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नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स बकाएदारों से वसूली के लिए नोटिस भेजे
29 Mar, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने पर नगर निगम की सख्ती जारी है। नगर निगम द्वारा जहां डेढ़ माह पहले 26 बकाएदारों की संपत्ति सील की थी, वहीं, अब फिर से टैक्स न देने पर निगम ने प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रॉपर्टी टैक्स न देने पर निगम ने शुक्रवार देर शाम गैस एजेंसी दफ्तर समेत छह संपत्तियां सील कर दी। इन संपत्ति मालिकों पर निगम का 4109556 रुपये टैक्स बकाया था। इनमें पांच प्रॉपर्टी जगाधरी जोन व एक संपत्ति यमुनानगर जोन की है।
यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशों पर की गई। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने वालों की अब संपत्तियां सील की जाएगी। सीलिंग कार्रवाई से बचने के लिए संपत्ति मालिक 31 मार्च से पहले प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराए। 31 मार्च के बाद 18 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज से टैक्स वसूला जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स न देने पर संपत्ति सील की जाएगी। इसलिए सभी प्रॉपर्टी मालिक 31 मार्च से पहले टैक्स जमा कराए। टैक्स जमा करने के लिए 31 मार्च तक तीनों नगर निगम कार्यालय खुले रहेंगे।
निगम ने जारी किए थे नोटिस
नगर निगम द्वारा कुछ दिन पहले एक लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बकाएदारों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के तहत नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस मिलने पर कुछ प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स जमा करा दिया था। जिन बकाएदारों ने अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया, उनकी निगम द्वारा संपत्ति सील की जा रही है। संपत्तियां सील करने के लिए नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशों पर यमुनानगर जोन में जेडटीओ अजय वालिया व जगाधरी जोन में जेडटीओ एवं कार्यालय अधीक्षक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में टीमें गठित की गई है।
यमुनानगर जोन में जेडटीओ अजय वालिया, जितेंद्र मल्होत्रा आदि की टीम ने शिवपुरी में वीरेंद्र सिंह की प्रॉपर्टी सरस्वती गैस एजेंसी के दफ्तर को सील कर दिया। इसी तरह जगाधरी जोन में जेडटीओ प्रदीप कुमार, सहायक रघुबीर व अन्य की टीम ने बूड़िया गेट शर्मा टेंट हाउस के नजदीक शिवम गर्ग की मिक्स यूज प्रॉपर्टी, सत्संग विहार पार्ट एक में कमल कुमार की मिक्स यूज संपत्ति, जगाधरी- पांवटा मार्ग पर मटका चौक के नजदीक संजय कुमार की व्यावसायिक संपत्ति, मटका चौक के पास ही मीनू की व्यावसायिक संपत्ति व नाभ गांव स्थित नागेश की स्पेशल कैटागिरी प्रॉपर्टी को निगम ने सील किया।
इन सभी बकाएदारों पर निगम का 41 लाख नौ हजार 556 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। संपत्तियां सील करने के साथ ही निगम द्वारा उन पर चेतावनी नोटिस चस्पाया कि यदि नगर निगम की अनुमति के बिना सील से छेड़छाड़ की या इसे खोलने का प्रयास किया गया तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आज और कल भी खुलेंगे निगम कार्यालय, सीलिंग से बचने को जमा कराए टैक्स
सिन्हा नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स के जिन बकाएदारों को नोटिस जारी किए है, उन सभी की प्रॉपर्टी सील की जाएगी। सीलिंग कार्रवाई से बचने के लिए प्रॉपर्टी मालिक अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराए। 31 मार्च के बाद 18 प्रतिशत ब्याज समेत प्रॉपर्टी टैक्स लिया जाएगा। अतिरिक्त टैक्स और सीलिंग कार्रवाई से बचने के लिए 31 मार्च से पहले टैक्स जमा कराए। टैक्स जमा करने के लिए रविवार और 31 मार्च यानी सोमवार को भी निगम के तीनों कार्यालय खुले रहेंगे।
पाकिस्तान के ग्वादर में आईईडी विस्फोट, 8 सुरक्षा जवान मारे गए
29 Mar, 2025 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान में कत्लेआम जारी है. अज्ञात हमलावरों और बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी के लड़ाकों ने शहबाज सरकार की नाक में दम कर दिया है. जब चाहते हैं पाकिस्तानी आर्मी को खून के आंसू रूला देते हैं. अब पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर शहर में शुक्रवार को एक भीषण आईईडी विस्फोट हुआ. इस आईईडी ब्लास्ट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 8 जवान मारे गए. यह हमला पदीजर क्षेत्र में मरीन ड्राइव के पास GPA कार्यालय के निकट हुआ, जब अज्ञात हमलावरों ने सैन्य वाहन को निशाना बनाया. विस्फोट में चार अन्य जवान घायल भी हुए हैं. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हमला बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से जुड़ा हो सकता है, हालांकि अभी तक किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा बलों ने जांच शुरू कर दी है.
बीएलए यानी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने हाल के दिनों में पाकिस्तान के खिलाफ अपनी कार्रवाइयों को तेज कर दिया है. 11 मार्च 2025 को बीएलए ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया, जिसमें कई सैनिक शामिल थे. इस हमले में 25 लोगों की मौत हुई. इसके बाद 16 मार्च को नोशकी में बस पर हमला कर बीएलए ने 90 सैनिकों को मारने का दावा किया. ये हमले बलूचिस्तान में प्राकृतिक संसाधनों के शोषण और पाकिस्तानी शासन के खिलाफ बीएलए के संघर्ष का हिस्सा हैं, जिससे पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. इससे पहले उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में गुरुवार को दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार महिलाओं सहित कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी. पुलिस ने बताया कि स्वात और मनसेहरा जिलों की सीमा पर स्थित पहाड़ी जिले शांगला के मालक खेल कोटके में एक कार के नहर में गिर जाने से एक परिवार के छह लोगों की मौत हो गई. उसने बताया कि सड़क पर फिसलन होने के कारण कार नहर में गिरी.
रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़, नीप्रो पर ड्रोन हमले में 4 की मौत
29 Mar, 2025 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनिया के कई कोनों में इस समय युद्ध चल रहा है. रूस और यूक्रेन का युद्ध चल रहा है, वहीं मिडिल ईस्ट में भी टेंशन बढ़ती जा रही है. रूस-यूक्रेन युद्ध की बात करें तो दोनों में जहां एक तरफ शांति की बात चल रही है, तो दूसरी तरफ जंग भी बढ़ती जा रही है. शुक्रवार देर रात रूस ने यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी शहर नीप्रो पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया. इस हमले में 4 लोगों की जान चली गई. इस हमले में 4 लोगों की मौत हो गई और 19 घायल हो गए. द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्रीय गवर्नर सेरही लिसाक ने टेलीग्राम पर लिखा कि एक होटल और रेस्तरां कैंपस समेत कई इलाकों में भीषण आग लग गई.
इस बीच यूक्रेन ने शुक्रवार को कहा कि रूस के साथ जंग में 909 मारे गए सैनिकों का शव उसे वापस मिल गया है. तीन साल के युद्ध में यह पहली बार है, जब यूक्रेन को अपने शहीदों के शव इतनी बड़ी संख्या में मिले हैं. यूक्रेन की सरकार ने इनकी वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस की मदद की सराहना की है. रूसी सैन्य ब्लॉगर्स के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने रूस के बेलगोरेद क्षेत्र में घुसपैठ की है, जहां लड़ाई चल रही है. यह हमला ऐसे समय में हो रहा है, जब पिछले साल कब्जाए गए कुर्स्क क्षेत्र से यूक्रेन पीछे हट रहा है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 10 दिन पहले उसने बेलगोरेद में पांच बार यूक्रेनी घुसपैठ को नाकाम किया.
अमेरिका का हूती विद्रोहियों पर हमला
यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई अभी भी जारी है. यमन में रात भर अमेरिका ने बम बरसाए, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘सेंटकॉम बलों ने हूती ठिकानों पर हमला किया.’ रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इससे कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी नहीं हो सकी है. हूती विद्रोहियों के मुताबिक अमेरिका ने यमन के कई इलाकों में हमला किया. इसमें राजधानी सना और अल-जौफ और सादा के गवर्नरेट भी शामिल हैं.
इजरायल का लेबनान पर हमला
इजरायल और लेबनान में भी तनाव बढ़ता दिख रहा है. इजरायल अपने दुश्मनों पर हमले कर रहा है. शुक्रवार सुबह लेबनान से उत्तरी इजरायल पर दो रॉकेट दागे गए, जिस कारण इजरायली सेना ने पहले दक्षिणी लेबनान और बाद में राजधानी बेरूत में हमले किए. नवंबर में लागू युद्धविराम के बाद यह पहली बार है. सेना के मुताबिक एक रॉकेट को रोक दिया गया और दूसरी लेबनानी क्षेत्र के अंदर ही गिर गया.
पीट हेगसेथ का काफिर टैटू, मुस्लिम समुदाय में बढ़ी नाराजगी
29 Mar, 2025 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ अपने एक टैटू के कारण विवादों में आ गए हैं. इससे मुस्लिम देशों में लोग भड़क गए हैं. हालांकि इस्लामिक देशों ने इस पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है. दरअसल पर्ल हार्बर में एक सैन्य प्रशिक्षण से जुड़ी तस्वीरें सामने आईं. इसमें अमेरिकी रक्षामंत्री के हाथ पर अरबी भाषा में टैटू बना है, जिसका मतलब ‘काफिर’ होता है. इसी टैटू के साथ ‘Deus Vult’ भी लिखा है, जिसका मतलब है ‘भगवान की इच्छा’ और ऐतिहासिक रूप से यह पहले क्रूसेड से जुड़ा है. पिछले साल नवंबर में यह विवाद का कारण बना था. लेकिन उनके नए टैटू ने उन्हें विवादों के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है. हेगसेथ के टैटू को कुछ लोग मुसलमानों के प्रति शत्रुता का संकेत मानते हैं.
इस्लामी विद्वान अब्दुल्ला अल अंडालुसी बताते हैं कि कुरान में यह शब्द किसी ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करता है जो ‘अविश्वास’ या ‘सच्चे विश्वास को अस्वीकार’ करता है. लेखक और कैटो इंस्टीट्यूट के साथी मुस्तफा अकीओल ने 2019 के एक लेख में लिखा, ‘काफिरों को इस्लाम और मुसलमानों के शपथ ग्रहण शत्रु के रूप में देखा जाता है.’ आलोचकों का तर्क है कि इसके बगल में ‘Deus Vult’ टैटू है, जो ऐतिहासिक रूप से पहले क्रूसेड से जुड़ा है और यह मुसलमानों के प्रति शत्रुता का संदेश देता है.
हेगसेथ के शरीर पर एक दर्जन से ज्यादा टैटू हैं, जिनमें उनके सीने पर यरूशलेम क्रॉस भी शामिल है. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने हेगसेथ की आलोचना की है कि उनके टैटू को मुसलमानों के लिए अपमानजनक माना जा सकता है, खासकर जब अमेरिकी सेना विभिन्न धर्मों का प्रतिनिधित्व करने का प्रयास कर रही है. अमेरिकी सेना के अनुमानित 5,000 से 6,000 सदस्य इस्लाम का पालन करते हैं.
उठने लगे सवाल
न्यूयॉर्क की प्रो-फिलिस्तीनी कार्यकर्ता नर्दीन किसवानी ने X पर लिखा, ‘यह सिर्फ एक व्यक्तिगत पसंद नहीं है; यह अमेरिकी युद्धों की देखरेख करने वाले व्यक्ति से इस्लामोफोबिया का स्पष्ट प्रतीक है.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘काफिर’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी इस्लामोफोबियों की ओर से मुस्लिमों का मजाक उड़ाने और उन्हें बदनाम करने के लिए किया जाता है.’ उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वे सैन्य निर्णयों, निगरानी कार्यक्रमों और मुस्लिम देशों को लक्षित करने वाले विदेशी हस्तक्षेपों को कैसे आकार देते हैं.
काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (CAIR) के राष्ट्रीय कार्यकारी निदेशक निहाद अवाद ने न्यूजवीक को बताया, ‘अरबी शब्द ‘काफिर’ का टैटू बनवाना इस्लामोफोबिक सोच और व्यक्तिगत असुरक्षा को दर्शाता है.’ दूसरों ने टैटू का बचाव करते हुए इसे उन पूर्व अमेरिकी सैनिकों की ओर से इस्तेमाल किया जाने वाला एक सामान्य शब्द बताया, जो मिडिल ईस्ट में तैनात रहे हैं. पीट हेगसेथ खुद भी इराक में तैनात रहे हैं.
बचाव में भी उतरे लोग
ब्रदर राचिद नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा, ‘कई अरबी प्लेटफॉर्म अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के काफिर टैटू की काफी चर्चा कर रहे हैं. एक ऐसा शब्द जिसका इस्तेमाल मुसलमान गैर-मुसलमानों को संदर्भित करने के लिए करते हैं, अक्सर अपमानजनक तरीके से. हालांकि, यह शब्द पूर्व सैनिकों, खासकर मध्य पूर्व में तैनात रहने वाले लोगों के बीच आतंकवादियों के खिलाफ विद्रोह के प्रतीक के रूप में व्यापक रूप से पहचाना जाता है. यह आमतौर पर स्टिकर, ट्रकों के पीछे, टी-शर्ट और मग पर देखा जाता है. व्यक्तिगत रूप से, मैंने इसे एक टोपी, एक मग और यहां तक कि अपने कार्यालय के दरवाजे पर भी बनवाया था.’
टैटू से जुड़ा विवाद ऐसे समय में आया है, जब पीट हेगसेथ सिग्नल लीक पर संवेदनशील जानकारी लीक से जुड़े मामले में जांच का सामना कर रहे हैं. कांग्रेस के कई सदस्यों ने उनके खिलाफ जांच की मांग की है.
एलन मस्क के खिलाफ अमेरिकी सरकार में संकट, DOGE प्रमुख पद पर सवाल उठे
29 Mar, 2025 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनियाभर में अपनी कारोबारी रणनीतियों और कठोर फैसलों के लिए मशहूर टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क अब खुद एक बड़े संकट का सामना कर रहे हैं. अमेरिकी सरकार के ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DOGE) के प्रमुख के तौर पर उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, और अटकलें हैं कि वह जल्द ही इस पद से हट सकते हैं. मस्क ने हाल ही में एक इंटरव्यू में संकेत दिया कि वह सरकारी खर्चों में कटौती के काम से ‘अब थक चुके हैं.’ उनकी इस टिप्पणी के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वह अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं.
एलन मस्क को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विशेष सलाहकार के रूप में DOGE का प्रमुख बनाया था, जहां उन्होंने सरकारी खर्चों में कटौती की जिम्मेदारी संभाली. उनकी नीतियों के कारण करीब 95,000 सरकारी कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी. हालांकि, मस्क ने कर्मचारियों की छंटनी के प्रभाव को कमतर आंका और कहा कि सरकार को और मजबूत बनाना जरूरी था. उनकी योजनाओं के तहत सरकारी खर्चों को एक ट्रिलियन डॉलर तक घटाने का लक्ष्य था, जिससे कुल संघीय बजट को छह ट्रिलियन डॉलर तक सीमित किया जा सके.
संकटों से घिरे मस्क
लेकिन अब मस्क खुद कई संकटों से घिर गए हैं. टेस्ला के शेयरों में हाल ही में भारी गिरावट आई है. सोमवार को कंपनी के शेयर 5% से ज्यादा गिर गए, जिससे इन्वेस्टरों में चिंता बढ़ गई है. इसके अलावा, देशभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों और टेस्ला के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर मस्क ने चिंता जताई. हाल ही में उन्होंने कहा भी था कि कभी-कभी टेलीविजन पर इन घटनाओं को देखकर ऐसा लगता है जैसे अंतिम समय आ गया हो.
बढ़ रहा काम का बोझ
ऑस्टिन में अपने कर्मचारियों से बातचीत के दौरान मस्क ने स्वीकार किया कि वह ‘बेहद ज्यादा काम के बोझ’ तले दबे हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे पास लगभग 17 नौकरियां हैं, और मैं काफी थका हुआ महसूस करता हूं.’ हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि टेस्ला और उनकी अन्य कंपनियों का भविष्य उज्ज्वल है और वे ऐसी चीजें करने जा रहे हैं, जिनके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं है.
डेमोक्रेट्स उठा रहे सवाल
DOGE के प्रमुख के रूप में मस्क की भूमिका को लेकर डेमोक्रेट्स लगातार सवाल उठा रहे हैं. उनके कठोर फैसलों की आलोचना हो रही है, खासकर नौकरी कटौती को लेकर. वहीं, मस्क ने सरकारी खर्चों में कमी लाने को सही ठहराते हुए कहा कि यह जरूरी सुधार थे और इससे किसी भी महत्वपूर्ण सरकारी सेवा पर असर नहीं पड़ा. अब जब उन्होंने आई एम डन (मैं थक चुका हूं) कह दिया है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे वाकई इस्तीफा देंगे या फिर अपनी रणनीतियों में बदलाव करेंगे.
अब तक व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मस्क की इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन अगर मस्क DOGE प्रमुख के पद से इस्तीफा देते हैं, तो यह अमेरिकी प्रशासन और सरकारी नीतियों के लिए एक बड़ा बदलाव होगा. वहीं, उनके कारोबारी साम्राज्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में वे क्या कदम उठाते हैं.
रूस की नजर अब और देशों पर, जर्मनी की खुफिया एजेंसी ने किया खुलासा
29 Mar, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तीन साल से यूक्रेन रूस की हमले की मार झेल रहा है, मगर अब रूस की नजर कई और देशों पर भी है. इसका खुलासा जर्मनी की खुफिया एजेंसी (BND) और सशस्त्र बलों ने किया है. इनके आकलन के अनुसार, रूस पश्चिमी देशों को अपने प्रमुख दुश्मन के रूप में देख रहा है.
और एक बड़े पैमाने पर सैन्य टकराव की तैयारी कर रहा है. इस बीच, NATO महासचिव मार्क रुटे ने हाल ही में कहा है कि अगर पुतिन ने पोलैंड या किसी अन्य NATO देश पर हमला किया, तो इसका जवाब बेहद घातक होगा.
सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा रूस
जर्मनी के प्रसिद्ध मीडिया संस्थान ‘सूडडॉयचे त्साइटुंग’, WDR और NDR की रिपोर्टों के अनुसार, रूस की सैन्य नीति केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं है. यह दावा किया जा रहा है कि रूस अपनी साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है. 2030 तक रूस अपनी सैन्य क्षमता को इतना मजबूत कर लेगा कि वह किसी बड़े युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार होगा.
बाल्टिक देशों पर बढ़ता खतरा
लिथुआनिया की खुफिया एजेंसी (VSD) का मानना है कि फिलहाल रूस इतने बड़े स्तर पर युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है. हालांकि वो सीमित सैन्य कार्रवाई करने की स्थिति में जरूर है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पुतिन NATO देशों की एकजुटता की परीक्षा लेना चाहते हैं और ये देखना चाहते हैं कि संकट के समय में NATO के आर्टिकल 5 के तहत अपनी रक्षा प्रतिबद्धताओं को कितना गंभीरता से लेता है.
रूस की सैन्य शक्ति में भारी बढ़ोतरी
BND की रिपोर्ट के मुताबिक अभी रूस की सैन्य ताकत का तीन चौथाई-हिस्सा यूक्रेन युद्ध में लगा हुआ है, लेकिन उसकी वायुसेना और नौसेना पूरी तरह सतर्क है. अगर यूक्रेन युद्ध खत्म होता है तो रूस अपनी सैन्य टुकड़ियों को पश्चिमी सीमा की ओर तैनात करेगा. रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों और भारी नुकसान के बावजूद पुतिन लगातार अपनी सेना को मजबूत कर रहे हैं. जर्मन खुफिया एजेंसी का कहना है कि रूस की सैन्य अर्थव्यवस्था जरूरत से ज्यादा सैन्य उत्पादन कर रही है.
2026 तक 15 लाख सैनिकों की होगी तैनाती
रूस ने 2026 तक अपनी सशस्त्र सेनाओं की संख्या बढ़ाकर 15 लाख करने की योजना बनाई है. 2022 की सैन्य योजना के अनुसार, NATO सीमा पर रूसी सेना, हथियारों और सैन्य उपकरणों की संख्या 30-50% तक बढ़ाने की तैयारी हो रही है. रूस सरकार तेज़ी से अपना सैन्य खर्च बढ़ा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक रूस का रक्षा बजट लगभग 120 बिलियन यूरो तक पहुंच जाएगा, जो GDP का 6% से अधिक होगा. यह आंकड़ा 2021 की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है.
म्यांमार में भूकंप से अब तक 1000 से अधिक मौत, दुनिया भर से मदद का आह्वान
29 Mar, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
म्यांमार और बैंकॉक में शुक्रवार को आए 7.7 की तीव्रता के भूकंप ने जमकर तबाही मचाई है. अकेले म्यांमार में ही 1000 से ज्यादा लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. वहीं 2000 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. मौतों का आकड़ा और बढ़ सकता है. वहीं थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में कम से कम 10 लोगों की मौत की खबर है. भूकंप का केंद्र म्यामांर की राजधानी नेपिटॉ से क़रीब ढाई सौ किलोमीटर दूर सैगाइंग शहर के पास जम़ीन के क़रीब 10 किलोमीटर नीचे था.
म्यामांर की राजधानी नेपिटॉ के एक अस्पताल में हुई मौतें भी इसमें शामिल हैं. इस क्षेत्र के बड़े पैमाने पर हताहत होने की संभावना है. यहां के डॉक्टरों ने बताया कि भूकंप से मांडले में एक मस्जिद ढह गई, उस दौरान वहां काफी लोग मौजूद थे. उसी शहर में एक यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग में भी आग लग गई.
अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे ने आशंका जताई है कि म्यांमार में भूकंप की वजह से मरने वालों का आंकड़ा 10 हजार के पार हो सकता है. म्यामांर और बैंकॉक में भूकंप से कितना नुकसान हुआ है, इसका आधिकारिक आंकड़ा अब तक सामने नहीं आया है. लेकिन कई इमारतों के जमींदोज होते वीडियो सामने आए हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नुकसान भी बड़ा ही हुआ है. भूकंप के बाद म्यांमार ने इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. जिसकी वजह से भूकंप से कई इलाकों में हुए नुकसान की जानकारी सामने नहीं आ पा रही है.
म्यांमार में आए भूकंप का असर 900 किलोमीटर दूर थाइलैंड के बैंकॉक तक में देखा गया, जहां कुछ इमारतें ज़मींदोज़ हो गईं. पुलिस और डॉक्टर्स ने बताया कि बैंकॉक में एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें 43 श्रमिक वहां फंस गए. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए फुटेज में देखा जा सकता है कि ये गगनचुंबी इमारत कुछ ही सेकंड में मलबे नें तब्दील हो गई. म्यांमार के सैगाईं शहर में इरावड़ी नदी पर बना 91 साल पुराना आवा ब्रिज भूकंप के झटकों से टूट गया. ये पुल ब्रिटिश दौर में बना था. इसके साथ ही राजधानी नेपिटॉ और मांडले शहर की कई ऊंची इमारतों को भी भारी नुकसान हुआ है. सैकड़ों घरों में दरारें आ चुकी हैं.
काठमांडू में हिंसक झड़पों के बाद कर्फ्यू हटाया गया, स्थिति सामान्य
29 Mar, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू: नेपाल में प्राधिकारियों ने काठमांडू के पूर्वी हिस्से में सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद लगाया गया कर्फ्यू क्षेत्र में तनाव कम होने के बाद शनिवार को हटा दिया. काठमांडू के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को उस समय तनाव पैदा हो गया था जब राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया था, एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय पर हमला कर दिया था, कई वाहनों में आग लगा दी थी तथा राजधानी के तिनकुने क्षेत्र में दुकानों में लूटपाट की थी.
सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में एक टीवी कैमरामैन समेत दो लोगों की मौत हो गई थी. बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को बुलाना पड़ा था. काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, शुक्रवार शाम 4 बज कर 25 मिनट से लगाया गया कर्फ्यू शनिवार सुबह 7 बजे हटा लिया गया.
पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन के दौरान मकानों को जलाने और वाहनों में तोड़फोड़ करने के आरोप में 105 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है. प्रदर्शनकारी राजशाही की बहाली और हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे थे. विरोध प्रदर्शन के संयोजक दुर्गा प्रसाई के सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर बुलेटप्रूफ वाहन पर सवार होकर बानेश्वर की ओर बढ़ने के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया. बानेश्वर में संसद भवन स्थित है.
गिरफ्तार किए गए लोगों में राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के महासचिव धवल शमशेर राणा और पार्टी के केंद्रीय सदस्य रवींद्र मिश्रा शामिल हैं. काठमांडू जिला पुलिस रेंज के पुलिस अधीक्षक अपिल बोहरा ने बताया कि शुक्रवार के हिंसक प्रदर्शन के पीछे मुख्य व्यक्ति प्रसाई अब भी फरार है. पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की घटना में 53 पुलिसकर्मी, सशस्त्र पुलिस बल के 22 जवान और 35 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. हिंसक प्रदर्शनों के दौरान 14 इमारतों में आग लगा दी गई और नौ इमारतों में तोड़फोड़ की गई. इसके अलावा नौ सरकारी वाहनों को आग लगा दी गई और छह निजी वाहनों में तोड़फोड़ की गई.
प्रदर्शनकारियों ने तिनकुने इलाके में कांतिपुर टेलीविजन भवन और 'अन्नपूर्णा मीडिया हाउस' पर भी हमला किया. नेपाल के राजनीतिक दलों ने 2008 में संसद की घोषणा के माध्यम से 240 साल पुरानी राजशाही को समाप्त कर करके तत्कालीन हिंदू राष्ट्र को एक धर्मनिरपेक्ष, संघीय, लोकतांत्रिक गणराज्य में बदल दिया था.
राजशाही समर्थक तब से राजशाही की बहाली की मांग कर रहे हैं, जब से पूर्व नरेश ने लोकतंत्र दिवस (19 फरवरी) पर प्रसारित अपने वीडियो संदेश में समर्थन की अपील की थी. राजशाही समर्थक कार्यकर्ताओं ने नौ मार्च को भी पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह के समर्थन में उस समय एक रैली की थी जब वह देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थलों का दौरा करने के बाद पोखरा से त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे थे.
हरियाणा में शराब के ठेकों पर हुई लूट, क्रेटा कार में आए बदमाशों ने 2.53 लाख रुपये लूटे
28 Mar, 2025 08:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत. हरियाणा के पानीपत में लूट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. वीरवार देर रात, क्रेटा सवार नकाबपोश बदमाशों ने गन पॉइंट पर जीटी रोड सेक्टर 29 और समालखा पट्टीकल्याण के पास हरित पेट्रोल पंप के साथ शराब के दो ठेकों पर करीब 2.53 लाख रुपये की लूट की.
जानकारी के अनुसार, करीब 20 मिनट में बदमाशों ने दो लूट की वारदातों को अंजाम दिया. सेक्टर 29 औद्योगिक थाना और समालखा थाना समेत सीआईए की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है. वारदात देर रात करीब 10 बजे की है. सेक्टर 29 में जीटी रोड पर राजू कादियान एंड कंपनी का शराब का ठेका है.
रात को सेल्समैन निंबरी गांव का विक्रम ठेके पर था. रात करीब 10 बजे एक क्रेटा कार ठेके के आगे आकर रुकी. उसमें से दो नकाबपोश बदमाश उतरे और पिस्तौल के बल पर विक्रम से 1.03 लाख रुपये लूट कर ले गए. विक्रम ने इसकी जानकारी ठेकेदार को दी. सेक्टर 29 औद्योगिक थाना और सीआईए की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने जीटी रोड पर नाके लगाकर वाहनों की जांच की. सेक्टर 29 थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि पुलिस को ठेके पर पैसे छीनने की सूचना मिली है और जांच जारी है. दीपक, एसएचओ समालखा, ने भी बताया कि लूट मामले की जांच की जा रही है.
दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर 64 दिन में 121312 चालान! ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं किया तो कटेगा चालान
28 Mar, 2025 08:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़. दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के धड़ाधड़ चालान कट रहे हैं. हरियाणा पुलिस ने दिल्ली चंडीदढ़ नेशनल हाईवे 44 पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से अब तक यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 1 लाख 21 हजार 312 वाहनों के चालान किए हैं. इन कैमरों से आपराधिक गतिविधियों पर भी नजर रखी जाती है ताकि कानून व्यवस्था को बनाए रखा जा सके.
दरअसस, सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और यातायात नियमों के पालन को लेकर हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने 25 जनवरी को करनाल से अभियान की शुरुआत की थी.
इसके तहत करनाल एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे दिल्ली चंडीगढ एनएच-44 पर अंबाला बॉर्डर से लेकर सोनीपत के कुंडली बॉर्डर तक 19 स्थानों पर 128 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इनमें से 9 स्थानों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे और 12 स्थानों पर सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं. एएनपीआर कैमरों को हरियाणा पुलिस के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है, ताकि वाहनों का पूरा इतिहास मिल सके. इस राजमार्ग से गुजरने वाले सभी वाहनों पर इन सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ऑटोमेटिक तरीके से चालान किए जाते हैं.
डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य यातायात नियमों का उल्लंघन नियंत्रित करना, अपराध संबंधी मामलों की जांच में सहयोग करना, वाहनों की निगरानी करना और हॉटलिस्ट वाहनों की खोजबीन करके उनके अलर्ट जारी करना है. इस पूरे प्रोजेक्ट को मौजूदा यातायात प्रबंधन व्यवस्था के साथ जोड़ा गया है जिसे समय-समय पर अपग्रेड किया जाएगा. उन्होंने बताया कि करनाल में स्थापित किए गए नियंत्रण कक्ष से हॉटलिस्ट वाहनों जैसे- चोरी किए गए या आपराधिक गतिविधियों में शामिल वाहनों का डेटा भी जोड़ा गया है जिसे समय-समय पर अपडेट किया जाता है. ये वाहन जैसे ही एनएच-44 से गुजरते हैं, इसका अलर्ट संबंधित पुलिस थाने में जाता है.
डीजीपी कपूर ने बताया कि एनएच-44 पर 72 एएनपीआर, 38 सर्विलांस और 18 एविडेंस कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं. इन कैमरों के शुरू होने से यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों में सुरक्षा की भावना को भी बल मिलेगा क्योंकि कैमरों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों में शामिल वाहनों, चोरी किए गए वाहनों आदि के बारे में अलर्ट नियंत्रण कक्ष में स्वतः ही पहुंच जाएगा, जिसकी सूचना आवश्यकतानुसार पुलिस थानों में भी भेजी जाएगी. डीजीपी कपूर ने बताया कि हरियाणा में अब तक 12 जिलों में इस प्रकार के कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं, जिनमें यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, पानीपत, रोहतक, पंचकूला, गुरुग्राम, मेवात, कैथल, फरीदाबाद और सोनीपत शामिल हैं.
सड़क हादसों में आई कमी
गौरतलब है कि वर्ष 2023 की अपेक्षा वर्ष 2024 में सड़क हादसों में 657 की कमी दर्ज की गई है. इसके साथ ही, वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में 279 कम लोगों की मृत्यु हुई है और 432 लोग कम घायल हुए हैं. घातक सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में भी कमी देखी गई है, वर्ष 2023 में जहां कुल 4652 मामले सामने आए थे वहीं इस वर्ष ये घटकर 4389 रह गए हैं जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.65 प्रतिशत कम हैं. वर्ष 2024 में हरियाणा पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा के 2366 जागरूकता अभियान चलाए गए जिनके माध्यम से 3 लाख 16 हजार 414 बच्चों और अन्य लोगों को जागरूक किया गया. इसी प्रकार हरियाणा पुलिस ने प्रदेश में लेन ड्राइविंग की पालना सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं जिसके तहत लेन ड्राइविंग नियमों का उल्लंघन करने वाले 3,86,266 वाहन चालकों के चालान किए गए हैं.
डीजीपी की अपील
डीजीपी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है. आमजन को सड़कों को सुरक्षित बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए और वाहनों को निर्धारित गति सीमा में ही चलाना चाहिए. हरियाणा पुलिस द्वारा आमजन को यातायात नियमों के बारे में जागरूक करने के लिए अनेक प्रकार की प्रतियोगिताएं और गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, लोग उसमें भागीदारी सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय लोग मोबाइल फोन आदि का भी इस्तेमाल न करें. व्यक्ति की जरा सी लापरवाही न केवल उनके स्वयं के लिए बल्कि दूसरे व्यक्तियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है.
पंचकूला में नशे में धुत गाड़ी चालक की मेडेसिन शॉप में घुसने से दो की मौत
28 Mar, 2025 05:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में गुरुवार दोपहर करीब 3:00 बजे सेक्टर 1 माजरी चौक में एक अनियंत्रित गाड़ी मेडेसिन शॉप में दुकान में घुस गई, जिससे दो लोगों की मौत हो गई. हादसे में दुकान के मालिक और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई.
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गाड़ी तेज रफ्तार में थी और दुकान के अंदर घुस गई, जिससे दुकानदार और एक अन्य व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं. हादसे के बाद सेक्टर 5 थाना पुलिस, डायल 112 और सेक्टर 2 चौकी पुलिस मौके पर पहुंची. बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति गाड़ी के बीच फंस गया था, जिसे पास खड़े लोगों ने मशक्कत के बाद बाहर निकाला.
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गाड़ी चालक नशे में था और हादसे के बाद फरार हो गया. सेक्टर 5 थाना के जांच अधिकारी प्रवीण ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक तेज रफ्तार गाड़ी दुकान के अंदर घुस गई और इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें पंचकूला के सेक्टर 6 अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने बताया कि गाड़ी चालक की तलाश की जा रही है.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाड़ी तेजी से आकर दुकान में घुस गई और इस दौरान गाड़ी चालक ने मेडिकल स्टोर के बुजुर्ग मालिक और एक अन्य व्यक्ति को टक्कर मार दी. हादसे के बाद गाड़ी चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया और मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को पंचकूला के सेक्टर 6 अस्पताल में भर्ती कराया.
इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें पंचकूला के सेक्टर 6 अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उपचार के दौरान ही मेडिकल स्टोर मालिक और एक अन्य व्यक्ति ने दम तोड़ दिया. गाड़ी चालक की लापरवाही के चलते दो लोगों की जान चली गई. अब इस मामले की जांच सेक्टर 5 थाना पुलिस और सेक्टर 2 चौकी पुलिस कर रही है और फरार गाड़ी चालक की तलाश जारी है.
BREAKING भूकंप के तेज झटके से दहला थाईलैंड-म्यांमार! हिली इमारतें....चारो तरफ तबाही का मंजर, सहमे लोग
28 Mar, 2025 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भूकंप: म्यांमार और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.7 रही। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र म्यांमार बताया जा रहा है। भूकंप से दोनों देशों को कितना नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। भूकंप के तेज झटकों से बैंकॉक और म्यांमार के शहरों में बड़ी-बड़ी इमारतें नावों की तरह हिलने लगीं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में लोग चीखते हुए सड़कों पर भाग रहे हैं।
बैंकॉक में इमारत गिरने की खबर
भूकंप के कारण बैंकॉक में एक गगनचुंबी इमारत गिरने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक निर्माणाधीन इमारत भूकंप के झटकों को झेल नहीं पाई। इसी तरह भूकंप के बाद कई और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें भूकंप के बाद की दहशत देखने को मिल रही है। भूगर्भशास्त्रियों के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के दक्षिणी तट पर सागाइंग के पास था। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूवैज्ञानिक केंद्र ने कहा कि दोपहर का भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर था। यही कारण है कि भूकंप इतना जोरदार महसूस किया गया। कहा जा रहा है कि 7.7 तीव्रता के भूकंप से 2 घंटे पहले दोनों देशों में भूकंप का हल्का झटका भी महसूस किया गया था।
तालाबों से बहने लगा पानी, लोग सीढ़ियों से नीचे उतरे
भूकंप के कारण थाईलैंड और म्यांमार में तालाबों से पानी बहने लगा। वहीं, कई इमारतें नष्ट होने की बात कही जा रही है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घबराए हुए निवासियों को घनी आबादी वाले सेंट्रल बैंकॉक में ऊंची इमारतों और होटलों की सीढ़ियों से नीचे उतारा गया। लोगों को हताहतों से बचने के लिए सड़कों पर रहने को कहा गया।
बिम्सटेक का आयोजन 6 दिन बाद थाईलैंड में होना है। इसके लिए बिम्सटेक के सदस्य थाईलैंड जाएंगे। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 3 से 6 अप्रैल तक थाईलैंड में प्रस्तावित है। इस बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।
ईद से पहले आखिरी जुमा, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इफ्तार आयोजन किया
28 Mar, 2025 01:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईद से पहले आज आखिरी जुमा है. दुनिया भर के देशों और वहां के राष्ट्रध्यक्षों के इफ्तार में शामिल होने और रमजान के जश्न में शामिल होने की तस्वीरें आ रही हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में भी कल व्हाइट हाउस में इफ्तार का आयोजन किया गया. ये सबकुछ ऐसे समय में हुआ जब पश्चिम एशिया में तनाव खासकर इजराइल-हमास के बीच जारी जंग से फिलिस्तीनी आबादी को दुःख और तकलीफ का सामना करना पड़ा है. साथ ही, बड़ी संख्या में अरब के मुसलमान अमेरिका के इजराइल को समर्थन से नाराज हैं. ट्रंप ने इफ्तार के आयोजन के बाद मुसलमान समाज का शुक्रिया अदा किया. उनके बहुमूल्य समर्थन के लिए आभार भी जताया.
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार मुस्लिम समुदाय से किए अपने वादों को पूरा कर रही है और मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में लगी हुई है. ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में उनका समर्थन करने वाले हजारों मुस्लिम-अमेरिकियों का भी आभार जताया. व्हाइट हाउस के कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के नेता, राजनयिक और सरकारी अधिकारी शामिल हुए. ट्रंप ने कहा कि, “नवंबर में मुस्लिम समुदाय हमारे साथ था – और जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, मैं आपके साथ रहूंगा. हर दिन, हम मुस्लिम समुदाय से किए गए अपने वादों को पूरा कर रहे हैं. मेरा प्रशासन ऐतिहासिक अब्राहम समझौते पर आधारित मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए कोशिश कर रहा है.”
इजराइल-हमास जंग और चिंताएं
अब्राहम समझौते के जरिये संबंधों को सामान्य बनाने के लिए इजराइल और कई अरब देशों के बीच समझौते हुए थे. लिहाजा, ट्रंप का इफ्तार वाला रात्रिभोज ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में इजरायल और हमास के बीच जंग समाप्त नहीं हुआ है. अमेरिका, कतर और मिस्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम को गाजा में रोक दिया गया है, क्योंकि इजरायल हमास को 7 अक्टूबर, 2023 को अपनी दक्षिणी सीमा पर हुए हमले के दौरान बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करने के लिए दबाव डाल रहा है. 2018 में राष्ट्रपति ट्रम्प ने रमजान को मनाने के लिए अपना पहला इफ्तार आयोजित किया था. अब ट्रंप के इस इफ्तार की भी बड़ी चर्चा है.
बांग्लादेशी सलाहकार मुहम्मद यूनुस का चीन में कटहल प्रेम, राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात
28 Mar, 2025 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस पंचायत वेब सीरीज के प्रधानजी के फैन है. जैसे प्रधानजी को कटहल से खास लगाव था, वैसे ही प्रोफेसर यूनुस भी कटहल लेकर चीन जा पहुंचे. साथ में आम भी थे. हालाँकि, उनका असली मकसद चीन-बांग्लादेश के रिश्तों को मजबूत करना था, लेकिन सबकी नजर उनके कटहल प्रेम पर टिक गई.
बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जब उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई, तो उन्होंने न सिर्फ बांग्लादेशी आम और कटहल का स्वाद चखा, बल्कि दोनों देशों की व्यापारिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया.
चार दिन के चीन दौरे पर यूनुस
यूनुस साहब चार दिन की चीन यात्रा पर हैं, और उनके साथ सरकार के कई अहम लोग भी हैं. उनके साथ विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन, ऊर्जा और खनिज संसाधन, सड़क परिवहन और रेलवे सलाहकार मुहम्मद फौजुल कबीर खान, प्रमुख प्रतिनिधि खलीलुर रहमान, एसडीजी मामलों की समन्वयक लामिया मोर्शेद और प्रेस सचिव शफीकुल आलम मौजूद हैं.
पहले दिन क्या क्या बात हुई?
इस दौरान उन्होंने रोहिंग्या संकट पर चीन से मदद की गुहार लगाई और कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी में चीन अहम भूमिका निभा सकता है. यूनुस ने बातचीत में बांग्लादेश में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया और इसे “नए बांग्लादेश” के निर्माण की दिशा में एक अहम कदम बताया. उन्होंने चीन के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि वो ग्रामीण बैंक और सोशल बिजनेस को चीन में स्थापित करने से जुड़े रहे हैं.
चीन की बड़ी कंपनियों के सीईओ से होगी वार्ता
इसके अलावा, वह तीन खास गोलमेज चर्चाओं में भी हिस्सा लेंगे. , जिनमें “सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी इन्वेस्टमेंट”, “बांग्लादेश 2.0: मैन्युफैक्चरिंग और मार्केट अवसर”, और “सोशल बिजनेस, युवा उद्यमिता और थ्री ज़ीरो वर्ल्ड” जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा. इन कार्यक्रमों में यूनुस चीन से सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग के मौके और सोशल बिजनेस जैसे मुद्दों पर बातचीत करेंगे. इस दौरान उनकी मुलाकात चीन की बड़ी कंपनियों के सीईओ और बिजनेस लीडर्स से भी होगी.
बैंकॉक में पीएम मोदी का दौरा, थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे
28 Mar, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 – 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक, थाईलैंड के दौरे पर रहेंगे. वे 4 अप्रैल को होने वाले 6वें बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसकी मेजबानी थाईलैंड कर रहा है. इसके अलावा, यह यात्रा आधिकारिक और द्विपक्षीय भी होगी. प्रधानमंत्री मोदी की थाईलैंड में ये तीसरी यात्रा होगी.
थाईलैंड के साथ द्विपक्षीय वार्ता:
3 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी थाईलैंड के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. दोनों नेता आपसी सहयोग की समीक्षा करेंगे और भविष्य के लिए नई योजनाओं पर चर्चा करेंगे. भारत और थाईलैंड समुद्री पड़ोसी हैं और सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई रूप से गहरे संबंध साझा करते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी 4 अप्रैल को श्रीलंका जाएंगे, जहां वे श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा से मुलाकात करेंगे.
श्रीलंका यात्रा के मुख्य बिंदु:
भारत और श्रीलंका के बीच पहले से तय ‘साझा भविष्य के लिए साझेदारी’ समझौते की प्रगति की समीक्षा होगी. श्रीलंका के शीर्ष नेताओं से मुलाकात होगी. अनुराधापुर में भारतीय वित्तीय सहायता से बनाए गए विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा.
भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा को लेकर सहमति रही है. दोनों देशों का जोर आर्थिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में मिलकर काम करने का रहा है. भारत और थाईलैंड के बीच व्यापारिक सहयोग काफी बेहतर रहा है. थाईलैंड भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापार करने वाला देश है. ऐसे में ये भारत के लिहाज से एक अहम देश है.
व्यापारिक रूप से भारत के लिए अहम है थाईलैंड
साल दर साल दोनों देशों के बीच व्यापारिक स्थिति काफी बेहतर हुई है. 2018 में थाईलैंड को भारत ने 4.86 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया था. वहीं 2021-22 में द्विपक्षीय व्यापार में 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर व्यापार देखा गया है.
बंदरगाह कनेक्टिविटी, ग्रिड कनेक्टिविटी, पेट्रोलियम पाइपलाइन आदि विषयों पर समझौते हुए हैं. भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा को लेकर सहमति रही है. दोनों देशों का जोर आर्थिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में मिलकर काम करने का रहा है. भारत और थाईलैंड के बीच व्यापारिक सहयोग काफी बेहतर रहा है. थाईलैंड भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापार करने वाला देश है.
ऐसे में ये भारत के लिहाज से एक अहम देश है. साल दर साल दोनों देशों के बीच व्यापारिक स्थिति काफी बेहतर हुई है. 2018 में थाईलैंड को भारत ने 4.86 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया था. वहीं 2021-22 में द्विपक्षीय व्यापार में 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर व्यापार देखा गया है.
पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में भी भागीदारी देखी गई है, जिससे द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में बढ़त देखी गई. इसमें रक्षा समझौतों के लिए बैठकों आयोजन किया गया. सेनाओं के प्रशिक्षण अभियान भी चलाए गए. जैसे अभ्यास मैत्री को सेना के साथ किया गया. वहीं सियाम भारत अभ्यास वायु सेना के बीच चलाया गया. भारत-थाईलैंड समन्वित गश्ती नौसेना अभ्यास चलाया गया था.
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