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पाकिस्तान के खिलाफ पीओके में विरोध तेज, हालात तनावपूर्ण
6 Jul, 2026 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लंबे समय से सुलग रहा जन-आक्रोश रविवार को पूरी तरह भड़क उठा और इस पाक-विरोधी आंदोलन ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच हुई आमने-सामने की खूनी झड़प में गोलीबारी के दौरान एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे सूबे में सुरक्षा हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और आक्रोशित नागरिकों का हुजूम सड़कों पर उतरकर लगातार नारेबाजी कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी हुकूमत ने इस पूरे क्षेत्र की अघोषित आर्थिक घेराबंदी (नाकाबंदी) कर दी है, जिसकी वजह से रोजमर्रा के जरूरी सामान और जीवनरक्षक दवाओं की भारी किल्लत हो गई है। इसके साथ ही, कई जिलों में इंटरनेट और मोबाइल संचार सेवाओं पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है, जिससे आम जनजीवन पंगु हो गया है। आंदोलनकारी इन तमाम पाबंदियों को फौरन हटाने, जेल में बंद अपने नेताओं की बिना शर्त रिहाई और पूर्व में हुए 38-सूत्रीय समझौते को अक्षरशः लागू करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
अवामी एक्शन कमेटी के आह्वान पर उमड़ा जनसैलाब
यह विशाल विरोध प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले आयोजित किया गया था। आंदोलन को समर्थन देने के लिए मुजफ्फराबाद, रावलकोट, मीरपुर, डड्याल, डेराकोट, जीरो प्वाइंट, टियाट्री नोट और सरोजा जैसे प्रमुख शहरों में हजारों की तादाद में लोग जमा हुए। इसी दौरान 'अनब' नामक इलाके में जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ रहे थे, तो उन्हें रोकने के लिए पाकिस्तानी पुलिस और अर्धसैनिक बल (रेंजर्स) ने बर्बरता दिखाई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े गए और फिर सीधे फायरिंग शुरू कर दी गई। इस अंधाधुंध गोलीबारी में मोहम्मद याकूब नाम के एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य लोग गोलियां लगने से घायल हो गए।
सुरक्षा बलों को पीछे धकेल प्रदर्शनकारियों ने किया कब्जा
डड्याल क्षेत्र में भी जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर देखा गया। जमीनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की भारी तादाद और आक्रामक रुख के आगे पाकिस्तानी सुरक्षा बल टिक नहीं सके और उन्हें जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। इसके बाद कुछ समय के लिए पूरे इलाके की प्रशासनिक व्यवस्था पर आंदोलनकारियों का कब्जा रहा। हालांकि, इस पूरे हिंसक घटनाक्रम और जन-विद्रोह को लेकर पाकिस्तानी हुकूमत या उनकी सैन्य एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत के डर से अब तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
आतंकवाद विरोधी कानून के तहत कार्रवाई से बिगड़े हालात
आंदोलन में तेजी: क्षेत्र में 3 और 4 जुलाई से इस पाक-विरोधी प्रदर्शन ने अभूतपूर्व गति पकड़ ली है, जिससे प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह ठप हो गया है।
नेताओं की धरपकड़: दरअसल, इस बड़े बवाल की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तानी प्रशासन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए आतंकवाद निरोधक कानून के तहत 'जेएएसी' (JAAC) पर प्रतिबंध मढ़ दिया। इसके तुरंत बाद पूरे पीओके में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई और संगठन के शीर्ष नेता शौकत नवाज मीर समेत 600 से अधिक निर्दोष कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया।
प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि प्रशासन जानबूझकर राशन और दवाओं की सप्लाई रोककर इंसानी संकट पैदा कर रहा है, ताकि आंदोलन को कुचला जा सके। साथ ही इंटरनेट ब्लैकआउट करके वहां की वास्तविक तस्वीरें दुनिया के सामने आने से रोकी जा रही हैं। फिलहाल, बिगड़ते हालातों को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर भारी तादाद में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, लेकिन जनता का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है।
भारत की मानवता को मिला सम्मान: ऑपरेशन अमिस्ताद की वेनेजुएला ने की जमकर तारीफ
4 Jul, 2026 03:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काराकास। वेनेजुएला के विदेश मंत्री इवान गिल ने भारत सरकार द्वारा उनके देश में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अमिस्ताद' (Operation Amistad) की दिल खोलकर तारीफ की है। विदेश मंत्री ने वेनेजुएला में भारत की ओर से युद्धस्तर पर स्थापित किए गए विशेष फील्ड अस्पताल का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया और वहां भूकंप पीड़ितों को दी जा रही उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं का बारीकी से मुआयना किया। इस संकट की घड़ी में वेनेजुएला के नागरिकों की तरफ मदद का मजबूत हाथ बढ़ाने के लिए उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वहां की सहृदय जनता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
आपदा के बीच एकजुटता और कूटनीतिक समन्वय
फील्ड अस्पताल के निरीक्षण के उपरांत एक आधिकारिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री इवान गिल ने कहा कि उन्होंने वहां दोनों देशों के बीच मानवीय एकजुटता और भाईचारे का एक अद्भुत एवं भावुक कर देने वाला उदाहरण देखा है। इस दौरे के समय वेनेजुएला में भारत के राजदूत पीके अशोक बाबू, भारतीय राहत संचालन के प्रभारी कमांडर, राष्ट्रीय हिप्पोड्रोम संस्थान के निदेशक और अध्यक्ष जूलियो लियोन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जो इस अस्थाई अस्पताल के सुचारू संचालन में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं।
प्रतिदिन सैकड़ों पीड़ितों का उपचार और आपातकालीन सर्जरी
विदेश मंत्री ने अस्पताल की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए बताया कि इस चिकित्सा केंद्र में रोजाना लगभग 400 प्रभावित लोगों को विभिन्न प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जा रही है। अस्पताल में हालिया विनाशकारी भूकंप के कारण गंभीर रूप से घायल हुए लोगों, अस्थि भंग (फ्रैक्चर) और अंदरूनी चोटों (हेमाटोमा) से ग्रसित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, यहां पीड़ितों के लिए दंत चिकित्सा, आधुनिक एक्स-रे और छोटी-मोटी सर्जरी (माइनर ऑपरेशन्स) की सुविधाएं भी चौबीसों घंटे चालू हैं। इस दौरान उन बहादुर बचावकर्मियों का भी उपचार किया जा रहा है जो राहत अभियानों में अपने देशवासियों की जान बचाते समय चोटिल हो गए थे।
विनाशकारी भूकंप की त्रासदी और वैश्विक आंकड़ों का खौफ
भारत और वेनेजुएला के इस गहरे होते संकटकालीन भाईचारे के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने आपदा की भयावहता के आंकड़े जारी किए हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पिछले सप्ताह वेनेजुएला में आए इस भीषण भूकंप के कारण अब तक 2,300 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 5,000 से ज्यादा नागरिक गंभीर रूप से जख्मी हैं। इस प्राकृतिक त्रासदी ने करीब 16,000 लोगों को बेघर कर दिया है, जिनके लिए भारतीय फील्ड अस्पताल इस समय एक बड़े जीवन रक्षक और संबल के रूप में सामने आया है।
पाकिस्तान में क्यों गहराया जल संकट? सिंधु जल संधि और जमीनी हकीकत को समझें
4 Jul, 2026 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों पानी की भयंकर किल्लत से जूझ रहा है और अपनी इस प्रशासनिक नाकामी को छिपाने के लिए वहां की सरकार लगातार भारत पर मनगढ़ंत आरोप मढ़ रही है। वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान अपनी खुद की गलतियों और लचर नीतियों के कारण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी पूर्वी नदियों पर जल संग्रहण के लिए कई बड़े बुनियादी ढांचे तैयार किए हैं, जिससे पाकिस्तान के निचले इलाकों जैसे लाहौर आदि में बाढ़ नियंत्रण में काफी मदद मिली है। रक्षा और पर्यावरण विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि यदि भारत पानी को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहता, तो वह यह कदम बहुत पहले उठा चुका होता। हकीकत तो यह है कि सिंधु जल संधि के तहत भारत अपने हिस्से के जिस पानी का पहले इस्तेमाल नहीं कर पाता था, अब उसने उस अतिरिक्त पानी को अपनी घरेलू आवश्यकताओं के लिए सहेजने का काम शुरू कर दिया है।
भारतीय परियोजनाओं की हकीकत और तकनीकी पक्ष
पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर लंबे समय से लंबित शाहपुर कंडी बांध परियोजना अब पूरी होने के कगार पर है। इस प्रोजेक्ट के चालू होने से रावी नदी का वह अतिरिक्त पानी जो पहले बिना उपयोग के बह जाता था, अब रुक जाएगा और उसे सूखे से प्रभावित कठुआ और सांबा जिलों की तरफ मोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा, चेनाब बेसिन और प्रस्तावित चेनाब-ब्यास नहर प्रणाली जैसी 2,532 करोड़ रुपये की योजनाएं भी पाइपलाइन में हैं, जो अतिरिक्त जल को ब्यास नदी की ओर मोड़ेंगी। पाकिस्तान का यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद है कि भारत पश्चिमी सिंधु नदियों का रास्ता पूरी तरह रोक रहा है; सच तो यह है कि भारत के पास फिलहाल ऐसा कोई ढांचा नहीं है जो इतनी बड़ी मात्रा में मुख्य पानी का प्रवाह रोक सके। भारत की अधिकांश परियोजनाएं नदियों की सहायक धाराओं पर बने छोटे 'रन-ऑफ-द-रिवर' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट हैं, जिनकी क्षमता 5 मेगावाट से भी कम है।
बजट में भारी कटौती और जल माफिया का आतंक
पाकिस्तान में जल संकट के गहराने के पीछे वहां के शीर्ष राजनीतिक घरानों की दशकों की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता मुख्य वजह है। वहां की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में जल परियोजनाओं के बजट में 27% की भारी कटौती करते हुए इसे 184.6 अरब पाकिस्तानी रुपये से घटाकर 133.4 अरब कर दिया, और इसके अगले ही वर्ष इसमें 42% की और कटौती करके इसे मात्र 103 अरब रुपये कर दिया गया। बुनियादी ढांचे की बात करें तो पाकिस्तान में जलाशयों की भारी कमी है, जिसके चलते मानसून का अरबों गैलन पानी समुद्र में बेकार बह जाता है। रही-सही कसर वहां के तरबेला और मंगला बांधों में जमी गाद (मिट्टी) ने पूरी कर दी है, जिससे उनकी भंडारण क्षमता न के बराबर रह गई है। इसके साथ ही, वहां का रसूखदार जल माफिया अवैध तरीकों से पानी की चोरी कर जानबूझकर कृत्रिम संकट पैदा कर रहा है।
पानी की बर्बादी और बदतर जल प्रबंधन के आंकड़े
सिंधु जल मामलों के जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा हर साल बिना किसी उपयोग के समुद्र में बहाए जाने वाले पानी की कुल मात्रा सिंधु जल संधि के तहत भारत के कुल विधिक हिस्से के बराबर है। सिंचाई के बेहद पुराने तौर-तरीकों के कारण देश में हर साल करीब 30 मिलियन एकड़-फीट पानी बर्बाद हो जाता है। जहां दुनिया के विकसित देश 900 दिनों तक की जरूरत का पानी जमा रख सकते हैं, वहीं पाकिस्तान के पास केवल 30 दिनों का बैकअप है। आंतरिक सियासी कलह के कारण कालाबाग बांध जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं बरसों से लटकी हुई हैं। देश के सबसे बड़े व्यावसायिक शहर कराची में पाइपलाइनों के रिसाव और अवैध हाइड्रेंट्स के कारण पानी का हाहाकार मचा हुआ है, जहां दादू कैनाल में पानी की कमी चिंताजनक रूप से 82% तक पहुंच चुकी है। इन तमाम आंतरिक ढांचागत समस्याओं के लिए भारत पर दोष मढ़ना पूरी तरह अतार्किक है।
नशीला पदार्थ सुंघाकर दुष्कर्म का आरोप, पानीपत में ससुर के खिलाफ FIR दर्ज
4 Jul, 2026 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। मॉडल टाउन थाना इलाके के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां रहने वाली एक विवाहित महिला ने अपने ससुर पर नशीला पदार्थ सुंघाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
अकेलेपन का फायदा उठाकर बेहोशी की हालत में किया दुष्कर्म
पीड़िता द्वारा पुलिस प्रशासन को सौंपी गई लिखित शिकायत के अनुसार, यह घिनौनी वारदात करीब दो सप्ताह पहले की है जब वह अपने घर पर पूरी तरह अकेली थी। आरोप है कि इसी का फायदा उठाते हुए उसके ससुर ने उसे जबरन कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिसकी वजह से वह तत्काल अचेत हो गई। विवाहिता का आरोप है कि उसकी इस बेहोशी और लाचारी की स्थिति का फायदा उठाकर ससुर ने उसके साथ गलत काम किया। जब काफी देर बाद महिला को होश आया, तब जाकर उसे अपने साथ हुई इस दरिंदगी का अहसास हुआ।
ससुराल वालों ने साथ देने के बजाय दी धमकी और बनाया बंधक
घटना के बाद न्याय की उम्मीद में जब पीड़िता ने आपबीती अपने पति, सास और ननद को बताई, तो उन्होंने उसकी मदद करने या उसका साथ देने के बजाय उल्टा उसे ही प्रताड़ित और चुप रहने के लिए डराना-धमकाना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि मामले को दबाने के उद्देश्य से आरोपियों ने उसे घर के भीतर बंधक बना लिया, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और बाहरी दुनिया या मायके वालों से संपर्क करने के सभी साधन बंद कर दिए ताकि सच बाहर न आ सके।
मायके वालों की मदद से छूटी पीड़िता और पुलिस की कार्रवाई
ससुराल पक्ष की कड़ी निगरानी और कैद के बीच जैसे ही विवाहिता को एक दिन मौका मिला, उसने गुप्त रूप से अपने मायके के परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी। सूचना मिलते ही महिला के माता-पिता और रिश्तेदार तुरंत उसके ससुराल पहुंचे और उसे वहां से मुक्त कराकर अपने साथ ले गए। इसके बाद परिजनों के साथ मॉडल टाउन थाने पहुंचकर पीड़िता ने आपबीती सुनाई। थाना प्रभारी जगमिंद्र ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और चिकित्सकीय व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ईरान पर फिर बरसे डोनाल्ड ट्रंप, खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर दिया बड़ा बयान
4 Jul, 2026 11:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। ईरान के पूर्व शीर्ष धार्मिक और राजनैतिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की औपचारिक शुरुआत के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। ईरान की वर्तमान स्थिति पर तीखा कटाक्ष करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने अपनी दरियादिली दिखाते हुए ईरान को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब ईरान के भीतर खामेनेई को विदाई देने के लिए देशव्यापी शोक और जनसैलाब उमड़ने की तैयारी है।
माउंट रशमोर के मंच से साधा निशाना
अमेरिकी स्वतंत्रता के ऐतिहासिक 250वें वर्षगांठ समारोह के उपलक्ष्य में साउथ डकोटा के प्रसिद्ध माउंट रशमोर स्मारक पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए सैन्य टकराव का खुलकर उल्लेख किया। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान के हौसले पूरी तरह पस्त कर दिए हैं और अब वे किसी भी तरह का समझौता करने के लिए छटपटा रहे हैं। ट्रंप ने मंच से तंज कसते हुए कहा कि चूंकि अमेरिका एक सहृदय राष्ट्र है, इसलिए उन्होंने ईरान को अंतिम संस्कार के क्रियाकर्म निपटाने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है।
हमले में हुई थी मौत और युद्ध के कारण टला क्रियाकर्म
गौरतलब है कि ईरानी प्रशासन के आधिकारिक बयानों के मुताबिक, इसी वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए एक भीषण संयुक्त हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। इस आक्रामक सैन्य कार्रवाई की चपेट में आने से उनके परिवार के भी कई करीबी सदस्य मारे गए थे, जिनमें उनकी बेटी, दामाद, बहू और नवासी शामिल थीं। हालांकि, सामान्य तौर पर इस्लामी मान्यताओं के अनुसार किसी भी मृतक के पार्थिव शरीर को 24 घंटे के भीतर सुपुर्द-ए-खाक करने का नियम है, परंतु दोनों देशों के बीच छिड़े भीषण युद्ध और व्यापक सुरक्षा चिंताओं के कारण खामेनेई का अंतिम संस्कार तब संभव नहीं हो सका था।
सीजफायर के बाद सप्ताहभर के राष्ट्रीय शोक का आयोजन
क्षेत्र में लंबे समय तक चली सैन्य तनातनी के बाद पिछले महीने लागू हुए आधिकारिक युद्धविराम (सीजफायर) के बाद ही ईरानी सरकार ने पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की तारीखें तय कीं। इसके तहत ईरान में सप्ताहभर लंबे चलने वाले राजकीय अंतिम संस्कार और विशेष श्रद्धांजलि सभाओं की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें देश-विदेश से लाखों की संख्या में अनुयायियों और नागरिकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युद्धविराम के ठीक बाद आया ट्रंप का यह बयान क्षेत्र में जारी कूटनीतिक और मानसिक युद्ध को और अधिक हवा दे सकता है।
भिवानी में HTET-3 की तैयारी पूरी, 238 परीक्षा केंद्रों पर 73 हजार से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल
4 Jul, 2026 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी। हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) के अंतर्गत लेवल-3 (पीजीटी) की परीक्षा शनिवार को राज्य के सभी जिलों में निर्धारित केंद्रों पर आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में प्रदेशभर से कुल 73,091 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे, जिसके लिए कुल 238 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड मुख्यालय से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, पुलिस बल और शिक्षा बोर्ड के आलाधिकारियों की सीधी देखरेख में प्रश्न-पत्रों के सीलबंद बक्से सभी जिला मुख्यालयों के लिए सुरक्षित रवाना कर दिए गए।
दोपहर बाद सत्र में परीक्षा और प्रशासनिक तैयारियां
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. शंकर लाल धूपड़ और सचिव मुनीश शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि इस परीक्षा का आयोजन दोपहर 3:00 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक के सायंकालीन सत्र में किया जाएगा। परीक्षा को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, नकलविहीन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए बोर्ड प्रशासन द्वारा सभी पुख्ता इंतजाम पहले ही मुकम्मल कर लिए गए हैं। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को बोर्ड अध्यक्ष ने स्वयं मुख्यालय पहुंचकर प्रश्न-पत्रों के वितरण और रवानगी से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।
गोपनीयता बनाए रखने पर जोर और कड़े सुरक्षा मानक
बोर्ड प्रबंधन के अनुसार, इस प्रतिष्ठित पात्रता परीक्षा की गोपनीयता, शुचिता और पारदर्शिता को अक्षुण्ण बनाए रखना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए उड़नदस्तों (फ्लाइंग स्क्वाड) का भी गठन किया गया है, जो परीक्षा के दौरान लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। प्रश्न-पत्रों को ले जाने वाले वाहनों की भी विशेष निगरानी की जा रही है ताकि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनी रहे।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और अपील
बोर्ड अध्यक्ष ने परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचने के लिए तय समय से काफी पहले अपने आवंटित परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षार्थियों को अनिवार्य रूप से अपना आधिकारिक प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) और एक वैध सरकारी पहचान पत्र साथ लाने की हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा कक्ष के भीतर अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा को सफल बनाने के लिए सभी अभ्यर्थियों को बोर्ड द्वारा जारी नियमावली और सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
ईरान में गम का माहौल: अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में पोती का छोटा ताबूत बना भावुक पल
4 Jul, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली खामेनेई की अंतिम विदाई का राजकीय घटनाक्रम शनिवार को आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। अपने दिवंगत नेता को अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि देने के लिए राजधानी में हजारों नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। 86 वर्षीय खामेनेई की मृत्यु बीते 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के दौरान हुई थी। उनके पार्थिव शरीर को देश के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर और उस पर उनकी पारंपरिक काली पगड़ी रखकर मुख्य परिसर में लाया गया। खामेनेई के पार्थिव शरीर के समीप ही उनके उन परिजनों के शवों को भी रखा गया है जो इस हमले में मारे गए थे, जिसमें उनकी महज 14 महीने की पोती का एक छोटा ताबूत भी शामिल है।
लाखों की भीड़ जुटने का अनुमान और भव्य कार्यक्रम
दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर शुक्रवार को ही राजधानी लाया गया था, जिसके बाद ईरान और पड़ोसी देश इराक के विभिन्न नगरों में छह दिवसीय सार्वजनिक शोक और अंतिम यात्रा कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। राजधानी के ग्रैंड मोसाला परिसर के कपाट आम जनता के लिए खोले जाने से पहले ही शुक्रवार शाम से सैकड़ों समर्थक वहां जुटने शुरू हो गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों का अनुमान है कि केवल राजधानी में ही अगले तीन दिनों के भीतर लगभग डेढ़ से दो करोड़ लोग इस अंतिम विदाई कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।
शोक संतप्त जनता का आक्रोश और प्रतिशोध के नारे
जैसे ही कार्यक्रम स्थल के मुख्य द्वार खोले गए, भावुक और गमगीन लोगों की भारी भीड़ प्रांगण में दाखिल हो गई, जिससे पूरा विशाल परिसर खचाखच भर गया। अंतिम विदाई देने पहुंचे बहुत से नागरिकों के हाथों में लाल रंग के बैनर और झंडे थे, जिन्हें कूटनीतिक रूप से बदले और प्रतिशोध का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान वहां मौजूद जनसमूह ने अत्यंत आक्रोश में 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'प्रतिशोध' के गगनभेदी नारे भी लगाए। वहां मौजूद एक 27 वर्षीय युवक ने बेहद भावुक होकर कहा कि उसने अपने जीवन में कभी ऐसे दुखद दिन की कल्पना नहीं की थी और वह अपने प्रिय नेता को अंतिम नमन करने यहां आया है।
शीर्ष नेतृत्व की भावुकता और नए कमांडर की मौजूदगी
इस दुखद घड़ी में ईरान का शीर्ष प्रशासनिक और सैन्य नेतृत्व भी अपने आंसू नहीं रोक पाया। अंतिम रस्मों के दौरान देश की संसद के अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के प्रमुख चेहरा मोहम्मद बाकेर गालिबाफ अत्यधिक भावुक होकर रोते हुए नजर आए। दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे प्रमुख चेहरों में अहमद वाहिदी भी शामिल थे, जिन्हें हालिया हमले में पूर्व सैन्य प्रमुख की शहादत के बाद ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का नया कमांडर नियुक्त किया गया है।
पाकिस्तान के ग्वादर में आत्मघाती हमला: BLA ने 30 पैरामिलिट्री जवानों को मारने का दावा किया
4 Jul, 2026 10:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वादर। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान के ग्वादर क्षेत्र में कोस्ट गार्ड्स के एक प्रमुख कैंप पर भीषण आत्मघाती हमला हुआ है। इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। उग्रवादी गुट का दावा है कि इस बड़े हमले में पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री) के 30 से अधिक जवान ढेर हो गए हैं और बड़ी संख्या में अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। संगठन द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, विस्फोटकों से पूरी तरह लदे एक ट्रक ने जिवानी इलाके में स्थित पनवान कोस्ट गार्ड बेस को निशाना बनाया, जिसे उन्होंने एक सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया 'आत्मघाती वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' (SVBIED) हमला करार दिया है।
फतेह स्क्वाड का धावा और भारी तबाही का दावा
BLA के प्रवक्ता जीयांद बलोच ने अपने आधिकारिक संदेश में दावा किया है कि इस अत्यंत शक्तिशाली धमाके के चलते कोस्ट गार्ड का अभेद्य माना जाने वाला सैन्य कैंप पूरी तरह जमींदोज होकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। प्रवक्ता के अनुसार, आत्मघाती वाहन विस्फोट के ठीक बाद संगठन के विशेष लड़ाकू दस्ते 'फतेह स्क्वाड' ने मोर्चा संभाला और कैंप को चारों तरफ से घेरकर बचे हुए सुरक्षाकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। उग्रवादी संगठन का कहना है कि इस दोहरे हमले ने बेस को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है, जिससे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जनधन का व्यापक नुकसान उठाना पड़ा है।
वीडियो फुटेज जारी और हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका
संगठन की प्रचार इकाई (मीडिया विंग) 'हक्कल' की तरफ से इस खौफनाक वारदात का एक 43 सेकंड का वीडियो फुटेज भी इंटरनेट पर प्रसारित किया गया है। इस वीडियो में कथित तौर पर बारूद से लदे एक संदिग्ध ट्रक को कोस्ट गार्ड परिसर के भीतर प्रवेश करते और उसके ठीक बाद एक गगनचुंबी आग के गोले व धुएं के गुबार में बदलते हुए देखा जा सकता है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि मलबे के भीतर बहुत से सैनिकों के दबे होने और सैन्य अस्पताल में भर्ती जख्मियों की अत्यंत नाजुक हालत को देखते हुए मरने वाले पाकिस्तानी जवानों का आंकड़ा अभी और ज्यादा बढ़ सकता है।
पाकिस्तानी हुक्मरानों की चुप्पी और संगठन का इतिहास
इस भीषण सैन्य तबाही और दर्जनों सैनिकों की मौत के इतने बड़े दावे के बावजूद पाकिस्तानी प्रशासनिक अधिकारियों या सेना की मीडिया विंग की तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही इस घटना पर फिलहाल कोई औपचारिक वक्तव्य सामने आया है। गौरतलब है कि बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) क्षेत्र का एक प्रमुख प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन है, जो बलूचिस्तान की आजादी की मांग को लेकर लंबे समय से पाकिस्तानी सेना, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और वहां चल रही चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लगातार निशाना बनाता रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर भव्य आयोजन, भीषण गर्मी के बीच ट्रंप देंगे संबोधन; क्या-क्या है खास?
4 Jul, 2026 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का ऐतिहासिक उत्सव मना रहा है। हालांकि, वॉशिंगटन और पूर्वी अमेरिकी क्षेत्रों में चल रही भीषण हीटवेव को देखते हुए उत्सव के कुछ कार्यक्रमों के समय में आंशिक फेरबदल किया गया है। इन बदलावों के बावजूद 'सैल्यूट टू अमेरिका' मुख्य समारोह के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन, सैन्य प्रदर्शन और भव्य आतिशबाजी अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही आयोजित किए जाएंगे। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ट्रंप ने देश के नाम संदेश जारी कर अमेरिका के गौरवशाली इतिहास, देश की महान उपलब्धियों और भविष्य के विकास मॉडल का खाका खींचा।
अत्यधिक उमस के बीच बदलाव और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम
स्थानीय प्रशासन ने वॉशिंगटन में जारी हीट एडवाइजरी के मद्देनजर जनमानस को झुलसाने वाली गर्मी से सुरक्षित रखने के लिए ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर और फीफा फैन जोन के खुलने का समय दोपहर 12 बजे तय किया है, जो आयोजन समाप्ति तक जारी रहेगा। इसके साथ ही वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट परिसर को भी विलंब से खोला जा रहा है ताकि आगंतुकों को तेज धूप में खड़े न रहना पड़े। आगंतुकों की सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में निःशुल्क पेयजल केंद्र, रिफिलिंग स्टेशन, विशेष कूलिंग टेंट, वातानुकूलित बसें और 15 विशेष एसी मंडप स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा अतिरिक्त चिकित्सा दल और मिस्टिंग एरिया की व्यवस्था की गई है तथा बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं व बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
आसमान में सैन्य ताकत का प्रदर्शन और भव्य आतिशबाजी
इस बार राष्ट्रीय मॉल के ऊपर आयोजित होने वाले भव्य हवाई प्रदर्शन में नासा के विमानों सहित अमेरिकी थल सेना, वायुसेना, नौसेना, मरीन कॉर्प्स और कोस्ट गार्ड के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान व हेलीकॉप्टर अपनी ताकत दिखाएंगे। मुख्य आकर्षण के रूप में प्रसिद्ध एरोबेटिक टीमें 'ब्लू एंजेल्स' और 'थंडरबर्ड्स' के साथ-साथ एफ-22 रैप्टर, बी-1 बमवर्षक और प्रतिष्ठित एयर फोर्स वन भी फ्लाईपास्ट का हिस्सा बनेंगे। इस ऐतिहासिक सैन्य शौर्य के प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति ट्रंप राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसके समापन पर दुनिया के सबसे बड़े आतिशबाजी शो में से एक का आयोजन किया जाएगा जो पूरे आसमान को सतरंगी रोशनी से सराबोर कर देगा।
ऐतिहासिक गौरवशाली अतीत और भविष्य का महा-विजन
राष्ट्रपति ट्रंप ने 4 जुलाई 2026 को अमेरिकी आजादी की 250वीं वर्षगांठ घोषित करते हुए कहा कि 1776 का स्वतंत्रता घोषणा पत्र आज भी देश के न्याय, स्वतंत्रता और समानता का मुख्य स्तंभ है। उन्होंने लेक्सिंगटन, कॉनकॉर्ड, बंकर हिल, वैली फोर्ज के संघर्षों और यॉर्कटाउन की विजय जैसी ऐतिहासिक क्रांतियों को याद करने के साथ ही गृहयुद्ध की समाप्ति, दासप्रथा का अंत, दोनों विश्व युद्धों में जीत और चंद्रमा पर इंसानी कदम जैसी देश की अद्वितीय उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने भविष्य के विज़न को साझा करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम रिसर्च, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और अंतरिक्ष विज्ञान को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया और संकल्प लिया कि अमेरिका जल्द ही चंद्रमा पर फिर से कदम रखने के साथ मंगल ग्रह पर भी अपना ध्वज फहराएगा।
नेतन्याहू पर गंभीर आरोप! ईरानी वार्ताकारों की हत्या की साजिश वाली रिपोर्ट पर इस्राइल का पलटवार
4 Jul, 2026 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने उन मीडिया दावों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका को इस बात का डर था कि इस्राइल ईरान के शीर्ष वार्ताकारों को अपना निशाना बना सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन सूचनाओं को पूरी तरह से मनगढ़ंत और हकीकत से परे बताते हुए कहा कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है। इस खंडन के बाद मध्य पूर्व के कूटनीतिक गलियारों में एक बार फिर इस्राइल और ईरान के रिश्तों को लेकर बहस तेज हो गई है।
ईरानी नेताओं को निशाना बनाने की अफवाह
विदेशी मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि इस्लामाबाद वार्ता के दौरान अमेरिकी अधिकारियों को अंदेशा था कि इस्राइल ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को नुकसान पहुंचा सकता है। दावों के मुताबिक, 8 अप्रैल के युद्धविराम के बाद के हफ्तों में इस्राइल ऐसी किसी गुप्त योजना पर काम कर सकता था। इसी डर की वजह से अमेरिका ने कथित तौर पर मध्य पूर्व के कुछ देशों के माध्यम से तेहरान तक एक अप्रत्यक्ष संदेश भिजवाया था, ताकि ईरानी नेतृत्व सतर्क हो सके। हालांकि, इन दावों को केवल सूत्रों के हवाले से ही पेश किया गया था।
इस्राइल का कड़ा रुख और खंडन
इन आरोपों का पुरजोर जवाब देते हुए इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साफ किया कि ईरानी वार्ताकारों से जुड़ी यह रिपोर्ट पूरी तरह बेबुनियाद है। कार्यालय ने अपने बयान में कहा कि हमेशा की तरह यह खबर भी पूरी तरह अफवाह और फेक न्यूज है, जिसका जमीनी सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है। इस बयान के जरिए इस्राइल ने उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया, जिनमें ईरानी नेताओं के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य या खुफिया कार्रवाई की योजना की बात कही जा रही थी।
नेतन्याहू और ट्रंप की फोन पर चर्चा
इसी घटनाक्रम के बीच, इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी भी साझा की कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुक्रवार को फोन पर विशेष बातचीत हुई। इस दौरान नेतन्याहू ने अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ पर ट्रंप को शुभकामनाएं दीं और वैश्विक स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने में अमेरिका के योगदान की सराहना की। दोनों नेताओं ने जल्द ही अमेरिका में एक व्यक्तिगत मुलाकात करने पर भी सहमति जताई है, जिसे मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। दूसरी तरफ, कतर और पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन को लेकर सकारात्मक बातचीत आगे बढ़ने की खबरें भी सामने आई हैं।
भारत-जापान संबंधों पर चीन का बयान: 'आपसी सहयोग तीसरे देश के खिलाफ नहीं होना चाहिए'
4 Jul, 2026 08:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। भारत और जापान के बीच आयोजित हुआ 16वां वार्षिक शिखर सम्मेलन बेहद कामयाब रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों लोकतांत्रिक देश आगामी वर्ष में अपने आपसी राजनयिक रिश्तों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के इस दौरे ने दोनों देशों के बीच प्रगति और समृद्धि के साझा विजन को नया विस्तार दिया है। यह रणनीतिक द्विपक्षीय साझेदारी न केवल दोनों देशों के हितों के लिए जरूरी है, बल्कि समूचे हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने का एक बेहद मजबूत स्तंभ भी है। इस बीच, भारत और जापान के बीच लगातार प्रगाढ़ होते संबंधों को देखकर पड़ोसी देश चीन की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
तीन दिवसीय दौरे का समापन और विदाई की तस्वीरें
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची अपना तीन दिनों का बेहद व्यस्त और सफल भारतीय दौरा पूरा करके शुक्रवार को स्वदेश के लिए रवाना हो गईं। नई दिल्ली में आयोजित हुए विदाई समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर इस यादगार यात्रा की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि इस सफल शिखर वार्ता ने दोनों देशों के साझा वैश्विक लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दोनों शीर्ष नेताओं के बीच अगले साल आयोजित होने वाले 75वें ऐतिहासिक वर्षगांठ समारोह की रूपरेखा पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक प्रतिबद्धता
मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस शिखर सम्मेलन ने वैश्विक मंच पर दोनों देशों की उस साझी प्रतिबद्धता को दोहराया है जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे भी आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। भारत और जापान की यह जुगलबंदी आने वाले समय में एक ऐसे मजबूत आधार के रूप में काम करेगी जिससे वैश्विक सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) अधिक सुरक्षित हो सकेगी। दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मोर्चों पर हुए नए समझौतों ने इस द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को एक नए युग में प्रवेश करा दिया है।
भारत-जापान के रक्षा समझौतों से चीन की बौखलाहट
दूसरी तरफ, नई दिल्ली और टोक्यो के बीच रक्षा तथा महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए हुए करारों से चीन असहज नजर आ रहा है। भारत-जापान के इस बढ़ते तालमेल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि दो देशों के बीच होने वाले आपसी सहयोग का उद्देश्य किसी तीसरे पक्ष (देश) को निशाना बनाना या उसके रणनीतिक हितों को ठेस पहुंचाना नहीं होना चाहिए। चीनी प्रवक्ता ने नसीहत देते हुए कहा कि वैश्विक इंडस्ट्रियल और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए किसी भी देश को इसका इस्तेमाल छोटे गुटबाजी वाले संगठन बनाने या क्षेत्र में टकराव व फूट पैदा करने के बहाने के रूप में नहीं करना चाहिए।
सिरसा को छोड़ पूरे हरियाणा में मानसून सक्रिय, तापमान लुढ़का; लोगों ने ली राहत की सांस
4 Jul, 2026 06:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। हरियाणा के सिरसा जिले के कुछ सीमित हिस्सों को छोड़ दिया जाए, तो राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। बीते दो दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही अनवरत वर्षा के चलते भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है और पारे में भारी गिरावट आई है। स्थिति यह है कि राज्य के सभी जिलों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े से नीचे आ गया है, जबकि महेंद्रगढ़ में तो यह सामान्य से छह डिग्री कम होकर महज 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
एनसीआर और दिल्ली समेत अधिकांश हरियाणा में मानसून की दस्तक
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने मौसमी तंत्र की जानकारी देते हुए बताया कि मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। शनिवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तरी अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा के कई नए इलाकों को अपनी आगोश में ले लिया है। वर्तमान में सिरसा को छोड़कर समूचा हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर का क्षेत्र मानसून की जद में आ चुका है। बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो यमुनानगर में सर्वाधिक 11 मिमी बारिश हुई, जबकि करनाल में 1.8 मिमी, रोहतक में 2 मिमी, गुरुग्राम में 5 मिमी और सोनीपत व महेंद्रगढ़ में 6-6 मिमी पानी बरसा है।
हिसार में सीजन की सबसे भारी बारिश और पारे में गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार, चालू मानसून सीजन के दौरान एक ही दिन में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज करने का रिकॉर्ड हिसार जिले के नाम रहा। यहां मंगलवार को रिकॉर्डतोड़ 56.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जिसके बाद स्थानीय मौसम में बड़ा बदलाव आया। भारी बारिश के प्रभाव से हिसार का अधिकतम तापमान जो पहले 40.7 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर था, वह करीब 5 डिग्री की भारी गिरावट के साथ 36.5 डिग्री सेल्सियस पर सिमट गया। इसी तरह रोहतक में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे झुलसाने वाली लू से पूरी तरह निजात मिल गई है।
आगामी 7 जुलाई तक झमाझम बारिश और उमस का अनुमान
मौसम विज्ञानियों ने अपने ताजा पूर्वानुमान में बताया है कि आगामी 4-5 दिनों के भीतर मानसून पंजाब, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान के बचे हुए बाकी हिस्सों को भी पूरी तरह से कवर कर लेगा, जिसके लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं। हरियाणा के ज्यादातर जिलों में 7 जुलाई तक लगातार बारिश के आसार बने हुए हैं और पूरे जुलाई के पहले पखवाड़े (15 दिनों) में सूबे में रुक-रुक कर बौछारें गिरती रहेंगी। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने यह चेतावनी भी दी है कि बारिश के थमने के बीच के समय में हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को तीखी उमस भरी गर्मी का सामना भी करना पड़ सकता है।
रोहिंग्या के डर से बांग्लादेश में सुरक्षा कड़ी, हाई अलर्ट जारी
3 Jul, 2026 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। म्यांमार के राखाइन राज्य में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों में म्यांमार की सेना ने यहाँ कई इलाकों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश की सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। जब हमले म्यांमार के भीतर हो रहे हैं, तो बांग्लादेश की सेना और सीमा सुरक्षा बल (BGB) के सतर्क होने की सबसे बड़ी वजह रोहिंग्या शरणार्थियों के नए पलायन का डर है। बांग्लादेश को आशंका है कि राखाइन में हिंसा बढ़ने पर हज़ारों रोहिंग्या नागरिक अपनी जान बचाने के लिए एक बार फिर सीमा पार कर बांग्लादेश में घुसने की कोशिश कर सकते हैं।
रोहिंग्या आबादी वाले इलाकों में भारी बमबारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, म्यांमार सेना के लड़ाकू विमानों ने मुख्य रूप से माउंगडॉ और बुथिडॉन्ग इलाकों को निशाना बनाया है, जहाँ बड़ी संख्या में रोहिंग्या आबादी रहती है। हाल ही में हुए एक हमले में एक रोहिंग्या महिला और दो बच्चों के घायल होने की खबर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बुधवार और गुरुवार को हुए हवाई हमले बांग्लादेश की सीमा के बेहद करीब किए गए थे। सेना का दावा है कि उनका निशाना विद्रोही गुट 'अराकान आर्मी' के ठिकाने हैं, लेकिन इस गोलाबारी की चपेट में आम रोहिंग्या नागरिकों के इलाके भी आ रहे हैं, जिससे वहाँ के लोगों में भारी दहशत है।
त्रिकोणीय संघर्ष के बीच फंसे आम नागरिक
राखाइन राज्य में चल रही यह जंग अब और पेचीदा हो गई है। यहाँ पहले से ही म्यांमार की सेना और 'अराकान आर्मी' (AA) के बीच युद्ध चल रहा है। इसी बीच खबर आई कि एक और रोहिंग्या लड़ाकू गुट 'एआरएसए' (ARSA) ने अराकान आर्मी के काफिले पर हमला कर दिया, जिसमें उसके कई लड़ाके मारे गए। इस घटना के बाद अराकान आर्मी ने स्थानीय रोहिंग्या नागरिकों पर विद्रोहियों की मदद करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है। इसके चलते म्यांमार सेना के हमलों के साथ-साथ स्थानीय विद्रोही गुटों के दबाव के कारण आम रोहिंग्या नागरिक दोहरे संकट में फंस गए हैं।
घुसपैठ रोकने के लिए नाफ नदी और सीमा पर कड़ी चौकसी
बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स (BGB) के रामू सेक्टर के कमांडर कर्नल मोहिउद्दीन अहमद ने बताया कि म्यांमार में जब भी एयरस्ट्राइक होती है, तो सीमाई इलाकों में रहने वाले लोग सहम जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में म्यांमार सेना द्वारा करीब 18 से 27 बम गिराए जाने की सूचना मिली है। पहले भी ऐसे युद्ध के हालातों में रोहिंग्या नागरिक नाफ नदी पार कर बांग्लादेश आते रहे हैं। बांग्लादेश पर पहले से ही लाखों शरणार्थियों का भारी बोझ है, इसलिए इस बार किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ को पूरी तरह रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बलों को चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
थाईलैंड: 11 साल के बच्चे के कारण दर्दनाक हादसा, 9 बौद्ध भिक्षुओं की मौत
3 Jul, 2026 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुकदाहान (थाईलैंड)। थाईलैंड के उत्तर-पूर्वी प्रांत मुकदाहान में एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ एक 11 साल के बच्चे द्वारा चलाए जा रहे पिकअप ट्रक ने सड़क किनारे चल रहे बौद्ध भिक्षुओं के एक धार्मिक जुलूस को बुरी तरह रौंद दिया। इस भीषण हादसे में नौ भिक्षुओं की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब 35 बौद्ध भिक्षु और पांच श्रद्धालु अपनी धार्मिक तीर्थ यात्रा (पदयात्रा) पर निकले थे और शांति से सड़क किनारे बढ़ रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
पांच भिक्षुओं की मौके पर ही मौत, सड़क पर बिखरा सामान
पुलिस के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले हादसे में पांच भिक्षुओं ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि चार अन्य भिक्षुओं की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दुर्घटना स्थल का मंजर बेहद खौफनाक नजर आ रहा है, जहाँ भिक्षुओं के केसरिया वस्त्र और उनका सामान सड़क पर बिखरा पड़ा है। जांच में यह बात सामने आई है कि इस नाबालिग लड़के ने अपने घर से बिना किसी को बताए पिकअप गाड़ी निकाल ली थी और सड़क पर रफ्तार तेज होने के कारण वह गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।
आरोपी बच्चा विशेष जरूरतों वाला, फॉरेंसिक जांच जारी
पुलिस मेजर जनरल पाइरोज़ थाईफुत्सा ने बताया कि चूंकि संदिग्ध एक बच्चा है, इसलिए उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया बहुत समझदारी और नियमों के तहत तय की जा रही है। हादसे की सही वजह का पता लगाने के लिए दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि शुरुआती जांच के मुताबिक यह बच्चा विशेष जरूरतों (Special Needs) वाला है। इस समय डॉक्टरों, अधिकारियों और उसके माता-पिता की एक टीम उसकी देखरेख कर रही है।
अस्पताल ने की रक्तदान की अपील, कई भिक्षुओं की हालत नाजुक
इस बीच, मुकदाहान अस्पताल ने घायल भिक्षुओं के इलाज और उनकी जान बचाने के लिए लोगों से तुरंत रक्तदान करने की भावुक अपील की है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि घायल हुए लोगों में से कम से कम तीन भिक्षुओं की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और पांच अन्य गंभीर रूप से जख्मी हैं। इसके अलावा, जुलूस में शामिल कुछ अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
दिनदहाड़े शराब ठेके पर हमला, 40 हजार लूटकर फरार हुए बदमाश
3 Jul, 2026 04:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रतिया। क्षेत्र के गांव घासवा में गुरुवार देर रात कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए तीन नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने एक शराब ठेके को अपना निशाना बनाया। बदमाशों ने न सिर्फ सरेआम फायरिंग की, बल्कि ठेके पर मौजूद सेल्समैन पर गंडासे से जानलेवा हमला कर गल्ले में रखे करीब 30 से 40 हजार रुपये लूट लिए। इस खूनी वारदात में दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की कलाई गंडासे के वार से कटकर अलग हो गई।
फिल्मी अंदाज में घुसे बदमाश, ताबड़तोड़ चलाईं गोलियां
पुलिस को दी गई शिकायत में गांव कुला निवासी मुकेश ने बताया कि वह 2 जुलाई की शाम अपने भाई रणजीत सिंह से मिलने घासवा स्थित शराब ठेके पर गया था। रात करीब 9 बजे, अचानक तीन नकाबपोश युवक वहां धमके। उनके इरादे भांपते ही भाइयों ने अंदर से दरवाजा बंद करना चाहा, लेकिन बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए जबरन दरवाजा खोल दिया। अंदर दाखिल होते ही एक बदमाश ने देसी पिस्तौल से सीधे दो फायर झोंक दिए। इसी बीच दूसरे बदमाश ने रणजीत सिंह पर गंडासे से लगातार 5-6 वार किए। हमला इतना बेरहम था कि रणजीत के दाहिने हाथ की कलाई बुरी तरह कट गई। जब मुकेश अपने भाई को बचाने आगे आया, तो तीसरे बदमाश ने तलवार से उस पर भी हमला कर उसे घायल कर दिया। इसके बाद बदमाश गल्ले में रखी नकदी समेटकर मौके से फरार हो गए।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर, हालत नाजुक
लूटपाट और फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हुए, आरोपी भाग चुके थे। खून से लथपथ दोनों भाइयों को तुरंत नागरिक अस्पताल रतिया ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने रणजीत सिंह की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां वह जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
एक्शन में पुलिस: तीन स्पेशल टीमें गठित, CCTV खंगालने में जुटी
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना प्रभारी शीशपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मुकेश की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और लूटपाट की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
