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'ये देश नहीं मिटने दूंगा' की गूंज के साथ मोदी ने ब्राजील में रचाया इतिहास
6 Jul, 2025 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Modi Brazil Visit BRICS Summit Operation Sindoor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi) 2025 में शिरकत करने के लिए जैसे ही ब्राजील के रियो डी जेनेरियो पहुंचे (PM Modi Brazil Visit), जहां भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पारंपरिक नृत्य, भक्ति गीतों और लोक संस्कृति के रंग में रंगे इस स्वागत ने माहौल को भावुक और उत्सवमय बना दिया। प्रवासियों की ओर से प्रस्तुत 'ऑपरेशन सिंदूर' (PM Modi Brazil Visit BRICS Summit Operation Sindoor) थीम पर आधारित नृत्य में देशभक्ति का अद्भुत नजारा दिखा। ‘ये देश नहीं मिटने दूंगा’ जैसे नारों ने पूरे आयोजन को भावुक कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी 6-7 जुलाई को होने वाले 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2025) में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे शांति, सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। ध्यान रहे कि ब्राज़ील में भारतीय प्रवासी समुदाय की संख्या संभावित रूप से 4,000 से 25,000+ है, जिसमें PIO, NRI और स्थानीय वंशज शामिल हैं। प्रवासी समुदाय की संस्थाओं की भूमिका समाज, संस्कृति व कूटनीति को जोड़ने में महत्वपूर्ण है।
ब्राजील-भारत के संबंध होंगे और मजबूत
अपनी राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ब्रासीलिया में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से मिलेंगे। दोनों नेता व्यापार, रक्षा, कृषि, तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
भारतीय प्रवासियों में दिखा उत्साह
ब्राजील में रह रहे भारतीयों ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताया। एक प्रवासी विजय सोलंकी ने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री से मिलना हमारे लिए गर्व की बात है।" वहीं पूजा नामक प्रवासी महिला ने बताया, "मैं पिछले तीन सालों से यहां हूं, और आज का दिन मेरे लिए खास है।"
अर्जेंटीना से पहुंचे, नामीबिया की ओर प्रस्थान करेंगे
ब्राजील से पहले पीएम मोदी अर्जेंटीना में थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति जेवियर माइली से मुलाकात की। ब्राजील के बाद वे 9 जुलाई को नामीबिया पहुंचेंगे और वहां संसद को भी संबोधित करेंगे।
प्रवासी भारतीयों में गर्व की लहर
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि दुनिया भर में बसे भारतीय आज भी भारत के नेतृत्व से गहरे जुड़ाव महसूस करते हैं। एक प्रवासी महिला ने कहा – “यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत से जुड़ाव का एहसास है।”
ब्राजील के सांस्कृतिक संगठनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया
ब्राजीलियाई लोक कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने कहा कि “भारत और ब्राजील की संस्कृति में आध्यात्म और रंगों की साझी झलक है।”
ब्रिक्स में भारत का एजेंडा क्या रहा ?
अब नजरें प्रधानमंत्री के ब्रिक्स भाषण पर हैं , क्या वे चीन और रूस के बीच संतुलन बना पाएंगे? क्या आतंकवाद और एआई पर ठोस प्रस्ताव आएगा?
ब्राजील के साथ हुए समझौतों की घोषणा कब होगी ?
प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति लूला से मुलाकात के बाद संभावित MOUs पर विशेष प्रेस ब्रीफिंग की उम्मीद है। इसमें टेक्नोलॉजी, एनर्जी और डिफेंस प्राथमिक क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम ने दिया भावनात्मक टच
पारंपरिक नृत्य और "ये देश नहीं मिटने दूंगा" गीत के माध्यम से प्रवासियों ने एक भावनात्मक और राजनीतिक संदेश भी दिया - जो सिर्फ स्वागत नहीं, बल्कि एकजुटता और पहचान का प्रदर्शन था।
भारत-ब्राजील संबंधों में ऊर्जा डिप्लोमेसी का नया अध्याय
भारत अब ब्राजील के साथ बायो-फ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा पर सहयोग के लिए रणनीतिक योजना बना रहा है — जिससे दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
प्रवासी भारतीयों की भावनात्मक प्रतिक्रिया
"जब मोदी जी पहुंचे और ‘ये देश नहीं मिटने दूंगा’ गूंजा, तब रोंगटे खड़े हो गए," – रियो में रहने वाली पूजा शाह।
"देश से दूर रहकर भी हमने भारत को महसूस किया," – विजय सोलंकी, गुजराती प्रवासी।
ब्राजीलियाई मीडिया का रिएक्शन
स्थानीय ब्राजीलियाई चैनलों ने मोदी के स्वागत को “इमोशनल कल्चरल डिप्लोमेसी” बताया। कई पत्रकारों ने इसे भारत की "सॉफ्ट पावर" का उदाहरण कहा।
राजनीतिक हलकों से प्रतिक्रियाएं
अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञों का मानना है कि "ब्रिक्स से इतर यह भारत की सांस्कृतिक कूटनीति की बड़ी जीत है।"
क्या पीएम मोदी ब्रिक्स में आतंकवाद के मुद्दे पर चीन को सीधे घेरेंगे?
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री किस तरह से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का जिक्र करते हैं, इस पर सबकी निगाहें होंगी।
ब्राजील के साथ ऊर्जा और रक्षा में क्या डील होगी ?
पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला की मीटिंग के बाद किन क्षेत्रों में समझौते होंगे — इस पर विस्तृत ब्रीफिंग आने की संभावना है।
'ऑपरेशन सिंदूर सांस्कृतिक कार्यक्रम' क्या भारत की विदेश नीति का नया चेहरा बनेंगे?
क्या अब हर विदेश दौरे पर इस तरह के देशभक्ति से भरे प्रदर्शन ट्रेंड बनेंगे?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम ने सबका ध्यान खींचा
यह सिर्फ एक नृत्य नहीं था — यह एक भावनात्मक बयान था कि भारत के प्रवासी कहीं भी हों, उनका दिल देश के लिए ही धड़कता है।
“ये देश नहीं मिटने दूंगा” गीत का चयन भी मोदी ब्रांड की छवि से मेल खाता है — एक निर्णायक, राष्ट्रवादी नेता।
ब्राजील में भारत की सॉफ्ट पावर का असर
पीएम मोदी का स्वागत केवल राजनीतिक नहीं, सांस्कृतिक शक्ति का भी प्रदर्शन था। इससे भारत-ब्राजील लोगों के बीच रिश्ते मजबूत होंगे।
ब्रिक्स में मोदी की उपस्थिति क्यों है खास
रूस-चीन जैसे बड़े खिलाड़ियों के बीच मोदी एक संतुलनकर्ता की भूमिका में हैं -और अब सांस्कृतिक ताकत के साथ।
मेक्सिको में पर्यटन के खिलाफ हुआ हिंसक प्रदर्शन, स्पेन-इटली में विरोध
6 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेक्सिको सिटी। मेक्सिको की राजधानी और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर शुक्रवार को टूरिज्म और शहरीकरण (जेंट्रीफिकेशन) के खिलाफ बड़ा और हिंसक प्रदर्शन हुआ। कोंडेसा और रोमा जैसे पॉश टूरिस्ट इलाकों में शांतिपूर्ण विरोध की शुरुआत हुई, लेकिन यह जल्द ही आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट में बदल गया।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया और टूरिस्ट मेक्सिको से बाहर जाओ तथा हमारे घर चुराना बंद करो जैसे नारों से अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बीते कुछ वर्षों में अमेरिका और अन्य देशों से बड़ी संख्या में टूरिस्ट और प्रवासी मेक्सिको सिटी आए हैं। इससे शॉर्ट-टर्म रेंटल की मांग बढ़ी है, किराया आसमान छूने लगा है, और स्थानीय लोग अपने इलाकों से बेदखल हो रहे हैं। खासकर कोविड-19 के बाद वर्क-फ्रॉम-होम ट्रेंड के चलते अमेरिकी नागरिकों ने सस्ते जीवन और जीवंत संस्कृति की वजह से यहां आना शुरू किया।
आवास संकट, विस्थापन और सांस्कृतिक असंतुलन
कोंडेसा और रोमा जैसे इलाकों में स्थानीय संस्कृति और सामाजिक संरचना पर भारी दबाव है। जेंट्रीफिकेशन की प्रक्रिया ने न केवल किराए बढ़ाए हैं, बल्कि मूल निवासियों को शहर के बाहरी, कम सुविधाजनक इलाकों में शिफ्ट होने को मजबूर कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि टूरिज्म को नियंत्रित किया जाए, शॉर्ट-टर्म रेंटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती की जाए और किफायती आवास सुनिश्चित किए जाएं।
स्पेन, इटली और पुर्तगाल में भी बढ़ा विरोध
मेक्सिको की तरह यूरोप के भी कई शहर टूरिज्म के दबाव में हैं और वहां भी जनविरोध बढ़ता जा रहा है। इसी प्रकार स्पेन के बार्सिलोना में 15 जून को हुए विरोध में प्रदर्शनकारियों ने टूरिस्ट्स पर पानी फेंका और पर्यटक वापस जाओ जैसे नारे लगाए। 2023 में शहर में 1.6 करोड़ पर्यटक आए, जबकि स्थानीय आबादी इससे 10 गुना कम है।
इटली: वेनिस में हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने नए होटलों के निर्माण का विरोध किया, जहां अब होटलों की संख्या स्थानीय घरों से भी अधिक हो गई है।
पुर्तगाल: लिस्बन और मेजरका जैसे शहरों में भी प्रदर्शन हो चुके हैं।
पर्यटन बनाम स्थानीय हित
हालांकि टूरिज्म यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है — स्पेन में यह जीडीपी का 12 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा पर्यटन मॉडल केवल चुनिंदा वर्ग को लाभ पहुंचा रहा है, जबकि आम नागरिक संकट में हैं। उनकी मांग है कि टूरिज्म को सस्टेनेबल (सतत) बनाया जाए और सरकारें नीतियों में बदलाव करें। प्रदर्शनकारी पर्यटकों को दुश्मन नहीं मानते, बल्कि सरकारों से मांग कर रहे हैं कि स्थानीयों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
ISS से आई शुभांशु शुक्ला की पहली HD तस्वीर, भारत में छाया गर्व का माहौल
5 Jul, 2025 07:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Desk : अंतरिक्ष की विशाल खामोशी के बीच आई एक तस्वीर ने भारत में गर्व की लहर दौड़ा दी है। लखनऊ के रहने वाले 39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला, जो इस समय Axiom-4 मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर मौजूद हैं, उनकी पहली HD तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में शुभांशु मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं, और सोशल मीडिया पर यह फोटो वायरल हो चुकी है।
भारत के बेटे का अंतरिक्ष में कमाल
Axiom Space के कमर्शियल मिशन Axiom-4 का हिस्सा शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट के रूप में कार्यरत हैं। मिशन की कमान अनुभवी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन के पास है, जबकि अन्य सहयोगी हंगरी और पोलैंड से हैं। शुभांशु का कॉल साइन "Shux" है। यह मिशन कुल 14 दिनों का है, जिसमें कई वैज्ञानिक प्रयोग किए जा रहे हैं।
‘Bone on ISS’ और रेडिएशन रिसर्च में अग्रणी भूमिका
शनिवार को अपने विश्राम दिवस के बाद, शुभांशु और उनकी टीम ने अंतरिक्ष में हड्डियों पर पड़ने वाले प्रभाव और रेडिएशन निगरानी जैसे प्रयोगों की कमान संभाली। ‘Bone on ISS’ नामक इस रिसर्च में डिजिटल ट्विन तैयार करने की कोशिश की जा रही है—एक वर्चुअल मॉडल, जो अंतरिक्ष में हड्डियों की प्रतिक्रियाओं को दिखाएगा। यह अध्ययन पृथ्वी पर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी से जुड़ी बीमारियों के इलाज में भी मददगार साबित हो सकता है।
स्पेस माइक्रो एल्गी से नई उम्मीद
शुभांशु ने ‘स्पेस माइक्रो एल्गी’ नामक प्रयोग में भी हिस्सा लिया, जिसके तहत अंतरिक्ष में सूक्ष्म शैवाल (microalgae) के नमूनों को तैनात किया गया। इसका उद्देश्य यह जानना है कि ये एल्गी किस तरह भविष्य की स्पेस कॉलोनियों में भोजन, ऑक्सीजन और ईंधन के रूप में मदद कर सकती हैं।
भारत को अंतरिक्ष में मिल रही नई पहचान
Axiom-4 मिशन में शुभांशु की भागीदारी और उनका योगदान भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को न सिर्फ प्रेरित करेगी बल्कि अंतरिक्ष में भारत की सशक्त उपस्थिति को भी दर्शाएगी।
भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता: अमेरिका में भगोड़ा गिरफ्तार
5 Jul, 2025 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
News Desk : भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) स्कैम में वांछित नेहाल मोदी, भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी का भाई, 4 जुलाई 2025 को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारत की आर्थिक अपराध शाखा ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) द्वारा भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर अमेरिकी अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने उसके जल्द प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
काले धन को सफेद करने में निभाई थी बड़ी भूमिका
जांच एजेंसियों के अनुसार, नेहाल मोदी ने अपने भाई नीरव मोदी की मदद से कई शेल कंपनियों के जरिए हजारों करोड़ रुपये विदेशों में ट्रांसफर किए और काले धन को सफेद करने का काम किया। उसका मकसद था घोटाले की रकम को भारत और विदेशी एजेंसियों की निगरानी से दूर रखना।
17 जुलाई को प्रत्यर्पण पर सुनवाई
नेहाल मोदी के प्रत्यर्पण पर अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को अमेरिकी कोर्ट में होगी। इस दौरान ‘स्टेटस कॉन्फ्रेंस’ आयोजित की जाएगी, जिसमें वह जमानत की अर्जी भी दे सकता है। हालांकि अमेरिकी सरकारी वकील इसके विरोध की तैयारी में हैं। भारत सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द नेहाल को भारत लाकर न्याय प्रक्रिया शुरू की जाए।
दो गंभीर आपराधिक आरोपों में प्रत्यर्पण की कार्रवाई
नेहाल मोदी पर दो प्रमुख आपराधिक आरोप लगे हैं: धन शोधन (Money Laundering) – भारत के धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 3 के तहत। आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने का प्रयास – भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B और 201 के तहत।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा- हमास ने दिखाया युद्धविराम का संकेत
5 Jul, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा और इजराइल के बीच चल रहा संघर्ष अगले सप्ताह तक खत्म हो सकता है। ये दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि सीजफायर और बंधकों की रिहाई को लेकर गाजा और इजराइल के बीच समझौता हो सकता है।
एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि गाजा ने अगर युद्धविराम पर पॉजिटिव रेस्पॉन्स दिखाया है तो यह अच्छी बात है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। वहीं ईरान के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उसके परमाणु कार्यक्रम को स्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि ट्रंप के इतर टाइम्स ऑफ इजराइल ने दावा किया कि तेहरान अपने कार्यक्रमों को किसी दूसरी जगहों पर फिर से शुरु कर सकता है।
नेतन्याहू से चर्चा करेंगे ट्रंप
बता दें कि ईरान ने कल ही ऐलान किया कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम के निरीक्षण को लेकर शांति से बैठने वाला नहीं है। ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सामने आ रही बातों पर कहा कि वे इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस की यात्रा के दौरान इस पर चर्चा करेंगे।
ऐसे होगी बंधकों की रिहाई
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच बंधकों की रिहाई को लेकर एक समझौता हुआ था लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार दोनों के बीच पहले जीवित बचे बंधकों की रिहाई पर बातचीत होगी। वहीं 50वें दिन दो जीवित बंधकों को मुक्त किया जाएगा। शेष 10 बंधकों को स्थायी युद्धविराम की शर्तों पर सहमति बनने के बाद छोड़ा जाएगा। जोकि युद्धविराम के दो महीने बाद ही संभव हो पाएगा।
आईडीएफ ने बनाए हेल्प सेंटर
उधर गाजा में लोगों को मानवीय सहायता मिलने के लिए आईडीएफ पूरा सहयोग कर रही है। इजराइली सेना के प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिणी गाजा में चार सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर राहत सामग्री बांटी जा रही है। इसमें अल-सुल्तान, मोराग, फिलाडेल्फिया कॉरिडोर के पास और चौथा नेटजॉरीम कॉरिडोर शामिल हैं। सेना के प्रवक्ता ने कहा लोगों को हर संभव मदद मिले वे भी चाहते हैं लेकिन ये मदद आतंकियों तक नहीं पहुंचनी चाहिए।
'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं' – बांग्लादेश में हिंदू समाज का बड़ा ऐलान
5 Jul, 2025 04:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय ने साफ शब्दों में ऐलान कर दिया है कि जब तक उन्हें संसद में आरक्षित सीटें और अलग चुनाव व्यवस्था नहीं मिलती, तब तक वे किसी भी राष्ट्रीय चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे. ये चेतावनी शुक्रवार को ढाका स्थित नेशनल प्रेस क्लब के बाहर आयोजित मानव श्रृंखला और विरोध सभा के दौरान दी गई.
बांग्लादेश नेशनल हिंदू महासभा के नेताओं का कहना है कि हर राष्ट्रीय चुनाव हिंदी समुदाय के लिए किसी सजा से कम नहीं होता. आरक्षित सीटों और अलग चुनाव प्रणाली के अभाव में हिंदुओं की संसद में कोई उपस्थिति नहीं होती. इस कारण उन्हें वर्षों से उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है. नेताओं ने कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती तो हिंदू समुदाय मतदान केंद्रों का बहिष्कार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से खुद को अलग कर लेगा.
हमले, गिरफ्तारी और संपत्ति हड़पने के आरोप
इस विरोध कार्यक्रम में हिंदू महासभा के अध्यक्ष दिनबंधु रॉय, कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप कुमार पाल, महासचिव गोविंद चंद्र प्रमाणिक और संगठन के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहे. विरोध सभा में वक्ताओं ने लालमोनिरहाट में परेश चंद्र शील और विष्णुपद शील पर धर्म का अपमान करने के आरोप में हुई गिरफ्तारी की निंदा की. उन्होंने इसे झूठे मुकदमे बताते हुए हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार का उदाहरण कहा. सभा में मंदिरों और मूर्तियों की तोड़फोड़, हिंदू घरों पर हमले, महिलाओं के साथ हिंसा, जमीन हड़पने और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं का भी विरोध हुआ.
“हमारी जमीन, हमारे मंदिर—सब छीना गया”
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अब तक करीब 26 लाख एकड़ हिंदू समुदाय की संपत्ति ‘दुश्मन संपत्ति कानून’ के तहत जब्त की जा चुकी है. ढाका में कई मंदिरों और देवता से जुड़ी संपत्तियों को भी अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया है. हिंदू महासभा के नेताओं ने कहा कि बांग्लादेश की आजादी के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सभी धर्मों को समान अधिकार मिलेंगे, लेकिन सच्चाई यह है कि प्रशासनिक ढांचे से लेकर संवैधानिक सुधार तक कहीं भी हिंदू समुदाय की भागीदारी नहीं है. यहां तक कि संवैधानिक संशोधनों में भी उनकी राय नहीं ली जाती.
टेक्सास में बाढ़ ने ली 24 जानें, ट्रंप ने जताया दुख
5 Jul, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका इन दिनों राजनीतिक कारणों से काफी चर्चा में है। कभी प्रेसीडेंट ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी तो कभी दुनिया में चल रहे युद्धों के कारण। रिपोर्ट के अनुसार इस बार अमेरिका के चर्चा की वजह बाढ़ है। अमेरिका के टेक्सास राज्य के केर काउंटी में भीषण बाढ़ के कारण अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति ने बाढ़ को बहुत ही भयानक बताया और कहा कि लोगों को हर प्रकार की मदद की जाएगी।
ट्रंप ने कहा कि यह बाढ़ काफी भयानक है। उन्हें अभी तक यह नहीं पता है कि इसमें कितने लोग मारे गए हैं। जानकारी मिली है कि कुछ युवा मारे गए हैं। ट्रंप ने ये बयान मीडिया से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पीड़ित लोगों की हरसंभव मदद की जाएगी। हम वहां के गवर्नर के साथ बात कर रहे हैं।
सर्च ऑपरेशन जारी
टेक्सास के गवर्नर ने बताया कि बाढ़ के पानी में बहे लोगों की तलाश जारी है। राज्य के स्थानीय अधिकारी बचाव अभियान में जुटे हैं। बह गए लोगों की तलाश के लिए 24 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं बचाव अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल पर हर समय हेलीकॉप्टर मौजूद हैं। ताकि आपातकालीन स्थित में उनको तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया जा सकेगा।
अब तक 200 लोगों का रेस्क्यू
रिपोर्ट के अनुसार टेक्सास के केर काउंटी में बाढ़ के बाद 200 से अधिक लोगों को बचाया गया है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात तक 200 से अधिक लोगों को अब तक बचाया गया है। इनमें से 167 लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण राहत और बचाव अभियान में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पीएम मोदी का अर्जेंटीना दौरा, भारत के लिए कई फायदे
5 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में अपने पांच देशों के दौरे पर हैं। त्रिनिदाद और टोबैगो के बाद पीएम मोदी अर्जेंटीना पहुंचे हैं। यह यात्रा भारत के नजरिए से काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि 57 सालों में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री द्विपक्षीय यात्रा के लिए अर्जेंटीना गए हैं।
हालांकि, साल 2018 में पीएम मोदी G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए अर्जेंटीना जा चुके हैं, लेकिन तब वह बहुपक्षीय सम्मेलन का हिस्सा थे। इस बार का दौरा पूरी तरह से द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देने के लिए हैं।
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति से होगी मुलाकात
पीएम मोदी जब अर्जेंटीना के एजीजा इंटरनेशनल एअरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पीएम मोदी अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली से भी मुसाकात करने वाले हैं।
दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच रक्षा, कृषि, ऊर्जा, खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे कई विषयों पर चर्चा होनी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक का फोकस लाभकारी साझेदारी पर रहेगा।
भारत के लिए अर्जेंटीना क्यों है जरूरी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दौरे को लेकर अपने बयान में यह साफ किया कि भारत और अर्जेंटीना के बीच कई क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।
अर्जेंटीना कृषि उत्पादों में अग्रणी है और भारत के लिए अनाज व तिलहन का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है।
अर्जेंटीना में लिथियम और अन्य दुर्लभ खनिज भरपूर मात्रा में हैं, जो भारत की ईवी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी है।
अर्जेंटीना की Vaca Muerta शेल गैस परियोजना भारत के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी की राह खोल सकती है।
भारत की अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) में अर्जेंटीना की भागीदारी से दोनों देश हरित ऊर्जा सहयोग को बढ़ा सकते हैं।
पीएम मोदी को त्रिनिदाद में मिला सर्वोच्च सम्मान
अर्जेंटीना जाने से पहले पीएम मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो की दो दिवसीय यात्रा पर थे, जहां उन्हें 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित किया गया।
यह त्रिनिदाद का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और पीएम मोदी इसे प्राप्त करने वाले पहले विदेश नेता बन गए हैं। इस दौरान भारत और त्रिनिदाद के बीच 6 महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए जिनमें व्यापार, डिजिटल ट्रांजैक्शन, संस्कृति, स्वास्थ्य और समुद्री सहयोग शामिल है।
अर्जेंटीना के बाद जाएंगे ब्राजील और नामीबिया
पीएम मोदी अर्जेंटीना की यात्रा के बाद 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए ब्राजील भी जाएंगे, जहां बहुपक्षीय वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक विषयों पर चर्चा होगी। इसके बाद पीएम मोदी राजकीय यात्रा के लिए नामीबिया भी जाएंगे, जहां भारत- अफ्रीका संबंधों पर फोकस होगा।
रूसी हमलों से दहला यूक्रेन, कीव में लगातार दूसरे दिन हुई एयर स्ट्राइक
5 Jul, 2025 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
3 साल से रूस और यूक्रेन की जंग चल रही है और अब रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर आज तक का सबसे बड़ा हमला किया है। अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत के बाद गुरुवार रात भी रूस ने कीव पर एयर स्ट्राइक की और बीती रात भी रूस की सेना ने करीब 7 घंटे बमबारी की। कल रात भी कीव पर करीब 11 मिसाइलें और 550 ड्रोन दागे गए। हमले में यूक्रेन के कई ठिकाने तबाह हुए हैं। कीव पर हमले से निराश यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेस्की ने अमेरिकन प्रेसिडेंट ट्रंप से फोन पर बात की और रूसी सेना के हमलों पर चिंता जताई। उन्होंने ट्रंप से कहा कि बीती रात वे सो नहीं सके। बेहद कठोर रात थी, हमले की आवाजें सुनाई देती रहीं। बमबारी से एक व्यक्ति की मौत हुई है। एक बच्चे सहित करीब 26 लोग घायल हुए हैं।
जेलेंस्की ने ट्रंप को किया फोन
लगातार दूसरी रात कीव पर रूस का हमला देख यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। उन्होंने ट्रंप को रूस के हमले के बारे में बताया। यूक्रेन को दी जाने वाली हथियारों की खेप रोकने के मुद्दे पर भी बात की। जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन के एयर डिफेंस को मजबूत बनाने का फैसला अमेरिका ने लिया है। रूस जंग खत्म करके, इसके लिए ट्रंप रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात कर सकते हैं। यूक्रेन के समर्थक यूरोपियन देश यूक्रेन की हथियारों कमी पूरी करने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन इसमें समय लगेगा। जेलेंस्की ने ट्रंप को बताया कि रूस से शांति के प्रयास अब तक विफल रहे हैं। प्रत्यक्ष शांति वार्ताओं में युद्ध बंदियों, घायल सैनिकों, शहीद सैनिकों के शवों का आदान-प्रदान ही हुआ है। शांति वार्ता के लिए कोई तारीख फाइनल नहीं की गई है।
साल 2014 से जारी दोनों देशों में संघर्ष
बता दें कि रूस और यूक्रेन में साल 2014 से संघर्ष जारी है। रूस नहीं चाहता कि यूक्रेन नाटो में शामिल हो। यूक्रेन को रोकने के लिए रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला किया। 3 साल 4 महीने से दोनों देशों में जंग चल रही है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में अब तक का सबसे बड़ा और सबसे घातक युद्ध चल रहा है। साल 2025 तक रूस की सेना ने यूक्रेन के लगभग 20% हिस्से पर कब्जा कर लिया। यूक्रेन की 41 मिलियन की आबादी है, लेकिन 80 लाख लोग पिछले 3 साल में यूक्रेन छोड़कर चले गए हैं। 80 लाख लोग यूक्रेन के अंदर ही विस्थापित हो गए हैं।
'वन बिग ब्यूटीफुल' कानून से अमेरिकी जनता को टैक्स में राहत: ट्रंप
5 Jul, 2025 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को टैक्स राहत और सरकारी खर्च में कटौती से संबंधित विधेयक ‘वन बिग ब्यूटीफुल’ पर साइन कर दिए हैं. इसके साथ ही ‘वन बिग ब्यूटीफुल’ बिल अब कानून बन गया है. इसको ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीति में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
बता दें कि इस विधेयक को एक दिन पहले रिपब्लिकन-नियंत्रित हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 218-214 वोटों से पारित किया था. राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि ये कानून अमेरिका की अर्थव्यवस्था को गति देने और करदाताओं को राहत प्रदान करेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने विधेयक पर किया साइन
दरअसल अमेरिका के 249वें स्वतंत्रता दिवस पर व्हाइट हाउस के लॉन में आयोजित एक पिकनिक समारोह में सांसदों, प्रशासन के अधिकारियों और मेहमानों की उपस्थिति में राष्ट्रपति ट्रंप ने इस विधेयक पर साइन किए. इस दौरान ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ये विधेयक अमेरिकी परिवारों और व्यवसायों के लिए एक नई शुरुआत होगी. उन्होंने कहा कि हम ट्रैक्स को कम कर रहे हैं और खर्चों में भी कटौती कर रहे हैं ताकि हमारी इकोनॉमी और मजबूत हो.
सुरक्षित महसूस कर रहे अमेरिकी
ट्रंप ने कहा कि मैंने अमेरिका के लोगों को इतना खुश कभी नहीं देखा है. क्योंकि लोग अब खुद को सेफ महसूस कर रहे हैं. जिसमें सेना, आम जनता और अलग-अलग नौकरियों से जुड़े लोग शामिल हैं. ट्रंप ने आगे बोलते हुए हाउस स्पीकर माइक जॉनसन और सीनेट मेजोरिटी लीडर जॉन थ्यून का आभार भी जताया. बता दें कि माइक और जॉन के नेतृत्व में ही ये बिल अमेरिका के दोनों सदनों से पारित हुआ है.
राष्ट्रपति ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों को अब तक सबसे बड़ी टैक्स और खर्च कटौती मिली है. साथ ही उन्होंने कहा कि आपको अमेरिकी इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा निवेश भी मिला है.
विधेयक का कानून बनना बड़ी जीत
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों के लिए इस विधेयक का कानून बनना बड़ी जीत माना जा रहा है. ट्रंप ने कहा कि इस कानून से अमेरिकी आर्थिक विकास को ताकत मिलेगी. हालांकि, गैर-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना कि इस कानून की वजह से अमेरिकी के 36.2 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज में 3 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हो सकती है.
दो सांसदों ने किया था विरोध
इससे पहले ट्रंप की पार्टी रिपब्लिक के कुछ सांसदों ने विधेयक की लागत और स्वास्थ्य सेवाओं पर इसके असर को लेकर चिंता जताई थी. हालांकि 220 रिपब्लिकन में से सिर्फ दो सांसदों ने इसके खिलाफ वोट डाला था, जबकि सभी 212 डेमोक्रेट्स ने इस विधेयक का विरोध किया था.
अमरीका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में पास हुआ ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’
4 Jul, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमरीका में कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कर और खर्च में कटौती करने वाले ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ को पास कर दिया है। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में विधेयक के समर्थन में 218, जबकि विरोध में 214 लोगों ने वोट डाला। इस तरह के यह विधेयक चार मतों के अंतर से कांग्रेस के निचलने सदन में पास हो गया।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार श्री ट्रम्प की ही पार्टी के दो सांसद थॉमस मैसी और ब्रायन फिट्जपैट्रिक ने इस विधेय के खिलाफ मतदान किया। गौरतलब है कि इसी विधेयक को लेकर श्री ट्रम्प और प्रसिद्ध उद्योगपति एलन मस्क ने एक- दूसरे के खिलाफ तीखी बयानबाजी की थी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ट्रम्प शुक्रवार शाम पांच बजे अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (चार जुलाई) पर एक बड़े और शानदार समारोह में इस विधेयक पर हस्ताक्षर करेंगे। यह बिल दो दिन पहले ही अमरीकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में 50-51 के मामूली अंतर से पास हुआ था। उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बिल को लेकर निर्णायक वोट डाला था।
जिहादियों ने की 28 लोगों को मौत के घाट उतारा
4 Jul, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबुजा। उत्तरी नाइजीरिया में जिहादी समूहों ने दो अलग-अलग घटनाओं में 28 लोगों की हत्या कर दी है। मीडिया रिपोर्टों में सेना और स्थानीय निवासियों का हवाला देते हुए शुक्रवार को यह जानकारी दी गयी। रिपोर्ट के अनुसार जिहादी समूह लकुरावा के आतंकवादियों ने बुधवार को नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी सोकोतो राज्य के एक गांव पर हमला किया और 17 लोगों की हत्या कर दी।
हमलावरों ने गांव में घुसकर ‘अंधाधुंध गोलीबारी’ की। स्थानीय लोगों का मानना ??है कि कुछ दिन पहले सुरक्षा बलों द्वारा तीन जिहादियों की हत्या का प्रतिशोध लिया गया है। इस क्षेत्र में जिहादियों से लडऩे वाले बहुराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन, बहुराष्ट्रीय संयुक्त कार्य बल के लेफ्टिनेंट कर्नल ओलानियी ओसोबा ने कहा कि गुरुवार को इस्लामिक स्टेट वेस्ट के अफ्रीका प्रांत के जिहादियों ने सीमावर्ती शहर मालम फतोरी पर हमला किया और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए एक शिविर पर गोलीबारी की, जिसमें 11 अन्य मारे गए। उन्होंने बताया कि अन्य 20 घायल हो गए, जिन्हें सीमा पार नाइजर के बोसो स्थित एक अस्पताल में भर्ती किया गया है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2009 से अब तक जिहादी हिंसा के कारण पूर्वोत्तर नाइजीरिया में 40,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 20 लोग विस्थापित हुए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत बड़ा खुलासा: दुश्मन देश बना रहे थे जैविक हथियार
4 Jul, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारतीय सेना ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि चीन, पाकिस्तान की ज़मीन का उपयोग एक 'लाइव लैब' यानी प्रयोगशाला की तरह कर रहा था। यह खुलासा भारत की खुफिया एजेंसियों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत हुआ, जिसमें चीन-पाकिस्तान के बीच चल रही जैविक हथियारों की गुप्त गतिविधियों का पर्दाफाश किया गया।
सेना के अनुसार, चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर ऐसे जैविक प्रयोग कर रहा था जो भविष्य में भारत के खिलाफ जैविक युद्ध छेड़ने की योजना का हिस्सा हो सकते थे। पाकिस्तान में कुछ विशेष लैब्स और क्षेत्रीय संस्थानों का इस्तेमाल खतरनाक वायरस और जैविक तत्वों के परीक्षण के लिए किया जा रहा था।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि चीन अपने खुद के नागरिक इलाकों में इस तरह के खतरनाक प्रयोग नहीं कर सकता, इसलिए उसने पाकिस्तान को प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया। इसके तहत जैविक वायरस के ट्रायल और प्रभावों का परीक्षण किया जा रहा था।
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय खुफिया एजेंसियों का एक सामरिक अभियान था, जिसका उद्देश्य इस गुप्त गठबंधन की रणनीति को उजागर करना था। सेना ने इस अभियान के तहत चीन और पाकिस्तान के बीच हो रहे डेटा ट्रांसफर, सैन्य-अनुसंधान और जैविक गतिविधियों से जुड़े अहम दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।
भारतीय सेना ने इस पूरी स्थिति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर बताया है और सरकार को सतर्क कर दिया गया है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी और जैविक सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया है।
यह ऑपरेशन सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं था, बल्कि यह राष्ट्र की सुरक्षा और जैविक अस्त्रों के खिलाफ एक प्री-एंप्टिव डिफेंस का उदाहरण है। भारत अब इस विषय को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उठाने की तैयारी कर रहा है।
पलवल CMO रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, अलमारी से बरामद हुई मोटी रकम
4 Jul, 2025 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल। हरियाणा के पलवल में जिला नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन (CMO) जय भगवान जाटान को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। सिविल सर्जन अभी हाल ही में शुरू हुए निजी अस्पताल को बंद करने की धमकी दे रहे थे।
बताया गया कि सिविल सर्जन द्वारा 15 लाख की रिश्वत मांगी जा रही थी। पीड़ित ने सिविल सर्जन को तीन लाख रुपये दे दिए थे। वहीं, बकाया रकम की मांग की जा रही थी।
गुरुग्राम विजिलेंस की टीम ने बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे जिला नागरिक अस्पताल परिसर में छापेमारी कर जिला सिविल सर्जन को एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही सिविल सर्जन की अलमारी से बरामद तीन लाख की नकदी बरामद हुई।
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया था कि वह मनोहर, धीरज और सुभाष के साथ मिलकर पिछले तीन महीनों से पलवल में सनराइज ट्रामा अस्पताल चला रहा है। सीएमओ डा. जय भगवान उनके अस्पताल में कथित कमियां बताकर इसे बंद करने की धमकी दे रहे थे। इसके एवज में उन्होंने 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, ताकि वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी हिस्सा दे सकें।
शिकायतकर्ता ने बताया कि करीब 20 दिन पहले उन्होंने जय भगवान को छह लाख रुपये और दो जुलाई को एक लाख रुपये नकद दिए थे। इसके बावजूद, सीएमओ बकाया आठ लाख रुपये की मांग कर रहे थे, जिसमें से शिकायतकर्ता केवल एक लाख रुपये का इंतजाम कर पाए।
इस शिकायत के आधार पर ब्यूरो की टीम ने बृहस्पतिवार की रात को जाल बिछाकर सीएमओ जय भगवान को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, उनके सरकारी निवास की तलाशी में अलमारी से तीन लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।
सीएमओ के विरुद्ध थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में धारा 7 पीसी एक्ट और 308(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हरियाणा में 18 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी
4 Jul, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। हरियाणा में मानसून धीरे-धीरे पूरा छा गया है। आने वाले दिनों में लगातार वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञानियों ने शुक्रवार को 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
चार जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। वहीं वीरवार को हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, नूंह और महेंद्रगढ़ में हल्की वर्षा हुई। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आई।
वहीं, सिरसा और रोहतक का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। वीरवार को दिन के समय धूप खिलने के कारण उमस भरी गर्मी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जिलों में वर्षा हो रही है।
वीरवार को प्रदेश के पांच जिलों में हल्की वर्षा हुई। हिसार शहर में हल्की बूंदाबादी तो हांसी में तेज वर्षा हुई। फतेहाबाद के टोहना में हल्की बूंदाबांदी हुई। शाम को हुई इस बूंदाबांदी के कारण मौसम में ठंडक बनी। दिन के समय धूप खिलने और गर्मी अधिक होने के कारण लोग परेशान रहे।
इसके चलते हिसार के अधिकतम तापमान में हल्का उछाल भी आया है। वहीं शुक्रवार को प्रदेश में वर्षा के अलावा आने वाले दिनों में हरियाणा के अधिकतम जिलों में वर्षा हो सकती है। इसका कारण है कि मानसूनी हवाओं में सक्रियता अधिक होगी।
पहाड़ों पर पांचवें दिन बरसात कम होने से नदियों में पानी का बहाव कम हो गया है। यमुना और घग्गर समेत कई बरसाती नदियों में जलस्तर घट रहा है। कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी का तटबंध टूटने से खेतों में बह रहा पानी उतर गया है। दूसरी ओर, यहां वर्षा नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।
70 प्रतिशत धान की रोपाई हो पाई है। वीरवार को 12 बजे हथनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जल बहाव 54 हजार 600 क्यूसेक पहुंच गया। शाम को पांच बजे 37 हजार 400 क्यूसेक पर आ गया।
सिंचाई विभाग के एसई आरएस मित्तल का कहना है कि एक लाख क्यूसेक जलबहाव पर मिनी फ्लड घोषित होती है। अभी स्थिति सामान्य है। पूर्वी व पश्चिमी यमुना नहर की आपूर्ति के बाद अतिरिक्त पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है। सोम नदी का जलबहाव 2600 क्यूसेक चल रहा है। दस हजार क्यूसेक पर खतरा मना जाता है।
35 गांवों की फसलें प्रभावित
कुरुक्षेत्र के गांव जलबेहड़ा और नैसी के पास मारकंडा नदी के तटबंध टूटने से खेतों में तबाही मचाता हुआ पानी अब आगे निकल गया है। इस पानी ने करीब 35 गांवों की फसलों को अपनी चपेट में लिया। खेत अभी भी पानी से लबालब हैं। जलबेहड़ा के कट की मरम्मत कर इसे बंद कर दिया गया है।
शाहाबाद में मारकंडा में जलस्तर घटकर 6000 क्यूसेक रह गया है। दो दिन पहले मारकंडा नदी में यही जल का स्तर 23 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया था। गांव जलबेहड़ा और नैसी में पानी का बहाव झेल नहीं पाए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने मारकंडा के तटबंध का लिया जायजा लिया। घग्घर में फतेहाबाद के चांदपुरा साइफन पर 8 हजार क्यूसेक बहाव है, अभी बाढ़ का खतरा नहीं है। सरदूलगढ़ के रास्ते नदी सिरसा में प्रवेश करती है। वीरवार शाम तक 5730 क्यूसेक पानी पहुंच चुका है।
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