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क्या पाकिस्तान के हाथ से फिसल जाएगा पीओके?
14 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट की जांच में पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तार जुड़ने के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल के पास से 2900 किलो से ज्यादा विस्फोटक मिलने के बाद जांच ने स्पष्ट किया है कि इस नेटवर्क का सीधा संबंध जैश से था।
इस मामले में रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आतंक की इस जड़ का ठिकाना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) है, और अब भारत के पास इसे दोबारा हासिल करने का रणनीतिक मौका है। इस संबंध में लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) जेएस सोढ़ी का कहना है, कि भारत को अब ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर निर्णायक कदम उठाना चाहिए। सर्दियों के मौसम में जब घुसपैठ रुक जाती है, तब सैन्य दबाव बढ़ाकर हाजी पीर और आस-पास के इलाकों में नियंत्रण वापस पाया जा सकता है।
हाजी पीर दर्रे का रणनीतिक महत्व
हाजी पीर दर्रा पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में स्थित है, जो जम्मू के पुंछ को पीओके के रावलकोट से जोड़ता है। यदि भारत के नियंत्रण में यह दर्रा आता है, तो पुंछ और उरी के बीच की दूरी 282 किमी से घटकर मात्र 56 किमी रह जाएगी। इससे घाटी और जम्मू क्षेत्र के बीच सैन्य और रसद कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यहां बताते चलें कि भारत ने 1965 के युद्ध में यह दर्रा जीत लिया था, लेकिन ताशकंद समझौते के तहत पाकिस्तान को वापस कर दिया गया। तब से पाकिस्तान इस दर्रे का इस्तेमाल लगातार आतंकी घुसपैठ के लिए करता आ रहा है।
जैश की महिला कमान और आतंकी साजिश
रिपोर्टों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद की महिला इकाई अब सक्रिय है, जिसकी कमान मसूद अजहर की बहन सैयदा अजहर के हाथों में है। दिल्ली ब्लास्ट की आरोपी डॉ. शाहीन शाहिदा इसी नेटवर्क की सदस्य थी, जो पिछले दो वर्षों से भारत में विस्फोटक एकत्र कर रही थी।
भारत की नई सैन्य रणनीति
भारतीय सेना ने पिछले कुछ महीनों में पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास शुरू किए हैं। इन अभ्यासों में राफेल, तेजस, सुखोई और ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह अभ्यास पाकिस्तान के साथ-साथ चीन और बांग्लादेश को भी कड़ा संदेश देने के लिए हैं। इन्हीं लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह किया था।
पीओके को लेकर बढ़ी कूटनीतिक हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि पीओके को वापस पाना आसान नहीं होगा, क्योंकि ऐसी स्थिति में चीन भी पाकिस्तान के समर्थन में सक्रिय हो सकता है। फिर भी, भारत की हालिया सैन्य तैयारियां और कूटनीतिक रुख यह संकेत देते हैं कि दिल्ली अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक मोड में है।
हरियाणा में बढ़ी सर्दी, तापमान में तेजी से गिरावट—मौसम विभाग का अलर्ट
14 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में मौसम अब पूरी तरह सर्दियों की तरफ बढ़ रहा है. सुबह की शुरुआत हल्की धुंध के साथ हो रही है और हवा में ठंडक साफ महसूस की जा सकती है. दिन के समय धूप निकलेगी, लेकिन तेज नहीं रहेगी. रात और सुबह के तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे सर्दी ने दस्तक दे दी है. दिल्ली-एनसीआर, खासकर गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी हल्के बादल छाने के कारण ठंड का अहसास और बढ़ गया है.
हरियाणा के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है, जो इस मौसम के लिहाज से काफी ठंडा माना जाता है. नारनौल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान साढ़े सात डिग्री के आसपास दर्ज हुआ. गुरुग्राम में तापमान करीब आठ डिग्री तक पहुंच गया. करनाल और पंचकूला का रात का तापमान लगभग नौ डिग्री के करीब रहा. सोनीपत में भी मौसम ठंडा रहा और तापमान करीब नौ डिग्री दर्ज किया गया. महेंद्रगढ़ में यह साढ़े नौ डिग्री के आसपास रहा, जबकि सिरसा में लगभग दस डिग्री रिकॉर्ड किया गया. रोहतक और भिवानी में रात का तापमान दस डिग्री से थोड़ा ऊपर रहा, वहीं फरीदाबाद में ठंडी हवा के चलते रात का पारा करीब ग्यारह डिग्री तक पहुंच गया. कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, पानीपत और पलवल में भी न्यूनतम तापमान दस से बारह डिग्री के बीच दर्ज हुआ. नूंह में तापमान सबसे अधिक रहा जहां पारा लगभग सोलह डिग्री तक पहुंच गया.
हिसार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक हिसार में आज दिन का तापमान करीब 28 डिग्री तक रहने की उम्मीद है, जबकि रात का तापमान लगभग आठ डिग्री रहेगा. उन्होंने बताया कि 14 नवंबर से 19 नवंबर तक मौसम पूरी तरह साफ और सूखा रहने वाला है. 19 नवंबर को हल्के बादल आ सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है. आने वाले दिनों में दिन का तापमान 1 से 2 डिग्री बढ़ सकता है, लेकिन रात की ठंड अभी और बढ़ेगी.
फिलहाल उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जो अगले चार–पांच दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है. यही हवाएं रात के तापमान में गिरावट का कारण बन रही हैं. विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे गेहूं की बुवाई जल्द से जल्द पूरा कर लें. वहीं सरसों की फसल में किसी भी कीट के लक्षण दिखें तो तुरंत कृषि विभाग या नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क करें ताकि समय रहते रोकथाम की जा सके.
बांग्लादेश में शेख हसीना पर कोर्ट का फैसला आने से पहले हिंसा व क्रूड बम हमले
13 Nov, 2025 08:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को लेकर वहां की कोर्ट फैसला सुनाने वाली है। इससे ठीक पहले बीते दो दिनों से देश में आगजनी और क्रूड बम हमलों से तनाव फैल गया है। इन हिंसक घटनाओं ने 2024 के अशांत छात्र विरोध प्रदर्शनों की यादें ताजा कर दी हैं, जिनमें 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। गुरुवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका एक किले में तब्दील हो गई, क्योंकि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने ढाका लॉकडाउन का आह्वान किया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को बड़ी संख्या में तैनात किया है। ढाका के प्रवेश बिंदुओं पर कई चौकियां स्थापित की हैं और सार्वजनिक वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के आसपास भी कड़ी कर दी है। बता दें यही अदालत शेख हसीना और उनके शीर्ष सहयोगियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर फैसला सुनाने की तारीख तय करेगा। बता दें हसीना पिछले साल अगस्त में भारत में शरण लेने आई थीं। उनपर हत्या और साजिश सहित दर्जनों आरोप हैं।
राजनीतिक तनाव ने ढाका में जनजीवन ठप कर दिया है और आगजनी और क्रूड बम हमलों की घटनाएं कई शहरों तक फैल गई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने हिंसा के लिए अवामी लीग समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। ब्राह्मणबारिया में ग्रामीण बैंक की एक शाखा को आग लगा दी गई, जिससे फर्नीचर और दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हो गए। बता दें कि बांग्लादेश के इस ग्रामीण बैंक की स्थापना मुहम्मद यूनुस ने 1983 में गरीबों को माइक्रो-क्रेडिट प्रदान करने के लिए की थी। यूनुस वर्तमान में बांग्लादेशकी अंतरिम सरकार के प्रमुख हैं।
एच-1बी वीजा प्रणाली के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध
13 Nov, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम का बचाव करने के एक दिन बाद, व्हाइट हाउस ने कहा कि वह वीजा प्रणाली के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने यह स्पष्टीकरण दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा कि सरकार इमिग्रेशन प्रणाली में सुधार के लिए काम कर रही है। जितना कम समय में ट्रंप ने जितना इमिग्रेशन कानूनों को सख्त किया है, उतना किसी आधुनिक अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं किया। उन्होंने अमेरिकी कामगारों के हित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि “नए एच-1बी वीजा आवेदन पर एक लाख डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाना सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में पहला बड़ा कदम है, ताकि विदेशी सस्ते कामगारों की वजह से अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियां न जाएं।
एक इंटरव्यू में जब ट्रंप से पूछा गया था कि क्या उनकी सरकार एच-1बी वीजा को कम प्राथमिकता देने की योजना बना रही है, तो उन्होंने कहा था कि नहीं, हमें टैलेंट की जरूरत है। जब ट्रंप से कहा कि हमारे पास तो काफी प्रतिभा है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “नहीं, आपके पास कुछ विशेष प्रतिभाएं नहीं हैं। बेरोजगार लोगों को सीधे फैक्टरी में या मिसाइल बनाने के काम में नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए खास कौशल चाहिए।
पिछले हफ्ते अमेरिकी श्रम विभाग ने एच-1बी वीजा से जुड़े संभावित दुरुपयोग के 175 से ज्यादा मामलों की जांच शुरू की। यह जांच “प्रोजेक्ट फायरवॉल” नामक अभियान के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य उन कंपनियों पर कार्रवाई करना है जो विदेशी कर्मचारियों को नियमों के विरुद्ध नियुक्त कर रही हैं। श्रम मंत्री लोरी शावेज-डेरेमर ने कहा कि श्रम विभाग एच-1बी वीजा के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी नौकरियों की रक्षा के लिए अपने हर संसाधन का उपयोग कर रहा है।
बता दें ट्रंप प्रशासन की एच-1बी नीति का कई सांसदों और संगठनों ने विरोध किया है। अमेरिका के सबसे बड़े व्यापार संगठन ‘यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स’ ने भी इस नीति के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। 31 अक्टूबर को पांच अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को पत्र लिखकर 19 सितंबर के उनके आदेश पर पुनर्विचार करने को कहा कि क्योंकि इससे भारत-अमेरिका संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। 2024 में भारत मूल के पेशेवरों को कुल एच-1बी वीजा का करीब 70 फीसदी हिस्सा मिला, क्योंकि भारत से आने वाले कुशल कामगारों की संख्या सबसे ज्यादा है और लंबित मामलों की भी बड़ी संख्या भारत से जुड़ी है।
जिसे मानता है खास दोस्त कर चुका है डील, उसी ने दिखा दी पाकिस्तान की औकात
13 Nov, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रियाद। दिल्ली में लाल किले के पास हुआ धमाका जिसने पूरे देश को दहला दिया, लेकिन उसके बाद जो भूचाल आया वह दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। वह इस बार पहुंचा इस्लामाबाद और रियाद तक। दिल्ली की शाम जब लाल किले के पास अचानक तेज धमाका हुआ। हर तरफ अफरातफरी मची थी। धुआं, सायरन और लोगों की चीखें। शुरुआती जांच में जो निकल कर सामने आया वह और भी खतरनाक था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस धमाके के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है। जो पाकिस्तान की जमीन से संचालित होता है और भारत के दुश्मनों की पनाह में पलता है।
इस धमाके के बाद दुनिया के कई मुस्लिम देशों ने भारत के प्रति अपना समर्थन जताया। कतर, मालदीव, मलेशिया, यूएई, ईरान सब ने एक सुर में कहा हम भारत के साथ हैं, लेकिन सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सऊदी अरब ने भी दिल्ली धमाके की कड़ी निंदा की और भारत के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। यह वही सऊदी अरब है जिसे पाकिस्तान अपना बड़ा भाई कहता है, वही सऊदी अरब जिसके साथ पाकिस्तान ने रक्षा समझौता कर रखा है, उसने भारत के साथ खड़ा होने का ऐलान कर दिया है।
सऊदी अरब ने दिल्ली में हुए धमाकों पर बयान जारी किया लेकिन दिल्ली धमाके के बाद एक धमाका पाकिस्तान के इस्लामाबाद में भी हुआ था। उस धमाके पर सऊदी अरब ने कोई बयान जारी नहीं किया। हैरानी की बात है कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच तो एक ऐतिहासिक डिफेंस डील तक हो चुकी है लेकिन फिर भी सऊदी अरब इस्लामाबाद में हुए धमाके पर बयान देने से बच रहा है। सऊदी अरब ने डील भले ही पाकिस्तान के साथ की हो, लेकिन वो पूरा समर्थन भारत को दे रहा है।
सऊदी अरब दिल्ली धमाके की कड़ी निंदा कर रहा है। मजे की बात है कि दिल्ली पर सऊदी अरब के बयान को देखकर पाकिस्तान बौखला गया कि उसने इस्लामाबाद धमाके का आरोप भारत पर लगा दिया कि कम से कम अब तो सऊदी अरब हमारे लिए कोई बयान जारी कर दे, लेकिन इसके बावजूद सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए कोई बयान जारी नहीं किया। सऊदी अरब भी जानता है कि पाकिस्तान से दोस्ती अपने फायदे तक ही सीमित रहनी चाहिए। सऊदी अरब के लिए आज भी पाकिस्तान कन्वर्टेड मुस्लिमों का एक देश है। बता दें पीएम मोदी ऐलान कर चुके हैं कि जांच शुरू हो चुकी है। हमले के पीछे जो भी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
ट्रंप ने की गाजा सीमा के पास अमेरिकी सैन्य अड्डे की तैयारी, रणनीति पर उठे सवाल
13 Nov, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। पश्चिम एशिया में एक नए भू-राजनीतिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका गाजा और इजरायल की सीमा पर एक विशाल सैन्य अड्डा बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इस अड्डे का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ाना और जमीनी घटनाओं पर सीधा नियंत्रण स्थापित करना बताया जा रहा है।
खोजी मीडिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया जा रहा, कि अमेरिका इजरायल-गाजा बॉर्डर के पास एक स्थायी बेस की रूपरेखा तैयार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अड्डे पर हजारों अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की संभावना है, जो क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए सीधे हस्तक्षेप कर सकेंगे। हालांकि, इजरायल डिफेंस फोर्स ने इस योजना के बारे में जानकारी से इनकार किया है। आईडीएफ सूत्रों का कहना है कि उन्हें किसी “बड़े अमेरिकी बेस” की अवधारणा के बारे में आधिकारिक रूप से अवगत नहीं कराया गया है। सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि यह योजना फिलहाल केवल सैद्धांतिक स्तर पर है और इसे लागू होने में समय लग सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसके तहत वह मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत रखना चाहता है। यह भी चर्चा में है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित रिटर्न प्लान के तहत अमेरिका फिर से क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। गौरतलब है कि गाजा युद्ध में दो वर्षों तक जारी भीषण संघर्ष के बाद पिछले महीने युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन सीजफायर के बावजूद तनाव और छिटपुट हमले जारी हैं। ऐसे में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के लिए सुरक्षा संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच, अमेरिका ने अक्टूबर में ही किर्यत गत में एक नया सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन सेंटर (सीएमसीसी) स्थापित किया है, जहां सैकड़ों अमेरिकी सैनिक और अधिकारी पहले से तैनात हैं। सेंटकॉम अधिकारियों के अनुसार, यह केंद्र गाजा से जुड़ी मानवीय और सैन्य गतिविधियों के समन्वय का कार्य कर रहा है। राजनयिक सूत्रों का कहना है कि यदि गाजा सीमा पर यह नया अमेरिकी अड्डा बनता है, तो यह न केवल इजरायल की सुरक्षा नीति को प्रभावित करेगा, बल्कि मध्य पूर्व की शक्ति-संतुलन की दिशा को भी बदल सकता है। विश्लेषक इसे पोस्ट-वार रीजनल रिअलाइनमेंट की शुरुआत मान रहे हैं, जहां अमेरिका की भूमिका सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि निर्णायक बन सकती है।
समुद्र में खोए हुए अमेरिका के लिए नई रिसर्च जारी
13 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । दूसरे विश्व युद्ध से लेकर बाद की लड़ाइयों में अमेरिकी के 40,000 से ज्यादा सैनिक समुद्र में लापता होने का अनुमान हैं। इन लापता सैनिकों को खोजने में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इन सैनिकों की कब्रें अक्सर जहाजों या लड़ाकू विमानों के मलबे के आसपास ही मानी जाती हैं। अब अमेरिकी वैज्ञानिक और रक्षा एजेंसी डिफेंस पीओडब्ल्यू/एमआईए अकाउंटिंग एजेंसी (डीपीएए) मिलकर एक नई रिसर्च कर रही है, ताकि इन खोए हुए सैनिकों के अवशेषों का पता लगाया जा सके। इस कोशिश के केंद्र में एनवायरमेंटल डीएनए (ईडीएनए) है। इस तकनीक में पानी और तलछट में बिखरे सूक्ष्म डीएनए कणों को पकड़कर यह तय किया जाएगा, क्या वहां कभी मानव अवशेष मौजूद रहे हैं या नहीं।
रिपोर्ट के मुताबिक डीपीएए के चीफ ऑफ इनोवेशन जेसी स्टीफन कहते हैं, ‘समुद्र के नीचे की जांच बेहद मुश्किल होती है, क्योंकि अक्सर अवशेष बिखर जाते हैं। इसलिए हमने ईडीएनए को एक जैविक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया।’ उनका कहना है कि पारंपरिक समंदर के तल की खुदाई महंगी, धीमी और बार-बार निष्फल रहती है। इसलिए ईडीएनए को एक नया ‘बायोलॉजिकल स्काउट’ माना जा रहा है।
इस पूरी रिसर्च में सबसे पहले साइपन के बंदरगाह की गहराइयों में मौजूद एक विमान का इस्तेमाल हुआ है। इटली और लेक ह्यूरॉन (अमेरिका-कनाडा) के 12 जहाजों और विमानों से पानी और तलछट के नमूने इकट्ठे किए। एक पुराना अमेरिकी विमान ग्रुम्मन टीबीएफ एवेंजर साइपन के समुद्र में है। ये अब मूंगे की चट्टानों में घिर चुका है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 1944 की बैटल ऑफ साइपन में यह विमान गिरा था। उस वक्त तीन सैनिक सवार थे, जिनमें से दो के अवशेष आज तक नहीं मिले। वैज्ञानिकों ने इसी और अन्य मलबों से पानी और तलछट के नमूने इकट्ठे किए और उन्हें विश्लेषण के लिए लैब भेजा।
चीन की कंपनी ने पेश किया बिल्कुल इंसान जैसा रोबोट
13 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग । चाइनीज कंपनी एक्सपेंग मोटर्स ने बिल्कुल इंसान जैसा रोबोट पेश किया है। इसका नाम ‘इरॉन’ रखा गया है। इरॉन चाल-ढाल, हरकत और हावभाव में बिल्कुल इंसान जैसा दिखाई देता है। रोबोट इरॉन जब यह मंच पर चला तो कई लोगों को लगा कि यह कोई असली व्यक्ति है जो मॉडलिंग कर रहा है। लोगों का शक इतना गहरा था कि कंपनी को लाइव इवेंट में स्टेज पर उसका शरीर काटकर यह साबित करना पड़ा कि यह वाकई रोबोट है, न कि कोई इंसान। यह प्रदर्शन चीन के ग्वांगझू में आयोजित “एआई डे” इवेंट के दौरान हुआ, जहां एक्सपेंग मोटर्स के चेयरमैन और सीईओ हे शियाओपेंग ने इसे दुनिया के सामने पेश किया। उन्होंने बताया कि इरॉन को कंपनी की अपनी विकसित की हुई एआई रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी से तैयार किया गया है, जिससे यह आसपास के माहौल को देखकर खुद प्रतिक्रिया दे सकता है। इसकी आंखें कैमरों की तरह काम करती हैं और यह किसी इंसान की तरह वस्तुओं को पहचानकर उचित व्यवहार करता है।
इस रोबोट का दिमाग तीन शक्तिशाली एआई चिप्स से संचालित होता है, जो मिलकर 2250 ट्रिलियन ऑपरेशंस प्रति सेकंड की रफ्तार से काम करते हैं। कंपनी का कहना है कि यह प्रोसेसिंग स्पीड कई आधुनिक लैपटॉप्स से भी कहीं अधिक है। इसकी बॉडी पूरी तरह बायोनिक है, जिसमें 82 डिग्री ऑफ फ्रीडम हैं यानी यह शरीर के 82 हिस्सों को मोड़ या हिला सकता है। सिर्फ इसके दोनों हाथों में ही 22 डिग्री ऑफ फ्रीडम हैं, जिससे यह इशारे, पोज़ और सटीक मूवमेंट कर सकता है। इरॉन के शरीर में एक एंडोस्केलेटन स्ट्रक्चर यानी कृत्रिम हड्डियों का ढांचा और ऊपर सिंथेटिक मांसपेशियां दी गई हैं, जो इसे स्वाभाविक लचक देती हैं। इसकी त्वचा कृत्रिम है, लेकिन स्पर्श करने पर इंसानी त्वचा जैसी गर्माहट महसूस होती है।
एक्सपेंग ने बताया कि इरॉन दुनिया का पहला सॉलिड-स्टेट बैटरी से चलने वाला ह्यूमनॉइड रोबोट है। इस तकनीक में पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरियों की तरह ज्वलनशील तरल नहीं होता, बल्कि सिरेमिक या पॉलिमर का उपयोग किया जाता है, जिससे ओवरहीटिंग और आग लगने का खतरा बहुत कम हो जाता है। कंपनी का कहना है कि फिलहाल इरॉन को घरेलू उपयोग के लिए नहीं बल्कि ऑफिस और नियंत्रित वातावरण में उपयोग करने की योजना है, क्योंकि घर का अस्थिर माहौल बच्चों या पालतू जानवरों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
साल 2026 और 2027 में इस तारीख पर होगा सूर्यग्रहण........खगोलीय घटनाओं से वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा
13 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। सूर्य और चंद्र ग्रहण देखना ना सिर्फ खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों बल्कि आम लोगों के लिए भी खास मौका होता है। बीते साल 8 अप्रैल को दुनिया को पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिला था। इस साल भी दो बार सूर्य ग्रहण हुआ। इसके बाद कई लोग पूछ रहे हैं कि अगला सूर्य ग्रहण कब होगा। बात दें कि 2026 और 2027 में आइसलैंड, स्पेन, मिस्र और उत्तरी अफ्रीका में पूर्ण सूर्य ग्रहण की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1970 में अमेरिका के पूर्वी तट पर हुए ग्रहण और उसके दो साल बाद ग्रहण प्रेमी क्रूज ने इन खगोलीय घटनाओं को वैश्विक पर्यटन आयोजनों में बदल दिया। वर्तमान में ग्रहण पर्यटन की मुख्यधारा में आ गया है। नासा ने बताया कि 2024 के उत्तरी अमेरिकी ग्रहण के दौरान आधिकारिक कार्यक्रमों में 3,00,000 से ज्यादा लोग शामिल हुए।
अगले साल, 2026 में 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इसका मार्ग आर्कटिक महासागर, पूर्वी ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड और उत्तरी स्पेन से होकर गुजरेगा। स्पेन में 2026 का सूर्य ग्रहण मल्लोर्का, मिनोर्का और इबीजा मेंबेलिएरिक सागर के ऊपर डेढ़ से दो मिनट तक पूर्ण सूर्य ग्रहण देख सकते हैं। आइसलैंड में सूर्य ग्रहण दो मिनट और 18 सेकंड तक रहेगा। यह वेस्टफ्योर्ड्स और स्नेफेल्सनेस प्रायद्वीप के बीच ब्रेइदाफ्योर्डुर खाड़ी में देखा जाएगा। ग्रीनलैंड में पूर्णता का मार्ग, जो लगभग दो मिनट और 17 सेकंड तक रहेगा।
वहीं साल 2027 में सूर्य ग्रहण 2 अगस्त को होगा। यह ग्रहण दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व से गुजरेगा। यह 21वीं सदी का सबसे लंबा स्थलीय ग्रहण होगा, जो मिस्र के लक्सर में छह मिनट और 23 सेकंड तक रहेगा। मिस्र में नील नदी पर ग्रहण क्रूज की योजना कुछ संगठनों की है। मोरक्को में चार मिनट और 50 सेकंड के लिए पूर्णता की रेखा में स्थित, टैंजियर मोरक्को का प्रमुख ग्रहण-दर्शन स्थल होगा। दक्षिणी स्पेन मेंमलागा में करीब दो मिनट और कैडिज तीन मिनट के लिए पूर्णता की रेखा में होगा। दक्षिणी स्पेन में ग्रहण पर्यटन के लिए स्मिथसोनियन जर्नीज यात्रा की तैयारी कर रहा है।
सीडीएफ को वहां पद.........जो कि मुनीर को पाकिस्तान का हिटलर बनने के लिए लाया जा रहा
13 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर । पाकिस्तान में प्रस्तावित कमांड ऑफ डिफेंस फोर्सेस (सीडीएफ) पद को लेकर आंशका जाहिर की जा रही है, इसका मकसद पाकिस्तानी सेना की तीनों शाखाओं (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) में ऑपरेशनल कमान को केंद्रीकृत करना है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में 27वें संविधान संशोधन के माध्यम से कमांड ऑफ डिफेंस फोर्सेस (सीडीएफ) का पद लाया जा रहा है। यह पद वर्तमान जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी (सीजेसीएससी) के चेयरमैन की सलाहकार भूमिका को खत्म करके, उसे संयुक्त अभियानों और रणनीतिक योजना पर सीधा और असीमित अधिकार देगा। यह तीनों सेनाओं को एकीकृत करके फैसले लेने की प्रक्रिया को एक व्यक्ति के अधीन कर देगा। इसका अर्थ यह होगा कि सेना प्रमुख अपनी मर्जी से हर फैसले ले सकेगा और प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति से सलाह की भी जरूरत नहीं होगी।
हिटलर और आजीवन शासन की आशंका
पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस संशोधन को लेकर सबसे बड़ा विवाद यह है कि सीडीएफ का पद सिर्फ सेना प्रमुख के लिए आरक्षित होगा और यह पद आजीवन रहेगा। यदि यह आशंका सही साबित होती है,तब इसका मतलब है कि असीम मुनीर मरते दम तक पाकिस्तान का सैन्य और, अप्रत्यक्ष रूप से, राजनीतिक नियंत्रण अपने हाथों में रखने वाले है। जिससे उन्हें पाकिस्तान का हिटलर कहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुनीर के पास असीमित अधिकार आने से पाकिस्तान का सैन्य ढांचा तहस-नहस हो जाएगा, क्योंकि नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के पद का भी कोई खास महत्व नहीं रहेगा। इस संशोधन के बाद आर्मी चीफ के फैसलों को चुनौती नहीं दी जा सकेगी, जिससे सैन्य नेतृत्व के भीतर शक्ति-संतुलन टूटने का खतरा बढ़ेगा। रक्षा जानकार बिलाल खान का मानना है कि संशोधन में सीडीएफ के पास कोई स्थायी स्टाफ या मुख्यालय होगा या नहीं, यह साफ नहीं है। इससे यह पद किसी मजबूत संस्थान के बजाय पूरी तरह से एक व्यक्ति (असीम मुनीर) पर निर्भर हो जाएगा। भले ही शहबाज शरीफ की सरकार इस अमेरिका या नाटो देशों जैसे आधुनिक सैन्य ढांचे के लिए जरूरी बता रही है, आलोचक इस आर्मी चीफ के पास असीमित अधिकार देने की कवायद मान रहे हैं।बात दें कि सीडीएफ पद को पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के केंद्रीकरण के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ सेना प्रमुख असीम मुनीर को असीमित अधिकार मिलने की आशंका है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि यह पद आजीवन रहा, तब यह पाकिस्तान में लोकतंत्र और सैन्य संस्थागत संतुलन के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
बौद्ध धर्म में कालचक्र अभिषेक क्या है, जिसका भूटान में PM मोदी ने किया उद्घाटन
12 Nov, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: 2 दिन के भूटान दौरे (Bhutan Tour) पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बुधवार को वैश्विक शांति प्रार्थना (Global Peace Prayer) महोत्सव में शामिल हुए. यहां पर मोदी ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और पूर्व राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के साथ कालचक्र सशक्तिकरण समारोह का उद्घाटन किया. भूटान के प्रधानमंत्री ने इसकी तस्वीर शेयर की है.
उद्घाटन के बाद भारत के प्रधानमंत्री ने कहा- वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव दुनिया भर के बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जिसका सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है. पीएम मोदी ने आगे कहा कि कालचक्र अभिषेक इस महोत्सव का एक हिस्सा है. इस महोत्सव की वजह से बौद्ध धर्म के श्रद्धालु और विद्वान एक साथ भूटान आए हैं.
यह एक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव है. भूटान में 4 नवंबर से 19 नवंबर तक इस साल इसका आयोजन हो रहा है. इस महोत्सव के जरिए सभी बौद्ध परंपराओं (थेरवाद, महायान, वज्रयान आदि) को एक साथ जोड़ा जाता है. बौद्ध धर्म को मानने वाले सभी परंपरा के लोग इस महोत्सव में शामिल होते हैं. इस महोत्सव में बुद्ध के ज्ञान और उनके बचे अवशेषों का जिक्र होता है. बौद्ध धर्म के लोग एक साथ यहां पर वैश्विक शांति के लिए प्रार्थना भी करते हैं. भूटान के नरेश खुद इस पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करते हैं.
हरियाणा की शान शेफाली वर्मा को मिलेगा ₹1.50 करोड़ का इनाम, महिला आयोग ने बनाया ब्रांड एंबेसडर
12 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। महिला वनडे विश्व कप जिताने में निर्णायक भूमिका निभाने वाली शेफाली वर्मा के लिए हरियाणा खेल विभाग की ओर से 1.50 करोड़ रुपये की इनाम राशि मिलेगी। खेल विभाग की ओर से शेफाली को दी जाने वाली राशि के लिए मंजूरी दी गई है और जल्द ही शेफाली के खाते में राशि जमा कर दी जाएगी।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि खेल विभाग ने यह राशि मंजूर कर दी है। उन्होंने कहा कि शेफाली वर्मा न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश की बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां बेटों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं। हरियाणा की बेटियां शिक्षा, खेल, रक्षा, प्रशासन-हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही है। शेफाली ने महिला वनडे विश्व कप जीताकर हरियाणा की खेल परंपरा में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है।
महिला आयोग ने बनाया ब्रांड एंबेसडर
वहीं, हरियाणा राज्य महिला आयोग ने क्रिकेटर शैफाली वर्मा को ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है।हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि शेफाली वर्मा हमारे राज्य की सुपरस्टार है। हम चाहते हैं कि वे साल 2026 की महिला आयोग की ब्रांड एंबेसडर बनें। हमारा जो युवाओं के लिए संदेश है उसमें जागरूकता आए...युवा नशे की ओर जाकर अपना भविष्य खराब कर रहा है...इसके लिए युवाओं को जागरूक करना हमारा मिशन है।
रोहतक में पकड़ी गई कार से मिला 1 करोड़ कैश, इनकम टैक्स विभाग को दी गई जानकारी
12 Nov, 2025 02:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक पुलिस ने जांच के दाैरान रोहतक में मंगलवार दोपहर दिल्ली नंबर की एक गाड़ी से एक करोड़ रुपये बरामद किए हैं। गाड़ी में चार युवक सवार थे। कार सवार युवक झज्जर की ओर से रोहतक आ रहे थे। पुलिस ने चारों युवकों को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में आरोपी युवक नकदी के बारे में कुछ नहीं बता पाए।
प्रभारी थाना शिवाजी कॉलोनी निरीक्षक के नेतृत्व में थाना टीम जलेबी चौक पुल के नीचे नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान झज्जर की तरफ से आ रही कार को जांच के लिए रोका। इसमें चार युवक सवार थे।
इसमें रोहतक की जनता काॅलोनी निवासी अमित व दिल्ली निवासी प्रमोद, सुमित और चालक रवि सवार थे। कार में पीछे की सीट पर बैठे दो युवकों के पास एक-एक पिट्ठू बैग मिला। इसमें 500-500 रुपये व 100-200 के नोटों के बंडल भरे थे। जांच करने पर यह राशि कुल एक करोड़ रुपये हुई।
आयकर विभाग को सौंपी नकदी
अदालत के आदेश पर एक करोड़ रुपये रोहतक ट्रेजरी में जमा करा दिए गए हैं। इस संदर्भ में इनकम टैक्स विभाग को भी सूचित किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नकदी आयकर विभाग को सौंप दी गई है। विभाग इस मामले में अपनी जांच व कार्रवाई करेगा।
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने हाईकोर्ट से मांगी जमानत
12 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा : पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। ज्योति मल्होत्रा के वकील कुमार मुकेश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिस पर अभी सुनवाई नहीं हो सकी है। 23 अक्तूबर को हिसार सेशन कोर्ट ने ज्योति की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा (33) को हिसार सिविल लाइन थाना पुलिस ने 16 मई को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ज्योति के खिलाफ पुलिस ने करीब 2500 पेज की चार्जशीट तैयार कर अदालत को सौंपी थी। जिसका कुछ हिस्सा संवेदनशील होने के चलते ज्योति को नहीं सौंपा गया।
ज्योति मल्होत्रा की जमानत के लिए मई महीने में उनके वकील ने लोअर कोर्ट में याचिका दायर की थी। लोअर कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने अक्तूबर में एडीजे की अदालत में याचिका दायर की। एडीजे की अदालत ने भी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
अदालत ने जमानत याचिका खारिज करने के मामले में लिखा कि रिकॉर्ड के अनुसार प्रथम दृष्टया काफी गंभीर मामला है। आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और बीएनएस प्रावधानों के तहत आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से फोरेंसिक सामग्री बरामद की गई है। एसएमएसी (मल्टी-एजेंसी सेंटर) खुफिया इनपुट और परिस्थितिजन्य विदेशी अधिकारियों के साथ संपर्कों का मैट्रिक्स और संवेदनशील क्षेत्रों में गतिविधियां क्षेत्र सामूहिक रूप से एक उचित आशंका पैदा करते हैं। जमानत देने पर जांच में बाधा उत्पन्न हो सकती है, डिजिटल डेटा से छेड़छाड़ की सुविधा हो सकती है।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद UN में बोला भारत- सीमा पार से हो रही हथियारों की तस्करी, कतई बर्दाश्त नहीं करने की…
12 Nov, 2025 10:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत (India) के स्थाई प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश (Parvataneni Harish) ने यूएनएससी से आग्रह किया है कि हथियारों (Weapons) की तस्करी में मदद करने वालों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनानी चाहिए. उनका यह बयान दिल्ली (Delhi) के लाल किले के बाहर हुए कार ब्लास्ट के बाद आया है. सोमवार को उन्होंने कहा कि भारत सीमापार (Cross-border) से आतंकवाद से पीड़ित है, जिसके तहत सीमा की दूसरी तरफ से तस्करी किए गए अवैध हथियारों का इस्तेमाल करके भारत को निशाना बनाया जाता है.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को ऐसे हथियारों के उपयोग और उनकी आपूर्ति में मदद करने वाले लोगों के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनानी चाहिए. हरीश ने सोमवार को ‘यूएन सिक्योरिटी काउंसिल स्मॉल आर्म्स ओपन डिबेट’ में कहा, ‘भारत कई दशक से आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष कर रहा है. इसकी वजह से यह छोटे हथियारों और गोलाबारूद की गैरकानूनी आपूर्ति और उनके आतंकवादी समूहों के हाथ लगने से जुड़े खतरों से पूरी तरह अवगत है.’
पर्वतनेनी हरीश ने नई दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए विस्फोट के कुछ घंटे बाद संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में यह बात कही. इस ब्लास्ट में 12 लोगों की जान गई है और 25 लोग घायल हो गए. यह धमाका सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ. ट्रैफिक सिग्नल पर पर धीमा गति से चल रही कार में अचानक से धमाका हुआ. पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ‘भारत को सीमा पार से आतंकवाद के कारण नुकसान उठाना पड़ा है, जिसके तहत हमारी सीमाओं के पार से तस्करी किए गए ड्रोन समेत अवैध हथियारों का उपयोग किया जाता है.’
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