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चीन के साथ मिलकर भारत को घेरने में जुटा अमेरिका...टैरिफ वाले गेम प्लान के लिए भारत को साधने में जुटा अमेरिका
4 Jul, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ के दम पर दुनिया को अपने कब्जे में करने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी इसी रणनीति के तहत ट्रंप की नजर भारत और पाकिस्तान के 60 लाख करोड़ रूपए के रेयर अर्थ पर है। डोनाल्ड ट्रंप ने जब से टैरिफ वाला गेम शुरू किया है, तभी से रेयर अर्थ मेटल की खूब चर्चा हो रही है। इतनी चर्चा हुई है कि इस पर एकाधिकार रखने वाले चीन ने इसके निर्यात पर ही प्रतिबंध लगा दिए। चीन दुनिया में रेयर अर्थ मेटल का राजा है। उसके पास सबसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार है। दुनिया को चीन के सामने हाथ फैलाना पड़ता है।
ऐसे में अमेरिका की नजर भारत और पाकिस्तान में स्थित रेयर अर्थ पर है। गौरतलब है कि कुछ साल पहले जम्मू-कश्मीर में करीब 10 लाख करोड़ रूपए के रेयर अर्थ मेटल का भंडार मिला है। वहीं इसी दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 50 लाख करोड़ रूपए के भंडार मिले हैं। जानकारों का कहना है कि इसी 60 लाख करोड़ रूपए के रेयर अर्थ मेटल के लिए ट्रंप भारत और अमेरिका के बीच समन्वय बनाने के लिए सेतू बनने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि दोनों देशों पर टैरिफ का दबाव डालकर उनसे समझौता किया जाए और रेयर अर्थ मेटल पर कब्जा जमाया जाए। उधर, चीन ने भारत को जरूरी मशीनों और पाट्र्स की डिलीवरी रोक दी है। ये मशीनें और पार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा, भारत में आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने अपने 300 से ज्यादा चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियन्स को भारत से वापस बुलाने का निर्देश दिया है।
जल्द होगा व्यापार समझौता
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक व्यापार समझौता होगा। जिसमें टैरिफ काफी कम होंगे। ट्रम्प ने इसे दोनों देशों के बाजारों में बेहतर प्रतिस्पर्धा के लिए अच्छ बताया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत के साथ हमारी डील होने जा रही है। और यह एक अलग तरह की डील होगी। ऐसी डील, जिसमें हम भारत के बाजार में प्रवेश कर सकें और प्रतिस्पर्धा कर सकें। अभी भारत किसी को अंदर आने नहीं देता। लेकिन मुझे लगता है कि भारत अब ऐसा करेगा। और अगर ऐसा हुआ, तो हम कम टैरिफ वाली डील कर पाएंगे।
7 दिनों से बातचीत जारी
भारत और अमेरिका के बीच इस समय द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वॉशिंगटन में बीते 7 दिनों से बातचीत जारी है। इसका मकसद 9 जुलाई की अहम डेडलाइन से पहले एक अंतरिम समझौता करना है। भारत और अमेरिका के बीच अगर 9 जुलाई तक कोई समझौता नहीं हुआ हुआ तो भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लग सकता है। यह वो तारीख है जब ट्रम्प के सस्पेंडेड टैरिफ दोबारा लागू होंगे। ट्रम्प ने 2 अप्रैल को दुनियाभर के करीब 100 देशों पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था। इसमें भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगा। फिर 9 अप्रैल को ट्रम्प प्रशासन ने इसे 90 दिनों के लिए टाल दिया। ट्रम्प ने ये समय भारत जैसे देशों को डील पर फैसले लेने के लिए दिया है। अगर बातचीत नाकाम रहती है, तो 26 प्रतिशत का टैरिफ स्ट्रक्चर तुरंत प्रभाव से फिर से लागू हो जाएगा अमेरिका कृषि व डेयरी में शुल्क रियायत की मांग कर रहा है। हालांकि भारत ने रुख कड़ा किया है। भारत का मानना है कि जीएम फसलों, कृषि व डेयरी प्रोडक्ट, मेडिकल डिवाइस व डेटा लोकलाइजेशन में ज्यादा छूट दी, तो खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
व्यापार को 500 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य
भारत-अमेरिका डील से जुड़े लोगों ने बताया कि हफ्तों पहले हुई बातचीत में मुख्य रूप से भारत और अमेरिका में इंडस्ट्री और कृषि उत्पादों के लिए ज्यादा बाजार पहुंच, टैरिफ में कटौती और नॉन-टैरिफ बैरियर्स पर फोकस रहा। अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस के अधिकारियों ने की। जबकि भारतीय व्यापार मंत्रालय की टीम की कमान सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल कर रहे थे। इस समझौते का लक्ष्य दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 190 अरब डॉलर (करीब 16 लाख करोड़) से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर (करीब 43 लाख करोड़) तक ले जाना है।
आईफोन को लेकर लड़ाई
उधर, चीन ने भारत के उद्योग जगत को प्रभावित करने की तैयारी शुरू कर दी है। चीन ने भारत को जरूरी मशीनों और पाट्र्स की डिलीवरी रोक दी है। ये मशीनें और पार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा, भारत में आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने अपने 300 से ज्यादा चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियन्स को भारत से वापस बुलाने का निर्देश दिया है। रिपोट्र्स के मुताबिक चीन ने ऐसा भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रभावित करने के लिए किया है। सूत्रों ने कहा कि चाइनीज कर्मचारियों की संख्या 1 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन ये प्रोडक्शन और क्वालिटी मैनेजमेंट जैसे अहम ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चीनी सरकार द्वारा अपने नागरिकों को वापस बुलाने के निर्देश से फैक्ट्रियों में काम धीमा हो सकता है। बीती दिनों चीन ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई भी रोक दी थी। ऐसे में चीन के इन दोनों कदमों को भारत की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ को कमजोर करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। चीन शायद भारत के साथ टिट-फॉर-टैट की रणनीति अपना रहा है, क्योंकि उनके कॉर्पोरेट कर्मचारियों को बिजनेस वीजा हासिल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। एक उद्योग सूत्र ने कहा, हम इस मामले पर सरकार को एक रिपोर्ट भेजने का प्लान बना रहे हैं। आईफोन मैन्यूफैक्चरिंग पर अभी चीन का दबदबा है। 2024 में कंपनी के ग्लोबल आईफोन शिपमेंट में इसका हिस्सा लगभग 28 प्रतिशत था।
चार साल पहले भारत ने आईफोन असेंबलिंग शुरू की थी
भारत ने 4 साल पहले बड़े पैमाने पर आईफोन असेंबल करना शुरू किया था, और अब ये ग्लोबल प्रोडक्शन का पांचवां हिस्सा बनाता है। एपल की योजना 2026 के अंत तक अमेरिका के लिए ज्यादातर आईफोन्स भारत में बनाने की है, जिसकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने आलोचना की है। राष्ट्रपति ने कहा है कि एपल को अमेरिकी ग्राहकों के लिए आईफोन अमेरिका में ही बनाने चाहिए। लेकिन अमेरिका में महंगी लेबर लागत के कारण वहां आईफोन उत्पादन करना व्यवहारिक नहीं है। वहीं अगर चीन अपने इंजीनियर्स को अमेरिका जाने से रोकता है, तो एपल की अपने देश में गैजेट असेंबली शुरू करने की योजना और भी मुश्किल हो जाएगी। भारत में पिछले कुछ सालों में आईफोन प्रोडक्शन तेजी से बढ़ा है। 2024 में भारत ने 14 बिलियन डॉलर की वैल्यू के आईफोन्स बनाए, और जनवरी-मई 2025 में 4.4 बिलियन डॉलर के आईफोन्स अमेरिका को एक्सपोर्ट किए। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के मुताबिक, अब 25 प्रतिशत आईफोन्स भारत में बनाए जा रहे हैं।
इंडोनेशिया के बाली द्वीप के पास जहाज डूबा
4 Jul, 2025 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंडोनेशिया। इंडोनेशिया के बाली रिसॉर्ट द्वीप के पास गुरुवार को 65 लोगों को ले जा रही एक जहाज के डूबने से 4 लोगों की मौत हो गई और 29 को बचा लिया गया है। जबकि 32 लोग अब भी लापता हैं।केएमपी टुनु प्रतामा जया नामक ये जहाज पूर्वी जावा के केतापांग बंदरगाह से बाली के गिलिमानुक बंदरगाह जा रही थी, यह 50 किलोमीटर का सफर था। रवाना होने के करीब 30 मिनट बाद यह डूब गई। जहाज पर करीब 53 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, साथ ही 22 वाहन भी थे, जिनमें कई ट्रक भी शामिल थे। स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसी जहाज के डूबने के कारणों का पता कर रही है।सुरबाया बचाव एजेंसी ने गुरुवार को एक बयान में कहा- जहाज स्थानीय समयानुसार रात के लगभग 11 बजकर 20 मिनट पर डूबी। बचाव के लिए नौ बोट जिनमें टगबोट और इन्फ़्लेटेबल जहाज शामिल हैं, सक्रिय रूप से लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। दो मीटर तक ऊंची लहरों के कारण बचाव दल को लोगों को ढूंढने में परेशानी हो रही है। राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक प्रयास जारी रहेंगे।
जापान के टोकारा में 14 दिन में 1 हजार भूकंप
4 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो। जापान के टोकारा द्वीपों के आसपास पिछले दो हफ्तों में 1 जहार से ज्यादा बार भूकंप आए हैं। जापान की मौसम एजेंसी के मुताबिक ये भूकंप 21 जून से शुरू हुए और अभी तक चालू हैं। बुधवार की रात लगभग 3 बजे यहां 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद एजेंसी ने बड़े झटको की चेतावनी जारी की है। साथ ही लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह चार बड़े टेक्टोनिक प्लेटों पर बसा है और प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। हर साल यहां करीब 1500 भूकंप आते हैं, जिनमें से ज्यादातर हल्के होते हैं। टोकारा द्वीप में सिर्फ दो सप्ताह में इतने ज्यादा भूकंप क्यों आए, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
एक दिन में 183 बार भूकंप आए
टोकारा द्वीप पर 21 से 30 जूलाई तक 740 भूकंप दर्ज किए गए, जिनमें ज्यादातर 5 या उससे ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप थे। टोकारा के 12 द्वीपों में से 7 पर करीब 700 लोग रहते हैं। डेटा के अनुसार 23 जून को 183 भूकंप आए, जो एक दिन में आए सबसे ज्यादा भूकंप थे। 26 जून को यहां 15 और 27 जून को 16 बार भूकंप आए। लेकिन 28 जून को यह संख्या फिर से बढक़र 34 और 29 जून को 98 हो गई। 30 जून को 62 भूकंप दर्ज किए गए।
30 साल में 2.98 लाख मौतों का जोखिम
जापान के नोटो द्वीप में 2024 में आए भूकंप में करीब 600 लोग मारे गए थे। 2011 में 9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। जापान सरकार ने अगले 30 साल में यहां 75-82 प्रतिशत तक भूकंप के तीव्र होने की चेतावनी दी है। अगर ऐसा हुआ तो 2.98 लाख लोग मारे जा सकते हैं और 2 ट्रिलियन डॉलर (167 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हो सकता है।
थाईलैंड को दो दिन में दूसरा प्रधानमंत्री मिला
4 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैंकॉक। थाईलैंड को दो दिन में दूसरा प्रधानमंत्री मिला है। गृह मंत्री फुमथम वेचायाचाई ने गुरुवार को कार्यवाहक प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालीं। उन्होंने 24 घंटे प्रधानमंत्री रहे सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट की जगह ली है। सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट को बुधवार को देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। 70 साल के सूर्या ने निलंबित प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनावात्रा की जगह ली थी, जिन्हें 1 जून को पद से हटाया गया था।
पैतोंगतार्न शिनावात्रा के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने कंबोडिया के एक बड़े नेता के साथ फोन पर बातचीत की, जो सार्वजनिक हो गई और इसे मंत्री पद के नैतिक नियमों का उल्लंघन माना गया। थाई सरकार ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर बताया कि नए मंत्रिमंडल की पहली बैठक में फुमथम को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाने पर सहमति बनी। यह बैठक तब हुई जब थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न ने नए मंत्रियों को शपथ दिलाई।
केरल में फंसा ब्रिटिश फाइटर जेट एफ-35बी टुकड़ों में जाएगा वापस
4 Jul, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम। ब्रिटिश रॉयल नेवी का एफ-35बी स्टील्थ फाइटर जेट, जो 14 जून की रात केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद से खड़ा है, अब उड़ान भरने के लायक नहीं बचा है। ब्रिटेन से आई इंजीनियरिंग टीम ने इसे कई बार दुरुस्त करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी को ठीक नहीं किया जा सका। अब इसे टुकड़ों में काटकर मिलिट्री कार्गो एयरक्राफ्ट के जरिए ब्रिटेन भेजने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि यह 918 करोड़ रुपए कीमत वाला फाइटर जेट ब्रिटिश रॉयल नेवी के एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है। इसे दुनिया के सबसे एडवांस्ड और महंगे लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। 14 जून की रात जब इसने तिरुवनंतपुरम में तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग की, तब से यह वहीं खड़ा है।
ब्रिटेन से आए इंजीनियर लेकिन समस्या जस की तस
लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित यह विमान तकनीकी रूप से इतना जटिल है कि इसके रखरखाव के लिए विशेषज्ञ टीम की जरूरत होती है। लैंडिंग के बाद ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने इंजीनियरों की एक विशेष टीम भारत भेजी थी, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद भी विमान उड़ान के लिए तैयार नहीं हो सका। अब सूत्र बता रहे हैं कि इस हाई-टेक फाइटर जेट को डिसमेंटल (टुकड़ों में अलग) कर विशेष मिलिट्री कार्गो विमानों से ब्रिटेन वापस ले जाया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार से लॉजिस्टिक परमिशन और आवश्यक मंजूरी मांगी गई है। जल्द ही इसके ट्रांसपोर्ट की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
भारतीय नौसेना के साथ किया था अभ्यास
यह विमान भारत के साथ किए गए हालिया संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में भाग लेने के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तैनात था। बताया जा रहा है कि अभ्यास के बाद जब यह विमान एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स पर लौट रहा था, उसी दौरान उसमें तकनीकी गड़बड़ी आ गई और उसे आपात स्थिति में भारत में उतरना पड़ा। अति-आधुनिक युद्धक विमान का भारत में तकनीकी कारणों से फंसना अभूतपूर्व घटना है। इस घटना ने सुरक्षा, कूटनीति और तकनीकी कौशल, तीनों ही स्तरों पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रैपर वेश्यावृत्ति मामले में दोषी करार
4 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयार्क। अमेरिकी हिप-हॉप स्टार शॉन डिडी कॉम्ब्स को वेश्या वृत्ति के लिए यात्रा कराने के मामले में दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, उन्हें सबसे गंभीर आरोपों रैकेटियरिंग और सेक्स ट्रैफिकिंग से बरी कर दिया गया। जज अरुण सुब्रमणियन ने कहा कि डिडी के खिलाफ पहले भी हिंसा के मामले दर्ज हैं। इसलिए उन्हें सजा सुनाए जाने तक जेल में ही रहना होगा। सजा इस साल अक्टूबर में सुनाई जा सकती है। अधिकतम सजा 20 साल की हो सकती है। न्यूयॉर्क सिटी की एक फेडरल कोर्ट में करीब दो महीने तक यह मुकदमा चला। प्रोसिक्यूटर ने कहा कि डिडी ने अपनी पहचान और कारोबार का इस्तेमाल एक आपराधिक गैंग चलाने के लिए किया, जो महिलाओं की सेक्स तस्करी करता था।
हरियाणा में बिजली कनेक्शन के लिए अब ऑनलाइन करें आवेदन, जानिए प्रक्रिया
3 Jul, 2025 03:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल। हरियाणा सरकार ने अपने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को मजबूत और डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को ऑनलाइन स्तर पर शुरू कर रखी है। इसके लिए अब ऑफलाइन आवेदन बंद कर दिया है।
अब हरियाणा राज्य में निवास करने वाले है नागरिकों को अगर अपने घर, ऑफिस या उद्योग के लिए बिजली कनेक्शन चाहिए तो तो वह घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, न तो सीएससी सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
अगर आपको नया बिजली कनेक्शन लेना है तो आप के लिए यह जानकारी लाभदायक होने वाली है क्योंकि खबर में हम बताएंगे डीएचबीवीएन में बिजली कनेक्शन कैसे करवाएं।
कैसे करें आवेदन?
विभाग के एसडीओ हेमंत शर्मा ने बताया कि विभाग अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा जिसका लिंक dhbvn.org.in दिया जा रहा है। वेबसाइट के होम पेज पर आपको बिजली सेवाओं की सूची आ जाएंगी।
अब आपको यहां पर बिजली सेवा से जुड़े कई विकल्प दिखाई देंगे, जिसमें से आपको न्यू कनेक्शन के ऑप्शन पर क्लिक कर देना है। अब आपके सामने बिजली कनेक्शन फार्म मिलेगा, जिसमें पूछी गई सभी जानकारी को भरना है।
सभी जानकारी भरने के बाद आपको फार्म को सबमिट बटन पर क्लिक करके फार्म सबमिट कर देना है। अब आपको बिजली कनेक्शन के लिए कुछ भुगतान करना होगा। रजिस्टर पर क्लिक करते हैं। आपका या एक यूजरनेम और पासवर्ड मिल जाएगा।
आपको सिंपल यूपीआई का इस्तेमाल कर भुगतान कर देना है। इस तरह से आप नया बिजली कनेक्शन के लिए अप्लाई कर सकेंगे। कुछ दिन बाद बिजली संबंधित कर्मचारियों द्वारा आपके पते पर बिजली कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा।
क्या-क्या डाक्यूमेंट जमा कराने हैं?
आधार कार्ड
राशन कार्ड
फैमिली आई
मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटो
निवास प्रमाण
बिजली विभाग की तरफ से मीटर के हिसाब से अलग–अलग भुगतान राशि को निर्धारित है, जो कि इस प्रकार है
एक किलोवाट – 800
दो किलोवाट – 1200
चार किलोवाट – 1600
पांच किलोवाट – 2000
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को छह महीने की जेल की सजा
3 Jul, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक बड़ा झटका लगा है। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने अदालत की अवमानना के मामले में उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनाया। पूर्व पीएम हसीना 11 महीने पहले पद छोड़ने और देश छोड़कर भागने के बाद पहली बार किसी मामले में दोषी साबित हुई हैं। जून में आईसीटी के अभियोजकों ने हसीना पर बीते साल बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध का औपचारिक आरोप लगाया था। लेकिन हसीना ने सभी आरोपों से इंकार किया है। संयुक्त राष्ट्र अधिकार कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 15 अगस्त, 2024 के बीच लगभग 1,400 लोग मारे गए थे। वहीं बचाव पक्ष के वकील आमिर हुसैन के अनुसार, वह इन आरोपों से उन्हें मुक्त करने के लिए तर्क प्रस्तुत करुंगा। बता दें कि पिछले साल अगस्त महीने में बांग्लादेश में व्यापक स्तर पर हसीना सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इसके बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देते हुए भारत आना पड़ा था। इस समय शेख हसीना दिल्ली में एक सुरक्षित घर में रह रही हैं।
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ खोला मोर्चा, एक बार फिर छेड़ा वही पुराना राग, जानिए
3 Jul, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान जनवरी, 2025 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का अस्थायी सदस्य चुना गया था और अब रोटेशन के तहत उसे यूएनएससी की अध्यक्षता मिल गई है। अध्यक्षता मिलते ही पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और एक बार फिर वहीं पुराना कश्मीर का राग छेड़ दिया है, जिसे लेकर भारत हमेशा से कहता रहा है कि यह द्विपक्षीय मसला है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा है कि कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए यूएनएससी को जरूरी कदम उठाने चाहिए। पाकिस्तानी दूत ने द्विपक्षीय मामले के अंतरराष्ट्रीयकरण की कोशिश करते हुए कहा कि कश्मीर का विवादित मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच गंभीर तनाव का विषय बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र के न्यूयार्क हैडक्वार्टर में बोलते हुए पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि दुनिया को अब इस मुद्दे पर काम करने की जरूरत है।
कश्मीर मुद्दे पर बात करने का यही वक्त है और मैं कहूंगा कि ये सिर्फ पाकिस्तान की जिम्मेदारी नहीं है… हम यहां अस्थायी हैं…दो साल के लिए अस्थायी सदस्य। मेरा मानना है कि यह मुद्दा सुरक्षा परिषद का भी है, खासकर परिषद के स्थायी सदस्यों का कि वे ऐसे कदम उठाएं, जिससे इस मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र के ही प्रावधानों के हिसाब से किया जा सके। यही एक रास्ता है। इफ्तिखार अहमद ने कहा कि परिषद, विशेष रूप से इसके स्थायी सदस्यों के लिए, अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने और कश्मीर पर लंबे समय से चले आ रहे प्रस्तावों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का समय आ गया है। यह सिर्फ पाकिस्तान का बोझ नहीं है।
चीन से टोक्यो जा रहे जापान एयरलाइंस के विमान की ओसाका एयरपोर्ट पर एमर्जेंसी लैंडिंग
3 Jul, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जापान एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। बोइंग का यह विमान चीन से उड़ान भरकर जापान की राजधानी टोक्यो जा रहा था। शंघाई में उड़ान भरते ही विमान में खराबी आ गई। इसी दौरान विमान 10 मिनट में 26000 फुट ऊंचाई से नीचे आ गया। विमान को नीचे गिरता देख यत्रियों ने विदाई संदेश लिखकर रख दिए। हालांकि, आखिर में विमान की लैंडिंग सेफ तरीके से जमीन पर हुई। यह हादसा 30 जून की शाम को हुआ, जब विमान ने चीन के शंघाई पुडोंग एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और टोक्यो के नारिता एयरपोर्ट की ओर जा रहा था। विमान में कुल 191 लोग सवार थे। रिपोर्ट के अनुसार, विमान ने उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही तकनीकी खराबी का सामना किया। जापान के क्यूशू द्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय विमान के केबिन प्रेशर सिस्टम में खराबी का अलर्ट मिला। इसके चलते विमान को तेजी से नीचे लाना पड़ा, जिसे एमरजेंसी डिसेंट कहा जाता है। महज 10 मिनट में यह लगभग 36,000 फुट से घटकर 10,500 फुट की ऊंचाई पर आ गया।
यात्रियों ने बताया कि एक मफल्ड बूम की आवाज सुनाई दी और कुछ ही सेकंड में ऑक्सीजन मास्क गिर गए। केबिन में अराजकता का माहौल बन गया, जिसमें फ्लाइट अटेंडेंट्स जोर-जोर से यात्रियों को मास्क पहनने के लिए कह रही थीं। कई यात्री उस समय सो रहे थे और घबरा गए। कुछ यात्रियों ने तो इस डर से अपनी वसीयत लिख दी और अपने परिजनों को एटीएम पिन व बीमा की जानकारी भेज दी। इस डरावने लम्हे को कुछ यात्रियों ने मोबाइल पर रिकॉर्ड भी किया। विमान के पायलट ने तत्काल एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आपात स्थिति की सूचना दी और विमान को ओसाका के कंसाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने शाम 8:50 बजे सुरक्षित लैंडिंग की। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी यात्री या क्रू मेंबर घायल नहीं हुआ। एयरलाइन की ओर से यात्रियों को 15,000 येन का परिवहन मुआवजा और एक रात के होटल ठहराव की सुविधा दी गई है। विमान की तकनीकी खराबी की जांच शुरू कर दी गई है।
भारत-अमरीका के रिश्ते को नई दिशा, विदेश मंत्री की रणनीति से दोनों देशों में बनी यह सहमति
3 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तानी सेना प्रमुख से बातचीत जैसे मुद्दों पर तनाव के बाद, भारत और अमरीका ने अपने रिश्तों को नई दिशा दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर के वाशिंगटन दौरे के दौरान अमरीकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ हुई बैठक में अगले दस वर्षों के लिए रक्षा सहयोग के ढांचे पर सहमति बनी। इससे पहले हेगसेथ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की थी, जिसमें द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। जयशंकर ने अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रोबियो और ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट से भी मुलाकात कर रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
जयशंकर और हेगसेथ की बैठक में फरवरी, 2025 में पीएम नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच रक्षा सौदों पर हुई चर्चा को आगे बढ़ाया गया। जेवेलिन एंटी-गाइडेड मिसाइल, स्ट्राइकर युद्धक वाहन और छह अतिरिक्त पी-8आई समुद्री गश्ती विमानों की खरीद पर बातचीत हुई। अमरीकी रक्षा विभाग ने कहा कि दोनों देश क्षेत्रीय चुनौतियों को समझते हैं और मिलकर उनका सामना करने को तैयार हैं।
ऊर्जा सहयोग और निवेश समझौते की राह
जयशंकर ने ऊर्जा मंत्री राइट के साथ बैठक में ऊर्जा सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा की। भारत, जो पहले से ही अमेरिकी कच्चे तेल का बड़ा खरीदार है, अब और अधिक गैस खरीदने पर विचार कर रहा है। इस महीने होने वाले द्विपक्षीय निवेश समझौते (बीआईटी) में अमरीकी पेट्रोलियम उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने की संभावना है। जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते पहले से मजबूत हैं, और इन्हें और गहरा किया जा सकता है। यह दौरा दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत देता है।
आतंकियों को सजा दो, क्वाड बैठक में पहलगाम अटैक की एक सुर में निंदा
क्वाड देशों-भारत, अमरीका, जापान और आस्ट्रेलिया ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है और इस घटना में शामिल आतंकवादियों और उन्हें आर्थिक तौर पर मदद करने वाले संगठनों एवं उनसे जुड़े लोगों को तत्काल के न्याय के दायरे में लाने का आह्वान किया। वाङ्क्षशगटन में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान मेें कहा कि हम पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में ङ्क्षनदा करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों के अनुसार इस मामले में सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह करते हैं।
मार्को रुबियो ने की जयशंकर की तारीफ; कहा बहुत बिजी इनसान हैं, हमेशा बाहर रहते हैं
वैसे तो राजनीतिक और कूटनीतिक बैठकों में चर्चा वैश्विक मुद्दों और पॉलिसीज पर होती है,लेकिन कई बार कुछ ऐसे दिलचस्प लम्हे भी आते हैं, जो काफी मजेदार होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ जब क्वाड बैठक के लिए कई देशों के विदेश मंत्री मिले। आमतौर पर गंभीर दिखाई देने वाले विदेश मंत्री एस. जयशंकर के चेहरे पर अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की एक टिप्पणी ने मुस्कान ला दी। मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री की तारीफ में कुछ ऐसा कह दिया कि वहीं खड़े जयशंकर अपनी हंसी नहीं रोक पाए। मार्को रुबियो ने जयशंकर की सराहना करते हुए उन्हें बहुत व्यस्त व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि जब भी वे समाचार देखते हैं, जयशंकर साहब किसी ने किसी देश में दिखाई देते हैं। वे बहुत यात्राएं करते हैं और काफी व्यस्त इनसान हैं।
हरियाणा ग्रुप D भर्ती का रिजल्ट घोषित, 7596 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी; ऐसे देखें परिणाम
3 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने लंबे इंतजार के बाद बुधवार की रात चतुर्थ श्रेणी के 7,596 पदों पर होने वाली भर्ती का रिजल्ट घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले सप्ताह मंत्रिमंडल की बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए जल्द ही रिजल्ट घोषित कराने का वादा किया था। इस भर्ती में वंचित अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिला है।
पूरा रिजल्ट सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के स्कोर के आधार पर घोषित किया गया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने बुधवार रात एक पोस्ट के माध्यम से चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों का रिजल्ट घोषित किए जाने की जानकारी दी। ग्रुप-डी के इन पदों के लिए अक्टूबर 2023 में परीक्षा हुई थी, लेकिन परिणाम घोषित नहीं हो पाया था।
हिम्मत सिंह ने रिजल्ट देखने के लिए लिंक जारी करते हुए कहा कि आयोग पर विश्वास बनाए रखें, हमारे साथ जुड़कर निरंतर हमारा सहयोग करें, आपके सहयोग और भरोसे के साथ हम भविष्य में इस संख्या को और बढ़ाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता हमेशा पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध प्रक्रिया की रही है।
उन्होंने सभी चयनित युवाओं को बधाई दी और कहा कि हरियाणा सरकार ने कांग्रेस सरकार के पर्ची-खर्ची के सिस्टम को पूरी तरह से बंद कर पूरे देश के सामने अनुकरणनीय उदाहरण पेश किया है। हरियाणा सरकार ने चतुर्थ श्रेणी के 7,596 पदों पर भर्ती की घोषणा करते हुए इस भर्ती में वंचित अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रविधान किया था।
पहली बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों की भर्ती में 1209 पद वंचित अनुसूचित जाति (डीएससी) और अन्य अनुसूचित जाति (ओएससी) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें डीएससी के लिए 605 और ओएससी के लिए 604 पद आरक्षित हैं। भर्ती में वंचित अनुसूचित जाति और अन्य अनुसूचित जाति के साथ ही पिछड़ा वर्ग-ए (बीसीए), पिछड़ा वर्ग-बी (बीसीबी), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईब्लयूएस), दिव्यांग, खिलाड़ियों और एक्स सर्विसमैन को भी आरक्षण का लाभ मिला है।
ग्रुप डी के 7596 पदों का परिणाम घोषित कराने के लिए मंगलवार को काफी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन से भी मिले थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वर्गों के लिए आरक्षण की नई व्यवस्था अंतर्विशिष्ट असमानताओं को दूर करने और आरक्षण लाभों के निष्पक्ष वितरण को सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
यह पहल न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी, बल्कि सामाजिक समावेशिता और निष्पक्षता को भी सुनिश्चित करेगी। नायब सैनी ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार का साझा लक्ष्य अंत्योदय अर्थात समाज के सबसे वंचित वर्ग के उत्थान को प्राथमिकता देना है।
यह भर्ती प्रक्रिया समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़े समुदायों को उनका हक दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बता दें कि अभ्यर्थी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं।
नस्लवाद के शिकार जोहरान ने जीता न्यूयॉर्क मेयर का डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव
3 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क शहर में मेयर चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर हैं। भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी जीतकर इतिहास रच दिया है। पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को भारी मतों से हराकर ममदानी अब नवंबर में होने वाले मेयर चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार होंगे। यदि वे यह चुनाव जीतते हैं, तो न्यूयॉर्क शहर के पहले भारतवंशी और मुस्लिम मेयर बनने का गौरव प्राप्त करेंगे। जोहरान ममदानी नस्लीय भेदभाव और सांस्कृतिक पूर्वाग्रहों के शिकार रहे हैं। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे भारतीय परंपरानुसार हाथ से भोजन करते दिखे। इसके बाद रिपब्लिकन प्रतिनिधि ब्रैंडन गिल ने उन्हें पश्चिमी तौर-तरीके सीखने और अपने पिछड़े देश वापस जाने तक की सलाह दे दी थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो ममदानी को कम्युनिस्ट और पागल कहकर आलोचना की और यहां तक कि उनकी नागरिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए। इन तीखे हमलों के बावजूद जोहरान ममदानी डटे रहे। उन्होंने कहा, मैं गिरफ्तारी जैसी धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। मेरे लिए राजनीति, सेवा और मूल्यों की लड़ाई है।
जोहरान ममदानी, फिल्म निर्देशक मीरा नायर और अफ्रीकी विद्वान महमूद ममदानी के पुत्र हैं। उनका पालन-पोषण विविध संस्कृतियों के संगम में हुआ और वे हमेशा से नस्लवाद, रंगभेद और सामाजिक असमानता के विरुद्ध खड़े रहे हैं। उनके पिता महमूद ममदानी ने अफ्रीका और भारत में उपनिवेशवाद और नस्लभेद पर गहन लेखन किया है। उनकी मां मीरा नायर की फिल्में भी हमेशा हाशिए पर खड़े समुदायों की आवाज़ रही हैं। जोहरान की जीत न केवल उनके लिए बल्कि अमेरिका में प्रवासी समुदायों के लिए एक बड़ा प्रतीकात्मक संदेश है। यह दर्शाता है कि विविधता और समानता की आवाज़ को भी सत्ता की राह मिल सकती है। अब 4 नवंबर 2025 को आम चुनाव होंगे, जहां ममदानी की टक्कर रिपब्लिकन उम्मीदवार से होगी। अगर वह चुनाव जीत जाते हैं तो यह इतिहास में दर्ज हो जाएगा। फिलहाल जोहरान की जीत न केवल एक राजनीतिक विजय है, बल्कि यह उन सांस्कृतिक, नस्लीय और सामाजिक संघर्षों के खिलाफ एक मजबूत जवाब है, जो प्रवासी और अल्पसंख्यक समुदाय दशकों से झेलते आ रहे हैं। अब सबकी निगाहें नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव पर टिकी हैं।
ट्रंप की जापान को धमकी, ‘तय सीमा से पहले व्यापार समझौता नहीं हुआ तो लागएंगे 35% टैरिफ’
2 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को जापान को धमकी दी कि अगर दोनों देशों के बीच अगले सप्ताह की समय सीमा से पहले व्यापार समझौता नहीं होता है तो उस पर 30 प्रतिशत से 35 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने दो अप्रैल को जापान पर तथाकथित ‘मुक्ति दिवस’ के हिस्से के रूप में 24 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया था। रिपोर्टों में कहा गया,“ जापान पर लगाया गया 24 प्रतिशत शुल्क ट्रंप के ‘मुक्ति दिवस’ के एक भाग के रूप में था, जिसमें उन्होंने दुनिया भर के देशों पर आयात शुल्क लगाया था। ट्रंप ने इसी दिन दुनिया भर के देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी।”
बीबीसी ने बताया कि जापान सहित अधिकांश अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों पर आयात शुल्क को बाद में 90 दिनों के लिए घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया ताकि उन्हें अमरीका के साथ सौदे पर बातचीत करने का समय मिल सके। यह रोक नौ जुलाई को समाप्त होने वाली है। ट्रंप ने कहा है कि वह समय सीमा बढ़ाने की योजना नहीं बना रहे हैं। उन्होंने यह भी संदेह जताया कि जापान के साथ कोई समझौता हो सकता है। ट्रंप ने मंगलवार को एयर फोर्स वन में संवाददाताओं से कहा, ”हमने जापान के साथ सौदा किया है। मुझे यकीन नहीं है कि हम कोई सौदा करेंगे। मुझे संदेह है।”
जापान ने आज एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान आयात शुल्क बढ़ाने की श्री ट्रम्प की धमकी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। जापान के उप मुख्य कैबिनेट सचिव काजुहिको आओकी ने कहा, ”हमें पता है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने क्या कहा, लेकिन हम अमरीकी सरकार के अधिकारियों द्वारा की गई हर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया नहीं करते हैं।” कई अन्य देशों की तरह, जापान के अधिकांश निर्यात पर वर्तमान में अमरीका को 10 प्रतिशत शुल्क लगता है। जापानी वाहनों और पुर्जों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क भी है, जबकि स्टील और एल्यूमीनियम पर यह 50 प्रतिशत है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने मंगलवार को कहा कि वह अमरीका के साथ समझौता करने के लिए ऐसी रियायतें नहीं देंगे जिससे उनके देश के किसानों को नुकसान हो।
दलाई लामा ने उत्तराधिकारी चुनने में चीन की भूमिका को नकारा, बीजिंग ने की कड़ी आलोचना
2 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीन ने तिब्बती बौद्ध धर्म की 600 साल पुरानी परंपरा की रक्षा के लिए उत्तराधिकारी की नियुक्ति संबंधी तिब्बती नेता दलाई लामा की टिप्पणियों पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि अगले दलाई लामा की नियुक्ति का अधिकार केवल चीन को है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, “दलाई लामा, पंचेन लामा और अन्य महान बौद्ध हस्तियों के पुनर्जन्म का चयन स्वर्ण कलश से लॉटरी निकालकर किया जाना चाहिए और ये केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित होना चाहिए।”
14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो (89) ने दलाई लामा चुनने मेें किसी भी राजनीतिक दबाव को खारिज कर दिया था। उन्होंने अपने 90 वें जन्मदिन के पहले कहा कि उत्तराधिकारी की नियुक्ति केवल तिब्बती बौद्ध धर्म की सदियों पुरानी पारंपरिक नियमों द्वारा की जा सकती है और इसमें चीन का कोई दखल नहीं होना चाहिए। वर्ष 2011 में जब दलाई लामा से पूछा गया था कि क्या ये परंपरा जारी रहेगी तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर कोई “सार्वजनिक चर्चा” नहीं होगा। इस वजह से पिछले 14 वर्षों से इस विषय पर अटकलें जारी हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा कि ये परंपरा जारी रहेगी, क्योंकि “निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्यों, विशेष आम सभा की बैठक में भाग लेने वालों, केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सदस्यों, गैर सरकारी संगठनों, हिमालयी क्षेत्र, मंगोलिया, रूसी संघ के बौद्ध गणराज्यों और मुख्य भूमि चीन सहित एशिया के बौद्धों” ने उन्हें इसे जारी रखने के लिए पत्र लिखा था।
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