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हरियाणा CET के लिए अप्लाई नहीं कर पाए छात्रों को मिलेगा मौका?
24 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचकूला। हरियाणा में ग्रुप-सी पदों के लिए प्रस्तावित कामन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कहीं तकनीकी समस्याओं व परीक्षा के लिए आवेदन से वंचित रह गए उम्मीदवारों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं।
उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई है कि आवेदन पोर्टल को दोबारा खोला जाए और जिनका रजिस्ट्रेशन हो चुका है, उन्हें उसमें सुधार करने का अवसर भी मिले। कहीं याचिका में आधार कार्ड के अनिवार्य कुछ अन्य शर्तों को भी चुनौती दी गई है।
याचिका में तर्क दिया है कि रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित समय बेहद सीमित था और इस दौरान अनेक तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि उन्होंने आरक्षण श्रेणी में पंजीकरण करने की कोशिश की, लेकिन सरल पोर्टल पर जाति प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन पाने के कारण उन्हें मजबूरी में सामान्य श्रेणी में आवेदन करना पड़ा। अगर पोर्टल फिर से खोला जाए तो वे संशोधन कर वास्तविक श्रेणी का लाभ ले सकती हैं। एक अन्य याचिकाकर्ता ने बताया कि जब उसने पोर्टल पर आवेदन करना चाहा, तो हर बार ओटीपी देर से आने के कारण वह प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी। उसने मांग की है कि जिन अभ्यर्थियों को तकनीकी बाधाओं के कारण आवेदन का मौका नहीं मिल सका, उनके लिए पोर्टल दोबारा खोला जाए ताकि वे परीक्षा में भाग लेने से वंचित न रह जाएं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि 2022 की सीईटी प्रक्रिया में पंजीकरण के लिए एक वर्ष से अधिक का समय दिया गया था, जबकि इस बार केवल 15 दिन का ही अवसर मिला है, जो न्यायसंगत नहीं है। इसी तरह, एक अन्य याचिकाकर्ता ने परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को चुनौती दी है। उनका कहना है कि जब परीक्षा एक से अधिक शिफ्टों में कराई जाती है, तो सभी परीक्षार्थियों को एक जैसी कठिनाई नहीं मिलती। इसलिए, यह सुनिश्चित किया जाए कि सीईटी परीक्षा केवल एक ही शिफ्ट में कराई जाए, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर मेडिकल साइंसेज़ की परीक्षा के मामले में हुआ है।कोर्ट इस मामले की सुनवाई एक जुलाई को करेगा।
यूक्रेनी सांसद ने ट्रंप का नोबेल नामांकन वापस लिया, शांति का नोबेल जीतने का सपना टूटा?
24 Jun, 2025 07:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘नोबेल पीस प्राइज’ के लिए नामित करने वाले यूक्रेनी सांसद ने अपना नामांकन वापस ले लिया है. यूक्रेन की संसदीय विदेश समिति के प्रमुख ओलेक्सांद्र मेरेज़्को ने मंगलवार को न्यूजवीक से कहा कि उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर सुनिश्चित करने की उनकी क्षमता में किसी भी प्रकार का विश्वास और आस्था खो दी है.
मेरेज़्को ने कहा कि हाल के सप्ताहों में यूक्रेनी राजधानी पर बड़े पैमाने पर हुए हमलों पर ट्रंप की कोई प्रतिक्रिया नहीं थी. उन्होंने तुष्टिकरण का रास्ता चुना है. ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को मात्र 24 घंटे में खत्म कराने का वादा किया था. मगर, रूस ने हाल के हफ्तों में यूक्रेन पर विनाशकारी हमले जारी रखे हैं. इतना ही नहीं सीजफायर समझौते पर पहुंचने की कोशिशें भी थमी हुई हैं.
पाकिस्तान के भी सुर बदले
इतना ही नहीं ईरान के 3 प्रमुख परमाणु केंद्रों फोर्दो, इस्फहान और नतांज पर अमेरिका द्वारा हाल ही में किए गए हमलों के बाद पाकिस्तान के भी सुर बदले हैं. पाकिस्तान में राजनीतिक हलकों और प्रमुख हस्तियों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कई नेताओं ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है.
पाकिस्तानी सरकार ने शुक्रवार को एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान शांति प्रयासों के मद्देनज़र ट्रंप को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करेगी. विदेश मंत्री इशाक डार के साइन वाला अनुशंसा-पत्र नोबेल समिति को भेजा जा चुका है. हालांकि अमेरिकी हमलों के बाद इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.
तत्काल वापस लेनी चाहिए सिफारिश
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, राष्ट्रपति ट्रंप का शांति का दावा अब झूठा साबित हो चुका है. सरकार को नोबेल नामांकन की सिफारिश तत्काल वापस लेनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी नेतृत्व ट्रंप की सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से हालिया मुलाकात और डिनर से अत्यधिक प्रभावित होकर यह फैसला ले बैठा.
फजल ने सवाल उठाया, जो नेता फलस्तीन, सीरिया, लेबनान और अब ईरान पर इजराइल समर्थित हमलों का समर्थन करता हो, वह शांति का प्रतीक कैसे हो सकता है? पूर्व सीनेटर और विदेश नीति विश्लेषक मुशाहिद हुसैन सैयद ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ट्रंप अब संभावित शांतिदूत नहीं, बल्कि युद्ध भड़काने वाले बन गए हैं. सरकार को इस अनुशंसा को तत्काल रद्द कर देना चाहिए.
सबसे बड़ी भूल कर रहे हैं ट्रंप
उन्होंने आरोप लगाया था कि ट्रंप इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और युद्ध लॉबी के प्रभाव में आकर अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी भूल कर रहे हैं. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सांसद अली मुहम्मद खान ने भी एक्स पर पुनर्विचार करें लिखते हुए अमेरिकी हमलों और गाजा में इजराइल द्वारा जारी हिंसा को लेकर अमेरिका की भूमिका की आलोचना की. पीटीआई ने इन हमलों को बिना उकसावे के आक्रामक कार्रवाई बताया और ईरान की संप्रभुता के समर्थन में आवाज उठाई.
बदल रहा है जापान! 80 साल बाद अपनी जमीन पर मिसाइल टेस्ट कर दिया ये बड़ा संदेश, अमेरिका भी हैरान
24 Jun, 2025 07:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका ईरान-इजराइल में उलझा रहा. उधर जापान ने 24 जून को अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. इसने पहली बार अपने क्षेत्र में मिसाइल की टेस्टिंग की. यह टेस्टिंग होक्काइडो द्वीप के शिजुनाई एंटी-एयर फायरिंग रेंज में की गई. ये टाइप-88 सरफेस टू शिप (Ship) पर अटैक करने वाली शॉर्ट डिस्टेंस मिसाइल है. जो जापान ने अपने को दुश्मनों से बचाने के लिए और चीन को घेरने के लिए टेस्ट की है.
जापान ने ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स की पहली आर्टिलरी ब्रिगेड ने इस एक्सरसाइज में हिस्सा लिया. जिसमें करीब 300 सैनिक शामिल थे. सैनिकों ने होक्काइडो के दक्षिणी तट से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक मानवरहित नाव पर निशाना साधा. जापानी अधिकारियों ने बताया कि इस टेस्टिंग के परिणामों की जांच अभी जारी है.
स्वयं को मजबूत करने की स्ट्रैटेजी
यह टेस्टिंग ऐसे समय में हुई है, जब जापान अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने पर जोर दे रहा है. खास तौर पर चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को जवाब देने के लिए जापान स्ट्राइक-बैक क्षमता विकसित कर रहा है. इस साल के अंत तक जापान लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों, जैसे टॉमाहॉक्स को तैनात करने की योजना बना रहा है. जिससे चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके.
पहले भी विदेशों में हो चुकी है टेस्टिंग
हालांकि यह जापान के क्षेत्र में पहली मिसाइल टेस्टिंग है. लेकिन इससे पहले जापान ने अपने रक्षा साझेदार देशों, जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी मिसाइल टेस्टिंग की है. इस बार अपने क्षेत्र में टेस्टिंग कर जापान ने अपनी स्वतंत्र सैन्य ताकत को प्रदर्शित करने का प्रयास किया है. यह टेस्टिंग न केवल जापान की सैन्य तैयारियों को दर्शाता है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और शक्ति संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है.
जापान ने रक्षा नीति बदली, डिफेंसिव से अटैकिंग का किया रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जापान की रक्षा नीति में बदलाव का संकेत देता है. जो अब डिफेंसिव से अटैकिंग रुख की ओर बढ़ रहा है. जापान की ये मिसाइल टेस्टिंग क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम है. आने वाले समय में जापान की सैन्य रणनीति और क्षेत्रीय समीकरणों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है.
कौन-सी है टाइप-88 मिसाइल
टाइप 88 सतह से जहाज तक मार करने वाली मिसाइल (SSM-1 ) एक ट्रक पर लगाई जाने वाली जहाज रोधी मिसाइल है. इसे साल 1980 के दशक के अंत में जापान की मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज ने बनाया था. पहले यह मिसाइल हवा में लॉन्च होती थी, बाद में इसे जहाज से लांच करने की जाने वाली टाइप 90 (SSM-1B) मिसाइल के रूप में विकसित किया गया. इसमें कम रीलोड समय, कम लाइफ-साइकल कोस्ट और 200 किमी की सीमा भी है.
भले ही मुस्लिम देशों ने दूरी बनाई, लेकिन इजरायल को दहलाकर बने खामेनेई मुसलमानों के नए हीरो
24 Jun, 2025 07:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार तड़के ऐलान किया कि इजराइल और ईरान युद्ध में दोनों पक्ष सीजफायर के लिए मान गए हैं. ये ऐलान कतर में अमेरिकी अल उदीद एयरबेस पर ईरान के हमले के कुछ घंटो बाद किया गया. भले ही ईरान का ये हमला सांकेतिक था, लेकिन ईरान ने इसके जरिए अमेरिका को साफ कर दिया कि वह ट्रंप और नेतन्याहू की धमकी से डरने वाले नहीं है.
इजराइल के वजूद के बाद से ये पहली जंग थी, जिसमें इतने बड़े पैमाने पर इजराइली शहरों पर हमले हुए. 86 साल की उम्र में पहुंच चुके सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने अपनी हत्या के खतरे के बाद भी ईरान के लोगों के सम्मान और संप्रभुता की रक्षा के लिए सरेंडर करने से इंकार कर दिया. साथ ही साफ किया कि ईरान के लोग फिलिस्तीन के लिए अपनी आखिरी सांस के तक लड़ते रहेंगे, जिसके बाद ईरान का सम्मान पूरी दुनिया के मुसलमानों में बढ़ गया है.
सऊदी और तुर्की जैसे देश मुस्लिम दुनिया प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं, लेकिन ये दोनों ही देश इजराइल के खिलाफ एक्शन लेने में नाकाम रहे हैं. ईरान द्वारा अमेरिका और इजराइल को दो टूक जवाब देने के बाद अब शिया मुसलमानों के साथ-साथ सुन्नी मुसलमानों में खामेनेई का कद बढ़ गया है.
इस्लामिक देशों के साथ के बिना ही खामेनेई ने लिया लोहा
पिछले करीब 21 महीनों से जारी गाजा में इजराइली नरसंहार की सऊदी, कतर जैसे खाड़ी देशों ने सिर्फ निंदा ही कि है. लेकिन ईरान ने फिलिस्तीन के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर अटल रहते हुए शुरुआत से ही इजराइल की नाक में दम किया है.
ईरान एक शिया देश और फिलिस्तीन एक सुन्नी देश, लेकिन गाजा पर जब हमला हुआ ईरान सबसे पहले इजराइल के खिलाफ खड़ा हुआ. युद्ध की शुरुआत से ही ईरान की प्रॉक्सी हूती, हिजबुल्लाह जैसे संगठनों ने इजराइल की नाक में दम किया. वहीं जानकार मानते हैं कि हमास को भी ईरान सैन्य और आर्थिक सहायता देता है.
साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी कूटनीतिक तरीके से ईरान ने फिलिस्तीन का मुद्दा उठाया. गाजा जगं के 2 साल पूरे होने से पहले ही इजराइल और अमेरिका की नजरों में ईरान खलने लगा. फिर इजराइल ने ईरान में अपने जासूसी नेटवर्क के जरिए ईरान के प्रमुख नेताओं और अधिकारियों की हत्याएं करानी शुरू की. फिर भी ईरान फिलिस्तीन के साथ देने से पीछे नहीं हटा.
सीधे जंग में आया ईरान
पीछे दो बार इजराइल ईरान में दूर से ही थोड़े बहुत संघर्ष देखने मिला, लेकिन 13 जून को इजराइल ने ईरान पर हमला बोल उसके कई सैन्य और परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया, साथ ही करीब 30 अधिकारियों, वैज्ञानिकों की हत्याएं भी की.
इजराइल के इस हमले के बाद दोनों के बीच संघर्ष बढ़ गया और ईरान-इजराल के बीच लगातार 10 दिन तक हवाई हमले हुए, जिसमें ईरान के करीब 600 लोगों की जान गई वहीं इजराइल में भी लगभग 30 लोग मारे गए हैं.
अमेरिका से भी नहीं डरे खामेनेई
करीब एक हफ्ते तक चेतावनी देने के बाद शनिवार 21 जून की रात ईरान की तीन परमाणु साइट नतांज, फोर्डो, और इस्फहान पर अपने सबसे खतरनाक B-2 बॉम्बर से हमला बोल दिया. साथ ही ट्रंप ने ये भी धमकी दी कि हमें पता है कि खामेनेई कहा हैं और ईरान सरेंडर करे.
खामेनेई ने अपनी जान की परवाह किए अपने उत्तराधिकारी तय करते हुए देशवासियों से अपील की कि मेरी जान कुछ कीमत नहीं रखती, मेरे बाद ईरान को आपको इस्लामिक गणराज्य के लिए खड़े रखना है. साथ ही अमेरिकी हमले का जवाब देने का संकल्प लिया. मंगलवार तड़के ईरान ने वही किया जैसा कहा था और कतर में मौजूद अमेरिकी एयर बेस पर करीब 10 मिसाइलों से हमला किया और बताया कि हम अमेरिका के ठिकानों को भी निशाना बनाने में सक्षम है.
ईरान ने भी झुके अमेरिका और इजराइल को सीजफायर के लिए मजबूर किया है. जिसके बाद खामेनेई पूरी दुनिया में मुसलमानों के हीरो बन गए हैं.
विश्व की सबसे लंबे बालों वाली महिला बनी हरियाणा की ऐलिस! 8 फीट 7 इंच लंबे केशों के लिए मिला EBR सम्मान
24 Jun, 2025 07:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा न केवल जीवनशैली विकारों का समाधान है, बल्कि यह सपनों को साकार करने की प्रेरणा शक्ति भी बन सकती है। कैथल जिले के गांव डीग की 30 वर्षीय ऐलिस (आशा देवी) इसकी मिसाल बनी हैं, जिन्होंने 8 फुट 7 इंच लंबे बालों के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाकर भारत का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025 (आईबीआर) और एलाइट बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025 (ईबीआर) दोनों में दर्ज किया गया है, लेकिन इस कामयाबी की असली कहानी श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय से जुड़ी है,जिसने ऐलिस के सपनों को साकार किया।
रूसी और झड़ते बालों से टूटा सपना, आयुष ने दी नई राह
ऐलिस ने विश्व की सबसे लंबे बालों वाली महिला बनने का सपना संजोया था,लेकिन भारी रूसी और बालों के झड़ने ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। ऐलिस के बाल 7 फुट 9 इंच जरूर थे,लेकिन रूसी के कारण लगातार बाल टूट रहे थे। ऐसे में उन्होंने श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान (अस्पताल) के क्रिया शरीर विभाग की प्रोफेसर वैद्य शुभा कौशल से संपर्क किया। प्रो.कौशल ने लगभग डेढ़ साल तक ऐलिस का आयुर्वेदिक उपचार किया, जिसमें देसी औषधियों, जड़ी-बूटियों और जीवनशैली परिवर्तन का समावेश था। इस उपचार के फलस्वरूप ऐलिस के बाल न केवल झड़ना बंद हुए,बल्कि उनकी लंबाई बढ़कर 8 फुट 7 इंच हो गई।
कुलपति ने की प्रशंसा
विश्व रिकॉर्ड बनने के बाद ऐलिस जब श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय पहुंचीं तो कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने मिठाई खिलाकर उन्हें और वैद्य शुभा कौशल को शुभकामनाएं दीं। कुलपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। ऐलिस का रिकॉर्ड सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि आयुष चिकित्सा की सफलता का उदाहरण है। हमारी बेटियां खेलों से लेकर सौंदर्य और सेवा तक हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। ऐलिस ने यह दिखा दिया कि अगर बालों से जुड़ी कोई समस्या हो तो आयुर्वेदिक चिकित्सा सबसे प्रभावी समाधान हो सकती है। वहीं, प्रोफेसर वैद्य शुभा कौशल ने कहा ऐलिस जब उनके पास आईं, तो सिर में गहरी रूसी, पपड़ी और बाल झड़ने की समस्या थी। आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित औषधियों, तेलों और खानपान परिवर्तन से उनकी समस्या जड़ से ठीक हुई।
ऐलिस ने कैंसर पीड़ित को डोनेट किए बाल
ऐलिस ने विश्व रिकॉर्ड बनने के बाद अपने बाल सिरसा स्थित एक कैंसर पीड़ित को दान कर दिए। उन्होंने कहा कि बालों को बढ़ाना मेरा सपना था,लेकिन अब यही सेवा का माध्यम बन गया है। आयुष चिकित्सा ने मुझे वह आत्मविश्वास और सौंदर्य दिया, जिसे मैं अब दूसरों के साथ बांटना चाहती हूं। ऐलिस बताती हैं कि उनके परिवार में मां संतरो और दो बहनों मनीषा और तमन्ना नैन के भी लंबे बाल हैं। उनके पिता रोहताश नैन किसान हैं। पूरे परिवार ने उनके लक्ष्य में सहयोग दिया।
गुरनाम चढूनी की मौजूदगी में छात्र न्याय महापंचायत पर रोक, SP ने कहा- 'नहीं मिली इजाजत'
24 Jun, 2025 07:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के आंदोलनरत विद्यार्थियों की छात्र न्याय महापंचायत के लिए किसान संगठन, छात्र संगठन ,सामाजिक संगठनों के लोग विद्यार्थियों के समर्थन में आए हैं। महापंचायत में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। दूसरी ओर जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि छात्र न्याय महापंचायत के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है।
एचएयू गेट नंबर चार के सामने आयोजित की जा रही छात्र न्याय महापंचायत में सुबह 10 बजे से ही लोग पहुंचना शुरु हो गए थे। छात्र न्याय महापंचायत को लेकर काफी संख्या में लोग एकत्र हो चुके हैं। छात्र न्याय महापंचायत में मंच का संचालन खुद छात्र ही कर रहे हैं। छात्र न्याय महापंचायत में पहुंचे युवाओं ने छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। विद्यार्थियों ने फिर से दोहराया कि हमारी पहले दिन से ही 8 मांग हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हमारे आंदोलन को लेकर गलत बयान दिए हैं। यह धरना किसी पार्टी का नहीं है। हमारे धरने के तीसरे दिन धरना स्थल पर आकर भाजपा विधायक रणधीर पनिहार ने समर्थन दिया था। इसके बाद दूसरे जजपा, इनेलो, कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। विद्यार्थियों ने कहा आज के दिन देश में अपना अधिकार मांगना देशद्रोह हो गया है। हमारी तुलना ज्योति मल्होत्रा से की जा रही है। हमें इमोशनल फूल बताया जा रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि हम भले ही शारीरिक तौर पर स्वस्थ हों लेकिन मानसिक तौर पर चोटिल जरूर हुए हैं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ऐसी कोई बात न कहें जिससे हमारा मनोबल कमजोर हों।
बावल के विद्यार्थी भी एचएयू में ही देंगे धरना
रेवाड़ी जिले के बावल कैंपस से आए विद्यार्थियों ने कहा कि हम सभी अब एचएयू में ही धरना देंगे। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या गलत बताई जा रही है। एक विद्यार्थी ने तीन पेपर दिए तो यूनिवर्सिटी प्रशासन उसे तीन बता रहा है। विद्यार्थियों का मनोबल कमजोर करने के लिए इस तरह से षडयंत्र किए जा रहे हैं। बावल में केवल 10 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है।वह भी शिक्षकों या किसी दबाव में परीक्षा दे रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
एचएयू प्रशासन ने एमएससी व पीएचड़ी के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में कटौती कर दी थी। जिसको लेकर 10 जून को विद्यार्थी कुलपति कार्यालय पर विरोध जताने पहुंचे थे। जहां सुरक्षा कर्मियों के साथ विद्यार्थियों का टकराव हुआ। इसके बाद विद्यार्थी कुलपति आवास पर प्रदर्शन करने केलिए पहुंचे। 10 जून की रात करीब 10 बजे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया गया। जिसमें तीन विद्यार्थियों के सिर फूट गए थे।विद्यार्थियों का आरोप है कि कुलपति के समक्ष प्रोफेसर व सुरक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों पर लाठी बरसाई। जिसके बाद से विद्यार्थी धरने पर हैं।
समुद्र की लहरें, और सर्फिंग बोर्ड पर सजे-धजे डॉग्स....आखिर क्या हैं माजारा
24 Jun, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हंटिंगटन । समुद्र की लहरें, गर्मी की छुट्टियां और सर्फिंग बोर्ड पर सजे-धजे डॉग्स, यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि प्यूरिना प्रो प्लान इनक्रेडिबल डॉग चैलेंज का हिस्सा है, जो हर साल जून में कैलिफोर्निया के हंटिंगटन बीच पर होता है।
इस अनोखे कार्यक्रम में फैंसी ड्रेस पहने कुत्ते, अपने मालिकों के साथ समुद्र की लहरों पर सर्फिंग, तैराकी और तरह-तरह के करतब दिखाते हैं।
बात दें कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कुत्ते और उनके मालिक कई महीनों तक अभ्यास करते हैं। उन्हें न सिर्फ पानी से डर खत्म करना होता है, बल्कि डॉग्स को बैलेंस बनाए रखने, दिशा समझने और आदेशों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की ट्रेनिंग भी दी जाती है।
इस दौरान डॉग्स को सुपरहीरो, समुद्री डाकू, राजकुमार, राजकुमारी या हॉलीवुड स्टार्स जैसी पोशाकें पहनाई जाती हैं। दर्शकों के लिए यह दृश्य बेहद मनोरंजक और आनंददायक होता है।
इस चुनौती में कई श्रेणियों की प्रतिस्पर्धाएं होती हैं। जिसमें सर्फिंग रेस, डॉग एगिलिटी चैलेंज, वॉटर रेसिंग और हॉपिंग, फैंसी ड्रेस परेड शामिल है।
यह इवेंट सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य पालतू जानवरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, डॉग ट्रेनिंग को बढ़ावा देना और संवेदनशील पशुपालन के संदेश को फैलाना भी है। इसके साथ-साथ आयोजकों की ओर से पशु कल्याण संगठनों के लिए फंड रेजिंग भी की जाती है।
बिलावल भुट्टो की भारत को गीदड़भभकी, एक और जंग लड़ने को तैयार
24 Jun, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने सिंधु जल समझौते पर भारत को गीदड़भभकी दी है। पाकिस्तान की संसद में भुट्टो ने कहा कि इस समझौते को यदि भारत ने लागू नहीं किया, तब हम एक और जंग को तैयार हैं। पूर्व विदेश मंत्री भुट्टो ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को पहुंची गहरी चोट पर भी झूठ बोलकर कहा कि पाकिस्तान ने इस जंग में जीत हासिल की है। इसके साथ ही बिलावल ने कहा कि हम सिंधु समझौते के लिए जंग को तैयार हैं और भारत से वे तीन नदियां भी छीन लेने वाले हैं, जिनका पानी इस्तेमाल करने की परमिशन उन्हें है।
भुट्टो जरदारी ने कहा,भारत ने कहा कि सिंधु समझौता खत्म हो गया है। उन्होंने समझौते को होल्ड पर डाल दिया है, लेकिन यह गैर-कानूनी है। सिंधु जल समझौता वर्ल्ड बैंक ने कराया था और उस पर धमकी देना संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के खिलाफ है और भारत समझौते को खत्म नहीं कर सकता। यदि फिर भी भारत ने समझौते को खत्म किया, फिर हम एक जंग और लड़ने को तैयार है। उस जंग के नतीजे में हम भारत से वे तीन नदियां भी छीन लेने वाले हैं जो भारत के पास हैं। फिर हमारे पास तीन नदियों का नहीं बल्कि 6 नदियों का पानी रहेगा।
पाकिस्तानी नेता ने कहा कि यदि हमें जंग के लिए मजबूर किया गया, तब फिर हम जानते हैं कि हमारी एयरफोर्स और सेना बहुत मजबूत है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भारत के सामने दो विकल्प हैं, या वे सिंधु जल समझौते को मान लें और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अमल करें। यदि वह नहीं मानते हैं और सिंधु के पानी पर बांध या नहरें बनाते हैं, तब फिर पाकिस्तान जंग करेगा और हम 6 नदियों का पानी अपनी अवाम को दिलाएंगे। भारत ने यह कोशिश की है कि दहशतगर्दी का इल्जाम पाकिस्तान पर लगा दे। इस मामले में भी भारत हार गया है।
उन्होंने कहा कि भारत की कोशिश थी कि पाकिस्तान को एक आंतकी देश घोषित किया जाए। पाकिस्तान का नाम टेररिस्तान हो जाए। वे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाया जाए और उन्हें आईएमएफ से हमारा लोन भी रुकवाने की कोशिश की, लेकिन अंत में पाकिस्तान ही जीता। अमेरिका में भारत और इजरायल की लॉबी ने पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। वहां भी पाकिस्तान के खिलाफ मंसूबे कामयाब नहीं हुए।
ट्रंप का दावा- ईरान ने दी थी 'पहले से सूचना', दागी 14 मिसाइलों में से 13 को किया तबाह, कोई हताहत नहीं
24 Jun, 2025 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान ने सोमवार को कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया. अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु स्थलों पर बमबारी के जवाब में उठाए गए इस कदम से अस्थिर क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया. अमेरिका ने पुष्टि की है कि कतर स्थित वायु सेना अड्डे पर ईरान की ओर से मिसाइल हमला किया गया. उसने कहा कि इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
हमले के तुरंत बाद, खाड़ी देश बहरीन ने अपने हवाई क्षेत्र में उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया. बहरीन में अमेरिका का पांचवां बेड़ा मुख्यालय स्थित है. ईरान के हमले से कुछ समय पहले कतर ने भी अपने हवाई क्षेत्र में उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है.
ईरान का पलटवार काफी कमजोर
वहीं ईरान की ओर से कतर में अमेरिकी बेस पर हमले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान का पलटवार काफी कमजोर था, जैसा की उम्मीद थी. उन्होंने बताया कि इस हमले में किसी अमेरिकी नागरिक को नुकसान नहीं हुआ है. ईरान के मिसाइलों को रोक दिया गया.
अमेरिका ने न्यूक्लियर प्लांट पर किया हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर ट्रंप ने लिखा कि ईरान ने अमेरिका के उनके न्यूक्लियर प्लांट पर हमले को लेकर आधिकारिक तौर पर जवाबी कार्रवाई की जो कि काफी कमजोर रहा. हम ऐसे कमजोर जवाबी हमले की उम्मीद भी कर रहे थे. ट्रंप ने बताया कि ईरान की ओर से 14 मिसाइलें दागीं गईं थी, जिनमें से 13 को हमने नष्ट कर दिया गया. एक को छोड़ दिया गया क्योंकि वह किसी और दिशा में जा रही थी.
ईरान का अमेरिका को जवाब
ईरान ने सोमवार रात कहा कि उसने कतर के अल उदीद वायु सेना अड्डे पर तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया है.यह घोषणा सरकारी टेलीविजन पर की गई. स्क्रीन पर एक कैप्शन में इसे अमेरिका की आक्रामकता के लिए ईरान के सशस्त्र बलों द्वारा करारा जवाब कहा गया. ईरान ने कहा कि अल उदीद अड्डे पर उसके द्वारा किया गया मिसाइल हमला ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिका द्वारा गिराए गए बमों की संख्या के बराबर है.
ईरानी हमले की निंदा
यह हमला ईरान से खतरे के मद्देनजर कतर द्वारा एहतियात के तौर पर अपने एयरस्पेस को बंद करने के तुरंत बाद हुआ था. इराक के एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ईरान ने पश्चिमी इराक में अमेरिकी सैनिकों के लिए ऐन अल-असद बेस को भी निशाना बनाया.अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी परमाणु ठिकानों पर बमबारी के जवाब में ईरान ने मिसाइल दागे हैं. कतर ने बयान जारी कर वायु सेना अड्डे पर ईरानी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.
बड़ी खबर! डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान - ईरान-इजराइल के बीच युद्धविराम समझौता, वैश्विक बाजार में सकारात्मक संदेश
24 Jun, 2025 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि इजराइल और ईरान 24 घंटे में युद्ध विराम करने पर सहमत हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि युद्ध विराम से युद्ध का आधिकारिक अंत होगा, जो कि तीन ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमले के बाद शत्रुता में एक बड़ा बदलाव है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि मैं दोनों देशों, इजराइल और ईरान को बधाई देना चाहूंगा कि उनके पास वह सहनशक्ति, साहस और बुद्धिमत्ता है.
बता दें कि 13 जून को इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे. जिसके बाद बीते 12 दिनों से दोनों देशों के बीच टकराव जारी है. वहीं इस संघर्ष में इजराइल को अमेरिका से भी समर्थन मिला. जिसके बाद अमेरिका भी इस जंग में कूद गया. अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले किए.
अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल अटैक
अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने पलटवार करते हुए कतर के दोहा में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल दाग दिए. जिससे तनाव बढ़ने की आशंका बढ़ गई. हालांकि अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि इजराइल और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर सहमति बन गई है. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि अब से लगभग 6 घंटे बाद, जब इजराइल और ईरान अपने अंतिम मिशनों को पूरा कर लेंगे, जंग खत्म हो जाएगी.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आधिकारिक तौर पर, ईरान सीजफायर की शुरुआत करेगा. इसके 12 घंटे बाद इजराइल सीजफायर करेगा. 24 घंटे बाद 12 दिन से चल रहे युद्ध का आधिकारिक अंत हो जाएगा, जिसे पूरी दुनिया सलाम करेगी.
ट्रंप ने इजराइल-ईरान को दी बधाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कहा कि मैं दोनों देशों इजराइल और ईरान को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने 12 दिन के जंग को खत्म करने की सहनशक्ति, साहस और बुद्धिमत्ता दिखाई है.
ईरान के सर्वोच्च नेता ने क्या कहा?
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले कहा कि इस हमले में हमने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया. ईरान किसी की भी ज्यादती को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि हम किसी के आगे नहीं झुकेंगे. यही ईरान की सोच है.
मीडिल ईस्ट में जंग...11वें दिन जमकर बरसी मिसाइलें...
24 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान/तेलअवीव। मीडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जंग को लेकर विश्व दो खेमों में बंटने लगा है। जिस तरह अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है, उससे उसके खिलाफ विश्वभर में माहौल बनने लगा है। रूस, चीन और उतरी कोरियो ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। इससे इजराइल के साथ अमेरिका की भी मुश्किलें बढऩे लगी हैं। उधर, इजराइल ने सोमवार दोपहर ईरान की राजधानी तेहरान में ईरानी सेना की यूनिट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। इसमें सैकड़ों सैनिकों के मारे जाने का दावा है। इजराइली सेना ने बताया कि उसने तेहरान में एविन जेल, इजराइल डिस्ट्रक्शन घड़ी, यूनिट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स के बासिज फोर्स के हेडक्वार्टर और इंटरनल सिक्योरिटी हेडक्वार्टर को टारगेट किया था। इससे पहले इजराइल ने ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर हमला किया था। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह हमला ठीक उसी जगह किया गया, जहां रविवार को अमेरिका ने बस्टर बम गिराए थे।
इजराइल ने ईरान के 6 एयरपोर्ट- मशहद, तेहरान, हमादान, देजफुल, शाहिद बख्तरी और तबरीज पर भी ड्रोन हमले लिए। इनमें ईरान के 15 फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर नष्ट करने का दावा किया गया है। इस बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची ने कहा कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं रोकेगा। ईरान की मिलिट्री सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि गैम्बलर ट्रम्प, आपने युद्ध शुरू जरूर किया है, लेकिन इसे खत्म हम करेंगे।
ट्रम्प ने ईरान में तख्तापलट का इशारा किया
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में तख्तापलट के संकेत दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा- अगर मौजूदा ईरानी सरकार ईरान को फिर से महान नहीं बना सकती, तो सत्ता परिवर्तन क्यों नहीं होना चाहिए? मेक ईरान ग्रेट अगेन। अमेरिका ने कल ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर हमला करके जंग में एंट्री की। ईरान पर अमेरिकी ऑपरेशन में 7 बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने ईरान के फोर्डो और नतांज न्यूक्लियर साइट पर 13,608 किलो के बंकर बस्टर बम गिराए।
इजराइली हमले में ईरान के सैकड़ों सैनिक मारे गए
ईरान में इजराइल के सबसे ताजा हमले में, सोमवार को ईरानी सेना की यूनिट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स के सैकड़ों सैनिक मारे गए है। इजराइल के एक अधिकारी ने द जेरूसलम पोस्ट को बताया कि इजराइली सेना ने तेहरान में कई ठिकानों को निशाना बनाया, जहां पर इन सैनिकों का मौत हुई है। जिन ठिकानों पर हमले हुए हैं, उनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स के बासिज फोर्स का हेडक्वार्टर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स का इंटरनल सिक्योरिटी हेडक्वार्टर, एविन जेल और इजराइल डिस्ट्रक्शन घड़ी शामिल हैं। इजराइल डिस्ट्रक्शन घड़ी ईरान की राजधानी तेहरान के फिलिस्तीन स्क्वायर में लगी है। इस डिजिटल घड़ी को अप्रैल 2021 में ईरानी अधिकारियों ने लगाया था। इसमें साल 2040 तक का काउंटडाउन लगा था। यह घड़ी 2040 में अपने आप चलना रुक जाती। यह घड़ी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के 2015 में दिए उस बयान के बाद तैयार की गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि इजराइल 25 साल के भीतर खत्म हो जाएगा।
इजराइल का फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर हमला
इजराइल ने ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर एक बार फिर से हमला किया है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह हमला ठीक उसी जगह किया गया है, जहां रविवार सुबह अमेरिका ने हमला किया था। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, कोम प्रांत संकट प्रबंधन मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस हमले से वहां रहने वाले निवासियों को कोई खतरा नहीं है।
इजराइल के कई शहरों में बिजली ठप
ईरानी के ताजा मिसाइल हमले के कारण दक्षिणी इजराइल में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इजराइल इलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन ने एक स्ट्रेटेजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी के पास हमले की पुष्टि की है, जिसके कारण कई शहरों में बिजली चली गई है। ईरान के मिसाइल हमले के दौरान, लगभग 35 मिनट तक सायरन बजते रहे। चैनल 13 ब्रॉडकास्टर ने बताया कि 13 जून से युद्ध शुरू होने के बाद इजराइलियों ने पहली बार इतना लंबा समय बम शेल्टर में बिताया है।
तेहरान को देंगे हरसंभव मदद: पुतिन
इजराइल और ईरान के बीच 10 दिनों से चल रहे संघर्ष के चलते आज दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध का खतरा बढ़ गया है। वहीं ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद रूस ने सोमवार को ईरान को हरसंभव मदद देने का वादा किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बढ़ते तनाव के बीच सोमवार रूस ने कहा है कि वह ईरान को हर तरह की मदद देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान को किस तरह की मदद चाहिए, यह फैसला तेहरान को करना है। पेसकोव ने कहा कि हमने ईरान को मध्यस्थता की पेशकश की है। यह हमारी तरफ से एक ठोस मदद है। ईरान को जो भी जरूरत होगी, हम उसके अनुसार मदद करने को तैयार हैं। रूस ने ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव को लेकर भी अपना पक्ष साफ किया है। पेसकोव ने कहा कि रूस का यह रुख भी ईरान के लिए समर्थन का एक अहम तरीका है। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर खुलकर अपना पक्ष दुनिया के सामने रखा है। यह भी ईरान के प्रति हमारे समर्थन का संकेत है। पेसकोव ने यह भी बताया कि हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत में ईरान का मुद्दा कई बार उठा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और ट्रंप की हाल की बातचीत में ईरान का जिक्र कई बार हुआ है।
पुतिन ने की अमेरिकी हमलों की निंदा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोमवार को मॉस्को में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात के दौरान इन हमलों को बेवजह बताया। पुतिन ने कहा कि आप ऐसे समय रूस आए हैं जब आपके देश और पूरे क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण हैं। उन्होंने अमेरिकी हमलों को गलत ठहराते हुए कहा कि रूस ईरानी जनता की हर संभवमदद करने की कोशिश कर रहा है।
पुतिन ने ईरानी लोगों की मदद का किया वादा
पुतिन ने आगे कहा कि हम ईरानी लोगों की मदद के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरानी विदेश मंत्री के साथ यह मुलाकात मौजूदा हालात पर गंभीर चर्चा का मौका देगी और दोनों देश मिलकर समाधान का रास्ता निकाल सकते हैं। बता दें कि, पुतिन का यह बयान उस समय आया है जब इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुआ तनाव आज वैश्विक खतरा बनने के कगार पर है। कारण है कि रविवार को अमेरिका ने भी ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला कर उसे तबाह कर दिया। जिसके चलते पूरे पश्चिम एशिया में अशांति का माहौल है।
सीरिया के चर्च में आत्मघाती हमला
24 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमिश्क। सीरिया की राजधानी दमिश्क में रात एक भयानक आत्मघाती हमले में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 63 घायल हो गए। हमला ग्रीक ऑर्थोडॉक्स सेंट एलियास चर्च में उस समय हुआ जब दर्जनों लोग प्रार्थना में शामिल थे। यह घटना तब हुई जब चर्च के अंदर एक इस्लामिक स्टेट से जुड़ा आतंकी घुसा, पहले फायरिंग की और फिर खुद को उड़ा लिया।
हमला भारतीय समयानुसार रविवार रात को हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर के साथ एक अन्य बंदूकधारी भी था, उसने भी भीड़ पर गोलीबारी की लेकिन विस्फोट नहीं किया। चर्च में उस वक्त लगभग 150 से 350 लोग मौजूद थे। विस्फोट से अंदर की बेंचें बिखर गईं। सीरियाई सुरक्षाबल हमले की जांच में जुटे हैं और चर्च क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है। सरकार ने यह भी कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
बांग्लादेश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त गिरफ्तार
24 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नुरुल हुदा को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी से पहले नुरुल हुदा को भीड़ द्वारा पीटा भी गया। रविवार को लोगों की भीड़ ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नुरुल हुदा के ढाका स्थित आवास पर हमला किया। यह हमला ऐसे वक्त किया गया, जब पूर्व पीएम खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी ने नुरुल हुदा के खिलाफ चुनाव में धांधली के आरोप में शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद ही भीड़ ने नुरुल हुदा के घर पर हमला किया। ढाका के उत्तरा पश्चिम पुलिस स्टेशन के प्रमुख हफीजुर रहमान ने बताया कि सूचना के बाद हम मौके पर पहुंचे तो भीड़ ने हुदा को घेरा हुआ था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक भीड़ ने हुदा के ढाका के उत्तरा इलाके में स्थित घर पर धावा बोला और उन्हें खींचकर बाहर ले आई। इस दौरान भीड़ ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को पीटा।
आवामी लीग पर प्रतिबंध हटा? यूनुस ने कहा- "हमने पार्टी को बैन नहीं किया," क्या चुनाव लड़ पाएगी शेख हसीना की पार्टी?
23 Jun, 2025 10:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद पहली बार चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर बड़ा यूटर्न लिया है. बीबीसी से बात करते हुए यूनुस ने कहा है कि शेख हसीना की अवामी लीग 2026 के चुनाव में लड़ भी सकती है. यूनुस ने कहा कि आवामी लीग पर अभी अस्थाई प्रतिबंध लगाया गया है.
यूनुस के मुताबिक शेख हसीना की पार्टी चुनाव लड़ेगी या नहीं, इस पर चुनाव आयोग को फैसला करना है. चुनाव आयोग पूरी तरह स्वतंत्र है और चुनाव की घोषणा के बाद इस पर फैसला हो सकता है.
शेख हसीना के भागने से दिक्कत नहीं- यूनुस
इंटरव्यू में यूनुस ने कहा कि शेख हसीना जब बांग्लादेश से भाग गईं, तब हमने कहा कि पुरानी बातों को छोड़कर अब आगे बढ़ने का वक्त है. हमने उसी दिशा में काम करना शुरू किया.
यूनुस के मुताबिक लेकिन बात तब बिगड़ गई, जब हसीना भारत से एक्टिव हो गईं. बांग्लादेश के लोगों में इसको लेकर गुस्सा पनपने लगा है. हम सिचुएशन कंट्रोल करने में लगे हैं.
हसीना का एक्टिव होना ज्यादा खतरनाक है. हसीना पर बांग्लादेश में गंभीर आरोप लगे हैं. उन पर भ्रष्टाचार और नरसंहार के आरोप हैं.
मई में अवामी लीग पर लगाया था बैन
मई 2026 में यूनुस की अंतरिम सरकार ने अवामी लीग के क्रियाकलापों पर अस्थाई रूप से प्रतिबंध लगा दिया था. यूनुस सरकार का कहना था कि आवामी लीग चुनावी लूट में शामिल रही है, इसलिए उसे लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव नहीं लड़ने दिया जा सकता है.
अवामी लीग पर बैन का फैसला युवा नेता नाहिद इस्लाम की मांग के बाद किया गया था. नाहिद का कहना था कि जिस पार्टी की सरकार ने हजारों बांग्लादेशियों के साथ अन्याय किया, उसे कैसे चुनाव लड़ने दिया जा सकता है?
यूनुस के बयान के मायने क्या हैं?
यूनुस ने यह बयान लंदन दौरे के तुरंत बाद दिया है. लंदन दौरे पर यूनुस ने बांग्लादेश नेशनल पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की थी. इस मुलाकात में यूनुस ने तारिक के साथ कथित तौर पर एक डील की.
इस डील के तहत मार्च 2026 से पहले तारिक के लिए कुर्सी छोड़ दी जाएगी. इसके लिए बांग्लादेश में फरवरी 2026 में आम चुनाव कराए जाएंगे. सबसे बड़ी पार्टी होने की वजह से तारिक को बांग्लादेश के चुनाव में बढ़त मिलने का अंदेशा है.
लंदन में इस डील के बाद यूनुस पर पक्षपात के आरोप लग रहे हैं. कई अपने ही यूनुस के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. कहा जा रहा है कि शेख हसीना पर इस तरह का यूटर्न लेकर यूनुस अपनी साख बचाने में जुटे हैं.
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर: सीरिया में अमेरिकी बेस पर हमले की खबर, मैहर न्यूज एजेंसी का बड़ा दावा
23 Jun, 2025 09:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान पर अमेरिका के हमले के बाद सीरिया में मौजूद अमेरिका सैन्य ठिकाने पर हमला हुआ है. ईरानी मीडिया ने सोमवार को जानकारी दी कि सीरिया में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला हुआ है. अमेरिका के बी-2 बॉम्बर हमले के 36 घंटे बाद सीरिया स्थित अमेरिकी बेस पर यह अटैक हुआ है.
ये हमला ईरान की और से पहला हमला माना जा रहा है, जो इजराइल से अलग किया गया है. हालांकि ईरान की ओर से हमले की जिम्मेदारी नहीं ली गई है, लेकिन ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका जंग में कूदता है. तो वह मध्य पूर्व में मौजूद उसके सैन्य अड्डों को निशाना बनाएगा.
Mehr News ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि सीरिया के पश्चिमी हसाका प्रांत के एक इलाके में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया गया. इन सूत्रों ने बताया कि हमले के बाद मुख्य प्रवेश द्वार पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. ईरान ने मोर्टार से यह हमला किया है.
ईरान ने 3 ठिकानों पर हमले के संकेत दिए
यूनाइटेड नेशन में ईरान के राजदूत आमिर सईद इरावानी ने 3 ठिकानों पर जवाबी हमले का संकेत दिए हैं. इरावानी का कहना था कि हम अनुपातिक जवाब देंगे. यानी जितना नुकसान हमें अमेरिका ने पहुंचाया है, उतना ही नुकसान उसे पहुंचाएंगे.
ईरान का कहना है कि इजराइल के चक्कर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने लोगों के जान को खतरे में डाल दिया है. ईरान ने अमेरिका पर हमला करने के 5 वैध कारण भी गिनाए थे.
अमेरिका ने बी-2 बॉम्बर से किया था हमला
अमेरिका ने ईरान के नताजं, इस्फाहन और फोर्डो न्यूक्लियर बेस पर बी-2 बॉम्बर से हमला किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक ईरान के न्यूक्लियर साइट पर यह हमला किया गया. अमेरिका का कहना है कि हमारी कोशिश बस इतनी है कि ईरान परमाणु बम न बनाए.
वहीं ईरान ने इसे संप्रभुता के खिलाफ बताया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने कानून का पालन नहीं किया है. राजनीतिक रूप से ईरान पर हमला किया है.
सीरिया के बेस और ईरान
ईरान से सबसे करीब अमेरिकी बेस इराक का है, लेकिन सीरिया की भी दूरी ज्यादा नहीं है. ईरान से हसाका प्रांत करीब 1100 किलोमीटर है, अभी इस हमले में कितना नुकसान हुआ है इस बारे में जानाकारी नहीं है. लेकिन सीरिया में बशर अल असद के समय पर ईरान का तगड़ा होल्ड रहा है और उसकी प्रॉक्सी अभी भी वहा काम कर रही है.
ड्रेस कोड पर बवाल: भोपाल में लेंसकार्ट के खिलाफ अनोखा विरोध
टीकमगढ़ बस दुर्घटना: मौके पर मची अफरा-तफरी, 15 घायल
पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य: छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंपों पर नहीं है कोई किल्लत, सुचारु है आपूर्ति।
मातृत्व और करियर का संतुलन: पत्रलेखा ने बताया प्रोड्यूसर और मां बनने के बीच का चुनौतीपूर्ण सफर।
कलेक्टर का सख्त आदेश: जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मियों की छुट्टियों पर रोक, मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी।
क्या जेल जाएंगे बंग सी-ह्युक? 2019 के शेयर घोटाले में फंसी के-पॉप की सबसे बड़ी हस्ती।
भायखला में सनसनी: पूर्व क्रिकेटर के ससुर पर लाठी-डंडों से हमले का आरोप, जांच में जुटी मुंबई पुलिस।
उज्जैन में निंजा का आध्यात्मिक अनुभव, महाकाल दरबार में छलके आंसू
100 करोड़ी महागाथा: भारी-भरकम बजट और सितारों की फौज के साथ आ रही है ‘राजा शिवाजी’।
