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ईरान-इजरायल युद्ध का असर: हजारों भारतीयों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
16 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग में 36000 भारतीय फंस गए हैं। ईरान में 4000 भारतीय रहते हैं, जिनमें 1500 के करीब स्टूडेंट्स हैं और इनमें भी 1300 कश्मीरी मूल के स्टूडेंट्स हैं। इजरायल में 32000 भारतीय फंसे हैं और इनमें कई स्टूडेंट्स हैं। इन भारतीयों के परिवार अब सुरक्षा को लेकर चितिंत हैं। हालात खराब होते देखकर भारत सरकार ईरान से आर्मीनिआ के जरिए भारतीयों को सुरक्षित निकालकर वतन लाने पर विचार कर रही है। भारतीय दूतावास ने देश वापसी के लिए इच्छुक लोगों को दूतावास में रजिस्टर करने को कहा है।
भारतीयों की सुरक्षा कर रहा ईरान
ईरान के विदेश मंत्रालय ने भारतीयों की सुरक्षा के संदर्भ में अहम बयान देते हुए कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास लगातार भारतीयों की सुरक्षा स्थिति की निगरानी कर रहा है और ईरान में भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनसे संपर्क कर रहा है। कुछ मामलों में, दूतावास की मदद से छात्रों को ईरान के भीतर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। ईरान में रह रहे भारतीयों के लिए इंडियन एंबेसी ने एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यहां रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को दूतावास के साथ संपर्क में रहना है।
बंकरों-बेसमेंट में रखे गए भारतीय
भारतीयों से कहा गया है कि वे ईरान में गैर-जरूरी मूवमेंट न करें। अपडेट्स के लिए एंबेसी का सोशल मीडिया पेज देखते रहें। इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर भी जारी किए गए हैं। वहीं ईरान में फंसे भारतीयों का कहना है कि अभी सिविलियन इलाके सुरक्षित है, लेकिन लोगों को बंकरों में रहने को कहा गया है। सड़कों पर चहल-पहल है और लोग रोजमर्रा के काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्रतिबंधित कर दिए हैं। इंटरनेट भी काफी स्लो चल रहा है। इंडियन एंबेसी में जाकर रजिस्ट्रेशन करा दिया है, उन्होंने वतन वापस भेजने का आश्वासन दिया है।
क्या कहते हैं भारतीयों के परिजन?
ईरान में फंसे भारतीयों के परिजनों ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके अपनों को वहां से निकालकर वतन वापस लाने को कहा है। लोगों का कहना है कि जैसे भारत सरकार यूक्रेन से भारतीयों को निकालकर लाई थी, उसी तरह ईरान और इजरायल से भी लाए, क्योंकि ईरान-इजरायल में भारतीय सुरक्षित नहीं हैं। जंग बढ़ती जा रही है और शांति वार्ता के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। बिल्डिंगों पर मिसाइलें दागी जा रही हैं। फोन भी भी बातचीत नहीं हो रही है। कई भारतीय तो डरे हुए हैं, जब इराक और पाकिस्तान ने अपने लोगों को वतन वापस बुला लिया है तो भारत सरकार को भी भारतीयों को वापस बुला लेना चाहिए।
दक्षिण अमेरिका के पेरू में भीषण भूकंप, लोगों में दहशत का माहौल
16 Jun, 2025 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबरदस्त भूकंप से एक बार फिर धरती कांप गई है। देररात दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में प्रशांत महासागर के मध्य तट पर जोरदार भूकंप आया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। वे अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई है। भूकंप का असर सबसे ज्यादा लीमा शहर में देखने को मिला, जहां चट्टानों से धुल और रेत का गुबार उठा। भूकंप का केंद्र भी राजधानी लीमा में पश्चिम दिशा में कैलाओ से 23 किलोमीटर (14 मील) दूर दक्षिण-पश्चिम में ही मिला। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने भूकंप आने की पुष्टि की और मीडिया को इसकी जानकारी दी।
फील्ड में उतारे गए बचाव दल
मीडिया में बताया गया है कि भूकंप से एक शख्स की मौत हो गई है और 5 लोग गंभीर घायल हुए हैं। सड़कों और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। सरकार ने अलर्ट जारी करके बचाव दलों को फील्ड में उतार दिया है। AP की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारी रामिरो क्लौको ने बताया कि लीमा शहर में जब भूकंप आया तो एक शख्स अपनी कार के पास खड़ा था और किसी का इंतजार कर रहा था कि अचानक निर्माणाधीन इमारत भूकंप के झटके से ढह गई और मलबा उसके ऊपर गिरा। सिर में चोट लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई। पेरू के राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे ने लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की है।
पेरू भूकंप का संवेदनशील केंद्र
बता दें कि भूकंप के मद्देनजर पेरू सवंदेशनशील केंद्र है। पेरू में करीब 34 मिलियन लोग रहते हैं और यह प्रशांत महासागर के किनारे बसा देश है। पेरू प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर पर बसा है, जहां ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती है, इसलिए पेरू में भूकंप आते रहते हैं। पेरू में अब से पहले सबसे बड़ा भूकंप साल 2021 में आया था। अमेजन इलाके में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.5 मापी गई थी। इससे पहले बड़ा भूकंप साल 1970 में आया था, जिससे करीब 67000 लोगों की जान गई थी। इस बार आए भूकंप से पेरू की कई इमारतें ढह गईं। राजधानी लीमा में फुटबाल मैच को भी स्थगित करना पड़ा।
PM मोदी ने साइप्रस में बताया भारत का विजन, जल्द बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
16 Jun, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साइप्रस की राजधानी निकोसिया में इंडिया-साइप्रस CEO फोरम को संबोधित किया। यह दौरा 20 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है। पीएम मोदी ने इस दौरान भारत की आर्थिक तरक्की, डिजिटल क्रांति, और साइप्रस के साथ सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
भारत और साइप्रस के बीच व्यापार
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के बीच 150 मिलियन डॉलर का व्यापार हो रहा है, लेकिन असली क्षमता इससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा, “साइप्रस भारत का भरोसेमंद साझेदार रहा है। यहां से भारत में निवेश हुआ है और कई भारतीय कंपनियों ने साइप्रस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। साइप्रस को यूरोप का गेटवे भी माना जाता है।”
भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि भारत बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “पिछले एक दशक में भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। अब हम तेजी से तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने भारत में आई डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए कहा, “आज दुनिया में 50% डिजिटल लेन-देन भारत में UPI के माध्यम से होते हैं। फ्रांस जैसे देशों को हमने जोड़ा है और अब साइप्रस से भी UPI को जोड़ने की बात हो रही है। मैं इसका स्वागत करता हूं।”
भारत का किस पर है फोकस?
पीएम मोदी ने बताया कि भारत हर साल 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कर रहा है। इस साल के बजट में नए मैन्युफैक्चरिंग मिशन की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा, “हम मरीन और पोर्ट डिवेलपमेंट, शिपबिल्डिंग और सिविल एविएशन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हमारी 1 लाख से ज्यादा स्टार्टअप कंपनियां सिर्फ सपने नहीं, समाधान बेच रही हैं।”
पीएम मोदी ने खुशी जताई कि साइप्रस स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने गुजरात के GIFT सिटी में सहयोग के लिए समझौता किया है। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर भी काम तेज़ी से चल रहा है और इस वर्ष के अंत तक समझौता पूरा करने का लक्ष्य है।
साइप्रस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी का किया स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स का विशेष धन्यवाद किया कि वह उन्हें खुद एयरपोर्ट पर लेने आए और बिज़नेस नेताओं के साथ बैठक का आयोजन किया। उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति महोदय का आभार व्यक्त करता हूं कि वे मुझे लेने खुद एयरपोर्ट आए और व्यापारिक नेताओं के साथ बड़ी बैठक रखी।”
ड्रोन बन रहे निर्णायक हथियार, ईरान-इजरायल संघर्ष में बदल रहे युद्ध का चेहरा
16 Jun, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। पहले रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के दौरान, और अब इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई में भी ड्रोन की प्रभावी भूमिका स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। आकार में छोटा, रडार की पकड़ से दूर और शक्तिशाली हमले करने में सक्षम - ये हमलावर ड्रोन आधुनिक युद्ध में एक बेहद प्रभावी हथियार बन गए हैं।
जब दुश्मन के इलाके के बहुत अंदर से ये लांच किए जाते हैं, जैसा कि इस महीने ईरान और रूस में हुआ, तो उनका प्रभाव और भी विनाशकारी होता है। दुश्मन के इलाके के अंदर से हमला करने वाले ड्रोन को रोकना एक सरप्राइज फैक्टर होता है क्योंकि इसमें आधुनिक तकनीक के साथ-साथ एक कुशल सैन्य रणनीति भी शामिल होती है।
घातक ड्रोन बनाना रणनीति का हिस्सा
अधिकारियों और हथियार विशेषज्ञों का कहना है कि जासूसी और गुप्त ऑपरेशन लंबे समय से युद्ध का हिस्सा रहे हैं। लेकिन, दुश्मन को हैरत में डालने एवं उनके दांत खट्टे करने के लिए घातक ड्रोन बनाना या तैनात करना युद्ध की निरंतर विकसित होती एक नई रणनीति का ही हिस्सा है।
ऐसा ही मामला दो सप्ताह पहले भी सामने आया था जब 40 से अधिक रूसी युद्धक विमानों को 117 ड्रोनों के झुंड ने निशाना बनाया था। उन्हें यूक्रेन ने महीनों पहले रूस के सैन्य ठिकानों के पास गुप्त रूप से लगाया था। इनमें से कुछ यूक्रेन से हजारों मील दूर थे। ईरान में भी यही हुआ था। शुक्रवार को ड्रोन और अन्य हथियारों द्वारा उसके मिसाइलों, इंटरसेप्टर और वायु रक्षा प्रणालियों को ध्वस्त कर दिया गया।
इन ड्रोन को इजराइली खुफिया अधिकारी पहले से ही वहां तस्करी करके लाए थे। हालांकि, खुफिया जानकारी जुटाने के तरीकों और गुप्त सूचना के स्त्रोतों की सुरक्षा के दृष्टिगत गुप्त अभियानों को कैसे अंजाम दिया गया, इसके बारे में कई विवरण अभी भी अस्पष्ट हैं। लेकिन, इजरायल के दृष्टिकोण ने उसे ईरान के खिलाफ अपने व्यापक हमले में बढ़त दिलाई।
ईरान में नए एयरोस्पेस चीफ की नियुक्ति, इजरायली हमले में हाजीजादेह की मौत के बाद बड़ा फैसला
15 Jun, 2025 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश की सामरिक सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एयरोस्पेस डिवीजन के नए प्रमुख की नियुक्ति कर दी है। मीडिया रिपोर्ट अनुसार, माजिद मौसवी को एयरफोर्स का नया कमांडर नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब शुक्रवार को हुए इजराइली हवाई हमले में मौजूदा एयरोस्पेस प्रमुख आमीरअली हाजीजादेह की मृत्यु हो गई थी। इस हमले में 9 परमाणु वैज्ञानिक और 20 से अधिक ईरानी सैन्य कमांडर भी मारे गए थे। आमीरअली हाजीजादेह ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रणाली के पीछे की प्रमुख रणनीतिक शख्सियत थे। उन्होंने हाल के वर्षों में कई बार इजराइल और अमेरिका को चेतावनी दी थी और सीरिया तथा इराक में ईरान के सैन्य अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
नई नियुक्ति के पीछे मकसद
विश्लेषकों का मानना है कि माजिद मौसवी की नियुक्ति एक तेज लेकिन सावधानीपूर्ण सैन्य प्रतिक्रिया की तैयारी का संकेत है। ईरान संभवतः अपने मिसाइल और रडार सिस्टम को पुनः सक्रिय कर इजराइली लक्ष्यों पर जवाबी कार्रवाई की दिशा में बढ़ सकता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक गहराने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिकी और यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियां इस क्षेत्र में अलर्ट मोड पर हैं। वेस्ट एशिया विशेषज्ञ डॉ. शहेर याकूब का कहना है कि ईरान में कमांड परिवर्तन केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि सैन्य संतुलन का संकेत है।
नई नियुक्ति के साथ अब पूरी दुनिया की निगाहें ईरान की संभावित रणनीति पर टिकी हैं। आने वाले हफ्तों में ईरान-इजराइल संबंधों में और अधिक तनाव की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने कबूला- हमने ही इजराइल को ईरान पर हमला करने से रोक रखा था
15 Jun, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। इजराइल-ईरान युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें पता था कि ईरान पर इजराइल अटैक करेगा। उन्होंने ही इजराइल को लंबे वक्त से ईरान पर हमला करने से रोक रखा था। उन्होंने कबूल किया कि उन्हें और अमेरिकी प्रशासन को इजराइली अटैक की पूरी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत देर नहीं हुई है। ईरान को न्यूक्लियर डील कर लेनी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने खुलासा किया कि उनकी टीम ने इजराइल के हवाई हमलों की भविष्यवाणी की थी। अमेरिका ने इजराइल के अटैक को रोकने के प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि हमें सब कुछ पता था। मैंने ईरान को अपमान और मौत से बचाने की कोशिश की। क्योंकि मैं एक समझौता होते देखना पसंद करत हूं, हालांकि अभी भी बहुत देर नहीं हुई है। वे अब भी समझौता कर सकते हैं। ट्रंप ने पब्लिकली चेतावनी दी थी कि ईरान से अगर परमाणु बातचीत विफल हो जाती है तो इजराइल उस पर अटैक करेगा। ईरान पर बमबारी होगी, यह पूरी दुनिया को पहले ही पता था। 13 जून को इजराइल ने ईरान में अटैक किया। इजराइली हमले में ईरानी आर्मी चीफ, टॉप कमांडर और न्यूक्लियर साइंटिस्ट मारे गए। नतांज समेत कई परमाणु ठिकाने भी तबाह हो गए।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका इजराइल के साथ खड़ा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरानी बदले के मामले में अमेरिका इजराइल का समर्थन करेगा तो उन्होंने कहा, ‘हम इजराइल के बहुत करीब हैं। हम उनके सबसे बड़े सहयोगी हैं…देखते हैं क्या होता है।
बता दें ईरान ने जब शुक्रवार रात को अटैक किया तो इजराइल की मदद अमेरिका ने की। दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी बलों ने इजराइल की ओर की ओर दागी गई ईरानी मिसाइलों को रोकने में मदद की, जिसे अमेरिकी समर्थन का स्पष्ट संकेत है। इजराइल-ईरान युद्ध की वजह से अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता का भविष्य अधर में लटका गया है। रविवार को ओमान में होने वाले छठे दौर की वार्ता अब अनिश्चित लग रही है।
बता दें डोनाल्ड ट्रंप की वार्ता के दौरान अहम मांग यह रही है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन को रोक दे, जिसे तेहरान ने विरोध किया है। इसके कारण ही समझौता मुश्किल हो गया है। वैसे भी इजराइल के हमलों से पहले ही ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई कभी भी हो सकती है।
रोचडेल बाल यौन शोषण कांड में 7 पाकिस्तानी‑मूल के पुरुष बलात्कार और यौन उत्पीड़न के दोषी
15 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । ब्रिटेन की मैनचेस्टर मिनशुल स्ट्रीट क्राउन कोर्ट ने 2001‑06 के रोचडेल बाल यौन शोषण कांड में सात पाकिस्तानी‑मूल पुरुषों को बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया। निर्णय के साथ ही 19 वर्ष पुराने मामले में पीड़िताओं को न्याय मिला है।
अभियोजन के अनुसार, ‘गर्ल ए’ और ‘गर्लबी’ नामक दो स्कूली छात्राओं को 13 वर्ष की आयु से ही शराब, ड्रग्स और ठिकाने मुहैया कराने का लालच देकर बार‑बार दरिंदगी का शिकार बनाया गया। लड़कियों का शोषण गंदे फ्लैटों, कारों, पार्किंग‑लॉट और सुनसान गोदामों में हुआ, एक पीड़िता के अनुसार संभवत: “200 से अधिक पुरुषों” ने उसका बलात्कार किया।
दोषियों में मोहम्मद जाहिद (64) प्रमुख भूमिका में था, जिसे बाज़ार में अपनी लॉन्जरी स्टॉल पर ‘बॉस‑मैन’ कहा जाता था। आरोपी ने कपड़े, पैसे व खाना देकर यौन संबंध की मांग की। मुश्ताक अहमद (67) और कासिर बशीर (50) ने तहखाने में अश्लील हरकतें कीं, बशीर फ़रार है। टैक्सी चालक मोहम्मद शहज़ाद (44), नाहीम अकरम (48) व निसार हुसैन (41) तथा पूर्व दोषी रोहीज खान (39) भी बलात्कार में लिप्त है। एक अन्य आरोपी अरफान खान सबूत न मिलने पर बरी हुआ।
अदालत ने पाया कि पुलिस एवं सामाजिक सेवाओं के पास लंबे समय तक शिकायतें थीं, फिर भी कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस प्रमुख ने फैसला आने पर खेद जताकर कहा, “हमारी लापरवाही अक्षम्य थी, इसके लिए हम माफी माँगते हैं।”
यह फैसला ‘ऑपरेशन लिटन’ के तहत चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसके तहत अब तक 37 लोगों पर आरोप लगे हैं और पाँच नए मुकदमे सिंतबर से शुरू होने है। न्यायाधीश जोनाथन सीली ने दोषियों को “लंबी कारावास” की चेतावनी देते हुए सजा सुनाने की तारीख बाद में तय करने का आदेश दिया।
मामले ने ब्रिटेन में जातीयता बनाम लैंगिक एवं वर्गीय शोषण की बहस फिर तेज कर दी है। यौन अपराधों के कुल आँकड़ों में जहाँ 88 प्रतिशत अपराधी श्वेत ब्रिटिश हैं, रोचडेल एवं रोथरहैम जैसे हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों में पाकिस्तानी‑मूल दोषियों की अधिक संख्या ने सामाजिक असहजता बढ़ाई है। फिर भी विशेषज्ञों का मत है कि निर्धन, असुरक्षित किशोरियाँ अब भी सबसे आसान निशाना हैं—भले ही अपराधी किसी भी पृष्ठभूमि के हों।
ट्रूपिंग द कलर परेड में काली पट्टी बांधेगा ब्रिटिश शाही परिवार
15 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। ब्रिटिश शाही परिवार एयर इंडिया विमान दुर्घटना के पीड़ितों के सम्मान में शनिवार को ट्रूपिंग द कलर परेड में काली पट्टी बांधेगा। इसके साथ ही एक मिनट का मौन रखा जाएगा। यह वार्षिक परेड किंग चार्ल्स के जन्मदिन के मौके पर आयोजित की जाती है, जिसमें 1350 से ज्यादा सैनिक शामिल होते हैं। मीडिया रिपोर्ट में महल के प्रवक्ता के मुताबिक किंग इस विमान त्रासदी में मारे गए लोगों, शोक में डूबे परिवारों और दुर्घटना से प्रभावित लोगों के सम्मान में अपने जन्मदिन की परेड में बदलाव चाहते थे।
इससे पहले गुरुवार को किंग चार्ल्स ने एक बयान में इस विमान दुर्घटना पर दुख जताया था। बयान में कहा गया कि अहमदाबाद में हुई भयानक घटना से मेरी पत्नी और मैं बेहद सदमे में हैं। हमारी विशेष प्रार्थनाएं और गहरी सहानुभूति उन सभी परिवारों और दोस्तों के साथ है, जो इस भयावह घटना से इतने सारे देशों में प्रभावित हुए हैं, क्योंकि वे अपने प्रियजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो इस कठिन समय में सहायता और समर्थन कर रहे हैं।
ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेताओं ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। दुर्घटना के बाद स्टार्मर ने एक्स पर लिखा- आज का दिन कई ब्रिटिश और भारतीय परिवारों के लिए वाकई दिल दहला देने वाला है। मैं इस भयानक विमान दुर्घटना से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं। इसके अलावा, यूनाइटेड किंगडम की एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच और यूनाइटेड स्टेट्स की फेडरल एविएशन एजेंसी ने दुर्घटना के बाद भारतीय अधिकारियों के साथ जांच में मदद की पेशकश की।
उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम में उमड़ी भीड़, रोजमर्रा की चिंताओं पर विशेषज्ञों से राय
14 Jun, 2025 06:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय मानक ब्यूरो, फ़रीदाबाद शाखा कार्यालय की डायरेक्टर विभा रानी के अनुसार उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर 16 में आरएसईटीआई बिल्डिंग में आयोजित किया गया. जिसमें आरएसईटीआई समूहों के 50 सदस्य शामिल हुए. हरियाणा की पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. केनरा बैंक के आरएसईटीआई के प्रमुख पीयूष गोयल भी शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में गौरव कुमार(स्टैंडर्ड प्रमोशन ऑफिसर) ने कार्यक्रम का एजेंडा बताया और बी रोहित रेड्डी (डिप्टी डायरेक्टर) ने भारतीय मानक ब्यूरो के बारे में कुछ मूल्यवान जानकारी दी और प्रतिभागियों से BIS केयर ऐप, हॉलमार्किंग, अनिवार्य उत्पाद प्रमाणन और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में गुणवत्ता और मानकों के महत्व के बारे में चर्चा की.
बीआईएस केयर ऐप का लाइव डेमों भी गौरव कुमार के द्वारा विस्तार से बताया गया. सभी प्रतिभागिओ से बीआईएस केयर ऐप्लिकेशन डाउनलोड करवाए.इस समारोह में लोगों ने इसमें बहुत रुचि से भाग लिया और हॉलमार्किंग, गैस सिलेंडर, अग्निशामक यंत्र, गैस स्टोव और एयर कंडीशनर जैसे विभिन्न उत्पादों के बारे में सवाल पूछे. उनके सवालों के विस्तृत और संतोषजनक जवाब दिये गए.
कार्यक्रम के अंत में सीमा त्रिखा ने बीआईएस की पहलों के बारे में जमकर तारीफ़ की और इस तरह के और कार्यक्रम कराये जाने के लिये कहा, जिससे और जागरूकता समाज में पहुंचे.
इजरायल ने पोस्ट किया भारत का गलत नक्शा, कश्मीर को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा
14 Jun, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजरायल रक्षा बल (IDF) ने शुक्रवार को एक गलती करते हुए भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का गलत नक्शा पोस्ट कर दिया था, जिसके बाद उसने माफी मांगी है। इस नक्शे में जम्मू और कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था।
इस गलती के बाद आईडीएफ ने स्वीकार किया है नक्शे में सीमाओं को सटीक रूप से दिखाने में गलती हुई। लेकिन दावा किया कि नक्शे में सिर्फ क्षेत्र को दर्शाया गया था। IDF की पोस्ट के बाद कई भारतीय यूजर्स ने गुस्से में पोस्ट किया और आईडीएफ की गलती को बताया और इजरायली सेना से पोस्ट को वापस लेने को कहा।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग
इंडियन राइट विंग कम्युनिटी नामक एक एक्स हैंडल से पोस्ट पर इजरायली सेना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह पोस्ट इस क्षेत्र का चित्रण है। नक्शे में सीमाओं को दिखाने में गलती हुई। हम किसी भी तरह की ठेस के लिए माफी मांगते हैं।"
अभी तक नहीं आई भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत ने हमेशा से यह स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसके कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान और चीन ने दशकों से अवैध रूप से कब्जा कर रखा है, देश का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। मई में पहलगाम हमले और फिर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी ने भी यही बात दोहराई थी।
बता दें, पिछले कई वर्षों में भारत और इजरायल के बीच दोस्ती वाले रिश्ते मजबूत हुए हैं। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल का दौरा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री थे। भारत इजरायल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदारों में से एक है।
इजरायल और ईरान के बीच भारी टेंशन
ईरान और इजरायल के बीच टकराव अपने चरम पर है और दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलों से हमला कर रहे हैं। इसी दौरान इजरायल की सेना ने भारत की सीमाओं का गलत नक्शा पोस्ट किया था, जिसमें ईरान को इजरायल के लिए वैश्विक खतरे के रूप में दिखाने की कोशिश की गई थी।
नक्शे में ईरान से निकलने वाली मिसाइलों की रेंज को दर्शाया गया था। इस नक्शे में सऊदी अरब, अफ्रीका में लीबिया और इथियोपिया, एशिया में भारत और चीन, यूरोप में रोमानिया बुल्गारिया साथ ही रूस, कजाकिस्तान और तुर्की की सीमाओं को दिखाया गया था।
पहले विश्व नेताओं से कार्रवाई का आग्रह करता रहा इजरायल
14 Jun, 2025 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। ईरान और इजरायल के बीच जारी लड़ाई को लेकर दुनियाभर के नेताओं को चिंता डाल दिया है और सभी शांति की बात कर रहे हैं। रूस से लेकर ट्रंप ने भी टेबल पर मामले को सुलझाने की बात कही है लेकिन ईरान के नहीं मानने के बाद इजरायल ने उस पर हमला कर दिया।
नेतन्याहू ने आखिरकार अकेले ही आगे बढ़ने का फैसला किया
बता दें कि इजरायल ने यह हमला अचानक नहीं किया है। लगातार दो दशकों तक ईरान के परमाणु कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी और अन्य विश्व नेताओं से कार्रवाई करने का आग्रह करने के बाद, नेतन्याहू ने आखिरकार अकेले ही आगे बढ़ने का फैसला किया। इजरायल का साफ कहना है वह अपने अस्तित्व को बचाने के लिए ईरान पर हमला कर रहा है। इजरायल का कहना है कि ईरान को सामूहिक विनाश के हथियार प्राप्त करने से रोकना था।
ईरान ने कई बार उड़ाया था नेतन्याहू का मजाक
ईरान ने एक बार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मजाक उड़ाया था क्योंकि नेतन्याहू तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में लगातार सार्वजनिक चेतावनी देते रहते थे और इसे बंद करने की बार-बार धमकियां देते रहते थे। इस पर ईरान के तत्कालीन विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने 2018 में कहा था आप कुछ लोगों को केवल कुछ बार ही मूर्ख बना सकते हैं और आप कुछ कर नहीं सकते।
संबोधन में नेतन्याहू ने हिलटर को लेकर कही ये बात
शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में नेतन्याहू ने अपने निर्णय को ईरान पर हमले को समझाने के लिए द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी नरसंहार की भयावहता का हवाला दिया।
नेतन्याहू ने कहा कि करीब एक सदी पहले, नाजियों का सामना करते हुए, हमारे नेताओं की एक पीढ़ी समय पर कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने आगे कहा कि नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर को खुश करने की नीति के कारण छह मिलियन यहूदियों की मौत हो गई थी, जो मेरे लोगों का एक तिहाई हिस्सा था।
उस युद्ध के बाद, यहूदी लोगों और यहूदी राज्य ने फिर कभी ऐसा न करने की कसम खाई। खैर, आज फिर कभी ऐसा न करने का समय आ गया है। इजरायल ने दिखाया है कि हमने इतिहास से सबक सीख लिया है।
ईरान बोला परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, हालांकि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने गुरुवार को देश को लगभग 20 वर्षों में पहली बार अपने परमाणु अप्रसार दायित्वों का उल्लंघन करने वाला घोषित किया।
अमेरिका ने अपने विध्वंसक जहाज को मिडिल ईस्ट में तैनाती का दिया निर्देश
अमेरिका ने मध्य पूर्व में सैन्य संसाधन स्थानांतरित किए हैं क्योंकि इजरायल को तेहरान से संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका है, दो अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका मिडिल ईस्ट में जहाजों सहित सैन्य संसाधनों को स्थानांतरित कर रहा है।
यूएसएस थॉमस हंडर बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव करने में सक्षम
अमेरिकी नौसेना ने विध्वंसक यूएसएस थॉमस हंडर को पश्चिमी भूमध्य सागर से पूर्वी भूमध्य सागर की ओर नौकायन शुरू करने का निर्देश दिया है। यह उल्लेखनीय है कि यूएसएस थॉमस हंडर बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव करने में सक्षम है। इसने एक दूसरे विध्वंसक को भी आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप ने शुक्रवार अपने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुखों से मुलाकात की।
तस्करी के जरिए पहुंचाए हथियार, टॉप कमांडरों और परमाणु ठिकानों पर किया सटीक हमला
14 Jun, 2025 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इजरायल ने ईरान पर शुक्रवार को ताबड़तोड़ हमले किए और जमकर बम बरसाए हैं। ईरान और इजरायल के बीच का टकराव अब दुनिया की नजरों के सामने है। इस बीच इजरायली अधिकारियों ने एक नया खुलासा करके सभी के होश उड़ा दिए हैं।
इजरायली अधिकारियों ने खुलासा किया है कि इजरायल ने एअर स्ट्राइक से पहले ही हथियार और ड्रोन ईरान के अंदर पहुंचा दिए थे और समय आते ही उनसे सटीक हमले किए गए।
समाचार एजेंसी के अनुसार, इजरायली अधिकारियों ने बताया कि ईरान पर हमलों से पहले उन्होंने सीक्रेट तरीके से ड्रोन और हथियार ईरान में पहुंचा दिए थे। ये सारे खुलासे ऐसे समय में हुआ है, जब इजरायल के हमले ने ईरान में जोरदार हलचल मचा दी है।
हमलों में क्या हुआ?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इजरायल के हमले में ईरान के कम से कम 20 टॉप कमांडर मारे गए हैं। मरने वालों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के चीफ और एअरोस्पेस कमांडर अमीर अली हाजीजादेह भी शामिल हैं।
इजरायल द्वारा किए गए जोरदार हमले के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि राजधानी तेहरान पर हुए हवाई हमले में 78 लोग मारे गए हैं। इसके साथ ही करीब 329 लोग घायल भी हुए हैं।
इजरायल ने 5 फेज में किए हमले
इजरायली मीडिया ने बताया कि ईरान पर पांच फेज में हमले किए गए हैं...
पहला हमला- ईरानी शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया गया।
दूसरा हमला- ईरान के टॉप परमाणु वैज्ञानिकों पर हमला।
तीसरा हमला- नतांज परमाणु केंद्र और तेहरान में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों पर हमला।
चौथा हमला- पश्चिमी ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल और मिसाइल सिक्योरिटी सिस्टम को निशाना बनाया गया।
पांचवां हमला- दोबारा पश्चिमी ईरान में सतह से हवा में मार करने वाली और बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम पर हमला किया गया।
ईरान को क्या-क्या हुआ नुकसान?
इजरायल के हमले में ईरान का मुख्य संवर्धन केंद्र नतांज का परमाणु ठिकाना भी तबाह हुआ।
इजरायल के हमले ने ईरानी सेना को लगी बड़ी चोट।
ईरान के टॉप अधिकारी और वैज्ञानिक मारे गए।
ईरान के कमांडर इन चीफ हुसैन सलामी की मौत।
ईरान के सेना प्रमुख जनरल मोहम्मद बाघेरी की मौत।
IRGC की इंजीनियरिंग फर्म के चीफ घोलमाली रशीद की मौत।
टॉप परमाणु वैज्ञानिक मोहम्मद मेहदी तेहरांची और फरदून अब्बासी की भी मौत।
इजरायल का सटीक हमला
बता दें, ईरान पर किए गए हमले इजरायल के बिल्कुल सटीक हमले थे। इजरायल ने पहले भी सटीक हमले किए हैं और इस बार ईरान पर भी कुछ ऐसा ही किया है। इन हमलों के बाद ईरान गुस्से में है और उसकी तरफ से भी इजरायल पर भी ड्रोन हमले किए गए हैं।
इजरायली हमले के बाद ईरान ने दागी सैकड़ों मिसाइलें
14 Jun, 2025 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम। ईरान ने शुक्रवार रात को इजरायल पर जवाबी हवाई हमले किए, जिसमें देश के दो सबसे बड़े शहरों यरुशलम और तेल अवीव में विस्फोटों की आवाज सुनी गई। एएनआई ने द टाइम्स ऑफ इजरायल के हवाले बताया कि अब तक ईरान ने इजरायल पर दो बार में लगभग 150 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
तेल अवीव के ऊपर मिसाइलें देखी गईं
यह हमला इजरायल द्वारा अपने पुराने दुश्मन के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े सैन्य हमले के बाद हुआ। अधिकारियों द्वारा लोगों से शरण लेने का आग्रह किए जाने पर पूरे इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। तेल अवीव के ऊपर मिसाइलें देखी गईं, सेना ने कहा कि ईरान ने दो बार गोलाबारी की।
टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, चिकित्सकों के अनुसार, नौ प्रभाव स्थलों की रिपोर्ट मिली है, जिसमें लगभग 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश की हालत ठीक है।
ईरान ने 100 से ज्यादा मिसाइलें दागीं
इजरायल की सेना ने कहा कि ईरान ने 100 से ज्यादा मिसाइलें दागीं और उनमें से अधिकांश को रोक दिया गया या वे कम दूरी पर गिर गईं। दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना ने इजरायल की ओर बढ़ रही ईरानी मिसाइलों को मार गिराने में मदद की।
इजरायल में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं
इजरायल के चैनल 12 ने कहा कि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, आठ मामूली रूप से और 34 लोग छर्रे लगने से मामूली रूप से घायल हुए हैं।
एक अपार्टमेंट ब्लॉक सहित कई इमारतें क्षतिग्रस्त
हमले में तेल अवीव के पास रमत गान में एक आवासीय पड़ोस में एक अपार्टमेंट ब्लॉक सहित कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। मध्य तेल अवीव में एक अन्य इमारत पर भी हमला किया गया, जिससे कई मंजिलों को काफी नुकसान पहुंचा।
खामेनेई का आया बयान
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शनिवार को कहा कि ईरान के सशस्त्र बल इजरायल का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उन्होंने कहा इजरायली शासन ने बड़ी गलती कर दी है। एक गंभीर त्रुटि की है, और एक लापरवाह कार्य किया है। ईश्वर की कृपा से, इसके परिणाम उस शासन को बर्बाद कर देंगे।
उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बल तैयार हैं, और देश के अधिकारी और सभी लोग सशस्त्र बलों के पीछे हैं। ईरानी राष्ट्र अपने मूल्यवान शहीदों के खून का बदला जरूर लेगा न ही वह अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन को अनदेखा करेगा।
सायरन की तेज आवाज, आसमान से बरसती मिसाइलें और बंकरों में छिपते लोग
14 Jun, 2025 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ईरान और इजरायल के बीच शनिवार को तनाव उस वक्त और बढ़ गया, जब दोनों ओर से ताबड़तोड़ मिसाइल हमले किए गए। ईरान ने इजरायल पर हमला तब किया, जब इजरायल ने शुक्रवार को ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था।
इजरायल ने अपने पुराने दुश्मन ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए अब तक का सबसे बड़ा हमला किया।
आईए जानते हैं दोनों देशों के बीच चल रहे टकराव में अभी तक क्या-क्या हुआ...
शनिवार तड़के इजरायल के दो सबसे बड़े शहर तेल अवीव और यरुशलम में हवाई हमले के सायरन बजने लगे।
दोनों शहरों को लोगों को सायरन बजते ही सुरक्षित स्थान पर भागना पड़ा।
इजरायली सेना ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियां ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए काम कर रही हैं।
इजरायली सेना के अनुसार, ईरान की ओर से दर्जनों मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से कुछ को रोक दिया गया।
ईरान के इन हमलों में इजरायल में क्या नुकसान हुआ है और हताहतों की संख्या क्या है, इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
इजरायली मीडिया के अनुसार, तेल अवीव में एक संदिग्ध मिसाइल गिरी।
रॉयटर्स ने बताया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने जेरूसलम में एक जोरदार धमाका सुना।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानियों से कहा है कि इजरायली हमलों के बाद अभी और हमले होने वाले हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल पर युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया।
अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा- ईरानी राष्ट्र को यह गारंटी देते हैं कि हमारी प्रतिक्रिया आधी-अधूरी नहीं होगी।
ईरान की समाचार एजेंसी फार के अनुसार, तेहरान ने शुक्रवार रात दो हवाई हमलों के बाद शनिवार को हवाई हमलों की तीसरा फेज शुरू किया।
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि इजरायल में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं होगी और बदला लेना दर्दनाक होगा।
इजराइल की एम्बुलेंस सेवा ने बताया कि शुक्रवार रात तेल अवीव क्षेत्र में 34 लोग घायल हुए, जिनमें से ज़्यादातर को मामूली चोटें आईं।
बाद में इजरायली पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत हो गई।
ईरान से टकराव के बीच इजरायल ने भारत का गलत नक्शा किया पोस्ट
14 Jun, 2025 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इजरायल रक्षा बल (IDF) ने शुक्रवार को एक गलती करते हुए भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का गलत नक्शा पोस्ट कर दिया था, जिसके बाद उसने माफी मांगी है। इस नक्शे में जम्मू और कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था।
इस गलती के बाद आईडीएफ ने स्वीकार किया है नक्शे में सीमाओं को सटीक रूप से दिखाने में गलती हुई। लेकिन दावा किया कि नक्शे में सिर्फ क्षेत्र को दर्शाया गया था। IDF की पोस्ट के बाद कई भारतीय यूजर्स ने गुस्से में पोस्ट किया और आईडीएफ की गलती को बताया और इजरायली सेना से पोस्ट को वापस लेने को कहा।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग
इंडियन राइट विंग कम्युनिटी नामक एक एक्स हैंडल से पोस्ट पर इजरायली सेना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह पोस्ट इस क्षेत्र का चित्रण है। नक्शे में सीमाओं को दिखाने में गलती हुई। हम किसी भी तरह की ठेस के लिए माफी मांगते हैं।"
अभी तक नहीं आई भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत ने हमेशा से यह स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसके कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान और चीन ने दशकों से अवैध रूप से कब्जा कर रखा है, देश का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। मई में पहलगाम हमले और फिर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी ने भी यही बात दोहराई थी।
बता दें, पिछले कई वर्षों में भारत और इजरायल के बीच दोस्ती वाले रिश्ते मजबूत हुए हैं। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल का दौरा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री थे। भारत इजरायल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदारों में से एक है।
इजरायल और ईरान के बीच भारी टेंशन
ईरान और इजरायल के बीच टकराव अपने चरम पर है और दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलों से हमला कर रहे हैं। इसी दौरान इजरायल की सेना ने भारत की सीमाओं का गलत नक्शा पोस्ट किया था, जिसमें ईरान को इजरायल के लिए वैश्विक खतरे के रूप में दिखाने की कोशिश की गई थी।
नक्शे में ईरान से निकलने वाली मिसाइलों की रेंज को दर्शाया गया था। इस नक्शे में सऊदी अरब, अफ्रीका में लीबिया और इथियोपिया, एशिया में भारत और चीन, यूरोप में रोमानिया बुल्गारिया साथ ही रूस, कजाकिस्तान और तुर्की की सीमाओं को दिखाया गया था।
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