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ट्रंप की ईरान को 48 घंटे वाली चेतावनी.............ताकत से ही शांति आएगी
24 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को तीन हफ्ते पूरे हो चुके हैं, लेकिन शांति की जगह संघर्ष बढ़ता जा रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुई भीषण जंग ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को हिला दिया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी संकट में डाल दिया है। लेबनान में मौतों का आंकड़ा 1029 तक पहुँच गया है, जबकि ईरान और इजरायल दोनों तरफ जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए मिसाइल हमलों ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। डिमोना इजरायल का अत्यंत संवेदनशील रणनीतिक केंद्र माना जाता है। इन हमलों के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अब सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया जा रहा है। युद्ध का सबसे भयावह असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बाधित होने से कच्चे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। दर्जनों टैंकर समुद्र में फंसे हुए हैं, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल की आशंका है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख दिखाकर ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप का स्पष्ट संदेश है कि ताकत से ही शांति आएगी। अगर 48 घंटों के भीतर होर्मुज का रास्ता साफ नहीं किया गया, तब अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करना शुरू कर देगी।
इधर ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने भी जैसे को तैसा वाली चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान के बिजलीघरों पर हमला हुआ, तब वे न केवल इजरायल के पावर ग्रिड को निशाना बनाएंगे, बल्कि उन ठिकानों को भी तबाह कर देने वाले हैं, जो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डों को बिजली की आपूर्ति करते हैं। वर्तमान स्थिति को देखकर संघर्ष एक एनर्जी वॉर में तब्दील होता दिख रहा है। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, आने वाले 48 घंटे दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित हो सकते है।
इराक में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने का खतरा, अमेरिकी दूतावास सतर्क
24 Mar, 2026 09:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन|अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा है कि ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन इराक में अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर व्यापक हमले कर रहे हैं। विभाग ने अपने नागरिकों को तत्काल इराक छोड़ने की सलाह दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक बयान में कहा गया, 'इराक में ईरान समर्थित उग्रवादियों ने अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका से जुड़े लक्ष्यों पर व्यापक हमले किए हैं, जिनमें इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र भी शामिल है। अमेरिकी नागरिक तुरंत इराक छोड़ दें। इराक में अमेरिकी मिशन नागरिकों की सहायता के लिए खुला है।'
'दूतावास जाने के दौरान भी हो सकता है हमला'
बयान में आगे कहा गया कि मौजूदा सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास या एरबिल स्थित वाणिज्य दूतावास जाने की कोशिश न करें, क्योंकि इराकी हवाई क्षेत्र में मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट हमलों का खतरा बना हुआ है। सभी नियमित कांसुलर सेवाएं, जिसमें वीजा सेवाएं भी शामिल हैं, फिलहाल निलंबित हैं। आपात स्थिति में अमेरिकी नागरिकों को संबंधित ईमेल के जरिए संपर्क करने की सलाह दी गई है।
इराक की यात्रा न करने की चेतावनी
अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों की इराक की यात्रा न करने की चेतावनी भी दोहराई है और कहा है कि किसी भी कारण से इराक की यात्रा न करें, और यदि वहां मौजूद हैं तो तुरंत देश छोड़ दें। इससे पहले शनिवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों के लिए वैश्विक चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि ईरान समर्थक समूह अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना सकते हैं।
चेतावनी में कहा गया, 'दुनियाभर में, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी नागरिक अतिरिक्त सतर्कता बरतें। विदेश में रह रहे अमेरिकी नागरिक नजदीकी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। समय-समय पर हवाई क्षेत्र बंद होने से यात्रा प्रभावित हो सकती है।'
IRGC के बयान से क्षेत्रीय राजनीतिक खेल में नई रणनीति सामने
24 Mar, 2026 09:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान|पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चौथे सप्ताह में पहुंच गया है लेकिन स्थिति कहीं से भी सामान्य होती नहीं दिख रही है। एक तरफ ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत हमलों की एक नई और भीषण लहर शुरू की है। वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब और यूएई जैसे देश भी अब इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होने की तैयारी करते दिख रहे हैं।
ईरान शुरू किया ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का 78वॉ चरण
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार को ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 78वें चरण की घोषणा की। इसके तहत इस्राइल के डिमोना, तेल अवीव और ईलाट जैसे अत्यधिक संवेदनशील ठिकानों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने इन हमलों में इमाद और काद्र (मल्टी-वारहेड) मिसाइल प्रणालियों और हमलावर ड्रोनों का इस्तेमाल किया है। आईआरजीसी का दावा है कि हालिया हमलों में डिमोना और अराद शहर में 200 से अधिक लोग हताहत हुए थे।
सऊदी अरब-यूएई के रुख में बदलाव
दूसरी ओर वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, सऊदी अरब और यूएई ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने के संकेत दिए हैं। सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने किंग फाहद एयर बेस तक पहुंच प्रदान करने पर सहमति जताई है, जबकि पहले वह अपने एयर बेस के इस्तेमाल से इनकार करता रहा था। कूटनीतिक मोर्चे पर सऊदी ने ईरान के सैन्य अताशे और चार दूतावास कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। वहीं, यूएई ने ईरान के मालिकाना हक वाले एक अस्पताल और क्लब को बंद कर दिया है, जो तेहरान के लिए अहम माने जाते थे। यूएई की हवाई रक्षा प्रणाली भी ईरानी हमलों को रोकने में जुटी है। कुछ वीडियो से यह भी संकेत मिले हैं कि ईरान पर हमलों के लिए बहरीन से मिसाइलें दागी गई थीं।
कुवैत में बिजली संकट
इस युद्ध की आग में पड़ोसी देशों भी झुलस रहे हैं। मंगलवार तड़के कुवैत में हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा मिसाइलों को रोकने के दौरान गिरे मलबे से सात बिजली ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। अधिकारी बिजली सेवा बहाल करने में जुटे हैं।
ट्रंप ने होर्मुज खोलने की समयसीमा बढ़ाई
इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ा दी है और पांच दिनों के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले टाल दिए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता करना चाहता है और उनके दूत स्टीव विटकॉफ व जेरेड कुशनर एक ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी बातचीत से इनकार किया है।
बता दें कि अब तक इस युद्ध में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों पर खतरा पैदा हो गया है।
विमान हादसे में पायलट और को-पायलट की मौत, आडियो में कंट्रोलर कह रहा...........रुको, रुको, रुको! ट्रक
24 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयॉर्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क के व्यस्त ला ग्वार्डिया एयरपोर्ट पर सोमवार को एक विमान हादसा हुआ। एयर कनाडा का एक यात्री विमान रनवे पर एक फायर ट्रक से टकराया। इस हादसे में पायलट और को-पायलट की मौत हो गई। अब हादसे से ठीक पहले का एक ऑडियो सामने आया है।
मॉन्ट्रियल ट्रूडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आए एयर कनाडा के विमान करीब 100 लोग सवार थे। आंकड़ों के मुताबिक, टक्कर के समय विमान करीब 39 किलोमीटर प्रति घंटा (24 मील प्रति घंटा) की रफ्तार से चल रहा था। वहीं हादसे से ठीक पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और पायलटों के बीच हुई बातचीत का एक दर्दनाक ऑडियो सामने आया है। इसमें कंट्रोलर को चिल्लाते हुए साफ सुना जा सकता है। कंट्रोलर चेतावनी देकर कहता है, रुको, रुको, रुको! ट्रक
तभी विमान को खतरे से बचाने की कोशिश की गई। डेल्टा एयरलाइंस के विमान को तुरंत लैंडिंग रद्द करने का निर्देश दिया। टक्कर के कुछ ही पलों बाद कंट्रोलर ने कहा, डेल्टा 2603, चक्कर लगाएं, मैं देख रहा हूं कि आप एक गाड़ी से टकरा गए हैं, बस अपनी स्थिति बनाए रखें।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फायर ट्रक में सवार दो लोगों के हाथ-पैर टूट गए हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। हादसे के तुरंत बाद ला ग्वार्डिया एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद किया गया। आने वाली उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया है। न्यूयॉर्क सिटी इमरजेंसी मैनेजमेंट ने कहा है कि लोग मानकर चलें कि उड़ानें कैंसिल हो सकती हैं, सड़कें बंद रह सकती हैं और ट्रैफिक जाम भी हो सकता है।
बरवाला-टोहाना रोड पर भीषण दुर्घटना: एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
24 Mar, 2026 08:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बरवाला- टाेहाना। मार्ग पर सोमवार शाम गांव गैबीपुर के एक बाइक सामने से आई पिकअप गाड़ी से टकरा गई। इससे बाइक चालक और उसकी तीन बेटियाें की मौके पर ही माैत हाे गई। पत्नी को गंभीर हालत में अग्राेहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया है। देर रात तक इस संबंध में पुलिस को शिकायत नहीं दी गई थी। गांव मोहब्बतपुर के सरपंच सुभाष मंडा ने बताया कि गांव निवासी मुकेश (30) फर्नीचर का काम करता था। वह पिछले कुछ समय से अपने बच्चों के साथ बरवाला में रह रहा था। सोमवार को पत्नी आरती और तीन बेटियाें 6 साल की दिव्या, 4 साल की निशु और डेढ़ साल की दीक्षा के साथ बाइक पर गांव प्रभुवाला की ओर से बरवाला आ रहा था। गैबीपुर के पास उसकी बाइक सामने से आ रही पिकअप से टकरा गई। इससे पांचों को गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही घायलों को बरवाला के सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकाें ने मुकेश, दिव्या व निशु काे मृत घाेषित कर दिया। आरती और दीक्षा को अग्राेहा रेफर कर दिया जहां उपचार के दौरान दीक्षा ने भी दम तोड़ दिया। बरवाला थाने के जांच अधिकारी एसआई अशोक ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शवों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भिजवाया। दुर्घटना के बाद पिकअप चालक भाग गया। फिलहाल शिकायत नहीं मिली है। परिजनों के बयान दर्ज कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
राहत की खबर: कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बहाल, 5 किलो सिलिंडर भी उपलब्ध
24 Mar, 2026 08:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद हरियाणा में मंगलवार से वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई बहाल कर दी गई है। प्रदेश में रोजाना 848 सिलिंडरों की खपत के मुकाबले तेल कंपनियों के पास करीब 25 दिनों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के छोटे गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में फिलहाल 1,79,566 वाणिज्यिक सिलिंडर उपलब्ध हैं, जबकि घरेलू श्रेणी में 9,82,212 सिलिंडरों का स्टॉक मौजूद है जो करीब 6.3 दिन की मांग के बराबर है। इसी व्यवस्था को मंगलवार से पड़ोसी राज्य पंजाब में भी लागू किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश में वाणिज्यिक सिलिंडरों की सप्लाई केवल 30 प्रतिशत तक सीमित थी, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही थी। अब 20 प्रतिशत अतिरिक्त आपूर्ति बहाल होने के बाद रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, डेयरी, सरकारी सब्सिडी कैंटीन और कम्युनिटी किचन को प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। कंपनियां उपभोक्ताओं की खपत और उपयोग का रिकॉर्ड रखेंगी। साथ ही उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना और उसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। पीएनजी अपनाने की प्रक्रिया शुरू करने वाले उपभोक्ताओं को ही अतिरिक्त एलपीजी आवंटन का लाभ दिया जाएगा। हरियाणा के खाद्य आपूर्ति विभाग के एसीएस जे. गनेशन की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें सप्लाई व्यवस्था और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
ट्रंप के ऐलान के बाद भी हमले जारी, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया
24 Mar, 2026 08:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका और इजराइल के द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमले का आज मंगलवार को 25वां दिन है. इन चार हफ्तों के घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से कई गई घोषणा अहम है. उन्होंने 5 दिनों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है. ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न रखने पर सहमति जताई है. ट्रंप ने आगे कहा कि अब, ईरान के पास अमेरिका और हमारे सहयोगियों के लिए अपने खतरों को खत्म करने का एक और मौका है और हमें उम्मीद है कि वे इसका लाभ उठाएँगे. चाहे कुछ भी हो, अमेरिका और पूरी दुनिया जल्द ही कहीं ज्यादा सुरक्षित होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उनके रक्षा औद्योगिक आधार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है और उनकी नौसेना को खत्म कर दिया है. हालांकि हालाँकि ईरान की संसद के स्पीकर एम.बी. गालिबफ ने ट्रंप की कड़ी आलोचना की. उन्होंने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच चल रही बातचीत के बारे में ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. गालिबफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ये बयान वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने के लिए दिए गए. इनमें इस संघर्ष के बीच काफी उथल-पुथल देखने को मिली है. इस बीच युद्ध को लेकर पूरे पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है.
जयशंकर ने मार्को रूबियो से ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ फोन पर विस्तार से बातचीत की जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर इसके असर पर खास तौर पर चर्चा हुई. एक्स पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं ने संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा की. अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो के साथ फोन पर विस्तार से बातचीत हुई. पोस्ट में लिखा, 'हमारी चर्चा पश्चिम एशिया संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके असर पर केंद्रित थी. हमने खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर बात की. संपर्क में बने रहने पर सहमति बनी.' यह चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आज पहले किए गए उस ऐलान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने अमेरिकी युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा स्थलों के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए. उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत का हवाला देते हुए यह निर्देश दिया. ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में 'बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत' हुई है. इसका मकसद इस क्षेत्र में आपसी दुश्मनी को खत्म करना है.
हम ईरान और लेबनान दोनों जगहों पर हमले जारी रखे हुए हैं: नेतन्याहू
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्वीट किया, 'आज इससे पहले मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात की. राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी सेना के साथ हमने जो जबरदस्त उपलब्धियाँ हासिल की है, उनका लाभ उठाकर समझौते में तय युद्ध के उद्देश्यों को पूरा करने का एक अवसर है. एक ऐसा समझौता जो हमारे अहम हितों की रक्षा करेगा. साथ ही, हम ईरान और लेबनान, दोनों जगहों पर हमले जारी रखे हुए हैं. हम मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु कार्यक्रम को कुचल रहे हैं और हिज्बुल्लाह पर लगातार कड़े प्रहार कर रहे हैं. कुछ ही दिन पहले, हमने दो और परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराया और हमारा हाथ अभी भी आगे बढ़ा हुआ है. हम किसी भी स्थिति में अपने अहम हितों की रक्षा करेंगे.'
अमेरिकी नेताओं के ईरानी अधिकारियों से मुलाकात पर प्रेस सेक्रेटरी ने दिया ये जवाब
न्यूज एजेंसी एएनआई ने व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट से संपर्क किया और पूछा कि क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस, शांति मिशन के लिए अमेरिका के विशेष राष्ट्रपति दूत स्टीव विटकॉफ और बिजनेसमैन व अमेरिका के राष्ट्रपति के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर इस हफ़्ते इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने जवाब दिया, 'ये संवेदनशील कूटनीतिक बातचीत है और अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा. यह एक बदलती हुई स्थिति है और मुलाकातों के बारे में लगाए जा रहे अंदाजों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न कर दी जाए.'
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने इस बात से इनकार किया कि तेहरान ने वाशिंगटन के साथ बातचीत की है. उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और युद्ध खत्म करने की शर्तों पर इस्लामिक गणराज्य का रुख नहीं बदला है. बाकाई ने सोमवार को सरकारी समाचार एजेंसी ईरना( IRNA) को बताया कि फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले की शुरुआत के बाद से ईरान का वाशिंगटन के साथ न तो कोई संपर्क हुआ है और न ही होर्मुज और थोपे गए युद्ध को खत्म करने की शर्तों पर उसका रुख बदला है. इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने युद्ध विभाग को ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले पांच दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है. उन्होंने दावा किया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच 'सार्थक बातचीत' हुई. ट्रंप ने यह चेतावनी दी थी कि तेहरान ने होर्मुज में हालात सामान्य नहीं बनाए तो उसके ऊर्जा सुविधाओं पर हमले करेगा. इसके जवाब में ईरान ने फारसी खाड़ी में स्थित उन बिजली स्टेशनों और ऊर्जा सुविधाओं की एक सूची जारी की जिन्हें वह निशाना बनाया जा सकता था.
दक्षिण एशिया में बढ़ी अमेरिकी सक्रियता, श्रीलंका दौरे पर पहुंचे सर्जियो गोर
24 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलंबो। अमेरिका के दक्षिण एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर अपनी पहली क्षेत्रीय यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे हैं। इस यात्रा को विशेषज्ञ हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता के रूप में देख रहे हैं।
अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान को लेकर वैश्विक तनाव बढ़ा हुआ है। माना जा रहा है कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। गोर जल्द ही मालदीव का भी दौरा करेंगे और इसके बाद उनके बांग्लादेश और पाकिस्तान जाने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने इस दौरे पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यात्रा से पहले गोर ने अजीत डोभाल से मुलाकात की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
श्रीलंका की स्थिति भी इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका ने अपनी “तटस्थ नीति” का पालन करते हुए अमेरिकी दबाव के बावजूद ईरान से जुड़े कुछ मुद्दों पर स्वतंत्र रुख अपनाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
पूर्व विदेश सचिव निरुपमा मेनन राव ने इस यात्रा को कोई बड़ी सफलता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत बताया है। उनके अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका अपनी मौजूदगी को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। गोर की यात्रा के दौरान उन्होंने कोलंबो पोर्ट, नौसैनिक अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थलों का दौरा किया। हालांकि इस दौरे में कोई बड़ा समझौता सामने नहीं आया है, लेकिन इसे भविष्य की रणनीतिक साझेदारी की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम, ट्रंप ने हमलों को रोकने की बात कही
23 Mar, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि रक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सभी सैन्य हमलों को 5 दिनों के लिए रोक दिया जाए।ट्रम्प ने कहा कि अगर बातचीत सफल रहती है, तो मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।दरअसल ट्रम्प ने दो दिन पहले ईरान को धमकी दी थी कि अगर 48 घंटे में होर्मुज रूट नहीं खोला गया तो वो ईरान के पावर प्लांट पर बड़ा हमला करेंगे।
दावा- सीजफायर के लिए ईरान की 3 और शर्तें
ईरान ने सीजफायर के लिए 3 नई शर्तें रखीं हैं। ईरान के एक बड़े अधिकारी ने लेबनानी मीडिया अल मयादीन से रविवार को कहा कि उनका देश पहले से तय योजना के हिसाब से काम कर रहा है।
ईरान की तीन नई शर्त-
इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए, होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए नियम बनाए जाएं और ईरान के खिलाफ माने जाने वाले मीडिया से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनका प्रत्यर्पण किया जाए। जबकि इससे पहले ईरान कहा था कि सीजफायर के लिए भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की गारंटी दी जाए, नुकसान का मुआवजा दिया जाए और पूरे क्षेत्र में चल रहे युद्ध खत्म किए जाएं। ईरानी अधिकारी का कहना है कि उनका देश तब तक कार्रवाई जारी रखेगा, जब तक दुश्मनों को सबक नहीं सिखा देता।
हरियाणा के बहादुरगढ़ में तेज रफ्तार कैंटर का कहर, 7 लोग चपेट में; 3 की गई जान
23 Mar, 2026 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बहादुरगढ़। में सोमवार को एक लापरवाह कैंटर चालक ने शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर हादसे कर दहशत फैला दी। इन भीषण दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से महिला को रोहतक के पीजीआईएमएस में रेफर किया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला हादसा दिल्ली-रोहतक रोड पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थित मामा चौक पर दोपहर के समय करीब साढ़े 12 बजे हुआ। यहां तेज रफ्तार कैंटर ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अशोक (32) निवासी आलियासपुर, जिला छपरा (बिहार) और शंभू (22) निवासी मांझी, जिला छपरा के रूप में हुई है। दोनों बहादुरगढ़ में रहकर नौकरी करते थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद भी कैंटर चालक नहीं रुका और बहादुरगढ़ बाईपास की ओर भाग गया। वहां उसने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार योगेंद्र (30) निवासी कानोंदा की मौत हो गई, जबकि उसका साथी प्रवीण घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान कैंटर ने एक ऑटो को भी टक्कर मार दी, जिसमें तीन लोग सवार थे। हादसे में ऑटो में सवार प्रेम (महिला) निवासी लाइनपार, उनके पति कृष्ण और ऑटो चालक जयवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से महिला को रोहतक पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी कैंटर चालक की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Pitbull के हमले से घायल हुआ बच्चा, रोहतक में मालिक और बेटी पर FIR
23 Mar, 2026 02:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। के लाढ़ौत रोड पर रविवार सुबह कोऑपरेटिव बैंक के ब्रांच मैनेजर बसंत विहार निवासी सुनील नेहरा के 12 वर्षीय बेटे दीपांशु पर पिटबुल कुत्ते ने हमला कर दिया। घायल को पीजीआई के ट्रामा सेंटर में दाखिल कराया गया है। उसके पेट पर तीन सेंटीमीटर तक गहरे घाव आए हैं। पुरानी सब्जी मंडी थाने में मां-बेटी के खिलाफ लापरवाही बतरने की एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक वसंत विहार निवासी सुनील नेहरा ने बताया कि रविवार सुबह करीब नौ बजे उसका बेटा दीपांशु व पूर्व अपने मामा भैयापुर निवासी संदीप से लस्सी लेने लाढ़ोत रोड पर आए थे। दोनों सड़क किनारे खड़े होकर मामा का इंतजार कर रहे थे। अचानक एक मकान से दो पिटबुल कुत्ते निकल कर आए। एक कुत्ते ने उसके छोटे बेटे 10 वर्षीय पूर्व पर हमला कर दिया। दीपांशु ने छोटे भाई का बचाव किया तो कुत्ते ने उसके ऊपर भी हमला कर दिया। दीपांशु को जमीन पर गिराकर पेट पर दांत गड़ा दिए। शोर सुनकर पड़ोस का युवक विक्रम आ गया। विक्रम ने डंडे से कुत्ते पर हमला कर दीपांशु को छुड़वाया। सूचना पाकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। तब तक मामा भी लस्सी लेकर आ गया। उन्होंने ही दीपांशु को अस्पताल में दाखिल कराया।
पेट पर 20 घाव, दो जख्म तीन सेंटीमीटर तक गहरे
दीपांशु के पिता सुनील नेहरा ने बताया कि वे सुबह अपनी पत्नी के साथ जींद जा रहे थे। अचानक पड़ोस से फोन आया कि उसके बेटे को कुत्ते ने काट लिया। वह रोहतक वापस आया और बेटे दीपांशु के पास पीजीआई के ट्रामा सेंटर पहुंचा। बेटे के पेट पर 20 के करीब जख्म हैं। इसमें दो जख्म तो तीन सेंटीमीटर तक गहरे हैं। डॉक्टर ने अपनी एमएलआर रिपोर्ट में बताया कि पेट के दाहिने तरफ नाभि से लगभग 5 सेमी की दूरी पर कई छोटे खरोंच व काटने के निशान हैं। इनसे सक्रिय रक्तस्राव हो रहा है। चिकित्सक और सर्जन की राय लेने की सलाह दी गई है।
बच्चे को संभालने की जगह दरवाजा कर लिया बंद
शिकायतकर्ता ने बताया कि जिस मकान से पिटबुल कुत्ते निकल कर आए थे। वहां से एक महिला व उसकी बेटी निकल कर आई। बेटी घायल दीपांशु को संभालने के बजाय कुत्ते को अंदर घर में ले गई और दरवाजा बंद कर लिया। घायल दीपांशु के पिता सुनील नेहरा के बयान पर महिला शर्मिला व उसकी बेटी मुस्कान के खिलाफ बीएनएस की धारा 291,125(A) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छह माह की कैद तक की हो सकती है कैद
वरिष्ठ वकील दीपक भारद्वाज ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 'पशु के प्रति लापरवाहीपूर्ण आचरण' से संबंधित है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही से अपने पालतू जानवर (जैसे कुत्ता) को असुरक्षित छोड़ता है। इससे मानव जीवन या सुरक्षा को खतरा हो तो 6 महीने तक की जेल या 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
2018 में औमेक्स सिटी में हो चुका है छह साल की बच्ची पर हमला
विदेशी नस्ल के कुत्ते का लाढ़ौत पर रोड पर पहला हमला नहीं है। 2018 में बुल टेरिअर कुत्ते ने छह साल की बच्ची को औमेक्स सिटी पर हमला कर दिया था। दो मिनट में बच्ची को 60 जगह से काटा गया था। इसके बावजूद शासन व प्रशासन सख्त कदम नहीं उठा रहा है। नियमों के तहत पालतू कुत्तों का नगर निगम में पंजीकरण कराना होता है। नगर नगर में यह जिम्मेदारी सफाई ब्रांच के पास है। निगम में अगर कोई लिखित में पंजीकरण के लिए आवेदन करता है तो उसका पंजीकरण कर लिया जाता है। अगर कोई पंजीकरण नहीं करवाता तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
खतरनाक किस्म के होते हैं पिटबुल
पशु चिकित्सक डॉ. ओम आहूजा ने बताया कि पिटबुल खतरनाक प्रजाति का कुत्ता है। यह अपने मालिक पर भी हमला कर सकता है। एक बार पकड़ने बाद आसानी से नहीं छोड़ता। इस नस्ल के कुत्तों को पालने से बचना चाहिए।
कहां हैं डिएगो गार्सिया द्वीप जिस पर हमला कर ईरान ने अमेरिका की कमजोर नस पर किया प्रहार
23 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डिएगो गार्सिया । हिंद महासागर में मौजूद डिएगो गार्सिया फिर से सुर्खियों में है। इसकी वजह ईरान-अमेरिका की जंग है। रणनीतिक रूप से अहम द्वीप पर अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त मिलिट्री बेस है। यहां से अमेरिका साउथ एशिया, वेस्टं एशिया और अफ्रीका पर नजर रखना बेहद आसान है। सबसे खास बात यह है कि डिएगो गार्सिया से हिंद महासागर में चीन की बढ़ती महत्वाककांक्षा को नियत्रिंत किया जा सकता है। ईरान ने डिएगो गार्सिया की ओर बैलिस्टिक मिसाइल्स दागी हैं। एक मिसाइल बीच रास्तेग में ही रह गई, जबकि दूसरे को इंटरसेप्ट् किया गया। डिएगो गार्सिया का महत्वी इस बात से समझा जा सकता है कि इसमें बी-2 और बी-52 जैसे खतरनाक अमेरिकी बॉम्बंर का यह आइलैंड दूसरे घर की तरह है। अमेरिका ने इसी द्वीप से गल्फ और इराक वॉर को कंट्रोल किया था। अब ईरान युद्ध में भी यह अहम केंद्र बना है।
हिन्दक महासागर के बीचों-बीच स्थित डिएगो गार्सिया एक छोटा सा द्वीप है, लेकिन इसकी रणनीतिक अहमियत बहुत बड़ी है। यह द्वीप चागोस द्वीपसमूह का हिस्सा है। यह अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया के बीच स्थित है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी भौगोलिक मौजूदगी है। यह लाल सागर के मुहाने पर स्थित बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य और दक्षिण-पूर्व एशिया के मलक्का स्ट्रेकट से करीब समान दूरी पर है। इसका मतलब है कि यहां से अमेरिका पूरे हिन्दर महासागर क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति का प्रभावी ढंग से संचालन कर सकता है।
बात दें कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जैसे-जैसे उपनिवेशवाद खत्म हुआ, अमेरिका को यह चिंता होने लगी उसके विदेशी सैन्य ठिकानों तक पहुंच सीमित हो सकती है। क्योंकि पूर्व सोवियत संघ और चीन के मुकाबले अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखना जरूरी था। इसी रणनीति के तहत 1960 के दशक में अमेरिका ने ब्रिटेन के साथ मिलकर चागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस से अलग कर एक नया क्षेत्र तैयार किया। इस ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी नाम दिया गया। इसके बदले अमेरिका ने ब्रिटेन को आर्थिक सहायता भी दी। यही वह दौर था जब डिएगो गार्सिया को एक बड़े सैन्य अड्डे के रूप में तैयार किया गया। वर्तमान में यहां कोई स्थायी नागरिक आबादी नहीं है, लेकिन करीब 4,000 अमेरिकी और ब्रिटिश सैन्य व नागरिक कर्मी तैनात हैं, यह अड्डा पर्शियन गल्फ युद्ध, अफगानिस्तान (2001) और इराक (2003) युद्धों में अहम भूमिका निभा चुका है।
आज के दिन डिएगो गार्सिया अमेरिका की सैन्य ताकत का प्रमुख केंद्र है। यहां लंबी रनवे वाली एयरफील्ड है, जहां बोइंग बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस जैसे भारी बमवर्षक विमान, टैंकर, निगरानी विमान और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट आसानी से उतर सकते हैं। इसके अलावा यहां विशाल ईंधन भंडारण, रडार सिस्टम और कंट्रोल टावर मौजूद हैं, जो लंबी दूरी के सैन्य अभियानों को संभव बनाते हैं। समुद्री मोर्चे पर भी यह अड्डा उतना ही मजबूत है। यहां का डीप वॉटर पोर्ट बड़े वॉरशिप, एयरक्राफ्ट कैरियर्स और सबमरीन के ठहरने, मरम्मत और आपूर्ति की सुविधा देता है।
हिंद महासागर में केवल अमेरिका ही सक्रिय नहीं है। बल्कि भारत और फ्रांस भी क्षेत्र में मजबूत सैन्य उपस्थिति रखते हैं। भारत मॉरीशस के साथ मिलकर अगालेगा द्वीप पर एक आधुनिक एयरबेस और नौसैनिक जेट्टी तैयार कर रहा है। यहां से भारत समुद्री निगरानी और सुरक्षा को मजबूत करेगा। वहीं फ्रांस के पास रीयूनियन और मायोटजैसे द्वीप हैं, जहां हजारों सैनिक तैनात हैं। फ्रांस की पनडुब्बियां भी इस क्षेत्र में लगातार गश्त करती हैं। वहीं हाल के वर्षों में चीन ने भी हिंद महासागर में अपनी पकड़ मजबूत की है। पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से लेकर म्यांमार के क्याउकफ्यू पोर्ट तक, चीन ने कई रणनीतिक बंदरगाह विकसित किए हैं। हालांकि, चागोस द्वीपसमूह को लेकर चीन की सीधी मौजूदगी नहीं है, लेकिन पश्चिमी देशों को आशंका है कि भविष्य में वह इस क्षेत्र में भी अपनी पकड़ बढ़ा सकता है।
ईरान को ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम कहा-होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुला तो तबाही मचा देंगे
23 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने अगले 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाकर उन्हें तबाह कर देगी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से की जाएगी।
ईरान ने इजरायल और अमेरिका के हालिया हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। गौरतलब है कि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकीर्ण समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इस रास्ते की नाकेबंदी के कारण समुद्र में तेल के जहाजों की कतारें लग गई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट गहरा गया है। इसी दबाव को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल से लदे जहाजों पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाने की बात भी कही है ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर हमला किया। लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित इस बेस पर हमले ने दुनिया को चौंका दिया है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि तेहरान के पास पहले से अनुमानित क्षमता से कहीं अधिक लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें मौजूद हैं। इसके साथ ही, ईरान के नतांज स्थित मुख्य परमाणु संवर्धन संयंत्र पर भी शनिवार को हवाई हमला किया गया, जिससे स्थिति और अधिक विस्फोटक हो गई है।
इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने स्पष्ट किया है कि आने वाले सप्ताह में ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियानों की तीव्रता में भारी वृद्धि होगी। हालांकि, ट्रंप ने पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे कम करने के संकेत भी दिए हैं, लेकिन साथ ही क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और मरीन सैनिकों की तैनाती की घोषणा ने अमेरिका की दोहरी रणनीति को उजागर किया है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम पर टिकी हैं।
हमले दुबई पर हो रहे हैं और तकलीफ अमेरिका को, ट्रंप की दुखती नस दबा रहा है ईरान
23 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान । ईरान ने साफ कर दिया है कि वो किसी के आगे झुकने वाला नहीं है। इसके लिए उसे जो भी कीमत चुकाना पड़े चुकाएगा। इसी रणनीति के चलते ईरान ऐसे हमले कर रहा है जिससे अमेरिका को ज्यादा से ज्यादा तकलीफ हो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दुखती नस है यूएई। यही वजह है कि ईरान इसी नस को बार बार दबा रहा है। हाल ही में ईरान ने यूएई पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं, जिससे वहां के कई अहम ठिकाने प्रभावित हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार अब तक यूएई पर 1,700 से अधिक ड्रोन, सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और कई क्रूज मिसाइलें दागी जा चुकी हैं।
इन हमलों का असर यूएई के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर पर साफ दिखाई दे रहा है। आलीशान होटल, तेल रिफाइनरी, एयरपोर्ट और व्यावसायिक क्षेत्र निशाने पर रहे हैं, जिससे न केवल आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता पर भी खतरा मंडराने लगा है। फुजैराह के औद्योगिक क्षेत्रों में हमलों के बाद धुएं के गुबार देखे गए, जो नुकसान की गंभीरता को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इन हमलों के पीछे सिर्फ सैन्य कारण नहीं, बल्कि गहरी आर्थिक रणनीति भी छिपी हुई है। दरअसल, यूएई अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है, जो आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर निवेश करने की योजना बना रहा है। अनुमान है कि यूएई द्वारा करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश अमेरिका में किया जाना प्रस्तावित है, जो कुल विदेशी निवेश का बड़ा हिस्सा है। यही कारण है कि यूएई को निशाना बनाकर ईरान अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका की आर्थिक योजनाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। अगर यूएई की अर्थव्यवस्था अस्थिर होती है, तो इसका सीधा असर अमेरिका में आने वाले निवेश पर पड़ेगा। इस तरह ईरान बिना सीधे टकराव के भी अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। इसके अलावा, यूएई खासकर दुबई को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में देखा जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहां विदेशी निवेशकों के लिए नियमों को आसान बनाया गया है, जिससे यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश का प्रमुख हब बन गया है। ऐसे में लगातार हमलों से यूएई की सुरक्षित और स्थिर छवि को नुकसान पहुंच सकता है। कुल मिलाकर, यह संघर्ष अब केवल सैन्य शक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक मोर्चों पर भी लड़ा जा रहा है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा सकता है।
सोशल मीडिया से ‘टटीरी’ के सैकड़ों वीडियो हटाए गए, पुलिस ने दिखाई सख्ती
23 Mar, 2026 09:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। सिंगर बादशाह के आपत्तिजनक गीत ‘टटीरी’ के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक इस गीत से जुड़े 857 लिंक हटवा दिए हैं। इनमें 154 वीडियो और 703 छोटे वीडियो शामिल हैं। यह कार्रवाई अलग-अलग सामाजिक मंचों के साथ मिलकर कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। पुलिस ने संबंधित मंचों को नोटिस भेजकर गीत के सभी रूप हटाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गीत में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इसी कारण इसे हटाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
गरिमा के खिलाफ सामग्री बर्दाश्त नहीं: डीजीपी
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि महिलाओं और नाबालिगों की गरिमा के खिलाफ किसी भी तरह की सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल मंचों पर निगरानी और भी मजबूत कर दी गई है, ताकि कानून का पालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नेतृत्व में सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल माहौल बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार काम कर रहे हैं।
रील बनाने वालों पर भी कार्रवाई होगी
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शिबास कविराज ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस प्रतिबंधित गीत पर वीडियो बनाता या साझा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में संबंधित खाते बंद किए जा सकते हैं और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर मामला दर्ज किया जाएगा।
मामले की जांच जारी
यह मामला पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित साइबर थाने में दर्ज है। पुलिस टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और गीत के प्रसार में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस ने साफ किया है कि महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े आपत्तिजनक या समाज विरोधी कंटेंट के खिलाफ जीरो सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। लोगों से अपील की गई है कि ऐसे कंटेंट को साझा न करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई, CM हाउस के बाहर तनाव
बालाकोट-नोटबंदी पर राहुल का तंज, संसद में हंगामा
