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दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में शी जिनपिंग का फिर दिखा दबदबा
17 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। टाइम मैगजीन ने दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची जारी की है। टाइम मैगजीन की इस सूची में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दबदबा दिखा। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सूची में सबसे ज्यादा बार शामिल होने वाले व्यक्ति बन गए हैं। वह 14 बार टाइम मैग्जीन की लिस्ट में जगह बनाने में सफल रहे हैं। यह इस साल की दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में किसी भी व्यक्ति द्वारा सबसे ज्यादा है। यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर शी जिनपिंग के लगातार बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है, क्योंकि चीन अंतरराष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति में अहम भूमिका निभा रहा है। जिनपिंग का बार-बार सूची में चयन यह दिखाता है कि पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से उनका वैश्विक मामलों पर गहरा असर है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जहां शी जिनपिंग सबसे आगे हैं, वहीं कई अन्य प्रमुख वैश्विक नेता भी कई सालों से सूची में कई बार जगह बना चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आठ बार इस सूची में शामिल हो चुके हैं, जबकि इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पांच बार शामिल हुए हैं। बिजनेस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सुंदर पिचाई तीन बार इस सूची में आ चुके हैं। कई प्रभावशाली हस्तियां दूसरी बार इस सूची में शामिल हुई हैं। इनमें डारियो अमोडेई, फातिह बायरोएल, स्टर्लिंग के ब्राउन, मार्क कार्नी, क्लेयर डेंस, अलीको डैंगोटे और माइकल डेल शामिल हैं। वहीं, नोबेल पुरस्कार विजेता शिरीन एबादी, कॉमेडियन निक्की ग्लेसर, ओलंपिक चैंपियन क्लोई किम, डिजाइनर राल्फ लॉरेन, यूट्यूबर मिस्टरबीस्ट और राजनेता गेविन न्यूसम व मार्को रुबियो भी दोबारा सूची में शामिल हुई हैं। इस सूची में जोई सलदाना, क्लाउडिया शेनबाउम, ग्विन शॉटवेल और बेन स्टिलर जैसे नाम भी दोबारा सूची में शामिल हुए हैं।
टाईम 100 सूची हर साल उन लोगों को पहचान देती है, जो राजनीति, व्यापार, मनोरंजन और तकनीक के क्षेत्र में दुनिया को आकार दे रहे हैं। शी जिनपिंग की रिकॉर्ड उपस्थिति न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि वैश्विक घटनाओं को आकार देने में चीन की भूमिका कितनी अहम है। जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक बदलाव और तकनीकी परिवर्तन दुनिया को परिभाषित कर रहे हैं, वैसे-वैसे इस सूची में बार-बार शामिल होने वो नाम यह दिखाते हैं कि कई क्षेत्रों में स्थायी ताकत और उभरते प्रभाव दोनों मौजूद हैं।
पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के बाद भी भारत दोगुनी तेजी से आगे बढ़ रहा
17 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के बाद भी भारत की ग्रोथ का अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) अनुमान लगा चुका है। अब इसकी प्रमुख क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने भारत की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा कि भारत दोगुनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो सका, क्योंकि फंडामेंटल्स या बुनियाद मजबूत है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आईएमएफ ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.5 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में यह अनुमान जताते हुए कहा कि इस साल 6.5 फीसदी की वृद्धि दर के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। मुद्राकोष ने भारत के संदर्भ में कहा कि 2026 के लिए वृद्धि अनुमान में 0.3 फीसदी अंक की हल्की बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे 2025 के मजबूत प्रदर्शन का असर और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क को 50 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किए जाने जैसे कारक हैं। इन कारकों ने पश्चिम एशिया संघर्ष के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर दिया है। इसके साथ ही मुद्राकोष ने 2027 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के 6.5 फीसदी पर बने रहने का अनुमान जताया। साथ ही आईएमएफ ने 2026 में वैश्विक वृद्धि दर 3.1 फीसदी और 2027 में 3.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो 2025 के अनुमानित 3.4 फीसदी से कम है।
रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने पाकिस्तान को तीन अरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। इसके साथ मौजूदा पांच अरब अमेरिकी डॉलर के कर्ज के पुनर्भुगतान की मियाद भी और तीन साल के लिए बढ़ा दी है। पाकिस्तान को यह मदद ऐसे समय में मिली है जब वह इस महीने यूएई को 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर चुकाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी वजह से उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है। आईएमएफ ने शर्त लगाई है कि पाकिस्तान सऊदी अरब, चीन और यूएई को मौजूदा तीन साल के कार्यक्रम के पूरा होने तक देश के साथ अपनी नकद जमा राशि बनाए रखनी होगी।
हिसार में JJP नेता पर FIR, कुलपति कार्यालय के गेट को नुकसान पहुंचाने का आरोप
17 Apr, 2026 10:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। जन नायक जनता पार्टी युवा विंग के प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के खिलाफ हिसार के सिटी थाना में केस दर्ज किया गया है। पार्टी के कई अन्य पदाधिकारियों पर भी केस दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने रात के समय कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। दिग्विजय चौटाला सहित अन्य लोगों के खिलाफ जीजेयू प्रशासन ने शिकायत दी थी। वहीं, इस मामले में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला मीडिया से रूबरू हुए।
बता दें कि दिग्विजय सिंह चौटाला के संवाद में वीरवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के छात्रों को जाने से रोकने पर टकराव के हालात पैदा हो गए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति कार्यालय में एक घंटे तक हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति कार्यालय के गेट को तोड़ने की कोशिश की। गमले टूट गए। दिग्विजय चौटाला प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ गेट के पास धरने पर बैठ गए। दिग्विजय ने इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए महिला पुलिस की तैनाती पर सवाल उठाया। जजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने बताया कि जीजेयू में छात्र संवाद आयोजित करने के लिए उन्होंने जीजेयू प्रशासन से अनुमति मांगी थी लेकिन प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद यह कार्यक्रम यादव धर्मशाला में आयोजित किया गया। जब विद्यार्थियों को जीजेयू परिसर से बाहर नहीं आने दिया गया तो दिग्विजय चौटाला कुछ छात्रों के साथ परिसर में दाखिल हो गए और कुलपति कार्यालय का घेराव किया। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जब तक कुलपति छात्रों की आवाज नहीं सुनेंगे तब तक हम धरने से नहीं उठेंगे। हंगामा बढ़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को बुलाया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को गेट धकेलने से रोका जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही।
हम जवा ब मांगने आए तो ये लोग कुर्सी छोड़ कर भाग गए
दिग्विजय सिंह चौटाला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज भाजपा के एजेंट की हालत इतनी कमजोर और भगोड़े जैसी हो गई है कि जब हम जवाब मांगने पहुंचे तो ये लोग अपनी कुर्सी छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि कुलपति को छात्रों के सवालों और उनके आका मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी जवाब देना होगा। हम राज्यपाल से मिलकर विश्वविद्यालयों में हो रही बदहाली, भ्रष्टाचार, लूट और जातिवाद से संबंधित भेदभाव को उजागर करेंगे। दरवाजे तोड़ने से कोई फायदा नहीं, हम इनकी सभी कारगुजारियों के दरवाजे खोलेंगे।
27 अप्रैल को जीजेयू में प्रदर्शन करेंगे
जजपा नेता दिग्विजय चौटाला की मौजूदगी में इनसो कार्यकर्ताओं की ओर से कुलपति कार्यालय पर की गई तोड़फोड़ दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। 5 अगस्त 2019 को इनसो फाउंडेशन-डे के लिए जीजेयू के सीआरएस सभागार को लिया गया था। इसमें सभागार में काफी नुकसान हुआ था। इस पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया था। आज तक यह जुर्माना अदा नहीं किया गया। नियमानुसार जुर्माने की अदायगी तक सभागार नहीं देंगे। प्रदर्शन के नाम पर कुछ लोग गुंडागर्दी करने पहुंचे थे। वे कोई डिमांड तक देकर नहीं गए हैं। इसमें विश्वविद्यालय नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
LPG Crisis: होर्मुज के रास्ते सप्लाई कम, जानें कब मिलेगी राहत
17 Apr, 2026 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी जंग की वजह से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पूरी तरह से प्रभावित हुई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने का असर दुनियाभर में देखने को मिला है. भारत में भी ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है. करीब 48 दिनों से जारी जंग की वजह से भारत में एलपीजी की सप्लाई कमजोर हुई है. फिलहाल, सबके मन में अब एक ही सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर एलपीजी संकट से कब छुटकारा मिलेगा. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, कि कब से राहत मिलेगी. लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए ऐसा लगता है कि एलपीजी सप्लाई चेन को सामान्य होने में थोड़ा सा वक्त लग सकता है.
जंग के दौरान न सिर्फ होर्मुज को बंद किया गया, बल्कि ऊर्जा संयंत्रों पर भी हमला कर उन्हें बर्बाद कर दिया गया. इसलिए उत्पादन भी अस्थाई रूप से प्रभावित हुआ है. अगर प्रोडक्शन दोबारा से भी शुरू किया गया, तो पहले की अपेक्षा सप्लाई चेन धीमी रह सकती है, जिसका असर कई देशों में देखने को मिल सकता है. भारत की अगर बात की जाए, तो लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी वैश्विक बाजार से आयात की जाती है. इस आयात का करीब 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा होर्मुज से होकर गुजरता है. होर्मुज बंद होने की वजह से भारत पर ही सबसे ज्यादा ऊर्जा संकट मंडराया हुआ है.
होर्मुज में फंसे 15 जहाज
होर्मुज बंद होने की वजह से एलपीजी की कीमतों पर भी असर देखने को मिला. घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत करीब 60 रुपए और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों पर करीब 115 रुपए का इजाफा किया जा चुका है. वर्तमान की अगर बात की जाए, तो होर्मुज में 15 जहाज फंसे हुए हैं. होर्मुज में अभी भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
भारत सरकार एलपीजी से छुटकारा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने में जुटी है. वैसे तो कितना समय लगेगा. इसको लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि इसमें करीब 1 महीने से लेकर 1 साल तक का समय लग सकता है.
अमेरिका होर्मुज की नाकाबंदी करेगा तो हम मिसाइल से अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे
17 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। इस्लामाबाद में ईरान के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अमेरिका ने अरब और ओमान की खाड़ी में ईरानी बंदरगाह से आने और जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर नाकाबंदी कर दी है। अमेरिकी नौसेना के जहाज ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे हैं इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करने का फैसला करता है तो हम अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे।
बता दें पिछले महीने मोजतबा खामेनेई ने ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मोहसेन रेजाई को सैन्य सलाहकार नियुक्त किया था। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि ट्रंप होर्मुज के लिए पुलिस बनना चाहते हैं। क्या यह वास्तव में आपका काम है? क्या यह अमेरिका जैसी शक्तिशाली सेना का काम है?” एक बयान में रेजाई ने कहा कि आपके ये जहाज हमारी पहली मिसाइलों से डूब जाएंगे। ये निश्चित रूप से हमारी मिसाइलों की चपेट में आ सकते हैं और हम इन्हें नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर जमीनी आक्रमण शुरू करता है तो यह और अच्छा होगा, क्योंकि हम हजारों अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लेंगे और फिर प्रत्येक बंधक के बदले हमें एक अरब डॉलर मिलेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोहसेन रेजाई ने कहा कि मैं युद्धविराम को बढ़ाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हूं और यह मेरा व्यक्तिगत विचार है। दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के पूर्ण सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, -हम गहरे भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती असमानताओं, घटते विश्वास और अपार मानवीय पीड़ा के दौर से गुजर रहे हैं। यह समय संवाद, तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूर्ण सम्मान करने की मांग करता है। आइए, शांति को मजबूत करने और सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के अपने प्रयास जारी रखें।
वहीं पोप लियो ने कहा है कि विश्व शांति के लिए तरस रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा-आइए हिंसा और युद्ध के तर्क को त्याग दें और प्रेम और न्याय पर आधारित शांति को अपनाएं। एक ऐसी शांति जो भय, धमकियों या हथियारों पर आधारित न हो। यह शांति निशस्त्रीकरण करने वाली है, क्योंकि यह संघर्षों को सुलझाने, दिलों को खोलने और विश्वास, सहानुभूति और आशा उत्पन्न करने में सक्षम है। मैं दृढ़ता से दोहराता हूं कि दुनिया शांति के लिए तरस रही है। युद्ध और उससे होने वाली मृत्यु, विनाश और निर्वासन के दर्द को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
स्पेसएक्स की नई रणनीति, रिकॉर्ड मिशन के लिए बदलेंगे नियम
17 Apr, 2026 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क की स्पेस कंपनी स्पेस एक्स ने अमेरिकी शेयर बाजार NASDAQ में लिस्टिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ से पहले गोपनीय दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्पेसएक्स करीब दो ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन को लक्ष्य बनाते हुए बाजार में उतर सकती है। कंपनी अपने कुल हिस्सेदारी का केवल छोटा भाग बेचकर लगभग 75 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। यह सौदा सफल रहा तो यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
कंपनी का सफर और बिजनेस मॉडल
2002 में स्थापित स्पेसएक्स का लक्ष्य मानवता को बहुग्रह बनाना है। कंपनी ने रॉकेट और लॉन्च व्हीकल के दोबारा उपयोग की तकनीक विकसित कर अंतरिक्ष प्रक्षेपण की लागत को नाटकीय रूप से कम किया है, जो 2000 के दशक की शुरुआत की तुलना में महज 5% तक रह गई है। कंपनी अब तक करीब 600 सफल रॉकेट लैंडिंग कर चुकी है, जिससे वाणिज्यिक अंतरिक्ष यात्रा को नया आयाम मिला है। हालांकि, स्पेसएक्स की कमाई का बड़ा हिस्सा उसके सैटेलाइट इंटरनेट बिजनेस स्टारलिंक से आता है, जो दुनिया भर में एक करोड़ से अधिक यूजर्स को सेवा दे रहा है।
एक्स एआई के साथ ऐतिहासिक विलय
फरवरी 2026 में स्पेसएक्स ने xAI के साथ विलय किया, जो ग्रोक का डेवलपर है। यह अब तक का सबसे बड़ा निजी कॉरपोरेट विलय माना जा रहा है। इस सौदे में xAI का मूल्य 250 अरब डॉलर और स्पेसएक्स का एक ट्रिलियन डॉलर आंका गया, जिससे संयुक्त इकाई का मूल्य 1.25 ट्रिलियन डॉलर हो गया। इस विलय ने स्पेसएक्स के आईपीओ की जमीन तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
आईपीओ की रणनीति और उपयोग
मस्क के मुताबिक, आईपीओ से जुटाई गई रकम का उपयोग अंतरिक्ष में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर सैटेलाइट स्थापित करने के लिए किया जाएगा। इन सैटेलाइट्स को सौर ऊर्जा से संचालित करने की योजना है, जिससे पृथ्वी पर बिजली और पानी जैसी सीमाओं से बचा जा सके।
नियमों में बदलाव और बाजार पर असर
स्पेसएक्स की संभावित लिस्टिंग को देखते हुए NASDAQ ने अपने कुछ नियमों में बदलाव किया है। आमतौर पर किसी कंपनी को इंडेक्स में शामिल होने के लिए कम से कम 10% शेयर बाजार में उपलब्ध होना जरूरी होता है, लेकिन स्पेसएक्स के मामले में इस शर्त में ढील दी गई है।
साथ ही, नई लिस्टेड कंपनियों के लिए इंडेक्स में शामिल होने की समय सीमा भी तीन महीने से घटाकर 15 ट्रेडिंग दिन कर दी गई है। इससे स्पेसएक्स जल्दी ही NASDAQ 100 जैसे प्रमुख इंडेक्स का हिस्सा बन सकती है।इसका सीधा असर उन निवेशकों पर पड़ेगा, जो इंडेक्स फंड या ईटीएफ में निवेश करते हैं। अनुमान है कि NASDAQ 100 को ट्रैक करने वाले फंड्स में 600 अरब डॉलर से अधिक की रकम लगी हुई है, जो स्पेसएक्स के शामिल होते ही अपने-आप उसमें निवेश करेगी।
वैल्यूएशन पर उठ रहे सवाल
हालांकि, स्पेसएक्स की ऊंची वैल्यूएशन को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कंपनी का पिछले साल का राजस्व करीब 15 अरब डॉलर रहा, जबकि दो ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य के हिसाब से यह बहुत अधिक मूल्यांकन माना जा रहा है। तुलना करें तो टेस्ला जैसी महंगी कंपनी के मुकाबले भी स्पेसएक्स का वैल्यूएशन कई गुना ज्यादा आंका जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
स्पेसएक्स ने संकेत दिया है कि वह अपने शेयरों का करीब 30% हिस्सा रिटेल निवेशकों को भी उपलब्ध कराना चाहती है। मस्क की कंपनियां पहले से ही आम निवेशकों के बीच लोकप्रिय रही हैं, ऐसे में इस आईपीओ को लेकर भी भारी उत्साह की संभावना है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ऊंची वैल्यूएशन और नियमों में ढील के बीच निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। बड़े निवेशकों और कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव से बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है और जोखिम भी ज्यादा हो सकता है।
लश्कर का टॉप आतंकी हमजा को लाहौर में अज्ञात बंदूकधारियों ने मारी गोली, हालत गंभीर
17 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में से एक आतंकवादी आमिर हमज़ा को लाहौर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक कुछ अज्ञात हमलावरों ने लाहौर में एक न्यूज चैनल के दफ़्तर के बाहर हमजा पर गोलियां बरसाईं। इस हमले में उसे गंभीर चोटें आईं और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाज़ुक बनी हुई है।
बता दें आमिर हमजा ने आतंकवादी हाफ़िज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी। उनका नाम कई आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा है, जिनमें भारत में हुए कई हमले भी शामिल हैं। हमजा अफगान मुजाहिदीन का एक अनुभवी सदस्य है। अपने जोशीले भाषणों और विपुल लेखन के लिए जाने जाने वाला हमजा कभी लश्कर के आधिकारिक प्रकाशन का संपादक था और उसने कई किताबें लिखी है, जिनमें 2002 में प्रकाशित काफ़िला दावत और शहादत शामिल है।
बता दें अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने लश्कर-ए-तैयबा को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है और आमिर हमजा को प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूची में शामिल किया है। माना जाता है कि उन्होंने लश्कर की केंद्रीय समिति में काम किया है और धन जुटाने, भर्ती करने और हिरासत में लिए गए आतंकवादियों की रिहाई के लिए बातचीत करने में अहम भूमिका निभाई है। उसने लश्कर की पत्रिका के संस्थापक संपादक के तौर पर काम किया। 2018 में पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा लश्कर से जुड़ी चैरिटी संस्थाओं जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर की गई वित्तीय कार्रवाई के बाद, बताया जाता है कि हमजा ने खुद को लश्कर से अलग कर लिया था।
इसके बाद उन्होंने जैश-ए-मनकफा नाम का एक अलग गुट बनाया, जिसका मकसद कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर समेत अन्य जगहों पर आतंकवादी गतिविधियों को जारी रखना था। भारतीय मीडिया के मुताबिक यह गुट पाकिस्तान के भीतर बेरोकटोक काम कर रहा है और हमजा अभी भी लश्कर के नेतृत्व के साथ लगातार संपर्क में हैं।
लगातार घटनाओं से आक्रोश, हालात संभालने को छुट्टियों का ऐलान
17 Apr, 2026 08:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत्र में दो महीने के भीतर चार छात्र-छात्राओं की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे परिसर में तनाव पैदा कर दिया। गुरुवार देर रात सैकड़ों नाराज छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और संस्थान प्रशासन व शिक्षकों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रोफेसरों और वार्डन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रियांशु की आत्महत्या के मामले में एक प्रोफेसर ने छात्रों से कहा कि अगर मरना ही है तो ब्रह्मसरोवर पर जाकर मरो, यहां मत मरो। छात्रों ने इस प्रोफेसर पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। इसी तरह दीक्षा दुबे की आत्महत्या मामले में छात्राओं ने होस्टल वार्डन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दीक्षा को फंदे पर लटका देखते ही वार्डन को सूचना दे दी गई थी, लेकिन वार्डन आराम से चाय पीती रहीं। दीक्षा को फंदे से उतारने में तीन घंटे लग गए, जिससे समय पर मदद नहीं मिल सकी।
प्रदर्शन तेज होने पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। देर रात संस्थान प्रशासन ने अचानक 18 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टियों का ऐलान कर दिया। प्रशासन के पत्र में कहा गया कि थ्योरी परीक्षाएं पहले से तय शेड्यूल के अनुसार होंगी, जबकि प्रैक्टिकल परीक्षाएं ऑनलाइन ली जाएंगी। छुट्टियों के ऐलान के बावजूद छात्र-छात्राएं धरने पर डटे रहे। संस्थान के निदेशक का कार्यभार संभाल रहे डॉ. ब्रह्मजीत सिंह अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अड़े रहे।छात्रों ने स्पोर्ट्स इंचार्ज साबुद्दीन को तुरंत सस्पेंड या ट्रांसफर करने, सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आत्महत्याएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। देर रात तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने पर छात्रों ने शुक्रवार सुबह 3 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया।NIT प्रशासन ने कहा है कि सभी आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
ट्रंप-मोदी फोन कॉल: ‘वी ऑल लव यू’ के साथ जताई दोस्ती, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा
17 Apr, 2026 08:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Trump Talk to Modi: मिडिल ईस्ट में जंग शुरू होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दूसरी बार फोन पर बातचीत की है. अमेरिकी राजदूत सर्गेई गोर ने कहा कि लगभग 40 मिनट पीएम मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत चली. ट्रंप ने मोदी से कहा, ‘वी ऑल लव यू’. ट्रंप ने खुद बताया कि दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हुई.
ट्रंप और पीएम मोदी के बीच उस दौरान लंबी बातचीत हुई. जब पश्चिम एशिया में शांति को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज रही हैं. इस दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी के अच्छा दोस्त बताया और कहा कि मोदी से मेरी अच्छी बातचीत हुई है.
PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, “मुझे मेरे प्रिय मित्र, राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया. हमने पश्चिमी एशिया की स्थिति पर चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की. हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे.
करीब 40 मिनट तक चली बातचीत
अमेरिकी राजदूत सर्गेई गोर ने मीडिया को बताया कि ट्रंप और मोदी के बीच लगभग 40 मिनट बातचीत चली. बातचीत करने के बाद ट्रंप ने मोदी से कहा, ‘वी ऑल लव यू’. अमेरिका और ईरान के बीच जंग रोकने के लिए हाल ही में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता का आयोजन किया गया था, लेकिन वह विफल रहा. जल्द ही दोनों देशों के बीच एक बार फिर शांति वार्ता आयोजित की जाएगी. जिसमें सीजफायर की घोषणा की संभावना है. फिलहाल, अभी भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है.
पाकिस्तान ने स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल का किया सफल परीक्षण
17 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए स्वदेशी एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण पाकिस्तान नेवी द्वारा किया गया, जिसमें नौसेना की सटीक हमले की क्षमता और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन हुआ।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह मिसाइल युद्धपोत से दागी जाती है और लंबी दूरी तक मौजूद लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने तेज गति से अपने लक्ष्य को सटीकता के साथ निशाना बनाया। इस परीक्षण के मौके पर एडमिरल एन अशरफ स्वयं मौजूद रहे। उनके साथ देश के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की टीम भी उपस्थित थी, जिन्होंने पूरे परीक्षण की निगरानी की।
बताया जा रहा है कि यह मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे यह उड़ान के दौरान अपनी दिशा बदल सकती है। यह क्षमता इसे दुश्मन की रक्षा प्रणाली से बचने और बदलती परिस्थितियों में सटीक हमला करने में सक्षम बनाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिसाइल समुद्र में चलने वाले जहाजों के साथ-साथ जमीन पर मौजूद लक्ष्यों को भी निशाना बना सकती है, जिससे इसकी रणनीतिक उपयोगिता और बढ़ जाती है।
इस सफल परीक्षण पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर समेत देश के शीर्ष नेतृत्व ने मुबारकबाद पेश करते हुए वैज्ञानिकों और सैन्य कर्मियों की सराहना की। गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर 2025 में भी इस मिसाइल का परीक्षण किया गया था। लगातार सफल परीक्षणों से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान अपनी नौसैनिक और रक्षा क्षमताओं को तेजी से आधुनिक बना रहा है।
आमिर हमजा पर हमला: लाहौर में गोलीबारी की घटना से मचा हड़कंप
16 Apr, 2026 02:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर | पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में शामिल आतंकी आमिर हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया है और अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हाल के महीनों में पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों पर लगातार हमलों की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
कैसे हुआ हमला?
जानकारी के अनुसार, यह हमला एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर हुआ, जहां अज्ञात हमलावरों ने उस पर फायरिंग की। गोली लगने के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
लश्कर-ए-तैयबा का माना जाता है संस्थापक
आमिर हमजा, कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सह-संस्थापक माना जाता है और उसका नाम कई आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है, जिनमें भारत में हुए कई हमले भी शामिल हैं। उसने इस संगठन की स्थापना हाफिज सईद के साथ मिलकर की थी।हमजा अफगान मुजाहिदीन का भी हिस्सा रह चुका है और अपने भड़काऊ भाषणों व लेखन के लिए जाना जाता रहा है। वह लश्कर की आधिकारिक पत्रिका मजल्लाह अल-दावा का संस्थापक संपादक भी रहा है। 2002 में उसने काफिला दावत और शहादत नामक किताब लिखी थी, जिसमें चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया गया था।
प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में शामिल
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने लश को आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है और आमिर हमजा को भी प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में शामिल किया है। वह संगठन की केंद्रीय समिति में शामिल रहा और फंडिंग, भर्ती और बंदी आतंकियों की रिहाई के लिए बातचीत जैसे अहम कार्यों में उसकी भूमिका बताई जाती है।
कब बनाई लश्कर से दूरी?
2018 में पाकिस्तान द्वारा जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर कार्रवाई के बाद हमजा ने कथित तौर पर लश्कर से दूरी बना ली थी। इसके बाद उसने जैश-ए-मनकफा नामक एक अलग संगठन बनाया, जिसके जरिए कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर समेत अन्य क्षेत्रों में गतिविधियां जारी रखने की कोशिश की गई।रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संगठन पाकिस्तान में सक्रिय है और हमजा अब भी लश्कर नेतृत्व के संपर्क में बना हुआ है। इस हमले के पीछे किसका हाथ है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
पाकिस्तानी राजदूत ने भारत का नाम लेकर कहा- कभी नहीं करेंगे हमला, सराहना भी की
16 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। दक्षिण एशिया के दो परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसियों, भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद परमाणु सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक पहलू सामने आया है। संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तान के राजदूत फैसल नियाज तिरमिजी ने दोनों देशों के परमाणु सुरक्षा रिकॉर्ड की जमकर तारीफ की है। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की परमाणु सुविधाओं पर हमला न करने की जो पारस्परिक गारंटी दी है, वह वैश्विक स्तर पर एक मिसाल है।
तिरमिजी ने पश्चिम एशिया के वर्तमान संघर्षों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी गारंटियों का महत्व आज के समय में और बढ़ गया है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच इस ऐतिहासिक समझ की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों ने लंबे समय से इस बात को निभाया है कि वे एक-दूसरे के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाएंगे। उन्होंने इजरायल और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव का जिक्र करते हुए चिंता जताई। तिरमिजी के अनुसार, यदि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे संवेदनशील ठिकानों पर सीधा हमला होता, तो इसके परिणाम केवल ईरान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरे फारस की खाड़ी और पाकिस्तान के लिए भी विनाशकारी होते। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया इस स्थिति से सबक लेगी और यह स्वीकार करेगी कि परमाणु संयंत्रों को किसी भी सैन्य कार्रवाई से मुक्त रखा जाना चाहिए।
क्षेत्रीय कूटनीति और शांति प्रयासों में रूस की भूमिका पर चर्चा करते हुए पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि मॉस्को दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने में एक निष्पक्ष मध्यस्थ साबित हो सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत के साथ रूस के बेहद करीबी और पुराने संबंध हैं, वहीं पाकिस्तान भी अब शंघाई सहयोग संगठन (एसईओ) में भारत का साझेदार है और ब्रिक्स में शामिल होने की इच्छा रखता है। साक्षात्कार के दौरान मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष को रोकने में अमेरिकी भूमिका पर भी चर्चा हुई। तिरमिजी ने दावा किया कि उस दौरान तनाव कम करने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, भारत ने हमेशा की तरह इस दावे को सिरे से खारिज किया है। भारतीय पक्ष का स्पष्ट रुख रहा है कि दोनों देशों के बीच संघर्षविराम की सहमति पाकिस्तान की विनती के बाद सीधे सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) स्तर की वार्ता के परिणामस्वरूप हुई थी, न कि किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से। यह खबर परमाणु सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की जिम्मेदारी को तो दर्शाती है, लेकिन कूटनीतिक मध्यस्थता को लेकर पुराने मतभेद भी उजागर करती है।
महम रैली में तकनीकी गड़बड़ी पड़ी भारी, डीपीआरओ पर कार्रवाई
16 Apr, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। महम में पांच अप्रैल को हुई विकास रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी के भाषण के दौरान माइक बंद होना डीआईपीआरओ संजीव सैनी पर भारी पड़ गया। विभागीय जांच के बाद मुख्यालय की तरफ उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। अभी किसी अन्य को रोहतक का कार्यभार नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री हर हलके में जनसभा कर रहे हैं। इसी कड़ी में महम में पांच अप्रैल को विकास रैली थी। रैली में संबोधन के लिए दो बाइक सैट रखे हुए थे। एक माइक डिवाइस से मंच संचालन के अलावा स्थानीय नेताओं व मंत्रियों का संबोधन हुआ। जबकि मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए अलग से माइक डिवाइस लगाया गया था। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान अचानक माइक ने काम करना बंद कर दिया। रैली में पीछे मौजूद श्रोताओं को आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। पीछे से लोग चिल्लाने लगे तो मुख्यमंत्री ने दूसरे माइक से संबोधन करना पड़ा। चूक की तभी से विभागीय जांच की जा रही थी। बुधवार शाम को मुख्यालय की तरफ से डीआईपीआरओ संजीव सैनी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए। वहीं, डीआईपीआरओ संजीव सैनी का कहना है कि माइक की जांच हुई थी। अचानक तकनीकी फाल्ट आ गया।
बेरहमी से हत्या: कलेक्शन एजेंट पर ताबड़तोड़ वार, इलाके में दहशत
16 Apr, 2026 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोहाना। गांव पिनाना से दोड़वा की तरफ किस्त कलेक्शन कर लौट रहे 22 वर्षीय युवक की 6 लोगों ने घेरकर बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने बर्फ तोड़ने वाले सुएं से उसके पूरे शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान युद्धवीर पुत्र रमेश के रूप में हुई है। वह 4 साल से एचडीएफसी बैंक से जुड़े फाइनेंस का काम करता था और किस्त कलेक्शन का कार्य करता था। वह सरकारी नौकरी के लिए तैयारी भी कर रहा था। वारदात के समय वह स्पलेंडर बाइक पर सवार होकर वापस आ रहा था।
बताया जा रहा है कि पिनाना से दोड़वा के बीच रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे 6 हमलावरों ने उसे घेर लिया। इनमें से 4 हमलावर सामने से बाइक पर आ गए, जबकि 2 ने उस पर सुएं से हमला कर दिया। हमलावरों ने युवक के मुंह और होठों पर भी वार किए, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। युद्धवीर अपने परिवार में सबसे छोटा था। वे दो भाई और दो बहन हैं। बड़ा भाई और दोनों बहनें विवाहित हैं, जबकि वह अविवाहित था। परिवार में उसकी मौत से गहरा सदमा है। सूत्रों के अनुसार 15 दिन पहले किसी बात को लेकर कहासुनी भी हुई थी, हालांकि परिवार इस बात से इनकार कर रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की तलाश में जुटी है।
जनगणना में स्व-गणना की शुरुआत, 30 अप्रैल तक चलेगी प्रक्रिया
16 Apr, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। आज सुबह से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी। सीएम नायब सैनी ने स्व-गणना के आंकड़े दर्ज किए। पहले चरण में मकानों की गणना और मकान से संबंधित जानकारी लोगों से पूछी जाएगी। यह जनगणना एक मई से 30 मई तक चलेगी। भारत सरकार ने इस बार एक विशेष सुविधा दी है, जिससे लोग खुद से अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे। भारत सरकार ने स्व जनगणना के लिए एक पोर्टल https://se.census.gov.in/ लॉन्च किया है। इसके पोर्टल के जरिये लोग स्वयं भी अपना डाटा भर सकेंगे। स्वगणना से समय की बचत होगी। सटीक जानकारी भरी जा सकेगी। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा। इससे पहले 1931 में ऐसा हुआ था। हरियाणा ने जनगणना की पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए अधिकारियों की ट्रेनिंग व जिम्मेदारी तय कर दी गई है। स्वगणना में सिर्फ 15 मिनट का समय लगेगा।
पोर्टल से ऐसे भरनी होगी जानकारी
1. सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।
2. अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी द्वारा लॉगिन करें
3.अपना राज्य, जिला और स्थानीय विवरण चुनें
4. डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करें
5.मकान व परिवार से संबंधित जानकारी भरें
6. सबमिशन के बाद स्व गणना की एक आईडी मिलेगी
7. इस आईडी को संभाल रखें। फोटो खींच ले या प्रिंट आउट निकाल कर रख लें।
8. जब जनगणना कर्मी आएंगे तो उन्हें सिर्फ अपनी आई डी दे दें।
स्व गणना नहीं कर पाए तो चिंता की बात नहीं
चीफ प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी डा. ललित जैन ने बताया यदि कोई स्व गणना नहीं कर पाता है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। एक मई से जनगणना कर्मी घर आएंगे और सारी जानकारी नोट कर ले जाएंगे। हरियाणा में 70 हजार कर्मियों को जनगणना के लिए प्रशिक्षित किया गया है। यह ट्रेनिंग पिछले दो महीने से चल रही है। इसके अतिरिक्त सभी डिविजनल कमिश्नर, डीसी, सीटीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न प्रकार की जिम्मेदारी दी गई है।
आपसे क्या-क्या पूछा जाएगा
मकान से संबंधित : मकान संख्या, फर्श, दीवार व छत की मुख्य सामग्री, मकान का उपयोग (आवासीय/गैर-आवासीय), मकान की स्थिति।
परिवार की जानकारी : परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या।
मूलभूत सुविधाएं : पेयजल का स्रोत, बिजली की सुविधा, शौचालय की उपलब्धता व प्रकार, स्नानघर की सुविधा, रसोई व गैस कनेक्शन, खाना पकाने का ईंधन।
परिवार की सुविधाएं : रेडियो-टेलीविजन, इंटरनेट व कंप्यूटर, मोबाइल फोन, दोपहिया व चारपहिया वाहन।
जनगणना कर्मी के आई कार्ड में होगा बार कोड
इस जनगणना कर्मी के आई कार्ड में बार कोड भी होगा। यदि किसी को शक है कि वह कर्मी जनगणना विभाग का नहीं है तो वह मोबाइल से बार कोड को स्कैन कर उस कर्मी की पूरी जानकारी मिल जाएगी। जनगणना के लिए इस बार विशेष तौर पर सरपंचों व महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप से अपील की गई है कि वे अपनी और अपने साथ जुड़े लोगों से स्व गणना करवाएं, ताकि जनगणना का काम निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके। मेरी लोगों से अपील है कि जो जानकारी पूछी जाए, उसकी सही जानकारी दें। जनगणना में सभी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित होगी। लोगों से अपील की जाती है कि वह जनगणना कर्मी का सहयोग करें और स्व-गणना भी करें।
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