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बिजनेस में डूबे, जिंदगी भी गंवाई — प्रवीण मित्तल ने परिवार सहित दी जान
29 May, 2025 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्ज अगर नहीं चुका पाए तो सबकुछ लुटना तय है. घर-बार, जमीन-जायदाद और इज्जत… अक्सर यह देखने को मिलता है कि लोग किन्हीं कारणों से कर्ज तो ले लेते हैं, लेकिन ब्याज लगने के बाद उसे चुकाना उनके लिए भारी पड़ जाता है. कर्ज की मोटी रकम भरते-भरते उनकी जिंदगी इसी में गुजर जाती है. कुछ तो किसी तरह चुका देते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो नहीं भर पाते. ऐसे में कई लोग आत्मघाती कदम जैसे खुदकुशी तक कर लेते हैं. एक दिन पहले यही हरियाणा के पंचकुला में देखने को मिला, जहां प्रवीण मित्तल नाम के शख्स ने अपने माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चों के साथ जहर खाकर जान दे दी.
सामूहिक आत्महत्या को लेकर शुरुआत में जो जानकारी मिली, वह यह मिली कि प्रवीण मित्तल के ऊपर 20 करोड़ कर्ज था. पंचकुला में उनके दो फ्लैट और फैक्ट्री को बैंक ने ले लिया था, क्योंकि वह किस्त नहीं भर पा रहे थे. वह पंचकुला में दो कमरों के एक किराए के घर में रहते थे. साथ में उनके माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चे भी रहते थे, लेकिन क्या आपको पता है कि अपने ऊपर लदे इस कर्ज को उतारने के लिए उन्होंने चार शहर बदल डाले, लेकिन उनका नसीब था कि रूठा ही रहा. हरियाणा से हिमाचल गए, फिर उत्तराखंड और बंगाल गए, लेकिन नसीब डूबता चला गया.
हिमाचल के बद्दी से रूठ गई प्रवीण मित्तल की किस्मत
मृतक प्रवीण मित्तल के मामा के लड़के संदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रवीण मूल रूप से हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला का रहने वाले थे. उन्होंने पंचकूला में स्क्रैप का काम शुरू किया. बिजनेस चल पड़ा तो अच्छी कमाई होने लगी. फिर उन्होंने हिमाचल के बद्दी में स्क्रैप की फैक्ट्री डाल दी, लेकिन यहीं से प्रवीण का नसीब ऐसा रूठा कि फिर वह कभी उभर नहीं पाए. धीरे-धीरे फैक्ट्री घाटे में चली गई और प्रवीण पर कर्ज बढ़ता चला गया. इस दौरान प्रवीण पर करीब 20 करोड़ से ज्यादा का कर्ज हो चुका था.
देनदार देने लगे धमकी, फ्लैट-फैक्ट्री सब चला गया
बैंक की तरफ से और जिन लोगों से उन्होंने लोन लिया था, उनकी तरफ से उन्हें कॉल आने लगे. देनदार उन्हें धमकी भी देने लगे थे. इन सभी से पीछा छुड़ाने के लिए प्रवीण पंचकुला छोड़कर परिवार सहित उत्तराखंड के देहरादून में शिफ्ट हो गए. इस दौरान बैंक ने उनके पंचकूला में स्थित दो फ्लैट और फैक्ट्री को कब्जे में लिया, क्योंकि प्रवीण ने बैंक का लोन नहीं चुकाया था. कुछ समय के लिए प्रवीण पश्चिम बंगाल के कोलकाता भी गए, पर वहां भी काम नहीं जम पाया तो वापस देहरादून आ गए.
बोल-चाल में काफी शरीफ थे प्रवीण- मकान मालिक
देहरादून में रह कर वह टूर एंड ट्रैवल का काम कर रहे थे. पांच साल तक उनका किसी से कुछ संपर्क नहीं रहा. अभी हाल में वह देहरादून छोड़कर वापस पंचकुला आ गए. यहां किराए का कमरा लेकर रह रहे थे और टैक्सी चलाते थे. पंचकुला में जिस घर में इस समय प्रवीण रह रहे थे, उसके मकान मालिक ने बताया कि प्रवीण तीन दिन बाहर जाने का बोलकर गए थे. मुझे उनका फोन आया था कि बच्चों को नानी के घर लेकर जा रहे हैं. पानी भर रखिएगा, लेकिन आश्चर्य है कि उन्होंने आत्महत्या कर ली. बोल-चाल में काफी शरीफ थे. सुबह मॉर्निंग वॉक एक साथ करते थे. पिछले 25 दिनों से सात जन परिवार के दो कमरों में रह रहे थे.
भतीजे ने सुसाइड पर उठाए सवाल
वहीं प्रवीण मित्तल के भतीज ने इस सुसाइड पर सवाल उठाया. भतीजे अंकित मित्तल ने बताया कि साल 2007 में उन्हें नुकसान हुआ था, जिसके बाद वो पंचकूला छोड़कर पहले कोलकाता गए और फिर वहां तीन महीने बाद देहरादून शिफ्ट हो गए. वहां वो कैब चलाकर परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे. हाल ही में वो और उनकी फैमली शादी में शामिल हुई थी. तब भी उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बताया था. अंकित ने कहा कि अगर उन्हें आत्महत्या करनी ही थी तो तब करते, जब कर्ज में डूब गए थे. अब तो उनके ऊपर कर्ज नहीं था, क्योंकि बैंक ने उनकी प्रॉपर्टी, कार और फैक्ट्री जब्त कर ली थी.
वेस्ट बैंक में इजरायल बसाएगा 22 नई बस्तियां, कैट्ज बोले- कुचल देंगे आतंकवाद को
29 May, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम: इजरायल ने गुरुवार को कहा कि वह कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 22 नई यहूदी बस्तियां बसाएगा. इनमें नई बस्तियां बसाना और बिना सरकारी अनुमति के पहले से निर्मित बस्तियों को वैध बनाना शामिल होगा. इजरायल ने 1967 के पश्चिम एशिया युद्ध में गाजा, पूर्वी यरूशलम और वेस्ट बैंक पर कब्जा कर लिया था और फलस्तीनी चाहते हैं कि उनके भविष्य के राष्ट्र में ये तीनों क्षेत्र शामिल हों. ज्यादातर देश बस्तियों को अवैध और दशकों पुराने संघर्ष को हल करने में बाधा मानते हैं.
मजबूत होगी इजरायल की पकड़
रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने कहा कि बस्तियां बसाने से हमारी पकड़ मजबूत होगी. उन्होंने कहा "इस फैसले से इजरायल की भूमि पर हमारे ऐतिहासिक अधिकार को मजबूत मिलेगी और फलस्तीनी आतंकवाद कुचला जाएगा.'' उन्होंने कहा कि यह ''एक रणनीतिक कदम है जो इजरायल के लिए खतरा बनने वाले फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना को रोकेगा.'' इजरायल पहले ही इस क्षेत्र में 100 से अधिक बस्तियां बसा चुका है, जिनमें लगभग पांच लाख लोग रह रहे हैं.
मारा गया मोहम्मद सिनवार
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, गाजा में हमास की गतिविधियों को संचालित करने वाले मोहम्मद सिनवार को इजरायल की सेना ने मार गिराया है. इसकी पुष्टि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को ऐलान किया कि हमास के गाजा प्रमुख मोहम्मद सिनवार को इजरायल की सेना ने मार गिराया है. मोहम्मद सिनवार पूर्व हमास प्रमुख याह्या सिनवार का भाई था जिसे अक्टूबर 2024 में इजरायल डिफेंस फोर्स ने मार गिराया था.
इजरायल ने किया पलटवार
बता दें कि, हमास ने सात अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला किया था, जिसके बाद जंग शुरू हुई थी. हमले में आतंकियों ने लगभग 1,200 आम लोगों का कत्ल कर जिया था और 251 लोगों को बंधक बना लिया था. इस आतंकी घटना के जवाब में इजरायल ने पलटवार शुरू किया है जो आज भी जारी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायल की सैन्य कार्रवाई में 54,000 से अधिक लोग मारे गए हैं. घायलों की संख्या एक लाख के पार है.
गाजा में 600 दिन की तबाही: 54 हजार+ लाशें, कूड़े में खाना खोजते रहे लोग
29 May, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा: इजरायल और हमास के बीच जारी जंग को आज 600 दिन बीत चुके हैं. 600 दिनों से मध्य पूर्व को खून, आंसू और तबाही के अंधकार में डुबो रखा है. एक ऐसा संघर्ष जो सिर्फ दो पक्षों की लड़ाई नहीं है, बल्कि लाखों मासूमों के अस्तित्व का सवाल बन चुका है. 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ यह संघर्ष अब 600 दिन पार कर चुका है. दुनिया ने शायद उस दिन यह अंदाजा नहीं लगाया था कि यह हिंसा, इतनी गहराई तक आम जिंदगियों को चीर डालेगी.
गाजा की जमीन पर सिर्फ गोलियां और मिसाइलें नहीं उम्मीदें, सपने और इंसानियत भी गिरी
आंकड़ों की बात करें तो मरने वालों की संख्या पचास हजार के पार है और घायलों की तादाद लाखों में. लेकिन इन आंकड़ों के पीछे सिर्फ हथियार नहीं भूख, बीमारी और बंद होती जिंदगी की रेखाएं भी जिम्मेदार हैं. कुछ महीनों पहले सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया. न खाना पहुंच सका, न दवाइयां, न राहत. जो जिंदा हैं, वे हर रोज जिंदा रहने की जद्दोजहद में हैं.
कूड़े से ढूंढा जा रहा खाना
रिपोर्ट्स के मुताबिक हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों को कूड़े के ढेर में खाना तलाश करना पड़ रहा है. एक मां, अपने बच्चों को बचाने के लिए जले हुए चावल और सूखी रोटियों को उबालकर पेट भरने की कोशिश करती है. ये सिर्फ भुखमरी नहीं भारी तबाही का मंजर है. हाल ही में कुछ राहत सामग्री पहुंची जरूर, लेकिन हालात इतने विस्फोटक थे कि भीड़ ने नियंत्रण तोड़ दिया और सुरक्षा बलों ने जवाब में गोली चला दी. इस अफरातफरी में कई लोगों की जान चली गई, और दर्जनों घायल हो गए. बंधकों की वापसी की बात करें तो अब तक 148 लोग लौटे हैं. कभी समझौते के तहत, कभी बिना किसी डील के, और कभी सैन्य कार्रवाई से. लेकिन सैकड़ों अभी भी लापता हैं, और उन्हें वापस लाने के लिए राजनयिक कोशिशें जारी हैं. संघर्षविराम को लेकर बयानबाजी तो तेज है, लेकिन कोई साफ रास्ता नहीं दिखता. इजरायल जमीन पर बड़े हमले की बात करता है, तो हमास संघर्षविराम की शर्तें बदलता है. बीच में हैं बिचौलिये देश मिस्र, कतर और अमेरिका जो बैकफुट पर हैं. 600 दिन… और अब भी कोई स्पष्ट अंत नहीं.
13 मई के हवाई हमले में मारा गया हमास कमांडर मोहम्मद सिनवार, इजराइली पीएम नेतन्याहू ने की पुष्टि
29 May, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजराइल: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को पुष्टि की कि 13 मई को इजराइली हवाई हमले में हमास कमांडर मुहम्मद सिनवार मारा गया था. इजराइली रक्षा मंत्री काट्ज की ओर मई महीने के बीच में सिनवार की मौत का दावा किया गया था. पीएम का बयान सबूतों की पहली आधिकारिक पुष्टि के तौर पर देखा जा रहा है.
इससे पहले IDF (इजराइल रक्षा बल) के सूत्रों ने विदेशी मीडिया में आई उन रिपोर्टों पर संदेह जताया था, जिनमें कहा गया था कि सिनवार का शव उसके लगभग एक दर्जन सहयोगियों के साथ पाया गया था. जिनमें राफा ब्रिगेड के प्रमुख मुहम्मद शबानाह भी शामिल थे. जिन्हें सिनवार का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता था. हालांकि, मीडिया से बात करते हुए IDF सूत्रों ने कहा कि हमले के समय दोनों हमास नेता एक साथ थे, इसलिए बहुत संभव है कि उनकी मौत हो गई हो.
13 मई को किया था हमला
13 मई को हवाई हमले में गाजा स्थित एक अस्पताल के नीचे हमास सुरंग परिसर पर भारी बमबारी की गई थी, इजराइल का दावा है कि यहीं सिनवार के छिपे होने का संदेह था. अब पीएम नेतन्याहू ने इस हमले में मोहम्मद सिनवार की मौत की पुष्टि की है.
याह्या सिनवार के बाद संभाली थी हमास की कमान
मोहम्मद सिनवार ने अपने भाई याह्या सिनवार की मौत के बाद हमास का नेतृत्व संभाला था. 7 अक्टूबर के हमलों का मुख्य मास्टरमाइंड माने जाने वाले याह्या सिनवार को इजराइली सेना ने राफा में एक ऑपरेशन में मार गिराया था. इसके बाद मोहम्मद सिनवार उनकी जगह ली थी, बता दें मोहम्मद सिनवार याह्या सिनवार का भाई ही था.
अब हमास को कौन संभालेगा?
हमास के ज्यादातर नेताओं की हत्या इजराइल ने कर दी है. हमास के खिलाफ जारी 19 महीनों से इजराइली अभियान के बाद समूह की कमर टूट गई है. हालांकि हमास के लड़ाके इसके बावजूद भी गाजा में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं और इजराइली सेना का मुकाबला कर रहे हैं. लेकिन अभी ऐसा कोई नाम सामने नहीं आया है, जिसको नेतृत्व के योग्य माना जाए.
अमेरिकी प्रस्ताव को हमास ने दी हरी झंडी, फिर क्यों नहीं थम रहा युद्ध?
29 May, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फिलिस्तीनी समूह हमास ने मंगलवार को अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ की ओर से पेश किए गए नए युद्धविराम प्रस्ताव को मंजूरी देने का ऐलान किया है, जो गाजा पट्टी पर चल रहे इजराइली आक्रमण को रोकने की कोशिशों में संभावित सफलता की उम्मीद जगा रहा है. एक आधिकारिक बयान में हमास ने कहा कि प्रस्ताव एक सामान्य रूपरेखा को रेखांकित करता है. जिसमें एक स्थायी युद्धविराम, गाजा पट्टी से इजराइली सेना की पूरी तरह से वापसी, मानवीय सहायता का तत्काल प्रवेश और समझौते की औपचारिक ऐलान के बाद एन्क्लेव के नागरिक मामलों को प्रशासित करने के लिए एक पेशेवर समिति का गठन शामिल है.
प्रस्ताव के तहत 10 बंदियों को किया जाएगा रिहा
हमास के बयान में आगे कहा गया है कि इस समझौते में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की देखरेख में फिलिस्तीनी बंदियों की एक सहमत संख्या के बदले में दस इजराइली बंदियों की रिहाई के साथ-साथ कई शवों की वापसी शामिल है. वहीं स्टीवन विटकॉफ ने व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफ के दौरान कहा, ''हम एक समझौता को प्रस्तुत करने के करीब हैं, जिसकी आज समीक्षा के लिए राष्ट्रपति के पास पहुंचने की उम्मीद है. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हों युद्ध विराम और संघर्ष के लंबे समाधान पर पहुंचने की उम्मीद है.''
युद्ध विराम में देरी क्यों?
हमास ने बयान जारी कर युद्ध विराम समझौते पर सहमति जता दी गई है. लेकिन इजराइल की ओर से युद्ध विराम समझौते को लेकर अभी तक कोई सकारात्मक बयान नहीं आया है. नेतन्याहू पर आरोप है कि वह युद्ध को लंबा खींचना चाहते हैं और बंदियों की रिहाई की उन्हें चिंता नहीं है. युद्ध विराम के लिए दोनों पार्टियों की राजी होने की जरूरत है. पिछला युद्ध विराम भी इजराइल की ओर से तोड़ दिया गया था.
7 अक्टूबर नहीं भूलेंगे – ट्रंप
वहीं ट्रंप ने भी गाजा की स्थिति पर बोलते हुए कहा, ''हम गाजा में पूरी स्थिति से निपट रहे हैं. हम गाजा के लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं. यह बहुत ही खराब स्थिति रही है… 7 अक्टूबर का दिन बहुत ही खराब दिन था, लोग इसे भी नहीं भूलेंगे.''
अमेरिकी अदालत का फैसला: संविधान के खिलाफ ट्रंप, टैरिफ योजना पर लगी रोक
29 May, 2025 11:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी कोर्ट ने एक बड़ा झटका देते हुए, उनके टैरिफ प्लान पर रोक लगा दी है. ये रोक लिबरेशन डे टैरिफ पर लगाई गई है. आपको बता दें कि मैनहेटन संघीय अदालत ने ट्रंप के इस टैरिफ को लेकर किए गए ऐलान को भी असंवैधानिक बताया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करते हुए ऐसा कदम उठाया है. ये कदम अमेरिका के संविधान के अनुरूप नहीं है.
हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ पावर को बरकरार रखने के लिए कोर्ट से आग्रह किया है. प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि कानूनी झटका चीन के साथ "असमान" व्यापार संघर्ष की दिशा बदल सकता है और भारत-पाकिस्तान संघर्ष को पुनर्जीवित कर सकता है. ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि टैरिफ़ के संबंध में कई देशों के साथ व्यापार वार्ता चल रही है, और यह मुद्दा "नाजुक स्थिति" में है, क्योंकि व्यापार सौदों को अंतिम रूप देने की अंतिम तिथि 7 जुलाई है. वहीं, अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अमेरिकी संविधान कांग्रेस को अन्य देशों के साथ वाणिज्य को विनियमित करने का विशेष अधिकार देता है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों से प्रभावित नहीं है.
अमेरिका ने लगाया था टैरिफ
ट्रंप ने 2 अप्रैल को अमेरिका के सबसे ज़्यादा व्यापारिक साझेदारों पर 10 प्रतिशत बेसलाइन के साथ व्यापक टैरिफ़ लगाए, और उन देशों के लिए उच्च दरें लगाईं जिनके साथ अमेरिका का सबसे ज़्यादा व्यापार घाटा है, ख़ास तौर पर चीन और यूरोपीय संघ. अमेरिका की विनिर्माण क्षमता को बहाल करने के लिए लगाए गए इन शुल्कों ने अमेरिकी वित्तीय बाज़ारों को झकझोर कर रख दिया था. जिसके बाद एक हफ़्ते बाद इनमें से कई देश-विशिष्ट टैरिफ़ रोक दिए गए. 12 मई को ट्रंप प्रशासन ने कहा कि वह एक लंबी अवधि के व्यापार समझौते पर काम करते हुए चीन पर लगाए गए सबसे ज़्यादा टैरिफ़ को अस्थायी रूप से कम कर रहा है. दोनों देश कम से कम 90 दिनों के लिए एक-दूसरे पर टैरिफ़ कम करने पर सहमत हुए.
ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मामले
आपको बता दें कि कोर्ट ने अपना ये फ़ैसला दो मुकदमों में सुनाया है. इन मुकदमों में पहला गैर-पक्षपाती लिबर्टी जस्टिस सेंटर द्वारा पांच छोटे अमेरिकी व्यवसायों की ओर से दायर किया गया था, जो शुल्कों द्वारा लक्षित देशों से सामान आयात करते हैं. और दूसरा 13 अमेरिकी राज्यों द्वारा. कंपनियों ने कहा है कि टैरिफ़ से उनके व्यापार करने की क्षमता को नुकसान होगा.इसके अलावा, टैरिफ़ को लेकर कम से कम पांच अन्य कानूनी चुनौतियां अदालतों में लंबित हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का बड़ा बयान: अमेरिका करेगा चीनी छात्रों के वीजा रद्द, 2.77 लाख छात्रों पर संकट
29 May, 2025 08:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: अमेरिका और चीन के संबंध काफी वक्त से ठीक नहीं है. हाल ही में टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच जमकर बयानबाजी देखने को मिली थी. हालांकि, टैरिफ पर दोनों देशों जरूर एक राय हो चुके हैं, लेकिन अब चीन के छात्रों के वीजा को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री ने एक बयान दिया है. जिसे लेकर दोनों देश फिर आमने-सामने आ सकते हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि अमेरिका चीनी छात्रों के वीजा को रद्द करना शुरू करेगा. इन छात्रों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े या महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अध्ययन करने वाले छात्र भी शामिल हैं.
एक खबर के मुताबिक, इसके साथ ही रुबियो ने एक बयान में कहा कि विदेश विभाग चीन और हांगकांग से भविष्य के सभी वीजा आवेदनों की जांच को बढ़ाने के लिए वीजा मानदंडों को भी संशोधित करेगा. वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने रुबियो की टिप्पणी को लेकर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है.
विदेशी छात्रों में दूसरी सबसे ज्यादा संख्या
इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन के अनुसार, 2023-2024 में अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या चीन से है, जिसके 277398 छात्र हैं. वहीं अमेरिका में सर्वाधिक विदेशी छात्रों की संख्या में भारत सबसे आगे है. यहां 3.31 लाख भारतीय छात्र हैं. मंगलवार को यह बताया गया कि अमेरिकी विदेश विभाग ने छात्र और एक्सचेंज विजिटर वीजा आवेदकों के लिए नई नियुक्तियों को रोक दिया है.
सोशल मीडिया जांच का दायरा बढ़ाया
ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों की सोशल मीडिया जांच का दायरा बढ़ा दिया है. साथ ही अपने सख्त इमीग्रेशन एजेंडे को पूरा करने के व्यापक प्रयासों के तहत डिपोर्टेशन बढ़ाने और छात्र वीजा रद्द करने की कोशिश कर रहा है.
ज्योति मल्होत्रा का दावा- "मैंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया"
28 May, 2025 08:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत ज्योति मल्होत्रा को जेल भेज दिया गया । उसके पिता सुबह करीब 10 बजे जेल परिसर पहुंचे और बेटी से मिलवाने का अनुरोध किया। जेल रजिस्टर में एंट्री के बाद जेल नियमों के अनुसार उन्हें अंदर मिलने भेजा गया। पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा से मिलने के लिए उसके पिता हरीश मल्होत्रा मंगलवार को हिसार सेंट्रल जेल-2 में पहुंचे। उन्होंने करीब 20 मिनट तक बेटी से बातचीत की। इस दौरान ज्योति को कुछ कपड़े दिए। बेटी को जेल की सलाखों के पीछे देखकर हरीश मल्होत्रा भावुक हो गए। ज्योति ने उनसे कहा कि आप चिंता न करें, मैं जल्द बाहर आ जाऊंगी। मैंने कोई गैर कानूनी काम नहीं किया है। पिता-पुत्री की मुलाकात सामान्य कैदियों की तरह ही करवाई गई।
स्पेसएक्स का ‘स्टारशिप’ फिर टूटा, 9वीं टेस्ट फ्लाइट भी रही नाकाम
28 May, 2025 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टेक्सास: एक के बाद एक लगातार 2 विस्फोटों के बाद 'SpaceX' के विशाल रॉकेट 'स्टारशिप' का फिर से प्रक्षेपण किया गया जो असफल रहा. अमेरिका की निजी वांतरिक्ष और अंतरिक्ष परिवहन सेवा कंपनी 'SpaceX' ने मंगलवार शाम को 'स्टारशिप' का फिर से प्रक्षेपण किया था लेकिन यान नियंत्रण से बाहर हो गया और टूटकर बिखर गया.
अंतरिक्ष यान टूटकर फट गया
टेक्सास के दक्षिणी सिरे पर 'SpaceX' के प्रक्षेपण स्थल 'स्टारबेस' से 123 मीटर लंबे रॉकेट ने अपनी नौवीं 'प्रायोगिक' उड़ान भरी थी. इस प्रयोग के बाद कई नकली उपग्रहों को छोड़ने की उम्मीद की थी, लेकिन यान का दरवाजा पूरी तरह से नहीं खुल सका और परीक्षण विफल हो गया. इसके बाद यान अंतरिक्ष में घूमते हुए अनियंत्रित होकर हिंद महासागर में गिरकर नष्ट हो गया. 'SpaceX' ने बाद में पुष्टि की कि अंतरिक्ष यान टूटकर फट गया. कंपनी ने एक ऑनलाइन बयान में कहा, ''टीम डेटा की समीक्षा करना जारी रखेगी और अगले परीक्षण की दिशा में काम करेंगी.''
एलन मस्क ने क्या कहा?
'SpaceX' के CEO एलन मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि पिछली 2 बार की विफलताओं से सीख लेते हुए इस बार के परीक्षण में बड़ा सुधार किया गया था. पूर्व के परीक्षण में 'स्टारशिप' के यान का मलबा अटलांटिक के ऊपर जलकर नष्ट हो गया था. हालिया विफलता के बावजूद मस्क ने आगे और प्रक्षेपण का वादा किया.
क्या बोले फ्लाइट कमेंटेटर?
मस्क की 'स्टारशिप' चंद्रमा और मंगल की यात्रा के लिए भेजी जाएगी. 'SpaceX' के फ्लाइट कमेंटेटर डैन ह्यूट ने कहा, ''एक समय पर बूस्टर से संपर्क टूट गया और यान टुकड़ों में टूटकर मैक्सिको की खाड़ी में जा गिरा, जबकि अंतरिक्ष यान हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा था. इसके बाद संभवत: ईंधन रिसाव के कारण अंतरिक्ष यान नियंत्रण से बाहर हो गया.''
डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से नाराज़ एलन मस्क, पहली बार खुलकर जताई असहमति
28 May, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप ने जब दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभाला तो उन्होंने कई कड़े फैसले लेने का ऐलान किया. उनके रेडिकल फैसलों का अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की इकोनॉमी पर असर पड़ा. ट्रंप ने इसके साथ ही सरकार के कामकाज को और बेहतर बनाने और कॉस्ट कटिंग को ध्यान में रखते हुए DOGE का गठन किया और चुनाव के दौरान उन्हें फंड करने वाले टेस्ला चीफ एलन मस्क को इसका चीफ बनाया गया. हालांकि, बाद में अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए मस्क ने यह पद छोड़ दिया. अब ट्रंप के इसी करीबी अरबपति ने सरकार के एक फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए उससे असहमति जताई है. यह फैसला टैक्स कट से जुड़ा हुआ है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने पहले बड़े मतभेद में टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने 'वन बिग ब्यूटिफुल बिल' को लेकर अपनी गहरी नाराज़गी जताई है. यह बिल सरकारी खर्चों में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव करता है. इसे अमेरिकी बजट घाटे को घटाने की बजाय बढ़ाने वाला माना जा रहा है. मस्क ने एक इंटरव्यू में यह असहमति जताई है. उन्होंने कहा, 'मैं इस भारी-भरकम खर्च वाले बिल को देखकर निराश हूं, जो बजट घाटे को घटाने के बजाय बढ़ा रहा है और हमारी DOGE टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों को कमजोर कर रहा है.' मस्क का यह इंटरव्यू 1 जून 2025 को ब्रॉडकास्ट होने वाला है.
ट्रंप सरकार के नए बिल में क्या है
प्रस्तावित बिल में ट्रंप द्वारा साल 2017 में लागू किए गए कर कटौती प्रावधानों को बढ़ाने का प्रस्ताव है, जो इस साल समाप्त होने वाला था. एक रिपोर्ट के अनुसार, इस विस्तार से अगले 10 साल में घाटा $2.8 ट्रिलियन तक बढ़ सकता है, जो ट्रंप के चुनाव पूर्व वादों के विपरीत है. इसपर बाजार का रिएक्शन तीखी रही. 23 मई को कारोबार के अंत में अमेरिकी लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड 2007 के बाद से सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए, जो निवेशकों के अमेरिकी कर्ज पर घटते भरोसे और बढ़ती उधारी लागत का संकेत है.
क्या बोले मस्क
मस्क ने इसपर कहा, 'कोई बिल बड़ा हो सकता है या सुंदर हो सकता है, लेकिन दोनों एक साथ नहीं हो सकते.' गौरतलब है कि ट्रंप ने मस्क को अपने प्रमुख डोनर के रूप में DOGE का प्रमुख नियुक्त किया था, ताकि सरकारी कामकाज को आधुनिक बनाया जा सके, अफसरशाही घटाई जा सके, अनावश्यक खर्च पर लगाम लगे और अमेरिकी कर्ज को कम किया जा सके. DOGE ने अब तक $175 बिलियन की बचत का दावा किया है. हालांकि, इस एजेंसी की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं और इसके अधिकार क्षेत्र को लेकर कानूनी चुनौतियां भी सामने आई हैं.
DOGE से हट चुके हैं ट्रंप
इसी बीच, टेस्ला की अप्रैल में तीन सालों में सबसे कम बिक्री दर्ज की गई, जिसके चलते मस्क ने DOGE की जिम्मेदारी से आंशिक रूप से पीछे हटते हुए अपने निजी व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है. यह सार्वजनिक असहमति केवल ट्रंप-मस्क संबंधों के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका की आर्थिक नीतियों और फाइनेंशियल प्लानिंग पर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकती है. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर बजट घाटा इसी तरह बढ़ता रहा, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थायित्व बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. ट्रंप सरकार और मस्क के बीच यह टकराव अमेरिकी राजनीति और अर्थव्यवस्था के आने वाले दौर की दिशा तय कर सकता है.
जींद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, निवेश घोटाले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
28 May, 2025 03:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जींद: गांव थुआ के एक व्यक्ति सहित 25 से ज्यादा जानकारों, रिश्तेदारों को कंपनी में राशि निवेश करवा मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक करोड़ रुपये हड़पने के एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान राजस्थान के लाल कोठी जयपुर निवासी प्रकाशचंद जैन के रूप में हुई है।
गांव थुआ निवासी सतीश ने 28 नवंबर 2024 को अलेवा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि मध्य प्रदेश निवासी कमल गोस्वामी पानीपत में काम करता था और उसके साथ उसकी जान-पहचान थी। उसने काम धंधे के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह बेरोजगार है। कमल गोस्वामी ने कहा कि उसके रिश्तेदार हैं, जो डीजी मुद्रा के नाम से बिजनेस कर रहे हैं।
इसमें निवेश करने पर एक साल में ही तीन गुणा मुनाफा होता है। वह उसकी बातों में आ गया। कमल गोस्वामी ने उसे राजस्थान के जयपुर में भेज दिया, जहां अजमेर रोड पर जीवी टोल प्लाजा के पास कंपनी का मुख्य कार्यालय था और वहां किस्टल माल में डायरेक्टर रवि जैन तथा प्रकाश जैन से मिला। इस दौरान वहां अमित, विवेक, शशि जैन, कैलाश मालाकार भी मौजूद थे। सभी ने उसे कंपनी के बारे में बताते हुए कहा कि यह भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है।
डायरेक्टर प्रकाश चंद जैन, रवि जैन के साथ मुलाकात के बाद कैलाश, कमल ने उसे कंपनी का प्लान बताया। आरोपितों के कहे अनुसार उसने 15 अगस्त 2022 को 13 हजार 540 रुपये लगा दिए। इसके बाद उसके मोबाइल फोन पर एप बनवाई गई और इसमें साफ्टवेयर में उसकी राशि दिखने लगी। सतीश ने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों के साथ कमल गोस्वामी और कैलाश के साथ बैठक करवाई।
उन्हें बहुत ज्यादा रुपया कमाने के सपने दिखाए गए। उनसे प्रभावित होकर सतीश ने अपने भाई सुरेंद्र, बहन गीता, भतीजी अनुष्का, मां रामरती के नाम से आईडी बनाकर 29 लाख 58 हजार 573 रुपये निवेश कर दिए। एप में यह राशि दिखने लगी। कुछ समय के बाद रुपये बढ़कर दिखने लगे लेकिन ये निकल नहीं रहे थे तो उसने आरोपितों से बात की। वह जयपुर भी मुख्य आफिस पर गए। इसके बाद उन्हें तीन महीने का समय दिया गया।
तीन महीने बाद भी रुपये नहीं निकले तो सभी परेशान हो गए। उन्होंने अपने स्तर पर छानबीन की तो पता चला कि आरोपित रवि जैन दो हजार करोड़ रुपये की ठगी कर दुबई में भाग गया है।
पुलिस ने सतीश की शिकायत पर जयपुर के टोंक रोड निवासी प्रकाश चंद जैन, डायरेक्टर रवि जैन, मध्य प्रदेश के रूटियाइ निवासी कमल गोस्वामी, अजमेर निवाासी कैलाश मालाकार, विवेक, शशि जैन, नागौर निवासी ओमपुरी गोस्वामी, अजमेर निवासी रामस्वरूप, इला जैन, ओजस इन्फोटेक जयपुर का मालिक आकाश जैन व 20-25 अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित प्रकाशचंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया।
हरियाणा के पानीपत में शादी के बाद दुल्हन ने दूल्हे को धोखा दिया
28 May, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के पानीपत में दूल्हे को लव मैरिज का ऐसा चूना लगा, जिसे वो ताउम्र याद रखेगा. उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी दुल्हनिया ऐसा कुछ कर जाएगी. दरअसल, शादी के बाद दुल्हन अपने दूल्हे को छोड़कर भाग गई. साथ में घर में रखा कैश और गहने भी ले गए. दूल्हे की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. अब लुटेरी दुल्हन की तलाश की जा रही है.
परिजनों की मानें तो दुल्हन घर से बिन बताए कहीं चली गई. न तो उसका फोन लग रहा है और न ही कुछ अता-पता है. मामला सदर थाना क्षेत्र के एक गांव का है. यहा रहने वाले रोहित (काल्पनिक नाम) की शादी नेहा (बदला हुआ नाम) से बरेली के एक मंदिर में 14 मई को हुई थी. दूल्हा अपनी शादी को लेकर काफी खुश था. दोनों हनीमून पर भी गए. फिर वापस आने पर 27 मई की दोपहर तीन बजे नेता कहीं गायब हो गई.
ये पीड़ित परिवार ने बताया- हमने नेहा को तलाशने की काफी कोशिश की. लेकिन उसका कुछ भी पता न चल सका. फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था. हमने तब उसके परिवार को फोन किया. लेकिन उनसे भी कोई संतोषजनक जबाब नहीं मिला. यहां तक कि सभी रिश्तेदारों से भी पूछा. किसी को भी नई नवेली दुल्हन के बारे में पता नहीं था. तभी हमने पाया कि घर से सारा कैश और गहने गायब हैं. हमें यह समझते देर न लगी कि दुल्हन चूना लगाकर हमें भागी है.
‘दुल्हन के इरादों से अंजान थे’
जानकारी के मुताबिक, दूल्हे ने यह लव मैरिज की थी. दूल्हे की मानें तो शादी के बाद से ही दुल्हन उन लोगों के साथ काफी अच्छे तरीके से रह रही थी. ऐसे में किसी को भी शक नहीं हो सकता था कि उसके इरादे क्या हैं? वो हम सभी का ख्याल रख रही थी. हनीमून पर भी वो काफी खुश थी. पता नहीं वो क्यों ऐसा कर गई.
लुटेरी दुल्हन की तलाश जारी
पुलिस ने कहा- दूल्हे की तहरीर पर हमने मामला दर्ज कर लिया है. दुल्हन की तलाश की जा रही है. साथ ही उसके परिजनों से भी मामले में पूछताछ की जाएगी. मामले में फिलहाल आगामी जांच जारी है.
ट्रंप का कनाडा को ऑफर: 51वां राज्य बनो, मुफ्त में मिलेगा गोल्डन डोम
28 May, 2025 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति होना मतलब दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान. ये बात यकीनन हर कोई अच्छे से जानता है. लेकिन जब बात डोनाल्ड ट्रंप हो कि तो लोग अमेरिकन राष्ट्रपति की हैसियत को थोड़ा अलग नजरों से देखते हैं. इसकी वजह और कोई नहीं बल्कि खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही है. वो आए दिन कोई न कोई ऐसा शिगूफा छोड़ देते हैं, जिसके बारे में सुनकर कोई भी माथा पकड़ लेता है. अब फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सनसनीखेज बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि कनाडा उनके प्रस्तावित गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम का फ्री में हिस्सा बन सकता है बशर्ते तभी जब वह अमेरिका का हिस्सा बन जाए.
हमारा हिस्सा बनो, जीरो डॉलर का खर्चा
ट्रंप ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वरना इस डिफेंस सिस्टम के लिए कनाडा को $61 बिलियन खर्च करने होंगे. ट्रंप पहले भी कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां स्टेट बनने का ऑफर दे चुके हैं. दरअसल डोनाल्ड ट्रंप का ये बयान तब आया है. जब कनाडा ने मिसाइल डिफेंस सिस्टम में अपनी दिलचस्पी दिखाई है. ट्रंप ने कनाडा को ऑफर देते हुए कहा कि मैंने कनाडा से कहा, जो हमारे शानदार गोल्डन डोम सिस्टम का हिस्सा बनना चाहता है, कि अगर वे अलग रहते हैं, तो उन्हें $61 बिलियन डॉलर का खर्च आएगा. वहीं वो अगर हमारे 51वें स्टेट बन जाते हैं, तो उन्हें शून्य डॉलर का खर्च आएगा. वे इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं!"
लागत और समयसीमा: यह सिस्टम 175 बिलियन डॉलर में बनेगा और 2029 तक उनके कार्यकाल के अंत तक चालू हो जाएगा. वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक इसकी लागत 500 बिलियन डॉलर से अधिक हो सकती है, और इसे पूरा होने में दशकों लग सकते हैं.
क्या है गोल्डन डोम: गोल्डन डोम एक मल्टीलेयर्ड डिफेंस सिस्टम है, जिसमें जमीन, समुद्र, हवा और अंतरिक्ष-आधारित सेंसर और इंटरसेप्टर शामिल होंगे. यह सैटेलाइट्स के एक नेटवर्क का उपयोग करेगा जो मिसाइलों को पहचान, ट्रैक और उनकी उड़ान के विभिन्न चरणों में नष्ट करेगा.
गोल्डन डोम की खासियत: अंतरिक्ष में हथियार तैनात होंगे, जो मिसाइलों को लॉन्च के तुरंत बाद (बूस्ट फेज) नष्ट कर सकते हैं. हाइपरसोनिक मिसाइलों और फ्रैक्शनल ऑर्बिटल बॉम्बार्डमेंट सिस्टम (FOBS) जैसे खतरों का मुकाबला करने के लिए डिज़ान किया गया है.
ट्रंप के ऑफर पर कनाडा की क्या प्रतिक्रिया
हालांकि अभी तक ट्रंप के इस दावे पर कनाडा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. ट्रंप ने एक सप्ताह पहले "गोल्डन डोम" सिस्टम की योजना की घोषणा की थी. तब उन्होंने कहा था कि इसकी लागत लगभग 175 बिलियन डॉलर होगी और यह 2029 में उनके कार्यकाल के अंत तक गोल्डन डोम काम करना शुरू कर देगा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस योजना को बड़ी तकनीकी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और इसके लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उनके अनुमान से कहीं अधिक लागत आ सकती है.
कनाडा बिक्री के लिए नहीं
ट्रंप ने उस समय यह भी कहा था कि कनाडा मिसाइल सिस्टम में शामिल होने में रुचि रखता है. कनाडा के प्रधान मंत्री मार्क कार्नी ने तब पुष्टि की कि उनके देश ने इस मुद्दे पर हाई लेवल पर बातचीत की है. कार्नी ने इस महीने की शुरुआत में व्हाइट हाउस का दौरा करने के दौरान कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने के ट्रंप के ऑफर को ठुकरा दिया था, उन्होंने कहा कि उनका देश "कभी भी बिक्री के लिए नहीं है." हालांकि, कनाडाई प्रधानमंत्री और ट्रंप ने ओटावा पर लगाए गए टैरिफ से संबंधित कुछ तनावों को कम करने का प्रयास किया.
ट्रंप सरकार का सख्त कदम, विदेशी छात्रों के वीज़ा इंटरव्यू पर अस्थायी रोक
28 May, 2025 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका: अमेरिकी विदेश विभाग ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए नए वीजा इंटरव्यू अस्थायी रूप से रोक दिए हैं. यह निर्णय सोशल मीडिया गतिविधियों की कड़ी जांच की तैयारी के तहत लिया गया है. आदेश में कहा गया है कि विस्तृत दिशा-निर्देश जब तक जारी नहीं होते, तब तक अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास नए छात्र (F), व्यावसायिक (M) और एक्सचेंज विजिटर (J) वीजा इंटरव्यू की नई अपॉइंटमेंट्स नहीं लेंगे.
हालांकि, जिन आवेदकों के इंटरव्यू पहले से निर्धारित हैं, वे यथावत जारी रहेंगे. यह कदम ट्रंप प्रशासन की व्यापक "एक्सट्रीम वेटिंग" नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच करना है. इसमें इंस्टाग्राम, एक्स, टिकटॉक और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर पोस्ट, लाइक, कमेंट और शेयर की गई सामग्री की समीक्षा शामिल है. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी रोक अंतरराष्ट्रीय छात्रों की अमेरिका में पढ़ाई की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है. अमेरिकी विश्वविद्यालयों में लगभग 11 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ते हैं, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सालाना 40 अरब डॉलर से अधिक का योगदान देते हैं.
फ्रांस दूतावास के पूर्व अधिकारी शुभम शौकीन पर इंटरपोल का शिकंजा, सिल्वर नोटिस जारी
28 May, 2025 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंटरपोल ने भारत की गुजारिश पर पहला सिल्वर नोटिस जारी किया है. यह नोटिस फ्रेंच एम्बेसी के पूर्व अधिकारी शुभम शौकीन के खिलाफ जारी किया गया है, शुभम एक बड़े वीजा घोटाले के आरोपी हैं और फरार चल रहे हैं. इस नोटिस के बाद उनके द्वारा अवैध रूप से कमाई गई वैश्विक संपत्तियों का पता लगाना और ट्रैक करना है. सिल्वर नोटिस इंटरपोल का एक नया रंग-कोडेड नोटिस है, जिसे जनवरी में शुरू किया गया था. इसका मकसद अवैध संपत्तियों की वैश्विक निगरानी और जानकारी एकत्र करना है. यह नोटिस अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत जारी किया जा रहा है, जिसमें भारत सहित 51 देश शामिल हैं.
शौकीन पर क्या हैं आरोप?
CBI के मुताबिक सितंबर 2019 से मई 2022 के बीच शुभम शौकीन ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रेंच एम्बेसी में वीजा देने के नाम पर लोगों से 15 लाख से 45 लाख रुपये तक की घूस ली थी. इस रकम से उसने दुबई में करीब 15.7 करोड़ रुपये की छह अचल संपत्तियां खरीदीं. शौकीन के ठिकाने का पता लगाने के लिए CBI पहले ब्लू नोटिस भी जारी कर चुके हैं.
अमित मदनलाल पर भी कार्रवाई
CBI के अनुरोध पर अमित मदनलाल को दूसरा सिल्वर नोटिस 26 मई को जारी किया गया, जो ED की जांच के घेरे में है. मदनलाल ने MTC नाम की क्रिप्टोकरेंसी बनाई, जो भारत में मान्यता प्राप्त नहीं है और इंवेस्टर्स से करीब 113 करोड़ रुपये जमा किए. बाद में ये रकम लेकर वह फरार हो गए. वह खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों को ठगता था.
जब्त की जाएंगी प्रॉपर्टी
CBI ने कहा कि सिल्वर नोटिस के जरिए से अब ऐसे मामलों में संपत्तियों का पता लगाकर उनकी जब्ती या वसूली की जा सकती है, जो संबंधित देशों के कानूनों के अधीन होगी. इंटरपोल अब तक नौ रंग-कोडेड नोटिस जारी करता है, जिनमें रेड (फरार अपराधियों के लिए), ब्लू (सूचना के लिए), ब्लैक (अनपहचाने शवों के लिए) और येलो (लापता लोगों के लिए) शामिल हैं.
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