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दो भारतीय सैनिकों को UN शांति मिशन में मिलेगा अंतरराष्ट्रीय सम्मान
28 May, 2025 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले साल संयुक्त राष्ट्र के बैनर तले सेवा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले 2 भारतीय शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा. यूएन यह हफ्ता शांति सैनिक दिवस यानी इंटरनेशनल डे ऑफ यूएन पीसकीपर्स के रूप में बना रहा है. ब्रिगेडियर जनरल अमिताभ झा, जो यूएन डिस्एनगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स (UNDOF) के साथ जुड़े हुए थे और हवलदार संजय सिंह, जिन्हें डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (MONUSCO) में यूनाइटेड नेशंस स्टैबलाइजेश मिशन के साथ तैनात किया गया था, को संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर 29 मई को यूनाइटेड नेशंस में एक समारोह में मरणोपरांत डैग हैमरस्कॉल्ड पदक से सम्मानित किया जाएगा.
भारत चौथा सबसे बड़ा सहयोगकर्ता
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में लगातार अपना योगदान देता रहा है. वह यूएन शांति मिशन में वर्दीधारी कर्मियों को भेजने के मामले में चौथा सबसे बड़ा देश है. वर्तमान में भारत के अबेई, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, लेबनान, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में 5,300 से अधिक सैन्य और पुलिसकर्मी तैनात हैं.
शांति सैनिक दिवस के अवसर पर यूएन के मुख्यालय में आयोजित समारोहों के दौरान, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 1948 से अब तक अपनी जान गंवाने वाले 4,400 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. साथ ही गुटेरेस एक समारोह की अध्यक्षता भी करेंगे, जिसमें पिछले साल संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में सेवा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले 57 सैन्य, पुलिस और नागरिक शांति सैनिकों को मरणोपरांत डैग हैमरशॉल्ड पदक प्रदान किए जाएंगे.
कहां पर तैनात थे भारतीय जवान
महासचिव गुटेरेस घाना की स्क्वाड्रन लीडर शेरोन म्विनसोटे सिमे को 2024 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर और सिएरा लियोन की सुपरिंटेंडेंट जैनब गब्ला को यूएन वूमन पुलिस ऑफिसर ऑफ द ईयर पुरस्कार भी प्रदान करेंगे. दोनों अबेई में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम सुरक्षा बल (UNISFA) के साथ काम करते हैं.
ब्रिगेडियर जनरल अमिताभ झा अप्रैल 2023 से यूएन डिस्एनगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स (यूएनडीओएफ) के डिप्टी फोर्स कमांडर के रूप में कार्यरत थे. इससे पहले उन्होंने सीरिया में असद सरकार के पतन के बाद वहां के कठिन परिस्थितियों के बीच यूएनडीओएफ के कार्यवाहक फोर्स कमांडर के रूप में काम किया था. वह 2005 से 2006 तक कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन (एमओएनयूएससीओ) में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हो चुके हैं. ब्रिगेडियर झा 14 अप्रैल, 2023 को यूएनडीओएफ मिशन में शामिल हुए. वह एक इन्फैंट्री ऑफिसर थे और यूएनडीओएफ में तैनाती से पहले उन्होंने भारत के ग्लेशिएटेड पर्वतीय इलाकों में एक ब्रिगेड और कमांडिंग ऑफिसर के रूप में एक स्पेशल यूनिट की कमान संभाल चुके थे. उनका निधन पिछले साल 24 दिसंबर को हो गया था. निधन के समय वह गोलान हाइट्स में काम कर रहे थे.
ड्यूटी के दौरान हवलदार संजय सिंह का निधन
अमिताभ झा सैन्य कूटनीति, भू-राजनीति, इंडो-पैसिफिक, आधुनिक और छोटे युद्ध, उप-पारंपरिक युद्ध और जनजातियों तथा संस्कृति से जुड़े विषयों पर पढ़ने में खासी रुचि थी. इसके अलावा वह एक उत्साही खेल प्रेमी भी थे, जो सैन्य खेल खेलते थे और पहाड़ों में बैकपैकिंग का आनंद भी लेते थे. हवलदार संजय सिंह उत्तराखंड के रुद्रपुर के रहने वाले थे, वह 11 गढ़वाल राइफल्स की बटालियन का हिस्सा था. वह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में अपने शांति मिशन पर तैनात थे. यहीं पर 10 जुलाई 2024 में ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और फिर इलाज के दौरान उनका निधन हो गया.
ईरान में फिर जज की हत्या, चाकुओं से गोदकर अज्ञात हमलावरों ने उतारा मौत के घाट
27 May, 2025 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान: दक्षिणी ईरान के शिराज शहर में मंगलवार सुबह एक न्यायाधीश की चाकू से हमला कर उस वक्त हत्या कर दी गई जब वह अपने काम पर जा रहे थे. सरकारी मीडिया ने इस बारे में जानकारी दी है. सरकारी समाचार एजेंसी की एक खबर में इस हत्या को ''आतंकवादी कृत्य'' बताया गया है.
फरार हैं अज्ञात हमलावर
एक खबर में कहा गया कि इस घटना में संलिप्त 2 अज्ञात हमलावर अभी फरार हैं. खबर में बताया गया कि न्यायाधीश की पहचान एहसुम बाघेरी (38) के रूप में हुई, जो शहर के न्यायिक विभाग में काम करते थे. बाघेरी ने पहले 'रेवलूशनेरी' अदालत में अभियोजक के रूप में काम किया था.
पहले भी हुई है न्यायाधीशों की हत्या
'रेवलूशनेरी' अदालत में सुरक्षा और मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामलों की सुनवाई होती है. किसी भी समूह ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. ईरान में पहले भी न्यायाधीशों की हत्या के मामले सामने आ चुके हैं. एक व्यक्ति ने जनवरी में ईरान की राजधानी तेहरान में उन 2 न्यायाधीशों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिन्होंने 80 के दशक में बड़ी संख्या में विद्रोहियों को मृत्युदंड दिया था.
बलूचिस्तान में जंग का ऐलान, ISKP ने बलूचों को दी खुली चुनौती
27 May, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों के खिलाफ लगातार फेल साबित हो रही पाकिस्तान की सेना ने अब नई चाल चली है. पाकिस्तानी सेना से ट्रेनिंग प्राप्त इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISKP) के आतंकियों ने बलूच संगठनों BLA और BLAF के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है. पाकिस्तान दावा करता है कि वह अपनी जमीन पर आतंकी गुटों को शरण नहीं देता है, लेकिन ISKP के आतंकी बलूच जनता और कार्यकर्ताओं को डरा रहे हैं. इससे पहले बलूचों ने ISKP के ठिकाने पर जोरदार हमला बोला था. ISKP आतंकियों को पाकिस्तानी सेना पाल रही है ताकि तालिबानी सरकार पर दबाव बनाया जाए. ISKP के आतंकी अफगानिस्तान में लगातार हमले कर रहे हैं.
एक रिपोर्ट के मुताबिक ISKP ने एक 117 पेज का बुकलेट जारी किया है और दावा किया है कि बलूच कार्यकर्ता 'इस्लाम के नियम के खिलाफ' हैं. इस बुकलेट के पहले पन्ने पर पश्तून तहाफुज आंदोलन के मंजूर पश्तीन और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के बशीर जेब और एक बिना चेहरे वाली महिला की तस्वीर ISKP ने छापी है. माना जा रहा है कि ISKP का इशारा डॉक्टर महरंग बलोच की ओर है जो पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अहिंसक आंदोलन छेड़े हुए हैं. बलोच शेरनी महरंग बलोच को पाकिस्तानी सेना ने 22 मार्च से जबरन जेल में डाल रखा है. पाकिस्तान की अदालतें भी सेना के साथ खड़ी हैं और महरंग बलोच को जमानत नहीं दे रही हैं.
महरंग बलोच को काफिर बताया
ISKP ने अपने बुकलेट में महरंग बलोच को 'काफिर' करार दिया गया है. काफिर उसे कहा जाता है जिसने इस्लाम को छोड़ दिया हो और गैर मुस्लिम बन गया हो. बलूचों का कहना है कि ISKP के आतंकी ठीक वही भाषा बोल रहे हैं जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI बढ़ावा देती है. ये अब बलूच कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने जा रहे हैं. ISIS और ISI के सदस्य बलूच कार्यकर्ताओं को उग्रवादियों का उदार चेहरा बताते हैं. बलूचों का कहना है कि लोगों में बलूच जनता के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार को लेकर जन जागरुकता बढ़ रही है और इसी वजह से ISI का इस्तेमाल किया जा रहा है.
बलूचों का कहना है कि लोगों को ISI गायब करवा रही है ताकि बलूच विद्रोहियों को सरेंडर के लिए मजबूर किया जा सके. पाकिस्तान की सरकार बलूचों के विरोध को ताकत के बल पर कुचलना चाहती है. इसके बाद भी बलूच कार्यकर्ता झुकने के लिए तैयार नहीं हैं. बलूचों का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार के दमन के खिलाफ जैसे-जैसे लोगों में विरोध बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ISI अपनी रणनीति को बदल रही है. ISI वैश्विक आलोचना से बचने के लिए अब बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के खिलाफ ISIS के आतंकियों का इस्तेमाल करने जा रही है. इससे ISI अब किसी बड़े क्रूर हमले में जिम्मेदार नहीं ठहराई जा सकेगी.
बलोच भारत से मांग रहे मदद
ISKP के हमले के डर से बलूचों को बलूचिस्तान में अपनी रैलियों को रद करना पड़ा है. सभी बलूच नेताओं को हत्या का डर सता रहा है. हाल ही में बलूचिस्तान नैशनल पार्टी के एक रैली में आत्मघाती हमला हुआ था. इस रैली में बलूच नेता महरंग बलोच की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे. ISI बलूचों को बदनाम करने के लिए आरोप लगा रही है. बलूच नेताओं के परिवारों को प्रताड़ित किया जा रहा है. आतंकवाद निरोधक कानून का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है. इस बुकलेट से साफ हो गया है कि पाकिस्तानी सेना और आईएस आतंकियों के बीच सीधा संबंध है. इससे आने वाले समय में पाकिस्तान के लिए और मुसीबत बढ़ सकती है जो पहले ही भारत में सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के निशाने पर है. बलोच भारत के दोस्त रहे हैं और अपनी आजादी की लड़ाई में हिंदुस्तान से मदद मांग रहे हैं. भारत भी बलूचों के प्रति सहानुभूति रखता है. अमेरिका के पूर्व विशेष दूत जल्मे खलिलजाद ने पिछले दिनों कहा था कि ISKP के आतंकी कैंप पाकिस्तान में हैं. ऐसी खबरें हैं कि मध्य मार्च में बलूचों ने आईएस के कैंप पर बलूचिस्तान के मस्टंग जिले में हमला करके उसे तबाह कर दिया था. इसमें ISKP के 30 आतंकी मारे गए थे. इसमें भारत, तुर्की, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के भी नागरिक शामिल थे.
चीन और भारत में लड़ाई करा सकती है ISI
इससे ISKP के साथ ISI को भी बड़ा झटका लगा था जो इन आतंकियों को पाले हुए थी. वहीं TTP के प्रवक्ता एहसानउल्लाह एहसान ने भी एक लेख में खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना भारत और चीन के बीच युद्ध जैसे हालात को भड़काना चाहती है. इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी भारत और चीन की सीमा पर हमले करवा सकती है और इसके लिए भारत पर आरोप लगा सकती है. पाकिस्तान ने ISKP का इस्तेमाल अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के खिलाफ किया है.
नगर योजनाकार की सख्ती जारी, सीकरी में अवैध कॉलोनियों पर गिरा बुलडोजर
27 May, 2025 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के फरीदाबाद में लगातार अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी है. फरीदाबाद नगर योजनाकार (डीटीपी विभाग) सख्त कार्रवाई करके अवैध प्लाटिंग करने वाले बिल्डरों की कमर तोड़ रखी है. विभाग की सख्ती के चलते आए दिन फरीदाबाद में अवैध प्लाटिंग पर डीटीपी विभाग का बुलडोजर चलता हुआ नजर आ रहा है. इसी कड़ी में सोमवार को डीटीपी विभाग ने फरीदाबाद के सीकरी में बड़ी कार्रवाई की.
सीकरी में कार्रवाई करते हुए डीटीपी विभाग ने यहां पांच एकड़ जमीन पर अवैध इंडस्ट्रियल प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया. ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई के समय मौके पर भारी पुलिस बल और डीटीपी विभाग टीम उपस्थित रही. प्लॉटिंग की गई सड़कों और अन्य निर्माणों को हटाने के लिए विभाग ने बुलडोजर की मदद ली. कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध नहीं हुआ. सारी कार्रवाई शांति-पुर्वक कर ली गई.
तीन-चार जगहों पर और हो सकती है कार्रवाई
एटीपी सचिन ने बताया कि सीकरी में पांच से छह एकड़ में अनऑथराइज इंडस्ट्रीज प्लाटिंग काटी गई थी. उन्होंने बताया कि इस तरह के प्लाटिंग करने वाले डीलरों के खिलाफ एफआईआर की जाएगी, जो भोली वाली जनता को बहकाने का काम करते हैं. उन्होंने आगे बताया कि फिलहाल विभाग तीन-चार जगहों पर निगरानी रखे हुए है, जहां अवैध प्लाटिंग की जा रही है. इन सभी जगहों पर भी जल्द ही तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी.
शहरवासियों से की गई ये अपील
इसके साथ-साथ एटीपी सचिन ने शहरवासियों से ये अपील भी की है कि वो अवैध प्लाटिंग करने वाले लोगों के झांसे में न आए. क्योंकि यह अवैध प्लॉट होते हैं. यहां पर भविष्य में कभी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई हो सकती है. ऐसे में अपने खून-पसीने की कमाई अवैध प्लाटिंग में ना लगाएं, जहां आपको नुकसान की संभावना हो.
शहर को अवैध निर्माणों से मुक्त कराना मकसद- DTP विभाग
वहीं डीटीपी विभाग का कहना है कि जो भी व्यक्ति बिना अनुमोदन के कॉलोनी विकसित करता पाया जाएगा. उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. उद्देश्य शहर को अवैध निर्माणों से मुक्त करना डीटीपी विभाग का मकसद है.
पंचकुला में कारोबारी परिवार की सामूहिक खुदकुशी, कर्ज के बोझ ने छीनी उम्मीद
27 May, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के पंचकुला में सामूहिक सुसाइड केस की बड़ी वजह सामने आई है. मृत कारोबारी प्रवीण मित्तल के ममेरे भाई संदीप अग्रवाल ने यह वजह पुलिस को बताई है. कहा कि मूल रूप से हरियाणा में हिसार के रहने वाले प्रवीण मित्तल बड़े कारोबारी थी. पंचकुला में 12 साल पहले उन्होंने स्क्रैप की फैक्ट्री थी. बाद में उन्हें इस कारोबार में घाटा हो गया और 20 करोड़ से भी अधिक का कर्ज हो गया था.
स्थिति ऐसी बनी कि कर्ज ना लौटाने पर उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी थी. ऐसे में वह परिवार सहित चुपचाप देहरादून शिफ्ट हो गए.संदीप अग्रवाल के मुताबिक 5 साल देहरादून रहने के दौरान उन्होंने किसी से भी संपर्क नहीं किया. फिर तीन साल पहले अचानक लौट आए और मोहाली के खरड़ में रहने लगे. उनके लौटने के बाद एक बार फिर से लोग कर्ज वापसी के लिए दबाव बनाने लगे थे.
मिला सुसाइड नोट
इसी बीच प्रवीण के परिवार समेत सुसाइड की खबर मिली है. संदीप ने बताया कि अभी पांच दिन पहले ही उनकी प्रवीण से बात हुई थी. इसमें उन्होंने बताया था कि वह पंचकुला के सकेतड़ी के पास ही कहीं रह रहे थे. पंचकुला पुलिस के मुताबिक प्रवीण मित्तल की कार से एक सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें प्रवीण ने सभी शवों के अंतिम संस्कार के लिए संदीप को जिम्मेदारी दी है.
टैक्सी चलाकर भर रहे थे परिवार का पेट
संदीप अग्रवाल के मुताबिक लोन चुकता नहीं कर पाने की वजह से बैंक पहले ही उनके दो फ्लैट, गाड़ियां और फैक्ट्री जब्त कर लिया था. इसलिए उनके पास संपत्ति के नाम पर कुछ नहीं बचा था. ऐसे हालात में प्रवीण अपने परिवार का पेट भरने के लिए चंडीगढ़ में टैक्सी चलाते थे. हालांकि इससे होने वाली कमाई उनके परिवार के लिए पर्याप्त नहीं हो पा रही थी. उधर, प्रवीण के सामूहिक सुसाइड की खबर से देहरादून में उनके पड़ोसी रहे लोग भी हैरान हैं.
देहरादून में किराए पर रहते थे मित्तल
पड़ोसियों ने बताया कि प्रवीण यहां कौलगढ़ के राघव विहार में नौटियाल निवास मकान नंबर 274 में किराए पर रहते थे. मकान मालिक नौटियाल ने अपना मकान बेच तो वह भी यहां से चले गए थे. पड़ोसियों के मुताबिक यहां पर प्रवीण मित्तल एनजीओ चलाते थे. पड़ोसियों के मुताबिक देहरादून में वह अपने तीन बच्चों के साथ रहते थे. पड़ोसी राजकुमारी नौटियाल के मुताबिक उनका साधारण परिवार था. उनकी मां बीमार रहती थीं, प्रवीण मित्तल का प्रेम विवाह हुआ था और यह दंपति आपस में कभी लड़ाई झगड़ा भी नहीं करते थे. उनके बच्चे हार्दिक,दुर्विका और डलिसा देहरादून के ब्लूमिंग बर्ड स्कूल में पढ़ते थे. उन्होंने अपने ससुर की एक दुकान टपकेश्वर मंदिर के पास खुलवाई थी.
देहरादून के गंभीर के नाम पर है गाड़ी
जिस गाड़ी में प्रवीण मित्तल और उनके परिवार वालों के शव मिले हैं, वह गाड़ी मालदेवता देहरादून के रहने वाले गंभीर सिंह नेगी के नाम पर पंजीकृत है. उन्होंने बताया कि प्रवीण मित्तल से उनका संपर्क एनजीओ की वजह से हुआ था. चूंकि प्रवीण का बैंक रिकार्ड खराब था और उन्हें लोन नहीं मिल सकता था. इसलिए मित्रता के नाते उन्होंने प्रवीण के लिए अपने नाम पर गाड़ी फाइनेंस कराई थी. इस गाड़ी को प्रवीण ही चला रहे थे.
ब्रिटेन में जश्न के बीच हादसा, तेज रफ्तार कार ने भीड़ को कुचला
27 May, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन: ब्रिटेन के लिवरपूल शहर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां प्रीमियर लीग चैंपियनशीप के बाद फुटबाल प्रशंसक सड़क पर जीत का जश्न मना रहे थे. इस दौरान हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हुए थे. इसी बीच एक शख्स अचानक से कार लेकर भीड़ के बीच पहुंच गया. उसने भीड़ में मौजूद लोगों के ऊपर कार चढ़ा दी. इस घटना में कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने भीड़ पर कार चढ़ाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
जीत के बाद सड़क पर जश्न मना रहे थे फैंस
दरअसल, लिवरपूल की पुलिस ने बताया कि प्रीमियर लीग चैंपियनशिप में शहर की सॉकर टीम ने जीत दर्ज की. इसके बाद लोग सड़क पर इसकी खुशी मना रहे थे. इसी दौरान लोगों की भीड़ में एक कार घुस गई. हालांकि कार चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है. मर्सीसाइड पुलिस ने कहा कि वे कई लोगों को टक्कर लगने की खबरों की जांच कर रहे हैं. इसके अलावा सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस में ग्रे रंग की एक मिनीवैन को एक पैदल मुसाफिर को टक्कर मारते हुए लोगों की भीड़ में अंधाधुंध तरीके से घुसते हुए देखा जा सकता है. पुलिस ने कहा कि इस घटना के बाद एक कार को रोककर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया.
पीएम स्टॉर्मर ने ली घटना की जानकारी
इस पूरी घटना पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टॉर्मर ने कहा कि वह घटना के बाद के हालात की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. उन्होंने पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया के लिए उसका आभार जताया. स्टॉर्मर ने कहा, "लिवरपूल के दृश्य डरावने हैं. घटना में घायल हुए या प्रभावित हुए लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं." यह घटना शहर में एक बड़े जश्न के बाद हुई, जहां हजारों की संख्या में नाचते-गाते प्रशंसक बारिश की परवाह किए बिना सड़कों पर आए. लिवरपूल के खिलाड़ियों को दो बसों के ऊपर प्रीमियर लीग ट्रॉफी दिखाते हुए देखा.
एवरेस्ट की ऊंचाई को 31 बार छूने वाला दुनिया का पहला पर्वतारोही, तोड़ा खुद का ही रिकॉर्ड
27 May, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नेपाल: दुनिया के अधिकांश पर्वतारोहियों का सपना होता है कि वे कम से कम एक बार एवरेस्ट की चोटी को फतह कर लें. लेकिन नेपाल का एक शख्स ऐसा है जो एवरेस्ट पर एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे 31 बार चढ़ाई करने का विश्व रिकॉर्ड बना चुका है. नेपाली शेरपा गाइड कामी रीता ने मंगलवार सुबह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर 31वीं बार चढ़ाई कर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. 55 साल के कामी ने सुबह 4 बजे 8,849 मीटर ऊंची चोटी पर स्थिर मौसम में कदम रखा.
कामी को कम उम्र से ही पहाड़ों पर चढ़ने का जुनून था
कामी रीता भारतीय सेना के एवरेस्ट अभियान दल का नेतृत्व कर रहे थे, जिसकी अगुवाई लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी कर रहे थे. सेवन समिट ट्रेक्स के चेयरमैन मिंगमा शेरपा ने बताया, 'यह उपलब्धि कामी रीता को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर सबसे ज्यादा बार चढ़ने का रिकॉर्डधारक बनाती है. कोई भी उनके इस रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं पहुंचा. कामी सुरक्षित हैं और चोटी पर चढ़ने के बाद अब बेस कैंप की ओर लौट रहे हैं.' सेवन समिट ट्रेक्स के अभियान निदेशक छांग दावा शेरपा ने बताया कि कामी को कम उम्र से ही पहाड़ों पर चढ़ने का जुनून था.
कई अन्य ऊंची पर्वत चोटियों पर चढ़ चुके हैं कामी रीता
कामी रीता ने 1992 में एवरेस्ट अभियान में सहायक कर्मचारी के तौर पर शुरुआत की थी. 1994 से 2025 तक उन्होंने के2 और माउंट ल्होत्से पर एक-एक बार, मनास्लु पर 3 बार, और चो ओयू पर 8 बार चढ़ाई की. पिछले 2 सालों में कामी ने हर सीजन में 2-2 बार एवरेस्ट फतह कर अपनी चढ़ाई की संख्या 30 तक पहुंचाई थी. इस बार 31वीं चढ़ाई के साथ उन्होंने अपनी विरासत को और मजबूत किया. बता दें कि हर साल सैकड़ों पर्वतारोही नेपाल की ओर से एवरेस्ट पर चढ़ने की कोशिश करते हैं. एवरेस्ट पर पहली बार 1953 में न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी और नेपाली शेरपा तेनजिंग नोर्गे ने चढ़ाई की थी.
मुस्लिम नेतृत्व का दावा करने वाला तुर्की खुद मोसाद की जासूसी में लिप्त!
27 May, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तुर्की: तुर्की दुनिया भर में ये ढोंग रचता फिरता है कि वह मुस्लिम दुनिया नेतृत्व करेगा. लेकिन उसके अधिकारी तो इजराइली एजेंसी मोसाद का नेतृत्व कर रहे हैं. तुर्की मीडिया के मुताबिक तुर्की अधिकारियों ने एक पूर्व पुलिस अधिकारी की पहचान मोसाद की संचालित जासूसी नेटवर्क के नेता के रूप में की है, जिसने तुर्की में फिलिस्तीनी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया था. इस मामले के सामने आने के बाद तुर्की बेनकाब हो गया है, क्योंकि राष्ट्रपति रैचप तैयब एर्दोआन गाजा युद्ध की शुरुआत से ही इजराइली हमलों का विरोध कर रहे हैं. इस खुलासे के बाद उनके विरोधी उनके ऊपर हमलावर है कि वह अपने ही देश में फिलिस्तीनियों को सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं.
मोसाद ने तुर्की में जमाए पैर
यह मामला तुर्की में बढ़ती खुफिया गतिविधियों को दिखाता है, क्योंकि विदेशी जासूसी नेटवर्क, खासकर से मोसाद, कथित तौर पर बढ़ते इजराइल-फिलिस्तीनी तनाव के बीच तुर्की की सीमाओं के भीतर काम कर रहे हैं.
तुर्की पुलिस अधिकारी ही निकला इजराइल का जासूस
पूर्व पुलिस अधिकारी गोनेन कराकाया को तुर्की में मोसाद के नेटवर्क का प्रमुख बताया गया, जिसने कथित तौर पर इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद की ओर से कम से कम आठ फिलिस्तीनी व्यक्तियों के बारे में खुफिया जानकारी दी थी. कराकाया को उनके सहयोगी अहमद युर्त्सेवेन और पांच अन्य लोगों के साथ 2024 में इस्तांबुल और इज़मिर में किए गए छापों में तुर्की के राष्ट्रीय खुफिया संगठन (एमआईटी) ने हिरासत में लिया था.
640 सालों की होगी जेल
इस्तांबुल के मुख्य लोक अभियोजक कार्यालय की ओर से जांच पूरी होने के बाद, सभी सात संदिग्धों पर औपचारिक रूप से आरोप लगाए गए हैं. इस समूह के खिलाफ अभियोजक संयुक्त रूप से 640 साल तक की जेल की सजा की मांग कर रहे हैं.
ताइवान से आया साइबर तूफान, चीन का गुआंगझोउ बना निशाना
27 May, 2025 11:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन: चीन ने चाहें भारत से लेकर अमेरिका तक को परेशान कर रखा हो, लेकिन उसके छोटे दुश्मन ताइवान ने ऐसा हमला किया है कि वह पूरा हिल गया है. मंगलवार को जारी एक बयान में चीन ने कहा कि ग्वांगझोउ शहर में चीनी सार्वजनिक सुरक्षा अधिकारियों ने एक अनाम टैक कंपनी पर साइबर हमले के लिए ताइवान सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. गुआंगडोंग प्रांत की राजधानी में अधिकारियों ने शुरुआती पुलिस जांच के आधार पर कहा कि हमले के पीछे विदेशी हैकर संगठन को ताइवान की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) का समर्थन मिला हुआ था. DPP ताइवान में सत्तारूढ़ पार्टी है, चीनी अधिकारी इस हमले में सीधे तौर पर ताइवान का हाथ बता रहे हैं.
क्या है चीन ताइवान विवाद?
तीन और ताइवान का विवाद एक लंबे समय से चला आ रहा है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, लेकिन ताइवान अपने आपको एक अलग राष्ट्र कहता है. ताइवान ने हाल के सालों में चीन से आजाद होने के लिए कई आवाजें उठाई हैं. जिनके विरोध चीने उसकी सीमा के नजदीक जाकर युद्ध अभ्यास तक किए हैं. वैसे तो ताइवान द्वीप को चीन नियंत्रित करता है और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना इसे अपने क्षेत्र के हिस्सा बताती है. लेकिन अमेरिका जैसे देश ताइवान सरकार को चीन के खिलाफ आर्थिक और सैन्य मदद करते रहते हैं.
आरोप पर ताइवान की प्रतिक्रिया
ताइवान पर हैकर्स को मदद के आरो लगने के बाद मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल ने ताइवान सरकार से टिप्पणी का अनुरोध किया, लेकिन अभी तक ताइवान से इसका जवाब नहीं आया है. ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते पिछले साल सत्ता संभालने के बाद से ही चीन पर आक्रमक हैं, उनके बयानों के बाद से चीन और ताइवान में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है. जहां अमेरिका इस मुद्दे में खुलकर चीन के खिलाफ है, वहीं भारत इसके बीच में आने से बचता रहा है.
रूस की ओर भारत का झुकाव, Su-57 लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार
26 May, 2025 06:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेरिस: फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन राफेल लड़ाकू विमान का 'सोर्स कोड' भारत को सौंपने के लिए तैयार नहीं है. जिसकी वजह से माना जा रहा है कि भारत आगे फ्रांसीसी फाइटर जेट नहीं खरीदेगा. पाकिस्तान से हालिया संघर्ष के बाद भारत की कोशिश राफेल लड़ाकू विमानों में अपने स्वदेशी मिसाइलों को इंटीग्रेट करने की है, लेकिन फ्रांस सोर्स कोड शेयर करने के लिए तैयार नहीं हैं. इससे पहले भी भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान इंजन 'कावेरी' के लिए जब फ्रांसीसी कंपनी ने भारत की मदद नहीं 0की थी तो भारत ने अपने आजमाए हुए दोस्त रूस का रूख किया था. आज की तारीफ में कावेरी टर्बोफैन इंजन का टेस्ट रूस में इल्यूशिन 11-76 एयरक्राफ्ट में लगाकर किया जा रहा है. फाइटर जेट के इंजन का टेस्ट करना बहुत मुश्किल प्रक्रिया है और उसके लिए अलग इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ती है और रूस, भारतीय इंजन की टेस्टिंग के लिए तैयार हो गया.
Su-57 को दे सकता है प्राथमिकता
एक रिपोर्ट में दावा किया है कि अगर फ्रांस भारत के साथ राफेल लड़ाकू विमान का सोर्स कोड शेयर नहीं करता है तो बहुत उम्मीद है कि भारत, रूसी लड़ाकू विमान एसयू-57 खरीदने का विचार कर चुका है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन Su-57 लड़ाकू विमान की टेक्नोलॉजी भारत के साथ शेयर करने के लिए तैयार हैं. Su-57 लड़ाकू विमान बनाने वाली रूसी कंपनी कई बार सार्वजनिक तौर पर कह चुकी है कि वो ना सिर्फ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए तैयार है, बल्कि भारत में फिफ्थ जेनरेशन लड़ाकू विमान बनाने के लिए तैयार है. रूसी कंपनी ने तो यहां तक कहा था कि अगर भारत सरकार तैयार होती है तो वो एसयू-30एमकेआई प्रोडक्शन यूनिट से ही Su-57 लड़ाकू विमान का उत्पादन भारत में इसी साल से शुरू कर सकती है. ओपन मैग्जीन ने दावा किया है कि भारत ने हालिया समय में फ्रांस के साथ 26 राफेल मरीन के लिए जो सौदा किया है, उसपर भी पुनर्विचार कर रहा है.
राफेल लड़ाकू विमान से भारत का मोह भंग!
भारत हर हाल में मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत में लड़ाकू विमानों का प्रोडक्शन लाइन स्थापित करना चाहता है और रूस इसके लिए तैयार है. सोर्स कोड का मतलब होता है, किसी हथियार प्रणाली, जैसे फाइटर जेट, मिसाइल या रडार का वह मूल सॉफ्टवेयर या प्रोग्रामिंग कोड जिससे वह ऑपरेट होता है. यह किसी भी आधुनिक लड़ाकू विमान की "जान" होती है. अगर राफेल का सोर्स कोड मिलता है तो भारत उसमें स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर कस्टमाइजेशन, भारतीय रडार या सैटेलाइट नेटवर्क से लिंकिंग को शामिल करने के साथ-साथ भविष्य में अपनी जरूरत के हिसाब से अपग्रेडेशन भी कर सकता है. भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की डील की, जिसके तहत 36 राफेल विमानों को खरीदा गया था, इसमें फ्रांसीसी कंपनी ने भारत की जरूरतों के हिसाब से कई कस्टम फीचर्स शामिल किए थे. इस समझौते के तहत कुछ कंपोनेंट्स का टेक्नोलॉजी ट्रांसफर तो हुआ, लेकिन फ्रांस ने सोर्स कोड नहीं दिया.
भारत कर सकता है सौदा रद्द
सोर्स कोड नहीं मिलने की वजह से भारत को अगर अपने स्वदेशी हथियारों को राफेल में शामिल करना होगा तो उसे बार बार राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ड से बात करनी होगी. मिराज लड़ाकू विमान भारत ने फ्रांस से ही खरीदा था और आज तक फ्रांस ने मिराज को सोर्स कोड भारत को नहीं सौंपा. ऐसे में भारत अब फ्रांस के अड़ियल रवैये को देखते हुए राफेल मरीन जेट सौदे पर फिर से विचार कर रहा है. यानि इसमें कोई हैरानी नहीं होगी कि भारत राफेल मरीन फाइटर जेट डील कैंसिल कर दे. भारतीय नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर इस हफ्ते रूस में रहेंगे और माना जा रहा है कि इस दौरान भारत, रूस ने कुछ और यूनिट एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने को लेकर बात कर सकता है. इसके अलावा रूस ने भारत को एस-500 एयर डिफेंस सिस्टम का भी ऑफर दे रखा है और रूस भारत के साथ अकसर टेक्नोलॉजी शेयर करने के लिए तैयार हो जाता है. इसलिए एसयू-57 भारत के लिए एक शानदार सौदा हो सकता है.
गाजा में फिर बरसी इजरायली मिसाइलें, भारी तबाही में 52 की मौत
26 May, 2025 05:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा: इजरायल की ओर से गाजा में सैन्य अभियान को और तेज कर दिया गया है. इजरायली सेना गाजा में ताबड़तोड़ बमबारी कर रही है. इस बीच गाजा पट्टी में सोमवार को इजरायली हमलों में कम से कम 52 लोगों की मौत हो. मृतकों में 31 लोग आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे एक स्कूल में शरण लिए हुए थे. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस हमले के बारे में जानकारी दी है.
इजरायली सेना ने क्या कहा?
अधिकारियों ने बताया कि लोग सो रहे थे तभी स्कूल पर हमला किया गया, जिससे उनके सामान में आग लग गई. इजरायली सेना ने कहा कि उसने स्कूल से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे आतंकियों को निशाना बनाया है. स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन सेवा के प्रमुख फहमी अवाद ने बताया कि उत्तरी गाजा में स्कूल पर हुए हमले में 55 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं.
मारे गए एक ही परिवार के 15 लोग
इस बीच अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को एक मकान पर हुए हमले में एक ही परिवार के 15 लोग मारे गए जिनमें पांच महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं. ऑनलाइन उपलब्ध फुटेज में बचावकर्मियों को जले हुए शवों को निकालते और आग बुझाने के लिए संघर्ष करते देखा जा सकता है.
ऐसे शुरू हुई थी जंग
यह भी बता दें कि, हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला किया था, जिसके बाद जंग शुरू हुई थी. हमले में आतंकियों ने लगभग 1,200 बेकसूर आम लोगों की हत्या कर दी थी और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था. इसके बाद इजरायल ने पलटवार शुरू किया है जो आज भी जारी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायल की सैन्य कार्रवाई में 52,000 से अधिक लोग मारे गए हैं. घायलों की संख्या एक लाख के पार है.
हवा में विमान का गेट खोलने की कोशिश, फ्लाइट को किया गया सिएटल डायवर्ट
26 May, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जापान: जापान के टोक्यो से ह्यूस्टन जाने वाली फ्लाइट में उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक यात्री ने हवा में ही विमान के एग्जिट गेट खोलने की कोशिश की. इस कारण आनन फानन में उस वक्त फ्लाइट को सिएटल की तरफ मोड़ना पड़ा. ये जानकारी एफबीआई ने दी है. यह घटना शनिवार 24 मई, 2025 को ऑल निप्पॉन एयरवेज (एएनए) की उड़ान 114 बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर में हुई. एफबीआई ने एक बयान में कहा कि व्यक्ति को सह यात्रियों और चालक दल की तरफ से रोका गया था. विमान के सिएटल में उतरने के तुरंत बाद व्यक्ति को जांच के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया.
लगभग 10 घंटे तक हवा में रही फ्लाइट
फ्लाइट ने टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी और उसे ह्यूस्टन के जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल एयरपोर्ट पर उतरना था. फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइट अवेयर के डेटा से पता चला कि विमान सिएटल में सुबह 4 बजे (स्थानीय समय) उतरने से पहले लगभग 10 घंटे तक हवा में रहा.
यात्री गड़बड़ी के कारण फ्लाइट को ह्यूस्टन से सिएटल भेजा गया
पोर्ट ऑफ सिएटल के प्रवक्ता क्रिस गुइजलो ने बताया कि यात्री के फ्लाइट के एग्जिट गेट खोलने का प्रयास करने की रिपोर्ट के बाद पुलिस को बुलाया गया था. उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है. संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) के प्रवक्ता ने कहा कि यात्री गड़बड़ी के कारण फ्लाइट को ह्यूस्टन से सिएटल भेजा गया था. एफबीआई के अनुसार दूसरे यात्री ने हवाई अड्डे पर बाथरूम के दरवाजे पर मुक्का भी मारा. गलत व्यवहार के कारण यात्री को विमान से उतार दिया गया. एफबीआई ने कहा कि घटना के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया गया है. एयरलाइन ने बताया कि फ्लाइट दोपहर करीब 1 बजे ह्यूस्टन पहुंची.
यूक्रेन में तबाही का मंजर, रूस ने छोड़े सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल
26 May, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन: रूस ने तीन साल से जारी युद्ध के दौरान रविवार रात को रिकॉर्ड संख्या में ड्रोन भेजकर यूक्रेन पर हमला किया. यूक्रेन के एक अधिकारी ने सोमवार को इन हमलों के बारे में जानकारी दी. यूक्रेनी वायु सेना के संचार विभाग के प्रमुख यूरी इहनात ने बताया कि रूस ने हमले के लिए 355 ड्रोन भेजे थे. यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रविवार रात के हमले के दौरान रूस ने 9 क्रूज मिसाइलें भी दागीं. अधिकारियों ने बताया कि कुछ नागरिक घायल हुए हैं. हालांकि, हमले में तत्काल किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है. रूस की ओर से इस हमले को लेकर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
रूस ने किए ड्रोन और मिसाइल हमले
इस पहले शनिवार की रात यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य क्षेत्रों पर रूस के ड्रोन और मिसाइलों के संयुक्त हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए थे. बता दें कि, हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा बयान दिया था. पुतिन ने कहा था कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किए बिना भी रूस के पास यूक्रेन अभियान को पूरा करने की क्षमता है. पुतिन ने यह भी कहा था कि हमें परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन हमारे पास इस विकल्प के बिना भी उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त बल है.
ट्रंप ने दी पुतिन को चेतावनी
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दे डाली है. ट्रंप ने कहा है कि वह अपना धैर्य खो रहे हैं. ट्रंप ने रूस की ओर से यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले की तीखी आलोचना की है. ट्रंप ने यहां तक कह दिया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पागल हो गए हैं.
लग्जरी जीवन के लिए चोरी! नौकरानी ने उड़ाए लाखों के जेवरात
26 May, 2025 04:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के पानीपत जिले के थाना सेक्टर 13/17 के अंसल सुशांत सीटी में घर में काम करने वाली नौकरानी ने ही घर से लाखों रुपये कीमत के सोने के गहने चोरी किए थे। थाना सेक्टर 13/17 पुलिस टीम ने शनिवार को आरोपित नौकरानी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के गहने बरामद किए हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपित नौकरानी लक्ष्मी ने बताया उसने लग्जरी लाइफ जीने के लिए मालिक के घर चोरी की थी। घर के सदस्य गहने उतारकर दराज इत्यादी में ऐसे ही रख देते थे। उसने करीब दो महीने पहले एक दिन सोने की एक चेन व दूसरे दिन सोने की एक अंगूठी व एक जोड़ी टाप्स चोरी किए थे।
नौकरानी लक्ष्मी से चोरी किए गहने सोने की एक चेन, एक अंगूठी व एक जोड़ी टाप्स बरामद कर शनिवार को जेल भेज दिया है। थाना सेक्टर 13/17 प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश ने बताया कि अंसल सुशांत सिटी निवासी मनुज बुद्धिराजा पुत्र भारत भूषण बुद्धिराजा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने करीब दो साल से लक्ष्मी नाम की महिला को घर पर घरेलू काम के लिए रखा है।
22 मई को उन्होंने देखा कि घर से सोने की एक अंगूठी व अन्य सामान गायब था। उन्होंने लक्ष्मी से जानकारी ली तो उसने सही से जवाब नहीं दिया। उन्हें नौकरानी लक्ष्मी पर ही चोरी करने का शक है।
नूंह में साइबर ठगी का भंडाफोड़, 10 आरोपी गिरफ्तार
26 May, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नूंह पुलिस ने जिल में अलग-अलग थाना क्षेत्र से विशेष अभियान चलाकर 10 साइबरों ठगों पर शिकंजा कसा है। आरोपितों के विरुद्ध आठ प्राथमिक दर्ज की गई है। पता चला है कि साइबर ठगों ने कई राज्यों के अलग-अलग शहरों में सोशल मीडिया पर ठगी की 17 वारदातें की है।
आरोप है कि साइबर ठग सोशल मीडिया पर पहचान छुपाकर सस्ते सुट , होटल बुकिंग, नटराज पैंसिल के नाम पर जाब देने, गाय-भैस बेचने के नाम पर, नकली क्रैडिट का मैसिज भेजकर एवं सस्ते टायर इत्यादि का विज्ञापन डाल झांसा देकर आमजन को चूना लगाते थे। आरोपितों की कब्जे से पुलिस ने 15 मोबाइल , 19 फर्जी सिम कार्ड के अतिरिक्त एक डेबिट कार्ड बरामद किया है ।
पुलिस आरोपितों की मोबाइल की डिटेल खंगालकर वारदातों का पता लगाने में जुट गई है। नूंह पुलिस ने बीते शनिवार को जिले में विशेष अभियान के तहत अलग-अलग टीमों का गठन करे साइबर ठगी के आरोपितों को पकड़ने के लिए सूचनाओं के आधार पर कारवाई की।
कैसे बनाते थे शिकार?
अभियान के दौरान 10 आरोपितों को क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के ठिकानों से दबोचा गया । बताया गया है कि मुख्य रूप से सभी आरोपित सोशल मीडिया के पर अपनी पहचान छिपाकर सस्ते सूट बेचने, होटल बुकिंग, नटराज पेंसिल के नाम पर जॉब देने, गाय-भैस बेचने के नाम पर, नकली क्रेडिट का मैसिज भेजकर एवं सस्ते टायर इत्यादि का विज्ञापन डाल झांसा देकर आमजन से ऑनलाइन पैसे लेकर धोखाधड़ी कर साइबर ठगी करते थे।
इसके अलावा असल पहचान छुपाकर फर्जी सिम व मोबाईल के प्रयोग से फर्जी खातों में पैसे डलवाकर भी लोगों से ठगी करते थे। पकड़े गए आरोपित की पहचान जुनैद नई गांव का रहने वाला है। तौफीक बूबलहेड़ी गांव का रहने वाला है। पकड़ा गया एक आरोपित आसिफ राजस्थान के गुलपाड़ा गांव का था। वह अपने रिश्श्तेदार के यहां आकर साइबर ठगी करता था।
फजन नाम का आरोपित दिहाना गांव का रहने वाला है। शाहिद हुसैन जैतलाका गांव के बताया गया है। रोबिन निवासी लुहिंगाकला, साजिद उर्फ मुरली नई गांव का रहने वाला है। इसके अलावा मुस्तकीम पिनगवों खंड के गंगवानी गांव का रहने वाला है। मुस्ताक राजस्थान के जुरेहरा के रहने वाला है। मजलिस बूबलहेड़ी पिनगवां के रहने वाला बताया गया है।
प्रारंभिक जांच में इन सभी के विरुद्ध केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 17 शिकायतें मिली हैं । पुलिस का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में की गई ठगी के बारे में पुलिस इनके नंबरों की जांच करके पूरी जानकारी जुटाएगी। इसके लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
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