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बहादुरगढ़ में मकान ब्लास्ट, महिला और दो बच्चों सहित 4 की जलकर मौत, जांच शुरू
24 Mar, 2025 07:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के झज्जर में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां बहादुरगढ़ में शनिवार को एक मकान में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद मकान में आग लग गई. इस घटना में चार लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई. मरने वालों में एक महिला, एक पुरुष और दो बच्चे बताए जा रहे हैं, जो एक ही परिवार के सदस्य थे. यही नहीं हादसे में एक शख्स गंभीर रूप से घायल भी हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घायल शख्स का रोहतक के पीजीआई अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ये घटना शनिवार 6:30 बजे के करीब की है, जहां मकान में जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई. आग लगने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. तुरंत दमकल विभाग को जानकारी दी गई. दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग को काबू में किया गया.
AC के कंप्रेसर फटने से हुआ हादसा?
मकान में लगी आग में चार लोग झुलस गए, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई. चारों के शव बरामद किए हैं. इनमें दो 10 साल के बच्चे थे, एक महिला और पुरुष शामिल था. बताया जा रहा है कि ये हादसा एयर कंडीशनर (AC) के कंप्रेसर फटने की वजह से हुआ है. हालांकि अभी ऐसी आशंका जताई जा रही है, लेकिन हादसे की असल वजह सामने नहीं आई है. मौके पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंची और घटना वाली जगह से सैंपल जुटाए. घायल शख्स का नाम हरिपाल सिंह बताया जा रहा है. पुलिस ने ये भी बताया कि घर में मौजूद एयर कंडीशनर डैमेज हालत में मिला है. अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. इस मामले की जांच जा रही है.
एक परिवार के सदस्य थे चारों मृतक
बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा, “यह सिलेंडर ब्लास्ट नहीं है. यह धमाका बेडरूम के अंदर हुआ है. ब्लास्ट से पूरा घर प्रभावित हुआ है. चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. चारों मृतक परिवार के सदस्य थे. फोरेंसिक टीम ब्लास्ट के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. सिलेंडर सही सलामत है, लेकिन हम अभी भी साफतौर पर नहीं कह सकते कि ये हादसा एसी ब्लास्ट की वजह से हुआ. पहले जांच की जाएगी. तब असल कारण का पता चलेगा.”
बीजिंग में भारतीय दूतावास का वसंत मेला, 4000 से अधिक चीनी लोगों ने लिया हिस्सा
24 Mar, 2025 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीते दिनों चीन की राजधानी बीजिंग में वसंत मेले का आयोजन किया गया. इसमें चार हजार से चीनी लोगों ने शिरकत की. भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित यह मेला दोनों देशों के बीच रिश्तों की एक नई शुरुआत का प्रतीक बन गया. चार साल की ठंडक के बाद खासकर 2020 में लद्दाख की हिंसक झड़प के बाद दोनों देश अब अपने संबंधों को बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं. इस मेले में भारतीय संस्कृति की शानदार झलक दिखी. कई तरह के शास्त्रीय नृत्य जैसे भरतनाट्यम और कथक हुए, जिन्हें ज्यादातर चीन के कलाकारों ने पेश किया. भारतीय खाने, हस्तशिल्प, आर्टिफिशियल गहने और कपड़ों के स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने.
इस आयोजन में भारत-चीन की दोस्ती साफ नजर आई. इसमें चीन के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल लियू जिंसॉन्ग भी शामिल हुए. भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने उनका और भारी संख्या में आए चीनी लोगों का स्वागत किया. रावत ने कहा कि वसंत नई शुरुआत और रिश्तों को मजबूत करने का समय है. यह मेला उस वक्त हुआ, जब पिछले साल अक्टूबर में रूस के कजान में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी. इस मुलाकात ने रिश्तों में चार साल से जमीं बर्फ को पिघलाने का काम किया है. इसके बाद दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई हाईलेवल मीटिंग हुई.
पीएम मोदी की उम्मीदें
हाल ही में एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन रिश्तों पर सकारात्मक बातें कहीं. उन्होंने कहा कि सीमा पर हालात सामान्य हो गए हैं और दोनों देशों को अपने रिश्ते मजबूत करने चाहिए. यह बयान इसलिए खास है क्योंकि 2020 में लद्दाख की झड़प ने दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ा दिया था. चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मोदी के बयान की तारीफ की और कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता में भागीदार बनना चाहिए. हाल के दिनों में रिश्तों में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं, जिन्हें दूर करने के लिए मेहनत जरूरी है.
सहयोग के क्षेत्र और चुनौतियां
भारत और चीन के बीच कई सकारात्मक पहलू हैं. व्यापार इनमें सबसे अहम है. लद्दाख झड़प के बाद भी चीन, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहा. दोनों देश ब्रिक्स और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक जैसे संगठनों में साथ काम करते हैं. वे गैर-पश्चिमी आर्थिक मॉडल, आतंकवाद से लड़ाई और अमेरिकी नीतियों का विरोध करने में भी एक राय रखते हैं. लद्दाख की घटना के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच बातचीत जारी रही. इसके बाद अक्टूबर में सीमा पर गश्त का समझौता हुआ. उसी महीने मोदी और शी जिनपिंग ने ब्रिक्स सम्मेलन में मुलाकात की और सहयोग बढ़ाने का वादा किया. जनवरी में दोनों देशों ने सीधी उड़ानें शुरू करने पर भी सहमति जताई.
रिश्तों में मुश्किलें
लेकिन रिश्तों में मुश्किलें भी कम नहीं हैं. भारत का अमेरिका और चीन का पाकिस्तान के साथ करीबी रिश्ता तनाव का कारण है. चीन कश्मीर में भारत की नीतियों का विरोध करता है और भारत को न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप व यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में स्थायी सदस्यता से रोकता है. चीन का नौसैनिक प्रभाव और उसका विदेशी सैन्य अड्डा भारत के समुद्री क्षेत्र में है. बेल्ट एंड रोड पहल को भारत ने खारिज कर दिया था. वहीं भारत भी ताइवान और दलाई लामा के साथ रिश्ते मजबूत कर रहा है, जिन्हें चीन अलगाववादी मानता है.
भविष्य के संकेत और वैश्विक हालात
रिश्तों का भविष्य कुछ अहम संकेतों पर टिका है. सीमा वार्ता सबसे बड़ा मुद्दा है. 2,100 मील लंबी सीमा का 50,000 वर्ग मील हिस्सा अभी भी विवादित है. पिछले साल का गश्त समझौता भरोसा बढ़ाने में मददगार था. मोदी और शी की मुलाकातें खासकर ब्रिक्स, जी20 और शंघाई सहयोग संगठन के सम्मेलनों में, रिश्तों को गति दे सकती हैं. क्षेत्रीय और वैश्विक बदलाव भी प्रभाव डालेंगे. भारत के पड़ोसी देशों में नए नेता हैं, जो चीन के करीब हैं, लेकिन भारत के साथ संतुलन बनाए हुए हैं. अगर चीन रूस के साथ साझेदारी कम करे, तो यह भारत-चीन रिश्तों के लिए अच्छा होगा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां भी मायने रखती हैं. अगर वे चीन के साथ तनाव कम करते हैं और भारत को लगता है कि अमेरिका उसकी मदद नहीं करेगा, तो भारत चीन के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश करेगा.
रूस-अमेरिका के बीच बढ़ी मित्रता, पुतिन ने ट्रंप के लिए की प्रार्थना
24 Mar, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस और अमेरिका की दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है. दोनों ही देश एक दूसरे से कूटनीति लड़ाई लड़ते रहे हैं. रूस ने कभी अमेरिका को सुपरपावर नहीं माना और हमेशा से उसे चुनौती दी है, लेकिन ट्रंप के आने के बाद स्थिति बदलती दिख रही है. यूक्रेन को युद्ध के खात्मे के ट्रंप के प्रयासों के तहत अमेरिका रूस के बीच सीधे बातचीत हुई है. हाल ही में अमेरिका के विशेष दूत के बयान से पुतिन और ट्रंप की दोस्ती सबसे सामने आ गई है.
अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के मुताबिक 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान हत्या के प्रयास के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप के लिए दुआ की थी. टकर कार्लसन के पॉडकास्ट पर बोलते हुए, विटकॉफ ने खुलासा किया कि पुतिन एक चर्च गए और अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए प्रार्थना की. विटकॉफ ने कहा कि पुतिन ट्रंप को अपना दोस्त समझते हैं.
कब की थी पुतिन ने ट्रंप के लिए दुआ?
अमेरिकी विशेष दूत के मुताबिक जब पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक अभियान रैली के दौरान एक हत्यारे की गोली डोनाल्ड ट्रंप के कान को छूती हुई निकल गई, उस समय रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप के लिए दुआ की थी. साथ ही कहा कि ये राजनीति से प्रेरित नहीं था, बल्कि उनकी दोस्ती से उपजा था.
पुतिन का ट्रंप को गिफ्ट
सद्भावना के प्रतीक के रूप में पुतिन ने एक रूसी कलाकार से ट्रंप का एक पैंटिंग भी बनवाई, जिसे बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंप दिया गया. ट्रंप कथित तौर पर इस भाव से प्रभावित हुए थे.
विटकॉफ का यह खुलासा यूक्रेन युद्ध के बारे में चल रही चर्चाओं के बीच हुआ है. विटकॉफ ने पुतिन की बातचीत में शामिल होने की इच्छा की प्रशंसा की और उन्हें ‘सुपर स्मार्ट’ कहा. जबकि पहले पुतिन को ‘बैड गाय’ कहा गया था. साथ ही विटकॉफ ने किसी भी युद्ध को सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयास की प्रशंसा की है.
पाकिस्तान में अफगान नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया के बीच खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर का बयान, अफगानिस्तान को लेकर कही ये बातें!
24 Mar, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेशावर: खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने कहा कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अफगान सरकार के समक्ष कई बार चिंता जताई गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गवर्नर हाउस में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने अफगान प्रशासन को बार-बार सूचित किया है कि अमेरिका की ओर से छोड़े गए हथियार अब आतंकियों के हाथों में हैं और इनका इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ किया जा रहा है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हुई वार्ता
गवर्नर फैसल करीम कुंडी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के अधिकारियों ने आतंकवाद, व्यापार, शरणार्थियों और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों से निपटने के तरीकों पर मतभेदों के कारण तनावपूर्ण हुए संबंधों को सुधारने के लिए काबुल में वार्ता की है। कुंडी ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने अफगानिस्तान का दौरा किया था, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अफगान नागरिकों को भेजा जा रहा है वापस
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे अफगान नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया लगातार जारी है और 20 मार्च तक 8 लाख से अधिक लोगों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। पाकिस्तान सरकार ने 31 मार्च की समय सीमा तय की है जिसके तहत अवैध रूप से रह रहे लोगों और अफगान नागरिक कार्ड धारकों को देश छोड़ना होगा। इसी के तहत अब तक 8,74,282 अफगानों को पाकिस्तान से वापस भेजा गया है। सरकार ने यह कदम आतंकवाद से जुड़ी चिंताओं के चलते उठाया है।
गाजा युद्ध फिर भयानक हुआ, इजराइल ने अपनी कार्रवाई फिर से शुरू की
24 Mar, 2025 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा में लगभग 17 महीनों से जारी जंग ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है. जनवरी में हुए समझौते को तोड़ते हुए इजराइल ने गाजा में अपने कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है. हालिया हमलों के बाद युद्ध विराम की उम्मीद नजर नहीं आ रही है. क्योंकि हमास अमेरिका के प्रस्ताव को इजराइल की शर्तों के साथ मानने के लिए तैयार नहीं है. वहीं मिस्र द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर अमेरिका और इजराइल राजी नहीं है.
मिडिल ईस्ट आई की खबर में खुलासा हुआ है कि जॉर्डन गाजा युद्ध को रोकने के लिए गाजा से हमास और उसकी सैन्य शाखा के 3 हजार सदस्यों को निर्वासित करने की योजना का प्रस्ताव रख रहा है. जॉर्डन के प्रस्ताव के बारे में जानकारी रखने वाले अमेरिकी और फिलिस्तीनी सूत्रों के मुताबिक निर्वासित किये जाने वालों में सैन्य और नागरिक नेता और हमास के सदस्य शामिल होंगे.
हमास को गाजा से किया जाएगा खाली हाथ
जॉर्डन की योजना में निर्धारित समय-सीमा के मुताबिक गाजा में हमास और अन्य प्रतिरोधी गुटों के निरस्त्रीकरण का भी आह्वान किया गया है. इससे युद्ध प्रभावित क्षेत्र में हमास का शासन खत्म हो जाएगा और फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) को नियंत्रण हासिल करने का मौका मिलेगा.
फिर से हमले शुरू होने के बाद प्रस्ताव
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब इजराइल ने जनवरी में हुए हमास के साथ हुए युद्ध विराम का उल्लंघन कर गाजा पर बमबारी तेज कर दी है.
18 मार्च को, जब लोग रमजान के दौरान सुबह-सुबह सहरी की तैयारी कर रहे थे, तब इजराइली लड़ाकू विमानों ने गाजा में दर्जनों हवाई हमले किए, जिसमें लगभग 200 बच्चों सहित 400 नागरिक मारे गए. सब से इजराइल के हमले लगातार जारी हैं और इन हमलों में करीब 900 लोग मारे जा चुके हैं.
जंग की शुरुआत से 50 हजार फिलिस्तीनियों की मौत
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के बताया कि अक्टूबर 2023 से अब तक इजराइली सेना ने 50 हजार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों को मार डाला है, जिनमें लगभग 18 हजार बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा 113,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
रूस ने यूक्रेन के प्रमुख शहरों पर किया हमला, सात की मौत
24 Mar, 2025 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव: रूस की ओर से यूक्रेन पर किए गए ताजा ड्रोन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं ने इस बारे में जानकारी दी है। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने यूक्रेन में 147 ड्रोन दागे जिनमें से 97 ड्रोन को मार गिराया गया। यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई के चलते 25 ड्रोन अपने लक्ष्यों तक नहीं पहुंच पाए। रूस ने खार्कीव, सुमी, चेर्निहीव, ओडेसा और डोनेत्स्क क्षेत्रों के साथ-साथ राजधानी कीव में भी हमले किए हैं।
रूस ने किए ताबड़तोड़ हमले
कीव के सैन्य प्रशासन ने बताया कि राजधानी पर हुए ड्रोन हमले में पांच साल के बच्चे सहित तीन लोग मारे गए हैं। हमले में 10 अन्य घायल भी हुए हैं। आपातकालीन सेवा के अनुसार, ड्रोन हमले के कारण पोडिल जिले की 25 मंजिला इमारत की 20वीं मंजिल पर आग लग गई। वहीं, होलोसिव्स्की में एक गोदाम और कार्यालय की इमारत में आग लग जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। डोनेट्स्क क्षेत्र के गवर्नर वादिम फिलाश्किन ने बताया कि क्षेत्र में हुए रूसी हमलों में चार लोग मारे गए हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच हो सकती है वार्ता
यूक्रेन की राजधानी कीव पर यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी अरब में दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने के लिए वार्ता होने की संभावना है। अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच सोमवार को अप्रत्यक्ष वार्ता हो सकती है, जिसमें ऊर्जा सुविधाओं और नागरिकों से संबंधित बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जाने हमलों पर रोक लगाने के संबंध में चर्चा की जाएगी।
जानें किसने क्या कहा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अप्रत्यक्ष वार्ता से एक दिन पहले यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब में अमेरिका के अधिकारियों से मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन आंशिक युद्धविराम के विवरण पर चर्चा करने के लिए तकनीकी टीम भेजने की योजना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सऊदी अरब में होने वाली वार्ता में बेहतर परिणाम निकल सकते हैं।
साउथ कोरिया में पीएम हान डक-सू के महाभियोग पर अदालत ने दिया ऐतिहासिक फैसला
24 Mar, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साउथ कोरिया की संवैधानिक अदालत ने प्रधानमंत्री हान डक-सू के महाभियोग को खारिज करने और उनकी शक्तियों को बहाल करने का फैसला सुनाया है। जो दो महीने से अधिक समय पहले कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में उनके महाभियोग के बाद देश की राजनीतिक उथल-पुथल में नया मोड़ है।
हान ने राष्ट्रपति यून सूक येओल का स्थान लेते हुए कार्यवाहक नेता का पदभार संभाला, जिन पर पिछले साल अल्पकालिक मार्शल लॉ की घोषणा के कारण महाभियोग चलाया गया था। इस सिलसिले में पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के सोल में शनिवार को हजारों समर्थक और प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे।
दो हफ्ते पहले संभाला था PM का पद
प्रधानमंत्री हान दो सप्ताह से भी कम समय तक पद पर रहे और 27 दिसंबर को संवैधानिक न्यायालय में तीन और न्यायाधीशों की नियुक्ति से इनकार करने पर विपक्ष के नेतृत्व वाली संसद के साथ टकराव के बाद उन्हें महाभियोग लगाया गया और निलंबित कर दिया गया। न्यायालय के न्यायाधीशों ने महाभियोग को खारिज करने के लिए सात से एक के बहुमत से फैसला सुनाया।
PM हान डक-सू पर क्या थे आरोप?
75 वर्षीय हान ने रूढ़िवादी और उदारवादी दोनों ही तरह के पांच राष्ट्रपतियों के अधीन तीन दशकों से अधिक समय तक नेतृत्व के पदों पर काम किया था। फिर भी, विपक्ष के नेतृत्व वाली संसद ने उन पर मार्शल लॉ घोषित करने के यून के फैसले को विफल करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया, एक आरोप जिसे उन्होंने नकार दिया।
राष्ट्रपति यून सुक येओल के खिलाफ महाभियोग
संवैधानिक न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसने हान के महाभियोग को पलटने का फैसला किया है,
कोर्ट ने अभी तक राष्ट्रपति यून के महाभियोग पर फैसला नहीं सुनाया है।
अब ऐसे में अगर न्यायालय यून के महाभियोग को बरकरार रखता है, तो दक्षिण कोरिया को नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव कराना होगा।
अगर न्यायालय उनके पक्ष में फैसला सुनाता है, तो यून को पद पर बहाल कर दिया जाएगा और उन्हें राष्ट्रपति पद की अपनी शक्तियां वापस मिल जाएंगी।
यून के बाद बारी आई PM हान की
राष्ट्रपति यून के बाद दक्षिण कोरिया की मुख्य विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री और कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आई। पूर्व राष्ट्रपति यून सूक योल की ओर से लगाए गए मार्शल लॉ समर्थन करने और योल के खिलाफ जांच को मंजूरी न देने पर विपक्षी दल ने संसद में यह प्रस्ताव पारित किया था।
विस्कॉन्सिन में ट्रंप समर्थक की पत्नी की गिरफ्तारी, इमिग्रेशन नीति पर असर
24 Mar, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में विस्कॉन्सिन के ब्रैडली बार्टेल ने 2016 में वोट दिया था, लेकिन उनकी इन नीतियों का असर उनकी पत्नी पर पड़ता दिखाई दे रहा है। कानूनी रूप से अमेरिकी नागरिक बनने की प्रक्रिया में होने के बावजूद, उनकी पत्नी को सैन जुआन एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है। इसको लेकर ब्रैडली बार्टेल ने कहा, उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है।
ब्रैडली बार्टेल की पत्नी कैमिला मुनोज जो पेरू की नागरिक हैं ने अपना वीजा खत्म होने के बाद भी अमेरिका में स्थायी निवास प्राप्त करने की दिशा में काम किया है। अपनी कठिनाइयों के बावजूद, बार्टेल अभी भी ट्रंप का समर्थन करते हैं, जिन्होंने अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े निर्वासन का संकल्प लिया है।
'मैंने सिस्टम नहीं बनाया है'
बार्टेल ने बताया,'मुझे वोट पर कोई पछतावा नहीं है।'बार्टेल ने आगे कहा, 'उन्होंने सिस्टम नहीं बनाया, लेकिन उनके पास इसे सुधारने का अवसर है। उम्मीद है कि यह सारा ध्यान इस बात को सामने लाएगा कि यह कितना टूटा हुआ है।'
वर्क-स्टडी वीजा पर विस्कॉन्सिन आई थीं पत्नी
मुनोज 2019 में वर्क-स्टडी वीजा पर विस्कॉन्सिन डेल्स पहुंचीं, जो कोविड-19 के कारण अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर रोक लगने के कारण समाप्त हो गया था। उन्होंने खेती और हॉस्पिटेलिटी में काम किया, जहां उनकी मुलाकात मिस्टर बार्टेल से हुई।
शुरू में उनका फोन नंबर खोने के बाद, बाद में उन्होंने फेसबुक पर उनसे फिर से संपर्क किया और उनके बीच एक गंभीर रिश्ता शुरू हुआ। इस कपल ने आखिरकार शादी कर ली, लेकिन महामारी के कारण अपने हनीमून में देरी कर दी।
क्या है पूरा मामला?
फरवरी में, वे हनीमून के लिए प्यूर्टो रिको गए। वापस लौटने पर, इमिग्रेशन एजेंटों ने मुनोज से उनकी नागरिकता की स्थिति के बारे में पूछा। जब उन्होंने बताया कि वह ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। अब उन्हें लुइसियाना में एक ICE सुविधा में रखा गया है।
बार्टेल ने अपनी पत्नी की हिरासत को देखने के दुख का वर्णन किया। उन्होंने कहा, 'यह सब किसी बुरे सपने से कम नहीं है, हमारे पास एक वकील है। सिस्टम बहुत अक्षम है, इसलिए इसमें जितना समय लगना चाहिए, उससे ज्यादा समय लग रहा है।
दक्षिण कैरोलिना में जंगल की आग पर नियंत्रण पाने के लिए की आपातकाल की घोषणा
24 Mar, 2025 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना में जंगल की आग भड़क उठी है। गंभीरता को देखते हुए यहां की एक काउंटी में लोगों को अनिवार्य रूप से निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं, दक्षिण कैरोलिना के गवर्नर ने बढ़ती जंगल की आग के कारण आपातकाल की घोषणा की।
आपातकालीन दल उस क्षेत्र में आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब भी तूफान हेलेन से उबर रहा है। यह क्षेत्र सितंबर में तूफान हेलेन से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। तूफान ने 8,046 किलोमीटर सड़कों को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही पुलों और पुलियों को नुकसान पहुंचाया था।
पोल्क काउंटी में अनिवार्य निकासी की घोषणा
उत्तरी कैरोलिना के सार्वजनिक सुरक्षा विभाग ने शनिवार रात 8:20 बजे (स्थानीय समय) से चार्लोट से लगभग 129 किलोमीटर पश्चिम में स्थित पश्चिमी उत्तरी कैरोलिना के पोल्क काउंटी के कुछ हिस्सों के लिए अनिवार्य निकासी की घोषणा की।
चेतावनी में कहा गया कि क्षेत्र में दृश्यता कम हो जाएगी और निकासी मार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। आप अभी नहीं निकलते हैं, तो फंस सकते हैं, घायल हो सकते हैं या मारे जा सकते हैं। वन सेवा के ऑनलाइन वाइल्डायर पब्लिक व्यूअर ने पोल्क काउंटी में तीन सक्रिय आग का संकेत दिया है, जिनमें से दो सबसे बड़ी 1,100 और 1,240 एकड़ के बीच फैली हुई थीं।
दो अन्य निकटवर्ती बर्क और मैडिसन काउंटियों में सक्रिय थीं। वर्जीनिया की उत्तरी सीमा पर स्टोक्स काउंटी में भी आग भड़क उठी है। दक्षिण कैरोलिना में गवर्नर हेनरी मैकमास्टर ने पिकेंस काउंटी में टेबल राक फायर नामक आग को रोकने के प्रयास के तहत आपातकाल की स्थिति घोषित की। उन्होंने कहा कि जंगल की आग फैलती जा रही है।
हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर बैलेस्टिक मिसाइल से किया हमला, हवाई यातायात ठप
24 Mar, 2025 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दोहा। गाजा, लेबनान और सीरिया में फिर शुरू हुए इजरायली हमलों के बाद अमेरिका अपना दूसरा विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस हैरी एस ट्रूमैन को पश्चिम एशिया भेज रहा है।
जबकि यमन के नजदीक लाल सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस कार्ल विंसन अपने विध्वंसकों के साथ पहले से तैनात है। इस बीच अमेरिकी सेना ने रविवार को एक बार फिर हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले यमन पर हवाई हमले किए।
होदेदा हवाई अड्डे को बनाया निशाना
इस बार होदेदा शहर के हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया और वहां पर कुछ देर के अंतर पर तीन बार हमले किए गए। अमेरिकी विमानों ने सहर और किताफ शहरों पर भी बमबारी की। इसी प्रकार से मारिब प्रांत के मजार शहर पर भी हमले हुए।
सऊदी अरब के सरकारी टेलीविजन चैनल अल अरेबिया और अल हादत ने बताया है कि अमेरिकी हमले में हूती की नौसेना का कमांडर मंसूर अल-सादी मारा गया है। अमेरिका ने कहा है कि हमलों में हूती के अड्डों को निशाना बनाया गया है।
हाउती का इजरायल पर मिसाइल हमला
रविवार को ही हूती विद्रोहियों ने यमन से इजरायल पर बैलेस्टिक मिसाइल हमला किया। हूती ने बताया है कि तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल से हुए नुकसान का पता नहीं चला है।
लेकिन उसके चलते इजरायल का हवाई यातायात आधा घंटे से ज्यादा ठप रहा। जबकि इजरायल ने कहा है कि उसने यमन की ओर से आई मिसाइल को आकाश में ही नष्ट कर दिया।
चंद्रयान-3 ने चंद्रमा पर पानी और बर्फ की खोज की दिशा में बढ़ाया कदम
23 Mar, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंद्रयान-3 ने चंद्रमा पर पानी और बर्फ की खोज की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। चंद्रमा की सतह तापीय भौतिकी प्रयोग से पानी और बर्फ की खोज में एक कदम बढ़ा दिया है। विक्रम लैंडर द्वारा किए गए इस प्रयोग ने चांद की उच्च अक्षांश वाली मिट्टी से असाधारण इन-सीटू तापमान माप प्रदान किए हैं, जिससे चांद के तापीय वातावरण के साथ पानी और बर्फ के जमा होने की संभावना जागी है।
इसरो के भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला के दुर्गा प्रसाद ने मीडिया को बताया कि पानी और बर्फ का पता लगाना चंद्रमा पर इंसानों के जीवन की संभावना और आगे बढ़ाने का एक अहम कदम है। चांद के तापमान न केवल पानी और बर्फ को निर्धारित करते हैं, बल्कि यह अन्य वैज्ञानिक और अन्वेषण पहलुओं को भी प्रभावित करते हैं।।
चंद्रयान-3 मिशन से नई जानकारी को एक पत्रिका में प्रकाशित भी किया गया है। चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में तापमान मापे हैं जो कि अपेक्षित 330के से 25के ज्यादा था। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वृद्धि लैंडर के सूरज की ओर झुके 6 डिग्री के स्थानीय ढलान पर स्थित होने के कारण बनी है। अवलोकनों के आधार पर टीम का कहना है कि 14 डिग्री से ज्यादा ढलान वाले बड़े पोलर क्षेत्रों में पानी और बर्फ के स्थिर जमा होने की संभावना है। ये क्षेत्र कम सौर विकिरण प्राप्त करते हैं और इसलिए तापमान कम बनाए रखते हैं, जिससे वे भविष्य के चांदी अन्वेषण और संभावित मानव जीवन के लिए ज्यादा उपयुक्त हैं।
चांद पर पानी की खोज और इसके संभावित उपयोग के लिए कई देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां नजरें गड़ाए हुए हैं। चंद्रयान-3 से प्राप्त परिणाम भविष्य के चांद मिशनों और स्थायी मानव जीवन की संभावनाओं को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
एलन मस्क ने की चीन से संभावित युद्ध को लेकर बैठक, अमेरिका में मचा बवाल
23 Mar, 2025 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतवाने में एलन मस्क का बड़ा योगदान रहा है। अब एलन मस्क अमेरिका में सुपर प्रेसिडेंट की तरह काम कर रहे हैं। वह बिना किसी संवैधानिक पद के अमेरिकी प्रशासन के गोपनीय फैसलों और तैयारियों का जायदा ले रहे हैं जिसको लेकर वहां बवाल मच गया है। हालांकि बवाल के बाद राष्ट्रपति ट्रंप मस्क का बचाव करने सामने में आए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया हैं, जिनमें कहा गया था कि डॉज के प्रमुख एलन मस्क को पेंटागन में चीन के साथ संभावित युद्ध की अमेरिकी सैन्य योजनाओं की जानकारी दी गई थी। ट्रंप ने ओवल ऑफिस से कहा कि मैं ऐसी योजनाएं किसी को नहीं दिखाना चाहता। हम चीन के साथ संभावित युद्ध की बात कर रहे हैं। हम ऐसा युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर ऐसा हुआ, तो हम इसके लिए तैयार हैं।
ट्रंप ने यह बात तब कही जब लोग अनुमान लगा रहे थे कि मस्क शुक्रवार सुबह पेंटागन में क्यों गए थे। वहां उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ के साथ एक घंटे से ज्यादा समय तक बैठक की। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि मस्क को चीन के साथ संभावित संघर्ष की सैन्य योजना की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन पेंटागन के अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर इस खबर को सिरे से नकार दिया।
ट्रंप ने कहा था कि मस्क के चीन में अपने कारोबारी हित हैं, इसलिए अगर उन्हें युद्ध की योजना की जानकारी दी गई तो यह हितों के टकराव का कारण बन सकता है। ट्रंप ने कहा कि मैं ऐसी चीजें किसी को नहीं दिखाना चाहता, खासकर एक ऐसे व्यवसायी को जो हमारी इतनी मदद कर रहा है। एलन के चीन में कारोबार हैं, और शायद वह इसके प्रति संवेदनशील हो सकते हैं, लेकिन यह खबर पूरी तरह झूठी थी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एलन मस्क, जो ट्रंप के अधीन एक विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं, उनके पास शीर्ष गोपनीय सुरक्षा मंजूरी है। यह बैठक ऐसे समय हुई जब पेंटागन सैन्य नेतृत्व में बड़ी कटौती पर विचार कर रहा है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन सरकार का आकार छोटा करना चाहता है। बताया जा रहा है कि रक्षा विभाग मस्क की डॉज के साथ मिलकर विभाग में धोखाधड़ी और बर्बादी का पता लगाने का काम करेगा।
मस्क ने पेंटागन में हेग्सेथ के साथ बैठक की थी बैठक के बाद मस्क ने कहा था कि बैठक शानदार होती है। मस्क ने मजाक में कहा कि मैं पहले भी यहां आ चुका हूं। दोनों हंसते हुए सीढ़ियों से नीचे चले गए, लेकिन यह नहीं बताया कि क्या उन्होंने चीन के बारे में बात की या यह कोई गोपनीय बैठक थी। मस्क के जाने के बाद हेग्सेथ से पूछा कि उन्होंने क्या चर्चा की, तो हेग्सेथ ने कहा कि मैं आपको क्यों बताऊं? उन्होंने कहा कि एलन मस्क एक देशभक्त अमेरिकी हैं और मैं उनकी सराहना करता हूं, लेकिन यह नहीं बताया कि उन्होंने क्या बात की।
क्यूबा, हैती, निकारागुआ और वेनेजुएला पर टूटा ट्रंप का कहर
23 Mar, 2025 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ऐलान किया है कि वो संयुक्त राज्य अमेरिका में क्यूबाई, हैती, निकारागुआ और वेनेज़ुएला के कानूनी संरक्षण को रद्द करेगा। इस फैसले का असर यह होगा कि संभवत: 530,000 लोगों को करीब एक महीने के अंदर अमेरिका छोडऩा पड़ सकता है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों पर लगातार अपनी कार्रवाई तेज कर रहे हैं। इन चार देशों के अप्रवासी अक्टूबर 2022 में फाइनेंसियल स्पॉन्सर के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में आए थे। इन्हें अमेरिका में रहने और काम करने के लिए दो साल का परमिट दिया गया था। अब होमलैंड सुरक्षा विभाग ने ऐलान किया है कि ऐसे लोग 24 अप्रैल को संघीय रजिस्टर में नोटिस प्रकाशित होने के 30 दिन बाद अपने लीगल स्टेटस को गंवा देंगे।
दो साल की दी गई थी पैरोल
इस कदम का व्यापक असर माना जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में इन प्रवासियों को दो साल की पैरोल दी गई थी, जो अब प्रभावी रूप से समाप्त हो गई है। चारों देशों के नागरिकों को अमेरिकी स्पॉन्सर के साथ हवाई मार्ग से अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति मिली थी।
ट्रंप प्रशासन ने पैरोल समाप्त करने का लिया निर्णय
मानवीय पैरोल सिस्टम लंबे समय से चला आ रहा एक लीगल सिस्टम है, जिसका उपयोग राष्ट्रपतियों ने उन देशों के लोगों को अनुमति देने के लिए किया है जहां युद्ध या राजनीतिक अस्थिरता है। ऐसे में ये लोग अमेरिका में प्रवेश कर सकते हैं और अस्थायी रूप से रह सकते हैं। ट्रंप प्रशासन ने इस सिस्टम में व्यापक दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए इसे समाप्त करने का निर्णय लिया है। होमलैंड सुरक्षा विभाग ने कहा कि अमेरिका में रहने के लिए वैध आधार के बिना यानी पैरोल पर आए लोगों को अपनी पैरोल समाप्ति तिथि से पहले अमेरिका छोड़ देना चाहिए। ट्रंप प्रशासन द्वारा पांच लाख प्रवासियों का लीगल स्टेटस रद्द करने के निर्णय से कई लोगों को निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पैरोल प्रोग्राम के तहत अमेरिका में प्रवेश करने वाले कितने लोगों ने तब से सुरक्षा या लीगल स्टेटस के ऑप्शन हासिल किए हैं।
लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट 18 घंटे बाद खुला
23 Mar, 2025 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में हीथ्रो एयरपोर्ट 18 घंटे बाद खुल गया। ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट यहां पर लैंड हुई। दरअसल एयरपोर्ट के पास एक इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन में गुरुवार रात आग लग गई थी। जिससे एयरपोर्ट का ऑपरेशन बंद करना पड़ा था। बंद के चलते 1350 फ्लाइट्स सस्पेंड हुई, जिनसे 2 लाख 91 हजार पैसेंजर्स प्रभावित हुए। आग वेस्ट लंदन के हेस में लगी थी। इस वजह से 5 हजार से ज्यादा घरों की बिजली गुल हुई। ब्रिटेन की काउंटर टेररिज्म पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सबस्टेशन पर लगी आग के पीछे किसी का कोई गलत इरादा तो नहीं था।
पाकिस्तान में न जनता सुरक्षित न मुर्दे
23 Mar, 2025 08:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। आतंक की आग में झुलस रहे पाकिस्तान में अब अस्पताल में रखे शव भी सुरक्षित नहीं हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी के विद्रोही पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक के दौरान अपने मारे गए साथियों के शव अस्पताल पर हमला कर ले भागे।
ट्रेन हाईजैक के बाद सेना द्वारा की कई कार्रवाई में कई बलूच विद्रोही मारे गए थे, जिनके शव बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा के सिविल अस्पताल में रखे गए थे। कल बड़ी संख्या में बलूच विद्रोही अस्पताल पर हमला कर अपने साथियों के शव ले भागे। इस दौरान उनका विरोध करने वाला कोई मौजूद नहीं था। सेना के जो जवान अस्पताल की सुरक्षा में लगाए गए थे, वे भी बड़ी तादाद में पहुंचे बलूच विद्रोहियों से डरकर दुबक गए। उधर, अस्पताल में लापता व्यक्तियों के परिजनों का भी तांता लगा हुआ है और वे लोग शवों की पहचान करने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। इस घटना में कुछ यात्रियों की भी मौत हुई थी, लेकिन सेना द्वारा केवल विद्रोहियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
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