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बाइडन ने उपराष्ट्रपति रहते छिपाई थीं यूक्रेन में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें, CIA की फाइलों से हुआ खुलासा
8 Oct, 2025 10:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी खुफिया एजेंसी (US Intelligence Agency) के पुराने रिकॉर्ड से एक बड़ा खुलासा हुआ है। इन फाइलों के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और उस समय के उपराष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने दिसंबर 2015 में यूक्रेन (Ukraine) यात्रा के दौरान भ्रष्टाचार (Corruption) पर जो भाषण दिया था, उसके पीछे एक बड़ी कहानी छिपाई गई थी। यूक्रेन के अधिकारियों ने उस समय अमेरिकी रुख को ‘दोहरा मापदंड’ बताया था, लेकिन यह नाराजगी अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से हटा दी गई थी। यह जानकारी हाल ही में उजागर की गई सीआईए की फाइलों से सामने आई है।
दिसंबर 2015 में जो बाइडन ने यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा किया था, वहां उन्होंने यूक्रेनी संसद में भाषण देकर कहा था कि भ्रष्टाचार ‘कैंसर’ की तरह है और इसे जड़ से खत्म करना होगा। इस भाषण के बाद यूक्रेनी अधिकारी नाराज थे। उनका कहना था कि अमेरिका खुद भ्रष्टाचार पर दोहरी नीति अपना रहा है, क्योंकि उस समय बाइडन के बेटे हंटर बाइडन यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी बुरिज्मा होल्डिंग्स में काम कर रहे थे और हर साल लगभग 1 मिलियन डॉलर का मेहनताना ले रहे थे। यूक्रेनी अधिकारियों ने निजी तौर पर कहा था कि जब अमेरिका ही इस तरह के पारिवारिक संबंधों को नजरअंदाज कर रहा है, तो उसे दूसरों को भ्रष्टाचार पर भाषण देने का कोई हक नहीं बनता।
सीआईए की उजागर की गई फाइलों के अनुसार, यूक्रेन की इस नाराजगी की रिपोर्ट तैयार तो हुई थी, लेकिन इसे तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कॉलिन काह्ल के अनुरोध पर राष्ट्रपति के दैनिक खुफिया ब्रीफ में शामिल नहीं किया गया। सीआईए के एक अधिकारी की तरफ से 10 फरवरी 2016 को भेजे गए ईमेल में साफ लिखा गया- काह्ल चाहते हैं कि यह रिपोर्ट प्रसारित न की जाए।’ यह ईमेल उस समय राष्ट्रपति बराक ओबामा को रोजाना ब्रीफ देने वाले अधिकारी माइकल डेम्पसी ने भेजा था। डेम्पसी सीधे खुफिया प्रमुख जेम्स क्लैपर को रिपोर्ट करते थे। बता दें कि क्लैपर पर पहले से ही रूसगेट स्कैंडल में भूमिका को लेकर जांच के दायरे में हैं।
राष्ट्रपति की दैनिक खुफिया रिपोर्ट में दुनिया भर की अहम राजनीतिक और सुरक्षा जानकारियां दी जाती हैं ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति समय रहते किसी भी संकट से निपटने की तैयारी कर सकें। यूक्रेन की इस नाराजगी को रिपोर्ट से हटा देना यह दिखाता है कि अमेरिकी प्रशासन ने उस समय बाइडन परिवार से जुड़े विवाद को छुपाने की कोशिश की थी। इसके अलावा, इसी दौरान अमेरिकी मीडिया में भी हंटर बाइडन के यूक्रेन से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर सवाल उठ रहे थे। यूक्रेनी अधिकारियों ने इस अमेरिकी मीडिया कवरेज को ‘दोहरा रवैया’ कहा था।
भौतिकी के नोबेल पुरस्कार की घोषणा, क्वांटम तकनीक पर काम करने वाले 3 प्रोफेसर हुए सम्मानित
8 Oct, 2025 07:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भौतिकी (Physics) में नोबेल पुरस्कार 2025 (Nobel Prize 2025) के विजेताओं (Winners) का ऐलान कर दिया गया है। इस वर्ष जॉन क्लार्क, माइकल एच डेवोरेट और जॉन एम मार्टिनिस को क्वांटम मेकेनिक्स टनलिंग में काम करने के लिए भौतिकी के नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) से सम्मानित किया जाएगा। इन तीनों शख्सियतों को 10 दिसंबर को आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
ब्रिटेन में जन्मे क्लार्क कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में प्रोफेसर हैं। वहीं फ्रांस के डेवोरेट, येल विश्वविद्यालय के साथ-साथ कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बारबरा में भी प्रोफेसर हैं। वहीं मार्टिनिस भी एक प्रोफेसर हैं। नोबेल समिति ने पुरस्कारों का ऐलान करते हुए कहा है कि तीनों पुरस्कार विजेताओं ने एक इलेक्ट्रिकल सर्किट के साथ प्रयोग किए है जिससे क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम कंप्यूटर और क्वांटम सेंसर सहित क्वांटम तकनीक की अगली पीढ़ी के विकास के कई नए अवसर खुले हैं।
भौतिकी के नोबेल की बात की जाए साल 1901 से 2024 के बीच 118 बार भौतिकी के क्षेत्र में यह सम्मान प्रदान किया जा चुका है। अब तक 226 वैज्ञानिकों को भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं पिछले साल, AI के गॉडफादर माने जाने वाले जॉन हॉपफील्ड और जेफ्री हिंटन को मशीन लर्निंग के आधार स्तंभ बनाने में मदद के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
गौरतलब है कि स्टॉकहोम स्थित रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने इससे पहले सोमवार को चिकित्सा के क्षेत्र के विजेताओं का ऐलान किया था। इस साल तीन वैज्ञानिकों को चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई। मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड रैमस्डेल और डॉ. शिमोन साकागुची को ह्यूमन इम्यून सिस्टम पर ऐतिहासिक शोध के लिए इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की कड़ी में बुधवार को रसायन विज्ञान और गुरुवार को साहित्य के क्षेत्र के विजेताओं के नाम घोषित किए जाएंगे। वहीं नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को और अर्थशास्त्र में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार की घोषणा 13 अक्टूबर को की जाएगी। पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा, जिस दिन इसके संस्थापक स्वीडिश उद्योगपति और डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि मनाई जाती है। नोबेल की 1896 में इसी दिन मृत्यु हुई थी। इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों में 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर) की नकद राशि प्रदान की जाती है।
अमेरिका में शटडाउन को लेकर बैकफुट पर सरकार! ट्रंप बोले- ‘बातचीत को तैयार हूं लेकिन…’
8 Oct, 2025 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क। अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने छठे दिन ‘शटडाउन’ (Shutdown) जारी रहने पर डेमोक्रेट्स (Democrats) के साथ स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी (Health Insurance Subsidy) पर वार्ता की संभावना जताई लेकिन कुछ ही देर बाद इसे खारिज कर दिया। ट्रंप की इस रवैये से फिर गतिरोध पैदा हो गया है। डेमोक्रेट्स अल्पकालिक वित्तीय योजना का समर्थन इस शर्त पर कर रहे हैं कि ‘ओबामाकेयर’ के तहत दी जाने वाली स्वास्थ्य सब्सिडी को जारी रखा जाए। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारी डेमोक्रेट्स से बातचीत चल रही है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में अच्छे परिणाम ला सकती है।’’
सरकार का कामकाज ठप होने के छठे दिन यह टिप्पणी उम्मीद की एक किरण के रूप में आई, लेकिन बाद में ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पहले डेमोक्रेट्स को सरकार को दोबारा काम शुरू करने देना होगा, उसके बाद ही स्वास्थ्य नीति पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं डेमोक्रेट्स के असफल स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर बात करने को तैयार हूं, लेकिन पहले वो सरकार के कामकाज को चालू करें।’’
डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर और हकीम जेफ्रीज ने कहा कि ट्रंप के दावे गलत हैं और पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस की बैठक के बाद से कोई वार्ता नहीं हुई है। शूमर ने कहा, ‘‘अगर ट्रंप वाकई बातचीत के लिए तैयार हैं, तो हम उसके लिए मौजूद रहेंगे।’’
सीनेट में सोमवार को सरकार का कामकाज बहाल करने के लिए दो प्रस्ताव रखे गए, लेकिन दोनों ही विफल रहे क्योंकि उन्हें 60 मत नहीं मिले। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर गतिरोध खत्म न करने का आरोप लगाया। अमेरिका में फिलहाल ‘शटडाउन’ लागू है, जिसमें सरकारी वित्तपोषण पर रोक है। ‘शटडाउन’ को खत्म करने के लिए संसद के दोनों सदनों, सीनेट और प्रतिनिधि सभा में सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
जाफर एक्सप्रेस पर भीषण विस्फोट, कई डिब्बे पटरी से उतरे
8 Oct, 2025 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) में बलूच विद्रोहियों (Baloch Rebels) ने एक बार फिर जाफर एक्सप्रेस (Jaffar Express) को निशाना बनाया है। बलूचिस्तान रिपब्लिकन गार्ड्स ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया और आईईडी विस्फोट कर ट्रेन के कई डिब्बों को पटरी से उतार दिया। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला सुल्तान कोट इलाके में किया गया, जो शिकारपुर और जैकबाबाद इलाके के बीच में स्थित है। BRG ने ऐलान किया है कि बलूचिस्तान की आजादी तक ऐसे हमले जारी रहेंगे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित आईईडी विस्फोट किया गया। विस्फोट इतना ताकतवर था कि उसके असर से ट्रेन (Train) के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन के पटरी से उतरने से चार यात्री घायल हुए हैं। वहीं बलूच विद्रोहियों का दावा है कि हमले में कई पाकिस्तानी सैनिक यात्रा कर रहे थे और उन्हें निशाना बनाकर हमला किया गया था। इस हमले में कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और कई अन्य घायल हैं। बलूच विद्रोहियों ने दावा किया कि हमले में ट्रेन के छह डिब्बे पटरी से उतर गए।
ट्रंप के गाजा प्लान और ईरान के परमाणु प्रोग्राम को लेकर पुतिन और नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई चर्चा
8 Oct, 2025 09:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मास्को। रूसी राष्ट्रपति पुतिन (Russian President Putin) और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) के बीच सोमवार को टेलीफोन पर बात हुई। अपने-अपने युद्धग्रस्त देशों की बागडोर संभाले बैठे इन नेताओं ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के गाजा पीस प्लान, सीरिया में शांति और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बात की। रूसी स्टेट मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक नेतन्याहू ने पुतिन को उनके जन्मदिन की बधाई भी दी।
दोनों नेताओं के बीच में यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब इन दोनों देशों के युद्ध को रोकने के लिए पूरी दुनिया प्रयास कर रही है। गाजा में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए हमास और इजरायली वार्ताकारों के बीच में युद्धविराम को लेकर चर्चा एक बार फिर से तेज हो गई है। हमास और इजरायल दोनों ही पक्षों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सुझाए गए गाजा शांति प्रस्ताव को लेकर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, अभी तक इस प्रस्ताव के तहत कुछ धरातल पर नहीं उतरा है, लेकिन तब भी पूरी दुनिया इससे उम्मीद लगाए बैठी है।
हमास और इजरायल के अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच भी शांति समझौता करवाने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ हफ्तों पहले ही इस युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप और पुतिन के बीच में अलास्का में मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग के पहले यूक्रेन और यूरोप के नेताओं ने ट्रंप से युद्धविराम करवाने की अपील की थी लेकिन अलास्का मीटिंग में ऐसा कुछ नहीं हो सका। अलास्का मीटिंग के पहले भी ट्रंप और पुतिन के बीच कई बार फोन पर बात हुई है, लेकिन कुछ ज्यादा खास इसमें से निकलकर सामने नहीं आया है।
फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों से गाजा की जंग में हल्का युद्ध विराम लागू हो गया है, लेकिन यूक्रेन और रूस अभी भी आपस में उलझे हुए हैं। राष्ट्रपति बनते ही 24 घंटे के अंदर इस युद्द को रुकवा देने का वादा करने वाले ट्रंप आज अपनी शपथ के लगभग 8 महीने बाद भी इसे रुकवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
नेतन्याहू पर फोन पर ही भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप, बोले- तुम बहुत ही (?) निगेटिव आदमी हो
8 Oct, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। गाजा में युद्धविराम की योजना (Gaza ceasefire plan) को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) पर फोन पर ही भड़क गए। डोनाल्ड ट्रंप के 20 सूत्रीय शांति प्रस्ताव के कुछ बिंदुओं पर हमास सहमत हो गया है। हमास ने कहा है कि वह बंधकों को रिहा करने को तैयार है, लेकिन बदले में इजरायल को फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ना होगा और अपनी सेना गाजा से हटानी होगी। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल से भी कहा कि वह तत्काल प्रभाव से गाजा में बमबारी बंद कर दे। हालांकि इजरायल ने हमले बंद नहीं किए और तीन ही दिन में सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे गए। डोनाल्ड ट्रंप ने जब इजरायली प्रधानमंत्री को फोन किया तो उन्होंने हमास के इस समझौते को मानने को लेकर संतुष्टि नहीं जताई। इसपर डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए और उन्होंने कहा, ‘तुम बहुत ही F*ing निगेटिव आदमी हो।’
ऐक्सियस की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर हमास की सहमति को लेकर नेतन्याहू ने कहा कि इसमें कुछ भी खुश होने जैसा नहीं है। इसपर ट्रंप ने भड़कते हुए कहा कि तुम कैसे नकारात्मक व्यक्ति हो। यह एक जीत है। डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से काफी सख्त लहजे में बात की। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि इजरायल भी थोड़ा समझौता करे और किसी तरह गाजा में युद्धविराम हो जाए। कुल मिलाकर यह क्रेडिट का खेल है। डोनाल्ड ट्रंप गाजा में युद्धविराम का क्रेडिट खुद लेना चाहते हैं। वह कई युद्धों को रुकवाने का दावा कर चुके हैं। ट्रंप चाहते हैं कि किसी तरह उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार मिले।
हमास ने कौन सी शर्तें मानी हैं?
हमास ने कहा है कि वह बंधकों को रिहा करने को तैयार है लेकिन इसके बदले में इजरायल की सेना को गाजा से बाहर जाना होगा। वहीं हमास की इस बात को नेतन्याहू ने ‘बेकार’ बताया है। ट्रंप का कहना है कि हमास ने जो भी शर्तें मानी हैं, उनसे बातचीत का रास्ता खुल रहा है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गाजा में इजरायल बमबारी रोक दे।
डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को धमकी भी दी है कि अगर समय पर वह सहमत नहीं होता है तो गाजा में खून की नदियां बहेंगी। दूसरी तरफ ट्रंप को इस बात का भी डर है कि कहीं सारे किए कराए पर पानी ना फिर जाए और हमास शर्तों को मानने से इनकार कर दे। इसीलिए उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू को भी फोन मिलाया था।
गर्मागरम बहस के बाद भी दोनों नेता एक सहमति पर पहुंचे। बाद में नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से डोनाल्ड ट्रंप की ताफी भी की और कहा कि वाइट हाउस शांति स्थापित करने के लिए सकारात्मक प्रयास कर रहा है। जानकारी के मुताबिक इजरायल भी पहले चरण के तहत सेना को कम करने को तैयार है। ट्रम्प ने घोषणा की कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष सुलझाने तथा हमास बंधकों को मुक्त करने की उनकी योजना का पहला चरण एक सप्ताह में पूरा हो जायेगा। ट्रंप ने कहा कि तकनीकी दल सोमवार को मिस्र में फिर से मिलेंगे, जो सभी अंतिम फैसलों पर काम करेंगे। मुझे बताया गया कि पहला चरण इस सप्ताह पूरा हो जायेगा और मैं सभी से इसे जल्दी करने को कह रहा हूं। मैं दशकों पुराने इस संघर्ष पर लगातार नजर बनाये रखूंगा।
अरबों का मीट बेचकर अपने कर्जे चुकाएगा पाकिस्तान? डील करने इस मुस्लिम देश पहुंच गए शहबाज शरीफ
7 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: मलेशिया (Malaysia) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच अरबों रुपयों की डील हो सकती है, जिसके तहत पाकिस्तान से मलेशिया अरबों रुपयों का मीट (Meat) भेजा जाएगा. सोमवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shahbaz Sharif) ने यह बात कही है. इस समय वह मलेशिया के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, यहां पहुंचने के बाद उन्होंने मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम (PM Anwar Ibrahim) की जमकर तारीफें कीं और कहा कि मलेशिया उनके लिए सेकेंड होम है.
रिपोर्ट के अनुसार शहबाज शरीफ ने कहा कि अनवर इब्राहिम ने पाकिस्तान से मीट एक्सपोर्ट की इच्छा जताई है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान मलेशिया को 200 मिलियन डॉलर यानी करीब 18 अरब का मीट एक्सपोर्ट कर सकता है. शहबाज शरीफ ने कहा, ‘मैं आपका आभारी रहूंगा, लेकिन मैं मलेशिया के आयातकों और अधिकारियों को बता देना चाहता हूं कि मीट एक्सपोर्ट का यह कोटा बाजार मूल्यों पर विनियमित किया जाएगा.’
उन्होंने कहा, ‘मलेशियाई कस्टम और फूड अथॉरिटीज की ओर से जरूरी हलाल सर्टिफिकेशन के आधार पर मीट एक्सपोर्ट किया जाएगा. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम आपकी टर्म्स और कंडिशंस को पूरा करने के लिए सभी प्रयास करेंगे और इस तरह न सिर्फ हम 200 मिलियन डॉलर का कोटा प्राप्त कर पाएंगे, बल्कि समय के साथ इसमें इजाफा भी होगा.’ शहबाज शरीफ ने आगे कहा, ‘जब मैं कल यहां से वापस जाऊंगा तो और अधिक जानकारी लेकर जाऊंगा, और अधिक प्रभावित होकर जाऊंगा और और अधिक आश्वत होकर वापस जाऊंगा.’
समझौता हुआ…पर कभी भी टूट सकती है शांति, मुजफ्फराबाद-रावलकोट और कोटली समेत इलाकों में सुरक्षाबल तैनात
7 Oct, 2025 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फराबाद। पाक-अधिकृत कश्मीर (POK) में आंदोलनकारी और पाकिस्तान सरकार (Pakistan Goverment) के बीच हुए समझौते के बाद हालात भले ही फिलहाल नियंत्रण में दिख रहे हों, लेकिन जमीनी तनाव अब भी गहराया हुआ है। मुजफ्फराबाद, रावलकोट और कोटली जैसे इलाकों में सुरक्षा बलों (Security Forces) की भारी तैनाती है, जबकि स्थानीय संगठन यह साफ कर चुके हैं कि वे केवल अस्थायी रूप से पीछे हटे हैं। इस समझौते के बावजूद बिजली दरों, गेहूं सब्सिडी और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर असंतोष कायम है। स्थानीय मीडिया का कहना है कि यह थोपी गई शांति किसी भी वक्त फिर से टूट सकती है।
इस्लामाबाद और पीओके के प्रतिनिधियों के बीच यह समझौता तीन दौर की बातचीत के बाद हुआ, जिसमें मुख्य भूमिका आजाद कश्मीर के प्रधानमंत्री चौधरी अन्वर-उल-हक और पाकिस्तानी गृह मंत्रालय ने निभाई। सरकार ने आंदोलनकारियों की कुछ प्रमुख मांगें स्वीकार कीं हैं, जिनमें बिजली दरों में तत्काल अस्थायी कटौती, गेहूं की कीमतों पर सब्सिडी बहाल करना, गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई और पीओके में प्रशासनिक सुधारों पर एक संयुक्त समिति का गठन शामिल है। स्थानीय समाचार पत्र के अनुसार कई सरकारी अफसरों को गुपचुप निर्देश मिले हैं कि किसी भी नए प्रदर्शन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की तैयारी रखी जाए।
आजाद कश्मीर ज्वाइंट पीपल्स मूवमेंट, पीओके ट्रेडर्स एलायंस, कश्मीर सिविल सोसायटी नेटवर्क और यूथ फॉर फ्रीडम फ्रंट ये चार संगठन इस आंदोलन के प्रमुख आधार थे। इन संगठनों ने अब एक साझा मंच बनाया है, जिसका उद्देश्य सरकार के वादों पर निगरानी रखना है। मुजफ्फराबाद से कश्मीर डेली टाइम्स के संवाददाता साजिद महमूद के अनुसार स्थानीय नेताओं ने तय किया है कि वे फिलहाल हिंसक प्रदर्शन नहीं करेंगे, लेकिन अगर सरकार ने वादे तोड़े तो पूरा इलाका फिर से बंद होगा और आंदोलन पहले से भी ज्यादा ताकतवर और निर्णायक होगा।
आंदोलन में पहली बार सक्रिय भूमिका निभाने वाली महिला संगठनों ने भी अपना नेटवर्क बनाए रखा है। वीमेन वॉइस ऑफ कश्मीर की संयोजक रेशमा तनवीर ने कहा,हमने साबित किया कि पीओके की महिलाएं अब सिर्फ दर्शक नहीं हैं। संगठन का कहना है अगर हमें फिर से सड़कों पर उतरना पड़ा तो इस बार और संगठित ढंग से उतरेंगी। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के समूह गुपचुप तरीके से राहत सामग्री और सूचना-साझाकरण का नेटवर्क चला रहे हैं, ताकि आंदोलन दोबारा सक्रिय होने की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
बर्फीले तूफान की वजह से माउंट एवरेस्ट में फंसे करीब 1 हजार पर्वतारोही, बचाव कार्य जारी
7 Oct, 2025 09:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। बर्फीले तूफान (Snow Storm) के कारण माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) के तिब्बती हिस्से में फंसे लगभग एक हजार लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) जारी है। करीब 4,900 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में बर्फबारी के कारण रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं, जिन्हें हटाने के लिए सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दल को तैनात किया गया है। फिलहाल, 350 पर्वतारोहियों को ग्रामीणों और बचाव दलों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि कुछ पर्यटकों को पहले ही बचा लिया गया है। बर्फबारी का यह दौर शुक्रवार शाम से शुरू हुआ और तिब्बत में माउंट एवरेस्ट के पूर्वी हिस्से में और तेज हो गया। यह इलाका पर्वतारोहियों के बीच काफी लोकप्रिय है। माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है, जिसकी ऊंचाई 8,849 मीटर से अधिक है, और इसे चीन में माउंट कोमोलांगमा कहा जाता है।
फ्रांस में बड़ी सियासी हलचल, प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने अपने पद से दिया इस्तीफा
7 Oct, 2025 08:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क। फ्रांस (French) में बड़ी सियासी हलचल (Political Turmoil) हुई है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू (PM Sebastien Lecornu) ने अपने पद से इस्तीफा (Resigns) दे दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय ने सेबेस्टियन के इस्तीफे की पुष्टि की है। लेकोर्नू ने एक दिन पहले ही अपने मंत्रिमंडल की घोषणा की थी और वह एक महीने से भी कम समय तक पद पर रहे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लेकोर्नू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
फ्रीजर में फंस गई महिला, डिलीवरी बॉय की सजगता ने बचाई जान
6 Oct, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हुनान। चीन में एक डिलीवरी बॉय की सजगता और हिम्मत ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। हुनान प्रांत में हुई इस घटना में उसने न सिर्फ एक महिला की जान बचाई बल्कि वह मालामाल भी हो गया। दरअसल, एक कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स कंपनी की मालकिन चेन अपनी ही कंपनी के फ्रीजर में फंस गईं और मौत के करीब पहुंच गईं थी। तभी वहां से गुजर रहे डिलीवरी बॉय लियू जू ने उसकी मदद की पुकार सुनी और बहादुरी दिखाते हुए उसकी जान बचा ली।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चेन नाम की महिला फ्रीजर में सामान की छंटाई कर रही थी। उसने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए दरवाज़ा पूरी तरह खोलकर काम करना शुरू किया, लेकिन अचानक दरवाज़ा लॉक हो गया और बैकअप स्विच भी काम नहीं आया। समस्या और गंभीर तब हो गई जब महिला गर्मियों के कपड़े पहने हुए थी और उसके पास फोन भी नहीं था। करीब 20 वर्ग मीटर के फ्रीजर का तापमान माइनस 20 डिग्री था। कुछ ही मिनटों में उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसने शोर मचाकर मदद मांगी, मगर सुनने वाला कोई नहीं था।
काफी देर बाद जब उसने दरवाज़ा खटखटाना शुरू किया तो उसी समय डिलीवरी बॉय लियू जू वहां से गुजर रहा था। उसकी सतर्कता ने महिला की आवाज़ सुन ली और वह तुरंत मदद के लिए दौड़ा। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आखिरकार उसने दरवाज़ा खोला और महिला को बाहर निकाला। उस समय महिला ठंड से कांप रही थी और उसे सामान्य होने में करीब दो घंटे का समय लगा। बचने के बाद चेन ने भावुक होकर कहा कि अगर उस वक्त लियू मेरी आवाज़ नहीं सुनता तो मैं मर जाती। इसके बाद महिला ने लियू जू को धन्यवाद कहने के लिए एक बड़ा फैसला लिया। उसने घोषणा की कि वह अपनी कंपनी की हिस्सेदारी (शेयर) उसे सौंपेगी। इस अनोखे तोहफ़े ने हर किसी को चौंका दिया और अब यह घटना पूरे चीन में चर्चा का विषय बन गई है। लोग सोशल मीडिया पर डिलीवरी बॉय की बहादुरी और महिला की उदारता दोनों की सराहना कर रहे हैं।
रुस का भारत को झटका, पाक को फाइटर जेट की ताकत बढ़ाने देगा एडवांस इंजन
6 Oct, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मास्को। रूस ने भारत को नज़रअंदाज करते हुए पाकिस्तान के जेएफ-17 ब्लॉक-3 फाइटर जेट्स के लिए आरडी-93एमए एडवांस इंजन सप्लाई करने का फैसला किया है। ये जेट्स पाकिस्तान और चीन के संयुक्त उत्पादन का हिस्सा हैं और अब इन्हें रूस के इंजन मिलने से नई तकनीकी क्षमता हासिल हो जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत जो दशकों से रूस का रणनीतिक साझेदार है, उसने मॉस्को से अपील की थी कि पाकिस्तान से यह डील नहीं करे। कारण था कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ रहा है। भारत ने तर्क दिया था कि पाकिस्तान के एडवांस जेट्स में रूसी इंजन लगने से क्षेत्रीय संतुलन प्रभावित होगा लेकिन क्रेमलिन ने भारत की अपील को खारिज कर दिया। रूस ने साफ कहा है कि यह डील रूस और पाकिस्तान के रक्षा संबंधों के तहत की जा रही है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं रोका जाएगा।
पाकिस्तान को रुस इंजन की का नाम आरडी-93एमए है। रूस की यूनाइटेड इंजन कॉर्पोरेशन इसका निर्माण कर रही है। इसका उपयोग जेएफ-17 ब्लॉक-3 फाइटर जेट्स में किया जाएगा। यह इंजन पाकिस्तान के सबसे एडवांस जेट्स को शक्ति प्रदान करेगा और इनकी गति, रेंज और युद्धक क्षमता बढ़ेगी। पाकिस्तान का दावा है कि जेएफ-17 ब्लॉक-3 अब भारत के राफेल और सुखोई-30एमकेआई के मुकाबले की स्थिति में हैं। यह कदम पाकिस्तान को दक्षिण एशिया में रणनीतिक मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
रूस का यह फैसला भारत के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका है। इससे स्पष्ट होता है कि मॉस्को अपनी संतुलित विदेश नीति के तहत भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ रिश्ते बनाए रखना चाहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से भारत-रूस के लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर असर पड़ सकता है। यह भी दिखाता है कि रूस दक्षिण एशिया में अपने प्रभाव को बनाए रखने के लिए दोनों पड़ोसी देशों के साथ गठजोड़ कर रहा है।
बता दें जेएफ-17 ब्लॉक-3 के साथ आरडी-93एमए इंजन के आने से पाकिस्तान की वायु सेना की ताकत बढ़ेगी। भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई ताकत का संतुलन प्रभावित हो सकता है। रूस और भारत के बीच आने वाले रक्षा सौदों और तकनीकी सहयोग पर भी इस फैसले का असर पड़ सकता है।
इमरान पर लगाया देश विरोधी होने का आरोप, एक्स अकाउंट ब्लॉक करने की उठी मांग
6 Oct, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर सोशल मीडिया अकाउंट पर देश विरोधी प्रचार करने का आरोप लगा है। इसी आरोप के साथ उनका एक्स अकाउंट ब्लॉक करने की मांग उठी है। संघीय कानून राज्य मंत्री बैरिस्टर अकील मलिक ने रविवार को एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि हमने राष्ट्र विरोधी, खास तौर पर सेना विरोधी ट्वीट के लिए इमरान खान के ‘एक्स खाते को ब्लॉक करने की मांग करते हुए कंपनी के प्रबंधन से संपर्क किया है।
बता दें कि इमरान भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में दो साल से अधिक समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
मलिक ने कहा कि हमने यह पता लगाने के लिए जांच भी शुरू कर दी है कि इमरान का एक्स अकाउंट कौन चला रहा है और उससे राष्ट्र विरोधी पोस्ट कौन कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इसके पीछे के नेटवर्क का पता लगा लेगी। इस बीच, पीटीआई समर्थकों ने इमरान के 73वें जन्मदिन पर लाहौर में उनके जमां पार्क स्थित आवास के बाहर रैली निकाली और उनके पक्ष में नारे लगाए। जमां पार्क में इमरान के समर्थन में किसी भी रैली को रोकने के लिए पुलिस तैनात की गई थी। हालांकि, रैली में शामिल लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश नहीं की। केक काटने से जुड़ा मुख्य समारोह लाहौर में आयोजित किया गया और इसमें पीटीआई नेता सलमान अकरम राजा, शौकत बसरा और रेहाबा डार शामिल हुए।
पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सरकार ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ नौ मई 2023 के दंगों के संबंध में दर्ज सभी मामले वापस ले लिए हैं। प्रांतीय गृह विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार मामलों को वापस लेने के निर्णय को खैबर पख्तूनख्वा कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। भ्रष्टाचार के एक मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से खान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को हिंसा भड़क उठी थी।
पाकिस्तान को फाइटर जेट इंजन देगा रूस, जानकार बोले- इससे भारत को होगा फायदा
6 Oct, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को,। हाल ही में खबरें आई की रूस पाकिस्तान को फाइटर जेट के इंजन देने जा रहा है तो दुनिया के कई देशों में हलचल शुरु हो गई। इधर भारत ने भी इस पर आपत्ति उठाई तो भाजपा विरोधी दल भी सवाल उठाने लगे। हालांकि यह भी सच है कि अभी तक अधिकृत तौर ऐसी कोई जानकारी नहीं है लेकिन रूसी जानकार दावा कर रहे हैं कि इससे भारत को ही फायदा होगा और उसे इसका विरोध नहीं करना चाहिए। रूसी रक्षा विशेषज्ञों ने इस कथित डील को भारत के लिए लाभदायक बताकर सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। उनका कहना है कि अगर रूस, पाकिस्तान को जेएफ-17 में लगाने के लिए आरडी-93 इंजन देता है, तो इससे भारत को फायदा होगा।
इस मामले पर एक विशेषज्ञ ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस मुद्दे को लेकर मॉस्को ने भारत को समझाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, मास्को ने नई दिल्ली को यह विश्वास दिलाया कि आरडी-93 सौदा बिना किसी तकनीकी हस्तांतरण (टीओटी) के पूरी तरह से व्यावसायिक है, जबकि भारत को तकनीकी हस्तांतरण (टीओटी) के तहत कहीं बेहतर आरडी-33 इंजन का लाइसेंस दिया गया है।
इधर, एजेंसी से बात करते हुए मॉस्को के प्रिमाकोव इंस्टीट्यूट में दक्षिण-पूर्व एशिया में नई चुनौतियों के प्रोफेसर प्योत्र तोपीचकानोव ने इस डील को लेकर भारत सरकार की तरफ से की गई आलोचना को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यहां आलोचना उचित है। अगर रूस द्वारा जेएफ-17 के लिए इंजन उपलब्ध कराने की खबरें सही हैं, तो इससे भारत को वास्तव में दो तरह से लाभ होगा। उन्होंने कहा, सबसे पहले, यह दर्शाता है कि चीन और पाकिस्तान अभी तक रूसी इंजन को बदलने में कामयाब नहीं हुए हैं। दूसरे, नया विमान भारत के लिए परिचित और अनुमानित होगा, खासकर इसलिए क्योंकि दोनों एक ही इंजन साझा करते हैं और भारत ने मई 2025 के संकट (ऑपरेशन सिंदूर) के दौरान जेएफ-17 का उपयोग को देखा है। तोपीचकानोव ने कहा कि यह चीन में निर्मित जेएफ-17 फाइटर जेट के लिए दोनों देश रूसी आरडी-93 इंजन पर आश्रित हैं। जब भी मॉस्को की तरफ से पाकिस्तान को इन जेट इंजन को देने की बात आई है। भारत सरकार ने इसका विरोध किया है। फिर चाहें वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार हो या डॉक्टर मनमोहन सिंह की।
रूस-चीन-पाकिस्तान के बीच पहले से है समझौता
बता दें रूस-चीन-पाकिस्तान के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते के तहत, रूस 2000 के दशक की शुरुआत से पूरी तरह से असेंबल किए गए आरडी-93 इंजन की आपूर्ति कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान अब एक नया अपडेटेड वर्जन चाह रहा है, जो अभी तक विकसित नहीं हुआ है, जहां तक इंजन की बात है तो आरडी-33 और आरडी-93 दोनों ही रूस के क्लिमोव संयंत्र द्वारा बनाया जाता है। आरडी-33 अधिक थ्रस्ट देता है, लेकिन इसकी सेवा अवधि कम है। इसकी सेवा अवधि केवल 2,200 घंटे है, जबकि आरडी-33 की 4000 घंटे।
नेपाल में 24 घंटे से हो रही बारिश ने मचाई तबाही, एयरपोर्ट्स ठप, स्कूल-दफ्तर हुए बंद, देशभर में दो दिन की छुट्टी
5 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: नेपाल (Nepal) में शुक्रवार शाम से लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन (heavy rain and landslides) के कारण पूरे देश में जनजीवन प्रभावित हो गया है. इसके चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. काठमांडू को जोड़ने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं. प्रशासन ने अगले तीन दिन के लिए सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है.
नेपाल में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है. इसके चलते दर्जनों स्थानों पर भूस्खलन हुआ और नेशनल हाईवे ब्लॉक हो गए. इस कारण सैकड़ों वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं. प्रशासन ने अगले तीन दिनों के लिए काठमांडू से बाहर जाने और काठमांडू आने पर प्रतिबंध लगा दिया है. प्रशासन ने लोगों से अपने घरों में रहने और बाहर नहीं निकलने की अपील की है.
बारिश के कारण देशभर के एयरपोर्ट्स को बंद कर दिया गया है. सभी आंतरिक उड़ानों पर अगले 2 दिन के लिए रोक लगा दी गई है. काठमांडू का त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट भी बंद है, इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सभी डोमेस्टिक एयरलाइंस कंपनियों ने मौसम के सुधार नहीं होने तक फ्लाइट्स के रद्द होने की सूचना जारी की है. देश के कई एयरपोर्ट्स के रनवे पर पानी भरने की जानकारी दी गई है.
वहीं, नेपाल सरकार ने भारी बारिश के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रविवार और सोमवार को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. गृह मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना में बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ के कारण सार्वजनिक अवकाश की बात कही है. सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन और अस्पतालों को छोड़कर बाकी सभी विभागों में अवकाश का ऐलान किया है.
काठमांडू के सभी रिवर कॉरिडोर पर यातायात में पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. तटीय क्षेत्र में बाढ़ के कारण वहां रहने वाले को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है. सरकार ने लोगों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थान पर रहने और घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है. सभी हेलिकॉप्टर कंपनियों को स्टैंडबाय पर रहने को कहा गया है. सेना के नाइट विजन हेलिकॉप्टर को काठमांडू के एयरपोर्ट पर तैयारी अवस्था में रखा गया है.
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