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अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर सोमवार को होगी इस्लामाबाद में वार्ता
19 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद,। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब एक बार फिर कूटनीतिक हल तलाशने की कोशिश तेज हो गई है। अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर नई वार्ता का दौर शुरू होने वाला है और एक बार फिर मंच बना है इस्लामाबाद। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के प्रतिनिधि रविवार तक पाकिस्तान पहुंच सकते हैं और सोमवार को औपचारिक बातचीत शुरू हो सकती है।
हालांकि अभी तक न तो वॉशिंगटन और न ही तेहरान की ओर से इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि हुई है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बातचीत जल्द हो सकती है। इससे साफ है कि पर्दे के पीछे तैयारी पूरी हो चुकी है। इनके अलावा ईरानी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस्लामाबाद में अगले दौर की बातचीत सोमवार को तय है। इससे पहले पिछले वीकेंड हुई बातचीत कई घंटों तक चली, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था। ऐसे में इस बार की वार्ता और भी अहम है, क्योंकि पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ दो हफ्तों का सीजफायर अब खत्म होने वाला है। अगर इस बार भी बातचीत विफल रहती है, तो क्षेत्र में तनाव फिर से भड़क सकता है। यही वजह है कि पूरी दुनिया की नजर इस बैठक पर टिकी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने भरोसा जताया है कि दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं। उनका कहना है कि ईरान कुछ अहम मुद्दों पर सहमति को तैयार है, लेकिन दूसरी तरफ ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रंप के इन दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तेहरान ने अभी तक कोई बड़ा समझौता नहीं किया है और कई मुद्दों पर मतभेद बरकरार हैं यानी साफ है कि दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी अभी भी बड़ी बाधा है।
इस पूरे संकट का सबसे अहम केंद्र होर्मुज स्ट्रेट है। यह दुनिया का सबसे अहम ऑयल रूट है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है। हालांकि ईरान ने कहा है कि यह रास्ता कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बहुत कम जहाज इस रास्ते से गुजर रहे हैं। ईरान की संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपना नौसैनिक ब्लॉकेड नहीं हटाया, तो इस स्ट्रेट को फिर से बंद किया जा सकता है। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
इधर लेबनान में इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच 10 दिन का सीजफायर लागू हो गया है। हालांकि यह समझौता अभी तक काफी हद तक कायम है, लेकिन लेबनान की तरफ से इजराइल पर उल्लंघन के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। यह मुद्दा भी अमेरिका-ईरान बातचीत में एक अहम भूमिका निभा रहा है, क्योंकि ईरान हिज्बुल्लाह का समर्थक है। ऐसे में क्षेत्रीय शांति के लिए लेबनान का मोर्चा भी उतना ही अहम है।
अफगानिस्तान में आया 5.0 तीव्रता का भूकंप, कश्मीर में भी लगे झटके
19 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। सुबह अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में रिक्टर पैमाने पर 5.0 तीव्रता का भूकंप आया, इसके झटके कश्मीर घाटी में भी महसूस किए गए। भूकंपीय आंकड़ों के मुताबिक भूकंप सुबह करीब 8:24 बजे आया। भूकंप अफगानिस्तान के बदख्शां क्षेत्र में ज़ायबक के पास केंद्रित था। यह सतह के नीचे करीब 190 किलोमीटर की गहराई पर हुई, जिससे संभवतः जमीन पर महसूस होने वाली तीव्रता कम हो गई।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि भूकंप से करीब 477 टन टीएनटी के बराबर ऊर्जा निकली, जो इसकी गहराई के बावजूद भूकंपीय गतिविधि की ताकत को उजागर करती है। भूकंप के समय भूकंप के केंद्र पर मौसम बादल छाए हुए थे, तापमान करीब 20.5 डिग्री सेल्सियस और मध्यम आर्द्रता थी। कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में हल्के झटके महसूस किए गए, हालांकि क्षति या चोट की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं थी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भूकंप आने पर जमीन पर लेट जाएं, किसी मजबूत मेज या डेस्क के नीचे छिप जाएं और तब तक रुके रहें जब तक झटके बंद न हो जाएं। यदि कोई आश्रय उपलब्ध नहीं है तो अपने सिर और गर्दन को अपनी भुजाओं से सुरक्षित रखें। यदि आप अंदर हैं तो घर के अंदर ही रहें, झटकों के दौरान बाहर न भागें। खिड़कियों, कांच, दर्पणों और भारी वस्तुओं से दूर रहें जो गिर सकती हैं। यदि आप बाहर हैं, तो इमारतों, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों और उपयोगिता तारों से दूर किसी खुले क्षेत्र में चले जाएं। यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो पुलों, फ्लाईओवरों और इमारतों से दूर सुरक्षित रूप से रुकें और वाहन के अंदर ही रहें।
अपनी और दूसरों की चोटों की जांच करें और यदि आवश्यक हो तो प्राथमिक उपचार प्रदान करें।
यदि आपकी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई है तो झटकों की आशंका रखें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। यदि आपको रिसाव या क्षति का संदेह हो तो गैस और बिजली बंद कर दें। क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश करने से बचें। स्थानीय अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के निर्देशों का पालन करें।
ईरान ने बंद किया हॉर्मुज जलडमरूमध्य..........अमेरिका पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
19 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया है कि उन्होंने दुनिया के कई बड़े युद्धों को खत्म कराया है। जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव शामिल है। उन्होंने कहा कि अगर यह संघर्ष नहीं रुकता, तब करोड़ों लोगों की जान जाती। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने कुल 8 युद्ध खत्म कराए हैं और अगर ईरान-लेबनान को जोड़ने पर यह संख्या 10 तक पहुंचती है। ट्रंप ने कि अमेरिका ने इजरायल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक युद्धविराम कराने में अहम भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने बताया कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और जल्द ही कोई बड़ा समझौता हो सकता है।
होर्मुज को लेकर भी ट्रंप ने कहा कि यह अब पूरी तरह खुला है और व्यापार के लिए सुरक्षित है। यह जलमार्ग दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिका की नौसेना की मौजूदगी तब तक बनी रहेगी, जब तक ईरान के साथ समझौता पूरी तरह पूरा नहीं होता। वहीं ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी नाकेबंदी नहीं खोली गई है, तब हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि ईरान के साथ समझौता पूरी तरह पूरा होने तक ईरान जाने वाले जहाजों पर लगी पाबंदी रहेगी। इस पर ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका ने नाकेबंदी जारी रखी, तब हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।
ईरान ने फिर से बंद किया होर्मुज
ईरान ने समझौतों के अनुसार, होर्मुज से सीमित संख्या में जहाजों को गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जाहिर की थी, लेकिन अमेरिका ने अपने दायित्वों को पूरा नहीं किया। इसलिए, होर्मुज अब फिर से बंद हो गया है और यहां से गुजरने के लिए ईरान की मंजूरी जरूरी है।
बालेन शाह सरकार से सीधा संवाद: काठमांडू में नई सरकार की प्राथमिकताएं सुनेंगे समीर पॉल कपूर
18 Apr, 2026 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू: अमेरिका के शीर्ष राजनयिक और दक्षिण एवं मध्य एशिया के सहायक सचिव समीर पॉल कपूरतीन दिवसीय दौरे पर सीधे नेपाल पहुँच रहे हैं। यह दौरा ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार कोई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी बिना किसी अन्य देश (भारत या श्रीलंका) की यात्रा के सीधे काठमांडू आ रहा है।
बालेन शाह सरकार के साथ कूटनीतिक संवाद
समीर पॉल कपूर नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में बनी सरकार के गठन के बाद काठमांडू पहुँचने वाले पहले वरिष्ठ विदेशी राजनयिक होंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य नई सरकार को बधाई देना, उनकी प्राथमिकताओं को समझना और यह तय करना है कि वॉशिंगटन भविष्य में नेपाल के साथ किस तरह सहयोग करना चाहता है।
नेपाली नेतृत्व से उच्च स्तरीय मुलाकातें
अमेरिकी दल अपने प्रवास के दौरान वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले, विदेश मंत्री शिशिर खनाल और नेपाल-अमेरिका चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों से मुलाकात करेगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान के तहत वे पाटन दरबार स्क्वायर का भी दौरा करेंगे।
चीन के बढ़ते प्रभाव और कर्ज पर चेतावनी
कपूर ने पूर्व में दक्षिण एशियाई देशों की रणनीतिक स्थिति और बाहरी दबावों के प्रति उनकी संवेदनशीलता पर चिंता जताई थी। उनका इशारा विशेष रूप से चीन की 'कर्ज-आधारित रणनीति' की ओर था। उन्होंने मालदीव और श्रीलंका जैसे देशों का उदाहरण देते हुए आगाह किया कि विकास के नाम पर लिया गया भारी कर्ज जोखिम भरा हो सकता है। नेपाल अब तक खुद को इस चीनी कर्ज के जाल से बचाने में सफल रहा है।
तेहरान के कड़े तेवर: अमेरिकी नाकेबंदी के विरोध में जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी
18 Apr, 2026 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान: ईरान ने शनिवार को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं की, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद कर देगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि इस मार्ग से होने वाला यातायात अब ईरान की मंजूरी से ही संचालित होगा।
यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार के लिए खुला है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तब तक सख्ती से जारी रहेगी जब तक ईरान के साथ लेनदेन पूर्ण नहीं हो जाता।
जवाब में ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (आईआरजीसी) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, नागरिक जहाज केवल ईरान द्वारा निर्धारित रास्तों से ही निकल सकेंगे, जबकि सैन्य जहाजों के गुजरने पर प्रतिबंध बरकरार रहेगा। आईआरजीसी ने साफ किया है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आवाजाही उनकी अनुमति के बिना संभव नहीं होगी और सभी गतिविधियां वर्तमान सुरक्षा समझौतों के दायरे में ही संचालित की जाएंगी।
थमी हुई सप्लाई चेन को मिली रफ्तार, भारत आ रहे 41 जहाजों का रास्ता साफ
18 Apr, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था ने राहत की सांस ली है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान द्वारा इस रास्ते को बंद करने से दुनिया की 20% तेल और एक-तिहाई गैस सप्लाई ठप हो गई थी। अब रास्ता खुलने से भारत समेत पूरी दुनिया में ऊर्जा और व्यापार की स्थिति सुधरने लगी है।
भारत के लिए बड़ी राहत
भारत आने वाले 41 जहाज अब अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें 15 भारतीय और 26 विदेशी जहाज शामिल हैं, जो कच्चा तेल, एलपीजी, एलएनजी और खाद लेकर आ रहे हैं। विशेष रूप से एक दर्जन से अधिक फर्टिलाइजर जहाज खरीफ सीजन के लिए वरदान साबित होंगे।
बाजार पर असर
रास्ता खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है:
ब्रेंट क्रूड: 9% गिरकर $90 के करीब पहुंचा।
WTI क्रूड: $83 के स्तर पर आ गया।
कुल गिरावट: पिछले 9 दिनों में कच्चे तेल के दाम 30% तक टूटे हैं।
मालभाड़ा और निर्यात
ट्रांसपोर्ट और फ्रेट रेट्स में कमी आने से बासमती चावल जैसे निर्यातों में तेजी आएगी। तनाव के दौरान जेद्दा पोर्ट तक कंटेनर भेजने की लागत 4-5 गुना बढ़ गई थी, जो अब कम होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि यूरोप तक व्यापार करना सस्ता और आसान हो जाएगा।
मंडियों में भीगा 'पीला सोना': बेमौसम बरसात ने रोकी गेहूं की खरीद, उठान न होने से बढ़ी दिक्कत।
18 Apr, 2026 01:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार | प्रदेश में सक्रिय हुए मध्यम तीव्रता के पश्चिमी विक्षोभ ने खेती-किसानी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को हरियाणा के 17 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं, जबकि 3 जिलों में ओलावृष्टि ने फसलों को चोट पहुंचाई है। इस अचानक आए बदलाव से मंडियों में खुले में रखा गेहूं भीग गया है, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
तापमान में गिरावट, पर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें मौसम के इस मिजाज से भीषण गर्मी से तो राहत मिली है और पूरे प्रदेश में पारा 41 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए यह नुकसानदेह साबित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, हिसार, दादरी और फतेहाबाद में ओले गिरे हैं। वहीं, सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक और एनसीआर के इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई है। अगले 24 घंटों में उत्तरी और पश्चिमी जिलों में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, जबकि 19 अप्रैल को एक और विक्षोभ दस्तक दे सकता है।
30 फीसदी फसल अब भी खेतों में जानकारों के अनुसार, प्रदेश के करीब 70 प्रतिशत हिस्सों में गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, लेकिन शेष 30 प्रतिशत इलाकों में फसल अब भी खेतों में खड़ी है। इस बेमौसम बरसात से खड़ी फसल गिरने और दाने की चमक कम होने का डर है। मंडियों में उठान धीमा होने के कारण खुले में पड़ा अनाज भी बारिश की भेंट चढ़ गया है।
प्रमुख जिलों में दर्ज की गई वर्षा:
चरखी-दादरी: 7.0 मिलीमीटर
हिसार: 2.6 मिलीमीटर
रोहतक: 1.0 मिलीमीटर
सोनीपत व गुरुग्राम: 0.5 मिलीमीटर
सरकारी रिकॉर्ड में नहीं थे कैमरे: लावारिस सीसीटीवी के जरिए लाइव जासूसी का अंदेशा, FIR दर्ज।
18 Apr, 2026 01:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला | नेशनल हाईवे-44 और 152 के संगम पर स्थित देवीनगर फ्लाईओवर पर दो रहस्यमयी सीसीटीवी कैमरे मिलने से हड़कंप मच गया है। इन कैमरों के जरिए देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ खिलवाड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात तत्वों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (देश की एकता-अखंडता को खतरा) और 61 (साजिश) के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
इत्तेफाक से हुआ बड़ा खुलासा
इस जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब एएसआई रविश कुमार 15 फरवरी को एक सड़क हादसे की तफ्तीश के लिए मौके पर पहुंचे थे। वहां पुल पर लगे कैमरों को देखकर उन्हें संदेह हुआ। हैरानी की बात यह रही कि NHAI, टोल प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस समेत किसी भी विभाग ने इन कैमरों को अपना मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद अधिकारियों के आदेश पर इन कैमरों को जब्त कर लिया गया।
हाईटेक सेटअप और सिम कार्ड बरामद
जांच में पता चला कि इन कैमरों को चलाने के लिए किसी बाहरी बिजली कनेक्शन की जरूरत नहीं थी; इन्हें लकड़ी के तख्तों और सोलर प्लेटों के जरिए बिजली दी जा रही थी। पुलिस को एक कैमरे से VI कंपनी का सिम कार्ड भी मिला है, जिसका इस्तेमाल संभवतः लाइव डेटा ट्रांसमिशन के लिए किया जा रहा था। दूसरा कैमरा बिना सिम के पाया गया है। पुलिस अब इस डेटा के 'रिसीवर' तक पहुंचने के लिए बैकअप की बारीकी से जांच कर रही है।
रणनीतिक ठिकानों पर नजर की आशंका
अंबाला अपनी भौगोलिक और सैन्य स्थिति (राफेल तैनात एयरफोर्स स्टेशन और सेना की यूनिट्स) के कारण हमेशा से संवेदनशील रहा है। अप्रैल में भी दिल्ली पुलिस ने मलौर गांव से ऐसा ही एक जासूसी कैमरा बरामद किया था। आशंका जताई जा रही है कि कोई बाहरी एजेंसी या देशद्रोही तत्व इन कैमरों के जरिए गुप्त जानकारी जुटाने की फिराक में हैं।
कुरुक्षेत्र एनआईटी में सन्नाटा: लगातार आत्महत्याओं के बाद ठप हुई पढ़ाई, 19 अप्रैल की डेडलाइन तय।
18 Apr, 2026 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र इस समय गहरे शोक और आक्रोश के दौर से गुजर रहा है। महज आठ हफ्तों के भीतर चौथी छात्रा द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने के बाद संस्थान में हालात बेकाबू हो गए हैं। बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के तमाम विद्यार्थियों के लिए तत्काल अवकाश की घोषणा कर दी है।
19 अप्रैल तक खाली करना होगा परिसर
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, सभी छात्र-छात्राओं को 19 अप्रैल 2026 तक अपने-अपने हॉस्टल खाली करने की समयसीमा दी गई है। हालांकि, मैनेजमेंट इसे आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दी गई छुट्टियां बता रहा है, लेकिन कैंपस में मौजूद छात्र इसे विरोध की आवाज दबाने का तरीका मान रहे हैं। छात्रों का कहना है कि संस्थान ने पहले कभी इस तरह अचानक और इतनी लंबी छुट्टियां नहीं दीं।
न्याय के लिए रातभर सड़कों पर रहे छात्र
ताजा मामला छात्रा दिक्शा दुबे की मौत से जुड़ा है, जिसकी जांच अब पुलिस के हाथों में है। इस घटना के बाद बीती रात हजारों छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ठोस नीतियां बनाई जाएं, प्रोफेशनल काउंसलिंग की व्यवस्था हो और प्रशासन अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी ले। विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थान में बढ़ता मानसिक दबाव एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
130 करोड़ लोग हो चुके हैं लिवर की बीमारी के शिकार: शोध
18 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । आमतौर पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियों को सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियां माना जाता है, लेकिन एक नई स्टडी में बेहद हैरान करने वाली बात सामने आई है। साल 2023 में दुनिया भर में लगभग 130 करोड़ लोग मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीयाटोटिक लिवर डिजीज (एमएएसएलडी) से जूझ रहे थे।
यह आंकड़ा सोचकर देखिए कि दुनिया की पूरी आबादी लगभग 800 करोड़ है और उसमें से 130 करोड़ से भी ज़्यादा लोग लिवर की इस गंभीर बीमारी का शिकार हो चुके हैं, जो एक भयावह स्वास्थ्य संकट की ओर इशारा करता है। नई स्टडी के अनुसार, साल 2023 में करीब 130 करोड़ लोग लिवर डिजीज से पीड़ित थे। यह संख्या 1990 के मुकाबले लगभग 143 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है, जो बेहद चिंताजनक है और इस बीमारी के तेज़ी से फैलने की गति को उजागर करती है। यह स्टडी ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स स्टडी 2023 के व्यापक डेटा पर आधारित है, जिसने विश्वभर में स्वास्थ्य प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया है।
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो 2050 तक एमएएसएलडी के मरीजों की संख्या बढ़कर 180 करोड़ तक पहुंच सकती है। इसके पीछे मुख्य कारण तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या, खराब जीवनशैली, मोटापा और उच्च रक्त शर्करा जैसी गंभीर समस्याएं हैं, जो एक साथ मिलकर इस बीमारी को बढ़ावा दे रही हैं। इस स्टडी में यह भी सामने आया कि उत्तरी अफ्रीका और मिडिल ईस्ट जैसे क्षेत्रों में लिवर डिजीज के मरीज अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज़्यादा हैं, जो क्षेत्रीय स्वास्थ्य असमानताओं को दर्शाता है। हालांकि, एक राहत की बात यह है कि बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद इससे होने वाली मौतों में ज़्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसका मतलब यह है कि इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण लोग पहले की तुलना में ज़्यादा समय तक और बेहतर जीवन जी पा रहे हैं, जिससे मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिली है। शोधकर्ताओं के अनुसार, एमएएसएलडी के मामलों में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा शुरुआती स्टेज में देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद, खतरा कम नहीं हुआ है, क्योंकि समय के साथ यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी जानलेवा स्थितियों में बदल सकती है, अगर इसका समय पर निदान और उपचार न किया जाए।
सबसे चिंता की बात यह है कि यह बीमारी अब कम और मिडिल इनकम वाले देशों में युवाओं को भी तेज़ी से प्रभावित कर रही है। शहरीकरण, फास्ट फूड की आदत और फिजिकल एक्टिविटी की कमी जैसे प्रमुख कारण माने जा रहे हैं, जो युवाओं में इस बीमारी के फैलने की वजह बन रहे हैं। बदलती जीवनशैली, जिसमें स्क्रीन टाइम बढ़ना और बाहरी खेलों से दूर रहना शामिल है, ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। यह अध्ययन स्पष्ट रूप से बताता है कि एमएएसएलडी अब एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ईरान-अमेरिका में शांति के बीच सबसे बड़ा अड़ंगा यूरेनियम एनरिचमेंट का मुद्दा
18 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान/वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच ठप पड़ी शांति वार्ता को बहाल करने के लिए पाकिस्तान ने कमान संभाल ली है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुँचे हैं। पाकिस्तान यहाँ मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए ईरान को अमेरिका के 'फाइनल ऑफर' पर विचार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने संकेत दिए हैं कि बातचीत का अगला दौर फिर से पाकिस्तान में हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस कूटनीतिक पहल की सराहना की है। हालांकि, सबसे बड़ी बाधा यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) के मुद्दे पर बनी हुई है। एक तरफ शांति की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका ने रूस और ईरान के तेल पर दी गई छूट खत्म कर 'डबल स्ट्रैटेजी' अपनाई है। इस कड़े आर्थिक फैसले का असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर भी पड़ सकता है।
रूस का तांडव: यूक्रेन पर 659 ड्रोन और 44 मिसाइलों से हमला, 18 की मौत
18 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध ने एक बार फिर विनाशकारी मोड़ ले लिया है। रूस ने इस साल का सबसे बड़ा हमला करते हुए यूक्रेन के कई शहरों पर रिकॉर्ड 659 ड्रोन और 44 मिसाइलें दागीं। इस भीषण हमले में एक बच्चे समेत 18 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ईस्टर के मौके पर घोषित 32 घंटे का युद्धविराम शुरू होते ही टूट गया।
गोलाबारी की चपेट में कीव, खारकीव, ओडेसा और जापोरिज्जिया जैसे प्रमुख शहर आए। ओडेसा में म्यूजिक अकादमी के हॉस्टल पर हमले से छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रूस केवल जंग का रास्ता चुन रहा है। वर्तमान में जेलेंस्की अंतरराष्ट्रीय समर्थन के लिए इटली दौरे पर हैं। इस ताजा हमले के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव और अधिक गहरा गया है।
ईरान का पलटवार: 'झूठ बोल रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप, एक मुट्ठी यूरेनियम भी नहीं देगा तेहरान'
18 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान/वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूरेनियम सौदे से जुड़े दावों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि ईरान अपना परमाणु ईंधन (न्यूक्लियर डस्ट) अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार है और दोनों देश एक ऐतिहासिक समझौते के करीब हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वे समझौते के लिए पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं और इससे होर्मुज जलडमरूमध्य का व्यापार मार्ग पूरी तरह खुल जाएगा।
हालांकि, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ और आधिकारिक सूत्रों ने इन दावों को पूरी तरह 'झूठ' करार दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका को यूरेनियम देने पर कोई सहमति नहीं बनी है। विवाद की मुख्य जड़ परमाणु कार्यक्रम की समयसीमा है; अमेरिका जहाँ 20 वर्षों के लिए संवर्धन (Enrichment) रोकने का प्रस्ताव दे रहा है, वहीं ईरान केवल 5 वर्ष के प्रतिबंध पर अड़ा है। इस्लामाबाद में हुई 21 घंटे की मैराथन बैठक बेनतीजा रहने के बाद दोनों देशों के बयानों में आए इस विरोधाभास ने शांति वार्ता पर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
राव नरेंद्र का बड़ा बयान, पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
17 Apr, 2026 02:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संगठन की मजबूती और अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में पार्टी विरोधी गतिविधियों या अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस राजनीतिक दौरे और बयानबाजी के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
अनुशासन और क्रॉस वोटिंग पर सख्त रुख
चेतावनी: प्रदेश अध्यक्ष ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों के दायरे में रहकर काम करने की नसीहत दी है। उन्होंने साफ किया कि अनुशासन तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा पर आरोप: हालिया क्रॉस वोटिंग के मामले में उन्होंने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के दबाव में आकर कुछ विधायकों ने ऐसा कदम उठाया, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
निकाय चुनाव और पार्टी सिंबल
चुनावी रणनीति: रेवाड़ी और धारूहेड़ा के आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने संकेत दिए कि यदि कार्यकर्ता सहमति जताते हैं, तो कांग्रेस अपने आधिकारिक चुनाव चिह्न (सिंबल) पर चुनाव मैदान में उतर सकती है। उनका मानना है कि इससे संगठन की जमीनी पकड़ मजबूत होगी।
किसानों और महंगाई का मुद्दा
जमीनी निरीक्षण: राव नरेंद्र सिंह ने अनाज मंडी का दौरा कर फसल खरीद की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
सरकार की घेराबंदी: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की जटिल शर्तें किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। इस संबंध में उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर जिला उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा।
स्थानीय राजनीति और उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व के बीच सामंजस्य को लेकर भी चर्चा रही। जहाँ पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी जसवंत सिंह कार्यक्रम में उपस्थित रहे, वहीं पूर्व विधायक चिरंजीव राव जैसे बड़े नेताओं की अनुपस्थिति राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में शी जिनपिंग का फिर दिखा दबदबा
17 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। टाइम मैगजीन ने दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची जारी की है। टाइम मैगजीन की इस सूची में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दबदबा दिखा। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सूची में सबसे ज्यादा बार शामिल होने वाले व्यक्ति बन गए हैं। वह 14 बार टाइम मैग्जीन की लिस्ट में जगह बनाने में सफल रहे हैं। यह इस साल की दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में किसी भी व्यक्ति द्वारा सबसे ज्यादा है। यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर शी जिनपिंग के लगातार बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है, क्योंकि चीन अंतरराष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति में अहम भूमिका निभा रहा है। जिनपिंग का बार-बार सूची में चयन यह दिखाता है कि पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से उनका वैश्विक मामलों पर गहरा असर है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जहां शी जिनपिंग सबसे आगे हैं, वहीं कई अन्य प्रमुख वैश्विक नेता भी कई सालों से सूची में कई बार जगह बना चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आठ बार इस सूची में शामिल हो चुके हैं, जबकि इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पांच बार शामिल हुए हैं। बिजनेस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सुंदर पिचाई तीन बार इस सूची में आ चुके हैं। कई प्रभावशाली हस्तियां दूसरी बार इस सूची में शामिल हुई हैं। इनमें डारियो अमोडेई, फातिह बायरोएल, स्टर्लिंग के ब्राउन, मार्क कार्नी, क्लेयर डेंस, अलीको डैंगोटे और माइकल डेल शामिल हैं। वहीं, नोबेल पुरस्कार विजेता शिरीन एबादी, कॉमेडियन निक्की ग्लेसर, ओलंपिक चैंपियन क्लोई किम, डिजाइनर राल्फ लॉरेन, यूट्यूबर मिस्टरबीस्ट और राजनेता गेविन न्यूसम व मार्को रुबियो भी दोबारा सूची में शामिल हुई हैं। इस सूची में जोई सलदाना, क्लाउडिया शेनबाउम, ग्विन शॉटवेल और बेन स्टिलर जैसे नाम भी दोबारा सूची में शामिल हुए हैं।
टाईम 100 सूची हर साल उन लोगों को पहचान देती है, जो राजनीति, व्यापार, मनोरंजन और तकनीक के क्षेत्र में दुनिया को आकार दे रहे हैं। शी जिनपिंग की रिकॉर्ड उपस्थिति न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि वैश्विक घटनाओं को आकार देने में चीन की भूमिका कितनी अहम है। जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक बदलाव और तकनीकी परिवर्तन दुनिया को परिभाषित कर रहे हैं, वैसे-वैसे इस सूची में बार-बार शामिल होने वो नाम यह दिखाते हैं कि कई क्षेत्रों में स्थायी ताकत और उभरते प्रभाव दोनों मौजूद हैं।
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