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दक्षिण कोरिया का बड़ा खुलासा: यूक्रेन के खिलाफ लड़ते हुए 4700 उत्तर कोरियाई सैनिक हताहत
30 Apr, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सियोल। रूस के साथ मिलकर यूक्रेनी सेना के खिलाफ लड़ रहे 4,700 उत्तर कोरियाई सैनिक अबतक हताहत हो चुके हैं। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने बुधवार को सांसदों को यह जानकारी दी। यह आकलन उत्तर कोरिया द्वारा पहली बार पुष्टि किए जाने के दो दिन बाद आया है।
उत्तर कोरिया की ओर से कहा गया था कि उसने रूस को कुर्स्क क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर फिर से कब्जा करने में मदद के लिए अपने सैनिक भेजे थे। संसदीय समिति की बैठक में भाग लेने वाले सांसद ली सेओंग क्वेउन ने कहा कि जनवरी और मार्च के बीच 2,000 घायल उत्तर कोरियाई सैनिकों को उत्तर कोरिया वापस भेजा गया।
किम जोंग ने मिसाइल टेस्ट का किया अवलोकन
वहीं, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने हाल ही में लांच नौसेना के युद्धपोत से मिसाइल प्रशिक्षण का अवलोकन किया।
5,000 टन वजनी युद्धपोत का अनावरण
उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्ते 5,000 टन वजनी विध्वंसक युद्धपोत का अनावरण किया था। यह उसके सबसे शक्तिशाली हथियारों से लैस है। पश्चिमी बंदरगाह नम्पो में शुक्रवार को लां¨चग समारोह के दौरान किम ने जहाज के निर्माण को नौसेना बलों के आधुनिकीकरण में बड़ी सफलता करार दिया था।
हिंदू संत चिन्मय दास पर देशद्रोह का आरोप, फिलहाल अदालत से मिली राहत
30 Apr, 2025 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को बड़ी राहत मिली है। चिन्मय दास को अदालत से जमानत मिल गई है। बता दें कि चिन्मय देशद्रोह के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। उन पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप है। हालांकि, फिलहाल उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
पिछले साल किया गया था गिरफ्तार
बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता और इस्कॉन के पूर्व नेता चिन्मय कृष्ण दास को पिछले साल 25 नवंबर को ढाका एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। उन पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप है और उन पर देशद्रोह का आरोप है।
2 जनवरी को चटगांव की निचली अदालत द्वारा उनकी याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन किया था। फरवरी में, बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने सरकार से यह बताने के लिए कहा था कि दास को जमानत क्यों नहीं दी जानी चाहिए, जिसकी पुष्टि उनके वकील ने की है।
चिन्मय कृष्णा दास के वकील ने कही ये बात
दास के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने दिए बयान में कहा, "बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने सरकार से दो सप्ताह के भीतर फैसले पर जवाब देने को कहा था।"
चटगांव में 2 जनवरी की सुनवाई के दौरान दास के बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि वह मातृभूमि के प्रति गहरा सम्मान रखता है, जो उसकी मां के प्रति श्रद्धा के बराबर है और वह देशद्रोही नहीं है। इन तर्कों के बावजूद, अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दी थी।
'वे देशद्रोही नहीं हैं'
भट्टाचार्य ने कहा, "हमने अदालत को बताया कि चिन्मय कृष्णा दास अपनी मां की तरह मातृभूमि का सम्मान करते हैं और वह देशद्रोही नहीं हैं।" मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैफुल इस्लाम की अगुवाई वाली अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों के बाद जमानत देने के खिलाफ फैसला सुनाया था।
चटगांव की अदालत ने मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैफुल इस्लाम की अगुवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत खारिज कर दी थी। मेट्रोपॉलिटन पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एडवोकेट मोफिजुर हक भुइयां ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया था।
पाकिस्तान में 50 डिग्री तापमान की चेतावनी, बना सकता है दुनिया का सबसे गर्म अप्रैल
30 Apr, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक ओर कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को भारत की सैन्य कार्रवाई का डर सता रहा है. पीएम मोदी ने सेना को आतंक के खिलाफ फ्री हैंड दे दिया है यानि अब कार्रवाई का तरीका, समय और लक्ष्य सेना तय करेगी. इस बीच पाकिस्तान सरकार के मंत्री भी दावा कर रहे हैं कि भारत अगले 24 से 36 घंटे में हमला कर सकता है.
लेकिन असली खतरा पाकिस्तान के लिए कहीं और से आ रहा है. ये खतरा पाकिस्तान को सिंधु नदी से नहीं बल्कि सीधे आसमान से आ रही है. देश के कई इलाकों में तापमान 50 डिग्री के पार जाने की कगार पर है. दरअसल पाकिस्तान इस हफ्ते एक भीषण गर्मी की चपेट में है. दक्षिणी और मध्य पाकिस्तान में पिछले हफ्ते के अंत में ही तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.
2018 में बना था रिकॉर्ड
अब अगले कुछ दिनों में यानी बुधवार और गुरुवार को यह तापमान 49 डिग्री को भी पार कर सकता है. अगर ये आंकड़ा पार होता है तो अप्रैल महीने में दर्ज हुआ दुनिया का सबसे गर्म दिन बन सकता है. नवाबशाह जैसे इलाकों में तो मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तापमान 50 डिग्री को भी पार कर सकता है. इससे पहले 2018 में इसी महीने में 50 डिग्री तापमान का रिकॉर्ड बना था.
इन देशों में भी हालात बुरे
पाकिस्तान ही नहीं, इस हफ्ते दुनियाभर के 21 देशों में तापमान 110 फारेनहाइट (करीब 43 डिग्री सेल्सियस) से ऊपर रहने का अनुमान है. इनमें भारत, ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, सूडान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं. गर्मी की ये लहरें अब धीरे-धीरे चीन की ओर बढ़ रही हैं और मध्य एशिया में भी तापमान 38 डिग्री से ऊपर पहुंचने का अनुमान है.
जलवायु परिवर्तन का बढ़ता असर
वैश्विक तापमान के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2025 अब तक का दूसरा सबसे गर्म अप्रैल बन सकता है, साल की पहली तिमाही भी रिकॉर्ड गर्म रही है. विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं. वैज्ञानिक मॉडल्स के अनुसार, इस बार तापमान के अनुमान 2-3 डिग्री तक कम आंके गए थे. यानी असल तापमान और भी ज्यादा हो सकता है.
पाकिस्तान की बौखलाहट, सिंधु जल संधि पर न्याय के लिए इंटरनेशनल कोर्ट में गुहार
30 Apr, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि समझौता हुआ था। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा एक्शन लेते हुए सिंधु जल संधि को खत्म करने का फैसला लिया है, जिसे लेकर पाकिस्तान बौखला गया है। सिंधु जल संधि को लेकर भारत द्वारा लिए गए एक्शन में कुछ राहत पाने के लिए पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट जाने का प्लान बना रहा है। बता दें, साल 1965, 1971 और 1999 में दोनों देशों के बीच हुए तीन युद्धों के बाद भी यह संधि कायम रही थी। लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत से इसे खत्म करने का फैसला लिया है।
भारत के खिलाफ एक्शन लेगा पाक?
पहले से ही जल संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने इस नई मुसीबत का समाधान खोजन शुरू कर दिया है। अपने प्लान को लेकर पाक के कानून और न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने कहा कि पाकिस्तान तीन अलग-अलग विकल्पों पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा वह विश्व बैंक के सामने भी इस मुद्दे को उठा सकता है। पाक इंटरनेशनल कोर्ट में आरोप लगा सकता है कि भारत ने संधियों के कानून पर 1969 के वियाना कन्वेनेंशन का उल्लंघन किया है। साथ ही पाकिस्तान इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी उठा सकता है।
पाकिस्तान का प्लान होगा फेल
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) पूरी तरह से राज्यों की सहमति पर आधारित है।
इसमें राज्यों को क्षेत्राधिकार की घोषणाओं के जरिए अपनी स्वकृति पूरी तरह से या आंशिक रूप से घोषित करनी होती है।
27 सितंबर साल 2019 को भारत ने ICJ की क्षेत्राधिकार को अनिवार्य रूप से मान्यता देने वाली एक घोषणा पेश की थी।
घोषणा में भारत ने उन 13 उपवादों के बारे में बताया था, जिनमें भारत पर ICJ का क्षेत्राधिकार लागू नहीं होगा।
इसमें एक अपवाद ये है कि ICJ के पास किसी ऐसे राज्य की सरकार के साथ विवादों के लिए क्षेत्राधिकार नहीं होगा जो राष्ट्रमंडल देशों का सदस्य है या रहा हो।
पाकिस्तान ICJ का सदस्य है तो वह भारत को ICJ में नहीं ले सकता है।
ICJ के पास शत्रुता, सशस्त्र संघर्ष, आत्मरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा के लिए उठाए गए कदमों से जुड़े मामलों पर भी क्षेत्रधिकार नहीं होगा।
विश्व बैंक क्यों नहीं कर सकता मदद?
पाकिस्तान इस संधि को लेकर विश्व बैंक के सामने भी गुहार लगाने का प्लान बना रहा है, लेकिन विश्व बैंक के पास भी सिंधु जल संधि को लेकर कोई क्षेत्राधिकार नहीं है, सिवाय दोनों पक्षों के बीच संधि या सुलह करवाने के।
विश्व बैंक सिर्फ एक सलाहकार के रूप में अपनी सुविधा दे सकता है। 1960 में भी विश्व बैंक ने मध्यस्थ के रूप में भारत-पाक के बीच सिंधु जल संधि करवाई थी। वहीं इसके किसी भी सुझाव या सिफारिश को अस्वीकार भी किया जा सकता है।
सीमा तनाव के बीच मरियम नवाज का उकसावे भरा बयान, दी परमाणु हमले की धमकी
30 Apr, 2025 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाई लेवल मीटिंग की थी। पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान के नेताओं की तरफ से लगातार बेवजह की बयानबाजी की जा रही है और गीदड़भभकी दी जा रही है।
इस बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने अपना बयान जारी कर कहा है कि कोई भी पाकिस्तान पर इतनी आसानी से हमला नहीं कर सकता है, क्योंकि उसके पास परमाणु शक्ति है।
मरियम नवाज का बयान
बता दें, मरियम ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर कोई भी बयान जारी नहीं किया था। उन्होंने पहली बार भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर बयान दिया है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ PML-N के प्रमुख नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "आज भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव मंडरा रहा है। लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अल्लाह ने पाकिस्तानी सेना को देश की रक्ष की ताकत दी है।"
उन्होंने कहा, "कोई भी पाकिस्तान पर इतनी आसानी से हमला नहीं कर सकता, क्योंकि हम एक परमाणु शक्ति हैं। चाहे हमारी कोई भी राजनीतिक संबद्धता क्यों न हो, हमें किसी भी बाहरी आक्रमण के खिलाफ सशस्त्र बलों के पीछे स्टील की दीवार की तरह एकजुट रहना चाहिए।"
नवाज शरीफ की बेटी ने अपने पिता को दिया परमाणु शक्ति का श्रेय
मरियम ने कहा, "पाकिस्तान की ताकत उसके शहीदों के बलिदानों से आती है।" उन्होंने पाकिस्तान को परमाणु शक्ति बनाने का श्रेय अपने पिता को देते हुए कहा कि नवाज शरीफ ने पाकिस्तान को परमाणु शक्ति बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
हालांकि, नवाज शरीफ ने भी अभी तक पहलगाम हमले की निंदा नहीं की है और न ही इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी की है। सूत्रों के हवाले से कहा, "नवाज शरीफ चाहते हैं कि उनकी सरकार दो परमाणु संपन्न देशों के बीच शांति बहाल करने के लिए सभी उपलब्ध राजनयिक संसाधनों का उपयोग करे। नवाज आक्रामक रुख अपनाने के इच्छुक नहीं हैं।"
इससे पहले लंदन से लाहौर लौटते समय पत्रकारों ने पहलगाम हमले पर नवाज शरीफ की टिप्पणी चाही, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इस बीच, विपक्षी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री मूनिस इलाही ने पहलगाम घटना पर चुप रहने के लिए नवाज शरीफ की आलोचना की।
पाक के पूर्व विदेश मंत्री ने नवाज शरीफ पर साधा निशाना
उन्होंने ट्वीट कर पूछा, "भारत द्वारा IWT को निलंबित करने और पाकिस्तान के खिलाफ अन्य कठोर कदम उठाने के बाद नवाज शरीफ ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है। क्या नवाज-मोदी के हित पाकिस्तान के हितों से ऊपर हैं?"
इलाही ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की भी आलोचना की, जिन्होंने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि पाकिस्तान एक आतंकी देश है। इलाही ने पूछा, "क्या ख्वाजा आसिफ, जो एक 'दफा मंत्री' हैं, उनमें इस महत्वपूर्ण मोड़ पर यह स्वीकार करने की कोई शर्म बची है कि पाकिस्तान एक आतंकी देश है।"
पाक मंत्री अताउल्लाह तरार बोले- भारत किसी भी हमले के लिए जिम्मेदार होगा
30 Apr, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बुधवार को दावा किया कि पाकिस्तान के पास पुख्ता खुफिया जानकारी है कि भारत अगले 24 से 36 घंटों के भीतर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। मंत्री तरार ने कहा कि भारत इस कार्रवाई के लिए पहलगाम घटना को झूठा बहाना बना सकता है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, "पाकिस्तान के पास ऐसी पुख्ता इंटेलिजेंस है कि भारत 24 से 36 घंटों के अंदर एक फौजी हमला करने की नीयत रखता है और इसके लिए पहलगाम वाकिया को बहाना बनाया जा रहा है।"
भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं
मंत्री अताउल्लाह तरार ने आगे कहा कि अगर भारत कोई भी जंग जैसा कदम उठाता है तो पाकिस्तान की तरफ से इसका "जवाब" दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में पैदा होने वाले किसी भी संगीन नतीजे के लिए पूरी जिम्मेदारी भारत की होगी।
फिलहाल भारत सरकार की तरफ़ से इस बारे में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं आई है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में कई बार तनाव बढ़ा है, और इस तरह के आरोप अक्सर एक-दूसरे पर लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, क्षेत्र में किसी संभावित सैन्य तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा विश्लेषक इस बयान को गंभीरता से ले रहे हैं।
भूपेंद्र, दीपेंद्र और उदयभान होंगे 'संविधान बचाओ' रैलियों के चेहरे
29 Apr, 2025 07:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा कांग्रेस ने हाईकमान के निर्देश पर राज्य में ‘संविधान बचाओ’ कार्यक्रम और रैलियां करने की रूपरेखा तैयार कर ली है। इन कार्यक्रमों के लिए पार्टी ने सभी प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी सौंप दी।
कांग्रेस के राज्य स्तरीय वरिष्ठ नेताओं की जिलेवार कमेटियां बनाकर ड्यूटी लगाई गई है। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह नई दिल्ली में हुई बैठक में राज्य में संविधान बचाओ कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया है।
इन कार्यक्रमों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी उदयभान और रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा विशेष रूप से शामिल होंगे।
रैलियों के लिए इन्हें मिली जिम्मेदारी
हरियाणा कांग्रेस के तीनों कार्यकारी प्रधान जितेंद्र भारद्वाज, रामकिशन गुर्जर और सुरेश गुप्ता को भी विभिन्न जिलों में कार्यक्रमों के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने जो लिस्ट जारी की है, उसमें कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला व कैप्टन अजय यादव गुट के नेताओं को भी स्थान दिया गया है।
कांग्रेस हाईकमान के निर्देशों के मुताबिक राज्य में 25 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच प्रदेश स्तरीय रैलियां की जानी थी, लेकिन हरियाणा में प्रदेश स्तरी रैलियां होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। जिला व हलका स्तर के कार्यक्रमों की रूपरेखा बन चुकी है।
तीन से 10 मई तक जिला स्तर पर संविधान बचाओ रैलियां होंगी। इसके बाद 11 से 17 मई तक विधानसभा स्तरीय रैलियां होंगी। 20 से 30 मई तक प्रदेश में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
अंबाला व पंचकूला में कमान संभालेंगे वरुण चौधरी
कांग्रेस ने अंबाला व पंचकूला जिलों की कमेटियों की कमान अंबाला के सांसद वरुण चौधरी को सौंपी है। अंबाला की कमेटी में कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष रामकिशन गुर्जर को सह-इंचार्ज लगाया गया है। अंबाला शहर के विधायक निर्मल सिंह कन्वीनर होंगे।
नारायणगढ़ की विधायक शैली गुर्जर व मुलाना की विधायक पूजा चौधरी को कमेटी में बतौर सदस्य शामिल किया गया है। पंचकूला की कमेटी में विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई कन्वीनर होंगे, जबकि पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी को सदस्य बनाया गया है। यमुनानगर की कमेटी के चेयरमैन भी सांसद वरुण मुलाना होंगे। उनके साथ अकरम खान, रमन त्यागी व रेणु बाला की ड्यूटी लगाई गई है।
तीन से 10 मई तक जिला स्तर पर संविधान बचाओ रैलियां होंगी। इसके बाद 11 से 17 मई तक विधानसभा स्तरीय रैलियां होंगी। 20 से 30 मई तक प्रदेश में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
अंबाला व पंचकूला में कमान संभालेंगे वरुण चौधरी
कांग्रेस ने अंबाला व पंचकूला जिलों की कमेटियों की कमान अंबाला के सांसद वरुण चौधरी को सौंपी है। अंबाला की कमेटी में कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष रामकिशन गुर्जर को सह-इंचार्ज लगाया गया है। अंबाला शहर के विधायक निर्मल सिंह कन्वीनर होंगे।
नारायणगढ़ की विधायक शैली गुर्जर व मुलाना की विधायक पूजा चौधरी को कमेटी में बतौर सदस्य शामिल किया गया है। पंचकूला की कमेटी में विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई कन्वीनर होंगे, जबकि पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी को सदस्य बनाया गया है। यमुनानगर की कमेटी के चेयरमैन भी सांसद वरुण मुलाना होंगे। उनके साथ अकरम खान, रमन त्यागी व रेणु बाला की ड्यूटी लगाई गई है।
कुरुक्षेत्र अशोक अरोड़ा और सोनीपत ब्रह्मचारी के पास
कुरुक्षेत्र जिले की कमेटी के चेयरमैन पूर्व स्पीकर व विधायक अशोक अरोड़ा होंगे। उनके साथ रामकरण काला, मनदीप सिंह चट्ठा व मेवा सिंह को जोड़ा गया है। कैथल की कमेटी के चेयरमैन विधायक आदित्य सुरजेवाला होंगे। उनके साथ विकास साहरण, देवेंद्र हंस व सुल्तान सिंह जड़ौला को लगाया गया है।
सोनीपत के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी को जींद व सोनीपत की कमेटियों का चेयरमैन लगाया गया है। जींद में उनके साथ सुभाष गंगोली, महावीर गुप्ता, बृजेंद्र सिंह, विनेश फोगाट व सतबीर सिंह होंगे।
सोनीपत की कमेटी में इंदुराज नरवाल, सुरेंद्र पंवार, जगबीर सिंह मलिक, कुलदीप शर्मा, जयवीर सिंह वाल्मीकि व जयभगवान आंतिल को शामिल किया गया है।
दीपेंद्र संभालेंगे रोहतक, झज्जर व रेवाड़ी जिले
रोहतक, झज्जर व रेवाड़ी जिलों की कमेटियों का नेतृत्व रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने हाथों में लिया है। दीपेंद्र के साथ बीबी बतरा, शकुंतला खटक व बलराम दांगी जोड़े गए हैं।
झज्जर में गीता भुक्कल, रघुबीर सिंह कादियान, कुलदीप वत्स और राजेंद्र जून की ड्यूटी लगी है। रेवाड़ी की कमेटी में दीपेंद्र का सहयोग पूर्व विधायक चिरंजीव राव, एमएल रंगा व जगदीश यादव करेंगे।
सिरसा-फतेहाबाद में सैलजा को कमान
सिरसा व फतेहाबाद जिलों की कमान पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा को दी है। सिरसा जिले में सैलजा के साथ शीशपाल केहरवाला, भरत सिंह बेनीवाल, गोकुल सेतिया, अमित सिहाग व सर्वमित्र कांबोज की ड्यूटी लगाई गई है। फतेहाबाद जिले में परमवीर सिंह, बलवान सिंह दौलतपुरिया व जरनैल सिंह कुमारी सैलजा का सहयोग करने के लिए कमेटी में काम करेंगे।
हिसार का नेतृत्व करेंगे जयप्रकाश ‘जेपी’
हिसार जिले में होने वाली जिला व हलका स्तर की रैलियों की रूपरेखा यहां से सांसद जयप्रकाश ‘जेपी’ तैयार करेंगे। उकलाना विधायक नरेश सेलवाल को जेपी के साथ कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है।
आदमपुर विधायक चंद्रप्रकाश, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला, अनिल मान व राहुल मक्कड़ को कमेटी में बतौर सदस्य शामिल किया है।
करनाल संसदीय क्षेत्र में दिव्यांशु बुद्धिराजा
करनाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके दिव्यांशु बुद्धिराजा को करनाल व पानीपत जिले का चेयरमैन लगाया गया है। पानीपत में उनके साथ वीरेंद्र कुमार शाह, धर्म सिंह छोक्कर, बलबीर सिंह वाल्मीकि व सचिन कुंडू काम देखेंगे।
इसी तरह से करनाल जिला में उनका सहयोग करने के लिए पार्टी ने सुरेश गुप्ता, सुमिता सिंह, राकेश कांबोज, धर्मपाल सिंह गोंदर, शमशेर सिंह गोगी व वीरेंद्र सिंह राठौर को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।
दीपेंद्र हुड्डा का आरोप: 'सत्ता के नशे में चूर बीजेपी नेताओं से पुलिस भी खौफज़दा'
29 Apr, 2025 07:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है. दरअसल, कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि हरियाणा पुलिस के डीएसपी जितेंद्र सिंह बीजेपी नेता मनीष सिंगला के सामने मांफी मांगते नजर आ रहे हैं. वीडियो शेयर कर कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया है कि सत्ता और अहंकार के नशे में चूर होकर बीजेपी नेता अब पुलिस अधिकारियों ने मांगी मंगवा रहे हैं.
दरअसल, सीएम के कार्यक्रम में डीएसपी जितेंद्र सिंह बीजेपी नेता को पहचान नहीं पाए थे. इसलिए उनसे मांफी मंगवाई गई. जानकारी के मुताबिक, साइक्लोथॉन कार्यक्रम के दौरान मंच पर बीजेपी के कई नेता मौजूद थे. इस दौरान डीएसपी जितेंद्र सिंह ओडिशा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल के बेटे मनीष सिंघला को पहचान नहीं पाए, और उनको मंच से नीचे उतार दिया था. इसी वजह से उनसे सार्वजनिक मांफी मंगवाई गई और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया.
माफी मांगने का वीडियो वायरल
वीडियो में देखा और सुना जा सकता है कि डीएसपी जितेंद्र सिंह मांफी मांग रहे हैं. उनके द्वारा कहा गया कि उनकी मांशा किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था. अगर किसी को मेरे द्वारा तकलीफ हुई है तो मांफी मांगता हूं. वहीं बीजेपी नेता मनीष सिंगला द्वारा इस मामले को यहीं खत्म कर दिया गया. उन्होंने कहा कि जो भी हुआ वो अंजाने में हुआ उनकी तरफ से अब कोई शिकायत नहीं है.
दीपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी को घेरा
कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने वीडियो शेयर कर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सत्ता और अहंकार का नशा बीजेपी नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है. बीजेपी नेता हरियाणा पुलिस के डीएसपी से मांफी मंगवा रहे हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा की वजह सिर्फ इतनी है कि वो सीएम के कार्यक्रम में बीजेपी नेता को पहचान नहीं पाए. उन्होंने आगे लिखा कि सीएम के करीबी साथी सरकार और वर्दी दोनों की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं.
कनाडा से आई दुखद खबर, पंजाब के नेता की बेटी वंशिका मृत मिली
29 Apr, 2025 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा के आम चुनाव के मंगलवार को नतीजे आए हैं. जहां हर तरफ लिबरल पार्टी की जीत की खबरें चल रही थी इस बीच भारत के लिए कनाडा से एक बुरी खबर आई है. कनाडा में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों से लापता 21 साल की भारतीय छात्रा ओटावा में अपने कॉलेज के पास एक समुद्र तट पर मृत पाई गई.
पंजाब के डेरा बस्सी से स्थानीय आप नेता की बेटी वंशिका 25 अप्रैल को लापता हो गई थी, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया और मंगलवार को उनका शव समुद्र किनारे से बरामद हुआ. भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा,”ओटावा में भारत की छात्रा सुश्री वंशिका की मृत्यु की सूचना पाकर हमें गहरा दुख हुआ है. मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है और स्थानीय पुलिस मामले की जांच की जा रही है.” खबर के बाद से पंजाब समेत पूरे देश में शौक का महौल है.
कैसे लापाता हुई वंशिका
वंशिका को लेकर की गई एक फेसबुक पोस्ट के मुताबिक वंशिका शुक्रवार 25 अप्रैल को रात 8-9 बजे के आसपास अपने घर से किराये का कमरा देखने के लिए निकली थी और तब से घर नहीं लौटी है.
ओटावा में हिंदू समुदाय द्वारा की गई अपील में कहा गया था, “वंशिका शुक्रवार, 25 अप्रैल, 2025 की शाम से लापता है. वह किराये का कमरा देखने के लिए रात 8-9 बजे के आसपास 7 मैजेस्टिक ड्राइव स्थित अपने घर से निकली थी. उसका फोन उस रात लगभग 11:40 बजे बंद है और वह अगले दिन एक महत्वपूर्ण परीक्षा भी नहीं दे पाई थी – जो उसके स्वभाव के बिल्कुल विपरीत था. उसके परिवार और दोस्तों के ढूंढने के बाद भी उसके ठिकाने के बारे में कोई संपर्क या जानकारी नहीं मिल पाई है.”
अमेरिका में ट्रक चलाना है तो पहले सीखो अंग्रेजी – ट्रंप का नया फरमान
29 Apr, 2025 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में वापसी के बाद से युद्ध स्तर पर अपने चुनावी वादों को पूरा करने में लगे हैं. इसके लिए ट्रंप आए दिन नए-ए आदेश पारित कर रहे हैं. ऐसा एक आदेश ट्रंप ने ट्रंक ड्राइवरों को लेकर दिया है, जिसने भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों के लिए चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमेरिका में ट्रक चालकों के लिए अंग्रेजी में दक्षता हासिल करना अनिवार्य कर दिया गया है.
इस अनिवार्यता ने सिख अधिकार समूहों के बीच चिंता पैदा कर दी है. उनका कहना है कि इससे रोजगार में भेद-भाव बढ़ सकता है और नौकरी में बेवजह की रुकावट पैदा हो सकती है. कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि अमेरिका के ट्रक ड्राइवर देश की अर्थव्यवस्था, इसकी सुरक्षा और अमेरिकी लोगों की आजीविका की मजबूती के लिए ये आवश्यक है.
अंग्रेजी सीखना क्यों जरूरी?
सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है, “अंग्रेजी में दक्षता (Proficiency in English), जिसे ट्रंप ने अमेरिका की आधिकारिक राष्ट्रभाषा के रूप में नामित किया है. पेशेवर ड्राइवरों के लिए अंग्रेजी आना जरूरी है. ताकी वो ट्रैफ़िक सिग्नल को पढ़ने और समझने में सक्षम हो सके. साथ ही ट्रैफिक सुरक्षा, सीमा गश्त, कृषि चौकियों और कार्गो वजन-सीमा स्टेशन अधिकारियों के साथ बात कर सके”
आदेश पर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने आदेश में कहा, “मेरा प्रशासन अमेरिकी ट्रक चालकों, ड्राइवरों, यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए कानून लागू करेगा, जिसमें सुरक्षा प्रवर्तन नियमों को बरकरार रखना भी शामिल है, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि वाणिज्यिक वाहन चलाने वाला कोई भी व्यक्ति हमारी राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी में उचित रूप से योग्य और कुशल हो.”
पाकिस्तान ने फिर दोहराई पुरानी गलती, एयर रूट बंद कर बैठा आर्थिक नुकसान में
29 Apr, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव का माहौल है। पाकिस्तान को डर है कि भारत उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है, इसलिए पाकिस्तान अलर्ट मोड में है। पाकिस्तान ने पहले एयर रूट बंद करके मिसाइल परीक्षण किया और एक बार फिर पाकिस्तान ने 2 दिन के लिए एयर रूट बंद करने का फैसला लिया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने NOTAM (Notice to Airmen) जारी करके 28 से 30 अप्रैल के बीच लाहौर और इस्लामाबाद के बीच एयर रूट बंद रखने का ऐलान किया है, क्योंकि पाकिस्तान को इस एरिया में मिलिट्री प्रैक्टिस करनी है। लेकिन एयर रूट बंद करके पाकिस्तान ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है, क्योंकि एयर रूट बंद होने से पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
नहीं मिलेगी प्रति उड़ान मिलने वाली फीस
एक्सपर्ट के अनुसार, एयर स्पेस बंद होने से पाकिस्तान को प्रति उड़ान मिलने वाली फीस नहीं मिलेगी। पाकिस्तान ने अपना एयर स्पेस बंद करके दुनिया के तीसरे सबसे बड़े एविएशन मार्केट इंडिया से मिलने वाली ओवरफ्लाइट फीस खो दी है। हर रोज 400 से 500 उड़ानें प्रभावित होंगी।
पुलवामा आतंकी हमला 2019 के बाद भी पाकिस्तान ने अपना एयर स्पेस बंद किया था तो 10 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाया था। हर रोज 400 से ज्यादा फ्लाइट्स बाधित हुई थीं। साल 2019 में पाकिस्तान ने हर रोज 3 लाख डॉलर का नुकसान उठाया था। पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पाकिस्तान एयरलाइंस को करोड़ों का नुकसान हुआ था।
हवाई एरिया पार करने पर वसूली जाती फीस
वर्तमान में 58000 डॉलर प्रतिदिन का नुकसान पाकिस्तान उठाएगा। क्योंकि भारतीय एयरलाइंस ने पाकिस्तान के एयर रूट का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इससे पाकिस्तान को प्रति उड़ान मिलने वाली फीस नहीं मिल रही है। बोइंग 777 समेत कई विमान भारत से उड़ान भरते हैं, लेकिन वे पाकिस्तान के रास्ते नहीं जाते।
बोइंग 777 का वजन बोइंग 737 से 3 गुना ज्यादा है। पाकिस्तान वजन के अनुसार 580 डॉलर से 1700 डॉलर प्रति उड़ान ओवरफ्लाइट फीस लेता है, जो उसे भारतीय एयरलाइंस से नहीं मिल रही है। शुल्क की दरें विमान के वजन और फ्लाइट की दूरी के अनुसार तय होती हैं। यह फीस किसी देश के हवाई क्षेत्र को पार करने के बदले वसूली जाती है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अस्पताल में भर्ती, तबीयत को लेकर चिंता
29 Apr, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम अटैक के बाद पाकिस्तान के प्रति भारत सख्त हो गया है। भारत ने पाक के प्रति सख्त रवैया अपनाते हुए सिंधु जल संधि तोड़ दी। पाकिस्तानी वीजा रद्द कर दिया और भारत में रह रहे पाकिस्तानियों को देश छोड़ने का फरमान दे दिया है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की तो हवाइयां ही उड़ गई हैं और वो बीमार पड़ गए हैं। शाहबाज शरीफ अस्पताल में एडमिट हैं।
अस्पताल में एडमिट पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ अस्पताल में एडमिट हैं। हालांकि अभी पता नहीं चला है कि उन्हें हुआ क्या है। शाहबाज शरीफ के अस्पताल एडमिट होने के बारे में अस्पताल के पेपर से पता चला जिसमें साफ लिखा है कि वो बीमार हैं। अभी इस बारे में कुछ पता नहीं है कि उन्हें क्या हुआ है।
कब हुए भर्ती
शाहबाज शरीफ के एडमिट होने का अस्पताल का जो पेपर सामने आया है उसमें 27 अप्रैल तारीख डाली हुई है। ऐसे में ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वो 27 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती हो गए थे। हालांकि इस बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं मिली है।
जानकारी गुप्त रखने की बात कही
शाहबाज शरीफ के अस्पताल के पेपर में ये भी लिखा है कि उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर को गुप्त रखा जाए। मीडिया को इस बारे में कोई जानकारी न दी जाए। बता दें कि शाहबाज शरीफ रावलपिंडी के एक अस्पताल में भर्ती हैं।
कनाडा में जगमीत सिंह का खेल खत्म, एनडीपी को मिली सिर्फ 7 सीटें
29 Apr, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खालिस्तान समर्थक और कनाडा के मशहूर नेता जगमीत सिंह को बड़ा झटका लगा है. कनाडा के आम चुनाव में जगमीत की एनडीपी पार्टी की करारी हार हुई है. जगमीत खुद भी चुनाव हार गए हैं. हार के बाद जगमीत ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है.
मीडिया के मुताबिक एनडीपी को पूरे चुनाव में सिर्फ 7 सीटों पर जीत मिली है. जगमीत खुद की सीट पर तीसरे नंबर पर पहुंच गए, जिसके बाद उनके राजनीतिक करियर खत्म होने की चर्चा भी शुरू हो गई.
हार के बाद जगमीत ने क्या कहा?
शुरुआती नतीजे के बाद जगमीत ने कार्यकर्ताओं से बात की. जगमीत ने कहा- मैंने मूवमेंट को कमजोर नहीं पड़ने दिया, लेकिन जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया. मैं निराश जरूर हूं, लेकिन हारा नहीं. आगे कोशिश करूंगा.
जगमीत ने भावुक होकर अपने इस्तीफे की घोषणा की. 2021 के चुनाव में जगमीत की पार्टी को 25 सीटों पर जीत मिली थी. जगमीत की पार्टी सरकार में किंगमेकर की भूमिका में थी.
जगमीत सिंह के बारे में जानिए
सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले जगमीत सिंह की गिनती कनाडा के बड़े राजनेताओं में होती है. राजनीति में आने से पहले जगमीत वकालत करते थे. इसी दौरान वे खालिस्तान मूवमेंट को लेकर सक्रिय रहे.
जगमीत पर खालिस्तान समर्थकों को कानूनी सहायता मुहैया कराने का आरोप है. भारत ने जगमीत को बैन कर रखा है. जगमीत कनाडा में अपने सिख राजनीति को चमकाने के लिए खालिस्तान मूवमेंट का सहारा लिया.
कनाडा में सिख को अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा है. यहां की सिखों की कुल 2.1 प्रतिशत आबादी है.
ट्रूडो की पार्टी की सत्ता में वापसी
जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी फिर से सत्ता में वापस आ रही है. लिबरल पार्टी 166 सीटों पर जीतती नजर आ रही है. कनाडा में सरकार बनाने के लिए 172 सांसदों की जरूरत होती है. लिबरल को पिछली बार से 9 सीटें ज्यादा मिलती दिख रही है.
हालांकि, इस बार ट्रूडो की जगह मार्क कार्नी कनाडा के प्रधानमंत्री बनेंगे. दरअसल, लिबरल पार्टी के इंटरनल सिस्टम में ट्रूडो की जगह कार्नी को प्रधानमंत्री घोषित किया है.
वहीं कंजरवेटिव पार्टी को करीब 145 सीटों पर जीत मिल रही है. कंजरवेटिव पार्टी फिर से सत्ता से दूर हो गई है.
अमेरिका, चीन और रूस शीर्ष पर, हथियारों की होड़ में शामिल भारत
29 Apr, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनिया में तीसरा विश्व युद्ध कब छिड़ जाए, इसका किसी को पता नहीं. तीन मोर्चे पर तो वैसे ही तनाव चल रहा है. रूस-यूक्रेन, इजराइल-गाजा और अब भारत पाकिस्तान. हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच जंग तो नहीं चल रही है, लेकिन जो तनाव बना है वो कभी भी जंग का रूप ले सकता है. तीन मोर्चे पर जारी इस तनाव ने हथियारों की बिक्री भी खूब बढ़ा दी है. इसमें सबसे ज्यादा खर्च तो वो देश कर रहे हैं जो दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में हथियारों के खर्च में 9.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसमें 2718 बिलियन खर्च किया गया है. कोल्ड वार के बाद ये सबसे बढ़ा इजाफा है.
शांति की बात करने वाले यूरोप के देश और मिडिल ईस्ट के देशों ने हथियारों पर सबसे ज्यादा खर्च किया है. एसआईपीआरआई के आंकड़ों के अनुसार, सैन्य पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले देश अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी और भारत हैं. वैश्विक सैन्य खर्च में इनका 60 प्रतिशत योगदान है.
स्टडी में और क्या कहा गया?
शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से वैश्विक सैन्य खर्च में ये सबसे ज्यादा वृद्धि है. दुनिया भर के 100 से अधिक देशों ने 2024 में अपने सैन्य खर्च में वृद्धि की है. एसआईपीआरआई के शोधकर्ता जिओ लियांग ने कहा कि चूंकि सरकारें अक्सर अन्य बजट क्षेत्रों की कीमत पर सैन्य सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं, इसलिए आर्थिक और सामाजिक व्यापार-नापसंद आने वाले वर्षों में समाजों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं.
सबसे ज्यादा खर्च यूरोप के देशों ने किया है. इसमें 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो 693 बिलियन डॉलर हो गया है. 2024 में वैश्विक वृद्धि में इनका मुख्य योगदान रहा है. यूक्रेन में जंग के कारण पूरे महाद्वीप में सैन्य खर्च बढ़ता रहा जिससे यूरोपीय सैन्य खर्च शीत युद्ध के अंत में दर्ज किए गए स्तर से आगे निकल गया. माल्टा को छोड़कर सभी यूरोपीय देशों ने 2024 में अपने सैन्य खर्च में वृद्धि की.
रूस ने कितना खर्च किया?
रूस का सैन्य खर्च 2024 में 149 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो 2023 से 38 प्रतिशत की वृद्धि और 2015 के स्तर से दोगुना है. यह रूस के सकल घरेलू उत्पाद का 7.1 प्रतिशत और रूसी सरकार के कुल खर्च का 19 प्रतिशत है. यूक्रेन का कुल सैन्य खर्च 2.9 प्रतिशत बढ़कर 64.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो रूस के खर्च का 43 प्रतिशत है. सकल घरेलू उत्पाद के 34 प्रतिशत के साथ यूक्रेन पर 2024 में किसी भी देश की तुलना में सबसे बड़ा सैन्य बोझ था.
शोधकर्ता डिएगो लोपेस दा सिल्वा ने कहा, रूस ने एक बार फिर अपने सैन्य खर्च में वृद्धि की है, जिससे यूक्रेन के साथ खर्च का अंतर बढ़ गया है. यूक्रेन वर्तमान में अपने सभी कर राजस्व को अपनी सेना को आवंटित करता है. ऐसी तंग वित्तीय स्थिति में यूक्रेन के लिए अपने सैन्य खर्च को बढ़ाना चुनौतीपूर्ण होगा.
मध्य और पश्चिमी यूरोप के कई देशों ने 2024 में अपने सैन्य खर्च में अभूतपूर्व वृद्धि देखी. जर्मनी का सैन्य खर्च 28 प्रतिशत बढ़कर 88.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिससे यह मध्य और पश्चिमी यूरोप में सबसे ज्यादा खर्च करने वाला और दुनिया में चौथा सबसे ज्यादा खर्च करने वाला देश बन गया. पोलैंड का सैन्य खर्च 2024 में 31 प्रतिशत बढ़कर 38.0 बिलियन डॉलर हो गया, जो पोलैंड के सकल घरेलू उत्पाद का 4.2 प्रतिशत है.
नाटो के सदस्य देशों ने कितना खर्च किया?
नाटो के सदस्य देशों में से 18 ने अपनी सेनाओं पर जीडीपी का कम से कम 2.0 प्रतिशत खर्च किया. अमेरिका के सैन्य खर्च में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई. यह 997 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो कि नाटो के कुल खर्च का 66 प्रतिशत और 2024 में विश्व सैन्य खर्च का 37 प्रतिशत था.
मिडिल ईस्ट के देशों ने भी सैन्य पर अच्छा खासा पैसा खर्च किया, जो 243 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. 2023 के मुकाबले इसमें 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी है और 2015 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है.
इजराइल का खर्च जानिए
गाजा से जंग लड़ रहे इजराइल ने 2024 में सैन्य पर 46.5 बिलियन डॉलर खर्च किया. जो 1967 की जंग के बाद सबसे ज्यादा है. इसका सैन्य बोझ जीडीपी के 8.8 प्रतिशत तक बढ़ गया, जो दुनिया में दूसरा सबसे अधिक है. आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल के कारण कई वर्षों तक कम खर्च के बाद लेबनान का सैन्य खर्च 2024 में 58 प्रतिशत बढ़कर 635 मिलियन डॉलर हो गया.
चीन और उसके पड़ोसी देशों ने भी सैन्य पर मोटा खर्च जारी रखा है. चीन ने अपने सैन्य खर्च में 7 प्रतिशत की वृद्धि की. चीन ने एशिया और ओशिनिया में कुल सैन्य खर्च का 50 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया है. जापान का सैन्य खर्च 2024 में 21 प्रतिशत बढ़कर 55.3 बिलियन डॉलर हो गया, जो 1952 के बाद सबसे बड़ी वृद्धि है. इसका सैन्य बोझ जीडीपी के 1.4 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो 1958 के बाद सबसे अधिक है. ताइवान का खर्च 2024 में 1.8 प्रतिशत बढ़कर 16.5 बिलियन डॉलर हो गया.
राजनीति में विरासत की वापसी: जयंत चौधरी की पार्टी की हरियाणा में एंट्री
28 Apr, 2025 07:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय जनतांत्रित गठबंधन (एनडीए) में शामिल राष्ट्रीय लोकदल ने रविवार को हरियाणा की राजनीति में कदम रख लिया है।
राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी का हरियाणा में विधानसभा चुनाव लड़ने का संदेश लेकर पहुंचे मुख्य संगठन महासचिव त्रिलोक त्यागी, उत्तर प्रदेश सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार और बिजनौर के सांसद चंदन चौहान ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी का गठन होने के तुरंत बाद जयंत चौधरी हरियाणा में बड़े कार्यक्रम और रैलियां करेंगे।
जयंत चौधरी देश के प्रमुख किसान नेता चौधरी चरण सिंह के पौत्र व चौधरी अजीत सिंह के बेटे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल की मजबूत पकड़ मानी जाता है।
पूर्व विधायक जगजीत सांगवान बने हरियाणा के अध्यक्ष
चरखी दादरी के पूर्व विधायक जगजीत सांगवान को राष्ट्रीय लोकदल हरियाणा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में त्रिलोक त्यागी, अनिल कुमार, चंदन चौहान और जगजीत सांगवान ने संयुक्त रूप से कहा कि हरियाणा के बाद पंजाब में पार्टी अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाएगी।
त्रिलोक त्यागी ने कहा कि जयंत चौधरी के नेतृत्व में पूरे देश में आरएलडी की प्रदेश इकाइयों का गठन किया जा रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश, राज्यस्थान, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, झारखंड, केरल व तेलंगाना में पार्टी की इकाइयों का गठन किया जा चुका है।
हरियाणा के बाद अब चार मई को पंजाब के लुधियाना में पार्टी की बैठक होगी, जिसमें प्रदेश के अनेक नेता आरएलडी में शामिल होंगे, जिसके बाद पंजाब की इकाई का भी गठन कर दिया जाएगा।
एनसीपी हरियाणा के भी अध्यक्ष रहे हैं जगजीत सांगवान
राष्ट्रीय लोकदल हरियाणा के अध्यक्ष जगजीत सांगवान दादरी विधानसभा सीट से वर्ष 2000 में एनसीपी के विधायक रह चुके हैं। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की हरियाणा इकाई के चार वर्ष तक प्रदेश अध्यक्ष व भिवानी जिला कांग्रेस के 11 वर्ष तक अध्यक्ष रह चुके हैं।
नेशनल लेबर कोआपरेटिव ऑफ इंडिया के चेयरमैन, इफको, कृभको, एनसीयूआई, नैफेड के निदेशक एवं हैफेड का वाइस चेयरमैन रहने के अलावा उनको सहकारिता क्षेत्र में देश और प्रदेश में कई दायित्व निभाने का मौका मिला है।
सांगवान वर्ष 1977-79 में दादरी कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। त्रिलोक त्यागी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के समय में हरियाणा में जैसा लोकदल था, वैसा ही लोकदल फिर से खड़ा करेंगे।
एक महीने में हो जाएगा राज्य कार्यकारिणी का गठन
मुख्य संगठन महासचिव ने दावा किया कि हरियाणा के कई दलों के नेता उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। पंजाब व हरियाणा के चुनाव में आरएलडी पूरे दमखम के साथ उतरेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि आरएलडी ने हमेशा किसानों की मांगों का मजबूती के साथ समर्थन किया है व किसानों के साथ डटकर खड़े रहे हैं।
जयंत चौधरी पूरे दमखम के साथ पार्टी के विस्तार में जुटे हुए हैं। इसके अंतर्गत पार्टी किसान नेता चौधरी चरण सिंह की नीतियों व विचारधारा को आगे बढ़ाने के काम कर रही है।
नवनियुक्त अध्यक्ष जगजीत सिंह सांगवान ने बताया कि अगले एक माह में पार्टी की राज्य कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा एवं तीन माह के अंदर जिला स्तर पर अध्यक्षों से लेकर निचले पायदान तक नियुक्तियां कर दी जाएंगी।
खेत से चोरी हुई थीं गायें: भोपाल के गोदरमऊ क्षेत्र में हुई घटना ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती।
अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप: बृजभूषण और प्रज्वल रेवन्ना मामले पर बरसीं शोभा ओझा
जशपुर में विमान हादसा: आरा पहाड़ पर एयर एम्बुलेंस क्रैश होने से मचा हड़कंप
