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ग्लोबल एविएशन की रिपोर्ट में दावा – रूसी हथियार से गिराया गया था मलेशियाई विमान
14 May, 2025 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्लोबल एविएशन काउंसिल ने MH17 विमान को मार गिराने के लिए रूस को जिम्मेदार बताया है. ग्लोबल एविएशन काउंसिल ने मंगलवार को कहा कि एक दशक से पहले यूक्रेन के हवाई क्षेत्र उड़ रहे मलेशियाई एयरलाइंस की प्लेन नं 17 को मार गिराने के लिए रूस जिम्मेदार है. इस हादसे के दौरान 298 लोगों ने अपनी जान गवाई थी.
इस रिपोर्ट के आने के बाद मरने वाले लोगों के परिवारों को इंसाफ मिलने की उम्मीद बढ़ी है. साथ ही उनको मुआवजा मिलने की संभावना अब पहले से ज्यादा हो गई है. रूस ने अपनी तरफ से इस रिपोर्ट को खारिज किया है और MH17 क्रैश में अपना हाथ होने से इंकार किया है. हालांकि डच नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने 2016 में कहा कि ऐम्स्टर्डैम से कुआलालंपुर जाने वाले विमान को 17 जुलाई 2014 को यूक्रेनी क्षेत्र में मार गिराया गया था, इस क्षेत्र पर अलगाववादी संगठनों का नियंत्रण है. आरोप है कि इस विमान को गिराने में रूसी मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ था.
नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया दर्ज कराया था मामला
बताते चले कि नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने 2022 में मॉन्ट्रियल में ग्लोबल एविएशन काउंसिल के ऑफिस में रूस के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. मंगलवार को आए फैसले का नीदलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने स्वागत किया है.
परिषद ने अपनी जांच में पाया कि रूस ने शिकागो कन्वेंशन का उल्लंघन किया है जिसके अनुसार उड़ान के दौरान नागरिक विमानों के खिलाफ हथियारों का उपयोग करने से बचना चाहिए.
क्या बोलें पीड़ित?
इस फैसले के आने के बाद अपने बेटे को खो चुके डच पिता थॉमस शैंसमैन ने कहा कि इस फैसले से स्पष्ट है कि रूस इस घटना का जिम्मेदार है और इससे उन्हें मुआवजा मिल सकता है. लेकिन वे और उनके रिश्तेदार चाहते है कि हादसे का जिम्मेदार देश अपनी गलती स्वीकार करे. उनका यह भी कहना है कि पैसे से कुछ भी वापस नहीं खरीदा जा सकता है.
रूस ने खारिज किए आरोप
रूस ने अपनी तरफ से सभी दावों और जांचों को खारिज किया है. क्रेमलिन ने अपने बयान में जांच को एकतरफा बताते हुए, रिपोर्ट को खारिज कर दिया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा रूस ने इस घटना की जांच में हिस्सा नहीं लिया है. इसलिए हम इन निष्कर्षों को स्वीकार नहीं करेंगे.
हरियाणा में सहकारी और निजी बसों पर भी लगेगा पशु सुरक्षा का संदेश
14 May, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में सड़कों पर दौड़ती सभी रोडवेज बसों पर अब 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के साथ 'जानवरों पर दया करो' का संदेश भी दिखेगा।
इतना ही नहीं, सहकारी परिवहन समितियों और प्राइवेट बस संचालकों को भी जीवों को बचाने के लिए प्रेरित करता स्लोगन लिखना होगा। यह फैसला पशुओं के प्रति दयालुता बढ़ाने और सड़क पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
हिंदी के साथ अंग्रेजी में भी लिखा जाएगा स्लोगन
प्रदेश सरकार ने सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर पशु कल्याण से जुड़ा संदेश लिखना अनिवार्य कर दिया है। परिवहन आयुक्त ने सभी जिला परिवहन अधिकारियों सह क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण सचिवों को आदेशों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। हिंदी के साथ अंग्रेजी में भी यह स्लोगन लिखा जा सकेगा।
स्लोगन की न्यूनतम ऊंचाई 150 मिलीमीटर (एमएम) होनी चाहिए ताकि वह आसानी से पढ़ने में आ सके। इसे ऐसे स्थान पर लगाना होगा, जहां से वह सभी को दिखाई दे। स्लोगन का रंग इस हिसाब से हो कि यह बस के रंग में न मिले। यानी स्लोगन स्पष्ट रूप से दिखे। इसे पेंट या स्टीकर के रूप में भी लगाया जा सकता है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से लोगों में पशु कल्याण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और सड़क पर बेसहारा या घरेलू जानवरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।
मेनका गांधी ने अनिल विज को लिखा था पत्र
दरअसल, यात्री वाहनों के साथ ही रोडवेज बसों पर स्लोगन के जरिये बेटियों को बचाने के लिए जागरूक करने का अभियान सफल रहा। इसे देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 25 फरवरी को सभी राज्यों के परिवहन आयुक्तों और प्रधान सचिवों को पशुओं पर दया करने और उनका ख्याल रखने के लिए स्लोगन की मदद लेने के लिए लिखित अनुरोध भेजा था।
इसमें कहा गया है कि हाल के वर्षों में मानव व जीवों के बीच संघर्ष के कई मामले सामने आए हैं। विशेषकर जंगल क्षेत्र में जीवों को लेकर जागरूकता ज्यादा जरूरी है। वाहनों पर जीवों के प्रति सरल रहने और उन्हें बचाने की जागरूकता के स्लोगन इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं।
वहीं, पशु अधिकार कार्यकर्ता और पर्यावरणविद के रूप में पहचान बनाने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेत्री मेनका गांधी ने भी हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज को इस संबंध में पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर पशु कल्याण से जुड़ा संदेश लिखना अनिवार्य करने की वकालत की। विज ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए तुरंत प्रभाव से परिवहन अधिकारियों को केंद्र सरकार के आदेश को सख्ती से लागू कराने का निर्देश जारी कर दिया।
पर्यावरण और जीव-जंतुओं की रक्षा करना सभी का कर्तव्य
संविधान के अनुच्छेद 51 ए (जी) के अनुसार प्रत्येक नागरिक का यह मौलिक कर्तव्य है कि वह वन, झील, नदी और वन्य जीवन सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करे तथा जीवित प्राणियों के प्रति दया भाव रखे। इसके अलावा पशु कल्याण सुनिश्चित करने के लिए दो कानून, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 बनाए गए हैं।
युद्ध नहीं, बातचीत करें भारत-पाकिस्तान: ट्रंप ने फिर दिया चौंकाने वाला बयान
14 May, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और पाकिस्तान के बीच फिलहाल तनाव कम है। दोनों के बीच सीजफायर लागू हो गया है। ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत-पाक के बीच संबंधों को बेहतर करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम के लिए तैयार हो गए। अब ट्रंप ने दोनों देशों को खाने पर जाने को कहा है।
'हमें मिसाइल नहीं चलो बिजनेस करें'
ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा, 'दोनों देशों के पास बहुत शक्तिशाली, मजबूत और चतुर नेता हैं। यह सब रुक गया और उम्मीद है कि यह ऐसे ही रहेगा वे (भारत-पाकिस्तान) सच में साथ मिल रहे हैं। शायद हम उन्हें साथ में लाकर एक अच्छा डिनर भी करा सकें। उस संघर्ष में लाखों लोग मारे जा सकते थे जो छोटे से शुरू हुआ और दिन-ब-दिन बड़ा होता जा रहा था।'
उन्होंने कहा, 'हमें परमाणु मिसाइलों का व्यापार नहीं करना चाहिए, बल्कि वस्तुओं का व्यापार करना चाहिए, उन अच्छी चीजों का जो आप बनाते हैं। शायद हम उन्हें थोड़ा साथ ला सकें। जहां वे बाहर जाकर साथ में अच्छा खाना खा सकें। ट्रंप ने आगे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उनके योगदान के लिए प्रशंसा की।
मुझे युद्ध पसंद नहीं- ट्रंप
ट्रम्प ने आगे दावा किया, 'हमने कुछ दिन पहले ही ऐतिहासिक युद्ध विराम पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष में लाखों लोग मारे जा सकते थे।' बता दें यूएस-सऊदी निवेश फोरम में राष्ट्रपति ट्रंप ने ये दावा किया है। उन्होंने कहा है- 'मेरी सबसे बड़ी उम्मीद शांति निर्माता और एकजुटता लाने वाला बनना है। मुझे युद्ध पसंद नहीं है।
भारत ने पाक को दी चेतावनी
वहीं दूसरी तरफ भारत ने इस हफ्ते अपने पड़ोसी को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे आतंकवाद विरोधी अभियान, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ स्थानों पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था, अब भारत की प्रतिक्रिया में एक नया मानक पेश करेंगे। भारत सरकार ने जोर देकर कहा कि अगर पाकिस्तान में आतंकवादी तत्व फिर से संगठित होने की कोशिश करते हैं तो उसके बल फिर से कार्रवाई करेंगे।
आतंकी कार्रवाई पर भारत के सख्त रुख के बाद पाकिस्तान का पलटवार
14 May, 2025 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। भारत द्वारा आतंकियों पर की गई कार्रवाई और फिर पाकिस्तान द्वारा हमले की कोशिश करने के बाद मिले करारा जवाब के बाद पाकिस्तान की सरकार अब बौखला चुकी है।
इस बीच पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को जासूसी के आरोप में आवंछित घोषित कर दिया। पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिक और उनके परिवार को 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान छोड़ने को कहा है।
पाकिस्तान सरकार ने किया पोस्ट
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है।"
"पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को उसकी विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति के साथ असंगत गतिविधियों में संलग्न होने के लिए अवांछित व्यक्ति घोषित किया है। संबंधित अधिकारी को 24 घंटे के भीतर पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश दिया गया है।"
भारत के एक्शन से बौखलाया पाक
पोस्ट में कहा गया, "भारतीय उच्चायुक्त को आज विदेश मंत्रालय में बुलाया गया था और इस आदेश से अवगत कराया गया।"
उल्लेखनीय है कि भारत ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत एक पाकिस्तानी अदिकारी को भारत में उसकी आधिकारिक स्थिति के अनुरूप नहीं होने वाली गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया था।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत एक पाकिस्तानी अधिकारी को भारत में अपने आधिकारिक दर्जे के अनुरूप गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है। अधिकारी को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ने को कहा गया है।"
आतंकवाद के खिलाफ भारत का एक्शन
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया था। यह हमला 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक हमले का बदला लेने के लिए किया गया था, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे।
100 से ज़्यादा आतंकवादियों को मार गिराने के अलावा, इन हमलों में पाकिस्तान के अंदर 11 एयर बेस को निशाना बनाया गया और उनकी सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया गया। हवाई, जमीनी और समुद्री अभियानों को संयमित तरीक़े से अंजाम दिया गया, जिसमें नागरिकों की कम से कम हताहत होने पर ज़ोर दिया गया।
कनाडा की नई विदेश मंत्री बनीं अनीता आनंद, गीता पर हाथ रखकर ली शपथ
14 May, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोरंटो। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को अपने कैबिनेट में फेरबदल की घोषणा की, जिसमें भारतीय मूल की अनीता आनंद को विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया है। यह कदम उन्होंने हाल ही में पुन: निर्वाचित लिबरल सरकार के गठन के तहत उठाया है।
गीता पर हाथ रखकर ली शपथ
अनीता आनंद ने मंगलवार को गीता पर हाथ रखकर नए विदेश मंत्री के रूप में शपथ ली। वह कनाडा की विदेश मंत्री बनने वाली पहली हिंदू महिला भी हैं। कनाडा कई विदेशी मामलों की चुनौतियों से निपट रहा है।
मेलानी जोली को उद्योग मंत्री बनाया गया
इस साल की शुरुआत में जस्टिन ट्रूडो की जगह लेने वाले और पिछले महीने चुनाव जीतने वाले कार्नी ने अनीता आनंद को मेलानी जोली की जगह विदेश मंत्री नियुक्त किया है। मेलानी जोली को उद्योग मंत्री बनाया गया है। अनीता आनंद ने पहले रक्षा मंत्री सहित कई भूमिकाएं निभाई हैं।
फ्रांस्वा फिलिप शैम्पेन बने रहेंगे वित्त मंत्री
फ्रांस्वा फिलिप शैम्पेन ने वित्त मंत्री के रूप में अपना पद बरकरार रखा है, जबकि डोमिनिक लेब्लांक कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध के दौरान व्यापार मंत्री बने हुए हैं। कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा के प्रति दिखाई गई आक्रामकता का सामना करने का वादा करके प्रधानमंत्री का पद हासिल किया है।
कार्नी ने कहा कि कनाडाई लोगों ने इस नई सरकार को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक नए आर्थिक और सुरक्षा संबंध को परिभाषित करने और सभी कनाडाई लोगों के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक मजबूत जनादेश के साथ चुना है।
कार्नी ने कहा कि राजा चार्ल्स तृतीय 27 मई को संसद के फिर से शुरू होने पर कनाडाई सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए एक भाषण देंगे।
पिता तमिलनाडु से और मां पंजाब से थीं
अनीता आनंद का जन्म केंटविले, नोवा स्कोटिया में हुआ था। उनके माता-पिता भारतीय फिजिशियन थे। उनके पिता तमिलनाडु से और मां पंजाब से थीं। अनीता की दो बहनें हैं गीता आनंद, जो टोरंटो में एक वकील हैं और सोनिया आनंद, जो मैकमास्टर यूनिवर्सिटी में एक फिजिशियन और शोधकर्ता हैं।
भूकंप का केंद्र 10 किमी गहराई में, मैक्सिको तटीय इलाकों में हाई अलर्ट
14 May, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेक्सिको में भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि मेक्सिको के जलिस्को तट पर 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (ESMC) ने मंगलवार को बताया कि मेक्सिको के जलिस्को तट पर 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। EMSC ने बताया कि भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर था।
भारत का स्पष्ट जवाब: कश्मीर पर कोई तीसरा पक्ष मंजूर नहीं
13 May, 2025 10:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर तीसरे पक्ष का दखल मंजूर नहीं है। इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान आपस में सुलझाएंगे। यह बात विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को PoK खाली करना होगा। सभी मामले द्विपक्षीय तरीके से ही हल होंगे।
विदेश मंत्रालय ने भारत-पाक के बीच सीजफायर की घोषणा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता और सीजफायर का क्रेडिट लेने के दावों को भी नकार दिया।
विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के 2 दावे नकारे
1. कश्मीर पर मध्यस्थता
विदेश मंत्रालय: जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर तीसरे पक्ष की दखलंदाजी मंजूर नहीं है। इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान आपस में सुलझाएंगे। इसमें कोई बदलाव नहीं है। लंबित मामला सिर्फ पीओके पर कब्जा करने का है। इसी पर बात होगी।
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था: ट्रम्प ने 11 मई को कहा था, 'मैं दोनों के साथ मिलकर यह देखने की कोशिश करूंगा कि क्या 'हजार साल' बाद कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकाला जा सकता है।'
2. सीजफायर नहीं तो ट्रेड बंद
विदेश मंत्रालय ने कहा: '7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने से लेकर 10 मई को गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर सहमति बनने तक, भारतीय और अमेरिकी नेताओं के बीच उभरते सैन्य हालात पर बातचीत होती रही। किसी भी चर्चा में व्यापार का मुद्दा नहीं उठा।'
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था: अमेरिकी राष्ट्रपति ने 12 मई को दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से कहा कि अगर वे युद्धविराम पर सहमत होते हैं तो अमेरिका उन्हें व्यापार में मदद करेगा। अगर नहीं मानते हैं तो उनके साथ कोई व्यापार नहीं होगा। इसके बाद दोनों देश सीजफायर पर सहमत हो गए थे।
विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 4 बड़ी बातें
TRF को UN में आतंकी संगठन के तौर पर लिस्टेड कराएंगे: प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी। हमने सात बार ब्रीफिंग दी। हमारे पास सबूत हैं। टीआरएफ ने जिम्मेदारी ले थी। टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा का संगठन है। टीआरएफ को UNSC में आतंकी संगठन के तौर पर लिस्टेड कराएंगे। जांच की रिपोर्ट से जल्द अपडेट कराएंगे। UNSC की मॉनिटरिंग कमेटी से हमने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आतंकी संगठन के तौर पर लिस्टेड करने को कहा है। उनका जवाब कुछ दिनों में मिल जाएगा।
पाकिस्तान हर जंग हारने के बाद ढोल बजाता है: ऑपरेशन सिंदूर में कई जगहों को पाकिस्तान में नुकसान पहुंचा। पाकिस्तान ने भारतीय सेना की क्षमता देखी। पाकिस्तान के प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा। हमारा टारगेट आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर थे। 9 मई की रात पाकिस्तान का हमला हमने फेल किया। वहां के एयरबेस ध्वस्त होने के बाद पाकिस्तान ने DGMO लेवल की बातचीत की पेशकश की। पाकिस्तान में हुए हमले की सैटेलाइट पिक्चर मौजूद हैं। ये आपके हर सवाल का जवाब देंगी। पाकिस्तान ने हर जंग हारने के बाद ढोल बजाया है। यह उनकी पुरानी आदत है।
BSF जवान को छुड़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय काम कर रहा: BSF के कॉन्स्टेबल बीके साहू 20 दिन से पाकिस्तान के कब्जे में हैं। उन्हें छुड़ाने के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा- मेरे पास इसका अपडेट नहीं है। इस बारे में सेना और डिफेंस मिनिस्ट्री काम कर रही हैं। दोनों देशों में कैसे बातचीत हो रही है, इसकी डिटेल नहीं दे सकता।
बांग्लादेश में आजादी को रोका जा रहा: बांग्लादेश की अवामी लीग पर बैन लगाने की बात चिंता का विषय है। लोकतंत्र में जो काम करने का तरीका होता है, उसे दरकिनार किया गया है। बांग्लादेश में आजादी को रोका जा रहा है। राजनीतिक गतिविधियों का दायरा रोका जा रहा है, इससे हम चिंतित हैं। हम चाहते हैं बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव कराया जाए।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट किया जारी, परिणाम 85.66 प्रतिशत रहा
13 May, 2025 05:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। आबकी बार रिजल्ट 85.66 प्रतिशत रहा वहीं लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी है। 193828 बच्चों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 1,66031 बच्चे पास हुए। वहीं 7900 बच्चे फेल हुए। वहीं छात्राओं की बात करें तो 97, 561 छात्राओं ने पेपर दिए, जिनमें से 87,227 छात्राएं पास हुई। लड़कियों का पास प्रतिशत 89.41 और लड़कों का 81.86 रहा।
इन बच्चों ने किया TOP
कैथल के ARPANDEEP SINGH ने 497 अंक हासिल किए
सोनीपत की KARINA ने 495 नेअंक हसिल किए
जींद की YASHIKA ने 495 अंक हसिल किए
जींद की SAROJ 494 ने अंक हसिल किए
भिवानी के NAMAN VERMA ने 493अंक हसिल किए
रेवाड़ी के RAJAT ने 493 अंक हसिल किए
चरखी दादी की NANCY ने 493 अंक हसिल किए
भिवानी की APSANA ने 493 अंक हसिल किए
भिवानी की VANDANA ने 492 अंक हसिल किए
फतेहाबाद की CHANCHAL ने 492 अंक हसिल किए
अंधविश्वास की बलि चढ़ा मासूम, बीपीटीपी पुल से मां ने फेंका दो साल का बेटा
13 May, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के फरीदाबाद में तांत्रिक के कहने पर महिला ने अपने ही 2 साल के बेटे को पुल से नहर में फेंक दिया. दिल दहला देने वाली ये घटना बीपीटीपी पुल की है. पुलिस ने सोमवार को बताया कि एक महिला ने अपने दो साल के बेटे को नहर में फेंक दिया. एक तांत्रिक ने उसे यकीन दिलाया था कि वह जिन्न है. उन्होंने बताया कि मेघा लुकरा ने कथित तौर पर बच्चे को बीपीटीपी पुल से आगरा नहर में फेंक दिया.
जब वह ऐसा कर रही थी तो उसे कुछ राहगीरों ने देख लिया. उन्होंने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस, अग्निशमन विभाग, राज्य आपदा प्रबंधन और स्थानीय गोताखोरों की एक टीम नहर में बच्चे की तलाश कर रही है. तांत्रिक भी एक महिला है, उसे हिरासत में ले लिया गया है.
पुलिस के अनुसार, मेघा की शादी 16 साल पहले कपिल लुकरा से हुई थी. दंपति के दो बच्चे हैं. वे फरीदाबाद की सैनिक कॉलोनी में एक फ्लैट में रहते हैं. उनकी बड़ी बेटी मान्या करीब 14 साल की है, जबकि बेटा तन्मय उर्फ रोनिक करीब दो साल का है. महिला के पति कपिल लुकरा ने अपनी शिकायत में कहा कि मेघा लंबे समय से तांत्रिक मीता भाटिया से मिल रही थी. इस दौरान भाटिया ने मेघा को यह विश्वास दिलाया कि उसका बेटा एक सफेद जिन्न का बेटा है. वह उसके पूरे परिवार को नष्ट कर देगा.
बच्चा लेकर निकली घर से
इस सुझाव ने मेघा को मानसिक रूप से परेशान कर दिया. कपिल लुकरा ने अपनी शिकायत में कहा कि रविवार शाम करीब 5 बजे मेघा बिना किसी को बताए हमारे बेटे को गोद में लेकर घर से निकल गई. जैसे ही मुझे इस बारे में पता चला, मैंने उसकी तलाश शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि मेघा को थाने में बैठा देखकर वह चौंक गए. स्थानीय लोगों ने जब मेघा को बच्चे को फेंकते देखा तो उन्होंने शोर मचाया और 112 नंबर पर फोन किया. पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और बच्चे की तलाश जारी है.
चीन का व्हाइट पेपर: एशिया-प्रशांत में बढ़ते खतरों का किया खुलासा
13 May, 2025 04:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन ने एक व्हाइट लेटर जारी कर पूरे एशिया पैसिफिक में आने वाले संभावित खतरे से आगाह किया है. बीजिंग ने सोमवार को व्हाइट लेटर में कहा कि एशिया पैसिफिक क्षेत्र में शीत युद्ध फिर से गरमा सकता है. साथ ही इसमें कहा गया है कि चीन को बिगड़ते भू-राजनीतिक माहौल में घरेलू राजनीतिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना होगा.
इस व्हाइट लेटर में चीन ने पश्चिमी ताकतों पर निशाना साधा है और पूरे क्षेत्र को इन ताकतों से सावधान रहने के लिए कहा है. चीन की कैबिनेट के राज्य परिषद की ओर से जारी ‘नए युग में चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा’ रिपोर्ट के मुताबिक, “शत्रुतापूर्ण ताकतों द्वारा वैचारिक तोड़फोड़ को रोका जाना चाहिए और कम्युनिस्ट पार्टी के शासन की गारंटी दी जानी चाहिए, क्योंकि देश बढ़ते बाहरी सुरक्षा दबाव के साथ-साथ अभूतपूर्व रूप से जटिल जोखिमों का सामना कर रहा है.”
चीन को क्यों सताया डर?
ट्रंप की वापसी के बाद से चीन के अमेरिका और उसके समर्थकों के साथ ट्रेड युद्ध छिड़ गया है. अमेरिका चीन को घेरने के लिए चीन दुश्मन देशों को पहले से मदद दे रहा है, अब उसको आर्थिक और व्यापारिक तौर से घेरने में लग गया है. खबरों के मुताबिक पत्र में कहा गया है कि पश्चिम में चीन विरोधी ताकतें चीन को रोकने, दबाने और नियंत्रित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं. वे ‘पश्चिमीकरण और विभाजन’ की रणनीति को लागू कर रही हैं और चीन के खिलाफ घुसपैठ और तोड़फोड़ की गतिविधियों को अंजाम दे रही हैं.
टैरिफसमझौते वाले दिन जारी हुआ पत्र
ये पत्र ऐसे समय में जारी हुआ है जब चीन और अमेरिकी ने अपने टैरिफ वार पर 90 दिनों का सीजफायर लगाया है. दोनों देशों ने एक समझौते के तहत टैरिफ को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है. व्यापार तनाव में थोड़ी कमी के बावजूद, विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच प्रतिद्वंद्विता कई मोर्चों पर बनी रहने की संभावना है.
डोनाल्ड ट्रंप को कतर से मिलेगा हाईटेक जेट, क्या लेगा एयरफोर्स वन की जगह?
13 May, 2025 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 मई को कतर दौरे पर जाने वाले हैं। यहां कतर सरकार राष्ट्रपति ट्रंप को लग्जरी प्लेन बोइंग 747-8 गिफ्ट के तौर पर दे सकती है। अब तक दुनिया के किसी भी राष्ट्रपति को मिलने वाला सबसे महंगा तोहफा होगा। इस लग्जरी विमान की कीमत 400 मिलियन डॉलर यानी करीब 3400 करोड़ रुपये हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टूथ पर इसकी जानकारी दी।
बोइंग 747-8 जंबो जेट अस्थायी तौर पर 40 साल पुराने अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन की जगह ले सकता है, क्योंकि इसके 'एयर फोर्स वन' से भी ज्यादा लग्जरी और हाईटेक होने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, कतर सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि अभी इस डील पर केवल विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ट्रंप के कतर आने पर इस उपहार की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
आइए बताते हैं कि ट्रंप को कतर सरकार की ओर से गिफ्ट में मिलने वाले लग्जरी प्लेन बोइंग 747-8 की क्या खासियत है..
विमान बोइंग 747-8 में क्या है खास?
दुनिया का सबसे बड़ा पैसेंजर फ्लाइट
कतर सरकार की ओर से तोहफे में दिया जा रहा बोइंग 747-8 दुनिया का सबसे लंबा यात्री विमान है। इस विमान की लंबाई करीब 76.3 मीटर है, जोकि एयरबस A380 फ्लाइट से भी लंबा है। विमान में दो डेक हैं। ऊपरी डेक आमतौर पर वीवीआईपी बैठकों, निजी सुइट और ऑफिस स्पेस के लिए है, जबकि नीचे की डेक बैठने और अन्य सुविधाओं के लिए है।
टेक्नोलॉजी में भी आगे
एडवांस टेक्नोलॉजी वसे लैस इस विमान में अत्याधुनिक नेविगेशन और एक्यिोनिक्स सिस्टम लगे हैं। इसके अलावा, इसमें एवर मिड रिफ्यूलिंग और मिसाइल डिफेंस सिस्टम जोड़ने की कैपेसिटी भी है। बोइंग 747-8 एक बार ईंधन भरने के बाद 15,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक उड़ान भर सकता है।
रफ्तार और इंटीरियर जबरदस्त
बोइंग 747-8 की रफ्तार 1053 किमी प्रति घंटा है। अगर इस लग्जरी विमान के वीवीआई इंटीरियर की बात करें तो इसमें गोल्ड प्लेटेड फिटिंग्स, कस्टमाइज्ड फर्नीचर, लग्जरी बेडरूम और कॉन्फ्रेंस रूम हैं।
लग्जरी विमान में कितने इंजन हैं?
कतर की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति को तोहफे में मिल रहे विमान बोइंग 747-8 में GE के चार GEnx-2B67 इंजन लगे हैं, जिनसे ईंधन की खपत भी कम होती है। यह साउंड और कार्बन उत्सर्जन दोनों के मामले में पुराने मॉडल से काफी बेहतर है।
ट्रंप को मिलने के बाद विमान में क्या बदल सकता है?
लग्जरी विमान बोइंग 747-8 अगर डोनाल्ड ट्रंप को तोहफे में मिलता है तो उसके बाद इसे अपग्रेड किया जाएगा। इस विमान में स्पेशली मिलिट्री ग्रेड कम्युनिकेशन सिस्टम, रडार ब्लाइंड स्पेस, जैमिंग तकनीक और न्यूक्लियर अटैक सर्वाइवल सिस्टम से लैस किया जाएगा।
'फ्लाइंग प्लेस' नाम से बुलाया जाता है
लग्जरी विमान बोइंग 747-8 जंबो जेट एयरक्राफ्ट को फ्लाइंग प्लेस (Flying Palace) भी कहा जाता है। अमेरिकी सरकार को अब तक दुनिया की किसी भी विदेशी सरकार से मिलने वाला यह सबसे महंगा तोहफा होगा।
ट्रंप को कब मिलेगा यह गिफ्ट?
कतर सरकार की ओर बेशक एलान कर दिया गया है, लेकिन ट्रंप को यह गिफ्ट अभी नहीं मिलेगा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि सिक्योरिटी क्लियरेंस मिलने तक ट्रंप में इस विमान में नहीं बैठ सकते हैं। इसमें अभी समय लग सकता है। डोनाल्ड ट्रंप का 2029 में राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा हो जाएगा। इससे कुछ वक्त पहले वह इस विमान का इस्तेमाल कर पाएंगे।
ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने पर विमान कहां रहेगा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने के बाद यह लग्जरी विमान उनकी प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी को सौंपा जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप इस जेट को बाद में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
महंगे गिफ्ट पर विवाद भी शुरू
राष्ट्रपति ट्रंप को मिलने वाले इस लग्जरी तोहफे पर विवाद भी शुरू हो गया है। अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप को मिल रहे इस तोहफे को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है।
डेमोक्रेटिक सांसदों का कहना है कि यह गिफ्ट ट्रंप के कारोबारी हितों और उनकी राष्ट्रपति की जिम्मेदारियों के बीच गैप को दिखाता है। वहीं सीनेट में अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने डोनाल्ड ट्रंप के 'अमेरिका फर्स्ट' स्लोगन का मजाक उड़ाया है।
बता दें कि अमेरिकी संविधान एमोल्यूमेंट्स क्लॉज के अनुसार, सरकारी पद पर सेवारत कोई भी इंसान बिना कांग्रेस (संसद) की सहमति के विदेशी राज्य या किसी भी राजा से कोई गिफ्ट या उपाधि नहीं ले सकता है।
पीएम मोदी के संदेश का असर: पाकिस्तान ने तीन मुद्दों पर बातचीत का किया प्रस्ताव
13 May, 2025 03:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी के संबोधन के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान सामने आया है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत के साथ 3 प्रमुख मुद्दों पर बात की जानी चाहिए। आसिफ ने बताया कि भारत के साथ सिंधु जल समझौता, बलुचिस्तान और खैबर पख्तुनख्वा में आतंकी गतिविधियों पर बात होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर भी बात होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय पीएम ने अपनी इज्जत बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक नेता के तौर पर उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा बचाने का बहुत ही हताशा भरा प्रयास किया है। मुझे नहीं लगता उनकी बातों में कोई सार बचा है।
छोटी सेना बड़ी सेना पर भारी पड़ती है- मुनीर
इससे पहले पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने कहा कि भारतीय सेना को जवाब देने का देश से किया गया वादा उन्होंने पूरा किया है। मुनीर ने कहा कि कुरान में कहा गया है कि छोटी सेना अक्सर बड़ी सेना पर भारी पड़ती है। इतिहास में ऐसे कई उदाहरण है। हमारी सेना और पाकिस्तान के लोग किसी भी आक्रमण के खिलाफ स्टील की दीवार की तरह एकजुट होकर खड़े हैं। मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान अपनी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत हमें डरा नहीं सकता, चाहे उसके पास कितने भी हथियार हों या वह कितनी भी बड़ी सेना होने का दावा करे।
पीएम मोदी ने देश को किया संबोधित
बता दें कि पाकिस्तान के साथ सीजफायर के 51 घंटे बाद सोमवार शाम को पीएम मोदी ने रात 8 बजे देश को संबोधित किया। पीएम ने कहा कि जिन आतंकियों ने हमारी मां-बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उन्हें मिटा दिया। हमारे ऑपरेशन में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकी मारे गए हैं। पीएम ने कहा कि पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने संघर्ष रोकने पर अपनी सहमति प्रदान की है। उन्होंने कहा भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है। अब हम पाकिस्तान का रवैया देखकर आगे का एक्शन तय करेंगे। हम पाकिस्तान से आतंकवाद और पीओके पर ही बात करेंगे।
बांग्लादेश में शेख हसीना को झटका, आवामी लीग पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत बैन
13 May, 2025 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका । बाग्लादेश की अंतरिम सरकार ने आधिकारिक तौर से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को बैन कर दिया। दो दिन पहले मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने कानून के पिछले संस्करण के तहत इसकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के गृह सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम ने सोमवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि इस संबंध में आज एक गजट अधिसूचना जारी की गई है।
शेख हसीना की पार्टी को क्यों किया गया बैन?
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अधिसूचना के अनुसार, अवामी लीग और इसके संबद्ध संगठनों को बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) द्वारा इसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा पूरा होने तक आतंकवाद विरोधी अधिनियम 2025 के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बताया जाता है कि उन्होंने कहा कि संशोधित कानून की धारा 18 सरकार को किसी भी इकाई या संगठन को उचित आधार पर आतंकवाद में शामिल पाए जाने पर घोषित करने का अधिकार देती है। 2009 के मूल आतंकवाद विरोधी अधिनियम में “इकाई” पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान नहीं था। इसके अलावा चुनाव आयोग (ईसी) ने कहा कि उसने अवामी लीग के पंजीकरण को भी रद्द कर दिया है, जिससे पार्टी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गई है।
आवामी लीग का पंजीकरण भी किया गया रद
नाव आयोग के सचिव अख्तर अहमद ने सरकारी अधिसूचना के कुछ घंटों बाद कहा कि रविवार को गृह मंत्रालय ने बांग्लादेश अवामी लीग और उसके संबद्ध संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी क्रम में, चुनाव आयोग ने अवामी लीग के पंजीकरण को निलंबित करने का फैसला किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एएमएम नासिर उद्दीन ने दो दिन पहले संवाददाताओं से कहा कि हमें वर्तमान बांग्लादेश की भावना के साथ चलने का फैसला करना होगा।
ग्रेजुएट वीजा की अवधि 2 साल से घटाकर 18 महीने की गई
13 May, 2025 12:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हर देश में जब आप कामकाज करने जाते हैं तो उस के कुछ नियम होते हैं. हालांकि, अब इंग्लैंड में कामकाज के नियम बदल गए हैं, ब्रिटेन सरकार ने सोमवार को लीगल इमिग्रेशन को प्रतिबंधित करने के लिए कई बदलाव किए हैं, जिसका भारतीय नागरिकों पर भी काफी असर पड़ने वाला है. अब ब्रिटेन में 5 साल गुजारने के बाद आप वहां की नागरिकता हासिल नहीं कर सकते बल्कि नागरिकता हासिल करने के लिए अब देश में 10 साल गुजारने होंगे.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने इमिग्रेशन व्हाइट पेपर की घोषणा करते हुए कहा कि ब्रिटेन अजनबियों का आईलैंड बनने का जोखिम उठा रहा है और इमिग्रेशन के विस्फोट ने “हमारे देश को जो नुकसान पहुंचाया है, उसकी गणना नहीं की जा सकती. इसी के चलते अब बदलाव किए गए हैं. हालांकि, इमिग्रेशन में किए गए बदलाव से साफ अंदाजा किया जा सकता है कि इन बदलाव का मकसद देश में विदेशी नागरिकों की बढ़ती संख्या को कम करना है. इसी के तहत कई कदम उठाए गए हैं.
इमिग्रेशन में किए गए बदलाव
12 मई, 2025 को इमिग्रेशन व्हाइट पेपर पेश किया गया. इससे साफ पता चलता है कि सरकार विदेशियों के लिए देश में एंट्री को मुश्किल बनाने का प्लान बना रही है. सिस्टम के हर हिस्से को कड़ा किया जा रहा है. नागरिकता हासिल करने से लेकर ग्रेजुएशन के बाद देश में काम करने तक को मुश्किल कर दिया गया है और पीरियड में चेंज कर दिए गए हैं.
पेपर में बताया गया है कि हाल के सालों में देश में गैर-यूरोपीय संघ के नागरिकों के कम-कुशल प्रवासन में बढ़ोतरी हुई है और कम-रैंक वाले यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट की तादाद में भी बढ़ोतरी हुई है. इसमें कहा गया है कि देश चाहता है कि वो ब्रिटेन के कर्मचारियों को ट्रेनिंग दें और देश में विदेशी भर्ती को कम किया जाए.
क्या बदलाव हुए
ब्रिटेन की नागरिकता अब इतनी आसानी से नहीं मिलेगी, नागरिकता हासिल करने के लिए अब देश में 5 नहीं बल्कि 10 साल गुजारने होंगे.
कुशल श्रमिक वीजा उन्हें ही मिलेगा जिनके पास डिग्री होगी.
ग्रेजुएशन वीजा में भी बड़ा बदलाव किया गया है. ग्रेजुएशन वीजा के तहत छात्र ग्रेजुएशन करने के बाद काम के लिए देश में 2 साल गुजार कर सकते थे, लेकिन अब इस समय को 18 महीने कर दिया गया है.
स्वास्थ्य और देखभाल कार्यकर्ता वीजा में भी बड़ा बदलाव किया गया है. इस वीजा को समाप्त कर दिया गया है.
कई चीजें हुई सख्त
ब्रिटेन में अब से सिर्फ डिग्री वाले लोग ही कुशल श्रमिक वीजा (Skilled Worker) के लिए पात्र होंगे. वहीं दूसरी तरफ ग्रेजुएशन वीजा जो छात्रों को देश में ग्रेजुएशन होने के बाद काम करने की इजाजत देता है, उसे 2 साल से घटाकर 18 महीने कर दिया जाएगा. साथ ही स्वास्थ्य और देखभाल कार्यकर्ता वीजा, जो विदेशी नागरिकों को देखभाल क्षेत्र में काम करने की अनुमति देता है उसको समाप्त किया जाएगा.
विदेशी नागरिक तब तक बसने या नागरिकता के लिए पात्र नहीं होंगे जब तक कि वो ब्रिटेन में 10 साल से नहीं रह चुके हों और सभी वीजा रूट पर अंग्रेजी भाषा की सख्त नई जरूरतें होंगी. यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, अगर आप यूके में रहना चाहते हैं, तो आपको इंग्लिश बोलनी चाहिए. यह तो कॉमन सेंस है.
स्किल्ड वरकर्स को स्पोनसर करने वाले नियोक्ताओं पर लगाए जाने वाले आप्रवासन कौशल शुल्क में 32% की बढ़ोतरी की जाएगी. इससे स्किल्ड वरकर्स को नियुक्त करने में गिरावट दर्ज की जा सकती है. साथ ही सभी कुशल श्रमिक वीजा के लिए वेतन सीमा में बढ़ोतरी की जाएगी.
स्वास्थ्य और देखभाल कार्यकर्ता वीजा समाप्त
यूके होम ऑफिस के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन के देखभाल क्षेत्र में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए साल 2023 में लगभग 1,40,000 स्वास्थ्य और देखभाल वीजा जारी किए गए थे. इनमें से 39,000 भारतीय नागरिकों को दिए गए थे.
सरकार ने 12 मई, 2025 को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, विदेशों से आए देखभाल कर्मियों ने ब्रिटेन में सोशल केयर में बहुत बड़ा योगदान दिया है, लेकिन इन में से बहुत से लोगों को दुर्व्यवहार और शोषण का शिकार होना पड़ा है. इसी के चलते देश में बढ़ रहे देखभाल कर्मियों की संख्या पर लगाम लगाने के लिए भी अब इस वीजा को समाप्त कर दिया गया है.
किन लोगों के लिए खतरा?
पिछले साल भारतीयों को सबसे अधिक संख्या में कुशल और स्वास्थ्य और देखभाल कार्यकर्ता वीजा दिए गए (health and care worker visas), और दूसरे सबसे अधिक संख्या में स्टडी वीजा दिए गए. भारत के बाद, यूके में सबसे अधिक कुशल श्रमिक वीजा देने वाली शीर्ष पांच गैर-यूरोपीय संघ की राष्ट्रीयताएं नाइजीरिया, चीन, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे और अन्य हैं।
कौन लोग नहीं होंगे प्रभावित?
हालांकि, इन बदलाव के आने के बाद भी जो लोग पहले से ही स्किल्ड वीजा पर काम कर रहे हैं वो इससे तब तक प्रभावित नहीं होंगे जब तक वो अपना रूट स्विच नहीं करते हैं. यूके सिर्फ 2028 तक स्वास्थ्य और देखभाल कार्यकर्ता वीजा पर देश में पहले से मौजूद लोगों के लिए वीजा विस्तार और इन-कंट्री स्विचिंग की इजाजत देगा. व्हाइट पेपर ने विदेशों से भर्ती करने वाली देखभाल कंपनियों के श्रमिकों के शोषण और दुर्व्यवहार पर रूट बंद करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा, हमने छात्र वीजा का दुरुपयोग और शोषण देखा है, जहां पढ़ाई पूरी करने के इरादे के बिना यूके में रहने और काम करने के लिए वीजा का इस्तेमाल सिर्फ एंट्री गेट के रूप में किया जाता है और अपने सिलेबस के अंत में छात्रों की ओर से शरण के दावों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. इसके अलावा, बहुत से ग्रेजुएट लोगों को अपनी पढ़ाई के पूरे होने के बाद यूके में रहने की इजाजत दी गई है, वो ग्रेजुएशन लेवल रोल में नहीं जा रहे हैं जिसके लिए ग्रेजुएशन वीजा रूट बनाया गया था.
पेपर में कहा गया है कि यूके इसके बजाय अपने उच्च प्रतिभा वाले मार्गों जैसे ग्लोबल टैलेंट वीज़ा और हाई पोटेंशियल इंडिविजुअल रूट पर अधिक लोगों को आकर्षित करना चाहता है.
यूके में कितने भारतीय छात्र?
भारतीय विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक यूके में 369000 एनआरआई रहते हैं. वहीं, भारतीय मूल के 1495318 लोग रहते हैं. यूके में कुल 1864318 भारतीय रहते हैं. वहीं, छात्रों की संख्या की बात करें तो शिक्षा मंत्रालय ने राज्यसभा में साल 2024 में दिसंबर में बताया था कि यूके में 136,921 छात्र पढ़ने के लिए जाते हैं.
रूस बना मजदूरों के लिए सुनहरा मौका, वेतन में मिल रही बंपर बढ़ोतरी
13 May, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले तीन साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों देशों को नुकसान हो रहा है. जहां युद्ध क्षेत्र में सैनिक जान गवा रहे हैं, वहीं देश के अंदर भी कई समस्याएं पैदा हो गई हैं. रूस के हायर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के विश्लेषण का हवाला देते हुए, इजवेस्टिया पब्लिकेशन ने 12 मई को बताया कि 2024 तक रूसी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या 2.6 मिलियन कम रह गई, जो एक रिकॉर्ड उच्च स्तर है.
ये आंकड़ा दिखाता है कि जंग के दौरान रूस में भारी वर्कर्स की कमी हो गई है. माना जा रहा है कि इसके पीछे क्रेमलिन का यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए आक्रामक तरीके से लोगों की भर्ती करना है, जिसके वजह से दूसरे क्षेत्र में लोगों की कमी आ गई है.
किस क्षेत्र में कितने वर्कर्स की कमी
रिपोर्ट मे बताया गया है कि विनिर्माण (391,000), व्यापार (347,000) और परिवहन (219,000) में सबसे ज़्यादा वर्कर्स की कमी है. इन क्षेत्रों में नियोक्ता अब एक लाख रूबल (1,200 डॉलर) मासिक से ज़्यादा वेतन दे रहे हैं, जो रूस के राष्ट्रीय औसत से 1.5 गुना ज़्यादा है.
कितना बढ़ गई कर्मियों की सैलरी
रूस में औसत मासिक सकल वेतन 2024 में 20 फीसद बढ़कर 88 हजार रूबल (लगभग 1,000 डॉलर) हो गया, जो 9.5 फीसद की आधिकारिक इंफ्लेशन के मुकाबले रिकॉर्ड पर सबसे तेज़ सालाना वेतन बढ़ोतरी को दिखाता है. कार्यबल की भागीदारी भी ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई, जिसमें 15 साल से अधिक आयु के 61 फीसद रूसी श्रम बाजार में लगे हुए हैं.
युद्ध की वजह से हो रही वर्कर्स की कमी
फरवरी 2022 में रूस की ओर से यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से यह कमी तेजी से बढ़ गई है. अपनी सैन्य रैंक को मजबूत करने के लिए, रूस ने औपचारिक भर्ती के बजाय आकर्षक अनुबंधों और आक्रामक भर्ती अभियानों पर भरोसा किया है.
राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने 15 जनवरी को कहा था कि यूक्रेन में 6 लाख रूसी सैनिक तैनात हैं. यूक्रेनी राष्ट्रपति ऑफिस के उप प्रमुख पावलो पालिसा के मुताबिक रूस 2025 में वहां अपनी सेना को 150,000 तक बढ़ाने की योजना बना रहा है.
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