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पंचकूला में वोटों की चोरी का दावा, रणदीप सुरजेवाला का बड़ा बयान
6 May, 2026 02:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: रणदीप सुरजेवाला ने पंचकूला नगर निगम में फर्जी वोटिंग का लगाया आरोप, कहा—लोकतंत्र में सेंध लगाने की हो रही है बड़ी साजिश
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने पंचकूला नगर निगम चुनाव की मतदाता सूची में भारी अनियमितताओं का दावा करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखा हमला बोला है। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सुरजेवाला ने सरकार पर 'वोट चोरी' का मॉडल अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की मिलीभगत से चुनावी प्रक्रिया को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मतदाता सूची में हजारों की संख्या में ऐसी प्रविष्टियां मिली हैं जो दोहराव का शिकार हैं, जिससे निष्पक्ष चुनाव की संभावनाओं पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी संख्या में त्रुटियां कोई मानवीय भूल नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीतिक साजिश का हिस्सा प्रतीत होती हैं।
हजारों मतदाताओं की डुप्लीकेट एंट्री और चुनावी शुचिता पर गंभीर सवाल
सुरजेवाला ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि जांच के दौरान 8545 ऐसे लोग पाए गए हैं जिनकी मतदाता सूची में कुल 17,086 बार प्रविष्टियां की गई हैं। यह कुल मतदाताओं का 8 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा है, जो चुनावी परिणामों को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है। कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि यदि यह संख्या महज दो-चार होती तो इसे सामान्य लिपिकीय त्रुटि माना जा सकता था, परंतु 17 हजार से अधिक फर्जी प्रविष्टियां यह दर्शाती हैं कि पूरी वोटर लिस्ट इस समय अशुद्ध और संदिग्ध है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए मांग की है कि इसे तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके।
हरियाणा के अन्य नगर निगमों में भी व्यापक फर्जीवाड़े की आशंका
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने इस मुद्दे को और विस्तार देते हुए कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी ने जिस तरह फर्जी वोटों का भंडाफोड़ किया था, उसी तर्ज पर हरियाणा में भी कांग्रेस इस भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अंदेशा जताया कि केवल पंचकूला ही नहीं बल्कि सोनीपत और अंबाला जैसे अन्य नगर निगमों में भी इसी तरह का बड़ा चुनावी फर्जीवाड़ा होने की पूरी संभावना है। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि उनकी टीम ने पिछले एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद इस पूरे गोरखधंधे को उजागर किया है। कांग्रेस का मानना है कि यह केवल एक शहर की समस्या नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की एक विस्तृत योजना का हिस्सा हो सकता है।
चुनाव आयोग को सौंपे गए साक्ष्य और तत्काल कार्रवाई की पुरजोर मांग
प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर उन्हें इस फर्जीवाड़े से जुड़े तमाम दस्तावेजी सबूत सौंप दिए हैं। सुरजेवाला ने कहा कि अब यह मामला केवल जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि साक्ष्यों के आधार पर सीधे तौर पर कठोर कार्रवाई करने का समय आ गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव आयोग साक्ष्यों की गंभीरता को समझते हुए उचित कदम उठाएगा और लोकतंत्र की गरिमा को बहाल करेगा। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में त्वरित एक्शन नहीं लिया गया तो वे जनता के बीच जाकर इस 'वोट चोर' सरकार की असलियत को और भी बड़े स्तर पर बेनकाब करेंगे।
Peshawar से हटेगा अमेरिकी वाणिज्य दूतावास, सुरक्षा कारणों की चर्चा तेज
6 May, 2026 02:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: अमेरिका ने पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में स्थित अपने वाणिज्य दूतावास को स्थायी रूप से बंद करने का आधिकारिक निर्णय लिया है। वाशिंगटन की इस घोषणा के अनुसार, अब इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की तमाम कूटनीतिक जिम्मेदारियां इस्लामाबाद स्थित मुख्य अमेरिकी दूतावास द्वारा संभाली जाएंगी।
सुरक्षा चिंताओं और संसाधन प्रबंधन पर जोर
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक संक्षिप्त विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि यह कदम मुख्य रूप से अपने राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संसाधनों के अधिक कुशलता से उपयोग के उद्देश्य से उठाया गया है। पेशावर और उसके आस-पास का क्षेत्र लंबे समय से आतंकवाद और सीमा पार के तनाव के कारण सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। विभाग का कहना है कि यद्यपि वहां उनकी भौतिक उपस्थिति समाप्त हो रही है, परंतु खैबर पख्तूनख्वा के नागरिकों और पाकिस्तान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और नीतियां निरंतर जारी रहेंगी।
कूटनीतिक पुनर्गठन और रणनीतिक बदलाव
विशेषज्ञों के अनुसार, पेशावर के इस मिशन को स्थायी रूप से बंद करना दक्षिण एशिया में अमेरिका की कूटनीतिक पहुंच के बड़े पुनर्गठन का हिस्सा है। पूर्व में कराची और लाहौर के दूतावासों को भी सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया था, किंतु पेशावर के मामले में यह निर्णय अंतिम और स्थायी माना जा रहा है। मध्य पूर्व के हालातों और वैश्विक स्तर पर राजनयिकों पर बढ़ते जोखिमों के मद्देनजर अमेरिका अब किसी भी प्रकार की सुरक्षा कोताही बरतने के पक्ष में नहीं है।
भविष्य के संबंध और द्विपक्षीय सहयोग
पेशावर में संचालन बंद होने के बावजूद, अमेरिका ने यह भरोसा दिलाया है कि वह पाकिस्तान के साथ आर्थिक संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर काम करता रहेगा। भविष्य में कराची, लाहौर और इस्लामाबाद स्थित सक्रिय दूतावासों के माध्यम से ही दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का संचालन किया जाएगा। इस बदलाव को क्षेत्रीय सुरक्षा की बदलती परिस्थितियों और अमेरिका की भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं के तालमेल के रूप में देखा जा रहा है।
खुशियां मातम में बदलीं, फतेहाबाद में मिलने से पहले खत्म हुई जिंदगी
6 May, 2026 01:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद: लापता युवक का क्षत-विक्षत कंकाल मिलने से क्षेत्र में सनसनी, परिजनों ने गांव के ही युवक पर लगाया हत्या का आरोप
फतेहाबाद के गुरु नानकपुरा चौकी के समीप एक खेत से युवक का नरकंकाल बरामद होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस कंकाल की शिनाख्त गांव अहरवां निवासी विरसा के रूप में हुई है, जिसकी पहचान परिजनों ने घटनास्थल पर पड़े कपड़ों और जूतों के आधार पर की है। मृतक के भाई ने बताया कि विरसा बीते 18 अप्रैल को घर से घरेलू सामान लेने के लिए निकला था, परंतु जब वह वापस नहीं लौटा तो 19 अप्रैल को सदर थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस को शुरुआती जांच में खेत से केवल खोपड़ी मिली थी, जिसे शिनाख्त के लिए नागरिक अस्पताल में रखा गया था, जिसके बाद परिजनों ने खेतों में सघन तलाशी ली तो शरीर के अन्य हिस्से भी अलग-अलग स्थानों से बरामद हुए।
नशे की लत और आपसी रंजिश के चलते हत्या की आशंका
परिजनों ने इस पूरे मामले में गांव के ही एक अन्य युवक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि नशे की ओवरडोज या नशे से जुड़ी किसी रंजिश के कारण उनके बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है। परिजनों के अनुसार, जिस तरह से शव के अवशेष अलग-अलग जगहों पर बिखरे हुए मिले हैं, वह किसी बड़ी साजिश या नृशंस वारदात की ओर इशारा करते हैं। ग्रामीण इस घटना के बाद से काफी आक्रोशित हैं और उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए अग्रोहा भेजे गए अवशेष और पुलिस की छानबीन
पुलिस ने बरामद किए गए नरकंकाल और खोपड़ी को कब्जे में लेकर डीएनए परीक्षण के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया है ताकि वैज्ञानिक रूप से युवक की पहचान की पुष्टि हो सके। जांच अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर संदिग्धों की सूची तैयार की है और मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस टीम उस रास्ते के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है जहां से विरसा आखिरी बार गुजरते हुए देखा गया था।
गांव में तनावपूर्ण माहौल और न्याय की गुहार
कंकाल मिलने की खबर जैसे ही गांव अहरवां में फैली, वहां मातम के साथ-साथ तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन पुलिस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं और निष्पक्ष जांच की उम्मीद जता रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार उस युवक का नाम ले रहे हैं जिस पर उन्हें हत्या का शक है। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मायोन ज्वालामुखी के जागते ही मची अफरा-तफरी, हजारों लोग घर छोड़ने को मजबूर
6 May, 2026 11:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मनीला: फिलीपींस के अल्बे प्रांत में स्थित प्रसिद्ध मायोन ज्वालामुखी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। रविवार, 3 मई 2026 को ज्वालामुखी के मुख से धधकते लावा और राख के विशाल गुबार निकलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। सुरक्षा के लिहाज से ज्वालामुखी के चारों ओर छह किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
अलर्ट स्तर में वृद्धि और व्यापक विस्थापन
ज्वालामुखी की बढ़ती हलचल को देखते हुए विशेषज्ञों ने अलर्ट लेवल को बढ़ाकर पांच में से तीसरे स्तर पर कर दिया है, जो संभावित बड़े विस्फोट की ओर इशारा करता है। इस खतरनाक स्थिति के कारण अब तक लगभग 5 हजार से अधिक ग्रामीणों को अपने घरों को छोड़कर अस्थायी राहत केंद्रों में शरण लेनी पड़ी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लावा के निरंतर प्रवाह और संभावित भूस्खलन के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों के लिए खतरा और भी बढ़ सकता है, इसलिए निकासी की प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है।
राख का गुबार और थमी हुई जनजीवन की रफ्तार
मायोन ज्वालामुखी से निकल रही राख ने आसमान को पूरी तरह से ढंक लिया है, जिसके कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों और इमारतों पर राख की मोटी परत जमने की वजह से यातायात पूरी तरह बाधित है और स्थानीय निवासियों को सांस लेने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, स्ट्रोम्बोलियन प्रकार के इन विस्फोटों से रुक-रुककर गैस और मलबे का निकलना जारी है, जिससे वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच गया है।
ज्वालामुखी की सक्रियता और भविष्य की आशंकाएं
लगभग 2,462 मीटर ऊंचा मायोन ज्वालामुखी अपने बेहद सटीक शंक्वाकार आकार के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इसका इतिहास विनाशकारी विस्फोटों से भरा रहा है। वर्तमान में हो रहे मध्यम श्रेणी के विस्फोटों के बावजूद भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि मैग्मा का दबाव किसी भी वक्त बड़े संकट का रूप ले सकता है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भोजन और दवाइयों का प्रबंध किया गया है, जबकि सुरक्षा बल लगातार प्रतिबंधित क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से ज्वालामुखी के करीब न जा सके।
रादौर फायरिंग केस में पुलिस को सफलता, फरार आरोपी काबू
6 May, 2026 11:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुनानगर: मुठभेड़ के बाद काला राणा गैंग का इनामी शूटर अमन गिरफ्तार, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
यमुनानगर के रादौर क्षेत्र स्थित गांव भूरे का माजरा में हुई गोलीबारी की वारदात में शामिल मुख्य आरोपी अमन उर्फ नोनी को पुलिस ने एक नाटकीय मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। अपराध शाखा की टीम को यह कामयाबी थाना छप्पर इलाके के कुलपुर फाटक के पास मिली, जहाँ आरोपी और पुलिस के बीच सीधी भिड़ंत हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि अमन किसी अन्य बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है, जिसके बाद जिले भर में नाकेबंदी कर गहन तलाशी अभियान चलाया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ फायरिंग की और गोली लगने से घायल हुए आरोपी को अंततः हिरासत में ले लिया गया।
काला राणा गैंग से जुड़ाव और पांच हजार का इनामी बदमाश
पकड़ा गया आरोपी अमन मूल रूप से पानीपत के गोयल खुर्द गांव का रहने वाला है और वह कुख्यात काला राणा गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था। भूरे का माजरा फायरिंग मामले में नामजद होने के बाद से ही वह कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहा था, जिसके चलते प्रशासन ने उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह इलाके में दहशत फैलाने वाली कई अन्य घटनाओं में भी वांछित था। उसकी गिरफ्तारी को जिला पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि वह गैंग का एक महत्वपूर्ण मोहरा माना जाता था।
कुलपुर फाटक के पास भीषण गोलाबारी और आरोपी की गिरफ्तारी
जब पुलिस की टीम शाहबाद रोड पर संदिग्धों की जांच कर रही थी, तब अमन ने खुद को घिरता देख भागने के बजाय पुलिस पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए करीब दस से पंद्रह राउंड गोलियां चलाईं, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक गोली अमन के बाएं पैर में जा लगी, जिससे वह अनियंत्रित होकर वहीं गिर पड़ा और भागने में असमर्थ हो गया। इसके तुरंत बाद घेराबंदी कर उसे काबू किया गया और प्राथमिक उपचार के लिए भारी सुरक्षा के बीच यमुनानगर के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहाँ वर्तमान में उसका इलाज चल रहा है।
भारी मात्रा में अवैध असलहा बरामद और गहन पूछताछ का दौर
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से एक मोटरसाइकिल, एक अवैध हथियार और बाइस जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार था। डीएसपी रादौर रजत गुलिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी से बरामद हथियारों के स्रोतों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अब अमन से उसके अन्य साथियों और गैंग के नेटवर्क के बारे में कड़ी पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि रादौर फायरिंग कांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। इस कार्रवाई से इलाके के बदमाशों में कड़ा संदेश गया है और पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में भी लगातार दबिश दे रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और सीलिंग प्लान की सफलता पर अधिकारियों की राय
इस सफल ऑपरेशन के पीछे पुलिस की सटीक सूचना और समय पर लागू किए गए सीलिंग प्लान की बड़ी भूमिका रही है। जिला पुलिस प्रमुख के निर्देशानुसार पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया था ताकि आरोपी को भागने का कोई रास्ता न मिल सके। अधिकारियों का मानना है कि अमन की गिरफ्तारी से न केवल पुरानी वारदातों की गुत्थी सुलझेगी, बल्कि भविष्य में होने वाली कई संभावित वारदातों को भी टालने में मदद मिली है। पुलिस अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को तेज कर रही है ताकि आरोपी को अदालत में पेश कर सख्त सजा दिलाई जा सके। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की सराहना की है जिससे आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
वॉशिंगटन डीसी की घटना पर PM मोदी की प्रतिक्रिया, हिंसा की कड़ी निंदा
6 May, 2026 11:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन डीसी: अमेरिकी राजधानी में आयोजित 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर' के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वाशिंगटन हिल्टन होटल में अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं। सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर को दबोच लिया और राष्ट्रपति समेत सभी गणमान्य व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने पुष्टि की है कि हमलावर ने सुरक्षा चेकपॉइंट पर तैनात एक अधिकारी पर गोली चलाई, जो उसके बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।
हमले की नाकाम कोशिश और आरोपी की गिरफ्तारी
हमलावर की पहचान कैलिफोर्निया के 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर एक शॉटगन और पिस्टल लेकर कार्यक्रम स्थल में घुसने की कोशिश कर रहा था। जैसे ही उसने सुरक्षा घेरे को तोड़ने का प्रयास किया, सीक्रेट सर्विस के जवानों ने उसे चुनौती दी, जिसके बाद आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई और पीछा किए जाने के दौरान हमलावर लड़खड़ा कर गिर गया और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी के पास से एक 'मेनिफेस्टो' भी मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उसका उद्देश्य ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाना था।
राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया और सुरक्षा पर सवाल
इस जानलेवा हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया को जानकारी दी कि वह और उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने सीक्रेट सर्विस के जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका में उच्च-स्तरीय कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि यह ट्रंप पर पिछले कुछ वर्षों में तीसरा बड़ा हमला था, जिसके कारण अब वाशिंगटन में सुरक्षा मानकों को और अधिक कड़ा करने पर विचार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की निंदा और वैश्विक संदेश
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह जानकर राहत मिली कि राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य नेता सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए रत्ती भर भी स्थान नहीं होना चाहिए और ऐसी कायरतापूर्ण हरकतों का वैश्विक स्तर पर विरोध होना चाहिए। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
BJP की ऐतिहासिक जीत पर ट्रंप ने मोदी को किया कॉल/मैसेज, क्या कहा?
6 May, 2026 11:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक युगांतरकारी परिवर्तन आया है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 207 सीटों पर प्रचंड बहुमत हासिल कर पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाने की ओर कदम बढ़ाए हैं। इस जीत की गूँज सात समंदर पार भी सुनाई दे रही है, जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी है। दशकों तक वामपंथी और फिर तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव में रहे इस राज्य में भाजपा का यह उभार भारतीय राजनीति की दिशा बदलने वाला माना जा रहा है।
वैश्विक मंच पर गूंजी बंगाल की जीत और ट्रंप का संदेश
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को बंगाल में मिली इस निर्णायक जीत पर व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी हालिया बातचीत का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की और उन्हें एक "सशक्त नेता" बताया। अमेरिका की ओर से आई यह प्रतिक्रिया न केवल दोनों नेताओं के बीच प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाती है, बल्कि बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्य के चुनावी नतीजों के वैश्विक महत्व को भी रेखांकित करती है।
मोदी का नया विजन और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संकल्प
नई दिल्ली में विजय उत्सव के दौरान समर्थकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जनादेश को बंगाल के लिए एक "नए युग की शुरुआत" करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उन सपनों की पूर्ति है, जो उन्होंने एक एकीकृत और प्रगतिशील बंगाल के लिए देखे थे। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बंगाल की जनता ने अब भय और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार कर 'सोनार बांग्ला' के विकास मॉडल पर अपनी मुहर लगा दी है, जिससे आने वाले समय में राज्य की बुनियादी नीतियों में बड़े बदलाव की संभावना प्रबल हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया का विश्लेषण और भविष्य का खाका
दुनिया भर की प्रमुख मीडिया संस्थाओं ने बंगाल के इन नतीजों को प्रधानमंत्री मोदी के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा है। ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) और रॉयटर्स जैसी एजेंसियों ने इसे भाजपा के लिए अब तक की सबसे कठिन लेकिन महत्वपूर्ण जीत बताया है, जो समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे राष्ट्रीय एजेंडों को नई ऊर्जा दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का यह "7 साल का प्रोजेक्ट" अब सफल हो गया है, जिसने ममता बनर्जी के 15 साल पुराने अभेद्य दुर्ग को ढहाकर पूर्वी भारत में सत्ता का एक नया केंद्र स्थापित कर दिया है।
व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी, अटैकर मारा गया, ट्रंप कार्यक्रम में शामिल
6 May, 2026 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमरीकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास व्हाइट हाउस के निकट हुई एक गोलीबारी की वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया, जिसके परिणामस्वरूप एहतियात के तौर पर परिसर में कुछ समय के लिए तालाबंदी कर दी गई। सीक्रेट सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, 15वीं स्ट्रीट और इंडिपेंडेंस एवेन्यू के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों ने एक सशस्त्र संदिग्ध को गोली मार दी। यह पूरी घटना वाशिंगटन स्मारक के समीप उस वक्त घटित हुई जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का काफिला क्षेत्र से गुजर रहा था, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस समय व्हाइट हाउस के भीतर एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्त थे।
सुरक्षा घेरे में संदिग्ध और सीक्रेट सर्विस की भिड़ंत
इस हिंसक टकराव के विषय में जानकारी देते हुए सीक्रेट सर्विस ने स्पष्ट किया कि यह पूरी घटना एक हथियारबंद व्यक्ति और उनके पुलिस अधिकारियों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ का परिणाम थी। स्थिति को अनियंत्रित होता देख सुरक्षा अधिकारी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध पर गोलियां चलाईं। हालांकि इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े किए, किंतु अधिकारियों ने तत्काल पुष्टि की कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और व्हाइट हाउस की सुरक्षा की अभेद्य दीवार को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है।
जांच के चलते क्षेत्र में आवाजाही पर लगी रोक
वारदात के तुरंत बाद सक्रिय हुई जांच एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और घटनास्थल के आस-पास के सभी मुख्य मार्गों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और सुरक्षा बलों ने सबूत जुटाने के लिए गहन तलाशी अभियान चलाया, जिससे वाशिंगटन स्मारक के पास के क्षेत्र में काफी देर तक हलचल बनी रही। सुरक्षा की दृष्टि से उठाए गए इन कड़े कदमों के कारण आम जनता की आवाजाही को कुछ घंटों के लिए रोक दिया गया ताकि गहन पड़ताल में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों पर कड़ी निगरानी
इस गंभीर सुरक्षा उल्लंघन की कोशिश के बाद व्हाइट हाउस और उसके निकटवर्ती संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है। सीक्रेट सर्विस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि वह सशस्त्र व्यक्ति इतने सुरक्षित क्षेत्र तक कैसे पहुँचने में सफल रहा। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
‘Mission Drishti’ की सफलता पर दुनिया मुरीद, एलन मस्क ने दी बधाई
6 May, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय लिखते हुए बेंगलुरु के स्टार्टअप 'गैलेक्सीआई' ने अपने महत्वाकांक्षी उपग्रह 'मिशन दृष्टि' का सफल प्रक्षेपण कर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस उपलब्धि की गूँज सात समंदर पार तक सुनाई दी, जहाँ दुनिया के दिग्गज उद्यमी एलन मस्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय स्टार्टअप को इस कामयाबी के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता को भारतीय युवाओं के अटूट नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण का जीवंत उदाहरण बताया है। कैलिफोर्निया से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किया गया यह उपग्रह भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए अब तक की सबसे बड़ी छलांग माना जा रहा है।
ऑप्टो-सार तकनीक और मौसम की बाधाओं पर विजय
मिशन दृष्टि की सबसे बड़ी विशेषता इसका दुनिया का पहला 'ऑप्टो-सार' (OptoSAR) सैटेलाइट होना है, जो इसे पारंपरिक उपग्रहों की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली बनाता है। अत्याधुनिक सेंसर और हाई-टेक कैमरों से लैस यह उपग्रह घने बादलों, भारी बारिश या घोर अंधेरे के बावजूद पृथ्वी की अत्यंत स्पष्ट और हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें लेने की क्षमता रखता है। भारत जैसे देश के लिए, जहाँ मानसून के दौरान लंबे समय तक बादलों के कारण उपग्रहों से निगरानी करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है, यह तकनीक एक क्रांतिकारी समाधान के रूप में उभरी है। लगभग 1.8 मीटर रेजोल्यूशन के साथ यह सैटेलाइट हर समय और हर मौसम में निरंतर डेटा उपलब्ध कराता रहेगा, जिससे अंतरिक्ष से पृथ्वी की निगरानी का एक नया युग शुरू होगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पर अभेद्य निगरानी
रक्षा क्षेत्र के दृष्टिकोण से 'मिशन दृष्टि' को भारत की सुरक्षा ढाल के रूप में देखा जा रहा है, जो सीमाओं पर पल-पल की जानकारी देने में सक्षम है। इसकी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग क्षमता के माध्यम से चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर किसी भी संदिग्ध हलचल को तुरंत पकड़ा जा सकेगा, जिससे भारतीय सेना को रणनीतिक निर्णय लेने में अत्यधिक सहायता मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपग्रह न केवल दुश्मनों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में सेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को भी कई गुना बढ़ा देगा। निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित अब तक का यह सबसे बड़ा स्वदेशी उपग्रह भारत को अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होने वाला है।
आपदा प्रबंधन और नागरिक सेवाओं में बहुआयामी उपयोग
यह उपग्रह केवल रक्षा उद्देश्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपनी 'डुअल-यूज' प्रकृति के कारण यह आम नागरिकों और प्रशासन के लिए भी वरदान सिद्ध होगा। प्राकृतिक आपदाओं जैसे कि बाढ़, चक्रवात, भूकंप या वनों में लगने वाली आग के दौरान इसके द्वारा प्रदान की गई सटीक जानकारी से समय रहते राहत कार्य संचालित किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के अध्ययन, समुद्री तटों की निगरानी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रखने में भी यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। किसानों के लिए फसलों की निगरानी और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में भी इस सैटेलाइट से प्राप्त डेटा का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाएगा, जिससे देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को एक नई गति प्राप्त होगी।
रोहतक में युवक की संदिग्ध मौत, इलाके में तनाव
6 May, 2026 09:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक: सुनारिया जेल रोड पर युवक की नृशंस हत्या, गला रेतने के बाद हमलावरों ने पेट चीरकर फैलाई दहशत
रोहतक के सुनारिया जेल रोड स्थित मीट मार्केट के समीप एक 25 वर्षीय युवक की रूह कंपा देने वाली हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुधवार की सुबह सड़क किनारे एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हमलावरों ने न केवल युवक का गला रेतकर उसे मौत के घाट उतारा, बल्कि बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उसके पेट को भी किसी धारदार हथियार से चीर दिया। शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर मिले हालात को देखकर यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों ने इस वारदात को बेहद क्रूरता के साथ अंजाम दिया है ताकि आसपास के लोगों में खौफ पैदा किया जा सके।
वारदात वाली जगह पर मिली शराब की बोतलें और प्रारंभिक पुलिस तफ्तीश
पुलिस को सुबह करीब पौने आठ बजे इस घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद एएसपी आयुष यादव और थाना प्रभारी राकेश सैनी सहित एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। जिस स्थान पर शव पड़ा था, वहां पास में ही शराब की बोतलें, नमकीन के पैकेट और अन्य सामान बिखरा हुआ मिला है, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले वहां कुछ लोगों का जमावड़ा था। एफएसएल एक्सपर्ट डॉक्टर सरोज दहिया ने बारीकी से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि कातिलों का कोई सुराग मिल सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई के शवगृह में भिजवा दिया है और मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए गहन छानबीन की जा रही है।
रामनगर निवासी मोहित के रूप में हुई शिनाख्त और परिजनों का बयान
शव मिलने के कुछ घंटों बाद मृतक की पहचान रामनगर निवासी मोहित के तौर पर हुई। मोहित के भाई गौरव ने पुलिस को बताया कि वह आर्य नगर स्थित एक ढाबे पर काम करता था और उसे आखिरी बार मंगलवार की रात किला रोड स्थित गीता मार्केट के पास देखा गया था। परिवार के लिए यह पहेली बनी हुई है कि मोहित रात के वक्त अनाज मंडी के पीछे के सुनसान इलाके में कैसे पहुंचा और उसकी किसी से कोई दुश्मनी थी या नहीं। पुलिस अब मोहित के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और अंतिम बार उसे किसके साथ देखा गया था, इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से कातिलों तक पहुँचने का प्रयास
शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस और अनाज मंडी चौकी की टीम इस अंधी हत्या के मामले को सुलझाने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि गीता मार्केट से लेकर वारदात वाली जगह तक के रास्ते में लगे कैमरों से हमलावरों की पहचान हो सकेगी। इस हत्याकांड ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि हमलावरों ने इतनी व्यस्त सड़क के पास इस वारदात को अंजाम दिया और आसानी से फरार हो गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे संदिग्धों से पूछताछ कर रहे हैं और जल्द ही इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले सलाखों के पीछे होंगे।
शांति की पहल या रणनीति? Iran के प्रस्ताव पर उठे सवाल
5 May, 2026 06:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ा संघर्ष अब एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर आ खड़ा हुआ है, जहाँ शांति की अपीलों के बीच बारूद की गंध और तेज हो गई है। वैश्विक कूटनीति में समाधान के प्रयास तो हो रहे हैं, लेकिन समुद्र में व्यापारिक जहाजों पर लगातार होते हमले और नौसैनिक घेराबंदी ने पूरी दुनिया की आपूर्ति व्यवस्था को संकट में डाल दिया है। रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए ताजा हमले ने हफ्तों से बनी अस्थाई शांति को पूरी तरह खत्म कर दिया है। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, छोटी नावों के जरिए किए गए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
होर्मुज जलमार्ग पर ईरान की नई शर्तें और वैश्विक ऊर्जा संकट
दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा ढोने वाले होर्मुज जलमार्ग पर ईरान ने अब बेहद सख्त और अड़ियल रुख अपना लिया है। तेहरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर 'टोल टैक्स' वसूलने की नई शर्त थोप दी है, साथ ही अमेरिका और इजरायल से जुड़े किसी भी जहाज के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। ईरान की इस नीति ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है। हालांकि, तनाव कम करने के लिए ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी भेजा है, जिसमें एक महीने के भीतर विवाद सुलझाने का खाका पेश किया गया है। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़ा रुख दिखाते हुए स्पष्ट किया है कि वे ईरान की पुरानी गतिविधियों को देखते हुए उसे इतनी आसानी से कोई बड़ी राहत देने के पक्ष में नहीं हैं।
अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान की चरमराती अर्थव्यवस्था
ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने उसके बंदरगाहों की अभूतपूर्व नौसैनिक घेराबंदी कर रखी है, जिसका उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह ठप करना है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की इस नाकेबंदी के कारण ईरान के तेल भंडार अब अपनी अधिकतम क्षमता तक भर चुके हैं, जिससे वहां के तेल कुओं को बंद करने की नौबत आ गई है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि अब तक लगभग 49 जहाजों को ईरान की ओर जाने से रोका जा चुका है, जिससे ईरानी अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ पड़ रहा है। यह आर्थिक घेराबंदी इतनी सख्त है कि इसने ईरान को रणनीतिक रूप से पीछे हटने या कड़े फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है।
कूटनीतिक मध्यस्थता और समाधान की अंतिम कोशिशें
एक तरफ जहां युद्ध के मैदान में तनातनी जारी है, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे समाधान की तलाश भी तेज हो गई है। ओमान और पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ के रूप में उभरकर सामने आए हैं। ईरान के विदेश मंत्री और ओमान के प्रतिनिधियों के बीच हालिया चर्चाओं से यह संकेत मिलते हैं कि दोनों पक्ष किसी न किसी तरह के समझौते की संभावना टटोल रहे हैं। वर्तमान में मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई, आर्थिक प्रतिबंधों और कूटनीतिक वार्ताओं का एक ऐसा जटिल त्रिकोण बन चुका है, जिसका प्रभाव आने वाले समय में न केवल इस क्षेत्र की राजनीति पर, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता पर भी पड़ेगा।
United States बोला— टैरिफ लगाना हमारा अधिकार, Beijing पर बढ़ी टेंशन
5 May, 2026 05:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की अपनी आगामी महत्वपूर्ण यात्रा से पहले व्यापारिक मोर्चे पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सस्ते विदेशी आयात ने अमेरिकी घरेलू उद्योगों की कमर तोड़ दी है और उनकी सरकार की टैरिफ नीतियां इस असंतुलन को ठीक करने के लिए सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रही हैं। चीन के दौरे पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात से ठीक पहले ट्रंप के इस आक्रामक तेवर ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों और व्यापार विशेषज्ञों के बीच व्यापक हलचल पैदा कर दी है।
आयात शुल्क की नीति और स्वदेशी उद्योगों की वापसी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में तर्क दिया कि चीन जैसे देशों से आने वाले सस्ते और निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों ने अमेरिकी बाजार में अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा की है। उन्होंने टैरिफ को राजस्व का एक बड़ा स्रोत बताते हुए संकेत दिया कि यदि विदेशी दबाव कम नहीं हुआ, तो इन दरों में और भी वृद्धि की जा सकती है। ट्रंप ने उन कंपनियों को सीधा संदेश दिया जो ऊंचे शुल्कों से बचना चाहती हैं, कि वे अपना उत्पादन केंद्र वापस अमेरिका में स्थानांतरित करें। उनके अनुसार, इस नीति का सकारात्मक प्रभाव अब दिखने लगा है और ऑटोमोबाइल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के उद्योग फिर से अमेरिकी जमीन पर लौटने लगे हैं।
चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और तकनीकी प्रभुत्व
अमेरिका और चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर बात करते हुए ट्रंप ने इसे एक चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रतिस्पर्धी मित्रता करार दिया। उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त का उल्लेख करते हुए दावा किया कि तकनीक के मामले में अमेरिका आज भी चीन से काफी आगे है। पिछली व्यापार नीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दशकों तक देश के आर्थिक हितों की अनदेखी की गई, लेकिन वर्तमान सरकार की टैरिफ नीतियों ने अमेरिका को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि कानूनी चुनौतियों के बावजूद वे घरेलू उद्योगों के संरक्षण के लिए अन्य कड़े विकल्पों का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेंगे।
अर्थव्यवस्था की रीढ़ और छोटे व्यवसायों का सशक्तिकरण
टैरिफ के मुद्दों के बीच राष्ट्रपति ने 'नेशनल स्मॉल बिजनेस वीक' के अवसर पर देश के छोटे व्यापारियों के योगदान की जमकर सराहना की। उन्होंने छोटे व्यवसायों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ बताते हुए कहा कि देश के लगभग 36 मिलियन लघु उद्यमी कुल आर्थिक गतिविधियों में 40 प्रतिशत की महत्वपूर्ण भागीदारी निभाते हैं। ट्रंप ने विकास की गति को बनाए रखने के लिए करों में कटौती और जटिल नियमों में ढील देने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। उन्होंने विश्वास जताया कि छोटे व्यवसायों को दी गई छूट और टैरिफ से होने वाली आय मिलकर अमेरिका को वैश्विक मंच पर और अधिक शक्तिशाली बनाएंगे।
वैश्विक मंच पर Subrahmanyam Jaishankar ने आर्थिक साझेदारी को दी प्राथमिकता
5 May, 2026 03:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किंग्स्टन: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने नौ दिवसीय कैरेबियाई प्रवास के प्रथम चरण में जमैका की राजधानी किंग्स्टन पहुंचकर दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह यात्रा कैरेबियाई क्षेत्र के साथ भारत के प्रगाढ़ होते सामरिक और सांस्कृतिक संबंधों का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसके अंतर्गत वे सूरीनाम और त्रिनिदाद व टोबैगो का भी दौरा करेंगे। किंग्स्टन में जमैका की विदेश मंत्री कामिना जॉनसन स्मिथ और उनके कैबिनेट सहयोगियों के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों पर गहन मंथन किया गया। इस बैठक का मुख्य केंद्र शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में साझा भविष्य की नींव रखना रहा।
द्विपक्षीय सहयोग के नए आयाम और आर्थिक साझेदारी
विदेश मंत्री जयशंकर ने इस यात्रा के दौरान जमैका के शीर्ष नेतृत्व और व्यापारिक दिग्गजों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बदलते हुए वैश्विक परिवेश में एक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि भारत और जमैका के आर्थिक हित एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के साथ हुई विशेष मुलाकात में राजनीतिक संबंधों को और अधिक सक्रिय और जीवंत बनाने की कार्ययोजना पर सहमति बनी। जयशंकर ने व्यापारिक समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार का संतुलन और बेहतर हो सके।
मानवीय सहायता और तकनीकी नवाचार की मिसाल
भारत ने अपनी मानवीय प्रतिबद्धता को दोहराते हुए जमैका को 'भीष्म क्यूब' (BHISHM Cubes) उपहार स्वरूप भेंट किए हैं। स्वदेशी तकनीक से निर्मित यह अत्याधुनिक मोबाइल अस्पताल प्रणाली किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में मिनटों के भीतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है। यह उपहार न केवल भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, बल्कि जमैका के प्रति भारत के सहयोगी और संवेदनशील दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, विदेश मंत्री ने तकनीकी सहयोग के माध्यम से जमैका के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने में भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है।
सांस्कृतिक विरासत और क्रिकेट का साझा जुड़ाव
राजनीतिक और आर्थिक वार्ताओं के साथ-साथ इस यात्रा में दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत और खेलों के प्रति प्रेम की झलक भी देखने को मिली। विदेश मंत्री ने जमैका के ऐतिहासिक सबिना पार्क क्रिकेट स्टेडियम को एक आधुनिक स्कोरबोर्ड समर्पित किया। उन्होंने क्रिस गेल और कोर्टनी वॉल्श जैसे महान क्रिकेटरों के योगदान को याद करते हुए कहा कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच जनता से जनता के जुड़ाव का सबसे मजबूत माध्यम है। साथ ही, उन्होंने किंग्स्टन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत में हो रहे तीव्र बुनियादी विकास और तकनीकी क्रांति की जानकारी दी, जिससे प्रवासियों के मन में अपनी जड़ों के प्रति गर्व और विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
Donald Trump का कड़ा रुख, Iran के खिलाफ एक्शन मोड में अमेरिका
5 May, 2026 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: मध्य पूर्व के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव अब एक ऐसे चरम बिंदु पर पहुंच गया है, जहां से वैश्विक युद्ध की आशंका प्रबल हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी के लहजे में अब तक का सबसे कठोर संदेश देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक जहाजों या उनके ऑपरेशनों को निशाना बनाने का दुस्साहस किया, तो उसे धरती के नक्शे से मिटा दिया जाएगा। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका होर्मुज में महीनों से फंसे सैकड़ों तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (Project Freedom) नामक एक व्यापक सैन्य अभियान चला रहा है। इस मिशन के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधी और घातक सैन्य झड़प की खबरें भी सामने आई हैं।
होर्मुज में सैन्य कार्रवाई और 'प्रोजेक्ट फ्रीडम'
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना ने जलमार्ग को व्यापार के लिए फिर से खोलने के प्रयासों के दौरान ईरान की सात छोटी सैन्य नावों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने ईरान पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि वह उन देशों के वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बना रहा है जिनका इस विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं है। ट्रंप ने विशेष रूप से दक्षिण कोरिया जैसे देशों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिका के प्रयासों में सहयोग दें। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस मिशन में गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक, 100 से अधिक विमान और लगभग 15,000 सैनिक तैनात किए गए हैं, ताकि ईरान की 'समुद्री नाकाबंदी' को तोड़ा जा सके।
फुजैरा तेल बंदरगाह पर हमला और भारतीय नागरिकों की चोट
तनाव की यह आग अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक भी फैल गई है, जहां फुजैरा के प्रमुख तेल भंडारण केंद्र पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमला किया गया है। यूएई ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और एक खतरनाक उकसावा करार दिया है। फुजैरा में हुए इस विस्फोट ने भारत की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं, क्योंकि इस घटना में तेल केंद्र पर काम कर रहे तीन भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है ताकि घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर यूएई को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है।
वैश्विक बाजार में हाहाकार और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
होर्मुज जलडमरूमध्य में छिड़ी इस सैन्य जंग का सीधा और गहरा असर वैश्विक तेल व्यापार पर पड़ा है, जिसे दुनिया की आर्थिक लाइफलाइन माना जाता है। ट्रंप की विनाशकारी चेतावनी और फुजैरा में तेल बुनियादी ढांचे पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतें 5% से अधिक उछलकर 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कीमतें 150 डॉलर तक पहुंच सकती हैं, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा। फिलहाल, अमेरिकी रक्षा मंत्री और सैन्य नेतृत्व इस पूरी स्थिति पर कल एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।
खाड़ी में तनाव चरम पर! Iranian Navy की अमेरिकी जहाजों को खुली चेतावनी
5 May, 2026 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान: पश्चिमी एशिया के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति की कोशिशों को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब ईरानी नौसेना और अमेरिकी युद्धपोतों के बीच सीधी सैन्य तनातनी देखने को मिली। सोमवार की देर शाम हुई इस घटना में ईरान ने अमेरिकी जहाजों की दिशा में चेतावनी स्वरूप गोलाबारी की, जिससे क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान का दावा है कि अमेरिकी जहाजों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी पहचान प्रणालियों को बंद कर दिया था, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर यह आक्रामक रुख अपनाना पड़ा। दूसरी ओर, अमेरिका ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने नियमित समुद्री मिशन का हिस्सा बताया है।
सुरक्षा उल्लंघन के आरोप और ईरानी नौसेना की सख्त कार्रवाई
ईरान के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ओमान की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोतों की आवाजाही संदिग्ध पाई गई थी, क्योंकि उन्होंने राडार और अन्य पहचान प्रणालियों को जानबूझकर निष्क्रिय कर दिया था। ईरानी नौसेना ने रेडियो संदेशों के जरिए अमेरिकी बेड़े को रुकने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने की चेतावनी दी थी, जिसे कथित तौर पर नजरअंदाज कर दिया गया। इसके जवाब में ईरानी बलों ने क्रूज मिसाइलों और कॉम्बैट ड्रोनों का उपयोग करते हुए अमेरिकी जहाजों के निकट वार्निंग फायर किए। तेहरान ने इस पूरी घटना को उकसावे वाली कार्रवाई करार देते हुए स्पष्ट किया है कि उसकी समुद्री सीमाओं की संप्रभुता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में होने वाले किसी भी नुकसान का जिम्मेदार वाशिंगटन होगा।
अमेरिकी स्पष्टीकरण और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर मिशन की दलील
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपनी प्रतिक्रिया में ईरानी दावों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि उनके गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक केवल 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत अपनी निर्धारित यात्रा पर थे। वाशिंगटन का तर्क है कि उनके युद्धपोत इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं ताकि वैश्विक व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे। अमेरिका के अनुसार उनके संरक्षण में दो व्यापारिक जहाज इस मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं और वे केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर ही संचालन कर रहे हैं। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच चल रही अस्थायी शांति वार्ता और युद्धविराम की संभावनाओं पर सवालिया निशान लगा दिया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरे के संकेत और कच्चे तेल का संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य की भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऑयल चोक पॉइंट बनाती है, क्योंकि वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है और विशेषज्ञों ने कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका जताई है। रक्षा और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच यह छद्म युद्ध सीधे सैन्य संघर्ष में बदलता है, तो इसके परिणाम स्वरूप पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर सकती है। वर्तमान में दोनों सेनाओं ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
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