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भूकंप ने म्यांमार और बैंकॉक को हिला दिया, लोग अपनी जान बचाकर भागे
28 Mar, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
म्यांमार। म्यांमार में खतरनाक भूकंप के झटके महसूस हुए। लोगों में भूकंप के बाद दशहत महसूस की गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप के झटके काफी तेज थे। झटकों से लोग दहशत में आ गए और अपने घरों-दफ्तरों से बाहर निकल आए।
ये झटके इतने जबरदस्त थे कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी इन्हें महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.2 रही। बाकि जानकारी हम आपको अपडेट कर रहे हैं।
क्यों बार-बार आता है भूकंप?
धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं। एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है। इसे ही भूकंप कहते हैं। भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं। जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं।
कैसे मापी जाती भूकंप की तीव्रता?
रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है।
भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपिसेंटर से नापा जाता है। यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है।
1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है।9 यानी सबसे ज्यादा। बेहद भयावह और तबाही वाली लहर। ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं। अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़, पुतिन ने प्रस्तावित किया अस्थायी सरकार बनाने का प्लान
28 Mar, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अब एक नए प्रस्ताव ने दुनिया का ध्यान खींचा है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ऐसी योजना का सुझाव दिया है, जो न केवल युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है, बल्कि इसमें भारत जैसे देशों की महत्वपूर्ण भूमिका भी हो सकती है. पुतिन ने यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र (UN) की निगरानी में एक अस्थायी सरकार स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे वहां चुनाव कराए जा सकें.
सवाल- भारत की भूमिका क्यों अहम?
रूसी राष्ट्रपति के मुताबिक, यूक्रेन में सरकार की कानूनी वैधता खत्म हो चुकी है, क्योंकि राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की का कार्यकाल मई 2024 में ही समाप्त हो गया था और तब से नए चुनाव नहीं हुए हैं. ऐसे में, रूस मानता है कि जेलेंस्की प्रशासन के साथ शांति समझौता गैर कानूनी होगा और भविष्य में यूक्रेन की दूसरी सरकार उस समझौते को मानने से इनकार कर सकती है.
पुतिन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रैक्टिस के तहत यूक्रेन में एक अस्थायी UN सरकार बनाई जा सकती है, जिसमें उन देशों की भूमिका होगी जो तटस्थ हैं और जिन पर रूस को भरोसा है.
भारत, जो वैश्विक राजनीति में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए जाना जाता है, इस योजना में प्रमुख भूमिका निभा सकता है.
पुतिन ने भारत का नाम लेकर कहा कि रूस भारत को एक विश्वसनीय और तटस्थ शक्ति मानता है, जो पश्चिमी देशों के प्रभाव से अलग रहकर समाधान निकाल सकता है, भारत ने पहले भी रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत को प्रोत्साहित किया था और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति का आह्वान किया है.
यदि इस प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलता है, तो भारत जैसे देश UN प्रशासन का हिस्सा बन सकते हैं, जो यूक्रेन में नए चुनाव कराने और स्थिरता लाने में मदद कर सकते हैं.
पुतिन की पश्चिम को चेतावनी
पुतिन ने यह प्रस्ताव ऐसे समय में रखा है जब रूस युद्ध में अपनी पकड़ मजबूत करने का दावा कर रहा है. उन्होंने आर्कान्गेल्स्क न्यूक्लियर सबमरीन के क्रू से मुलाकात के दौरान कहा कि रूस के खिलाफ लड़ाई में पश्चिमी देश उसकी सैन्य शक्ति को हल्के में ले रहे हैं. खासकर, रूस के जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइलों की क्षमता को पश्चिमी रणनीतिकार समझने में असमर्थ रहे हैं।
पुतिन ने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का जिक्र करते हुए कहा,उन्होंने शायद भूल कर दिया कि रूस के पास ऐसी ताकतें हैं और हथियार हैं, जो दुश्मन को चौंका सकते हैं.
जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइलें 9,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकती हैं और किसी भी आधुनिक एंटी-मिसाइल सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हैं. इन मिसाइलों से लैस रूसी न्यूक्लियर सबमरीन अटलांटिक और प्रशांत महासागरों में पश्चिमी देशों के खिलाफ एक रणनीतिक बढ़त बनाए हुए हैं.
क्या UN प्रशासन शांति ला सकता है?
पुतिन का प्रस्ताव एक बड़ा कूटनीतिक दांव हो सकता है. यदि UN के अंतर्गत एक अस्थायी सरकार बनाई जाती है और भारत जैसे देशों को इसका नेतृत्व करने का मौका मिलता है, तो यह रूस और पश्चिमी देशों के बीच एक संतुलन कायम करने में मदद कर सकता है.
हालांकि, सवाल यह है कि क्या पश्चिमी देश इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे? अमेरिका और यूरोपीय देश अब तक यूक्रेन को सैन्य सहायता देते आए हैं और वे नहीं चाहेंगे कि रूस की शर्तों पर शांति स्थापित हो, लेकिन रूस जिस तरह युद्ध में बढ़त बना रहा है, वह पश्चिमी देशों के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकता है.
भारत के लिए वैश्विक मौका
भारत के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अवसर साबित हो सकती है. यदि भारत यूक्रेन संकट के समाधान में एक सक्रिय भूमिका निभाता है, तो यह उसकी वैश्विक कूटनीतिक शक्ति को और मजबूत करेगा. भारत पहले भी रूस और अमेरिका दोनों के साथ संतुलन बनाकर चलने में सफल रहा है.
ऑस्ट्रेलिया में आम चुनाव की तारीख 3 मई घोषित, पीएम अल्बनीज सरकार की दूसरी बार चुनौती
28 Mar, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में 3 मई को आम चुनाव होंगे, ये एलान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने किया है। 2022 में हुए पिछले संघीय चुनाव में अल्बनीज की लेबर पार्टी ने बहुमत हासिल किया था, लेकिन हाल ही में हुए जनमत सर्वेक्षणों में पार्टी को विपक्षी लिबरल-नेशनल गठबंधन के साथ कड़ी टक्कर देते हुए दिखाया गया है, जब छोटे दलों के वोटों को पुनर्वितरित किया जाता है।
अल्बनीज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
'हमारी सरकार ने वैश्विक चुनौतियों का सामना ऑस्ट्रेलियाई तरीके से करने का विकल्प चुना है - भविष्य के लिए निर्माण करते हुए, जीवन-यापन के दबाव में लोगों की मदद करना।' अल्बनीज ने आगे कहा, 'हमारे लोगों ने जो ताकत दिखाई है, उसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया मोड़ ले रहा है। अब 3 मई को, आप आगे का रास्ता चुनें।'
अल्बनीज ने गवर्नर से मुलाकात के बाद लिया फैसला
अल्बनीज ने सुबह-सुबह देश के गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन से मुलाकात की और ऑस्ट्रेलिया के संविधान के अनुसार औपचारिक रूप से चुनाव बुलाने की अनुमति मांगी।
कांटे की टक्कर वाले चुनाव का मतलब यह हो सकता है कि कोई भी पार्टी या पार्टियों का गठबंधन अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगा, इसके बजाय देश के निचले सदन में बहुमत हासिल करने के लिए छोटी पार्टियों और निर्दलीयों पर निर्भर रहना होगा।
अल्बनीज का असर हुआ कम?
सरकारी आवास में पले-बढ़े लंबे समय से लेबर विधायक रहे अल्बनीज की लोकप्रियता में कमी आई है, क्योंकि उनके कार्यकाल के दौरान जीवन-यापन की लागत और ब्याज दरें तेजी से बढ़ी हैं।
गिरती मुद्रास्फीति और ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक द्वारा फरवरी की बैठक में पांच वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में कटौती करने के निर्णय ने अल्बनीज के मतदान संख्या में कोई मदद नहीं की है।
अपने कार्यकाल के अधिकतर समय तक स्वस्थ बढ़त का आनंद लेने के बाद, उनकी व्यक्तिगत स्वीकृति रेटिंग अब लिबरल नेता पीटर डटन, एक पूर्व पुलिस अधिकारी और पिछली लिबरल-नेशनल सरकार में रक्षा मंत्री के करीब है।
ये है चुनाव का अहम मुद्दा
वहीं बढ़ती महंगाई और आवास की कमी चुनाव में बड़ा मुद़्दा होगा। डटन ने आवास संकट पर अभियान चलाया है, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह घर के स्वामित्व को पहुंच से बाहर कर रहा है, और शुक्रवार को उन्होंने कहा कि स्थायी प्रवासन में 25% की कटौती से अधिक घर बनेंगे। डटन ने संवाददाताओं से कहा कि अगर वे चुने जाते हैं तो छोटे व्यवसायों और घरों के लिए ऊर्जा लागत को कम करना उनकी सरकार का केंद्र होगा।
नायब सरकार का बड़ा फैसला, हरियाणा में ईद को गजेटेड छुट्टी लिस्ट से हटाया
27 Mar, 2025 06:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा सरकार ने ईद के गजेटेड छुट्टी को चेंज करके रिस्ट्रिक्टेड हॉलीडे कर दिया है. सरकार ने फाइनेंशियल ईयर की क्लोजिंग का हवाला देते हुए ये बदलाव किए जाने की बात कही है. इसको लेकर मुख्य सचिव ने की ये आदेश सभी विभागों को जारी किया गया है. हालांकि हरियाणा सरकार ने साफ किया है कि मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोग इस दिन अवकाश ले सकते हैं.
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आदेश जारी कर कहा कि दिनांक 26.12.2024 को जारी सरकारी अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए यह अधिसूचित किया जाता है कि ईद-उल-फितर, 31 मार्च 2025 को राजपत्रित अवकाश के स्थान पर प्रतिबंधित अवकाश के रूप में किया जाता है. उन्होंने अपने आदेश में कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि 29 और 30 मार्च 2025 सप्ताहांत अवकाश के दिन हैं और 31 मार्च वित्तीय वर्ष 2024-2025 का अंतिम दिन है. यह पत्र सभी विभागों को जारी किया गया है.
क्या होता है रिस्ट्रिक्टेड हॉलीडे?
रिस्ट्रिक्टेड हॉलीडे या प्रतिबंधित अवकाश एक वैकल्पिक अवकाश (आरएच) होता है जिसका कर्मचारी खुद चयन कर सकते हैं कि वे लेना चाहते हैं या नहीं. रिस्ट्रिक्टेड हॉलीडे एक प्रकार का अवकाश ही होता है जिसे कर्मचारियों के पास यह चुनने का विकल्प होता है कि वे अवकाश लेना चाहते हैं या नहीं.
ईद के दिन खुले रहेंगे सरकारी दफ्तर
हरियाणा सरकार के इस आदेश के बाद अब राज्य के सभी सरकारी दफ्तर ईद के दिन खुले रहेंगे. हालांकि कुछ लोगों को इस दिन छुट्टी लेने की इजाजत है. हरियाणा में बेशक ईद को गजेटेड छुट्टी की लिस्ट से हटा दिया गया है लेकिन मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिन छुट्टी ले सकते हैं.
क्यों किया गया बदलाव?
ईद-उल-फितर पूरे भारत में 31 मार्च को मनाई जाएगी, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 का अंतिम दिन भी है. हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक ने भी 31 मार्च के अवकाश को रद्द कर दिया है. यह कहा गया है कि यह वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन है. अगले वित्तीय वर्ष के लिए वित्तीय बदलाव करने की समय सीमा भी है.
बिट्टू बजरंगी का विवादित बयान, रामजीलाल सुमन का सिर काटने पर इनाम देने की बात, FIR दर्ज
27 Mar, 2025 06:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में साल 2023 में हुए नूह मेवात दंगों के आरोपी राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी एक बार फिर अपने विवादित बयान के चलते पुलिस के निशाने हैं. इस बार बिट्टू ने समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन का सिर काटकर लाने वाले को इनाम देने का ऐलान किया है. बिट्टू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है. इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई और मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि बिट्टू ने भड़काऊ बयान वाला वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया. इसमें उसने कहा, मैं सभी हिंदू भाइयों से अपील करता हूं कि जो भी समाजवादी पार्टी के नेता सांसद रामजीलाल सुमन की गर्दन कटेगा, उसको गौ रक्षा बजरंग दल फोर्स की ओर से उचित इनाम दिया जाएगा.
यह वीडियो गौ रक्षक बजरंग फोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिट्टू बजरंगी का है. जिस पर सारन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. बिट्टू का ये वीडियो ऐसे समय आया है जब वो धार्मिक आयोजन करने जा रहे हैं. इस पूरे मामले को लेकर एसीपी जितेश कुमार ने बताया कि बिट्टू बजरंगी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.
लोगों को भड़काने वाला वीडियो: एसीपी
एसीपी ने यह भी कहा कि जिस तरीके का वीडियो सोशल मीडिया पर बिट्टू बजरंगी ने डाला है, वो कहीं ना कहीं लोगों को भड़काने और आपसी भाईचारे के बीच विद्रोह फैलाने वाला है. जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, संज्ञान लेते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बिट्टू बजरंगी खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. आगे कार्रवाई की जा रही है.
रामजीलाल ने क्या कहा था?
बता दें कि बीते दिनों समाजवादी पार्टी सांसद रामजीलाल सुमन ने राज्यसभा में कहा था, भारतीय मुसलमान बाबर को आदर्श नहीं मानते. वो पैगंबर मुहम्मद और सूफी परंपराओं का पालन करते हैं. मैं पूछना चाहता हूं कि बाबर को यहां कौन लाया? इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा ने ही बाबर को आमंत्रित किया था. इसलिए अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है तो हिंदू गद्दार राणा सांगा के वंशज होने चाहिए. हम राणा सांगा की आलोचना क्यों नहीं करते?
फरीदाबाद में घर में घुसे दो पशु, महिला दो घंटे तक अलमारी में रही बंद
27 Mar, 2025 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली से सटे फरीदाबाद में बुधवार को एक घर के बेडरूम में अचानक से गाय और सांड घुस आए. उन्हें देख वहां मौजूद महिला इतना डर गई कि उसने खुद को अलमारी में बंद कर दिया. घर पर उस वक्त कोई नहीं था. फिर जैसे ही महिला की सास घर वापस लौटी तो देखा कि कमरे में दो पशु बेड पर चढ़े हुए हैं. सास ने यह देखते की शोर मचाना शुरू कर दिया. शोर सुनकर आस-पास के लोग भी वहां आ पहुंचे.
पशुओं को भगाने के लिए उन पर पानी फेंका गया और पटाखे चलाए गए. लेकिन फिर भी वो बाहर नहीं निकले. इसके बाद वहां कुत्ते लाए गए. कुत्तों ने भौंकना शुरू किया तो पशु बाहर निकल गए. तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली. बाद में फिर महिला भी अलमारी से बाहर निकली. वो दो घंटे तक अलमारी में बंद थी.
मामला फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी का है. यहां राकेश साहू अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं. इस समय बच्चे रिश्तेदार के यहां गए हुए हैं. बुधवार को सुबह राकेश की माता जी किसी काम से घर से बाहर गई थी, घर का दरवाजा खुला रह गया. राकेश की पत्नी पूजा कर रही थी तभी गाय उनके घर में घुस गई . गाय के पीछे ही एक सांड भी आ गया. दोनों पशु बेडरूम तक पहुंच गए और बिस्तर पर चढ़ गए. डर के मारे राकेश की पत्नी ने खुद को अलमारी में बंद कर लिया. कुछ देर बाद जब राकेश की मां लौटीं तो उन्होंने देखा कि घर में पशु घुसे हुए हैं. जिसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी.
सभी लोग इकट्ठा होकर दोनों पशुओं को निकालने के लिए प्रयास करने लगे, लेकिन इतनी भीड़ देखकर पशु घर से बाहर नहीं निकल रहे थे. इसके बाद उन पर पानी डालने से लेकर पटाखे चलाने तक की सभी तरकीब अपनाई गई, लेकिन पशु बाहर नहीं निकले.
ऐसे बाहर निकले दोनों पशु
दूसरी तरफ राकेश की पत्नी जो कि खुद को अलमारी में बंद किए हुए थी वह भी बेहद परेशान हो गई. जब कोई तरीका काम नहीं आया तब एक पड़ोसी अपने पालतू कुत्ते को लेकर वहां पहुंचा और जब कुत्ते ने भौंकना शुरू कर तो एक-एक कर दोनों पशु घर से बाहर निकल गए.
सांड ने मारी थी टक्कर
कुछ दिन पहले नगर निगम के पूर्व कर्मचारी को सांड ने टक्कर मारी थी, जिसके चलते उनके सिर पर चोट लगी और कई दिन तक उपचाराधीन रहने के बाद उनकी मौत हो गई. जनवरी में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने भी नगर निगम फरीदाबाद को आदेश दिया था कि अगले 30 दिनों में शहर को आवारा पशुओं से मुक्त किया जाए, लेकिन नगर निगम अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ.
चीन ने ताइवान समर्थकों के खिलाफ ई-मेल आईडी जारी की, 323 लोगों की रिपोर्ट हुई
27 Mar, 2025 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन ने बुधवार को एक ई-मेल आईडी जारी की था, जिसमें लोगों से कहा गया था कि उन लोगों की जानकारी मुहैया कराएं जो ताइवान को स्वतंत्र होना देखना चाहते हैं. जो चीन के खिलाफ काम कर रहे हैं. सीजीटीएन के मुताबिक अब तक 323 लोगों के नाम उस मेल आईडी पर आए हैं. चीन में देशद्रोह की सजा मौत है. अब इन लोगों के खिलाफ जांच की जाएगी. अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे मौत की सजा सुनाई जा सकती है.
स्टेट काउंसिल के ताइवान मामलों के ऑफिस के प्रवक्ता चेन बिनहुआ ने कहा कि रिपोर्ट किए गए लोगों में ताइवान के कुछ राजनीतिक व्यक्ति, संगठन प्रायोजक और इंटरनेट प्रभावित लोग शामिल हैं जो ‘ताइवान की स्वतंत्रता’ की वकालत करते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी गंभीर गतिविधियां, जैसे कि निराधार आरोपों के माध्यम से विपक्षी दल का दमन, चीन के एकीकरण के समर्थन में संगठनों को भंग करने की धमकी और ताइवान में रहने वाले मुख्य भूमि में जन्मे जीवनसाथी के वैध अधिकारों और हितों का स्पष्ट उल्लंघन, ईमेल में उजागर हुआ है.
भुगतना पड़े खामियाजा
चेन ने कहा कि चीन के संबंधित अधिकारी तथ्यों को आधार और कानून को मानदंडों के आधार पर कार्रवाई करेंगे और ‘ताइवान स्वतंत्रता’ गतिविधियों के अपराधियों और सहयोगियों को जवाबदेह ठहराएंगे. जांच होने के बाद 323 लोंगों पर आरोप सही साबित हुए, तो इनको मौत तक की सजा हो सकती है.
चीन-ताइवान में क्या है तनाव?
चीन और ताइवान में तनाव जारी है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद एक अलग देश कहता है. चीन से आजादी के लिए ताइवान लगातार संघर्ष कर रहा है. दुनिया के अधिकतर देश ताइवान के चीन का खास हिस्सा मानते हैं. हाल के दिनों चीन से बड़े तनाव के कारण अमेरिका ने ताइवान सरकार को खूब मदद दी है, जिसका चीन विरोध करता आया है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की का बड़ा बयान, पुतिन जल्द ही मर जाएंगे
27 Mar, 2025 03:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा बयान दिया है। जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही मर जाएंगे और इससे दोनों देशों के बीच के युद्ध का अंत हो जाएगा। द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस में एक इंटरव्यू के दौरान जेलेंस्की ने यह बयान दिया है। जेलेंस्की ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जेलेंस्की ने क्या कहा?
बुधवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के बाद जेलेंस्की ने मीडिया से बात करते हुए कहा, (पुतिन) जल्द ही मर जाएंगे, और यह एक तथ्य है फिर इस युद्ध का भी अंत हो जाएगा।' जेलेंस्की ने पुतिन की सेहत को लेकर टिप्पणी ऐसे वक्त में की है जब यूक्रेन और रूस ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले 30 दिनों के लिए रोकने पर सहमति जताई है।
जेलेंस्की ने रूस पर लगाया आरोप
पेरिस में मीडिया से बात करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर शांति के प्रयासों के बावजूद 'संघर्ष को लंबा खींचने' का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'रूस चाहता है कि यह युद्ध जारी रहे, वो इसे लंबा खींच रहा है। हमें रूस पर दबाव बनाने की जरूरत है ताकि युद्ध सच में समाप्त हो जाए।'
इस बीच यह भी बता दें कि, पिछले कई महीनों से रूसी राष्ट्रपति पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। रूसी नेता के लगातार खांसने और उनके हाथ-पैरों में झटके के वीडियो सामने आने के बाद इन अफवाहों को और हवा मिली है। 2022 में एक वीडियो सामने आया था जिसमें पुतिन अपने पूर्व रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सामने की टेबल को पकड़ रखा था और वो अपनी कुर्सी पर झुके हुए बैठे थे। कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पुतिन पार्किंसन रोग और कैंसर से पीड़ित हैं। हालांकि, इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की जा सकी है और क्रेमलिन ने भी इन दावों का खंडन किया है।
कब शुरू हुई जंग?
24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर पूरी तरह से हमले शुरू कर दिए थे जिससे जंग की शुरुआत हुई थी। रूसी सेना ने यूक्रेन के कई शहरों पर हमले किए थे जिनमें कीव, खारकीव और मारियुपोल शामिल थे। यूक्रेन ने इसका जोरदार विरोध किया जिसके बाद संघर्ष तेजी से एक बड़े युद्ध में बदल गया। रूस के आक्रमण के शुरुआती घंटों में अफरातफरी के बीच, अफवाहें फैलीं कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की देश छोड़कर भाग गए हैं लेकिन ऐसा नहीं था। जंग अब भी जारी है।
पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान में जोया बलूच की चुनौती, पीएम और सेना प्रमुख को निशाना बनाया
27 Mar, 2025 02:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान में लगातार विरोध-प्रदर्शन तेज होता जा रहा है. समी दीन और महरंग बलूच की गिरफ्तारी के बाद बलूच मूवमेंट को जोया बलूच के रूप में नया चेहरा मिल गया है. 11 साल की जोया लगातार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है. कहा जा रहा है कि जोया के जरिए बलूच के नेता पूरे मूवमेंट को नई धार देने में जुट गए हैं.
पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ जोया के भाषणों को खूब शेयर किया जा रहा है. जोया अपने भाषण में पाकिस्तान सरकार को दहशतगर्द तो सेना को जुल्मी बताकर निशाना साध रही है.
पहले जानिए कौन है जोया बलूच?
11 साल की जोया बलूच एक्टिविस्ट जहीर बलूच की बेटी है. जहीर बलूच 2015 में पाकिस्तान के हब सिटी से गायब हो गए. परिवार का कहना है कि सुरक्षा बलों ने उसे किडनैप कर लिया. उसके बाद से जहीर अब तक घर नहीं लौटे. जहीर के समर्थन में क्वैटा से लेकर कराची तक विरोध प्रदर्शन किया गया.
पहले जहीर के लिए उनकी बहन विरोध प्रदर्शन करती थीं, लेकिन अब 11 साल की बेटी जोया ने मोर्चा थाम लिया है. जोया हर प्रोटेस्ट में अपने पिता को वापस दिलाने की मांग करती हैं. जोया का हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे लोगों के साथ वी वांट जस्टिस (मुझे न्याय चाहिए) का नारे लगा रही थी.
मंच से जोया का दमदार भाषण
एक वायरल वीडियो में जोया कहती है- हमे दहशहगर्द कहा जा रहा है, लेकिन असली दहशतगर्त तो सत्ता में है. हमारे लोगों को घरों से उठाया जा रहा है, उसका जवाब कौन देगा? जोया अपना अधिकांश भाषण बलूच के स्थानीय भाषा में ही देती है.
इतना ही नहीं, प्रदर्शन के दौरान जोया अपने हाथों में अपने पिता जहीर बलूच की एक पोस्टर भी साथ रखती है. जोया का कहना है कि मैं जिस उम्र में पढ़ना चाहती थी, उस उम्र में अपने पिता को खोज रही हूं. यह कैसा देश है?
पाकिस्तान के खिलाफ विरोध तेज
बलूचिस्तान में एक तरफ जहां बलोच लिबरेशन आर्मी ने सेना के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. वहीं बलूच मूवमेंट के नेता भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इन नेताओं का कहना है कि बलूच में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है. लगातार उनके लोगों को घर से अपहरण कर ले जाया जा रहा है.
1948 में पाकिस्तान का हिस्सा बन चुके बलूचिस्तान में लंबे वक्त से आजादी की मांग की जा रही है. वहीं पाकिस्तान का कहना है कि बलूच को आजाद नहीं किया जाएगा. बलूच में लगातार हो रहे दमन को लेकर यूनाइटेड नेशन ने भी पाकिस्तान को लताड़ लगाई है.
किम जोंग उन ने AI तकनीक से आत्मघाती ड्रोन बनाए, सेना को उन्नत बनाने की योजना
27 Mar, 2025 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन दुनिया को तबाह करने पर उतारू हैं. वह एक से बढ़कर एक घातक हथियार बना रहे हैं. उन्होंने अपने मुल्क के लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है. वह परमाणु हथियार बना चुके हैं. वह कथित अमेरिकी प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए किसी भी हद तक जाने की बात करते हैं. अब इस तानाशाह ने एआई की मदद से एक घातक हथियार बनाया है. उनका इस हथियार की बदौलत तबाही लाने की योजना है. रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग उन ने एआई तकनीक से लैस आत्मघाती ड्रोन बनवाए हैं.
उत्तरी कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी के मुताबिक किम ने कहा कि आधुनिक हथियारों के विकास में मानव रहित उपकरण और एआई तकनीक को सबसे ज्यादा महत्व देना चाहिए. उत्तर कोरिया के इस गैरजिम्मेदाराना व्यवहार से दुनिया बौखला गई है. अमेरिका सहित तमाम पश्चिम देश उत्तर कोरिया पर लगाने लगाने के लिए कई तरह के प्रतिबंध लगा चुके हैं.
केसीएनए के मुताबिक किम जोंग उन ने नए और उन्नत जासूसी ड्रोन का भी निरीक्षण किया. ये ड्रोन जमीन और समुद्र पर दुश्मन के ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम हैं. किम ने कहा कि हमें सेना को आधुनिक बनाने के लिए मानव रहित उपकरणों और एआई को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने यह भी जोर दिया कि सैन्य इस्तेमाल के लिए स्मार्ट ड्रोनों की होड़ में आगे रहने के लिए लंबे समय तक चलने वाला एक मजबूत राष्ट्रीय कार्यक्रम बनाना जरूरी है.
राज्य मीडिया ने तस्वीरें जारी कीं, जिनमें एक ड्रोन को टैंक जैसे लक्ष्य पर हमला करते और उसमें विस्फोट करते दिखाया गया. किम अपने सहायकों के साथ एक बड़े ड्रोन के पास खड़े दिखे, जो आकार में सामान्य लड़ाकू विमान से बड़ा लग रहा था. इसके अलावा किम एक चार इंजन वाले बड़े विमान के पास भी नजर आए, जिसके ऊपर रडार लगा था. यह विमान हवा में जल्दी चेतावनी देने वाला (एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग) विमान बताया जा रहा है, जो उत्तरी कोरिया की पुरानी हवाई रक्षा प्रणाली को बेहतर कर सकता है.
आत्मघाती ड्रोन
उत्तरी कोरिया ने ड्रोन विकसित करने पर जोर दिया है, जिसमें आत्मघाती ड्रोन भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट पिछले एक साल से रूस के साथ बढ़ती सैन्य साझेदारी का हिस्सा है. रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग में उत्तर कोरिया के सैनिकों को ड्रोन युद्ध में शामिल होने की खबरें हैं, जिससे उन्हें जंग के मैदान का अनुभव मिल रहा है.
किम ने अलग से जासूसी, खुफिया जानकारी जुटाने, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और हमले के लिए नए विकसित उपकरणों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को तेजी से विकसित करना और सेना में शामिल करना जरूरी है. उत्तरी कोरिया का यह कदम उसकी सैन्य ताकत को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है.
पिछले कुछ समय से उत्तरी कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग बढ़ा है. विशेषज्ञों का मानना है कि रूस उत्तरी कोरिया को ड्रोन तकनीक में मदद दे रहा हो सकता है. इससे पहले अगस्त 2024 में भी किम ने आत्मघाती ड्रोनों का परीक्षण देखा था और कहा था कि सेना को जल्द से जल्द इनसे लैस करना चाहिए.
ईरान में भूकंप के 2 झटके, क्या ये परमाणु परीक्षण से जुड़े थे?
27 Mar, 2025 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान में पिछले दिनों में भूकंप के 2 झटके लगे हैं. दोनों ही झटके उन इलाकों में लगे हैं, जहां यूरेनियम रखा हुआ है. भूकंप के दोनों ही झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल लगभग 5 थी. ईरान के नतांज़ परमाणु संयंत्र के पास गुरुवार को 5.0 तीव्रता का भूकंप आया, ये भूकंप बदरूद इलाके में महसूस किया गया. दोनों ही भूकंप के बाद ईरान अधिकारियों ने कहा कि परमाणु सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या ईरान ने परमाणु बम बना लिया है, ये भूकंप कही ईरान के अंडर ग्राउंड परमाणु परीक्षण के तो नहीं थे. क्योंकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा पहले ही दावा कर चुकी है कि ईरान ने परमाणु हथियार बनाने लायक यूरेनियम भंडार इकट्ठा कर लिया है. अगर ये सच है, तो अमेरिका और इजराइल के लिए ये बड़ा झटका होगा.
परमाणु बम पर बना सस्पेंस
ईरान के परमाणु प्रोग्राम का दौरा करने गई UN की परमाणु टीम ने एक रिपोर्ट में कहा था कि डील पर बात हो न हो लेकिन ईरान परमाणु तैयार करने के करीब पहुंच गया है. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में भी ईरान के परमाणु जल्द बना लेने की बात कही गई है. साथ ही ईरान के कुछ नेताओं ने भी दावा किया है कि हम किसी समय परमाणु बम बना सकते हैं. ऐसे में ये भूकंप आना इस बात का संकेत हो सकते हैं कि ईरान परमाणु परीक्षण कर रहा है.
मध्य पूर्व में इस समय ईरान की प्रॉक्सीज के खिलाफ अमेरिका और इजराइल ने मोर्चा खोला हुआ है. यमन के हूतियों पर अमेरिका हमले कर रहा है और ईरान को भी ट्रंप चेतावनी दे चुके हैं. ऐसे में ईरान परमाणु परीक्षण कर अपनी ताकत दिखा सकता है और भविष्य में किसी भी खतरे का मुकाबले करने के लिए सक्षम हो सकता है.
रूस का मिल रहा साथ
कुछ जानकारों का मानना है कि ईरान के परमाणु प्रोग्राम को रूस का पूरा साथ मिल रहा है. रूस की तरफ से ईरान के परमाणु कार्यक्रम की पैरवी की गई है. पिछले एक महीने में रूस के वरिष्ठ अधिकारियों का लगातार ईरान का दौरा हो रहा है. फरवरी के आखिर में रूस के विदेश मंत्री भी ईरान गए थे. कुछ खबरों में दावा किया गया है कि ईरान एक एक्सपर्ट रूसी विज्ञानिकों की पूरी मदद कर रहे हैं.
कुआलालंपुर में एयर एशिया विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन में आग लगने से 171 यात्री सुरक्षित
27 Mar, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुआलालंपुर। मलेशिया से चीन जाने वाले एयर एशिया के एक विमान को उड़ान भरने के कुछ ही समय के बाद वापस कुआलालंपुर लैंड कराया गया, इसके पीछे का कारण है कि इस विमान के एक इंजन में आ लग गई थी।
मलेशियाई अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि चीन के शेन्जेन जाने वाले एयर एशिया के एक विमान AK128 के इंजन में आग लगने के कारण कुआलालंपुर वापल लौट आया और उसे सुरक्षित रूप से उतारा गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सेलंगोर राज्य अग्निशमन विभाग ने एक बयान जारी कर कहा, चीन के शेन्जेन के लिए रवाना हुई फ्लाइट में बुधवार को रात 9.59 बजे उड़ान भरने के कुछ ही समय के बाद 'न्यूमेटिक डक्टिंग' के फटने के कारण दाहिने इंजन में आग लगने के बाद कुआलालंपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वापस लौट आई।
171 यात्री और चालक दल थे सवार
विभाग ने कहा, विमान के इन-बिल्ट सिस्टम ने आग को पूरी तरह से बुझा दिया था। विमान में 171 यात्री और चालक दल सवार थे, सभी सुरक्षित हैं। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने सभी यात्री और चालक दल को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला और आगे कोई आग न भड़के, ये सुनिश्चित करने के लिए जांच की गई।
ट्रंप ने विदेशों से बनी कारों पर भारी टैरिफ लगाया, दुनियाभर में व्यापारिक तनाव बढ़ने की आशंका
27 Mar, 2025 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ऑटो आयात पर भारी टैरिफ की घोषणा की है। व्हाइट हाउस ने जानकारी दी कि ट्रंप ने विदेशी निर्मित वाहनों पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की है। वहीं, ट्रंप के इस कदम से ऑटो सेक्टर में खलबली मच सकती है क्योंकि ट्रंप का यह कदम व्यापारिक साझेदारों के साथ तनाव को बढ़ाने वाला है।
2 अप्रैल से प्रभावी होगा यह टैरिफ
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि हम जो करने जा रहे हैं, वह उन सभी कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाना है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में नहीं बनी हैं। यदि वे संयुक्त राज्य अमेरिका में बनी हैं, तो उन पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। यह कदम 2 अप्रैल से प्रभावी होगा और विदेशी निर्मित कारों और हल्के ट्रकों पर मौजूदा टैरिफ के अलावा प्रभाव डालेगा।
ईयू ने की निंदा
यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सभी ऑटो आयातों पर 25 प्रतिशत नए टैरिफ की घोषणा की निंदा की। वॉन डेर लेयेन ने एक बयान में कहा कि मुझे यूरोपीय ऑटोमोटिव निर्यात पर टैरिफ लगाने के अमेरिकी फैसले पर गहरा अफसोस है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ "अपने आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए बातचीत के जरिए समाधान तलाशना जारी रखेगा।"
इससे पहले कनाडा और चीन से आयात सामान पर लगाया टैरिफ
जनवरी में राष्ट्रपति पद पर लौटने के बाद से ट्रंप ने पहले ही प्रमुख अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों कनाडा, मैक्सिको और चीन से आयात पर टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप ने स्टील और एल्यूमीनियम आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क भी लगा दिया है।
शुल्कों से जूझ रहे व्यवसायों के लिए एक और झटका
अतिरिक्त शुल्क नीति अनिश्चितता और पहले के शुल्कों की लहरों से जूझ रहे व्यवसायों के लिए एक और झटका होगा, जिसके बारे में अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी थी कि इससे उत्पादकों की लागत बढ़ सकती है। यदि कंपनियां उन्हें वहन करने में असमर्थ हैं, तो ये लागत अंततः उपभोक्ताओं पर डाली जा सकती है।
प्रमुख वाहन निर्माता फोर्ड के शेयरों में 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि जनरल मोटर्स के शेयरों में 1.9 प्रतिशत की गिरावट आई। ऑटोमोबाइल उद्योग के अलावा, ट्रम्प फार्मास्यूटिकल्स और सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों पर व्यापक क्षेत्र-विशिष्ट टैरिफ लगाने पर भी नजर रख रहे हैं।
मंदी आने की आशंका
बुधवार को ऑटो पर की गई घोषणा दो अप्रैल से पहले की गई है, जिसे ट्रंप ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए "मुक्ति दिवस" करार दिया है। ट्रंप की व्यापार योजनाओं पर अनिश्चितता तथा इससे मंदी आने की आशंका ने वित्तीय बाजारों को हिलाकर रख दिया है, तथा टैरिफ के प्रभावों की आशंकाओं के कारण हाल के महीनों में उपभोक्ताओं का विश्वास भी गिरा है।
नूंह में डीसी काफिले की पीसीआर वैन 250 फीट गहरी खाई में गिरी, हादसा टला
26 Mar, 2025 05:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका उपमंडल से मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. अरावली पहाड़ी क्षेत्र के रवा गांव में अवैध खनन की शिकायत मिलने के बाद जिला उपायुक्त विश्राम मीणा निरीक्षण के लिए पहुंचे थे. इस दौरान उनके काफिले में शामिल एक पुलिस पीसीआर वैन का ब्रेक फेल हो गया, जिसके बाद गाड़ी 250 फीट गहरी खाई में जा गिरी.
250 फीट गहरी खाई में गिरने से गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, लेकिन राहत की बात ये रही कि कोई जनहानि नहीं हुई. पुलिस ड्राइवर ने समय रहते गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली, जिसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक डीसी विश्राम मीणा को नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका उपमंडल में राजस्थान की सीमा से सटे रवा गांव में अरावली पहाड़ी क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें मिली थीं. इन शिकायतों की जांच और निशानदेही के लिए डीसी ने खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त निरीक्षण का फैसला किया.
गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए थे
इस काफिले में पुलिस की पीसीआर वैन भी शामिल थी, जो सुरक्षा और सहायता के लिए मौजूद थी. जब निरीक्षण पूरा होने के बाद काफिला वापस लौट रहा था. उसी दौरान फिरोजपुर झिरका थाने की पीसीआर वैन को ड्राइवर बैक कर रहा था. इसी बीच अचानक गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए. ढलान वाली सड़क पर गाड़ी को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन खड़ी चढ़ाई और तकनीकी खराबी के चलते गाड़ी डिसबैलेंस हो गई.
250 फीट गहरी खाई में गिरी
इस दौरान ड्राइवर और आसपास मौजूद लोगों ने गाड़ी को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे रोका नहीं जा सका. ड्राइवर ने अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी से छलांग लगा दी और पीसीआर वैन करीब 250 फीट गहरी खाई में जा गिरी. खाई में गिरने के बाद पीसीआर वैन पूरी तरह चकनाचूर हो गई. वहीं पुलिस विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वाहन की तकनीकी जांच शुरू कर दी है. ताकि ये पता लगाया जा सके कि ब्रेक फेल होने की वजह क्या थी.
अधिकारियों को निर्देश दिया गया
फिरोजपुर झिरका उपमंडल के कई गांव, जो राजस्थान की सीमा से सटे हैं. लंबे समय से अवैध खनन की चपेट में हैं. स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं की ओर से बार-बार शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने इस पर कार्रवाई शुरू की है. डीसी विश्राम मीणा ने निरीक्षण के दौरान खनन स्थलों की निशानदेही की और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाए. प्रशासन के मुताबिक यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था, लेकिन गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आगे इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए वाहनों की नियमित जांच की जाए.
हरियाणा में फैमिली आईडी में उम्र की गलती, पति ने सरकारी दफ्तरों में की कई बार शिकायत
26 Mar, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एक पति इन दिनों सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. पति का कहना है कि फैमिली आईडी में उसकी पत्नी की उम्र 125 साल दिखाई गई है. इस गलती को ठीक करवाने के लिए वो सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर काट चुका है, मगर पत्नी की DOB सही नहीं की गई. इस कारण उसे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य कार्यों में दिक्कत आ रही है.
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में फैमिली आईडी को मुख्य दस्तावेजों में शामिल किया हुआ है. प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के अलावा बिजली का नया कनेक्शन लेने सहित अन्य किसी भी योजना को शुरू करने के लिए फैमिली आईडी मांगी जाती है. उसी आईडी के डेटा से ही योजनाओं का लाभ मिलता हैय वृद्धा अवस्था पेंशन भी फैमिली आईडी में 60 साल की उम्र पूरी हो जाने के बाद से शुरू होती है.
पत्नी की उम्र पति से दोगुनी
नारनौल में मोहल्ला खड़खड़ी के रहने वाले श्याम सुंदर अपनी फैमिली आईडी को लेकर परेशान हैं. श्याम सुंदर ने बताया कि उनकी फैमिली आईडी में उसकी उम्र 60 साल दर्ज है, जिसके तहत उनका जन्म 17 मई 1965 दर्शाया गया है. वहीं, इसी आईडी में उनकी पत्नी की उम्र 125 साल दर्ज है. उनकी पत्नी का जन्म 1 जनवरी 1900 दर्ज है.
काफी जगह हो रही परेशानी
उन्होंने बताया कि इस आईडी में गलत जानकारी होने के कारण उन्हें काफी जगह परेशानी होती है. कोई भी सरकारी योजना का वे सही से लाभ नहीं ले पा रहे हैं. उसने अपनी और अपनी पत्नी की एक ही फैमिली आईडी बनवाई हुई है, उनके बच्चों की फैमिली आईडी अलग है.
अधिकारियों के काटे कई चक्कर
उन्होंने बताया कि वह अपनी फैमिली आईडी को ठीक करवाने के लिए कई बार डीआरडीए में संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं, मगर उनकी आईडी में हुई त्रुटी ठीक ही नहीं हो रही. फैमिली आईडी में गलती होने के प्रदेश के रोहतक समेत अन्य जिलों में ऐसे कई मामले आ चुके हैं.
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माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
