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भारत की जलनीति से पाकिस्तान में हाहाकार, सूखते डैम और ठप होती खेती
2 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Indus Water Crisis Pakistan: कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में चिनाब नदी का पानी भारत(India Pakistan water dispute) की ओर से रोक देने के कारण जल संकट (Indus water crisis)गहराता जा रहा है। मंगला और तरबेला जैसे मुख्य बांध (Mangal Tarbela dams) सूखे पड़े हुए हैं, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है और खरीफ की फसलों की बुआई रुकने का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल चिनाब नदी में भारत की ओर से जल प्रवाह घटाने के बाद पाकिस्तान के सिंधु नदी प्रणाली में पानी की कमी ((Pakistan water shortage))पिछले साल की तुलना में तेजी से बढ़ रही है । हालत यह है कि मंगला और तरबेला बांधों में जल संग्रहण आधे से भी कम हो गया है, जिससे सिंचाई और जल विद्युत उत्पादन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। मानसून देर से आने के कारण सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता और भी कम हो सकती है, जिससे पंजाब प्रांत के किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
पाकिस्तान को जलस्तर के आंकड़े देना भी बंद कर दिया गया
ध्यान रहे कि भारत ने हाल ही में 1960 की सिंधु जल संधि निलंबित की है और पाकिस्तान को जलस्तर के आंकड़े देना भी बंद कर दिया गया है, जिससे पाकिस्तान को मानसून के दौरान पहले की तरह पूर्व चेतावनी देने में दिक्कत हो रही है। इस कदम से पाकिस्तानी किसानों के लिए खासकर खरीफ की बुवाई के मौसम में जल संकट और भी गहरा गया है।
भीषण गर्मी और मानसून की देरी से किसान बेहाल
पाकिस्तान में इस गर्मी में भीषण तापमान के बीच मानसून देर से पहुंचने की वजह से सिंचाई की समस्या और बढ़ गई है। जून के अंत तक मानसून के पहुंचने की संभावना कम है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
सिंधु नदी प्रणाली में पानी की कमी का आंकड़ा चिंताजनक
पाकिस्तान के सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण ने बताया कि 2 जून, 2025 को पंजाब प्रांत में पानी की उपलब्धता पिछले साल की तुलना में 10.3 प्रतिशत कम हो गई है। वहीं कुल पानी की मात्रा 1,28,800 क्यूसेक रह गई है, जो सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं है।
मंगला और तरबेला बांधों में आधी क्षमता का पानी बचा
पाकिस्तान के प्रमुख दो बांध, मंगला और तरबेला, जो सिंधु और झेलम नदियों पर बने हुए हैं, आधी क्षमता से भी कम पानी स्टोर कर पा रहे हैं। यह स्थिति जलविद्युत उत्पादन और सिंचाई दोनों को प्रभावित कर रही है, जिससे पंजाब और सिंध प्रांतों में खेती संकट में है।
सिंधु जल संधि के निलंबन से बढ़ी समस्या
भारत की ओर से 1960 की सिंधु जल संधि निलंबित करने के बाद से पाकिस्तान को सिंधु नदी प्रणाली के जल प्रवाह में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस निर्णय के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ नदियों के जलस्तर का डाटा साझा करना भी बंद कर दिया है, जिससे मानसून के दौरान पूर्व चेतावनी और आपदा प्रबंधन में बाधा आई है।
रिएक्शन : पाकिस्तान ने “गंभीर जल संकट” बताया
पाकिस्तान सरकार ने इस स्थिति को देश के लिए “गंभीर जल संकट” बताया है और भारत के सिंधु जल संधि निलंबन के फैसले की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाते हुए जल संकट को आतंकवाद के साथ जोड़कर भारत की नीतियों की आलोचना की है। वहीं, कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जल संकट इसी तरह बना रहा तो आने वाले महीनों में पाकिस्तान के खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
फालोअप: वैकल्पिक जल स्रोत खोजने और जल संरक्षण पर विचार
पाकिस्तान सरकार अब सिंधु जल संकट को कम करने के लिए वैकल्पिक जल स्रोत खोजने और जल संरक्षण परियोजनाओं को तेज करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सिंधु जल प्राधिकरण की ओर से आगामी हफ्तों में नए जल प्रबंधन उपायों की घोषणा की जा सकती है। साथ ही, दक्षिण-पश्चिम मानसून की संभावित स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसानों को समय पर सहायता दी जा सके।
साइड एंगल: पाकिस्तान का सामाजिक और आर्थिक तनाव और बढ़ा
इस जल संकट ने पाकिस्तान के सामाजिक और आर्थिक तनाव और भी बढ़ावा दिया है। सिंध की कमी के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार संकट और पलायन बढ़ सकता है। इसके अलावा, भारत-पाकिस्तान के बीच जल स्रोतों को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है, जो क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित कर सकता है।
हरियाणा में कांग्रेस पर अनिल विज का हमला, बोले– पहले अपने घर की लड़ाई सुलझाएं
2 Jun, 2025 05:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सारे देश के मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण रखती है और देश की बड़ी बड़ी समस्याओं के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन यह पार्टी अपने एक राज्य हरियाणा में अभी तक नेता प्रतिपक्ष का नाम तय नहीं कर पा रही है। कांग्रेस की यह स्थिति बहुत ही निराशाजनक है।
अनिल विज सोमवार को चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों से बात कर रहे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चंडीगढ़ दौरे पर अनिल विज ने कहा कि आठ महीने के ज्यादा हो गए और ये अभी तक अपना नेता प्रतिपक्ष तय नहीं कर पाए हैं।
ऐसी स्थिति तब है, जब नेता प्रतिपक्ष तय करने के लिए कांग्रेस की कई मीटिंग हो हो चुकी हैं। हरियाणा में कांग्रेस की फूट के बारे में अनिल विज ने कहा कि राजनीति बड़ी अजीब चीज है। वही लड़ाते हैं और वही समझौते करवाते हैं।
डबवाली में शादी समारोह में पहुंची पुलिस, दुल्हन सहित सभी निकले फर्जी
2 Jun, 2025 05:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजस्थान पुलिस रविवार को अचानक हरियाणा के सिरसा के डबवाली में चल रहे एक शादी समारोह में पहुंच गई. पुलिस ने शादी तय कराने वाले बिचौलिए को पकड़ लिया. फिर दुल्हन और उसके साथ आए रिश्तेदारों की जांच की गई तो वे सभी फर्जी निकले. यहां तक कि माता-पिता के रूप में लाए गए लोगों को भी दुल्हन का नाम नहीं पता था. जब यह बात पता चली तो शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई. सभी लोग शादी से चले गए.
इस मामले में शादी की पोशाक में आई दुल्हन, उसके रिश्तेदारों और बिचौलिए को हिरासत में लिया गया. इसके बाद पंजाब से बारात लेकर आया दूल्हा दुल्हन के लिए लाया गया लहंगा और अन्य सामान लेकर वापस लौट गया. पुलिस के अनुसार, रविवार को हरियाणा के डबवाली में एक शादी समारोह चल रहा था. दुल्हन तैयार थी, दूल्हा भी स्टेज पर बैठा था. कुछ रिश्तेदार खाना खा रहे थे, जबकि कुछ अन्य खुशी में नाच रहे थे.
पुलिस को देखकर सभी हैरान
इसी बीच राजस्थान पुलिस वहां पहुंच गई. शादी समारोह के बीच में पुलिस को देखकर दूल्हा-दुल्हन और उनके रिश्तेदार हैरान रह गए. राजस्थान पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से शादी तय कराने वाले बिचौलिए के बारे में पूछा. तभी मेहमानों के बीच से रेशम सिंह नाम का एक व्यक्ति आगे आया और खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश किया, जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया.
लड़की के माता-पिता निकले फर्जी
जब मेहमानों ने इस बारे में पुलिस से पूछा तो उन्हें बताया गया कि राजस्थान के बीकानेर जिले के कोलायत थाने में 27 मार्च 2024 को रेशम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. ये पिछले एक साल से फरार है. राजस्थान पुलिस के इस खुलासे के बाद शादी समारोह में हड़कंप मच गया. पुलिस ने वहां मौजूद दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों को बुलाया. जब दुल्हन के माता-पिता से पूछताछ की गई तो वे लड़की का नाम भी नहीं बता सके.
दुल्हन और उसके साथ आए लोग को हिरासत में
इसके बाद जब उसके अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की गई तो वे भी आपस में किसी को नहीं जानते थे. राजस्थान पुलिस की जांच में लड़की के माता-पिता और लड़की पक्ष के अन्य लोग भी फर्जी निकले. राजस्थान पुलिस ने इसकी सूचना हरियाणा पुलिस को दी. फिर डायल 112 और नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुल्हन और उसके साथ आए लोगों को हिरासत में ले लिया.
राजस्थान पुलिस केवल रेशम सिंह को अपने साथ ले गई. आरोपी रेशम सिंह पंजाब के बठिंडा का निवासी है और फिलहाल डबवाली के सुंदर नगर में किराए के मकान में रह रहा था.
पाकिस्तान के सिंध में मंदिर की जमीन पर कब्जा, हिंदू समुदाय का सड़कों पर विरोध
2 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू समुदाय के सदस्यों ने हैदराबाद शहर में एक ऐतिहासिक मंदिर की 6 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रदर्शन किया. यह विरोध प्रदर्शन कराची से लगभग 185 किलोमीटर दूर मूसा खातियान जिले के टांडो जाम कस्बे में रविवार को हुआ. हिंदू समुदाय की नेता सीतल मेघवार ने मीडिया से कहा, 'इन लोगों ने मूसा खातियान में शिव मंदिर शिवाला की जमीन पर पहले ही अवैध निर्माण शुरू कर दिया है.' महिलाओं और बच्चों सहित प्रदर्शनकारी पाकिस्तान दलित इत्तेहाद-पाकिस्तान द्रविड़ गठबंधन (PDI) के आह्वान पर बाहर आए, जो हिंदू समुदाय के कल्याण और अधिकारों के लिए लड़ता है.
सिंध में मंदिर और श्मशान भूमि पर कब्जा
समुदाय के एक अन्य नेता ने कहा, 'मंदिर हमारे लिए पवित्र है. इन बिल्डरों ने समुदाय के श्मशान घाट सहित मंदिर के आसपास की जमीन पर निर्माण शुरू कर दिया है.' प्रदर्शनकारियों ने सिंध में प्रभावशाली काशखेली समुदाय से संबंधित बिल्डरों के खिलाफ सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की. शहर में विभिन्न स्थानों पर धरना देने के बाद टांडो जाम प्रेस क्लब के सामने प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिल्डर ने शिव मंदिर तक पहुंचने के रास्ते भी बंद कर दिए हैं, जिससे समुदाय के सदस्यों के लिए साप्ताहिक पूजा-पाठ करना मुश्किल हो गया है.
पुलिस के खिलाफ भी जताई नाराजगी
पीडीआई के प्रमुख शिवा काची ने कहा, 'पुलिस और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है. जमीन हड़पने वालों के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं है.' उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार और स्थानीय अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो वे अगले चरण में हैदराबाद शहर में विरोध प्रदर्शन करेंगे. साथ ही, न्याय की मांग के लिए अदालतों का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा.
छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन कगार, बांग्लादेश में विरोध – आखिर क्या है कनेक्शन?
2 Jun, 2025 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत सरकार ने नक्सल और माओवादी विचारधारा खत्म करने के लिए ऑपरेशन कगार चलाया हुआ है. जिसके तहत छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षा बलों ने CPI (माओवादी) के महासचिव केशव राव उर्फ बासवराजू समेत तकरीबन 27 नक्सलियों को मार गिराया गया.जहां भारत में इसको सुरक्षाबलों की कामयाबी बताया जा रहा है, वहीं बांग्लादेश में इसके ऊपर आंसू बहाए जा रहे हैं. बांग्लादेश की एक संस्थान, जिससे पहले यूनुस भी जुड़े थे, उसनके 71 प्रमुख लोगों ने भारत में हुई इन हत्याओं का विरोध किया है और इस ऑपरेशन को माओवादी अवाजों को दबाने के लिए सोची समझी साजिश बताया गया है.
ऑपरेशन कगार को बताया राज्य आतंकवाद
रविवार को एक बयान जारी करते हुए इन नागरिकों ने कहा कि 21 मई को नरेंद्र मोदी सरकार के सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन कगार’ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के महासचिव बसव राज समेत 28 माओवादी राजनीतिक कार्यकर्ता मारे गए. हत्या के बाद एनकाउंटर का नाटक रचा गया है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि तथाकथित माओवादी दमन अभियान के नाम पर एक योजनाबद्ध राज्य आतंकवाद चलाया जा रहा है, बयान में कहा गया है, “हम, बांग्लादेश की प्रगतिशील और लोकतांत्रिक आवाजें, इस हत्या सहित ऑपरेशन कगार के दौरान की गई सोची समझी राज्य हत्याओं की कड़ी निंदा और विरोध करते हैं.”
ऑपरेशन कगार को बंद करे भारत सरकार
बयान जारी करते हुए इन बांग्लादेशी नागरिकों ने मांग की है कि ऑपरेशन कगार को तत्काल बंद किया जाए. साथ ही बयान में दुनिया भर के क्रांतिकारी, लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और मानवाधिकार संगठनों से भारत के मूलनिवासी और उत्पीड़ित लोगों के साथ खड़े होने का आह्वान किया है.
भारत में वामपंथ पार्टियां कर रही विरोध
इस ऑपरेशन का बांग्लादेश में ही नहीं भारत में भी विरोध हो रहा है. वामपंथ विचारधारा के संघठन भी इस ऑपरेशन का विरोध करल रहे हैं. वहीं कई नेताओं ने मांग की है इसको रोका जल्द से जल्द रोका जाए.
पोलैंड चुनाव में करोल नवरोकी की जीत, क्या बदलेंगे पूर्वी यूरोप के युद्ध समीकरण?
2 Jun, 2025 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पोलैंड: पोलैंड के राष्ट्रपति चुनाव में कंजर्वेटिव नेता करोल नवरोकी ने कड़े मुकाबले में जीत हासिल कर ली है. मतगणना के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक नवरोकी को इस बेहद करीबी मुकाबले में 50.89 फीसदी मत हासिल हुए. जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी वारसॉ के मेयर रफाल ट्रजास्कोव्स्की को 49.11 प्रतिशत वोट मिले.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या असर डालेगी नवरोकी की जीत?
रूस-यूक्रेन युद्ध मौजूदा वक्त में यूक्रेनी सेना द्वारा रूस के 5 एयरबेस पर बड़े ड्रोन हमले से 3 साल के अपने सबसे घातक दौर में पहुंच चुका है. रूस यूक्रेन पर भारी पलटवार कर सकता है. ऐसे में पोलैंड के राष्ट्रपति चुनाव में कंज़र्वेटिव उम्मीदवार करोल नवरोकी की संभावित जीत रूस-यूक्रेन युद्ध पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है. बता दें कि नवरोकी दक्षिणपंथी पार्टी 'लॉ एंड जस्टिस'के करीबी माने जाते हैं. उन्होंने ने अपने चुनावी अभियान में यूक्रेन के प्रति पोलैंड की नीति को लेकर कई निर्णायक संकेत दिए हैं.
यूक्रेन को पोलैंड का सैन्य समर्थन और सहयोग हो सकता है कम
नवरोकी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक पोलैंड के लिए ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील मुद्दे जैसे वोल्हिनिया नरसंहार हल नहीं होते, तब तक वे यूक्रेन को नाटो या यूरोपीय संघ में शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं. उनका यह भी कहना है कि अब तक पोलैंड ने यूक्रेन को पर्याप्त सहायता दी है, लेकिन आगे के रिश्ते 'प्रतिस्पर्धा' और 'राष्ट्रीय हितों' पर आधारित होंगे न कि केवल सहयोग पर. नवरोकी यूक्रेन में पोलिश सैनिकों की तैनाती के भी खिलाफ हैं. इससे जाहिर है कि यूक्रेन को पोलैंड का सैन्य समर्थन और सहयोग नवरोकी के राष्ट्रपति बनने के बाद कम हो सकता है. यह यूक्रेन के लिए बड़ा झटका होगा.
नवरोकी की रुख से यूक्रेन के सहयोगी भी चिंतित
नवरोकी के रुख से सिर्फ यूक्रेन ही नहीं बल्कि उसके सहयोगी भी चिंतित हैं. यूक्रेन खुद भी पोलैंड का समर्थन कम होने की आशंका से घबराया हुआ है. ऐसे वक्त में यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमिर ज़ेलेंस्की ने नवरोकी के रुख पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि यूक्रेन नाटो का हिस्सा नहीं बनता, तो रूस पोलैंड की सीमाओं तक पहुंच सकता है. हालांकि यूक्रेन को आंशिक राहत की बात यह है कि नवरोकी का रुख रूस के प्रति भी नरम नहीं है.
फिलिस्तीन समर्थक का आतंक, मोलोटोव कॉकटेल से हमला कर 6 को किया घायल
2 Jun, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका: अमेरिका में एक आतंकी घटना सामने आई है. अमेरिका के कोलोराडो राज्य के बोल्डर इलाके में रविवार को एक शख्स ने कई लोगों पर जानलेवा हमला किया है. ये हमला मोलोटोव कॉकटेल से किया गया है. जो कि एक पेट्रोल बम की तरह काम करता है. इस हमले में 6 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. इस घटना को लेकर अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई ने कहा कि ये एक टार्गेट आतंकी हमला है.
एक मॉल के बाहर किया गया हमला
इजरायली बंधकों की याद में बोल्डर के आउटडोर मॉल के बाहर कुछ लोग एकत्र हुए थे. तभी वहां पर एक फिलिस्तीन समर्थक आ गया. उसने वहां पर खड़े लोगों के एक समूह पर मोलोटोव कॉकटेल (पेट्रोल बम) फेंक दिया. इससे कम से कम छह लोग झुलस गए.
फ्री फिलिस्तीन का लगाया नारा
हमलावर की पहचान मोहम्मद सबरी सोलिमन के रूप में हुई है. भीड़ पर हमला करने के बाद मोहम्मद सोलिमन ने 'फ्री फिलिस्तीन' का नारा भी लगाया. तभी उसे हिरासत में ले लिया गया. स्थानीय पुलिस ने कहा कि यह हमला गाजा में रह रहे इजरायली बंधकों की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया है. बोल्डर पुलिस प्रमुख स्टीफन रेडफर्न ने कहा कि उनके पास जो जानकारी है, वह अभी बहुत प्रारंभिक है.
काश पटेल ने कहा- ये आतंकी घटना
एफबीआई के डायरेक्टर ने इसे आतंकी घटना करार दिया है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे का मकसद जानना अभी जल्दबाजी होगी. पुलिस प्रमुख ने कहा कि गवाहों से अभी पूछताछ की जा रही है.
दोनों हाथों में लिए था मोलोटोव कॉकटेल की बॉटल
हिरासत में लिए जाने के दौरान हमलावर सोलिमन भी घायल हो गया है. उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटनास्थल से एक वीडियो में मिला है, जिसमें एक शख्स चिल्लाता हुआ दिखाई दिया, 'वह वहीं है. वह मोलोटोव कॉकटेल फेंक रहा है.' तभी एक पुलिस अधिकारी अपनी बंदूक निकाले हुए नंगे सीने वाले संदिग्ध की ओर आगे बढ़ा. उसके दोनों हाथों में मोलोटोव कॉकटेल की बॉटल लिए था. तभी उसे हिरासत में ले लिया गया.
पहले भी अमेरिका में हुई थी, ऐसी घटना
इजरायल और हमास के बीच युद्ध वैश्विक तनाव की ओर बढ़ा रहा है. इसने अमेरिका में यहूदी विरोधी हिंसा में वृद्धि में योगदान दिया है. यह घटना वाशिंगटन में दो इजरायली दूतावास के कर्मचारियों की शिकागो में एक व्यक्ति द्वारा घातक गोलीबारी के एक सप्ताह से अधिक समय बाद हुई है. जिसने चिल्लाते हुए कहा था, 'मैंने यह फिलिस्तीन के लिए किया, मैंने यह गाजा के लिए किया है.'
टिकटॉक रील्स ने दिलाई जेल की हवा, मिस्र में कंटेंट क्रिएटर्स को 3 साल की सजा
2 Jun, 2025 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मिस्र: मिस्र की एक अदालत कई कंटेंट क्रिएटर्स को सिर्फ इस वजह से 3 साल की सजा सुना दी गई कि उन्होंने महिलाओं के कपड़े पहने थे. मिस्र इस्माइलिया आर्थिक न्यायालय ने शनिवार को अपने फैसले में कहा कि क्रिएटर्स ने सोशल मीडिया साइट टिक टॉक पर अश्लील वीडियो पोस्ट किए थे. ये मामला मार्च के बीच में शुरू हुआ, जब रमजान के दौरान सिनाई के शहर दहाब में सुरक्षा अधिकारियों ने महिलाओं के कपड़े पहने और अजीब व्यवहार करने वाले लोगों के एक समूह को देखा. वे शहर के समुद्र तट की यात्रा से बस से लौट रहे थे. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक अल-जीन और उसके दोस्त पर इस समूह का हिस्सा होने का संदेह था और वे महिलाओं के कपड़े पहने हुए और मेकअप किए हुए पाए गए, जिसके वजह से अधिकारियों ने उन्हें जांच के लिए हिरासत में ले लिया था.
टिक टॉक पर महिला बन वीडियो बनाना पड़ा भारी
जांच के दौरान अल-ज़ीन ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वीडियो का उद्देश्य मनोरंजन करना और फॉलोअर्स बढ़ाना था और उनका सामाजिक मूल्यों का उल्लंघन करने का कोई इरादा नहीं था. लेकिन अदालत ने उनकी एक न सुनी और 2018 के साइबर अपराध विरोधी कानून का हवाला दिया, जो ‘मिस्र के पारिवारिक मूल्यों और सिद्धांतों के विपरीत’ समझी जाने वाली सामग्री के प्रकाशन को आपराधिक बनाता है, साथ ही साथ भ्रष्टाचार के लिए उकसाने से संबंधित लेखों को भी आपराधिक बनाता है.
मिस्र पुलिस को अल-जीन की वीडियो से क्या दिक्कत थी?
जांच में अधिकारियों ने पाया कि अल-ज़ीन, जिसका टिक टॉक पर बड़ा फॉलोअर्स बैस है, एक महिला की तरह क्रॉस-ड्रेसिंग और अनुचित तरीके से डांस करते हुए खुद के वीडियो पोस्ट कर रहा था. जिसे अभियोजन पक्ष ने सार्वजनिक नैतिकता के विपरीत और व्यभिचार को उकसाने वाला माना. इस मामले ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की आजादी की वकालत करने वालों में विरोध पैदा किया है.
मेक्सिको में रिहैब सेंटर बना मौत का घर: नशा मुक्ति केंद्र में भीषण आग, 12 की मौत
2 Jun, 2025 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेक्सिको: मेक्सिको के गुआनाजुआटो राज्य के सैन होसे इतुर्बे कस्बे में रविवार को एक नशा मुक्ति केंद्र में भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 3 अन्य घायल हो गए हैं. स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच जारी है. हादसे में हताहतों का आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है.नगरपालिका ने कहा कि वह अभी भी इस बात की जांच कर रही है कि घातक आग किस कारण लगी. उन्होंने एक बयान में कहा कि हम उन लोगों के परिवारों के साथ अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं जो नशे की लत से उबरने की कोशिश करते हुए मारे गए हैं.
अंतिम संस्कार के खर्च का भुगतान करेगी सरकार
नगरपालिका ने कहा कि वह मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार के खर्च का भुगतान करने में मदद करेगी. एक रिपोर्ट्स ने रविवार को बताया कि आग के पीड़ितों को पुनर्वास केंद्र के अंदर बंद कर दिया गया था. फरवरी में, मेक्सिको सिटी के एक पुनर्वास केंद्र में आग लगने से पांच लोग मारे गए थे.
आपराधिक गिरोह की साजिश
फिलाहाल आग के कारणों की जांच जारी है. हालांकि, इस बात की आशंका बढ़ रही है कि यह आपराधिक गिरोह की गतिविधि से जुड़ा हो सकता है. इस क्षेत्र में सक्रिय ड्रग कार्टेल पहले भी ऐसे क्लीनिकों को निशाना बनाकर मरीजों को जबरन अपने समूह में भर्ती करने की कोशिश कर चुके हैं.
नशा मुक्ति केंद्र पर हमला
रविवार को जारी एक बयान में कहा गया कि विशेषज्ञ इस दुखद घटना के कारणों का पता लगाने के लिए सबूत इकट्ठा कर रहे हैं और गवाहों से पूछताछ कर रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब किसी नशा मुक्ति केंद्र पर हमला हुआ है. अप्रैल में, बंदूकधारियों ने सिनालोआ में इसी तरह की एक सुविधा पर हमला किया था, जिसमें कम से कम नौ लोग मारे गए थे. अधिकारियों का मानना है कि कार्टेल अक्सर उन मरीजों को मार देते हैं जो उनके साथ शामिल होने से इनकार करते हैं.
इस साल एआई और स्मार्ट तकनीक के इस्तेमाल से हज होगा आसान
1 Jun, 2025 05:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रियाद। 4 जून से होने वाले हज के लिए दुनियाभर से मुस्लिम सऊदी अरब के शहर मक्का पहुंच रहे हैं। सऊदी सरकार ने हज यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस साल एआई और स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल हज यात्रा को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है। मक्का और मदीना में रोबोट से लेकर एआई तक का इस्तेमाल प्रशासन कर रहा है ताकि भीषण गर्मी के बीच हाजी आसानी से अपने हज पूरा कर सकें।
मक्का और मदीना की ग्रैंड मस्जिदों की जनरल प्रेसीडेंसी ने बताया है कि इस साल कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पहली बार तैनात किए गए हैं। इसमें एआई रोबोट मनारह-2 भी शामिल है, जो तीर्थयात्रियों को गाइड करेगा। मनारह-2 उर्दू समेत कई भाषाओं में बात करता है और इस्लाम-हदीस से जुड़े सवालों का जवाब भी देता है। ग्रैंड मस्जिद में 21 इंच का टचस्क्रीन, 5जी नेटवर्क और हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा भीड़ को ट्रैक करने के लिए ग्राउंड सेंसर, गेट रीडर और एआई-सक्षम निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा।
हाजियों की जानकारी और फुटेज को ट्रैक करने के लिए ड्रोन के एक उन्नत बेड़े का इस्तेमाल किया जाएगा। नए एआई सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए स्थानीय बॉडी त्वरित प्रतिक्रिया दे सकेंगी। यह संभावित भगदड़ से बचने में मददगार साबित होगा। हाजियों की सेवा के लिए मुख्य स्थानों पर बहुभाषी स्मार्ट स्क्रीन लगाए जाएंगे। इससे वास्तविक समय की जानकारी और मदद मिले सकेगी। इनके अलावा विविध पृष्ठभूमि के हज यात्रियों के लिए धार्मिक और शैक्षिक सहायता प्रदान करने वाली विशिष्ट पहल इस्तेमाल में लाई जाएगी।
सऊदी अरब ने 2025 के लिए हज की तारीखों की जानकारी देते हुए बताया है कि मक्का में होने वाली सालाना हज तीर्थयात्रा 4 जून से शुरू होगी। सऊदी के हज मंत्री ने बताया कि दुनियाभर से करीब 10 लाख से ज्यादा लोग हज के लिए अब तक आ चुके हैं। पिछले साल 18 लाख मुसलमानों ने हज में हिस्सा लिया था। हज इस्लाम के पांच प्रमुख स्तंभों में से एक है। इस्लाम में आर्थिक रूप से संपन्न मुसलमानों के लिए जीवन में एक बार हज करना फर्ज है।
नाइटक्लब में दिखने के आरोपों के बाद सामने आई FBI डायरेक्टर पटेल के काम के घंटे की डिटेल
1 Jun, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के डायरेक्टर काश पटेल इस समय सुर्खियों में बने हुए हैं. पिछले दिनों उनके काम करने पर सवाल खड़े किए गए थे. पूर्व एफबीआई काउंटर-इंटेलिजेंस अधिकारी फ्रैंक फिग्लुज़ी ने कहा था कि काश पटेल को नाइट क्लबों में अधिक देखा जाता है और वो अपने लास वेगास स्थित घर से भी काम करते हैं.
इसी के बाद अब एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंगिनो का बयान सामने आया है. डैन ने काश पटेल की लीडरशिप स्टाइल और काम पर उठाए गए सवालों का खंडन करते हुए कहा कि वो प्रतिदिन 13 घंटे काम करते हैं. वो सुबह 6 बजे ऑफिस आते हैं और शाम 7 बजे ऑफिस से घर जाते हैं.
कितने घंटे करते हैं काश पटेल काम
डिप्टी डायरेक्टरडैन बोंगिनो ने कहा कि उनका और काश पटेल का ऑफिस काफी करीब है. बोंगिनो ने कहा कि काश पटेल सुबह 6 बजे कार्यालय पहुंचते हैं और शाम 7 बजे से पहले नहीं निकलते हैं. बोंगिनो ने कहा कि वह सुबह 7.30 बजे कार्यालय जाते हैं, क्योंकि वो जिम का इस्तेमाल नहीं करते हैं और अपने अपार्टमेंट जिम में जाते हैं.
काश पटेल पर लगे कई आरोप
काश पटेल के ऑफिस टाइमिंग का खुलासा इस समय कोई मामूली बात नहीं है. दरअसल, यह खुलासा इस बीच हुआ है जब काश पटेल के ऑफिस में काम करने पर सवाल उठाए गए हैं. एफबीआई निदेशक पर हाल ही में अपनी नौकरी में रुचि न लेने का आरोप लगाया गया था. एफबीआई के एक पूर्व स्टाफ सदस्य ने दावा किया था कि काश पटेल को ऑफिस से ज्यादा नाइट क्लबों और खेल आयोजनों में देखा जाता है, और उन्होंने अपनी सुविधा के अनुरूप दैनिक और साप्ताहिक बैठकों का समय बदल दिया है, क्योंकि वह ज्यादातर अपने लास वेगास स्थित घर से काम करते हैं.
कौन हैं काश पटेल?
इस दावे को एफबीआई के अंदरूनी सूत्रों ने निराधार बताया. कश्यप ‘काश’ पटेल को इस साल फरवरी में एफबीआई डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. साल 1980 में न्यूयॉर्क में गुजराती पेरेंट्स के घर जन्मे पटेल ने अमेरिका लौटने से पहले अपने शुरुआती कुछ साल पूर्वी अफ्रीका में बिताए. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा लॉन्ग आइलैंड के गार्डन सिटी हाई स्कूल से पूरी की.
नोबेल विजेता यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश, क्या युद्ध अपराधियों के लिए 'स्वर्ग' बन रहा है?
1 Jun, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
1971 के युद्ध में सामूहिक हत्या (Mass Murderer) और बलात्कार (Rape) के आरोपी जमात-ए-इस्लामी नेता एटीएम अजहरुल इस्लाम को बांग्लादेश कोर्ट ने बरी किया, जिससे एक बार फिर यह बात जग जाहिर हुई है कि किस तरह यूनुस सरकार में आतंकवादियों और धार्मिक चरमपंथियों (Extremists) के प्रति नरमी बरती जा रही है. इससे साफ हो गया कि एक ओर यूनुस सरकार शांति और विकास की खोखली बातें करती है और वहीं दूसरी ओर आतंकवादियों को पनाह भी देती है.
28 मई को अजहरुल इस्लाम को जेल से रिहा किया गया. उसके स्वागत के लिए जमात-ए-इस्लामी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक ढाका में इकट्ठा हुए. बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 73 वर्षीय अजहरुल को बरी कर दिया. यहां तक की देश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने पहले दी गई मौत की सजा को भी पलट दिया. चीफ जस्टिस सैयद रेफात अहमद की अगुवाई वाली अपीलीय खंडपीठ की सात सदस्यीय बेंच ने यह आदेश पारित किया.
कौन है एटीएम अजहरुल इस्लाम ?
एटीएम अजहरुल इस्लाम जमात-ए-इस्लामी नाम के इस्लामिक कट्टरपंथी आंदोलन का नेता है. इस पर मानवता के खिलाफ अपराध के नौ आरोप लगे थे. FIR के अनुसार वह बांग्लादेश के रंगपुर क्षेत्र में मुक्ति संग्राम के दौरान 1,256 लोगों की हत्या, 17 लोगों के अपहरण और 13 महिलाओं के साथ बलात्कार के लिए जिम्मेदार पाया गया था. इसके अलावा उस पर दंगा भड़काने, लोगों का शोषण करने, सैकड़ों घरों में आग लगाने और अन्य अपराधों को करने का आरोप था.
कोर्ट को दिया धन्यवाद
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 30 दिसंबर, 2014 को नौ में से पांच मामलों में उसे मौत की सज़ा सुनाई थी, जिसे लेकर 28 जनवरी, 2015 को अजहरुल ने अपीलीय सेक्शन में एक याचिका दायर की थी. जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया था. अपनी रिहाई पर अजहरुल इस्लाम ने फैसले का स्वागत करते हुए कोर्ट का धन्यवाद दिया. अजहरुल इस्लाम ने कहा, ‘सबसे पहले, मैं कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं. वे देश में न्याय स्थापित करने में अहम रोल अदा कर रहे हैं. हमारे कई भाई न्यायिक हत्याओं के जरिए से इस दुनिया से चले गए हैं.’
बाहर निकल कर क्या बोला अजहरुल?
एटीएम अजहरुल इस्लाम ने कहा, ‘लगभग 14 साल बाद, मैं आज रिहा हुआ. मैं अब स्वतंत्र हूं, अल्हम्दुलिल्लाह. मैं अब एक स्वतंत्र देश का स्वतंत्र नागरिक हूं. अगर अल्लाह मुझे ताकत देता है, तो मैं निश्चित रूप से अपने जीवन के बाकी हिस्सों के लिए आपके साथ रहूंगा, इंशा अल्लाह.’
विदाई समारोह में मस्क को ट्रंप का 'सोने की चाबी' वाला सरप्राइज, जानें क्यों है ये खास?
1 Jun, 2025 11:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एलन मस्क के लिए ओवल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. ये प्रेस कॉन्फ्रेंस डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) से उनके फेयरवेल पर आयोजित की गई. यह तब हुआ जब मस्क ने ट्रंप प्रशासन में 130 दिन बिताए. इसमें हजारों सिविल सेवकों को नौकरी से निकाला गया. अमेरिकियों के व्यक्तिगत डेटा के संभावित दुरुपयोग को लेकर दर्जनों मुकदमे चलाए गए.
प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने टेस्ला के सीईओ को दुनिया के अब तक के सबसे बेहतर व्यापारिक नेताओं में से एक कहा. अमेरिका के राष्ट्रपति ने मस्क की पीढ़ियों में सबसे व्यापक और परिणामकारी सरकारी सुधार कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए उनकी तारीफ भी की.
ट्रंप ने कहा कि एलन ने बहुत ही अच्छी सेवा की. उनके जैसा कोई नहीं है. उन्हें तीरों और गोफन से गुजरना पड़ा, जो कि शर्मनाक है. क्योंकि वह एक अविश्वसनीय देशभक्त हैं. अच्छी खबर यह है कि देश के 90 प्रतिशत लोग यह जानते हैं और वे इसकी सराहना करते हैं. उन्होंने कहा कि वे वास्तव में उनके द्वारा किए गए काम की सराहना भी करते हैं.
आखिर क्यों खास है चाबी?
ढेरों प्रशंसा भरे शब्दों के अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने टेस्ला के सीईओ को एक सोने की चाबी गिफ्ट के तौर पर दी. बड़ी चाबी एक लकड़ी के बक्से में थी और यह चाबी संयुक्त राज्य अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के पिछले कार्यकाल की है. ये खास इसलिए है क्योंकि ये चाबी व्हाइट हाउस की थी.
2022 में आई ब्रेकिंग हिस्ट्री नामक किताब में ट्रंप के दामाद और पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर ने बताया कि कैसे उन्होंने 2020 में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी यही चाबी बाहर निकाली थी. उन्हें चाबी देते हुए ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा था कि यह चाबी खास तरह की चाबी का प्रतीक है, जो मैंने और प्रथम महिला ने प्रधानमंत्री और इजरायल की प्रथम महिला को दी है.
नेतन्याहू को विशेष उपहार देते हुए ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने कहा था कि यह एक चाबी है, हम इसे व्हाइट हाउस की चाबी कहते हैं और यह हमारे देश और हमारे दिलों की चाबी है. किताब में दावा किया गया है कि ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री से कहा कि यह पहली चाबी है जो मैं किसी को दे रहा हूं. उन्होंने कहा कि यह चाबी नेतन्याहू को व्हाइट हाउस में प्रवेश करने देगी, भले ही ट्रंप राष्ट्रपति न हों.
हरियाणा: विदेश में पति की मौत, स्पेनिश एंबेसी की चुप्पी से टूट रही है एक पत्नी
31 May, 2025 05:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के कुरुक्षेत्र की रहने वाली महिला नीतू तीन महीने से दर-दर की ठोकर खा रही है. अपने पति के अंतिम संस्कार के लिए स्पेनिश एंबेसी की बेरुखी से परेशान है. पीड़ित महिला ने पीएमओ व विदेश मंत्रालय को ट्वीट कर गुहार लगाई है कि उसके सिंदूर के अंतिम दर्शन करवाने की व्यवस्था करवाएं. नीतू अपने पति सरदूल सिंह के अंतिम संस्कार व अंतिम दर्शन के लिए स्पेश जाना चाहती है. लेकिन स्पेनिश एंबेसी की बेरुखी से वो दर-दर भटकने के लिए मजबूर है.
जानकारी के मुताबिक, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की महिला नीतू तीन महीने से अपने पति सरदूल सिंह के अंतिम संस्कार व अंतिम दर्शन के लिए स्पेन जाना चाहती है मगर स्पेनिश एंबेसी की बेरुखी से परेशान होकर दर दर की ठोकरे खा रही है. पीड़ित महिला ने पीएमओ व विदेश मंत्रालय को ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई है. पीड़िता ने कहा कि उसके सिंदूर के अंतिम दर्शन करवाने की व्यवस्था कराई जाए.
तीन महीने से दर-दर भटक रही
पीड़ित महिला नीतू ने बताया कि उसके पति सरदूल सिंह स्पेन में लंबे अरसे से रहते थे, वो वहां के पीआर थे. मार्च महीने में उन्हें ईमेल से सूचना मिली कि 25 फरवरी को उनके पति का निधन हो गया है. वह उनका अंतिम संस्कार करना चाहती है. स्पेन में तो उसे लेकर उसने मार्च महीने से भागदौड़ करनी शुरू की है लेकिन सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद वीजा नहीं दिया जा रहा है.
पीड़िता को नहीं मिल रहा स्पेन का वीजा
नीतू 90 यूरो प्रतिदिन अपने पति का शव फ्रीजर में रखने के लिए दे रही हैं. पांच जून तक नीतू को वहां पहुंचना है, समय बहुत कम बचा है. नीतू ने पीएमओ व विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है कि उसे जल्द वीजा दिलवाया जाए ताकि वह अपने पति के अंतिम संस्कार में वहां जा सके. उनसे कहा कि वो पिछले तीन महीने से दर-दर भटक रही है लेकिन वो अपने पति के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए स्पेन नहीं जा पाई.
हरियाणा: लिव-इन में रह रहे प्रेमी जोड़े की हत्या, महिला पर किए गए 11 वार
31 May, 2025 05:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के फतेहाबाद में लिव इन में रह रहे कपल की हत्या कर दी गई. दोनों को आरोपी ने चाकुओं से गोदकर मार डाला. महिला पर आरोपी ने 11 बार तो वहीं युवक पर 2-3 बार वार किया. पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है. महिला के दो बच्चे भी हैं. लेकिन वह पिछले 6 महीने से अपने पति को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ लिव इन में रह रही थी.
ये घटना फतेहाबाद के टोहाना के तिलक नगर इलाके से सामने आई है, जहां 30 मई की रात में इस वारदात को अंजाम दिया गया. हत्या आरोपी और कोई नहीं बल्कि महिला का पति ही है, जिसने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी. उसने अपनी पत्नी पर घर के बाहर ही चाकू से हमला किया और 11 बार वार किया. जैसे ही महिला और युवक की चीखने की आवाज आई तो पड़ोसी भी अपने घरों से बाहर आ गए. फिर पड़ोसियों को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया.
6 महीने से लिव-इन में रह रही थी महिला
मृतक महिला का नाम पूजा था, जिसकी उम्र 30 साल थी और वह 24 वर्षीय ऋतिक के साथ तिलक नगर इलाके में पिछले 6 महीने से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी, जबकि महिला की शादी टोहाना के किला मोहल्ला के रहने वाले दीपक नाम के शख्स के साथ 14 साल पहले हुई थी. दोनों के दो बच्चे भी हैं. लेकिन महिला पति को छोड़कर प्रेमी के साथ रह रही थी.
पति ने दोनों की कर दी हत्या
महिला के पति का उससे लिव इन में रहने को लेकर विवाद चल रहा था. ऐसे में महिला जहां रह रही थी. वहां पहुंचा और घर के बाहर ही उसने महिला को 11 बार चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी. यही नहीं उसने महिला के साथ लिव इन में रह रहे ऋतिक की भी हत्या कर दी. पुलिस ने दोनों के शवों को सिविल अस्पताल भेजा है, जहां दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा.
पुलिस ने दोनों मृतकों के परिजनों को मामले की जानकारी दे दी है. परिजनों के बयान के आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी. पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिए जाएंगे. पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है. इसके बाद आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी.
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