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दुनिया की दिशा में बदलाव, अमेरिका की गैरमौजूदगी बना कारण: CGTN सर्वे
26 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CGTN Survey America's Absence and Global Shifts : सीजीटीएन CGTN के हालिया सर्वेक्षण से पता चला है कि विश्व धीरे-धीरे अमेरिका की राजनीतिक और आर्थिक अनुपस्थिति (America's Absence) के अनुसार ढलने लगा है। वैश्विक शक्तियों (Global Politics Shift) के बीच नई साझेदारियां और रणनीतियां बन रही हैं, जिससे दुनिया की दिशा बदल रही है। वहीं अमेरिका की भूमिका कमजोर होने पर नई वैश्विक ताकतें उभर रही हैं और जैसे-जैसे अमेरिका का प्रभाव कम हो रहा है, वैसे-वैसे अन्य देशों की भूमिका मजबूत हो रही है। कई राष्ट्र अपनी नीतियों को अमेरिका की गैर मौजूदगी के अनुसार बदल रहे हैं ताकि वे नए वैश्विक माहौल (Rising Global Powers) में बेहतर तालमेल बैठा सकें।
वैश्विक राजनीति में नए समीकरण बन रहे
CGTN के सर्वे के अनुसार, अब दुनिया की राजनीति में अमेरिका के बिना भी कई अहम फैसले लिए जा रहे हैं। यह बदलाव कई देशों को अपनी विदेश नीति पुनः सोचने और नए सहयोग के रास्ते खोजने के लिए प्रेरित कर रहा है।
आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर हो रहे बदलाव
अमेरिका की अनुपस्थिति से व्यापार, सुरक्षा और रणनीति के क्षेत्र में भी बड़ा असर देखा जा रहा है। देश अब नए बाजारों और साझेदारों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वैश्विक आर्थिक संतुलन बदल रहा है।
अमेरिका की अनुपस्थिति पर दुनिया का नया रुख
हालिया CGTN सर्वेक्षण यह दर्शाता है कि दुनिया तेजी से अमेरिका की अनुपस्थिति के अनुकूल ढलने लगी है। जहां पहले अमेरिकी प्रभाव प्रमुख था, अब देशों ने अपनी नीति और आर्थिक दिशा में बदलाव किया है। इससे यह साफ होता है कि दुनिया का राजनीतिक परिदृश्य अब अमेरिका के प्रभाव से परे भी आकार ले रहा है।
अमेरिका के बिना दुनिया के बदलते समीकरण
जैसे-जैसे अमेरिका की भूमिका वैश्विक स्तर पर कम हो रही है, देशों ने नई साझेदारियाँ और रणनीतियाँ अपनाई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अमेरिका की अनुपस्थिति ने दुनिया के देशों को अपने कदम और भविष्य की दिशा पर पुनर्विचार करने का अवसर दिया है। वैश्विक राजनीति में यह बदलाव आने वाले समय में और गहरे हो सकते हैं।
नई ताकतों का उभरना: अमेरिका के बिना नया वैश्विक मंच
बहरहाल CGTN सर्वे में यह भी सामने आया है कि अमेरिका की अनुपस्थिति का फायदा अन्य देशों को हो रहा है। चीन, रूस, भारत जैसे देशों ने अपनी-अपनी ताकत बढ़ाई है, जिससे वे वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावी हो गए हैं। यह प्रवृत्ति संकेत करती है कि दुनिया एक नए बहुपक्षीय सिस्टम की ओर बढ़ रही है, जहां अमेरिका के बिना भी शक्ति संतुलन कायम रहेगा।
PM Modi को ‘अमला चाय’ पिलाने वाले अखिल की कहानी, करोड़ों व्यूज़ ने बना दिया हीरो
25 Jul, 2025 06:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। दोनों का एक दिलचस्प वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक भारतीय चायवाले के स्टाल से चाय पीते दिखाई दे रहे हैं। चाय पिलाने वाले शख्स की किस्मत रातोंरात पलट गई और अब वह एक स्टार चायवाला बन गया है। चाय के स्टाल पर पीएम मोदी और कीर स्टार्मर के बीच ‘चाय पर चर्चा’ हुई है।
पीएम मोदी जब ब्रिटेन गए, तो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास चेकर्स में एक चाय का स्टाल लगाया गया था। यहां पहुंचे पीएम मोदी और कीर स्टार्मर ने चाय पी और दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातें भी हुईं। चाय बेचने वाले अखिल पटेल ने दोनों का अपने स्टाल पर स्वागत किया और इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “चाय पर चर्चा।”
अखिल पटेल ने बताया कि हम आपको भारत की चाय पिलाने जा रहे हैं, जिसकी पत्ती असम से है, और मसाला केरल से है। इस पर पीएम मोदी ने कीर स्टार्मर से कहा कि यह भारत का टेस्ट है। अखिल पटेल ने पहले कीर स्टार्मर को चाय दी और फिर पीएम मोदी को चाय देने से पहले कहा, “एक चाय वाला, दूसरे चाय वाले को चाय पिला रहा है।” इस पर वहां मौजूद लोग ठहाके मार कर हंस पड़े।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और इसे मिहिर पांड्या ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इस वीडियो को महज 18 घंटे में 15 मिलियन (डेढ़ करोड़ से अधिक) लोग देख चुके हैं। पीएम मोदी और कीर स्टार्मर ने जब इस स्टाल पर चाय पी, तो मिहिर पांड्या भी चर्चाओं में आ गए। एक तरफ जहां उनके वीडियो को हजारों व्यूज मिलते थे, वहीं सिर्फ एक ही वीडियो को डेढ़ करोड़ से अधिक लोग देख चुके हैं।
कौन हैं अखिल पटेल?
अखिल पटेल ब्रिटेन में एक उद्यमी हैं। उन्होंने हैम्पस्टेड यूनिवर्सिटी कॉलेज स्कूल, लंदन से पढ़ाई की और फिर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) से बीएससी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद जब अखिल देश लौटे, तो वह साल 2018 में लद्दाख गए। यहाँ उनके दिमाग में उपजे एक विचार ने उन्हें लंदन में ‘चायवाला’ बना दिया।
साल 2019 में अखिल ने अपनी दादी द्वारा बनाई जाने वाली चाय से प्रेरित होकर ‘अमला चाय’ की स्थापना की। “घर जैसी चाय” स्लोगन से अपने ब्रांड को प्रमोट किया और अब लंदन में इनके 6 जगहों पर स्टॉल हैं।
ड्रेस कोड के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी, बांग्लादेश में विरोध के सुर तेज
25 Jul, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश में पुरुषों और महिलाओं के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया था, जिस पर विवाद छिड़ गया है। आदेश बैंक में काम करने वाले पुरुषों और महिलाओं के लिए जारी हुआ था, जिसे केंद्रीय बैंक ने जारी किया था, लेकिन ड्रेस कोड पर विवाद छिड़ने से केंद्रीय बैंक के कार्यकारी निदेशक और प्रवक्ता आरिफ हुसैन ने आदेश वापस ले लिया। केंद्रीय बैंक ने रातों-रात अध्यादेश पास करके ड्रेस कोड लागू किया था, लेकिन ड्रेस कोड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए।
क्या ड्रेस कोड हुआ था लागू?
केंद्रीय बैंक के आदेशानुसार, बैंक में काम करने वाली महिलाएं अब शॉटर्स, स्लीवलेस और लैगिंग्स नहीं पहनेंगी, बल्कि साड़ी, सलवार कमीज, सिर पर स्कार्फ, हिजाब और फॉर्मल शूज, सैंडल पहनकर ही ऑफिस आएंगी। वहीं पुरुष जींस और चिनो ट्राउजर नहीं पहनेंगे, बल्कि उन्हें फॉर्मल ड्रेस पहनकर बैंक आना होगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर केंद्रीय बैंक के निर्देशों का पालन नहीं किया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ड्रेस कोड संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने का आदेश भी बैंकों को दिया गया।
ड्रेस कोड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
वहीं ड्रेस कोड लागू होने से महिलाओं के कपड़ों पर प्रतिबंध लगा तो लोग भड़क गए। केंद्रीय बैंक के आदेश की सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना होने लगी। लोगों ने ड्रेस कोड वाले आदेश की तुलना अफगानिस्तान में तालिबान सरकार द्वारा महिलाओं के लिए जारी किए गए फरमानों से की। बांग्लादेश की सरकार की तानाशाही कहा गया, क्योंकि तालिबान सरकार ने अपने देश की महिलाओं के लिए फरमान जारी किया है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर सिर से पैर तक कपड़े पहनें। बांग्लादेश महिला परिषद की अध्यक्ष फौजिया मुस्लिम ने बांग्लादेश में इस तरह के निर्देश को अभूतपूर्व बताया।
वहीं विवाद बढ़ता देखकर केंद्रीय बैंक के प्रवक्ता आरिफ हुसैन खान ने ड्रेस कोड का आदेश वापस ले लिया और मीडिया ब्रीफिंग में स्पष्टीकरण दिया कि ड्रेस कोड को लेकर जारी सर्कुलर पूरी तरह से एक सलाह है। हिजाब या बुर्का पहनने को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
200 करोड़ की चंदा राशि पर उठे सवाल, फरीदाबाद में इनकम टैक्स की छानबीन
25 Jul, 2025 03:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: गलत तरीके से चंदे की रकम जुटाने की आशंका में सेंट्रल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की इन्वेस्टिगेशन विंग ने गुरुवार को राष्ट्रीय विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश प्रताप शर्मा के घर छापेमारी की। टीम सुबह साढ़े 6 बजे ही अशोका एन्क्लेव स्थित महेश के घर पर पहुंची। इसके साथ ही टीम उनके दफ्तर पर भी छापेमारी की गई। करीब 12 घंटे से अधिक चली जांच में टीम ने अपने कब्जे में मोबाइल, महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को ले लिया है, जिसकी फरेंसिक जांच कराई जाएगी। शुरुआती जांच में पता चला है कि राजनीतिक पार्टी ने अलग-अलग साल में करीब 200 करोड़ रुपये के चंदे की ट्रांजैक्शन दिखाई है जो गलत हो सकती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को आशंका है कि कहीं ये पैसा फर्जी स्त्रोत या हवाला के जरिये तो नहीं मंगाया गया। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है। छापेमारी टीम देर शाम तक जांच करती रही।
कार्यालय के कर्मचारियों से भी हुई पूछताछ
इनकम टैक्स टीम को सूचना थी कि राष्ट्रीय विकास पार्टी जो चंदा ले रही है, वह कहीं न कहीं फर्जी तरीके से लिया जा रहा है, क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि चंदे की रकम जिसके नाम दिखाई जाती है वह वास्तविक तौर पर मौजूद नहीं होता है। इसी सूचना पर इनकम टैक्स की टीम ने सुबह साढ़े 6 बजे अशोका एन्कलेव मेन स्थित पार्टी के कार्यालय पर छापा मारा। टीम ने कार्यालय पर पहुंचते ही सभी के मोबाइल कब्जे में ले लिए, ताकि कोई जानकारी लीक न हो सके। इस दौरान कार्यालय के कर्मचारियों से भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बातचीत की। कार्यालय में जरूरी दस्तावेज को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं दूसरी टीम ने उसी वक्त पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश प्रताप शर्मा के घर पर भी छापेमारी की। वहां से भी मोबाइल, लेपटॉप, जरूरी दस्तावेज को अपने कब्जे में लिया है।
CA के दिल्ली-मुबंई स्थित घरों में भी छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी केवल फरीदाबाद तक ही सीमित नहीं रही। पार्टी के चार्टर्ड अकाउंटेंट डीकेपी गांग और विनीत गांग के दिल्ली और मुंबई स्थित घरों तथा कार्यालयों पर भी एक साथ रेड की गई। टीम को इन ठिकानों से भी कई फाइलें और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सभी जब्त दस्तावेजों और उपकरणों की फरेंसिक जांच होगी। इस कार्रवाई को गोपनीय ढंग से अंजाम दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी पहले लीक न हो। अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और गहराई से की जा सकती है, क्योंकि मामला बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
जानिये कौन हैं महेश प्रताप शर्मा
जिस राष्ट्रीय विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश प्रताप शर्मा के घर व दफ्तर पर इनकम टैक्स की टीम ने छापेमारी की है वह 2024 के लोकसभा चुनाव में भी अपनी पार्टी की टिकट पर फरीदाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं।
बचपन पर हमला: पानीपत में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म, पुलिस जांच में जुटी
25 Jul, 2025 02:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत (हरियाणा)। पानीपत के थाना चांदनीबाग क्षेत्र की एक कॉलोनी में छह साल की बच्ची के साथ पड़ोस के ही एक युवक ने दुष्कर्म कर दिया। चार दिन में मासूम के साथ दुष्कर्म की यह दूसरी वारदात है। बच्ची की मांग का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले 30 वर्षीय युवक पर रविवार को दुष्कर्म किया है। आरोप हैं कि जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की। वीरवार को बच्ची के पेट में दर्द और रक्तस्राव हुआ तो मां ने अन्य पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद पड़ोसी वीरवार रात को बच्ची को लेकर तुरंत अस्पताल में पहुंचे और पुलिस को भी इसकी सूचना दी। बच्ची से दुष्कर्म की सूचना पर खलबली मच गई। तुरंत ही चांदनीबाग थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामला थाना चांदनीबाग क्षेत्र का है। मूल रूप से यूपी के बदायूं जिले की रहने वाली एक महिला ने बताया कि उनके छह बच्चे हैं। पांच बेटी और एक बेटा। तीन बच्चे पति के साथ बदायूं में रहते हैं। जबकि, तीन बच्चियों के साथ वह पानीपत में रहकर भीख मांगकर गुजरा करती है। फिलहाल वह एक कमरे के किराये में रहती है। उसी मकान में किराये पर एक युवक भी रहता है। महिला का आरोप है कि युवक ने रविवार को उसकी बेटी के साथ गलत काम किया था। बच्ची ने पेट में दर्द होने पर उसे बताया था। उसने युवक से बात की तो आरोपी युवक ने उसके साथ मारपीट की थी।
मंगलवार को वह किला थाने में पहुंची थी। लेकिन उसके साथ कोई नहीं था तो किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की। वीरवार शाम को बच्ची के पेट में तेज दर्द होने लगा और प्राइवेट पार्ट से रक्तस्राव शुरू हो गया। जब पड़ोसियों को इसकी जानकारी हुई तो वह बच्ची को लेकर थाना किला पहुंचे। पुलिस ने बच्ची को तुरंत नागरिक अस्पताल में भर्ती करा दिया। मामला चांदनीबाग थाना क्षेत्र का होने के कारण चांदनीबाग थाना पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी।
जांच में जुटी पुलिस
बच्ची से दुष्कर्म की सूचना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने नागरिक अस्पताल में पहुंचकर बच्ची की मां से जानकारी ली। इसके साथ ही एक टीम ने संदिग्ध युवक की तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उधर, बच्ची का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। चिकित्सकों ने बच्ची के सैंपल लेकर जांच को भेज दिए हैं।
अधिकारी के अनुसार
एक कॉलोनी की छह साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर आकर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें आगामी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -संदीप सिंह, प्रभारी, किला थाना पुलिस।
मौत या मर्डर? 50 फीट ऊंचाई पर लटका शव और बजता फोन बढ़ा रहा सवाल
25 Jul, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। बुधवार देर शाम हरियाणा के कैथल के ढांड क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब कौल से चूहड़माजरा की ओर जाने वाली सड़क पर नेशनल हाईवे 152-डी के पुल के पास एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला। युवक की जेब में रखा मोबाइल लगातार बजता रहा, जिससे राहगीरों का ध्यान शव की ओर गया। सूचना मिलते ही पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। सब-इंस्पेक्टर जोगिंद्र ने बताया कि मृतक की जेब से मोबाइल फोन और पर्स बरामद हुआ, जिसमें मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान गांव फरल निवासी गुरमीत सिंह (उम्र करीब 26 वर्ष) के रूप में की गई। पुलिस ने मोबाइल के जरिए परिजनों को सूचना दी।
50 फीट ऊंचाई पर झूलता मिला शव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक का शव पेड़ से करीब 50 फीट ऊंचाई पर रस्सी के फंदे पर झूल रहा था। मोबाइल की घंटी बजने से ही राहगीरों ने उसे देखा और पुलिस को जानकारी दी।
परिजनों को आत्महत्या का कारण नहीं पता
गुरमीत के पिता राजकुमार ने बताया कि घर में किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ था और बेटे ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया, इसका उन्हें कोई अंदाजा नहीं है।
4धार्मिक प्रवृत्ति का था युवक, मंदिर में किया था जलाभिषेक
गांववालों और दोस्तों के मुताबिक गुरमीत एक मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति का युवक था। बुधवार सुबह वह अपने दोस्तों के साथ अरुणाय शिवधाम मंदिर गया था, जहां उसने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया था। गुरमीत चार बहनों का इकलौता भाई था और गांव में उसकी एक लैब थी। उसकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
बिना नदियों के भी समृद्ध जीवन जी रहे हैं ये 8 देश
25 Jul, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । नदियाँ जीवन का आधार मानी जाती हैं, लेकिन दुनिया में कुछ देश हैं जहाँ एक भी नदी नहीं बहती, फिर भी वे अपनी तकनीकी प्रगति और कुशल जल प्रबंधन के दम पर खुशहाल और समृद्ध जीवन जी रहे हैं। ये देश दर्शाते हैं कि प्राकृतिक संसाधनों की कमी को आधुनिक तकनीकों और बेहतरीन योजना से कैसे दूर किया जा सकता है।
सऊदी अरब: यह रेगिस्तानी देश दुनिया के सबसे शुष्क क्षेत्रों में से एक है. यहाँ नदियाँ नहीं हैं, लेकिन समुद्री जल को विलवणीकरण के ज़रिए पीने योग्य बनाया जाता है। इसके अलावा, भूजल और रिसाइकिल किए गए पानी का भी उपयोग होता है।
कतर: बेहद गर्म और शुष्क जलवायु वाला यह देश अपनी पानी की आपूर्ति के लिए मुख्य रूप से विलवणीकरण संयंत्रों पर निर्भर करता है। कतर सरकार ने पानी बचाने के लिए सख्त कानून बनाए हैं और पानी की बर्बादी पर जुर्माना भी लगाया जाता है।
संयुक्त अरब अमीरात: दुबई और अबू धाबी जैसे आधुनिक शहरों वाला यह देश भी बिना किसी नदी के जीवन जी रहा है। यहाँ रिसाइकिल और ट्रीटेड पानी का उपयोग खेती और उद्योगों में किया जाता है।
कुवैत: कुवैत में बारिश बेहद कम होती है और कोई स्थायी नदी नहीं है। यह देश अपनी जल जरूरतों को पूरा करने के लिए समुद्री जल को मीठा बनाकर उपयोग करता है।
वेटिकन सिटी: दुनिया का सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी भी नदीविहीन है। यहाँ की जल आपूर्ति पड़ोसी देश इटली से पाइपलाइनों के ज़रिए की जाती है।
ओमान: ओमान में कोई स्थायी नदी नहीं है, हालांकि बरसात के मौसम में कुछ अस्थायी जलधाराएं बहती हैं। ओमान भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए विलवणीकरण, भूजल और जल संरक्षण तकनीकों का उपयोग करता है।
बहरीन: एक द्वीपीय देश होने के कारण बहरीन में नदियां नहीं हैं। पानी की आपूर्ति के लिए यह देश विलवणीकरण और सीमित भूजल स्रोतों पर निर्भर करता है।
मालदीव: यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बारिश के पानी और विलवणीकरण पर आधारित है। यहाँ की मिट्टी छिद्रपूर्ण होने के कारण कोई स्थायी नदी नहीं बन पाती।
ये सभी देश इस बात का प्रमाण हैं कि जल संसाधनों के अभाव के बावजूद, तकनीकी प्रगति और दूरदर्शी प्रबंधन से विकास और समृद्धि हासिल की जा सकती है।
एक ही जेंडर के बच्चे होने की प्रवृत्ति कुछ हद तक विज्ञान से जुड़ी हो सकती है
25 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हार्वर्ड । हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 1956 से 2015 के बीच जन्मी 58,000 से ज्यादा महिला नर्सों के जन्म रिकॉर्ड का विश्लेषण कर यह समझने की कोशिश की कि क्या एक ही जेंडर के बच्चों का लगातार जन्म वास्तव में महज संयोग है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, यह अध्ययन बताता है कि जिन परिवारों में केवल दो बच्चे होते हैं, उनमें लड़का और लड़की दोनों के होने की संभावना सबसे अधिक होती है, जिससे एक तरह का संतुलन बना रहता है। लेकिन जब किसी परिवार में तीन या उससे अधिक बच्चे होते हैं, तो यहां पैटर्न बदलने लगता है। अध्ययन में पाया गया कि जिन परिवारों में पहले तीन लड़के हैं, उनमें चौथा बच्चा भी लड़का होने की संभावना 61 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। वहीं, अगर पहले तीन बच्चियां हैं, तो चौथी संतान के भी लड़की होने की संभावना 58 प्रतिशत पाई गई। इसका मतलब है कि एक ही जेंडर के बच्चे होने की प्रवृत्ति कुछ हद तक विज्ञान से जुड़ी हो सकती है। अब तक माना जाता था कि हर गर्भावस्था में लड़का या लड़की होने की संभावना बराबर यानी 50-50 होती है, लेकिन हार्वर्ड की इस रिसर्च ने इस मान्यता को चुनौती दी है।
अध्ययन से जुड़े डॉ. अलेक्स पोलियाकोव के अनुसार, डॉक्टरों को अब यह समझाना चाहिए कि अगर पहले से एक ही जेंडर के बच्चे हैं, तो अगली बार दूसरे जेंडर का बच्चा होने की संभावना 50 प्रतिशत से भी कम हो सकती है। इस अध्ययन में यह भी देखा गया कि जो महिलाएं 29 साल या उससे अधिक उम्र में पहली बार मां बनीं, उनके बच्चों का जेंडर एक समान होने की संभावना 13 प्रतिशत ज्यादा रही, उनकी तुलना में जो महिलाएं 23 साल से पहले मां बनी थीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में रासायनिक बदलाव, खासतौर पर वजाइना का पीएच लेवल, कुछ विशेष प्रकार के स्पर्म को अंडाणु तक पहुंचने में मदद कर सकता है।
हालांकि यह अध्ययन माताओं पर केंद्रित था, लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि पिता की जैविक विशेषताओं का भी इसमें योगदान हो सकता है। यह रिसर्च अभी एक शुरुआत है और भविष्य में इस विषय पर और गहन अध्ययन किए जाएंगे। मालूम हो कि बच्चों को प्रकृति का सबसे खूबसूरत वरदान माना जाता है। हर दिन लाखों बच्चे जन्म लेते हैं कभी किसी घर में लड़का तो कभी लड़की। कई परिवारों में ऐसा देखा जाता है कि एक के बाद एक सिर्फ लड़के या सिर्फ लड़कियां ही जन्म लेती हैं। लोग अक्सर इसे किस्मत या ईश्वर की मर्जी मानते हैं, लेकिन अब विज्ञान ने इस रहस्य से थोड़ा पर्दा उठाया है।
कैंसर वैक्सीन का चूहों पर परीक्षण रहा सफल, अब इंसानों पर जल्द होगा ट्रायल
25 Jul, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन,। कैंसर जैसी घातक बीमारी के सफल इलाज की दिशा में वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता हासिल हो गई है। दरअसल अमेरिका के फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एमआरएनए तकनीक पर आधारित एक नई कैंसर वैक्सीन विकसित की है, जिसने चूहों पर किए गए परीक्षण में अत्यंत प्रभावी परिणाम दिए हैं। अब इस वैक्सीन को इंसानों पर आजमाने की तैयारी की जा रही है।
इस संबंध में किए गए शोध की रिपोर्ट एक जर्नल में प्रकाशित की गई, जिसके अध्ययन के अनुसार, इस एमआरएनए वैक्सीन को इम्यूनोथेरेपी की दवाओं के साथ मिलाकर उपयोग किया गया, जिससे चूहों के शरीर में ट्यूमर के खिलाफ मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित हुई। खास बात यह रही कि यह वैक्सीन किसी एक खास ट्यूमर प्रोटीन को निशाना नहीं बनाती, बल्कि विस्तृत इम्यून रेस्पॉन्स उत्पन्न करती है। यूएफ हेल्थ के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एलियास सायूर के हवाले से बताया गया है, कि यह वैक्सीन सभी प्रकार के कैंसर के खिलाफ एक जैसी इम्यून प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है। अगर इंसानों में भी यही प्रभाव दिखाई देता है, तो इससे कैंसर का इलाज बिना सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन के भी संभव हो सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वैक्सीन भविष्य में ‘यूनिवर्सल कैंसर वैक्सीन’ बन सकती है। यह मौजूदा तरीकों से अलग है, जिसमें या तो आम ट्यूमर लक्ष्यों पर फोकस किया जाता है या मरीज-विशिष्ट टीका तैयार किया जाता है। यह वैक्सीन व्यापक और स्थायी समाधान का मार्ग खोलती है।
इससे पहले इसी टीम ने ग्लियोब्लास्टोमा नामक मस्तिष्क ट्यूमर पर इस तकनीक से उत्साहजनक परिणाम प्राप्त किए थे। अब वैज्ञानिकों की योजना इस वैक्सीन का मानव परीक्षण जल्द शुरू करने की है। अगर प्रयास सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में यह वैक्सीन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लाखों लोगों को राहत प्रदान करने में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकती है।
साबित हो गया...कई मामलों में पुतिन का एसयू-57, ट्रंप के एफ-22 से ज्यादा ताकतवर
25 Jul, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एसयू-57 को पश्चिमी देशों के जानकार कबाड़ बताते रहे हैं। कई जानकार उसकी तुलना अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एफ-35 से करते रहे हैं। हालांकि ये तुलना बनती नहीं है, क्योंकि दोनों लड़ाकू विमानों को अलग अलग मकसदों के साथ डिजाइन किया गया है। एफ-35 को अमेरिका ने हमला करने वाला लड़ाकू विमान बनाया है। जबकि एसयू-57 को डिफेंस के लिए बना है। लेकिन एसयू-57 ने हाल ही में अमेरिका के एक और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एफ-22 को पछाड़ दिया है। अमेरिका का एफ-22 रैप्टर और रूस का एसयू-57 फेलॉन, दोनों पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं।
एसयू-57 को पश्चिमी देशों के रक्षा जानकार ने हमेशा कम करके आंका है। बीते दिनों जब चर्चा चल रही थी कि भारत को एसयू-57 खरीदना चाहिए अमेरिकी एफ-35 खरीदना चाहिए, इस दौरान पश्चिमी देशों के जानकार ने रूसी विमान की काफी बुराई की थी। लेकिन अब पता चला है कि कई सेक्टर में रूसी विमान ने अमेरिकी एफ-22 को पछाड़ दिया है। विश्लेषण बताता हैं कि मैसिव ऑफेंसिव ऑपरेशन, यानि बड़े पैमाने पर हमला करने की जो क्षमता रूसी लड़ाकू विमानों में है, वहा ताकत अमेरिका के एफ-22 रैप्टर में नहीं है।
अमेरिका ने 1980 के दशक में तत्कालीन सोवियत संघ के एमआईजी-29 और एसयू-27 जैसे लड़ाकू विमानों से मुकाबला करने के लिए एफ-22 लड़ाकू विमान की नींव रखी थी। लॉकहीड मार्टिन ने साल 2005 में एफ-22 बनाकर अमेरिकी वायुसेना को सौंपा था। इस लड़ाकू विमान को बनाने का मकसद हवा में वर्चस्व स्थापित करने के साथ दुश्मनों के रडार को चकमा देना, सटीक हमला करना और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर को अंजाम देना था। जबकि रूस ने साल 2002 में एसयू-57 बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था। एसयू-57 प्रोग्राम के तहत रूस को एक ऐसा विमान बनाना था, जिसमें स्टील्थ क्षमता होने के साथ साथ भारी मात्रा में हथियार लेकर एक जगह से दूसरे जगह जाना हो। इसके अलावा विमान से यूएवी से जैसे सहयोगी प्लेटफॉर्म को भी ऑपरेट किया जा सके।
लेकिन इस कमजोरी को कम करने के लिए रूस ने इंफ्रारेड सिग्नेचर में कमी की, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और मल्टी-स्पेक्ट्रल कन्फ्यूजन जैसे अन्य टेक्नोलॉजी को शामिल किया। इसके अलावा एफ-22 बिना आफ्टरबर्नर के मैंक1.82 की स्पीड तक पहुंच सकता है, जिससे ईंधन की बचत होती है और रेंज बढ़ती है। लेकिन आक्रामक क्षमता और हथियार लोड के मामले में रूसी विमान का कोई मुकाबला नहीं है।
एसयू-57 लड़ाकू विमान में छह इंटरनल हार्डपॉइंट्स हैं, जो आठ मिसाइल या बम ले जा सकते हैं। इसके अलावा इसमें छह एक्सटर्नल हार्डपॉइंट्स भी उपलब्ध हैं, जिससे इसकी टोटल फायरपावर काफी ज्यादा हो जाती है। हालांकि इससे स्टील्थ क्षमता पर असर पड़ता है, लेकिन बड़े पैमाने पर हमले की स्थिति में यह एक रणनीतिक लाभ बनता है। एसयू-57 के पास आर-77 एम जैसे एयर-टू-एयर मिसाइल हैं जो करीब 190 किमी दूर के लक्ष्य को भेद सकते हैं। एसयू-57 का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें यूएवी और ड्रोन ऑपरेशन्स के साथ इंटीग्रेशन किया जा सकता है। और स्वार्म ऑपरेशन में भी इसके पास काफी ज्यादा ऑपरेशनल शक्ति है। जबकि एफ-22 की एक बड़ी कमजोरी यह है कि उसका सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर बंद है, यानि इसमें नई टेक्नोलॉजी को शामिल करना अत्यंत मुश्किल और काफी ज्यादा खर्चीला होता है। जबकि एसयू-57 का डिजाइन ज्यादा फ्लेक्सिबल और अपग्रेडेबल है, जिससे भविष्य में उसे मॉडर्न टेक्नोलॉजी जैसे एआई ड्रिवन मिशन कंप्यूटर या हाइपरसोनिक हथियारों से जोड़ा जा सकता है।
तेज रफ्तार और गलत पासिंग का अंजाम – हरियाणा में सड़क हादसे में एक की मौत
24 Jul, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा: पूंडरी में नेशनल हाईवे 152-डी पर बुधवार देर रात को एक सड़क हादसा हो गया। चंडीगढ़ से नारनौल जा रहे महेंद्रगढ़ के गांव नावा के तीन युवकों की कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे में दो फौजी घायल हो गए। हादसा तब हुआ जब कार सवार साइड में जा रहे एक ट्रक को क्रॉस करने की कोशिश कर रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक चालक की स्थिति भी गंभीर है।
हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। पुलिस पेट्रोलिंग टीम के अनुसार कार में सवार तीन लोगों में से दो फौजी थे। ट्रक माल लेकर जा रहा था। अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूंडरी थाना एसएचओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल दो घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फतेहाबाद में साइबर ब्लैकमेलिंग का अंत, दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट से 5 साल की सजा
24 Jul, 2025 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद (हरियाणा)। फतेहाबाद की फास्ट ट्रैक कोर्ट (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने एम मामले में निर्णय सुनाते हुए अश्लील वीडियो बनाकर युवती को ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल ने बताया कि पुलिस की तत्परता व सूझबूझ से एकत्रित साक्ष्य, और अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील जगसीर सिंह द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के चलते पीड़िता को न्याय और आरोपी को सजा दिलवाने में सफलता मिली है।
पहले की दोस्ती, फिर किया ब्लैकमेल
पीड़िता ने साइबर थाना फतेहाबाद में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसी के गांव का निवासी रणजीत कुमार ने पहले उससे मित्रता की, फिर उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 376(2)(एन), 506 भारतीय दंड संहिता तथा 66ई व 67ए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की। लेकिन न्यायालय में धारा 376(2)(एन) के आरोप सिद्ध नहीं हो सके, शेष धाराओं के अंतर्गत आरोपी दोषी सिद्ध हुआ।
निरीक्षक अरुणा एवं उनकी टीम ने पीड़िता के बयानों के आधार पर गहनता से जांच कर आरोपी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य जुटाए और 17 फरवरी 2023 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस द्वारा चार्जशीट 20 मार्च 2023 को तैयार कर 27 मार्च 2023 को अदालत में दाखिल की गई थी।
थाईलैंड ने की जवाबी कार्रवाई, कंबोडिया के सैन्य ठिकाने पर हमला
24 Jul, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UNSC से आपात बैठक की मांग, अंतरराष्ट्रीय चिंता गहराई
बैंकॉक/प्नोम पेन्ह – थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है। थाईलैंड ने अपने क्षेत्र में भारी गोलीबारी और रॉकेट हमलों के जवाब में एफ-16 लड़ाकू विमानों से कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। थाई सेना की उप प्रवक्ता ऋचा सुक्सुवानन के अनुसार, यह कार्रवाई योजनाबद्ध थी और आत्मरक्षा के तहत की गई। इस हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
प्रीह विहार मंदिर बना विवाद की जड़
यह संघर्ष प्रीह विहार मंदिर के पुराने विवाद से जुड़ा है। 12वीं सदी के इस हिंदू मंदिर को 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने कंबोडिया का हिस्सा घोषित किया था, लेकिन थाईलैंड के कुछ राष्ट्रवादी गुट इसे आज भी मान्यता नहीं देते। इसी कारणवश 2008, 2011 के बाद अब 2025 में एक बार फिर दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें हुई हैं।
नागरिक क्षेत्र भी बने निशाना
थाईलैंड का दावा है कि कंबोडियाई सैनिकों ने उसके सैन्य अड्डे और एक अस्पताल को भी निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई में थाई लड़ाकू विमानों ने कंबोडियाई क्षेत्र में एक सैन्य ठिकाना ध्वस्त कर दिया। इससे यह संघर्ष केवल सैन्य सीमाओं तक सीमित न रहकर आम नागरिकों की जान-माल को भी प्रभावित कर रहा है।
कूटनीतिक रिश्तों में गिरावट
घटना के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को निष्कासित कर दिया है। थाईलैंड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो उसकी जवाबी रणनीति और आक्रामक होगी। इस क्षेत्रीय तनाव का असर ASEAN देशों की स्थिरता पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UNSC की आपात बैठक की मांग की जा रही है।
बारूदी सुरंगों से नई चिंता
संघर्ष के बीच बारूदी सुरंगों का मुद्दा भी सामने आया है। थाईलैंड ने हालिया सुरंगों को सैनिकों के घायल होने का कारण बताया, जबकि कंबोडिया का दावा है कि ये विस्फोट पुरानी सुरंगों से हुए। इससे सीमा क्षेत्र में दीर्घकालिक खतरा गहराता दिख रहा है।
कंबोडिया की सख्त प्रतिक्रिया
कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट ने देश को सशस्त्र जवाब देने के लिए तैयार रहने को कहा है और सैन्य भर्ती दोबारा शुरू करने का आदेश दिया है। यह संकेत है कि यह संघर्ष अब केवल सीमित झड़प न रहकर, एक दीर्घकालिक रणनीतिक टकराव में बदल सकता है।
लाड़ो लक्ष्मी योजना से बेटियों को मिलेगा संबल, ₹2100 होंगे खातों में जमा
24 Jul, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा की नायब सैनी सरकार जल्द ही अपना एक चुनाव वादा पूरा करने जा रही है। विधानसभा चुनावों से पहले किए गए वादे के तहत, राज्य सरकार अब ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर 9 अगस्त को करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को प्रति माह 2100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100-2100 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। हालांकि, 9 महीने बीत जाने के बाद भी योजना शुरू नहीं हो पाई थी, जिससे महिलाओं में असमंजस की स्थिति थी। लेकिन अब सरकार के इस निर्णय से उम्मीद की जा रही है कि लाखों महिलाओं को आर्थिक राहत और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा।
सरकार के मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट
हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने इस योजना पर पड़ा अपडेट देते हुए बताया कि इसे चार चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मंत्री बेदी के अनुसार, पहले फेज में उन महिलाओं को शामिल किया जाएगा जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है। इस चरण में लगभग 50 लाख महिलाओं को हर माह 2100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा सकती है। सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पोर्टल तैयार करवा रही सरकार, जल्द शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन
सरकार इस योजना के रजिस्ट्रेशन के लिए एक पोर्टल तैयार करवा रही है। जैसे ही पोर्टल लॉन्च होगा, पात्र महिलाएं योजना में आवेदन कर सकेंगी। योजना की फाइनल रिपोर्ट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है और संभावना जताई जा रही है कि इसकी अधिकारिक घोषणा रक्षाबंधन के दिन की जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने पहले बजट में ही ' लाडो लक्ष्मी योजना ' के लिए 5000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। यह राशि योजना को सुचारू रूप से लागू करने और महिलाओं को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
सरकारी मकान का बकाया: किरण खेर को भेजा गया ₹12.76 लाख का नोटिस
24 Jul, 2025 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरण खेर को सरकारी आवास के किराये के बकाया को लेकर नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस चंडीगढ़ प्रशासन के सहायक नियंत्रक (वित्त और नियंत्रक) किराया कार्यालय की ओर से भेजा गया है, जिसमें किरण खेर को कुल 12.76 लाख रुपये की राशि तत्काल जमा करने को कहा गया है। यह राशि सरकारी आवास के लाइसेंस शुल्क, जुर्माना, ब्याज और अन्य शुल्कों को मिलाकर बनी है। जानकारी के अनुसार, किरण खेर वर्ष 2014 और 2019 में चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। सांसद रहने के दौरान उन्होंने सेक्टर-7 स्थित टी-6/23 सरकारी आवास में निवास किया था।
किरण खेर ने खाली नहीं किया आवास
यह आवास अब विवाद का कारण बन गया है, क्योंकि खेर ने तय अवधि के बाद भी आवास खाली नहीं किया और निर्धारित लाइसेंस शुल्क का भुगतान भी समय पर नहीं किया। नोटिस के अनुसार, जुलाई 2023 से 5 अक्टूबर 2024 तक की अवधि के लिए मात्र 5,725 रुपये लाइसेंस शुल्क बकाया है, लेकिन इसके बाद की अवधि के लिए जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है। 6 अक्टूबर 2024 से 5 जनवरी 2025 तक की अवधि को ‘अनधिकृत कब्जा’ माना गया है और इस पर 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, जिसकी राशि 3.64 लाख रुपये है।
बकाया राशि 12.76 लाख रुपये हो गई
वहीं, 6 जनवरी से 12 अप्रैल 2025 तक की अवधि को और भी गंभीर उल्लंघन मानते हुए 200 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, जो 8.20 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के रूप में 26,106 रुपये और अन्य प्रशासनिक शुल्कों के रूप में 59,680 रुपये जोड़े गए हैं। इस तरह कुल बकाया राशि 12.76 लाख रुपये हो गई है। प्रशासन ने किरण खेर को निर्देश दिया है कि वह यह राशि डिमांड ड्राफ्ट या बैंक ट्रांसफर के माध्यम से जल्द से जल्द जमा करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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