ख़बर
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रूपये की स्वीकृति
17 Mar, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रूपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है।
निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।
मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रूपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।
रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रूपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। "मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम" को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा।
पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरी
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय,गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है।
वोटिंग सुरक्षा और ईवीएम की निष्पक्षता पर सीएम का बयान
17 Mar, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। विधानसभा की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायकों ने वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाते हुए जबरदस्त हंगामा किया।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के बीच हल्की नोक झोंक हुई।
हुड्डा सदन में खड़े होकर पूछने लगे कि जो राज्यसभा चुनाव में प्रकरण हुआ वह लोकतंत्र की एक तरीके से हत्या हुई है और लोकतंत्र के लिए यह ठीक नहीं है। इस बात पर विधानसभा अध्यक्ष हरविंद कल्याण ने उन्हें रोकते हुए कहा कि यह मुद्दा सदन का नहीं है चुनाव की बातें या चुनाव को लेकर झगड़ा है तो बाहर खूब चर्चा करो लेकिन यह सदन का मामला नहीं है। इस पर हुड्डा नाराज हो गए और कहा कि क्या जब भी मैं आपसे बात करता हूं तो आप इधर-उधर देखने लगते हैं, यह आपकी गंभीरता बताती है और आपकी सरकार के मंत्री जब हमारे सदस्य सवाल उठा रहे थे तो उंगलियां उठा-उठाकर डांस कर रहे थे। हुड्डा की इस बात से मंत्री कृष्ण बेदी नाराज हो गए और उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। वीडियो निकलवा कर देख लें, अगर मैं डांस कर रहा हूं तो मैं सदन से माफी मांगने के लिए तैयार हूं और अगर ऐसा नहीं है तो क्या हुड्डा माफी मांगेंगे। इस बीच कांग्रेसी विधायक स्पीकर की कुर्सी के सामने आ गए और हंगामा करने लगे।
विधायकों ने हाथ में शर्म करो शर्म करो के स्टीकर लगे कागज लेकर नारेबाजी की।
जिसके बाद स्पीकर ने करीब 15 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया। इससे पहले बेरी के विधायक और कांग्रेस नेता डॉ. रघुवीर सिंह कादयान ने क्रॉस वोटिंग के मामले पर कहा कि जब सदन में भाजपा और कांग्रेस के 40-40 फीसदी सदस्य थे तो तीसरे प्रत्याशी को उतारने की जरूरत क्या पड़ी। हुड्डा समर्थन में खड़े हो गए और कांग्रेसी विधायक भी शोर करने लगे।
देवीलाल के चश्मे से देखो काली भेड़
इनेलो के विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि मैं सदन में चौधरी देवीलाल का चश्मा लेकर आया हूं। हुड्डा साहब इस चश्मे को पहन कर देखें कि वह काली भीड़ कौन थी। उन्होंने कहा कि कल रात जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हुआ और लोकतंत्र की हत्या हुई है। लंच के बाद सदन में नारेबाजी करने पर कांग्रेस के 8 विधायकों को नेम किया गया है। इनमें बलराम दांगी, शकुंतला खटक, जस्सी पेड़वाढ, बलवान सिंह दौलतपुरिया, विकास सहारन, इंदुराज नरवाल, देवेंद्र हंस और मनदीप चड्ढा शामिल हैं। सभी कांग्रेस विधायक बायकॉट करके सदन के बाहर चले गए हैं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि कांग्रेस के 9 विधायकों का अपनी लीडरशिप से विश्वास उठ गया है, ये अपने गिरेबान में झांकने के बजाय कभी भाजपा तो कभी आरओ पर सवाल उठा रहे हैं। इनके 9 विधायकों ने कहा कि वो नेता प्रतिपक्ष, प्रभारी को अपना नेता नहीं मानते हैं, वो राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानते हैं। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि इनके विधायकों के खरीद फरोख्त की बात की है, बताए हमने किसकी खरीद फरोख्त कर लिया है।
सीएम ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बताैर वित्तमंत्री सीएम नायब सैनी ने बजट पर जवाब दिया। सैनी ने पहले कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कुफरी में कांग्रेस के पसीने छूट गए। वरिष्ठ नेताओं को मालूम ही नहीं, ना वोट चोरी होती है ना ईवीएम में मोरी होती है। लोकतंत्र में यही तो खूबी होती है, जगा देता है अंतरात्मा। सीएम ने कहा कि कभी कहते हैं कि हम नशे में चूर है कभी कहते हैं कि हम डांस करते है। खुद मुद्दों की बात से कोसों दूर होते है और झूठ और इल्जाम लगाते हैं। लोकसभा में राहुल गांधी भाग रहे और यहां हुड्डा भाग रहे हैं- सिर्फ भागमभाग हो रही है। सीएम ने कहा कि हमने आजाद उम्मीदवार को समर्थन दिया। उन्हें कहा कि हम आपके साथ है और निर्दलीय उम्मीदवार को वोट दिया। अपना घर ठीक नहीं, दूसरों पर उंगली उठाते हैं। अपना घर शीशे का है और दूसरों पर पत्थर उछालते रहते है। ये भागते रहते हैं और 2029 में भी भाग निकलेंगे। हालांकि सदन में कोई कांग्रेसी फिलहाल माैजूद नहीं है। सैनी ने कहा कि विधायक रघुवीर कादयान, शैली चौधरी ने एसवाईएल का मुद्दा उठाया और कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार बजट में एसवाईएल की बात नहीं की गई। मैं कहना चाहता हूं कि बजट में एसवाईएल नहर के निर्माण में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। उन्होंने बजट को ठीक से सुना नहीं था। मैंने इनके समय में भी बजट देखा था। कांग्रेस की सरकार के सभी बजट के भाषणों को खंगाला तो सिर्फ एक बार एसवाईएल पर बजट की बात की गई थी। कांग्रेस ने एसवाईएल निर्माण के लिए 10 लाख रुपये का बजट रखा था, जो 2025-06 में किया गया था। इसके बाद एक रुपये का प्रावधान नहीं किया गया था। सीएम ने बताया कि बजट में 15 बार नौकरी और रोजगार शब्द का प्रयोग किया गया है, जबकि कांग्रेस के विधायक बीबी बतरा ने कहा कि बजट में रोजगार शब्द का इस्तेमाल तक नहीं है। सीएम ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस के आशीर्वाद से सरकार है, वहां पर बेरोजगारी दर 7 फीसदी है। हिमाचल में भी यह 7 फीसदी है लेकिन हरियाणा में दर 4 फीसदी है।
हरियाणा कांग्रेस में इस्तीफे का सियासी भूचाल
17 Mar, 2026 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रामकिशन विधायक शैली चौधरी के पति हैं। सोशल मीडिया पर शैली चौधरी के क्रास मतदान करने की चर्चा है। हालांकि अभी कांग्रेस की ओर क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि हाई कमान को उनके नाम बता दिए गए हैं। 2 से 3 दिन में सभी नाम सार्वजनिक हो जाएंगे।
कुलदीप वत्स बोले-मेरी आत्मा दुखी है
राम किशन गुर्जर ने कहा कि शैली चौधरी ने क्रॉस वोट नहीं किया बल्कि उनको बदनाम करने की नीयत से उनका नाम उछाला जा रहा है इस लिए विरोध स्वरूप मैं पार्टी पद से इस्तीफा देता हूं। वहीं बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि मेरा दिल, दिमाग और आत्मा दुखी है। कांग्रेस में भ्रष्ट लोगों की कदर है। कांग्रेस में रहने पर वत्स ने कहा कि वक्त बताएगा।
गलत तरीके से वोट इनवेलिड करवाए गए
हरियाणा के नेता विपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि संख्या के अनुसार राज्यसभा चुनाव में दो सीटों के लिए 1-1 सीट बीजेपी और कांग्रेस को मिलनी तय थी लेकिन बीजेपी ने अपने एक पदाधिकारी को निर्दलीय मैदान में उतार दिया। हमने जब सदन में मुद्दा उठाया तो बीजेपी ने हंगामा कर दिया। कुलदीप वत्स का नाम सोशल मीडिया पर चल रहा है कि उन्होंने क्रॉस वोट किया लेकिन मैंने खुद कुलदीप वत्स का वोट देखा था। कुलदीप वत्स ने कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया था। हुड्डा ने कहा कि गलत तरीके से हमारे विधायकों के वोट इनवेलिड किए गए। ये प्रजातंत्र की हत्या है। हमें पता है कि किसने क्रॉस वोट किया है। हाई कमान को उनके बारे में सूचित कर दिया गया है, उनके खिलाफ उचित एक्शन लिया जाएगा। क्रॉस वोट करने वालों ने पार्टी के साथ नहीं जनता के साथ धोखा किया है। उनको जनता सबक सिखाएगी हुड्डा ने क्रॉस वोटिंग करने पांचों विधायकों का नाम जाहिर नहीं किया। हुड्डा ने कहा कि शिष्टाचार के चलते मैं नाम नहीं लेना चाहता लेकिन जब एक्शन होगा तब सबको पता लग जाएगा।
इजराइल का बड़ा आरोप, ईरान के टॉप अधिकारी पर हमला
17 Mar, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजराइली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में रात के समय हुए एक बड़े एयरस्ट्राइक में देश के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी को निशाना बनाया गया। लारीजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के महत्वपूर्ण पद पर हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इस हमले में लारीजानी की मौत हुई है या वे घायल हुए हैं। इज़राइल की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह एक बड़ा और अहम सैन्य ऑपरेशन था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले के अलावा इज़राइल ने ईरान में एक और एयरस्ट्राइक किया, जिसमें फ़िलिस्तीनी संगठन फ़िलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के नेता अकरम अल-अजौरी और उसके अन्य वरिष्ठ सदस्यों को निशाना बनाया गया।
इयाल जमीर ने इस ऑपरेशन को “बड़ी सफलता” बताया
इज़राइल की सेना इजराइल रक्षा बल के प्रमुख इयाल जमीर ने इस ऑपरेशन को “बड़ी सफलता” बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले से इज़राइल के मिशन को मजबूती मिलती है। उनके अनुसार, तेहरान में एक सुरक्षित ठिकाने (सेफ हाउस) में छिपे कई आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोग इस हमले का निशाना बने। इजराइल ने बताया कि उसने ईरान के कई इलाकों में सैन्य ठिकानों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया। राजधानी Tehran में कमांड सेंटर, ड्रोन (UAV), बैलिस्टिक मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े ठिकानों पर हमले किए गए। इसके अलावा शिराज (Shiraz) में इंटरनल सिक्योरिटी फोर्स के कमांड सेंटर और मिसाइल साइट पर हमला हुआ, जबकि Tabriz और अन्य उत्तर-पश्चिमी इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट करने का दावा किया गया। इजराइल का कहना है कि इन हमलों से उसकी सुरक्षा और हवाई ताकत मजबूत हुई है।
मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील
इन घटनाओं से पहले, अली लारीजानी ने एक बयान जारी कर कहा था कि ईरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अपनी लड़ाई में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि ईरान चुप नहीं बैठ सकता, खासकर जब उसके आसपास अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। लारीजानी ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील भी की और कहा कि यह संघर्ष एक तरफ अमेरिका और इजराइल के बीच है, जबकि दूसरी तरफ ईरान और उसका समर्थन करने वाली ताकतें हैं। यह पूरा घटनाक्रम मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को दिखाता है, और आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
भाजपा की रणनीति भी इस बार नाकाम साबित हुई
17 Mar, 2026 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में नतीजे भले ही साफ दिखे, लेकिन अंदर की कहानी बेहद रोमांचक रही। चुनाव के दौरान खेल कुछ ऐसा रचा गया कि आखिरी पलों तक सस्पेंस बना रहा। अंत में कांग्रेस के करमवीर बौद्ध और बीजेपी के संजय भाटिया जीत गए, मगर भाजपा दूसरी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को जीत के मुहाने पर लाकर चूक गई।
कांग्रेस को क्यों लगा झटका
राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को भी काफी बड़ा झटका लगा है। चुनाव से पहले एकजुटता का दावा करने वाली कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि चार वोट अमान्य पाए गए। कांग्रेस ने फिलहाल क्रॉस वोटिंग करने वाले नामों का खुलासा नहीं किया है। इतना जरूर कहा है कि उन्हें पता है कि किन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। जीत के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, बीजेपी ने वोट चोरी के हर हथकंडे अपनाए, लेकिन हमारे विधायक उनके झांसे में नहीं आए। यह वोट चोरी की हार है। हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि रिटर्निंग अधिकारी ने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया।
अब भाजपा के चार और कांग्रेस के पास एक सांसद
इस चुनाव के बाद हरियाणा से राज्यसभा की पांच सीटों में से अब चार पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस है। भाजपा के तीन सांसद संजय भाटिया, रेखा शर्मा और सुभाष बराला है, जबकि कार्तिकेय शर्मा समर्थित हैं। वहीं, अब कांग्रेस के भी हरियाणा से एक सांसद कर्मवीर बौद्ध हो गए है।
भजपा कैसे चूकी दूसरी सीट पर
1 इनेलो से तालमेल नहीं बना पाई
भाजपा इनेलो के विधायकों को अपने पक्ष में लाने में असफल रही। अगर ये 2 वोट मिल जाते तो नतीजा अलग होता।
2. अपना एक वोट बचा नहीं सकी
भाजपा का एक वोट रद्द होना सीधे तौर पर नुकसानदायक साबित हुआ। इतने करीबी मुकाबले में एक वोट भी भारी पड़ता है।
3. निर्दलीय उम्मीदवार के लिए पर्याप्त मैनेजमेंट नहीं
सतीश नांदल को जिताने के लिए जरूरी अतिरिक्त वोटों की व्यवस्था नहीं हो सकी।
4. कांग्रेस के वोट तोड़े, लेकिन पूरी तरह नहीं
हालांकि कांग्रेस के कुछ वोट टूटे, लेकिन बीजेपी उन्हें निर्णायक बढ़त में नहीं बदल पाई।
5. कानूनी रणनीति सफल नहीं हुई
भरत सिंह बेनीवाल का वोट रद्द कराने की कोशिश की गई, लेकिन यह दांव नहीं चला। अगर यह वोट रद्द हो जाता तो परिणाम बदल सकता था।
ऐसी जीती भाजपा-कांग्रेस
हरियाणा में कुल विधायक: 90
इनेलो के वोट (जो नहीं डाले गए) : 2
कुल वोट डाले गए : 88
सही (वैध) वोट: 83
गलत (रद्द) वोट: 5
4 कांग्रेस के, एक भाजपा का (मतलब 5 वोट खराब हो गए, जिनका कोई फायदा नहीं मिला।)
जीत के लिए कितना चाहिए था?
राज्यसभा चुनाव में हर वोट की कीमत 100 मानी जाती है।
83 वोट × 100 = 8300
अब इसे 3 से बांटते हैं (क्योंकि 2 सीटें हैं, तो +1 करके 3)
8300 ÷ 3 + 1 = 2767
यानी जीतने के लिए किसी को 2767 “वोट वैल्यू” चाहिए थी।
पहला उम्मीदवार: संजय भाटिया (बीजेपी)
उन्हें 39 वोट मिले
39 × 100 = 3900
ये 2767 से काफी ज्यादा है, इसलिए वो आराम से जीत गए।
उनके पास 1133 वोट ज्यादा बच गए (इसे सरप्लस कहते हैं)
अब असली मुकाबला (दूसरी सीट का खेल)
कांग्रेस उम्मीदवार: करमवीर बौद्ध
वोट मिले: 28
28 × 100 = 2800
बीजेपी समर्थित निर्दलीय: सतीश नांदल
पहले वोट: 16
16 × 100 = 1600
फिर भाटिया के बचे हुए (सरप्लस) वोट मिले: 1133
कुल: 1600 + 1133 = 2733
आखिर में कौन जीता
करमवीर बौद्ध: 2800
सतीश नांदल: 2733
खाड़ी के देशों को जंग से जुड़ी तकनीक सिखाएंगे जेलेंस्की, बदले में लेंगे पैसा और तकनीक
17 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव। ईरान और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों और लगातार होते मिसाइल-ड्रोन हमलों के बीच एक नया कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। यूक्रेन ने अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगी देशों को सुरक्षा संबंधी मदद देने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सहायता बिना शर्त नहीं होगी। यूक्रेन ने अपनी ड्रोन विशेषज्ञता साझा करने के बदले रूस से चल रहे युद्ध के लिए भारी वित्तीय सहायता और आधुनिक सैन्य तकनीक की मांग रखी है।
रूस के साथ पिछले चार वर्षों से जारी भीषण युद्ध के दौरान यूक्रेन ने ईरान द्वारा डिजाइन किए गए कामिकाजे और शाहेद ड्रोन से निपटने का व्यापक अनुभव प्राप्त किया है। दरअसल, शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल रूस ने यूक्रेनी शहरों और बुनियादी ढांचे को तबाह करने के लिए बड़े पैमाने पर किया है। अब यूक्रेन इसी अनुभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में पेश कर रहा है। जेलेंस्की का तर्क है कि जो देश समान ड्रोन खतरों का सामना कर रहे हैं, यूक्रेन उन्हें प्रभावी ड्रोन-रोधी सुरक्षा प्रणाली विकसित करने में मदद कर सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में अपने विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि प्रत्येक टीम में दर्जनों विशेषज्ञ शामिल हैं, जो स्थानीय स्थिति का आकलन कर यह बताएंगे कि ड्रोन हमलों को कैसे विफल किया जाए। कीव लंबे समय से पश्चिमी देशों से वायु-रक्षा मिसाइलों और आधुनिक हथियारों की मांग कर रहा है, और अब वह खाड़ी देशों के संकट को अपनी जरूरतों को पूरा करने के अवसर के रूप में देख रहा है। हालांकि, अमेरिका के भीतर से इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा कि उनके देश को ड्रोन रक्षा के लिए यूक्रेन की मदद की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद यूक्रेन अपनी विशेषज्ञता को सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने यूक्रेन के इस कदम पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने इसे एक मजाक और दिखावटी कदम करार दिया है। कीव में ईरान के दूत शाह्रियार अमूजेगर ने कहा कि यूक्रेन अब प्रभावी रूप से ईरान के साथ सीधे टकराव के चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन पश्चिमी देशों से अधिक पैसा और संसाधन बटोरने के लिए ईरान कार्ड खेल रहा है। वहीं, ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने चेतावनी दी है कि इस कदम से यूक्रेन ने खुद को ईरान के निशाने पर ला खड़ा किया है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ईरान के इन दावों को बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया है और इसे हमलावर द्वारा अपने अपराधों को सही ठहराने की कोशिश करार दिया है।
दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास हमला, ईंधन टैंक में विस्फोट के बाद उड़ानें निलंबित
17 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई। मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और भी घातक रूप अख्तियार करता जा रहा है। सोमवार तड़के दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एक भीषण ड्रोन हमला हुआ, जिसने हवाई अड्डे के समीप स्थित एक प्रमुख ईंधन टैंक को अपना निशाना बनाया। ड्रोन के टकराते ही टैंक में एक जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग की ऊंची लपटें और धुएं का काला गुबार आसमान में छा गया। सुरक्षा कारणों से विश्व के सबसे व्यस्ततम हवाई अड्डों में शुमार दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
दुबई मीडिया ऑफिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, हमले के तुरंत बाद दुबई सिविल डिफेंस और अग्निशमन दलों को मौके पर तैनात किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एयरपोर्ट के निकटवर्ती इलाके में मची अफरा-तफरी और आग की भयावहता को साफ देखा जा सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने और आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं। यह हमला ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को दी गई उस चेतावनी के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिसमें तेहरान ने यूएई के तीन प्रमुख बंदरगाहों को खाली करने के लिए कहा था। ईरान का आरोप है कि अमेरिका उसके प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप पर हमला करने के लिए यूएई के बंदरगाहों और सैन्य अड्डों का इस्तेमाल कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इस महीने दुबई एयरपोर्ट को कई बार निशाना बनाया जा चुका है। इससे पहले 1 मार्च को हुए हमले में बुर्ज अल अरब होटल को नुकसान पहुंचा था, जबकि 7 मार्च को हुए ड्रोन हमले के बाद यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए ट्रेन टनल का सहारा लेना पड़ा था। ताजा हमला इस बात का संकेत है कि अब क्षेत्रीय संपत्तियां सीधे तौर पर इस युद्ध की आग की चपेट में आ रही हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मामला: टैरिफ के बहाने कई देशों को धमकाने वाले ट्रंप लगा रहे मदद की गुहार
17 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शायद ही कोई ऐसा देश हो जिस पर टैरिफ लगाने के बहाने उसे धमकाने की कोशिश न की हो। अब यही ट्रंप इन्ही देशों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वे एक ऐसा सहयोग चाहते हैं जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए साथ में आए। ताजा घटनाक्रमों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय समूह का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं, जिसमें शामिल देश इस संकरे समुद्री मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अपने युद्धपोत तैनात करेंगे। हालांकि, इस योजना को लेकर अब तक किसी भी देश ने आधिकारिक तौर पर अपनी सहमति नहीं जताई है।
विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया ने इस अभियान में अपने युद्धपोत भेजने की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन के उच्च अधिकारियों के हवाले से यह संकेत मिल रहे हैं कि व्हाइट हाउस इस सप्ताह के अंत तक इस गठबंधन की घोषणा कर सकता है, लेकिन यह मिशन वास्तविक रूप में कब धरातल पर उतरेगा, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वर्तमान में ईरान ने कथित तौर पर सी-माइन्स और छोटे जहाजों का उपयोग कर इस समुद्री रास्ते को बाधित कर रखा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार पर दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अमेरिका को व्यक्तिगत रूप से इस मार्ग की उतनी आवश्यकता नहीं है, जितनी उन देशों को है जो अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस पर निर्भर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका वर्षों से इस क्षेत्र की रक्षा करता आया है और अब समय आ गया है कि दूसरे देश भी अपनी जिम्मेदारी समझें।
ट्रंप ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के पिछले रवैये पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जब सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता थी, तब सहयोगी देश हिचकिचा रहे थे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें समर्थन युद्ध जीतने के बाद नहीं, बल्कि चुनौतियों के शुरू होने से पहले चाहिए था। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से आग्रह किया है कि वे अपनी तेल आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए अपने पोत भेजें, जबकि अमेरिका तटरेखा पर अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। बताया जा रहा है कि इन देशों कह दिया है यूएस खुद निपटे।
इस बीच, ऑस्ट्रेलिया ने इस मिशन से दूरी बनाकर अमेरिका की मुश्किलों को थोड़ा बढ़ा दिया है। ऑस्ट्रेलियाई कैबिनेट की सदस्य कैथरीन किंग ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि उनका देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपना जहाज नहीं भेजेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि वह क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया इसमें अपना योगदान नहीं दे रहा है। कई अन्य सहयोगी देशों ने भी इस अपील पर फिलहाल टाल-मटोल का रवैया अपनाया हुआ है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला एकमात्र संकरा रास्ता है, जहाँ से दुनिया के कुल ऊर्जा व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। भारत जैसे देशों के लिए यह मार्ग और भी संवेदनशील है क्योंकि उसका लगभग 60 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत और यूएई जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों के निर्यात का भविष्य इसी जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर टिका हुआ है।
भीषण हमला: काबुल के अस्पताल पर हवाई हमले में 400 मरे, 250 घायल
17 Mar, 2026 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल में स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र पर बीती रात बमबारी की. इस हमले से अस्पताल में तबाही मच गई. तालिबानी सरकार का दावा है कि इस पाकिस्तानी हमले में 400 लोगों की मौत हो गई जबकि 250 लोग घायल हो गए.अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बताया कि काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर बीती रात पाकिस्तानी सेना की बमबारी में मरने वालों की संख्या बढ़ 400 हो गई है, जबकि 250 लोग घायल हुए हैंहमदुल्ला फितरत ने एक्स पर एक पोस्ट में इन आंकड़ों की पुष्टि करते हुए बताया कि पाकिस्तानी सेना ने रात करीब 9:00 बजे 2000 बिस्तरों वाले 'उम्मीद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल' पर हवाई हमला किया. इस अस्पताल का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है, और बचाव दल मौके पर मौजूद होकर आग पर काबू पाने तथा शवों को निकालने का काम कर रहे हैं.हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा,'पाकिस्तानी सैन्य शासन ने सोमवार रात लगभग 9:00 बजे 'उमीद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल' पर हवाई हमला किया. यह 2,000 बिस्तरों वाला एक अस्पताल है जो विशेष रूप से नशे की लत के इलाज के लिए समर्पित है. इस हमले के परिणामस्वरूप, अस्पताल का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है.आशंका है कि इसमें बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं. दुर्भाग्य से अब तक मरने वालों की संख्या 400 तक पहुँच गई है, जबकि लगभग 250 अन्य लोगों के घायल होने की खबर है. बचाव दल इस समय घटनास्थल पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने तथा पीड़ितों के बचे हुए शवों को निकालने का काम कर रहे हैं.'
मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने घटना पर चिंता जताई
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान में मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत रिचर्ड बेनेट ने नशा-मुक्ति केंद्र पर हुए हमले में आम नागरिकों के हताहत होने पर चिंता व्यक्त की है.बेनेट ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और काबुल तथा इस्लामाबाद दोनों से तनाव कम करने तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने का आग्रह किया. इन कानूनों में आम नागरिकों और अस्पतालों जैसी सार्वजनिक सुविधाओं की सुरक्षा भी शामिल है.
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन ने हमले की निंदा की
टोलो न्यूज के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन ने भी इस हमले की निंदा की है और इस बात पर जोर दिया है कि अस्पताल और उपचार केंद्रों जैसी सार्वजनिक सुविधाओं को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. संगठन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस घटना की स्वतंत्र जाँच कराने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया है.रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन ने अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हुए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया, और वैश्विक समुदाय से आग्रह किया कि वे इस मामले पर चुप न रहें.टोलो न्यूज के अनुसार पाकिस्तानी सेना पर पहले भी अफगानिस्तान में आम नागरिकों वाले इलाकों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं. इनमें ऐसी घटनाएँ भी शामिल हैं जिनमें अलग-अलग प्रांतों में महिलाएँ और बच्चे प्रभावित हुए थे. अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने टोलो न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में चेतावनी दी कि पाकिस्तान के साथ कूटनीति की सीमा अब समाप्त हो चुकी है और कहा कि इस हमले का बदला लिया जाएगा.
अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान ने हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया
इस बीच अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान ने भी काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों में आम नागरिकों के मारे जाने की खबरों पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने घरों, शिक्षण संस्थानों और चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाने को 'युद्ध अपराध' करार दिया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस घटना की जांच करने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया, साथ ही इस मुश्किल समय में अफगान लोगों के प्रति अपनी एकजुटता भी व्यक्त की.
राशिद खान ने एक्स पर ये लिखा
क्रिकेटर राशिद खान लिखा,'काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों के मारे जाने की ताजा रिपोर्टों से मुझे गहरा दुख हुआ है. आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या मेडिकल सुविधाओं को निशाना बनाना, चाहे जान-बूझकर किया गया हो या गलती से एक युद्ध अपराध है. इंसानी जानों के प्रति इस तरह की घोर उपेक्षा, खासकर रमजान के पवित्र महीने में बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है.इससे केवल फूट और नफरत ही बढ़ेगी. मैं संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली अन्य एजेंसियों से अपील करता हूँ कि वे इस ताजा अत्याचार की पूरी तरह से जाँच करें और इसके दोषियों को जवाबदेह ठहराएँ. इस मुश्किल घड़ी में मैं अपने अफगान लोगों के साथ खड़ा हूँ. हम इस दुख से उबरेंगे, और एक राष्ट्र के रूप में फिर से उठ खड़े होंगे. हम हमेशा ऐसा ही करते आए हैं. इंशाअल्लाह!'हड़ताल पर दुख जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने कहा, 'अफगानिस्तान में पाकिस्तान की हवाई हमलों और उसके कारण आम नागरिकों के मारे जाने की नई रिपोर्टों से मैं बहुत दुखी हूँ. मेरी संवेदनाएँ. मैं सभी पक्षों से अपील करता हूँ कि वे तनाव कम करें, ज्यादा से ज्यादा संयम बरतें और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें. जिसमें आम नागरिकों और अस्पतालों जैसी नागरिक इमारतों की सुरक्षा शामिल है.'राशिद खान ने लिखा, 'काबुल में पाकिस्तान की हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों के मारे जाने की ताजा रिपोर्टों से मैं बहुत दुखी हूँ. आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या मेडिकल सुविधाओं को निशाना बनाना, चाहे जान-बूझकर किया गया हो या गलती से, एक युद्ध अपराध है. इंसानी जानों की पूरी तरह से अनदेखी.'इसके अलावा, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन ने भी काबुल में एक पुनर्वास अस्पताल पर पाकिस्तान के कथित हवाई हमले की निंदा करते हुए कहा कि इलाज और मानवीय सहायता देने वाली सुविधाओं को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. उसने इस बात पर चिंता जताई कि मारे गए लोगों में से कई लोग कमज़ोर, निहत्थे आम नागरिक थे जिनका वहाँ इलाज चल रहा था.
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (IHRF) का बयान
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन अफगानिस्तान के काबुल में एक पुनर्वास अस्पताल पर पाकिस्तान की कथित बमबारी की कड़ी निंदा करता है. इस अस्पताल में नशे के आदी लोगों का इलाज किया जाता था. इस हमले में कथित तौर पर बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं.संगठन ने एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जाँच, दोषियों के लिए जवाबदेही तय करने और मेडिकल व पुनर्वास केंद्रों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने की माँग की. उसने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकारों के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं.
महायुद्ध: ईरान ने दागी डांसिंग मिसाइल, सेजिल के प्रहार से दहला अमेरिका और इजरायल
17 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण संघर्ष में पहली बार अपनी सबसे खतरनाक सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल कर युद्ध को एक नए और विनाशकारी मोड़ पर ला खड़ा किया है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान से बिना शर्त सरेंडर की मांग कर रहे हैं, वहीं तेहरान ने घुटने टेकने के बजाय अपने सबसे घातक हथियारों के मुंह खोल दिए हैं। ईरान के इस ताजा हमले में अरब देशों में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को व्यापक नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।
ईरान की इस मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल सेजिल-2 को रक्षा गलियारों में डांसिंग मिसाइल के नाम से जाना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अत्यधिक ऊंचाई पर जाकर अपनी दिशा बदलने में सक्षम है, जिससे इजरायल के आयरन डोम जैसे उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा देना इसके लिए आसान हो जाता है। दो चरणों वाले ठोस ईंधन (सॉलिड-फ्यूल) से चलने वाली यह मिसाइल लगभग 2000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। ठोस ईंधन आधारित डिजाइन होने के कारण इसे बेहद कम समय में लॉन्च के लिए तैयार किया जा सकता है, जो इसे पुराने तरल ईंधन वाले सिस्टम की तुलना में रणनीतिक बढ़त देता है। मिसाइल के तकनीकी पक्ष को देखें तो लगभग 18 मीटर लंबी और 23,600 किलोग्राम वजनी यह मिसाइल करीब 700 किलोग्राम का पेलोड ले जाने में सक्षम है। इसकी रफ्तार मैक 4 से मैक 5 (6000 किमी प्रति घंटा से अधिक) तक पहुंच सकती है। तुलनात्मक रूप से देखें तो रेंज और मारक क्षमता के मामले में इसे कई मायनों में ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से भी अधिक घातक माना जा रहा है। जहां अमेरिका टॉमहॉक जैसी मिसाइलों से ईरान पर हमले कर रहा है, वहीं ईरान के शाहेद ड्रोन और अब सेजिल मिसाइल ने सहयोगी सेनाओं की नाक में दम कर रखा है। इस महायुद्ध का असर केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही बाधित होने से एशियाई देशों में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है। पूरी दुनिया इस टकराव के खत्म होने की उम्मीद लगाए बैठी है ताकि डगमगाती वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिल सके। हालांकि, सेजिल जैसी मिसाइलों का इस्तेमाल इस आग में घी डालने का काम कर रहा है, जिससे शांति की संभावनाएं फिलहाल धुंधली नजर आ रही हैं।
अगर सट्टेबाज क्रूड की कीमतें बढ़ाते हैं, तो यह ऊंचे लेवल को भी पार कर सकता है
17 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध से ग्लोबल टेंशन हाई होता जा रहा है। दुनिया में तेल-गैस संकट गहराता जा रहा है। अब तेल इंडस्ट्री भी इस बात को मान रही है और तमाम दिग्गज तेल कंपनियों के सीईओ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तेल संकट और क्रूड की कीमतें बढ़ने की चेतावनी दी है। अमेरिकी ऑयल एग्जीक्यूटिव्स ने ईरान युद्ध से पैदा हुआ ऊर्जा संकट के और भी बदतर होने की संभावना जताई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस में हुई कई बैठकों और एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट और इंटीरियर सेक्रेटरी डग बर्गम के साथ हाल की बातचीत में अमेरिकी तेल कंपनियों ने एनर्जी क्राइसिस पर चिंता जताई। एक्सॉन मोबिल, शेवरॉन और कोनोकोफिलिप्स के सीईओ ने चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट समुद्री रूट से तेल-गैस सप्लाई में रुकावट ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव पैदा करती रहेगी। ऑयल इंडस्ट्री ने ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन को अलर्ट करते हुए कहा कि फ्यूल की कमी और बढ़ सकती है। इसे लेकर एक बड़ी बैठक बीते बुधवार को भी हुई थी। एक्सॉन के सीईओ ने कहा कि मौजूदा युद्ध से खड़े हुए संकट के बीच अगर सट्टेबाज अचानक क्रूड की कीमतें बढ़ाते हैं, तो तेल की कीमतें मौजूदा ऊंचे लेवल को भी पार कर सकती हैं। इसके साथ ही मार्केट में रिफाइंड प्रोडक्ट्स की सप्लाई में भारी कमी देखी जा सकती है।
शेवरॉन के सीईओ और कोनोकोफिलिप्स के सीईओ ने भी सप्लाई में रुकावट को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। कोनोकोफिलिप्स ने अधिकारियों को बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास लड़ाई और तेल टैंकरों की आवाजाही में रुकावट से ऑयल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक एक्सॉन के सीईओ ने चेतावनी दी कि अगर सप्लाई कम होने के बीच ट्रेडर्स ने मार्केट में बोली लगाई, तो ऐसी स्थिति में क्रूड ऑयल प्राइल और बढ़ सकते हैं। इसमें कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन कीमतों को कम करने के लिए कई तरीकों पर विचार कर रहा है, जिसमें रूसी तेल पर बैन में ढील देना, इमरजेंसी क्रूड ऑयल रिजर्व को रिलीज करना और वेनेजुएला से ऑयल फ्लो बढ़ाना शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक तेल इंडस्ट्री के अधिकारियों ने संकट बढ़ने की चेतावनी देने के साथ ही ट्रंप प्रशासन से साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना ही ग्लोबल एनर्जी मार्केट को स्थिर करने का एकमात्र स्थायी समाधान हो सकता है। बता दें क्रूड की कीमत में उछाल जारी है और ये लगातार 100 डॉलर के पार बनी हुई है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंड क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
ड्यूटी के दौरान लापरवाही भारी पड़ी, दो होमगार्ड जवानों की नौकरी गई
16 Mar, 2026 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद। शहर के गुरुनानकपुरा मोहल्ले में रविवार रात को एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने होमगार्ड जवानों के सामने वारदात को अंजाम दिया। वीडियो सामने आने के बाद एसपी ने होमगार्ड मुकेश और होशियार को बर्खास्त कर दिया है। दोनों जवान घटना के वक्त मूकदर्शक बने रहे और उन्होंने युवक को बचाने का प्रयास नहीं किया। ऐसे में एसपी ने दोनों होमगार्ड जवानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। बता दें कि रविवार रात को गुरुनानकपुरा निवासी संदीप उर्फ दीपा पर कुछ युवकों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने उस पर कई बार चाकू से वार किए और मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवा दिया।प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण आपसी रंजिश माना जा रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
खंडहर में मिला युवक का शव, हत्या की वारदात से हड़कंप
16 Mar, 2026 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवक को पहले घर से बुलाया और फिर बर्फ तोड़ने वाले सुए से उस पर हमला कर दिया। इस हमले में युवक की हत्या हो गई। मृतक की पहचान विशाल उम्र 21 साल के तौर पर हुई है। युवक का शव सोमवार को 13-17 थाना क्षेत्र में जीटी रोड पर एक खंडहर में मिला। विजय नगर कॉलोनी के रामबीर ने बताया कि उनका भतीजा विशाल मजदूरी करता था। रविवार सुबह 8 बजे वह घर से निकला था। शाम को एक युवक ने घर आकर बताया कि विशाल की हत्या कर दी गई है। जिसके बाद परिजनों ने तुरंत प्रभाव से इसकी सूचना पुलिस को दी। रात भर पुलिस विशाल की तलाश करती रही। सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक खंडहर में विशाल का शव मिला। परिजनों ने बताया कि बर्फ तोड़ने वाले सुए से हमला कर विशाल की हत्या की गई है। युवक की गर्दन, छाती और पांव में 10 से 12 वार किए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में इनेलो का बड़ा फैसला, मतदान से दूरी
16 Mar, 2026 03:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए सुबह नौ बजे से मतदान शुरू हो गया है। सीएम नायब सिंह सैनी ने अपना वोट डाल दिया है। 11:20 बजे तक राज्यसभा चुनाव के लिए 25 वोट डाले गए हैं।मंत्री अनिल विज पैरों में फ्रेक्चर के कारण व्हीलचेयर पर वोट डालने पहुंचे। कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा और सतपाल ब्रह्मचारी के साथ विधानसभा पहुंची हैं। कांग्रेस के चार सांसद लगातार विधानसभा परिसर के बाहर डटे हुए हैं। विधायकों को साथ लेकर वोट डलवा रहे हैं।
इनेलो विधायक नहीं करेंगे मतदान
वहीं इनेलो ने राज्यसभा चुनाव में वोट न करने का निर्णय लिया है। अभय चौटाला ने बताया कि उनके दोनों विधायक वोट नहीं करेंगे।कुल तीन उम्मीदवार भाजपा से संजय भाटिया, कांग्रेस से कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल मैदान में हैं। भाटिया की जीत तय मानी जा रही है। मुख्य मुकाबला बौद्ध और नांदल में है। कांग्रेस के एकमुश्त 37 वोट बौद्ध को मिले तो उनका जीतना भी पक्का है। हालांकि क्रॉस वोटिंग होने पर उनकी राह मुश्किल हो सकती है।
कांग्रेस विधायक कसाैली से रवाना
हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायक कसाैली से चंडीगढ़ के लिए निकल गए हैं। साथ में प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी हैं। सबसे पहले सभी विधायक नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सेक्टर 7 स्थित कोठी पर पहुंचेंगे। वहां ब्रेकफास्ट करने के बाद सभी विधायक राज्यसभा चुनाव में मतदान करने जाएंगे। मतदान केंद्र पर एआईसीसी की तरफ से नियुक्त पर्यवेक्षक भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रभारी बीके हरिप्रसाद सभी विधायकों के मत पत्र की जांच करेंगे। कांग्रेस के 37 विधायक हैं, इनमें छह विधायक अपने निजी कारणों से हिमाचल नहीं गए थे।
पक्ष-विपक्ष के लिए प्रतिष्ठा का सवाल
राज्यसभा चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। भाजपा के सामने चुनाव में इतिहास दोहराने का अवसर है। पार्टी पहले भी दोनों सीटों पर कब्जा बनाए हुए थी और इस बार भी राजनीतिक रणनीति के दम पर जीतने की तैयारी कर रही है। भाजपा का लक्ष्य केवल जीत हासिल करना ही नहीं है बल्कि यह दिखाना भी है कि विधानसभा चुनाव के बाद भी उसकी रणनीति न सिर्फ मजबूत बनी हुई है बल्कि विपक्ष के विधायकों पर भी उसकी पकड़ मजबूत है।दूसरी ओर कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश में रखा हुआ था ताकि वे एक साथ मतदान के लिए पहुंचे। कांग्रेस ने ऐसी किलेबंदी तैयार की है कि कोई भी विधायक सत्ता पक्ष के संपर्क में ना आ सके। कांग्रेस हाईकमान भी चुनाव के लिए पूरी तरह से सतर्क है और नजर बनाए हुए है।
हुड्डा की प्रतिष्ठा
कर्मवीर जीतते हैं तो संदेश जाएगा कि कांग्रेस विधायकों पर हुड्डा की पकड़ मजबूत है। वे अपने नेतृत्व और संगठनात्मक प्रभाव को साबित कर सकेंगे।चुनाव हारते हैं तो विपक्ष और पार्टी के अंदर चर्चा तेज हो सकती है कि विधायकों पर हुड्डा का नियंत्रण कमजोर हुआ है।रोहतक को हुड्डा का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। नांदल भी रोहतक से हैं और जाट बिरादरी से हैं। नांदल के चुनाव जीतने पर इसे हुड्डा के गढ़ में भाजपा की सेंध के रूप में देखा जाएगा।
सैनी की भी परीक्षा
मुख्यमंत्री बनने के बाद नायब सिंह सैनी की यह पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा है। दोनों सीटों जीतने पर राजनीतिक पकड़ और रणनीतिक क्षमता मजबूत मानी जाएगी।जीत मिलने पर पार्टी हाईकमान के सामने उनका कद और प्रभाव बढ़ सकता है।
विधानसभा में वोटों का गणित
कुल विधायक : 90
भाजपा : 48 विधायक
कांग्रेस : 37 विधायक
इनेलो : 2 विधायक
निर्दलीय विधायक : 3
जीत का गणित
एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 वोट चाहिए। भाजपा अपने 48 वोट के दम पर एक सीट आसानी से जीत सकती है। कांग्रेस के पास 37 वोट हैं इसलिए वह भी एक सीट जीतने की स्थिति में है। भाजपा के बचे 17 विधायक और तीन निर्दलीय वोट भी नांदल को वोट देंगे। यदि इनेलो के दो वोट भी नांदल को जाते हैं तो उन्हें 9 वोट और चाहिए होंगे। इन नौ वोटों को लेकर पूरा चुनाव दिलचस्प बना हुआ है।
क्या अंतरिक्ष में गर्भधारण और बच्चे का जन्म सुरक्षित है?...........क्या कहता हैं विज्ञान
16 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । जैसे-जैसे इंसान मंगल और चंद्रमा पर बस्तियां बसाने की योजना तैयार कर रहा है, एक बड़ा सवाल वैज्ञानिकों के सामने खड़ा है कि क्या अंतरिक्ष में गर्भधारण और बच्चे का जन्म सुरक्षित है? अब तक की रिसर्च में सामने आया हैं कि ये तकनीकी रूप से यह संभव है, लेकिन बिना पृथ्वी के सुरक्षा कवच (गुरुत्वाकर्षण और वायुमंडल) के, एक नए जीवन का विकास किसी बड़े खतरे से कम नहीं होगा।
पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण हमारे शरीर की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देने में प्राथमिक भूमिका निभाता है। अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी में भ्रूण के विकास के दौरान उसकी हड्डियों के घनत्व में भारी कमी आ सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जीरो ग्रेविटी के कारण बच्चे का ऊपरी शरीर विकसित हो सकता है, लेकिन निचले हिस्से और पैरों की मांसपेशियां बेहद कमजोर हो सकती हैं।
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण शरीर के तरल पदार्थ सिर की ओर शिफ्ट हो सकते हैं। इससे गर्भ में पल रहे शिशु की खोपड़ी के अंदर दबाव बढ़ सकता है। यह असामान्य दबाव बच्चे के मस्तिष्क विकास और आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है, जिससे भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा होने का खतरा रहता है।
इतना ही नहीं अंतरिक्ष खतरनाक कॉस्मिक रेडिएशन से भरा है, जिससे पृथ्वी का वायुमंडल हमें बचाता है। भ्रूण के सेल्स बहुत तेजी से विभाजित होते हैं, जिससे वे रेडिएशन के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं। रेडिएशन डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके चलते जन्म दोष, मिसकैरेज या समय से पहले जन्म जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
इतना ही नहीं स्पेस में बच्चे को जन्म देना किसी मेडिकल चुनौती से कम नहीं होगा। बिना गुरुत्वाकर्षण के लेबर पेन के दौरान पुश करना और शरीर के फ्लूइड्स को नियंत्रित करना मां और डॉक्टरों के लिए करीब असंभव होगा। इसके अलावा, जो बच्चा अंतरिक्ष में बड़ा होगा, उसके लिए बाद में पृथ्वी के भारी गुरुत्वाकर्षण में खुद को ढालना एक बड़ी शारीरिक चुनौती होगी।
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन
फॉरेस्ट ग्राउंड में बना बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित और अनुशासित कर रहा
माता-पिता के संस्कार और गुरूओं से प्राप्त ज्ञान के प्रति सदैव रहें कृतज्ञ : राज्यपाल पटेल
आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
