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भारतीय कार्रवाई से मचा हड़कंप, पाकिस्तान करेगा जवाबी रणनीति पर विचार
24 Apr, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में लिए गए कड़े फैसलों से पाकिस्तान में बौखलाहट की स्थिति है। इसी का नतीजा है कि भारत की ओर से लिए गए फैसलों से निपटने के लिए गुरुवार को पाकिस्तान के शीर्ष असैन्य व सैन्य नेतृत्व की बैठक बुलाई गई है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने जारी किया बयान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार रात एक बयान में कहा, 'प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति का एक बैठक आयोजित की जाएगी।'
उन्होंने कहा कि इसमें भारतीय कदमों का उचित जवाब देने के लिए फैसले लिए जाएंगे। इस बैठक में तीनों सेना प्रमुख और प्रमुख कैबिनेट मंत्री हिस्सा लेंगे। ऐसी बैठकें कुछ मौकों पर बुलाई जाती हैं जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
कहा- पहलगाम हमले से कोई कनेक्शन नहीं
पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिस तरह अंतरराष्ट्रीय जगत भारत के साथ आ रहा है उससे पाकिस्तान साफ तौर पर दबाव महसूस कर रहा है। इसी क्रम में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ किया है कि इस हमले का उनके देश से कोई कनेक्शन नहीं है।
पर्यटकों की मौत से हम चिंतित- पाकिस्तान
वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपनी संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा, 'अनंतनाग जिले में हुए हमले में पर्यटकों की मौत से हम चिंतित हैं। हम मृतकों के परिजनों के प्रति अपना शोक व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र ठीक होने की कामना करते हैं।'
पहलगाम हमले पर मुस्लिम वर्ल्ड लीग की तीखी प्रतिक्रिया, इंसानियत के खिलाफ बताया हमला
24 Apr, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मक्का। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुस्लिम वर्ल्ड लीग (एमडब्ल्यूएल) ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले की निंदा की, जिसमें 25 से अधिक लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
एमडब्ल्यूएल के महासचिव ने जारी किया बयान
एमडब्ल्यूएल के महासचिव द्वारा जारी बयान में कहा गया कि मुस्लिम वर्ल्ड लीग (एमडब्ल्यूएल) पूरे इस्लामी जगत की तरफ से हमले की निंदा करता है।
पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की
साथ ही बयान में कहा है कि हम हिंसा और आतंकवाद को उसके सभी रूपों और औचित्यों में खारिज और निंदा करते हैं और इसे किसी भी धर्म या संस्कृति से जोड़ने के किसी भी प्रयास को खारिज करते हैं। आगे कहा कि हम इस जघन्य अपराध के पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
एमडब्ल्यूएल के महासचिव ने भारत के महामहिम प्रधानमंत्री की सऊदी अरब की यात्रा के समापन पर जारी संयुक्त बयान की विषय-वस्तु, विशेष रूप से इस भयानक हमले के संदर्भ पर भी ध्यान दिया।
बयान में आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की गई और उन्हें किसी भी जाति, धर्म या संस्कृति से जोड़ने के किसी भी प्रयास को खारिज कर दिया गया।
अरब देशों ने भी आतंकी हमले की निंदा की
बयान में आतंकवाद और इसके वित्तपोषण का मुकाबला करने में सऊदी-भारतीय सहयोग की प्रशंसा की गई, सीमा पार आतंकवाद की निंदा की गई, साथ ही इसके बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और इसके अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने की वकालत की गई। इससे पहले, अरब दुनिया के देशों ने मंगलवार को पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले की निंदा की थी।
'मेरे हीरो थे तुम' — शहीद विनय नरवाल की पत्नी की अंतिम विदाई पर भावुक श्रद्धांजलि
23 Apr, 2025 07:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को उनकी पत्नी ने भावभीनी विदाई दी. पहले फफक कर रोई, फिर सैलूट किया और जय हिंद बोलते हुए कहा कि हमें तुम पर गर्व रहेगा. लेफ्टिनेंट विनय नरवाल हनीमून मनाने के लिए पत्नी के साथ पहलगाम गए थे. अभी 16 अप्रैल को ही उनकी शादी हुई थी. इसी दौरान मंगलवार को आतंकी हमला हो गया और आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी थी. इस घटना के बाद विनय नरवाल के शव के पास बैठी उनकी पत्नी की तस्वीरें सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही हैं.
नेवी में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल (26) हरियाणा के रहने वाले थे और उनकी पोस्टिंग इन दिनों केरल के कोच्ची में थी. हाल ही में वह शादी के लिए छुट्टी लेकर आए और फिर अपनी दुल्हन हिमांशी स्वामी को लेकर हनीमून मनाने कश्मीर की वादियों में चले गए थे. जहां हिमांशी के सामने ही मंगलवार को आतंकियों ने उसका सुहाग उजाड़ दिया था. उसी समय से पत्नी हिमांशी स्वामी का रो-रोकर बुरा हाल है. बुधवार को उसका शव हरियाणा के करनाल स्थित उनके पैत्रिक गांव पहुंचा, जहां हिमांशी ने अपने पति को आखिरी सैलूट किया.
करनाल के रहने वाले थे विनय नरवाल
बता दें कि विनय नरवाल के घर में शादी का जश्न अब तक चल रहा था. एक हफ्ते पहले जिस घर में ढोल-नगाड़े बज रहे थे, शहनाइयां गूंज रही थीं, आज उसी घर में मातम पसरा है. दुखों का पहाड़ तो नई नई दुल्हन बनी विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी स्वामी पर टूट पड़ा है. उसके तो हाथों की मेंहदी तक नहीं छूटी है. जानकारी के मुताबिक विनय मूल रूप से करनाल के रहने वाले हैं और यहां सेक्टर-7 में उनका पैत्रिक घर है. उनके घर में अब बुजुर्ग मां-बाप हैं.
एक्शन मोड में है भारत सरकार
बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकी हमला हुआ था. आधा दर्जन आतंकियों ने वहां घूमने आए सैलानियों का धर्म पूछा और गोली मार दी थी. इस घटना में 26 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इस घटना के बाद से ही पूरे देश में गुस्सा है. लोग सरकार से आतंकियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उधर, भारत सरकार भी इस घटना के बाद से एक्शन मोड में है. खुद गृहमंत्री अमित शाह इस समय कश्मीर में कैंप कर रहे हैं. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना विदेश दौरा बीच में ही छोड़ कर वतन लौट आए हैं.
यूएई में लौह युग का 3000 साल पुराना कब्रिस्तान मिला, 100 से अधिक कब्रें खोजी गईं
23 Apr, 2025 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UAE के अल-ऐन इलाके में देश का पहला प्रमुख लौह युग (Iron Age) कब्रिस्तान मिला है, जो देश की प्राचीन विरासत के खोए हुए अध्याय पर नई रोशनी डाल रहा है. अबू धाबी के संस्कृति और पर्यटन विभाग (DCT) की ओर से खोजे गए 3 हजार साल पुराने नेक्रोपोलिस में सौ से ज़्यादा कब्रें और दफन वस्तुओं का खजाना है, जो लौह युग में जीवन और मृत्यु के बारे में अभूतपूर्व जानकारी देने का काम करेंगी. इस खोज पर DCT अबू धाबी के ऐतिहासिक पर्यावरण विभाग के निदेशक जाबेर सालेह अल मेर्री ने कहा, "यह खोज प्राचीन अमीरात के बारे में हमारी समझ को बदलने का वादा करती है, अब हमारे पास ठोस सबूत हैं जो हमें 3 हजार साल पहले यहां रहने वाले लोगों के करीब लाते हैं." इस खोज से ये साफ हो गया है कि इस खाड़ी देश में जीवन हजारों साल पहले से है.
कहा मिला कब्रिस्तान?
पुरातत्वविदों को अल-ऐन में क़त्तारा ओएसिस के पास प्राचीन कब्रें मिली हैं. इन कब्रों को गहरी खाइयों को खोदकर और जमीन के नीचे अंडाकार कमरे बनाकर बनाया गया था. कब्रों के अंदर, उन्हें सोने के मोती, तांबे के मिश्र धातु के हथियार, मिट्टी के बर्तन, उस्तरा, मेकअप के लिए शैल कंटेनर और पक्षियों से सजा एक विशेष तांबे का प्याला जैसी चीजे मिली हैं. पुरातत्वविद तातियाना वैलेंटे ने कप को 'मास्टरपीस' कहा. भले ही कब्रों को बहुत पहले लूट लिया गया था, लेकिन कई महत्वपूर्ण वस्तुएं अभी भी वहां हैं. क़त्तारा ओएसिस के पास कब्रिस्तान मिला है, ये आयरन ऐज में 'फलाज' की वजह से विकसित हुआ जो एक भूमिगत जल प्रणाली थी जो खेती में मदद करती थी. इस क्षेत्र ऐसी चीज़े भी मिलती हैं, जिनका संबंध व्यापार से, जो दिखाता है कि यह एक विकसित और सक्रिय समाज था.
धीरे-धीरे सुलझेगी पहेली
यहां से मिली कुछ वस्तुओं से पता चलता है कि लोग और सामान इस क्षेत्र में इधर-उधर आते-जाते थे. जानकार अब रेडियोकार्बन डेटिंग और डीएनए परीक्षण का इस्तेमाल कर वहां दफनाए गए लोगों के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं, जैसे वे कितने पुराने थे, उन्होंने क्या खाया, उनका स्वास्थ्य कैसा था और वे कहां से आए थे. वैलेंटे ने कहा, "हम धीरे-धीरे पहेली को सुलझा रहे हैं."
सऊदी अरब के राजकुमार की जिंदगी एक रहस्य, 20 साल से कोमा में हैं 'स्लीपिंग प्रिंस'
23 Apr, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सऊदी अरब के प्रिंस अल-वलीद बिन खालिद बिन तलाल, जिन्हें अक्सर "स्लीपिंग प्रिंस" कहा जाता है, उन्होंने पिछले हफ्ते अपना 36वां जन्मदिन मनाया। लेकिन यह जन्मदिन भी उनकी लगभग दो दशक लंबी बेहोशी की हालत में ही बीता। 2005 में लंदन में एक कार दुर्घटना में गंभीर ब्रेन इंजरी के बाद वे कोमा में चले गए थे और तब से अब तक इसी अवस्था में हैं।
जीवन रक्षक प्रणाली पर निर्भर हैं प्रिंस
प्रिंस अल-वलीद पिछले लगभग 19 सालों से वेंटिलेटर और फ़ीडिंग ट्यूब की मदद से जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। उन्हें रियाद के किंग अब्दुलअज़ीज़ मेडिकल सिटी में एक समर्पित मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी स्थिति में इन वर्षों में बहुत कम बदलाव आया है।
2019 में दिखे थे हल्के संकेत
2019 में एक समय ऐसा आया था जब उनकी उंगलियों में थोड़ी हरकत देखी गई थी और उनका सिर भी हल्का सा हिला था। यह खबर उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनी, जो अब भी उनके ठीक होने की दुआ करते हैं। लेकिन उसके बाद कोई ठोस सुधार दर्ज नहीं हुआ है।
परिवार की उम्मीद अब भी कायम
प्रिंस अल-वलीद के पिता प्रिंस खालिद बिन तलाल और मां प्रिंसेस रीमा बिंत तलाल अब भी अल्लाह की रहमत और बेटे के जागने की उम्मीद में जी रहे हैं। प्रिंस खालिद पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह कभी जीवन रक्षक उपकरण हटाने की अनुमति नहीं देंगे, क्योंकि वह इसे अल्लाह की मर्जी मानते हैं।
सोशल मीडिया पर दुआओं की बौछार
इस साल 18 अप्रैल को उनके जन्मदिन पर परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर दुनियाभर से लोगों ने उनके लिए दुआएं भेजीं और उम्मीद जताई कि एक दिन वह फिर से होश में आएंगे।
आग की लपटों से ढहा पुल, हादसे से पहले बंद कर दिया गया था यातायात
23 Apr, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। बीजिंग के उत्तरपूर्वी शून्यी जिले से आग लगने की खबर सामने आई है, इस वजह से एक पुल ढह गया है। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित फोटोज सामने आई हैं। बीजिंग नगर परिवहन आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर लिखकर इस हादसे की जानकारी दी है।
आयोग ने कहा-पुल में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, इस पुल को पहले ही यातायात के लिए बंद कर दिया गया था।
पुल के किनारे से निकला धुएं का गुबार
आयोग ने कहा कि सुबह आग लगने के बाद चाओबाई नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया। बाद में आग बुझा दी गई। अधिकारी इसके कारणों की जांच कर रहे हैं। पुल पर दोनों तरफ से पहुंच बंद कर दी गई और यातायात का मार्ग बदल दिया गया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुल के किनारों से धुएं का गुबार निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस की गाड़ियां पुल तक पहुंच को रोकती नजर आईं और पास में दमकल गाड़ियां खड़ी थीं।
ग़ाज़ा में इज़रायल के ताबड़तोड़ हमले, 14 की मौत, महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक
23 Apr, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम। गाजा में मंगलवार को इजरायल के हमले में 14 लोग मारे गए। मारे गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। इसी के साथ इजरायली सेना ने मलबा हटाने के लिए अन्य देशों द्वारा गाजा में भेजे गए बुलडोजरों और अन्य भारी उपकरणों को भी नष्ट कर दिया।
भवनों का मलबा हटाने वाले उपकरण ध्वस्त
ये उपकरण गाजा में इजरायली बमबारी से ध्वस्त हुए भवनों का मलबा हटाने के लिए भेजे गए थे। ये उपकरण अरब देशों ने गाजा के प्रशासन को भेजे थे। इजरायल की हमास के खिलाफ 18 महीने की कार्रवाई में गाजा के ज्यादातर भवन बर्बाद हो गए हैं। वे ऐसे नहीं रह गए
हैं कि उन्हें मरम्मत से ठीक किया जा सके।
इन भवनों के मलबे के नीचे बड़ी संख्या में शवों के दबे होने की भी आशंका है। लगातार हो रहे हमलों के चलते गाजा में मलबा हटाने का कार्य नहीं हो सका है। गाजा में पहले से मौजूद बुलडोजर और अन्य उपकरणों के अतिरिक्त सहानुभूति रखने वाले देशों ने युद्धविराम के दौरान उपकरण भेजे थे।
मिस्त्र और कतर ने नौ बुलडोजर भेजे थे
गाजा और इजरायल के बीच मध्यस्थता कर रहे मिस्त्र और कतर ने नौ बुलडोजर भेजे थे। जबालिया में ये बुलडोजर जहां रखे थे वह गैराज इजरायली बमबारी में नष्ट हो गया है। इजरायली हमलों में पानी के टैंकर और जेनरेटर भी नष्ट होने की सूचना है। इन हमलों पर इजरायली सेना ने कोई टिप्पणी नहीं की है।
बेरूत पर हमले में सुन्नी संगठन का कमांडर मारा
इजरायल ने मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर फिर हवाई हमला किया। इजरायल ने इस बार सुन्नी मुसलमानों के सशस्त्र संगठन जामा इस्लामिया को निशाना बनाया। इजरायली सेना ने बताया है कि हमले में इस्लामिक संगठन का शीर्ष कमांडर हुसैन अतावी मारा गया है। अतावी इजरायल में आतंकी हमले की योजना बनाने और उनके लिए सहयोग देने का काम करता था।
PM मोदी की बैठक से पहले पाकिस्तान में हड़कंप, LOC पर हाई अलर्ट!
23 Apr, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान: पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान बुरी तरह कांप रहा है. इस वक्त पाकिस्तान को पुलवामा हमले के बाद हुए भारतीय एक्शन की याद आ रही है, जब भारत के हवाई विमानों ने उसके क्षेत्र में घुस कयामत बरपाई थी. पीएम मोदी शाम को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) के साथ बैठक करेंगे. कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी बैठक पहलगाम के हमले के जवाब की रूपरेखा तैयार की जाएगी. इस बैठक से पहली ही पाकिस्तान सेना अलर्ट हो गई है, वहीं सरकार विरोधी विपक्षी नेता भी भारत के खिलाफ एकजुट होने का राग अलाप रहे हैं. पाकिस्तान सेना और वायु सेना को अलर्ट किया गया और LOC पर तैनात टुकड़ियों को खास निर्देश दिए गए हैं. साथ ही पेट्रोलिंग पार्टीजको भी बेस में रहने के लिए आदेश दिया गया है.
विपक्षी नेता बोले, एकजुट हैं हम
वहीं शहबाज सरकार विरोधी इमरान खान की PTI के नेता चौधरी फवाद हुसैन ने एक्स पर लिखा, 'पाकिस्तान राजनीतिक रूप से विभाजित है, लेकिन हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट हैं. अगर भारत द्वारा हमला किया जाता है या धमकी दी जाती है, तो सभी समूह – PML-N, PPP, PTI, JUI और अन्य – अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए पाकिस्तानी झंडे के नीचे एकजुट होंगे.' इस ट्वीट से साफ हो गया है कि पाकिस्तान को पता है भारत उसकी इस गलती का करारा जवाब देगा.
पाक सेना की 10 कोर्प्स अलर्ट पर
पाकिस्तानी सेना के 10 कोर जिसकी ज़िम्मेदारी पूरे POK की है. उसने अपनी सैनिकों का तादात को भी बढ़ा दिया है. पाकिस्तान के 10 corps में आर्टिलरी मूवमेंट और सैनिकों की मूवमेंट फॉरवर्ड बेस पर देखी गई है, यानी पाकिस्तान एक बड़े रिस्पांस की तैयारी कर रहा है. अब देखना होगा भारतीय सेना इसको भेदते हुए कैसे आतंकियों को खात्मा करने के लिए कार्रवाई करती है.
पुलवामा का डर
2019 में पुलवामा में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसके बाद भारत ने POK के इलाके में सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए 300 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था. 2016 में भी भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी. इस सर्जिकल स्ट्राइक में भी 200 के करीब आतंकी मारे गए थे. दोनों सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की सेना की दुनिया में भद्द पिटी थी. इस बार पाकिस्तान की सेना को फिर से सर्जिकल स्ट्राइक का डर सताने लगा है.
पहलगाम हमले के बाद खौफ में पाक, सर्जिकल स्ट्राइक की आहट से उड़ी नींद
23 Apr, 2025 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक का डर सताने लगा है. इसका खुलासा सेटेलाइट तस्वीर से हुई है. आतंकी हमले के तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना ने अपने एयरबेस की सुरक्षा बढ़ा दी है. मंगलवार रात को सेना के बड़े-बड़े अधिकारी एयरबेस की मॉनिटरिंग में लगे रहे. पाक को डर है कि सीमा पार के आतंकियों को खत्म करनो के लिए भारत कभी भी सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है. दर्ज डेटा के मुताबिक पहलगाम हमले के तुरंत बाद रावलपिंडी और लाहौर से सेना के 2 फाइटर जेट को उड़ते देखा गया. एक फाइटर जेट तो LOC के आसपास चक्कर लगा रहा था. अहमदपुर ईस्ट के पास आखिरी बार पाकिस्तानी फाइटर जेट को उड़ान भरते देखा गया.
सीमा पर पाकिस्तानी वायुसेना के जिन विमानों को उड़ान भरते देखा गया है, उनमें PAF198 और PAF101 नंबर की फ्लाइट है. पाकिस्तान की वायुसेना दोनों ही विमानों का इस्तेमाल अक्सर खुफिया अभियानों के लिए करती रही है. वहीं कहा जा रहा है कि सीमा पर तंबू लगाकर बैठे आतंकियों को पाकिस्तान की सेना ने अंदर शिफ्ट कर दिया है, जिससे सर्जिकल स्ट्राइक की स्थिति में आतंकी न मारे जाए.
पुलवामा के बाद हुआ था सर्जिकल स्ट्राइक
2019 में पुलवामा में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसके बाद भारत ने POK के इलाके में सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए 300 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था. 2016 में भी भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक किया था. इस सर्जिकल स्ट्राइक में भी 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. दोनों सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की सेना की दुनिया में भद्द पिटी थी. इस बार पाकिस्तान की सेना को फिर से सर्जिकल स्ट्राइक का डर सताने लगा है.
पाकिस्तान को इसलिए भी सता रहा डर
1. पाक आतंकियों ने कही थी जिहाद की बात- POK में एक बैठक के बाद 19 अप्रैल को आतंकवादियों ने एक बयान जारी किया था. इसमें भारत के खिलाफ जिहाद जारी रखने की बात कही गई थी. आतंकियों के इस ऐलान के 3 दिन बाद पहलगाम में घटना हुई है. यही वजह है कि पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक का डर सता रहा है.
2. भारत ने नहीं बख्शने की बात कही है- पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने बयान जारी किया है. शाह का कहना है कि एक भी आंतकी बख्शे नहीं जाएंगे. शाह खुद जम्मू कश्मीर पहुंच गए हैं. वहीं से हालात का जायजा ले रहे हैं.
हजारों फीट की ऊंचाई पर मोदी का ग्रैंड वेलकम, सऊदी ने दिखाया दोस्ती का दम
22 Apr, 2025 03:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिन की यात्रा पर सऊदी अरब गए हैं। इस बीच पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम देखा गया। आज जैसे ही पीएम का विमान सऊदी अरब के एयरबेस में एंटर किया, तभी एक इशारे पर मोदी का ग्रैंड वेलकम हुआ। अधिकारियों ने बताया कि एक विशेष इशारे के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान की सुरक्षा सऊदी अरब के एफ-15 जेट विमानों ने की, जब उनका विशेष विमान मंगलवार को खाड़ी देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया।
रक्षा सहयोग को मजबूत करने का इशारा
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मोदी के विमान की सुरक्षा करते सऊदी जेट विमानों का एक वीडियो भी जारी किया। इस इशारे को दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।
मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और सऊदी अरब का क्षेत्र में शांति और स्थिरता की रक्षा करने में स्वाभाविक हित है और दोनों देशों के बीच बढ़ता रक्षा और सुरक्षा सहयोग गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है।
सऊदी अरब भारत का सबसे मूल्यवान दोस्त
जेद्दा पहुंचने से पहले दिए एक साक्षात्कार में पीएम मोदी ने सऊदी अरब को भारत के सबसे मूल्यवान दोस्तों में से एक, एक समुद्री पड़ोसी, एक भरोसेमंद दोस्त और एक रणनीतिक सहयोगी बताया।
पीएम ने कहा कि हम सऊदी अरब को क्षेत्र में सकारात्मकता और स्थिरता की ताकत मानते हैं। समुद्री पड़ोसी होने के नाते, भारत और सऊदी अरब क्षेत्र में शांति और स्थिरता की रक्षा करने में स्वाभाविक रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा और सुरक्षा भागीदारी और सहयोग गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है। यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता और हमारे विस्तारित पड़ोस में उभरती चुनौतियों का समाधान करने के हमारे आपसी संकल्प का भी प्रमाण है।
दोनों देशों में हो सकते हैं कई समझौते
आज शाम पीएम मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच महत्पूर्ण वार्ता होनी है। दोनों देशों द्वारा कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने के अलावा रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का पलटवार, ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी पर उठाई आवाज़
22 Apr, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बीच शुरू हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है और मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने सोमवार (21 अप्रैल) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पर 2.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 18 हजार करोड़ रुपये) की फंडिंग रोकने को लेकर मुकदमा दायर किया है। यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट एलन एम गार्बर ने ट्रंप प्रशासन पर अभूतपूर्व और अनुचित नियंत्रण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि सरकार की कार्रवाई के गंभीर और लॉन्ग टर्म परिणाम होंगे।
ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फेडरल कोर्ट में मुकदमा दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ने फेडरल फंडिंग के रूप में अरबों डॉलर रोककर संस्थान के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। यह मुकदमा ट्रंप प्रशासन की उस कार्रवाई के जवाब में दायर किया गया है, जिसमें उसने हार्वर्ड को दी जाने वाली 9 अरब डॉलर की फंडिंग की समीक्षा शुरू की थी और 2.3 अरब डॉलर की फंडिंग को पहले ही फ्रीज कर दिया था। हार्वर्ड का दावा है कि यह कार्रवाई यूनिवर्सिटी की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करती है।
क्या कहा हार्वर्ड ने?
रिपोर्ट के अनुसार, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट एलन गार्बर ने कम्युनिटी मैसेज में कहा, ‘सरकार के अतिक्रमण के परिणाम गंभीर और दीर्घकालिक होंगे।’ गार्बर ने तर्क दिया कि फंडिंग में कटौती के कारण चाइल्ड कैंसर, संक्रामक रोग प्रकोप और और घायल सैनिकों की पीड़ा कम करना समेत कई रिसर्च रिस्क में हैं। उन्होंने कहा कि फेडरल रिसर्च फंडिंग में अरबों डॉलर की रोक से हार्वर्ड के रिसर्च कार्यक्रमों, इसके लाभार्थियों, इनोवेशन और प्रगति को लेकर अहम परिणाम होंगे। हार्वर्ड ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने फंडिंग को हथियार बनाकर यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक निर्णयों पर नियंत्रण करने की कोशिश की है।
क्या है पूरा मामला?
ट्रंप प्रशासन ने 11 अप्रैल को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर कहा था कि विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर सुधार करने और एडमिशन के लिए बनी नीतियों में बदलाव किए जाने की जरूरत है। प्रशासन ने कहा था कि यूनिवर्सिटी में कुछ स्टूडेंट्स क्लब को मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को एक चिट्ठी लिखकर मांग की थी कि विश्वविद्यालय परिसर में विविधता पर विचारों का ऑडिट करे और कुछ छात्र क्लबों को मान्यता देना बंद करें। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने 3 अप्रैल को यूनिवर्सिटी के सामने मांग रखी थी कि यूनिवर्सिटी के गवर्नेंस, एडमिशन और हायरिंग प्रोसेस पर सरकार को नियंत्रण दिया जाए और इनमें बड़ा बदलाव किया जाए। इसके अलावा डाइवर्सिटी ऑफिस बंद करने और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की जांच में इमिग्रेशन अफसरों की मदद करने की मांग भी रखी गई थी। हार्वर्ड ने इन मांगों को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था।
ट्रंप प्रशासन ने लिया था एक्शन
इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को मिलने वाली 2.2 बिलियन डॉलर से अधिक की ग्रांट को रोक दिया था। ट्रंप की ‘जॉइंट टास्क फोर्स टु कॉम्बैट एंटी-सेमिटिज्म’ ने बयान जारी कर कहा था कि हार्वर्ड को मिलने वाली 2.2 अरब डॉलर की मल्टी-ईयर ग्रांट और 6 करोड़ डॉलर की सरकारी कॉन्ट्रैक्ट की फंडिंग रोक दी गई है। टास्क फोर्स ने कहा कि हार्वर्ड का बयान हमारे देश की सबसे बेहतर यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में फैली एक चिंताजनक मानसिकता को दर्शाता है। ये दिखाता है कि वे सरकारी फंडिंग तो पाना चाहते हैं, लेकिन कानूनों का पालन करने की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं।
वाशिंगटन डीसी में दिनदहाड़े चोरी, अमेरिका की गृह सचिव का पर्स ले उड़े चोर
22 Apr, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किसी आम आदमी के पर्स से पैसे चोरी होने को आम घटना के रूप में देखा जाता है. अगर ये चोरी आम आदमी की साथ ना होकर ऐसे शख्स के साथ जिसके पास पूरे राज्य की सुरक्षा का बेड़ा हो, तो क्या समझा जाएगा. जी हां ऐसा ही एक मामला अमेरिका से सामने आया है, जहां कि गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम का पर्स चोरी हो गया है.
क्रिस्टी नोएम का पर्स जिसमें 3 हजार अमेरिकी डॉलर नकद थे, उस समय चोरी हो गया, जब वह वाशिंगटन डीसी के एक लोकप्रिय रेस्तरां में खाना खा रही थीं. इस घटना की जांच अब अमेरिकी खुफिया सर्विस को सौंप दी गई है. घटना से परिचित एक व्यक्ति ने बताया कि नोएम अपने परिवार के साथ द कैपिटल बर्गर में खाना खा रही थी, तभी उसे लगा कि उसके नाती ने उसके पैर को छुआ है. व्यक्ति के मुताबिक थोड़ी ही देर बाद उन्हें एहसास हुआ कि उसका पर्स गायब है.
कैसे की चोरी?
निगरानी फुटेज में एक गोरा पुरुष संदिग्ध को रविवार शाम 7.52 बजे रेस्तरां में दाखिल होते हुए देखा गया, जिसने गहरे रंग की पतलून, फर-कॉलर वाली जैकेट, ट्रेनर और एक सफेद N95 मास्क पहना हुआ था. ब्लूमबर्ग की जांच में कानून प्रवर्तन दस्तावेज़ के मुताबिक वह शाम 7.55 बजे नोएम के बगल में एक टेबल पर बैठा, अपनी कुर्सी को उसकी ओर झुकाया और फर्श पर नजर रखता हुआ दिखाई दिया.
जैसे ही नोएम ने दूसरी तरफ देखा, संदिग्ध ने अपने पैर से उसका पर्स अपनी मेज़ के नीचे सरका दिया, फिर उसे उठाया, अपनी जैकेट से ढक दिया और शाम 7.56 बजे वहां से चला गया. जब नोएम जाने के लिए उठी तो उसे पता चला कि बैग गायब है. अमेरिका के गृह सुरक्षा सचिव के साथ हुई चोरी ने अमेरका की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, की जब देश के नेता सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या हाल होगा.
गुच्ची बैग में क्या-क्या था?
गुच्ची शोल्डर बैग के अंदर नोएम का डीएचएस सुरक्षा बैज, क्रेडिट और बैंक कार्ड, पासपोर्ट, खाली चेक, प्रिस्क्रिप्शन दवा, ड्राइविंग लाइसेंस और लुई वुइटन क्लेमेंस वॉलेट था, साथ ही 3,000 अमेरिकी डॉलर नकद कैश था. बराहाल सरकारी फोन बरामद कर लिया गया है और जंच की जा रही है. देखना होगा की चोर को कब तक गिरफ्तार किया जाता है.
इज़राइल में तपेगी ज़मीन, वैज्ञानिकों ने दी ‘आग बरसने’ जैसी स्थिति की चेतावनी
22 Apr, 2025 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा में जहां इजराइल रॉकेटों और धमाकों के बीच जंग लड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर उसे एक और मोर्चे पर खामोशी से हार मिल रही है- जलवायु संकट के खिलाफ. हालात इतने भयावह हो चले हैं कि अब गर्मी भी दुश्मन बन गई है. तापमान में ऐसी आग लगी है कि 46 साल बाद पहली बार रिकॉर्ड्स कांप उठे हैं. ये महज मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है कि अब वक्त निकलता जा रहा है.
1950 के दशक की तुलना में आज इजराइल जुलाई के महीने में लगभग 3°C ज्यादा गर्म हो चुका है. वैज्ञानिक कह रहे हैं कि यहूदियों का यह देश अब जलवायु परिवर्तन का हॉटस्पॉट बन चुका है. आसमान से बरसती यह आग न सिर्फ शरीर झुलसा रही है, बल्कि जीवनशैली, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था तक को झुलसा रही है.
यरुशलम का डेटा दे रहा चेतावनी
इजराइल के ताउब सेंटर ने हाल ही में एक स्टडी जारी की है, जो यरुशलम के मौसम विभाग के 1950 से 2024 तक के आंकड़ों पर आधारित है. इस अध्ययन के मुताबिक, जुलाई महीने का औसत तापमान 1950-1979 की तुलना में अब 2.8°C अधिक है. यही नहीं, पूरे साल का औसत तापमान भी पिछले 10 सालों (2014-2024) में 1.8°C तक बढ़ चुका है.
ग्लोबल वार्मिंग से आगे निकल गया इजराइल
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि इजराइल अब एक ‘क्लाइमेट हॉटस्पॉट’ बन चुका है. क्योंकि यह दुनिया की औसत रफ्तार से कहीं ज्यादा तेज़ गर्म हो रहा है. जबकि 2015 के पेरिस समझौते में वादा किया गया था कि तापमान वृद्धि को 2°C के भीतर रोका जाएगा, इजराइल इस सीमा को तेजी से पार करता दिख रहा है.
2024: आग का साल बनता इजराइल
मार्च में आई रिपोर्ट में साफ कहा गया कि 2024 पहला ऐसा साल बन सकता है, जब वैश्विक तापमान औद्योगिक युग से 1.5°C ज्यादा हो जाएगा. यानी पिछले 175 सालों का सबसे गर्म साल.
गर्मी सिर्फ आंकड़ा नहीं, असर हर मोर्चे पर
ताउब सेंटर की माया सादेह कहती हैं, यह सिर्फ तापमान का आंकड़ा नहीं है, यह हमारी जीवनशैली, स्वास्थ्य, समाज और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है. उनका सुझाव है कि सरकार को चाहिए कि हरित क्षेत्र बढ़ाए, शहरी इलाकों में ठंडी जगहें विकसित करे, और ग्रीनहाउस गैसों पर लगाम लगाए. वहीं नागरिकों को भी अपने जीवन में बदलाव लाने की जरूरत है वरना ये आग सिर्फ आसमान से नहीं, ज़िंदगी से भी झुलसाएगी.
ऑरलैंडो एयरपोर्ट पर डेल्टा फ्लाइट में लगी आग, इमरजेंसी स्लाइड्स से बचाई गईं 282 जानें
22 Apr, 2025 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ्लोरिडा। अमेरिका के ऑरलैंडो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डेल्टा एयरलाइंस के एक विमान में आग लग गई। हालांकि समय रहते आग के बारे में जानकारी मिलने पर विमान में सवार 282 यात्रियों को बचाया गया। यात्रियों को आपातकालीन स्लाइड्स के जरिये विमान से बाहर निकाला गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (स्थानीय समय) को ऑरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डेल्टा एयर लाइंस के एक विमान में आग लग गई, जिसके बाद यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड्स के जरिए बाहर निकालना पड़ा।
FAA ने शुरू की घटना की जांच
बताया जा रहा है अटलांटा जाने वाली फ्लाइट रनवे के लिए रवाना ही हुई थी कि तभी दो इंजनों में से एक में आग लग गई। एफएए ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।
विमान में 282 यात्री सवार
रिपोर्ट के अनुसार, विमान में 282 यात्री सवार थे, अच्छी बात ये है कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। एयरलाइन ने कहा, जब विमान के दो इंजनों में से एक के टेलपाइप में आग की लपटें देखी गईं, तो डेल्टा फ्लाइट क्रू ने यात्री केबिन को खाली करने के लिए प्रक्रियाओं का पालन किया।
यात्रियों ने किया एक-दूसरे का सहयोग
एयरलाइन ने कहा कि हम अपने यात्रियों के सहयोग की सराहना करते हैं और इस अनुभव के लिए खेद व्यक्त करते हैं। सुरक्षा से ज़्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है, और डेल्टा की टीमें हमारे ग्राहकों को जल्द से जल्द उनके अंतिम डेस्टिनेशन तक पहुंचाने के लिए काम करेंगी।
डेल्टा यात्रियों को दूसरे विमानों से उनके अंतिम डेस्टिनेशन तक ले जाएगा, जबकि रखरखाव दल उस विमान की जांच कर रहे हैं जिसमें आग लगी थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़, पुतिन ने दिया शांति का प्रस्ताव
22 Apr, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध के तीन सालों में पहली बार शांति वार्ता के लिए यूक्रेन के साथ सीधे प्रस्ताव रखा है. साथ ही ये भी कहा कि वह एक दिवसीय ईस्टर युद्ध विराम के बाद और अधिक युद्ध विराम के लिए तैयार हैं. इसके पीछे अमेरिका का हफ्तों से बनाया जा रहा युद्धविराम का दबाव माना जा रहा है.
इसके अलावा यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पुष्टि की कि कीव बुधवार को अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों से मिलने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल लंदन भेज रहा है. लंदन में होने वाली ये बैठक पिछले हफ्ते पेरिस में हुई बैठक का अनुवर्ती है जिसमें अमेरिका और यूरोपीय देशों ने तीन साल से ज्यादा पुराने युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा की थी.
इस बैठक को लेकर ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन इस हफ्ते समझौता कर लेंगे और फिर दोनों देश अमेरिका के साथ बड़ा व्यापार करेंगे.” ट्रंप और पुतिन के इन बयानों से लग रहा है कि दोनों देश युद्ध विराम के करीब पहुंच चुके हैं.
ईस्टर के युद्ध विराम के बाद लड़ाई फिर शुरू
पुतिन ने रूसी सरकारी टीवी से बात करते हुए कहा कि ईस्टर के अवसर पर उनकी ओर से शनिवार को एकतरफा रूप से घोषित किए गए 30 घंटे के आश्चर्यजनक युद्ध विराम के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई है. दोनों देशों ने एक दूसरे पर युद्धविराम समझौता के उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, बता दें कीव ने शुरू से ही इसको पुतिन का एक स्टंट बताकर खारिज कर दिया था.
पुतिन हुए शांति के लिए तैयार
पुतिन की इस टिप्पणी के बाद शांति की उम्मीद बढ़ गई है. वाशिंगटन ने कहा कि वह युद्धविराम के विस्तार का स्वागत करेगा. वहीं जेलेंस्की ने नागरिक ठिकानों पर 30 दिन के युद्ध विराम की मांग की है. जेलेंस्की ने ये भी कहा कि युद्ध विराम के दौरान लगातार रूसी हमले दिखाते हैं कि मास्को युद्ध को लम्बा खींचने पर आमादा है.
अपनी टिप्पणी में पुतिन ने कहा कि मास्को किसी भी शांति पहल के लिए तैयार है और कीव से भी यही अपेक्षा करता है. ये युद्ध किस तरफ जाएगा इसका फैसला इस हफ्ते लंदन बैठक में हो सकता है. अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि इस हफ्ते लंदन में ‘फाइनल ऑफर’ रखा जाएगा, जिससे तय होगा कि युद्ध को विराम मिलेगा या नहीं.
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