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मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव, ईरान ने जासूसी मामले में उठाया बड़ा कदम
11 May, 2026 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद/रावलपिंडी: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है। भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' को एक साल पूरा होने पर अपनी खीझ मिटाते हुए मुनीर ने धमकी दी है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई हुई, तो इसके परिणाम 'दर्दनाक' होंगे। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान केवल अपनी जनता का ध्यान भटकाने और सेना की गिरती साख को बचाने की एक कोशिश है।
ब्रह्मोस की मार और 'ऑपरेशन सिंदूर' का खौफ
पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के भीतर स्थित आतंकी ठिकानों और कई महत्वपूर्ण सैन्य केंद्रों को सटीक निशाना बनाया था। इस हमले ने पाकिस्तानी डिफेंस की पोल खोल दी थी। अब एक साल बाद रावलपिंडी के जनरल मुख्यालय (GHQ) में मुनीर उसी हार को 'जीत' बताकर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
भाषण में कश्मीर राग और खोखली धमकियां
आसिम मुनीर ने अपने भाषण में फिर से पुराना कश्मीर राग अलापा। उन्होंने कहा कि कश्मीर के बिना पाकिस्तान की कहानी अधूरी है और वे इसका राजनीतिक व कूटनीतिक समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं होगा। असल में, पाकिस्तान इस वक्त गहरे आर्थिक संकट और आंतरिक अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में युद्ध की बात करना केवल जनता को भावनात्मक रूप से उलझाने का एक जरिया है।
जमीनी हकीकत बनाम पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा
मुनीर ने भले ही 'दर्दनाक जवाब' देने की बात कही हो, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले साल के संघर्ष में पाकिस्तानी सेना पूरी तरह बैकफुट पर थी। ब्रह्मोस मिसाइलों की रफ्तार और सटीकता के सामने पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम बौना साबित हुआ था। यही कारण है कि भारतीय रक्षा खेमे में मुनीर के इन बयानों को केवल एक 'गीदड़भभकी' के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान में जासूसी के आरोपियों को फांसी, अमेरिका-इजरायल से बढ़ा तनाव
11 May, 2026 11:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 10 हफ्तों से चल रही जंग को खत्म करने की उम्मीदों को उस वक्त करारा झटका लगा, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। रविवार को ईरान ने इस संघर्ष को थामने के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव पेश किया था। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस डील में लेबनान में जारी हिंसा को रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री रास्ते पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का भरोसा दिया गया था। लेकिन जैसे ही यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस पहुंचा, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साफ कर दिया कि यह समझौता अमेरिका के हितों के अनुकूल नहीं है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ईरान की सख्त शर्तें और ट्रंप का इनकार
ईरान ने इस प्रस्ताव के साथ अमेरिका के सामने कई कड़ी शर्तें भी रखी थीं। ईरान चाहता था कि अमेरिका युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दे, उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को तुरंत हटाए और ईरानी तेल की बिक्री पर लगी रोक को खत्म करे। इसके अलावा, ईरान ने भविष्य में किसी भी अमेरिकी हमले के खिलाफ लिखित गारंटी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता का सम्मान करने की मांग की थी। हालांकि, ट्रंप के सख्त रुख ने साफ कर दिया कि अमेरिका इन शर्तों के आगे झुकने को तैयार नहीं है। अमेरिका का तर्क है कि पहले पूरी तरह से युद्धविराम हो, उसके बाद ही परमाणु कार्यक्रम जैसे विवादित मुद्दों पर कोई चर्चा की जाएगी।
कच्चे तेल के दाम बढ़े और पाकिस्तान की मध्यस्थता
ट्रंप के इस कड़े फैसले का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर देखने को मिला। जैसे ही डील कैंसिल होने की खबर आई, इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें करीब 3 डॉलर प्रति बैरल तक उछल गईं। इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका भी चर्चा में रही। दरअसल, पाकिस्तान इस जंग में मध्यस्थ (Mediator) के तौर पर काम कर रहा है और उसी ने ईरान का यह संदेश अमेरिका तक पहुंचाया था। हालांकि, पाकिस्तान की तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच की खाई कम होती नहीं दिख रही है और शांति का रास्ता फिर से भटक गया है।
खाड़ी देशों में ड्रोन का साया और एलएनजी जहाज की आवाजाही
एक तरफ जहाँ कूटनीतिक बातचीत फेल हो रही है, वहीं दूसरी तरफ खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में सैन्य हलचल तेज हो गई है। रविवार को सीजफायर के दावों के बीच यूएई, कतर और कुवैत के ऊपर कई संदिग्ध ड्रोन देखे गए। यूएई ने दो ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, जबकि कतर ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। इसी तनाव के बीच एक राहत भरी खबर भी आई जब कतर एनर्जी का एक एलएनजी गैस जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर पाकिस्तान के पोर्ट कासिम के लिए रवाना हुआ। बताया जा रहा है कि जंग शुरू होने के बाद पहली बार ईरान की मंजूरी से कोई गैस जहाज इस रास्ते से गुजरा है, जिसे भरोसे की बहाली की एक छोटी कोशिश माना जा रहा है।
बाइक सवार दोस्तों पर टूटा मौत का कहर, हादसे में 2 की जान गई
11 May, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत: हरियाणा के इसराना थाना क्षेत्र के अंतर्गत शाहपुर अड्डे पर रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रोहतक के लाखन माजरा गांव से बाइक पर सवार होकर हरिद्वार जा रहे चार दोस्तों को एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
हरिद्वार की यात्रा बनी काल
जानकारी के अनुसार, लाखन माजरा निवासी प्रदीप (30), रोहित (25), संजय और सोहन रविवार रात करीब 10:30 बजे अपनी बाइक से धार्मिक यात्रा पर हरिद्वार के लिए निकले थे। चारों दोस्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे। जैसे ही उनकी बाइक शाहपुर बस स्टैंड के पास पहुंची, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।
दो दोस्तों की मौत, दो अस्पताल में भर्ती
हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। दुर्भाग्यवश, प्रदीप और रोहित ने इस दुर्घटना में दम तोड़ दिया। वहीं, सोहन और संजय की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने घायलों को पास के ही एक निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और अज्ञात की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
घायल के बयान पर मामला दर्ज
हादसे में जीवित बचे एक दोस्त के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस हादसे के बाद लाखन माजरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
व्यापार युद्ध से ताइवान तक, चीन दौरे में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा संभव
11 May, 2026 09:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग: दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच रिश्तों की जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। करीब नौ साल के लंबे इंतजार के बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति चीन के आधिकारिक दौरे पर जा रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया की नजरें ईरान-इस्राइल युद्ध और ग्लोबल एनर्जी संकट पर टिकी हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के न्योते पर हो रही यह यात्रा न केवल व्यापार बल्कि ग्लोबल पॉलिटिक्स के लिहाज से भी बहुत 'क्रिटिकल' मानी जा रही है।
ट्रंप का बिजी शेड्यूल: द्विपक्षीय बैठक और वर्किंग लंच
व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप बुधवार शाम को बीजिंग लैंड करेंगे। गुरुवार को उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हाई-लेवल मीटिंग करेंगे। इस दौरान वे 'टेंपल ऑफ हेवन' का दीदार करेंगे और राजकीय भोज (State Banquet) में शामिल होंगे। शुक्रवार को भी दोनों नेताओं के बीच चाय पर चर्चा और वर्किंग लंच होगा। खबर तो यह भी है कि इस साल के अंत तक शी जिनपिंग भी अमेरिका के दौरे पर जा सकते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है।
ट्रेड वॉर खत्म करने की कोशिश और बुसान में बातचीत
ट्रंप की इस यात्रा का सबसे बड़ा मकसद व्यापारिक तनाव (Trade Tension) को कम करना है। ट्रंप के पहुंचने से ठीक पहले, चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग और अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट दक्षिण कोरिया के बुसान में व्यापार वार्ता का आखिरी दौर पूरा करेंगे। कोशिश यही है कि जब दोनों बड़े नेता मिलें, तो व्यापारिक समझौतों और टैरिफ को लेकर कोई ठोस रास्ता निकल सके। दोनों देश चाहते हैं कि व्यापारिक मतभेदों को पीछे छोड़कर इकोनॉमी को मजबूती दी जाए।
ताइवान और हथियारों की डील पर बना रहेगा सस्पेंस
भले ही दोनों नेता हाथ मिला रहे हों, लेकिन ताइवान का मुद्दा अभी भी गले की फांस बना हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी ताइवान पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं आया है। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि वे ताइवान को हथियारों की सप्लाई जारी रखेंगे, जैसा उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में किया था। चीन के दबाव के बावजूद अमेरिका ताइवान के समर्थन से पीछे हटता नहीं दिख रहा है, जिससे यह साफ है कि बातचीत की मेज पर माहौल काफी गरमागरम रहने वाला है।
लैंडिंग के वक्त बड़ा हादसा टला, फ्लाइट के पहिए से उठीं आग की लपटें
11 May, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू (नेपाल): नेपाल की राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। इस्तांबुल (तुर्की) से आ रहे टर्किश एयरलाइंस के विमान (TK 726) की लैंडिंग के दौरान अचानक उसके टायर से आग की लपटें निकलने लगीं। इस घटना से एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी की वजह से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। इस सूझबूझ ने एक बहुत बड़ी तबाही को रोक लिया।
लैंडिंग के वक्त टायर से निकलीं लपटें
जैसे ही विमान ने रनवे को छुआ, उसके एक टायर में आग लग गई। एयरपोर्ट सुरक्षा के एसपी राजकुमार सिलावाल के मुताबिक, टायर में आग लगने की सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तुरंत एक्टिव हो गईं। दमकल की गाड़ियों ने रनवे पर ही विमान को घेर लिया और पानी की बौछार कर कुछ ही मिनटों में आग को बुझा दिया। गनीमत रही कि आग विमान के बाकी हिस्सों तक नहीं फैली, जिससे एक भीषण विस्फोट होने का खतरा टल गया।
सभी यात्री सुरक्षित, UN अधिकारियों की मौजूदगी
विमान में कुल 278 यात्री और चालक दल (Crew) के 11 सदस्य सवार थे। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी 289 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस विमान में संयुक्त राष्ट्र (UN) के कुछ सीनियर अधिकारी भी सफर कर रहे थे, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रेस्क्यू किया गया। पुलिस ने बताया कि यात्रियों को किसी भी तरह की चोट नहीं आई है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सुरक्षा कर्मियों की फुर्ती से बचा बड़ा हादसा
हवाई अड्डा प्रशासन ने बताया कि अगर आग पर काबू पाने में कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो नतीजे भयावह हो सकते थे। सुरक्षा कर्मियों और फायर फाइटिंग टीम के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला। घटना के बाद रनवे को कुछ समय के लिए चेक किया गया ताकि अन्य उड़ानों पर इसका असर न पड़े। फिलहाल विमान को रनवे से हटाकर तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि आग लगने के सही कारणों का पता चल सके।
टेकऑफ के दौरान रनवे पर व्यक्ति से टकराया विमान, इंजन में आग लगने के बाद सुरक्षित निकाले गए यात्री
10 May, 2026 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के डेनवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ, जब उड़ान भरने की तैयारी कर रहा एक विमान रनवे पर मौजूद एक पैदल यात्री से टकरा गया। इस भीषण टक्कर के तुरंत बाद विमान के इंजन में आग की लपटें उठने लगीं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। पायलट की सूझबूझ से विमान को रनवे पर ही रोक लिया गया और विमान में धुआं भरते ही आपातकालीन द्वारों को खोलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पायलट की चेतावनी और इंजन में भीषण आग
हादसे के वक्त विमान डेनवर से लॉस एंजिल्स के लिए रवाना होने वाला था। जैसे ही विमान ने गति पकड़ी, पायलट ने कंट्रोल टावर को सूचित किया कि रनवे पार कर रहे एक व्यक्ति से उनकी टक्कर हो गई है और विमान के इंजन ने आग पकड़ ली है। विमान में सवार कुल 231 लोगों की जान खतरे में देख पायलट ने तत्काल इमरजेंसी इवैक्युएशन का निर्णय लिया। एयरबस A321 में मौजूद 224 यात्रियों और 7 क्रू सदस्यों को इमरजेंसी स्लाइड के जरिए सुरक्षित नीचे उतारा गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सुरक्षा घेरा तोड़कर रनवे तक पहुंचने का रहस्य
इस घटना ने अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी हैं कि कड़ी निगरानी के बावजूद एक आम नागरिक प्रतिबंधित रनवे क्षेत्र तक कैसे पहुंच गया। ऑडियो रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट हुआ है कि वह व्यक्ति जानबूझकर या अनजाने में रनवे पार करने की कोशिश कर रहा था। फिलहाल उस पैदल यात्री की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
यात्री सुरक्षित और रनवे पर परिचालन बंद
एयरलाइन द्वारा जारी बयान के अनुसार, विमान से सुरक्षित निकाले गए सभी यात्री फिलहाल खतरे से बाहर हैं और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, इस हादसे और जांच की प्रक्रिया के चलते एयरपोर्ट के रनवे 17एल को फिलहाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है। विशेषज्ञ अब इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि टक्कर के बाद इंजन में लगी आग ने विमान के अन्य हिस्सों को कितना नुकसान पहुंचाया है और सुरक्षा प्रोटोकॉल में कहां चूक हुई जिसकी वजह से एक व्यक्ति की जान जोखिम में पड़ गई।
तेल और गैस पर रूस-चीन की बढ़ती नजदीकी, पुतिन का बड़ा कदम
10 May, 2026 11:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक बयान ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। पुतिन ने रूस और चीन के बीच एक ऐतिहासिक ऊर्जा समझौते के करीब पहुँचने की घोषणा की है, जो आने वाले समय में यूरेशियाई महाद्वीप में ईंधन के प्रवाह और अंतरराष्ट्रीय सामरिक समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।
पावर ऑफ साइबेरिया-2: एक रणनीतिक पाइपलाइन
इस प्रस्तावित डील का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ 'पावर ऑफ साइबेरिया-2' पाइपलाइन परियोजना है। 2,600 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन रूस के यामल प्रायद्वीप से शुरू होकर मंगोलिया के रास्ते उत्तरी चीन तक गैस पहुँचाएगी। योजना के अनुसार, इस मार्ग से अगले 30 वर्षों तक सालाना 50 अरब क्यूबिक मीटर गैस की आपूर्ति की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक चीन को होने वाली कुल रूसी गैस आपूर्ति 100 बीसीएम के आंकड़े को पार कर सकती है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा गलियारों में से एक बना देगा।
यूरोप से एशिया की ओर बड़ा बदलाव
यूक्रेन संघर्ष और पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद रूस ने अपनी ऊर्जा रणनीति का रुख पूरी तरह एशिया की ओर मोड़ दिया है। इस नई पाइपलाइन के सक्रिय होने से रूस के उस गैस निर्यात का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा चीन की ओर चला जाएगा, जो पहले यूरोपीय देशों को जाता था। यह बदलाव न केवल रूस की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में यूरोप और अमेरिका के प्रभाव को भी चुनौती देगा।
वित्तीय और तकनीकी चुनौतियां
इस विशाल व्यापार की एक और खास बात डॉलर के बजाय युआन और रूबल में होने वाला लेन-देन है, जो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में भी नए संकेत दे रहा है। हालांकि, सितंबर 2025 में हुई इस डील पर अंतिम कानूनी मुहर और गैस की कीमतों से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर चीन की पूरी सहमति मिलना अभी शेष है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण इस सौदे में चीन की स्थिति मोलभाव के मामले में काफी मजबूत है। यदि यह समझौता पूरी तरह धरातल पर उतरता है, तो यह इस दशक का सबसे बड़ा ऊर्जा और भू-राजनीतिक परिवर्तन साबित होगा।
पश्चिम अफ्रीका के माली में बड़ा आतंकी हमला, कई लोग मारे गए
10 May, 2026 08:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बमाको: पश्चिमी अफ्रीकी देश माली इस समय भीषण जिहादी हिंसा और अस्थिरता के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन 'जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन' (JNIM) द्वारा किए गए सिलसिलेवार हमलों में अब तक 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि स्थानीय सूत्रों का अंदेशा है कि यह संख्या 80 के पार जा सकती है। आतंकियों ने उन निर्दोष ग्रामीणों को निशाना बनाया है जिन्होंने उनके द्वारा थोपे गए समझौतों को मानने से इनकार कर दिया था।
जेल पर धावा और राजधानी की घेराबंदी
माली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती तब पैदा हुई जब हथियारबंद लड़ाकों ने राजधानी बामको से मात्र 60 किलोमीटर दूर स्थित 'केनीरोबा सेंट्रल जेल' पर हमला बोल दिया। इस जेल में करीब 2,500 कैदी बंद हैं, जिनमें दर्जनों खूंखार आतंकी भी शामिल हैं। इस घटना के बाद जेएनआईएम ने बामको की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों पर चेकपॉइंट बनाकर शहर की पूर्ण आर्थिक और सैन्य घेराबंदी करने की चेतावनी दी है, जिससे सरकार और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
सेना की भूमिका पर बढ़ता जन आक्रोश
लगातार होती मौतों और सेना की कथित निष्क्रियता ने स्थानीय आबादी के गुस्से को भड़का दिया है। ग्रामीणों और युवा नेताओं का आरोप है कि पास में सैन्य टुकड़ियों की मौजूदगी के बावजूद, समय पर मदद नहीं पहुंची, जिससे आतंकियों को कत्लेआम मचाने का अवसर मिला। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जेएनआईएम और तुआरेग-बहुल 'अजावाद लिबरेशन फ्रंट' के बीच हुए नए गठबंधन ने आतंकी संगठनों की ताकत को कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे देश की सुरक्षा दीवार ढहती नजर आ रही है।
रणनीतिक झटके और नेतृत्व संकट
सैन्य मोर्चे पर माली की स्थिति तब और गंभीर हो गई जब हालिया संघर्षों में देश के रक्षा मंत्री की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तरी शहर 'किडल' से रूसी सैनिकों का पीछे हटना सेना के मनोबल के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि सैन्य कमांडर विद्रोहियों के खिलाफ सक्रिय अभियान चलाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन राजधानी के इतने करीब बढ़ती आतंकी गतिविधियां इन सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं।
होर्मुज संकट के बीच भारत ने बढ़ाया ऊर्जा और रक्षा आत्मनिर्भरता पर फोकस
10 May, 2026 08:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव ने अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। व्यापारिक मार्ग अब केवल आर्थिक लेन-देन का माध्यम न रहकर भू-राजनीतिक हथियारों में तब्दील हो गए हैं। इस बदलते परिवेश में, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संभावित बाधाओं ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सामरिक तैयारियों के सामने नई चुनौतियां पेश कर दी हैं। भारत अपनी तेल और गैस आवश्यकताओं के लिए एक बड़े आयात मार्ग पर निर्भर है, जहाँ ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता रणनीतिक टकराव कीमतों और आपूर्ति में अस्थिरता पैदा कर सकता है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की बढ़ती आवश्यकता
मौजूदा संकट ने भारत के लिए ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट कर दिया है। चूंकि भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी संवेदनशील समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए किसी भी प्रकार की नाकाबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भारत को अपनी ऊर्जा नीतियों पर पुनर्विचार करने और घरेलू विकल्पों को तेजी से विकसित करने का एक कड़ा संदेश दे रही है, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी वैश्विक झटके से देश को सुरक्षित रखा जा सके।
रक्षा विनिर्माण और नीतिगत बदलाव
आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं ने रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा मोड़ ला दिया है। सरकार इस रणनीतिक कमजोरी को दूर करने के लिए 'डिफेंस एक्विजिशन प्रोसीजर' (DAP 2020) और आगामी DAP 2026 जैसे ठोस कदम उठा रही है। निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन और निवेश नियमों में ढील देने के कारण देश में हथियारों के उत्पादन और निर्यात, दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को भी सुनिश्चित कर रहे हैं।
आर्थिक विकास और औद्योगिक गलियारे
रक्षा उत्पादन के विस्तार का सबसे सकारात्मक प्रभाव देश के एमएसएमई (MSME) सेक्टर और तकनीकी नवाचार पर पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में विकसित हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डिजाइन और उत्पादन के नए केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं, जिससे रोजगार के व्यापक अवसर पैदा हो रहे हैं। हालांकि, पूर्ण आत्मनिर्भरता की यह राह जटिल है और इसके लिए निरंतर नीतिगत सुधारों तथा अनुसंधान में निवेश की आवश्यकता होगी। फिर भी, एक सुदृढ़ घरेलू रक्षा और ऊर्जा ढांचा तैयार करना भारत के दीर्घकालिक आर्थिक और सामरिक हितों के लिए अनिवार्य हो गया है।
अमेरिकी मीडिया का दावा: अगले हफ्ते आमने-सामने हो सकते हैं US और Iran
9 May, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की सुगबुगाहट: पाकिस्तान में हो सकती है निर्णायक वार्ता, ट्रंप को जवाब का इंतजार
वाशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने के लिए स्थायी युद्धविराम (सीजफायर) की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान आज अमेरिकी प्रस्ताव पर अपना आधिकारिक रुख साफ कर सकता है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दोनों देशों के प्रतिनिधि अगले सप्ताह की शुरुआत में पाकिस्तान की धरती पर आमने-सामने बैठकर बातचीत कर सकते हैं।
इस्लामाबाद में 14 बिंदुओं पर होगा मंथन
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए एक महत्वपूर्ण मसौदा तैयार किया जा रहा है।
14-सूत्रीय समझौता: दोनों पक्ष एक पन्ने के 14-बिंदुओं वाले 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' (MoU) पर काम कर रहे हैं।
लक्ष्य: इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक महीने तक चलने वाली शांति प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करना है, जिससे युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके।
इससे पहले भी पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो बार बैठकें हो चुकी हैं। हालांकि वे बैठकें किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच सकीं, लेकिन उनके कारण दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम जरूर लागू हो पाया था।
व्हाइट हाउस का कड़ा रुख: 'प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस' की चेतावनी
व्हाइट हाउस में मीडिया से चर्चा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मुझे आज रात ईरान की ओर से एक पत्र मिलने की उम्मीद है। देखते हैं उसमें क्या होता है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान इस प्रक्रिया में देरी कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि इसका पता जल्द ही चल जाएगा।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बातचीत विफल रहती है, तो अमेरिका अपना रुख और कड़ा करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी स्थिति में वाशिंगटन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस' की ओर वापस लौट सकता है, जिसमें ईरान पर और भी सख्त प्रतिबंध और कदम शामिल होंगे।
यूक्रेन युद्ध पर भी बोले ट्रंप
ईरान के साथ-साथ ट्रंप ने यूक्रेन के मौजूदा हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे दुखद घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा सीमित युद्धविराम को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह विराम तीन दिनों से अधिक खिंच सकता है, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि यह शांति की दिशा में एक अच्छा कदम होगा।
मुठभेड़ के बाद दो तस्कर गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए वाहन
9 May, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र। शाहाबाद-मारकंडा मार्ग पर शुक्रवार को पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ के दौरान दो वांछित अपराधियों को दबोच लिया गया। मोटरसाइकिल पर सवार इन बदमाशों ने पुलिस टीम को देखते ही उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं। इस जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा आरोपी बाइक फिसलने के कारण चोटिल हो गया। दोनों आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के मोनीश और रेहान के रूप में हुई है, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और पुराना रिकॉर्ड
पकड़े गए दोनों आरोपी बेहद शातिर अपराधी हैं और बीते दिनों अंबाला कैंट के पंजोखरा क्षेत्र में हुई एक राहगीर की हत्या के मामले में मुख्य रूप से वांछित चल रहे थे। उस समय इन बदमाशों ने न केवल एक बेगुनाह युवक की जान ली थी, बल्कि पुलिस टीम पर भी जानलेवा हमला करते हुए पत्थरबाजी की थी। इस घटना के बाद से ही हरियाणा पुलिस की कई विशेष टीमें इन अपराधियों के सुराग जुटाने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थीं।
टुंडला गांव के पास हुई पिछली मुठभेड़ का सच
बीती एक मई की रात को तस्करों और पुलिस के बीच टुंडला गांव के पास जबरदस्त टकराव हुआ था, जिसमें बदमाश पुलिस पर गोलियां बरसाते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले थे। उसी मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी की चपेट में आने से गरनाला निवासी एक युवक की दुखद मृत्यु हो गई थी। भागते समय तस्कर अपनी पिकअप गाड़ी को पंचकूला सीमा के पास छोड़ गए थे, जिसमें से दो गायें बरामद की गई थीं, जिसके बाद पुलिस ने हत्या और सरकारी कार्य में बाधा डालने के संबंध में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।
अवैध हथियारों की बरामदगी और पुलिसिया कार्रवाई
ताजा मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गैरकानूनी हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। अधिकारियों का कहना है कि घायल तस्कर की स्थिति में सुधार होते ही उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। पुलिस ने इन बदमाशों के पास मौजूद हथियारों के स्रोत और उनके भागने में मदद करने वाले अन्य संपर्कों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गिरोह के नेटवर्क और आगामी जांच की दिशा
सीआईए की टीम अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि पशु तस्करी के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह के तार और किन राज्यों से जुड़े हैं और इनका संचालन मुख्य रूप से कहाँ से किया जा रहा था। रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारियों के आधार पर पुलिस इस गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी करेगी।
रूस-यूक्रेन युद्ध में राहत की उम्मीद? ट्रंप ने सीजफायर और कैदी समझौते का किया एलान
9 May, 2026 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन | रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार वर्षों से जारी भीषण रक्तपात के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देश तीन दिनों के ऐतिहासिक युद्धविराम (सीजफायर) के लिए सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के जरिए इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 9 मई से 11 मई तक सीमाओं पर शांति रहेगी और किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या हथियारों का उपयोग वर्जित होगा।
इस शांति पहल के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. विक्ट्री डे के अवसर पर थमेंगी बंदूकें
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, यह अस्थायी युद्धविराम रूस के 'विक्ट्री डे' (विजय दिवस) समारोह के मद्देनजर लागू किया जा रहा है। रूस हर साल 9 मई को द्वितीय विश्व युद्ध में मिली जीत का जश्न मनाता है। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि उस ऐतिहासिक युद्ध में यूक्रेन की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी, इसलिए दोनों देशों के लिए इस अवसर का सम्मान करना जरूरी है। यह तीन दिन शांति बहाली की दिशा में एक प्रतीकात्मक शुरुआत माने जा रहे हैं।
2. युद्धबंदियों की बड़ी अदला-बदली पर समझौता
सीजफायर के साथ-साथ एक बड़ा मानवीय कदम भी उठाया जा रहा है। समझौते के तहत रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के 1,000-1,000 युद्धबंदियों को रिहा करेंगे। ट्रंप ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के लिए उन्होंने व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ सीधे संवाद किया, जिसके बाद दोनों नेता इस आदान-प्रदान के लिए राजी हुए। यह कदम युद्ध के कारण बिछड़े कई परिवारों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है।
3. भविष्य की शांति के लिए एक नई उम्मीद
फरवरी 2022 से चल रहे इस संघर्ष में अब तक हजारों जिंदगियां तबाह हो चुकी हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। ट्रंप ने इस पहल को युद्ध समाप्ति की दिशा में एक "बड़ी शुरुआत" करार दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों पक्षों के बीच चल रही निरंतर चर्चा से जल्द ही किसी स्थायी समझौते की राह निकल सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम को युद्ध के अंत की आहट के रूप में देख रहा है।
भारतीय चालक दल की नाव में आग लगने से अफरा-तफरी, एक की मौत की पुष्टि
9 May, 2026 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के समीप एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ माल से लदी एक लकड़ी की नौका में भीषण आग लग गई। शनिवार को सरकारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक भारतीय नाविक की जान चली गई है, जबकि चालक दल के कई अन्य सदस्य घायल हुए हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब फारस और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है।
हादसे की विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है:
1. बचाव अभियान और हताहतों का विवरण
शुक्रवार को हुई इस आगजनी के बाद नौका अनियंत्रित होकर समुद्र में पलट गई। नाव पर कुल 18 भारतीय नाविक सवार थे। घटना के तुरंत बाद पास से गुजर रहे एक अन्य व्यापारिक जहाज ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया और 17 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, एक नाविक को बचाया नहीं जा सका। हादसे में चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है।
2. घायलों का उपचार और वर्तमान स्थिति
आग की चपेट में आने से झुलसे चारों भारतीय नाविकों को दुबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि उपचार के बाद उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नौका पर सामान्य व्यापारिक माल लदा हुआ था, लेकिन अचानक आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। संबंधित एजेंसियां मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं।
3. भारतीय वाणिज्य दूतावास की सक्रियता
हादसे की सूचना मिलते ही दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। दूतावास के प्रतिनिधियों ने बचाए गए नाविकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारी लगातार नौका के मालिक और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं ताकि प्रभावित नागरिकों को हर संभव कानूनी और मानवीय सहायता प्रदान की जा सके। मृतक के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रियाओं पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
विदेश दौरे पर जयशंकर, उधर इंडोनेशिया में 210 विदेशी निवेश घोटाले में गिरफ्तार
9 May, 2026 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इन दिनों कैरेबियाई देशों के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। गुयाना में स्वास्थ्य क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के बाद वे अब त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंच चुके हैं। यहाँ वे रक्षा, व्यापार और तकनीक जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दूसरी ओर, अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में भारत के विशाल ऊर्जा बाजार और निवेश की संभावनाओं पर मंथन हुआ। भारतीय मिशन के अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन तकनीक के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी भविष्य में और भी प्रगाढ़ होगी।
अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां: नस्लीय भेदभाव और सत्ता परिवर्तन की हलचल
अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने अश्वेत कर्मचारियों के साथ कथित भेदभाव के मामले को 5 करोड़ डॉलर का भुगतान कर सुलझा लिया है। हालांकि कंपनी ने अपनी गलती नहीं मानी है, लेकिन वह अब वेतन पारदर्शिता की नई नीतियां लागू करेगी। वहीं, ब्रिटेन से बड़ी राजनीतिक खबर आ रही है जहाँ प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी की करारी हार की जिम्मेदारी ली है। इस हार के बाद ब्रिटेन में आप्रवासन विरोधी 'रिफॉर्म यूके' पार्टी का प्रभाव बढ़ा है, जिससे पीएम स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव भी बढ़ गया है।
समुद्री हादसे और हंतावायरस का बढ़ता खतरा
दुबई में एक दुखद समुद्री घटना में भारतीय जहाज के एक क्रू सदस्य की जान चली गई है, जिसकी पुष्टि भारतीय वाणिज्य दूतावास ने की है। प्रशासन मृतक के परिवार को हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटा है। इधर, स्पेन और अर्जेंटीना में 'हंतावायरस' को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। एक क्रूज जहाज पर संक्रमण फैलने के बाद स्पेनिश अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है। अर्जेंटीना में भी इस वायरस के स्रोत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिससे वहां के पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
सैन्य कार्रवाई और भ्रष्टाचार के मामले
अमेरिकी सेना ने प्रशांत महासागर में एक संदिग्ध ड्रग बोट को विस्फोट से उड़ा दिया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। ट्रंप प्रशासन की नई रणनीति के तहत ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाइयां तेज कर दी गई हैं। वहीं, दक्षिण एशिया के पड़ोसी देश श्रीलंका से खबर है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे श्रीलंकन एयरलाइंस के पूर्व सीईओ कपिला चंद्रसेना अपने घर में मृत पाए गए हैं। इंडोनेशिया में भी बड़ी कार्रवाई हुई है, जहाँ निवेश घोटालों में शामिल होने के आरोप में 210 विदेशियों को गिरफ्तार किया गया है।
निकाय चुनाव के लिए तैयारियां पूरी, सुबह 8 बजे से शुरू होगा मतदान
9 May, 2026 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर चल रहा गहमागहमी भरा प्रचार अभियान शुक्रवार शाम को पूरी तरह थम गया, जिसके साथ ही अब राज्य की चुनावी जंग निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। आगामी 10 मई को सुबह आठ बजे से मतदाता सात प्रमुख निकायों और विभिन्न पंचायतों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार के चुनावों में कुल 614 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला करने के लिए चुनाव आयोग ने सभी आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
चुनावी रणक्षेत्र और उम्मीदवारों का विवरण
राज्य के विभिन्न हिस्सों जैसे अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में मेयर पद के साथ-साथ वार्ड पार्षदों के लिए मतदान होना है, वहीं रेवाड़ी, उकलाना और धारूहेड़ा जैसे क्षेत्रों में अध्यक्ष पद के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। स्थानीय निकायों के अलावा जिला परिषद और पंचायत समिति की रिक्त सीटों पर भी इसी दिन वोट डाले जाएंगे, हालांकि राहत की बात यह है कि कई सीटों पर प्रतिनिधियों का चयन निर्विरोध हो चुका है। कुछ विशेष वार्डों में उपचुनाव की स्थिति भी बनी हुई है, जहाँ मेयर और पार्षद पद के प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए अंतिम समय तक सक्रिय रहे।
चुनाव आयोग की नई पहल और सुरक्षा व्यवस्था
हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मतदाताओं के घर-घर जाकर वोटर स्लिप वितरित करने की व्यवस्था की है। यह पहली बार है जब स्थानीय चुनावों में मतदाताओं की सुविधा के लिए ऐसी पहल की गई है ताकि मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही मतदाता सूची में नाम दोहराए जाने की समस्या से निपटने के लिए आयोग ने सख्त नियम बनाए हैं, जिसके तहत संदिग्ध मतदाताओं को मतदान केंद्र पर घोषणा पत्र भरना होगा और उनकी पहचान की गहनता से जांच की जाएगी ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकें।
सत्ताधारी दल की सघन चुनावी रणनीति
भारतीय जनता पार्टी ने इन चुनावों को प्रतिष्ठा का विषय बनाते हुए अपनी पूरी कैबिनेट को मैदान में उतार दिया है, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं सबसे आगे नजर आए। मुख्यमंत्री ने न केवल बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए वार्डों का दौरा भी किया और नाराज प्रत्याशियों को मनाने में सफलता प्राप्त की। पार्टी ने प्रत्येक निकाय के लिए मंत्रियों की विशेष ड्यूटी लगाई थी, जिससे स्पष्ट होता है कि वे बूथ स्तर तक अपने संगठन को सक्रिय रखकर जीत सुनिश्चित करने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं।
विपक्ष का जोरदार पलटवार और जनसंपर्क
कांग्रेस पार्टी की ओर से भी दिग्गजों ने चुनाव प्रचार में अपना पूरा दम दिखाया है और विशेष रूप से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सभी सात निकायों में सघन दौरे कर जनसभाओं को संबोधित किया। विपक्षी दल ने मतदाता सूची की खामियों को उजागर कर सरकार को घेरने की कोशिश की और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न जिलों में कमान संभालकर माहौल को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया। दिग्गज नेताओं के साथ-साथ सांसदों और विधायकों ने भी अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में पसीना बहाया है, जिससे इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होने की उम्मीद है।
राम चरण की 'पेद्दी' पर आए जबरदस्त रिएक्शन, फैंस बोले- पैसा वसूल
महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल: अब्दुल सत्तार ने बीजेपी की नीयत पर उठाए सवाल, एकनाथ शिंदे के दोबारा सीएम बनने का ठोका दावा
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, केरल में जल्द एंट्री की संभावना
हंसते-खेलते घर का बुझा चिराग: नागपुर में बिजली के करंट ने ली 5 वर्षीय मासूम की जान, परिवार में मची चीख-पुकार
मिशन दिल्ली पर संजय झा और निशांत कुमार: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जेडीयू खेमे में बड़ी बैठक की तैयारी
गंभीर की पसंद बने संजू सैमसन, कप्तानी की रेस में अय्यर और तिलक पीछे
इंसाफ की मांग को लेकर कोडरमा में उग्र प्रदर्शन: ड्राइवर राजकुमार यादव की हत्या के बाद दो घंटे तक ठप रहा यातायात
शैक्षणिक बदलाव: ईसी ने बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का प्रस्ताव पास किया
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे गढ़वा उपायुक्त: दानरो नदी में गंदगी फैलाने वालों पर कसेगा शिकंजा, प्रशासन हुआ मुस्तैद
