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"पाकिस्तान को आईएमएफ से राहत, महंगाई में कमी, 36.43 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज"
26 Mar, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऐसा लगता है कि रमजान के महीने में पाकिस्तान पर खुदा मेहरबान हो गया है. पड़ोसी देश तेजी से गुरबत के दिन से बाहर निकल रहा है. उसकी आर्थिक सेहत पटरी पर आने लगी है. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बीते कुछ महीनों में इस मुल्क के खजाने में धन की वर्षा हो रही है. मुल्क तात्कालिक तौर पर आर्थिक संकट से उबरता हुआ दिख रहा है. दरअसल, पाई-पाई को मोहताज हो चुकी पाकिस्तान की सरकार को पिछले दिनों वहां की अदालतों से बड़ी राहत मिली. उसे एक अदालती फैसले से एक झटके में करीब 35 अरब रुपये मिल गए. वहां की दो बड़ी अदालतों ने सरकार के एक फैसले को सही बताते हुए बैंकों की विंडफॉल इनकम पर टैक्स को मंजूरी दे दी. अब आईएमएफ से भी बड़ी राहत मिली है.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने घोषणा की कि उसने पाकिस्तान के साथ एक नए 1.3 अरब डॉलर (36.43 हजार करोड़ रुपये) के कर्ज कार्यक्रम पर सहमति बनाई है. साथ ही, मौजूदा राहत पैकेज की समीक्षा भी की गई है, जिसके तहत अगर मंजूरी मिलती है तो पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर (लगभग 28 हजार करोड़ रुपये) और मिलेंगे. यह नया कर्ज 28 महीने का होगा और इसका मकसद पाकिस्तान को क्लाइमेट चेंज से निपटने और उसकी चुनौतियों को कम करने में मदद करना है.
आईएमएफ ने अपने बयान में कहा कि इस नए कार्यक्रम और मौजूदा कर्ज की समीक्षा को अभी फंड के कार्यकारी बोर्ड से मंजूरी मिलनी बाकी है. हालांकि, बोर्ड की मंजूरी आमतौर पर औपचारिक प्रक्रिया होती है, जिसके बाद फंड जारी कर दिया जाता है.
पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था में सुधार
पाकिस्तान 2023 में कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट के कगार पर पहुंच गया था. उस वक्त देश में राजनीतिक संकट चल रहा था और अर्थव्यवस्था भी बुरी हालत में थी. इससे देश का कर्ज का बोझ इतना बढ़ गया कि उसे संभालना मुश्किल हो गया था. उस समय आईएमएफ ने 7 अरब डॉलर का राहत पैकेज देकर पाकिस्तान को डिफॉल्ट से बचाया था. इसके बाद से देश की अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार हुआ है. महंगाई दर कम हुई है और विदेशी मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी देखी गई है.
लेकिन यह 7 अरब डॉलर का पैकेज, जो 1958 के बाद से पाकिस्तान का 24वां आईएमएफ कर्ज था, कुछ सख्त शर्तों के साथ आया था. इन शर्तों में पाकिस्तान को अपनी इनकम टैक्स को बेहतर करने और बिजली सब्सिडी को कम करने जैसे कदम उठाने थे. बिजली क्षेत्र में भारी नुकसान के चलते सरकार को सब्सिडी देनी पड़ती थी, जिसे अब कम करना जरूरी हो गया था.
आईएमएफ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान की सरकार इन शर्तों को मानने के लिए तैयार है. सरकार धीरे-धीरे अपने कर्ज को कम करने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए सख्त मॉनेटरी पॉलिसी, खर्च में कटौती और सुधारों पर जोर दिया जा रहा है. यह सब मौजूदा 37 महीने के कार्यक्रम की दूसरी समीक्षा के तहत हो रहा है.
पाकिस्तान में बढ़ गया भरोसा
आईएमएफ के मिशन प्रमुख नाथन पोर्टर ने अपने बयान में कहा कि पिछले 18 महीनों में, पाकिस्तान ने मुश्किल वैश्विक माहौल के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और भरोसा बहाल करने में बड़ी प्रगति की है. उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान देश ने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन फिर भी हालात बेहतर करने की कोशिश की.
यह नया कर्ज खास तौर पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए है. पाकिस्तान में हाल के सालों में बाढ़ और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है, जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा. इस कर्ज से सरकार को ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर तैयारी करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
दक्षिण कोरिया में आगजनी से 18 मौतें, अधिकारियों को बुझाने में आई मुश्किलें
26 Mar, 2025 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तानाशाह किम जोंग उन के दुश्मन देश दक्षिण कोरिया में पिछले 24 घंटे में 18 लोगों की मौत हो गई है. ये सभी मौतें न तो किसी हमले की वजह से और न ही उत्तर कोरिया की मिसाइल अटैक की वजह से हुई है. कोरियाई देश के इन सभी मौतों के लिए हवा को जिम्मेदार बताया जा रहा है.
दक्षिण कोरिया के एंडोग शहर के आसपास भीषण आग लग गई. इसे बूझाने में कोरियाई अधिकारियों के पसीने छूट गए. कोरिया आंतरिक विभाग के मुताबिक इस आगजनी में 18 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. 19 घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
हवा की वजह से लगी आग
कोरिया सरकार के मुताबिक हवा की वजह से जंगल में भीषण आग लग गई. सरकार का कहना है कि शुष्क मौसम और तेज हवा ने चिंगारी को भड़काया, जिसके कारण तुरंत आग पर काबू नहीं पाया जा सका. आग की वजह से कोरिया सरकार ने बड़ी क्षति की बात कही है.
सरकार ने जो अनुमान व्यक्त किया है, उसके मुताबिक आग लगने की वजह से 17,400 हेक्टेयर यानी 43,000 एकड़ से अधिक भूमि जल गई है. वहीं इस आग की वजह से 1,300 साल पुराने बौद्ध मंदिर सहित सैकड़ों संरचनाएं नष्ट हो गईं.
55 हजार परिवार दरबदर
दक्षिण कोरिया के स्थानीय मीडिया के मुताबिक आग लगने की वजह से 5500 परिवार को पलायन करना पड़ा है. आग बूझाने के लिए लगभग 9,000 अग्निशमन कर्मियों के साथ-साथ 130 से अधिक हेलीकॉप्टर और सैकड़ों वाहनों को तैनात किया गया था.
इधर, उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के भीषण आग से सबक लेते हुए अपने सभी हवाई अड्डों के बाहर के जंगलों को जलाने का फैसला किया है. उत्तर कोरिया सरकार का कहना है कि सूखी वनस्पतियों की वजह से आग लग जाती है, जिससे बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है.
बता दें कि दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया एक दूसरे के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए है. उत्तर कोरिया ने कुछ दिन पहले अमेरिका और दक्षिण कोरिया को मिसाइल अटैक की धमकी दी थी.
1980 के दशक में दोनों देश आमने-सामने आ भी चुका है. हथियारों के मद्देनजर उत्तर कोरिया काफी मजबूत स्थिति में है. वहीं दक्षिण कोरिया को अमेरिका जैसे सुपरपावर जैसे देशों का साथ मिला हुआ है.
ईरान ने अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी का किया खुलासा, अमेरिका को ताकत का संदेश
26 Mar, 2025 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान: ट्रंप प्रशासन लगातार ईरान को धमकी दे रहा है. हूती विद्रोहियों पर हमले के बाद भी ट्रंप प्रशासन ने सीधी धमकी ईरान को दी. लेकिन ईरान भी कच्चा खिलाड़ी नहीं है. उसने अब अमेरिका को अपनी ताकत दिखा दी है. ईरान ने जमीन के नीचे बसा एक मिसाइल सिटी दिखाया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को अपने एयरोस्पेस बलों के लिए एक अंडरग्राउंड सिटी का अनावरण किया है, जिसमें हजारों सटीक मिसाइलें हैं. ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि अंडरग्राउंड सिटी में खैबर शेकन, गदर, सेज्जिल, इमाद और हज कासेम सहित कई मिसाइलें शामिल हैं. इससे पहले 10 जनवरी को IRGC कमांडरों ने एक अंडरग्राउंड मिसाइल बेस का दौरा किया था, जिसका मकसद सीधे तौर पर दुश्मनों को डराना था.
मंगलवार को आए वीडियो में ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मोहम्मद हुसैन बघेरी और IRGC के एयरोस्पेस कमांडर अमीर अली हाजीजादेह नजर आते हैं. दोनों गर्व से अपनी मिसाइलें दिखा रहे हैं. इनमें से कई मिसाइलें ऐसी हैं, जिसके जरिए पिछले साल इजरायल पर हमला किया गया था. मंगलवार को जब ईरान ने नया वीडियो फुटेज जारी किया तो इसमें उसकी कमजोरी भी नजर आई. दरअसल सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये रही कि सभी मिसाइलें एक लंबी खुली सुरंग में रखी है. इसमें कोई भी मजबूत दरवाजा या सुरक्षा दीवारें नहीं हैं. अगर एक भी हमला हुआ तो कोई भी दीवार या गैप न होने से एक के बाद एक धमाके होंगे.
अमेरिका भी बढ़ा रहा ताकत
ईरान ने यह वीडियो तब जारी किया है, जब कथित तौर पर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक नया परमाणु समझौता करने के लिए दो महीने की मोहलत दी है. ट्रंप ने कहा है कि या तो ईरान नया समझौता करे, या फिर अंजाम भुगतने को तैयार रहे. ट्रंप पहले ही 2018 में ओबामा प्रशासन के परमाणु समझौते को ठुकरा चुके हैं. ट्रंप ईरान को यमन के हूती विद्रोहियों का मुख्य समर्थक मानते हैं. हूतियों पर हमले के साथ ही ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी है. अमेरिका ने यूएसएस कार्ल विंसन और यूएसएस हैरी एस ट्रूमैन जैसे युद्धपोतों को तैनात किया है. दर्जनों एफ-35 के भी क्षेत्र में आने का संकेत है. रिपोर्ट के मुताबिक बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स को हिंद महासागर में मौजूद डिएगो गार्सिया भेजा जा रहा है, जो गहरी सुरंगों को तबाह कर सकता है.
"अमेरिका की पहल: रूस-यूक्रेन युद्ध विराम के लिए अस्थायी समझौते की ओर बढ़े कदम"
26 Mar, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महीनों से जारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध विराम की कोशिशों का असर दिखने लगा है. अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि वह यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध रोकने और दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग वार्ता में ब्लैक सी में सुरक्षित शिप ट्रांस्जिट करने के लिए एक अस्थायी समझौते पर पहुंच गया है.
हालांकि ये अस्थायी समझौता है, लेकिन इसने स्थायी युद्ध विराम की उम्मीद जगा दी है. क्रेमलिन ने कुछ पश्चिमी प्रतिबंधों को हटाने की शर्त पर इस सौदे को सशर्त बना दिया है. ये ऐलान तब किया जब अमेरिका ने सीमित युद्ध विराम की दिशा में संभावित कदमों पर सऊदी अरब में यूक्रेनी और रूसी डेलिगेशन के साथ तीन दिनों की वार्ता पूरी की है.
समझौते पर जेलेंस्की क्या बोले?
इस समझौते के बाद भी एक व्यापक शांति समझौता अभी भी दूर दिखाई दे रहा है. इस समझौते को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने 3 साल पुराने युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में शुरुआती ‘सही कदम’ बताया है और इस पहल की प्रशंसा की है.
जेलेंस्की ने मीडिया से कहा, “ये पहले कदम हैं – बिल्कुल पहले नहीं बल्कि शुरुआती – इस राष्ट्रपति प्रशासन की ओर से युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने और पूर्ण युद्ध विराम की संभावना के साथ-साथ एक स्थायी और निष्पक्ष शांति समझौते की दिशा में कदम है.”
रूस की प्रतिक्रिया
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूसी पक्ष ब्लैक सी इनिशिएटिव को फिर से शुरू करने का समर्थन करता है, हालांकि इसे सभी के लिए ज्यादा स्वीकार्य प्रारूप में शुरू किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, “हम ब्लैक सी इनिशिएटिव को किसी न किसी रूप में वापस लाने का समर्थन करते हैं, जो सभी के लिए बेहतर हो.” उन्होंने आगे कहा कि रियाद में वार्ता के दौरान इस मुद्दे पर प्राथमिकता के रूप में चर्चा की गई है.
"पूर्वी फ्रांस में फ्रांसीसी वायु सेना के दो जेट की टक्कर, पायलट और यात्री सुरक्षित"
26 Mar, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ्रांस में एक बड़ा विमान हादसा हुआ है. मंगलवार को पूर्वी फ्रांस के सेंट-डिजियर के हाउते-मार्ने के पास एक प्रशिक्षण के दौरान दो फ्रांसीसी वायु सेना के विमान हवा में टकरा गए, ये विमान फ्रांसीसी वायु सेना अल्फा जेट थे. फ्रांस वायुसेना ने बताया कि जेट में सवार दो पायलट और एक यात्री विमान से बाहर निकलने में कामयाब रहे और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं.
कुछ पोस्ट और फ्रांसीसी अधिकारियों के शुरुआती बयानों के मुताबिक इसमें शामिल विमान एलीट पैट्रॉइल डी फ्रांस एरोबैटिक टीम के अल्फा जेट थे, ये जेट टक्कर के समय एक प्रशिक्षण उड़ान भर रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए. इस हादसे को अपनी आंखों से देखने वाले लोग हैरान है, वीडियो फुटेज से भी ये यकीन कर पाना मुश्किल है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी कोई हताहत नहीं हुई है. हालांकि विमान में गिरने के बाद आग लग गई.
चश्मदीदों ने क्या बताया?
चश्मदीदों ने बताया कि विमान के टक्कर लगते ही, दो पैराशूट को खुलते हुए देखा गया, जो दर्शाता है कि पायलट बाहर निकल गए, हालांकि बचाव अभियान जारी रहने के वजह से ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है. दुर्घटना ने पास की एक फैक्ट्री में आग लगा दी, जिससे जमीन पर संभावित हताहतों या नुकसान की चिंता बढ़ गई.
आखिरी वक्त बाहर आए पायलट
प्लेन टक्कराने के मौके में मौजूदों लोगों के बयानों और कुछ तस्वीरों से साफ पता चल रहा है कि विमान पायलट ऐन वक्त पर प्लेन से बाहर निकला है. अगर पैराशूट खोलने में थोड़ी भी देर होती, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी.
सरकार का कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट को ऑफर : कैश, प्लॉट या सरकारी नौकरी का चुनाव
26 Mar, 2025 11:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार (25 मार्च) को कैबिनेट बैठक हुई. इस दौरान की अहम फैसले लिए गए. बैठक में सरकार ने कांग्रेस विधायक और रेसलर विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल के इनाम के बदले 3 विकल्प दिए हैं. विनेश को 4 करोड़ कैश, प्लाट या फिर सरकारी नौकरी का ऑफर दिया गया है. दरअसल सरकार ने पेरिस ओलंपिक में सिल्वर मेडल मुकाबले तक पहुंचने के बाद विनेश का सम्मान करने की घोषणा की थी. हालांकि फाइनल में मैच में 100 ग्राम बढ़े वजन की वजह से विनेश मुकाबला नहीं खेल पाई थी.
हरियाणा सरकार ने विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के बराबर लाभ देने की घोषणा की थी. सिल्वर मेडल की नीति के तहत 3 तरह के लाभ मिलते हैं. इनमें नकद पुरस्कार के रूप में 4 करोड़ रुपए, ग्रुप ए OSP नौकरी, और HSVP का प्लाट. चूंकि विनेश फोगाट अब विधायक हैं, ऐसे में उक्त तीनों लाभ में से वो क्या लेना चाहती हैं, इसलिए उनसे विकल्प के बारे में पूछा जाएगा.
बैठक में लिए गए अन्य फैसले
हरियाणा फैसला किया कि अब आत्मनिर्भर कपड़ा नीति 2022-25 की अवधि को बढ़ाकर 18 दिसंबर, 2026 तक किया जाएगा.
कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी योजना के तहत सेंक्शन किए जाने प्रोजेक्ट की संख्या पर कैपिंग को हटाने का भी निर्णय हुआ. इस नीति में पहले ये प्रावधान था कि 86 प्रोजेक्टों को मंजूरी दी जाएगी, जबकि अब इस सीमा को हटा दिया गया है.
करदाताओं की बकाया राशि की वसूली के लिए ‘हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2025’ के संशोधित प्रारूप को मंजूरी दी गई. इस योजना को 23 जनवरी को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई थी, लेकिन हितधारकों के कुछ सुझाव मिलने के बाद उचित संशोधन किए गए.
नई योजना का प्रस्ताव छोटे करदाताओं को लाभ देने के लिए किया गया है. इस योजना के तहत, 10 लाख रुपए तक के बकाया टैक्स पर एक लाख रुपए की छूट मिलेगी. यह योजना 180 दिनों तक लागू रहेगी.
सरकारी विभागों की तर्ज पर नगर निकायों में ग्रुप ए, बी, सी और डी के पदों के वर्गीकरण को मंजूरी दी गई.
ग्रुप ए और बी के बराबर के सभी पद अब हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के माध्यम से भरे जाएंगे. जबकि ग्रुप सी और डी के पद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के माध्यम से भरे जांएगे. इस निर्णय से निकायों के कर्मचारियों को अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों की तरह अनेक लाभ मिलेंगे, जिनमें पदोन्नति में आरक्षण आदि शामिल.
हरियाणा मिल्क प्लांट एसोसिएशन और मिल्क प्लांट मालिकों पर दुग्ध सेस के भुगतान में देरी होने पर 2 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज प्रति माह की दर से यानी 24% जुर्माना लगता था. ऐसे उनके अनुरोध को मानते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि अब दुग्ध सेस के भुगतान में देरी होने पर जुर्माने की राशि पर 12 प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज लगेगा.
बैठक में हरियाणा मुर्रा भैंस और अन्य दुधारू पशु नस्ल नियम, 2002 में संशोधन को मंजूरी दी गई.
सभी निकायों को स्टेट फाइनेंस कमिशन के तहत विकास कार्यों के लिए 587 करोड़ रुपए की राशि भी जारी की गई.
इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से शहरी स्थानीय निकाय विभाग की वेबसाइट और अन्य पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया,
सरकार ने गत 17 मार्च को प्रस्तुत किए गए राज्य बजट 2025-26 स्थानीय सरकारों को आर्थिक स्वतंत्रता देते हुए अपने स्तर पर आमदनी के नए तरीके और व्यवस्था बनाने की पहल की.
सरकार ने नगर निगम के मेयर का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपए किया है. सीनियर डिप्टी मेयर का मानदेय बढ़ाकर 25,000 रुपए, डिप्टी मेयर का मानदेय बढ़ाकर 20,000 रुपये और पाषर्दों का मानदेय बढ़ाकर 15,000 रुपए किया गया. इसके साथ ही नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अध्यक्षों और सदस्यों के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है.
दक्षिण कोरिया में लगी आग, 130 हेलीकॉप्टर और हजारों दमकल कर्मी भी असफल
26 Mar, 2025 08:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सियोल। दक्षिण कोरिया के जंगलों में भीषण आग लगी है। अब तक इसमें 16 लोगों की जान जा चुकी है। और 19 लोग झुलसे हैं। शुष्क मौसम और तेज हवाओं ने आग को और प्रचंड बना दिया है। 1300 साल पुराना बौद्ध मंदिर भी जलकर राख हो गया है। भीषण आग ने अभी तक 43000 एकड़ जमीन को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रशासन ने अंडोंग समेत अन्य शहरों और कस्बों के लोगों को अपने घर खाली करने का आदेश दिया है। दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे हैं। मगर अभी पूरी तरह से सफलता नहीं मिली है।
पांच जगह लगी भीषण आग
दक्षिण कोरिया में पांच अलग-अलग स्थानों पर जंगल में भीषण आग लगी है। कोरिया वन सेवा के मुताबिक शनिवार को सानचियोंग में आग की चपेट में आने से चार दमकल कर्मियों की जान गई है। कार्यवाहक प्रधानमंत्री हान डक-सू ने आग को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करने करने की बात कही है। उन्होंने लोगों से भी सतर्कता बरतने को कहा है।
5500 लोगों को घर छोड़ना पड़ा
अंडोंग और उसके पड़ोसी उइसियोंग व सानचियोंग काउंटियों तथा उल्सान शहर के 5500 से ज्यादा लोगों को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है। दक्षिण कोरिया के आंतरिक एवं सुरक्षा मंत्रालय के मुताबिक आग ने यहां सबसे भीषण रूप धारण कर रखा है। उइसोंग काउंटी में लगी आग तेजी से आगे फैल रही है। अब अंडोंग और उइसोंग काउंटी के अधिकारियों ने कई गांवों और अंडोंग विश्वविद्यालय के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है।
130 हेलीकॉप्टर आग बुझाने में जुटे
अधिकारियों का कहना है कि दमकल कर्मियों ने काफी हद तक आग बुझा दी थी। मगर शुष्क मौसम और तेज हवाओं के कारण आग ने दोबारा प्रचंड रूप धारण कर लिया। आग बुझाने में लगभग 9,000 दमकल कर्मी, 130 से अधिक हेलीकॉप्टर और सैकड़ों वाहनों की मदद ली जा रही है।
7वीं शताब्दी का मंदिर नष्ट
कोरिया हेरिटेज सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक उइसोंग में लगी आग ने 1300 साल पुराने बौद्ध मंदिर गौंसा को तबाह कर दिया है। इस मंदिर लकड़ी का बना था। इसे 7वीं शताब्दी में बनाया गया था। हालांकि यहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मंदिर तक आग पहुंचने से पहले ही भगवान बुद्ध की प्रतिमा और कुछ राष्ट्रीय धरोहरों को निकाल लिया गया था।
2600 कैदियों को दूसरी जगह भेजा जा रहा
आग की वजह से योंगदेओक शहर में सड़कों को बंद कर दिया गया है। चार गांवों के लोगों से अपने घरों को छोड़ने को कहा गया है। चेओंगसोंग काउंटी की एक जेल से लगभग 2600 कैदियों को दूसरी जगह भेजा जा रहा है। हालांकि दक्षिण कोरिया के न्याय मंत्रालय ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की।
चीन का नया डीप-सी केबल कटर, वैश्विक इंटरनेट सुरक्षा के लिए खतरा
25 Mar, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन ने हाल ही में एक ऐसा डिवाइस बनाया है जो समुद्र के नीचे के सबसे मजबूत संचार और पावर केबल्स को काट सकता है. यह नया डिवाइस एक डीप-सी केबल कटर है, जिसे चीनी वैज्ञानिकों ने विकसित किया है. यानी अब इस देश के पास एक ऐसी तकनीक है, जिसकी मदद से वह किसी भी समय समुद्र के नीचे बिछे केबल्स को काट सकता है और अगर ऐसा हुआ, तो पूरी दुनिया का इंटरनेट कनेक्शन बाधित हो सकता है. इस डिवाइस के बनने से वैश्विक इंटरनेट और डाटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है.
यह उपकरण चीन के शिप साइंटिफिक रिसर्च सेंटर (CSSRC) और उसकी स्टेट की लेबोरेटरी ऑफ डीप-सी मैनड व्हीकल्स द्वारा बनाया गया है. चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि यह केबल कटर खास तौर पर समुद्र तल खनन के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन इस उपकरण की दोहरी उपयोगिता (ड्यूल-यूज) चिंता का विषय बन गई है. दरअसल ये डिवाइस समुद्र के 4000 मीटर गहरे पानी में काम कर सकता है और उस गहरे पानी में बिछी हुई स्टील-रेनफोर्ड केबल्स को भी आसानी से काट सकता है. इन केबल्स पर दुनिया का 95% इंटरनेट और डेटा ट्रांसमिशन निर्भर करता है.
कैसे काम करता है ये डिवाइस
समुद्र के नीचे के संचार केबल्स बेहद मजबूत होते हैं क्योंकि उन्हें पॉलिमर, रबर और स्टील की परतों से कवर किया जाता है ताकि वे गहरे समुद्र के दबाव और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से सुरक्षित रहें. लेकिन चीनी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है. जो इन बेहद मजबूत केबल्स को काटने में सक्षम है. इस डिवाइस में एक डायमंड-कोटेड ग्राइंडिंग व्हील लगाया गया है, जो 1600 RPM की गति से घूमता है और स्टील के केबल्स को काटने के लिए पर्याप्त फोर्स उत्पन्न करता है. इतना ही नहीं, यह डिवाइस समुद्र के गहरे पानी में 400 एटीएम तक के दबाव में भी काम कर सकता है.
यह उपकरण खास तौर पर चीनी सबमर्सिबल्स, जैसे फेंडोज़े और हैडौ के साथ काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. सबमर्सिबल्स समुद्र की गहराई में जाकर समुद्र के तल के बारे में जानकारी जुटाने और रिसर्च करने के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इस उपकरण की उपस्थिति और उसकी क्षमता ने दुनिया भर में चिंताएं पैदा कर दी हैं. खासकर पश्चिमी देशों को इस बात का डर है कि अगर चीन चाहें, तो युद्ध के समय इस उपकरण का इस्तेमाल समुद्र के नीचे के संचार केबल्स को काटने के लिए कर सकता है. जिससे पूरी दुनिया का इंटरनेट कनेक्शन ठप हो सकता है.
कहां कर सकता है चीन इस डिवाइस का इस्तेमाल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिवाइस का इस्तेमाल चीन अगर ताइवान पर हमला करता है. तो यह देश इस डिवाइस का इस्तेमाल ताइवान के पास स्थित समुद्र के नीचे के संचार केबल्स को काटने के लिए कर सकता है. इसके अलावा, गुआम जैसे अमेरिकी क्षेत्रों के पास भी चीन इस उपकरण का उपयोग कर सकता है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने और एयरबेस स्थित हैं. गुआम, जो एक महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य अड्डा है चीन के लिए रणनीतिक रूप से अहम है और ऐसे में चीन इस उपकरण का इस्तेमाल युद्ध के समय अमेरिका के संचार तंत्र को नष्ट करने के लिए कर सकता है.
यूरोपीय देशों को भी सुरक्षा की चिंता
चीन के इस उपकरण की क्षमता को देखते हुए यूरोपीय देशों को भी अपनी सुरक्षा के बारे में चिंता होने लगी है. कार्नेगी एंडोवमेंट, जो एक प्रमुख अमेरिकी थिंक टैंक है, का कहना है कि अगर चीन समुद्र के नीचे के संचार केबल्स को काटने में सफल हो जाता है. तो इसका वैश्विक वित्तीय बाजारों पर गंभीर असर पड़ेगा. यूरोपीय देशों को यह डर है कि चीन इस उपकरण का इस्तेमाल हाइब्रिड युद्ध के रूप में कर सकता है. जिसमें यह साबित करना मुश्किल होगा कि यह चीन ने किया है या नहीं और इसके परिणामस्वरूप कई देशों के लिए गंभीर आर्थिक नुकसान हो सकता है.
हालांकि, यह पूरी तरह से साफ नहीं है कि चीन इस उपकरण का वास्तविक उपयोग कहां करेगा. लेकिन इसके बारे में बढ़ती चिंताए और आशंकाएं साफ संकेत देती हैं कि यह तकनीकी विकास वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है. हालांकि की चीन ने हमेशा इस तरह के आरोपों को नकारा है.
चीन में दांत की समस्या से परेशान महिला की खुदकुशी, डॉक्टर की लापरवाही सामने आई
25 Mar, 2025 03:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चाइना: चाइना की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक चीनी महिला ने अस्पताल की छत से छलांग लगा दी जिसके बाद उसकी मौत हो गई। महिला ने छत से मौत की छलांग इस वजह से लगाई क्योंकि डॉक्टर ने दांत निकालने की प्रक्रिया में गड़बड़ी की थी। वू नाम की यह महिला 34 वर्ष की थी और पूर्वी चीन के अनहुई प्रांत की रहने वाली थी। महिला ने अंकिंग म्यूनिसिपल अस्पताल में अपना एक दांत निकलवाया था। यह अस्पताल अपने दंत चिकित्सा विभाग के लिए जाना जाता है। प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर ने गलती से एक स्वस्थ दांत निकाल दिया और फिर गलत तरीके से निकाले गए दांत को जबरन वापस उसकी जगह पर लगा दिया था।
महिला के भाई ने क्या कहा?
वू के भाई ने कहा, "सर्जरी के डेढ़ घंटे तक उन्होंने एनेस्थीसिया का इस्तेमाल नहीं किया और मेरी बहन ने इसे सहन किया।" उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने कई अन्य दांतों के साथ गलत दांत को भी बांधने के लिए तार का इस्तेमाल किया। इस खराब ऑपरेशन की वजह से वू के दांत क्षतिग्रस्त हो गए और उन्हें बहुत दर्द हुआ, उनका चेहरा सूज गया। वह कुछ खा नहीं पा रही थी और अगले कुछ दिनों तक केवल पानी पीकर ही जीवित रही क्योंकि दर्द की वजह से वह रात भर जागती रहती थी।
वू ने साझा किया था वीडियो
सोशल मीडिया पर अपने अनुभव को बताते हुए वू ने एक वीडियो भी साझा किया था। उन्होंने कहा, "इस घटना के बारे में वास्तव में किसी ने कुछ नहीं कहा। अस्पताल ने शुरू से आखिर तक मुझसे झूठ बोला, जिससे मुझे बहुत तकलीफ हुई। मुझे कौन बचाएगा? इस अस्पताल ने जो नुकसान पहुंचाया है, उसके कारण मैं यहीं मर जाऊंगी।"
अस्पताल ने कुछ नहीं किया
वू के एक रिश्तेदार ने कहा कि, उन्होंने चेतावनी दी थी कि अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद वह अपनी 'मौत' का इस्तेमाल अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए करेंगी। रिश्तेदार ने कहा, "वू ने अस्पताल और अधिकारियों को बार-बार इस मामले की सूचना दी थी, लेकिन कुछ नहीं किया गया।''
परिवार ने की यह मांग
वू की मौत के बाद, अस्पताल ने डॉक्टर को निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों मामले की जांच कर रहे हैं। इस बीच, वू के परिवार ने अस्पताल के 11.7 लाख रुपये (100,000 युआन) के मुआवजे के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और छत से गिरने की निगरानी फुटेज देखने की मांग की है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
चीन में दंत चिकित्सा में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल अगस्त में हुआंग नाम के एक व्यक्ति ने दंत चिकित्सा प्रक्रिया करवाई थी, जिसमें डॉक्टरों ने एक ही दिन में 23 दांत निकाले और 12 दांत लगा दिए। 2 सप्ताह बाद, उस व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ा जिससे उसकी मौत हो गई थी। यह मामला उनकी बेटी शू की ओर से एक ऑनलाइन पोस्ट के माध्यम से सामने आया था।
पति ने हत्या के बाद गड्ढे में छिपाई लाश, 3 महीने बाद मिली बीवी के आशिक की डेड बॉडी
25 Mar, 2025 02:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
24 दिसंबर 2024 को हरियाणा के एक फिजियोथेरेपिस्ट की हत्या कर दी गई थी. पुलिस तभी से इस हत्याकांड को सुलझाने की कोशिश कर रही थी. अब जाकर पुलिस को कामयाबी मिली है. हालांकि, हत्याकांड का मास्टमाइंड अभी फरार है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. मामला रोहतक जिले का है. यहां तीन महीने से लापता मस्तनाथ संस्थान के फिजियोथेरेपिस्ट जगदीप (45) का शव सोमवार देर शाम चरखी दादरी जिले के पैंतावास कलां गांव स्थित कालूवाला जोहड़ से बरामद किया गया है. जगदीप को जमीन में 7 फीट से अधिक गहरा गड्ढा खोदकर खड़ा ही दफनाया गया था. पुलिस ने शव को बरामद कर चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार, रोहतक की बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी में कार्यरत जगदीप का 3 माह पहले जनता कॉलोनी से 4 युवकों ने अपहरण कर लिया. इसके बाद पैंतावास कलां में ले जाकर जिंदा ही गड्ढे में गाड़ दिया. पुलिस ने गांव के दो युवकों हरदीप और धर्मपाल को हिरासत में लिया है. मुख्य आरोपी जिसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध बताए जा रहे हैं, वह अभी फरार है. उसकी पुलिस तलाश कर रही है. उसकी गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड को लेकर और भी कई खुलासे हो सकते हैं.
जगदीप के साथ पत्नी के आपत्तिजनक फोटो
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगदीप रोहतक की जनता कॉलोनी में एक महिला के मकान में किराए पर कमरा लेकर रहता था. मूल रूप से वो झज्जर का रहने वाला था. रोहतक में रहते हुए उसकी पहचान जनता कॉलोनी की एक महिला से हुई, जिसकी शादी चरखी दादरी के पैंतावास कलां गांव में हुई थी. दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए. इस बात की जानकारी महिला के पति को लगी.
वह रोहतक पहुंचा और जगदीप का मोबाइल चेक किया. उसमें पत्नी के साथ उसकी तस्वीरें देखीं. गुस्से में उसने हत्या की योजना बना ली. इसके बाद वह अपने गांव पैंतावास कलां लौटा और हत्या के लिए अपने साथी हरदीप, धर्मपाल और एक अन्य को साथ मिला लिया. इसके बाद अपहरण कर हत्या को अंजाम दिया.
मोबाइल लोकेशन से मिली अहम जानकारी
जगदीप 24 दिसंबर को आखिरी बार यूनिवर्सिटी गया था. जब एक माह तक सुराग नहीं मिला तो ताऊ ईश्वर ने 3 फरवरी को शिवाजी कॉलोनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. जांच में सामने आया कि 24 दिसंबर की शाम चार युवक जगदीप को जनता कॉलोनी स्थित किराए के मकान से हाथ-पैर बांधकर गाड़ी में डालकर ले गए थे.
एक बच्ची का पिता था जगदीप
पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन का डंप डेटा उठाया तो पैंतावास कलां के युवकों की लोकेशन सामने आई. पुलिस ने गांव के दो युवकों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की. दोनों ने वारदात कबूल ली. उनकी निशानदेही पर पुलिस उस जगह पहुंची, जहां जगदीप को जिंदा ही गाड़ा गया था. फिलहाल, मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है. उधर, उस महिला से भी पूछताछ जारी है, जिससे जगदीप के अवैध संबंध थे. जगदीप खुद भी शादीशुदा था और उसी 7 साल की बेटी भी है. जगदीप की हत्या के बाद अब मां-बेटी अकेली रह गई हैं.
दीपक हुड्डा की पत्नी ने थाने में की कुटाई, पति पर लगाए सनसनीखेज आरोप
25 Mar, 2025 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर स्वीटी बूरा ने अपने पति भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान दीपक हुड्डा से महिला थाने में मारपीट कर दी. पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसके बाद स्वीटी बूरा ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने हिसार एसपी पर भी निशाना साधा है. स्वीटी ने कहा है, ‘ दीपक हुड्डा को लड़कों में इंटरेस्ट है. यह सब बातें मुझे बाद में पता चलीं. मुझे जानबूझकर हिंसात्मक दिखाया जा रहा है, जबकि दीपक हुड्डा ही मुझसे मारपीट करता था.’
स्वीटी बूरा ने कहा है कि ‘दीपक ने मुझे वीडियो दिखाने के लिए बुलाया था. वीडियो के शुरू और आखिरी का हिस्सा गायब है, जिसमें दीपक मुझे गंदी-गंदी गालियां दे रहा है.’ स्वीटी ने बताया, ‘बाद में मुझे पैनिक अटैक आया, वह हिस्सा भी गायब कर दिया. थाने का वीडियो सार्वजनिक होने का मतलब यह है कि इस केस में दीपक के साथ हिसार एसपी मिले हुए हैं. दोनों को फांसी की सजा होनी चाहिए.’
एसपी ने की वीडियो में छेड़छाड़- स्वीटी
स्वीटी बूरा ने कहा है कि हिसार एसपी दीपक हुड्डा के साथ मिले हुए हैं. उन्होंने रविवार (23 मार्च) को मीडिया से कहा था कि थाने में जो घटनाक्रम हुआ है, उसका वीडियो सामने आना चाहिए. उनका आरोप है कि हिसार एसपी ने वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. उससे पहले और उस दौरान जो बातें हुईं, उस वीडियो में नहीं दिखाई गईं. उनका कहना है कि जो उनपर इल्जाम लगाए जा रहे हैं, जो वीडियो मेरा चैनल व सोशल मीडिया पर चल रहा है मैं उसके बारे में बताने के लिए लाइव आई हूं.’
FIR में मामा और पापा का नाम झूठा- स्वीटी
स्वीटी बूरा ने मीडिया को बताया कि उनके पापा और मामा का नाम भी दीपक हुड्डा ने एफआईआर में लिखवाया हुआ है, जबकि वायरल वीडियो में ही दिख रहा है कि मेरे पापा और मामा तो दीपक के पास तक नहीं गए. वह कहती हैं कि उनके मामा तो उसे ही रोक रहे हैं कि ये सब नहीं करना. इसके बावजूद दीपक हुड्डा ने झूठा मेडिकल करवाया और उनके मामा और पिता का नाम एफआईआर में लिखवाया.
स्वीटी का कहना है कि उन्होंने कोई चोट दीपक को नहीं मारी, जबकि मेडिकल में उसमें चोट का जिक्र किया है.स्वीटी बूरा ने हाथ जोड़कर कहा कि ‘अगर मैं इतनी बूरी हूं तो मेरा पति मुझे तलाक क्यों नहीं देता. मैं तो सिर्फ उससे तलाक ही मांग रही हूं. मैंने उससे कुछ नहीं मांगा. कोई इंसान अगर इतना बुरा होगा तो उसके साथ क्यूं रहना चाहेगा. कोई साथ रहना तभी चाहता है जब वह अच्छा होता है.’
ये है दोनों के बीच विवाद
स्वीटी और दीपक की शादी 3 साल पहले हुई थी. स्वीटी ने पति दीपक पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई थी. स्वीटी ने आरोप लगाया था कि पति ने उनके साथ मारपीट की. शादी में एक करोड़ और फॉर्च्यूनर देने के बावजूद उन्हें कम दहेज के लिए प्रताड़ित किया. दीपक ने भी स्वीटी और उनके परिवार पर संपत्ति हड़पने के साथ जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था. उन्होंने रोहतक में शिकायत दी थी. दीपक का कहना था कि स्वीटी ने सोते हुए उनका सिर फोड़ा. उन पर चाकू से हमला किया. इस मामले में दोनों के रोहतक में केस दर्ज हैं. स्वीटी और दीपक इस वक्त बीजेपी नेता हैं. दीपक ने महम सीट से पिछला विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव हार गए थे.
पुतिन का उपहार: ट्रंप ने गिफ्ट की तारीफ करते हुए कहा- यह बेहद खूबसूरत है
25 Mar, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को अब 3 साल से अधिक समय बीत चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कोशिश कर रहे हैं कि इस युद्ध को जल्द से जल्द रोका जाए। इसे लेकर ट्रंप ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात भी की थी। वहीं, अब पुतिन ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसे रूस और अमेरिका के बीच टेंशन को खत्म करने की ओर बड़ा कदम बताया जा रहा है। क्रेमलिन ने सोमवार को पुष्टि की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रम्प को उनका (ट्रंप) का एक चित्र गिफ्ट किया है। क्रेमलिन ने भी सोमवार को इस बात की पुष्टि की है।
पुतिन से मिले थे ट्रंप के दूत
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि व्लादिमीर पुतिन ने इसी महीने की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को मॉस्को में यह चित्र दिया था। हालांकि, उन्होंने इस मामले पर और टिप्पणी करने से मना कर दिया। बता दें कि यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करने को लेकर जारी प्रयास के तहत रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद विटकॉफ ने पुतिन से मुलाकात की।
ट्रंप का क्या था रिएक्शन
पुतिन की ओर से भेजे गए गिफ्ट पर डोनाल्ड ट्रंप का रिएक्शन भी सामने आया है। एक इंटरव्यू में विटकॉफ ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा दी गई तस्वीर से स्पष्ट रूप से काफी प्रभावित हुए। डोनाल्ड ट्रंप ने इस गिफ्ट को खूबसूरत बताया है।
पुतिन ने इन नेताओं को भी भेजे थे गिफ्ट
2018 में पुतिन ने तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप को एक सॉकर बॉल दी थी। सीक्रेट सर्विस ने इसकी जांच की थी। ट्रंप ने इसे अपने बेटे को दिया था। इससे पहले पुतिन ने 2021 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में एक शिखर सम्मेलन में मिलने पर 12,000 अमेरिकी डॉलर का लैकर लेखन बॉक्स और पेन गिफ्ट किया था। साल 2013 में पुतिन ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को कथित तौर पर चीनी मिट्टी की प्लेटें और एस्प्रेसो कप भेजे थे। इससे पहले पुतिन ने कथित तौर पर जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश को उनके 90वें जन्मदिन पर उनका एक चित्र भेजा था।
जब USSR ने गिफ्ट में लगाया था बग
दरअसल, साल 1945 में सोवियत युग के दौरान स्कूली बच्चों ने तत्कालीन अमेरिकी राजदूत एवरेल हैरिमन को अमेरिका की ग्रेट सील की एक नक्काशी उपहार में दी थी। इस नक्काशी में बग लगा था जिससे सोवियत संघ अमेरिकी राजदूत की बातें सुन सकता था। यह नक्काशी 6 साल तक राजदूत के कार्यालय में लटकी रही थी। अब तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि पुतिन ने ट्रंप को जो चित्र दिया है, उसमें बग की जाँच की गई है या नहीं।
न्यूजीलैंड का दक्षिणी द्वीप भूकंप से कांपा, समुद्र तट से दूर रहने की सलाह
25 Mar, 2025 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वेलिंगटन। भूकंप के तेज झटकों से न्यूजीलैंड हिल उठा। अधिकारियों के मुताबिक न्यूजीलैंड के दक्षिणी द्वीप पर लोगों ने तेज झटकों को महसूस किया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई। अब न्यूजीलैंड की आपदा एजेंसी ने यह आकलन लगाने में जुटी है कि क्या सुनामी का कोई खतरा है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड भूकंपीय रूप से सक्रिय 'रिंग ऑफ फायर' पर बसा है। रिंग ऑफ फायर लगभग 40000 किलोमीटर का एक घेरा है। यह प्रशांत महासागर के अधिकांश भाग को घेरने वाले ज्वालामुखियों और समुद्री खाइयों से भरा है।
समुद्र से दूर रहने की अपील
NEMA ने साउथलैंड और फियोर्डलैंड क्षेत्रों के लोगों को समुद्र तटों और समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि समुद्र की असामान्य धाराएं खतरा बन सकती हैं। न्यूजीलैंड की सरकारी भूकंप निगरानीकर्ता जियोनेट ने कहा कि 4700 से अधिक लोगों ने भूकंप महसूस किया।
अलमारी से सामान गिरने लगा
न्यूजीलैंड की मीडिया ने अपनी खबरों में बताया कि लोगों ने सामान गिरने और इमारतों के हिलने की जानकारी साझा की। न्यूजीलैंड हेराल्ड अखबार के मुताबिक एक व्यक्ति ने फेसबुक पर पोस्ट कि हमारी अलमारी से सामान गिरने लगा। लकड़ी की मेज घूमने लगी।
33 किमी की गहराई में आया भूकंप
जियोनेट के मुताबिक भूकंप न्यूजीलैंड के स्नेरेस द्वीप समूह से लगभग 160 किमी उत्तर-पश्चिम में 33 किमी की गहराई पर आया है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप लगभग 10 किमी की गहराई पर आया। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय मौसम ब्यूरो का कहना है कि मुख्य भूमि, द्वीपों व अन्य क्षेत्रों में सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
अचानक पर्दे हिलने लगे
डुनेडिन शहर में भी लोगों ने झटके महसूस किए। यहां के एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि हम डुनेडिन अस्पताल की 8वीं मंजिल पर थे। अचानक पर्दे हिलने लगे। हम बिस्तर पर बैठे-बैठे हिल रहे थे। यह डरावना था। एक अन्य शख्स ने कहा कि कार में मैं बच्चों का इंतजार कर रहा था। भूकंप की वजह से कार काफी तेज हिलती रही।
सुनामी का सता रहा डर
भूकंप के बाद सुनामी के खतरे का आकलन राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (नेमा) और जीएनएस साइंस कर रही है। नेमा ने कहा अगर इस स्थान पर सुनामी पैदा होती है तो कम से कम एक घंटे तक इसके न्यूजीलैंड पहुंचने की संभावना नहीं है। एजेंसी ने कहा कि अगर समुद्र तटीय लोगों को भूकंप के झटके एक मिनट से अधिक समय तक महसूस हुए हैं तो उन्हें तुरंत इलाका खाली कर देना चाहिए। ऐसे में सुनामी का खतरा है।
ट्रंप का नया प्लान, वेनेजुएला से व्यापार करने वालों को दी चेतावनी
25 Mar, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वे जल्द ऑटोमोबाइल, एल्युमिनियम और फार्मास्यूटिकल्स पर टैरिफ यानी शुल्क की घोषणा करेंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि किसी समस्या जैसे युद्ध आदि का सामना करना पड़ा, तो अमेरिका को इन सभी उत्पादों की आवश्यकता होगी।
ट्रंप ने अपनी कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हर देश ने हमें ठगा है। वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने उसी बैठक में कहा कि दो अप्रैल को ट्रंप कई शुल्क लगाने जा रहे हैं। अमेरिका बाहरी राजस्व सेवा शुरू करेगा।
वेजेजुएला पर दबाव बना रहे ट्रंप
बता दें कि अमेरिकी सरकार आंतरिक राजस्व सेवा अमेरिकियों से कर एकत्र करती है। इस बीच, अमेरिका राष्ट्रपति कहा कि जो भी देश वेनेजुएला से तेल या गैस खरीदता है, उसे अमेरिका के साथ किए गए किसी भी व्यापार पर 25 फीसदी शुल्क देना होगा।
यह व्यवस्था दो अप्रैल से प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि वह यह कदम इसलिए उठा रहे हैं, क्योंकि वेनेजुएला ने दसियों हजार लोगों को अमेरिका भेजा है, जिनकी बहुत हिंसक प्रवृत्ति है। इस कदम का उद्देश्य वेनेजुएला पर दबाव बनाना है, ताकि वह अपने नागरिकों के व्यवहार में सुधार करे और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों में पारदर्शिता लाए।
निर्वासितों को लेकर पहुंचा विमान
उधर, अमेरिका से निर्वासित 199 वेनेजुएलावासियों को लेकर एक चार्टर्ड विमान सोमवार को राजधानी कराकस पहुंचा। विमान अमेरिका से उड़ान भरकर होंडुरास में रुका और फिर कराकस के निकट एक हवाई अड्डे पर उतरा।
आगमन के फुटेज में निर्वासित व्यक्तियों को राहत और खुशी व्यक्त करते हुए दिखाया गया। एक अन्य मामले में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यूक्रेनी महत्वपूर्ण खनिजों पर अमेरिका-यूक्रेन राजस्व-साझाकरण समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे।
दिल का दौरा पड़ने से हान जोंग-ही का 63 साल की उम्र में हुआ निधन
25 Mar, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दक्षिण कोरियाई टेक दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के सह-सीईओ हान जोंग-ही का मंगलवार को निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। यह जानकारी साउथ कोरियाई टेक दिग्गज ने दी। हान जोंग-ही की उम्र 63 वर्ष थी। सैमसंग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हान का निधन उस वक्त हुआ जब वे अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट के इलाज के लिए भर्ती थे। कंपनी ने अभी तक उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया है।
कौन थे हान जोंग-ही?
हान जोंग-ही सैमसंग के तीन दशक पुराने अनुभवी थे, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिस्प्ले डिवीजन से की थी। उन्हें महज तीन साल पहले सैमसंग का सह-सीईओ नियुक्त किया गया था।
हान को सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को टीवी उद्योग का प्रमुख बनाने का श्रेय जाता है, जहां उन्होंने जापानी प्रतिद्वंद्वियों जैसे सोनी ग्रुप कॉर्प को पीछे छोड़ दिया।
इसके अलावा, हान ने सैमसंग के उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल डिवाइस डिवीजन का नेतृत्व किया, जो एप्पल के स्मार्टफोन्स से प्रतिस्पर्धा करता है।
हाल ही में, हान ने सैमसंग के गैलेक्सी उपकरणों में AI को एकीकृत करने की दिशा में कई कदम उठाए थे।
उनके नेतृत्व में, सैमसंग ने अपने फ्रिज, वॉशिंग मशीन और वैक्यूम क्लीनर जैसे घरेलू उपकरणों में AI चिप्स का इस्तेमाल करना शुरू किया था।
हान का निधन ऐसे समय में हुआ, जब कंपनी को अब SK Hynix Inc. के साथ AI मेमोरी के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करनी है और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की सुस्त मांग को भी निपटाना है। पिछले हफ्ते, हान ने सैमसंग के वार्षिक शेयरधारक बैठक में कहा था कि 2025 एक कठिन साल हो सकता है, लेकिन कंपनी विकास के लिए मर्जर और एक्विजिशन की योजना बना रही है।
हान जोंग-ही, सैमसंग के सह-सीईओ जून यंग-ह्यून के साथ मिलकर कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे। जून यंग-ह्यून ने सैमसंग के सेमीकंडक्टर व्यापार की जिम्मेदारी संभाली है, जबकि हान जोंग-ही बाकी सभी क्षेत्रों की देखरेख कर रहे थे।
लापरवाही पड़ी भारी: दमोह में लिफ्ट गिरने से मालिक का बेटा और कर्मचारी लहूलुहान
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
