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“ईरान सरकार ने माना: 12 दिन में 1,060 लोग मारे गए – सबसे बड़ी हिंसा कब तक जारी रहेगी?”
9 Jul, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान । ईरान सरकार ने इजरायल के साथ 12 दिवसीय युद्ध में मरने वालों की संख्या जारी की है, जिसके अनुसार करीब 1,060 लोग मारे गए हैं, और यह संख्या 1,100 तक पहुंचने की आशंका है। फाउंडेशन ऑफ मार्टर एंड वेटरंस अफेयर्स के प्रमुख सईद ओहादी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। ईरान ने शुरुआत में युद्ध के प्रभावों को कम करके आंका था, लेकिन युद्धविराम लागू होने के बाद वह धीरे-धीरे विनाश की असली कहानी सामने आ रही है। इतना ही नहीं ईरान ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को तबाह होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, ईरान ने अभी तक अपनी सेना को हुए नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह के अनुसार, कुल 1,190 लोग मारे गए, जिसमें 436 नागरिक और 435 सुरक्षाबलों के सदस्य शामिल हैं, जबकि 4,475 लोग घायल हुए हैं। यह संघर्ष 13 जून को शुरू हुआ था, जब इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें ईरान के परमाणु ठिकाने, बैलिस्टिक मिसाइल स्थल, शीर्ष जनरलों के आवास और दो दर्जन से अधिक परमाणु वैज्ञानिक निशाना बने थे। बाद में अमेरिका भी इस संघर्ष में शामिल हो गया और उसने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर 30,000 पाउंड के बंकर बस्टर बम गिराए। 12 दिनों के संघर्ष के बाद इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम हो गया।
“साजिश या हादसा? रूस के पूर्व परिवहन मंत्री रोमन स्टारोवोइट की संदिग्ध मौत से हड़कंप”
9 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस के पूर्व परिवहन मंत्री रोमन स्टारोवोइट राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा पद से बर्खास्त करने के कुछ ही घंटों बाद वे मृत पाए गए। उनका शव मॉस्को में उनकी टेस्ला कार के पास गोली लगने के घावों के साथ मिला। रूसी जांच समिति ने पुष्टि की है कि स्टारोवोइट का शव उनकी कार के बाहर, कथित तौर पर उनके घर के पास एक पार्क में झाड़ियों में मिला। घटनास्थल पर उनके नाम से पंजीकृत एक पिस्तौल भी मिली। जांच समिति उनकी मौत की सटीक परिस्थितियों का पता लगा रही है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार स्टारोवोइट ने बर्खास्तगी की घोषणा के बाद खुद को गोली मार ली। पुतिन के आदेश में स्टारोवोइट को बर्खास्त करने का कोई कारण नहीं बताया गया, जिन्हें मई 2024 में परिवहन मंत्री नियुक्त किया गया था। वह इससे पहले 5 वर्षों तक कुर्क के गवर्नर रहे थे। यह घटनाक्रम सप्ताहांत के दौरान रूस की हवाई यातायात प्रणाली में आई अव्यवस्था और यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद सामने आया है।
5 और 6 जुलाई को यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण मॉस्को के शेरेमेत्येवो और सेंट पीटर्सबर्ग के पुल्कोवो एयरपोर्ट पर 300 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। उस्त-लुगा बंदरगाह पर एक टैंकर में विस्फोट से अमोनिया रिसाव भी हुआ था, जिस पर मंत्रालय की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। स्टारोवोइट का नाम कुर्क के गवर्नर रहते हुए भ्रष्टाचार के मामलों से भी जुड़ा था। अगस्त 2024 में यूक्रेनी सेना की कुर्क में घुसपैठ के लिए भी उनकी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान कुर्क के तत्कालीन गवर्नर एलेक्सी स्मिरनोव को 95 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
ट्रंप ने बांग्लादेश, म्यांमार समेत 14 देशों पर फोड़ा टैरिफ बम
8 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ाने वाले नए कदम में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बांग्लादेश और म्यांमार सहित 14 देशों पर नए टैरिफ की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब व्हाइट हाउस द्वारा शुरू किए गए कुछ सबसे आक्रामक आयात करों पर 90-दिवसीय रोक इस सप्ताह समाप्त होने वाली थी। ट्रंप ने जिन 14 देशों के नेताओं को औपचारिक पत्र भेजे हैं उनमें सहयोगी और छोटे देश भी शामिल हैं। यह पत्र इस साल एक अगस्त को लागू होने वाले टैरिफ के बारे में हैं जो ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों को दर्शाता है।
पत्र में ट्रंप ने जापान और दक्षिण कोरिया से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अपनी धमकी दोहराई और एक अगस्त से शुरू होने वाले संभावित शुल्कों के बारे में अन्य विश्व नेताओं को सूचित किया। उच्च टैरिफ शुरू में 9 जुलाई से प्रभावी होने वाले थे लेकिन अधिकारियों द्वारा नए व्यापार सौदों पर बातचीत करने की मांग के कारण इसे निलंबित कर दिया गया था। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म’ पर जापान और दक्षिण कोरिया को लिखे पत्र में कहा, “यदि किसी कारण से आप अपने टैरिफ बढ़ाने का फैसला करते हैं, तो आप उन्हें जिस भी संख्या में बढ़ाना चाहते हैं, वह हमारे द्वारा लगाए जाने वाले 25 प्रतिशत में जोड़ दिया जाएगा।”
नेपाल-चीन बॉर्डर पर भोटेकोशी नदी में बाढ़
8 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। नेपाल-चीन बॉर्डर पर भोटेकोशी नदी में मंगलवार सुबह करीब 3 बजे अचानक बाढ़ आ गई। इसमें 18 लोग लापता हैं, जिसमें 12 नेपाली और 6 चीनी नागरिक हैं। 12 नेपालियों में 3 पुलिसकर्मी, 9 नागरिक हैं।
सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है। घटना चीनी सीमा पर नेपाल के रसुवा जिले में रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट की है। बाढ़ में नेपाल को चीन से जोडऩे वाला मेन पुल मिटेरी ब्रिज ढह गया। मिटेरी ब्रिज से चीन-नेपाल के बीच रोजाना लाखों रुपए का व्यापार होता था। रसुवा में कस्टम्स ऑफिस का यार्ड भी क्षतिग्रस्त हो गया। कस्टम यार्ड में खड़े कई कार्गो कंटेनर भी बह गए। सभी कंटेनर सामान से भरे हुए थे। कस्टम यार्ड के अंदर फंसे कुछ लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन सभी तरफ बाढ़ के पानी के कारण चल रहे ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है।
हिसार: DJ विवाद में 16 वर्षीय गणेश की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
8 Jul, 2025 06:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार (हरियाणा): सोमवार रात को हिसार के एक मोहल्ले में आयोजित बर्थडे पार्टी में DJ बजाने को लेकर युवकों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हो गया। मामला उस समय बिगड़ गया जब पुलिस द्वारा डीजे बंद करवाने की कोशिश की गई और इसके विरोध में कुछ युवक छत पर चढ़ गए। पुलिस के अनुसार, पथराव भी हुआ जिसमें चौकी इंचार्ज समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के दौरान दो युवक छत से नीचे कूदे, जिसमें 16 वर्षीय गणेश नामक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वह कक्षा 10वीं का छात्र था। दूसरा युवक आकाश गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप:
गणेश के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने घर में घुसते ही गणेश के साथ मारपीट की और छत से धक्का दे दिया। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं और लड़कियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया और घर में लगे CCTV की DVR भी ले गई।
पुलिस का पक्ष:
पुलिस चौकी इंचार्ज विनोद के मुताबिक, बर्थडे पार्टी के दौरान शुभम नामक युवक द्वारा तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था। जब पुलिस टीम इसे रोकने पहुंची तो युवकों ने तेजधार हथियारों से हमला कर पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। छुड़ाने की कोशिश में दो युवक छत पर चढ़े और पथराव करने लगे। पुलिस जब उन्हें पकड़ने गई तो दोनों नीचे कूद पड़े।
तनाव का माहौल:
गणेश की मौत की खबर मिलते ही परिवार और आसपास के लोगों ने सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी के सामने धरना दिया और DC-SP के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस जांच में जुटी:
DSP लॉ एंड ऑर्डर सुनील कुमार ने बताया कि इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और कुछ लोगों को नामजद किया गया है। गणेश की मौत के कारणों की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। स्थिति गंभीर बनी हुई है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
फतेहाबाद साइबर थाना पुलिस की छापेमारी, करोड़ों की ठगी का खुला राज
8 Jul, 2025 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद : हरियाणा पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना फतेहाबाद की टीम ने इस गिरोह के चार आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में सक्रिय थे।
आरोपियों की पहचान और बरामद सामान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिल, मानव, बालकिशन और यश कुमार के रूप में हुई है। उनके कब्जे से पुलिस ने भारी मात्रा में ठगी में प्रयुक्त सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं: 168 एटीएम कार्ड , 68 सिम कार्ड ,50 चेकबुक ,46 पासबुक , 15 मोबाइल फोन ,एक लैपटॉप ,13 फर्जी मोहरें और 2 बिल बुक्स है,
शिकायत से खुला मामला
फतेहाबाद के सुभाष नगर निवासी अध्यापक राजीव कुमार ने साइबर थाना में शिकायत दी थी कि उन्हें व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश का झांसा दिया गया। राजीव ने ऑनलाइन के जरिए 10,000 रुपये दो किश्तों में ट्रांसफर किए, लेकिन न तो लाभ मिला, न ही पैसे वापस हुए।
तकनीकी जांच से गिरफ्तारी
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और बैंक लेन-देन के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया। गिरोह सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप्स और फर्जी वेबसाइट्स के जरिये लोगों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर ठगता था।
बड़े बैंक लेन-देन का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी बालकिशन के बैंक खाते में केवल तीन दिनों में 40 लाख रुपये जमा हुए थे। अन्य आरोपियों के खातों की भी गहन जांच की जा रही है।
कोर्ट में पेशी और रिमांड
चारों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों और ठगी के पूरे जाल का खुलासा किया जा सके। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि जांच आगे बढ़ रही है और इसमें और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
बांग्लादेश चुनाव से पहले सत्ता विरोधी लहर, यूनुस की राह मुश्किल
8 Jul, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश में राजनीतिक पारा बढ़ता जा रहा है. देश में जल्द ही आम चुनाव होने वाले और इसको लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी में जुट गई हैं. 16 साल बाद शेख हसीना के बिना हो रहे इस चुनाव में बांग्लादेश की सत्ता किसकी हाथों में जाएगी, ये सवाल सभी पूछ रहे हैं. देश के अखबारों इस पर सर्वे भी करने लगे हैं. ऐसे ही किए गए एक सर्वे ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की चिंता बढ़ा दी है.
सर्वे में खालिदा जिया की पार्टी BNP को सबसे ज्यादा वोट मिलते दिखाई दिए हैं, जबकि यूनुस के करीबी आंदोलनकारियों की ओर से बनाई गई पार्टी NCP को तीसरे नंबर दिया गया है. SANEM अखबार ने ये सर्वे देश की युवा आबादी पर किया है, जिसमें BNP को 39, जमात को 22 NCP को 16 फीसद वोट ही मिलते दिखाई दिए हैं.
इसके अलावा अन्य धार्मिक दलों को 4.59 फीसद वोट मिले हैं, जातीय पार्टी को 3.77 फीसद तथा अन्य दलों को 0.57 फीसद वोट प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया है. साथ ही 51 फीसद लोगों ने ये भी माना कि अंतरिम सरकार देश में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सक्षम है. इसके बावजूद उन्होंने सरकार के लिए NCP को पहले पसंद नहीं रखा है.
अंतरिम सरकार से कितने संतुष्ट नागरिक
सर्वे में 50 फीसद युवा देश की आर्थिक स्थिरता से संतुष्ट हैं, जबकि 35 फीसद युवा देश की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित. 94 फीसद युवा इस बात को लेकर आशावादी हैं कि आगामी चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे. हालांकि, युवा लोग राजनीतिक बदलाव की संभावनाओं को लेकर निराश हैं.
यूनिस की प्लानिंग हो सकती है फैल
मोहम्मद यूनुस ने देश की सत्ता संभालते समय देश में 6 महीने में चुनाव कराने की बात कही थी. सरकार बदले एक साल होने जा रहा है, लेकिन देश में उन्होंने चुनाव नहीं कराए है. चुनाव कराने को लेकर बढ़ रहे दबाव के चलते यूनुस ने चुनाव कराना का फैसला तो किया, लेकिन उसके करीबियों ने अपनी राजनीतिक पार्टी और लांच कर दी.
पिछले साल छात्र आंदोलनों का चेहरा रहे यूनुस के करीबी नाहिद इस्लाम ने NCP पार्टी का गठन किया है और देश में होने वाले चुनाव में उतर रहे हैं. जिसके बाद माना जा रहा था कि अगर NCP जीत जाती है, तो देश की सत्ता मौजूदा अंतरिम सरकार पर ही रहेगी, लेकिन सर्वे में NCP को युवाओं ने पसंद नहीं किया है.
ट्रंप की टैरिफ चेतावनी पर चीन का पलटवार – BRICS का मकसद टकराव नहीं, वैश्विक संतुलन
8 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग. चीन ने सोमवार को कहा कि ब्रिक्स टकराव के लिए नहीं है और यह किसी अन्य देश को निशाना नहीं बनाता है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स समूह की कथित रूप से अमेरिकी विरोधी नीतियों के कारण इससे जुड़े देशों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी थी. इस पर चीन ने सतर्क प्रतिक्रिया दी है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां संवाददाताओं से कहा कि ब्रिक्स उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है. माओ ने कहा कि ब्रिक्स खुलेपन, समावेशन और सभी के फायदे के लिए सहयोग की वकालत करता है.
ब्रिक्स की स्थापना ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा की गई थी, लेकिन इस समूह का पिछले वर्ष विस्तार हुआ और इसमें इंडोनेशिया, ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया. नए सदस्य देशों के अलावा, इस समूह में 10 रणनीतिक साझेदार देश भी शामिल हैं. यह श्रेणी पिछले वर्ष के शिखर सम्मेलन में बनाई गई थी, जिसमें बेलारूस, क्यूबा और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं.
डोनाल्ड ट्रंप की ब्रिक्स देशों को धमकी
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स समूह की ‘अमेरिका विरोधी नीतियों’ का साथ देने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है. ब्रिक्स समूह के ट्रंप का नाम लिए बिना शुल्क वृद्धि की निंदा करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह धमकी दी है. ब्रिक्स समूह में शामिल देशों के नेता छह-सात जुलाई को 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील में मिल रहे हैं.
ऑपरेशन सिंदूर के दिन चीन क्या कर रहा था? अब सामने आई ड्रैगन की सफाई
8 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग. चीन ने सोमवार को भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह के इस दावे को तवज्जो नहीं दी कि बीजिंग ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को सक्रिय सैन्य सहयोग प्रदान किया और संघर्ष को विभिन्न हथियार प्रणालियों के परीक्षण के लिए एक ‘लाइव लैब’ के रूप में इस्तेमाल किया.
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां प्रेस वार्ता में जनरल सिंह की टिप्पणी के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा, ‘आपने जिन बातों का उल्लेख किया है, मैं उनसे वाकिफ नहीं हूं. मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि चीन और पाकिस्तान करीबी पड़ोसी हैं और उनके बीच पारंपरिक मित्रता है. रक्षा और सुरक्षा सहयोग दोनों देशों के बीच सामान्य सहयोग का हिस्सा है और यह किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है.’
माओ ने यह भी कहा कि भारत-चीन संबंध ‘सुधार और विकास के महत्वपूर्ण दौर’ में हैं और बीजिंग नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय संबंधों में निरंतर वृद्धि को बढ़ावा देना चाहेगा. माओ ने उन खबरों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देने से भी इनकार कर दिया, जिनमें कहा गया था कि चीन ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के बारे में संदेह फैलाने के लिए अपने दूतावासों को जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने कहा, ‘आपने जो उल्लेख किया है, मैं उससे अवगत नहीं हूं.’
पिछले सप्ताह दिल्ली में एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनरल सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ‘मुखौटा’ है, तथा चीन अपने सदाबहार मित्र को हरसंभव सहायता दे रहा है, एवं तुर्किये भी इस्लामाबाद को सैन्य साजो सामान की आपूर्ति करके एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि 7-10 मई के संघर्ष के दौरान भारत वास्तव में कम से कम तीन शत्रुओं से निपट रहा था.उन्होंने कहा कि चीन ने भारतीय सैन्य तैनाती पर नजर रखने के लिए अपने उपग्रहों का इस्तेमाल किया, क्योंकि पाकिस्तानी सेना को डीजीएमओ (सैन्य संचालन महानिदेशक) स्तर की फोन वार्ता के दौरान इसके बारे में सीधी जानकारी मिल रही थी. चीन-पाकिस्तान के सदाबहार संबंधों को रेखांकित करते हुए माओ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के पड़ोसी हैं और हमेशा रहेंगे. उन्होंने कहा कि वे चीन के भी महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं.
उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सप्ताहों और महीनों में चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखी है, शांति के लिए बातचीत को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया है और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए काम किया है.” माओ ने कहा, “चीन, भारत और पाकिस्तान द्वारा मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने और बातचीत और परामर्श के माध्यम से मौलिक समाधान खोजने का स्वागत और समर्थन करता है. चीन इस दिशा में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है.”
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाकों में आतंकी ढांचों को निशाना बनाते हुए सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था. इस हमले के बाद चार दिनों तक भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के साथ समाप्त हुईं.
एक तरफ नोबेल की मांग, दूसरी तरफ अमेरिका में हाहाकार – ट्रंप पर इज़राइल का प्रेम क्यों?
8 Jul, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मुलाकात की बात. व्हाइट हाउस में इन दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, जिसका लक्ष्य गाजा में 60 दिन का सीजफायर और बंधक रिहाई था. इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि इस हफ्ते गाजा में सीजफायर पर कोई फैसला आ सकता है. दोनों नेताओं की मुलाकात ईरान-इजरायल युद्ध में सीजफायर की घोषणा के दो हफ्ते बाद हो रही है. इस युद्ध में ट्रंप ने मध्यस्थता करते हुए 12 दिनों तक चला युद्ध रुकवाया था.
अब नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. उन्होंने व्हाइट हाउस में बैठक के दौरान ट्रंप को वो नामांकन पत्र सौंपा, जो उन्होंने पुरस्कार कमेटी को भेजा है. उन्होंने मिडिल ईस्ट में ट्रंप के नेतृत्व और नीतियों की तारीफ की और कहा कि आप इसके हकदार हैं, ये आपको मिलना चाहिए.
उधर अमेरिका के ही टेक्सस में फ्लैशफ्लड ने जो तांडव मचाया, उसके निशान अब तक मिल रहे हैं. भारी बारिश के बाद आई बाढ़ की वजह से 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है और बहुत से लोग अब भी लापता हैं. अब तक प्रशासन लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है. बाढ़ के शिकार हुए लोगों में इलाके में कैंप करने गई बच्चियां शामिल हैं. इसी बीच अटकलें ये भी लगाई जा रही हैं कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर सकते हैं.
ब्रिक्स नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ब्रिक्स के एंटी-अमेरिकन होने के दावे को सिरे से नकार दिया. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा ने कहा- दुनिया को एक सम्राट की जरूरत नहीं है. ये जवाब ट्रम्प के उस सोशल मीडिया पोस्ट पर दिया गया है, जो उन्होंने रविवार रात Truth Social पर लिखा था. ट्रंप ने कहा था कि उन देशों पर, 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा, जो ब्रिक्स की एंटी-अमेरिकी नीतियों का समर्थन करेंगे. ब्राजील के राष्ट्रपति के अलावा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और चीन के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता माओ निंग ने भी माना कि अमेरिका को दबाव की नीति का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हालांकि भारत ने इस पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी है.
प्रधानमंत्री मोदी की दलाईलामा को बधाई पर तिलमिलाया चीन
8 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिब्बती समुदाय के सबसे बड़े आध्यात्मिक नेता दलाईलामा को 90वें जन्मदिन पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी थी और अपने शुभकामना संदेश में कहा था कि वह प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन के स्थायी प्रतीक रहे हैं। पड़ोसी देश चीन को पीएम मोदी की बधाई पर भी मिर्ची लग गई है। चीन ने सोमवार को कहा कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दलाईलामा को उनके 90वें जन्मदिन पर बधाई देने और उनके जन्मदिवस समारोह में भारतीय अधिकारियों के शामिल होने के मुद्दे पर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार को कहा कि भारत को तिब्बत से संबंधित मुद्दों की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझना चाहिए और उसे अलगाववादी प्रकृति की पहचान करनी चाहिए। माओ निंग ने कहा कि तिब्बत से संबंधित मामलों पर चीन की स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है तथा यह सभी को पता है। चीन तिब्बत को शिज़ांग कहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14वें दलाई लामा राजनीतिक निर्वासन में हैं, जो लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और धर्म की आड़ में शिजांग को चीन से अलग करने का प्रयास करते रहे हैं।
अमेरिका या BRICS? ट्रंप ने दी धमकी, विरोधियों पर 10% टैरिफ लगाने का एलान
7 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स राष्ट्रों की कथित ‘अमरीका विरोधी’ नीतियों का समर्थन करने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त व्यापार शुल्क लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ’ पर कहा, “ब्रिक्स की अमरीका विरोधी नीतियों का जो भी देश समर्थन करेगा उस पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जाएगा और इस नीति में कोई अपवाद नहीं होगा।”
गौरतलब है कि पश्चिमी आधिपत्य को चुनौती देने और विकासशील देशों की आवाज को बढ़ावा देने के लिए ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा एक वैकल्पिक मंच के रूप में स्थापित इस अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय संगठन की अमरीकी राष्ट्रपति काफी लंबे समय से आलोचना करते रहे हैं। ब्रिक्स को कई देशों ने एक अनुकूल संगठन के रूप में स्वीकार किया है और उन्होंने इसमें शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है। पिछले वर्ष मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया था और इस वर्ष इसमें वियतनाम एक भागीदार राष्ट्र बन गया।
बीबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संगठन के देशों ने अमेरिकी शुल्क नीतियों की आलोचना करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में सुधार का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने प्रमुख मुद्राओं के मूल्यांकन का मुद्दा भी उठाया था और इसी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह धमकी दी है। ब्रिक्स देशों ने रविवार को ब्राजील की राजधानी रियो डी जेनेरियो में बैठक शुरू की जिसमें वैश्विक संस्थाओं में सुधार का आह्वान किया गया और बढ़ते व्यापार संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच इस गठबंधन को कूटनीति के लिए एक मंच के रूप में स्थापित करने की बात भी कही थी।
ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में विभिन्न शुल्कों की निंदा की गयी और उन्हें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया गया। इन शुल्कों पर ‘अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार गतिविधियों में अनिश्चितता’ लाने का आरोप लगाया गया। ब्रिक्स देशों ने जून में ईरान पर किए गये सैन्य हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा सहित विश्व के नेताओं ने व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसमें ऑनलाइन भाग लिया, जबकि चीन का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री ली कियांग ने किया।
आतंक के खिलाफ BRICS का बड़ा संदेश, पहलगाम अटैक को बताया निंदनीय
7 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए सभी तरह के आतंकवाद से सख्ती से निपटने की प्रतिबद्धता जताई है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों तथा आतंकवादी गुटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया है। ब्रिक्स देशों के 17वें शिखर सम्मेलन में रविवार देर रात यहां जारी संयुक्त घोषणा पत्र में सभी सदस्य देशों ने आतंकवादी कृत्यों की जोरदार शब्दों में कड़ी निंदा की और वैश्विक संस्थाओं को समय की जरूरत के अनुसार अधिक समावेशी बनाने पर जोर देते हुए सतत शासन के लिए ग्लोबल साउथ सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।
घोषणा पत्र में सदस्य देशों की ओर से कहा गया है, “हम आपसी सम्मान और समझ, संप्रभु समानता, एकजुटता, लोकतंत्र, खुलेपन, समावेशिता, सहयोग और आम सहमति की ब्रिक्स भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, सांस्कृतिक और लोगों के बीच सहयोग के तीन स्तंभों के तहत विस्तारित ब्रिक्स में सहयोग को मजबूत करने और शांति, अधिक प्रतिनिधित्व, निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, एक पुनर्जीवित और सुधार पर आधारित बहुपक्षीय प्रणाली, सतत विकास और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के माध्यम से लोगों के लाभ के लिए रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए खुद को प्रतिबद्ध करते हैं।”
उन्होंने वर्ष 2026 में भारत को ब्रिक्स की अध्यक्षता सौंपे जाने और भारत में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया। सदस्य देशों ने आतंकवाद को कतई न बर्दाश्त करने और आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों को खारिज करते हुए कहा दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए मिलकर काम करने की वचनबद्धता प्रकट की।
उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा , “हम आतंकवाद के किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं, चाहे वह किसी भी उद्देश्य से किया गया हो, जब भी, जहां भी और किसी के द्वारा भी किया गया हो। हम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए। हम आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित पनाहगाहों सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।”
ब्रिक्स देशों ने आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने वाले देशों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “हम दोहराते हैं कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और आतंकवादी गतिविधियों और उनके समर्थन में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। हम आतंकवाद के लिए शून्य सहिष्णुता सुनिश्चित करने और आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मानदंडों को अस्वीकार करने का आग्रह करते हैं।”
उन्होंने सभी देशों से आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुपालन में मदद करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “ हम आतंकवाद से निपटने में देशों की प्राथमिक जिम्मेदारी पर जोर देते हैं और आतंकवादी खतरों को रोकने और उनका मुकाबला करने के वैश्विक प्रयासों को अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए, जिसमें संयुक्त राष्ट्र का चार्टर, विशेष रूप से इसके उद्देश्य और सिद्धांत, और प्रासंगिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रोटोकॉल, विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून, अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून, जैसा भी लागू हो। हम ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी कार्य समूह और ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी रणनीति, ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी कार्य योजना और स्थिति पत्र पर आधारित इसके पांच उपसमूहों की गतिविधियों का स्वागत करते हैं।”
सदस्य देशों ने आतंकवाद रोधी सहयोग को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा , “हम आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने की आशा करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने और अपनाने का आह्वान करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान करते हैं।”
ब्रिक्स देशों ने जलवायु वित्त पर रूपरेखा घोषणापत्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर ब्रिक्स नेताओं के वक्तव्य को अपनाने के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वे सामाजिक रूप से निर्धारित रोगों के उन्मूलन के लिए ब्रिक्स साझेदारी के शुभारंभ का समर्थन करते हैं। यह पहल वैश्विक मुद्दों के लिए समावेशी और टिकाऊ समाधान को बढ़ावा देने के संयुक्त प्रयासों को दर्शाती हैं। सदस्य देशों ने ब्रिक्स सदस्य के रूप में इंडोनेशिया का स्वागत किया और कहा कि वे बेलारूस, बोलिविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, नाइजीरिया, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, युगांडा और उज्बेकिस्तान का ब्रिक्स भागीदार देशों के रूप में स्वागत करते हैं।
जमानत नहीं, अब भी जेल में रहेंगी ज्योति मल्होत्रा, वकील ने जताई निराशा
7 Jul, 2025 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। सोमवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति मल्होत्रा की न्यायिक हिरासत को कोर्ट ने 14 दिन और बढ़ा दिया है। ज्योति को जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। हिसार पुलिस ने 'ट्रैवल विद जो' नामक यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को गिरफ्तार किया था।
हिसार की रहने वाली इस यूट्यूबर को न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया गया और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि उनकी न्यायिक हिरासत को 14 दिन और बढ़ा दिया गया है, और अगली सुनवाई की तारीख 21 जुलाई निर्धारित की गई है। 33 वर्षीय यूट्यूबर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुई। 9 जून को यहां एक अन्य अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि इस मामले की जांच अभी जारी है।
16 मई को गिरफ्तारी के बाद, ज्योति को अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद, पुलिस ने उनसे और पूछताछ के लिए चार दिन की अतिरिक्त हिरासत मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर किया। 26 मई को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, जिसे बाद में बढ़ाया गया। हिसार पुलिस ने पहले कहा था कि ज्योति के पास सैन्य या रक्षा से संबंधित कोई जानकारी होने का कोई सबूत नहीं मिला है, लेकिन दावा किया कि वह कुछ लोगों के संपर्क में थी और उसे पता था कि वे पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हैं। पुलिस सूत्रों ने पहले बताया था कि ज्योति नवंबर 2023 से पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थी। भारत ने 13 मई को दानिश को जासूसी के आरोप में निष्कासित कर दिया था। पुलिस ने मई में दावा किया था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंट ज्योति को एक एसेट के रूप में विकसित कर रहे थे।
ज्योति के वकील बोले- जमानत याचिका दायर करेंगे
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा की 7 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सिविल जज ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की अदालत में पेशी हुई। जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि इसी सप्ताह ज्योति की जमानत याचिका अदालत में लगाई जाएगी। केरल सरकार की ओर से प्रचार के लिए ज्योति को आमंत्रित किए जाने के सवाल पर वकील कुमार मुकेश बोले यह तो अच्छी बात है। रेलवे से भी ज्योति को स्पांसरशिप मिली थी।
17 मई को गिरफ्तार हुई थी ज्योति
ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में 17 मई को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया था। इसके बाद 4 दिन के रिमांड पर फिर भेजा गया। दो बार में 9 दिन के रिमांड पूरा होने के बाद 26 मई को उसे सिविल जज ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की अदालत में पेश किया गया था। इस दौरान जांच अधिकारी एसआई निर्मला ने कहा था कि ज्योति मल्होत्रा के लैपटॉप से 14 टीबी (टेरा बाइट) डाटा मिला है, जिसके विश्लेषण के लिए हमें समय चाहिए। जिसके बाद ज्योति मल्होत्रा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसके बाद 9 जून ,23 जून को वीडियो कांफ्रेंस से पेशी हुई थी। ज्योति मल्होत्रा के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि सोमवार को ज्योति की पेशी है। इसके बाद इसी सप्ताह में एक बार फिर से कोर्ट में जमानत याचिका लगाएंगे। इससे पहले उन्होंने 11 जून को याचिका दायर की थी। अदालत ने 12 जून को दूसरे पक्ष से जवाब मांगा था। दोनों पक्षों के वकीलों के बीच करीब 20 मिनट तक बहस हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) सुनील कुमार ने ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
छह माह का भ्रूण प्लास्टिक बैग में मिला, हत्या या गर्भपात? जांच जारी
7 Jul, 2025 03:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूंडरी। सोमवार सुबह पूंडरी के पाई गांव में एक गली में प्लास्टिक की थैली में छह माह का भ्रूण मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह के समय कुत्ते भ्रूण को नोच रहे थे, जिसे देखकर उन्होंने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पूंडरी थाना पुलिस को सूचना दी। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात महिला ने अवैध डिलीवरी के बाद लोकलज्जा से बचने के लिए भ्रूण को थैली में डालकर फेंक दिया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पूंडरी थाना पुलिस और सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी (एसएचओ) राजेंद्र कुमार ने बताया कि भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रूण लड़के का है या लड़की का। पुलिस गांव में जांच कर रही है ताकि भ्रूण फेंकने वाली महिला की पहचान हो सके।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि भ्रूण अवैध डिलीवरी का परिणाम हो सकता है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ राजेंद्र कुमार ने कहा कि जांच के आधार पर तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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