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मध्य-पूर्व तनाव का असर, चीन की रिफाइनरी बंद
5 Mar, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीन की बड़ी रिफाइनरी कंपनी झेजियांग पेट्रोकेमिकल कॉर्प ने अपने ऑपरेशन कम किए हैं। यह कंपनी सऊदी अरामको द्वारा समर्थित है। कंपनी अब एक 200,000 बैरल प्रति दिन वाली क्रूड यूनिट को बंद कर रही है। यह मेंटेनेंस का काम पहले से आगे बढ़ाकर मार्च में शुरू किया गया है। कंपनी के एक प्रतिनिधि ने बताया कि मार्च में एक महीने तक यह ओवरहॉल चलेगा। इससे कंपनी की कुल प्रोसेसिंग 20 प्रतिशत कम हो जाएगी।
अभी मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की वजह से क्रूड ऑयल की सप्लाई बहुत कम हुई है। यूएस-इजराइल के हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट में करीब सभी शिपिंग रोक दी है। यह स्ट्रेट दुनिया के 20 प्रतिशत ऑयल सप्लाई का रास्ता है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल इम्पोर्टर है और अपनी करीब आधी क्रूड सप्लाई मिडिल ईस्ट से लेता है। सप्लाई कम होने और ऑयल की कीमतें बढ़ने से अन्य रिफाइनरियां भी अपने ऑपरेशन कम करने लगेंगी।
ईरान युद्ध से पाकिस्तान की सीमाओं पर दबाव, सतर्कता बढ़ी
5 Mar, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पोस्ट में जायनिज्म (यहूदियों का आंदोलन) को मुस्लिम दुनिया में अस्थिरता की मुख्य वजह बताकर मानवता के लिए खतरा कहा है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान में जारी युद्ध पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन की जमीन पर इजराइल के कायम होने से लेकर आज तक इस्लामी दुनिया पर जो भी बड़ी-बड़ी मुसीबतें आई हैं, जो भी युद्ध थोपे गए हैं, उसमें जायनिस्ट विचारधारा और इजराइल का सीधा हाथ दिखता है।
ख्वाजा आसिफ ने ईरान के बारे में कहा कि ईरान समझौते के लिए तैयार था, इसके बावजूद उन पर युद्ध थोपा गया है। यह सब जायनिस्ट एजेंडा का हिस्सा है, जिसमें इजराइल का प्रभाव पाकिस्तान की सरहद तक लाने की कोशिश शामिल है। अफगानिस्तान, ईरान और भारत को मिलाकर पाकिस्तान विरोधी एजेंडा बनाया जा रहा है, ताकि पाकिस्तान की सरहदें असुरक्षित हो जाएं, हर तरफ से दुश्मन घेर लें और पाकिस्तान कमजोर हो जाए
विशेषज्ञ बोले– प्राकृतिक भूकंप या मानव निर्मित विस्फोट, जांच जारी
5 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान में 3 मार्च 2026 को फार्स प्रांत के खोन्ज इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार यह भूकंप गेराश शहर से 52 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में आया। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा हैं, कि यह भूकंप ईरान के गुप्त परमाणु परीक्षण की वजह से हुआ लेकिन विशेषज्ञों ने इन दावों को खारिज किया। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस भूकंप और किसी परमाणु या सैन्य गतिविधि के बीच कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है।
परमाणु परीक्षण से भूकंप आ सकता है लेकिन उसकी तरंगें और विशेषताएं प्राकृतिक भूकंप से अलग होती हैं। परमाणु विस्फोट से भूकंप की तीव्रता उसकी शक्ति पर निर्भर करती है जैसे 5 मेगाटन का परीक्षण 6.9 तीव्रता का भूकंप पैदा कर सकता है लेकिन यह परीक्षण की गहराई पर भी निर्भर है।
परीक्षण को छिपाने के लिए पर्याप्त गहराई पर किया जाता है जैसे स्केल्ड डेप्थ ऑफ बरियल (एसडीबीओ) 100 मीटर प्रति किलोटन से ज्यादा होना चाहिए ताकि रेडियोएक्टिव पदार्थ बाहर न आएं। सामान्य परमाणु परीक्षण की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 से 6 या ज्यादा होती है, क्योंकि छोटे परीक्षणों से कम तीव्रता आती है।
ईरान का हालिया भूकंप सिर्फ 4.3 था जो छोटे परीक्षण के लिए भी कम है। सीटीबीटीओ के अनुसार परमाणु परीक्षण की तरंगें विस्फोटक होती हैं जबकि प्राकृतिक भूकंप की टेक्टॉनिक। एक लैब के अनुसार उत्तर कोरिया के 2016 परीक्षण ने 5.1 तीव्रता का भूकंप पैदा किया जो 7000 टन टीएनटी के बराबर था। अगर परीक्षण कम गहराई पर हो, तब तीव्रता ज्यादा लेकिन रेडिएशन लीक का खतरा बढ़ जाता है।
ईरान ने कुछ दिन पहले ऐसा कोई सीधा दावा नहीं किया लेकिन अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि ईरान ने कहा कि उनके पास 60 प्रतिशत एनरिच्ड यूरेनियम के 460 किलोग्राम हैं जो 11 परमाणु बम बनाने के लिए काफी है।
ईरान के सर्वोच्च नेता के करीबी मोहम्मद-जवाद लारीजानी ने कहा कि जररुत पड़ने पर ईरान 24 घंटे में सैन्य परमाणु क्षमता विकसित कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंच गया है लेकिन अभी नहीं बना रहा।
हालात बेकाबू, खामेनेई की अंतिम यात्रा टली
5 Mar, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान: अमेरिका- इजराइल के ईरान पर किए गए हमले का आज बुधवार को पांचवा दिन है. अभी युद्ध खत्म होने के कोई आसार नहीं हैं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लड़ाई खींचने के संकेत दिए हैं. अमेरिका और इजराइल का ईरान पर हमला जारी है. इजराइल ने हमले का दायरा बढ़ाकर लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकाने तक कर दिया है. मंगलवार को लेबनान के हेल्थ मिनिस्ट्री ने बताया कि बेरूत के आस-पास के इलाकों और दक्षिणी लेबनान में हुए हमलों में कम से कम 52 लोग मारे गए और 154 घायल हुए. इस बीच ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य अड्डों को निशाना बनाना जारी रखा. वहीं अमेरिका के एम्बेसी को भी निशाना बनाया गया. ट्रंप ने इसका जवाब अत्यंत कठोरता से देने का ऐलान किया है. पूरे मिडिल ईस्ट में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, कई एयरपोर्ट पर बहुत कम या बिल्कुल भी फ्लाइट ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं, जो वैसे यात्रियों से भरे रहते हैं. ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार देश में मरने वालों की संख्या 800 के करीब पहुँच गई. पिछले चार दिनों से ईरान पूरे इलाके में जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इजराइल और खाड़ी देशों के अंदर कई जगहों पर हमला कर रहा है, जिसमें कतर में एनर्जी फैसिलिटी और सऊदी अरब में अमेरिकी एम्बेसी शामिल हैं. युद्ध का दायरा बढ़ने, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और इन सबसे बाहर निकलने का कोई साफ प्लान न होना एक लंबे संघर्ष के लिए माहौल तैयार कर दिया है जिसके दूरगामी नतीजे होंगे. दुबई जैसी मिडिल ईस्ट में सुरक्षित पनाहगाह मानी जाने वाली जगहों पर भी हमले हो रहे हैं. ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं. जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ रहा है अमेरिकी विदेश विभाग ने अमेरिकी नागरिकों से सुरक्षा जोखिमों के कारण एक दर्जन से ज्यादा मिडिल ईस्ट देशों को छोड़ने की अपील की है.
एयर इंडिया का 5 मार्च से जेद्दा से अपना तय ऑपरेशन शुरू करने का प्लान
एयर इंडिया मिडिल ईस्ट में बदलते हालात पर करीब से नज़र रख रही है और फंसे हुए यात्रियों को वापस लाने के लिए दुबई और जेद्दा से कुछ फ़्लाइट्स चलाना शुरू कर दिया है, जिसमें उनकी सुरक्षा और भलाई को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी गई है. मौजूदा हालात का ध्यान से अंदाज़ा लगाने के बाद, मिडिल ईस्ट के लिए हमारे ज़्यादातर ऑपरेशन 5 मार्च 2026 को 2359 बजे IST तक बंद रहेंगे, लेकिन एयर इंडिया 5 मार्च से जेद्दा से अपने तय ऑपरेशन शुरू करने का प्लान बना रही है.
•AI2255/2256 - दिल्ली-जेद्दा-दिल्ली
•AI2251/2252 - मुंबई-जेद्दा-मुंबई
•AI2245/2246 - मुंबई-जेद्दा-मुंबई
एयर इंडिया ने 5 मार्च की सुबह मुंबई-दुबई-दिल्ली रूट पर फंसे हुए यात्रियों को वापस लाने के लिए ज़्यादा कैपेसिटी वाले B777 एयरक्राफ्ट के साथ एक एक्स्ट्रा सर्विस AI909D/996D चलाने का भी प्लान बनाया है. एयर इंडिया को मिडिल ईस्ट के लिए अपनी फ़्लाइट्स के सस्पेंशन से प्रभावित यात्रियों को हुई परेशानी के लिए अफ़सोस है और वह उन्हें दूसरे इंतज़ाम और पूरे रिफ़ंड या फ़्री रीशेड्यूलिंग के ऑप्शन में मदद करने के लिए तैयार है.
लेबनान के राष्ट्रपति ने इजराइली हमले के खिलाफ US से दखल देने का अनुरोध किया
लेबनानी राष्ट्रपति जनरल जोसेफ औन ने लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा से मुलाकात की और हाल के सुरक्षा घटनाक्रमों को देखते हुए लेबनान और इलाके के मौजूदा हालात पर उनसे चर्चा की. एक एक्स पोस्ट के मुताबिक, "उन्होंने उनसे लेबनान पर इजराइली हमले को रोकने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका से दखल देने का अनुरोध किया"
लेबनान में इजराइली हवाई हमलों में 72 लोगों की मौत: मंत्रालय
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश पर इज़राइली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है और कम से कम 437 लोग घायल हुए हैं. तेहरान पर US-इज़राइल हमले के बाद ईरान समर्थित हथियारबंद ग्रुप के उत्तरी इज़राइल की ओर रॉकेट दागने के बाद इज़राइल और लेबनान के बीच सीमा पार लड़ाई फिर से शुरू हो गई. इज़राइली सेना ने देश के दक्षिणी और बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हवाई हमले फिर से शुरू करके, ज़बरदस्ती खाली करने के आदेश जारी करके और लेबनानी इलाके में नई मिलिट्री पोजीशन लेकर जवाब दिया.
मैं तब तक ऐसा करने के लिए तैयान नहीं था : स्टार्मर
ईरान संघर्ष पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने कहा कि हमारा देश युद्ध में इसलिए शामिल नहीं हुआ क्योंकि मैं तब तक ऐसा करने को तैयार नहीं था जब तक कि कोई कानूनी आधार और एक सुविचारित योजना न हो.
ईरानी राष्ट्रपति ने खाड़ी देशों से कहा कि तेहरान के पास हमला करने के अलावा ‘कोई चारा नहीं’ था
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ईरान के पड़ोसी देशों से बात करते हुए कहा कि ईरान डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध टालना चाहता था, लेकिन यूएस-इजराइल हमलों के कारण उसके पास जवाबी कार्रवाई करने के अलावा “कोई चारा नहीं” बचा. राष्ट्रपति ने एक्स पर अरबी और फ़ारसी में दो अलग-अलग पोस्ट में कहा, “हम आपकी संप्रभुता का सम्मान करते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि ईरान का मानना है कि इस इलाके में सुरक्षा मिलकर कोशिश करके हासिल की जानी चाहिए.
एयर इंडिया ने मिडिल ईस्ट से आने-जाने वालों को दिया ये ऑप्शन
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर उड़ानों पर भी पड़ रहा है. एयर इंडिया ने अपने ग्राहकों को 28 फरवरी 2026 या उससे पहले की गई मिडिल ईस्ट से आने-जाने वाली उड़ानों की कंफर्म बुकिंग के लिए फ्री रीशेड्यूलिंग या रद्द करने पर रिफंड का विकल्प दे रही है.
श्रीलंका ने अपने तट के पास डूबते युद्धपोत से ईरान के 32 नौसैनिकों को बचाया, 87 शव बरामद
श्रीलंका ने बुधवार को बताया कि उसकी नौसेना ने देश के दक्षिणी तट के पास डूबे एक युद्धपोत से 87 शव बरामद किए और ईरान के 32 नौसैनिकों को बचाया. विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि श्रीलंकाई नौसेना और तटरक्षक बल को तड़के पांच बजकर आठ मिनट पर दक्षिणी बंदरगाह जिले गॉल से लगभग 40 समुद्री मील की दूरी पर स्थित ‘आईरिस देना’ नामक पोत के डूबने की सूचना मिली थी. हेराथ ने कहा कि श्रीलंकाई नौसेना और वायु सेना ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया. उन्होंने कहा, “उनमें से 30 को बचा लिया गया जबकि जहाज पर लगभग 180 लोगों के सवार होने की खबर है.” मंत्री ने कहा कि जहाज के डूबने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. ईरानी पोत ने हाल ही में भारत द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया था. भारतीय नौसेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है.. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वाशिंगटन में कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया. उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह किसी दुश्मन युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना है.
अलग-अलग देशों में फंसे लोगों को वापस लाने जरूरी कदम उठाए जा रहे : फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद को बताया कि राज्य सरकार ने मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण हालात की वजह से अलग-अलग देशों में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. उन्होंने साफ किया कि जल्द ही सभी को धीरे-धीरे उनके देश वापस लाया जाएगा. ईरान-इजराइल लड़ाई के बाद कुछ देशों के अपने एयरस्पेस बंद करने की वजह से फ़्लाइट्स पर असर पड़ा है. इस वजह से, काम और बिजनेस के लिए गए कई टूरिस्ट, स्टूडेंट और महाराष्ट्र के लोग वापसी के सफर में फंस गए हैं. इसे देखते हुए, राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर राहत का काम शुरू कर दिया है. इस बारे में और जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और फंसे हुए नागरिकों के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है. मंत्री गिरीश महाजन को इस तालमेल की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है और वे संबंधित एजेंसियों के संपर्क में हैं. जरूरत पड़ने पर स्पेशल फ़्लाइट का इंतजाम करने का ऑप्शन भी खुला रखा गया है. कुछ देशों में वीजा और यात्रा से जुड़ी दिक्कतें आने की वजह से, नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर भेजने और फिर उनकी वापसी का इंतज़ाम करने की कोशिश की जा रही है.
हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया : अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया. उन्होंने कहा कि देश ने अपने 90 प्रतिशत से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों को ईरानी गोलाबारी की सीमा से बाहर निकाल लिया. हेगसेथ ने कहा कि हमारी और इजराइल की खुफिया और जंगी ताकतें जल्द ही ईरान पर नियंत्रण हासिल कर लेंगी; हमने जमीनी सैनिकों की तैनाती के बिना ही ईरान के हवाई क्षेत्र और जलमार्गों पर काबू पा लिया है. साथ ही कहा कि ईरान ने बेईमानी से बातचीत की, राष्ट्रपति ट्रंप ने देश को प्राथमिकता देकर साहसिक कदम उठाया.
अमेरिका-ईरान टकराव गहराया, सीनेट ने नहीं दी मंजूरी
5 Mar, 2026 08:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान: अमेरिका और इजराइल के द्वारा ईरान पर किये गये हमले आज बुधवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया. युद्ध को लेकर हालात दिनों दिन बिगड़ते ही जा रहे हैं. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमले लगातार जारी हैं. वहीं, ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने घोषणा की कि एक अमेरिकी सबमरीन ने श्रीलंका के पास एक ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस (IRIS) डेना को डुबो दिया. जहाज पर सवार 180 नाविकों में से 32 को बचा लिया गया और 87 की लाशें बरामद की गई जबकि कई अभी भी लापता हैं. इस बीच बड़ी खबर आई कि अमेरिकी सीनेट ने ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति ट्रंप की मिलिट्री कार्रवाई 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को सीमित करने के मकसद से लाए गए वॉर पावर्स प्रस्ताव को वोट देकर खारिज कर दिया. ईरान की राजधानी में बुधवार को धमाके हुए. इजराइल ने ईरानी लीडरशिप और सिक्योरिटी फोर्स को निशाना बनाया. वहीं ईरान ने इजराइल और पूरे इलाके पर मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों से जवाब दिया. ईरान के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक तेहरान में धमाके सुबह-सुबह हुए. इजराइल की मिलिट्री ने कहा कि इजराइल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए उसके एयर डिफेंस को एक्टिवेट कर दिया गया था और यरुशलम के आसपास धमाकों की आवाज सुनी गई. होर्मुज स्ट्रेट से टैंकर मूवमेंट पर ईरान के कड़े कंट्रोल के साथ ब्रेंट क्रूड की कीमतें 82 यूएसडी प्रति बैरल से ज्यादा हो गई, जो लड़ाई शुरू होने के बाद से 13फीसदी से ज्यादा और जुलाई 2024 के बाद सबसे अधिक कीमत है. तेल की कीमतों में तेजी से दुनिया की इकॉनमी पर असर पड़ने और कॉर्पोरेट प्रॉफिट कम होने की चिंताओं के कारण ग्लोबल स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई. इसके साथ ही सऊदी अरब में अमेरिकी एम्बेसी और यूनाइटेड अरब अमीरात में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर मंगलवार को ड्रोन हमले हुए और अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसने नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों को राजधानी खाली करने की इजाजत दे दी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के हेड, अमेरिकी नेवी एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि ईरान ने अब तक 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और 2,000 ड्रोन लॉन्च किए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध खींचने के संकेत पहले ही दे दिया है. इस दौरान ईरान में करीब 1040 लोग मारे गए हैं. इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिनके बारे में ट्रंप ने कहा था कि वे देश के भविष्य के नेता हो सकते हैं. इजराइल ने बुधवार को कहा कि वह तेहरान में ईरानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर कई हमले कर रहा है.
स्पेन ने मिलिट्री सहयोग के अमेरिका के दावे को नकारा
ईरान में युद्ध को लेकर अमेरिका और स्पेन के बीच राजनयिक झगड़ा बुधवार को और बढ़ गया, जब दोनों सरकारों ने मिडिल ईस्ट में ऑपरेशन के लिए अमेरिकी सैनिकों द्वारा स्पेन के सैन्य अड्डे के संभावित इस्तेमाल पर उलटे-सीधे बयान दिए. व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता के यह कहने के कुछ ही देर बाद कि मैड्रिड में स्पेन की सरकार अमेरिका की मदद करने के लिए मान गई है, स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस सामने आए और इस बात से साफ इनकार कर दिया कि यूरोपियन सरकार ने अपना स्टैंड बदला है. अल्बेरेस ने स्पेनिश रेडियो स्टेशन कैडेना सेर से कहा, 'मैं (व्हाइट हाउस स्पोक्सपर्सन) को गलत साबित कर सकता हूं. मिडिल ईस्ट में युद्ध ईरान पर बमबारी और हमारे बेस के इस्तेमाल को लेकर स्पेनिश सरकार का स्टैंड जरा भी नहीं बदला है.' यह असहमति मंगलवार को तब शुरू हुई जब ट्रंप ने कहा कि वह स्पेन के साथ सारा ट्रेड बंद करने जा रहे हैं. एक दिन पहले अल्बेरेस ने कहा था कि उनकी सरकार अमेरिका को दक्षिणी स्पेन में जॉइंटली ऑपरेट किए जा रहे बेस का इस्तेमाल किसी भी ऐसे स्ट्राइक में करने की इजाजत नहीं देगी जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर में कवर नहीं होता है. स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि उनकी सरकार दुनिया के लिए बुरी किसी चीज में शामिल नहीं होगी.'(AP)
अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास, कोनार्क पोर्ट को किया तबाह, सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई
4 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। अमेरिका ने ईरानी नेवी के दो सबसे अहम बंदर अब्बास नेवल बेस और कोनार्क नेवल बेस पर भीषण हमले किए। अमेरिका और इजराइली हमले के बाद इन दोनों नेवल बेस को लेकर कई सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में बंदर अब्बास नेवल बेस पर तैनात मकरान सी बेस-टाइप जहाज में आग लगी हुई दिख रही है। ईरानी नौसेना का मुख्य हेडक्वार्टर होने के अलावा बंदर अब्बास ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करने के मकसद से बनाया गया नौसेना बेस है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान की नौसेना फोर्स को खत्म करना अमेरिकी अधिकारियों का मुख्य मकसद है। अमेरिका ने अभी तक 10 ईरानी जहाजों को खत्म करने की बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तस्वीरों में रात में ली गई बंदर अब्बास नेवस बेस की स्थिति का पता चलता है। इस बेस पर ईरानी नेवी का मुख्य हेडक्वार्टर और इसके कई सबसे काबिल जहाज और सबमरीन तैनात रहते हैं। तस्वीरों में नेवल बेस के ज्यादातर हस्से में घना काला धुआं देखा जा सकता है। एक जगह पर धुएं का गुबार उठ रहा है। फैसेलिटी के कई हिस्सों पर हमले का असर देखा जा सकता है। तस्वीरों के आकलन से पता चलता है कि फ्लोटिंग डॉक को गंभीर नुकसान पहुंचा है, पेट्रोल बोट डैमेज हो चुके हैं, बिल्डिंग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
सोमवार की इमेज और पहले की तस्वीरों की तुलना करने पर लगता है कि एक और शायद दो फ्रिगेट साइज के वॉरशिप पर भी हमला हुआ है। ये साफ तौर पर पोर्ट पर सबसे कीमती टारगेट में से एक है। पोर्ट में जो एक किलो क्लास पनडुब्बी और छोटी पनडुब्बी है, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा। कुछ और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरानी नौसना के कई और मुख्य युद्धपोत शायद तबाह हो गये या उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा हैं। बता दें बंदर अब्बास पोर्ट ईरान के होर्मोज़्गन प्रांत की राजधानी बंदर अब्बास में है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य बिल्कुल पास स्थित है।
तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिरे के पास कोनार्क में पोर्ट पर हमलों की रिपोर्ट है। दूसरी सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि उस जगह पर कई जंगी जहाज नष्ट हो गए और या डैमेज हुए हैं, जिसके बारे में पहले अंदाजा लगाया जा रहा था कि ये अलवंद क्लास का फ्रिगेट है। बाद में यूएस सेंट्रल कमांड ने बाद में उस जहाज की पहचान मौज क्लास के वॉरशिप के तौर पर की थी जिसे कभी-कभी जमरान क्लास भी कहा जाता है, जो अलवंद क्लास से लिया गया है। कोनार्क पोर्ट, ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है। यह प्रसिद्ध चाबहार बंदरगाह के ठीक बगल में स्थित है।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने जवाबी कार्रवाई में दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया है। इससे तेल की कीमतों में इजाफा शुरू हो गया है। पेंटागन ने अभी तक 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। 18 घायल हैं। इजराइल में अभी तक 12 लोगों की मौत की जानकारी दी गई है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सरकार चलाने के लिए अंतरिम शासी परिषद का गठन किया गया है। ईरान ने खाड़ी के कई देशों जैसे सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देशों पर भीषण हमले किए हैं। अमेरिका के बी-2 बॉम्बर्स ने ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु केन्द्रों और मिसाइल भंडारण सुविधाओं पर हमले किए हैं। ईरान के रेड क्रेसेंट ने ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 600 से ज्यादा पहुंचने की जानकारी दी है। इनमें बड़ी संख्या में सैनिक और आम नागरिक हैं। ट्रंप और अमेरिका के युद्ध मंत्री ने कहा है कि युद्ध 4-5 हफ्ते या उससे भी ज्यादा दिनों तक चल सकता है। ट्रंप ने ईरान में सैनिकों को उतारने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
रियाद में यूएस एम्बेसी हमले में हुई मौत का जल्द लेंगे बदला: ट्रंप
4 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि जमीन पर तैनात सैनिकों की शायद जरूरत नहीं पड़ेगी। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के रियाद में यूएस एम्बेसी पर हमले और सदस्यों की मौत का जल्द ही बदला लिया जाएगा। सोमवार तक एक्शन में छह अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। ट्रंप का यह बयान उनके पहले वाले दावे से अलग है। ईरान पर शनिवार को हमले करने के बाद ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा था कि हर राष्ट्रपति कहता है, जमीन पर कोई सैनिक नहीं होगा। मैं ऐसा नहीं कहता। मैं कहता हूं शायद उनकी जरूरत नहीं है।
ईरान, इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच युद्ध सोमवार को तेजी से बढ़ा, जिसमें तेहरान के सपोर्ट वाले मिलिशिया भी शामिल हो गए और पूरे मिडिल ईस्ट में हमलों का दायरा बढ़ गया। ईरान ने इजराइल और कई अरब देशों पर मिसाइलें दागीं, जबकि हिज्बुल्लाह ने लेबनान से रॉकेट और ड्रोन से इजराइल पर हमले किए। इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी सबअर्ब और दक्षिणी लेबनान में भारी हवाई हमले करके जवाब दिया। लेबनानी अधिकारियों ने कम से कम 31 मौतों की पुष्टि की। वहीं इजराइल ने लंबी लड़ाई की चेतावनी दी है।
यह बढ़ोतरी अमेरकी-इजराइली हमलों के बाद हुई है जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई मारे गए थे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि कैंपेन शुरू होने के बाद से सैकड़ों लोग मारे गए हैं, ईरानी रेड क्रिसेंट ने 131 शहरों में कम से कम 555 मौतों की खबर है। जंग के बीच तेहरान ने अपना रुख और कड़ा किया है। सीनियर अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि ट्रंप के संकेतों के बावजूद कि वॉशिंगटन बातचीत के लिए तैयार है, ईरान अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेगा।
यह लड़ाई अब ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर असर डाल रही है। ईरानी ड्रोन ने सऊदी अरब की रास तनुरा रिफाइनरी पर हमला किया, जिससे हर दिन पांच लाख बैरल से ज़्यादा प्रोसेस करने वाली एक फैसिलिटी में ऑपरेशन कुछ समय के लिए रुक गया। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हमलों और धमकियों ने तेल सप्लाई के रास्तों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ईरान में छात्राओं के स्कूल पर अमेरिका जानबूझकर टारगेट नहीं करेगा: रुबियो
4 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले की अमेरिकी रक्षा मंत्रालय जांच करेगा। उन्होंने कहा कि ये जांच की जाएगी कि क्या ये वाकई अमेरिकी हमला था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ने 28 फ़रवरी को दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत के मिनाब काउंटी में लड़कियों के एक प्राइमरी स्कूल पर हमले की जानकारी दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक मार्को रुबियो से एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ईरान के एक स्कूल पर हुए हमले के बारे में पूछा गया इस पर रुबियो ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट्स देखी हैं और रक्षा मंत्रालय इस बात की जांच करेगा कि क्या वह अमेरिका का हमला था। उन्होंने कहा कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को टारगेट नहीं करेगा। उन्होंने ईरान पर ही आरोप लगाया कि वो क्षेत्र में बेगुनाह लोगों को निशाना बना रहा है। जब उनसे पूछा कि यह जानबूझकर किया गया हमला था तो इस पर रुबियो ने जवाब दिया, अगर ऐसा हुआ है तो यह दुखद है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि इस हमले में मिनाब में लड़कियों के एक स्कूल को भी टारगेट किया गया। वहीं सामने आए वीडियो में एक क्षतिग्रस्त बिल्डिंग के चारों ओर परेशान लोगों की भीड़ दिखी। यह जगह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर बेस के पास है, जिसे पहले भी टारगेट किया जा चुका है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक़ स्कूल पर हुए हमले में कम से कम 153 लोग मारे गए, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने रविवार को कहा था कि वह इस घटना की रिपोर्ट्स की जांच कर रहा है।
वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने 28 फ़रवरी को एक्स पर एक क्षतिग्रस्त बिल्डिंग की तस्वीर शेयर की थी। अराग़ची ने लिखा था कि यह बिल्डिंग ईरान के दक्षिण में लड़कियों का एक प्राइमरी स्कूल है, जिस हमला किया गया है। उन्होंने लिखा था इस स्कूल पर दिनदहाड़े बमबारी की गई, जब यहां छोटे बच्चे पढ़ रहे थे। अकेले इसी जगह पर दर्जनों मासूम बच्चों की हत्या की गई है। ईरानी लोगों के ख़िलाफ़ इन अपराधों का जवाब दिया जाएगा।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दुबई मॉल में जनता के बीच पहुंचे यूएई के राष्ट्रपति जायद अल नाहयान
4 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और मिसाइल हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम सोमवार शाम दुबई मॉल में जनता के बीच दिखाई दिए। यह दौरा तब हुआ, जब पूरे क्षेत्र में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच मिसाइल हमले जारी थे। दोनों नेता मॉल में घूमते हुए खरीदारों से मिले, तस्वीरें खिंचवाईं और लोगों के साथ बातचीत की। उनके सार्वजनिक दौरे को शांति और साहस का संदेश माना जा रहा है। वीडियो में उन्हें अमीराती अधिकारियों के साथ कॉफी पीते और मॉल में आराम से समय बिताते दिखाया गया, जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने बेहद सराहा।
हालांकि यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम लगातार ईरान द्वारा लांच किए गए ड्रोन और मिसाइलों को रोक रहे थे, लेकिन संघर्ष ने इलाके में डर और तनाव बढ़ा दिया। पिछले वीकेंड अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद इलाके में जवाबी हमले हुए, जिससे दुबई के कई प्रतिष्ठित स्थान जैसे पाम जुमेराह का एक लग्ज़री होटल, बुर्ज अल अरब और जेबेल अली पोर्ट को नुकसान पहुँचा। लेकिन इस संकट के समय लोगों ने नेताओं की मौजूदगी की खूब तारीफ़ की। सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने लिखा कि यूएई ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और भरोसा बनाए रखने का अनोखा उदाहरण पेश किया। एक यूज़र ने कहा, “यह सच्ची लीडरशिप है,” जबकि दूसरे ने लिखा, “एक लीडर इसतरह की मिसाल देकर नेतृत्व करता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक दौरे संकट के समय में आम जनता को भरोसा और सुरक्षा की भावना देते हैं।यूएई की सरकार ने कदम से यह दिखाया कि वे न केवल सुरक्षा उपायों में सक्षम हैं, बल्कि अपने नागरिकों के साथ मानसिक और भावनात्मक रूप से भी खड़े हैं। इस घटना ने मिडिल ईस्ट में नेतृत्व की एक नई मिसाल पेश की, जिसमें साहस, सार्वजनिक जुड़ाव और जिम्मेदारी का संतुलन साफ देखा गया।
इजराइल-अमेरिका संयुक्त हमले का सबसे दर्दनाक मंजर आया सामने........ईरान में एक साथ 165 छात्राओं का जनाजा
4 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। इजराइल-अमेरिका के संयुक्त हमले में करीब 160 से ज्यादा छात्राओं की मौत हो गई थी, जिनकी आज मंगलवार को ईरान नमाजे जनाजा अदा की गई। लाइन से रखे गए ताबूतों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिन्हें देखकर तमाम लोगों की आंखें नम हो गईं और कुछ ने कहा, जंग का सबसे दर्दनाक मंजर यही है।
इजराइल और अमेरिका द्वारा अचानक किए गए हमले में ईरान के सु्प्रीम लीडर खामेनेई की भी मौत हो गई, जिसके बाद से इरान लगातार मुंहतोड़ जवाब देने में लगा हुआ है। पिछले चार दिनों से जारी जंग का सबसे स्याह पहलू अब सभी के सामने आ गया है। दरअसल ईरान के मिनाब स्थित एक स्कूल पर अमेरिका-इजराइल द्वारा किए गए संयुक्त हमले में 160 से ज्यादा स्कूली बच्चियों की मौत हो गई। मिनाब शहर में मंगलवार 03 मार्च को इन बच्चियों के लिए जनाजे की नमाज अदा की गई और आखिरी रसूमात पूरी की गईं। ईरान में एक साथ लाइन में रखे गए इन बच्चियों के ताबूतों को देख जहां पूरा देश मातम में डूब गया। बच्चियों की अंतिम विदाई के लिए हजारों लोग एकत्र हुए। शहर के मुख्य मैदान और आस-पास की मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
यहां बताते चलें कि ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के मिनाब में 28 फरवरी को स्कूल पर हवाई हमला किया गया था। इस हमले में स्कूल में पढ़ रहीं करीब 165 बच्चियों की मौत हो गई थी। इन छात्राओं का जनाजा एक साथ निकला और उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। स्कूल परिसर को निशाना बनाकर किए गए हमले में इमारत का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। हमले के बाद बचाव दल के लोग घंटों मलबा हटाने में जुटे रहे। राहत और बचाव कार्य पूर्ण होने के बाद मृत बच्चियों की संख्या 165 बताई गई थी। अफसोसनाक और दिल दहला देने वाली बात यह रही कि इस हमलें में मरने वाली बच्चियों में अधिकांश प्राथमिक कक्षा की छात्राएं थीं।
बाजार बंद कर काली पट्टियां बांध विरोध जताया
बच्चियों के अंतिम संस्कार के दिन मिनाब शहर में बाजार पूरी तरह बंद रहे। शोक जताने के साथ ही नागरिकों ने काली पट्टियां बांधकर अपना विरोध भी दर्ज कराया। इस दौरान अनेक मस्जिदों में विशेष दुआओं का एहतराम किया गया, जबकि अनेक जगहों पर शांति मार्च भी निकाले गए।
स्कूल बंद सुरक्षा व्यवस्थ की कड़ी
सरकारी सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया, कि हमले की जद में आए स्कूल परिसर को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। इजराइल और अमेरिका के इस संयुक्त हमले ने न सिर्फ ईरान बल्कि दुनियां के शांतिप्रिय अनेक देशों को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस की दबिश सफल, रोहतक के कन्हेली गांव के पास मुठभेड़ के बाद दो गिरफ्तार
3 Mar, 2026 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक|प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान की हत्या में वांछित दिल्ली के झाड़ौदा गांव निवासी प्रदीप डागर (37) और उसके साथी रोहतक के मदीना गांव निवासी सोमबीर मदीना (37) को सोमवार देर रात करीब 11 बजे सीआईए-2 ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का आरोपियों से पहरावर गांव रोड पर कन्हेली के नजदीक आमना-सामना हुआ। मुठभेड़ में डागर के दोनों पांव और सोमबीर के दाएं पैर में गोली लगी है। दोनों को पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है।20 फरवरी को रंजिश के चलते खेड़ी साध के प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान की खरावड़ बाईपास के नजदीक गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सत्यवान का शव चार दिन बाद कन्हेली हेड पर नहर में मिला था। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल भिवानी के भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ माफिया व भाली के मनीष सहित चार आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी प्रदीप डागर पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था।
पुलिस ने गुप्त सूचना पर की कार्रवाई
सीआईए द्वितीय (अपराध जांच शाखा) को सूचना मिली की सोमवार की रात प्रदीप डागर और उसका साथी सोमबीर मदीना बाइक पर कन्हेली की तरफ देखे गए हैं। इस पर टीम ने दोनों की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी फायरिंग में दोनों घायल हो गए। सूचना पर एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से सबूत जुटाए।
10 गोलियां चलीं, बुलेट प्रूफ जैकेट से बची दो एएसआई की जान
मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से करीब 10 गोलियां चलीं। आरोपी प्रदीप डागर और सोमबीर ने पांच गोलियां चलाईं। एक गोली एएसआई संत कुमार और एक एएसआई दिनेश को लगी। हालांकि, बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण दोनों की जान बच गई।
2018 से चल रही थी दोनों पक्षों में रंजिश
खेड़ी साध निवासी धर्मेंद्र की 2018 में हत्या कर दी गई थी। इस केस में प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान को उम्रकैद की सजा हुई थी। सत्यवान छह माह पहले ही हाईकोर्ट से जमानत पर छूटकर आया था। प्रदीप डागर और उसके साथियों ने धर्मेंद्र की हत्या की रंजिश में 21 फरवरी को सत्यवान की गोली मारकर हत्या की थी।
दिल्ली में तीन हत्याएं दर्ज हैं प्रदीप पर
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी प्रदीप डागर के खिलाफ दिल्ली में तीन हत्या, एक आर्म्स एक्ट व एक मारपीट का मामला दर्ज है। सीआईए पुलिस ने दिल्ली पुलिस से आरोपी का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। पुलिस दूसरे आरोपी सोमबीर मदीना का रिकॉर्ड खंगाल रही है।पुलिस ने मुठभेड़ के बाद प्रदीप डागर और सोमबीर मदीना को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रदीप प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान हत्याकांड में वांछित था।
दावा: तालिबान ने रालवपिंडी में नूर खान मिलिट्री बेस समेत कई ठिकानों पर किए धमाके
3 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई तनाव अब एक गंभीर सैन्य टकराव में बदल गया है। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर सफल हवाई हमले किए हैं। तालिबान के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगान क्षेत्र में किए गए हालिया हवाई हमलों का करारा जवाब है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर गहराई तक जाकर रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस, क्वेटा में मौजूद 12वीं कोर के मुख्यालय, खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी इलाके और घलानी सैन्य अड्डों को अपना निशाना बनाया। तालिबान का दावा है कि इन ठिकानों पर सटीक और समन्वित हमले किए गए हैं, जिससे पाकिस्तानी सैन्य बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचा है। यह जवाबी कार्रवाई उन हमलों के बाद हुई है, जिसमें पाकिस्तानी जेट विमानों ने बीती रात काबुल और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बगराम एयरबेस सहित अफगानिस्तान के कई इलाकों में बमबारी की थी। काबुल में स्थानीय नागरिकों ने जोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं, जिसके बाद तालिबान बलों ने एंटी-एयरक्राफ्ट और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के जरिए जवाबी फायरिंग की। तालिबान सरकार का कहना है कि रविवार सुबह पाकिस्तानी जेट विमानों ने दोबारा अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और बगराम एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे विफल कर दिया गया। गौरतलब है कि बगराम वही पूर्व अमेरिकी सैन्य अड्डा है, जो रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव अब लगातार चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। तालिबान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान की ओर से उनके हवाई क्षेत्र का दोबारा उल्लंघन किया गया या किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई की गई, तो उसका और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा। फिलहाल, तालिबान के इन दावों पर पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक सैन्य प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है, क्योंकि दो पड़ोसी देशों के बीच इस तरह का सीधा हवाई संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
आतंकवाद की मदरशिप डूब रही है, कैप्टन मर चुका है, बहुत बढ़िया, प्रेसिडेंट ट्रंप
3 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को रिपब्लिकन के वरिष्ठ लॉमेकर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” शुरू करने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने इसे ईरान के न्यूक्लियर इरादों को रोकने और अमेरिका के खिलाफ दशकों से चले आ रहे हमले का सामना करने के लिए एक जरूरी कदम बताया है। वहीं सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने कहा कि ईरान के मिसाइल बढ़ाने और हथियारबंद समूहों का समर्थन करने से एक ऐसा खतरा पैदा हुआ है जिसे माना नहीं जा सकता।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक थ्यून ने कहा कि सालों से, ईरान के लगातार न्यूक्लियर इरादे उसकी बढ़ी हुई बैलिस्टिक मिसाइल इन्वेंट्री और इलाके में आतंकी समूहों को उसका समर्थन, अमेरिकी सर्विस सदस्यों, इलाके के नागरिकों और हमारे कई साथियों के लिए एक साफ और माना नहीं जा सकने वाला खतरा रहा है। सीनेट मेजॉरिटी व्हिप जॉन बैरासो ने इस ऑपरेशन को रोकथाम बहाल करने के तौर पर बताया। व्हाइट हाउस ने रविवार को सांसदों और बयानों की एक पूरी लिस्ट जारी की गई। बैरासो ने कहा कि वह ईरान में बुरे आतंकी राज को खत्म करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के अहम कदम की तारीफ करता हूं। यह शक्ति के माध्यम से शांति है।
इस दौरान सीनेट रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस के चेयर टॉम कॉटन ने कहा कि एक न्यूक्लियर-वेपन प्रोग्राम। हजारों मिसाइलें। आतंक को सरकारी स्पॉन्सरशिप। ईरान ने 47 सालों से अमेरिका के खिलाफ जंग छेड़ी हुई है। होस्टेज क्राइसिस, बेरूत मरीन बैरक, खोबर टावर्स, इराक और अफगानिस्तान में सड़क किनारे बम, जिनसे हजारों अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए, राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश। सेन रोजर विकर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन के गोल्स साफ तौर पर बताए हैं। अयातुल्लाह की न्यूक्लियर वेपन बनाने की इच्छा को हमेशा के लिए नाकाम करना, उनकी बैलिस्टिक मिसाइल फोर्स और उनकी प्रोडक्शन क्षमता को कम करना और उनकी नौसेना और आतंक की क्षमता को खत्म करना।
हाउस मेजॉरिटी लीडर स्टीव स्कैलिस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ डिप्लोमेसी के जरिए पक्की शांति बनाने के लिए बहुत मेहनत की है। इसके बजाय, ईरान अपने खतरनाक इरादों को पूरा करता रहा। सेनेटर लिंडसे ग्राहम ने खुलकर तारीफ की और कहा कि आतंकवाद की मदरशिप डूब रही है। कैप्टन मर चुका है। बहुत बढ़िया, प्रेसिडेंट ट्रंप। बता दें अमेरिकी संविधान के तहत, राष्ट्रपति कमांडर-इन-चीफ के तौर पर काम करते हैं, हालांकि बड़े सैन्य ऑपरेशन में ट्रेडिशनली कांग्रेस में ओवरसाइट डिबेट होती है। सांसदों ने संकेत दिया कि ऑपरेशन के आगे बढ़ने पर और ब्रीफिंग की उम्मीद है।
बता दें 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का केंद्र बना हुआ है, जिसमें बैन, प्रॉक्सी कॉन्फ्लिक्ट और यूरेनियम एनरिचमेंट पर विवादों जैसे तनाव शामिल हैं। न्यूक्लियर हथियार बनाने से ईरान को रोकना अमेरिका में दशकों से दोनों ही पार्टियों का मकसद रहा है, भले ही दोनों सरकारों की डिप्लोमेसी, बैन और ताकत के इस्तेमाल के बीच संतुलन पर अलग-अलग राय रही हो।
हिजबुल्लाह के जोरदार हमले को देखते हुए इजराइल ने किया आयरन बीम का इस्तेमाल
3 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। अमेरिका-इजराइल ने मिलकर ईरान पर एक के बाद एक कई हमले किए हैं। ईरान भी अमेरिका के साथी देशों पर मिसाइलें लगातार दाग रहा है। इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से हिजबुल्लाह भी भड़क गया है। हिजबुल्लाह ने रविवार देर रात इजराइल पर बड़ा हमला किया, लेकिन इजराइली सेना के डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली सेना ने सीमा पार से आने वाली कुछ मिसाइलों को आयरन बीम से रोक दिया। हिजबुल्लाह ने इजराइल पर किए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हिजबुल्लाह का कहना है कि उसने इजराइल पर ये हमला ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए किया है, लेकिन इजराइली सेना ने दावा है कि इस हमले में उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इजराइल वॉर रूम के जारी एक वीडियो में आयरन बीम की शक्ति का प्रदर्शन किया गया, जिसे तेल अवीव का युद्ध के नए दौर का डिफेंस सिस्टम बताया गया है।
इजराइली सेना ने फुटेज में दिखाया कि हिजबुल्लाह की मिसाइलों को आसमान में ही रोक दिया गया। सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि आयरन बीम का इस्तेमाल पहली बार किया गया है। इजराइल के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक आयरन बीम को आयरन डोम के साथ ही डेवलप किया गया है। आयरन बीम मिसाइलों, ड्रोन, रॉकेट और मोर्टार समेत कई तरह के हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इजराइली अधिकारियों का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी युद्ध के एक नए दौर की शुरुआत कर सकती है, क्योंकि देश को ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह से बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इजराइल आयरन बीम पर एक दशक से ज्यादा समय से काम कर रहा है। इस डिफेंस सिस्टम को पहली बार 2014 में दिखाया गया था और डेवलपमेंट और फाइनल टेस्टिंग पूरी होने के बाद सितंबर 2025 में इसे ऑपरेशनल घोषित किया गया था। पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों के उलट, आयरन बीम लेजर-बेस्ड सिस्टम है, जो लगातार एनर्जी सोर्स पर निर्भर करता है। इसमें जब तक पावर मौजूद है, सिस्टम में एम्युनिशन खत्म होने का खतरा नहीं रहता है। इजराइली अधिकारियों ने इस टेक्नोलॉजी को प्रोजेक्टाइल हमलों से बचाव में गेम-चेंजर बताया है।
भटगांव में बड़ा कार्यक्रम, नायब सिंह सैनी देंगे 602 गोशालाओं को सहायता राशि
3 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत|मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज राज्य की 602 गोशालाओं को सहायता राशि वितरित करेंगे। इसे लेकर राज्यस्तरीय कार्यक्रम गांव भटगांव स्थित धर्मार्थ गोशाला में होगा। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।इससे पहले कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली व उपायुक्त सुशील सारवान आयोजन स्थल का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने मंच व्यवस्था, लोगों के बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, शौचालय तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यह इस क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत ही खुशी की बात है कि होली के पर्व पर प्रदेश के मुख्यमंत्री उनके बीच आ रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
डीसीपी कुशल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। प्रवेश और निकास मार्गों को अलग-अलग निर्धारित किया गया है। आमजन से अपील की है कि वो कार्यक्रम के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।
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