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कुवैत के हवाई क्षेत्र में अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान गिरा, पायलट की बची जान
3 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुवैत। सुबह कुवैत के हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिका-ईरान युद्ध का तीसरा दिन है और मध्य पूर्व में कई जगहों पर हमले हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि पायलट सुरक्षित है। ऑनलाइन प्रसारित वीडियो में पायलट को जमीन पर दिखा गया है और एक कार में उसे शरण दी जा रही है। वीडियो में कैद इस दुर्घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया है कि पैट्रियट वायु रक्षा बैटरी के हमले के बाद विमान गलती से अपने ही साथियों की गोलीबारी का शिकार हो गया होगा। पैट्रियट सिस्टम एक अमेरिकी निर्मित वायु रक्षा मंच है जिसे बैलिस्टिक मिसाइलों और शत्रु विमानों जैसे आने वाले खतरों को रोकने के लिए बनाया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत इंटीग्रेटेड पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज कंपनी ने बताया कि सोमवार को मीना अल अहमदी रिफाइनरी के अंदर विमान का मलबा गिरा, जिससे दो कर्मचारी घायल हो गए। घटना के बाद आपातकालीन टीमों को घटनास्थल पर भेजा। खबरों के मुताबिक विमान के गिरने से पहले पायलट ने इजेक्ट कर दिया था, हालांकि पायलट की हालत के बारे में अमेरिकी या कुवैती अधिकारियों ने कुछ नहीं कहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लड़ाकू विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले तेजी से नीचे उतरते हुए दिखाया गया है, और एक अलग फुटेज में इजेक्ट करने के बाद पायलट को भी दिखाया गया है। अभी तक किसी भी आधिकारिक बयान में दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की गई है।
होर्मुज जलमार्ग को बंद करने का कोई इरादा नहीं: अब्बास अराघची
3 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि फिलहाल होर्मुज जलमार्ग को बंद करने का कोई इरादा नहीं है। एक दिन पहले जब अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे तो आशंका जताई जा रही थी कि ईरान होर्मुज को बंद कर सकता है। अगर होर्मुज बंद होता तो कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते थे। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर भी पड़ सकता था। हालांकि एक्सपर्ट मान रहे है कि कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी का जोखिम अभी भी बना हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान होर्मुज जलमार्ग को आधिकारिक तौर पर बंद न करे लेकिन वह ऑयल टैंकर्स पर हमले कर सकता है। हाल ही में पर्शियन गल्फ के मुहाने पर तीन जहाजों पर हमला किया गया। इस हमले के बाद टैंकर कंपनियां इस रास्ते से दूर हो रही है। अगर इजराइल और अमेरिका के साथ चल रही ये जंग लंबी खिंचती है तो इस तरह के हमले आगे भी जारी रह सकते हैं। इससे शिपिंग कंपनियां उस रास्ते से जाने से डरेंगी और रास्ता तकनीकी रूप से खुला रहने के बावजूद क्रूड की सप्लाई ठप हो जाएगी और कीमतें बढ़ सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध जैसे हालात में समुद्री रास्तों पर जोखिम बढ़ जाता है। इस वजह से कच्चे तेल लाने वाले जहाजों का वॉर रिस्क इंश्योरेंस और शिपिंग भाड़ा महंगा हो जाता है। यह बढ़ी हुई लागत अंत में कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर ले जाती है। ग्लोबल मार्केट हमेशा भविष्य की आशंकाओं पर चलता है। जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक कच्चे तेल में तेजी रह सकती हैं।
होली पर विकास की बौछार, टेक्सटाइल सिटी में हैंडलूम इंस्टीट्यूट और हाइड्रोजन प्लांट
3 Mar, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। टेक्सटाइल नगरी की बजट में होली पर झोली भर गई। शहर से लेकर गांवों के विकास के साथ उद्योगों और उद्यमियों के लिए घोषणा की गई। पानीपत में 10 एकड़ में हैंडलूम इंस्टीट्यूट और एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर और हाइड्रोजन प्लांट बनाने की घोषणा की। नए उद्योगों के लिए वर्गीकरण की पॉलिसी में संशोधन कर एक ही वर्ग रखा है। 80 प्रतिशत निर्यात करने वाली इकाइयों को विशेष मान्यता दी जाएगी। इसराना व मतलौडा में एचएसवीपी के नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। पानीपत की तीनों लड़ाइयों पर केंद्रित 16 एकड़ पानीपत युद्ध भूमि पर व्याख्या केंद्र बनाया जाएगा। यह काला आंब में स्थापित किया जाएगा, इसके साथ अग्निश्मन केंद्र स्थापित किया जाएगा।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 जनवरी को पानीपत में उद्यमियों और व्यापारियों के साथ प्री-बजट बैठक की थी, इसमें उद्यमियों और व्यापारियों ने अपनी मांग रखी थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनको बजट में तोहफा देने का भरोसा दिया था। उद्यमी सोमवार को बजट शुरू होते ही इसके बारे में जानने के लिए टीवी के आगे बैठ गए। जिले में 37 हजार औद्योगिक इकाइयां हैं। करीब 20 हजार करोड़ का निर्यात और 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है।
आईआईएचटी से मिलेगी उद्याेगों को नई दिशा
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैंडलूम टेक्नोलॉजी (आईआईएचटी) एचएसआईआईडीसी द्वारा 10 एकड़ में बनाया जाएगा। उद्यमियों ने प्री-बजट बैठक में इसकी मांग की थी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैंडलूम टेक्नोलॉजी के मूर्त रूप में आने के बाद कुशल कारीगर मिल सकेंगे, इसके साथ युवाओं को सामान्य विषयों की पढ़ाई के अतिरिक्त टेक्सटाइल से संबंधित विषयों में भविष्य बनाने के अवसर मिलेंगे।एचएसआईआईडीसी के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा। ऐसे चार औद्याेगिक सेक्टर शहर और एक रिफाइनरी रोड पर हैं। उद्यमियाें ने प्री-बजट बैठक में इसकी मांग उठाई थी।
दो गीगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनेगा
सरकार ने बजट में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी लागू की है। 2030 तक 250 किलो टन प्रति वर्ष उत्पादन का लक्ष्य किया जाएगा। इसकी निर्माण क्षमता दो गीगावाट इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता होगी। पानीपत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया जाएगा, इसमें पानी से हाइड्रोजन तैयार की जाएगी, इसके लिए केवल अक्षय ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। इसके उत्पादन की पूरी प्रक्रिया में कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा। इसमें एक इलेक्ट्रोलाइजर मशीन की मदद से पानी में बिजली प्रवाहित की जाएगी, इससे पानी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग हो जाता है। हाइड्रोजन को टैंकों में सुरक्षित किया जा सकेगा। इसे बाद में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उद्यमी इसके लिए कॉमन बॉयलर की मांग कर रहे थे।
एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर से मिलेगी नई दिशा
पानीपत में कोई प्रदर्शनी केंद्र नहीं था, ऐसे में उद्यमियों को दिल्ली, गुरुग्राम व नोएडा में जाना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने बजट में एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर बनाने की घोषणा की है। इसके मूर्त रूप में आने के बाद निर्यातकों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। औद्योगिक उपभोक्ताओं से बिजली का फिक्सड चार्ज हटाया जाएगा। उद्यमियों की मांग थी कि ब्रेक डाउन होने पर भी उनको पूरा बिल जमा कराना पड़ता है। औद्योगिक क्षेत्र में जमीन का एक ही जोन होगा। पहले चार जोन बनाए गए थे। उद्यमी लंबे समय से इनकी मांग कर रहे थे। प्री-बजट बैठक में भी इनको रखा था।
फायर स्टेशन बनने से बढ़ेगी सुरक्षा
पानीपत में आग लगने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आग लगने के बाद आसपास के जिलों से भी दमकल विभाग की टीमों को बुलाया जाता है। कई बार देरी होने से बड़ा हादसा होता है। यही कारण है कि पानीपत में फायर स्टेशन की मांग काफी समय से की जा रही थी। सरकार ने बजट में एक नया फायर स्टेशन बनाने को मंजूरी दी है। फायर स्टेशन बनने से आग पर समय से काबू पाने में आसानी होगी।
पानीपत में यह भी मिला
-कवी गांव में बहुतकनीकी संस्थान बनाया जाएगा। यह शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का पैतृक गांव है।
-जिला अस्पताल को 200 बेड से बढ़ाकर 300 का किया गया है।
-पानीपत में धान की पराली पर आधारित 9.9 से 25 मेगावाट क्षमता की बायोमास बिजली परियोजना स्थापित की जाएगी।
-गरीब परिवारों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिए जाएंगे।
-न्यूनतम मजदूरी 11257 से बढ़ाकर 15200 रुपये कर दी गई है।
-ददलाना और चुलकाना गांव में महाग्राम योजना में शामिल किया जाएगा, इसके अंतर्गत गांव में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी दिया जाएगा। अब तक 55 लीटर पानी प्रतिदिन प्रति व्यक्ति दिया जाता था।
-जिले में स्वायत्त एआई एवं डिजिटल कॉलेज बनाया जाएगा।
-जिले में एक सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनाया जाएगा।
-एचएसआईआईडीसी औद्योगिक प्लॉट लैंड ऑन लीज नीति बनाएगा। इसमें प्लॉट को फ्री होल्ड किया जा सकता है। प्लॉटधारकों को 31 दिसंबर 2026 तक लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट लेने की छूट रहेगी।
-महिला स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ 10 आधुनिक मातृशक्ति औद्योगिक क्रंच नेटवर्क बनाए जाएंगे।
-छोटे व्यापारियों व एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम शुरू की है, इसमें चोरी या प्राकृतिक आपदा में बीमा कवरेज रहेगा।
-औद्योगिक एस्टेट में एक सेंटर कॉमन फैसिलिटी बनाया जाएगा।
-80 प्रतिशत निर्यात करने वाली इकाइयों को विशेष मान्यता दी जाएगी।
-एक्सपोर्ट बूस्टर प्रदान किए जाएंगे।
-एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी की सीमा 10 से बढ़कर 30 लाख रुपये की है।
-जिले में एक एमएसएमई एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर बनाया जाएगा।
-एमएसएमई इकाइयों व निर्यातकों को बाजार उपलब्ध कराए जाएंगे।
-छोटे व्यापारियों को वन टाइम सेटलमेंट योजना शुरू की है।
-जीएसटी ऑर्डर व नोटिस डाक से भी भेजे जाएंगे।
-पानीपत में जीटी रोड से डाहर रोड तक नया आरओबी बनाया जाएगा।
-नमो भारत आरआरटएस के अंतर्गत दिल्ली-करनाल कॉरिडोर बनाया जाएगा। 136 किलोमीटर की परियोजना पर 33,051 करोड़ का प्रस्ताव बनाया है।
-जिले के सभी गांव में ओडीएफ प्लस बनाए जाएंगे।
-पानीपत में इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह 31 जनवरी 2027 तक बनकर तैयार होगा।
-समालखा में महिला थाना बनाया जाएगा।
इंडस्ट्रीयल एस्टेट सेक्टर-29 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि बिजली बिल में फिक्सड चार्ज हटाने की मांग की थी, इससे उद्यमियों को बिजली कट के दौरान का भी बिल देना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने इसे हटाने की बात कही है। इससे उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी।पानीपत डाइंग एसोसिएशन के प्रधान नीतिन अरोड़ा ने बताया कि डाइंग उद्यमी सीईटीपी का शोधित पानी पिछले कई साल से मांग कर रहे थे। इससे उद्यमियों को भूजल का दोहन नहीं करना पड़ेगा। वे शोधित पानी को अपने उद्योगों में प्रयोग कर सकेंगे। ये उद्योग के लिए बड़ी घोषणा है, इसके साथ हाइड्रोजन प्लांट से उद्योगों को दिशा मिलेगी।हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि एक्सपोर्ट फैसिलिटी सेंटर की पुरानी मांग रही है। इस बार बैठक में इसको प्रमुखता के साथ रखा था। हैंडलूम इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा। बजट में इनकी घोषणा उद्यमियों के साथ उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
अर्थशास्त्री बोले
दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया पानीपत चैप्टर के अध्यक्ष सीए भूपेंद्र दीक्षित ने बताया कि प्रदेश सरकार के बजट में एक छोटे व्यापारी से लेकर उद्योगपति और निर्यातक को कुछ न कुछ मिला है। वन टाइम सेटलमेंट योजना और जीएसटी ऑर्डर व नोटिस अब डाक से भी भेजने से बड़ी राहत मिलेगी। उद्यमियों को ऑनलाइन होने पर इतनी जानकारी नहीं मिल पाती थी। औद्योगिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल से फिक्सड चार्ज हटाना सराहनीय है। ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट लगाना उद्योगों को मजबूती देने वाला है। इस बजट में एमएसएमई को बढ़ाना देने पर जोर दिया गया है।
महिलाएं बोली
डॉ. कूंजल प्रतिष्ठा ने बताया कि बजट में महिला स्टार्टअप को बढ़ावा दिया गया है, इससे महिलाएं आगे आएंगी। वे उद्योगों के क्षेत्र में भी खुद को साबित कर सकेंगी। अब अपेक्षाकृत महिला उद्योगाें में आगे नहीं हैं। इनको मजबूती देने की जरूरत थी। 10 आधुनिक मातृ शक्ति औद्योगिक क्रंच खुलने से महिलाओं को आगे आने का मौका मिलेगा।सींक गांव की अनु मलिक ने बताया कि बजट में महिलाओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी या कार खरीदने पर विशेष टैक्स छूट और सब्सिडी देने की घोषणा की है। महिलाओं के सुरक्षित यात्रा के लिए राज्य में पिंक कैब सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा है, इसके साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं को अपना सामान बेचने के लिए शी-मार्ट नाम से एक अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा, इससे महिलाओं की ताकत बढ़ेगी।कारद गांव के हरिचंद मलिक ने बताया कि किसानों को बिजली वितरण के लिए अलग से कंपनी बनाई है। इसका नाम हरियाणा एग्री डिस्कॉम रखा है। इससे किसानों को पर्याप्त बिजली मिलेगी। गन्ना लगाने पर प्रोत्साहन राशि तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। किसानों को टिश्यू कल्चर से तैयार गन्ने की पौध मुफ्त मिलेगी।पूठर गांव के राजेंद्र घनघस ने बताया कि फलों की फसल खराब होने पर मुआवजा 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। मधुमक्खी पालन को भी मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया है। प्राकृतिक या जैविक खेती करने पर पांच साल तक 10 हजार रुपये प्रति एकड़ वार्षिक सहायता मिलेगी। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ाना मिलेगा। धान की सीधी बिजाई के लिए 4,500 प्रति एकड़ का अनुदान 2026-27 में भी जारी रहेगा। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत फसल विविधीकरण अपनाने पर दो हजार रुपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त बोनस मिलेगा।
अमेरिका-इज़राइल पर ईरान का बड़ा आरोप, IAEA ने दावे को किया खारिज
2 Mar, 2026 06:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिका और इस्राइल ने उसके परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। ईरान के अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए में राजदूत ने कहा कि रविवार को हुए हमलों में परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया गया। हालांकि वैश्विक परमाणु निगरानी संस्था ने अब तक किसी भी परमाणु केंद्र को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं की है।
आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी ने सोमवार को एजेंसी की 35 सदस्यीय बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में कहा कि एजेंसी को अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि ईरान की किसी परमाणु स्थापना पर हमला हुआ हो या उसे नुकसान पहुंचा हो। उन्होंने साफ कहा कि स्थिति गंभीर जरूर है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर परमाणु केंद्र सुरक्षित दिखाई दे रहे हैं।
परमाणु सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
ग्रोसी ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में रेडियोलॉजिकल रिसाव यानी परमाणु विकिरण फैलने की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा हुआ तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और बड़े शहरों जितने इलाकों को खाली कराना पड़ सकता है। आईएईए ने इस तरह की किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी होने की बात भी कही है।
कई देशों में परमाणु ढांचे पर खतरा
आईएईए प्रमुख ने बताया कि ईरान समेत पश्चिम एशिया के कई देशों में सक्रिय परमाणु बिजली संयंत्र और रिसर्च रिएक्टर मौजूद हैं। संयुक्त अरब अमीरात में चार चालू परमाणु रिएक्टर हैं जबकि जॉर्डन और सीरिया में रिसर्च रिएक्टर काम कर रहे हैं। बहरीन, इराक, कुवैत, ओमान, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों में भी सैन्य तनाव बढ़ा है, जिससे पूरे क्षेत्र में परमाणु सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है।
रेडिएशन स्तर सामान्य, निगरानी तेज
ग्रोसी ने कहा कि ईरान से सटे देशों में अभी तक रेडिएशन स्तर बढ़ने की कोई सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद क्षेत्रीय सुरक्षा निगरानी नेटवर्क को अलर्ट पर रखा गया है और सभी सदस्य देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। एजेंसी किसी भी संभावित परमाणु सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार है।
ईरान के परमाणु ठिकाने सुरक्षित बताए गए
आईएईए के अनुसार अब तक बुशेहर परमाणु बिजली संयंत्र, तेहरान रिसर्च रिएक्टर और अन्य परमाणु ईंधन सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ग्रोसी ने यह भी बताया कि ईरान के परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश जारी है, लेकिन अभी तक उनकी ओर से जवाब नहीं मिला है। उन्होंने संवाद बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया।
हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव
यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और इस्राइल द्वारा चलाए गए ऑपरेशन के बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इस कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई की मौत होने की खबर सामने आई, जिसके बाद ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों में अमेरिका-इस्राइल से जुड़े ढांचों को निशाना बनाते हुए जवाबी हमले शुरू कर दिए।
आईएईए प्रमुख ने कहा कि हालात बेहद संवेदनशील हैं और सभी देशों को सैन्य कार्रवाई में संयम बरतना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमाणु कूटनीति मुश्किल जरूर होती है, लेकिन असंभव नहीं। बातचीत और संवाद ही इस संकट को नियंत्रित करने का सबसे सुरक्षित रास्ता है, ताकि परमाणु सुरक्षा पर कोई बड़ा खतरा न पैदा हो।
ऑस्ट्रेलिया में रहना चाहती थी पत्नी, पति ने उठाया खौफनाक कदम
2 Mar, 2026 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैथल|बाबा लदाना में गांव रविवार को 30 वर्षीय युवक मनीष ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने युवक के परिवार की शिकायत पर ससुरालियों और एजेंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। मनीष के भाई बलविंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके भाई मनीष की शादी करीब 2 साल पहले जींद के पीपलथा गांव निवासी तमन्ना से हुई थी। उस दौरान मनीष के ससुरालियों ने शर्त रखी थी कि शादी के बाद तमन्ना और मनीष को ऑस्ट्रेलिया भेज देना।
पत्नी तमन्ना चली गई ऑस्ट्रेलिया
शादी के बाद उन्होंने मनीष और तमन्ना का ऑस्ट्रेलिया का वीजा लगवा दिया। तमन्ना का वीजा तो लग गया, लेकिन मनीष का वीजा अप्रूव नहीं हुआ। शादी के दो महीने बाद तमन्ना ऑस्ट्रेलिया चली गई, जबकि मनीष घर पर ही रह गया। वीजा लगवाने के लिए मनीष ने एजेंट को बार-बार कहा। उसे करीब 60 से 70 लाख रुपये भी दिए, लेकिन वह हर बार कुछ न कुछ बहाना बनाता रहा।
ससुरालियों ने मनीष को धमकाया
आरोप लगाया कि कुछ समय तक तमन्ना ने मनीष से बातचीत की, लेकिन बाद में उसने फोन करना बंद कर दिया। हाल में तमन्ना ने मनीष से कहा कि वह शादी के लिए कोई और लड़की देख ले। वह ऑस्ट्रेलिया में अकेले रहेगी। बलविंदर ने बताया कि मनीष ने तमन्ना के परिवार से इस बारे में बात करने की कोशिश की, लेकिन उनके ससुराल वालों ने उसे धमकाया और कहा कि वह कहीं और शादी कर ले।
फांसी का फंदा लगाकर किया सुसाइड
मनीष को इस स्थिति से मानसिक रूप से बहुत अधिक तनाव हुआ। इसके बाद उसने रविवार को घर पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के भाई ने शिकायत में बताया कि यह कदम उसने सुसरालवालों से तंग आकर उठाया। परिजनों ने पुलिस से आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की। संगतपुरा पुलिस चौकी के जांच अधिकारी रवि कुमार ने बताया कि मृतक के परिवार की शिकायत पर तमन्ना, उसके पिता दयाचंद, साले आकाश और एजेंट हवा सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच जारी है और जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
ईरान में तख्तापलट: खामेनेई की मौत के बाद बेटे मोजतबा ने संभाली देश की कमान
2 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान के राजनीतिक गलियारों और वैश्विक कूटनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब तेहरान से सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई। सरकारी सूचनाओं के अनुसार, 28 फरवरी को तेहरान स्थित सर्वोच्च नेता के दफ्तर को निशाना बनाकर किए गए एक भीषण हवाई हमले में 86 वर्षीय अली खामेनेई की जान चली गई। बताया जा रहा है कि यह हमला सीधे तौर पर ईरान के सबसे सुरक्षित और महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों को ध्वस्त करने के उद्देश्य से किया गया था। इस अप्रत्याशित घटना के तुरंत बाद ईरान की सत्ता संरचना में तेजी से बदलाव करते हुए उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है। ईरान की सरकार ने इस राष्ट्रीय क्षति पर 40 दिनों के शोक का ऐलान किया है और सात दिनों की देशव्यापी सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी गई है।
वर्तमान में पूरे ईरान में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। राजधानी तेहरान सहित सभी बड़े शहरों और संवेदनशील सरकारी इमारतों के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह के आंतरिक विद्रोह या बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके। नए सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई का उदय ईरान के भविष्य के लिए एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। 1969 में मशहद शहर में जन्मे मोजतबा ने कट्टर धार्मिक परिवेश में शिक्षा प्राप्त की है और ईरान-इराक युद्ध के अंतिम दौर में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में अपनी सेवाएं भी दी हैं। हालांकि उन्होंने कभी कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन वे दशकों से अपने पिता के सबसे भरोसेमंद सलाहकार और पर्दे के पीछे रहकर बड़े फैसले लेने वाले रणनीतिकार के रूप में जाने जाते रहे हैं।
मोजतबा खामेनेई पहली बार वर्ष 2009 के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान वैश्विक चर्चा में आए थे, जब उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई का नेतृत्व करने के आरोप लगे थे। सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ उनके गहरे संबंधों ने ही उन्हें सत्ता के शीर्ष तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके चयन के साथ ही ईरान के भीतर एक नई राजनीतिक बहस भी छिड़ गई है। आलोचकों का तर्क है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति का मूल आधार ही वंशवाद का विरोध करना था, लेकिन अब सत्ता का पिता से पुत्र के हाथ में जाना उस क्रांतिकारी विचार पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल सैन्य नेतृत्व के पूर्ण समर्थन के कारण मोजतबा की स्थिति बेहद मजबूत नजर आ रही है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मोजतबा खामेनेई का नेतृत्व ईरान की विदेश नीति और मध्य पूर्व में चल रहे मौजूदा युद्ध को किस दिशा में लेकर जाता है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश, परिवार ने की जांच की मांग
2 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल| जिले के कर्ण विहार इलाके में शीतल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। युवक अपनी बाइक के पास बेहोशी की हालत में पड़ा मिला है। राहगीरों ने युवक को अस्पताल पहुंचाया और उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद परिजन उसे चंडीगढ़ पीजीआई के लिए लेकर रवाना हुए लेकिन रास्ते में ही शीतल ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरो ने परिजनों को बताया कि उसके सिर के पीछे चोट के निशान मिले हैं। वहीं, मृतक युवक की बाइक बिल्कुल ठीक है। ऐसे में परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिर मुंडवाकर बाजार में घुमाने का आरोप, वीडियो भी वायरल
2 Mar, 2026 11:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल। मॉडल टाउन एरिया में एक दुकानदार ने 12 साल के बच्चे पर चोरी का आरोप लगाकर उसकी पिटाई की और सिर मुंडवा दिया। बच्चे को दुकान के आसपास के इलाके में घुमाया गया। जानकारी पर मां पहुंची तो बच्चा बाथरूम में बंद था। मां ने उसे बाहर निकाला। मामले में सेक्टर-13 चौकी में शिकायत दी गई। घटना मॉडल टाउन चौकी इलाके की बताते हुए वहां जाने के लिए कहा गया। मॉडल टाउन चौकी पर देर रात तक शिकायत नहीं की गई थी। मॉडल टाउन एरिया में रहने वाली एक महिला ने बताया कि वह मॉडल टाउन की ही एक दुकान में काम करती है।
पीड़ित मां ने लगाए ये आरोप
शनिवार को उसकी तबीयत खराब थी इसलिए वह काम पर नहीं जा सकी। दुकानदार उनके 12 वर्षीय बेटे को काम करवाने के लिए ले जाने लगा। महिला ने कहा कि उन्होंने बेटे को लेकर जाने से मना किया लेकिन दुकानदार जबरन उसे ले गया। वहां बेटे की पिटाई की और बाथरूम में बंद रखा। उन्हें जब इस बारे में सूचना मिली तो वह दुकानदार के पास पहुंचीं। इस दौरान बच्चे ने छुड़ाने की अपील की। महिला के अनुसार, उन्होंने काफी देर तक दुकानदार के सामने बेटे को छोड़ने के लिए मिन्नतें की। इसके बाद उसने बच्चे को छोड़ा। महिला का कहना है कि दुकान पर काम करने वाले अन्य लोगों ने भी बेटे की पिटाई की और सिर मुंडवा दिया। मामले को लेकर दुकानदार ने कहा कि बच्चे ने दुकान में चोरी की थी। उसे पकड़ा तो उन्हें गालियां देने लगा। बच्चे ने दुकान पर हंगामा भी किया। इसी कारण उन्होंने गुस्से में बच्चे की पिटाई की और सिर मुंडवा दिया। महिला की ओर से सेक्टर-13 चौकी में शिकायत दी गई। मामला मॉडल टाउन चौकी के अंतर्गत आता है। उनको मॉडल टाउन चौकी भेज दिया गया। मॉडल टाउन चौकी पुलिस प्रभारी गीता ने कहा कि अभी तक उनके पास परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। अगर कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
ईरान तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, राज्यों को जारी एडवाइजरी
2 Mar, 2026 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और इजरायल-ईरान के बीच छिड़ी जंग के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय से एक बड़ी जानकारी सामने आई है. मंत्रालय की तरफ से 28 फरवरी को देश के सभी राज्यों को जानकारी दी गई है थी कि इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किए जाने की संभावना है. इस जानकारी के साथ ही चेतावनी भी दी गई थी इस हमले के बाद भारत में भी हिंसा फैल सकती है|
सुरक्षा एजेंसियों को गृह मंत्रालय से निर्देश
प्राप्त जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में राज्यों से अनुरोध किया गया कि वे उन “ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों” की पहचान करें, जो भड़काऊ भाषण देकर हिंसा को बढ़ावा दे सकते हैं. मंत्रालय की तरफ से सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे उपदेशकों की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखी जाए और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं|
कश्मीर में जमकर हुआ विरोध प्रदर्शन
गौरतलब है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में हत्या कर दी गई है. इसके बाद से 2 मार्च को कश्मीर में बड़े प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी छाती पीटते हुए मातम मनाया. कश्मीर में स्थिति नित्रंयण में रहे इसलिए अधिकारियों ने मोबाइल इंटरनेट की स्पीड धीमी कर दी. कश्मीर में लगभग 15 लाख लिया मुसलमान रहते हैं, जो इन प्रदर्शनों में सक्रिय रहे|
खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद बोले ट्रंप- ईरानी सैनिक सरेंडर कर दें नहीं मौत ही मिलेगी
2 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक विस्तृत बयान जारी करते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। ट्रंप ने अपने संदेश में खामेनेई को इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक करार देते हुए कहा कि इजरायल और अमेरिका के एक बेहद सटीक और आधुनिक खुफिया ऑपरेशन ने ईरानी नेतृत्व को नेस्तनाबूद कर दिया है। राष्ट्रपति के अनुसार, यह हमला इतना घातक और सुनियोजित था कि खामेनेई और उनके साथ मौजूद अन्य शीर्ष नेता खुद को बचाने में पूरी तरह विफल रहे। ट्रंप ने इसे न केवल ईरान के लोगों के लिए, बल्कि उन सभी वैश्विक नागरिकों के लिए न्याय बताया है जिन्हें खामेनेई के शासन ने वर्षों तक प्रताड़ित किया था।
इस सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में भारी खलबली मचने की खबरें हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी), नियमित सेना और पुलिस बल के कई सदस्य अब युद्ध जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी सुरक्षा बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी और सैनिक अब अपनी जान बचाने के लिए अमेरिका से सुरक्षा और माफी की गुहार लगा रहे हैं। ट्रंप ने उन्हें सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जो सैनिक अभी सरेंडर करेंगे, उन्हें माफी मिल सकती है, लेकिन बाद में उन्हें केवल मौत का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने ईरानी सैनिकों से अपील की कि वे देश के देशभक्त नागरिकों के साथ मिल जाएं ताकि ईरान को फिर से एक महान राष्ट्र के रूप में खड़ा किया जा सके। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के उनके लक्ष्य को पूरा करने के लिए रणनीतिक ठिकानों पर बमबारी का यह सिलसिला पूरे हफ्ते या जरूरत पड़ने तक लगातार जारी रहेगा।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप के बयान से पहले एक वीडियो संदेश जारी कर इस ऑपरेशन की सफलता का दावा किया था। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना ने तानाशाह खामेनेई के परिसर को पूरी तरह तबाह कर दिया है और कई पुख्ता संकेत हैं कि वह अब जीवित नहीं हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस हमले में आईआरजीसी के कई शीर्ष कमांडरों और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिकों को भी खत्म कर दिया गया है। इजरायली सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि खामेनेई का शव उनके नष्ट हो चुके महल के मलबे से बरामद कर लिया गया है। नेतन्याहू ने ईरानी जनता का आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक मौके का फायदा उठाकर सड़कों पर उतरें और अपने देश को इस तानाशाही शासन से मुक्त कराएं।
दूसरी ओर, ईरान की तरफ से विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि कुछ ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में खामेनेई के मारे जाने की बात कही गई है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे मेंटल वॉरफेयर यानी मानसिक युद्ध करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि सर्वोच्च नेता और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सुरक्षित हैं। हालांकि, जिस तरह से अमेरिका और इजरायल के शीर्ष नेतृत्व ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली है और हमले के वीडियो साक्ष्य सामने आ रहे हैं, उससे ईरान के इनकार पर वैश्विक समुदाय को यकीन करना मुश्किल हो रहा है। ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में भी दोहराया है कि ईरान का अधिकांश वरिष्ठ नेतृत्व अब खत्म हो चुका है और देश के रणनीतिक ठिकानों पर सटीक बमबारी जारी रहेगी ताकि उनकी सैन्य शक्ति को दोबारा उभरने का मौका न मिले।
यूएस वाणिज्य दूतावास के बाहर हिंसक प्रदर्शन, फायरिंग में 12 की मौत
2 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कराची। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान के करांची में उग्र प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। एमटी खान रोड पर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जुटी भीड़ ने आगजनी और तोड़फोड़ की। हालात बेकाबू होने पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में कम से कम 12 लोगों के मारे जाने और 30 से अधिक के घायल होने की खबर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दूतावास की ओर मार्च करते हुए पहुंचे और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और परिसर में घुसने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया, लेकिन तनाव बढ़ने पर गोलीबारी की गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटनास्थल के पास कई शव मिले, जबकि घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। करांची के सिविल अस्पताल में तैनात पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया सैयद ने मीडिया को बताया कि छह शव अस्पताल लाए गए हैं। दो घायल पुलिसकर्मियों और दो प्रदर्शनकारियों को जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया है। घायलों में कुछ को गोली लगने की पुष्टि हुई है, जबकि पुलिसकर्मी तेज और कुंद हथियारों से घायल बताए गए हैं।
सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजार ने करांची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आजाद खान से तत्काल रिपोर्ट तलब की है। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।
यातायात हुआ प्रभावित
प्रदर्शन के चलते सुल्तानाबाद ट्रैफिक सेक्शन से माई कोलाची तक दोनों ओर यातायात बंद कर दिया गया। कराची ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। शहर के कई हिस्सों में अतिरिक्त पुलिस और रेंजर्स बल तैनात कर दिए गए हैं।
अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि करांची के अलावा पाकिस्तान के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए, हालांकि वहां स्थिति नियंत्रण में रही। लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर सैकड़ों लोग एकत्र हुए, लेकिन किसी बड़ी हिंसा की सूचना नहीं है। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर है, जिसका प्रभाव अब दक्षिण एशिया तक पहुंच चुका है। फिलहाल कराची में हालात संवेदनशील बने हुए हैं और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
पाकिस्तानी फाइटर जेट ने बगराम एयरबेस पर की बमबारी, तालिबान से तेज हुई लड़ाई
2 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। पाकिस्तानी वायु सेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हवाई हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तानी फाइटर जेट ने काबुल के बाहरी इलाके में स्थित बगराम एयरबेस पर बमबारी की है। मीडिया रिपोर्ट में बताया कि रविवार सुबह काबुल में जोरदार धमाकों के बाद गोलियों की आवाज सुनाई दी। तालिबान शासन ने कहा कि वह पाकिस्तानी फाइटर जेट पर फायरिंग कर रहा है। यह घटना ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमला जारी है। इस बीच अफगानिस्तान की तालिबान सेना और पाकिस्तान के बीच लड़ाई तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह तालिबान के शासन वाले अफगानिस्तान में सरकारी ठिकानों पर हमले किए हैं। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया है। हालांकि वह इन आरोपों से इनकार करता रहा है। अफगान शहरों पर हमलों के बाद तालिबान के अधिकारियों ने इसे खुली जंग बताया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने काबुल के साथ ही तालिबान नेतृत्व के गढ़ कंधार और कई दूसरी जगहों पर भी हमले किए। ये हमले इस्लामाबाद का अफगानिस्तान की सत्ता पर पहला सीधा हमला था। पाकिस्तानी हमलों के जवाब में तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की है। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को दावा किया था कि पिछले दो दिनों की कार्रवाई में उसने पाकिस्तान के 110 सैनिकों को मार गिराया और 68 घायल हुए हैं।
एक बयान में तालिबान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेनाओं ने पाकिस्तानी सैनिकों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन किया है और 27 मिलिट्री पोस्ट पर कब्जा कर लिया है। इसने यह भी दावा किया कि तालिबान के ड्रोन ने पाकिस्तान के अंदर मिलिट्री सुविधाओं को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने अपने दावे में तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाने की बात कही है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि इस्लामाबाद के मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने के बाद 331 तालिबान सदस्य मारे गए हैं। शनिवार को एक पोस्ट में तरार ने कहा कि 104 तालिबानी चौकियों को नष्ट कर दिया और 22 पर कब्जा कर लिया गया है।
सऊदी प्रिंस के भाई ने खेला डबल गेम, ईरान से लग रहा डर
2 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरान की सरकारी मीडिया ने कर दी है। दो ईरानी सूत्रों के हवाले से बताया है कि हमले से कुछ देर पहले खामेनेई अपने दो सीनियर सलाहकारों अली लारीजानी और अली शमखानी के साथ एक सुरक्षित जगह पर बैठक कर रहे थे। इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा है कि अली शमखानी भी शनिवार सुबह हमलों में मारे गए हैं जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत की बात कही। लारीजानी ने शनिवार रात को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक्स पर एक पोस्ट किया था और फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर पता नहीं चल पाया है।
मीडिया रिपोर्ट में अमेरिका के एक सूत्र ने बताया कि खामेनेई शाम को तेहरान में एक बैठक करने वाले थे इजराइली खुफिया एजेंसी को इसकी जानकारी थी, लेकिन इससे पहले खुफिया एजेंसी को ये भी पता चल गया कि सुप्रीम लीडर शनिवार सुबह भी एक बैठक करने वाले हैं इसीलिए इजराइली हमला सुबह किया गया। हालांकि बैठक की जगह नहीं बताई गई है लेकिन तेहरान में एक सिक्योर कंपाउंड में शुरूआती हमलों में ही उनकी मौत हो गई।
रिपोर्ट में इजरायल के अलावा, सऊदी अरब ने भी ट्रंप पर ईरान पर हमला करने के लिए दबाव डाला था। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने खुले तौर पर डिप्लोमैटिक समाधान का समर्थन करने के बावजूद ईरान पर हमले का समर्थन किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्राउन प्रिंस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से कहा कि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ हमलों के लिए अपने एयरस्पेस या इलाके का इस्तेमाल नहीं होने देगा, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वॉशिंगटन ने मिडिल ईस्ट में अपनी बड़ी मिलिट्री फोर्स का इस्तेमाल नहीं किया तो ईरान और ज्यादा मजबूत और खतरनाक बनकर उभरेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस के भाई, खालिद बिन सलमान ने जनवरी में वाशिंगटन दौरे के दौरान प्राइवेट बैठकों में अमेरिकी अधिकारियों को हमला करने के लिए कहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने आखिरकार अपनी पुरानी पॉलिसी के बावजूद हमले को आगे बढ़ाने का फैसला किया और भले ही ईरान से अमेरिकी इलाके को कोई सीधा खतरा नहीं था। क्राउन प्रिंस का दोहरा रवैया शायद सऊदी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ ईरान के बदले की कार्रवाई से बचने की उनकी इच्छा को दिखाता है। उनके करीबी लोगों ने माना कि वह तेहरान को रियाद का मुख्य क्षेत्रीय दुश्मन मानते हैं।
ईरान पर भड़के ट्रंप, दी अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई की धमकी
1 Mar, 2026 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले तेज न करने की चेतावनी देते हुए रविवार को ऑनलाइन माध्यम से कहा कि अमेरिका ‘‘ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा.’’ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए रविवार को ये टिप्पणियां ऐसे समय में की जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद उन्हें धमकियां मिली हैं.ट्रंप ने लिखा, ‘‘ईरान ने अभी-अभी कहा है कि वे आज बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया.’’ उन्होंने पोस्ट किया, ‘‘लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा.’’
बता दें कि ईरान ने मिडिल ईस्ट में हमले तेज कर दिए हैं. वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद अहम सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चुनाव का दायित्व सौंपा गया है. ईरान के संविधान के मुताबिक 88 सदस्यीय समिति असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी. इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है.
हम खामेनई के रास्ते को और मजबूत करेंगे
खामेनई की मौत पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि खामेनेई पक्के और वफादार थे. ईरान उनके रास्ते को मजबूती और पक्के इरादे के साथ जारी रखेंगे. हम अमेरिका और इजराइली दुश्मन को बताते हैं कि आपने हमारी रेड लाइन पार की है और आपको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. हमारी सेनाओं ने सभी इजराइली दुश्मन सेंटर्स और अमेरिकी बेस पर हमला किया है और हमारा हमला जारी रहेगा. ईरान ने इस पल के लिए तैयारी कर ली है और हम कमांडर की शहादत के बाद भी रास्ते पर चलते रहेंगे.
चीन और रूस ने दी चेतावनी, अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच शांति के लिए खोला मोर्चा
1 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड रेखा के समीप छिड़े ताजा सैन्य संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सीमा पर जारी भारी गोलाबारी और हमलों के बीच अब विश्व शक्तियों ने दोनों देशों से संयम बरतने का आग्रह किया है। रूस और चीन ने स्पष्ट रूप से दोनों पड़ोसी मुल्कों से टकराव समाप्त करने और मतभेदों को राजनयिक माध्यमों से सुलझाने की अपील की है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सीमा के दोनों ओर से नागरिक और सैन्य हताहतों की खबरें चिंताजनक हैं। रूस ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान को मित्र देश संबोधित करते हुए इस खतरनाक सैन्य टकराव को तुरंत रोकने का आह्वान किया है। रूस का मानना है कि इस संकट का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत की मेज पर राजनीतिक और राजनयिक प्रयासों से ही संभव है। उधर, चीन ने भी क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान और अफगानिस्तान से तत्काल युद्धविराम करने और आपसी संवाद शुरू करने की अपील की है। बीजिंग ने जोर देकर कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति न केवल इन दो देशों के लिए, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने भी इस बिगड़ती स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के क्षेत्रीय विवाद को कूटनीति के जरिए हल किया जाना चाहिए। मौजूदा तनाव के पीछे मुख्य कारण तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और ऐतिहासिक डूरंड रेखा का विवाद है। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर यह आरोप लगाता रहा है कि वह प्रतिबंधित टीटीपी के आतंकियों को शरण दे रही है। पाकिस्तान का दावा है कि टीटीपी अफगान सरजमीं का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले कर रहा है। दूसरी ओर, तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कंधार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उनका प्रशासन हमेशा से शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अभी भी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सीमा पर संप्रभुता के मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे।
विवाद के केंद्र में स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी डूरंड रेखा का इतिहास 19वीं सदी का है। ब्रिटिश भारत के तत्कालीन विदेश सचिव सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड द्वारा खींची गई यह रेखा आज भी विवादों में है। अफगानिस्तान की कोई भी सरकार, जिसमें मौजूदा तालिबान प्रशासन भी शामिल है, इसे औपचारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देती है। 132 साल पहले खींची गई यह लकीर आज भी दोनों देशों के बीच खूनी संघर्ष और राजनयिक गतिरोध का मुख्य कारण बनी हुई है।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सीमा की कुछ चौकियों पर अफगान सेना द्वारा सफेद झंडे लहराए जाने की खबरें आई हैं, जिसे युद्ध के मैदान में गोलीबारी रोकने या बातचीत के संकेत के रूप में देखा जाता है। हालांकि, स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं।
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