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गाजा में फिर बरसी इजरायली मिसाइलें, भारी तबाही में 52 की मौत
26 May, 2025 05:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा: इजरायल की ओर से गाजा में सैन्य अभियान को और तेज कर दिया गया है. इजरायली सेना गाजा में ताबड़तोड़ बमबारी कर रही है. इस बीच गाजा पट्टी में सोमवार को इजरायली हमलों में कम से कम 52 लोगों की मौत हो. मृतकों में 31 लोग आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे एक स्कूल में शरण लिए हुए थे. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस हमले के बारे में जानकारी दी है.
इजरायली सेना ने क्या कहा?
अधिकारियों ने बताया कि लोग सो रहे थे तभी स्कूल पर हमला किया गया, जिससे उनके सामान में आग लग गई. इजरायली सेना ने कहा कि उसने स्कूल से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे आतंकियों को निशाना बनाया है. स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन सेवा के प्रमुख फहमी अवाद ने बताया कि उत्तरी गाजा में स्कूल पर हुए हमले में 55 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं.
मारे गए एक ही परिवार के 15 लोग
इस बीच अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को एक मकान पर हुए हमले में एक ही परिवार के 15 लोग मारे गए जिनमें पांच महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं. ऑनलाइन उपलब्ध फुटेज में बचावकर्मियों को जले हुए शवों को निकालते और आग बुझाने के लिए संघर्ष करते देखा जा सकता है.
ऐसे शुरू हुई थी जंग
यह भी बता दें कि, हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला किया था, जिसके बाद जंग शुरू हुई थी. हमले में आतंकियों ने लगभग 1,200 बेकसूर आम लोगों की हत्या कर दी थी और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था. इसके बाद इजरायल ने पलटवार शुरू किया है जो आज भी जारी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायल की सैन्य कार्रवाई में 52,000 से अधिक लोग मारे गए हैं. घायलों की संख्या एक लाख के पार है.
हवा में विमान का गेट खोलने की कोशिश, फ्लाइट को किया गया सिएटल डायवर्ट
26 May, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जापान: जापान के टोक्यो से ह्यूस्टन जाने वाली फ्लाइट में उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक यात्री ने हवा में ही विमान के एग्जिट गेट खोलने की कोशिश की. इस कारण आनन फानन में उस वक्त फ्लाइट को सिएटल की तरफ मोड़ना पड़ा. ये जानकारी एफबीआई ने दी है. यह घटना शनिवार 24 मई, 2025 को ऑल निप्पॉन एयरवेज (एएनए) की उड़ान 114 बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर में हुई. एफबीआई ने एक बयान में कहा कि व्यक्ति को सह यात्रियों और चालक दल की तरफ से रोका गया था. विमान के सिएटल में उतरने के तुरंत बाद व्यक्ति को जांच के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया.
लगभग 10 घंटे तक हवा में रही फ्लाइट
फ्लाइट ने टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी और उसे ह्यूस्टन के जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल एयरपोर्ट पर उतरना था. फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइट अवेयर के डेटा से पता चला कि विमान सिएटल में सुबह 4 बजे (स्थानीय समय) उतरने से पहले लगभग 10 घंटे तक हवा में रहा.
यात्री गड़बड़ी के कारण फ्लाइट को ह्यूस्टन से सिएटल भेजा गया
पोर्ट ऑफ सिएटल के प्रवक्ता क्रिस गुइजलो ने बताया कि यात्री के फ्लाइट के एग्जिट गेट खोलने का प्रयास करने की रिपोर्ट के बाद पुलिस को बुलाया गया था. उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है. संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) के प्रवक्ता ने कहा कि यात्री गड़बड़ी के कारण फ्लाइट को ह्यूस्टन से सिएटल भेजा गया था. एफबीआई के अनुसार दूसरे यात्री ने हवाई अड्डे पर बाथरूम के दरवाजे पर मुक्का भी मारा. गलत व्यवहार के कारण यात्री को विमान से उतार दिया गया. एफबीआई ने कहा कि घटना के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया गया है. एयरलाइन ने बताया कि फ्लाइट दोपहर करीब 1 बजे ह्यूस्टन पहुंची.
यूक्रेन में तबाही का मंजर, रूस ने छोड़े सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल
26 May, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन: रूस ने तीन साल से जारी युद्ध के दौरान रविवार रात को रिकॉर्ड संख्या में ड्रोन भेजकर यूक्रेन पर हमला किया. यूक्रेन के एक अधिकारी ने सोमवार को इन हमलों के बारे में जानकारी दी. यूक्रेनी वायु सेना के संचार विभाग के प्रमुख यूरी इहनात ने बताया कि रूस ने हमले के लिए 355 ड्रोन भेजे थे. यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रविवार रात के हमले के दौरान रूस ने 9 क्रूज मिसाइलें भी दागीं. अधिकारियों ने बताया कि कुछ नागरिक घायल हुए हैं. हालांकि, हमले में तत्काल किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है. रूस की ओर से इस हमले को लेकर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
रूस ने किए ड्रोन और मिसाइल हमले
इस पहले शनिवार की रात यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य क्षेत्रों पर रूस के ड्रोन और मिसाइलों के संयुक्त हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए थे. बता दें कि, हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा बयान दिया था. पुतिन ने कहा था कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किए बिना भी रूस के पास यूक्रेन अभियान को पूरा करने की क्षमता है. पुतिन ने यह भी कहा था कि हमें परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन हमारे पास इस विकल्प के बिना भी उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त बल है.
ट्रंप ने दी पुतिन को चेतावनी
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दे डाली है. ट्रंप ने कहा है कि वह अपना धैर्य खो रहे हैं. ट्रंप ने रूस की ओर से यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले की तीखी आलोचना की है. ट्रंप ने यहां तक कह दिया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पागल हो गए हैं.
लग्जरी जीवन के लिए चोरी! नौकरानी ने उड़ाए लाखों के जेवरात
26 May, 2025 04:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के पानीपत जिले के थाना सेक्टर 13/17 के अंसल सुशांत सीटी में घर में काम करने वाली नौकरानी ने ही घर से लाखों रुपये कीमत के सोने के गहने चोरी किए थे। थाना सेक्टर 13/17 पुलिस टीम ने शनिवार को आरोपित नौकरानी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के गहने बरामद किए हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपित नौकरानी लक्ष्मी ने बताया उसने लग्जरी लाइफ जीने के लिए मालिक के घर चोरी की थी। घर के सदस्य गहने उतारकर दराज इत्यादी में ऐसे ही रख देते थे। उसने करीब दो महीने पहले एक दिन सोने की एक चेन व दूसरे दिन सोने की एक अंगूठी व एक जोड़ी टाप्स चोरी किए थे।
नौकरानी लक्ष्मी से चोरी किए गहने सोने की एक चेन, एक अंगूठी व एक जोड़ी टाप्स बरामद कर शनिवार को जेल भेज दिया है। थाना सेक्टर 13/17 प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश ने बताया कि अंसल सुशांत सिटी निवासी मनुज बुद्धिराजा पुत्र भारत भूषण बुद्धिराजा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने करीब दो साल से लक्ष्मी नाम की महिला को घर पर घरेलू काम के लिए रखा है।
22 मई को उन्होंने देखा कि घर से सोने की एक अंगूठी व अन्य सामान गायब था। उन्होंने लक्ष्मी से जानकारी ली तो उसने सही से जवाब नहीं दिया। उन्हें नौकरानी लक्ष्मी पर ही चोरी करने का शक है।
नूंह में साइबर ठगी का भंडाफोड़, 10 आरोपी गिरफ्तार
26 May, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नूंह पुलिस ने जिल में अलग-अलग थाना क्षेत्र से विशेष अभियान चलाकर 10 साइबरों ठगों पर शिकंजा कसा है। आरोपितों के विरुद्ध आठ प्राथमिक दर्ज की गई है। पता चला है कि साइबर ठगों ने कई राज्यों के अलग-अलग शहरों में सोशल मीडिया पर ठगी की 17 वारदातें की है।
आरोप है कि साइबर ठग सोशल मीडिया पर पहचान छुपाकर सस्ते सुट , होटल बुकिंग, नटराज पैंसिल के नाम पर जाब देने, गाय-भैस बेचने के नाम पर, नकली क्रैडिट का मैसिज भेजकर एवं सस्ते टायर इत्यादि का विज्ञापन डाल झांसा देकर आमजन को चूना लगाते थे। आरोपितों की कब्जे से पुलिस ने 15 मोबाइल , 19 फर्जी सिम कार्ड के अतिरिक्त एक डेबिट कार्ड बरामद किया है ।
पुलिस आरोपितों की मोबाइल की डिटेल खंगालकर वारदातों का पता लगाने में जुट गई है। नूंह पुलिस ने बीते शनिवार को जिले में विशेष अभियान के तहत अलग-अलग टीमों का गठन करे साइबर ठगी के आरोपितों को पकड़ने के लिए सूचनाओं के आधार पर कारवाई की।
कैसे बनाते थे शिकार?
अभियान के दौरान 10 आरोपितों को क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के ठिकानों से दबोचा गया । बताया गया है कि मुख्य रूप से सभी आरोपित सोशल मीडिया के पर अपनी पहचान छिपाकर सस्ते सूट बेचने, होटल बुकिंग, नटराज पेंसिल के नाम पर जॉब देने, गाय-भैस बेचने के नाम पर, नकली क्रेडिट का मैसिज भेजकर एवं सस्ते टायर इत्यादि का विज्ञापन डाल झांसा देकर आमजन से ऑनलाइन पैसे लेकर धोखाधड़ी कर साइबर ठगी करते थे।
इसके अलावा असल पहचान छुपाकर फर्जी सिम व मोबाईल के प्रयोग से फर्जी खातों में पैसे डलवाकर भी लोगों से ठगी करते थे। पकड़े गए आरोपित की पहचान जुनैद नई गांव का रहने वाला है। तौफीक बूबलहेड़ी गांव का रहने वाला है। पकड़ा गया एक आरोपित आसिफ राजस्थान के गुलपाड़ा गांव का था। वह अपने रिश्श्तेदार के यहां आकर साइबर ठगी करता था।
फजन नाम का आरोपित दिहाना गांव का रहने वाला है। शाहिद हुसैन जैतलाका गांव के बताया गया है। रोबिन निवासी लुहिंगाकला, साजिद उर्फ मुरली नई गांव का रहने वाला है। इसके अलावा मुस्तकीम पिनगवों खंड के गंगवानी गांव का रहने वाला है। मुस्ताक राजस्थान के जुरेहरा के रहने वाला है। मजलिस बूबलहेड़ी पिनगवां के रहने वाला बताया गया है।
प्रारंभिक जांच में इन सभी के विरुद्ध केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 17 शिकायतें मिली हैं । पुलिस का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में की गई ठगी के बारे में पुलिस इनके नंबरों की जांच करके पूरी जानकारी जुटाएगी। इसके लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
बांग्लादेश में चीन की अपील, 'विदेशी पत्नियों' से रहें सावधान
26 May, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश: शेख हसीना के बाद से ही चीन बांग्लादेश से अपने रिश्तों को मजबूत कर रहा है. लेकिन हाल ही में चीनी दूतावास ने एक नोटिस निकालते हुए चीनी नागरिकों को बांग्लादेश में महिलाओं के साथ रिश्ते बनाने या उनसे शादी करने को लेकर चेतावनी दी है. बांग्लादेश में चीनी एंबेसी ने रविवार देर रात एक नोटिस जारी किया जिसमें लिखा था, "चीनी नागरिकों को विदेश में संबंधित शादी से संबंधित कानून का सख्ती से पालन करना चाहिए, अवैध मैचमेकिंग एजेंटों से बचना चाहिए और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर सीमा पार डेटिंग सामग्री से गुमराह नहीं होना चाहिए." दूतावास ने कहा कि उन्हें 'विदेशी पत्नी खरीदने' के विचार को अस्वीकार करना चाहिए और बांग्लादेश में शादी करने से पहले दो बार सोचना चाहिए.
बाहर शादी करने पर क्या कहता है चीनी कानून?
दूतावास के बयान में कहा गया है कि चीनी कानून के मुताबिक किसी भी विवाह एजेंसी को सीमा पार विवाह मैचमेकिंग सर्विस में शामिल होने या सगाई को छिपाने की अनुमति नहीं है और किसी भी व्यक्ति को धोखे से या लाभ के लिए ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने या छिपाने की अनुमति नहीं है. दूतावास ने चीनी नागरिकों को सलाह दी है कि वे वाणिज्यिक सीमा पार विवाह एजेंसियों से दूर रहें और वित्तीय और व्यक्तिगत दोनों तरह के नुकसान से बचने के लिए ऑनलाइन रोमांस स्केम के प्रति सतर्क रहें. दूतावास के मुताबिक ऐसे घोटालों के पीड़ितों को तुरंत चीन में सार्वजनिक सुरक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट करना चाहिए.
चीन को क्यों हुई चिंता?
पिछले कई दिनों से ह्यूमन ट्रैफिकिंग के केस सामने आने के बाद चीन ने या निर्देश जारी किए हैं. बांग्लादेश मानव तस्करी पर सख्ती से नकेल कसता है. दूतावास ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश में अवैध सीमा पार विवाह में शामिल लोगों को तस्करी के संदेह में गिरफ़्तार किया जा सकता है, जो चीनी नागरिकों के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है.
प्रदर्शनों के दबाव में यूनुस का ऐलान, जून 2026 से आगे नहीं रहेंगे पद पर
26 May, 2025 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस आखिरकार झुकने को मजबूर हो गए हैं. पिछले साल अगस्त से सत्ता पर काबिज यूनुस के खिलाफ महीनों से देश में विरोध बढ़ता जा रहा था. देश के कई राजनीतिक पार्टियां और संगठन देश में दिसंबर तक आम चुनाव की मांग कर रहे थे. मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने रविवार को कहा कि वे अगले साल 30 जून से आगे पद पर नहीं रहेंगे और उस समय सीमा से पहले राष्ट्रीय चुनाव करा लिए जाएंगे. हालांकि उनका विरोध इतना था कि उनको किसी भी दिन देश की कुर्सी से उतरना पड़ सकता था, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल को लगभग एक साल के लिए बढ़ा लिया है. प्रोफेसर यूनुस ने तर्क दिया कि हम युद्ध की स्थिति में हैं और ऐसे में एकता जरूरी है. उन्होंने राजनीतिक दलों को विश्वास दिलाया कि चुनाव दिसंबर से 30 जून 2026 के बीच होंगे. साथ ही कहा कि वे अगले साल 30 जून के बाद एक दिन भी कुर्सी पर नहीं रहेंगे.
राजनीतिक दलों की बैठक के बाद फैसला
ये फैसला यूनुस ने स्टेट गेस्ट हाउस जमुना में कई राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने के बाद लिया है. रविवार को यूनुस ने बढ़ता विरोध देख देश के कई राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की थी. जो मांग कर रहे हैं कि देश में दिसंबर तक चुनाव कराया जाए. इससे पहले इस मांग को बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार उज जमा ने उठाया था. जिसके बाद राजनीतिक दलों ने इसको और हवा दी और देशभर में यूनुस के खिलाफ प्रदर्शन होने लगे.
हम युद्ध की स्थिति में- यूनुस
मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल के मुताबिक प्रोफेसर यूनुस ने नेताओं से कहा, "हम युद्ध की स्थिति में हैं, अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने के बाद, वे देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं. हमें इससे खुद को बचाना होगा." उन्होंने एकता की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा, "हमें विभाजनों को दूर करना होगा और आम सहमति बनाए रखनी होगी. देश के अंदर और बाहर दोनों जगह एक साजिश चल रही है, जिसका उद्देश्य हमें वापस अधीनता में धकेलना है. वे देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं."
समुद्र में डूबा लाइबेरियाई जहाज, इंडियन नेवी ने सवार सभी 24 लोगों को बचाया
25 May, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने खतरनाक सामान से लदे एक लाइबेरियाई कंटेनर पोत के केरल तट के पास डूबने पर चालक दल के सभी 24 सदस्यों को रविवार को बचा लिया। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि लाइबेरियाई कंटेनर पोत एमएससी ईएलएसए तीन आज सुबह सात बजकर 50 मिनट पर कोच्चि तट पर बाढ़ के कारण डूब गया। पोत पर सवार चालक दल के सभी 24 सदस्यों को बचा लिया गया जिनमें से 21 को तटरक्षक बल ने और तीन को नौसेना के पोत आईएनएस सुजाता ने बचाया। यह पोत 640 कंटेनरों के साथ डूब गया। पोत पर 13 में खतरनाक सामान और 12 में कैल्शियम कार्बाइड वाले कंटेनर थे। कंटेनरों में 84.44 टन डीजल और 367.1 टन फर्नेस ऑयल भी भरा हुआ था।
केरल के तट पर संवेदनशील समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को देखते हुए तटरक्षक बल ने प्रदूषण संबंधित कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। तेल रिसाव का पता लगाने वाली उन्नत प्रणालियों से लैस विमान हवाई निगरानी कर रहा है और प्रदूषण प्रतिक्रिया उपकरण लेकर बल का पोत सक्षम मौके पर तैनात है। फिलहाल तेल रिसाव की कोई सूचना नहीं मिली है।
यह आपात स्थिति कल उस सयम शुरू हुई, जब विझिनजाम से कोच्चि जाते समय यह पोत लगभग 38 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में 26 डिग्री झुक गया। पोत ने संतुलन खो दिया जिसके कारण संकट की सूचना दी गई। कोच्चि में बल के समुद्री बचाव उप-केंद्र (एमआरएससी) ने तुरंत समन्वित कार्रवाई शुरू की। डोर्नियर विमान को हवाई निगरानी के लिए तैनात किया गया जिसने जीवित बचे लोगों के साथ दो लाइफराफ्ट देखे। वैश्विक खोज और बचाव प्रोटोकॉल के अनुरूप गश्ती जहाजों और व्यापारिक जहाजों एमवी हान यी और एमएससी सिल्वर 2 को भी सहायता के लिए भेजा गया।
देर शाम तक, रूस, यूक्रेन, जॉर्जिया और फिलीपींस के नागरिकों सहित चालक दल के 24 सदस्यों में से 21 को बचा लिया गया था। चालक दल के तीन वरिष्ठ सदस्य बचाव व्यवस्था में सहायता के लिए पोत पर ही रहे। हालांकि, रात में पोत की हालत खराब हो गई और रविवार सुबह यह उलट गया। चालक दल के तीन सदस्यों को पोत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और उन्हें आईएनएस सुजाता ने बचा लिया। दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
वकील की भूमिका निभा चैटजीपीटी ने दिलाया 2.1 लाख रुपए का रिफंड
25 May, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयॉर्क। अमेरिका के कोलंबिया राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित चैटजीपीटी ने एक व्यक्ति के लिए वकील की भूमिका निभाते हुए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की और उसे 2,500 डॉलर (करीब 2.1 लाख रुपए) का रिफंड दिलवाया।
मेडेलिन नामक व्यक्ति ने बिना कैंसिलेशन इंश्योरेंस के ट्रैवल वेबसाइट एक्सपीडिया से होटल और फ्लाइट बुक की थी। लेकिन जनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसऑर्डर (जीएडी) नामक मानसिक स्वास्थ्य समस्या के चलते उसे यात्रा रद्द करनी पड़ी। डॉक्टर का प्रमाण पत्र होने के बावजूद होटल और एयरलाइन ने रिफंड से इनकार कर दिया।
ऐसे में मेडेलिन ने चैटजीपीटी की मदद ली। एआई ने एक्सपीडिया की नीतियों का विश्लेषण कर एक कानूनी भाषा में पत्र तैयार किया, जिसमें चिकित्सा कारणों को अपवाद मानते हुए रिफंड की मांग की गई। चैटजीपीटी द्वारा तैयार किए गए इस पत्र के प्रभाव से होटल ने अपना निर्णय बदला और पूरे रिफंड पर सहमति दे दी।
एयरलाइन भी झुकी चैटजीपीटी के तर्कों के आगे
हालांकि एयरलाइन शुरुआत में अड़ी रही। उसकी नीति के अनुसार केवल गंभीर बीमारी या मृत्यु की स्थिति में रिफंड का प्रावधान था, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए नहीं। इस पर चैटजीपीटी ने एक दूसरा तर्कपूर्ण पत्र तैयार किया, जिसमें कहा गया कि मानसिक बीमारी को रिफंड न देने का आधार बनाना भेदभावपूर्ण है। पत्र में बताया गया कि ऐसी स्थिति में हवाई यात्रा करना यात्री की सेहत के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।
इन तर्कों के आगे एयरलाइन भी झुक गई और केवल एक घंटे में रिफंड देने की सहमति दे दी। मेडेलिन ने बताया कि अगर चैटजीपीटी की मदद न ली होती, तो उसे किसी पैरा-लीगल की सेवाएं लेनी पड़तीं, जिसका खर्च कहीं अधिक होता।
चैटजीपीटी ने पेश की जिम्मेदार एआई की मिसाल
इस मामले में चैटजीपीटी ने बिना किसी झूठ या बहाने के, तथ्य और शोध आधारित तर्क देकर सहायता की। इसने यह सिद्ध कर दिया कि एआई तकनीक जिम्मेदार ढंग से प्रयोग की जाए, तो आम नागरिकों के लिए कानूनी और प्रशासनिक बाधाएं पार करना आसान हो सकता है।
ट्रम्प ने न्यूक्लियर एनर्जी का प्रोडक्शन बढ़ाने का दिया आदेश
25 May, 2025 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश में न्यूक्लियर एनर्जी (परमाणु ऊर्जा) का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए आदेश दिए हैं। उन्होंने इसे अगले 25 साल में 300 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में इससे जुड़े आदेश पर साइन किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब वक्त न्यूक्लियर एनर्जी का है और हम इसका प्रोडक्शन बड़े पैमाने पर करने जा रहे हैं।
ट्रम्प ने कुल चार आदेशों पर साइन किए। इनमें परमाणु रिएक्टरों की मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करना, न्यूक्लियर रेगुलेटरी कमीशन में सुधार करना, 4 जुलाई 2026 तक तीन रिएक्टर चालू करना और इस तकनीक के औद्योगिक आधार में निवेश को बढ़ाना शामिल है।
बंद पड़े प्लांट्स दोबारा शुरू किए जाएंगे
ट्रम्प ने अपने आदेश में ऊर्जा और रक्षा विभाग को बंद पड़े न्यूक्लियर प्लांट्स को दोबारा शुरू करने के लिए कहा है। साथ ही संघीय सरकार की जमीन पर नए रिएक्टर बनाने की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा है। इनमें अमेरिका के सैन्य ठिकाने भी शामिल होंगे। अमेरिकी बिजली की खपत के मामले में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। 2023 में अमेरिका में कुल 4200 टेरावॉट-ऑवर बिजली की खपत की। वर्तमान में अमेरिका की कुल बिजली का 19 प्रतिशत हिस्सा परमाणु ऊर्जा से आता है। यह 2023 में 775 टेरावॉट-ऑवर था। अगर ट्रम्प का प्लान सफल होता है तो देश की एक तिहाई बिजली परमाणु ऊर्जा से पैदा होगी। अमेरिका में कुल सक्रिय न्यूक्लियर पावर प्लांट हैं, जिनमें 94 रिएक्टर काम कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा रिएक्टर इलिनॉय राज्य में हैं। इनकी संख्या 11 है। पिछले कुछ सालों में प्राकृतिक गैस और रिन्युएबल एनर्जी जैसे सस्ते विकल्प के चलते कुछ रिएक्टर को बंद किया गया है।
परमाणु नियामक आयोग को कमजोर का आरोप
ट्रम्प पर परमाणु नियामक आयोग की कमजोर करने का आरोप लग रहा है। अपने आदेश में ट्रम्प ने परमाणु नियामक आयोग की भूमिका को सीमित करते हुए ऊर्जा सचिव को नई परियोजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार दिया है। बराक ओबामा के समय परमाणु नियामक आयोग प्रमुख ग्रेगोरी जैजको ने कहा कि यह ऐसा लगता है जैसे किसी ने एआई से पूछा हो कि अमेरिका की परमाणु नीति को कैसे बर्बाद करें। परमाणु नियामक आयोग की सख्त निगरानी को कमजोर करने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
जापान में भारत ने आतंकवाद पर रखी अपनी बात
25 May, 2025 08:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो । जेडीयू सांसद संजय झा के नेतृत्व में भारतीय सांसदों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जापान की राजधानी टोक्यो में भारतीय दूतावास (इंडिया हाउस) में जापान के राजनीतिक, सरकारी और शैक्षणिक क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भारत की सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहिष्णुता) नीति की जानकारी दी और ऑपरेशन सिंदूर के महत्व को उजागर किया। यह दौरा भारत के वैश्विक कूटनीतिक अभियान का हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाया जा रहा है।
इस प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी और बृज लाल, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन बरिटास और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद शामिल थे। ये सभी सांसद ऑपरेशन सिंदूर को भारत की ‘नई सामान्य’ नीति का प्रतीक बता रहे हैं, जिसमें भारत किसी भी आतंकवादी हमले का दृढ़ और तीव्र जवाब देने की नीति पर चल रहा है।
टोक्यो में प्रेस वार्ता के दौरान सांसदों ने जापानी मीडिया को बताया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करता और सभी दल राष्ट्रीय हित के मामलों में एकजुट हैं। इंडिया हाउस में आयोजित रात्रिभोज के दौरान भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज और जापान के राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई, जिसमें भारत के एकीकृत और स्पष्ट रुख को सामने रखा गया।
भारतीय सांसदों ने जापान-भारत संसदीय मैत्री लीग के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इस बैठक में लीग के अध्यक्ष यासुतोशी निशिमुरा ने भारत के संकल्प को समर्थन दिया और आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के साझा नजरिए को दोहराया। प्रतिनिधिमंडल ने जापान की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष फुकुशिरो नुकागा से भी भेंट की, जिन्होंने भारत के साथ एकजुटता जताई। इस दौरे के जरिए भारत ने यह स्पष्ट किया कि वह सीमापार आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा और वैश्विक समुदाय से भी इसी तरह की एकजुटता की अपेक्षा करता है।
जर्मनी ने रचा इतिहास, WWII के बाद पहली बार सेना की स्थायी विदेशी तैनाती
24 May, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जर्मनी: जर्मनी ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार जर्मनी के बाहर किसी और देश में अपने सैनिकों को तैनात किया है. दरअसल जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के पूर्वी हिस्से की रक्षा में मदद करने के लिए लिथुआनिया में बर्लिन ब्रिगेड का उद्घाटन किया है. उन्होंने इसके लिए इस हफ्ते लिथुआनिया का दौरा किया है. गुरुवार, 22 मई को अपनी यात्रा में, चांसलर मर्ज जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ शामिल हुए. समारोह में आधिकारिक तौर पर जर्मनी की बख्तरबंद ब्रिगेड का गठन किया हुआ.
एक रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बीच, चांसलर मर्ज ने कहा कि बाल्टिक सहयोगियों की सुरक्षा भी "हमारी सुरक्षा है". उन्होंने नाटो के सहयोगी देशों से मॉस्को के खिलाफ यूरोपीय सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों का विस्तार करने का भी आह्वान किया. चांसलर मर्ज ने कहा, अपनी सेना को मजबूत करके, बर्लिन ने सहयोगियों को सुरक्षा में और निवेश करने का संकेत दिया है. लिथुआनिया के राष्ट्रपति गितानस नौसेदा ने इसे "ऐतिहासिक दिन" कहा, क्योंकि यह पहली बार था कि 1940 के दशक के बाद एक जर्मन ब्रिगेड लंबी तैनाती के लिए अपने क्षेत्र के बाहर आई है.
लिथुआनिया में जर्मन सैनिक
जर्मनी ने लिथुआनिया में अपने सैनिकों को तैनात किया है. बता दें कि लिथुआनिया की सीमा रूस के कलिनिनग्राद और मास्को के प्रमुख सहयोगी बेलारूस के साथ लगती है. अपनी नई ब्रिगेड के साथ, जर्मनी का लक्ष्य देश में गहन जुड़ाव का है, जहां इसने पहली बार 2017 में सैनिकों को ट्रांसफर करना शुरू किया था. यह एक वर्ष से अधिक समय से प्रगति पर था. बाद में इसका विस्तार एक "एक्टिवेशन स्टाफ" के रूप में हुआ, जिसमें लास्ट फॉल के दौरान 250 लोग शामिल थे. 45 बख्तरबंद ब्रिगेड, नवीनतम भारी लड़ाकू इकाई, की कुल ताकत लगभग 5,000 की होगी- इसमें 200 नागरिक कर्मचारियों के साथ 4,800 जर्मन सैनिक शामिल होंगे. इसके 2027 तक अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने की उम्मीद है. गुरुवार को विनियस के सेंट्रल कैथेड्रल स्क्वायर के ऊपर आसमान में दर्जनों सैन्य हेलीकॉप्टर गरजते देखे गए.
रक्षा रणनीति
जर्मन चांसलर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश "अपने सशस्त्र बलों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है." 2022 में यूक्रेन पर रूस के फुल स्केल के आक्रमण के बाद, पूर्व जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने अपने रक्षा खर्च को जीडीपी के 2% के नाटो लक्ष्य तक बढ़ाने की बात की. उन्होंने बुंडेसवेहर के आधुनिकीकरण के लिए 113 अरब डॉलर का विशेष कोष भी आधिकारिक तौर पर बनाया. जनवरी में, लिथुआनिया ने 2026 की शुरुआत से अपने रक्षा खर्च को 3% से थोड़ा अधिक बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद के 5% और 6% के बीच कर दिया.
हार्वर्ड बनाम ट्रंप सरकार की लड़ाई तेज, विदेशी छात्रों पर मंडराया खतरा
24 May, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Harvard University: अमेरिका के सबसे पुराने शैक्षणिक संस्थान और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार के बीच ऐसा गतिरोध जारी है. जो आज से पहले कभी देखने को नहीं मिला. बात हो रही है अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की, जहां पढ़ने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स ट्रंप के एक फैसले से दहशत में हैं. ट्रंप सरकार ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स का एडमिशन करने के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अधिकार को रद्द कर दिया है. भले कोर्ट से अभी के लिए ट्रंप सरकार के इस फैसले पर स्टे लग गया है लेकिन स्टूडेंट अनिश्चितता में डूबे हैं.
लियो गेर्डेन हार्वर्ड में पढ़ने के लिए स्वीडेन से आए हैं. वो अगले सप्ताह ही ग्रेजुएट होने वाले हैं. उन्होंने बताया, "व्हाइट हाउस और हार्वर्ड के बीच लड़ाई में हमें अनिवार्य रूप से पोकर चिप्स के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, और यह ईमानदारी से बहुत अमानवीय लगता है." ट्रंप सरकार ने हार्वर्ड पर यूनिवर्सिटी कैंपस में असुरक्षित संस्कृति को बनाए रखने का आरोप लगाया है. जो यहूदी लोगों के साथ अनुचित व्यवहार करता है. सरकार कैंपस कार्यक्रमों, कर्मचारियों की नियुक्ति और छात्रों के एडमिशन के मामले में यूनिवर्सिटी के काम करने के तरीके को बदलना चाहती है.
एक पोस्टडॉक्टरल इजरायली छात्रा ने कहा कि अमेरिकी सरकार हार्वर्ड के खिलाफ बड़ी लड़ाई को आगे बढ़ाने और हमला करने के लिए यहूदी छात्रों को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा, ''यहूदी छात्रों को मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.'' उन्होंने कहा कि वास्तव में यहूदी और इजरायली छात्रों की सुरक्षा की परवाह करने के बजाय, व्हाइट हाउस उन विचारों पर नकेल कस रहा है जो हमेशा सरकार के साथ मेल नहीं खाते.
हार्वर्ड छात्र संगठन के सह-अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद सियाल पाकिस्तान के लाहौर से हैं. उन्होंने बताया कि हजारों छात्र अपने अभी के लीगल स्टेट्स को खोने से डर रहे हैं. उन्होंने कहा, "वे सचमुच वे टीनेजर्स हैं, जो अपने वतन से हजारों मील दूर इस स्थिति से निपट रहे हैं, जिसमें वकील अक्सर शामिल होने से डरते हैं." सियाल ने कहा कि हार्वर्ड खास है क्योंकि इसने केवल अमेरिका से ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से सबसे बुद्धिमान लोगों को आकर्षित किया है. उन्होंने कहा, जब छात्र वहां पढ़ने आते हैं तो देश को भी बहुत फायदा होता है, लेकिन अब इन छात्रों के साथ गलत और अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है.
ऑस्ट्रिया के एक छात्र कार्ल मोल्डन ने कहा कि कई लोगों ने देश के सबसे पुराने और सबसे धनी कॉलेज हार्वर्ड में प्रवेश के लिए बहुत मेहनत की है, और अब उन्हें इंतजार करना होगा और वीजा समस्याओं से निपटना होगा. हार्वर्ड के छात्र समूह में लगभग 27 प्रतिशत इंटरनेशनल स्टूडेंट हैं. हार्वर्ड द्वारा मामले को अदालत में ले जाने के बाद शुक्रवार को एक संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध को अस्थायी रूप से रोक दिया है.
हिसार: बिना डिग्री चल रहा था अस्पताल, CM फ्लाइंग ने मारा छापा
24 May, 2025 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार: गांव बालसमंद में बिना डिग्री के अवैध अस्पताल चलाया जा रहा था। यह बात तब सामने आई जब शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग ने बालसमंद गांव में जांगड़ा अस्पताल पर गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा। यहां जांच की तो अस्पताल संचालक की कोई वैध डिग्री नहीं मिली। इसके अलावा यहां पर एलोपैथिक दवाओं का उपयोग किया जा रहा था।
सुबह करीब 11 बजे सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में एएसआई सुरेंद्र, मेडिकल ऑफिसर डॉ नवीन बेनीवाल, ड्रग कंट्रोल आफिसर अजय बिश्नोई ने छापामारी की। यह कार्रवाई रात 11 बजे तक चलती रही। करीब 12 घंटे टीम ने जांच की। छापामारी के दौरान अस्पताल का मालिक व संचालक धर्मपाल मौजूदा मिला।
धर्मपाल से मेडिकल डिग्री मांगी गई तो उसने दावा किया कि वह पिछले 25 वर्षों से यह अस्पताल चला रहा है और उसके पास इलाहाबाद विश्वविद्यालय की आयुर्वेद रत्न की डिग्री है। लेकिन टीम ने जांच की तो पता लगा कि धर्मपाल बिना वैध मेडिकल डिग्री के ही अस्पताल च चला रहा था। साथ ही एलोपैथिक दवाओं का उपयोग कर रहा था।
धर्मपाल ने बताया कि डॉ कृष्ण कुमार मोहन, नियमित रूप से अस्पताल में विजिटिंग डॉक्टर के तौर पर आते हैं। छापे के करीब एक घंटे बाद डॉ मोहन को सूचना दी गई। करीब दो घंटे बाद वे मौके पर पहुंचे।
डॉ मोहन ने स्वीकार किया कि वह 2013 से यहां पर विजिटिंग डॉक्टर हैं, लेकिन उसका कोई वेतन नहीं लेते। उन्होंने बताया कि वे केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा में पारंगत हैं, उन्हें एलोपैथिक दवाओं का ज्ञान नहीं है। टीम ने जांच की तो अस्पताल में चार बेड, एक ऑक्सीजन सिलेंडर, एक बीपी मशीन मिली।
टीम ने यहां पर सुखदा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल व जांगड़ा अस्पताल के लेटरहेड्स बरामद किए। अस्पताल परिसर में अजय मेडिसिन सेंटर नामक दवा की दुकान भी चलाई जा रही थी।
टीम ने पुलिस के साथ मिलकर सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता लगा कि डॉ मोहन 20 मई को अस्पताल में आए थे। धर्मपाल ने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन का करार, डॉ मोहन का एफिडेविट, उनकी डिग्री की कॉपी, अपनी आयुर्वेद रत्न डिग्री और मरीजों के बयान व आधार कार्ड की फोटोकॉपी आदि टीम को सौंपे।
धर्मपाल ने बताया कि डॉ निधि मेहता प्रत्येक वीरवार को अस्पताल में मरीज देखने आती हैं। सीएम फ्लाइंग ने अस्पताल में मिले दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। मामले में सदर थाना में केस दर्ज करवाया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0: सिरसा में 22 हजार आवेदनों की जियो टैगिंग प्रक्रिया शुरू
24 May, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिरसा: मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थियों के जियो टैगिंग का काम शुरू हो गया है। नगर परिषद की एमआइएस शाखा ने पिछले तीन दिनों से लाभार्थियों को फोन कॉल करके सेक्टर 20 के पार्ट थ्री में मौके पर बुलाना शुरू कर दिया।
साथ ही प्लॉट की मार्किंग भी की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में अब तक 22 हजार आवेदन आ चुके हैं। ये आवेदन तीन कैटेगिरी के लिए है। इसमें पहली कैटेगिरी अफोर्डेबल हाउसिंग पाटर्नरशिप है। जिसके तहत फ्लैट मिलेंगे। जबकि दूसरी कैटेगिरी बेनीफिशरी लैंड है।
ढाई लाख रुपये की मिलेगी मदद
जिसके तहत आवेदक के पास अपना प्लॉट होना चाहिए। उसे सरकार मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये देगी। शर्त यह है कि प्लॉट खाली हो और यदि पहले मकान बना है तो छत कच्ची होनी चाहिए। जबकि तीसरी स्कीम में इंटरस्ट सबसिडी स्कीम है। इसमें होम लोन लिया हुआ है तो ढाई लाख रुपये की सबसिडी माफ हो जाएगी।
शहर के एचएसवीपी सेक्टर में 853 लाभार्थियों की 30 गज के प्लॉट आबंटित किए जाने हैं। जिन लाभार्थियों के वेरीफिकेशन का काम पूरा हो चुका है, उनके कागजात और उनको आधार से लिंक किए जा चुके हैं।
जियो टैगिंग में यह पता चलता रहेगा कि उसका मकान किस स्टेज पर पहुंच गया है और उसकी स्थिति कैसी दिख सी है। साथ ही फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा।
जिस 854 लाभार्थियों ने आवेदन किया था। उसने से 122 लोगों के पता नहीं मिले। आवेदक इस पते पर नहीं मिले। टीम ने जब मकान मालिकों से इनके बारे में जानकारी चाही ती वे भी उपलब्ध नहीं करवा सके।
ढाई लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी सरकार
30 गज के प्लॉट धारकों को मकान बनाने के लिए सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। पहली और दूसरी किश्त के तौर पर इन्हें 10-10 हजार रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे। उसके बाद लाभार्थियों ने सरकार से मांग की थी कि उन्हें दस हजार रुपये किश्तें अदा करने में दिक्कतें आ रही है।
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