ख़बर
हरियाणा में गबन कांड की आंच तेज, कोटक महिंद्रा बैंक की शाखाओं पर सुरक्षा बढ़ी
30 Mar, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। पंचकूला नगर निगम में करीब 160 करोड़ रुपये के गबन के मामले की आंच पानीपत तक पहुंच गई है। पानीपत स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की तीनों शाखाओं पर पुलिस तैनात कर दी गई है। बैंक के किसी भी अधिकारी, कर्मचारी व उपभोक्ता को अंदर नहीं जाने दिया गया। ऐसे में बैंक कर्मियों के साथ लोगों की सांसें फूली रही। वहीं, नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की भी धड़कन तेज रही। कोटक महेंद्रा बैंक की पानीपत में जीटी रोड, सेक्टर-11 और मॉडल टाउन में तीन शाखाएं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर सोमवार सुबह बैंक खुलने से पहले ही तीनों शाखाओं पर पुलिस पहुंच गई। संबंधित थाने से पुलिस पहुंच गई। बैंक में सुबह नौ बजे ही कर्मियों ने आना शुरू कर दिया। बैंक न खुलने की स्थिति में वे बाहर खड़े हो गए। वहीं, कुछ देर बाद उपभोक्ता पहुंचे तो वे भी बाहर खड़े हो गए। बैंक कर्मी अंदर न जाने की स्थिति में दूसरी तरफ जाकर खड़े हो गए। उपभोक्ताओं ने पुलिस से बैंक न खुलने का कारण पूछा तो किसी को कुछ नहीं बताया गया। उपभोक्ता अंकुर सैनी और संदीप ने बताया कि वे सोमवार को बैंक में आए थे। उनको बैंक बंद मिला। काफी इंतजार के बाद पुलिस से पूछा तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। उनको बैंक खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी कोई जानकारी नहीं दी।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने खुद को गोली मारी, रोहतक में सनसनी
30 Mar, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। के कलानौर कस्बे में सोमवार सुबह डायल 112 पर तैनात ईएसआई ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिसकर्मी ने खुद को सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारी। मूलरूप से कुलदीप झज्जर के गांव डीघल कमला नगर के निवासी थे। वह डायल 112 में तैनात थे। वह रोज की तरह सोमवार को भी ड्यूटी पर निकले थे। वह खाना खाने के लिए कलानौर थाने में गए थे। यहीं उन्होंने सर्विस रिवॉल्वर से अपनी कनपटी में गोली मार ली। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस शव को पीजीआई ले आई। पुलिस ने फिलहाल थाने के दरवाजे बंद कर दिए हैं। मीडिया के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। पुलिसकर्मी ने खौफनाक कदम क्यों उठाया फिलहाल पुलिस इसकी जांच कर रही है।
जेलेंस्की ने कहा- सैटेलाइट तस्वीर बता रही है रूस कर रहा है ईरान की भरपूर मदद
30 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव,। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा दावा करते हुए रूस और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग की ओर इशारा किया है। जेलेंस्की के अनुसार, सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमले से ठीक पहले रूसी उपग्रहों ने इस सैन्य ठिकाने की कई बार विस्तृत तस्वीरें ली थीं। उन्होंने आशंका जताई है कि रूस ने ये खुफिया जानकारियां ईरान के साथ साझा की हो सकती हैं, जिससे हमले को अंजाम देने में मदद मिली।यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि रूस के सैटेलाइट ने 20 मार्च, 23 मार्च और 25 मार्च को इस एयरबेस की निरंतर निगरानी की थी। इन तस्वीरों के लिए जाने के ठीक एक दिन बाद, 26 मार्च को ईरान ने इस ठिकाने पर भीषण हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में ईरान ने 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे थे, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम 15 सैनिक घायल हुए।
घायल सैनिकों में से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रिंस सुल्तान एयरबेस अमेरिका और सऊदी अरब के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र माना जाता है। जेलेंस्की ने अपने देश के युद्ध के अनुभव साझा करते हुए कहा कि रूस की कार्यप्रणाली काफी हद तक पूर्वानुमानित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूसी सैटेलाइट किसी स्थान की एक बार तस्वीर लेते हैं तो वह तैयारी का हिस्सा होता है, दूसरी बार की तस्वीर अभ्यास का संकेत देती है, और यदि तीसरी बार भी तस्वीर ली जाए, तो इसका सीधा अर्थ है कि अगले 24 से 48 घंटों में हमला निश्चित है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए अभी तक कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन वैश्विक सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं। वर्तमान में जेलेंस्की खाड़ी देशों के दौरे पर हैं, जहां वे यूक्रेन की युद्ध-परीक्षित एयर डिफेंस प्रणालियों को साझा करने के लिए रणनीतिक समझौते करने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद से क्षेत्र में अस्थिरता चरम पर है। इस दौरान अब तक 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं और कम से कम 13 सैनिकों की जान जा चुकी है। जेलेंस्की का यह बयान रूस और ईरान के बीच बढ़ते रक्षा गठजोड़ को लेकर दुनिया भर की चिंताओं को और गहरा कर सकता है।
इस्लामाबाद में अहम बैठक: तीन देशों के विदेश मंत्री पहुंचे, ईरान संकट पर कूटनीतिक पहल हुई तेज
30 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। ईरान से इजरायल- अमेरिका के बढ़ते सैन्य तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति को समाप्त करने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई है। इस बैठक की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है, जिसे क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़ी कूटनीतिक पहल माना जा रहा है।
बैठक के दौरान इशाक डार ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती से मुलाकात की। इसके अलावा वे तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ताएं भी करेंगे। इन सभी नेताओं की शहबाज शरीफ से भी मुलाकात प्रस्तावित है।
मध्यस्थता की पेशकश और अमेरिकी प्रस्ताव
पाकिस्तान ने खुद को इस पूरे संकट में एक मध्यस्थ के रूप में पेश किया है। उसने ईरान को अमेरिका की ओर से तैयार 15 सूत्रीय प्रस्ताव भी सौंपा है। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने, मिसाइल कार्यक्रम में कटौती, क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन रोकने और बदले में आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। फिलहाल ईरान इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।
पाकिस्तान क्यों बना बैठक का केंद्र
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान के सऊदी अरब और ईरान दोनों के साथ करीबी और संतुलित संबंध हैं, जिससे वह इस तरह की वार्ता के लिए उपयुक्त स्थान बनता है। पहले यह बैठक तुर्किये में प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे इस्लामाबाद स्थानांतरित कर दिया गया। पाकिस्तान की तटस्थ भूमिका और क्षेत्रीय देशों के साथ उसके स्थिर संबंधों ने इस पहल को संभव बनाया है। इसके अलावा मिस्र के साथ भी उसके कूटनीतिक संबंध सकारात्मक माने जाते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस्लामाबाद में हो रही यह बैठक क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं, तो यह संभावित बड़े संघर्ष को टालने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
ऑस्ट्रेलिया में खून से लाल हुआ आसमान, डरावना मंजर देख लोग हुए हैरान
30 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में 28 मार्च को ऐसा नजारा देख लोग हैरान रह गए। दरअसल दिन में अचानक आसमान गहरे लाल रंग में बदल गया। शार्क बे और डेनहम जैसे इलाकों में चारों तरफ लाल धूल की चादर छा गई, जिससे सड़कें, घर और समुद्र का किनारा तक लाल नजर आने लगा। इस अजीब और डरावने नजारे के पीछे वजह बना ट्रॉपिकल साइक्लोन नरेल। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तेज हवाओं ने रेगिस्तानी इलाके की आयरन-रिच लाल मिट्टी को हवा में उड़ा दिया जैसे ही यह धूल आसमान में फैली, सूरज की रोशनी उसके बीच से गुजरते हुए स्कैटर हुई और पूरा आसमान खून जैसा लाल दिखने लगा।
रिपोर्ट के मुताबिक 27 मार्च को साइक्लोन नरेल वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के नॉर्थ-वेस्ट कोस्ट पर पहुंचा। हवाओं की रफ्तार 250 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई। तेज हवाओं के चलते विजिबिलिटी करीब शून्य हो गई और लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हो गए। स्थानीय लोगों ने इस मंजर को “इनक्रेडिबली ईरी” और “अपोकैलिप्टिक” बताया। शार्क बे कैरावन पार्क ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बाहर का माहौल बेहद अजीब और डरावना है, हर चीज धूल से ढक गई और लाल हो गई।
रिपोर्ट के मुताबिक साइक्लोन का सबसे ज्यादा असर एक्समाउथ शहर में दिखा। एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा। हजारों घरों की बिजली गुल हो गई। कई घरों की छतें उड़ गईं। गई नाव डूब गईं। इसके अलावा शेवरॉन, वुडसाइड और सैंटोस जैसे बड़े गैस प्लांट भी प्रभावित हुए, जिससे ऊर्जा उत्पादन पर असर पड़ा। हालांकि बाद में साइक्लोन को ट्रॉपिकल लो में डाउनग्रेड कर दिया गया, लेकिन भारी बारिश और बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस इलाके की मिट्टी में आयरन ऑक्साइड की मात्रा ज्यादा होती है। साइक्लोन की तेज हवाओं ने इस लाल धूल को ऊंचाई तक पहुंचा दिया। जब सूरज की रोशनी इस धूल से टकराई, तो पूरा आसमान लाल नजर आने लगा। इसे एक दुर्लभ लेकिन प्राकृतिक घटना माना जा रहा है। नासा की सैटेलाइट तस्वीरों में भी साइक्लोन नरेल का पूरा ट्रैक साफ देखा गया।
इस घटना को यूजर्स ने बेहद डरावना बताया। कुछ लोगों ने लिखा कि 2026 सच में किसी फिल्म जैसा लग रहा है किसी ने इसे एंड टाइम्स वाइब्स बताया। वहीं किसी ने कहा कि क्या ये कोई संकेत है? हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक घटना है, लेकिन इसकी तीव्रता और पैटर्न पर क्लाइमेट चेंज का असर हो सकता है। क्लाइमेट वैज्ञानिक मानते हैं कि ग्लोबल हीटिंग की वजह से साइक्लोन पहले से ज्यादा ताकतवर और अनोखे रास्तों पर चल रहे हैं। साइक्लोन नरेल का तीन अलग-अलग क्षेत्रों से गुजरना भी इसी बदलते पैटर्न की ओर इशारा करता है।
ईरान को फिर बनाएंगे महान, अमेरिका को बनाना है एक रणनीतिक साझेदार
30 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने रविवार को अमेरिका के डलास में कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस सम्मेलन में ईरानी शासन को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया है। उन्होंने ईरान की जनता के बलिदान को याद करते हुए इस्लामिक रिपब्लिक के अंत और एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और समृद्ध ईरान को फिर से खड़ा करने का रोडमैप दुनिया के सामने रखा। उन्होंने अमेरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीतियों और अमेरिकी सैन्य अभियानों मिडनाइट हैमर व एपिक फ्यूरी की तारीफ की, जिसमें खामेनेई के मारे जाने और परमाणु स्थलों के नष्ट होने की बात कही। पहलवी ने साफ कहा कि वह ईरान में लोकतंत्र की ओर स्थापना का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं और उनका लक्ष्य ईरान को अमेरिका का एक रणनीतिक साझेदार बनाना है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रजा शाह पहलवी ने कहा कि आज मैं अपने उन साथियों की याद के साथ बात शुरु करता हूं जिन्होंने न केवल अपनी आजादी के लिए बल्कि ईरान को इस दुष्ट और भ्रष्ट शासन से मुक्त कराने के लिए लड़ाई लड़ी, खून बहाया और जानें दी। वे दुनिया की आजादी, शांति और सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं। पहलवी ने एक ऐसे ईरान की कल्पना की जो आतंकवाद के बजाय स्वतंत्रता का निर्यात करे। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र ईरान 21वीं सदी का सबसे बड़ा अनछुआ आर्थिक अवसर है। 9.3 करोड़ की शिक्षित और उद्यमी आबादी के साथ, अमेरिका-ईरान की रणनीतिक साझेदारी अगले दशक में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का राजस्व पैदा कर सकती है।
उन्होंने अब्राहम समझौते को सायरस समझौते में बदलने का विजन पेश किया, जिससे इजराइल और ईरान के बीच शांति स्थापित हो सके। पहलवी ने भाषण में जनवरी 2026 के बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों को शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आह्वान किया, जिस पर पूरे 31 प्रांतों में लाखों लोग निकले, लेकिन शासन ने इंटरनेट बंद कर दिया और 40,000 से ज्यादा ईरानियों की हत्या कर दी। 3 लाख से ज्यादा घायल हुए। अस्पतालों में घायलों को गोली मारी गई, जेलों में बलात्कार हुए और यहां तक कि मदद करने वाले डॉक्टरों-नर्सों को भी मार दिया गया। आज भी कई माताएं अपने बेटों की तलाश कर रही हैं। शासन ने ईरान को 21वीं सदी से अंधकार युग में धकेल दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक रजा पहलवी ने उम्मीद जताई कि जिस साल अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ मना रहा है, वही साल ईरान की 2,500 साल पुरानी सभ्यता के पुनर्जन्म का गवाह बनेगा। उन्होंने अमेरिकी जनता और प्रशासन से अपील की कि वह इस गिरते हुए शासन को कोई लाइफलाइन न दें। पहलवी ने संकल्प लिया कि जैसे राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका को फिर से महान बना रहे हैं, वैसे ही वह अपने बहादुर देशवासियों के साथ मिलकर ईरान को फिर से महान बनाएंगे।
नेपाल के पीएम बालेन शाह का बड़ा कार्रवाई, पूर्व मंत्री गिरफ्तार – घर से बरामद हुए नोटों के ढेर
29 Mar, 2026 07:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नेपाल की राजनीति में इन दिनों जो हलचल मची है, वो किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं लग रही। रविवार को एक और बड़ा नाम पुलिस की गिरफ्त में आ गया।नेपाली कांग्रेस के नेता और पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का को काठमांडू के महाराजगंज इलाके में उनके अपार्टमेंट से सुबह-सुबह गिरफ्तार किया गया। मामला है मनी लॉन्ड्रिंग का।
क्या है गिरफ्तारी की वजह?
बात करें इस गिरफ्तारी की वजह की, तो कहानी पिछले साल सितंबर तक जाती है, जब नेपाल में जेन जी आंदोलन अपने चरम पर था। उस वक्त प्रदर्शनकारियों ने खड़का के घर में आग लगा दी थी। और तब जो नजारा सामने आया, वो हैरान करने वाला था। नोटों की गड्डियां हवा में उड़ती दिख रही थीं, लोग उन्हें हाथों में लेकर उछाल रहे थे। बाद में फॉरेंसिक जांच में इनकी पुष्टि भी हो गई।
बड़े बिजनेसमैन हैं खड़का
नेपाल पुलिस की केंद्रीय जांच ब्यूरो के प्रवक्ता और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिव कुमार श्रेष्ठ ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग विभाग ने पहले ही पुलिस मुख्यालय को खड़का के खिलाफ जांच का अनुरोध भेजा था। उसी के बाद यह कदम उठाया गया।
परमाणु युद्ध की आशंका: ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, तेल अवीव में एक की मौत
29 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने पुष्टि की है कि शुक्रवार देर रात बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट को एक बार फिर प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या ड्रोन) के जरिए निशाना बनाया गया। 28 फरवरी से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए इस युद्ध में बुशहर प्लांट पर यह तीसरा बड़ा हमला है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस ताजा हमले में किसी के हताहत होने या संयंत्र को किसी बड़े तकनीकी नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन परमाणु ठिकानों को बार-बार निशाना बनाए जाने से पूरी दुनिया में न्यूक्लियर एक्सीडेंट का खौफ पैदा हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने इस घटनाक्रम पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यद्यपि मौजूदा हमलों में अब तक कोई बड़ा रिसाव या नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन परमाणु ठिकानों पर निरंतर सैन्य कार्रवाई का अंजाम बेहद विनाशकारी हो सकता है। आईएईए फिलहाल ईरानी अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा उपायों की पुष्टि कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी रेडियोधर्मी सामग्रियां सुरक्षित रहें। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि बुशहर के अलावा खोंडाब हेवी वॉटर प्लांट और खुजेस्तान स्टील फैक्ट्री जैसी औद्योगिक इकाइयां भी सैन्य तनाव के कारण बढ़ते जोखिम के घेरे में हैं।
दूसरी ओर, ईरान की ओर से किए गए जवाबी हमलों ने इजरायल के भीतर भी तबाही मचाई है। इजरायली राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम और पुलिस के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई एक मिसाइल शुक्रवार रात तेल अवीव के मेट्रोपॉलिटन इलाके में गिरी। यह हमला एक विशेष प्रकार की क्लस्टर म्यूनिशन मिसाइल से किया गया था, जो हवा में फैलकर कई छोटे बमों में बदल जाती है। इस घटना में तेल अवीव में काम कर रहे एक 60 वर्षीय निर्माण श्रमिक की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, मिसाइल फटने के बाद निकले छर्रों की चपेट में आने से उस व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। ईरान ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। यह संघर्ष अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि घनी आबादी वाले शहरों और संवेदनशील परमाणु केंद्रों तक पहुंच गया है। वैश्विक समुदाय अब इस बात को लेकर चिंतित है कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से परमाणु संयंत्रों पर प्रभावी हमला होता है, तो इससे निकलने वाला रेडिएशन न केवल इस क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक अपूरणीय त्रासदी बन सकता है।
हिजबुल्लाह ने लितानी नदी की ओर बढ़ रहे इजराइली सैनिकों पर किए कई हमले
29 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। हिजबुल्लाह संगठन ने दावा किया है कि उसने सीमा पार कर लेबनानी क्षेत्र में आगे बढ़ रहे इजराइली सैनिकों पर कई हमले किए। समूह के मुताबिक मरजायौन जिले के अल-कंतारा इलाके में तलाब के पास दो इजराइली टैंकों को निशाना बनाया गया। हिजबुल्लाह ने यह भी कहा कि तैयबेह इलाके के पास लितानी नदी की ओर बढ़ रहे इजराइली सैनिकों पर रॉकेट, तोप और ड्रोन से हमले किए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल ने पहले ही चेतावनी दी है कि वे लेबनान के अंदर लितानी नदी तक कब्जा कर सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल की सेना ने बताया है कि यमन से एक मिसाइल दागी गई है, जिसे उनकी रक्षा प्रणाली ने ट्रैक किया। सेना के मुताबिक इस मिसाइल को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया है और लोगों को खतरे को लेकर अलर्ट किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पहली बार है जब मौजूदा युद्ध में यमन से इजराइल की ओर मिसाइल दागे जाने की पुष्टि हुई है। माना जा रहा है कि यह हमला यमन के हूती समूह की ओर से हो सकता है, जो ईरान समर्थित है। इस घटनाक्रम से संकेत मिलते हैं कि संघर्ष अब और ज्यादा देशों तक फैल सकता है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष और तेज हो गया है। हिजबुल्लाह का दावा है कि उसने बेरूत के ऊपर उड़ रहे एक इजराइली लड़ाकू विमान पर मिसाइल दागी। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में हिजबुल्लाह ने इजराइली सैनिकों के खिलाफ 82 ऑपरेशन करने का दावा किया है, जिनमें सीमा के अंदर और पार दोनों जगह हमले शामिल हैं। इजराइल की सेना ने कहा है कि यमन से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रोक लिया। यह मिसाइल ईरान समर्थित हूती समूह की ओर से दक्षिणी इजराइल की तरफ दागी गई थी। हमले में किसी के घायल होने या नुकसान की खबर नहीं है।
ईरान स्थित ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी को अमेरिका-इजराइल के हमलों के दौरान निशाना बनाया गया है। ईरानी न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह हमला शनिवार तड़के हुए हवाई हमलों के दौरान हुआ। हालांकि, इस हमले में कितने लोग हताहत हुए या कितना नुकसान हुआ, इसे लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “महीनों नहीं, कुछ हफ्तों में” पूरे कर लेंगे
29 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन,। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “समय-सीमा के मुताबिक या उससे आगे” चल रहा है और उम्मीद जताई कि इसके लक्ष्य “महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में” पूरे हो जाएंगे। फ्रांस में जी7 देशों के साथ बैठकों के बाद बोलते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस मिशन की शुरुआत से ही स्पष्ट रूपरेखा तय की गई थी। उन्होंने कहा कि हम ईरान की नौसेना और वायुसेना को नष्ट करेंगे। हम मूल रूप से उनकी मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता को उनकी फैक्ट्रियों में खत्म कर देंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कहा इस अभियान का उद्देश्य “मिसाइल लॉन्चरों की संख्या को काफी कम करना” है, ताकि ईरान “इनके पीछे छिपकर परमाणु हथियार बनाने और दुनिया को धमकाने” में सक्षम ना हो सके। रुबियो ने कहा कि प्रगति लगातार हो रही है। “हम इस ऑपरेशन में समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे हैं और उम्मीद है कि इसे उचित समय पर महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा।
रुबियो ने ऑपरेशन के बाद संभावित जोखिमों की भी चेतावनी दी, खासकर होर्मुज जलडमरू मध्य में जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। उन्होंने कहा कि ईरान वहां टोल प्रणाली लागू करने की कोशिश कर सकता है, जिसे उन्होंने “अवैध”, “अस्वीकार्य” और “दुनिया के लिए खतरनाक” बताया। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि दुनिया इसके खिलाफ एक योजना बनाए और अमेरिका इसमें भाग लेने के लिए तैयार है, “लेकिन हमारे लिए इसका नेतृत्व करना जरूरी नहीं है।
रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि जी7 के अलावा, खासकर एशिया के देशों की भी इसमें बड़ी हिस्सेदारी है और उन्हें यह तय करने में योगदान देना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी “राष्ट्र-राज्य या आतंकवादी सरकार” के नियंत्रण में न हों। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण को सहयोगियों का व्यापक समर्थन मिला है। इस विचार के प्रति काफी समर्थन दिखा…और इसे काफी हद तक स्वीकार किया गया। रुबियो ने ईरान की सरकार और वहां की जनता के बीच अंतर बताया। उन्होंने कहा कि ईरान के लोग शानदार हैं। वे इससे कहीं बेहतर के हकदार हैं जबकि नेतृत्व को “कट्टर शिया धर्मगुरु शासन” बताया।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर रुबियो ने शांति स्थापित करने में अमेरिका की भूमिका निभाने की तत्परता दोहराई। उन्होंने कहा कि हम उस युद्ध को खत्म करने के लिए जो भी रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं, उसके लिए तैयार हैं। हालांकि फिलहाल कोई बैठक तय नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर यूक्रेन के लिए तय अमेरिकी सैन्य आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सैन्य जरूरत होती है…तो हमारे संसाधनों के मामले में हम हमेशा पहले आएंगे।
गैस सिलेंडर की कीमतों में ‘आग’, पाकिस्तान में भारत से तीन गुना महंगा
29 Mar, 2026 09:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Pakistan LPG Crisis: पाकिस्तान में आर्थिक तंगी और पश्चिम एशिया के तनाव ने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। (LPG Price Hike) पाकिस्तान में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल (Energy Crisis) दर्ज किया गया है, जिसके कारण घरेलू गैस सिलेंडर की दरें आसमान छू रही हैं। (Inflation in Pakistan) पड़ोसी मुल्क के सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वहां ईंधन का भंडार (Petroleum Stocks) अब कुछ ही दिनों का बचा है। (Global Supply Chain) इस संकट ने पाकिस्तान के निम्न और मध्यमवर्गी परिवारों के सामने जीवन-यापन की एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
पाकिस्तान में गैस की कीमतों का तांडव (Huge Price Surge)
पाकिस्तान के विभिन्न शहरों, विशेषकर पंजाब प्रांत में एलपीजी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। वहां 11.67 किलोग्राम का एक घरेलू सिलेंडर अब 3,900 रुपये से लेकर 5,135 पाकिस्तानी रुपये के बीच बिक रहा है। इससे पहले इसकी कीमत करीब 3,150 रुपये के आसपास थी। कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन क्षेत्र पर भी पड़ा है, जिससे रिक्शा और बसों के किरायों में भारी इजाफा हुआ है। ईरान से होने वाली गैस आपूर्ति में कमी और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता ने इस आग में घी डालने का काम किया है।
अगर हम भारत और पाकिस्तान में गैस की कीमतों की तुलना करें, तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 14.2 किलोग्राम का होता है, जिसकी कीमत दिल्ली में लगभग 913 रुपये (भारतीय रुपया) है। वहीं पाकिस्तान में सिलेंडर का वजन भारत से करीब 2.5 किलो कम (11.67 किलो) होने के बावजूद उसकी कीमत वहां की मुद्रा के हिसाब से 5,000 के पार पहुंच रही है। भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी और मजबूत रिफाइनरी नेटवर्क के कारण भारतीय उपभोक्ताओं पर पाकिस्तान की तुलना में बहुत कम बोझ पड़ रहा है।
पाकिस्तान में गहराता ऊर्जा और गैस संकट (Impending Gas Crisis)
पाकिस्तान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 14 अप्रेल के बाद देश में गैस की भारी किल्लत हो सकती है। आयातित एलएनजी (LNG) के आठ जहाजों में से केवल दो ही पाकिस्तान पहुंच पाए हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है। देश के पास कच्चे तेल का स्टॉक भी केवल 11 दिनों के लिए ही शेष है। पाकिस्तान अब ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल लाने के लिए बातचीत कर रहा है, ताकि ऊर्जा सुरक्षा को कुछ हद तक बहाल किया जा सके।
आप सेक्स के बारे में भी बात कर सकते हैं, ट्रंप के इतना कहते ही सभागार हंसी से गूंजा
29 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच दुनिया की निगाहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर टिकी रहती हैं। वह रोज नए-नए दावे करते हैं। शुक्रवार को जब वह पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे तब उन्होंने ऐसा कुछ कहा कि पूरा सभागार में हंसी के ठहाके से गूंज उठा। हालांकि उनके आलोचक इसकी आलोचना कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप के प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो वायरल हो रहा हैं। इसमें ट्रंप बोल रहे हैं, अब मैं कुछ सवाल लूंगा। आप मुझसे कुछ भी पूछ सकते हैं। आप सेक्स के बारे में भी मेरे से बात कर सकते हैं। मैं उन नेताओं जैसा नहीं हूं जो सवालों से बचते हैं। ट्रंप के इतना कहते ही सभागार में हंसी गूंज उठी। ट्रंप ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें एक महान शांतिदूत के तौर पर याद किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कई लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों को सुलझाने के अपने दावों पर भी जोर दिया।
अपनी विरासत के बारे में पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अच्छा, मैं आपको बताता हूं। मैंने आपको बताया था कि मैंने आठ युद्धों को सुलझाया है। इसका मतलब है कि लाखों-करोड़ों लोगों को बचाया। इनमें से कुछ युद्ध तो बहुत लंबे समय से चल रहे थे। एक 34 साल से, एक 32 साल से, एक 29 साल से और एक 22 साल से। ये बहुत लंबे समय तक चलने वाले युद्ध थे और हर साल इनमें बहुत से लोग मारे जा रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से संघर्ष वाले इलाकों में लोगों की जान बचाने में मदद मिली। उन्होंने कहा मुझे पता है कि यह बात मेरे मुंह से कहना शायद सही न लगे, लेकिन मैं चाहूंगा कि मेरी विरासत एक महान शांतिदूत के तौर पर बने, क्योंकि मेरा सच में यह मानना है कि मैं एक शांतिदूत हूं।
नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह का भारत को संदेश, बोले— साथ मिलकर काम करने को उत्सुक
29 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने पदभार संभालने के तुरंत बाद भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने के लिए उत्सुक हैं।
35 वर्षीय बालेंद्र शाह, जिन्हें ‘बालेन’ के नाम से भी जाना जाता है, ने शुक्रवार को नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर नया इतिहास रचा। रैपर, इंजीनियर और फिर नेता के रूप में उभरे शाह को नेपाल की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शाह को बधाई देते हुए कहा था कि उनका नेतृत्व नेपाल की जनता के विश्वास का प्रतीक है और दोनों देश मिलकर आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। इसके जवाब में शाह ने कहा, आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हमारे दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।
हालांकि, शाह का राजनीतिक सफर विवादों से भी अछूता नहीं रहा है। वर्ष 2023 में काठमांडू के मेयर रहते हुए उन्होंने फिल्म आदिपुरुष को लेकर विवादित निर्णय लिया था, जिसमें कुछ संवादों के विरोध में बॉलीवुड फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था। बाद में पाटन हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया था। इसके अलावा, ‘ग्रेटर नेपाल’ से जुड़े नक्शे को लेकर भी उनकी आलोचना हुई थी, जिसे कुछ लोगों ने भारत विरोधी रुख के रूप में देखा। हालांकि शाह ने बाद में स्पष्ट किया था कि उनका विरोध किसी देश से नहीं, बल्कि विशेष मुद्दों से संबंधित था। अब प्रधानमंत्री बनने के बाद शाह ने भारत के साथ रिश्तों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।
ईरान-US टकराव के बीच PAK में कूटनीतिक हलचल, तीन देशों के विदेश मंत्री करेंगे चर्चा
28 Mar, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान अस्थिरता, आर्थिक संकट और अफगानिस्तान से तनाव जैसे तमाम मुद्दों का सामना कर रहा है। लेकिन पश्चिम एशिया संकट में खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश करके अपनी साख सुधारने का प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में वह सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों की मेजबानी करने जा रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इसकी पुष्टि की।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि ये नेता पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासकर ईरान में युद्ध के बीच हालात को शांत करने के प्रयासों सहित कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के निमंत्रण पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती रविवार और सोमवार को इस्लामाबाद का दौरा करेंगे।
किन मुद्दों पर बातचीत की संभावना?
मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री कई मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे, जिनमें क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयास भी शामिल हैं। दौरे के दौरान ये नेता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। इसने आगे कहा, पाकिस्तान सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के साथ अपने भाईचारे के संबंधों को अहमियत देता है और यह यात्रा इन देशों के साथ सहयोग और तालमेल को और मजबूत करने का मौका देगी।
पहले तुर्किये में तय थी बैठक: इशाक डार
जिओ न्यूज के मुताबिक, यह बैठक पहले तुर्किये में होने वाली थी। लेकिन इशाक डार की व्यस्तता के कारण उन्होंने नेताओं से इस्लामाबाद में मिलने का अनुरोध किया। डार ने कहा, यह बैठक पहले तुर्किये में तय थी। लेकिन व्यस्तता के कारण मैंने अपने साथियों को रविवार को इस्लामाबाद में मिलने को कहा। डार ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ईमानदारी और सच्चाई के साथ चल रहे विवादों को सुलझाने के लिए काम कर रहा है। डार ने बताया कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। लेकिन बातचीत की संवेदनशीलता के कारण अधिकारी सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी नहीं दे रहे हैं।
किसानों को राहत: ₹16.5 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ, Shruti Choudhry रहीं मौजूद
28 Mar, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी। पूर्व मुख्यमंत्री व देश के रक्षा व रेल मंत्री रहे चौ. बंसीलाल ने हरियाणा प्रदेश को एक उन्नत राज्य बनाने में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया था। उन्होंने दक्षिण हरियाणा जैसे रेतीले क्षेत्र में लिफ्ट इरीगेशन जैसी सिंचाई व्यवस्था को खड़ा करके हरा-भरा करने का कार्य किया। वे आधुनिक हरियाणा के निर्माता थे। यह बात सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने चौ. बंसीलाल की 20वीं पुण्यतिथि पर चौ. बंसीलाल के पैतृक गांव गोलागढ़ में चौ. बंसीलाल की समाधि पर पुष्पांजलि भेंट करते हुए कही। इस मौके पर मंत्री श्रुति चौधरी ने भिवानी जिले के गांव कैरू व तोशाम कस्बे में सिंचाई विभाग तथा पंचायत विभाग से जुड़ी साढ़े 16 करोड़ की पंप हाऊस व सिंचाई संबंधी योजनाओं की उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। श्रुति चौधरी ने बताया कि 31 मार्च को मुख्यमंत्री भिवानी जिले के तोशाम में प्रदेश स्तरीय सूक्ष्म सिंचाई मेले में पहुंचेंगे। इस मेले में दक्षिण हरियाणा जैसे रेतीले इलाके को हरा-भरा करने व सिंचाई को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री विभिन्न परियोजनाओं को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि आज समय है हमारे प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त पानी के स्त्रोतों को संचित करने का, इस दिशा में सिंचाई विभाग कार्य कर रहा है। इस मौके पर मंत्री श्रुति चौधरी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल व गैस के प्रबंधन को लेकर प्रधानमंत्री देशभर में व्यवस्थाओं को बेहतर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पेट्रोल की स्थिति पर हाई लेवल मॉनिटरिंग कमेटी भी बनाई है। देश में पेट्रोल की कमी व कालाबाजारी ना हो, इसके लिए सख्ती से कार्य भी किया जा रहा है।
बालाकोट-नोटबंदी पर राहुल का तंज, संसद में हंगामा
ट्रैफिक अलर्ट: राजबाड़ा-गांधी हॉल मार्ग पर वाहनों की एंट्री बंद
रिजल्ट के तनाव ने ली एक और जान: इंदौर में 12वीं की छात्रा ने जहर खाकर की आत्महत्या
गुजरात हाई कोर्ट का बड़ा झटका: आसाराम आश्रम की याचिका खारिज
