ख़बर
न्यू ओर्लियन्स की तरह और हो सकते हैं हमले, एफबीआई ने की चेतावनी जारी
15 Jan, 2025 11:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। नए साल के मौके पर न्यू ओर्लियन्स में हुए हमले में 14 लोगों की मौत हो गई थी। अब एफबीआई ने अमेरिका में ऐसे ही और हमलों को लेकर चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में सूचना देने की अपील की है। न्यू ओर्लियन्स घटना में हमलावर के तार आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से जोड़े जा रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एफबीआई ने चेतावनी दी है कि अमेरिका में न्यू ओर्लियन्स जैसे और इसके जवाबी हमले हो सकते हैं। एफबीआई और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग चरमपंथियों के वाहन का इस्तेमाल कर हमला करने वाली गतिविधियों को लेकर चिंतित है। उनका मानना है कि आमतौर पर हमलावर विदेशी आतंकवादी संगठनों से प्रेरित होते हैं और ऐसी ही गतिविधियों को दोहराने की कोशिश करते हैं।
अधिकारियों ने इस संबंध में घोषणा जारी की है। इसमें खासतौर से चरमपंथी हमलावरों का जिक्र है, जो किराए के वाहनों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर करते हैं। इनके निशाने पर पैदल चलने वाले, कानून से जुड़े अधिकारी और भीड़ वाले इलाके होते हैं। जब्बार ने भी किराए के ट्रक के सड़क के किनारे मौजूद लोगों पर चढ़ा दिया था। एफबीआई ने इस हमले को आतंकवादी कृत्य बताया था और कहा था कि जब्बार आतंकवादी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट’ (आईएस) से प्रभावित था। उसके वाहन के पीछे से समूह का कुख्यात काला झंडा बरामद किया था। उसने आईएस के प्रति अपने समर्थन की घोषणा करते हुए ऑनलाइन वीडियो पोस्ट किए थे।
पुतिन से जल्द करुंगा मुलाकात, ट्रंप ने कर दिया ऐलान
15 Jan, 2025 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ संबंधों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह अगले सप्ताह पद संभालने के बाद जल्द ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करुंगा। उन्होंने मीटिंग को लेकर कोई निश्चित समय सीमा नहीं जाहिर की है। दोनों देशों के नेताओं के बीच फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली मीटिंग होगी। ट्रंप अपने चुनावी अभियान के दौरान कहते रहे हैं कि वह यूक्रेन का युद्ध एक फोन कॉल में खत्म कर सकते हैं।
ट्रंप से जब युद्ध खत्म करने की उनकी रणनीति के बारे में पूछा तब उन्होंने कहा, ‘केवल एक ही रणनीति है और यह पुतिन पर निर्भर है। क्योंकि पुतिन ने जैसा चाहा था चीजें उस तरह से नहीं हुई हैं। मैं जानता हूं कि वह मुझसे मिलना चाहते हैं और मैं जल्द ही पुतिन से मिलूंगा। मैंने पहले ही ऐसा कर लिया होता, लेकिन उसके लिए पहले राष्ट्रपति बनना होता। कुछ काम करने के लिए आपको ऑफिस में रहना जरूरी होता है। अमेरिका के सांसद माइक वॉल्ट्ज और ट्रंप प्रशासन के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि उन्हें आने वाले दिनों और हफ्तों में ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत की उम्मीद है।
ट्रंप के बयान पर रूस ने अपनी प्रतिक्रिया दी। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने कहा कि ऐसी बैठक की कोई तैयारी नहीं हो रही है, लेकिन इस लेकर समझ और राजनीतिक इच्छाशक्ति मौजूद है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, कई देश अपनी सेवाएं देना चाहते हैं, जहां पुतिन और ट्रंप के बीच संभावित मुलाकात हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘इस बैठक की कोई ठोस तैयारी नहीं हो रही है, लेकिन यह समझ और राजनीतिक इच्छाशक्ति घोषित की गई है कि इसतरह संपर्क बहुत जरूरी हैं।
साउथ अफ्रीका की खदान में 100 मजदूरों की मौत
15 Jan, 2025 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जोहान्सबर्ग। साउथ अफ्रीका में सोने की खदान में फंसे 100 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, खदान में दो महीने से 400 से ज्यादा मजदूर मौजूद थे। ये सभी खदान में अवैध रूप से सोने की खुदाई करने के लिए उतरे थे।मौके पर राहत बचाव के लिए स्पेशल माइनिंग रेस्क्यू टीम को भेजा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भूख और प्यास की वजह से मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी। अब तक 13 शव बरामद हो चुके हैं। कई लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू किए गए मजदूरों के पास से एक सेलफोन मिला, जिसमें 2 वीडियो थे। इन वीडियो में दर्जनों शव पॉलीथीन में लिपटे हुए दिखाई दे रहे हैं।खदानों में काम करने वालों मजदूरों से जुड़ी सामाजिक संस्था माइनिंग अफेक्टेड कम्युनिटीज यूनाइटेड इन एक्शन के मुताबिक पिछले साल नवंबर में पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस ने इस खदान को सील करने की कोशिश की थी। इसके लिए मजदूरों से बाहर निकलने के लिए कहा था। गिरफ्तारी के डर के मजदूरों ने खदान से बाहर निकलने से मना कर दिया था। इसके बाद से ये मजदूर खदान में फंसे थे।
कैलिफोर्निया के नए जंगलों में आग लगने का खतरा
15 Jan, 2025 08:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लॉस एंजिल्स । अमेरिका में कैलिफोर्निया राज्य के लॉस एंजिलिस के नए जंगलों में आग लगने की चेतावनी जारी की गई। लॉस एंजिलिस के आसपास दक्षिण-पश्चिम कैलिफोर्निया के एक बड़े हिस्से में बुधवार तक भीषण आग के खतरे की आशंका है।
यूएस नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक सोमवार रात को लॉस एंजिलिस में 45 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जो मंगलवार को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार कर पहुंच गई हंै। इस आग में अब तक 24 लोगों की जान जा चुकी है। 7 जनवरी को लगी इस आग पर आज एक हफ्ते बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है।
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रम्प 20 जनवरी को शपथ ग्रहण के बाद प्रभावित इलाकों का दौरा कर सकते हैं। वहीं अमेरिकी संसद के निचले सदन के स्पीकर माइक जॉनसन का कहना है कि कैलिफोर्निया में वाटर मिसमैनेजमेंट हुआ है। वहां के लोकल लीडर्स लापरवाह थे।
वीरान द्वीप पर 30 साल अकेले रहने वाले शख्स की मौत, जबरन लाए थे घर
14 Jan, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोम । 30 से ज्यादा वर्षों तक इटली के एक वीरान द्वीप पर अकेले रहने वाले शख्स का निधन हो गया। उनकी उम्र 85 साल थी। इटली का रहने वाला इस शख्स का नाम माउरो मोरांदी है, जिन्हें मीडिया ने ‘रॉबिन्सन क्रूसो’ नाम दिया था।
द्वितीय विश्वयुद्ध के पुराने शेल्टर, सार्डिनिया के पास बुडेली द्वीप पर अकेले रहते थे। 1989 में उपभोक्तावाद और समाज से बचने के लिए वह पोलिनेशिया जा रहे थे। इस प्रयास के दौरान वह एक द्वीप पर पहुंच गए। संयोगवश, बुडेली द्वीप के पहले एकांतवास केयरटेकर रिटायर होने के करीब थे, इसलिए माउरो ने केयरटेकर का काम संभाल लिया। तीन दशकों तक उन्होंने प्रवाल, ग्रेनाइट और सीपियों से बने घर में अकेले रहते हुए इस खूबसूरत द्वीप पर जीवन बिताया। केयरटेकर के रूप में उनकी नौकरी के कारण उन तक खाने-पीने का सामान पहुंचाया जाता था। वह एक अस्थाई सौर ऊर्जा प्रणाली से घर को बिजली देते और एक साधारण चिमनी से घर को गर्म रखते थे।
जब उन्हें द्वीप से निकलने का आदेश दिया गया तो उनके पास कोई घर नहीं था। बाद में सरकार ने उन्हें सार्डिनिया के एक द्वीपसमूह ला मदालेना में स्थानांतरित कर दिया गया। उसे एक राष्ट्रीय उद्यान के रूप में नामित किया गया था। यहां वह अपने एक बेडरूम वाले अपार्टमेंट में रहते थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 में उन्होंने द्वीप छोड़ने के बाद कहा, ‘यह कभी खत्म नहीं हुआ। मैं इस बात का जीता-जागता उदाहरण हूं कि नया जीवन संभव है। आप हमेशा सब कुछ फिर से शुरू कर सकते हैं, भले ही आपकी उम्र 80 से ज्यादा हो। क्योंकि ऐसी और भी चीजें हैं, जिनका आप अनुभव कर सकते हैं।’ जब 32 साल बाद वह द्वीप से निकले तो सबकुछ बदल गया था।
आधुनिकता वाले जीवन से वह काफी खुश थे। उन्होंने कहा था, ‘मैं खुश हूं और जीवन जीने और रोजमर्रा की सुख-सुविधाओं का आनंद फिर से पा लिया है।’ बता दें कि मोरांदी ने 32 साल तक द्वीप को साफ-सुथरा रखा और पर्यटकों को इसके पर्यावरण के बारे में जागरूक किया। साल 2021 में द्वीप को नेचर पार्क घोषित करने के बाद उन्हें इटैलियन अधिकारियों ने वहां से हटा दिया। बाद में उन्होंने सार्डिनिया के ला मदालेना में एक छोटे से अपार्टमेंट में नई शुरुआत की। तीन साल पहले ही वह आम लोगों के बीच लौटे थे।
अमेरिकी जंगलों लगी आग से लोगों में सांस और दिल की बीमारी का खतरा
14 Jan, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयॉर्क,। अमेरिका के जंगलों में लगी आग से जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। एक नया अध्ययन सामने आया है जिन लोगों के पास एयर कंडीशनिंग तक सीमित पहुंच है, वे जंगल की आग के धुएं के संपर्क में आने के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर सकते हैं। अमेरिका में जलवायु परिवर्तन के कारण जंगल की आग की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है, जिससे हवा में विषैले प्रदूषक तत्व फैल रहे हैं। यह अध्ययन बताता है कि जिन लोगों के पास एयर कंडीशनिंग की सुविधा नहीं हैं, उन लोगों में जंगल की आग से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आने से श्वसन समस्याएं, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती है।
अध्यान में कहा गया है एयर कंडीशनिंग और फिल्टर के प्रकार के आधार पर धुएं के संपर्क से स्वास्थ्य पर प्रभाव बदल सकते हैं। कैलिफोर्निया में जंगल की आग के प्रभाव को समझने के लिए यह एक उदाहरण है, क्योंकि यहां लंबे समय तक आग लगी रहती है। अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि अमेरिकी नीतियों को समानता और शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि लोग जंगल की आग से उत्पन्न होने वाले हानिकारक प्रदूषकों से अपनी सुरक्षा के उपायों को समझ सकें।
अध्ययन में भी बताया गया है कि यह जरुरी है कि हर नागरिक के पास एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाओं हो, ताकि वे आग के धुएं से अपनी रक्षा कर सकें। यह अध्ययन उस समय आया जब दक्षिणी कैलिफोर्निया में दमकलकर्मी लॉस एंजिल्स काउंटी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में जल रही आग को बुझाने में जुटे हैं। आग का असर और उसका स्वास्थ्य पर प्रभाव न केवल स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि पूरे देश के लिए एक चुनौती बन चुका है।
जवानी की दहलीज पर ही ये पीढी दिखने लगी बूढ़ी
14 Jan, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। साल 1995 से 2010 के बीच पैदा हुए अधिकांश लोग अब नौकरी-पेशा हो गए हैं और जवानी की दहलीज पर हैं, लेकिन यह पीढ़ी देखने में बूढ़ी लगने लगी है। इनमें से अधिकांश की बायलॉजिकल उम्र वास्तविक उम्र से ज्यादा हो गई है।
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, जेन जेड, यानी 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोगों में बायलॉजिकल उम्र का बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। उनके चेहरे पर झुर्रियां, त्वचा की समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य मुद्दे देखने को मिल रहे हैं। इसका कारण मुख्य रूप से तनाव है। जानकारी के अनुसार, कोविड-19 महामारी ने जेन जेड पीढ़ी को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। महामारी के दौरान उनके रिश्ते, हेल्थकेयर और राजनीतिक माहौल में बड़े बदलाव आए, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ। जेन जेड एक ऐसी पीढ़ी है जो सोशल मीडिया से गहरे तौर पर जुड़ी हुई है और इस प्लेटफॉर्म पर वे खुद को परिपक्व दिखाने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया पर जेन जेड के अधिकांश सदस्य शिकायत करते हैं कि उन्हें लोग अपनी उम्र से ज्यादा बूढ़ा समझते हैं।
हैल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस पीढ़ी के जल्दी बूढ़े होने का मुख्य कारण स्ट्रेस हार्मोन, यानी कॉर्टिसोल है। जेन जेड के लोगों के जीवन में तनाव एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। सबसे पहले उन्हें अकादमिक तनाव का सामना करना पड़ता है क्योंकि वे हमेशा दूसरों से आगे रहना चाहते हैं। इसके बाद कैरियर की चिंता होती है और नौकरी में अस्थिरता भी उनकी चिंता का कारण बनती है। साथ ही, सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या और इस प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बनाने की चिंता भी उन्हें मानसिक दबाव में डालती है।
लॉस एंजिल्स की भीषण आग में भी इस हवेली को नहीं हुआ कोई नुकसान
14 Jan, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लॉस एंजिल्स । कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स के जंगलों में लगी आग में भीषण तबाही मचा दी है। हजारों परिवारों को जान बचाने के लिए पलायन करना पड़ा है। आग ने सैकड़ों घरों को राख में बदल दिया है। इसके बाद बीमा कंपनियों के लिए भी मुश्किल हो गई है। क्योंकि उन्हें अरबों डॉलर का क्लेम देना होगा। आग के कारण फिल्म स्टार, सेलिब्रेटी के घर भी जले हैं। लेकिन इस दौरान एक घर सबसे ज्यादा चर्चा में है। 90 लाख डॉलर (77.8 करोड़) रूपए की एक हवेली इस भयावक तबाही में बच गई है। जबकि हवेली के चारों ओर सबकुछ जलकर राख हो चुका है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस घर के मालिक 64 साल के रिटायर्ड वेस्ट मैनेजमेंट एक्जीक्यूटिव डेविड स्टीनर हैं। यह घर मालिबू में है। जब उन्हें पता चला कि उनका घर इस आग में बच गया है, तब उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। स्टीनर ने स्वीकार किया कि वे यह देखकर दंग रह गए धुएं के हटने के बाद उनका तीन मंजिला घर अभी भी अपनी जगह पर खड़ा था।
आग के कारण सिंगर दुआ लीपा ने छोडा अपना घर
14 Jan, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैलिफोर्निया । अमेरिका में लगी आग के कारण ब्रिटिश-अल्बानियन सिंगर दुआ लीपा सहित कई हस्तियों को शहर छोड़ना पड गया। इंस्टाग्राम पर दुआ लीपा ने अपनी चिंता व्यक्त की। इस आग को हैरान करने वाला और डरावना बताया।
उन्होंने आग से हुए विनाश का एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वह सुरक्षित रूप से शहर से बाहर निकल आई हैं और सभी से सुरक्षित रहने की अपील की। अपने पोस्ट में दुआ लीपा ने लिखा, लॉस एंजिलिस में पिछले कुछ दिन बेहद भयावह और परेशान करने वाले रहे। मैं अपने दोस्तों और शहर के उन लोगों के बारे में सोच रही हूं जिन्हें अपने घर छोड़ने पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि वह शरणार्थियों के लिए दान करने के इच्छुक लोगों के लिए लिंक शेयर करेंगी। उन्होंने अपने नोट का समापन करते हुए कहा, मैं सुरक्षित हूं और शहर से बाहर निकल आई हूं। इस मुश्किल समय में सभी को मेरी शुभकामनाएं। सुरक्षित रहिए और एक-दूसरे का ख्याल रखें। 2020 में दुआ लीपा ने बेवर्ली हिल्स में अपना शानदार घर खरीदा था।
जैसे-जैसे आग का कहर जारी रहा, दुआ लीपा उन कई हस्तियों में शामिल हो गईं जिन्हें सुरक्षा कारणों से निकासी का आदेश दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जंगल की आग में 10 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। पेसिफिक पालीसाडेस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और मालिबू से लेकर सैंटा मोनिका तक का तटीय क्षेत्र पूरी तरह से नष्ट हो गया है, जिससे यह आग शहर के इतिहास की सबसे विनाशकारी आग बन गई है।
ट्रंप का पनामा नहर पर नियंत्रण का दावा
13 Jan, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर को लेकर एक विवादित दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण नहर चीनी सैनिकों के नियंत्रण में है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी जहाजों से ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह पनामा नहर पर नियंत्रण लेने के लिए सैन्य शक्ति का उपयोग करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, ट्रंप के इन दावों को पनामा नहर प्रशासन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। नहर के प्रशासक रिकोर्टे वास्क्यूज ने स्पष्ट किया है कि पनामा नहर पूरी तरह पनामा के नियंत्रण में है और चीनी सैनिकों द्वारा इसे संचालित करने का दावा पूरी तरह निराधार है। वास्क्यूज ने बताया कि नहर के दोनों छोर पर काम करने वाली चीनी कंपनियां हांगकांग कंसोर्टियम का हिस्सा थीं, जिन्होंने 1997 में बिडिंग प्रक्रिया के तहत यह ठेका जीता था। इसके बावजूद, नहर का संचालन और नियंत्रण पूरी तरह पनामा सरकार के अधीन है।
तालिबान की कैद में तीन बंधकों के परिवार से की जो बाइडन ने बात, रिहाई पर चल रही बात
13 Jan, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने तीन अमेरिकी नागरिकों के रिश्तेदारों से बात की, जिन्हें अफगानिस्तान में तालिबान ने बंधक बनाकर रखा है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें वापस लाने के लिए कोई समझौता नहीं हो पाया है। तालिबान ने जिनको बंधक बनाया है उनमें रेयान कॉर्बेट, जॉर्ज ग्लेजमैन और महमूद हबीबी के परिवार के सदस्यों के साथ बाइडन की बातचीत हुई है। अमेरिकी अधिकारी बंधकों की रिहाई को लेकर समझौते पर बातचीत की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के ग्वांतानामो बे में बंद अफगानिस्तान के शेष बंदियों में से एक मोहम्मद रहीम के बदले में इन अमेरिकियों को स्वदेश वापस लाया जा सकता है।
कॉर्बेट 2021 में अमेरिका समर्थित अफगानिस्तान सरकार के पतन के समय अपने परिवार के साथ अफगानिस्तान में रह रहे थे। अगस्त 2022 में एक व्यापारिक यात्रा के दौरान तालिबान ने उनका अपहरण कर लिया था। अधिकारियों का मानना है कि तालिबान ने अब भी दोनों के साथ-साथ हबीबी को भी बंधक बना रखा है। हबीबी एक अफगान अमेरिकी व्यवसायी है जो काबुल स्थित एक दूरसंचार कंपनी के लिए ठेकेदार के रूप में काम करते थे और 2022 में लापता हो गए थे।
अमेरिका की एफबीआई ने कहा कि हबीबी और उनके चालक को कंपनी के 29 अन्य कर्मचारियों के साथ ले जाया गया था, लेकिन हबीबी और एक अन्य व्यक्ति को छोड़कर सभी को रिहा कर दिया गया। तालिबान ने हबीबी के उनके पास होने से इनकार किया है, जिससे अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत और समझौते को अंतिम रूप देने की संभावना जटिल हो गई है। हबीबी के भाई अहमद हबीबी के मुताबिक फोन पर जो बाइडन ने बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों से कहा कि उनका प्रशासन रहीम को तब तक नहीं छोड़ेगा, जब तक तालिबान हबीबी को रिहा नहीं कर देता।
अंगोला में हैजा का फैला प्रकोप, लगाना पड़ा आपातकाल
13 Jan, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुआंडा। अंगोला में हैजा का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिससे लोग भयभीत हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक हैजा के 170 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से तीन नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 51 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कैकुआको के जनरल अस्पताल में हैजा नियंत्रण को लेकर एक विशेष बैठक आयोजित की। इस बैठक में गंदे पानी के स्रोतों पर रोक लगाने और समुदायों में साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा हुई। पब्लिक वाटर कंपनी के डायरेक्टर अडाओ सिल्वा ने कहा कि पहले इस्तेमाल की जाने वाली 17 सामुदायिक पानी की टंकियों को साफ किया जा चुका है, ताकि लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके।
हैजा का प्रकोप अब राजधानी लुआंडा के अलावा आसपास के दो नगर पालिकाओं में भी फैल चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह मंगलवार को पहला मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश में आपातकालीन प्रक्रिया लागू कर दी गई है।अंगोला की स्वास्थ्य मंत्री सिल्विया लुटुकुटा ने बताया कि हैजा से निपटने के लिए विशेष आपातकालीन योजनाएं सक्रिय की गई हैं। खासतौर पर लुआंडा प्रांत के कैकुआको नगरपालिका में संसाधन जुटाने और महामारी नियंत्रण के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने महामारी निगरानी और लैब परीक्षण में सुधार किया है। इसके साथ ही लोगों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में भी काम हो रहा है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने नेशनल कोलेरा रिस्पॉन्स प्लान को सक्रिय किया है, जिसके तहत चिकित्सा संसाधन जुटाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। मंत्रालय ने बताया कि गंदे पानी और खराब स्वच्छता हैजा के प्रमुख कारण हैं, और इन पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। सरकार ने नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने और गंदे पानी से बचने की अपील की है।
क्या तालिबान को सबक सिखाने पाकिस्तान ने वखान कॉरिडोर पर कर लिया कब्जा?
13 Jan, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। तालिबान और पाकिस्तान में तनाव के बीच अफगानिस्तान का वखान कॉरिडोर चर्चा में हैं। एक रिपोर्ट से पता चलता है कि पाकिस्तान ने चीन सीमा से लगे अफगानिस्तान के वखान कॉरिडोर पर कब्जा कर लिया है या फिर कब्जे की तैयारी कर रहा है। ये रिपोर्ट ऐसे समय आईं हैं, जब पाकिस्तान और तालिबान के बीच तनाव बना हुआ है। खबरों पर अभी तक पाकिस्तान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सवाल पूछा उठने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान ऐसा कर सकता है। वखान कॉरिडोर करीब 350 किलोमीटर का एक तंग रास्ता है, जो अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में आता है। इसके पूर्वी सिरे पर चीन की सीमा है, जबकि उत्तर में ताजिकिस्तान और दक्षिण में पाकिस्तान की सीमा है। इसके चलते यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान के रूप में उभरता है। कहा जा रहा है कि तालिबान को सबक सिखाने पाकिस्तान ने इस कॉरिडोर पर कब्जा करने का फैसला किया है, लेकिन सवाल है कि क्या पाकिस्तान की सेना इस इलाके पर कब्जा कर सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी विश्लेषक इम्तियाज गुल का कहना है कि वखान की सीमा चीन से लगती है और बीजिंग अभी तक पाकिस्तान का सबसे पुराना और भरोसेमंद दोस्त है। वे कहते हैं कि बुनियादी सवाल यह है कि क्या चीन की सीमा पर फौजी कार्रवाई करके पाकिस्तान चीन को नाराज करना चाहेगा? वे आगे कहते हैं कि चीन ने वखान सीमा पर अपनी सीमा के अंदर एक बड़ी सैन्य पोस्ट बना रखी है, जिसका काम चरमपंथियों की आवाजाही पर नजर रखना है।
इम्तियाज ने कहा एक बात साफ है कि वखान कॉरिडोर पर चीन की सैन्य मौजूदगी है। इन हालात में पाकिस्तान ऐसा काम कर सकता है जिससे पहले से नाराज अफगान और नाराज हो जाएं और चीन को भी अपना दुश्मन बना ले। जनवरी 2023 में चीन की पेट्रोलियम कंपनी ने अफगान तालिबान के साथ आमू नदी के इलाके में तेल और गैस निकालने का करार किया था। अप्रैल 2023 में चीन ने अफगानिस्तान के कुछ इलाकों से बेशकीमती लिथियम धातु को निकालने के लिए करार हुआ, जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में होता है।
एक्सपर्ट का कहना है कि पाकिस्तान पहले से ही सीमावर्ती इलाकों में मुश्किलों में घिरा है। टीटीपी समेत कई चरमपंथी संगठन पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सक्रिय हैं, जिनमें बलूच अलगाववादी समूह भी शामिल हैं। पिछले महीने आखिर में तालिबान की सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर 19 सैनिकों को मार डाला था। ऐसे में यह पाकिस्तान की गलती होगी कि वह उसे इलाके में जाकर कब्जा करे, जहां उसका दोस्त चीन भी नाराज हो जाए।
यूक्रेनी सेना ने पकड़े दो उत्तर कोरियाई सैनिक, रुस खामोश, कीव में होगी पूछताछ
13 Jan, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव,। यूक्रेनी सेना ने रूस के कुर्स्क इलाके के युद्ध वाले इलाके से दो उत्तर कोरियाई सैनिकों को पकड़ा है। ये सैनिक यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहे थे। इससे पहले भी यूक्रेन ने कई बार कुर्स्क में उत्तर कोरियाई सैनिकों की तैनाती का दावा किया था लेकिन रूस ने इस मसले पर कोई बयान नहीं दिया था।
कुर्स्क पर यूक्रेन ने करीब पांच महीने पहले कब्जा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस की ओर से दस हजार से ज्यादा उत्तर कोरियाई सैनिक युद्ध क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि पकड़े दोनों सैनिक कीव लाए जा रहे हैं, जहां पर उनसे पूछताछ की जाएगी। पत्रकार भी उनसे सवाल पूछ सकेंगे। रूस ने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले डोनेत्स्क में एक सुपरमार्केट को मिसाइल से निशाना बनाया है। इस हमले में दो नागरिकों की मौत हुई है, जबकि अन्य दो घायल हो गए। रूस के इस आरोप को लेकर यूक्रेन ने कोई टिप्पणी नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रसारित हो रही तस्वीर में क्षतिग्रस्त इमारत के सामने मलबे का ढेर दिख रहा है और एक कार जलती नजर आ रही है।
आईएमडी मना रहा स्थापना दिवस, भारत ने बांग्लादेश-पाकिस्तान को भेजा निमंत्रण
12 Jan, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के 150वें स्थापना दिवस समारोह में बांग्लादेश शामिल नहीं होगा। बांग्लादेशी अधिकारियों ने सरकारी खर्च पर गैर-जरूरी विदेश यात्राओं पर प्रतिबंधों का हवाला देते यह जानकारी दी। यह समारोह 15 जनवरी, 2025 को होगा। आईएमडी ने कई पड़ोसी देशों को इस कार्यक्रम कें आमंत्रित किया है, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है।
बांग्लादेश मौसम विभाग के कार्यवाहक निदेशक मोमिनुल इस्लाम ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भारत मौसम विभाग ने उन्हें अपनी 150वीं वर्षगांठ समारोह में आमंत्रित किया था। हमारे उनके साथ अच्छे संबंध हैं और हम उनके साथ सहयोग जारी रखेंगे। इस्लाम ने बताया कि हम इस कार्यक्रम में नहीं जा रहे हैं क्योंकि सरकार की ओर से वित्त पोषित गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को सीमित करने का दायित्व है।
इस्लाम ने दोनों देशों की मौसम विभाग एजेंसियों के बीच नियमित संपर्क पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि वे 20 दिसंबर, 2024 को भारतीय मौसम विज्ञानियों के साथ एक बैठक के लिए भारत गए थे। यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच मौसम विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग जारी है, भले ही बांग्लादेश इस विशेष समारोह में शामिल नहीं हो रहा है।
भारत में आईएमडी की स्थापना 1875 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। यह विनाशकारी मौसम की घटनाओं, जैसे 1864 में कोलकाता में आए चक्रवात और 1866 और 1871 में आई मानसून संबंधी आपदाओं के बाद की गई थी। आईएमडी का मुख्यालय शुरू में कोलकाता में था। बाद में इसे 1905 में शिमला, 1928 में पुणे और 1944 में दिल्ली स्थानांतरित किया गया। आईएमडी अब 15 जनवरी, 2025 को अपनी 150वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है।
“भाजपा की ऐतिहासिक जीत का जश्न, मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल रहे शामिल”
हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा: पीएम मोदी का विपक्ष को बड़ा संदेश
पश्चिम बंगाल प्रशासन सख्त, कागजात हटाने पर रोक
ड्रग्स सिंडिकेट पर शिकंजा, सलीम डोला की गिरफ्तारी से बड़ा नेटवर्क उजागर
असम चुनाव परिणाम: NDA की जीत पर हिमंत सरमा का विजय चिन्ह
अप्रैल में भोपाल मंडल का सख्त अभियान, 63 हजार से अधिक केस पकड़े
उमरेठ विधानसभा उपचुनाव परिणाम: BJP आगे, कांग्रेस दूसरे स्थान पर
बंगाल फतह के बाद अनोखा सेलिब्रेशन, भाजपा सांसद का खास अंदाज
11 दिनों की मशक्कत के बाद बुझी जापान की आग, हालात काबू में
