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क्यूबा सरकार का बड़ा फैसला, कूटनीतिक असर संभव
21 Mar, 2026 09:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हवाना|अमेरिका के साथ बढ़ती तनातनी के बीच क्यूबा ने सख्त संदेश देते हुए राजधानी हवाना स्थित अमेरिकी दूतावास का डीजल आयात का अनुरोध पूरी तरह ठुकरा दिया है। क्यूबा की सरकार के इस फैसले को केवल अमेरिकी दूतावास में ईंधन के मसले के तौर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक चुनौती और ट्रंप को खुला दो टूक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऊर्जा को लेकर ट्रंप प्रशासन की धमकियों और ब्लैकमेल के बावजूद क्यूबा के इस सख्त संदेश ने एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि क्यूबा ने अमेरिकी दूतावास की डीजल आयात करने की अनुमति देने की अनुरोध को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिससे ऊर्जा संकट और कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। क्यूबा सरकार ने यह फैसला ट्रंप प्रशासन की तरफ से देश पर लागू ईंधन ब्लॉकएड के बीच लिया है, जिससे क्यूबा को विदेश से तेल और डीजल की आपूर्ति मुश्किल हो गई है।
दूतावास में डीजल आयात करना चाहता था
बताया जा रहा है कि अमेरिकी दूतावास अपने जेनरेटर के लिए डीजल इम्पोर्ट करना चाह रहा था, क्योंकि लंबे समय से बिजली कटौती और ऊर्जा संकट के कारण दूतावास की रोजमर्रा की कामकाज में कठिनाइयां आ रही हैं। अमेरिका की तरफ से क्यूबा में ईंधन ब्लॉकएड लागू करने के बाद देश में डीजल की कमी इतनी गंभीर हो गई है कि अमेरिका के विदेश विभाग ने हवाना में अपने कर्मचारियों की संख्या कम करने पर विचार शुरू कर दिया है। हालांकि अगर ऐसा होता है कि तो संभव है कि क्यूबा भी अपनी वाशिंगटन दूतावास में कर्मचारियों की संख्या घटाने की मांग करे।
अब समझिए क्यूबा में ईंधन की कमी का कारण
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि क्यूबा को पहले मुख्य रूप से तेल वेनेजुएला से मिलता था। लेकिन अब वहां से तेल नहीं आ रहा है। अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ संबंधों को रोक दिया है और किसी भी देश को क्यूबा को तेल देने पर सजा देने की धमकी दी है। क्यूबा अब अपने स्वयं के प्राकृतिक गैस, सोलर ऊर्जा और स्थानीय तेल पर निर्भर है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इस वजह से देश में कई जगह बिजली कटौती और सर्विस की समस्याएं हो रही हैं।
अमेरिकी प्रशासन का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रपं ने कहा है कि वे क्यूबा में सरकारी बदलाव चाहते हैं। ट्रंप ने क्यूबा के नेताओं को चेतावनी दी कि वे वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की तरह न हो जाएं, जिन्हें अमेरिका ने सत्ता से हटाया था। हालांकि अमेरिका और क्यूबा के बीच बातचीत जारी है। हाल ही में, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सरकार के साथ मुलाकातें की हैं।
दूसरी ओर इस ईंधन आपूर्ति की समस्या के बीच अमेरिका की योजना यह भी है कि अगर आवश्यक हुआ, तो दूतावास के कर्मचारियों की संख्या घटाई जाए। फिलहाल, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके पास डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, जो एक महीने तक काम चला सकता है।
मानवीय मदद और भविष्य की तैयारी
गौरतलब है कि इस संकट के बीच मानवीय संगठनों ने क्यूबा में सोलर पैनल, खाना और दवाइयां भेजनी शुरू कर दी हैं। क्यूबा रूसी तेल की एक बड़ी खेप प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है, जो पिछले तीन महीनों में पहला होगा। इस बीच, अमेरिकी प्रशासन यह देख रहा है कि वे क्यूबा पर अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं। ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का मानना है कि क्यूबा में बदलाव उनके लिए महत्वपूर्ण है।
सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बदले युद्ध के समीकरण
21 Mar, 2026 07:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन|ईरान ने एक ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया है जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य ठिकाने डिएगो गार्सिया पर ईरान ने मिसाइल हमला कर अपनी ताकत का बड़ा संकेत दिया है। यह हमला इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि यह बेस ईरान से करीब 4000 किलोमीटर दूर है, जो उसकी घोषित मिसाइल रेंज से कहीं ज्यादा है।
जानकारी के मुताबिक, ईरान ने इस सैन्य ठिकाने पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही खराब हो गई, जबकि दूसरी को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने इंटरसेप्शन किया। अभी यह साफ नहीं है कि दूसरी मिसाइल पूरी तरह नष्ट हुई या नहीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि दोनों में से कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और बेस सुरक्षित रहा।
घोषित रेंज से दोगुनी दूरी पर हमला?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा था कि उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों की अधिकतम रेंज करीब 2000 किलोमीटर है। लेकिन डिएगो गार्सिया पर हमला इस दावे को चुनौती देता है। यह दूरी करीब 4000 किलोमीटर है, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान के पास घोषित से कहीं ज्यादा लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता हो सकती है।
क्या विकसित हो रही हैं लंबी दूरी की मिसाइलें?
इस्राइल के अल्मा रिसर्च एंड एजुकेशन सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अभी ज्यादातर छोटी दूरी की मिसाइलें हैं जो 1000 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं और कुछ मध्यम दूरी की मिसाइलें हैं जिनकी रेंज 3000 किलोमीटर तक है। लेकिन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित करने के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
क्यों अहम है डिएगो गार्सिया बेस?
डिएगो गार्सिया हिंद महासागर के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यहां से अमेरिका अपने बमवर्षक विमान, परमाणु पनडुब्बियां और गाइडेड मिसाइल जहाज तैनात करता है। यह बेस एशिया और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य रणनीति का एक मजबूत केंद्र है। ऐसे में इस पर हमला होने की कोशिश को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
दुनिया पर क्या होगा असर?
इस घटना के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ गई है। अगर ईरान सच में इतनी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता हासिल कर चुका है, तो यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर तनाव बढ़ने और सैन्य गतिविधियों में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।
समुद्री पानी से मीठा पानी बनाने वाली इकाइयां बनीं निशाना
21 Mar, 2026 06:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई|पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच एक नई और गंभीर चिंता उभरकर सामने आई है, पानी। दशकों तक तेल को क्षेत्र की सबसे अहम और संवेदनशील संपत्ति माना जाता रहा, लेकिन हालिया हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब डीसैलीनेशन यानी समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्र खाड़ी देशों की असली जीवनरेखा बन चुके हैं।
ईरान में तेल डिपो पर हमलों और खाड़ी क्षेत्र में जल एवं ऊर्जा परिसरों के पास मिसाइल और ड्रोन हमलों ने इस बुनियादी ढांचे की असुरक्षा को उजागर कर दिया है, जिस पर लगभग 10 करोड़ लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें निर्भर हैं। डिसैलीनेशन रेगिस्तान में जीवन की रीढ़ माना जाता है।
अरब प्रायद्वीप के देश पूरी तरह डीसैलीनेशन प्लांट्स पर निर्भर
अरब प्रायद्वीप के देशों दुबई, दोहा, कुवैत सिटी, अबू धाबी की जल आपूर्ति पूरी तरह डीसैलीनेशन प्लांट्स पर निर्भर है। सऊदी अरब में 70% पीने का पानी इन्हीं संयंत्रों से आता है। कुवैत व ओमान में यह आंकड़ा 90% तक पहुंच जाता है।
डीसैलीनेशन डिपेंडेंसी
पूरे क्षेत्र में लगभग 10 करोड़ लोग सीधे तौर पर डीसैलीनेटेड पानी पर निर्भर हैं। दुनिया के सबसे बड़े डीसैलीनेशन प्लांट्स में से कई खाड़ी और लाल सागर के तटों पर स्थित हैं। यह स्थिति एक नई वास्तविकता को जन्म देती है, जिसे विशेषज्ञ डीसैलीनेशन डिपेंडेंसी कहते हैं।
स्थिर ढांचे हैं ये प्लांट्स इसीलिए मजबूरी भी
तेल पाइपलाइन या भंडारण टर्मिनलों के विपरीत, डीसैलीनेशन प्लांट्स को न तो आसानी से बदला जा सकता है और न ही बायपास किया जा सकता है। किसी बड़े संयंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचने पर उसकी मरम्मत में महीनों या उससे अधिक समय लग सकता है। यही वजह है कि ये जहां पर भी हैं, उनका संरक्षण संबंधित देशों की मजबूरी भी है।
रूस के बाद अब ईरान को राहत, अमेरिका ने बदली अपनी सख्त नीति
21 Mar, 2026 06:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया है। ट्रंप प्रशासन ने एक महीने के लिए विशेष अनुमति देते हुए इन प्रतिबंधों को 19 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह राहत उन तेल खेपों पर लागू होगी, जो शुक्रवार तक जहाजों में लोड की जा चुकी थीं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास के तहत उठाया गया है। इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने जवाबी हमलों का दायरा बढ़ाकर दुनिया भर के पर्यटन और मनोरंजन स्थलों को भी निशाना बना सकता है।
क्या ईरान पर कम होंगे अमेरिका-इस्राइल के हमले?
इसी दौरान अमेरिका ने पश्चिम एशिया में और अधिक युद्धपोत और मरीन तैनात करने की घोषणा की। हालांकि कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनका प्रशासन क्षेत्र में सैन्य अभियान को कम करने पर विचार कर रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया, जब तेल कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई।
युद्ध के बीच विरोधाभासी संकेत सामने आ रहे हैं और संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। ईरान ने इस्राइल और खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। यह घटनाक्रम उस समय हो रहा है, जब क्षेत्र में धार्मिक महत्व का दिन मनाया जा रहा था और ईरान में लोग पारंपरिक नववर्ष नवरोज का उत्सव मना रहे थे।
दुनियाभर में गहरा रहा ऊर्जा संकट
ईरान से सीमित जानकारी सामने आने की वजह से यह साफ नहीं है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों से उसके परमाणु, सैन्य या ऊर्जा ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है। ये हमले 28 फरवरी से जारी हैं। हालांकि, ईरान के हमलों के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अमेरिका और इस्राइल ने इस युद्ध के अलग-अलग कारण बताए हैं। इनमें ईरान के नेतृत्व को कमजोर करने के साथ उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करना शामिल है। इन तमाम वजहों के बाद भी ईरान में फिलहाल न तो किसी बड़े जनविद्रोह के संकेत मिले हैं और न ही युद्ध के जल्द खत्म होने की कोई संभावना दिखाई दे रही है।
एक्सप्रेसवे हादसे में केबिन चकनाचूर, ड्राइवर-कंडक्टर की मौत
20 Mar, 2026 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बहादुरगढ़। के दिल्ली–कटरा एक्सप्रेसवे पर देर रात एक भीषण सड़क हादसे में ट्रक ड्राइवर और उसके साथी कंडक्टर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा रात करीब 1 बजे निलोठी गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्राले ने आगे चल रहे दूसरे ट्राले में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्राले का केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के समय ट्राले में सवार ड्राइवर और कंडक्टर केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। क्षतिग्रस्त केबिन के कारण शवों को बाहर निकालना काफी मुश्किल रहा। हाइड्रा मशीन और गैस कटर की मदद से केबिन को काटकर दोनों शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। मृतक ड्राइवर की पहचान पंजाब के भटिंडा निवासी 26 वर्षीय गुरमीत सिंह के रूप में हुई है, जबकि कंडक्टर की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी हुई है। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है और उनके पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही माना जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी: गेहूं-सरसों को नुकसान की आशंका
20 Mar, 2026 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से जारी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश, बूंदाबांदी और तेज हवाओं का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह से नारनौल में लगातार हल्की बारिश हो रही है, जबकि झज्जर में रात से रुक-रुककर बरसात जारी है। हिसार सहित प्रदेश के 14 जिलों में पिछले 24 घंटों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें पलवल और गुरुग्राम में सबसे अधिक वर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तरी हरियाणा में 21 मार्च तक हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार-शनिवार को प्रदेश भर में, खासकर जीटी बेल्ट के जिलों जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला में बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इससे दिन के तापमान में 8-10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जबकि रात का तापमान हल्का बढ़ा है। हिसार में अधिकतम तापमान सामान्य से 8.3 डिग्री नीचे 23.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। झज्जर में सुबह उठते ही लोगों को बारिश का नजारा दिखा, जिससे वातावरण में ठंडक छा गई। कुछ दिन पहले गर्मी से परेशान लोग अब एसी और पंखे बंद कर रहे हैं। अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री दर्ज किया गया। इस मौसम बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं और सरसों की फसलें पककर खड़ी हैं, लेकिन बारिश, तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि से फसलें जमीन पर बिछने, गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन में कमी का खतरा मंडरा रहा है। कई इलाकों में तेज हवाओं से गेहूं की फसलें लेट गई हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने किसानों को सलाह दी है कि अगले दो दिनों में सिंचाई रोक दें और सब्जियों पर कोई स्प्रे न करें।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और हवाओं की दिशा में परिवर्तन के कारण हुआ है। पहले मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से 8 डिग्री अधिक था, लेकिन अब पूरे प्रदेश में तापमान सामान्य से नीचे आ गया है।प्रशासन और कृषि विभाग किसानों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, ताकि फसलों को न्यूनतम नुकसान हो।
रतिया MLA को नोटिस, जरनैल सिंह ने दी सफाई
20 Mar, 2026 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला (हरियाणा)। कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग का मामला गरमाता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने क्रॉस वोटिंग मामले में रतिया के विधायक जरनैल सिंह को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन पर एंटी पार्टी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया। इसके साथ ही आरोपी पर रतिया विधायक को 7 दिनों के भीतर जवाब देना। अभी तक क्रॉस वोटिंग के मामले में चार विधायकों का नाम सामने आया था। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस अन्य विधायकों के नाम भी खोलेगी। रतिया विधायक का नाम सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर से गर्म आ गई है। अब देखना होगा कि उनकी तरफ से क्या जवाब आता है। इसके साथ-साथ ऐसा ही कारण बताओं नोटिस नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी को भी दिया गया है उनका जवाब भी अभी लंबित है।
जरनेल सिंह ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं
रतिया से विधायक जरनेल सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को पार्टी के प्रति वफादार बताया है। विधायक जरनेल सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें अभी तक पार्टी की ओर से कोई कारण बताओ नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई नोटिस मिलता है, तो वे उसका उचित जवाब पार्टी आलाकमान को देंगे। जरनेल सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताते हुए कहा कि उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना गलत है क्रॉस वोटिंग के दावों पर विराम लगाते हुए विधायक ने दावा किया कि उन्होंने कोई क्रॉस वोटिंग नहीं की है। उन्होंने कहा, मैंने अपना वोट भूपेंद्र सिंह हुड्डा को दिखाकर डाला था जरनेल सिंह ने अन्य विधायकों का बचाव करते हुए यह भी कहा कि उनकी जानकारी में किसी ने भी क्रॉस वोट नहीं किया है और पूरी पार्टी एकजुट है मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि मैंने पूरी पारदर्शिता के साथ पार्टी के पक्ष में मतदान किया है। हालांकि इस दौरान विधायक जरनैल सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उनके द्वारा कई बार तारीफ करने के सवाल उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अच्छे व्यक्ति के मालिक है और हमेशा विपक्ष के विधायक को भी पूरा मान सम्मान देते हैं क्षेत्र के काम के लिए वह कई बार मुख्यमंत्री से मिले हैं और उनसे काम भी करवाए हैं विधायक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज हैं। अब देखना यह होगा कि इस स्पष्टीकरण के बाद पार्टी आलाकमान का अगला कदम क्या होता है।
करांची में बारिश, आंधी-तूफान ने ली 19 लोगों की जान, कई घरों की छतें व दीवारें गिरी
20 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करांची। पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर करांची इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश और आंधी-तूफान ने शहर में भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है। तेज हवाओं के कारण मकानों की छतें गिरने, दीवारें ढहने और पेड़ों के उखड़ने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बुधवार रात भारी बारिश और तेज हवाएं चलने के कारण मकानों की छतें और दीवारें ढह गईं, जगह-जगह पेड़ और साइनबोर्ड गिर गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को भारी बारिश होने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। कोरांगी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दूरभाष केंद्र की छत और दीवार ढह जाने से 12 लोगों की मौत हुई है। ये लोग वहां चाय पी रहे थे। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं, आंधी-तूफान और बारिश के कारण सईदबाद क्षेत्र के मोचको गोठ में एक इमारत ढह गई। एसएसपी ने कहा कि बचाव दल मलबा हटा रहा है और मलबे के नीचे और भी लोग हो सकते हैं। कोरांगी में और लोगों के हताहत होने की सूचना मिली है, जहां एक घर की छत गिर जाने से वहां रहने वाले दंपति की मौत हो गई जबकि मलिर में दो लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।
उन्होंने बताया कि लांधी क्षेत्र की मजीद कॉलोनी से भी लोगों के हताहत होने की सूचना है, जबकि क्लिफ्टन क्षेत्र में एक गिरे हुए पेड़ के नीचे से एक महिला का शव दबा मिला। करांची के महापौर ने गुरुवार को लोगों को घर पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही। मौसम विभाग ने सिंध के अन्य हिस्सों में भी अगले दो दिनों तक बारिश होने की संभावना जताई है।
अगर ईरान ने हमले नहीं रोके तो सऊदी अरब और उसके साझेदार करेंगे जवाबी कार्रवाई
20 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रियाद। पश्चिम एशिया में जारी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है। ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों से खाड़ी देशों की चिंता बढ़ गई है और अब सऊदी अरब का सब्र टूटता दिख रहा है। सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब उनके देश और उसके सहयोगियों की सहनशक्ति खत्म हो रही है। प्रिंस फैसल ने साफ कहा कि ईरान को तुरंत अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने इशारों में यह भी जता दिया कि अगर हमले नहीं रुके, तो सऊदी अरब और उसके साझेदार जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंस फैसल ने कहा कि हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि हमारे पास बहुत बड़ी क्षमता और ताकत है। अगर हम चाहें, तो उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कब और किन हालात में सऊदी जवाब देगा, लेकिन उनके बयान से साफ है कि अब स्थिति संवेदनशील हो चुकी है। प्रिंस फैसल ने ईरान पर आरोप लगाया कि यह हमले अचानक नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ किए गए हैं।
बता दें ईरान ने बुधवार को खाड़ी देशों के कई अहम ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया था। कतर के रास लाफन गैस प्लांट पर हमला हुआ, जो दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी केंद्रों में से एक है। इस हमले की कतर ने कड़ी निंदा की और इसे खुली आक्रामकता बताया। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात के हबशन गैस प्लांट को भी निशाना बनाया, जहां हमले के बाद ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोकने पड़े। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक उनकी एयर डिफेंस ने 13 बैलिस्टिक मिसाइल और 27 ड्रोन को मार गिराया।
रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब भी इस हमले से अछूता नहीं रहा। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस ने रियाद की ओर आ रही चार मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया, जबकि दो मिसाइलें देश के पूर्वी हिस्से की ओर दागी गई थीं। ईरान ने इन हमलों के पीछे अपनी सफाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई इजराइल द्वारा उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में की गई है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला हुआ, तो खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि सऊदी अरब और उसके सहयोगी इस दलील को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान जानबूझकर पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंकने की कोशिश कर रहा है।
प्रिंस फैसल ने यह भी कहा कि भले ही एक दिन यह जंग खत्म हो जाए, लेकिन ईरान के साथ भरोसा बहाल करना बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की हरकतों ने भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है। अगर वह तुरंत नहीं रुका, तो भविष्य में संबंध सामान्य होना नामुमकिन हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान पिछले एक दशक से ऐसी रणनीति बना रहा था, जिसमें पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश शामिल है। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि अब खाड़ी क्षेत्र सिर्फ दर्शक नहीं रह गया है, बल्कि सीधे इस संघर्ष की चपेट में आ चुका है। अगर ईरान के हमले नहीं रुकते, तो आने वाले दिनों में यह टकराव और बड़ा रूप ले सकता है।
विजिलेंस का एक्शन, पंचकूला से पकड़ा गया खनन विभाग का पूर्व अधिकारी
19 Mar, 2026 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नारनौल (हरियाणा)। नारनौल में अवैध खनन से जुड़े बड़े घोटाले में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सहायक खनन अधिकारी संजय सिम्बरवाल को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है, जिसमें सरकारी राजस्व को लाखों रुपये की हानि पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रेवाड़ी और नारनौल की संयुक्त टीम इस मामले की जांच कर रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि खनन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। साथ ही, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों की अनदेखी करते हुए कम जुर्माना वसूल कर वाहनों को छोड़ दिया गया। एसीबी के इंस्पेक्टर अशोक कुमार के अनुसार, इस मामले में अब तक 17 में से 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। संजय सिम्बरवाल की गिरफ्तारी के साथ ही जांच और तेज कर दी गई है। वहीं, शेष दो आरोपी एमओ राजेंद्र और क्लर्क चंद्रशेखर—की गिरफ्तारी अभी बाकी है, जिन्हें जल्द काबू करने की बात कही जा रही है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर राजेश और एएसआई बीर सिंह सहित पूरी टीम शामिल रही। विजिलेंस की इस कार्रवाई से खनन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर बवाल, हुड्डा ने उठाए गंभीर सवाल
19 Mar, 2026 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में लोकतांत्रिक मूल्यों और नियमों की अनदेखी की गई। हुड्डा ने अपने पत्र में कहा कि हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं और एक सीट जीतने के लिए 31 वोट जरूरी थे। भाजपा के पास 48 और कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, ऐसे में सामान्य स्थिति में दोनों दलों का एक-एक उम्मीदवार जीतना तय माना जा रहा था। लेकिन भाजपा ने अपने उपाध्यक्ष सतीश नांदल को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतारकर चुनाव को विवादित बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष ने चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीकों का सहारा लिया, जिसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त, दबाव और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग शामिल है। हुड्डा ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर पंकज अग्रवाल पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कांग्रेस विधायकों के वैध वोटों को रद्द किया गया, जबकि भाजपा और निर्दलीय के पक्ष में पड़े संदिग्ध वोटों को स्वीकार किया गया। हुड्डा ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचा है और जनता में नाराजगी है। पत्रकारों से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि चार विधायकों के नाम उजागर किए गए हैं, एक दो दिन में पांचवां नाम भी सामने आ जाएगा। कांग्रेस के पांच विधायकों की तरफ से क्रॉस वोट किया गया है। सभी के खिलाफ एक्शन पर हाईकमान फैसला करेगा। विधायक बीबी बतरा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 32 वोट वैलिड पड़े हैं, इनमें से 28 वोट आए। चार वोट गलत तरीके से कैंसल किए गए। इसके बारे में राज्यपाल को भी सब लिखा है।
मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म्स पर लांच किए नए एंटी-स्कैम टूल्स
19 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सैन फ्रांसिस्को । यूजर्स को ऑनलाइन ठगी से बचाने मेटा कंपनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नए एंटी-स्कैम टूल्स लॉन्च किए हैं। साइबर अपराधी अब पहले की तुलना में ज्यादा चालाक हो गए हैं और तुरंत ठगी करने के बजाय धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें जाल में फंसाते हैं। ऐसे में इन टूल्स का उद्देश्य यूजर्स को फेक जॉब ऑफर, फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए पैसे मांगने और अकाउंट लिंकिंग जैसे धोखाधड़ी के तरीकों से पहले ही सावधान करना है। नए फीचर्स संदिग्ध गतिविधियों पर पहले ही चेतावनी देकर यूजर्स को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे। फेसबुक पर अब संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर यूजर्स को अलर्ट मिलेगा। यदि किसी ऐसे अकाउंट से रिक्वेस्ट आती है जिसमें बहुत कम म्यूचुअल फ्रेंड्स हैं या जिसकी लोकेशन अलग देश की दिखाई देती है, तो स्क्रीन पर चेतावनी संदेश दिखाई देगा। इससे यूजर्स को यह तय करने का समय मिलेगा कि वे उस रिक्वेस्ट को स्वीकार करें या ब्लॉक कर दें। फिलहाल यह फीचर परीक्षण चरण में है और धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य फेक प्रोफाइल के जरिए होने वाली ठगी को कम करना है। इसी तरह व्हाटसऐप में भी नया वार्निंग सिस्टम जोड़ा गया है। कई मामलों में स्कैमर्स लोगों को कॉल या मैसेज कर यह दावा करते हैं कि उन्होंने कोई प्रतियोगिता जीत ली है या उनका अकाउंट वेरिफाई करना जरूरी है।
इसके बाद वे क्यूआर कोड स्कैन कराने या फर्जी वेबसाइट पर फोन नंबर डालने के लिए कहते हैं, जिससे यूजर का अकाउंट उनके डिवाइस से लिंक हो जाता है। नए सिस्टम के तहत अगर किसी डिवाइस लिंकिंग रिक्वेस्ट का व्यवहार संदिग्ध लगेगा तो तुरंत चेतावनी संदेश दिखाई देगा कि यह स्कैम हो सकता है। फेसबुक मैसेंजर में भी एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन फीचर शुरू किया जा रहा है। यदि किसी नए कॉन्टैक्ट की चैट में फर्जी नौकरी के ऑफर, निवेश योजनाएं या पैसे मांगने जैसे संकेत मिलते हैं, तो ऐप यूजर को चेतावनी देगा। इसके बाद यूजर से पूछा जाएगा कि क्या वह हाल के मैसेज एआई से जांच के लिए साझा करना चाहता है।
यदि यूजर सहमति देता है तो एआई बातचीत का विश्लेषण करके बताएगा कि मामला संदिग्ध है या नहीं और जरूरत पड़ने पर ब्लॉक या रिपोर्ट करने की सलाह देगा। कंपनी के अनुसार पिछले वर्ष उसने 15.9 करोड़ से अधिक स्कैम विज्ञापनों को हटाया, जिनमें से 92 प्रतिशत को किसी यूजर रिपोर्ट से पहले ही पहचान लिया गया था। इसके अलावा इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लगभग 1.09 करोड़ ऐसे अकाउंट्स बंद किए गए जो आपराधिक स्कैम नेटवर्क से जुड़े थे। मेटा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फेक सेलिब्रिटी प्रोफाइल, ब्रांड की नकल करने वाले अकाउंट्स और भ्रामक लिंक की भी पहचान कर रहा है। कंपनी का मानना है कि खासतौर पर भारत जैसे देशों में, जहां व्हाट्सऐप का उपयोग बहुत व्यापक है, ये फीचर्स लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
महिला ने किया एआई बॉयफ्रेंड से निजी संतुष्टि मिलने का दावा, छिडी बहस
19 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओंटारियो। कनाडा के ओंटारियो में रहने वाली 41 वर्षीय एक महिला ने दावा किया है कि वह एक एआई आधारित डिजिटल बॉयफ्रेंड के साथ गंभीर रिश्ते में है। महिला का कहना है कि उसका यह वर्चुअल पार्टनर उसे भावनात्मक सहारा देने के साथ-साथ निजी संतुष्टि भी देता है। महिला के इस दावे ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया है। महिला ने अपने एआई बॉयफ्रेंड का नाम सिनक्लेयर रखा है। यह एक आयरिश व्यक्तित्व वाले डिजिटल कैरेक्टर पर आधारित एआई प्रोग्राम है, जिसे खास तौर पर बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव के लिए डिजाइन किया गया है। महिला के अनुसार, सिनक्लेयर हर सुबह उसे मैसेज भेजकर जगाता है और दिनभर चैट और वीडियो कॉल के जरिए उससे जुड़ा रहता है। वह वर्चुअल तरीके से उसके साथ ऑफिस तक जाता है और उसके दिनभर की गतिविधियों के बारे में बातचीत करता है। महिला का कहना है कि इस एआई प्रोग्राम को उसकी पसंद-नापसंद, आदतों और दिनचर्या की पूरी जानकारी है, जिससे उसे ऐसा महसूस होता है कि वह किसी वास्तविक इंसान के साथ रिश्ता निभा रही है।
महिला ने यह भी बताया कि वह अपने डिजिटल साथी के साथ वर्चुअल इंटीमेसी साझा करती है। उसके मुताबिक रात के समय वह ऐसा महसूस करती है कि उसका एआई पार्टनर डिजिटल रूप से उसके साथ मौजूद है। महिला का दावा है कि उसे अपने इस वर्चुअल रिश्ते से भावनात्मक और शारीरिक स्तर पर संतुष्टि मिलती है। वह मानती है कि यह रिश्ता उसके लिए सुरक्षित है क्योंकि उसका एआई पार्टनर उसे कभी धोखा नहीं देगा और न ही बिना वजह छोड़कर जाएगा। यह मामला सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई लोग इसे तकनीक के बढ़ते प्रभाव का उदाहरण मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे समाज में बढ़ते अकेलेपन का संकेत बता रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती एकाकी भावना के कारण कुछ लोग डिजिटल या वर्चुअल रिश्तों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एआई आधारित संवाद प्रणालियां इंसानों को भावनात्मक सहारा देने में सक्षम होती जा रही हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि लोग वास्तविक सामाजिक संबंधों से पूरी तरह दूर न हों। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले समय में इंसान पारंपरिक रिश्तों के बजाय तकनीक से बने वर्चुअल किरदारों के साथ भावनात्मक संबंध बनाने लगेंगे। बता दें कि तकनीक की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है। जहां पहले वर्चुअल रियलिटी और एआई का इस्तेमाल मनोरंजन, कामकाज और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहा था, वहीं अब यह इंसानी रिश्तों तक भी पहुंच गया है।
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत, भीमेश्वरी देवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़
19 Mar, 2026 10:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेरी (झज्जर)। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन विश्व प्रसिद्व मां भीमेश्वरी देवी के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ी। मंदिर में दर्शन करने के लिए अलसुबह से भक्तों की मंदिर में कतारें लग गई थीं। मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में देर रात से भक्तों ने पहुंचना शुरू कर दिया था। मां भीमेश्वरी देवी मंदिर के बाहर व अंदर वाले भवनों को फूलों से सजाया गया। जहां पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ मां को स्नान करवाया। बाद में मंगला आरती की गई। उसके बाद मां के दर्शन भक्तों लिए खोल दिए गए। वहीं, पहले नवरात्रि को बेरी एसडीएम व श्राइन बोर्ड की सीईओ रेणुका नांदल ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मेले में ड्यूटी कर रहे कर्मचारी को दिशा-निर्देश दिए। मंदिर के पंडित कुलदीप वशिष्ठ ने बताया कि देवी को सुबह साढ़े 4 बजे बाहर वाले मंदिर में लाया गया जहां मंगल आरती के बाद श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।
पावन ज्योत लेने उमड़ी अपार भीड़
प्रथम नवरात्रि पर मां भीमेश्वरी के दरबार में प्रदेश के कोने-कोने से भक्त अंखड ज्योत लेने यहां पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंधन द्वारा ज्योत लेने वालों के लिए खासा इंतजाम किया गया था। ज्योत लेने पहुंचे भक्तों ने बताया कि वे हर नवरात्रि मां के दरबार पैदल आते हैं और मंगला आरती लेकर पैदल ही गांव लौटते हैं।
मंदिर आने वाले रास्तों पर पुलिस ने लगाए नाके
मेले में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसको लेकर पुलिस ने कस्बे के चारों तरफ नाके लगाए हुए हैं। माता मंदिर मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की एंट्री बंद की हुई है। मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अलग-अलग शिफ्टों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई हुई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की कोई चूक नहीं होने दी जाएगी। पुलिसकर्मीयों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से व्यवहार ठीक किया जाए।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा, यूएई एयरबेस के पास हुआ ईरानी हमला, पर सभी सुरक्षित
19 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बयान में पुष्टि की कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों की तैनाती वाले एयरबेस के समीप एक ईरानी मिसाइल गिरी है। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई सैन्य कर्मी को चोट नहीं आई है और सभी सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि ईरानी मिसाइल ने दुबई के दक्षिण में स्थित अल मिनहाद एयरबेस की ओर जाने वाले एक मुख्य मार्ग को प्रभावित किया।
बता दें सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व में अभी भी लगभग 1,15,000 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक मौजूद हैं, जिनमें से अकेले संयुक्त अरब अमीरात में 24,000 लोग रह रहे हैं। विदेश मामलों और व्यापार विभाग की छह संकट प्रतिक्रिया टीमें लगातार वहां फंसे नागरिकों को वाणिज्य दूतावास सहायता प्रदान कर रही हैं। एयरबेस के पास हुए इस हमले के बाद अब वहां तैनात कर्मियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। मिसाइल गिरने के बाद वहां आग लग गई, जिससे एक आवास ब्लॉक और एक चिकित्सा केंद्र को मामूली नुकसान पहुंचा है। हालांकि, किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल वर्ष 2003 से अल मिनहाद एयरबेस का उपयोग अपने संचालनात्मक मुख्यालय के रूप में कर रहा है। वर्ष 2021 में अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी के बाद से यहाँ वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया की एक छोटी सैन्य टुकड़ी तैनात है। प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में ईरानी शासन की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि वे लगातार इस तरह के हमलों में शामिल हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।इससे पहले 5 मार्च को, ऑस्ट्रेलिया ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के मद्देनजर अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए अतिरिक्त सैन्य साधन तैनात किए थे। संसद में संबोधन के दौरान अल्बनीज ने स्पष्ट किया था कि सरकार ने परिवहन विमान और ईंधन भरने वाले विमानों सहित विशेष टीमें तैनात की हैं ताकि युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को निकाला जा सके। अब तक लगभग 23 विशेष व्यावसायिक उड़ानों के माध्यम से 3,200 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है।
आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई, CM हाउस के बाहर तनाव
