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हरियाणा के नूंह में बीफ रैकेट का पर्दाफाश, पांच मकानों पर छापेमारी
24 Jul, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नूंह: हरियाणा के नूंह जिले में गोमांस बिक्री की सूचना मिलने पर सीएस स्टाफ नूंह टीम ने पांच मकानों में छापेमारी की। खुलासा हुआ कि यहां से बीफ की होम डिलिवरी की जा रही थी। सभी घरों के सामने बाइक सवार सप्लायर खड़े थे। सुबह पांच से सात बजे तक मांस की होम डिलिवरी की जाती थी। पुलिस ने मौके से 8 बाइक, 7 क्विंटल 10 किलोग्राम मांस व अन्य सामान बरामद किया गया है। मामलें में 9 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक नूंह सीएस स्टाफ प्रभारी राजबीर को सूचना मिली थी कि पिनगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव रीठठ में जाकिर, फारूख आंकेड़ा, टिण्डा उर्फ इरफान निवासी मालब, मन्नु निवासी मेवली, हसन, नफीस उर्फ काला, इरफान, वक्की उर्फ वकील और नदीम निवासी रीठठ मिलकर गोकशी का धंधा करते है। रीठठ के कसाई मोहल्ले में वक्की उर्फ वकील, नफीस, इरफान, नदीम और हसन अपने मकान में गोकशी कर बाहर मांस सप्लाई करते हैं।
पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी
सीएस स्टाफ प्रभारी राजबीर ने बताया कि उनकी टीम ने मंगलवार तड़के गांव रीठठ में आरोपियों के घर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी वहां से भागने लगे। पुलिस के जवानों ने मौके से पिता-पुत्र वक्की उर्फ वकील और नदीम को अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने वक्की उर्फ वकील के मकान में जाकर देखा तो तीन बरामद हुईं, जिनमें मांस रखा हुआ था। मौके से एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, दो छुरी, दो दरात, कुल्हाड़ी और करीब 140 किलोग्राम मांस बरामद हुआ। पुलिस टीम ने इसके बाद नफीस के मकान में जाकर देखा तो यहां भी मांस मिला, जिसका कुल वजन करीब 150 किलोग्राम था। इसके साथ ही टीम ने इरफान के मकान पर रेड की।
सात क्विंटल से ज्यादा मांस बरामद
इसके बाद पुलिस ने तीसरे आरोपी नदीम पुत्र वक्की उर्फ वकील के मकान में जाकर देखा तो बाइक, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 145 किलोग्राम मांस बरामद हुआ है। चौथे आरोपी हसन के मकान पर रेड की गई। इंस्पेक्टर राजदीप ने बताया कि आरोपियों के घरों से कुल सात क्विंटल 10 किलोग्राम मांस बरामद हुआ है। सीएस स्टाफ प्रभारी राजबीर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों पिता-पुत्र को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। मामले में कुल 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपी मांस को आसपास के गांवों जाकर घरों में डिलिवर करते थे।
एपस्टीन फाइल्स विवाद पर ट्रंप ने ओबामा पर देशद्रोह का आरोप लगाया
24 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर देश से विश्वासघात का आरोप लगाया है, इसके बाद ओबामा के प्रवक्ता ने इन आरोपों को बेतुका और ध्यान भटकाने की साजिश बताया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब मीडिया ने ट्रंप से दिवंगत अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले पर सवाल किया, तब उन्होंने बराक को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
ट्रंप ने कहा, उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश की और पकड़े गए। इसके लिए सख्त सजा होनी चाहिए। यह देश से विश्वासघात था। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति ओबामा को गिरोह का मुखिया बताकर आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स ने 2016 से लेकर 2020 तक चुनावों में कथित तौर पर हेराफेरी की। इस पार्टी में जो बाइडेन और हिलेरी क्लिंटन भी शामिल हैं।
लेकिन अभी तक डेमोक्रेट्स की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ओबामा के प्रवक्ता पैट्रिक रोडनबश ने ट्रंप के आरोपों को बेतुका और ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है। रोडनबश ने कहा, राष्ट्रपति पद के सम्मान में, हमारा कार्यालय आमतौर पर व्हाइट हाउस से निरंतर आने वाले झूठ और गलत जानकारी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता, लेकिन यह दावे इतने अपमानजनक हैं कि इन पर प्रतिक्रिया देना जरूरी है। यह अजीबो-गरीब आरोप पूरी तरह से बेतुके हैं। यह ध्यान भटकाने की एक कमजोर कोशिश है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राजनीतिक और कारोबारी दिग्गजों से व्यापक संबंध रखने वाले एपस्टीन पर यौन अपराधों के आरोप लगे थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया था और अगस्त 2019 में जेल में उनकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया। एपस्टीन के अमेरिका की राजनीतिक और कारोबारी हस्तियों से गहरे संबंध थे।
2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने वादा किया था कि अगर वे दोबारा चुने जाते हैं, तब एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करुंगा। हालांकि, इसी महीने की शुरुआत में अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई ने एक संयुक्त ज्ञापन जारी कर बताया कि कोई भी आपत्तिजनक क्लाइंट लिस्ट मौजूद नहीं है।
पाकिस्तान ने ईरानी खतरे को रोकने के लिए अमेरिकी खुफिया साझेदारी में दिया एयर कॉरिडोर
24 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लौहार । 22 जून को अमेरिका ने ईरान के नतान्ज एटॉमिक सेंटर पर एयरस्ट्राइक की, इस एयरस्ट्राइक को पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताकर निंदा की। इतना ही नहीं पाकिस्तानी नेता खुद को ईरान का मित्र बताकर मुस्लिम एकता और क्षेत्रीय भाईचारे की दुहाई देते रहे। लेकिन इन दावों के पीछे पाकिस्तान की हकीकत कुछ और ही थी। पाकिस्तान ने अमेरिका को सीक्रेट तरीके से हवाई मार्ग, खुफिया जानकारी और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था। यह ऐसा खुलासा है, जिसके बाद ईरानी सेना ने पाकिस्तान को धोखेबाज कह दिया है।
एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया हैं कि हमले से कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने अमेरिकी टैंकर और टोही विमानों को ओवरफ्लाइट की मंजूरी दी थी। यह अनुमति चुपचाप सुरक्षित चैनलों के जरिए दी गई और अमेरिका-पाकिस्तान के पुराने काउंटर टेररिज्म समझौतों के तहत इस्लामाबाद और रावलपिंडी के बीच यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने पाकिस्तान के व्यवहार को धोखा बताकर दावा किया कि अगर पाकिस्तान हवाई मार्ग और खुफिया जानकारी न देता तब अमेरिका यह हमला कतई नहीं कर पाता। हालांकि शाहबाज सरकार ने इन दावों को गलत बताकर खारिज किया है।
ईरान ने सीमा पर आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच वर्षों से चल रहे सुरक्षा सहयोग पर खतरा मंडराने लगा है। इस्लामाबाद के लिए यह कोई पहली दुविधा नहीं है। पाकिस्तान एक ओर मुस्लिम दुनिया में अपनी छवि एक रक्षक और नेता के रूप में प्रस्तुत करता है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका से सुरक्षा, खुफिया और आर्थिक सहयोग उसकी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
विपक्षी दलों ने इस पर शाहबाज सरकार को आड़े हाथों लिया है। कई राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने “इस्लामी एकता को अमेरिका के आगे गिरवी रख दिया। यहाँ तक कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग करने वालों को भी निशाना बनाया गया।
“70 की उम्र में महिला गिरफ्तार: नेतन्याहू हत्या साजिश का खुलासा”
24 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को गिरफ्तार किया गया है। देश की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने बुधवार को यह गिरफ्तारी की। आरोप है कि महिला आईईडी विस्फोट के जरिए नेतन्याहू पर जानलेवा हमला करना चाहती थी।
जानकारी अनुसार उक्त बुजुर्ग महिला पर आतंकी कार्रवाई और प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश का आरोप है। इजरायल के सरकारी ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, वह आईईडी ब्लास्ट के ज़रिए हमले की सुनियोजित योजना बना रही थी। महिला पर गुरुवार को आतंकवाद और साजिश रचने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
पहले भी हो चुकी थी गिरफ्तारी
उक्त आरोपी महिला को दो हफ्ते पहले भी हिरासत में लिया गया था। उस वक्त कुछ शर्तों के साथ रिहा किया गया था, जैसे, कि सभी सरकारी संस्थानों में प्रवेश पर रोक। प्रधानमंत्री से दूरी बनाए रखने का आदेश। बावजूद इसके, महिला ने दोबारा साजिश रचनी शुरू कर दी।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
शिन बेट ने महिला की गतिविधियों पर नजर रखी और पुख्ता सबूत मिलने पर दोबारा गिरफ्तार किया। फिलहाल पूछताछ जारी है कि उसके पीछे कोई संगठन है या वह स्वतंत्र रूप से काम कर रही थी। इस मामले में आज गुरुवार को कोर्ट में पेशी होगी, जहां महिला के खिलाफ आतंकवादी साजिश से जुड़े गंभीर आरोपों की सुनवाई की जाएगी। अगर आरोप साबित होते हैं, तो महिला को लंबी जेल सजा हो सकती है।
"एडिलेड में भारतीय छात्र पर नस्लभेदी हमला, अस्पताल में भर्ती"
24 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एडिलेड। ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर में एक भारतीय छात्र पर शनिवार को बेरहमी से हमला किया गया। चरणप्रीत सिंह अपनी पत्नी के साथ कार से शहर के लाइट शो देखने निकला था। इसी दौरान किंटोर एवेन्यू के पास रात 9 बजे कार पार्किंग को लेकर उसकी स्थानीय लोगों से बहस हो गई। लडक़ों ने चरणप्रीत को नस्लीय गालियां दी और उनपर हिंसक हमला किया। चरणप्रीत ने मीडिया को बताया कि उन्होंने मुझे कहा, इंडियन भाग जा और फिर मुझे लात- घूंसों से मारना शुरू कर दिया। मैंने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मुझे तब तक मारा जब तक मैं बेहोश नहीं हो गया। चरणप्रीत ने कहा कि जब ऐसी घटनाएं होती हैं, तो वापस अपने देश लौट जाने का मन करता है। आप अपने शरीर में कुछ भी बदल सकते हैं, लेकिन रंग नहीं बदल सकते। फिलहाल मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
महावारी की तकलीफ से टूटी जिंदगी: 8 दिन पहले हुई थी 18, अब नहीं रही
23 Jul, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत: हरियाणा के पानीपत जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं से परेशान होकर एक 18 वर्षीय युवती ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान अन्नू के रूप में हुई है, जो हाल ही में बालिग हुई थी। अन्नू का 14 जुलाई को जन्मदिन था। इसी को वह 18 साल की हुई थी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
पिता को चाय देने के बाद कमरे में गई थी
मृतक के पिता सुरेंद्रमजदूरी का काम करते हैं। उन्होंने ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। अन्नू उनके चार बच्चों में सबसे बड़ी थी। वह 12वीं पास कर चुकी थी और एक कंप्यूटर कोर्स करने के साथ-साथ आईटीआई में दाखिला लिया था। घटना वाले दिन वो अपनी छोटी बेटी को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सरकारी अस्पताल लेकर गए थे। जब वे शाम करीब 4:30 बजे घर लौटे, तो अन्नू ने मेरे लिए चाय बनाई और फिर ऊपर वाले कमरे में चली गई। कुछ देर बाद जब मैं ऊपर गए, तो देखा कि कमरे का दरवाजा आधा खुला हुआ था। उन्हें शक हुआ और जब अंदर जाकर देखा, तो अन्नू पंखे से चुन्नी के सहारे लटकी हुई मिली। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी अन्नू
पिता ने बताया कि अन्नू को लंबे समय से माहवारी से संबंधित शारीरिक दिक्कतें थीं और उसका इलाज भी चल रहा था। लेकिन नियमित उपचार के बावजूद कोई खास सुधार नहीं हो रहा था। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। इसी तनाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने पिता के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
छेड़खानी केस का आरोपी बना एजी: हरियाणा सरकार के फैसले पर बवाल
23 Jul, 2025 11:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ : हरियाणा की नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विकास बराला को सहायक महाधिवक्ता (Assistant Advocate General) नियुक्त किया है। विकास बराला पर एक पूर्व IAS अधिकारी की बेटी का पीछा करने और अपहरण करने की कोशिश करने का आरोप है। महाधिवक्ता (AG) हरियाणा के नेतृत्व वाली एक स्क्रीनिंग कमेटी ने विकास के नाम की सिफारिश की थी। इस कमेटी में कई बड़े अधिकारी शामिल थे।
कौन हैं विकास बराला
विकास बराला, हरियाणा BJP के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के बेटे हैं। विकास अब दिल्ली में हरियाणा सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। वे सुप्रीम कोर्ट (SC) जैसे न्यायिक मंचों पर सरकार की पैरवी करेंगे। नियुक्ति का आदेश हरियाणा के गृह सचिव ने 18 जुलाई को जारी किया था। विकास उन सात विधि अधिकारियों में से एक हैं जिन्हें हरियाणा सरकार ने दिल्ली में राज्य के कानूनी सेल के लिए नियुक्त किया है।
96 लॉ ऑफिर्सस की नियुक्ति
कुल मिलाकर, राज्य सरकार ने 96 विधि अधिकारियों को नियुक्त किया है। इनमें अतिरिक्त महाधिवक्ता, वरिष्ठ उप महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता और सहायक महाधिवक्ता जैसे पद शामिल हैं। इन सभी को 18 जुलाई को नियुक्त किया गया था। ये अधिकारी चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय और दिल्ली में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विकास बराला केस में सुनवाई 2 अगस्त को
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने विकास बराला से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। विकास के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चंडीगढ़ की अदालत में चल रहा है। अगली सुनवाई 2 अगस्त को है। फिलहाल, अभियोजन पक्ष के सबूत दर्ज किए जा रहे हैं।
क्या है विकास बराला पर आरोप
शिकायत के अनुसार, 5 अगस्त, 2017 को विकास और उसके दोस्त आशीष ने कथित तौर पर एक IAS अधिकारी की बेटी का पीछा किया था। उन्होंने उस महिला की कार को रोकने की भी कोशिश की थी। लड़की ने चंडीगढ़ पुलिस को फोन किया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ IPC की धारा 354D (पीछा करना) और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। उस समय विकास के पिता, सुभाष बराला, हरियाणा BJP के अध्यक्ष थे।
इस नियुक्ति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद दिया है जिस पर गंभीर आरोप हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि नियुक्ति नियमों के अनुसार की गई है।
"राजनीतिक प्रताड़ना पर बोले ट्रंप के विशेष दूत, इमरान के बेटों को दिया समर्थन"
23 Jul, 2025 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष मिशन के लिए दूत रिचर्ड ग्रेनेल ने मंगलवार को कैलिफोर्निया में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों से मुलाकात की। उन्होंने इमरान खान की गिरफ्तारी को 'राजनीतिक प्रताड़ना' करार दिया और एक बार फिर उनकी रिहाई की मांग की। ग्रेनेल ने इमरान खान के बड़े बेटे सुलैमान ईसा और छोटे बेटे कासिम खान के साथ तस्वीर साझा की और लिखा कि उन्हें उनके साथ समय बिताकर अच्छा लगा और कैलिफोर्निया में उनका स्वागत किया।
राजनीतिक प्रताड़ना से तंग आ चुके लाखों लोग: ग्रेनेल
ग्रेनेल ने एक्स पर लिखा, 'कैलिफोर्निया में स्वागत है मेरे दोस्तों। आज आपके साथ समय बिताकर अच्छा लगा। सुलैमान और कासिम, आप मजबूत बने रहें। दुनियाभर में ऐसे लाखों लोग हैं, जो इस राजनीतिक प्रताड़ना से तंग आ चुके हैं। आप अकेले नहीं हैं।' ग्रेनेल का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पीटीआई के नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार इमरान खान की जेल की हालत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
पहले भी इमरान खान का समर्थन कर चुके ग्रेनेल
यह पहली बार नहीं है, जब अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड ग्रेनेल ने इमरान खान का समर्थन किया हो। ट्रंप के चुनाव अभियान के दौरान न्यूजमैक्स को दिए एक इंटरव्यू में ग्रेनेल ने कहा था कि ट्रंप सरकार के दौरान अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध बेहतर थे, जब इमरान खान प्रधानमंत्री थे। उन्होंने इमरान खान को एक 'बाहरी' (आउटसाइडर) और 'साधारण सोच' वाला नेता बताया। उन्होंने ट्रंप और खान की कानूनी चुनौतियों की तुलना भी की थी।
'इमरान खान पर भी लगे ट्रंप जैसे आरोप'
ग्रेनेल ने कहा, ट्रंप सरकार के दौरान जब इमरान खान पाकिस्तान के नेता थे, तब अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध कहीं बेहतर थे। इमरान खान एक पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी थे, पाकिस्तान टीम के कप्तान भी रहे। वह राजनेता नहीं थे और आम भाषा में बात करते थे। ट्रंप और इमरान खान के बीच अच्छे संबंध थे। उन्होंने आगे कहा, मैं चाहता हूं कि इमरान खान को जेल से रिहा किया जाए। वह फिलहाल जेल में हैं और उन पर भी वैसे ही आरोप लगाए गए हैं जैसे राष्ट्रपति ट्रंप पर। सत्तारूढ़ पार्टी ने भ्रष्टाचार व झूठे आरोपों का सहारा लिया और उन्हें जेल भेजा।
जेल में इमरान खान की हालत पर पीटीआई ने जताई चिंता
इस बीच, पीटीआई जेल में इमरान खान की हालत को लेकर लगातार चिंता जता रही। 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकराम ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खान को एक 'डेथ सेल' में रखा गया है, जहां उन्हें न किताबें मिलती हैं, न टीवी, और न ही अखबार। अकरम ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री होने के बावजूद इमरान खान को न तो उनका दर्जा मिला, न ही एक आम कैदी जैसे बुनियादी अधिकार। यह बहुत गंभीर बात है, क्योंकि वह देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और देश की पूरी जनता उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार राजनीतिक और न्यायिक दबाव, साथ ही जेल की खराब स्थिति पाकिस्तान को एक सांविधानिक और मानवता से जुड़े संकट की ओर ले जा रही है।
बांग्लादेश प्लेन हादसा: भाई-बहन की हालत ने सबको रुलाया
23 Jul, 2025 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। ढाका के माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज में बांग्लादेश वायुसेना का ट्रेनिंग जेट क्रैश केस में अब मरने वालों की संख्या 20 पहुंच गई है। मरने वालों में 16 बच्चे, दो शिक्षक और पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहम्मद तौकीर इस्लाम शामिल थे। गंभीर रूप से जलने वाले बहुत से बच्चे अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ढाका के अस्पतालों में परिजनों की चीख-पुकार और मासूमों की तड़प ने हर किसी का दिल दहला दिया।
बांग्लादेश के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के आईसीयू में भाई-बहन आर्यन अशरफ नफी (कक्षा 2) और तानिया अशरफ नाजिया (कक्षा 6) जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। नफी के शरीर का 95 प्रतिशत और नाजिया का 80 प्रतिशत हिस्सा जल गया है। डॉ जकिया सुल्ताना मिताली ने कहा, कई बच्चों के रेस्पिरेटरी सिस्टम जल चुका हैं। हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दबाव बहुत ज्यादा है। एक अन्य डॉक्टर ने बताया, बच्चों की संख्या इतनी ज्यादा है कि हम उन्हें संभाल नहीं पा रहे। डॉ सायम अल मंसूर ने बताया कि एक मरीज का 100 प्रतिशत शरीर जला है, चार की बॉडी 90 प्रतिशत और पांच के 80 प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने शुरआत में बच्चों को बिल्डिंग से निकाला, फिर सेना के जवान घायल बच्चों को गोद में उठाकर रिक्शा और वैन से अस्पताल ले गए।
सरकार ने घोषित किया राष्ट्रीय शोक दिवस
ढाका के अखबार डेली स्टार के मुताबिक सरकारी घोषणा में कहा गया है कि मंगलवार को देशभर के सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्वायत्त संस्थानों और सभी शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। साथ ही बांग्लादेश के विदेशी मिशनों में भी झंडा आधा झुकाया जाएगा। सरकार ने यह भी बताया कि देशभर के मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों और अन्य धार्मिक स्थलों में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाएंगी ताकि इस दुखद घटना में घायल व मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की जा सके। सरकार की ओर से यह शोक दिवस राष्ट्र के सामूहिक दुख और एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है।
ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम: विदेश मंत्री की टिप्पणी के बाद दी बमबारी की चेतावनी
23 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के उस बयान पर भडक़ गए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका देश अपना यूरेनियम संवर्धन प्रोग्राम नहीं छोड़ेगा। अरागची के इस बयान पर ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखता है तो जरूरत पडऩे पर ईरान पर फिर से बम बरसाएगा।
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रूथ पर लिखा है कि अमेरिका के हमलों में ईरान के मुख्य परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका फिर से ईरान पर हवाई हमले करेगा। ट्रंप की इस टिप्पणी से पहले इरानी विदेश मंत्री अरागची ने अपने यूरेनियम संवर्धन प्रोग्राम को राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन प्रोग्राम बंद कर दे लेकिन ईरान अपने इस प्रोग्राम को चालू रखेगा। उन्होंने कहा कि हम अपना संवर्धन प्रोग्राम नहीं छोड़ सकते क्योंकि यह हमारे अपने वैज्ञानिकों की उपलब्धि है। और अब, उससे भी बढक़र यह हमारे लिए राष्ट्रीय गौरव का सवाल बन गया है। हमारा संवर्धन हमें बहुत प्रिय है।
परमाणु प्रोग्राम को चालू रखने पर अड़ा ईरान
अमेरिका हमेशा से ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर सवाल उठाता रहा है और उसने ईरान के यूरेनियम संवर्धन को रोकने की कोशिश की है। अमेरिका को शक है कि ईरान परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम संवर्धन कर लेगा जो मध्य-पूर्व में उसके लिए बड़ी चुनौती होगी। अमेरिका चाहता है कि ईरान में यूरेनियम संवर्धन पर पूरी तरह रोक लग जाए। लेकिन अरागजी ने साफ कर दिया है कि ईरान अमेरिका की इस डिमांड पर कभी भी राजी नहीं होगा। पिछले महीने अमेरिका समर्थित इजरायली हमलों में ईरान के कुछ परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था। ईरान के परमाणु प्रोग्राम को बर्बाद करने के लिए किए गए हमलों के बावजूद, ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है। अरागची ने कहा कि हमारे ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन अब हमारा परमाणु ऊर्जा संगठन कर रहा है। लेकिन जहां तक मुझे पता है, ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी बताया कि हमले के कारण हुई बर्बादी की वजह से यूरेनियम संवर्धन की गतिविधि को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि हमले के बाद कोई संवर्धित यूरेनियम बचा है या नहीं।
अपने परमाणु प्रोग्राम को शांतिपूर्ण बताता है ईरान
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु प्रोग्राम नागरिक उद्देश्यों के लिए है, वहीं अमेरिका और नेटो देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कगार पर है। इजरायल और अमेरिका के हमलों से पहले, परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी आईएई के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने आरोप लगाया था कि ईरान परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री हासिल करने से कुछ हफ्ते ही दूर है। ईरान हमेशा से कहता रहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता। उसका कहना है कि परमाणु ऊर्जा का काम सिर्फ नागरिक ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए है। अमेरिका का सुझाव है ईरान खुद यूरेनियम संवर्धन करने के बजाय, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब जैसे अन्य देशों के साथ साझा व्यवस्था के जरिए इसे हासिल कर सकता है। इस तरह, ईरान खुद संवर्धन किए बिना भी ऊर्जा उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग कर सकता है। हालांकि, ईरान ने इस सुझाव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पिछले महीने, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी ईरान की परमाणु प्रोजेक्ट को एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया था।
ऑनर किलिंग केस में बड़ी कार्रवाई: 13 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
23 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक महिला और पुरुष की बेरहमी से हत्या किए जाने का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यह वारदात मई में बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के पास एक सुनसान इलाके में हुई थी। अब जब यह वीडियो सामने आया है, तो पूरे देश में आक्रोश फैल गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक ट्राइबल (कबीलाई) नेता भी शामिल है। यह हत्या ऑनर किलिंग यानी इज्जत के नाम पर की गई। स्थानीय जिरगा (कबीलाई पंचायत) ने फैसला सुनाया था कि महिला ने अपने परिवार और कबीले की मर्जी के खिलाफ एक पुरुष से संबंध रखकर परंपराओं का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर उसे मौत की सजा दी गई।
एयर ट्रैवलर्स के लिए खुशखबरी: इस्तांबुल एयरपोर्ट सबसे बेहतर, सुविधाएं बनीं निर्णायक
22 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंकारा: इनडोर झरने और हरियाली के लिए प्रसिद्ध सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट के नाम से सबसे अच्छा एयरपोर्ट होने का खिताब चला गया है। उससे यह खिताब तुर्की के इस्तांबुल शहर के एयरपोर्ट ने छीना है। इस्तांबुल हवाई अड्डे ने ट्रैवल+लेजर के 2025 वर्ल्ड्स बेस्ट अवार्ड्स में 98.57 स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया है। सिंगापुर का चांगी हवाई अड्डा इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर है। भारत का मुंबई एयरपोर्ट भी टॉप-10 में शामिल है। शीर्ष 10 में अरब और एशियाई हवाई अड्डों का दबदबा रहा है।
सिंगापुर का चांगी हवाई अड्डा दुनिया के सबसे ऊंचा इनडोर झरना और 6,00,000 पौधों की वजह से दुनिया का ध्यान खींचता है। हालांकि इस साल इस्तांबुल हवाई अड्डे ने अपनी बढ़ती वैश्विक कनेक्टिविटी, शानदार बुनियादी ढांचे और बेहतर यात्री अनुभव की बदौलत पहला स्थान पाया है। यूएई के दो एयरपोर्ट टॉप-5 में हैं।
2025 में दुनिया के 10 बेस्ट एयरपोर्ट
ट्रैवल+लेजर ने 10 सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डों की सूची मुसाफिरों के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की है। इन मुसाफिरों ने बताया कि कौन से हवाई अड्डे उनकी यात्रा के बाद लंबे समय तक उनके दिमाग में रहे। इसकी वजह ना सिर्फ सुगम परिवहन सुविधा थी बल्कि अच्छा भोजन, मनोरंजन और मनोरम दृश्य भी थे। इससे ये ऐसे गंतव्य बन गए, जहां जल्दी पहुंचना और फ्लाइट से उतरने के बाद देर तक रुकने में यात्रियों को मजा आया। दुनिया के 10 सबसे अच्छे एयरपोर्ट की लिस्ट।
इस्तांबुल हवाई अड्डा 98.57 के स्कोर के साथ पहले स्थान पर है।
सिंगापुर का चांगी हवाई अड्डा 95.20 स्कोर लेकर दूसरे स्थान पर है।
कतर का हमाद एयरपोर्ट 92.34 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर है।
अबुधाबी का जायद एयरपोर्ट 89.48 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर है।
दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा 88.38 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर है।
हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा 86.22 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर है।
हेलसिंकी-वांटा एयरपोर्ट, फिनलैंड 86.18 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर है।
टोक्यो का हानेडा हवाई अड्डा, टोक्यो 84.47 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर है।
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट 84.23 स्कोर के साथ नौवें स्थान पर है।
दक्षिण कोरिया के इंचियोन एयरपोर्ट को 83.67 स्कोर के साथ दसवां स्थान मिला है।
लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की होड़: अमेरिकी अपाचे भारी या चीनी Z-10ME? जानिए कौन किस पर पड़ा भारी
22 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनिया : अमेरिका से तीन AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टरों का पहला जत्था आज सुबह हिंडन एयरबेस पहुंचा। इन हेलीकॉप्टरों को एंटोनोव एएन-124 विमान के जरिए लाया गया। यह डिलीवरी अपने तय समय से 15 महीने की देरी से हुई है। इस बीच यह खबर भी आई है कि पाकिस्तान ने भी चीन निर्मित Z-10ME हमलावर हेलीकॉप्टरों को तैनात कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर भारत और पाकिस्तान में फिर कोई सैन्य झड़प होती है तो अपाचे और Z-10ME हेलीकॉप्टर आमने-सामने आ सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों ने इन लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को तब खरीदा है, जब दुनिया के कई देश इनसे मुंह मोड़ रहे हैं।
अपाचे दुनिया का बेहतरीन लड़ाकू हेलीकॉप्टर
अमेरिकी अपाचे AH-64E को दुनिया का सबसे बेहतरीन हमलावर हेलीकॉप्टर माना जाता है। भारतीय सेना ने मार्च 2024 में जोधपुर के नागतलाव में अपना पहला अपाचे रोटरी विंग विमान स्क्वाड्रन स्थापित किया। हालांकि, डिलीवरी में बार-बार देरी के कारण इस स्क्वाड्रन का संचालन बंद रहा। पहले तीन अपाचे हेलीकॉप्टरों का पहला बैच मई या जून 2024 तक आने की उम्मीद थी, लेकिन इसकी समयसीमा बढ़ती ही रही। अब भारत पहुंचे अपाचे हेलीकॉप्टरों के पहले बैच को 22 जुलाई को एक औपचारिक समारोह में सेना में शामिल कर लिया गया है। इन्हें पाकिस्तान की सीमा से सटे जोधपुर में तैनात किया जाएगा।
पाकिस्तान ने भी तैनात किया चीनी Z-10
इस बीच पाकिस्तान ने भी Z-10ME हेलीकॉप्टर को अपनी सेना में अनौपचारिक रूप से तैनात करना शुरू कर दिया है। चीन के Z-10ME को अमेरिकी अपाचे और रूसी Mi-28 "हैवॉक" हेलीकॉप्टरों को चुनौती देने के लिए डिजाइन किया गया है। इस हेलीकॉप्टर के शामिल होने से पाकिस्तानी सेना को भारत की मल्टीलेयर एयर डिफेंस और जमीन पर टैकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक बड़ी क्षमता प्राप्त होगी।
1120 किमी तक मार कर सकता है Z-10 हेलीकॉप्टर
पाकिस्तान पहले से पुराने AH-1F/S कोबरा हेलीकॉप्टर को ऑपरेट कर रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि नए चीनी Z-10ME हेलीकॉप्टर को इन्हीं कोबरा हेलीकॉप्टरों की जगह पर तैनात किया जाएगा। Z-10 हेलीकॉप्टर की मारक क्षमता 1,120 किलोमीटर है और खाली होने पर इसका वजन लगभग 5,100 किलोग्राम होता है। इसमें 23 मिलीमीटर कैलिबर की रिवॉल्वर पिस्तौल और चार बाहरी हार्डपॉइंट शामिल हैं जो हवा से जमीन, हवा से हवा और रॉकेट लॉन्चर रख सकते हैं।
अलग-अलग हथियारों से लैस हे Z-10 हेलीकॉप्टर
इस हेलीकॉप्टर पर 16 एंटी-टैंक मिसाइलें, चार मल्टीपल 7-बैरल रॉकेट लॉन्चर या दो मल्टीपल 32-बैरल रॉकेट लॉन्चर लगाए जा सकते हैं, जो विभिन्न मिशनों के लिए अलग-अलग संयोजनों का उपयोग करने की क्षमता रखते हैं। यह टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए मिसाइलें ले जा सकता है। उदाहरण के लिए, मिसाइलों का इस्तेमाल टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ किया जा सकता है, जबकि रॉकेट और तोपों का इस्तेमाल पैदल सैनिकों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
चीनी Z-10 की इतनी तारीफ क्यों कर रही दुनिया
Z-10 अपने उत्कृष्ट एरोडायनेमिक डिजाइन और घरेलू रूप से निर्मित इंजन के साथ-साथ अपनी बेहतरीन हैंडलिंग और चपलता के कारण यूरोकॉप्टर टाइगर जैसे अपने समकक्षों की तुलना में कई फायदे प्रदान करता है। चीन ने Z-10ME के निर्यात संस्करण में कई सुधार किए हैं। यह WZ-9G टर्बोशाफ्ट इंजन द्वारा संचालित है, जो पहले के WZ-9 इंजनों की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है। Z-10 के पुराने संस्करणों की तुलना में अन्य अपग्रेड बेहतर एवियोनिक्स हैं। इस प्रणाली में हेलमेट-माउंटेड साइट, लेज़र रेंजफाइंडर और रात में ऑपरेशन के लिए थर्मल इमेजिंग सेंसर हैं।
लेजर गाइडेड हथियारों से लैस चीनी Z-10
पाकिस्तान के सोशल मीडिया अकाउंट्स में लेजर हथियारों के होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालाँकि इन हेलीकॉप्टरों में कोई गाइडेड-एनर्जी वेपन (DEW) नहीं हैं, लेकिन Z-10ME कथित तौर पर लेजर-गाइडेड हथियारों से लैस है। कहा जाता है कि Z-10ME में ग्रैफीन-आधारित और सिरेमिक मिश्रित कवच पैनल हैं, जो पायलटों और इंजनों को छोटे हथियारों के हमले से सुरक्षा प्रदान करते हैं। ऊपर की ओर लगे एग्जॉस्ट नोजल हेलीकॉप्टर के इन्फ्रारेड सिग्नेचर को कम करते हैं, जिससे इन्फ्रारेड मिसाइल के लॉक-ऑन होने का खतरा कम हो जाता है।
अपाचे हेलीकॉप्टर क्यों खास हैं
अपाचे एक अमेरिकी अटैक हेलीकॉप्टर है जो अमेरिकी सेना के साथ-साथ कई अन्य देशों की सेनाओं द्वारा भी उपयोग किया जाता है। यह एक ट्विन-टर्बोशाफ्ट हेलीकॉप्टर है जिसमें दो लोगों के बैठने की जगह होती है और इसमें एक टेलव्हील-प्रकार का लैंडिंग गियर लगा होता है। अपाचे की मुख्य विशेषताओं में से एक इसकी उन्नत सेंसर और हथियार प्रणाली है। इसमें एक हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले, नाइट विजन सिस्टम और एक रडार भी लगा है, जो इसे अंधेरे और खराब मौसम में भी लक्ष्य को ढूंढने और उस पर हमला करने में सक्षम बनाता है। इसके अलावा, इसमें 30 मिमी की चेन गन, हेलफायर मिसाइलें और रॉकेट पॉड्स भी लगे होते हैं।
अपाचे मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर
अपाचे हेलीकॉप्टर 625 राउंड प्रति मिनट की रफ्तार से फायरिंग करता है। इसमें हाइड्रा 70 रॉकेट और AGM-114 हेलफायर मिसाइल सिस्टम भी लगा है। अपाचे हेलीकॉप्टर मल्टी टारगेटिंग क्षमता से लैस है, जो 1 मिनट में 16 लक्ष्यों को साधने की ताकत रखता है। यह 128 लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक भी कर सकता है। अपाचे हेलीकॉप्टर 280-365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हैं। अपाचे हेलीकॉप्टर में नाइट विजन, थर्मल सेंसर और उन्नत रडार जैसी उन्नत तकनीकें लगी हैं, जो इसे अंधेरे और खराब मौसम में भी सटीक हमला करने में सक्षम बनाती हैं। अपाचे एक मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर है जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमले करने में सक्षम है।
यूक्रेन की अर्थव्यवस्था जंग में घायल, प्रधानमंत्री ने IMF से मांगी अतिरिक्त राशि
22 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन रूस के सामने घुटने टेकने को तैयार नहीं है. रिपोर्ट किया कि यूक्रेन की नई प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको इंटरनेशनल मॉनिट्री फंड (IMF) से और ज्यादा धन की मांग करेंगी और नए वित्त पोषण के बारे में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से बात करेंगी. स्विरीडेंको ने एक इंटरव्यू में कहा, “अगर शुरुआती परिदृश्य यह मानता है कि युद्ध अगले साल तक जारी रहेगा, तो बहुत संभव है कि हमारे पास एक नया IMF प्रोग्राम होगा.”
अगर युद्ध अगले साल भी जारी रहता है, तो यूक्रेन को भारी पैसे की जरूरत होगी. यूक्रेन के रक्षा मंत्री डेनिस श्म्यहाल ने मंगलवार को कहा कि अगले साल रक्षा खर्च के लिए यूक्रेन को कम से कम 120 अरब डॉलर की जरूरत होगी. एक बयान में उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने सहयोगियों से 60 अरब डॉलर के वित्त पोषण की मांग कर रहा है और नाटो और यूरोपीय संघ के सदस्यों के साथ बातचीत जारी है.
कल शुरू होगा शांति वार्ता का एक और दौर
रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता के लिए एक और बैठक होने जा रही है. राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस के साथ शांति वार्ता के लिए यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व देश के पूर्व रक्षा मंत्री और सुरक्षा परिषद के वर्तमान सचिव रुस्तम उमरोव करेंगे. यह बैठक बुधवार को इस्तांबुल में उसी स्थान पर होने वाली है, जहां दोनों पक्षों के बीच पिछली वार्ता बीच में ही खत्म हो गई थी. क्रेमलिन ने कहा है कि उसे वार्ता में किसी ‘चमत्कारी सफलता’ की उम्मीद नहीं है.
ट्रंप की रूस को धमकी
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि यदि यूक्रेन के साथ 50 दिनों में युद्ध विराम समझौता नहीं हुआ तो रूस पर ‘कठोर’ प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे. अब देखना होगा इस बैठक में ट्रंप की धमकी का असर दिखाई देता है या नहीं.
ईरान के परमाणु बयान पर ट्रंप के तीखे तेवर, मीडिया को भी लगाई फटकार
22 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बयान पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पलटवार किया है। अपना एक बयान दोहराते हुए जहां ईरान को कड़े तेवर दिखाए, वहीं कई मीडिया हाउस को फटकार भी लगाई। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के परमाणु ठिकाने अमेरिका की बमबारी में पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं और अगर ईरान ने फिर से परमाणु संयंत्र शुरू किए या परमाणु बम बनाने की कोशिश की तो फिर से अमेरिका की ओर से हमले किए जाएंगे।
मीडिया हाउस के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि फर्जी खबरें फैलाने वाले न्यूज चैनल को तुरंत अपने फर्जी रिपोर्टर को बर्खास्त कर देना चाहिए। मुझसे और उन पायलटों से माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट कर दिया।
ईरान के विदेश मंत्री ने क्या कहा था?
बता दें कि अमेरिका के एक TV चैनल को दिए इंटरव्यू में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने माना है कि अमेरिका की बमबारी में उनके परमाणु संयंत्रों को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन वे अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेंगे। बता दें कि पहली बार ईरान की तरफ से हमले में हुए नुकसान की बात को स्वीकार किया गया है। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने उन सभी मीडिया हाउस को आइना दिखाया, जिन्होंने यह खबर दिखाई थी कि ईरान के परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी हमले से कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
अमेरिका ने किया था ईरान पर हमला
बता दें कि गत 12 जून को इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इजरायल ने हमला इसलिए किया था, क्योंकि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है। अमेरिका ने इजरायल के हमले का समर्थन किया था। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर हमला किया था। करीब 12 दिन दोनों देशों में जंग चली। अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार न बनाने का वादा करने और सीजफायर करने को कहा, लेकिन ईरान ने बात नहीं मानी।
इस बीच अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की। अमेरिकी सेना के हमले में ईरान के 3 बड़े परमाणु ठिकाने ध्वस्त हुए। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। फिर अमेरिका ने ईरान को धमकी दी कि अगर ईरान ने फिर से परमाणु कार्यक्रम शुरू किया या परमाणु हथियार बनाए तो अमेरिका फिर ईरान पर हमला करेगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर की मध्यस्थता से ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर करा दिया।
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