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हरियाणा में सामूहिक हत्या केस का फैसला, कोर्ट ने सात को दोषी ठहराया
11 Jul, 2025 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत (हरियाणा)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की कोर्ट ने लोहारी गांव में पांच साल पहले हत्या के एक मामले में सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि इस मामले में आठ लोगों को बरी कर दिया है। दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न जमा करने पर छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
मामला थाना इसराना पुलिस के अंतर्गत लोहारी गांव का जुलाई 2020 का है। लोहारी गांव के राजेंद्र ने पुलिस को बताया था कि उनका गांव में पशुबाड़ा है। गांव की वाल्मीकि बस्ती के साथ लगता है। कुछ लोग इस पर कब्जा करने के लिए भी कई बार झगड़ा कर चुके हैं। उक्त उनको पशुबाड़े में आने से रोकते है। वह इसमें पहले भी पुलिस को शिकायत दे चुका है। इसमें मौजिज लोगों के बीच में आने पर समझौता करा दिया था।
नौ जुलाई 2020 की रात करीब नौ बजे कुछ लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर के बाहर आ गए। उनको धमकी तो उनके बेटे नीरज ने थाना इसराना के प्रभारी को फोन किया। उनका आरोप है कि करीब डेढ़ घंटे तक भी पुलिस नहीं आई। तब तक आरोपी भी बाहर खड़े रहे। आरोपी दीवार फांदकर घर के भीतर घुस गए। उन्होंने घुसते ही घर का सामान और बाइक तोड़ना शुरू कर दिया। लाठी-डंडों, तलवार व गंडासी से पशुओं पर हमला कर दिया।
वे बचाव के लिए आगे आए उन पर भी हमला किया। उनका अंकुश (20) नीचे गिरा गया। हमलावरों ने उन पर तलवार और तेजधार हथियार से हमला कर दिया। उसकी गर्दन और शरीर पर कई जगह तलवार लगी। जिसके चलते अंकुश की मौत हो गई थी। हमलावर इसके बाद भाग गए थे। थाना इसराना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की कोर्ट ने मामले में वीरवार को अपना फैसला दिया है। कोर्ट ने पवन, सतनारायण, कीमती, राजपाल, जय सिंह, अनिल और अजय को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं आठ को बरी कर दिया है।
शेख हसीना पर अंतरराष्ट्रीय शिकंजा: मानवता के खिलाफ अपराध का मामला दर्ज
11 Jul, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर गुरुवार को बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में आरोप तय किए। हसीना के अलावा देश के पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्लाह अल मामून को सह-आरोपी बनाया गया है। मुकदमे की सुनवाई 3 अगस्त से शुरू होगी। मामून ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, और मामले में सरकारी गवाह बनने के लिए याचिका दायर की है। मामून फिलहाल जेल में हैं, ये मुकदमा बाकी दो आरोपियों की गैर मौजूदगी में चलेगा।
इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल में हसीना के खिलाफ अब तक 5 मामले दर्ज किए हैं। इसमें 1400 लोगों की हत्या, भीड़ को उकसाना और सरकारी ताकतों का गलत इस्तेमाल शामिल हैं। अगस्त, 2024 में तख्तापलट के बाद से हसीना भारत में रह रहीं हैं। क्रिमिनल ट्रिब्यूनल ने 6 जनवरी, 2025 को 11 और लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
हसीना पर हत्या के आरोप
बांग्लादेश में 5 जून, 2024 को बांग्लादेश हाईकोर्ट ने जॉब में 30 प्रतिशत कोटा सिस्टम लागू किया था, इस आरक्षण के खिलाफ ढाका में यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे थे। यह आरक्षण स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को दिया जा रहा था। हालांकि, हसीना सरकार ने यह आरक्षण बाद में खत्म कर दिया था। नाराज छात्रों ने हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए थे। बड़ी संख्या में छात्र और आम लोग हसीना और उनकी सरकार के खिलाफ सडक़ पर उतर आए थे। इस हिंसा के दौरान लगभग 1,400 नागरिक मारे गए थे, जिसके लिए शेख हसीना को जिम्मेदार ठहराया गया है। इस हिंसा में मरने वाले ज्यादातर छात्र थे। इस प्रोटेस्ट के दो महीने बाद 5 अगस्त को उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, और भारत आ गई थी। बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद बनी यूनुस सरकार ने हसीना पर हत्या, अपहरण से लेकर देशद्रोह के 225 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं। बांग्लादेश सरकार ने जुलाई में हुई हत्याओं की वजह से शेख हसीना का पासपोर्ट भी रद्द कर दिया था।
गश्त के दौरान हादसा: पुलिस का हेलिकॉप्टर नदी में गिरा
11 Jul, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुआलालंपुर। मलेशिया के जोहोर राज्य में एक पुलिस हेलिकॉप्टर आपात लैंडिंग के दौरान सीधे नदी में जा गिरा। यह हादसा सुंगाई पुलाई इलाके में हुआ। उस वक्त हेलिकॉप्टर नियमित सैन्य अभ्यास में शामिल था। हेलिकॉप्टर में सवार पांचों क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी घायल अफसरों को जोहोर बारू के सुल्ताना अमीना अस्पताल में भर्ती कराया गया। मलेशिया के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा है कि हादसे की जांच एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो करेगी। इस हादसे में कोई जान नहीं गई, लेकिन मलेशियाई नागरिक उड्डयन नियामक ने इसे गंभीर विमानन घटना मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
एक्स को झटका: सीईओ ने अचानक दिया इस्तीफा
11 Jul, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स की सीईओ लिंडा याकारिनो ने दो साल काम करने के बाद इस्तीफा दे दिया है। लिंडा ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी। लिंडा ने लिखा कि वे अब ग्रोक चैटबॉट बनाने वाली मस्क की एआई कंपनी एक्स-एआई के साथ काम करेंगी। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि वे एक्स-एआई में किस पद पर काम करेंगी। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने कंपनी (एक्स) के सीईओ के तौर पर जॉइन किया था। लिंडा से पहले मस्क खुद ये जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लिंडा सीईओ बनने के बाद प्लेटफॉर्म में कम्युनिटी नोट्स जैसे फीचर्स लेकर आईं और यूजर्स की सिक्योरिटी को लेकर कई बदलाव किए।
अमेरिका की अर्थव्यवस्था में भारतीय प्रवासियों का बढ़ता योगदान
11 Jul, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। भारतीय प्रवासी अमेरिका को और ज्यादा अमीर बना रहे हैं। वहां रहने वाले विदेशी मूल के अरबपतियों में सबसे ज्यादा संख्या अब भारतीयों की है। फोब्र्स ने अमेरिका में रहने वाले 125 सबसे अमीर विदेशी मूल के नागरिकों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में इजराइल, चीन और ताइवान को पीछे छोड़ते हुए भारत 12 अरबपतियों के साथ टॉप पर है।
अमेरिका में सबसे अमीर भारतीय जय चौधरी हैं। इनकी नेटवर्थ 17.9 बिलियन डॉलर यानी 150 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा है। वहीं इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका से आकर अमेरिका में बसे इलॉन मस्क पहले नंबर पर हैं। इनकी नेटवर्थ 33.82 लाख करोड़ रुपए है। दूसरे नंबर पर 11.97 लाख करोड़ की नेटवर्थ के साथ रूस के सर्गी ब्रिन हैं। तीसरे नंबर पर ताइवान के जेन्सेन हुआंग हैं। इसकी नेटवर्थ 12.24 लाख करोड़ रुपए है।
भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे यून सुक येओल, गिरफ्तारी के लिए हरी झंडी
10 Jul, 2025 10:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सियोल। सियोल की एक अदालत ने दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की गिरफ्तारी को मंज़ूरी दे दी है। उन पर दिसंबर में मार्शल लॉ लागू करने से जुड़े आरोप हैं। अदालत ने विशेष अभियोजक के दावे को स्वीकार कर किया कि यून द्वारा सबूत नष्ट करने का खतरा है।
गौरतलब है कि अप्रैल में संवैधानिक अदालत ने यून पर चलाए गए महाभियोग को बरकरार रखा था, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था। अब चार महीने बाद, वह सियोल के पास एक हिरासत केंद्र में लौट रहे हैं। इससे पहले, जनवरी में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी रद्द कर दी थी, जिसके बाद मार्च में उन्हें इस केंद्र से रिहा कर दिया गया था। इससे उन्हें हिरासत में लिए बिना विद्रोह के मुकदमे का सामना करने की अनुमति मिल गई थी। यून का आपराधिक मामला अब एक विशेष अभियोजक द्वारा देखा जा रहा है। ये अभियोजक उनके निरंकुश रवैये से संबंधित अतिरिक्त आरोपों की जांच कर रहे हैं, जिनमें सत्ता का दुरुपयोग, सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी, और सरकारी कर्तव्यों में बाधा डालना शामिल है।
ट्रंप पर हुए हमले में सुरक्षा चूक के आरोप में 6 सीक्रेट एजेंट्स सस्पेंड
10 Jul, 2025 06:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर पिछले साल हुए हमले के दौरान सुरक्षा में चूक के आरोप में सीक्रेट सर्विस के 6 एजेंट्स को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई ट्रम्प के हमले के एक साल पूरा होने से 4 दिन पहले की गई है।
बता दें पेनसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली में 13 जुलाई 2024 ट्रम्प पर गोली चलाई गई थी। यह गोली ट्रम्प के कान को लगती हुई निकल गई थी और वह घायल हो गए थे। इस हमले में ट्रम्प की रैली में शामिल एक फायरफाइटर कोरी कॉम्पेराटोर की मौत हो गई थी। जवाबी कार्रवाई में मौजूद सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स (20) को गोली मार दी थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सस्पेंड किए गए 6 एजेंट्स को अपील करने का अधिकार दिया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक इन्हें 10 से 42 दिन तक के लिए सस्पेंड किया है। इनमें सीनियर अधिकारी से लेकर निचले स्तर के फील्ड एजेंट शामिल हैं। हमले के बाद अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सुरक्षा एजेंसियों की कई स्तरों पर लापरवाही और खामियों के चलते ट्रम्प पर हमला हुआ था।
रिपोर्ट में कहा गया है सीक्रेट सर्विस अब उस स्तर पर काम नहीं कर रही है जो उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए जरूरी है। यह संस्था अब लापरवाह सिस्टम में बदल चुकी है, जबकि खतरे लगातार बढ़ रहे हैं और तकनीक भी बढ़ रही है। हमले के दस दिन बाद उस वक्त की सीक्रेट सर्विस डायरेक्टर किम्बर्ली चीटल ने इस्तीफा दे दिया था। बटलर की घटना के ठीक 9 हफ्ते बाद ट्रम्प पर एक और हमला हुआ था, जब वह फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में अपने गोल्फ कोर्स पर थे। इन दोनों घटनाओं के बाद ट्रम्प को राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा मुहैया कराई गई और उनकी रैलियों की योजना नई सुरक्षा गाइडलाइंस के तहत बनाई जाने लगी है।
अमेरिका के न्यू मैक्सिको में बाढ़ का कहर, लापता लोगों की तलाश जारी
10 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रुडोसो नाम के पहाड़ी गांव में दिखा। यहां बहाव इतना तेज था कि कई घर बह गए और कई लोग फंसे रह गए। इसके बाद अब राहत-बचाव टीमें लगातार काम में जुटी हैं।
मौसम केंद्र ने रुडोसो और उसके आसपास के इलाकों के लिए फ्लैश फ्लड इमरजेंसी जारी की है। ये वहीं क्षेत्र है, जहां पिछले साल जंगल में आग लगी थी और हजारों एकड़ जंगल जल गया था। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तीन लोग अस्पताल में भर्ती हैं। कई लोगों को बहते पानी और घरों से सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन अब तक यह साफ नहीं है कि कुल कितने लोग लापता हैं।
रियो रुडोसो नदी के किनारे बसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नदी का जलस्तर 8 जुलाई को दोपहर 3 बजे करीब डेढ़ फीट था, जो एक घंटे से भी कम समय में 20 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद पानी का स्तर धीरे-धीरे गिरने लगा, लेकिन तब तक कई घर बह चुके थे और सड़कों पर आवाजाही रुक गई थी।
टेक्सास में 100 से ज्यादा मौतें, 161 लापता
टेक्सास राज्य में अचानक आई बाढ़ में घर और कैंप डूबने से अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। राहत-बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। यहां से अब तक 87 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 56 वयस्क और 30 बच्चे शामिल हैं। कुछ शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने बताया कि 161 लोग अब भी लापता हैं। इसमें कई लोग हैं, जो हिल कंट्री के अलग-अलग हिस्सों में छुट्टियां मनाने आए थे, लेकिन उन्होंने किसी होटल या कैंप में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, जिससे उनकी जानकारी दर्ज नहीं हो सकी। टेक्सास के छह जिलों में बाढ़ का असर पड़ा है, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान केर काउंटी में हुआ है।
रूस ने किया यूक्रेन पर सबसे बड़ा एयरस्ट्राइक, कई शहरों में धमाके
10 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव । रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़ आया, जब रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला कर दिया। यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने एक ही रात में 728 ड्रोन और 13 मिसाइलें दागीं। यह हमला युद्ध की शुरुआत के बाद से सबसे व्यापक और भीषण माना जा रहा है।
ड्रोन और मिसाइलों का यह हमला यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्रों विशेषकर लुत्स्क, ल्वीव, खमेलनित्सकी और टेरनोपिल को निशाना बनाया गया। लुत्स्क में स्थित वायुसेना अड्डे को प्रमुख टारगेट बताया जा रहा है।
यूक्रेनी सेना का दावा हैं कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से 718 ड्रोन और 7 मिसाइलों को मार गिराया। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी नहीं है। राहत और बचाव दल नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
यह हमला तब हुआ है, जब एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों पर असंतोष जताया था। दोनों देशों के बीच युद्ध फरवरी 2022 से जारी है और यह हमला इस संघर्ष को और तेज कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला युद्धविराम की संभावनाओं को कमजोर कर सकता है और आने वाले दिनों में संघर्ष और गहरा हो सकता है।
"मोराग कॉरिडोर: गाजा का वो रणनीतिक रास्ता, जिस पर इजरायल-हमास में आर-पार की जंग"
10 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव । गाजा युद्धविराम की संभावनाएं भले ही अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिकी मध्यस्थता के कारण होता दिख रहा हो, लेकिन एक 12 किमी लंबा मोराग कॉरिडोर इस सीजफायर में सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ है। इजरायल और हमास दोनों इसके मुद्दे पर अड़े हुए हैं और यही गतिरोध बंधक रिहाई और संघर्ष विराम समझौते को रोक रहा है।
दरअसल मोराग कॉरिडोर राफा और खान यूनिस के बीच स्थित है, जो दक्षिणी गाजा पट्टी में आता है। तीन महीने पहले, इजरायली सेना ने इलाके पर नियंत्रण कर लिया था। इसका नाम “मोराग” एक पुराने यहूदी बस्ती से जुड़ा है जो 2005 में गाजा से इजरायली वापसी के दौरान हटाई गई थी।
इजरायल “दूसरा फिलाडेल्फी कॉरिडोर” कह रहा है, इसका मतलब है कि यह गाजा को दो हिस्सों में बांटकर हमास की मूवमेंट और सप्लाई को रोक सकता है।
इस पूरे मामले में इजरायली रणनीति यह है कि मोराग कॉरिडोर पर कब्जा रखकर, वह हमास को सैन्य और प्रशासनिक रूप से अलग-थलग कर सके। इजरायल का प्रस्ताव है कि इस कॉरिडोर के दक्षिण में नई बस्तियां बसाकर वहां विस्थापित फिलिस्तीनियों को हमास के प्रभाव से बाहर रखा जाए।
इतना ही नहीं इजरायली सेना कॉरिडोर को “बफर जोन” की तरह इस्तेमाल करना चाहती है, ताकि राफा क्रॉसिंग से आने-जाने वालों की निगरानी रखी जा सके।
लेकिन हमास का कहना है कि मोराग पर कब्जा सीजफायर के उल्लंघन के बाद हुआ था, इसलिए इजराइल को इसका नियंत्रण छोड़ना ही होगा। संगठन ने बंधक समझौते में स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि जब तक इजरायल सेना मोराग से पीछे नहीं हटती, कोई डील नहीं होगी। उनके अनुसार, इस कॉरिडोर का नियंत्रण इजरायल को गाजा में स्थायी सैन्य उपस्थिति का रास्ता देता है।
अमेरिका और अरब देशों की ओर से इजरायल पर दबाव बनाया जा रहा हैं कि युद्धविराम के बदले गलियारे से पीछे हटे। लेकिन नेतन्याहू गलियारे को सुरक्षा का मुद्दा बताकर कहते हैं कि यह हमास पर रणनीतिक दबाव बनाए रखने के लिए जरूरी है। इस जिद के चलते ट्रंप की मध्यस्थता की कोशिशें भी अनिर्णायक बनी हुई हैं।
इसकारण इजरायली बंधकों की रिहाई, जो युद्धविराम वार्ता की केंद्रीय मांग है, मोराग कॉरिडोर विवाद में फंस गई है। हमास बिना इस गलियारे से वापसी के किसी भी सौदे को खारिज कर रहा है। उधर, गाजा में 57,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और हालात मानवीय संकट की ओर बढ़ रहे हैं।
"नामीबिया संसद में बोले मोदी: भारत का समर्थन केवल भाषणों तक सीमित नहीं"
10 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विंडहुक । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र के मंदिर, इस गरिमामय सदन को संबोधित करना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है। मुझे यह सम्मान देने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं। मैं आपके समक्ष लोकतंत्र की जननी के प्रतिनिधि के रूप में खड़ा हूं और मैं अपने साथ भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं लाया हूं।
नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ महीने पहले, आपने एक ऐतिहासिक क्षण का जश्न मनाया, नामीबिया ने अपनी पहली महिला राष्ट्रपति चुनी। हम आपके गर्व और खुशी को समझते हैं और साझा करते हैं क्योंकि भारत में, हम भी गर्व से मैडम प्रेसिडेंट कहते हैं। यह भारत के संविधान की शक्ति है कि एक गरीब आदिवासी परिवार की बेटी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राष्ट्रपति है। यह संविधान की शक्ति है जिसने मुझ जैसे व्यक्ति को, जो एक गरीब परिवार में पैदा हुआ, तीन बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर दिया। जिनके पास कुछ नहीं है, उनके पास संविधान की गारंटी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के लोग आपके मुक्ति संग्राम के दौरान नामीबिया के साथ गर्व से खड़े थे। हमारी अपनी आज़ादी से पहले भी, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण पश्चिम अफ्रीका का मुद्दा उठाया था। नामीबिया में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का नेतृत्व भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल दीवान प्रेम चंद ने किया था। भारत को आपके साथ खड़े होने पर गर्व है, सिर्फ शब्दों में ही नहीं, बल्कि कार्यों में भी।
FATF ने गिनाईं आतंकियों की नई चालें, ऑनलाइन मार्केटप्लेस को बना रहे फंडिंग चैनल
9 Jul, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने सोमवार को अपनी नई रिपोर्ट जारी की, जिसमें आतंकियों के बदलते मंसूबों और उनके फंडिंग नेटवर्क को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी अब ई-कॉमर्स वेबसाइटों और ऑनलाइन पेमेंट सेवाओं का इस्तेमाल हथियारों और विस्फोटकों की खरीद के लिए कर रहे हैं।
एफएटीएफ ने भारत में हुई दो बड़ी आतंकी घटनाओं – 2019 का पुलवामा हमला और 2022 का गोरखनाथ मंदिर हमला – को अपनी रिपोर्ट में विशेष रूप से शामिल किया है।
रिपोर्ट कैसे तैयार हुई?
एफएटीएफ की इस रिपोर्ट को फ्रांस की आतंकरोधी संस्था के नेतृत्व में और संयुक्त राष्ट्र के आतंक-रोधी कार्यकारी निदेशालय (UNCTED) के सहयोग से तैयार किया गया। इसमें 80 से अधिक देशों से प्राप्त आंकड़ों और 840 निजी व शैक्षणिक संस्थानों के इनपुट शामिल हैं।
भारत से जुड़े प्रमुख केस
1. गोरखनाथ मंदिर हमला (2022)
हमलावर: मुर्तजा अहमद अब्बास , घटना: धारदार हथियार से पीएसी जवानों पर हमला , खुलासा: मुर्तजा को आईएसआईएस से आर्थिक मदद मिल रही थी। उसने PayPal और VPN के ज़रिए 6.69 लाख रुपये विदेश भेजे और 44 अंतरराष्ट्रीय लेन-देन किए।
2. पुलवामा हमला (2019)
घटना: सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती हमला, 40 जवान शहीद , खुलासा: हमले में इस्तेमाल एल्यूमिनियम पाउडर Amazon के ईपीओएम नेटवर्क से मंगाया गया। आतंकी वाइज-उल-इस्लाम ने Amazon अकाउंट से केमिकल खरीदा और विस्फोटक उपकरण तैयार किए।
डिजिटल प्लेटफॉर्म बन रहे हैं नया जरिया
रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी संगठन अब फिनटेक सेवाओं, क्रिप्टोकरेंसी, सैटेलाइट फोन, डार्कनेट, और फर्जी ऐप्स का इस्तेमाल करके धनशोधन कर रहे हैं। ये लेन-देन पारंपरिक तरीकों के मुकाबले ज्यादा गोपनीय हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
धनशोधन का नया ट्रेंड
आतंकी ई-मार्केटप्लेस पर सस्ते उत्पाद बेचते हैं, वही उत्पाद आतंकी नेटवर्क का सदस्य ऊंचे दाम पर खरीदता है भुगतान सीधे आतंकी को होता है,और उत्पाद को आतंकी गतिविधि में इस्तेमाल किया जाता है यह पूरा ट्रांजेक्शन "खरीद-बिक्री" जैसा लगता है, जिससे यह एजेंसियों की नजर से बच जाता है।
राज्य प्रायोजित आतंकवाद पर पहली बार जिक्र
FATF ने पहली बार रिपोर्ट में 'राज्य प्रायोजित आतंकवाद' का स्पष्ट उल्लेख किया है। रिपोर्ट में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठनों को वैश्विक खतरा बताया गया है। रिपोर्ट कहती है कि कुछ सरकारें आतंकी संगठनों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक समर्थन देती रही हैं।
भारत की कूटनीतिक सफलता
FATF की इस रिपोर्ट में भारत के पक्ष को मजबूती से सामने रखा गया है। यह भारत की राज्य प्रायोजित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की कोशिशों का परिणाम माना जा रहा है।
हरियाणा : ज़हरीला खाना देकर की गई निर्मम हत्या, जानवर प्रेमियों में रोष
9 Jul, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। सनौली थाना क्षेत्र के तमसाबाद गांव में कुत्तों को जहर देकर मारने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गांव के सरपंच की शिकायत पर सनौली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही, पशु चिकित्सकों ने मृत कुत्तों के शवों का पोस्टमार्टम भी कराया है।
तमसाबाद गांव के ग्रामीण श्रवण और पूर्व सरपंच कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति, रविंद्र ने कथित तौर पर चावल में जहरीला पदार्थ मिलाकर कुत्तों को खिला दिया। इसके परिणामस्वरूप मंगलवार को एक के बाद एक 10 कुत्तों की मौत हो गई। कुत्तों की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बुधवार को ग्रामीणों की शिकायत पर सनौली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रविंद्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सनौली थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मृत कुत्तों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
“ट्रम्प की चेतावनी: ‘रूस जंग रोकना नहीं चाहता, इसलिए यूक्रेन को मिलेंगे नए DEFENSIVE सिस्टम’”
9 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। रूस और यूक्रेन जंग रुकने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति न बनने के बाद अब ट्रंप ने बड़ा एलान कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका जल्द ही यूक्रेन को हथियार भेजेगा। मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी रक्षा करने का अधिकार है, इसलिए अमेरिका यूक्रेन को हथियार देगा।
मीडिया रिपोरट में ट्रंप के मुताबिक हम यूक्रेन को हथियार भेजने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें भी अपनी सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है। उनपर काफी ज्यादा हमले को रहे हैं। वहां बहुत सारे लोग मर रहे हैं। बता दें ट्रंप ने 3 जुलाई को रूस के राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बात की थी। दोनों की बातचीत करीब एक घंटे तक चली। ट्रंप ने पुतिन को सीजफायर के लिए मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुतिन ने शर्त रख दी कि अगर यूक्रेन नाटो में शामिल होगा तभी सीजफायर होगा।
रूस और यूक्रेन के युद्ध ने भयानक मोड़ ले लिया है। 3 जुलाई को रूसी हमले में यूक्रेन के एक बड़े जनरल मारे गए थे। इसके बाद 3-4 जुलाई की रात को रूस ने यूक्रेन पर 539 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी।
“डिनर में चेतावनी से भरा पल: ट्रंप बोले—ममदानी को ‘ठीक’ करना ही होगा, अन्यथा…”
9 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर उम्मीदवार जोहरान ममदानी पर फिर से निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वे एक सोशलिस्ट नहीं बल्कि कम्युनिस्ट हैं। पहले वह डेमोक्रेट नेताओं को सोशलिस्ट कहते थे, लेकिन अब कम्युनिस्ट ही कह रहे हैं। अमेरिका में कम्युनिस्ट विचारधारा के लोगों को बहुत सकारात्मक तरीके से नहीं देखा जाता। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ डिनर के दौरान ट्रंप ने तीखे शब्दों में ममदानी को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ममदानी को अपने व्यवहार में सुधार लाना होगा वरना बड़ी परेशानियों में घिर सकते है।
ट्रंप ने कहा, ममदानी सोशलिस्ट नहीं है बल्कि एक कम्युनिस्ट है। ममदानी ने यहूदी लोगों के बारे में बहुत सी गलत बातें कही हैं। मुझे लगता है कि अभी उसका हनीमून चल रहा है। इसके आगे ट्रंप ने कहा कि ऐसा हमेशा नहीं चल सकता। उन्हें अपने व्यवहार में सुधार करना होगा या फिर वह कुछ बड़ी परेशानियों में घिर सकते हैं। ऐसा पहली बार नहीं है, जब ट्रंप ने ममदानी पर हमला बोला है। वे पहले भी कह चुके हैं कि ममदानी को अपने रुख में सुधार लाना होगा। इस बार नेतन्याहू के साथ बैठकर एक मेयर कैंडिडेट पर इस तरह निजी हमला करना और महत्वपूर्ण है।
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि यदि ममदानी मेयर बने और अपने रवैये में सुधार नहीं किया, तब फिर न्यूयॉर्क सिटी के फंड में कटौती होगी। न्यूयॉर्क में नवंबर में मेयर का चुनाव होना है। यही नहीं ट्रंप ने इतना तक कहा था कि ममदानी के पास शायद अमेरिका की नागरिकता भी नहीं है। मैं देखूंगा कि अमेरिका में वह कानूनी रूप से हैं या फिर अवैध तौर पर यहां रह रहे हैं। ट्रंप ने कहा, इसतरह के काफी लोग हैं, जो कहते हैं कि वह अवैध रूप से यहां हैं। हम हर चीज देख रहे हैं। उन्हें खुद को कम्युनिस्ट पहचान से अलग होना होगा, लेकिन फिलहाल वह एक कम्युनिस्ट हैं।
बता दें कि 1 जुलाई को जोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की है। अब उनका मुकाबला एरिक एडम्स से होगा। नवंबर में न्यूयॉर्क सिटी का चुनाव होगा और जोहरान ममदानी पहले ऐसे मुस्लिम नेता हैं, जो मेयर चुनाव में उतरे हैं।
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