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डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा तय! विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिए संकेत, जल्द हो सकती है बड़ी बैठक
27 Jun, 2026 10:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगामी दिनों में भारत की एक महत्वपूर्ण और आधिकारिक यात्रा पर आने वाले हैं। इस बात की आधिकारिक पुष्टि खुद अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की है। विदेश मंत्री रुबियो ने एक हालिया साक्षात्कार के दौरान जानकारी साझा की कि वे स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप के इस ऐतिहासिक भारत दौरे की कूटनीतिक और प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देने में बेहद सक्रियता से जुटे हुए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन तैयारियों की समीक्षा करने और द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा तय करने के लिए वे बहुत जल्द खुद भी भारत का दौरा करेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप के आगामी भारत दौरे की आधिकारिक पुष्टि
अमेरिकी प्रशासन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस प्रस्तावित भारत यात्रा को दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि इस दौरे को ऐतिहासिक और दोनों देशों के लिए मील का पत्थर बनाने के लिए वाशिंगटन में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी है। इस यात्रा के दौरान कई बड़े रक्षा, व्यापारिक और रणनीतिक समझौतों पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
तैयारियों का जायजा लेने भारत आएंगे विदेश मंत्री मार्को रुबियो
राष्ट्रपति के मुख्य एजेंडे को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो खुद जमीनी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बहुप्रतीक्षित यात्रा की रूपरेखा और सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरी तरह व्यवस्थित करने के उद्देश्य से वे जल्द ही नई दिल्ली पहुंचेंगे। वहां वे भारतीय समकक्षों और उच्च अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे, ताकि राष्ट्रपति ट्रंप के आगमन से पहले दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्राथमिकताओं को पूरी स्पष्टता के साथ तय किया जा सके।
भारत-अमेरिका के बीच वैश्विक रणनीतिक संबंधों पर पड़ेगा प्रभाव
बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति का यह भारत दौरा अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहने वाला है। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा से न केवल प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की भागीदारी मजबूत होगी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई, तकनीकी सहयोग और आर्थिक नीतियों के समन्वय को भी एक नई दिशा मिलेगी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय इस यात्रा को लेकर बेहद गंभीर है और दोनों ही राष्ट्र इस शिखर वार्ता से बड़े सकारात्मक परिणामों की उम्मीद लगाए हुए हैं।
पाकिस्तान में फिर भूकंप, डेरा गाजी खान क्षेत्र में महसूस हुए तेज झटके
27 Jun, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप की त्रासदी के बीच अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी भूगर्भीय हलचल तेज हो गई है। शनिवार सुबह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अंतर्गत आने वाले डेरा गाजी खान क्षेत्र और उसके आस-पास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 5.4 आंकी गई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण तत्काल किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या बड़ी तबाही की कोई खबर सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति की निगरानी कर रहा है।
भूकंप का समय, तीव्रता और केंद्र की स्थिति
स्थानीय समय के अनुसार यह भूकंप सुबह 8:53 बजे आया, जिसने लोगों को डरा दिया। भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.4 दर्ज की गई और इसका मुख्य केंद्र डेरा गाजी खान के निकटवर्ती क्षेत्र में जमीन के भीतर लगभग 75 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। झटके इतने तेज थे कि धरती हिलते ही घबराए लोग अपने घरों, दुकानों और बहुमंजिला इमारतों से सुरक्षा के लिए तुरंत खुले मैदानों की तरफ भागने लगे।
पाकिस्तान की भौगोलिक संवेदनशीलता और पूर्व के झटके
पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से लगातार भूकंपीय गतिविधियां देखी जा रही हैं। इस घटना से ठीक एक दिन पहले, यानी शुक्रवार को भी देश के बलूचिस्तान प्रांत के विभिन्न हिस्सों में धरती कांपी थी। भौगोलिक संरचना के दृष्टिकोण से पाकिस्तान एक अत्यधिक संवेदनशील फॉल्ट लाइन क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण यहां समय-समय पर टेक्टोनिक प्लेटों में टकराव होने से भूकंप आते रहते हैं। भू-गर्भ शास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षा मानकों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए।
वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप का असर और वर्तमान स्थिति
पाकिस्तान में आई इस प्राकृतिक आपदा ने लोगों का ध्यान वेनेजुएला की ओर भी खींचा है, जो वर्तमान में इतिहास के सबसे भीषण भूकंपों में से एक का सामना कर रहा है। बीते बुधवार को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 की तीव्रता वाले दो अत्यंत विनाशकारी भूकंप आए थे, जिन्होंने वहां भारी तबाही मचाई है। कई रिहायशी इमारतें और बुनियादी ढांचे जमींदोज हो गए हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। मलबे में दबे जीवित लोगों को निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय बचाव दल और राहत एजेंसियां युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं, हालांकि बुनियादी सुविधाएं ठप होने से दुर्गम इलाकों तक पहुंचना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
ट्रंप के पूर्व सलाहकार जॉन बोल्टन ने कोर्ट में बदला रुख, क्लासिफाइड दस्तावेज मामले में गुनाह स्वीकार
27 Jun, 2026 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को अवैध रूप से अपने पास रखने के मामले में संघीय अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में इस महत्वपूर्ण पद पर रहे 77 वर्षीय बोल्टन ने मैरीलैंड की जिला अदालत में यह दोष स्वीकार किया। इस मामले में बोल्टन और अमेरिकी न्याय विभाग के बीच एक समझौता भी हुआ है, जिससे उनकी संभावित जेल की सजा की अवधि कम हो सकती है, हालांकि सजा पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही लिया जाएगा। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बोल्टन की आलोचना की है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानें क्या हैं जॉन बोल्टन पर लगे आरोप
बोल्टन पर सरकारी सेवा के दौरान तैयार किए गए अपने निजी नोट्स, डायरियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को अवैध रूप से अपने पास रखने के कुल 18 आरोप लगाए गए थे। जांच के मुताबिक, उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपने दैनिक कामकाज के करीब 1,000 से अधिक पन्नों के गोपनीय दस्तावेजों को अनधिकृत रूप से अपने पास रखा था। इन दस्तावेजों में से कुछ को उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी साझा किया था, जिसे अमेरिकी कानून के तहत एक गंभीर सुरक्षा चूक माना गया है।
न्याय विभाग के साथ समझौता और संभावित सजा
अदालती नियमों के अनुसार इस तरह के अपराध के लिए अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है, लेकिन न्याय विभाग के साथ हुए समझौते के तहत बोल्टन को कुछ राहत मिल सकती है। इस समझौते के मुताबिक, बोल्टन 22.5 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरने और अपनी सरकारी पेंशन छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। इसके साथ ही उन्हें जांच अधिकारियों के पूछताछ सत्रों में शामिल होना होगा और 100 घंटे की सामुदायिक सेवा करनी होगी। इस समझौते में उनकी जेल की सजा को अधिकतम 5 साल तक सीमित रखने का सुझाव दिया गया है, जिस पर अदालत आगामी 28 अक्टूबर को अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।
दस्तावेजों की लीक और ट्रंप से रिश्तों में खटास
जांच में यह बात सामने आई है कि बोल्टन ने कुछ संवेदनशील दस्तावेज अपनी पत्नी और बेटी को ईमेल के जरिए भेजे थे। हालांकि, ये दस्तावेज उनके परिवार से आगे किसी और तक नहीं पहुंचे, लेकिन पद छोड़ने के बाद बोल्टन का निजी ईमेल खाता ईरान के एक हैकर समूह के निशाने पर आ गया था, जिससे इस गोपनीय डेटा के लीक होने का खतरा पैदा हो गया था। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में पद से हटने के बाद बोल्टन ने एक किताब लिखी थी, जिसमें उन्होंने ट्रंप की नीतियों की कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद से ही दोनों नेताओं के बीच संबंध काफी खराब हो गए थे।
उमस ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, हरियाणा में गर्मी का सितम जारी
27 Jun, 2026 08:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक:प्रदेश में एक बार फिर मौसम के तेवर तल्ख होने लगे हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में पारा 43 डिग्री सेल्सियस की सीमा को लांघ गया। इस दौरान रोहतक जिला पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा तपा, जहाँ अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बदलते मौसम को देखते हुए विभाग ने 27 जून के लिए येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है, जिसके तहत कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी होने के आसार जताए गए हैं। हालांकि इसके बाद अगले तीन दिनों तक मौसम के शुष्क रहने की उम्मीद है।
तापमान में अचानक उछाल से बढ़ी बेचैनी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पूरे इलाके में इस समय सूरज के कड़े तेवरों के साथ-साथ हवा में नमी यानी उमस भी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में करीब 3.3 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। रोहतक का तापमान सामान्य से 5.5 डिग्री ज्यादा दर्ज हुआ है, जिसने लोगों को बेहाल कर दिया। इसके अलावा करनाल में पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 5.7 डिग्री अधिक है, जबकि अंबाला और हिसार में भी तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर रहते हुए क्रमशः 41.6 और 41.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रातों को भी नहीं मिल रही राहत
दिन के साथ-साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे चौबीसों घंटे उमस का माहौल बना हुआ है। न्यूनतम तापमान में दर्ज की गई बढ़ोतरी ने रात के समय भी लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। अंबाला में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री ज्यादा होकर 29.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, तो वहीं करनाल में भी यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक यानी 28.6 डिग्री सेल्सियस मापा गया। रात के समय हवा न चलने के कारण लोगों को घरों के भीतर भारी उमस का अहसास हो रहा है।
आज कुछ हिस्सों में आंधी और बारिश की उम्मीद, जुलाई से नया सिस्टम
मौसम के मिजाज को देखते हुए अनुमान लगाया गया है कि 27 जून को दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, भिवानी, चरखी दादरी और हिसार के आस-पास के क्षेत्रों में धूल भरी आंधी चलने के साथ ही हल्की फुहारें गिर सकती हैं। इसके बाद 28 से 30 जून के बीच धूप खिलेगी और मौसम साफ बना रहेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि एक जुलाई से हवा का एक नया सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने जा रहा है, जिसके असर से करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और कई इलाकों में अच्छी बारिश होने से गर्मी से बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
तबाही के बीच चमत्कार, मलबे से जिंदा निकले लोग और पशु
26 Jun, 2026 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काराकस (वेनेजुएला): वेनेजुएला में बुधवार को महज एक मिनट के भीतर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा में अब तक कम से कम 235 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों की संख्या बढ़कर 4,300 से अधिक हो गई है। हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में देश के उत्तरी इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित ला गुआरा क्षेत्र में आपातकालीन टीमें और स्वयंसेवक कंक्रीट के मलबे को हटाकर लगातार जिंदगियां तलाशने में जुटे हैं।
मलबे से सुरक्षित निकले तीन मासूम, जागी उम्मीद की किरण
इस महाविनाश और अपनों को खोने के गम के बीच मलबे से कुछ ऐसे चमत्कारिक रेस्क्यू सामने आए हैं, जिसने सबको हैरान कर दिया है। ला गुआरा में भारी कंक्रीट को खोदकर एक मासूम बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बच्चे को सही-सलामत देखकर बचाव कर्मी खुशी से रोते और चिल्लाते नजर आए। इसके तुरंत बाद वेनेजुएला की नेशनल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर एक और नवजात बच्चे को मलबे से सुरक्षित निकाला। वहीं, घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद 12 साल के एक लड़के को भी जिंदा बचा लिया गया। इन मासूमों की सुरक्षा ने उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है जिनके अपने अब भी लापता हैं।
महिला और बेजुबान कुत्ते का भी हुआ भावुक रेस्क्यू
मलबे के नीचे से जिंदगी बचाने का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। रेस्क्यू टीमों ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद एक महिला को भी मलबे से जिंदा बाहर निकाला, जिससे बचाव दलों का उत्साह दोगुना हो गया है। इसी बीच एक बेहद दिल छू लेने वाली घटना तब सामने आई, जब मलबे के एक बेहद संकरे हिस्से से एक बेजुबान कुत्ते को सुरक्षित निकाला गया। कई घंटों तक बिना हवा, पानी और रोशनी के दबे रहने के कारण वह बुरी तरह सहमा हुआ था और हांफ रहा था। मलबे से बाहर आते ही एक राहतकर्मी ने अपनी बोतल से उसे पानी पिलाया। बेजुबान का तड़पकर पानी पीने का यह भावुक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लाखों लोगों की आंखें नम हैं।
बड़े गबन मामले में CBI का एक्शन, IAS अधिकारी से घंटों पूछताछ
26 Jun, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा के बहुचर्चित 657 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले और सरकारी धन की हेराफेरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बार फिर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। सीबीआई की विशेष टीमों ने गुरुवार को हरियाणा कैडर के दो वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के आवासों पर एक साथ तड़के छापेमारी की। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के तहत जांच एजेंसी की एक टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित आईएएस अधिकारी के सरकारी बंगले और दूसरी टीम एमडीसी पंचकूला स्थित निवास पर पहुंची। देर रात तक चली गहन पूछताछ और दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद सीबीआई ने एक आईएएस अधिकारी को हिरासत में ले लिया है, हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि होना बाकी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और HPGCL के फंड में फर्जीवाड़ा, दो आईएएस पहले ही जा चुके हैं जेल
जांच एजेंसी की यह कार्रवाई हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के 169 करोड़ रुपये के फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) में सरकारी धन के गबन के मामले से जुड़ी है। गौरतलब है कि इस महाघोटाले में सीबीआई की सख्ती का यह पहला मामला नहीं है; इससे पहले केंद्रीय एजेंसी इस सिंडिकेट में शामिल दो अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों, पंकज अग्रवाल और आरके सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल की सलाखों के पीछे हैं।
बैंक अधिकारियों और ब्यूरोक्रेट्स की साठगांठ, 8 विभागों के पैसे किए पार
सीबीआई की शुरुआती जांच और एफआईआर (FIR) के मुताबिक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) के कुछ आला प्रबंधकों और अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के भ्रष्ट नौकरशाहों व आईएएस अफसरों के साथ मिलकर एक बड़ा नेक्सस (गठबंधन) बनाया था। इस नेटवर्क ने बेहद शातिराना तरीके से हरियाणा सरकार के आठ प्रमुख विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के खातों में जमा जनता की गाढ़ी कमाई के 657 करोड़ रुपये की अवैध हेराफेरी की।
डेटा एंट्री ऑपरेटर की गिरफ्तारी के बाद कड़ियां जुड़ीं, अन्य अधिकारियों में हड़कंप
इस कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले 23 जून को सीबीआई ने घोटाले के मुख्य सूत्रधारों में से एक, डेटा एंट्री ऑपरेटर सौरभ शर्मा को दबोचा था। सूत्रों की मानें तो सौरभ शर्मा से रिमांड के दौरान हुई कड़ाई से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही इन दोनों नए आईएएस अधिकारियों के नाम सामने आए थे, जिसके बाद यह बड़ी रेड प्लान की गई। इस नए एक्शन के बाद हरियाणा और चंडीगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ बैंक अधिकारियों व बिचौलियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।
रूस का दावा- 660 यूक्रेनी ड्रोन गिराए, क्रीमिया बना जंग का नया मोर्चा
26 Jun, 2026 04:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को/कीव: चार साल से भी अधिक समय से जारी रूस और यूक्रेन की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। फरवरी 2022 में शुरू हुआ दोनों देशों का यह संघर्ष अब एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े और भीषण ड्रोन हमलों में से एक करने का आरोप लगाया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'एपी' के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, रूस का कहना है कि यूक्रेन ने उसकी मुख्य जमीन और कब्जे वाले क्रीमिया इलाके को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।
यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला
रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को आधिकारिक जानकारी दी कि उनकी वायु सेना ने यूक्रेन के रिकॉर्ड 660 ड्रोनों को मार गिराया है। यूक्रेन का यह हमला कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह रूस के 12 अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ क्रीमिया प्रायद्वीप, काला सागर और आजोव सागर में एक साथ किया गया। इस भीषण हमले के बाद दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच टकराव और ज्यादा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
रूस के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाने की रणनीति
यूक्रेन पिछले कई महीनों से रूस के तेल उत्पादन और ऊर्जा केंद्रों को लगातार निशाना बना रहा है। अंतरराष्ट्रीय जानकारों का मानना है कि यूक्रेन की इस रणनीति से रूस की ईंधन सप्लाई और सेना के लिए रसद (सामान) पहुंचाने की व्यवस्था कमजोर हुई है। इसके चलते युद्ध के मैदान में रूस की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है और राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव बढ़ गया है।
यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने '40 दिनों के प्रभाव अभियान' का आदेश दिया था। माना जा रहा है कि जेलेंस्की ने हमलों को तेज करके रूस को युद्ध खत्म करने के लिए मजबूर करने का मन बना लिया है, क्योंकि पिछले एक साल से अमेरिका की शांति कोशिशों का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
हमले में कहाँ कितना हुआ नुकसान
रूस में नुकसान: मॉस्को के दक्षिण में स्थित तुला क्षेत्र में एक घर तबाह हो गया और एक महिला घायल हो गई। तुला के गवर्नर दिमित्री मिल्याएव ने बताया कि नोवोमोस्कोव्स्क शहर में एक बिजली लाइन और एक औद्योगिक केंद्र को नुकसान पहुंचा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वहाँ एक केमिकल प्लांट और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट में आग लग गई है। वहीं, राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि शहर की तरफ बढ़ रहे 47 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया गया, जिससे वहाँ कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
यूक्रेन पर रूस का पलटवार: दूसरी तरफ, रूस ने भी यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र पर जोरदार हमले किए। खार्किव के क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने बताया कि पिछले 24 घंटों में रूसी हमलों में दो नागरिकों की मौत हो गई और सात लोग घायल हुए हैं। रूस ने इस इलाके में गाइडेड बमों और ड्रोनों से हमला किया। यूक्रेन की वायु सेना के मुताबिक, उन्होंने रूस के 189 ड्रोनों में से 174 को तो नष्ट कर दिया, लेकिन रूस की चार इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलें अपने निशाने पर गिरने में कामयाब रहीं।
ईरान के ड्रोन हमले से समुद्री बचाव अभियान बाधित
26 Jun, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई/वॉशिंगटन: दुनियाभर में तेल के व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाने वाला 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को एक ईरानी ड्रोन ने एक मालवाहक जहाज पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) को फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हजारों नाविकों (सीफर्स) को सुरक्षित निकालने का अपना मानवीय अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। हालांकि, ईरान ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस घटना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंताएं पैदा कर दी हैं।
जहाज को पहुंचा नुकसान, नाविक सुरक्षित
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की है कि ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर किसी अज्ञात चीज (प्रोजेक्टाइल) से हमला हुआ। इस हमले के कारण जहाज के मुख्य हिस्से (ब्रिज) को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ और समुद्र में तेल रिसाव या प्रदूषण जैसी कोई समस्या नहीं हुई। अधिकारियों ने साफ किया है कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह नाविकों को निकालने वाले अभियान का हिस्सा नहीं था।
नाविकों को निकालने का अभियान क्यों रुका?
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इसी समझौते के तहत खाड़ी में फंसे 11 हजार से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना शुरू की गई थी। आईएमओ (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि नाविकों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। जब तक सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा नहीं हो जाती और जहाजों की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिलती, तब तक के लिए इस अभियान को रोक दिया गया है।
ईरान की चेतावनी और सुरक्षा मार्ग
हमले के बाद ईरानी अधिकारियों ने एक नई चेतावनी जारी की है। ईरान का कहना है कि केवल उन्हीं जहाजों की सुरक्षा की गारंटी होगी जो ईरान द्वारा तय किए गए समुद्री रास्तों से गुजरेंगे। अगर कोई जहाज स्वीकृत (अप्रूव्ड) रास्ता छोड़कर किसी अन्य मार्ग से जाता है, तो उसकी सुरक्षा और बीमा की जिम्मेदारी खुद जहाज के मालिक की होगी। यह चेतावनी समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) और क्षेत्र के हालातों को देखते हुए जारी की गई है।
वैश्विक व्यापार और कूटनीति पर असर
यह पूरी घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो खाड़ी देशों के दौरे पर हैं और इस समझौते के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इस ताजा हमले ने न केवल फंसे हुए नाविकों की सुरक्षित वापसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि खाड़ी क्षेत्र की नाजुक सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना दिया है। जानकारों का मानना है कि इस तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर पड़ सकता है।
'जेलेंस्की ने साहस का परिचय दिया'—ट्रंप के बयान से बढ़ी चर्चाएं
26 Jun, 2026 02:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन / अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोडिमिर जेलेंस्की की जमकर सराहना करते हुए उन्हें रूस के खिलाफ जारी युद्ध में बेहद साहसी और बहादुर बताया है। ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की अपनी स्थिति पर मजबूती से डटे हुए हैं और युद्ध क्षेत्र में यूक्रेन काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। व्हाइट हाउस में नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रूटे के साथ एक महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान, जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या यूक्रेन रूस के खिलाफ यह लड़ाई जीत रहा है, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा, "वे काफी अच्छा कर रहे हैं।"
यूक्रेनी सैनिकों की बहादुरी और सैन्य क्षमता की तारीफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस भीषण युद्ध की मानवीय कीमत को स्वीकार करते हुए दुख जताया कि दोनों तरफ बहुत से बेकसूर लोग मारे जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन की सैन्य क्षमता और उसके सैनिकों के जज्बे की प्रशंसा की।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य बयान: "आपको यह मानना होगा कि वे (यूक्रेनी) बेहद हिम्मतवाले हैं। उनके पास न केवल आधुनिक और बढ़िया सैन्य उपकरण हैं, बल्कि बहुत बेहतरीन लोग भी हैं। वे असली फाइटर्स हैं।"
अंकारा नाटो शिखर सम्मेलन से पहले अहम टिप्पणी
डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी अगले महीने तुर्की के अंकारा में होने वाले आगामी नाटो शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बीच आई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस सम्मेलन में यूक्रेन को लगातार मिलने वाली वैश्विक मदद एक मुख्य एजेंडा रहेगी।
मुलाकात के दौरान नाटो महासचिव मार्क रूटे ने भी यूक्रेन की युद्ध क्षेत्र में सुधरती स्थिति की पुष्टि की। रूटे ने कहा कि पिछले पांच-छह महीनों में यूक्रेन का प्रदर्शन पहले से कहीं बेहतर हुआ है और उन्होंने कीव (यूक्रेन) को रूसी सेना का मजबूती से सामना करने में मदद करने के लिए लगातार मिल रही अमेरिकी सहायता को इसका मुख्य श्रेय दिया।
ईरान और यूक्रेन मामलों पर ट्रंप के नेतृत्व की सराहना
नाटो प्रमुख रूटे ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर मामलों पर राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान और यूक्रेन दोनों ही संवेदनशील मुद्दों पर मजबूत लीडरशिप दिखाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका द्वारा कीव को आवश्यक सैन्य समर्थन देना जारी है, जिसका वित्तीय भुगतान यूरोपीय और कनाडाई सहयोगी देश कर रहे हैं। आगामी नाटो शिखर सम्मेलन में रक्षा औद्योगिक उत्पादन (डिफेंस इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन) को और मजबूत करने पर भी विस्तृत चर्चा होगी, ताकि सभी सहयोगी देश यूक्रेन को लगातार हथियार और रसद की आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए अपने स्वयं के सैन्य स्टॉक को भी फिर से भर सकें। नाटो का अंतिम लक्ष्य यूक्रेन में स्थायी शांति स्थापित करना है, और इसके लिए कीव की सैन्य स्थिति को मजबूत बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिल गेट्स ने तोड़ी चुप्पी, एपस्टीन के साथ संबंधों को लेकर किया बड़ा खुलासा
26 Jun, 2026 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के समक्ष बंद कमरे में दी गई अपनी गवाही में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। गेट्स के मुताबिक, दिवंगत वित्त कारोबारी और कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने उनके विवाहेतर संबंधों (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स) का फायदा उठाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। गेट्स ने दावा किया कि एपस्टीन इन संवेदनशील जानकारियों के जरिए उन्हें दोबारा अपने संपर्क में लाना चाहता था, हालांकि उसकी यह कोशिश पूरी तरह नाकाम रही।
यह सनसनीखेज विवरण बिल गेट्स की 10 जून को हुई गवाही के सार्वजनिक किए गए ट्रांसक्रिप्ट (लिखित ब्योरे) से सामने आया है। यह गवाही एपस्टीन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और दुनिया के प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ उसके संबंधों की चल रही एक व्यापक जांच का हिस्सा है।
दोषी होने के बावजूद एपस्टीन से किया था संपर्क
बिल गेट्स ने संसदीय समिति के सामने स्वीकार किया कि साल 2008 में यौन अपराधों के लिए एपस्टीन को दोषी ठहराए जाने के बावजूद, उन्होंने साल 2011 में उससे संपर्क किया था। हालांकि, गेट्स ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी इस गलती का जल्द ही अहसास हो गया था और साल 2014 तक उन्होंने एपस्टीन से अपने सभी तरह के संबंध पूरी तरह समाप्त कर लिए थे।
रूसी महिलाओं से संबंधों के जरिए ब्लैकमेलिंग की कोशिश
गेट्स के अनुसार, जब उन्होंने एपस्टीन से दूरी बना ली, तो एपस्टीन ने उन्हें दोबारा अपने जाल में फंसाने के लिए उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारियों का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। बिल गेट्स ने गवाही में स्वीकार किया कि उनके दो वयस्क रूसी महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध थे। एपस्टीन इसी जानकारी के आधार पर उन पर दबाव बना रहा था। हालांकि, गेट्स ने मजबूती से साफ किया कि उनका एपस्टीन के किसी भी आपराधिक नेटवर्क या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा।
आपराधिक नेटवर्क और आरोपों को सिरे से नकारा
बिल गेट्स ने एपस्टीन द्वारा लगाए गए या उससे जुड़े उन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें एसटीडी (यौन संचारित रोग), ड्रग्स या महिलाओं से मिलवाने की बातें कही गई थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एपस्टीन ने कभी भी उनके लिए ऐसी किसी भी चीज या मुलाकात की व्यवस्था नहीं की थी।
अपनी बात को पुख्ता करते हुए गेट्स ने कहा कि वे अपने पूरे जीवन में कभी भी एपस्टीन के कुख्यात निजी द्वीप (प्राइवेट आइलैंड), उसके रैंच (फार्महाउस) या फ्लोरिडा स्थित उसकी किसी भी अन्य विवादित संपत्ति पर नहीं गए। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि वे एपस्टीन के आपराधिक और बदनाम जीवन से कोसों दूर थे।
कांग्रेस MLA बलराम दांगी को 5 करोड़ की फिरौती की धमकी, पुलिस जांच में जुटी
26 Jun, 2026 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महम (रोहतक): हरियाणा के महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी को एक बार फिर निशाना बनाया गया है। शुक्रवार सुबह एक विदेशी नंबर से उनके व्हाट्सएप (WhatsApp) पर धमकी भरा संदेश भेजकर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी (प्रोटेक्शन मनी) मांगी गई है। मैसेज में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि एक हफ्ते के भीतर रकम का इंतजाम नहीं किया गया, तो इस बार गोली शीशे पर नहीं बल्कि सीधे उन पर चलाई जाएगी। मैसेज के अंत में कुख्यात गैंगस्टर का नाम 'छोटा सैमाणिया' लिखा हुआ है। विधायक ने इस बेहद गंभीर मामले की जानकारी तुरंत पुलिस प्रशासन को दे दी है।
कार्यालय पर हुई फायरिंग का हवाला देकर दी सीधी गोली मारने की चेतावनी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 8:37 बजे विधायक बलराम दांगी के मोबाइल पर विदेशी नंबर से यह मैसेज आया। धमकी भरे संदेश में लिखा है, "अगर एक सप्ताह में पांच करोड़ तैयार नहीं किए, तो अंजाम बुरा होगा। अबकी बार तो कार्यालय के शीशे पर गोली चली है, लेकिन अगली बार सीधी गोली चलेगी।" गौरतलब है कि इससे पहले बीते 20 जून की देर रात करीब 1:13 बजे दो नकाबपोश बदमाशों ने महम स्थित विधायक के कार्यालय पर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें दो गोलियां दरवाजे के शीशे को तोड़ती हुई अंदर धंस गई थीं।
फायरिंग के समय भी छोड़ी थी पर्ची, थाईलैंड से गैंग चला रहा है सुमित उर्फ छोटा सैमाणिया
वारदात की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि 20 जून को फायरिंग करने के बाद हमलावर दफ्तर के बाहर एक पर्ची फेंक कर भागे थे। उस पर्ची पर रंगदारी की राशि तो नहीं लिखी थी, लेकिन उस पर 'सुमित उर्फ छोटा सैमाणिया' का नाम दर्ज था। महम चौबीसी के सैमाण गांव का रहने वाला सुमित एक बेहद कुख्यात अपराधी है और वर्ष 2022 में पकड़े गए गैंगस्टर मटरी का चचेरा भाई है। हिसार जेल से जमानत पर छूटने के बाद से वह लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है और उस पर 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह करीब एक साल पहले हरिद्वार के फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाकर थाईलैंड फरार हो गया था और वहीं से सोशल मीडिया के जरिए अपनी गैंग ऑपरेट कर रहा है।
मुठभेड़ में पकड़ा गया एक शूटर, दूसरे फरार आरोपी की तलाश में दबिश जारी
विधायक कार्यालय पर फायरिंग के महज़ 28 घंटे बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए लाखनमाजरा निवासी अमन नाम के एक शूटर को मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी अमन ने पुलिस की एवीटी स्टाफ टीम पर जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद उसे एक दिन की रिमांड पर लिया गया था। शुक्रवार को पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर विधायक के दफ्तर पर फायरिंग के मामले में दोबारा रिमांड पर लेगी ताकि रंगदारी के इस नए मैसेज की कड़ियों को जोड़ा जा सके। वहीं, इस वारदात में शामिल दूसरा शूटर, खरैंटी निवासी अमन उर्फ बाज अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
सीएम नायब सैनी से मिल चुके हैं कांग्रेस के 13 विधायक, दांगी परिवार की सुरक्षा बढ़ाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सूबे की सियासत भी गरमाई हुई है। दो दिन पहले ही कांग्रेस के 13 विधायकों ने पीड़ित विधायक बलराम दांगी के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस ने दांगी परिवार की सुरक्षा को पहले ही अपग्रेड कर दिया था, लेकिन अब 5 करोड़ रुपये की रंगदारी का नया मैसेज आने के बाद खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है।
अंबाला में बड़ा सड़क हादसा, स्कूल बस के दीवार से टकराने पर 9 महिला शिक्षक जख्मी
26 Jun, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला: हरियाणा के अंबाला में भानोखेड़ी फ्लाईओवर के नीचे शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहाँ गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आ रहे मिट्टी से लदे एक तेज रफ्तार डंपर को बचाने के प्रयास में 'द स्कॉलर स्कूल' की बस अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे दीवार से जा टकराई। इस भीषण टक्कर के कारण बस में सवार 9 महिला शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय राहगीरों और प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्परता दिखाते हुए बस से सभी घायल शिक्षिकाओं को बाहर निकाला और तुरंत अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
रॉन्ग साइड से आ रहा था काल बनकर डंपर, एक शिक्षिका के सिर में आए टांके
चश्मदीदों के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 8:00 बजे उस वक्त हुआ जब बस शिक्षिकाओं को लेकर स्कूल की तरफ जा रही थी। तभी भानोखेड़ी फ्लाईओवर के नीचे अचानक सामने से एक डंपर बेहद लापरवाही से गलत दिशा में आ गया। बस चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए डंपर से सीधी भिड़ंत को तो टाल दिया, लेकिन तेज रफ्तार होने के कारण बस पर से नियंत्रण खो दिया और वह सीधे दीवार में जा घुसी। हादसे में घायल एक शिक्षिका मीनाक्षी के सिर पर गहरी चोट आई है, जिसके चलते डॉक्टरों को टांके लगाने पड़े हैं।
हादसे में घायल हुईं ये महिला शिक्षक
अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल अन्य शिक्षिकाओं को भी प्राथमिक उपचार दिया गया है। घायलों में मुख्य रूप से:
गुरजिंद्र (40) निवासी टंगड़ियां गांव
रीना (40) निवासी दुर्गा नगर
कनिका (36) निवासी सोनिया कॉलोनी
मनदीप कौर (36) निवासी जवाहर नगर
ममता (32) निवासी लोह सिम्बली
रितु (42) निवासी बलदेव नगर
रोमी (35) निवासी विष्णु विहार
रजनी (38) निवासी जगाधरी गेट
नीलम (52) निवासी कमला विहार शामिल हैं। राहत की बात यह है कि इन सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
चंडीगढ़ समर ट्रिप पर जाने की थी तैयारी, स्कूल पहुंचने से पहले ही हो गई अनहोनी
द स्कॉलर स्कूल के संचालक गुरतेज ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए बताया कि वर्तमान में स्कूल के बच्चों की गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से सभी शिक्षकों के तनाव को कम करने और मनोरंजन के लिए चंडीगढ़ का एक विशेष 'समर ट्रिप' प्लान किया गया था। शेड्यूल के मुताबिक, सभी महिला और पुरुष शिक्षकों को शुक्रवार सुबह पहले स्कूल परिसर में एकत्र होना था, जहां से बस के जरिए सबको चंडीगढ़ के लिए रवाना होना था। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से स्कूल परिसर पहुंचने से चंद किलोमीटर पहले ही बस इस हादसे का शिकार हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी डंपर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
वेनेजुएला भूकंप त्रासदी: 235 लोगों की जान गई, मलबा हटाने का काम जारी
26 Jun, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कराकस (वेनेजुएला):वेनेजुएला इस समय एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है, जहां एक भीषण प्राकृतिक आपदा ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। गुरुवार को आए इस विनाशकारी भूकंप के बाद जानमाल का भारी नुकसान हुआ है, जिसने करीब 28 साल पहले यानी वर्ष 1999 में आए ला गुआइरा (वेनेजुएला) के उस ऐतिहासिक भूस्खलन की यादें ताजा कर दी हैं, जिसे देश की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है। आपदा के इस संकटकाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनाएं और मदद के हाथ बढ़ने लगे हैं, जिसमें डोमिनिकन गणराज्य की रेस्क्यू टीम सबसे पहले प्रभावित इलाकों में पहुंची है।
राजनीतिक अस्थिरता के बीच राहत कार्यों की चुनौती
प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ वेनेजुएला इस समय गंभीर राजनीतिक संकट से भी जूझ रहा है, जिससे समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना बेहद जटिल हो गया है। दरअसल, करीब छह महीने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर एक अप्रत्याशित सैन्य कार्रवाई में तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया था, जो अब अमेरिकी कोर्ट में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। इस गिरफ्तारी के बाद जनवरी में पूर्व उपराष्ट्रपति रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला। वर्तमान माहौल और सत्ता के प्रति जनता के एक वर्ग में पूरी तरह स्वीकार्यता न होने के कारण यह स्थिति कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
स्थानीय सहयोग की अपील और वैश्विक एकजुटता
बदलते हालातों और चुनौतियों को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने स्थानीय व्यवसायियों से आगे आने और ला गुआइरा जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की भावुक अपील की है। इस बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वेनेजुएला के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा है कि संकट की इस घड़ी में भारत हरसंभव मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं, ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर मशहूर सैंड आर्टिस्ट पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने एक खूबसूरत रेत की कलाकृति (सैंड आर्ट) बनाकर वेनेजुएला के भूकंप पीड़ितों के प्रति अपनी और पूरे देश की एकजुटता प्रकट की है।
भीषण गर्मी ने मचाई तबाही, फ्रांस में पोल्ट्री उद्योग को बड़ा झटका
26 Jun, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेरिस: फ्रांस में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी ने देश के कृषि और पशुपालन क्षेत्र को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। अत्यधिक तापमान के कारण देश के पोल्ट्री फार्मों (कुक्कुट पालन) में लाखों मुर्गियों की मौत हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि मृत पक्षियों को फार्मों से उठाने और उनके निपटान की पूरी सरकारी व निजी व्यवस्था चरमरा गई है। वैज्ञानिक इस खतरनाक स्थिति के पीछे वैश्विक जलवायु परिवर्तन (ग्लोबल वार्मिंग) के साथ-साथ 'अल-नीनो' (El Niño) जैसी मौसमी घटनाओं को जिम्मेदार मान रहे हैं।
प्रमुख पोल्ट्री उत्पादक क्षेत्रों में मची तबाही
इस जानलेवा हीटवेव का सबसे बुरा असर फ्रांस के दो सबसे बड़े पोल्ट्री उत्पादक राज्यों—ब्रिटनी (Brittany) और पेज़ द ला लॉयर (Pays de la Loire) में देखा जा रहा है। ये दोनों क्षेत्र मिलकर पूरे फ्रांस की कुल पोल्ट्री आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा उत्पादित करते हैं।
सैकड़ों पक्षियों की अचानक मौत: पोल्ट्री संगठनों के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां किसी फार्म पर रोज़ाना केवल एक या दो पक्षियों की मौत होती थी, वहीं इस भीषण गर्मी के चलते कुछ ही दिनों के भीतर सैकड़ों मुर्गियां एक साथ दम तोड़ रही हैं।
निपटान की समस्या: इतनी बड़ी संख्या में मृत पक्षियों को हटाना बड़ी चुनौती बन गया है। मृत पशु-पक्षियों को विशेष रिसाइक्लिंग केंद्रों तक ले जाने वाली गाड़ियां कम पड़ गई हैं। इसके समाधान के लिए कृषि संगठनों ने किसानों को अस्थायी रूप से बुरादे या लकड़ी के टुकड़ों का उपयोग करने की सलाह दी है ताकि बदबू और संक्रमण को रोका जा सके। कुछ बेहद प्रभावित इलाकों में मृत पक्षियों को फार्म के पास ही दफनाने की आपातकालीन अनुमति भी दी जा रही है।
डेयरी उद्योग पर भी पड़ा भारी असर, दूध उत्पादन घटा
गर्मी की मार सिर्फ मुर्गियों तक सीमित नहीं है, बल्कि फ्रांस का डेयरी उद्योग भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अत्यधिक तापमान और उमस के कारण गायों ने चारा खाना काफी कम कर दिया है और वे केवल पानी पी रही हैं। इसका सीधा और नकारात्मक असर दूध के उत्पादन पर पड़ा है। फ्रांस के अधिकांश डेयरी फार्मों में दूध का उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक गिर गया है। किसान अपने मवेशियों को बचाने के लिए चौबीसों घंटे बड़े पंखे और वेंटिलेशन सिस्टम चला रहे हैं, लेकिन बढ़ते पारे के आगे ये उपाय भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
ग्लोबल वार्मिंग और अल-नीनो का घातक गठजोड़
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरोप में इस समय जो रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है (जहां कई देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है), उसकी मुख्य वजह ग्लोबल वार्मिंग और अल-नीनो का एक साथ सक्रिय होना है। अल-नीनो के कारण प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है, जिससे पूरी दुनिया के मौसम चक्र पर असर पड़ता है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) और मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि औद्योगिक युग की शुरुआत के बाद से पृथ्वी का औसत तापमान लगभग 1.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है। इस कारण हीटवेव (लू) की आवृत्ति और तीव्रता दोनों में खतरनाक बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर अब इंसानों के साथ-साथ वैश्विक खाद्य सुरक्षा, खेती और पशुपालन पर दिखने लगा है।
नेतन्याहू ने साफ किया रुख, सीमावर्ती इलाकों से इजरायली सेना नहीं हटेगी
26 Jun, 2026 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरूशलेम: अंतर्राष्ट्रीय दबाव और लगातार जारी सीज़फायर (युद्धविराम) के उल्लंघन के आरोपों के बीच इज़रायल की सेना लेबनान और गाज़ा में अपनी सैन्य कार्रवाई को थामने के मूड में नहीं है। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में कॉम्बैट ऑफिसर्स के ग्रेजुएशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बहुत बड़ा और कड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि इज़रायली सेना लेबनान, गाज़ा और सीरिया से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी और जब तक ज़रूरत होगी, इन तीनों मोर्चों पर मजबूती से तैनात रहेगी।
सिक्योरिटी ज़ोन्स को बताया पीछे न हटने की वजह
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सेना के न हटने के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि लेबनान, गाज़ा और सीरिया में सुरक्षा क्षेत्र (Security Zones) या बफर ज़ोन्स बने हुए हैं, जो इज़रायल की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने भी प्रधानमंत्री के सुर में सुर मिलाते हुए इसे देश के लिए अनिवार्य बताया। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि इज़रायली सेना इन सुरक्षा क्षेत्रों में बिना किसी समय सीमा (Limit) के तैनात रहेगी ताकि देश की जनता को आतंकियों से सुरक्षित रखा जा सके।
सीमावर्ती इलाकों पर लगातार मंडरा रहा है खतरा
इज़रायल के इस आक्रामक रुख की मुख्य वजह उसकी सीमाओं से सटते खतरे हैं। दरअसल, लेबनान में आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह और गाज़ा में हमास अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं, जबकि सीरिया में ईरान समर्थित कई इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन लगातार सक्रिय हैं। चूंकि इन तीनों क्षेत्रों की सीमाएं इज़रायल से लगती हैं, इसलिए वहां से कभी भी इज़रायल के रिहायशी इलाकों पर बड़ा हमला हो सकता है। इसी संभावित खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए नेतन्याहू के आदेश पर साउथ लेबनान और गाज़ा में ज़मीनी व हवाई हमले जारी हैं, साथ ही सीरिया में भी समय-समय पर एयरस्ट्राइक्स की जा रही हैं। हालांकि, इन हमलों में आतंकियों के सफाए के साथ-साथ बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों की जान जाने पर वैश्विक स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
