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शांति की ओर कदम? रूस के रुख में नरमी दिखाने का दावा
19 Feb, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। रूस और यूक्रेन युद्ध का अंत डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य एजेंडे में रहा है। अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी कई उन्होंने इस युद्ध को खत्म करने की बात कही थी। वहीं, एक बार फिर यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने पर संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के बीच वार्ता के बाद ट्रंप ने अपना विश्वास व्यक्त किया कि रूस संघर्ष को समाप्त करना चाहता है।
ट्रंप ने कही ये बात
उन्होंने कहा कि युद्ध में यूक्रेनियन, रूसी और साथ ही उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौत हुई है। ट्रंप ने कहा कि बर्बर और संवेदनहीन युद्ध समाप्त होना चाहिए। और इस बात पर जोर दिया कि ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था, उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनके नेतृत्व में नहीं हुआ होगा।
युद्ध में हजारों सैनिक मारे जा रहे हैं- ट्रंप
युद्ध समाप्त करने को लेकर अमेरिकी अधिकारियों और रूसी प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि वह बहुत अधिक आश्वस्त हैं और बातचीत बहुत अच्छी रही। मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि रूस कुछ करना चाहता है। वे वहां चल रही बर्बरता को रोकना चाहते हैं। साप्ताहिक आधार पर हजारों सैनिक मारे जा रहे हैं। रूसी और यूक्रेनी सैनिकों के अलावा, बहुत सारे कोरियाई मारे गए हैं।
यह एक संवेदनहीन युद्ध है
ट्रंप ने कहा कि हम इसे खत्म करना चाहते हैं। यह एक संवेदनहीन युद्ध है। ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था। आगे बोले कि अगर मैं राष्ट्रपति होता तो ऐसा कभी नहीं होता। विशेष रूप से, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिसमें यूक्रेन की स्थिति सहित कई मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने संघर्ष को हल करने और इसके मूल कारणों को संबोधित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सऊदी अरब में हुई बैठक
रुबियो ने मंगलवार को कहा कि सऊदी अरब में चार घंटे से अधिक की बातचीत के बाद अमेरिका और रूस चार प्रमुख सिद्धांतों पर सहमत हुए। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत करने और काम करने में मदद करने के लिए एक उच्च-स्तरीय टीम की नियुक्ति शामिल है, जो सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य हो।
जेलेंस्की बोले हम नहीं झुकेंगे
हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की इस चर्चा का हिस्सा नहीं थे। इसके बाद जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन "रूस के अल्टीमेटम के आगे नहीं झुकेगा" और इस बात पर जोर दिया कि वह यूक्रेन की भागीदारी के बिना किए गए किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर देंगे।
चीन की खुफिया डिटेल्स लीक, एक व्यक्ति ने ड्रैगन की साजिशों को किया बेनकाब
18 Feb, 2025 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन: चीन ने सैन्य खुफिया जानकारी में सेंध लगाने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है. चीनी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक गिरफ्तार शख्स सेना की खुफिया जानकारी को जुटाकर सोशल मीडिया के जरिए दुश्मन देश को भेजता था. चीन ने जासूसी करने वाले इस शख्स की पहचान नी के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के बाद अब चीन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से पूछताछ में जुट गए हैं. चीन के सैन्य अधिकारी पहले यह जानने की कोशिश में लगे हैं कि आखिर डोंगये ने कौन-कौन सी खुफिया जानकारी लीक की है?
कौन है नी?
एक पोस्ट के मुताबिक चीन सरकार का कहना है कि नी पहले सेना में ही तैनात थे, लेकिन अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें हटा दिया गया. इसके कुछ साल बाद नी गायब हो गए. नी कहां के रहने वाले हैं, इसकी जानकारी चीन सरकार ने नहीं दी है. चीन सरकार के मुताबिक जासूस ने जानकारी जुटाने से पहले 80 साल के शख्स के नाम से सोशल मीडिया हैंडल तैयार किया. जिस शख्स के नाम से हैंडल तैयार किया है, वो चीन के सुदूर इलाके में रहता है.
इसके बाद जासूस नी ने बैरक, हथियार और सैन्य बलों की रेकी की. रेकी के दौरान ही कुछ तस्वीरें भी ली. इन तस्वीरों को उसने उसी सोशल मीडिया हैंडल के जरिए दुश्मन देश को शेयर कर दिया. चीन ने यह खुलासा नहीं किया है, वो दुश्मन देश कौन है? चीन के मुताबिक जासूसी में सिर्फ एक विशेष क्षेत्र की जानकारी शेयर की गई है, जिससे ड्रैगन सकते में है.
चीनी अधिकारियों को कैसे पता चला?
एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के खुफिया एजेंसी को जब डेटा लीक की जानकारी मिली, तो सोशल मीडिया हैंडल को खंगालना शुरू किया. अधिकारियों को यह शक हुआ कि कोई 80 साल का व्यक्ति कैसे किसी दूसरे देश के लोगों से वी-चैट के जरिए बात कर सकता है.
इसके बाद चीन के अधिकारियों ने नी को रडार में लिया. 7 दिन और 6 रात के बाद नी खुद चीनी अधिकारियों के ट्रैप में फंस गए. नी को चीनी अधिकारियों ने जानकारी जुटाते हुए रंगे-हाथ पकड़ लिया. चीन में जासूसों को फांसी देने का प्रावधान है. 2016 में चीन की सरकार ने जासूसी के आरोपी एक वैज्ञानिक को फांसी पर लटका दिया था. चीन की आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने इस प्रकरण के बाद एक बयान जारी किया है. सुरक्षा मंत्रालय का कहना है कि लोग इस तरह के ट्रैप में न फंस पाए.
चीनी वैज्ञानिकों ने बनाया ‘सुपर डायमंड’, प्राकृतिक हीरों से भी ज्यादा सख्त!
18 Feb, 2025 04:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन: सोचिए अगर कोई ऐसा हीरा हो, जो प्राकृतिक हीरे से भी कहीं ज्यादा सख्त हो, तो? चीन के वैज्ञानिकों ने इसे हकीकत बना दिया है. यह सिर्फ एक साधारण हीरा नहीं, बल्कि एक कृत्रिम हीरा है जो अपनी ताकत में किसी प्राकृतिक हीरे से भी कई कदम आगे है. हालांकि लैब में पहले भी हीरा बनाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन सफलता की कहानी कभी पूरी नहीं हो पाई. अब चीन के शोधकर्ताओं ने वह मुश्किल हल कर दी है, और दुनिया को एक नया ‘सुपर डायमंड’ पेश किया है. इस सुपर डायमंड का बड़ा फायदा उन उद्योगों को हो सकता है जो मजबूत और टिकाऊ सामग्री की तलाश में रहते हैं. तो आइए जानते हैं कि यह हीरा सामान्य हीरों से कैसे अलग है, और क्या यह भविष्य में गहनों में भी इस्तेमाल हो सकता है?
क्या है यह सुपर डायमंड?
साधारण हीरों का अटॉमिक स्ट्रक्चर क्यूबिक (घन) होता है, जिसकी वजह से ये सख्त होते हैं. मगर एक दुर्लभ हेक्सागोनल संरचना और भी ज्यादा सख्त होती है. जिसे लॉन्स्डेलाइट कहा जाता है. यह संरचना आमतौर पर उल्कापिंडों के टकराने से बनती है और इसे लैब में बनाने में वैज्ञानिकों को हमेशा मुश्किलें आती रही हैं. अब चीन के जिलिन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस दुर्लभ और सख्त हीरे को बनाने में सफलता हासिल की है. उन्होंने ग्रेफाइट को खास परिस्थितियों में संकुचित करके उच्च गुणवत्ता वाले हेक्सागोनल हीरे का निर्माण किया है.
प्राकृतिक हीरों से भी सख्त
इस कृत्रिम हीरे की सख्ती 155 GPa तक मापी गई है, जबकि प्राकृतिक हीरे की सख्ती सिर्फ 100 GPa होती है. यही नहीं, यह हीरा 1,100 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को भी सहन करने में सक्षम है. जो कि सामान्य हीरों से कहीं अधिक है. इसका मतलब है कि यह हीरा न सिर्फ सख्त है, बल्कि उच्च तापमान में भी अपने गुणों को बनाए रखता है.
फायदे क्या हो सकते हैं?
इस कृत्रिम हीरे की विशेषताएं इसे कटिंग और ड्रिलिंग जैसी औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए आदर्श बनाती हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज कई क्षेत्रों में बदलाव ला सकती है. जैसे खनन, निर्माण और यहां तक कि चिकित्सा उपकरणों में भी इसका इस्तेमाल हो सकता है. इस अध्ययन ने हीरे के निर्माण के तरीके के बारे में नया नजरिया दुनिया के सामने रखा है. इस प्रक्रिया से भविष्य में उच्च गुणवत्ता वाली सख्त सामग्रियों का निर्माण संभव हो सकता है. जो औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. हालांकि अभी तक हेक्सागोनल हीरों को लैब में बनाने में ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई थी. लेकिन इस नई प्रक्रिया के साथ वैज्ञानिकों को बेहतर निर्माण तकनीकों की उम्मीद है.
क्या गहनों में भी होगा इस्तेमाल?
इसका औद्योगिक इस्तेमाल तो साफ है मगर वैज्ञानिकों ने एक और दिलचस्प संभावना भी व्यक्त की है. हो सकता है कि भविष्य में इस सुपर डायमंड का इस्तेमाल गहनों में भी किया जाए. हालांकि वर्तमान में इसका मुख्य ध्यान औद्योगिक उपयोग पर है. लेकिन जैसे-जैसे तकनीक विकसित होगी, हो सकता है कि इसे गहनों के रूप में भी देखा जाए.
FAA में बड़े पैमाने पर छंटनी, कई कर्मचारियों को ईमेल के जरिए नौकरी से निकाला
18 Feb, 2025 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेशावर। पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी से एक दिन पहले बड़ा आतंकी हमला हुआ है। अज्ञात बंदूकधारियों ने अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाया। इस हमले में चार जवानों की जान जा चुकी है। पांच अन्य घायल हैं। आतंकवादियों ने यह हमला पाकिस्तान के हिंसा प्रभावित जिले कुर्रम में किया है। कुर्रम में पिछले साल शिया और सुन्नी समुदाय के बीच हिंसा भड़की थी। अफगानिस्तान सीमा के करीब बसे इस जिले में हिंसा का लंबा इतिहास है।
घात लगाकर किया गया हमला
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने सोमवार देर रात को लोअर कुर्रम के ओचित क्षेत्र में अर्धसैनिक बल कुर्रम मिलिशिया दस्ते पर घात लगाकर हमला किया। इससे पहले दिन में आवश्यक सामग्री ले जा रहे एक काफिले पर भी घात लगाकर हमला किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है। जहां एक घायल की हालत नाजुक है।
काफिले पर हमला, दो की मौत
सांप्रदायिक हिंसा प्रभावित कुर्रम जिला पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पड़ता है। यहां सहायता काफिले पर हुए हमले में एक ट्रक चालक की मौत हुई है और 15 अन्य घायल हैं। अधिकारियों के अनुसार कल देर रात एक और घायल की मौत हो गई। अब मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
काफिले में थे 64 वाहन
अधिकारियों के मुताबिक काफिला थल से कुर्रम जा रहा था। रास्ते में कई स्थानों पर काफिले को निशाना बनाया गया। काफिले में कुल 64 वाहन शामिल थे। अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर पूरे काफिले को वापस हांगू की ओर मोड़ने का आदेश दिया।
झड़पों में गई 150 से अधिक की जान
कुर्रम में पिछले कई सालों से जनजातीय और सांप्रदायिक हिंसा का दौर जारी है। नवंबर 2023 में यहां विकराल हिंसा भड़की थी। पुलिस के दो काफिलों को निशाना बनाया गया था। इसमें 40 लोगों की जान गई थी। तब से यहां अलग-अलग घटनाओं में 150 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पिछले साल 21 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच कुर्रम में सांप्रदायिक झड़पों में 133 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा के बीच 4 जनवरी को सुन्नी और शिया के बीच युद्ध विराम समझौता हुआ था।
गुरुग्राम नगर निगम मेयर चुनाव: दो उम्मीदवारों ने किया नामांकन, मुकाबला तय
18 Feb, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेयर पद : गुरुग्राम नगर निगम के मेयर पद के लिए नामांकन के अंतिम दिन सोमवार 17 फरवरी को केवल दो उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया है. यानी अब मेयर पद के लिए सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी की राजरानी मल्होत्रा और कांग्रेस की सीमा पाहुजा के बीच होगा. वहीं, मानेसर नगर निगम के मेयर पद के लिए कुल सात उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जिनमें तीन कवरिंग उम्मीदवार शामिल हैं. मुख्य मुकाबला बीजेपी के सुंदरलाल यादव सरपंच और कांग्रेस के नीरज यादव के बीच माना जा रहा है. इसके अलावा, निर्दलीय उम्मीदवार विजय सिंह चौहान और डॉ. इंदरजीत यादव भी चुनावी मैदान में हैं.
नामांकन के दौरान बीजेपी ने दिखाई एकजुटता
बीजेपी ने नामांकन से पहले एक जनसभा आयोजित कर अपनी एकजुटता दिखाई है. इस दौरान केंद्रीय मंत्री और सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने राजरानी मल्होत्रा के नामांकन पत्र दाखिल किए. इस मौके पर बीजेपी की मजबूत दावेदार उषा प्रियदर्शी भी मौजूद थीं. जिला बीजेपी के अधिकतर नेता और विधायक भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार सीमा पाहुजा ने भी अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया.
मानेसर में, हरियाणा सरकार के मंत्री राव नरबीर सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया. नामांकन से पहले एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनता को ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के लिए वोट देना चाहिए, जिसका मतलब है कि बीजेपी केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ-साथ नगर निगम में भी सत्ता में रहे.
9 मार्च को वोटिंग और 12 मार्च को नतीजे
मानेसर नगर निगम के 20 वार्डों में पार्षद पद के लिए कुल 141 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है. हरियाणा निकाय चुनाव के लिए 11 फरवरी शुरू हुई नामांकण की प्रक्रिया 19 फरवरी तक चलेगी. पानीपत नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन 21 फरवरी से शुरू होंगे. 9 मार्च को वोटिंग और 12 मार्च को काउंटिंग होगी. चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है और जनता अब अपने नेताओं को चुनने के लिए तैयार है.
अनिल विज का बयान: मैं खुद एक तूफान हूं, टकराने वालों का होगा खात्मा
18 Feb, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अनिल विज: हरियाणा के अंबाला कैंट से सात बार के विधायक अनिल विज ने सोमवार 17 फरवरी को नगर परिषद अंबाला सदर चुनाव के लिए आयोजित बीजेपी उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम में एक बार फिर विरोधियों पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि तूफानों से खेलता हूं मैं, मैं खुद भी एक तूफान हूं, हमसे टकराने वालों के लिए उनके खात्मे का पैगाम हूं. विज ने अपने संबोधन में सीएम नायब सिंह सैनी और पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कहा, अगर कोई खेल खेलता है तो आपको उसके खेल का शिकार नहीं होना चाहिए. एक वफादार पार्टी कार्यकर्ता के रूप में आपको अपना काम करना चाहिए और किसी भी बात की चिंता नहीं करनी चाहिए. उसके लिए, मैं खुद हूं. तूफानों से मैं खेलता हूं, मैं खुद भी एक तूफान हूं, मुझसे टकराने वालों के लिए उनके अंत का पैगाम हूं.
विज ने की पीएम मोदी-सीएम सैनी की तारीफ
इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यों की प्रशंसा भी की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को पूरी तेजी से आगे ले जा रहे हैं और 2047 तक वह भारत को विकसित भारत बनाना चाहते हैं. एक सर्वे आया है कि चुनाव के बाद पीएम की लोकप्रियता 28 प्रतिशत बढ़ गई है. प्रदेश में नायब सैनी की सरकार है और एक दिन भी खाली नहीं जाता जिस दिन वो प्रदेश के लोगों, प्रदेश के विकास के लिए नई-नई घोषणाएं न कर रहे हो.
केंद्र और प्रदेश की योजनाओं का लाभ नगर परिषद से जाए
हरियाणा में डबल इंजन सरकार है, लेकिन लोगों में केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ नगर परिषद से होते हुए जाए इसके लिए जिस पार्टी की केंद्र और प्रदेश में सरकार है उसी पार्टी की नगर परिषद में भी होना आवश्यक है. वहीं निकाय चुनाव के लिए उम्मदीवारों के सेलेक्शन पर सवाल पूछे जाने पर अनिल विज ने जवाब देने से इनकार कर दिया.
यूक्रेन की सुरक्षा पर मैक्रों का बड़ा बयान, ट्रंप-जेलेंस्की से चर्चा
18 Feb, 2025 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका राष्ट्रपति और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से बात की। मैक्रों ने कहा कि रूस को अपनी आक्रामकता को खत्म करना चाहिए। उन्होंने यूक्रेन के लिए मजबूत सुरक्षा गारंटी पर जोर दिया। मैक्रों ने यूरोप, अमेरिका और यूक्रेन को साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया।
यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी देनी होगी
अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मैक्रों ने लिखा कि कई यूरोपीय नेताओं को एक साथ लाने के बाद मैंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बाद में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात की। हम यूक्रेन में एक मजबूत और स्थायी शांति चाहते हैं। इसके खातिर रूस को अपनी आक्रामकता समाप्त करनी होगी।
मैक्रों ने आगे कहा कि हमें यूक्रेन के लोगों को मजबूत और विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी भी देनी होगी। वरना इस बात का खतरा है कि यह युद्धविराम मिन्स्क समझौतों की तरह खत्म हो जाएगा।
साथ मिलकर काम करना होगा
मैक्रों ने आगे कहा कि यूरोपीय, अमेरिकी और यूक्रेनियन एक साथ मिलकर इस पर काम करेंगे। यही कुंजी है। आज और भविष्य के लिए यूरोपीय लोगों को अपनी सुरक्षा और रक्षा में अधिक और साथ मिलकर काम करना चाहिए।
सुरक्षा गारंटी पर जेलेंस्की का जोर
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं से बात कही। बाद में उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत का विवरण साझा किया। जेलेंस्की का पूरा जोर यूक्रेन के लिए मजबूत और विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी हासिल करने पर था। उन्होंने कहा कि इन गारंटी के बिना कोई भी समझौता रूस को और अधिक संघर्ष भड़काने का मौका देगा।
संपर्क में रहेंगे जेलेंस्की और मैक्रों
जेलेंस्की ने कहा कि इमैनुएल ने मुझे यूरोपीय ही नहीं बल्कि अन्य नेताओं के साथ अपनी बातचीत की जानकारी दी। हम लगातार संपर्क में रहने पर सहमत हैं, ताकि बड़े निर्णय लिए जा सके। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और स्थायी शांति सुनिश्चित करना जरूरी है। मगर यह सिर्फ मजबूत सुरक्षा गारंटी से हासिल होगा।
पेरिस में हुई बड़ी बैठक
उधर, रूस की आक्रामकता के खिलाफ यूरोप के नेता एकजुट हैं। उन्होंने यूक्रेन को अपने समर्थन की प्रतिबद्धता को दोहराया है। हालांकि कोई सुरक्षा गारंटी नहीं दी है। यह शिखर सम्मेलन फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुआ। बैठक के बाद यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ब्रिटेन की सेना को जमीन पर उतारने की बात कही। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के बिना रूस की आक्रामकता को रोका नहीं जा सकता है।
कनाडा में बड़ा विमान हादसा, डेल्टा एयरलाइंस की लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा
18 Feb, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओंटारियो। कनाडा के पीयरसन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बड़ा हादसा देखने को मिला है। लैंडिंग के दौरान डेल्टा एयरलाइंस का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दरअसल, विमान जैसे ही लैंडिंग के लिए उतरा बर्फीली जमीन होने के कारण वो पलट गया।
हादसे में 19 लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है। एयरपोर्ट ने एक्स पर पुष्टि की कि मिनियापोलिस से डेल्टा की उड़ान के साथ एक "घटना" हुई और 76 यात्री और चार चालक दल के सदस्य घायल हैं।
हादसे में आठ लोग हुए घायल
पुलिस ने बताया कि इस घटना में 19 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि अन्य सात को हल्की चोटें आई हैं।
मिनियापोलिस से आई इस फ्लाइट में सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। सूत्रों के अनुसार, विमान के पलटने और आग लगने के कारणों सहित दुर्घटना के कारणों की अभी भी जांच की जा रही है।
सभी लोग सुरक्षित
क्रैश लैंडिंग के बाद, टोरोंटा पीयरसन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने कहा कि घटना के तुरंत बाद आपातकालीन टीमें बचाव अभियान में जुट गई।
एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए एयरलाइन ने लिखा, "टोरंटो पियरसन को मिनियापोलिस से आने वाले डेल्टा एयरलाइंस के विमान के लैंडिंग के दौरान हुई घटना की जानकारी है। आपातकालीन टीमें प्रतिक्रिया दे रही हैं। सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? आज अमेरिका और रूस के बीच अहम वार्ता
18 Feb, 2025 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन युद्ध की समाप्ति की प्रक्रिया में सऊदी अरब की राजधानी रियाद महत्वपूर्ण स्थल बन सकता है। यहां पर मंगलवार को अमेरिका और रूस के विदेश मंत्री बैठकर शांति वार्ता की रूपरेखा तैयार करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो रियाद और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव भी देर रात रियाद पहुंचे।
यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर रूस के साथ चर्चा करेगा US
इस बैठक में यूक्रेन युद्ध खत्म करने और अमेरिका-रूस संबंधों की बाधाओं को हटाने के तरीकों पर विचार होगा। 2022 में यूक्रेन युद्ध छिड़ने के बाद अमेरिका ने रूस पर तमाम प्रतिबंध लगाए थे जिससे दोनों देशों के सामान्य संबंध भी खत्म हो गए थे।
संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया शुरू
12 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेढ़ घंटे तक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोन पर वार्ता कर संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया शुरू की है।
रियाद में रूबियो के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज और ट्रंप के पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विट्काफ भी शामिल होंगे। जबकि रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लावरोव करेंगे और उसमें पुतिन के सलाहकार यूरी यूशाकोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
ट्रंप और पुतिन की सीधी मुलाकात हो सकती जल्द
माना जा रहा है कि रियाद की बैठक के नतीजे सकारात्मक रहे तो निकट भविष्य में ट्रंप और पुतिन की सीधी मुलाकात हो सकती है। वह चार वर्षों से विश्व में बने तनाव को कम करने वाली अहम घटना होगी। इस बीच रूबियो ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए होने वाली शांति वार्ता में यूक्रेन और यूरोप के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जा सकता है।
इस बीच अमेरिका के प्रति सद्भावना दिखाते हुए रूस ने सोमवार शाम को सात फरवरी को नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए अमेरिकी नागरिक कालोब बायर्स को रिहा कर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो अपने दौरे में सऊदी अरब के साथ गाजा की स्थिति पर भी बात करेंगे। वैसे ट्रंप युद्ध में बर्बाद गाजा का कब्जा लेकर वहां पर पुनर्निर्माण करने का बयान दे चुके हैं। ट्रंप ने इसी सिलसिले में गाजा की फलस्तीनी आबादी को मिस्त्र और जार्डन में जाने की सलाह दी है जिसे फिलहाल अरब देशों ने अस्वीकार कर दिया है।
पेशबंदी के तहत जेलेंस्की पहुंचे यूएई
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे हैं। यहां से वह सऊदी अरब और तुर्किये भी जा सकते हैं लेकिन वहां जाने के कार्यक्रम की जानकारी उनके कार्यालय ने नहीं दी है। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा शांति वार्ता में यूक्रेन को शामिल किए जाने की उनकी पेशबंदी के तहत है। फिलहाल यूक्रेन को अमेरिका और रूस के बीच मंगलवार को होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। रियाद की बैठक में यूक्रेन को न बुलाने पर फ्रांस ने मंगलवार को पेरिस में यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है।
रूस-यूक्रेन ने किए ड्रोन हमले
रियाद में युद्ध समाप्ति पर बैठक से पूर्व रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं। रविवार-सोमवार रात रूस ने यूक्रेनी शहरों पर 147 ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी सेना ने कहा है कि जवाबी कार्रवाई में रूस के 83 ड्रोन मार गिराए गए जबकि 59 को लक्ष्यों तक पहुंचने से रोका गया लेकिन पांच ड्रोन लक्ष्यों से टकराने में सफल रहे और उनसे यूक्रेन को नुकसान हुआ है।
यूक्रेन ने बताया है कि इन हमलों में कीव में चार मकानों को नुकसान हुआ है और एक व्यक्ति घायल हुआ है जबकि खार्कीव इलाके में एक व्यापारिक भवन, एक प्रशासनिक भवन और 14 मकानों को नुकसान हुआ है। इस बीच यूक्रेन के जवाबी ड्रोन हमले में क्रैस्नोडर इलाके में 12 मकानों को नुकसान हुआ है और एक व्यक्ति घायल हुआ है।
पोप फ्रांसिस को श्वसन संक्रमण, डॉक्टरों ने इलाज में किया अहम बदलाव
18 Feb, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोम। लोगों को अपनी चमत्कारिक शक्तियों से ठीक करने वाले पोप फ्रांसिस गंभीर रूप से बीमार हैं। एक सप्ताह तक ब्रोंकाइटिस की समस्या के बाद पोप फ्रांसिस को शुक्रवार को रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दूसरी बार इलाज में बदलाव
वेटिकन ने सोमवार को कहा कि डाक्टरों ने पोप फ्रांसिस के श्वसन पथ के संक्रमण की जटिल स्थिति को देखते हुए दूसरी बार इलाज में बदलाव किया है। वह अभी अस्पताल में ही रहेंगे। वेटिकन के प्रवक्ता माटेओ ब्रूनी ने कहा कि हाल में और सोमवार को कराए गए टेस्ट से पता चला है कि 88 वर्षीय पोप पालीमाइक्रोबियल श्वसन पथ संक्रमण से पीड़ित हैं।
पालीमाइक्रोबियल रोग वायरस, बैक्टीरिया, कवक और परजीवियों की एक साथ उपस्थिति से होता है।
पोप फ्रांसिस की हालत स्थिर
पोप अस्पताल से कब डिस्चार्ज होंगे यह जानकारी नहीं दी गई। लेकिन ब्रूनी ने बताया कि पोप फ्रांसिस की हालत स्थिर है और सोमवार को उन्होंने नाश्ता किया, कुछ कामकाज किया और समाचार-पत्र भी पढ़े। पोप फ्रांसिस को पहले भी निमोनिया के कारण भर्ती कराया गया था।
घुटने हो चुके खराब
घुटने खराब होने के कारण वह व्हीलचेयर, वाकर आदि का प्रयोग करते हैं। उन्हें साइटिका की भी समस्या है। जब 2023 में उन्हें गंभीर निमोनिया हुआ था तो उस समय उन्हें तीन दिन बाद ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। फ्रांसिस के अस्पताल में भर्ती रहने के कारण वेटिकन के कुछ कार्यक्रमों को रद करना पड़ा है।
सऊदी अरब का बड़ा कदम, 700 टन खजूर 102 देशों को भेजने का निर्णय
17 Feb, 2025 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रमजान का पवित्र महीना मार्च 2025 से शुरू हो रहा है और दुनिया भर के मुसलमान इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं. सऊदी अरब, जिसे इस्लाम का केंद्र माना जाता है, हर साल रमजान के दौरान गरीब देशों को जाकात और गिफ्ट भेजने की परंपरा को जारी रखता है.
इस साल भी सऊदी किंग सलमान ने 102 देशों में 700 टन खजूर बांटने के प्रोग्राम को मंजूरी दी है. यह पिछले साल की तुलना में 200 टन ज्यादा है. इस प्रोग्राम की देखरेख सऊदी इस्लामिक अफेयर मंत्रालय कर रहा है, जो दुनियाभर के इस्लामिक केंद्रों और संगठनों के माध्यम से इस पहल को संचालित करेगा.
इस्लामी मूल्यों का प्रचार और किंगडम की प्रतिबद्धता
सऊदी अरब के इस्लामिक अफेयर मंत्री ने इस पहल के लिए किंग सलमान का आभार व्यक्त किया, खासकर रमजान के दौरान दुनियाभर के मुसलमानों को निरंतर समर्थन देने के लिए. उन्होंने इस्लाम के मूल्यों को बढ़ावा देने और नफरत, उग्रवाद, और कट्टरता का मुकाबला करने के किंगडम की प्रतिबद्धता पर जोर दिया.
मंत्रालय ने खजूर की शिपमेंट के लिए सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है. यह खजूर सऊदी दूतावासों, इस्लामी केंद्रों, और संगठनों के जरिए भेजे जाएंगे, जिनके साथ धार्मिक संदेश भी साझा किए जाएंगे.
रमजान में खजूर का महत्व
रमजान में खजूर का खास महत्व है. यह न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी इसका महत्व बहुत ज्यादा है. रमजान के रोजे के दौरान, मुसलमान खजूर से इफ्तार (रोजा खोलना) करते हैं, और इसे सुन्नत माना जाता है.
दुनिया के प्रमुख खजूर उत्पादक देश
खाड़ी देशों में खजूर का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है. मिस्र दुनिया का सबसे बड़ा खजूर उत्पादक देश है, उसके बाद सऊदी अरब, अल्जीरिया, ईरान, और संयुक्त अरब अमीरात का स्थान आता है. सऊदी अरब के मदीना क्षेत्र में उगाई जाने वाली अजवा खजूर को सबसे बेहतरीन माना जाता है. भारतीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2,000 रुपये प्रति किलो तक होती है, जो इसे बेहद खास बनाती है.
रमजान के अवसर पर दुनियाभर में खजूर बांटने की परंपरा
सऊदी अरब की ओर से हर साल रमजान के अवसर पर दुनियाभर में खजूर बांटने की यह परंपरा इस्लामी मूल्यों के प्रचार और गरीब देशों की मदद के लिए किंगडम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. इस साल 102 देशों में 700 टन खजूर भेजने का यह प्रयास सऊदी अरब की उदारता और इस्लामी समाज के प्रति उसकी सेवा की भावना को रेखांकित करता है.
यूएन ने कहा- ट्रंप के विदेशी सहायता रोकने से एड्स मरीजों की हालत सकती है बिगड़
17 Feb, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही जो शुरुआती फैसले लिए, उनमें अमेरिका द्वारा दुनिया भर में दी जाने वाली विदेशी सहायता पर रोक का फैसला प्रमुख था। अब इस फैसले का असर दिखना शुरू हो गया है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एड्स प्रोग्राम की निदेशक विनी ब्यानिमा ने चेतावनी दी है कि अमेरिका द्वारा विदेशी सहायता रोके जाने से दुनिया भर में एड्स के लाखों मरीज मर सकते हैं।
अमेरिका, दुनिया में विदेशी सहायता का सबसे बड़ा प्रदाता
अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र के लिए विदेशी सहायता का दुनिया में सबसे बड़ा प्रदाता है। यह मदद अमेरिका अपने एजेंसी संयुक्त राज्य अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) के द्वारा करता रहा है। जनवरी में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ट्रंप ने यूएसएआईडी के तहत दी जाने वाली विदेशी सहायता तीन महीने के लिए रोक दी है। इससे मानवीय मदद के कामों पर बड़ा असर पड़ा है। UNAIDS की कार्यकारी निदेशक विनी ब्यानिमा ने बताया कि अगर विदेशी सहायता के तहत मिलने वाली निधि अगर खत्म हो जाती है, तो लोग मर जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि एड्स से मृत्यु दर दस गुना तक बढ़ सकती है।
अफ्रीका में बिगड़ सकते हैं हालात
अमेरिकी मदद से दो करोड़ से अधिक एचआईवी रोगियों और 270,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मदद होती है। अगर विदेशी मदद रुकती है तो इससे पांच वर्षों में एड्स से दस गुना अधिक करीब 63 लाख लोगों की मौत हो सकती है। हालांकि अमेरिका ने जीवन रक्षक उपचार की दवाओं में रोक से छूट दी है, लेकिन अफ्रीका में ये सुविधाएं भी बंद हो चुकी हैं। इथियोपियाई राजधानी अदीस अबाबा में अफ्रीकी शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्यानिमा ने ये बात कही।
साल 1961 में अमेरिका ने यूएसएआईडी की शुरुआत की थी। इसका वार्षिक बजट 40 अरब डॉलर से ज्यादा है। फिलहाल ट्रंप ने इस पर तीन महीने की रोक लगा दी है। समीक्षा के बाद इसके तहत होने वाली कुछ फंडिंग को फिर से शुरू किया जा सकता है।
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ यमुना पानी में जहर घोलने के आरोप में सोनीपत कोर्ट में सुनवाई
17 Feb, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान हरियाणा सरकार पर यमुना के पानी में जहर घोलने जैसा गंभीर आरोप लगाया था. इससे नाराज हरियाणा के राई में कार्यरत सिंचाई विभाग के अधिकारी ने सोनीपत सीजेएम कोर्ट में उनके खिलाफ याचिका दायर की थी सोनीपत कोर्ट ने उसी मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 17 फरवरी 2025 को अदालत में पेश होने का आदेश दिया था. आज इस मसले पर सोनीपत कोर्ट में सुनवाई होगी. दरअसल, आप प्रमुख के इस बयान को लेकर दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में काफी विवाद हुआ था. सूत्रों से अनुसार अरविंद केजरीवाल आज सोनीपत कोर्ट में पेश होने की उम्मीद है.
केजरीवाल के बयान पर सियासी हलचल
फिलहाल, हरियाणा और दिल्ली के लोगों में इस मसले पर अदालत का अगला रुख क्या होता है, को जानने की उत्सुकता है. विरोधी दलों ने भी अरविंद केजरीवाल के इस बयान पर तल्ख प्रतिक्रिया दी थी. बीजेपी ने आप प्रमुख और उनके अन्य नेताओं को इस बात को सही साबित करने की चुनौती दी थी. साथ ही कहा था कि ऐसा न करने पर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे.
AAP प्रमुख ने क्या कहा था?
दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के अंतिम दौर यानी 27 जनवरी 2025 को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि बीजेपी ने ऐसा काम किया है जो पहले कभी नहीं देखा गया. दिल्ली के लोगों को पीने का पानी हरियाणा और यूपी से मिलता है. हरियाणा सरकार ने दिल्ली में आने वाले यमुना के पानी में जहर मिला दिया है. पूर्व सीएम ने दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियरों का आभार जताते हुए उस दिन कहा था कि उन्होंने इस साजिश को पकड़ लिया. दिल्ली वालों पर मंडराते खतरे को देख पानी को सीमा पर ही रोक दिया. यमुना के जहरीले पानी को दिल्ली में नहीं आने दिया.
हरियाणा में टोल टैक्स समाप्त, 17 फरवरी को नूंह के टोल प्लाजा को बंद किया जाएगा
17 Feb, 2025 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा सरकार जल्द ही एक टोल टैक्स को खत्म करने जा रही है. 17 फरवरी को नूंह में पुन्हाना-जुरहेड़ा रोड पर स्थित टोल प्लाजा को बंद कर दिया जाएगा. इससे NCR में रहने वाले लोगों को और हरियाणा से राजस्थान जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी. यही नहीं, उम्मीद है कि गुरुग्राम-फरीदाबाद और सोहना-बल्लभगढ़ रोड पर भी टोल खत्म किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, पुन्हाना-जुरहेड़ा रोड के टोल प्लाजा-42 को सोमवार 17 फरवरी की रात 12 बजे के बाद बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद लोग बिना टोल टैक्स अदा किए यहां से आवाजाही कर सकेंगे, जिससे हजारों लोगों को राहत मिलेगी. उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बुधवार को बयान जारी कर बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत यह कार्रवाई की जा रही है.
उपायुक्त ने बताया कि यह टोल प्लाजा 18 महीने की अवधि के लिए मैसर्स ए.एस. मल्टीपर्पज सर्विसेज को आवंटित किया गया था. इसकी अवधि 17 फरवरी 2025 की रात 12 बजे खत्म हो रही है. इसको बंद करने के लिए इंजीनियर-इन-चीफ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर द्वारा भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं. टोल प्लाजा बंद होने के बाद यात्रियों को इस मार्ग पर टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा.
राजस्थान जाने वालों को राहत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस टोल को बंद करने की घोषणा पहले ही कर दी थी, जिसे अब लागू किया जा रहा है. इस फैसले से पुन्हाना-जुरहेड़ा रोड से राजस्थान सीमा तक यात्रा करने वाले वाहन चालकों को राहत मिलेगी. फरीदाबाद जिला चारों ओर से टोल से घिरा हुआ है, जिससे लोगों को यात्रा के दौरान कई जगह टैक्स चुकाना पड़ता है. गुरुग्राम जाने के लिए बंधवाड़ी के पास टोल देना पड़ता है. बल्लभगढ़ से सोहना जाने के लिए पाखल के पास टोल चुकाना होता है. इसी प्रकार दिल्ली के लिए बदरपुर बॉर्डर, पलवल के लिए गदपुरी टोल और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए किरंज टोल मौजूद है.
ये टोल भी हटाए जा सकते हैं
अब उम्मीद की जा रही है कि गुरुग्राम-फरीदाबाद और सोहना-बल्लभगढ़ रोड पर भी टोल खत्म किया जाएगा. लोगों की मांग है कि इस टोल से मुक्ति दिलाई जाए, क्योंकि यहां काफी सालों से टोल वसूला जा रहा है. लोगों की शिकायत है कि सोहना रोड पर टोल वसूला जा रहा है, लेकिन सड़क की हालत बेहद खराब है.
पेरिस के पास एस्सोन में 11 वर्षीय लड़की का शव बरामद, आरोपी का खुलासा फोर्टनाइट से जुड़ा
17 Feb, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ्रांस से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। फ्रांस में एक 23 साल के शख्स ने बताया कि उसने 11 साल की लड़की की हत्या कर दी थी, क्योंकि वह फोर्टनाइट गेम हारने से बहुत गुस्से में था। व्यक्ति की पहचान ओवेन एल के रूप में हुई है।
ओवेन एल के रूप में पहचाने जाने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह पॉपुलर वीडियो गेम में हारने से बहुत गुस्से में था और अपनी हताशा को दूर करने के लिए बाहर घूमने जाने से पहले उसने एक अन्य गेमर से लड़ाई की थी। फ्रांस में, पुलिस संदिग्धों के उपनामों का खुलासा नहीं करती है।
मिला 11 साल की लड़की का शव
11 साल की लुईस लासेल का शव 8 फरवरी को पेरिस से लगभग 16 मील दक्षिण में, एस्सोन के एपिने-सुर-ऑर्ग में मिला था। उसके माता-पिता की तरफ से उसके लापता होने की रिपोर्ट करने के ठीक 12 घंटे बाद, फ्रांसीसी पुलिस का कहना है कि संदिग्ध, जिसकी पहचान ओवेन एल के रूप में हुई है ने अपराध कबूल कर लिया है। लुईस को आखिरी बार 7 फरवरी को दोपहर 1:50 बजे देखा गया था, जब वह मिडिल स्कूल से घर लौट रही थी, और संदिग्ध ने कथित तौर पर उसे रोका था।
क्यों किया हमला?
रिपोर्ट के अनुसार, ओवेन एल. फोर्टनाइट खेल रहा था जब उसकी लड़ाई हो गई।
क्रोधित होकर, वह शांत होने के लिए अपना घर छोड़कर चला गया और किसी को लूटने या जबरन वसूली करने का फैसला किया।
फिर वह गलती से लुईस के रास्ते में आ गया, जिसे वह नहीं जानता था।
लड़की के गले में लटके हुए मोबाइल फोन को पकड़कर, वह उसका पीछा करता रहा और कथित तौर पर उसे जंगल में यह कहकर फुसलाता रहा कि उसने कुछ खो दिया है।
एक बार जब वे एकांत क्षेत्र में पहुंच गए, तो उसने पैसे चुराने के इरादे से उसे चाकू से धमकाया। जब वह चिल्लाने लगी, तो वह घबरा गया, उसने उसे जमीन पर धकेल दिया और चाकू घोंप दिया।
शरीर के पास मिला लुईस का फोन
अधिकारियों ने कहा कि लुईस का फोन उसके शरीर के पास मिला था और यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं था। जांचकर्ताओं को उसके हाथों पर मेल का डीएनए भी मिला।
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि संदिग्ध ने पहले एक और लड़की को जंगल में फुसलाने की कोशिश की थी, लेकिन उसने मना कर दिया। फ्रांसीसी मीडिया आउटलेट TF1 ने बताया कि बाद में उसने अपनी गर्लफ्रेंड से कहा कि उसने हत्या के हथियार को नष्ट करने, अपने कपड़ों को ब्लीच करने और उन्हें फेंकने से पहले कुछ गंभीर काम किया है।
बड़ी बहन ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
ओवेन एल, जो अपने माता-पिता के साथ रहता था, का आपराधिक रिकॉर्ड है और छोटे-मोटे अपराधों का इतिहास रहा है। अप्रैल 2023 में, उसकी बड़ी बहन ने कथित तौर पर हिंसक और आक्रामक व्यवहार के लिए उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
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