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इजराइल के साथ हो रही जंग के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने दी चेतावनी
19 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान । ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमलों के लिए मिसाइलें और अन्य सैन्य उपकरण तैयार कर लिए हैं, अगर अमेरिका इजरायल के साथ युद्ध में शामिल होता है। यह जानकारी उन अमेरिकी अधिकारियों ने दी है जिन्होंने खुफिया रिपोर्टों की समीक्षा की है। रिपोट्र्स के मुताबिक, अमेरिका ने करीब तीन दर्जन ईंधन भरने वाले विमान यूरोप भेजे हैं, जो अमेरिकी सैन्य अड्डों की सुरक्षा में लगे फाइटर जेट्स की मदद कर सकते हैं या फिर ईरान के परमाणु ठिकानों पर संभावित हमलों के लिए लंबी दूरी तय करने वाले बॉम्बर जेट्स की मदद कर सकते हैं। अमेरिका ने स्कॉटलैंड-इटली में सैन्य विमानों की तैनाती बढ़ा दी है।
अमेरिकी अधिकारियों के बीच युद्ध के और अधिक भडक़ने की आशंका बढ़ रही है, क्योंकि इजरायल व्हाइट हाउस पर दबाव बना रहा है कि वह ईरान के खिलाफ उसके अभियान में शामिल हो। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अगर अमेरिका ने ईरान के ‘फोर्डो’ परमाणु ठिकाने पर हमला किया तो ईरान समर्थित हूती विद्रोही फिर से लाल सागर में जहाजों पर हमले शुरू कर देंगे। इसके अलावा, इराक और सीरिया में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया समूह भी अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले कर सकते हैं।
अमेरिका के 40,000 से ज्यादा सैनिक तैनात
कुछ अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर युद्ध शुरू हुआ तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछा सकता है, ताकि अमेरिकी युद्धपोत फारस की खाड़ी में फंस जाएं। मौजूदा हालात को देखते हुए अमेरिका ने यूएई, जॉर्डन और सऊदी अरब में अपने सैन्य अड्डों पर तैनात सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा है। अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 40,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं।
ईरान के निशाने पर अमेरिकी अड्डे
दो ईरानी अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि अगर अमेरिका इजरायल के युद्ध में शामिल होता है तो ईरान सबसे पहले इराक में स्थित अमेरिकी अड्डों पर हमला करेगा। इसके अलावा, किसी भी अरब देश में मौजूद अमेरिकी अड्डा अगर हमले में भाग लेता है तो उसे भी निशाना बनाया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि हमारे दुश्मनों को यह समझना चाहिए कि वे सैन्य हमलों से कोई समाधान नहीं निकाल सकते और न ही ईरानी जनता पर अपनी शर्तें थोप सकते हैं।
पहली बार फतह-1 का इस्तेमाल
ईरान की सैन्य शाखा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने कहा कि बुधवार सुबह इजराइल पर फतह मिसाइल से हमला किया गया है। यह पहली बार है जब इस जंग में फतह-1 का इस्तेमाल किया गया है। फतह मिसाइल हाइपरसोनिक है, यानी यह आवाज की गति से पांच गुना तेज उड़ती है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने कहा कि फतह मिसाइलों ने इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम को भेद दिया और बार-बार उनके सुरक्षित ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि इससे इजराइल को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी कोई सूचना नहीं है। इस बीच वॉशिंगटन स्थित एक ह्यूमनराइट्स ग्रुप ने दावा किया है कि ईरान में मौत का आंकड़ा अब 600 हो चुका है। जबकि 1,326 लोग घायल हुए हैं। ईरान की सरकार ने अब तक मौतों की पूरी जानकारी साझा नहीं की है। आखिरी बार ईरान ने सोमवार को हताहतों की जानकारी शेयर की थी। सरकार के मुताबिक इस लड़ाई 224 ईरानी मारे गए हैं, जबकि 1,277 घायल हुए हैं।
सरेंडर नहीं करेंगे खामेनेई
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने बुधवार को नागरिकों को अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका सुन ले, हम सरेंडर नहीं करेंगे। खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इजराइल के खिलाफ जंग में अमेरिकी सेना ने दखल दिया, तो अंजाम बुरा होगा। इससे पहले खामेनेई ने मंगलवार देर रात इजराइल के खिलाफ जंग का ऐलान किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा- जंग शुरू होती है। हम आतंकी इजराइल को कड़ा जवाब देंगे। उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे। इस ऐलान के बाद ईरान ने इजराइल पर 25 मिसाइलें दागीं। ईरान ने कहा है कि अगर उसे यह पता चलता है कि अमेरिका उसके क्षेत्र पर हमलों में सीधे तौर पर शामिल है, तो वह अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर देगा। यह बयान जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने बुधवार को दिया। अली बहरेनी ने कहा अगर हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अमेरिका ईरान पर हमलों में सीधे तौर पर शामिल है, तो हम अमेरिका को जवाब देना शुरू कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल के हमलों पर ईरान की प्रतिक्रिया मजबूत और बिना किसी रुकावट के होगी, लेकिन संयमित और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार दी जाएगी।
ऑपरेशन सिंदूर पर मोदी-ट्रम्प की फोन पर 35 मिनट बात,
19 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से फोन पर बातचीत की, जो लगभग 35 मिनट तक चली। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े किसी भी विषय में व्यापार से संबंधित कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान के कहने पर ही भारत ने सीजफायर किया था। भारत कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता और आगे भी नहीं करेगा।
साथ ही, पीएम मोदी ने यह भी जोर देकर कहा कि अब भारत आतंकवाद की घटनाओं को प्रॉक्सी वॉर (परदे के पीछे की लड़ाई) नहीं, बल्कि सीधे युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखेगा। भारत का ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है। विदेश सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने पीएम मोदी की तरफ से विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति समर्थन जताया।
भारत ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया
मिसरी ने ये भी बताया कि पीएम मोदी ने ट्रम्प को यह स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था। भारत ने 6-7 मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था। भारत के एक्शन बहुत ही मेजर्ड (नपे-तुले), प्रिसाइज (सटीक) और नॉन-एस्केलेटरी थे। साथ ही भारत ने ये भी स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान की गोली का जवाब हम गोले से देंगे।
पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की थी
विदेश सचिव मिसरी ने ये बताया कि 9 मई की रात को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को फोन किया था। वेंस ने कहा था कि पाकिस्तान, भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। पीएम मोदी ने उन्हें साफ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है तो भारत, पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा। 9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने सशक्त जवाब दिया और पाकिस्तान को सेना को बहुत नुकसान पहुंचा। उसके मिलिट्री एयरबेस को इनऑपरेबल (फ्लाइट संचालन न होने योग्य) बना दिया। भारत के मुंहतोड़ जवाब के चलते पाकिस्तान को सैन्य कार्रवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा।
कार्रवाई रोकने की बात सीधे भारत-पाक के बीच हुई थी
विदेश सचिव ने बताया कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को स्पष्ट रूप से कहा था कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी किसी भी स्तर पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमेरिका की तरफ से भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी। सैन्य कार्रवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच दोनों सेनाओं के एग्जिस्टिंग चैनल्स (मौजूदा अफसरों) के माध्यम से हुई थी और पाकिस्तान के आग्रह पर ही हुई थी।
मोदी-ट्रम्प जल्द मिलने की कोशिश करेंगे
विदेश सचिव ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने पीएम मोदी से पूछा कि क्या आप कनाडा से वापसी में अमेरिका रुककर जा सकते हैं? पहले से तय कार्यक्रमों के कारण पीएम मोदी ने इससे असमर्थता जताई। दोनों लीडर्स ने तब तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने का प्रयास करें।
क्वाड की बैठक में भारत आएंगे ट्रंप
विक्रम मिसरी ने अंत में बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प और पीएम मोदी ने इजराइल-ईरान में चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की। रूस-यूक्रेन जंग पर दोनों ने सहमति जताई कि जल्द से जल्द शांति के लिए दोनों पक्षों में सीधी बातचीत जरूरी है और इसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए। क्वाड की अगली बैठक के लिए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत यात्रा का न्योता दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
दुनिया के लिए खतरा, हर साल 100 परमाणु हथियार बना रहा ड्रैगन
18 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । चीन अपने परमाणु हथियारों को तेजी से बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन हर साल 100 परमाणु हथियार तैयार कर रहा है। यह संख्या भारत के परमाणु हथियारों के भंडार से तीन गुना ज्यादा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (सिप्रि) की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया हैं कि भारत के पास पाकिस्तान से थोड़े ज्यादा परमाणु हथियार हैं। लेकिन, दोनों देशों के बीच हाल ही में हुई सैन्य झड़प से परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ गया था।
सिप्री के अनुसार, जनवरी 2024 तक चीन के पास 500 परमाणु हथियार थे। अब यह संख्या बढ़कर 600 हो गई है। भारत के पास 180 और पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार हैं। रूस और अमेरिका के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं। दुनिया के 90 प्रतिशत परमाणु हथियार इन्हीं दोनों देशों के पास हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चीन सबसे तेजी से अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। अनुमान है कि 2035 तक चीन के पास 1,500 परमाणु हथियार हो सकते है। भारत और पाकिस्तान दोनों ही 2024 में नए तरह के परमाणु हथियार बनाने की तकनीक विकसित कर रहे थे। वे बैलिस्टिक मिसाइलों पर कई हथियार लगाने की क्षमता भी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान अपनी शुरुआती परमाणु त्रिकोण ( विमान, जमीन से प्रक्षेपित बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें, और समुद्र से प्रक्षेपित क्रूज मिसाइलें) को विकसित कर रहा है। पाकिस्तान अगस्ता-90बी डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों पर बाबर-3 जैसी समुद्र से लॉन्च की जाने वाली क्रूज मिसाइलें लगा रहा है।
भारत के पास एक विकसित परमाणु त्रिकोण है। आईएनएस अरिहंत और आईएनएस अरिघाट में भारत के पास वर्तमान में दो परिचालन(परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी) हैं, जो भारत के परमाणु त्रिकोण को मजबूत करते हैं। तीसरा, थोड़ा बड़ा एसएसबीएन इस साल आईएनएस अरिधमन के रूप में कमीशन होगा। एसएसबीएन पानी के अंदर से परमाणु मिसाइलें दागने में सक्षम हैं, जिससे भारत की परमाणु क्षमता और भी बढ़ जाती है।
हरियाणा में एटीएम चोरों के हौसले बुलंद
18 Jun, 2025 05:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में एटीएम काटकर लूटने और इन्हें उखाड़ने वालों के गिरोह पर पुलिस लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। हरियाणा विभिन्न जिलों में आए दिन एटीएम को निशान बनाया जा रहा है।
अब ताजा वारदात फरीदाबाद की है। आईएमटी मच्छगर गांव में मंगलवार रात चोरों ने फिर एटीएम को उखाड़ने की कोशिश की। एटीएम को तोड़ा भी गया है, हालांकि अभी यह सामने नहीं आया है कि एटीएम तोड़ने के साथ ही रकम चोरी हुई है या नहीं।
पैसे निकालने पहुंचा तो पता चला एटीएम टूटा है
यह एटीएम पंजाब नेशनल बैंक का था। वारदात का खुलासा बुधवार सुबह तब हुआ, जब एक व्यक्ति पैसे निकालने के लिए एटीएम पर पहुंचा और देखा कि एटीएम टूटा हुआ है।
जिस पर उसने तुरंत थाना सदर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और इस मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही
थाना प्रभारी उमेश कुमार ने बताया कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि एटीएम से रुपये चोरी हुए हैं या नहीं, क्योंकि बैंक के अधिकारी अपनी जांच के बाद ही बताएंगे कि एटीएम में कितनी राशि थी और कितनी बची है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे पता लगाया जा सके कि वारदात कितने बने अंजाम दी गई और चोरों को पकड़ा जा सके।
तीन दिन पहले मेवात में एटीएम काट 24 लाख उड़ाए थे
गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही मेवात के फिरोजपुर झिरका में बदमाशों ने एचडीएफसी बैंक के एटीएम को तोड़कर 24 लाख रुपये लूट लिए थे। इस वारदात में गैस कटर का इस्तेमाल किया गया था।
इन घटनाओं से यह सवाल उठने लगा है कि एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था में चूक हो रही है, जिससे ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है। पुलिस ने एटीएम के आसपास की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने की बात की है।
जी-7 का इजरायल को समर्थन; हमलों के लिए ईरान को ठहराया जिम्मेदार
18 Jun, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। दुनिया की सात ताकतवर मुल्कों के समूह जी-7 ने ईरान के साथ संघर्ष में इजरायल के लिए अपना समर्थन जाहिर किया है। जी-7 देशों ने अपने बयान में साफ कहा कि वह इजरायल के साथ खड़े हैं। उन्होंने ईरान को पश्चिमी एशिया में अस्थिरता फैलाने का जिम्मेदार ठहराया।
बयान में इलाके में अमन और स्थायी हल की जरूरत पर जोर दिया गया। जी-7 से साफ कर दिया है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता है।
जी-7 में चीन को लाने के लिए ट्रंप ने की वकालत
जी-7 समिट के दौरान ट्रंप ने ग्रुप की अहमियत को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 2014 में रूस को जी-7 से निकालना गलत था, जिससे दुनिया अस्थिर हुई। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चीन को जी-7 में शामिल करना चाहिए।
छात्र संगठन ASAP ने संभाला मोर्चा: पुरानी स्कॉलरशिप नीति की वापसी के लिए सड़क पर उतरे
17 Jun, 2025 11:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) ने स्कॉलरशिप नीति में बदलाव का विरोध कर रहे चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों को अपना समर्थन दिया है. ASAP ने अपनी मांगों पर अड़े इन छात्रों से मिलकर उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया. इस दौरान ASAP से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से स्कॉलरशिप नीति में किए गए बदलाव को छात्रों के साथ अन्याय बताया.
एसैप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों की मांगों को पूरा कर स्टाइपेंड की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है. साथ ही ASAP ने केंद्र और हरियाणा सरकार को चेतावनी दी है कि अगर कुलपति को बर्खास्त नहीं किया जाता है तो आप का छात्र संगठन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगा.
स्कॉलरशिप नीति में बदलाव गलत
आप छात्र संगठन ASAP का कहना है कि स्कॉलरशिप नीति में बदलाव छात्रों के साथ अन्याय है. पहले स्टाइपेंड पाने के लिए छात्रों को 70 फीसद अंक लाना अनिवार्य था. यह व्यवस्था काफी अच्छी थी और इससे काफी छात्रों को लाभ मिल रहा था, लेकिन हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने अब इसमें बदलाव कर दिया है. नीति में नए बदलाव के बाद अब 75 फीसद अंक पाने वाले छात्रों को ही यह स्टाइपेंड मिल सकेगा. इसे लागू होने से अधिकतर छात्र लाभ से वंचित हो जाएंगे.
पुलिस लाठीचार्ज करने की कड़ी निंदा
एसैप ने अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने की कड़ी निंदा की है. एसैप का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की इस बर्बर कार्रवाई का हम विरोध करते हैं. विश्वविद्याल छात्रों की आवाज दबाने के लिए उन पर लाठीचार्ज कराया और धमकाया जा रहा है, लेकिन छात्रों की आवाज दबेगी नहीं. एसैप इन छात्रों के साथ मजबूती के साथ खड़ा है और जब तक इनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक हम इनके संघर्ष में साथ खड़े हैं.
एसैप ने हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार से चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बीआर कंबूज को बर्खास्त करने की भी मांग की है. एसैप का कहना है कि कुलपति को उनके दायित्व से बर्खास्त करना चाहिए. अगर सरकार बर्खास्त नहीं करती तो एसैप जंतर मंतर पर सरकार के ख़िलाफ़ और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विधार्थियो के समर्थन में धरना प्रदर्शन करेगा.
ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने का प्रयास कर रहा भारतीय दूतावास
17 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीरिया। इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में बम बरसाने शुरू कर दिए हैं। ऐसी स्थिति में ईरान में रहे 1500 भारतीय छात्रों समेत तमाम लोग बाहर निकलने की कोशिश में है। एक मुश्किल यह है कि ईरान, इजरायल, सीरिया, इराक जैसे मध्य पूर्व के कई देशों ने जंग के कारण अपने एयरस्पेस को ही बंद कर रखा है। ऐसी स्थिति में ईरान में फंसे भारतीय कैसे लौटेंगे? यह बड़ा सवाल है। इस सवाल का जवाब यह है कि सभी भारतीयों को अब जमीनी रास्ते से ही ईरान से बाहर निकलना होगा और फिर वे समुद्री जहाज या फिर हवाई सफर के रास्ते भारत लौट पाएंगे। जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात और अर्मेनिया से बात की है। फिलहाल भारतीय दूतावास इस कोशिश में लगा है कि तेहरान और ईरान के अन्य शहरों में बसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए और फिर वापस लाया जाए। इसी कड़ी में करीब 100 भारतीय आर्मेनिया की ओर रवाना हुए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अर्मेनिया और यूएई के अपने समकक्षों से बात की थी। फिलहाल ईरान के उरमिया में रह रहे 120 भारतीय छात्रों को अर्मेनिया के रास्ते निकाला जा रहा है। अर्मेनिया की सीमा ईरान से लगती है और दोनों के अच्छे संबंध हैं। ईरान की सीमा तो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से भी लगती है, लेकिन उस रास्ते से भारतीयों को निकाल पाना संभव नहीं है। इसके अलावा यूएई से बात इसलिए हो रही है क्योंकि उसके इजरायल और ईरान दोनों से ही अच्छे संबंध हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और दूतावास की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों को कोम भी पहुंचाया गया है, जो तेहरान से 148 किलोमीटर दूर स्थित एक शहर है।
खामेनेई का खास था ईरानी मेजर जनरल अली शादमानी
17 Jun, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष गहराता जा रहा है। इस बीच इजरायली सेना ने ईरानी मेजर जनरल अली शादमानी को एक हवाई हमले में मार दिया। उसने चार दिन पहले ही पद संभाला था।
शादमानी को मेजर जनरल गुलाम अली राशिद की जगह पर नियुक्त किया गया था। इजरायली सेना ने मेजर जनरल राशिद को शुक्रवार को ईरान के खिलाफ शुरुआती हमलों में मार गिराया था।
पद संभालने के चौथे दिन काम तमाम
टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, मेजर जनरल अली शादमानी ने करीब चार दिनों तक खतम-अल अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर का नेतृत्व किया। इस विभाग को ईरान के मिलिट्री इमरजेंसी कमांड के तौर पर जाना जाता है। शादमानी ने मेजर जनरल गुलाम अली राशिद की जगह ली थी। राशिद शुक्रवार को ईरान के खिलाफ इजरायल के शुरुआती हमलों में मारा गया था।
खामेनेई का करीबी था शादमानी
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि मेजर जनरल शादमानी ईरान का सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर और वॉर चीफ था। उसे ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का सबसे करीबी सैन्य व्यक्ति माना जाता था। आईडीएफ का कहना है, "शादमानी ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और ईरानी सशस्त्र बलों दोनों की कमान संभाल रखी थी।"
आईडीएफ का कहना है कि शादमानी ने पहले खतम-अल अंबिया मुख्यालय के डिप्टी और ईरान के सशस्त्र बलों में संचालन प्रमुख के तौर पर काम किया था।
कौन हैं News Anchor सहर इमामी
17 Jun, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार शाम इजरायल ने बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में ईरान के सरकारी टीवी चैनल IRIB मेन बिल्डिंग को निशाना बनाया गया।
विस्फोट के बाद टीवी प्रसारण बीच में ही बंद हो गया। इमारत में आग लग गई और धुएं का गुबार फैल गया। यह हमला तब हुआ जब एक महिला एंकर सहर इमामी लाइव टीवी पर खबर पढ़ रहीं थीं।
हमले के बाद एंकर सहर का वीडियो तेजी से वायरल हुआ। जैसे ही हमला हुआ स्टूडियो में धुआं और मलबा भर गया। इसके बावजूद सहर ने थोड़ी देर बाद फिर से लाइव आकर प्रसारण जारी रखा। इस दौरान उनके चेहरे पर जरा-सा भी शिकन नहीं दिख रहा था। सहर के जज्बे को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खूब तारीफ हो रही है।
'ईरान की आवाज बनकर उभरी सहर'
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के आधिकारिक एक्स अकाउंट से भी सहर इमामी को तारीफ मिली है। सुप्रीम लीडर ने लिखा, 'ये है ईरान की आवाज।'
ईरान की महिला और परिवार मामलों की उपराष्ट्रपति जहरा बेहरूज अजार ने एक्स पर सहर इमामी की तारीफ में पोस्ट लिखा है। उन्होंने लिखा कि वे (सहर) महिलाओं की बहादुरी की प्रतीक हैं। इसके साथ ही आजर ने लिखा कि सहर इस वक्त दुनिया के सामने ईरानी नागरिकों की आवाज बन गई हैं।
कैसा रहा है सहर इमामी का करियर?
सहर इमामी ईरानी राज्य प्रसारण संगठन IRIB की एंकर हैं। उन्होंने साल 2010 में मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने जल्द ही ईरान के आधिकारिक खबर चैनल में अपनी पैठ बना ली और ईरानी पत्रकारिता में मशहूर चेहरा बन गईं। हालांकि वह एक फूड इंजीनियर भी है, लेकिन पेशे के लिए उन्होंने मीडिया फील्ड चुना।
ट्रंप ने बताया G-7 समिट छोड़ने का कारण
17 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कनाडा में जी-7 समिट को बीच में छोड़कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी रवाना हो गए। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वह इजरायल ईरान संघर्ष को लेकर वापस वॉशिंगटन लौट गए हैं। लेकिन उन्होंने ऐसे किसी भी कयास को अफवाह बताया है और इसके लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को भी बुरा-भला सुना दिया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट कर लिखा, "पब्लिसिटी की चाहत रखने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गलती से कहा कि मैं कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन छोड़कर वापस वॉशिंगटन डी.सी. जा रहा हूं ताकि इजरायल और ईरान के बीच "युद्ध विराम" पर काम कर सकूं। गलत!"
उन्हें नहीं पता कि मैं वाशिंगटन क्यों जा रहा हूं, लेकिन इसका निश्चित रूप से युद्ध विराम से कोई लेना-देना नहीं है। इसका ताल्लुक इससे कहीं ज़्यादा बड़ा है। चाहे जानबूझकर हो या अनजाने में, इमैनुएल हमेशा गलत ही बोलते हैं।
जी-7 को लेकर ट्रंप के मन में क्या है?
ट्रंप ने जी-7 समिट के दौरान ग्रुप की अहमियत को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 2014 में रूस को जी-7 से निकालना गलत था, जिससे दुनिया अस्थिर हुई। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चीन को जी-7 में शामिल करना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल संघर्ष को लेकर भी पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा, "ईरान को अपनी परमाणु योजनाओं पर लगाम लगानी होगी, वरना बहुत देर हो जाएगी।"
अगर ईरान पर न्यूक्लियर अटैक हुआ तो पाक इजराइल पर गिरा देगा परमाणु बम
17 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। इजराइल और ईरान के बीच जंग जारी है। ईरान ने इजराइल के अटैक के बाद ड्रोन और मिसाइल से ताबड़तोड़ हमला किया। इस बीच ईरान की ओर से एक बड़ा दावा किया गया था। उसने कहा कि अगर इजराइल ईरान पर न्यूक्लियर अटैक करेगा तो पाकिस्तान ईरान का साथ देगा और इजराइल पर परमाणु बम दाग देगा, लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने इस दावे खारिज कर दिया है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के सीनियर जनरल मोहसेन रेजाई ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि पाकिस्तान उसके साथ खड़ा है और परमाणु अटैक को लेकर उसका साथ देगा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ईरान के दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने इस तरह का कोई भी बयान नहीं दिया है। पाक रक्षा मंत्री ने ईरान को झूठा साबित कर दिया है।
ईरान और इजरायल में तनाव की स्थिति के बीच एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई अपने परिवार के साथ सुरक्षित जगह पर हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इजराइल ने खामेनेई पर अटैक का प्लान बनाया था। वह इस प्लान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भी पहुंचा था, लेकिन ट्रंप ने इस पर रोक लगा दी थी।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजरायली हमले में अब तक 224 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 1277 से ज्यादा लोग घायल हैं। इजराइल की आपातकालीन मेडिकल सेवा मुहैया कराने वाले संगठन के मताबिक सेंट्रल इजराइल में चार ईरानी मिसाइलों के हमले में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 67 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
सेंट्रल इजराइल में बैलिस्टिक मिसाइल से प्रभावित स्थलों से 67 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। एमडीए ने कहा कि इनमें 30 साल की एक महिला की हालत गंभीर है, जबकि छह लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है। इनके अलावा 60 लोग घायल हैं। इनमें कुछ एंग्जायटी से भी पीड़ित हैं।
ट्रंप का दावा, मैंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाया, अब ईरान-इजराइल की बारी
17 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। 13 जून को इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन के तहत ईरान के सैन्य, परमाणु और मिसाइल ठिकानों पर जोरदार हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी बड़े स्तर पर इजरायल के बड़े शहरों पर मिसाइल दागी। अब दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप को उम्मीद है कि ईरान और इजरायल जल्द ही शांति समझौता करने को तैयार हो जाएगें। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच में सीजफायर कराया था। वैसे ही वे ईरान और इजरायल के बीच समझौता करा सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि उस समय अमेरिका के साथ ट्रेड का इस्तेमाल करके मैंने दोनों देशों को बातचीत के लिए तैयार किया। दोनों नेताओं ने जल्दी और समझदारी से फैसला लिया और रुक गए! हालांकि, भारत सरकार का लगातार कहना है कि 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्ष विराम समझौता द्विपक्षीय सैन्य-स्तरीय वार्ता का नतीजा था, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी नहीं थी।
ट्रंप के व्यापक शांति-मध्यस्थता के दावे
ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति काल के अन्य उदाहरणों का हवाला देकर दावा किया कि उन्होंने सर्बिया और कोसोवो के बीच युद्ध को रोका, साथ ही नील बांध विवाद पर मिस्र और इथियोपिया के बीच भी युद्ध को रोका। उन्होंने कहा कि हालांकि इन हस्तक्षेपों को अक्सर पहचाना नहीं जाता है, लेकिन लोग समझते हैं।
जबकि ईरान और इज़राइल मिसाइल हमलों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। ईरान ने इज़राइल द्वारा अपने परमाणु और सैन्य स्थलों पर हमले के प्रतिशोध में तेल अवीव पर हमला किया है। ट्रम्प ने आशावाद प्रदर्शित किया: इसी तरह, इज़राइल और ईरान के बीच जल्द ही शांति होगी! अब कई कॉल और बैठकें हो रही हैं।
यूके की इंटेलिजेंस सर्विस की कमान पहली बार महिला प्रमुख के पास
17 Jun, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ब्रिटेन। यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने देश की इंटेलिजेंस सर्विस के लिए पहली बार एक महिला प्रमुख की नियुक्ति की घोषणा की है। ब्लेज मेट्रेवेली के 116 साल के इतिहास में पहली महिला हैं जो यह भूमिका निभाएंगी। मेट्रेवेली 1विनोद उपाध्याय / 16 जून, 2025 में इंटेलिजेंस सर्विस में शामिल हुई थीं और इस साल के अंत में सर रिचर्ड मूर की जगह लेंगी। पीएम ने इस नियुक्ति को ऐतिहासिक बताया और कहा कि हमारी खुफिया सेवाओं का काम पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
इंटेलिजेंस सर्विस का काम विदेशों से खुफिया जानकारी इकट्ठा करना है ताकि यूके की सुरक्षा बढ़ाई जा सके। इसका मकसद आतंकवाद को रोकना, शत्रु देशों की गतिविधियों पर नजर रखना और साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है। यह संगठन का एकमात्र सार्वजनिक रूप से नामित सदस्य होता है। वे विदेश सचिव को रिपोर्ट करते हैं।
कांग्रेस ने खोली हरियाणा सरकार की पोल: पांच भर्तियों में 'फर्जीवाड़ा', शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप
16 Jun, 2025 08:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने सरकारी नौकरियों में धांधली को लेकर हरियाणा सरकार पर निशाना साधा. सुरजेवाला का मानना है कि बीजेपी सरकार ने हरियाणा लोक सेवा आयोग के पदों की भर्ती में धोखाधड़ी की है और वह इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है.
सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस में एक कॉपी दिखाते हुए कहा कि जांच एजेंसियों ने पाया कि हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के तहत पांच भर्तियों में धोखाधड़ी की गई थी. HPSC के सचिव ने कहा था कि कार्यालय में मिले 1 करोड़ 8 लाख रुपये HPSC के थे. सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार को घेरते हुए कहा कि इतना कुछ होने के बावजूद, न तो HPSC के चेयरमैन आलोक वर्मा और न ही HPSC के किसी अन्य अधिकारी को अभी तक जांच के लिए बुलाया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को सरकार ने बड़ी ही चालाकी से दबा दिया.
असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में भी की गड़बड़ी
सुरजेवाला ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर भी हरियाणा सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि 2019 के बाद हरियाणा के कॉलेज कैडर में किसी भी असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं हुई है. बच्चे बगैर टीचर के ही पढ़ाई करते हैं. उन्होंने कहा कि HPSC की तरह ही हरियाणा सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में गड़बड़ी की है. इसके आगे उन्होंने कहा कि 2024 में 26 विषयों के लिए 2424 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए एडवरटाइजमेंट दिया गया था. करीब 1.5 लाख बच्चों ने इसके लिए अप्लाई किया था. लेकिन जैसे ही मई-जून में एग्जाम शुरू होने की बात हुई, सरकार का गड़बड़ झाला फिर से सामने आ गया.
धरना पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचे सुरजेवाला
इससे एक दिन पहले सुरजेवाला हिसार में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में धरना दे रहे छात्रों से भी मिलने पहुंचे. उन्होंने छात्रों से कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी धरना कर रहे छात्रों से बात करेंगे, इसके लिए उन्होंने दो छात्रों के मोबाइल नंबर भी लिया. दरअसल, विश्वविद्यालय के एक असिस्टेंट प्रोफेसर राधेश्याम ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था. इसी मामले को लेकर छात्र धरने पर बैठे है. उनकी मांग है कि विश्वविद्यालय की वीसी सभी छात्रों से माफी मांगें.
पंजाब के पानी विवाद पर गरमाई लुधियाना उपचुनाव की सियासत, CM नायब सैनी को दिखाए गए काले झंडे
16 Jun, 2025 08:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
19 जून को होने वाले लुधियाना पश्चिम उपचुनाव से पहले बीजेपी उम्मीदवार के लिए प्रचार करने आए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को जनता के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा. हरियाणा द्वारा पंजाब के जल संसाधनों के दोहन से निराश लोगों ने मुख्यमंत्री के काफिले का विरोध किया, काले झंडे लहराए और ‘पंजाब दे पानी चोर मुर्दाबाद’ के नारे लगाए.
सैकड़ों लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और पंजाबियों के बीच दशकों से चले आ रहे जल बंटवारे के मुद्दे पर बढ़ते गुस्से को दर्शाया. प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा और भाजपा नेताओं पर पंजाब के पानी को लूटने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
पंजाब के हिस्से के पानी का गलत इस्तेमाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हरियाणा सरकार पंजाब के हिस्से के पानी का गलत इस्तेमाल कर रही है, जिससे पंजाब का कृषि क्षेत्र संघर्ष कर रहा है. यह असंतोष हरियाणा द्वारा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से पंजाब के हक के पानी के आवंटन के दुरुपयोग से उपजा है. पंजाब की पिछली सरकारें इस मुद्दे पर चुप रहीं, लेकिन मान सरकार ने इस मुद्दे पर दृढ़ता से अपना पक्ष रखा और सुनिश्चित किया कि पंजाब के हक का हिस्सा छीना न जाए.
उपचुनाव में भी छाया पानी का मुद्दा
पंजाब में सिंचाई के लिए नहर के पानी की पहुंच बढ़ाने और जल प्रबंधन में सुधार के लिए मान सरकार के निर्णायक कदमों ने पंजाब के लिए बीबीएमबी से पानी का पूरा कोटा हासिल करने की आवश्यकता को मजबूती से पेश किया. मान सरकार ने पंजाब के पानी की रक्षा करने और राज्य के किसानों व नागरिकों के लाभ के लिए इसका भरपूर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में भी पानी का मुद्दा प्रमुखता से छाया हुआ है.
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