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पोप फ्रांसिस का 88 वर्ष की आयु में निधन, वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित अपने निवास पर ली अंतिम सांसे
21 Apr, 2025 02:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वेटिकन सिटी: पोप फ्रांसिस का सोमवार को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने वेटिकन में अपने निवास कासा सांता मार्टा में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार थे। उन्हें इस साल फरवरी में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वेटिकन कैमरलेंगो कार्डिनल केविन फैरेल ने घोषणा की कि पोप फ्रांसिस का सोमवार को निधन हो गया। उन्होंने आज सुबह 7:35 बजे अंतिम सांस ली। उनका जीवन प्रभु और उनके चर्च की सेवा के लिए समर्पित था। वे हमें ईमानदारी, साहस और सार्वभौमिक प्रेम के साथ जीना सिखाते हैं, खासकर सबसे गरीब और सबसे हाशिए पर पड़े लोगों के लिए।
पांच सप्ताह के लिए अस्पताल से छुट्टी
इससे पहले रविवार को, पोप ने सेंट पीटर बेसिलिका के अवशेष से वेटिकन स्क्वायर में हजारों लोगों को अपना ईस्टर संदेश दिया। रोमन कैथोलिक चर्च के 88 वर्षीय प्रमुख को हाल ही में रोम के जेमेली अस्पताल से छुट्टी मिली थी, जहां उन्होंने पांच सप्ताह तक वायरल संक्रमण का इलाज कराया था, जिसके कारण उन्हें डबल निमोनिया हो गया था।
'उर्बी एट ओर्बी' आशीर्वाद दिया
ईस्टर रविवार को उन्होंने रोम शहर और दुनिया को 'उर्बी एट ओर्बी' आशीर्वाद दिया। ध्यान दें कि केवल पोप ही आशीर्वाद दे सकते हैं। इसमें पापों के प्रभावों के लिए क्षमा प्रदान करना शामिल है।
परमाणु नहीं, फिर भी विनाशकारी: चीन का नया बम दुनिया को कर सकता है हैरान
21 Apr, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
परमाणु बम का डर अब बीते जमाने की बात लगने लगेगी. वो इसलिए क्योंकि चीन के वैज्ञानिकों ने बिना यूरेनियम और प्लूटोनियम के ऐसा बम बना लिया है, जो न सिर्फ विनाशकारी है, बल्कि परमाणु विस्फोट जैसी तबाही भी मचा सकता है. और चौंकाने वाली बात ये है कि ये धमाका हुआ है चांदी जैसे दिखने वाले एक पाउडर से.
रिपोर्ट के मुताबिक ये परीक्षण एक खास तरह के हाइड्रोजन-आधारिक उपकरण पर किया गया जिसने जबरदस्त केमिकल चेन रिएक्शन शुरू कर दिया. इसका नतीजा था 1000 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा तापमान वाली आग की गेंद जो लगातार दो सेकंड तक जलती रही. यह अवधि पारंपरिक विस्फोटकों से करीब 15 गुना ज्यादा है.
पर इसमें रेडिएशन नहीं था!
चीन के वैज्ञानिकों ने यह डिवाइस चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन (CSSC) के 705 रिसर्च इंस्टिट्यूट में तैयार की. दिलचस्प बात ये है कि इस हाइड्रोजन बम को परमाणु सामग्री के बिना ही बनाया गया. इस धमाके के पीछे था मैग्नीशियम हाइड्राइड नाम का एक चांदी जैसा दिखने वाला पाउडर. इसे पहले ऐसे इलाकों में हाइड्रोजन ले जाने के लिए बनाया गया था जहां बिजली नहीं पहुंचती. वहीं अब इसका इस्तेमाल हथियारों में भी हो रहा है.
कैसे काम करता है ये बम?
इस डिवाइस में एक पारंपरिक विस्फोटक जैसे ही एक्टिवेट होता है, यह पाउडर तेजी से गर्म होता है और हाइड्रोजन गैस छोड़ता है. ये गैस बेहद ज्वलनशील होती है और तुरंत जल उठती है. इससे जो आग का गोला बनता है, वह तीव्रता में पारंपरिक बमों से कहीं ज़्यादा होता है और यह बिना किसी रेडिएशन के काम करता है. यही वजह है कि इसे हाइड्रोजन बम की नई किस्म माना जा रहा है.
मैग्नीशियम हाइड्राइड का महत्व क्या है?
अब तक वैज्ञानिक इस पदार्थ को हर दिन कुछ ही ग्राम बना पाते थे, क्योंकि इसकी प्रोडक्शन प्रोसेस में बहुत अधिक तापमान और दबाव की जरूरत होती थी. साथ ही हवा में इसके आने का मतलब हो सकता है अचानक विस्फोट. लेकिन अब चीन ने शांक्सी प्रांत में एक बड़ी फैक्ट्री बनाई है, जो हर साल 150 टन मैग्नीशियम हाइड्राइड बना सकती है.
क्यों है हाइड्रोजन इतना खतरनाक?
रिसर्चर्स के मुताबिक हाइड्रोजन को जलाना बहुत आसान होता है. इसमें बहुत कम एनर्जी लगती है और ये बड़ी तेजी से फैलता है. यही वजह है कि ये पारंपरिक विस्फोटकों से कहीं ज्यादा तबाही मचा सकता है, वो भी बिना रेडिएशन के.
सेना और ड्रोन में होगा इस्तेमाल?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तकनीक को सिर्फ हथियारों के लिए नहीं बल्कि पानी के अंदर चलने वाले सबमरीन फ्यूल सेल्स और लंबी दूरी तक उड़ने वाले ड्रोन को पावर देने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
हूती विद्रोहियों पर अमेरिका का कहर, राजधानी सना में हवाई हमले से मची तबाही
21 Apr, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई। यमन के हूती विद्रोहियों पर अमेरिका ने बड़ी एयरस्ट्राइक की है। यमन की राजधानी सना में विद्रोहियों को निशाना बनाया गया है। सोमवार को हूती विद्रोहियों ने जानकारी दी है कि अमेरिकी हवाई हमलों में 12 लोग मारे गए और 30 अन्य घायल हुए हैं। हालांकि अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमान ने हमलों की पुष्टि नहीं की है।
हफ्तेभर बाद दूसरी एयर स्ट्राइक
हूती विद्रोहियों के मुताबिक अमेरिका ने यह हमला सना के शूब जिले के फरवा पड़ोस के बाजार पर किया है। अमेरिकी सेना पहले भी इस क्षेत्र में हमलों को अंजाम दे चुकी है। सोमवार को रातभर अमेरिका ने हमले किए। यमन के अन्य हिस्सों को भी निशाना बनाया। पिछले सप्ताह अमेरिका ने यमन के रस ईसा ईंधन बंदरगाह पर एयर स्ट्राइक की थी। इसमें 74 लोग मारे गए थे और 171 घायल हुए थे।
फ्रांसीसी सांसदों को इजराइल में घुसने से रोका, युद्ध अपराध छिपाने के आरोप तेज
21 Apr, 2025 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजराइल ने 27 फ्रांसीसी सांसदों की देश में एंट्री पर बैन लगाया है. ये बैन सांसदों की नियोजित यात्रा से दो दिन पहले लगाया गया है. 27 फ्रांसीसी सांसदों और स्थानीय अधिकारियों को रविवार को सूचित किया गया कि उनके प्रवेश वीजा रद्द कर दिए गए हैं, जिसके बाद एक बार फिर इजराइल सरकार पर अपने युद्ध अपराध छिपाने के आरोप लग रहे हैं.
सांसदों समूह ने कहा कि यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय सहयोग और शांति को बढ़ावा देने के लिए थी. इसमें फ्रांस वामपंथी और कम्युनिस्ट पार्टियों के सदस्य शामिल थे. यरुशलम में फ्रांसीसी वाणिज्य दूतावास ने सांसदों को पांच दिवसीय आधिकारिक कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था.
इजराइल के आंतरिक मंत्रालय ने एक कानून के तहत उनके वीजा रद्द कर दिए, जो अधिकारियों को राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा माने जाने वाले व्यक्तियों को प्रतिबंधित करने की अनुमति देता है.
सांसदों की राष्ट्रपति से जवाब की मांग
एक संयुक्त बयान में, उन्होंने इस कदम को ‘सामूहिक सजा’ और ‘राजनयिक संबंधों में बड़ी दरार’ बताया. उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रोन से प्रतिक्रिया देने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि इजराइल अपना फैसला उलट दे. सांसदों ने यह भी कहा कि उनके राजनीतिक दल लंबे समय से फिलिस्तीनी राज्य का समर्थन करते रहे हैं, जिसका हाल ही में मैक्रोन ने भी समर्थन किया. मैक्रोन ने कहा है कि फ्रांस जून की शुरुआत में एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दे सकता है.
यह कोई अकेला मामला नहीं है. इस महीने की शुरुआत में, इजराइल ने तेल अवीव हवाई अड्डे पर दो ब्रिटिश सांसदों को निर्वासित कर दिया है.
किन सांसदों पर लगाया बैन?
प्रतिबंधित लोगों में नेशनल असेंबली के डिप्टी फ्रेंकोइस रफिन, एलेक्सिस कॉर्बियर, जूली ओजेन, कम्युनिस्ट डिप्टी सौम्या बोरौहा और सीनेटर मैरिएन मार्गेट शामिल थे. अन्य प्रतिभागियों में महापौर और स्थानीय निर्वाचित अधिकारी शामिल थे.
ईस्टर पर भी नहीं रुके रूसी हमले, जेलेंस्की बोले – युद्धविराम सिर्फ छलावा
21 Apr, 2025 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रविवार को रूस पर ईस्टर के मौके पर युद्ध विराम का सम्मान करने का झूठा दिखावा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मॉस्को ने रात भर हमले जारी रखे. रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में एकतरफा अस्थायी युद्ध विराम की घोषणा की थी. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ईस्टर की सुबह तक हम यह कह सकते हैं कि रूसी सेना युद्ध विराम की धारणा बनाने की कोशिश कर रही है. लेकिन कुछ स्थानों पर, यूक्रेन पर हमला करने और नुकसान पहुंचाने के प्रयास जारी रहे.
बता दें कि राष्ट्रपति पुतिन ने शनिवार को ईस्टर पर युद्ध विराम की घोषणा की थी. हालांकि जेलेंस्की ने रविवार सुबह कहा कि यूक्रेनी सेना ने अग्रिम मोर्चे पर विभिन्न क्षेत्रों में रूसी गोलाबारी की 59 घटनाएं और साथ ही कई ड्रोन हमले दर्ज किए हैं. रूस के रक्षा मंत्रालय ने युद्ध विराम के बावजूद यूक्रेनी सेना पर दोनेत्सक क्षेत्र में रात भर हमले करने का आरोप लगाया. मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र में 48 ड्रोन भेजे थे.
रूसी सैनिकों ने युद्ध विराम का किया सख्ती से पालन
मंत्रालय ने यूक्रेनी सेना के हमले में कुछ लोगों के हताहत होने का भी दावा किया. हालांकि उसने इस संबंध में ज्यादातर जानकारी नहीं दी गई है. मंत्रालय ने दावा किया कि रूसी सैनिकों ने युद्ध विराम का सख्ती से पालन किया. जेलेंस्की ने कहा कि रूस को युद्ध विराम की शर्तों का पूरी तरह पालन करना चाहिए और यूक्रेन की इस पेशकश को दोहराया कि युद्ध विराम को 30 दिनों के लिए बढ़ाया जाए. यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
हालांकि, उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है, कम से कम, कि कोई हवाई हमले का सायरन नहीं बजा. उन्होंने कहा कि रविवार को डोनेट्स्क क्षेत्र में रूसी हमले में कुछ यूक्रेनी सैनिक मारे गए थे, और कहा कि जिम्मेदार रूसी सैनिकों को खत्म कर दिया जाएगा.
यूक्रेनी सेना पर हमले करने का आरोप
रूस के रक्षा मंत्रालय ने युद्ध विराम के बावजूद डोनेट्स्क क्षेत्र में रात भर हमले करने के लिए यूक्रेनी सेना पर आरोप लगाया. इसने कहा कि यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र में 48 ड्रोन भेजे थे. मंत्रालय ने दावा किया कि रूसी सैनिकों ने युद्ध विराम का सख्ती से पालन किया था. आंशिक रूप से कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्र खेरसॉन में रूस द्वारा नियुक्त अधिकारियों ने भी कहा कि यूक्रेनी बलों ने हमले शुरू किए थे.
पुतिन का अपनी सेना पर पूरा नियंत्रण नहीं
जेलेंस्की ने कहा कि रूस को युद्ध विराम की शर्तों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए और युद्ध विराम को 30 दिनों के लिए बढ़ाने के यूक्रेन के प्रस्ताव को दोहराया. यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि मॉस्को ने कीव के प्रस्ताव का जवाब नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि या तो पुतिन का अपनी सेना पर पूरा नियंत्रण नहीं है, या स्थिति यह साबित करती है कि रूस में, युद्ध को खत्म करने की दिशा में कोई वास्तविक कदम उठाने का उनका कोई इरादा नहीं है, और वे केवल अनुकूल पीआर कवरेज में रुचि रखते हैं.
यूक्रेन में युद्ध के मुखर समर्थक
युद्ध विराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद पुतिन ने शनिवार देर शाम मास्को के कैथेड्रल ऑफ क्राइस्ट द सेवियर में ईस्टर सेवा में भाग लिया, जिसका नेतृत्व पैट्रिआर्क किरिल ने किया, जो रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्रमुख हैं और पुतिन तथा यूक्रेन में युद्ध के मुखर समर्थक हैं. उनकी यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा शुक्रवार को यह कहे जाने के बाद आई है कि यूक्रेन और रूस के बीच बातचीत अपने चरम पर पहुंच रही है और उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि तीन साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने के उनके प्रयास में कोई भी पक्ष उनका साथ नहीं दे रहा है.
ISS से लौटे अंतरिक्ष यात्री, विज्ञान के लिए किए अहम प्रयोग
21 Apr, 2025 10:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंतरिक्ष में सात महीने बिताने के बाद दो रूसी और एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री रविवार (20 अप्रैल) को सुरक्षित धरती पर लौट आए. ये तीनों अंतरिक्ष यात्री सोयुज कैप्सूल के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से कजाकिस्तान वापस लौटे. इसके साथ ही उनका सात महीने का रिसर्च का काम भी समाप्त हो गया.
रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के मुताबिक सोयुज कैप्सूल ने रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी ओविचिनिन और इवान वैगनर एवं अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट को लेकर रविवार सुबह 6:20 बजे कजाखस्तान के झेजकाजगन शहर के पास खुले मैदान में सफलतापूर्वक लैंडिंग की. रोस्कोस्मोस ने कहा कि बिना किसी परेशानी के पैराशूट की सहायता से ये लैंडिंग हुई. नासा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है. जिसमें सभी यात्रियों को पैराशूट से जमीन पर लैंड करते हुए दिखाया जा रहा है.
तीनों यात्रियों ने अंतरिक्ष में बिताए 220 दिन
वहीं नासा ने एक बयान में कहा कि तीनों यात्री अंतरिक्ष में 220 दिन बिताने और पृथ्वी की 3,520 बार परिक्रमा करने के बाद वापस लौटे हैं. एजेंसी ने बताया कि संयोग से डॉन पेटिट का रविवार को अपना 70वां जन्मदिन था और उसी दिन वो धरती पर लौटे. यह उनके लिए यादगार दिन बन गया. नासा ने पेटिट को जन्मदिन की बधाई दी.
यात्रियों का हुआ मेडिकल चेकअप
सभी यात्रियों के सुरक्षित धरती पर लौटने के बाद उनका मेडिकल चेकअप किया गया. इसके बाद उन्हें करागांडा (कजाखस्तान) के रिकवरी जोन ले जाया गया। यहां से डॉन पेटिट अमेरिका के ह्यूस्टन स्थित नासा के जॉनसन अंतरिक्ष केंद्र के लिए रवाना होंगे, जबकि रूसी अंतरिक्ष यात्री रूस के स्टार सिटी ट्रेनिंग बेस जाएंगे. इस मिशन से लौटने से पहले शुक्रवार को एलेक्सी ओवचिनिन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कमान जापान के अंतरिक्ष यात्री ताकुया ओनिशी को सौंपी थी.
ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों को भेजा वीजा रद्द होने का ईमेल
20 Apr, 2025 10:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी सरकार ने कई विदेशी छात्रों को वीजा रद्द होने का मेल भेजा था। इस मेल के जरिए छात्रों को अमेरिका छोड़ने के लिए कहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से 50 फीसदी छात्र भारतीय हैं। अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन (एआईएलए) ने 327 छात्रों की जानकारी एकत्र की है। इनमें से 50 फीसदी से ज्यादा छात्र भारतीय हैं। भारत के बाद दूसरा नंबर चीन का है। इस सूची में शामिल 14 फीसदी छात्र चीनी हैं। अमेरिकी विदेश विभाग पिछले चार महीनों से विदेशी छात्रों के डेटा की जांच कर रहा है। इसके जरिए इजराइल के खिलाफ और हमास के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले विदेशी छात्रों का वीजा रद्द किया जा रहा है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक 26 मार्च तक 300 से ज्यादा हमास समर्थक छात्रों का एफ-1 वीजा रद्द कर चुके हैं। इसमें कई भारतीय छात्र भी हैं। अमेरिकी सरकार एआई ऐप ‘कैच एंड रिवोक’ की मदद से ऐसे छात्रों की पहचान कर रही है। विदेश मंत्री रुबियो के मुताबिक 26 मार्च तक 300 से ज्यादा हमास समर्थक छात्रों का एफ-1 वीजा रद्द किया जा चुका है। इसमें कई भारतीय छात्र भी शामिल हैं।
इस ऐप की मदद से सबसे पहले 5 मार्च को तुर्किये की एक छात्रा की पहचान की गई थी। उसने सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन के समर्थन में पोस्ट किया था, जिसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने उसका वीजा रद्द कर दिया था। यह मेल कई यूनिवर्सिटी के छात्रों को भेजा गया है। इसमें हार्वर्ड, कोलंबिया, येल, कैलिफोर्निया और मिशिगन यूनिवर्सिटी जैसे मशहूर संस्थान हैं। हालांकि कितनी यूनिवर्सिटीज के कितने छात्रों को यह मेल भेजा गया है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
ईमेल में छात्रों से कहा गया कि उनका एफ-1 वीजा अमेरिका के इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के तहत रद्द कर दिया है। अब अगर वे अमेरिका में रहते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है, उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या उन्हें डिपोर्ट किया जा सकता है। ईमेल में यह भी बताया गया है कि छात्रों को उनके देशों के अलावा दूसरे देशों में भी भेजा जा सकता है। इसलिए बेहतर है कि छात्र खुद ही अमेरिका छोड़ दें।
गाजा पर इजराइली हमले में 64 की मौत
20 Apr, 2025 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा।गाजा में इजराइली एयरस्ट्राइक में अब तक 64 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों घायल हैं। जैसे-जैसे मलबा हटाया जा रहा है, मरने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। गाजा सरकार के मुताबिक बीते 18 महीने की लड़ाई में अबतक गाजा के 61 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। वहीं यूएन ने चेतावनी देते हुए कहा कि गाजा में हजारों लोग पर भूखे मरने का जोखिम है।
गाजा में लगातार इजराइली गोलीबारी, हवाई हमले और नाकाबंदी की वजह से लोग मानसिक तौर पर बुरी तरह से टूट चुके हैं। कई लोगों अपने बच्चों को पेट भर खाना खिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इजरायली सैनिकों वेस्ट बैंक में हेब्रोन के फव्वार रिफ्यूजी कैंप में 8 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया। सैनिकों ने यहां कई घरों पर छापे मारे गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और तोडफ़ोड़ की।
वल्र्ड हेरिटेज साइट पर को निशाना बना रहा इजराइल
दक्षिणी गाजा में कुवैती हॉस्पिटल के चाइल्ड रोग एक्सपर्ट हेजम मुसलेह ने मीडिया को बताया कि इजराइली हमलों की वजह से बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ ग्लोबल हेरिटेज डे पर ह्यूमन राइट्स ग्रुप अल-हक ने बताया कि इजराइल सेना ने कई फिलिस्तीनी सांस्कृतिक स्थलों को निशाना बनाया है, जिनमें कुछ को यूनेस्को ने वल्र्ड हेरिटेज साइट के तौर पर लिस्ट किया था। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक वेस्ट बैंक के उत्तरी बेथलहम में स्थित अल-मखरौर इलाका जिसे 2014 में यूएन की वल्र्ड हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा था पर भी इजराइली कब्जे का खतरा बढ़ता जा रहा है।
इजराइल ने गाजा के राफा को घेरा
इजराइली सेना ने राफा का बाकी गाजा से संपर्क काट दिया है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने 12 अप्रैल को इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इजराइली डिफेंस फोर्स ने मोराग कॉरिडोर पर कब्जा कर लिया है, जिससे राफा का गाजा पट्टी से संपर्क टूट गया है। मोराग कॉरिडोर दक्षिणी गाजा में एक रास्ता है जो उसे गाजा पट्टी से अलग करता है। काट्ज ने गाजा के लोगों को धमकी देते हुए कहा कि यह हमास को भगाने और सभी बंधकों को रिहा कर जंग को खत्म करने का आखिरी मौका है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो ये सब गाजा के दूसरे इलाके में भी होना शुरू हो जाएगा।
बांग्लादेश में हिंदू नेता की पीट-पीटकर हत्या
20 Apr, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दो बाइक पर 4 लोग घर से किडनैप कर ले गए; अधमरी हालत में वैन से घर भिजवाया
ढाका । बांग्लादेश में अज्ञात लोगों ने एक बड़े हिंदू नेता की हत्या कर दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाबेश चंद्र रॉय (58) को गुरुवार दोपहर को उनके घर से किडनैप किया गया और पीट-पीटकर मार डाला गया। वे बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद की बीराल इकाई के उपाध्यक्ष थे। हिंदू समुदाय में उनकी बड़ी पकड़ थी। पुलिस ने बताया कि वे ढाका से कुछ 330 किमी दूर दिनाजपुर के बसुदेवपुर गांव के रहने वाले थे।
भाबेश चंद्र रॉय की पत्नी शांतना ने बताया कि गुरुवार को करीब 4:30 बजे उनके पति को एक फोन आया था। फोन करने वाला सिर्फ यह जानना चाहता था कि भाबेश घर पर हैं या नहीं। इसके करीब आधे घंटे बाद दो बाइक पर सवार चार लोग उनके घर आए और भाबेश को जबरदस्ती उठाकर ले गए। चश्मदीदों के मुताबिक, उन्हें पास के नराबाड़ी गांव ले जाया गया और वहां बेरहमी से पीटा गया। गुरुवार शाम को ही हमलावरों ने भाबेश को बेहोश हालत में वैन से उनके घर भिजवा दिया। पहले उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, फिर दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हरियाणा के हांसी में पशुगणना से चौंकाने वाला खुलासा: भैंसें हो रहीं कम
19 Apr, 2025 02:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हांसी: उपमंडल में दूध-दही के खानपान में कमी देखी जा रही है, जिसका सीधा कारण क्षेत्र में पशुओं की घटती संख्या है। हाल ही में हुई पशुगणना के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2020 में जहां हांसी क्षेत्र में कुल 1,53,651 पशु थे, वहीं 2025 की गणना में यह संख्या घटकर 1,51,746 रह गई है। यानी 4 सालों में 1905 पशुओं की कमी दर्ज की गई है।
तेजी से घट रही है भैंसों की संख्या
सबसे ज्यादा गिरावट भैंसों की संख्या में देखने को मिली है। वर्ष 2020 में 1,15,328 भैंस थीं, जो अब घटकर 1,03,467 रह गई हैं। यानी कुल 11,861 भैंसें कम हुई हैं। इसके उलट गायों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी हुई है। 2020 में जहां 31,297 गायें थीं, अब यह संख्या बढ़कर 33,106 हो गई है।
पशुपालक अपना रहे हैं दूसरा व्यवसाय
पशु अस्पताल हांसी के एसडीओ जगबीर ढांडा ने बताया कि इस बार भैंसों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जबकि गाय, बकरी, भेड़ और सुअरों की संख्या में वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि पहले जो लोग दूध बेचने का काम करते थे, उन्होंने अब दूसरे व्यवसायों की ओर रुख कर लिया है, जिससे पशुपालन में गिरावट आई है। लोग अब भैंस की जगह गाय पालना ज्यादा पसंद कर रहे हैं क्योंकि गाय का दूध सस्ता होता है और उसकी मांग भी ज्यादा है। यही कारण है कि भैंसों की संख्या में तेज गिरावट आई है।
स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित
पशुगणना में 11, 861 भैंस कम नई पशुगणना के अनुसार 1,809 गायें बढ़ी हैं, 11,861 भैंस कम हुई हैं, 2,936 बकरियां बढ़ी हैं, 4,304 भेड़ें बढ़ी हैं और वहीं 907 सुअरों की संख्या में वृद्धि हुई है। हांसी क्षेत्र के 88 गांवों में पशुओं की यह गणना की गई है।
यहां 25 बड़े व छोटे मिलाकर कुल 27 पशु अस्पताल हैं, जो पशुओं के इलाज और देखरेख के लिए कार्यरत हैं। पशुपालन में यह गिरावट न केवल स्थानीय लोगों के जीवन यापन को प्रभावित कर रही है, बल्कि क्षेत्र की पारंपरिक खानपान संस्कृति पर भी असर डाल रही है।
गणना के बाद अब पशुपालन क्षेत्र की मिली विस्तृत जानकारी पशुधन गणना से पशुपालकों और पशुपालन विभाग को पशुओं की संख्या, नस्ल, उत्पादकता, उम्र, स्वास्थ्य, और पशुपालन के रुझान की विस्तृत जानकारी मिल गई हैं।
इससे अब यह तय किया जा सकेगा कि क्षेत्र में कितनी मात्रा में दवाइयों, ब्रिडिंग सेवाओं, टीकाकरण और अन्य सुविधाओं की आवश्यकता होगी। इसके अलावा अब गणना के अनुसार नए पशु अस्पताल खोलने पर भी निर्णय लिया जाएगा।
वर्ष 2020 की पशुगणना गाय - 31,297, भैंस- 1,15,328, बकरी - 3,154, भेड़ - 2,890, सुअर - 982 । वर्ष 2025 की पशुगणना गाय - 33,106, भैंस - 1,03,467 बकरी - 6,090 भेड़ - 7,194सूअर - 1,889
नूंह में आज से तब्लीगी जमात का जलसा शुरू, मौलाना साद होंगे शामिल
19 Apr, 2025 02:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के नूंह में आज यानी शनिवार से तब्लीगी जमात का जलसा शुरू होने वाला है. इस जलसे में मौलाना हजरत साद शिरकत करेंगे. नूंह के फिरोजपुर झिरका में 3 दिन तक यह जलसा आयोजित किया जाएगा. इस जलसे की तैयारियां पूरी कर ली गई है. वक्फ कानून विवाद के बीच हरियाणा के नूंह में जलसा किया जा रहा है. इस जलसे में बीफ बिरयानी पर रोक रहेगी. साथ ही करीब 5 लाख लोगों के इस में शामिल होने की उम्मीद है.
नूंह के फिरोजपुर झिरका में 19 अप्रैल से शुरू होकर यह जलसा 20 और 21 अप्रैल तक चलेगा. जलसे में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, दमकल, पार्किंग, सुरक्षा से लेकर सभी तरह के बेहतर इंतजाम किए गए हैं.
जलसे के लिए कैसे इंतजाम
तबलीगी जमात के इस जलसे में जमात के साथ-साथ जिला प्रशासन भी तैयारियां कर रहा है. लक्ष्मी नारायण एसडीएम फिरोजपुर झिरका ने आयोजन कमेटी के अलावा उपमंडल स्तर के अधिकारियों से बातचीत कर कार्यों का जायजा लिया और जरूरी दिशा निर्देश जारी किए.
इस जलसे के लिए तकरीबन 20 एकड़ से ज्यादा के एरिया में टेंट से लेकर बाकी सभी तरह का इंतजाम किया जा रहा है. साथ ही इस में 5 लाख से अधिक लोग इस इस्लामिक जलसे में शिरकत कर सकते हैं. तकरीबन 1000 से अधिक वॉलिंटियर तबलीगी जमात की तरफ से लगाए गए हैं, हालांकि पुलिस विभाग ट्रैफिक व्यवस्था को चाक चौबंद बनाए रखने से लेकर सुरक्षा के इंतजामों में जुटी हुई दिखाई देगी.
जलसे के चलते लक्ष्मी नारायण एसडीएम फिरोजपुर झिरका ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पीने के पानी, बिजली विभाग को 24 घंटे बिजली सप्लाई करने, नगर निकाय विभाग को रास्तों से अतिक्रमण हटाने, पुलिस विभाग को सुरक्षा करने, दमकल विभाग को किसी भी स्थिति से निपटने के अलावा संबंधित विभागों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं.
जलसे के लिए दिशा-निर्देश जारी
नूंह मुस्लिम बाहुल्य जिला है. यहां अक्सर इस्लामी जलसे होते रहते हैं, लेकिन इस बार होने वाले हजरत मौलाना साद के जलसे को लेकर कुछ खास व्यवस्था की गई है. खुले में लाखों की भीड़ शौच न जाए, इसके लिए भी उचित व्यवस्था जलसा स्थल के आसपास की गई है. सबसे खास बात ये है कि जलसे का आयोजन करने वाली कमेटी ने दो टूक कह दिया है कि अगर किसी ने अपने वाहन की गलत जगह पार्किंग की या फिर किसी भी तरह का अवरोध पैदा किया तो पुलिस विभाग ऐसे वाहनों का चालान करने से लेकर इम्पाउंड तक कर सकता है.
अमन-शांति की दुआ की जाएगी
जलसा स्थल तक कई अलग-अलग नए मार्ग बना दिए गए हैं. दर्जन भर से अधिक जमीन पर टेंट का इंतजाम कर दिया गया है. इस्लामी जलसे में अंतिम दिन 21 अप्रैल को मुल्क में अमन, शांति और तरक्की के लिए भी दुआ की जाएगी. कुल मिलाकर इस्लामी जलसे का मकसद यही है कि इंसान बुराइयों को छोड़कर अच्छाई के रास्ते पर चले और किसी को किसी तरह का कोई दुख ना दे.
क्या है तब्लीगी जमात
तब्लीगी जमात की स्थापना साल 1926 में दिल्ली के निजामुद्दीन में हुई थी. इसके संस्थापक मौलाना इलियास कांधलवी हैं. इस जमात का मकसद इस्लाम का प्रचार-प्रसार है. तब्लीगी जमात 150 से ज्यादा देशों में फैली हुई है.
अमेरिका में वीज़ा रद्द होने वालों में 50% भारतीय छात्र, बढ़ी चिंता
19 Apr, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी सरकार ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर कार्रवाई की थी। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने छात्र वीज़ा धारकों की पहचान करने और उनकी जांच करने के लिए 'कैच एंड रिवोक' कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिसमें यहूदी-विरोधी या फिलिस्तीनियों और हमास के समर्थन के सबूतों के लिए उनके सोशल मीडिया पर निगरानी रखना भी शामिल था।
इस कार्रवाई के बाद बहुत सारे अंतरराष्ट्रीय छात्रों का वीजा रद किया गया है और इसमें सबसे ज्यादा भारतीय छात्र शामिल हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, संगठन द्वारा हाल ही में एकत्र किए गए 327 वीजा निरस्तीकरणों में से आधे भारतीय छात्रों के हैं।
50 प्रतिशत छात्र हैं भारतीय
रिपोर्ट, जिसका टाइटल है 'अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के खिलाफ आव्रजन प्रवर्तन कार्रवाई का दायरा', इसमें बताया गया है कि वीजा रद होने वाले छात्रों की लिस्ट में 50 प्रतिशत छात्र भारत से थे, जबकि 14 प्रतिशत चीन से थे। डेटा में अन्य देशों में दक्षिण कोरिया, नेपाल और बांग्लादेश शामिल हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग और आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) पिछले चार महीनों से विदेशी छात्रों के डेटा जिसमें उनकी सक्रियता भी शामिल है उसकी जांच कर रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि यह जांच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके की जाती है, जिसके कारण बिना किसी आपराधिक इतिहास वाले या कैम्पस विरोध प्रदर्शनों से जुड़े छात्रों को गलत तरीके से निशाना बनाया जा सकता है।
स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर इनफोर्मेशन सिस्टम (SEVIS) एक पोर्टल है जिसका उपयोग अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय छात्रों और विनिमय कार्यक्रम आगंतुकों पर नज़र रखने के लिए किया जाता है।
F-1 वीजा वाले छात्र हो रहे शिकार
रिपोर्ट के अनुसार, एसईवीआईएस प्रणाली में 4,736 अंतरराष्ट्रीय छात्रों की वीजा स्थिति समाप्त कर दी गई, जिनमें से अधिकांश के पास F-1 वीजा था। एआईएलए ने इन प्रशासनिक कार्रवाइयों को अभूतपूर्व बताया, जिससे कई कानूनी सवाल उठे हैं जिनके लिए मुकदमेबाजी की आवश्यकता हो सकती है।
इन वीज़ा निरस्तीकरणों का प्रभाव महत्वपूर्ण है, 327 मामलों में से 50 प्रतिशत वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (OPT) धारकों के हैं। OPT F-1 वीज़ा पर अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को 12 महीने तक अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है।
इन अमेरिकी राज्य हैं सबसे ज्यादा प्रभावित
वीजा रद होने के कारण ये छात्र अब काम करने में असमर्थ हैं। वीजा रद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिकी स्टेट टेक्सास, कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, मिशिगन और एरिजोना हैं।
हालांकि, विश्वविद्यालय के बयानों और स्कूल अधिकारियों के साथ बातचीत के अनुसार, मार्च के अंत से अब तक अमेरिकी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और विश्वविद्यालय प्रणालियों में लगभग एक हजार अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के वीजा रद कर दिए गए हैं या उनकी कानूनी स्थिति समाप्त कर दी गई है।
अपना कानूनी दर्जा खोने वाले बहुत से छात्र भारत और चीन से हैं, जो अमेरिकी कॉलेजों में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से आधे से ज़्यादा हैं। लेकिन वकीलों ने कहा कि छात्रों की बर्खास्तगी सिर्फ़ दुनिया के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं है।
भारत सरकार ने कहा- कर रहे हैं जांच
भारत सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमें पता है कि कई भारतीय छात्रों को उनके एफ-1 वीजा स्टेटस के बारे में अमेरिकी सरकार से संदेश मिला है। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। हमारा दूतावास और वाणिज्य दूतावास छात्रों के संपर्क में हैं।"
कविता और पोस्टर से जताया विरोध, रूसी अदालत ने सुनाई जेल की सजा
19 Apr, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस की एक अदालत ने यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली दरिया कोजीरेवा को दो वर्ष आठ महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोजीरेवा 19वीं सदी की कविता और भित्तिचित्रों के माध्यम से युद्ध का विरोध कर रही थी।
रूसी सेना को बदनाम करने का दोषी पाया
19 वर्षीय कोजीरेवा को रूसी सेना को बदनाम करने का दोषी पाया गया, क्योंकि उसने चौराहे पर यूक्रेनी कविता की पंक्तियों वाला पोस्टर लगाया था, हालांकि कोजीरेवा ने खुद को निर्दोष बताया तथा अपने विरुद्ध दर्ज मामले को मनगढ़ंत मामला करार दिया।
रूसी मानवाधिकार समूह मेमोरियल के अनुसार, कोजीरेवा उन 234 लोगों में से एक हैं जिन्हें रूस में युद्ध-विरोधी रुख के कारण जेल में डाला गया है।
गाजा में फिर मौत बरसी, इजराइली हमलों में 25 लोगों की जान गई
19 Apr, 2025 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा में शुक्रवार को इजराइली हवाई हमलों में बच्चों सहित कम से कम 25 लोग मारे गए. उधर इजराइल में अमेरिका के नए राजदूत माइक हकाबी ने यरूशलम में पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लिया. नासिर अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि दक्षिणी शहर खान यूनिस में तीन हमलों में 15 लोग मारे गए, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है. इंडोनेशियन अस्पताल के चिकित्सा कर्मियों ने बताया कि मृतकों में शामिल 10 लोग जबालिया शरणार्थी शिविर से हैं. इजराइली हमले तेज होने के बाद गाजा में एक दिन पहले कई लोग मारे गए थे.
इजराइल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी शुक्रवार को वेस्टर्न वाल पहुंचे जो यरूशलम के पुराने शहर में यहुदियों का एक प्रमुख प्रार्थना स्थल है. हकाबी ने दीवार पर एक प्रार्थना पत्र को भी अटैच किया जिस बारे में उन्होंने बताया कि इसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हाथों से लिखा है.
यरूशलम में शांति के लिए प्रार्थना पत्र
हकाबी ने बताया कि ट्रंप ने उन्हें यरूशलम में शांति के लिए उनके प्रार्थना पत्र को लेकर जाने को कहा था. हकाबी ने यह भी कहा कि हमास की गिरफ्त में मौजूद शेष सभी बंधकों को वापस लाने के लिए हर कोशिश की जा रही है. गाजा में 18 महीने से जारी युद्ध के महत्वपूर्ण समय में हकाबी का आगमन हुआ है. अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ युद्ध विराम को फिर से पटरी पर लाना चाहते हैं.
इजराइल का नया प्रस्ताव अस्वीकार
इजराइल की मांग है कि हमास कोई युद्ध विराम शुरू होने से पहले और भी बंधकों की रिहाई करे और आखिरकार क्षेत्र को खाली करने के लिए सहमत हो. इजराइल ने कहा है कि उसकी योजना गाजा के अंदर बड़े सुरक्षा क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की है. हमास के बातचीत प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख खलील अल-हय्या ने गुरुवार को कहा था कि समूह ने इजराइल के नए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है.
फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई
उन्होंने हमास के इस रुख को दोहराया कि वह और भी फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई, गाजा से इजराइली सैनिकों की पूर्ण वापसी और एक स्थायी युद्ध विराम के बदले में ही बंधकों को मुक्त करेगा, जैसा कि जनवरी में हुए युद्ध विराम समझौते में कहा गया था. हमास के पास वर्तमान में 59 बंधक हैं और माना जा रहा है कि इनमें से 24 जिंदा हैं.
कनाडा में हिंसा का शिकार बनी भारतीय छात्रा, गोली लगने से मौके पर ही मौत
19 Apr, 2025 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा में भारतीय लोगों की हत्या का सिलसिला लगातार जारी है, पिछले दिनों एक युवक के मर्डर के बाद अब भारतीय छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. छात्रा को उस समय गोली मारी गई जब वह अपने काम पर जा रही थी. उसी दौरान वो बस का इंतजार कर रही थी. यही एक कार सवार ने उस पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
भारतीय छात्रा जिसका नाम हरसिमरत रंधावा है, उसकी हत्या कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई. जो वहां के मोहॉक कॉलेज में अपनी पढ़ाई कर रही थी. इस घटना के भारतीय दूतावास ने मामले पर पूरी मदद का भरोसा दिया है.
इस पूरे मामले पर टोरंटो में भारतीय दूतावास ने एक पोस्ट में कहा कि हैमिल्टन, ओंटारियो में भारतीय छात्राहरसिमरत रंधावा की दुखद मौत से हम बहुत दुखी हैं. अधिकारी ने कहा कि स्थानीय पुलिस के अनुसार, वह एक निर्दोष पीड़ित थी, जिसको मौत दो लोगों की आपसी लड़ाई में गई है. पूरे मामले की जांच अभी चल रही है. उन्होंने आगे कहा कि हम उसके परिवार के साथ संपर्क में हैं और हर तरीके से मदद कर रहे हैं.
कैसे लगी छात्रा को गोली?
हैमिल्टन पुलिस ने भारतीय छात्रा की मौत के मामले में बताया कि सीसीटीवी की जांच की गई तो पाया गया कि ये दो लोगों की लड़ाई का नतीजा है, ऐसा इसलिए क्योंकि एक काली कार में सवार युवक ने सफेद सेडान पर गोली चलाई थी. एक गोली बस स्टॉप पर खड़ी छात्रा के सीने में लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस गोलीबारी करने वालों आरोपियों की तलाश में लगी हुई है.
इस महीने दो भारतीयों की हत्या
हैमिल्टन पुलिस ने बताया कि स्थानीय समयानुसार शाम करीब 7.30 बजे उन्हें गोलीबारी की सूचना मिली थी. जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उसने हरसिमरत को सीने में गोली लगी हुई थी और बहुत ज्यादा खून बह चुका था. पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल भेजा, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस घटना से पहले 5 अप्रैल को भी एक भारतीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कनाडा में अप्रैल महीने में भारतीय मूल के 2 लोगों की हत्या की गई है.
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