिग्ध ने फिल्म थिएटर के गेट पर गोलीबारी की। पुलिस का मानना है कि दोनों घटनाएं लक्षित हैं और पुलिस घटनाओं की जांच में जुटी है। थिएटर के सीईओ ने बताया कि भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग करने के लिए पहले भी उनके थिएटर पर हमले हुए हैं।
भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग रोकी गई
इस घटना के बाद वहां लोगों में डर का माहौल है। मौजूदा हालात को देखते हुए थिएटर ने एहतियातन दो भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग रोक दी है। थियेटर प्रबंधन का कहना है ‘हम झुकना नहीं चाहते, लेकिन स्टाफ और दर्शकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।’ इससे पहले भी कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया और टोरंटो में भी भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग करने वाले थिएटर्स को निशाना बनाया गया।
अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे अफगानिस्तान के विदेश मंत्री, UNSC से मिली मंजूरी
3 Oct, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । अफगानिस्तान (Afghanistan) के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी (Foreign Minister Amir Khan Muttaqi) अगले हफ्ते भारत (India) का दौरा करने वाले हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक नई दिल्ली पहुंचने की इजाजत दी गई है। तालिबान की 2021 में सत्ता हासिल करने के बाद यह अफगानिस्तान का पहला उच्च स्तरीय दौरा होगा, जिसे भारत-अफगानिस्तान संबंधों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। भारत आने से पहले मुत्तकी रूस जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ने मुत्तकी को 9 से 16 अक्टूबर के बीच नई दिल्ली यात्रा की अनुमति प्रदान की है।
अफगानिस्तान इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस यात्रा से पुरानी योजनाओं को नई जान मिलने की संभावना है, जो प्रतिबंधों के चलते यात्रा पर लगी पाबंदी से रुकी हुई थीं। भारत पहुंचने से पहले मुत्तकी 6 अक्टूबर को रूसी अधिकारियों के न्योते पर रूस में ‘मॉस्को फॉर्मेट’ की सातवीं वार्ता में शिरकत करेंगे। यह पहला मौका होगा जब तालिबान इस बहुपक्षीय मंच पर मेहमान के रूप में नहीं, बल्कि सदस्य के तौर पर हिस्सा लेगा। मुत्तकी ने इस घटनाक्रम को एक महत्वपूर्ण कदम करार देते हुए कहा कि ऐसे मंच पड़ोसी देशों के साथ भरोसे को बढ़ाने और रिश्तों को सुधारने में सहायक सिद्ध होंगे।
तालिबान के अधिकारियों ने भी भारत के साथ मजबूत रिश्तों की अपील की है। कतर स्थित तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख सुहैल शाहीन ने हाल में कहा कि मुत्तकी जैसे उच्च स्तरीय दौरे व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को गति देने के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने जोड़ा कि तालिबान भारत की सहायता और अफगान लोगों के साथ ऐतिहासिक दोस्ती को सराहता है। यदि यह यात्रा संपन्न होती है, तो यह भारत-अफगानिस्तान संबंधों का एक ऐतिहासिक पल साबित होगा।
बता दें कि हाल के वर्षों में भारत का तालिबान से जुड़ाव निरंतर बढ़ता गया है, जो ज्यादातर मानवीय सहायता और विकास कार्यों पर केंद्रित रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुत्तकी से दो बार फोन पर बात की, जिसमें हाल ही में हुई बातचीत भी शामिल है। तब उन्होंने अफगानिस्तान में आए हालिया भूकंप पर संवेदना जताई और भारत की ओर से राहत सहायता की पेशकश की। इस साल की शुरुआत में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दुबई में मुत्तकी से अफगानिस्तान की तात्कालिक विकास जरूरतों पर चर्चा की थी। भारत ने बार-बार दोहराया है कि वह तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ खड़ा है, फिर भी अफगान जनता को मानवीय मदद और समर्थन देता रहेगा।
हरियाणा से अरेस्ट हुआ यूट्यूबर वसीम अकरम, पाकिस्तान से जुड़े जासूसी के आरोप, फोन में मिले सबूत सनसनीखेज
3 Oct, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: दिल्ली से सटे हरियाणा के पलवल में बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने पलवल से एक यूट्यूबर वसीम अकरम को गिरफ्तार किया है। उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) और पाकिस्तान उच्चायोग के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप है। वसीम को बुधवार को पकड़ा गया। उसकी गिरफ्तारी एक दूसरे पाकिस्तानी जासूस तौफीक से मिली अहम जानकारी के आधार पर हुई। वसीम पिछले तीन साल से पाकिस्तानी एजेंटों के लगातार संपर्क में था। उसने इन एजेंटों को सिम कार्ड भी मुहैया कराए थे। उसके फोन से कई आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट भी मिली हैं, जो उसकी गतिविधियों का सबूत हैं। यह मामला हरियाणा में जासूसी के एक बड़े और संवेदनशील नेटवर्क का खुलासा करता है। क्योंकि कुछ महीने पहले यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया था।
कौन हैं पाकिस्तानी जासूस अकरम?
पुलिस के अनुसार पलवल जिले के कोट गांव निवासी वसीम अकरम को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। उसने यूट्यूब पर मेवात के इतिहास पर वीडियो पोस्ट किया था। अधिकारियों ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था और उन्हें सिम कार्ड कथित तौर पर मुहैया कराया था। उन्होंने बताया कि पुलिस को अकरम के फोन से कई आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट मिले हैं। इनमें से कुछ हटा दिए गए हैं और साइबर सेल इन्हें उसके फोन से रिकवर करने की प्रक्रिया में है।
पाकिस्तानी एजेंट दानिश के संपर्क में आया था अकरम
पलवल पुलिस ने पिछले सप्ताह एक अन्य पाकिस्तानी जासूस तौफीक को गिरफ्तार किया था। जिसने पुलिस को अकरम के बारे में सुराग दिया था। पुलिस ने बताया कि अकरम 2021 में पड़ोसी देश के लिए वीजा की खातिर आवेदन करते समय पाकिस्तानी एजेंट दानिश के संपर्क में आया था। उनके परिवार ने हालांकि अकरम की पाकिस्तान यात्रा से इनकार किया है, लेकिन उससे पूछताछ के दौरान कई तथ्य सामने आए हैं। जो उसके सीमा पार संबंधों की ओर इशारा करते हैं।
आईएसआई के संपर्क में थे अकरम और तौफीक
पुलिस के अनुसार, अकरम और तौफीक दोनों इंटरनेट कॉल के माध्यम से आईएसआई और पाकिस्तान उच्चायोग के संपर्क में थे। पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने पलवल अपराध शाखा और अन्य संबंधित अधिकारियों को मामले की गहन जांच का जिम्मा सौंपा है। पुलिस ने बताया कि खुफिया ब्यूरो भी पुलिस के संपर्क में है। पुलिस के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
26 सितंबर को गिरफ्तार हुआ था तौफीक
जिले के अलीमेव गांव निवासी तौफीक को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि 2022 से पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेजने के आरोपी तौफीक ने ही पूछताछ के दौरान अकरम का नाम बताया था। सिंगला ने बताया कि दोनों आरोपी पाकिस्तान उच्चायोग और आईएसआई के संपर्क में थे। अपराध शाखा की टीम उन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
ट्रेन में चेकिंग कर रही पुलिस को एक बैग संदिग्ध लगा, खोलते ही सामने आया डरावना और हैरतअंगेज नजारा
3 Oct, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बहादुरगढ़: रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने दिल्ली कैंट एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर एक युवक बैग चैक किया तो उनकी आंखे फटी रह गई। युवक के बैग से 80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इस दौरान पुलिस ने एक बैग को जब्त किया, जिसमें इतनी बड़ी रकम रखी हुई थी। मौके पर ही एक युवक को हिरासत में लिया गया, जिससे अब पुलिस पूछताछ कर रही है। जीआरपी थाना पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक की पहचान रोहतक के मायना गांव निवासी राहुल के रूप में हुई है। वह दिल्ली कैंट एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा था और उसके पास से नकदी से भरा बैग बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में जब पुलिस ने राहुल से इतनी बड़ी रकम के बारे में पूछताछ की, तो वह कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाया।
युवक के परिवार चलाता है ज्वेलरी शॉप
जांच में सामने आया है कि युवक का परिवार रोहतक में नेहा ज्वेलर्स नाम से ज्वेलरी शॉप चलाता है। पूछताछ के दौरान राहुल ने पुलिस को बताया कि यह रकम दिल्ली से सोना और चांदी खरीदने के लिए ले जाई जा रही थी। हालांकि, इतनी बड़ी रकम नकद ले जाने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम वैध है या अवैध लेन-देन से जुड़ी हुई है।
आयकर विभाग को सूचना दी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी पुलिस ने बरामद नकदी को कब्जे में लेकर आयकर विभाग को सूचना दे दी है। अब आयकर विभाग इस पूरे मामले की जांच करेगा कि क्या यह रकम घोषित आय का हिस्सा है या फिर टैक्स चोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित है। फिलहाल, युवक से पूछताछ जारी है और पुलिस उसके परिवार से भी संपर्क कर रही है ताकि पैसों की वास्तविकता का पता लगाया जा सके।
जीआरपी थाना प्रभारी ने क्या बताया
बहादुरगढ़ के जीआरपी थाना प्रभारी सत्य प्रकाश ने बताया कि युवक से उन्होंने कई बार पूछताछ की है। हर बार युवक अलग-अलग जवाब दे रहा है। यह पैसा हवाला का भी हो सकता है इसलिए मामले की छानबीन विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को पकड़े गए कैश के बारे में सूचना दे दी है। अब देखना होगा कि पुलिस पूछताछ में आगे क्या निकलकर सामने आता है।
हरियाणा का एक साल का बच्चा युवांश दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी से जूझ रहा, जीवनरक्षक 9 करोड़ रुपये का इंजेक्शन लगेगा, 7 करोड़ जमा
3 Oct, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद: विश्व की सबसे बड़ी बीमारी से जुझ रहे हरियाणा पुलिस के कांस्टेबल के बेटे को करोड़ों रुपये के इंजेक्शन के लिए अभी 2 करोड़ रुपये की और आवश्यकता है। हरियाणा पुलिस औ फतेहाबाद की साइबर शाखा में तैनात कांस्टेबल राजेश कुमार और उनकी पत्नी फूड एंड सप्लाई विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। कांस्टेबल राजेश के बेटे युवांश को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी की बीमारी है। जिससे शरीर की ग्रोथ नहीं होती। जब बच्चे को इस की बीमारी का पता चला तो, परिजनों को पता चला कि इस बीमारी के लिए एक इंजेक्शन लगेगा, जो स्विटजरलैंड के जेनेवा से मिलेगा। इस इंजेक्शन की कीमत 14.50 करोड़ रुपये थी। अब कंपनी ने 9 करोड़ में यह इंजेक्शन देने की बात कही है।
राजनीतिक, पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की मदद से अब तक बच्चे के लिए 7 करोड़ रुपये की मदद मिल चुकी है, लेकिन अभी भी 2 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। युवांश का जन्म 9 अक्तूबर को है और वह एक साल का हो जाएगा। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे को दो साल के भीतर यह इंजेक्शन लगाना अति आवश्यक है। युवांश के पिता राजेश कुमार ने बताया कि जब बेटे की जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष शुरू किया तब इंजेक्शन की कीमत 14.50 करोड़ रुपए थी। अपना सबकुछ बेचकर भी हम इतनी बड़ी रकम नहीं जुटा पाते।
सोशल मीडिया पर की लोगों से अपील
उन्होंने बताया कि वो दिन-रात छोटे बच्चे की तरफ देखकर रोते रहते थे। बेटे की जिंदगी बचाने के लिए हमने सोशल मीडिया पर लोगों से आग्रह किया। जिसमें अनेक लोगों ने सहयोग किया है। हरियाणा के पुलिस कर्मचारियों ने अपने एक-एक दिन का वेतन बेटे के लिए दिया। इसेक अलावा राजनीति से जुड़े और हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने अपनी ओर से 20 लाख, स्थानीय विभाग के मंत्री विपुल गोयल ने 9 लाख, सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा ने 5 लाख, पयर्टन मंत्री राव नरबीर सिंह ने 5 लाख रुपए, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 5 लाख, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और खेल मंत्री गौरव गौतम ने 2-2 लाख रुपए की ग्रांट दी। इसके अतिरिक्त राज्यपाल कार्यालय की ओर से 5 लाख और पूर्व मंत्री एवं हिसार की विधायक सावित्री जिंदल द्वारा भी 5 लाख रुपए की मदद दी गई। वहीं फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट की ओर से भी युवांश के लिए फंड एकत्रित किया गया।
अब सिर्फ 2 करोड़ की आवश्यकता
कांस्टेबल राजेश कुमार ने बताया कि बेटे को लगने वाले इंजेक्शन की कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपए है। लेकिन अभी केवल 7 करोड़ रुपये की फ´डिंग हुई है। निर्माता कंपनी से बातचीत हुई तो उन्होंने 9 करोड़ रुपये में इंजेक्शन देने की बात कही है। 7 करोड़ एकत्रित हो चुके हैं और अब केवल 2 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। यह राशि एकत्रित होते ही वह जेनेवा से इंजेक्शन मंगवा लेंगे।
ऐसी बीमारी जिसमें शरीर ग्रोथ नहीं करता
राजेश कुमार ने बताया कि उसके बेटे का जन्म 9 अक्टूबर 2024 को बेटा हुआ। जब वह दो माह का था तो सामान्य बच्चों की तरह वह एक्टिवीटी नहीं कर रहा था। इसके बाद चिकित्सकों को दिखाया गया तो उन्होंने बताया कि उनका बेटा लेट विकास करेगा। लेकिन जब छह माह बाद उसके बेटे की छाती में आवाज आने लगी तो उन्होंने दोबारा चिकित्सकों से परामर्श लिया। मगर जब दोबारा डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने हायर सेंटर पीजीआई या एम्स में दिखाने की सलाह दी। इसके बाद मई महीने में हिसार के एक अन्य प्राइवेट अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर न टेस्ट करवाया। 18 मई को आई टेस्ट की रिपोर्ट में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 बीमारी मिली। डॉक्टर ने सुझाव दिया कि चंडीगढ़ पीजीआई या एम्स में ट्रीटमेंट शुरू करवाओ।
पीजीआई के डॉक्टरों ने क्या बताया
राजेश ने बताया कि 22 मई को वह पीजीआई में डॉक्टर के पास गाए। वहां उन्होंने बताया कि बताया कि रीढ़ की हड्डी में न्यूरांस बनते हैं। इन न्यूरांस से ही सेल बनते हैं, जो शरीर की ग्रोथ करते हैं। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 बीमारी होने पर न्यूरांस नहीं बनते हैं। न्यूरांस नहीं बनने पर शरीर ग्रोथ नहीं करता है। शरीर सूख जाता है। राजेश ने बताया कि यह इंजेक्शन 2 साल की उम्र तक लगवाना जरूरी है। हर रोज बीमारी बढ़ती है। इसलिए तत्कल इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। इंजेक्शन आने के बाद दो से तीन महीने तक ट्रीटमेंट चलता रहेगा।
POK में आसिम मुनीर की सेना के जुल्म के बाद आजादी की मांग तेज
3 Oct, 2025 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. पाकिस्तान (Pakistan) के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन (Protests) भड़क गए हैं, जिसमें हजारों लोग प्रधानमंत्री (PM) शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. मुजफ्फाराबाद, रावलकोट, नीलम घाटी, कोटली और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शन हो रहे हैं जहां भीड़ सरकार की नीतियों और सुरक्षाबलों के दमन के खिलाफ अपना गुस्सा जता रही है.
बुधवार को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम 12 नागरिक प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. पीओके इस समय हाल के सालों के सबसे बड़े अशांति के दौर से गुजर रहा है. यह विरोध प्रदर्शन सरकार की 38 अहम मांगों को पूरा करने में नाकामी से शुरू हुआ था, लेकिन अब यह सेना के अत्याचारों के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है.
आंदोलन के तीसरे दिन आसिम मुनीर की सेना ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फराबाद में पांच, धीरकोट में पांच और दादयाल में दो प्रदर्शनकारियों की गोली लगने से मौत हो गई. वहीं कम से कम तीन पुलिसकर्मियों की भी जान चली गई है.
जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (AAC) की अगुवाई में हो रहे इन प्रदर्शनों से पीओके पूरी तरह ठप हो चुका है. आंदोलनकारी पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए पीओके विधानसभा में आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा वो टैक्स में राहत, आटे और बिजली पर सब्सिडी और अधूरे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की भी मांग कर रहे हैं.
हुक्मरानों, संभल जाओ- हम तुम्हारी मौत हैं
प्रदर्शन के दौरान लोग शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि क्रांति होगी और कश्मीर आजाद होगा. प्रदर्शनकारी जो नारे लगा रहे हैं उनमें प्रमुख हैं-
नारा-ए-कश्मीर
जिवे जिवे कश्मीर
हुक्मरानों देख लो, हम तुम्हारी मौत हैं
इंकलाब आयेगा
कश्मीर हमारा है, हम इसकी तकदीर तय करेंगे, यह वतन हमारा है
पीओके के लोगों का खून, विद्रोह का खून है
सरकार को डायन बता रहे AAC के लीडर
‘सरकार डायन बन चुकी है’
अवामी एक्शन कमेटी के शीर्ष नेता शौकत नवाज मीर ने पीओके में सेना की ज्यादती पर सरकार को टार्गेट कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘ये सरकार डायन बन चुकी है, डायन अपने बच्चों को खाती है. ये रियासत इस वक्त अपने बच्चों को, आवाम को मारने पर तुली हुई है. ये सरकार अपने लोगों को मारेगी भी और मीडिया पर भी पाबंदी लगा देगी जिससे उसकी आवाज बाहर न जाए.’ उन्होंने आगे कहा कि शहबाज शरीफ की सरकार भारत सरकार पर जालिम होने का आरोप लगाती है, लेकिन ये खुद क्या हैं?
उन्होंने आगे कहा, ‘भारत को दोष देते हैं, कोई इनसे पूछे कि तुम क्या हो? तुम मुसलमान होते हुए ये सब कर रहे… जिसको तुम कथित आजाद कश्मीर कहते हो, वो आजाद नहीं है, इस पर पाबंदी लगा रखी है, लोगों को अपनी बात नहीं रखने दे रहे और तुम आजादी का ढोंग रचा रहे हो.’
बड़बोले ट्रंप के युद्ध रुकवाने के दावे का अल्बानियाई PM ने उड़ाया मजाक, मैक्रो और अन्य राष्ट्राध्यक्षों ने लगाए ठहाके…
3 Oct, 2025 10:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति (us President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार दावे करते रहे हैं कि उन्होंने सात महीने में दुनियाभर में सात युद्ध रोके (stop the war) हैं। अब ट्रंप का इसी दावे के चलते दुनियाभर के नेता मजाक (Joke) उड़ा रहे हैं। बड़बोलेपन के चक्कर में ट्रंप ने दो ऐसे देशों का नाम ले दिया जिनके बीच कभी युद्ध हुआ ही नहीं है और ट्रंप उनके बीच संघर्ष विराम करने का दावा कर बैठे।
दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें यूरोपीय देश अल्बानिया के प्रधानमंत्री, आर्मेनिया के पीएम और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ट्रंप के दावे का मजाक उड़ाते नजर आ रहे हैं। कोपेनहेगन में आयोजित यूरोपीय राजनीतिक समुदाय की बैठक में अल्बानिया के प्रधानमंत्री एदी रामा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बार-बार की जाने वाली भौगोलिक गलतियों को लेकर चुटकी ली है।
यूरोपीय नेताओं ने उड़ाया मजाक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोपेनहेगन में एक उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन के दौरान अल्बानिया के प्रधानमंत्री एदी रामा की यह टिप्पणी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव की बीच चल रहे हंसी-मजाक के बीच सामने आई। दरअसल ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उन्होंने अल्बानिया और अजरबैजान के बीच युद्ध रुकवाया है। जबकि इन दोनों देशों के बीच युद्ध चल ही नहीं रहा था।
वायरल हो रहे वीडियो में एदी रामा ने मैक्रों से कहा, आपको हमसे माफी मांगनी चाहिए… क्योंकि आपने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अल्बानिया और अजरबैजान के बीच किए गए शांति समझौते के लिए हमें बधाई नहीं दी। जिसे सुन अलीयेव ठहाका लगाकर हंस पड़े। मैक्रों ने भी मजाक में कहा, मुझे इसके लिए खेद है। दरअसल राष्ट्रपति ट्रंप अपने बड़बोलेपन के टक्कर में आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच कराए गए संघर्ष विराम को अल्बानिया और अजरबैजान के बीच का बता दिया।
ट्रंप ने किया था यह दावा
बता दें कि पिछले महीने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा था, मैंने वो युद्ध सुलझा दिया जो कई वर्षों से अनसुलझा हुआ था। अजरबैजान और अल्बानिया के बीच यह बहुत वर्षों से चल रहा था। मेरे दफ्तर में उनके प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति आए थे। ट्रंप ने अगस्त में व्हाइट हाउस में आर्मेनिया और अजरबैजान के नेताओं के बीच एक समझौता कराया था, जिससे दोनों देशों ने दशकों से चली आ रही लड़ाई को समाप्त करने और वाशिंगटन के साथ संबंधों का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
अपने बयान पर एदी रामा ने दी सफाई
इस वीडियो के वायरल होने के बाद अल्बानिया के प्रधानमंत्री एदी रामा ने ट्वीट कर मीडिया की आलोचना की है। उनका कहना है कि, उनके और अन्य राष्ट्राध्यक्षों के बीच के मजाक को मीडिया में काफी बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है।
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