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दुनियाभर के 140 करोड़ कैथोलिकों को मिलेगा नया धर्मगुरु, कान्क्लेव आज से
6 May, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नए पोप के चुनाव के लिए बुधवार से कान्क्लेव शुरू होगी। ऐसा कोई नियम नहीं है कि कार्डिनल राष्ट्रीयता या क्षेत्र के हिसाब से मतदान करें, लेकिन भौगोलिक लिहाज से उनके दृष्टिकोण को समझने से उनकी प्राथमिकताएं पता चलती हैं। यही कारण है कि दुनियाभर के 140 करोड़ कैथोलिक के नए पोप का चुनाव भौगोलिक विविधता के लिहाज से ऐतिहासिक होगा।
71 देशों से प्रतिनिधित्व
फिलहाल 71 देशों में 80 वर्ष से कम उम्र के 135 कार्डिनल हैं, जिनमें से दो ने स्वास्थ्य कारणों के चलते मतदान से इन्कार कर दिया है। यानी अब 133 कार्डिनल चुनाव में पहुंचेंगे और बहुमत के लिए दो-तिहाई यानी 89 वोट की जरूरत होगी। इटली में सर्वाधिक 17 कार्डिनल हैं, जिसके बाद अमेरिका (10), ब्राजील (7), फ्रांस और स्पेन (5), अर्जेंटीना, कनाडा, भारत, पोलैंड और पुर्तगाल में चार-चार कार्डिनल हैं।
क्षेत्रवार आंकड़ों की स्थिति
अब इन्हें क्षेत्र के मुताबिक अलग किया जाए, तो वेटिकन के आंकड़ों के अनुसार, यूरोप के 53 कार्डिनल हैं और एक के बीमार होने से मतदान में 52 हिस्सा लेंगे। इसके बाद एशिया से 23, अफ्रीका के 18 में एक की खराब तबीयत के बाद 17, दक्षिण अमेरिका के 17, उत्तरी अमेरिका के 16, मध्य अमेरिका के चार और ओसियनिया के चार कार्डिनल हैं।
भिन्न-भिन्न प्राथमिकताओं का असर
अब जैसे वेटिकन लिटर्गी ऑफिस के कार्डिनल की प्राथमिकताएं उलानबटार, मंगोलिया के आर्कबिशप से अलग होंगी। यूरोप के सैकड़ों पादरियों के जिम्मेदार कार्डिनल, युद्धग्रस्त सीरिया में वेटिकन का राजदूत या सरकारी हमले से जूझ रहे मानागुआ, निकारागुआ के चर्च के आर्कबिशप से बिल्कुल अलग प्राथमिकताएं रखता होगा। इनकी यही प्राथमिकताएं नए पोप के चयन में दिख सकती हैं।
सख्त गोपनीयता की प्रक्रिया
हालांकि, दुनिया के सबसे गुप्त मतदान में किसने-किसे वोट दिया, पता किसी को नहीं चल सकेगा। कान्क्लेव से पूर्व सोमवार से कार्डिनल के सहायक कर्मचारियों ने पौलीन चैपल में गोपनीयता की शपथ लेना शुरू कर दिया। इनमें चिकित्सक, नर्स, खानसामा, चालक, लिफ्ट चालक, सफाई समेत कई जरूरी कामों से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। यह सभी कर्मचारी कान्क्लेव के दौरान बाहर नहीं जा सकेंगे। इस शपथ के टूटने का मतलब सीधे चर्च से उस व्यक्ति का निष्कासन होगा। वहीं, बुधवार से सिस्टीन चैपल में कार्डिनल शपथ लेकर कान्क्लेव की शुरुआत करेंगे।
भारत की डिफेंस वेबसाइटों पर पाकिस्तान का साइबर अटैक! खुफिया जानकारी लीक होने की आशंका
5 May, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच भारतीय सेना ने जानकारी दी है कि पाकिस्तानी हैकर्स ने भारत की अहम डिफेंस वेबसाइट्स को निशाना बनाया है और रक्षा कर्मियों की गोपनीय जानकारी लीक होने की आशंका है. सेना के अनुसार, 'पाकिस्तान साइबर फोर्स' नाम के एक एक्स हैंडल ने मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) और मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (IDSA) के डाटा में सेंधमारी की है. इस साइबर हमले में रक्षा कर्मियों के लॉगिन क्रेडेंशियल्स सहित कई गोपनीय जानकारियों के लीक होने की आशंका जताई जा रही है.
इसके अलावा यह भी रिपोर्ट किया गया है कि ग्रुप ने रक्षा मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई ‘आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड’ की आधिकारिक वेबसाइट को भी नुकसान पहुंचाने (deface) की कोशिश की. इस वेबसाइट को पाकिस्तानी झंडे और एआई का उपयोग कर के बिगाड़ा गया. भारतीय सेना ने कहा कि एहतियातन, 'आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड' की वेबसाइट को फिलहाल ऑफलाइन कर दिया गया है ताकि वेबसाइट की पूरी जांच की जा सके और यह आकलन किया जा सके कि इस साइबर हमले से कितना नुकसान हुआ है. साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा सके कि वेबसाइट की सुरक्षा बनी रहे.
इसके अलावा, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और एजेंसियां साइबर स्पेस पर कड़ी नजर रखे हुए हैं ताकि पाकिस्तान से जुड़े किसी भी संभावित खतरे या प्रायोजित साइबर हमले की तुरंत पहचान की जा सके और उससे निपटा जा सके. सेना ने कहा कि यह निगरानी भविष्य के किसी भी खतरे को तुरंत पहचानने और उसे रोकने के उद्देश्य से की जा रही है. सेना ने कहा कि जवाब में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और आगे की घुसपैठ की कोशिशों से सुरक्षा के लिए उचित और आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं.
पुतिन का भारत दौरा तय, PM मोदी का न्योता किया स्वीकार
5 May, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सालाना उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए भारत आने वाले हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। सोमवार को दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर बातचीत की। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया और पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की।
क्रेमलिन की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि नेताओं ने आतंकवाद के किसी भी स्वरूप के खिलाफ बिना किसी समझौते के लड़ाई की जरूरत पर जोर दिया। भारतीय नेता ने रूसी राष्ट्रपति को वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया। निमंत्रण को कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार किया गया।
बयान में कहा गया कि उन्होंने रूसी-भारतीय संबंधों की रणनीतिक प्रकृति पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि ये संबंध बाहरी प्रभाव से प्रभावित नहीं हैं और सभी दिशाओं में गतिशील रूप से विकसित होते रहेंगे।
पुतिन ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में पूर्ण समर्थन व्यक्त किया
इससे पहले आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की और पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पुतिन ने मोदी से यह भी कहा कि रूस आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का पूरा समर्थन करता है।
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की और भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।उन्होंने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। प्रवक्ता ने कहा, उन्होंने (पुतिन) इस बात पर जोर दिया कि इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।’
जायसवाल ने कहा कि मोदी तथा पुतिन ने ‘भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को और प्रगाढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने रूस के ‘विक्टरी डे’ की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर रूसी राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं।
25 साल के शासन पर बोले पुतिन, उत्तराधिकारी को लेकर किया बड़ा खुलासा
5 May, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस यूक्रेन युद्ध को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने में सक्षम है। रूस यूक्रेन में अपने लक्ष्य हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आवश्यकता नहीं पड़ी है, उम्मीद है कि भविष्य में भी इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।
रूस के सर्वोच्च नेता के रूप में पुतिन के 25 साल के कार्यकाल के बारे में सरकारी टेलीविजन पर रविवार को प्रसारित फिल्म ''रूस, क्रेमलिन, पुतिन, 25 वर्ष'' में जब पुतिन से पत्रकार ने यूक्रेन युद्ध से परमाणु हमले के खतरे के बारे में पूछा था तो उन्होंने कहा, वे हमें भड़काना चाहते थे ताकि हम गलतियां करें। उम्मीद है कि उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।
गौरतलब है कि पुतिन ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया था जिससे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़ा जमीनी संघर्ष शुरू हो गया। इस युद्ध में लाखों सैनिक मारे गए हैं।
अपने उत्तराधिकारी को लेकर सोचते रहते हैं पुतिन
पुतिन से जब पूछा गया कि क्या रूस के सर्वोच्च नेता के रूप में वह उत्तराधिकार के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने कहा, मैं हमेशा इसके बारे में सोचता हूं। आखिरकार चुनाव रूसी जनता को करना है। मुझे लगता है कि एक व्यक्ति या बल्कि कई लोग होने चाहिए ताकि लोगों के पास विकल्प हो।
हालांकि पुतिन का कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं है, लेकिन रूसी संविधान के अनुसार, यदि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को पूरा करने में असमर्थ हो, तो प्रधानमंत्री - वर्तमान में मिखाइल मिशुस्टिन - राष्ट्रपति पद की शक्तियां ग्रहण कर लेंगे।
केजीबी के पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल रहे हैं पुतिन
पुतिन केजीबी के पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। उन्हें 1999 में बीमार बोरिस येल्तसिन ने राष्ट्रपति पद सौंपा था। वह 2008 तक राष्ट्रपति रहे। इसके बाद 2008 से 2012 तक प्रधानमंत्री का पद संभाला।
2012 में फिर राष्ट्रपति चुने जाने के बाद लगातार इस पद पर हैं। वह जोसेफ स्टालिन के बाद सबसे लंबे समय तक क्रेमलिन के नेता रहे हैं। स्टालिन ने 1953 में अपनी मृत्यु तक 29 वर्षों तक शासन किया था।
पुतिन के विरोधी, जिनमें से अधिकांश अब या तो जेल में हैं या विदेश में, पुतिन को तानाशाह मानते हैं, वहीं पुतिन के समर्थक उन्हें जननेता मानते हैं, जिन्होंने अहंकारी पश्चिम को पीछे धकेला और 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद उत्पन्न अराजकता को समाप्त किया।
पाकिस्तान की नौसेना को मिला तुर्की का साथ, आधुनिक युद्धपोत ने बढ़ाई चिंताएं
5 May, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच तुर्की का झुकाव पाकिस्तान की तरफ बढ़ता जा रहा है. अंकारा से तुर्की वायुसेना के सी-130 विमान के कराची में उतरने के कुछ दिनों बाद, तुर्की नौसेना का एक युद्धपोत रविवार को कराची बंदरगाह पर पहुंचा. जिसने एक बार फिर भारत की चिंता बढ़ा दी है. तुर्की नौसेना के एडा-क्लास ASW कोरवेट्स का दूसरा जहाज TCG Büyükada 7 मई तक कराची में रहने की उम्मीद है.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक जहाज का आना तुर्की के राजदूत डॉ. इरफान नेजीरोग्लू द्वारा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात कर ‘पाकिस्तान के साथ अंकारा की एकजुटता’ व्यक्त करने के एक दिन बाद हुआ है. पाकिस्तानी नौसेना के आधिकारिक बयान में टीसीजी बुयुकाडा की यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना है.
बयान में कहा गया है कि इसका उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना और समुद्री सहयोग को मजबूत करना है. जबकि पाक मीडिया इस बात पर जोर दे रही है कि ये भारत के खिलाफ तुर्की और पाकिस्तान की एकजुटता का नतीजा है. कराची पहुंचने से पहले जहाज ने 29 अप्रैल से 1 मई के बीच ओमान के बंदरगाह का दौरा किया था. इससे पहले, जहाज मलेशिया के लिए रवाना हुआ था. तुर्की के अधिकारियों ने पहले कहा था कि यह यात्रा सिर्फ़ ‘सद्भावना’ के लिए है.
कितना ताकतवर है तुर्की का युद्धपोत?
TCG Büyükada तुर्की नौसेना का पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) कोरवेट की एडा-क्लास सिरीज का दूसरा जहाज है. इसे 2013 में तुर्की के MİLGEM राष्ट्रीय युद्धपोत कार्यक्रम के हिस्से के रूप में कमीशन किया गया था. इन जहाजों को सतही युद्ध, पनडुब्बी रोधी अभियानों और गश्ती मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है.
जहाज एडवांस रडार सिस्टम, 76 मिमी नौसैनिक बंदूक, जहाज एंटी मिसाइलों और टारपीडो लांचर से सुसज्जित है. इसमें समुद्री विमानन संचालन का समर्थन करने के लिए एक हेलीकॉप्टर लैंडिंग पैड और हैंगर भी है. यह कार्वेट खुले समुद्र में काम कर सकता है और इसकी रेंज विस्तारित क्षेत्रीय मिशनों के लिए काफी है.
भारत के लिए बढ़ी चिंता
तुर्की वायु सेना का विमान और अब नेवी का जहाज का पाकिस्तान ऐसे समय में आना जब भारत के साथ तनाव अपने चरम पर है. गंभीर चिंता को जन्म दे रहा है. दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा संबंध हैं और हाल ही में दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अतातुर्क-XIII’ आयोजित किया, जिसमें दोनों विशेष बलों की लड़ाकू टीमों ने मिलकर अभ्यास किया.
बता दें पाकिस्तान ने 2022 में तुर्की के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत तुर्की पाकिस्तानी नौसेना के लिए चार MİLGEM कॉर्वेट का निर्माण करेगी. दो जहाज इस्तांबुल में बनाए जाएंगे, जबकि बाकी दो पाकिस्तान के कराची शिपयार्ड में बनाए जाएंगे. पहले जहाज पीएनएस बाबर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.
ट्रंप का बड़ा फैसला: विदेशी फिल्मों पर 100 फीसदी शुल्क से मचा हड़कंप
5 May, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका से बाहर बनने वाली फिल्मों पर 100% का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. ट्रंप के इस ऐलान के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लोग काफी नाराज हैं और जमकर आलोचना कर रहे हैं. ट्रंप के इस फैसले के पीछे ऐसा मानना है कि कई देशों की तरफ से फिल्मों को शूट करने की छूट दी जा रही है, इससे अमेरिकी फिल्म उद्योग तेजी से गिर रहा है. यही कारण है कि इसको पटरी पर लाने के लिए ये फैसला लिया गया है.
हालांकि अब तक ये तय नहीं हो पाया कि ये टैरिफ फिल्म बनाने वाली कंपनी या फिर हीरो पर लगाया जाएगा. इसका फैसला करने के लिए ट्रंप ने आदेश दिए हैं. राष्ट्रपति के इस फैसले के बाद फिल्म मेकर्स गुस्से में हैं उन्होंने कहा कि ऐसा करने से हमारा बिजनेस खत्म हो जाएगा. हमें पाने की अपेक्षा खोने को बहुत कुछ है. इसलिए जो भी फैसला लिया जाए सोच समझकर लिया जाए.
फिल्मों पर लगाए टैरिफ पर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ऐलान किया कि उन्होंने वाणिज्य विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) को अमेरिका से बाहर बनाई गई सभी फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है. ऐसा करने से अमेरिका की फिल्म इंडस्ट्री वापस पटरी पर लौटेगा. पिछले कुछ समय में अमेरिका की फिल्म इंडस्ट्री में लॉस एंजिल्स में फिल्म और टेलीविजन का प्रोडक्शन पिछले दशक में लगभग 40% कम हो गया है.
अमेरिका में फिल्म उद्योग तेजी से खत्म हो रहा-ट्रंप
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अमेरिका में फिल्म उद्योग तेजी से खत्म हो रहा है. दूसरे देश हमारे फिल्म निर्माताओं और स्टूडियो को लुभाने के लिए तरह-तरह के प्रोत्साहन दे रहे हैं. हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं. हालांकि ऐसा होने के पीछे की वजह उन्होंने दूसरे देशों की सोची समझी साजिश को बताया है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं. ट्रंप के इस फैसले के बाद एक बार फिर उनकी ट्रेड पॉलिसी चर्चा में आ गयी है.
भारत के डर से पाकिस्तान पहुँचा UNSC, आज होगी आपात बैठक
5 May, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। भारत के डर से पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाया था। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आपातकालीन बैठक बुलाने की अपील की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। आज UNSC में भारत और पाकिस्तान के मुद्दे पर बैठक होगी।
बंद कमरे में होगी बैठक
UNSC के 10 गैर-स्थायी सदस्यों में अभी पाकिस्तान भी शामिल है। ऐसे में पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर यह बैठक बुलाने की सिफारिश की थी। ग्रीक प्रेसीडेंसी ने आज यानी 5 मई की दोपहर के लिए शेड्यूल की है। दोनों देशों के बीच यह बैठक बंद कमरे में आयोजित की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र के गैर-स्थायी सदस्य
बता दें कि संयुक्त में राष्ट्र में पांच स्थायी सदस्य - रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस और यूके के अलावा 10 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं। गैर-स्थायी सदस्यों का कार्यकाल सिर्फ 2 साल का होता है। वर्तमान में अलजीरिया, डेनमार्क, ग्रीस, गुयाना, पाकिस्तान, पनामा, दक्षिण कोरिया, सीरिया लियोन, स्लोवानिया और सोमालिया का नाम संयुक्त राष्ट्र के गैर-स्थायी सदस्यों में शामिल है।
ग्रीक के राजदूत ने दिया बयान
संयुक्त राष्ट्र में ग्रीस के स्थायी प्रतिनिधि इवेंजेलोस सेकेरिस ने पहलहाम हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर बयान दिया है। उनका कहना है कि "आतंकवाद चाहे किसी भी रूस में हो, हम उसकी कड़ी निंदा करते हैं। मगर दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भी हम चिंतित हैं।
भारत ने पाकिस्तान को दिखाया था आईना
बता दें कि 1 हफ्ते पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र को चेताया था कि आतंक का गंदा खेल खेलने के बाद पाकिस्तान वैश्विक मंचों पर झूठा प्रोपेगेंडा फैलाता है और खुद को निर्दोष साबित करने में जुट जाता है। हालांकि पाकिसतान ने इस मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र से आपात बैठक बुलाने की गुहार लगाई। यूएन में पाकिस्तान के राजदूत असीम इफ्तिखार ने कहा कि यूएन जब ठीक समझे वो इस मुद्दे पर बैठक बुला सकता है।
शहबाज शरीफ का नया नाटक, बोले- हमले की निष्पक्ष जांच हो, मलेशिया भी शामिल हो
5 May, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पहलगाम आतंकी घटना के बाद से भारतीय कार्रवाई को लेकर भयभीत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम से टेलीफोन पर बातचीत की।
इस दौरान उन्होंने हमले में अपने देश के किसी भी संबंध से इन्कार किया। बातचीत के दौरान शरीफ ने 22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद से दक्षिण एशिया में व्याप्त तनाव पर पाकिस्तान की चिंताओं को साझा किया।
मलेशिया से मदद मांग रहा पाक
उन्होंने दुनिया को बरगलाने के लिए घटना के पीछे के तथ्यों का पता लगाने की बात कहते हुए अंतरराष्ट्रीय, पारदर्शी, विश्वसनीय और तटस्थ जांच के लिए पाकिस्तान की पेशकश दोहराई। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान इस जांच में मलेशिया की भागीदारी का स्वागत करेगा।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में तनाव आ गया है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला था।
लैराई यात्रा में भगदड़, 7 की मौत
4 May, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिचोलिम। गोवा के शिरगांव में श्री लैराई जात्रा (यात्रा) के दौरान शुक्रवार रात मची भगदड़ में 7 लोगों की मौत हो गई। जानकारी शनिवार सुबह आई है। हादसे में 50 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनमें 20 गंभीर हैं। राहत-बचाव कार्य जारी है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु जात्रा में शामिल होने मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक दुकान के सामने बिजली के तार से करंट लगने के बाद कुछ लोग गिर गए। तभी अफरा-तफरी हुई और भगदड़ मच गई। क्राउड मैनेजमेंट के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की वजह से हादसा हुआ। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
बलूच लिबरेशन आर्मी ने मंगोचर शहर पर किया कब्जा
4 May, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बलूचिस्तान । भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ते तनाव के बीच बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान के कलात जिले के मंगोचर शहर को अपने कब्जे में ले लिया है। बीएलए के सशस्त्र विंग ने सरकारी इमारतों पर नियंत्रण कर लिया है। कुछ सैन्य व सरकारी अधिकारियों को बंधक भी बना लिया है। इस हमले ने पाकिस्तान की आर्मी व सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
क्वेटा-कराची हाईवे पर हमला
नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने मंगोचर में क्वेटा-कराची हाईवे को बंद कर दिया, जिनके बीएलए से जुड़े होने का संदेह है। उन्होंने निजी कारों और यात्री बसों सहित कई वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारबंद लोगों ने मंगोचर बाजार में घुसकर कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया है।
आईईडी हमले में मारे गए थे 10 पाकिस्तानी सैनिक
यह हमला बीएलए के हालिया आईईडी हमले के बाद हुआ है, जिसमें 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। पाकिस्तान सरकार ने अभी तक मंगोचर की स्थिति पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। खबरों के अनुसार सुरक्षा बल जवाबी कार्रवाई के लिए जुट रहे हैं, जिससे शहर पर फिर से नियंत्रण हासिल किया जा सके।
पाकिस्तान ने अब्दाली बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया
4 May, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद । भारत से जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने अब्दाली वेपन सिस्टम नाम की बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण का दावा किया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने ऑपरेशनल रेडिनेस एक्सरसाइज इंडस के तहत 450 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली इस सरफेस टू सरफेस मिसाइल का परीक्षण किया। यह मिसाइल 500-700 किलोग्राम तक के न्यूक्लियर एंड कन्वेंशनल हथियार ले जा सकती है, हालांकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कन्वेंशनल हथियारों के लिए किया जाता है। इसमें मॉडर्न नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम हैं, जो सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं। पाकिस्तानी सरकार ने कहा कि इस टेस्टिंग का मकसद सैनिकों को युद्ध के लिए तैयार रखना और मॉडर्न नेविगेशन सिस्टम के तकनीकी मापदंडों को चेक करना था।
ऑस्ट्रेलिया चुनाव में लेबर पार्टी जीती दूसरी बार पीएम बनेंगे अल्बनीज
4 May, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैनबरा । ऑस्ट्रेलिया में लेबर पार्टी दोबारा चुनाव गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक अब तक 55 प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी है। लेबर पार्टी को 89 सीटों पर जीत हासिल हुई है, वहीं विपक्षी लिबरल-नेशनल गठबंधन 36 सीटों पर जीती है। चुनाव जीतने के लिए 76 सीटों की जरूरत होती है।
लेबर पार्टी की जीत से तय हो गया है कि एंथनी अल्बनीज एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। 21 साल में यह पहली बार होगा जब कोई नेता दोबारा पीएम बनेगा। इसे पहले 2004 में लिबरल पार्टी के जॉन हावर्ड लगातार दूसरी बार चुनाव जीते थे। वहीं, विपक्षी लिबरल-नेशनल गठबंधन ने हार मान ली है। विपक्षी उम्मीदवार पीटन डटन अपनी खुद की सीट भी हार गए हैं। डटन का अपनी ही सीट हारना सदी की सबसे बड़ी राजनीतिक हारों में गिनी जा रही है। विपक्षी नेता पीटर डटन ने चुनाव में हार स्वीकार करते हुए कहा, हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, मैं इसके लिए पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं।
ओलावृष्टि और बारिश से हरियाणा में तबाही, रास्ते हुए बाधित
3 May, 2025 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार: कई दिनों से भीषण गर्मी झेल रहे प्रदेशवासियों को वीरवार रात को शिमला जैसी ठंड का अहसास हुआ। रात 12 बजे मौसम ने करवट ली और तेज हवा के साथ 16 जिलों में वर्षा हुई।
कैथल, करनाल और पानीपत में ओलावृष्टि भी हुई। आंधी की वजह से खंभे और पेड़ टूट गए। अनाज मंडियों में गेहूं भीग गया। कई जगह गाड़ियों पर पेड़ गिरने से काफी नुकसान हुआ। इसके बाद शुक्रवार दिन में आठ जिलों फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर और सिरसा में वर्षा हुई।
सड़कों पर लगा जाम
जींद और हिसार में दो घरों पर आसमानी बिजली गिरने से खिड़कियों के शीशे टूट गए। दीवारों में दरारें आ गईं। लेंटर में गड्ढा हो गया। बिजली के उपकरण और तारें जल गई। गुरुग्राम में दिल्ली- जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर के पास जलभराव से मानेसर तक वाहन रेंगते आए।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में भी सब जगह जलभराव नजर आया। ग्रीन फील्ड अंडरपास में एक कार फंस गई। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ओर से सहायता मिलने पर कार को चालक सहित निकाल लिया गया। रेवाड़ी में रेवाड़ी-दिल्ली रेलमार्ग शुक्रवार को पांच घंटे से भी ज्यादा समय तक बाधित रहा। इसकी वजह से दस से ज्यादा ट्रेन प्रभावित हुई। इनमें लंबी दूरी के अलावा पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल हैं।
125 गांवों में गुल रही बिजली
सिरसा के आधे से अधिक क्षेत्र में करीब 10 घंटे तो झज्जर में शहर समेत 125 गांवों में कई घंटे बिजली गुल रही। जींद में ट्रांसफार्मर गिरे। वहीं फतेहाबाद में करीब 10 गांवों में सात घंटे बिजली बंद रही। सीवरेज लाइन के गड्ढे में स्कूली वैन धंस गई। लोगों ने वैन में सवार 12 बच्चों को बाहर निकाला और ट्रैक्टर की सहायता से वैन को बाहर निकाला। कैथल, करनाल और पानीपत में ओलावृष्टि से सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है। पानीपत में करीब 250 एकड़ बेल वाली सब्जियां बर्बाद हुई हैं।
आईएमटी परिसर में तेंदुए की दस्तक, मारुति कंपनी में दो दिन की छुट्टी घोषित
3 May, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक: आईएमटी परिसर में तेंदुआ घुस आया है। तेंदुआ के घुसने की सूचना के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आईएमटी स्थित मारुति कंपनी कैंपस के नजदीक तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।
आशंका है कि तेंदुआ गुरुवार देर रात कैंपस की 8 फीट की दीवार फांदकर अंदर घुस गया। इसके बाद से कर्मचारियों और परिसर में रहने वाले अधिकारियों में दहशत का माहौल है।
प्लांट में दो दिन की छुट्टी घोषित
कंपनी मैनेजमेंट ने इसको देखते हुए प्लांट में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। पुलिस और वन्य जीव विभाग की टीम तेंदुए को रेस्क्यू करने में जुटी हुई हैं। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि तेंदुआ कैंपस से बाहर निकल गया है या अंदर ही है। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि 1 मई को रात 8 बजे तेंदुआ आठ फीट की दीवार के साथ लगते पेड़ से अंदर घुसा।
2 मई को सीसीटीवी फुटेज में दिखा तेंदुआ
2 मई को तड़के सीसीटीवी फुटेज की जांच में कैंपस में तेंदुआ होने की जानकारी मिली। इसके बाद कर्मचारियों ने प्रबंधन को सूचना दी। फिर प्रबंधन ने संबंधित थाना और वन्य अधिकारियों को जानकारी दी।
हालांकि जब आईएमटी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने की परमिशन लेने पड़ी, जिसमें करीब 15 मिनट का समय लगा। अब वन विभाग की टीम कैंपस में तेंदुए को रेस्क्यू करने की कोशिश कर रही है।
मारुति का एक अनुसंधान एवं विकास केंद्र भी है, जो 600 एकड़ में फैला है। इस केंद्र में वाहन परीक्षण और मूल्यांकन प्रयोगशालाएं और 31 किलोमीटर का परीक्षण ट्रैक है। रोहतक में मारुति के पास पहले से ही 700 एकड़ की जमीन है, जिसमें 100 एकड़ जमीन का यूज नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों के सहयोग से की जा रही तलाश
वन्य जीव विभाग के एसआई चरण सिंह ने बताया कि मारुति कंपनी में तेंदुए के होने की एक फुटेज मिली है, जिसके बाद टीम गांव में गई है। थाना सदर की टीम भी मौके पर पहुंची हुई है। ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुए की तलाश की जा रही है।
चीन के शंघाई और ग्वांगझू में पहलगाम हमले के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि, प्रवासियों की भी भागीदारी
3 May, 2025 03:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग: चीन के शंघाई और ग्वांगझू प्रांत में भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए भारतीयों को श्रद्धांजलि दी गई। चीन में स्थित भारतीय राजनयिक दूतावासों ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए कई शोक सभाएं आयोजित कीं। इन शोक सभाओं में वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों के साथ प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्य भी शामिल हुए।
पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना
उन्होंने आतंकवादी हमले में लोगों के मारे जाने पर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। शंघाई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर के नेतृत्व में शोक सभा की गई। वाणिज्य दूतावास द्वारा 30 अप्रैल को सोशल मीडिया मंच 'X' पर साझा किए गए एक पोस्ट में कहा गया, "महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर के नेतृत्व में भारतीय महावाणिज्य दूतावास शंघाई के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, भारत के मित्रों और भारतीय प्रवासियों ने पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति वाणिज्य दूतावास में गहरी संवेदना व्यक्त की।"
पहलगाम में मारे गए थे 26 लोग
इसी तरह, ग्वांगझू स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक शोक सभा की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे। ग्वांगझू वाणिज्य दूतावास ने शुक्रवार को 'X' पर लिखा, "इस शोक सभा में 60 से अधिक प्रवासी भारतीय, वाणिज्य दूतावास के अधिकारी एवं उनके परिवार के सदस्य तथा भारत के मित्र शामिल हुए।" इसने कहा कि कई लोग डिजिटल माध्यम से भी शोक सभा में शामिल हुए।
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