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अमेरिका की चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुआ तो बढ़ेगा संकट
23 Jun, 2025 08:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जेएनएन, डिजिटल डेस्क। ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें आसमान छू चुकी हैं। कच्चे तेल की कीमत एक समय 81.40 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी। मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार (23 जून, 2025) को तेल की कीमतों को नीचे रखने की इच्छा व्यक्त की है। उन्हें डर है कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है।
उन्होंने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "सभी लोग तेल की कीमतों को कम रखें, मैं देख रहा हूं। आप दुश्मन के हाथों में खेल रहे हैं, ऐसा मत कीजिए।" इसके अलावा ट्रंप ने अमेरिकी ऊर्जा विभाग को संबोधित करते हुए एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने उसे "ड्रिल, बेबी, ड्रिल" करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा "मेरा मतलब अभी है।"
ईरान के रणनीतिक महत्व को लेकर विश्व बाजार में चिंता
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है, खासकर वैश्विक तेल आपूर्ति में ईरान के रणनीतिक महत्व को देखते हुए। ईरान OPEC+ के कुल प्रोडक्शन में लगभग एक तिहाई का योगदान करता है और इस ग्रुप का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। इसकी आपूर्ति में कोई भी व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है, खासकर तब जब ईरान जवाबी कार्रवाई करने का निर्णय लेता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देता है। ये एक महत्वपूर्ण शिपिंग रास्ता है जिसके जरिए दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है।
कितनी बढ़ जाएंगी तेल की कीमतें?
हालांकि, इजरायल-ईरान संघर्ष में हाल ही में अमेरिका की भागीदारी के बाद, विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की बाधा होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का जोखिम अभी भी बना हुआ है। इससे अमेरिका स्थित WTI के 80 से 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंचने की संभावना है।
अमेरिका की शह पर इजरायल का बड़ा एक्शन! ईरान की बसीज फोर्स पर हमला, मिडिल ईस्ट में परमाणु बर्बादी की आहट
23 Jun, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका और इजराइल के हमलों ने ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर कर दिया है. नेतन्याहू ने संकेत दिए हैं कि वह ईरान में तख्तापलट करने का प्लान बना रहे हैं, जिसमें अगर जरूरत पड़ी तो सुप्रीम लीडर को मरवाया भी जा सकता है. वहीं खुद को ईरान का क्राउन प्रिंस कहने वाले रेजा पहलवी भी जनता से अपील कर चुके हैं कि वह ईरान के शासन को उखाड़ फैकने के लिए बाहर निकले. अब इजराइल ने इसके लिए एक और कदम उठाया है.
इजराइल ने तेहरान में बसीज फोर्स के हेडक्वार्टर पर हमला किया है. ये फोर्स ईरान में हर एक बगावत और विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए कुख्यात रही है. ये फोर्स ईरानी लोगों पर लगातार निगरानी रखती है. अगर लोग खामेनेई के खिलाफ बगावत में उतरते हैं, बसीज उसको कुचल सकती है.
ईरान IRGC और ईरानी सेना के ठिकानों पर हमला करने के बाद इजराइल के निशाने पर बसीज ही है, ताकि ईरान के तख्तापलट में कोई रुकावट न आ सके. अगर बसीज कमजोर हो जाती है, तो इजराइल बस खामेनेई की हत्या करा ईरान का शासन बदल सकता है. कुछ लोगों का मानना है ऐसा करने का ग्रीन सिग्नल अमेरिका की ओर से दिया जा चुका है.
बसीज ने बचाया है ईरानी शासन
IRGC ईरान को बाहरी आक्रमण बचाती है, लेकिन देश के अंदर इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ रची जाने खिलाफ बसीज काम करती है. बस के खुफिया एजेंट ईरान के लोगों पर नजर रखते हैं. बसीज फोर्स पर ईरानी लोगों को टॉर्चर करने, जेल में बंद करने, हत्या और अपहरण जैसे हजारों आरोप हैं.
इजराइल करवाना चाहता है खामेनेई की हत्या
पिछले हफ्ते इजराइल द्वारा अली खमेनेई की हत्या की योजना पर बोलते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने इंकार नहीं किया था. बल्कि उन्होंने कहा था कि खामेनेई की हत्या से ये युद्ध बढ़ेगा नहीं बल्कि खत्म हो जाएगा. वहीं ट्रंप ने भी धमकी देते हुए कहा था कि ईरान सरेंडर करे, हमे पता है खामेनेई कहा हैं.
कुरुक्षेत्र:1 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ योग कर बनाया नया विश्व रिकॉर्ड
23 Jun, 2025 07:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के पवित्र ब्रह्म सरोवर पर 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन हुआ. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में योग गुरु स्वामी रामदेव, पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक लाख से अधिक योग साधकों के साथ योगाभ्यास किया. इस आयोजन ने न केवल योग के महत्व को बताया, बल्कि एक नया विश्व रिकॉर्ड भी बनाया. हरियाणा योग आयोग और आयुष विभाग ने संयुक्त रूप में इस कार्यक्रम को आयोजित किया. इस कार्यक्रम में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, आयुष मंत्री आरती राव और सांसद नवीन जिंदल सहित कई सम्माननीय लोग शामिल हुए.
स्वामी रामदेव ने अपने भाषण में कहा कि ‘योग सनातन धर्म का सार है और आज यह युगधर्म बन चुका है. दुनिया के 200 देशों में 200 करोड़ से अधिक लोग योग कर रहे हैं. योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और प्रकृति का भी आधार है.’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से योग को दुनिया में पहचान मिली है. स्वामी रामदेव ने उपस्थित लोगों को योग और स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया. जिससे भारत को आर्थिक और आध्यात्मिक महाशक्ति बनाया जा सके.
नशा और रोगमुक्त हरियाणा का संकल्प
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘योग जीवन जीने की कला है. हमारा लक्ष्य योगयुक्त, नशा और रोगमुक्त हरियाणा बनाना है.’ उन्होंने घोषणा की कि राज्य में 100 नई योग और व्यायामशालाएं खोली जाएंगी, ताकि हर व्यक्ति को योग की सुविधा मिल सके. इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में 5 मिनट का ‘योग ब्रेक’ शुरू किया जाएगा. जिससे कर्मचारी तनावमुक्त रह सकें. सैनी ने कहा कि ‘कुरुक्षेत्र की यह धरती, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया, योग के माध्यम से विश्व को स्वस्थ जीवन का संदेश दे रही है.’
योग का वैज्ञानिक महत्व
आचार्य बालकृष्ण ने योग के वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि ‘रोजाना आधे से एक घंटे का योगाभ्यास एंटी-एजिंग, इम्युनिटी और दीर्घायु को बढ़ावा देता है. यह बीमारियों को कंट्रोल करने और उन्हें उलटने की शक्ति रखता है.’ उन्होंने बताया कि ‘पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ने योग पर सैकड़ों शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जो वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं.’
स्वदेशी और शिक्षा में क्रांति
स्वामी रामदेव ने स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि विदेशी कंपनियों ने भारत से सैकड़ों वर्षों तक संपत्ति लूटी है. उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की, ताकि भारत आर्थिक रूप से सशक्त बने. साथ ही उन्होंने 1835 से चली आ रही मैकाले की शिक्षा पद्धति को समाप्त करने की बात कही. पतंजलि गुरुकुलम और आचार्यकुलम जैसे संस्थान भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से चरित्रवान और नेतृत्वकारी युवा तैयार कर रहे हैं.
हरियाणा में योग का उत्साह
इस आयोजन में पूरे हरियाणा से 11 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन भाग लिया. पतंजलि योग समिति ने देश के 650 जिलों में मुफ्त योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए. स्वामी रामदेव ने घोषणा की, कि कुरुक्षेत्र के मेला ग्राउंड को अब ‘योग मैदान’ के रूप में जाना जाएगा. कार्यक्रम में 37,000 स्कूली बच्चे और 40,000 पतंजलि योगपीठ के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. आयोजन स्थल को 100 सेक्टरों में बांटा गया, जहां 31 एलईडी स्क्रीन के माध्यम से योग सेशन का सीधा प्रसारण किया गया.
पर्यावरण और योग का संगम
‘एक अर्थ, एक हेल्थ’ थीम के अनुरूप हरियाणा में 10 लाख औषधीय पौधों को लगाया भी गया. मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण को बढ़ावा दिया. इस आयोजन ने न केवल योग, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूकता फैलाई. कुरुक्षेत्र का यह योग महोत्सव न केवल एक कार्यक्रम था, बल्कि यह हरियाणा और भारत के लिए एक नई शुरुआत का भी प्रतीक बना. स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में योग अब जन-जन की जीवनशैली बन रहा है. यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ताकत को विश्व मंच पर प्रदर्शित करने में सफल रहा.
फरीदाबाद में ससुर ने अपनी बहू की हत्या कर घर के ही गड्ढे में दफनाया शव, गिरफ्तार
23 Jun, 2025 07:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली से सटे फरीदाबाद में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है जहां एक ससुर ने अपनी बहू को मार डाला. हत्या के बाद ससुर ने बहू की लाश को ठिकाने लगाने के लिए अपने घर के सामने करीब 10फीट का गड्ढा खोदा और बहू के शव को उसमें दफन कर दिया. बेटे ने पुलिस को कॉल करके पत्नी के लापता होने की बात बताई थी जिसके बाद पुलिस ने जांच की और सबूतों के आधार पर ससुर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया है कि जांच जारी है और इस मामले में अगर अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला फरीदाबाद के सराय इलाके में रहने वाले भूप सिंह के बेटे अरुण की शादी 2023 में फिरोजाबाद की रहने वाले हाकम सिंह की बेटी तनु से हुई थी. तब से तनु ससुराल वालों के साथ रह रही थी. अप्रैल 2025 में पुलिस को अरुण ने कॉल करके इस बात की जानकारी दी थी कि उसकी पत्नी अचानक घर से लापता हो गई है. काफी ढूंढने के बाद भी जब पत्नी नहीं मिली तो उसने शिकायत दर्ज कराई थी.
ससुर पर बढ़ता गया शक
पुलिस ने मामले की संगीनता को देखते हुए जांच शुरू कर दी. पुलिस ने पूछताछ की तो सभी सबूत उसने ससुर की ओर इशारा कर रहे थे. पुलिस ने परिजनों से भी पूछताछ की उस वक्त भी पुलिस को शक गहराता गया. आखिरकार पुलिस ने ससुर भूप सिंह से कड़ाई से पूछताछ की. पूछताछ में भूपसिंह टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उसने बताया कि उसने ही बहू की हत्या कर दी है और लाश को ठिकाने लगाने के लिए गड्ढे में दफन कर दिया है.
सभी पहलुओं पर जांच जारी
सराय इलाका एसीपी राजेश लोहान ने बताया है कि पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. आरोपी ससुर भूप सिंह ने बताया है कि उसने ही 21-22 अप्रैल की रात बहू को चुनरी से गला घोंटकर मार डाला था. इसके बाद उसने घर के सामने करीब 10 फीट का गड्ढा पहले से ही खुदा था. इसी गड्ढे में आरोपी ने अपनी बहू की लाश को दफन कर दिया था. पूरे मामले में पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है. पुलिस ने कहा कि हत्या क्यों की गई है इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है. उस बारे में पूछताछ की जा रही है.
पूरा यूक्रेन हमारा, सुमी शहर पर कब्जा कर बनाएंगे बफर जोन: पुतिन
23 Jun, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मास्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि पूरा यूक्रेन हमारा है। इसके अलावा उन्होंने यूक्रेनी शहर सुमी को बफर जोन बनाने के लिए कब्जा करने की चेतावनी दी है। पुतिन ने कहा कि रूसी और यूक्रेनी लोग एक ही हैं और इस लिहाज से पूरा यूक्रेन रूस का है। उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन की आजादी पर सवाल नहीं उठा रहे, लेकिन यूक्रेन को रूस के कब्जे वाले क्षेत्र को छोड़ना होगा। वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुतिन की इस बात को खारिज कर दिया कि रूसी और यूक्रेनी एक ही हैं। रूस सूमी शहर पर कब्जा कर यूक्रेन को कमजोर करना चाहता है। उन्होंने कहा कि पुतिन जंग खत्म करना ही नहीं चाहते हैं।
रूस अभी यूक्रेन के करीब 20 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर चुका है, जिसमें क्रीमिया, लुहांस्क क्षेत्र का 99 फीसदी से ज्यादा डोनेट्स्क, जापोरीज्जिया और खेरसॉन क्षेत्रों का 70 फीसदी से ज्यादा और खार्किव, सुमी और द्निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्रों के कुछ हिस्से शामिल हैं। पुतिन ने हाल ही में यूक्रेन की सीमा से लगे सूमी क्षेत्र में एक बफर जोन बनाने की बात कही थी। इसका मकसद रूस के बॉर्डर इलाकों को यूक्रेनी ड्रोन और तोपखाने के हमलों से बचाना है। रूसी सेना ने सूमी के चार गांवों पर कब्जा किया है, जो अब ग्रे जोन में हैं। रूस का दावा है कि सूमी शहर को बफर जोन में शामिल करने से यूक्रेन की हमले की क्षमता कम होगी।
नेपाल के रास्ते भारतीयों की अवैध विदेश यात्रा
23 Jun, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू । काठमांडू के इमिग्रेशन विभाग ने नेपाल से विदेश जाने वाले भारतीयों के ऊपर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। पिछले 4 साल में 80000 से ज्यादा भारतीय नागरिक नेपाल के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात, चीन,हॉन्गकोंग और सऊदी अरब जैसे देशों में गए हैं।
नेपाल से जो भारतीय नागरिक विदेश गए हैं।उनमें से कई वांछित अपराधी थे। नेपाल के भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हवाई अड्डों पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है।जांच एजेंसी को यह भी शक है। एयरपोर्ट के अधिकारियों की मिली भगत से नेपाल के रास्ते बड़ी मात्रा में भारतीय विदेश जा रहे हैं।
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद बदले हालात...
23 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन/तेहरान/तेलअवीव/मास्को। ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग में अब अमेरिका भी खुलकर शामिल हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की तीन बड़ी परमाणु साइट्स - फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर सफलतापूर्वक हवाई हमला किया है। ट्रंप के मुताबिक, लड़ाकू विमानों ने फोर्डो को प्रमुख रूप से निशाना बनाते हुए बमबारी की और अब सभी विमान सुरक्षित लौट चुके हैं। उन्होंने इसे अमेरिका की सैन्य ताकत की मिसाल बताया और कहा कि अब शांति का समय है। अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गाड्र्स कॉप्र्स ने कहा कि उन्होंने इजराइल पर सबसे बड़ा अटैक किया है और 14 अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे मिडिल ईस्ट में तीसरे विश्वयुद्ध की गूंज सुनाई देने लगी है।
अमेरिका ने रविवार को तडक़े सुबह ईरान के खिलाफ एक बेहद गुप्त और बड़ी सैन्य कार्रवाई की। इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन मिडनाइट हैमर रखा गया था। पेंटागन के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिका के 125 से ज्यादा लड़ाकू विमान और मिसाइलें शामिल थीं। संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने रविवार को बताया कि यह हमला ईरान के दो प्रमुख परमाणु केंद्रों- फोर्दो और नतांज- पर किया गया। इसके साथ ही इस्फहान शहर में भी मिसाइलें दागी गईं। जनरल डैन केन ने कहा कि हमने ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया जो सीधे उनके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े थे। ऑपरेशन को इस तरह अंजाम दिया गया कि आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।
अमेरिकी हमले के बाद हाइफा और तेल अवीव के मिलिट्री और रिहायशी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें गिरी हैं। इजराइल में अब तक 86 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इस बीच पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से फोन पर बात की। इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा- हमने मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की। हाल की घटनाओं में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई। हालात को तुरंत शांत करने, बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाने की जरूरत है। अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। 21 जून को अमेरिकी नौसेना की गाइडेड-मिसाइल पनडुब्बी एसएस जॉर्जिया ने 30 टोमाहॉक लैंड अटैक मिसाइलें ईरान के दो प्रमुख परमाणु ठिकानों नतांज और इस्फहान पर दागीं। इसके साथ ही, बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर ने नतांज पर दो जीबीयू-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर बम गिराए। यह हमला ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने और इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया।
लगातार गरज रही मिसाइलें
अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी के कुछ घंटों बाद ही, ईरान ने रविवार सुबह इजरायल पर मिसाइलों की नई बारिश कर दी। इस हमले में कम से कम 11 लोगों के घायल होने की खबर है। इजरायली मीडिया के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में ईरानी हमलों के कारण धमाकों की आवाजें सुनी गईं। केंद्रीय इजरायल में एक के बाद एक कई धमाके हुए। हमले से प्रभावित इलाकों में तेल अवीव, हाइफा, नेस जियोना और रिशोन लेजियोन शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने कम से कम 30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से 10 ने उत्तरी और मध्य इजरायल में प्रभाव छोड़ा।
रूस ने दी हिदायत
रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने एक चौंकाने वाला बयान दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि कई देश ईरान को अपने परमाणु हथियार सीधे देने के लिए तैयार हैं। यह बयान अमेरिका द्वारा 21 जून 2025 को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर रात में किए गए हमलों के जवाब में आया। मेदवेदेव ने कहा कि ये हमले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में नाकाम रहे और मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति का राष्ट्रपति से युद्ध शुरू करने वाला बताकर तीखी आलोचना की।
परमाणु ढांचे को मामूली नुकसान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इन हमलों ने ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। लेकिन मेदवेदेव ने इसे खारिज करते हुए कहा कि फोर्डो, नतांज और इस्फहान के परमाणु ईंधन चक्र के महत्वपूर्ण ढांचे या तो अप्रभावित रहे या उन्हें केवल मामूली क्षति हुई। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने पुष्टि की कि कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ। केवल छह इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि समृद्ध यूरेनियम को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था।
परमाणु हथियार उत्पादन जारी
मेदवेदेव ने कहा कि ईरान का यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम रुका नहीं है। अब खुलकर कहा जा सकता है कि परमाणु हथियारों का भविष्य में उत्पादन जारी रहेगा। फोर्डो में 83.7 प्रतिशत तक समृद्ध यूरेनियम मौजूद है, जो परमाणु हथियार के लिए जरूरी 90 प्रतिशत के करीब है। मेदवेदेव का सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि कई देश ईरान को अपने परमाणु हथियार देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने इन देशों के नाम नहीं बताए। यह दावा परमाणु अप्रसार संधि के लिए खतरा है। वैश्विक परमाणु हथियारों की दौड़ को बढ़ावा दे सकता है।
इजरायल पर हमले और दहशत
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर 20वीं मिसाइल लहर शुरू की, जिसमें खैबर शेकन मिसाइलों का उपयोग हुआ। इन हमलों ने बेन गुरियन हवाई अड्डे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे इजरायल में दहशत फैल गई। तेल अवीव और हाइफा जैसे शहरों में विस्फोट हुए, स्कूल बंद हुए, और लोग बंकरों में छिपे।
पहली बार निकाली खैबर शेकेन मिसाइल
ईरानी सशस्त्र बलों ने दावा किया कि उन्होंने पहली बार खैबर-शेकेन नाम की उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है। इस मिसाइल से उन्होंने इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट, एक जैविक अनुसंधान केंद्र और वैकल्पिक कमांड व कंट्रोल केंद्रों को निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक, इन मिसाइलों की खासियत यह है कि ये दुश्मन के एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हैं। खैबर शेकन ईरान की सबसे आधुनिक और शक्तिशाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक है। इसका नाम सातवीं सदी की खैबर की लड़ाई से प्रेरित है, जो इस्लामिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण युद्ध था। यह मिसाइल ईरान की सैन्य ताकत का प्रतीक है। इसे विशेष रूप से दुश्मन के हवाई रक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए डिजाइन किया गया है। खैबर शेकन मिसाइल का इस्तेमाल ईरान की सैन्य रणनीति में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। यह मिसाइल न केवल इजरायल के रक्षा तंत्र को चुनौती देती है, बल्कि ईरान की तकनीकी उन्नति को भी प्रदर्शित करती है। इस मिसाइल ने इजरायल के रक्षा तंत्र को आपस में टकराने के लिए मजबूर किया, जिससे कई मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचीं। हालांकि, इजरायल ने कहा कि उसने अधिकांश मिसाइलों को रोक लिया, और उसके सैन्य अड्डों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
ईरान की डांसिंग मिसाइल ने इजराइल में बरपाई तबाही
23 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेलअबीब। ईरान की सेजिल बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजराइल पर भारी तबाही मचाई है। ईरान की यह मिसाइल डांस करते हुए अपने लक्ष्य तक जाती है। इसको इंटरसेप्ट करना मुश्किल होता है। ईरान की मिसाइलों ने जिस तरह से इजराइल में कहर बरपाया है। इसकी कल्पना कभी इजराइल ने नहीं की थी। इस मिसाइल की सारी दुनिया में चर्चा हो रही है। सेजिल मिसाइल 1.8 मीटर की है। इसका डायमीटर 1.25 मीटर है। इस मिसाइल में 500 से 700 किलोग्राम विस्फोटक ले जाने की क्षमता है। इसराइल के आयरन दो और बैटरी जैसे डिफेंस सिस्टम से यह बची रहती है। यह मिसाइल अपने लक्ष्य पर 10 मीटर के दायरे में सटीकता के साथ हमला करती है। यह मिसाइल डांस करते हुए अपनी लोकेशन को बदलते हुए लक्ष्य पर पहुंचती है। जिसके कारण इसे इंटरसेप्ट करना नामुमकिन होता है। तेलअबीब और हाइफा जिस तरह से मिसाइल हमले में बर्बाद हुआ है। उसके बाद सारी दुनिया में इस डांसिंग मिसाइल की चर्चा हो रही है।
नाथुला दर्रे से कैलाश मानसरोवर का पहला जत्था रवाना
22 Jun, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिक्किम । 5 साल बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए सिक्किम के नाथुला दर्रे से पहला जत्तथा रवाना हुआ है।शुक्रवार को सिक्किम के चीन-भारत की सीमा से मानसरोवर की यात्री रवाना हुए हैं।मानसरोवर समुद्र तल से 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
5 साल से यह यात्रा बंद थी।जिसके कारण इस बार श्रद्धालुओं में बड़ा जोश है। बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह यात्रा गंगटोक से होते हुए तिब्बत से कैलाश पर्वत को जाती है।
कैलाश पर्वत को हिंदू धर्म में भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। भगवान आदिनाथ की तपस्या स्थली है। मानसरोवर में ब्रह्मा जी द्वारा निर्मित पवित्र झील भी है। जैन धर्म और बौद्ध धर्म के श्रद्धालुओं के लिए मानसरोवर का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। भगवान ऋषभदेव ने यहां से तपस्या करके निर्माण प्राप्त किया था। जैन धर्म के वह प्रथम तीर्थंकर थे। बौद्ध धर्म के श्रद्धालु इसे रिनपोचे से जोड़ते हैं।
सिक्किम राज्य की पर्यटन से, यहां की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। बड़े पैमाने पर यात्री आने के कारण दुकान होटल और आथित्य को लेकर रोजगार के कई अवसर पैदा होते हैं।
नाथुला दर्रा (सिक्कम) से होते हुए कैलाश की यह यात्रा लगभग 21 से 22 दिन में पूरी होती है। यात्रियों के लिए यहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया जाता है। यात्रियों के साथ तीन से चार डॉक्टरों का दल शामिल किया जाता है। किसी भी आपात स्थिति में उन्हें चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है।
ट्रंप से मिल लिए मुनीर....भारत आकर पीएम मोदी से भी मिलना चाहिए
22 Jun, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पीएम मोदी पाकिस्तान जाकर कर चुके पहल
लंदन। भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख अमरजीत सिंह दुलत ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका में हुई मुलाकात की सराहना कर कहा कि मुनीर को भारत आकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने चाहिए, ताकि भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारा जा सके।
एक साक्षात्कार में दुलत ने याद किया कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पोती की शादी में भाग लेने के लिए पाकिस्तान की यात्रा कर कहा कि पाकिस्तान को भी ठंडे पड़े संबंधों को सुधारने का प्रयास करना चाहिए।
दुलत ने कहा कि मैं फील्ड मार्शल मुनीर को बधाई देता हूं। पाकिस्तान के लोगों को भी बधाई। उन्हें अब आकर हैदराबाद हाउस में मोदी जी से मिलना चाहिए और फिर अमृतसर का दौरा करना चाहिए। मुझे विश्वास है कि कड़े रुख को नरम किया जा सकता है। किसी को पहल करनी होगी। इमरान खान जेल में हैं। फील्ड मार्शल या प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ यह कर सकते हैं।
दुलत ने माना कि हालिया संघर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहद खराब हैं। लेकिन उन्होंने बदलाव की उम्मीद जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हो सकती है, तब मुनीर को दिल्ली भी आना चाहिए।
ईरान और इजराइल जंग:
22 Jun, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजरायली गृह मंत्रालय की बिल्डिंग ईरानी मिसाइल से तबाह...
इजराइली हमले में ईरान के ड्रोन कमांडर की मौत...मिसाइल, बम, बारूद और बर्बादी से आमजन त्रस्त...अब इजराइल में 24 तो ईरान में 657 लोग मारे गए
ईरान की सडक़ों पर गुस्सा, इजराइल में रूदन
इजराइल के टारगेट पर अब ईरानी खुफिया एजेंसियां, इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर ताबड़तोड़ वार
ट्रम्प बोले- इजराइल फिलहाल जीत रहा ऐसे में जंग रोकने को नहीं कहूंगा
इजराइल। इजराइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष का शनिवार को 9वां दिन था। दोनों और से मिसाइलें दागी जा रही हैं। इससे जहां बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग हताहत भी हो रहे हैं। ईरान और इजराइल की जंग आम लोगों के लिए कहर बन गई है। बारूद की गंध फिजाओं में आम है। पिछले नौ दिनों से सडक़ों पर जनाजे निकलते रहते हैं। ये उनकी मौत है जो ईरानी और इजराइली मिसाइल, ड्रोन और गोले बारूद की चपेट में आए हैं। ईरान के राष्ट्र ध्वज में लिपटे ताबूत को छूकर महिलाएं सलाम पेश करती हैं। और दहाडें मार मारकर रोती हैं। इनके लबों पर यहूदी इजराइल के खिलाफ तीव्र गुस्सा है। जबर्दस्त नारेबाजी होती है। वहीं इजराइल की सडक़ों पर भीड़ कम है। ईरान के हमले में मारे गए लागों के शव को लेकर जब लोग अंतिम संस्कार के लिए निकलते है तो रोते-रोते, हिचकते हिचकते श्रद्धांजलि देते हैं। लोग डबडबायी आंखों से अपने प्रिय को विदा करते हैं। चाहे ईरान हो या फिर इजराइल। कॉफिन की ये मूक चीखें एक ही बात कह रही हैं, वो ये कि युद्ध कोई हल नहीं। न माजंदरान की गलियां जीत रही हैं, न तेल अवीव की सडक़ें। हर मिसाइल, हर बम सिर्फ जिंदगियां छीनता है, सपने कुचलता है।
वॉशिंगटन स्थित ईरानी ह्यूमन राइट्स ग्रुप के अनुसार, मीडिल ईस्ट की जंग में अब तक इजराइल में 24 लोग मारे गए हैं, जबकि 900 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं ईरान में 657 लोगों की मौत हुई है और 2000 से ज्यादा घायल हैं। ईरान ने शनिवार सुबह इजराइल में तेल अवीव समेत दूसरे शहरों पर मिसाइल हमले किए। वहीं, इजराइल ने भी जवाबी हमला करते हुए ईरान में कोम, इस्फहान में मिसाइल हमले किए। इसमें 2 लोगों की मौत हुई है और 4 घायल हैं। दावा किया जा रहा है कि ईरान ने शनिवार सुबह-सुबह इजरायल के गृह मंत्रालय की बिल्डिंग उड़ा दी।
शहर के शहर तबाह
मिडिल ईस्ट इस समय भयावह उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। 13 जून को इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुई जंग भयावह रूप ले चुकी है। दोनों ओर से शहर के शहर तबाह हो रहे हैं, लोगों का पलायन जारी है। इस बीच बीते 12 घंटे में इजराइल ने ईरान पर जबरदस्त वार किए हैं। इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर हमले से लेकर ईरान की खुफिया एजेंसी के तीन वरिष्ठ सैन्य कमांडर सहित कुल 15 सैनिकों को मार गिराया गया है। इजराइल ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गाड्र्स कॉप्र्स की कुद्स फोर्स की वेपंस ट्रांसफर यूनिट (यूनिट 190) के कमांडर बहनाम शाहरियारी का खात्मा कर दिया है। आईडीएफ ने बताया कि आईआरजीसी की कुद्स फोर्स वेपंस ट्रांसफर यूनिट के कमांडर बहनाम शाहरियारी को पश्चिमी ईरान में आईडीएफ के हवाई हमले में मार गिराया गया।
ईरान-इजराइल जंग भारत के लिए बढ़ा रही मुश्किलें
इजराइल-ईरान के बीच बढ़ता तनाव भारत के लिए चुनौती बन रहा है। सवाल है कि अगर ये जंग और बढ़ी तो भारत किसका साथ देगा। दरअसल, भारत के दोनों देशों से अच्छे संबंध हैं। भारत ने इजराइल से कई एडवांस्ड हथियार खरीदे है, जिनमें बैरक-8 मिसाइलें, ड्रोन, लॉइटरिंग म्यूनिशन्स शामिल हैं। ये भारत के सेफ्टी सिस्टम का अहम हिस्सा है। वहीं, भारत ईरान से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है। साथ ही, ईरान के चाबहार बंदरगाह प्रोजेक्ट के जरिए भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी पहुंच मिलती है, जो पाकिस्तान को बायपास करता है। एक्सपट्र्स के मुताबिक भारत को अपनी रक्षा साझेदारी और चाबहार बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट के लिए दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना होगा। अगर यह जंग लंबी खिंचती है, तो ये भारत के लिए परेशानी का कारण हो सकती है। पिछले हफ्ते, भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इजराइल-ईरान तनाव पर चिंता जताई और दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील की। भारत ने कहा कि वह दोनों देशों के साथ अपने दोस्ताना रिश्तों के आधार पर शांति के लिए हर संभव मदद देने को तैयार है।
पुतिन ने तीसरे विश्वयुद्ध को लेकर चिंता जताई
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीसरे विश्व युद्ध को लेकर गहरी चिंता जताई है। सेंट पीटर्सबर्ग में कार्यक्रम में उनसे एक पत्रकार ने इसे लेकर सवाल पूछा था। इस पर उन्होंने कहा कि दुनिया में संघर्ष के हालात लगातार बढ़ रहे हैं। यह काफी चिंताजनक स्थिति है। पुतिन ने कहा कि ईरान की परमाणु साइटों के पास जो कुछ हो रहा है, वह उन्हें और रूस को सीधे प्रभावित करता है, क्योंकि वहां रूसी विशेषज्ञ दो नए परमाणु रिएक्टर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन खतरों से निपटने के लिए शांति के रास्ते तलाशने होंगे और सभी पक्षों को मिलकर समाधान खोजने की जरूरत है।
जासूसी करने के आरोपों में 22 गिरफ्तार
ईरान ने कुम प्रांत में 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने बताया कि इन लोगों पर इजराइल की खुफिया एजेंसी के लिए काम करने का शक है। इन सभी की गिरफ्तारी 13 जून से लेकर अब तक हुई है।
हमास को पैसा भेजने वाले ईरानी कमांडर को मारा
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बताया कि ईरान की कुद्स फोर्स में फिलिस्तीनी मामलों के प्रमुख सईद इजादी को इजराइली सेना ने ईरान के शहर कोम में एक अपार्टमेंट पर हमले में मार गिराया है। काट्ज ने कहा कि इजादी वही शख्स था जिसने 7 अक्टूबर 2023 हमले के लिए हमास को पैसा मुहैया कराया था। काट्ज ने इजादी के मारे जाने पर खुशी जताई और कहा कि इजराइल अपने दुश्मनों को कहीं से भी ढूंढ़ निकालने में काबिल है। काट्ज ने पुराने डॉक्यूमेंट का भी जिक्र किया जिसमें लिखा था कि 2021 में हमास नेताओं ने ईरानी सेना के एक बड़े अधिकारी को पत्र भेजकर इजराइल पर हमला करने के लिए 500 मिलियन डॉलर की मदद मांगी थी। इसमें लिखा है कि ईरान ने आर्थिक मुश्किलों के बावजूद हमास को पैसा देना जारी रखा।
इजराइली हमले में ईरान के ड्रोन कमांडर की मौत:अब तक 12 अफसर मारे गए; ट्रम्प बोले- इजराइल से जंग रोकने को नहीं कहूंगा
22 Jun, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान/तेल । इजराइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष का शनिवार को 9वां दिन था। इस बीच इजराइल ने ईरान के ड्रोन कमांडर अमीन पोर जोदखी को हवाई हमले में मारने का दावा किया है। इससे पहले इजराइल ने 13 जून को ड्रोन यूनिट के चीफ ताहर फुर को मारा था। इसके बाद से जोदखी के पास ही ड्रोन यूनिट की जिम्मेदारी थी। इजराइल अब तक ईरान के 12 से ज्यादा सैन्य अफसरों को मार चुका है। इसमें ईरानी सेना के चीफ मोहम्मद बाघेरी, आईआरजीसी चीफ होसैन सलामी समेत कई और बड़े नाम हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे इजराइल को जंग रोकने के लिए नहीं कहेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल इजराइल जंग में आगे है। ऐसे में अगर कोई जीत रहा है तो उसे रोकना मुश्किल है।
ईरान ने शनिवार सुबह इजराइल में तेल अवीव समेत दूसरे शहरों पर मिसाइल हमले किए। वहीं, इजराइल ने भी जवाबी हमला करते हुए ईरान में कोम, इस्फहान में मिसाइल हमले किए। इसमें 2 लोगों की मौत हुई है और 4 घायल हैं। बीते 8 दिनों में इजराइल में 24 लोग मारे गए हैं, जबकि 900 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं ईरान में 657 लोगों की मौत हुई है और 2000 से ज्यादा घायल हैं। यह आंकड़ा वॉशिंगटन स्थित ईरानी ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने दिया है।
ईरान-इजराइल जंग भारत के लिए बढ़ा रही मुश्किलें
इजराइल-ईरान के बीच बढ़ता तनाव भारत के लिए चुनौती बन रहा है। सवाल है कि अगर ये जंग और बढ़ी तो भारत किसका साथ देगा। दरअसल, भारत के दोनों देशों से अच्छे संबंध हैं। भारत ने इजराइल से कई एडवांस्ड हथियार खरीदे है, जिनमें बैरक-8 मिसाइलें, ड्रोन, लॉइटरिंग म्यूनिशन्स शामिल हैं। ये भारत के सेफ्टी सिस्टम का अहम हिस्सा है। वहीं, भारत ईरान से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है। साथ ही, ईरान के चाबहार बंदरगाह प्रोजेक्ट के जरिए भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी पहुंच मिलती है, जो पाकिस्तान को बायपास करता है। एक्सपट्र्स के मुताबिक भारत को अपनी रक्षा साझेदारी और चाबहार बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट के लिए दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना होगा। अगर यह जंग लंबी खिंचती है, तो ये भारत के लिए परेशानी का कारण हो सकती है। पिछले हफ्ते, भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इजराइल-ईरान तनाव पर चिंता जताई और दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील की। भारत ने कहा कि वह दोनों देशों के साथ अपने दोस्ताना रिश्तों के आधार पर शांति के लिए हर संभव मदद देने को तैयार है।
पुतिन ने तीसरे विश्वयुद्ध को लेकर चिंता जताई
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीसरे विश्व युद्ध को लेकर गहरी चिंता जताई है। सेंट पीटर्सबर्ग में शुक्रवार को कार्यक्रम में उनसे एक पत्रकार ने इसे लेकर सवाल पूछा था। इस पर उन्होंने कहा कि दुनिया में संघर्ष के हालात लगातार बढ़ रहे हैं। यह काफी चिंताजनक स्थिति है। पुतिन ने कहा कि ईरान की परमाणु साइटों के पास जो कुछ हो रहा है, वह उन्हें और रूस को सीधे प्रभावित करता है, क्योंकि वहां रूसी विशेषज्ञ दो नए परमाणु रिएक्टर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन खतरों से निपटने के लिए शांति के रास्ते तलाशने होंगे और सभी पक्षों को मिलकर समाधान खोजने की जरूरत है।
जासूसी करने के आरोपों में 22 गिरफ्तार
ईरान ने कुम प्रांत में 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने बताया कि इन लोगों पर इजराइल की खुफिया एजेंसी के लिए काम करने का शक है। इन सभी की गिरफ्तारी 13 जून से लेकर अब तक हुई है।
हमास को पैसा भेजने वाले ईरानी कमांडर को मारा
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बताया कि ईरान की कुद्स फोर्स में फिलिस्तीनी मामलों के प्रमुख सईद इजादी को इजराइली सेना ने ईरान के शहर कोम में एक अपार्टमेंट पर हमले में मार गिराया है। काट्ज ने कहा कि इजादी वही शख्स था जिसने 7 अक्टूबर 2023 हमले के लिए हमास को पैसा मुहैया कराया था। काट्ज ने इजादी के मारे जाने पर खुशी जताई और कहा कि इजराइल अपने दुश्मनों को कहीं से भी ढूंढ़ निकालने में काबिल है। काट्ज ने पुराने डॉक्यूमेंट का भी जिक्र किया जिसमें लिखा था कि 2021 में हमास नेताओं ने ईरानी सेना के एक बड़े अधिकारी को पत्र भेजकर इजराइल पर हमला करने के लिए 500 मिलियन डॉलर की मदद मांगी थी। इसमें लिखा है कि ईरान ने आर्थिक मुश्किलों के बावजूद हमास को पैसा देना जारी रखा।
ईरान vs इजरायल: 9 दिन से जारी युद्ध में सैन्य खर्च से डगमगाई दोनों की अर्थव्यवस्था,जानें किसके पास ज्यादा सैन्य बजट और फॉरेक्स रिजर्व
21 Jun, 2025 11:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Israel-Iran war Economic Impact: इजरायल और ईरान के बीच पिछले सात दिन से युद्ध जारी है. दोनों एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं. अब तक इस युद्ध में इजरायल में 24 लोगों की मौत हुई है और ईरान में 240 लोगों ने जान गंवाई है. दोनों देशों के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी भारी नुकसान हुआ है. लेकिन इससे भी ज्यादा असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. खासतौर पर इजरायल के लिए यह युद्ध बेहद महंगा साबित हो रहा है. आइए जानते हैं कि यह संघर्ष दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित कर सकता है.
कितनी है दोनों देशों की GDP
ईरान और इजरायल की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना करें तो इजरायल की स्थिति कहीं अधिक मजबूत है. वर्ष 2024 में इजरायल का जीडीपी लगभग 564 अरब डॉलर रहा, जबकि ईरान का जीडीपी करीब 388 अरब डॉलर था. प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी इजरायल आगे है, जहां यह लगभग 58 हजार डॉलर है, वहीं ईरान में यह केवल 4,400 डॉलर के आसपास है.
ईरान GDP: 388 अरब डॉलर
इजरायल GDP:564 अरब डॉलर
इजरायल को महंगी पड़ रही है लड़ाई
इजरायल पर गाजा युद्ध और अब ईरान के साथ संघर्ष का भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है. गाजा युद्ध की लागत अब तक 67 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है. ईरान के साथ सिर्फ दो दिन की लड़ाई में ही इजरायल को 1.45 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. और उसका डेली का खर्च करीब 6000 करोड़ रुपये हैं. यानी अब तक उसके करीब 50000 करोड़ रुपये खर्च हो गए हैं. यह संघर्ष लंबा खिंचा तो इजरायल की अर्थव्यवस्था पर और भी दबाव बढ़ेगा.
साल 2024 में 60,000 बिजनेस बंद हो चुके हैं, पर्यटन युद्ध से पहले के स्तर से अब भी नीचे है, और इजरायल की 2025 की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 4.3% से घटाकर 3.6% कर दिया गया है.इसके अलावा S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध जारी रहा या और बढ़ा, तो इज़राइल की क्रेडिट रेटिंग A से घटाकर A– की जा सकती है.
ईरान के तेल निर्यात पर असर
ईरान के तेल निर्यात में भारी गिरावट आई है. खार्ग द्वीप, जहां से ईरान 90 फीसदी तेल निर्यात करता है, वहां से निर्यात पूरी तरह रुक गया है. इसके अलावा, इजरायल के हमलों में साउथ पार्स गैस क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा है, जो ईरान की कुल गैस आपूर्ति का 80 फीसदी हिस्सा है. यदि ये हमले जारी रहे तो ईरान की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लग सकता है.
प्रतिबंधों से जूझ रहा ईरान
ईरान पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण आर्थिक संकट में है. वर्ष 2022–23 में उसके तेल निर्यात से सिर्फ 50 अरब डॉलर की कमाई हुई, जो 2016 की तुलना में बहुत कम है. महंगाई 40 प्रतिशत से ज्यादा है और रियाल की कीमत लगातार गिर रही है. ऐसे में युद्ध का खर्च उठाना ईरान के लिए मुश्किल साबित हो सकता है.
इजरायल का कैसे बढ़ा रक्षा बजट
वर्ष
रक्षा बजट (शेकल में)
रक्षा बजट (डॉलर में अनुमानित)
2023
60 बिलियन
लगभग $16 बिलियन
2024
99 बिलियन
लगभग $26 बिलियन
2025 (अनुमानित)
118 बिलियन
लगभग $31 बिलियन
जबकि ईरान का रक्षा बजट भी 10 अरब डॉलर को पार कर चुका है.
क्या दोनों देश लंबा युद्ध चला पाएंगे
इजरायल के पास मजबूत अर्थव्यवस्था है, लेकिन रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी से उसका वित्तीय घाटा बढ़ सकता है. वहीं, ईरान पहले से ही आर्थिक समस्याओं से घिरा है और उसके पास युद्ध के लिए सीमित संसाधन हैं. अगर यह युद्ध लंबे समय तक चला तो दोनों देशों की आर्थिक हालत बिगड़ सकती है.
खामेनेई ने 3 उत्तराधिकारियों का किया चयन, 'डर' के बीच बंकर में छिपे
21 Jun, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान और इजरायल के बीच उपजा तनाव अब सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहा. स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को खुद को सुरक्षा बंकर में शरण लेनी पड़ी है. द न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई ने हालात की गंभीरता को देखते हुए अपने संभावित उत्तराधिकारियों की सूची तैयार कर ली है.
इजरायल की सीधी धमकी, अमेरिका की आक्रामक नीति
बीते कुछ हफ्तों में इजरायल इजरायल ने न सिर्फ ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा रुख अपनाया है, बल्कि खामेनेई को सीधे तौर पर “एलिमिनेट” करने की बात भी कही है. यह अब सिर्फ रणनीतिक खतरा नहीं रहा, बल्कि एक टारगेटेड पॉलिटिकल असॉल्ट की स्थिति बन गई है. इसी कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान दिया कि “ईरान हमारी रडार पर है.” इस बयान को खुफिया संकेतों और सैन्य कार्रवाई की भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है.
उत्तराधिकारियों की सूची में बेटा नहीं!
86 वर्षीय अली खामेनेई की सेहत और उम्र को देखते हुए लंबे समय से इस बात पर बहस चल रही थी कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा. अब जबकि खतरा उनके जीवन पर मंडरा रहा है, उन्होंने इस विषय पर अंतिम निर्णय ले लिया है. रिपोर्ट्स की मानें तो खामेनेई ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर तीन नामों का चुनाव किया है. लेकिन इन नामों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. हालांकि रिपोर्ट में ये जरूर बताया गया है कि खामेनेई की ओर से चुने गए नामों में उनके बेटे मोजतबा का नाम शामिल नहीं है, जबकि उन्हें सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था.
नाम क्यों नहीं हुए सार्वजनिक?
मोजतबा को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का सबसे करीबी माना जाता था, इससे इतर सुप्रीम लीडर के पद के लिए भी उनका नाम सबसे आगे हुआ करता था. लेकिन सामने आ रही रिपोर्ट्स कुछ और ही इशारा कर रही हैं. हालांकि, ईरान में सु्प्रीम लीडर का चुनाव आसान नहीं होने वाला है. इसके कई दावेदार हैं. ऐसे में युद्ध जैसी स्थिति में किसी के नाम को सामने लाने ईरान के लिए मुश्किल का सबब बन सकता है. इससे देश में अंदरूनी कलह पैदा हो सकती है.
ब्राजील में हवा में आग का गोला बना हॉट एयर बैलून, 21 लोग थे सवार, 8 की मौत
21 Jun, 2025 11:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ब्राजील के दक्षिणी राज्य सांता कैटरीना में एक दिल दहलाने वाला हादसा पेश आया है. स्थानीय और राज्य अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को कैटरीना में 21 यात्रियों को ले जा रहा एक हॉट-एयर बैलून दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें कम से कम आठ लोगों की जान चली गई है.
स्टेट फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक सुबह के समय उड़ान के दौरान टूरिस्ट गुब्बारे में आग लग गई और वह प्रिया ग्रांडे शहर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. 21 यात्रियों में से 8 लोगों की मौत हो गई है. घायल हुए 13 जीवित बचे लोगों को पास के अस्पाताल में भर्ती कराया गया है.
पहले भी हो चुका है हादसा
हादसे की ये कोई पहली घटना नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले रविवार को साओ पाउलो राज्य में एक गुब्बारा गिर गया था, जिसमें 27 साल की एक महिला की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हुए थे.
ब्राजील में प्रिया ग्रांडे हॉट-एयर बैलूनिंग के लिए एक आम जगह है, जो जून में सेंट जॉन जैसे कैथोलिक संतों के उत्सव के दौरान ब्राजील के दक्षिण के कुछ हिस्सों में एक लोकप्रिय गतिविधि है. इसको करने के लिए दूर दूर से लोग यहां आते हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हादसा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. बिना जिम्मेदारी के टूरिस्टों की इस एक्टिविटी पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं. एक यूजन ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “जिम्मेदारी के बिना साहसिक कार्य अपराध है – पर्यटन नहीं.” इसके साथ ही इस हादसे ने ब्राजील के सांता कैटरीना अधिकारियों को भी घेरे में ला दिया है कि बिना सुरक्षा जांच के राज्य में कैसे ऐसी एक्टिविटी चलाई जा रही हैं.
ड्रेस कोड पर बवाल: भोपाल में लेंसकार्ट के खिलाफ अनोखा विरोध
टीकमगढ़ बस दुर्घटना: मौके पर मची अफरा-तफरी, 15 घायल
पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य: छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंपों पर नहीं है कोई किल्लत, सुचारु है आपूर्ति।
मातृत्व और करियर का संतुलन: पत्रलेखा ने बताया प्रोड्यूसर और मां बनने के बीच का चुनौतीपूर्ण सफर।
कलेक्टर का सख्त आदेश: जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मियों की छुट्टियों पर रोक, मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी।
क्या जेल जाएंगे बंग सी-ह्युक? 2019 के शेयर घोटाले में फंसी के-पॉप की सबसे बड़ी हस्ती।
भायखला में सनसनी: पूर्व क्रिकेटर के ससुर पर लाठी-डंडों से हमले का आरोप, जांच में जुटी मुंबई पुलिस।
उज्जैन में निंजा का आध्यात्मिक अनुभव, महाकाल दरबार में छलके आंसू
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